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मध्यप्रदेश के 52 जिलों में ईवीएम का प्रथम रेंडमाइजेशन पूरा

18 जिलों में ईवीएम का प्रथम रेंडमाइजेशन आज हुआ

भोपाल: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनपुम राजन ने बताया कि लोकसभा निर्वाचन- 2024 के संदर्भ में मध्यप्रदेश के 52 जिलों में प्रथम रेंडमाइजेशन पूरा हो गया है। 18 जिलों में ईवीएम की प्रथम रेंडमाइजेशन प्रक्रिया शुक्र‌वार को संपन्न हुई। इससे पूर्व 21 मार्च को 34 जिलों में रेंडमाइजेशन की प्रक्रिया पूरी की गई थी। उन्होंने बताया कि ईवीएम रेंडमाइजेशन की प्रक्रिया मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों तथा कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों की अधिकृत उपस्थिति में हुई। रेंडमाइजेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन मशीनों को विधानसभा क्षेत्रवार अलॉट कर दिया गया है। ईवीएम को विधानसभा क्षेत्र के स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रख दिया गया है।

इन जिलों में हुई प्रथम रेंडमाइजेशन प्रक्रिया

इंदौर, अलीराजपुर, झाबुआ, खरगौन, बड़वानी, धार, खंडवा, बुरहानपुर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर मालवा, पन्ना, गुना एवं शहडोल जिले में 22 मार्च को प्रथम चरण का ईवीएम रैंडमाइजेशन सम्पन्न कराया गया।

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मुझे केजरीवाल की गिरफ्तारी का कोई दुख नहीं है : अन्ना हजारे

 नई दिल्ली: दिल्ली में शराब घोटाला मामले में ईडी ने गुरुवार की रात सीएम अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया। केजरीवाल की गिरफ्तारी पर समाजसेवी अन्ना हजारे की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल की गिरफ्तारी पर उन्हें कोई दुख नहीं है।

अन्ना हजारे ने कहा कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली का मुख्यमंत्री बनने के बाद नई शराब पॉलिसी लेकर आए, जिसको लेकर मैंने उन्हें दो बार पत्र लिखा था। मुझे इस बात का दुख है कि मेरी बात नहीं मानी गई और अब वह गिरफ्तार हो गए हैं।

अन्ना ने आगे कहा कि जब अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया आंदोलन के समय हमारे साथ आए थे, तो भी मैंने उन दोनों से कहा था कि देश की भलाई के लिए काम करना है। लेकिन, दोनों ने मेरी बातों पर ध्यान नहीं दिया। ना ही केजरीवाल ने मेरी बात मानी। ऐसे में मैं उन्हें कोई सलाह नहीं दूंगा और साथ ही मुझे केजरीवाल के हालात पर कोई दुख नहीं है।

अन्ना ने कहा कि कभी हम दोनों शराब जैसे भ्रष्टाचार के खिलाफ साथ खड़े थे और आज वो खुद शराब नीति बना रहा था।उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने कभी भी मेरी बात नहीं मानी, इसका मुझे दुख है।अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर आम आदमी पार्टी सड़क पर है। लेकिन, केजरीवाल की पार्टी जिस तरह का जनसमर्थन चाह रही थी क्या उन्हें मिल पा रहा है यह देखना होगा?

 

 

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केजरीवाल की रिमांड पर चल रही सुनवाई...

 नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को शराब घोटाला मामले में ईडी ने गुरुवार देर शाम दो घंटे की पूछताछ के बाद सीएम केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया। केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद 'आप' ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, ईडी ने केजरीवाल को आज PMLA कोर्ट में पेश किया। ईडी आज राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए 10 दिनों की रिमांड की मांग करेगी।

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केजरीवाल की गिरफ्तारी असंवैधानिक: प्रियंका

नई दिल्ली: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को असंवैधानिक और गलत बताया है। श्रीमती वाड्रा ने गुरुवार को देर शाम सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में कहा कि चुनाव के चलते दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को इस तरह लक्षित करना एकदम गलत और असंवैधानिक है।

कांग्रेस नेता ने कहा, राजनीति का स्तर इस तरह से गिराना न प्रधानमंत्री जी को शोभा देता है, न उनकी सरकार को। अपने आलोचकों से चुनावी रणभूमि में उतरकर लड़िये, उनका डटकर मुक़ाबला करिए, उनकी नीतियों और कार्यशैली पर बेशक हमला करिए - यही लोकतंत्र होता है।

श्रीमती वाड्रा ने कहा कि‌ इस तरह देश की सारी संस्थाओं की ताकत का अपने राजनीतिक मक़सद को पूरा करने के लिए इस्तेमाल करना‌ और दबाव डालकर उन्हें कमज़ोर करना लोकतंत्र के हर उसूल के ख़िलाफ़ है।

उन्होंने कहा कि देश के विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस के बैंक खाते फ्रीज़ कर दिये गये हैं, तमाम राजनीतिक दलों और उनके नेताओं पर प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो और आयकर विभाग का दिन रात दबाव है।

एक मुख्यमंत्री जेल में डलवा दिये गये हैं, अब दूसरे मुख्यमंत्री को भी जेल ले जाने की तैयारी हो रही है। ऐसा शर्मनाक दृश्य भारत के स्वतंत्र इतिहास में पहली बार देखने को मिल रहा है।

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अब तो हम रेलवे टिकट तक नहीं खरीद सकते : राहुल गांधी

कांग्रेस का खाता फ्रीज होने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले सोनिया, खरगे और राहुल

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया और राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के बैंक खातों को फ्रीज किए जाने के मुद्दे पर केंद्र पर जमकर हमला बोला। केंद्र सरकार को केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग और चुनावी चंदों के मुद्दों पर घेरा गया। खरगे, सोनिया, अजय माकन से लेकर राहुल तक, सभी ने मोदी सरकार को जमकर घेरा।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि हमारे सभी बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। हम कोई प्रचार नहीं कर सकते, हम अपने कार्यकर्ताओं का समर्थन नहीं कर सकते, हम अपने उम्मीदवारों का समर्थन नहीं कर सकते। हमारे लोग हवाई जहाज तो छोड़िए, रेलवे की यात्रा के लिए भी टिकट नहीं खरीद सकते। यह चुनाव से दो महीने पहले किया गया। एक नोटिस 90 के दशक से आया, दूसरा 6-7 साल पहले; कुल राशि 14 लाख रुपये और सजा हमारी पूरी वित्तीय पहचान। चुनाव आयोग ने भी कुछ नहीं कहा। यहां कोई लोकतंत्र नहीं है। पहले से ही चुनाव लड़ने की हमारी क्षमता को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। हम पहले ही एक महीना खो चुके हैं।

राहुल ने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी को निशाना बनाए जाने की कार्रवाई है। ऐसा प्रधानमंत्री और गृह मंत्री कर रहे हैं। यह विचार कि भारत लोकतंत्र है, एक झूठ है। आज भारत में कोई लोकतंत्र नहीं है। यह विचार कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, एक झूठ है। भारत के 20% लोग हमारे लिए वोट करते हैं और फिलहाल हम किसी भी चीज के लिए 2 रुपये का भुगतान नहीं कर सकते। यह चुनाव में हमें पंगु बनाने के लिए रचा गया है। भले ही आज हमारे बैंक खाते खोल दिए जाए तो भी भारतीय लोकतंत्र को काफी चोट पहुंचाई जा चुकी है।

राजनीतिक दलों को समान अवसर मुहैया हो: खरगे
कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मौजूदगी में भाजपा पर बड़ा आरोप लगाया है। खरगे ने कहा, भाजपा ने कांग्रेस को चुनाव मैदान से हटाने का खतरनाक खेल शुरू किया है। लोकतंत्र तभी सफल हो सकता है, जब सभी दलों के पास समान संसाधन हों। उन पर किसी एक दल का एकाधिकार न हो। सत्ताधारी पार्टी द्वारा संवैधानिक और न्यायिक संस्थाओं पर प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष नियंत्रण करने का प्रयास किया जा रहा है। चुनावी चंदा यानी बॉन्ड मामला सुप्रीम कोर्ट में है।

खरगे ने कहा कि भाजपा के चंदे के खेल ने देश की छवि को ठेस पहुंचाई है। स्वस्थ लोकतंत्र पर प्रश्न उठा है। सर्वोच्च अदालत ने जिस चंदा बॉन्ड को गैर कानूनी कहा, भाजपा सरकार ने उसी के जरिए अपना खजाना भर लिया। देश में विपक्ष को नीचे गिराने का प्रयास हो रहा है। इसके दूरगामी प्रभाव होंगे। लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव लड़ने में जानबूझकर बाधा खड़ी करने का प्रयास हो रहा है।  

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने चुनावी चंदा बॉन्ड से 56 प्रतिशत पैसे हासिल किए हैं। कांग्रेस को 11 प्रतिशत मिले हैं। चंदे के अलावा उनके पास नकदी भी आती होगी, जिसका कोई खाता ही नहीं है। हिंदुस्तान की 70 वर्ष की लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसा कभी नहीं हुआ। आज अधिकांश राज्यों में भाजपा के फाइव स्टार दफ्तर हैं। बतौर खरगे, मैं कहना नहीं चाहता कि भाजपा ने कंपनियों से किस तरह पैसा लिया है। खैर जो भी हो, बहुत जल्द अहम तथ्य देश के सामने आएंगे।

उन्होंने कहा कि अगर देश में निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं तो उन्हें यानी कांग्रेस को बिना किसी रोकटोक के बैंक अकाउंट का इस्तेमाल करने दें। कोई राजनीतिक दल, आयकर के दायरे में नहीं आता। इसके बावजूद कांग्रेस से ब्यौरा मांगा जा रहा है। इस मामले में हम न्यायपालिका के फैसले का इंतजार करेंगे।  नेहरू से लेकर अब तक जो कुछ हुआ, वह अप्रत्याशित है। लोकतंत्र को कुचला जा रहा है, दबाया जा रहा है। भाजपा, पैसे के बलबूते पर एक तरफा चुनाव चाहती है। कांग्रेस पार्टी के खाते फ्रीज किए जा रहे हैं। उन्हें  तत्काल रिलीज किया जाए।

कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश: सोनिया गांधी
इसके बाद कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी सरकार को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का असर सिर्फ कांग्रेस पर ही नहीं पड़ रहा है, बल्कि इसका असर हमारे लोकतंत्र को भी मौलिक रूप से पड़ता है। प्रधानमंत्री भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं। पार्टी के खाते में जनता से इकट्ठा किया गया पैसा है। हमारे खातों से पैसे जबरदस्ती छीने जा रहे हैं। हालांकि, इन सब चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी हम अपने चुनाव अभियान को जोर-शोर से आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। एक तरफ चुनावी बॉन्ड का मुद्दा है, जिसे सुप्रीम कोर्ट असंवैधानिक करार दे चुका है। चुनावी बॉन्ड से भाजपा को भारी लाभ हुआ। दूसरी ओर प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस की वित्तीय स्थिति को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। हम सभी का मानना है कि यह अलोकतांत्रिक है।

.07% अनियमितता के लिए कांग्रेस पर 106% जुर्माना लगाया गया: माकन
मामले में कांग्रेस कोषाध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि यह सिर्फ नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से कांग्रेस पार्टी के खातों पर हमला नहीं है, बल्कि भारत में लोकतंत्र पर भी हमला है। हर राजनीतिक दल को आयकर से छूट दी गई है तो फिर कांग्रेस पर जुर्माना क्यों लगाया जा रहा है और वह भी चुनाव से ठीक पहले? सजा की इतनी है कि .07% अनियमितता के लिए कांग्रेस पर 106% जुर्माना लगाया गया। हमारे बैंक खातों से 115 करोड़ रुपये आई-टी और सरकार को ट्रांसफर कर दिए गए।

 

 

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सुप्रीम कोर्ट ने फैक्ट चेक यूनिट की अधिसूचना पर लगाई रोक

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार की उस अधिसूचना पर रोक लगा दी है, जिसमें फैक्ट चेक यूनिट लागू करने का आदेश जारी किया था। सरकार के इलेक्ट्रोनिक्स और आईटी मंत्रालय ने 20 मार्च को ही आईटी (संशोधन) कानून के तहत फैक्ट चेक यूनिट के नियम लागू करने की अधिसूचना जारी की थी। आईटी संशोधन कानून 2023 के नियमों को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले तक फैक्ट चेक यूनिट के नोटिफिकेशन पर रोक लगाने का आदेश दिया है। सरकार ने आईटी संशोधन कानून के तहत सोशल मीडिया पर कंटेंट की निगरानी के लिए फैक्ट चेक यूनिट का गठन किया था।  


फैक्ट चेक यूनिट सरकार की तरफ से सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, एक्स या इंस्टाग्राम आदि पर कंटेंट की निगरानी करेगी और ये यूनिट किसी जानकारी को फर्जी या गलत बता सकती है। फैक्ट चेक यूनिट की आपत्ति के बाद उस कंटेंट या पोस्ट को सोशल मीडिया से हटाना होगा और इंटरनेट से उसका यूआरएल भी ब्लॉक करना होगा। फैक्ट चेक यूनिट एक नोडल एजेंसी होगी।

आईटी नियमों में संशोधन के खिलाफ स्टैंड अप कॉमेडियन कुणाल कामरा, एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया, न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन और एसोसिएशन ऑफ इंडियन मैगजीन ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में आईटी संशोधन कानून के नियमों को असंवैधानिक और मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया गया। एडिटर्स गिल्ड का कहना है कि फर्जी खबरें तय करने की पूरी शक्ति सरकार के हाथ में आ जाएगी, जो कि मीडिया की आजादी के विरोध में है। बॉम्बे हाईकोर्ट की तीन जजों, जस्टिस जीएस पटेल, जस्टिस नीला गोखले और जस्टिस चंदूरकर की पीठ फैक्ट चेक यूनिट पर रोक लगाने को लेकर एकमत नहीं सकी और रोक लगाने से इनकार कर दिया। अभी भी फैक्ट चेक यूनिट मामले पर बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलने पर याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहां से अब उन्हें राहत मिली है।

 

 

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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने मतदाता जागरुकता वाहनों को हरी झंडी दिखाई

जागरूकता वाहन मतदाताओं को वोट करने के लिये प्रेरित करेंगे

भोपाल:  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बुधवार को निर्वाचन सदन, भोपाल से मतदाता जागरुकता के लिये तैयार किये गये 75 विशेष प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। श्री राजन ने बताया कि विधानसभा निर्वाचन-2023 में प्रदेश के 26 जिलों की 75 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत 75 फीसदी से कम रहा था। इन 75 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिये ये विशेष जागरुकता वाहन तैयार किये गये हैं। इन वाहनों में बैनर्स, पोस्टर्स, स्लोगन्स, प्लाज्मा टीवी के जरिये मतदाता जागरुकता गीत, रील, वीडियो आदि दिखाकर मतदाताओं को उनके मताधिकार का उपयोग अवश्य करने के लिये अभिप्रेरित किया जायेगा। ये प्रचार वाहन अगले एक महीने तक (लोकसभा निर्वाचन-2024) के दौरान संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में रहकर अधिकतम आबादी तक पहुंचकर वोटिंग के लिये प्रेरित करने का कार्य करेंगे।

अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राजेश कुमार कौल, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिककारी बसंत कुर्रे, मनोज खत्री, तरूण राठी और विवेक श्रोत्रिय, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, भोपाल कौशलेंद्र विक्रम सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

इन जिलों में भेजे गये हैं प्रचार वाहन

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजन ने बताया कि ये प्रचार वाहन 26 जिलों क्रमश: मुरैना, भिण्ड, ग्वालियर, दतिया, गुना, सागर, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, कटनी, जबलपुर, भोपाल, देवास, खण्डवा, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, उज्जैन एवं रतलाम भेजे गये हैं।

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छत्तीसगढ़ के जैविक उत्पादों की दिल्ली में डिमांड

किसान मेला में जमकर हो रही ख़रीदारी

नई दिल्ली: होली से पहले दिल्ली में किसानों का मेला लगा है, जहां छत्तीसगढ़ से शुद्ध और जैविक उत्पाद लेकर महिला किसान शामिल हुई हैं। जिसे खरीदने के लिए लोगों की काफी भीड़ उमड़ रही है।

राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम और लघु कृषक कृषि व्यापार संघ की तरफ से दिल्ली के हौज़ खास स्थित एनसीडीसी कैंपस में किसान उत्पादक संगठन (FPO) का मेला लगा है। तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले में 18 राज्यों के 40 किसान उत्पादक संगठन शामिल हुए हैं। इस मेले में किसान संगठनों की शानदार प्रदर्शनी लगी है।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सत्य साईं महिला बहुद्देशीय सहकारी मर्यादित द्वारा अपने क्षेत्र में तैयार उत्पादों का स्टॉल लगाया गया है। इस स्टॉल में दिल्ली के अलावा दूर-दूर से आए लोग शुद्ध और जैविक उत्पाद खरीद रहे हैं। यहां लोग मिलेट्स यानी मोटे अनाज और उससे बने अलग-अलग उत्पादों को खरीद सकते हैं। इसके अलावा शुद्ध और बेहतर क्वालिटी के शहद, मसाला, आचार, साबुन आदि जैसे कई उत्पाद उपलब्ध हैं। स्टाल में मोटे अनाज व सोयाबीन से बना मल्टीग्रेन आटा उपलब्ध है, जो कि वेटलॉस, डाइजेशन, इम्युनिटी के लिए काफी कारगर है। इसके अलावा अलग-अलग फ्रेगरेंस के लीपबाम, सोप, फूट क्रीम लोगों को काफी पसंद आ रहे हैं। खासकर वनीला, ग्रैप्स व ऑलिव ऑइल से बने लीप बाम की खास डिमांड है। वहीं, बाजार के मुक़ाबले इनकी कीमत भी काफी कम हैं।

सत्य साईं महिला बहुद्देशीय सहकारी मर्यादित से जुड़ी गिरिजा बंजारी ने बताया कि उनके संगठन से 300 से ज्यादा महिला किसान जुड़े हैं। ये महिलाएं कई तरह के जैविक उत्पादों को तैयार करती हैं। जिसे देश के अलग-अलग हिस्सों में बेचा जाता है। उन्होंने बताया एनसीडीसी के अधिकारियों को भी स्टाल के उत्पाद काफी पसंद आए, उन्होंने भी ख़रीदारी की है।

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भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बढ़ते सौर कचरे की मजबूत रीसाइक्लिंग प्रणाली जरूरी : सीईईडब्ल्यू

भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बढ़ते सोलर वेस्ट की मजबूत रिसाइक्लिंग व्यवस्था जरूरी : सीईईडब्ल्यू


नई दिल्ली: नेट-जीरो लक्ष्य को पाने के लिए भारत अपनी अक्षय ऊर्जा क्षमता बढ़ा रहा है। इससे मौजूदा और नई सौर ऊर्जा क्षमता (वित्त वर्ष 2023-24 और वित्त वर्ष 2029-30 के बीच स्थापित क्षमता) से निकलने वाला सोलर वेस्ट 2030 तक 600 किलोटन तक पहुंच सकता है। यह 720 ओलंपिक आकार के स्विमिंग पूल को भरने के बराबर होगा। यह जानकारियां काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्ल्यू) की ओर से आज जारी एक नए अध्ययन ‘इनेबलिंग अ सर्कुलर इकोनॉमी इन इंडियाज सोलर इंडस्ट्री: असेसिंग द सोलर वेस्ट क्वांटम’ से सामने आई है। इस अध्ययन के अनुसार, इस सोलर वेस्ट का ज्यादातर हिस्सा पांच राज्यों- राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु- से आएगा। भारत की मौजूदा सौर ऊर्जा क्षमता से निकलने वाला सोलर वेस्ट 2030 तक बढ़कर 340 किलोटन हो जाएगा। इसमें लगभग 10 किलोटन सिलिकॉन, 12-18 टन चांदी और 16 टन कैडमियम व टेल्यूरियम शामिल है, जो भारत के लिए महत्वपूर्ण खनिज हैं। बाकी 260 किलोटन सोलर वेस्ट इस दशक में स्थापित होने वाली नई सौर ऊर्जा क्षमता से आएगा। यह भारत के लिए सोलर सेक्टर में सर्कुलर इकोनॉमी के एक अग्रणी केंद्र के रूप में उभरने और सोलर सप्लाई चेन में लचीलापन सुनिश्चित करने के लिए अच्छा अवसर है।

भारत ने 2030 तक लगभग 292 गीगावॉट सौर क्षमता हासिल करने की योजना बनाई है, इसलिए पर्यावरणीय, आर्थिक और सामाजिक कारणों से सोलर पीवी वेस्ट का प्रबंधन महत्वपूर्ण हो जाएगा। सीईईडब्ल्यू के इस अध्ययन ने पहली बार विनिर्माण को छोड़कर अन्य सभी क्षेत्रों से निकलने वाले सोलर वेस्ट का आकलन किया है, जो आंकड़ों से निर्देशित सोलर वेस्ट प्रबंधन नीतियां बनाने के लिए बहुत जरूरी जानकारी है। भारत पहले से सोलर वेस्ट से निपटने के लिए कई उपायों को लागू कर रहा है। पिछले साल पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) ने सोलर पीवी सेल्स और मॉड्यूल वेस्ट के प्रबंधन के लिए ई-वेस्ट (मैनेजमेंट) रूल्स-2022 जारी किया था। ये नियम सोलर पीवी सेल्स और मॉड्यूल के उत्पादकों पर विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी (ईपीआर) ढांचे के तहत उनके सोलर वेस्ट के प्रबंधन की जिम्मेदारी डालते हैं।

डॉ. अरुणाभा घोष, सीईओ, सीईईडब्ल्यू ने कहा, “भारत को न केवल एक पर्यावरणीय अनिवार्यता, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा  सुनिश्चित करने व एक सर्कुलर इकोनॉमी विकसित करने की एक रणनीतिक जरूरत के रूप में, सोलर वेस्ट के समाधान के लिए पूर्व-सक्रियता के साथ कदम उठाने चाहिए। जैसा कि हम सौर ऊर्जा क्षमता में मार्च 2015 में सिर्फ 4 गीगावॉट से दिसंबर 2023 में 73 गीगावॉट तक की उल्लेखनीय वृद्धि देख रहे हैं, मजबूत रिसाइक्लिंग व्यवस्थाएं बहुत ही महत्वपूर्ण बन गई है। ये अक्षय ऊर्जा के इकोसिस्टम को सुरक्षित बनाती हैं, ग्रीन जॉब्स (हरित रोजगार) पैदा करती हैं, खनिज सुरक्षा और नवाचार को बढ़ाती हैं, और लचीली व सर्कुलर सप्लाई चेन को तैयार करती हैं।”

नीरज कुलदीप, सीनियर प्रोग्राम लीड, सीईईडब्ल्यू ने कहा, “भारत की जी20 प्रेसीडेंसी ने एक सर्कुलर इकॉनॉमी को सतत विकास के लिए एक प्रमुख क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया था। एक सर्कुलर सोलर सेक्टर और जिम्मेदारपूर्ण वेस्ट मैनेजमेंट से संसाधनों की दक्षता अधिकतम बनेगी और घरेलू सप्लाई चेन में लचीलापन आएगा। सीईईडब्ल्यू का यह अध्ययन सोलर वेस्ट मैनेजमेंट में मौजूद अवसर का मजबूत साक्ष्य देता है। लेकिन, सोलर रिसाइक्लिंग टेक्नोलॉजी और उद्योग अभी भी शुरुआती चरण में हैं और उन्हें नीतिगत प्रोत्साहन व सहायता देने की जरूरत है।”

भले ही वर्तमान में सोलर मॉड्यूल का निर्धारित जीवन (डिजाइन लाइफ) 25 वर्ष है, लेकिन परिवहन, मॉड्यूल के रखरखाव और परियोजनाओं के संचालन के दौरान नुकसान होने जैसे कारणों से कुछ मॉड्यूल पहले ही खराब हो जाते हैं। सीईईडब्ल्यू का यह अध्ययन सुझाव देता है कि भारतीय सौर ऊर्जा उद्योग को खराब मॉड्यूल को वापस मंगाने (रिवर्स लॉजिस्टिक्स), भंडारण, विभिन्न हिस्सों को अलग करने के केंद्रों और रिसाइक्लिंग सुविधाओं को स्थापित करके इन नई जिम्मेदारियों के लिए तैयार होना चाहिए। उद्योग को सोलर वेस्ट मैनेजमेंट के लिए इनोवेटिम वित्तपोषण तंत्र और व्यवसायिक मॉडल्स की भी तलाश करनी चाहिए। इसके अलावा, संभावित सोलर वेस्ट उत्पादक केंद्रों की सटीक जानकारी जुटाने और वेस्ट मैनेजमेंट के बुनियादी ढांचे को रणनीतिक रूप से स्थापित करने के लिए स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता (मॉड्यूल की तकनीक, निर्माता और संचालन की तारीख जैसे ब्यौरे के साथ) का एक निश्चित समयावधि में अपडेट किया जाने वाला डेटाबेस उपलब्ध होना चाहिए।

 

 

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लोकसभा चुनाव में पहले चरण के लिये 20 मार्च से नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ होगी

भोपाल: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  अनुपम राजन ने मंगलवार को निर्वाचन सदन, भोपाल में सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने प्रदेश में लोकसभा निर्वाचन 2024 के संबंध में प्रभावशील आदर्श आचरण संहिता के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि म.प्र. में चार चरणों में लोकसभा चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। पहले चरण में लोकसभा संसदीय क्षेत्र क्रमांक-11 सीधी, क्रमांक-12 शहडोल, क्रमांक-13 जबलपुर, क्रमांक-14 मंडला, क्रमांक-15 बालाघाट एवं लोकसभा संसदीय क्षेत्र क्रमांक-16 छिंदवाड़ा में निर्वाचन कराया जायेगा। पहले चरण के लिए बुधवार 20 मार्च से नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ होगी। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि बुधवार 27 मार्च है। नामांकन पत्रों की संवीक्षा गुरुवार 28 मार्च को की जाएगी। नामांकन भर चुके प्रत्याशी शनिवार 30 मार्च तक अपने नाम वापस ले सकेंगे। पहले चरण के लिए शुक्रवार 19 अप्रैल को मतदान होगा। सभी चरणों में हुए मतदान की मतगणना 4 जून को होगी। वर्तमान स्थिति में मध्यप्रदेश में 5 करोड़ 64 लाख 76 हजार 110 मतदाता हैं। इसमें 2 करोड़ 90 लाख 13 हजार 307 पुरुष मतदाता, 2 करोड़ 74 लाख 61 हजार 575 महिला मतदाता एवं 1 हजार 228 अन्य (थर्ड जेन्डर) मतदाता शामिल हैं।

367 सहायक मतदान केन्द्र बनाये जायेंगे

 राजन ने बताया कि प्रदेश में कुल मतदान केंद्रों की संख्या 64 हजार 523 है। 1500 से अधिक मतदाताओं वाले चिन्हित 367 मतदान केंद्रों में सहायक मतदान केंद्र बनाने का प्रस्ताव भारत निर्वाचन आयोग को भेजा गया है। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनाव में मतदाता पर्ची का वितरण पृथक-पृथक चरणों में मतदान तिथि से 10 दिन पहले प्रारंभ कर दिया जाएगा। यह कार्य मतदान दिवस के 5 दिन पहले ही पूरा कर लिया जायेगा।

उम्मीदवार को अपने आपराधिक प्रकरणों की जानकारी देनी होगी

राजन ने बताया कि निर्वाचन में प्रत्येक उम्मीदवार द्वारा अधिकतम 4 फॉर्म भरे जा सकेंगे। प्रत्येक अभ्यर्थी को अपने नाम निर्देशन पत्र के साथ निर्धारित प्रपत्र में एक शपथ पत्र भी देना होगा। अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत शपथ पत्र मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की वेबसाइट www.ceomadhyapradesh.nic.in पर 24 घंटे में प्रदर्शित किए जाएंगे। शपथ पत्र में उम्मीदवार को अपने आपराधिक प्रकरणों की जानकारी भी देनी होगी, जिससे मतदाता ऐसे उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि के बारे में जान सकें। साथ ही राजनीतिक दलों को समाचार पत्र एवं टीवी चैनल में आपराधिक प्रकरण वाले उम्मीदवार के चयन का आधार बताते हुए 3 अलग-अलग तारीखों में उद्घोषणा भी प्रकाशित करानी होगी। प्रत्याशी के चयन के 48 घंटे में समाचार पत्र, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं पार्टी की वेबसाइट पर फॉर्म सी-7 में प्रकाशित करना होगा।

सभी जिलों में कंट्रोल रूम एवं शिकायत सेल क्रियाशील

राजन ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की घोषणा के साथ ही पूरे प्रदेश में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील है। अभ्यर्थियों, राजनीतिक दलों एवं राज्य तथा केन्द्र की सरकार पर आदर्श आचरण संहिता के प्रावधान आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू है। सभी जिलों में कंट्रोल रूम एवं शिकायत सेल क्रियाशील हो गए हैं। सभी लोकसभा संसदीय क्षेत्रों में संपत्ति विरुपण के विरूद्ध कार्रवाई सतत् जारी है। अब तक शासकीय भवन से 2 लाख 76 हजार 892, सार्वजनिक सम्पत्ति एक लाख 88 हजार 203 और निजी सम्पत्ति 57 हजार 992 स्थानों पर सम्पत्ति विरुपण के विरूद्ध कार्यवाही की गई है।

निर्वाचन संबंधी शिकायतों के लिए सी-विजिल एप

राजन ने बताया कि नागरिकों को निर्वाचन संबंधी शिकायतें करने के लिए सी-विजिल एप उपलब्ध है। इस एप के माध्यम से नागरिक आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन संबंधी कोई भी लाइव फोटो, वीडियो एवं ऑडियो शिकायत के रूप में उपलब्ध कराते हैं, तो अगले 100 मिनट में शिकायत पर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि आदर्श आचरण संहिता के दौरान रात 10 बजे से अगले दिन सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का उपयोग पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।

चुनाव प्रचार में अभ्यर्थी 95 लाख रुपए तक व्यय कर सकेंगे

राजन ने बताया कि लोकसभा निर्वाचन के लिए अभ्यर्थी के लिए चुनाव प्रचार व्यय की सीमा 95 लाख रूपये निर्धारित है। इसके लिये अभ्यर्थी को बैंक में एक पृथक खाता खोलना आवश्यक है। रिटर्निंग अधिकारी से प्राप्त निर्वाचन व्यय रजिस्टर में सभी दैनिक व्यय लेखा का रख रखाव करना होगा। सभी पोस्टर, बैनर, पम्प्लेट, चाहे वे नाम निर्देशन के पहले मुद्रित/प्रकाशित किए गए हो, परंतु नाम निर्देशन के बाद उपयोग/ प्रदर्शित किए जा रहे हों, यह सभी अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय में जुड़ेंगे।

नामांकन दाखिल करने के दौरान अभ्यर्थी सहित पाँच व्यक्तियों की अनुमति रहेगी

राजन ने बताया कि नाम निर्देशन-पत्र दाखिल करने के दौरान अभ्यर्थी को अधिकतम 3 वाहन एवं अभ्यर्थी सहित अधिकतम 5 व्यक्तियों की अनुमति रहेगी। इसी प्रकार मतदान के दिन अभ्यर्थी, उसके इलेक्शन एजेंट तथा अभ्यर्थी के इलेक्शन एजेंट/वर्कर/पार्टी वर्कर को सम्पूर्ण संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के लिये केवल एक-एक वाहन की अनुमति रहेगी। उन्होंने बताया कि सम्पूर्ण संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में प्रचार में उपयोग किए जाने वाले सभी वाहनों की अनुमति लेकर अनुमति पत्र/पास वाहन की विंड स्क्रीन पर मूलतः प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। रैली के लिए किराए/भाड़े पर लिए गए व्यावसायिक वाहनों के लिए सभी खर्च प्रचार व्यय लेखे में शामिल किया जाएगा। अभ्यर्थी द्वारा भाग ली गई रैली/प्रदर्शित फोटो/मंच साझा करने आदि पर किये गये सभी व्यय भी अभ्यर्थी के प्रचार व्यय लेखे में जोड़े जायेंगे।

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  राजेश कुमार कौल, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  मनोज खत्री,  बसंत कुर्रे, तरूण राठी, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  प्रमोद शुक्ला तथा सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

 

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एआईसीसी अध्यक्ष खरगे देंगे चुनावी घोषणा पत्र को मंजूरी

 सीडब्लूसी ने किया अधिकृत किया

नयी दिल्ली: कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लोकसभा चुनाव के लिए घोषणा पत्र को मंजूरी देने और इसे जारी करने की तिथि निर्धारित करने के लिए अधिकृत किया। पार्टी का कहना है कि यह उसका सिर्फ एक चुनावी घोषणा पत्र नहीं, बल्कि 'न्याय पत्र' होगा।

कार्य समिति की बैठक में घोषणा पत्र के उस मसौदे पर विस्तृत चर्चा की गई जिसे पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की अध्यक्षता वाली समिति ने तैयार किया है। कांग्रेस के अनुसार उसका घोषणा पत्र पार्टी के पांच न्याय – ‘भागीदारी न्याय’, ‘किसान न्याय’, ‘नारी न्याय’, ‘श्रमिक न्याय’ और ‘युवा न्याय’- पर आधारित होगा। इनमें 25 गारंटी होंगी जिनकी घोषणा कांग्रेस अध्यक्ष खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पहले ही कर चुके हैं।

पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता वाली कार्य समिति की बैठक में पूर्व पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, घोषणा पत्र समिति के प्रमुख पी चिदंबरम और कार्य समिति के कई अन्य सदस्य शामिल हुए।

बैठक के बाद वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से कहा, "कांग्रेस कार्य समिति ने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए घोषणा पत्र पर विस्तृत चर्चा की। करीब साढ़े तीन घंटे तक चर्चा हुई। चर्चा के बाद कांग्रेस अध्यक्ष को अधिकृत किया गया कि वह घोषणा पत्र को अनुमोदित करें और इसे जारी करने की तिथि निर्धारित करें।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्य समिति ने पार्टी की गारंटियों को जमीनी स्तर तक ले जाने के लिए रूपरेखा तैयार की है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यह सिर्फ घोषणा पत्र नहीं होगा, बल्कि एक 'न्याय पत्र' होगा। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कार्य समिति की बैठक में कहा कि देश बदलाव चाहता है तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की गारंटी का वही हश्र होने जा रहा है जो 2004 में 'इंडिया शाइनिंग' (भारत उदय) नारे का हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को कांग्रेस के घोषणा पत्र को घर-घर तक ले जाना होगा। कांग्रेस अध्यक्ष का कहना था कि उनकी पार्टी इस लोकसभा चुनाव में जो वादे करने जा रही है उन्हें पूरा करेगी। उन्होंने कहा, "हम वादे करने के पहले गहराई से ये पड़ताल कर लेते हैं कि उनको पूरा कर पाएंगे या नहीं।"

खरगे ने कहा, "देश बदलाव चाहता है। मौजूदा सरकार की गारंटी का वही हश्र होने जा रहा है जो 2004 में 'इंडिया शाइनिंग' नारे का हुआ था।"

कार्य समिति की बैठक के बाद कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक भी होगी जिसमें 19 अप्रैल से शुरू होने वाले सात चरण के लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी के शेष उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप दिया जाएगा। कांग्रेस ने अब तक दो अलग-अलग सूचियों में कुल 82 उम्मीदवारों की घोषणा की है।

 

 

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हेमंत सोरेन की भाभी ने झामुमो छोड़कर भाजपा का दामन थामा

 रांची: भाजपा ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के घर बड़ी सेंध लगाई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा की पूर्व विधायक और हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन ने मंगलवार को अपनी पार्टी से इस्तीफा देने के बाद भाजपा का दामन थाम लिया है। पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने झारखंड की 14 में से 12 सीटों पर जीत हासिल की थी। लेकिन पार्टी इस बार झारखंड में भी क्लीन स्वीप करने के मूड में है।


भाजपा में शामिल होते हुए सीता सोरेन ने कहा कि वे झारखंड मुक्ति मोर्चा परिवार छोड़कर भाजपा परिवार में जुड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में विकास हो रहा है। इसे देखते हुए ही उन्होंने भाजपा से जुड़ने का निर्णय किया। उन्होंने कहा कि झारखंड के लिए उनके पति ने जो सपना देखा था, वे उसे पूरा करने का काम करेंगी। उन्होंने कहा कि उनके पति उन्हें राजनीति में आगे बढ़ाना चाहते थे।

भाजपा महासचिव विनोद तावड़े ने कहा कि सीता सोरेन के आने के बाद पार्टी की राजनीतिक शक्ति बढ़ेगी। आदिवासी समुदाय के विकास के लिए सीता सोरेन की ताकत का इस्तेमाल किया जायेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आदिवासियों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। इसका असर इन वर्गों के जीवन में आ रहे बदलाव में दिखाई दे रहा है।

सीता सोरेन ने अपने इस्तीफे में अपने परिवार की उपेक्षा का आरोप लगाया है। उन्होंने अपने पति दुर्गा सोरेन की मौत के बाद अपने परिवार की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए ससुर शिबू सोरेन के लिए आगामी जीवन के लिए शुभकामनाएं दी हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा में रहते हुए भी उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार पर खनन मामलों में घोटाले होने के आरोप लगाए थे।

सीता सोरेन के पति दुर्गा सोरेन झारखंड के बड़े नेताओं में गिने जाते थे। उनकी अगुवाई में ही झारखंड अलग राज्य बना था। लेकिन उनकी दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु के बाद जेएमएम की कमान हेमंत सोरेन के हाथों में आ गई। आरोप है कि इसके बाद हेमंत सोरेन ने दुर्गा सोरेन के परिवार की उपेक्षा की और उन्हें राजनीति में आगे बढाने के लिए कोई काम नहीं किया। इससे नाराज सीता सोरेन समय-समय पर हेमंत सोरेन के खिलाफ बिगुल फूंकती रहीं और आज अंततः उन्होंने पार्टी का दामन छोड़ भाजपा में शामिल हो गईं।

 

 

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पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी समेत 65 कांग्रेसी नेता भाजपा में शामिल

भोपाल: मध्य प्रदेश में नेताओं के कांग्रेस छोड़ने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को छिंदवाड़ा से पूर्व सीएम कमलनाथ के करीबी और कांग्रेस प्रवक्ता सैयद जाफर समेत 64 नेता भाजपा में शामिल हो गए। मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने अंगवस्त्र पहनाकर उनका स्वागत किया।  


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा, पार्टी के लोकसभा चुनाव के सह प्रभारी सतीष उपाध्याय एवं न्यू ज्वॉइनिंग टोली के प्रदेश संयोजक डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समक्ष प्रदेश कार्यालय में सोमवार को कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सय्यद जाफर, पथरिया के वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिनेश श्रीधर, कांग्रेस महामंत्री डॉ. मनीषा दुबे, रतलाम जिला पंचायत सदस्य संतोष पालीवाल, बसपा के प्रदेश प्रभारी व प्रदेश महासचिव डॉ. रामसखा वर्मा, पूर्व प्रचारक अभयराज सिंह, रतलाम के मध्यप्रदेश आई.टी.सेल महामंत्री अंकित पोरवाल, जिला कांग्रेस कमेटी महामंत्री विरेन्द्र नायमा, आलोट विधानसभा युवक कांग्रेस के अध्यक्ष सुरेश डागी, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश मैनूखेड़ी, ब्लॉक अध्यक्ष दुर्गालाल अटोलिया, एनएसयूआई के जिला प्रभारी गोपाल सिसोदिया सहित 64 से अधिक जनपद सदस्य, सरपंच, पूर्व सरपंच, कांग्रेस पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विकास कार्यों से प्रभावित होकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष ने अंगवस्त्र पहनाकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष चिंतामणि मालवीय, प्रदेश महामंत्री व विधायक भगवानदास सबनानी, प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल एवं छिदंवाड़ा लोकसभा प्रत्याशी विवेक बंटी साहू उपस्थित रहे।

 

 

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इंडिया ने मुंबई की रैली में भाजपा को हराने के आह्वान के साथ प्रचार अभियान शुरू किया

मुंबई: इंडिया गठबंधन ने यहां रविवार को एक बड़ी रैली में लोकसभा चुनाव के लिए अपना अभियान शुरू किया, और लोगों से लोकतंत्र व संविधान को बचाने के लिए भाजपा को हराने का आह्वान किया।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के समापन के मौके पर शिवाजी पार्क में आयोजित रैली में इंडिया गठबंधन में शामिल कई पार्टियों के नेताओं ने 1942 में महात्मा गांधी के भारत छोड़ो आंदोलन को याद करते हुए कहा कि अब साथ मिलकर काम करने का समय आ गया है, देश को भाजपा से मुक्ति दिलानी है।

एनसीपी-शरदचंद्र पवार के प्रमुख शरद पवार ने देश में बदलाव की वकालत करते हुए कहा कि यह मिलकर किया जा सकता है। उन्होंने कहा, जिन लोगों ने कई तरह के वादे कर देश को धोखा दिया... हमें उनसे छुटकारा पाना होगा। जो लोग सत्ता में हैं, उन्होंने किसानों, दलितों, महिलाओं, आदिवासियों और अन्य लोगों से वादे किए थे, लेकिन ये पूरे नहीं हुए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के लिए भाजपा के आह्वान का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि यह काम नहीं करेगा। उन्होंने पीएम मोदी की गारंटी के बारे में टीवी पर दिखाए जाने वाले विज्ञापनों को रोकने के लिए चुनाव आयोग को धन्यवाद दिया।शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि इंडिया ब्लॉक के तत्वावधान में एकत्र हुए विपक्षी दल तानाशाही के खिलाफ हैं।

उन्होंने देश में व्याप्त तानाशाही को बाहर निकालने के लिए मुंबई को चुनने और ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में अपनी भारत जोड़ो न्याय यात्रा के समापन के लिए एक रैली आयोजित करने के लिए राहुल गांधी को धन्यवाद दिया।उन्होंने कहा, महात्मा गांधी ने 1942 में मुंबई में 'भारत छोड़ो' का नारा दिया था। तानाशाही को हटाने के लिए शिवाजी पार्क को चुनने के लिए धन्यवाद। भाजपा एक गुब्बारा है, हमने इस गुब्बारे को भरने का काम किया (भाजपा के साथ शिवसेना के गठबंधन और बाद के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए)। ये लड़ाई संविधान बचाने की है। शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे कहते थे कि इसकी शुरुआत अदालतों से होनी चाहिए।

राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने अपने उग्र भाषण में भाजपा को हराने का आह्वान करते हुए कहा कि सत्तापक्ष के लोग बढ़ती बेरोजगारी, किसानों की परेशानी और महंगाई पर कोई बात नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने सालाना 2 करोड़ नौकरियां देने और सभी के खाते में 15 लाख रुपये जमा करने का अपना वादा नहीं निभाया है।

वंचित बहुजन अघाड़ी के संस्थापक प्रकाश अंबेडकर ने चुनावी बॉन्ड योजना को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना की और सवाल उठाया कि सीमित मुनाफे वाली कोई कंपनी इन बॉन्ड में भारी मात्रा में निवेश कैसे कर सकती है।

राहुल ने वीवीपैट का जिक्र करते हुए कहा, हमने चुनाव आयोग से कहा कि यह मशीन विपक्षी पार्टी को दिखाएं... गहराई से दिखाएं। हमारे विशेषज्ञों को दिखाएं कि यह कैसे काम करती है। लेकिन उन्होंने नहीं दिखाया। वोट मशीनों में नहीं हैं। वोट कागज में है। आप मशीन चलाएं, लेकिन कागज भी गिनें। लेकिन वे कहते हैं कि वे कागज नहीं गिनेंगे।

द्रमुक सुप्रीमो और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ्ती, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार भी रैली में मौजूद थे।

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कमलनाथ के करीबी बीजेपी में होंगे शामिल, कांग्रेस को बड़ा झटका

भोपाल: मध्यप्रदेश में दलबदल का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व सीएम कमलनाथ के बीजेपी में शामिल होने की अटकलों के बीच कांग्रेस पार्टी छोड़ने का शुरू हुआ क्रम अब तक जारी है। छिंदवाड़ा जिले में मुस्लिम समाज का बड़ा चेहरा रहे सैयद जाफर बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।

जाफर के बीजेपी में शामिल होने से छिंदवाड़ा में कमलनाथ और कांग्रेस को फिर बड़ा झटका लगेगा। उन्हें कमलनाथ और नकुलनाथ का करीबी माना जाता है। लोकसभा चुनाव के पहले बीजेपी कमलनाथ के गढ़ को कमजोर करने में जुटी है। इसके पहले भी छिंदवाड़ा से कई नेताओं को बीजेपी में शामिल कराया गया है। कांग्रेस नेता सैयद जाफर जल्द ही बीजेपी में शामिल सकते हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर किए पोस्ट को लेकर उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही है। उन्होंने एक्स (X) पर कांग्रेस नेताओं के साथ वाली तस्वीर पोस्ट कर पुरानी यादें साझा की है।

 

 

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कविता की गिरफ्तारी के खिलाफ राजनीतिक, कानूनी लड़ाई लड़ेगी बीआरएस

हैदराबाद: प्रवर्तन निदेशालय द्वारा शुक्रवार को के. कविता की 'अवैध' गिरफ्तारी की निंदा करते हुए भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने इस मुद्दे पर राजनीतिक और कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही है। बीआरएस नेता और पूर्व मंत्री टी. हरीश राव ने संवाददाताओं से कहा कि वे गिरफ्तारी को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

पार्टी ने शनिवार को तेलंगाना में सभी निर्वाचन क्षेत्र मुख्यालयों में गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। हरीश राव ने कविता की गिरफ्तारी को आगामी लोकसभा चुनाव में बीआरएस की संभावनाओं को नुकसान पहुंचाने की राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा से एक दिन पहले पूर्व नियोजित तरीके से गिरफ्तारी से पता चलता है कि इसका मकसद बीआरएस कैडरों का मनोबल गिराना है।

उन्होंने कहा कि बीआरएस ने तेलंगाना के लिए अपनी 14 साल की लंबी लड़ाई में कई ऐसी अवैध गिरफ्तारियां देखी, पार्टी राजनीतिक और कानूनी रूप से इसका मुकाबला करेगी। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। हम वकीलों से सलाह लेंगे और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे। हरीश राव ने कहा कि ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा था कि वह ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगी।अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 19 मार्च की तारीख तय की थी। उन्होंने पूछा, ''ईडी के लिए क्या जल्दबाजी थी।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट इस बात की जांच कर रहा था कि क्या ईडी महिलाओं को गिरफ्तार कर सकता है।उन्होंने कहा, शाम 6.30 बजे के बाद एक महिला को गिरफ्तार करना और वह भी शुक्रवार को, लोकसभा चुनाव से पहले एक स्पष्ट राजनीतिक साजिश है। यह राजनीतिक प्रतिशोध है। उन्होंने याद दिलाया कि कविता को मामले में गवाह के रूप में नोटिस दिया गया था, लेकिन अब उन्हें एक आरोपी के रूप में गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने पूछा कि ईडी डेढ़ साल से क्या कर रहा था।

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ममता बनर्जी सिर में लगी चोट, एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती

 कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सिर में गंभीर चोट लगने के बाद गुरुवार को कोलकाता में राज्य सरकार द्वारा संचालित एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने दी।

सूत्रों ने कहा कि बनर्जी दक्षिण कोलकाता के कालीघाट में अपने घर पर गिर गई थी जिसके बाद उनके सिर पर गहरी चोट लगी जिसके बाद बनर्जी को अस्पताल के वुडबर्न ब्लॉक में भर्ती किया गया।

एक निजी टेलीविजन चैनल ने दावा किया कि बनर्जी अपने घर पर फिसल गईं और उनका सर घर की अलमारी से टकरा गया। पुलिस ने कहा कि यह घटना बनर्जी के दक्षिण कोलकाता के गरियाहाट में दिवंगत मंत्री सुब्रत मुखर्जी की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद घर लौटने के बाद हुई।

तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और मुख्यमंत्री के भतीजे अभिषेक बनर्जी अस्पताल पहुंचे। उनके स्वास्थ्य की स्थिति का आकलन करने के लिए एमआरआई और सीटी स्कैन की जा रही है।

सूत्रों ने कहा कि 70 वर्षीय टीएमसी नेता की देखभाल के लिए अपोलो अस्पताल से एक विशेषज्ञ को पहले ही बुलाया जा चुका है।

टीएमसी ने एक बयान में कहा कि वह टीएमसी अध्यक्ष बनर्जी के जल्द स्वस्थ होने के लिए भगवान से प्रार्थना करें और अपनी शुभकामनाएं दे।

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CAA देश का कानून है, इसे कभी वापस नहीं लिया जाएगा : अमित शाह

नई दिल्ली: विपक्षी नेताओं द्वारा यह कहे जाने पर कि अगर INDIA गठबंधन चुनाव जीतती है तो CAA को रद्द कर दिया जाएगा पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, उन्हें भी पता है कि INDI गठबंधन सत्ता में नहीं आने वाली है। CAA कानून कभी वापस नहीं लिया जाएगा। हमारे देश में भारतीय नागरिकता सुनिश्चित करना हमारा संप्रभु अधिकार है, हम इससे कभी समझौता नहीं करेंगे। विपक्ष के पास कोई और काम नहीं है...उनका इतिहास है कि वे जो कहते हैं वह करते नहीं हैं, प्रधानमंत्री मोदी का इतिहास है कि जो भी भाजपा ने कहा है और नरेंद्र मोदी ने जो कहा है, वह पत्थर की लकीर है। पीएम मोदी की हर गारंटी पूरी होती है।

विपक्ष के पास कोई और काम नहीं है, उन्होंने यहां तक कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक में राजनीतिक फायदा है, तो क्या हमें आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई नहीं करनी चाहिए? उन्होंने यह भी कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाना भी हमारे राजनीतिक फायदे के लिए था। हम 1950 से कह रहे हैं कि हम अनुच्छेद 370 को हटाएंगे। उनका इतिहास है कि वे जो कहते हैं वह करते नहीं हैं, प्रधानमंत्री मोदी का इतिहास है कि जो भी भाजपा ने कहा है, नरेंद्र मोदी ने जो कहा है, वह पत्थर की लकीर है। पीएम मोदी की हर गारंटी पूरी होती है।

 

 

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