हिंदुस्तान - Newsportal | Chhattisgarh Darpan Media Group

हिंदुस्तान

हिन्द प्रशांत क्षेत्र में विवाद कभी भी ले सकते हैं टकराव का रूप: नौसेना प्रमुख

नई दिल्ली: नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने शुक्रवार को कहा कि हिन्द प्रशांत क्षेत्र में जिस तरह के विवाद हैं उनके कारण वहां किसी भी समय टकरावपूर्ण स्थिति बन सकती है लेकिन भारतीय नौसेना वहां कड़ी नजर रख रही है और हर स्थिती से निपटने में पूरी तरह सक्षम है।

नौसेना प्रमुख ने नौसेना दिवस से पहले यहां वार्षिक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए हिन्द प्रशांत क्षेत्र की स्थिति के बारे में पूछे सवाल के जवाब में कहा कि वहां कुछ विवाद हैं और ये टकराव का रूप भी ले सकते हैं। इसके अलावा वहां डकैती से लेकर तस्करी तथा आपदाओं के समय विभिन्न तरह के अभियान चलाने पड़ते हैं।

उन्होंने कहा कि हिंद प्रशांत में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए परस्पर संवाद जरूरी है। नौसेना प्रमुख ने कहा कि भारत खुले , मुक्त, स्वतंत्र तथा नियम आधारित हिंद प्रशांत क्षेत्र का पक्षधर है। उन्होंने कहा कि हिन्द प्रशांत क्षेत्र में भारत हर गतिविधि पर कड़ी नजर रख रहा है और किसी भी स्थिति से निपटने में सक्षम है।

हिंद महासागर के बारे में एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा कि सागर साझा धरोहर माने जाते हैं । महासागरों में हर देश कानूनी रूप से अपनी आर्थिक आकांक्षाओं को पूरा कर सकता है। चीन को भी वहां आर्थिक गतिविधियों का अधिकार है। क्षेत्र में भारत एक नौसैनिक ताकत है और वह हर देश की गतिविधि पर करीबी नजर रखता है । उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में भारतीय हितों की रक्षा करना नौसेना की प्राथमिकता है।

 

 

और भी

आयुर्वेद में आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का संपूर्ण समाधान: धनखड़

तिरुवनंतपुरम: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि आयुर्वेद एक स्थायी और न्यायसंगत स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली के वैश्विक आह्वान के साथ सहजता से जुड़ा हुआ है तथा इसमें आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का संपूर्ण समाधान है।

श्री धनखड़ ने केरल के तिरुवनंतपुरम में पांचवें वैश्विक आयुर्वेद महोत्सव के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि आयुर्वेद बीमारियों के इलाज से कहीं आगे है क्योंकि इसमें कल्याण और भलाई के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण शामिल है।

श्री धनखड़ ने कहा कि आधुनिक गैर-संचारी और जीवनशैली संबंधी बीमारियों में वृद्धि के बीच सस्ता, प्रभावकारी और संपूर्ण समाधान' के रूप में आयुर्वेद की महत्वपूर्ण भूमिका है।रोकथाम, संतुलन और व्यक्तिगत देखभाल के लिए आयुर्वेद पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि यह एक स्थायी और न्यायसंगत स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली के वैश्विक आह्वान के साथ सहजता से मेल खाता है।

श्री धनखड़ ने कहा कि चिकित्सा की पारंपरिक प्रणालियों के व्यापक उपयोग से भारत को स्वास्थ्य लक्ष्य पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

 
और भी

वी.के. सिंह ने सिलक्यारा बचाव अभियान के दौरान आई मुश्किलों की जानकारी दी

 गाजियाबाद: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद वी.के. सिंह ने उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को बचाने के लिए चलाये ‘‘असाधारण’’ बचाव अभियान के बारे में बृहस्पतिवार को विस्तार से जानकारी साझा की। चुनौतीपूर्ण बहु-एजेंसी प्रयासों के बारे में बोलते हुए सिंह ने बचावकर्मियों के सामने आने वाली कठिनाइयों के बारे में बताया, साथ ही पूरे संकट के दौरान फंसे हुए श्रमिकों द्वारा प्रदर्शित असाधारण ‘‘बहादुरी और सहयोग’’ का भी उल्लेख किया।

उन्होंने बचाव अभियान की ‘‘अभूतपूर्व उपलब्धि’’ के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, ‘‘सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना, इस अभियान में शामिल टीम के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।’’

उन्होंने बताया कि जब श्रमिक सुरंग में फंसे थे तो एक छोटे पाइप के माध्यम से कंबल, कपड़े और मनोरंजक वस्तुओं सहित विभिन्न आवश्यक चीजें प्रदान की गईं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बचाव अभियान की निगरानी की।

उन्होंने बताया कि जब ऑगर मशीन फंस गई थी तो लंबवत ड्रिलिंग और मैग्नीशियम मशीन से ड्रिलिंग का निर्णय लिया गया, लेकिन मैग्नीशियम मशीन से ड्रिलिंग की योजना को स्थगित कर दिया गया क्योंकि इसका तापमान लगभग 8,000 डिग्री सेल्सियस होता, जिससे पाइप पिघल सकता था।

सिंह ने रैट माइनिंग विशेषज्ञों की विशेषज्ञता और सटीकता की सराहना की, जिन्होंने सफलतापूर्वक 12 मीटर तक खुदाई का अभियान चलाया, जिससे अंततः सभी फंसे श्रमिकों का सुरक्षित बचाया जा सका।

 

 

और भी

भारत सरकार ने 97 तेजस और 150 प्रचंड हेलीकॉप्टरों की खरीद को मंजूरी दी

नई दिल्ली: भारतीय वायु सेना की ताकत को और भी ज्यादा बढ़ाने के लिए भारत सरकार ने तेजस विमान और प्रचंड लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की खरीद को मंजूरी दी है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने 97 अतिरिक्त तेजस लड़ाकू विमानों और लगभग 150 प्रचंड हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टरों की खरीद को मंजूरी दी।


रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली डीएसी ने अपने Su-30 लड़ाकू बेड़े को अपग्रेड करने के वायु सेना के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस मेगा डील और Su-30 अपग्रेड कार्यक्रम को लेकर सरकारी खजाने पर 1.3 लाख करोड़ रुपये का खर्च आ सकता है। हालांकि, जल्द ही रक्षा मंत्रालय इस संबंध में जानकारी साझा कर सकता है।

 
और भी

प्रधानमंत्री 30 नवंबर को 51 हजार से अधिक युवाओं को देंगे नियुक्ति पत्र

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोजगार मेले के तहत 30 नवंबर को विभिन्न सरकारी विभागों एवं संगठनों में नवनियुक्त कर्मियों को 51,000 से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे।

प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी 30 नवंबर, 2023 को शाम 4 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नवनियुक्त कर्मियों को 51,000 से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नवनियुक्त कर्मियों को संबोधित भी करेंगे।

यह रोजगार मेला देश भर के 37 स्थानों पर आयोजित किया जाएगा। इस पहल का समर्थन करने वाले केंद्र सरकार के विभागों के साथ-साथ राज्य सरकारों/केंद्र-शासित प्रदेशों में भर्तियां की जा रही हैं।

देशभर से चुने गए नए कर्मचारी सरकार के राजस्व विभाग, गृह मंत्रालय, उच्च शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, वित्तीय सेवाएं विभाग, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा श्रम और रोजगार मंत्रालय सहित विभिन्न मंत्रालयों/विभागों में योगदान करेंगे।

इस रोजगार मेले से आगे और रोजगार सृजित करने की दिशा में एक उत्प्रेरक के तौर पर कार्य करने और युवाओं को अपना सशक्तिकरण करने एवं राष्ट्रीय विकास में भागीदारी हेतु सार्थक अवसर प्रदान किए जाने की उम्मीद है।

नवनियुक्त कर्मी अपने रचनात्मक विचारों और भूमिका-संबंधी दक्षताओं के माध्यम से अन्य बातों के साथ-साथ देश के औद्योगिक, आर्थिक एवं सामाजिक विकास को मजबूत करने के कार्य में योगदान देंगे, जिससे प्रधानमंत्री के विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में मदद मिलेगी।

नवनियुक्त कर्मियों को आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर एक ऑनलाइन मॉड्यूल कर्मयोगी प्रारंभ के माध्यम से स्वयं को प्रशिक्षित करने का अवसर भी मिलेगा। आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर ‘कहीं भी किसी भी उपकरण पर’ सीखने के प्रारूप में 800 से अधिक ई-लर्निंग पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए गए हैं।

और भी

सिलक्यारा सुरंग रेस्क्यू ऑपरेशन : श्रमिकों को बाहर निकालने का काम शुरू...

उत्तरकाशी: चारधाम ऑलवेदर परियोजना की सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों की जिंदगी बचाने के लिए बचाव अभियान सफल हुआ। उत्तरकाशी टनल हादसे में 17वें दिन, मंगलवार को  बड़ी सफलता मिली है। आखिरकार टनल में फंसे 41 मजदूरों को सही सलामत बाहर निकालने का काम शुरू हो गया है। मंगलवार को सुरंग में ब्रेकथ्रू हुआ और स्केप टनल के जरिए मजदूरों को बाहर निकाला जा रहा है।

अबतक 15 श्रमिकों को बाहर न‍िकाला गया है। बताया गया कि बचाव टीम को 57 मीटर पर मिला ब्रेकथ्रू। मुख्य सुरंग के भीतर चिकित्सकों की टीम श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है। केंद्रीय राज्य मंत्री वीके सिंह और मुख्यमंत्री पुष्‍कर स‍िंह धामी बाहर निकाले गए श्रमिकों से बातचीत कर रहे हैं।

 


पहले श्रमिकों का सुरंग के भीतर ही होगा स्वास्थ्य परीक्षण। दरअसल, सुरंग के भीतर जहां श्रमिक फंसे हुए थे, वहां का तापमान लगभग 30 से 35 डिग्री पर है, जबकि सुरंग के बाहर सिलक्यारा का वर्तमान तापमान 10 डिग्री के आसपास है। चूंकि, श्रमिक 17 दिन तक 30 से 35 डिग्री तापमान में रहे हैं, ऐसे में उन्हें एकदम से बाहर 10 डिग्री तापमान में नहीं लाया जाएगा।

और भी

कोयला लदे ट्रक में लगी आग, ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान

कोरबा: जिले के गेवरा खदान में कोयला लोड ट्रक में आग लग गई। आग लगाने के बाद खदान में हड़कंप मच गई। जैसे-तैसे कूदकर ट्रक चालक ने अपनी जान बचाई। इसके बाद इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई।

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने में लग गई। बताया जा रहा है कि ट्रक में आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी है। ट्रक के चारों ओर कोयला ही कोयला,था। अगर मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम नहीं पहुंचता तो बड़ा नुकसान हो सकता था।

और भी

मैं तेलंगाना में बदलाव की बयार देख रहा हूं: मोदी

करीमनगर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि वह तेलंगाना में बदलाव की बयार देख रहे हैं और अगले पांच साल राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। श्री मोदी ने कहा, पहली बार तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनेगी और पिछड़ा वर्ग (बीसी) नेता मुख्यमंत्री होगा। करीमनगर के लोगों ने हुजूराबाद उपचुनाव में मुख्यमंत्री एवं भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) अध्यक्ष के.चंद्रशेखर राव को हार का ट्रेलर दिखाया। अब विधानसभा चुनाव में आप उन्हें घर भेजने जा रहे हैं। तेलंगाना में भाजपा सरकार बनाना बहुत जरूरी है, क्योंकि 2024 में भाजपा फिर से केंद्र की सत्ता में आएगी और डबल इंजन सरकार बनने से राज्य में विकास और प्रगति काम में तेजी आएगी।

उन्होंने कहा, हम दिखाएंगे कि तेलंगाना देश में नंबर वन कैसे बनेगा। आप तेलंगाना के भविष्य को भाग्य पर नहीं छोड़ सकते। हमें ध्यान रखना होगा। हमारे लिए हर राज्य सहित देश का विकास महत्वपूर्ण है। जब भी आप लोगों को बताएंगे आपने विकास के लिए, देश के गौरव के लिए, जन समर्थन के लिए और गरीबों के कल्याण के लिए वोट किया है, जनता के मन में एक ही नाम आता है वह है भाजपा। मैं बदलाव की बयार देख रहा हूं।

उन्होंने कहा, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) और कांग्रेस ने आपको धोखा देने का कोई मौका नहीं छोड़ा। भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण दोनों पार्टियों का नाम आपके दिमाग में आएगा। इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि कांग्रेस विधायक पार्टी के साथ रहेंगे। वे बीआरएस में शामिल होंगे। यदि आप बीआरएस को घर भेजना चाहते हैं, तो भाजपा को वोट दें।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दिवंगत प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव को उनके जीवित रहने के दौरान और उनकी मृत्यु के बाद भी अपमानित किया है। उन्होंने कहा, बीआरएस और कांग्रेस दोनों पारिवारिक पार्टियां हैं और वे शीर्ष पद पर केवल अपने परिवार के सदस्यों के बारे में सोच सकते हैं, लेकिन आपके बच्चों के बारे में नहीं। वे बच्चों के भविष्य को नष्ट कर देंगे। वे दोनों एक जैसे हैं। उनसे सावधान रहें।

प्रधानमंत्री ने कहा, भाजपा तेलंगाना का गौरव बढ़ा सकती है। पारिवारिक पार्टियां कानूनों की भी परवाह नहीं करेंगी। पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) ने यहां अपना सिर उठाया है।इस इलाके में नक्सली हिंसा भी हुई है। हमने इस पर मजबूती से कदम रखा है और केसीआर ने फायदा उठाया।

करीमनगर को लंदन बनाने के मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव के वादे को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने आश्चर्य जताया कि उसका क्या हुआ। उन्होंने कहा कि कालेश्वरम के साथ जो हुआ उसे पूरे देश ने देखा है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दी जाएगी।

उन्होंने कहा, श्री राव तांत्रिकों में दृढ़ विश्वास रखते हैं, जिन्होंने उनसे कहा था कि मोदी की छाया भी उनके सपनों को नष्ट कर देगी। तब से, वह मुझसे बचते रहे हैं। ऐसा व्यक्ति आपके सपनों को कैसे सच कर सकता है? उन्होंने लोगों से तेज वृद्धि और विकास के लिए भाजपा को वोट देने का आग्रह किया। बाद में श्री मोदी ने हैदराबाद के इंदिरा पार्क स्थित एनटीआर स्टेडियम में आयोजित ‘कोटि दीपोत्सवम’ में भी हिस्सा लिया।

 

 

और भी

सुरंग में फंसे 41 मजदूरों के जल्द बाहर आने की उम्मीद

उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूर जल्द बाहर आ सकते हैं। यहां देर रात को मैनुअल ड्रिलिंग का काम तेजी से किया गया और अब बचावकर्मी मजदूरों से महज 5 मीटर दूर हैं। मंगलवार सुबह अधिकारियों ने  कहा कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो अगले 24 घंटे में सभी मजदूर खुली हवा में सांस ले सकते हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बचाव अभियान की जानकारी देते हुए कहा, सभी इंजीनियर, विशेषज्ञ और अन्य लोग पूरी ताकत से काम कर रहे हैं।

सुरंग में पाइप 52 मीटर अंदर तक चला गया है और 5 मीटर पाइप अंदर धकेलना बाकी है। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि जल्द ही कोई सफलता मिलेगी। पाइप के अंदर जाते ही सभी लोगों (मजदूरों) को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और सभी लोग ठीक हैं। अमेरिकी ऑगर मशीन खराब होने बाद सोमवार रात से सुरंग में 24 अनुभवी रैट-होल खनन विशेषज्ञों की 3 टीमें हाथ से खुदाई कर रही हैं। इन टीमों ने सुरंग में करीब 7 मीटर तक खुदाई कर दी है और अब 5 मीटर और खुदाई होनी बाकी है।

ये रैट-होल खनन खतरनाक प्रक्रिया है। इसमें कर्मचारी छोटे समूहों में कोयला खदानों में संकीर्ण जगहों पर खुदाई करते हैं। भारत में इस पर प्रतिबंध है। 12 नवंबर की सुबह लगभग 5 बजे भूस्खलन के चलते यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित निर्माणाधीन सिलक्यारा-डंडालगांव सुरंग का एक हिस्सा अचानक ढह गया था, जिसके कारण 8 राज्यों के 41 मजदूर सुरंग में अंदर फंस गए। इन सभी मजदूरों को बचाने के लिए के लिए अलग-अलग टीमें राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं और सुरंग में सभी सुरक्षित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मुख्यमंत्री धामी से लगातार बचाव अभियान की जानकारी ले रहे हैं।

 

 

और भी

देव दीपावली के लिए काशी पहुंचे 70 देशों के राजदूत

वाराणसी: वाराणसी में अर्धचंद्राकार घाटों पर सजने वाली दीपमाला के साक्षी बनने 70 देशों के राजदूत काशी पहुंच गए हैं। इनके साथ ही 150 विदेशी डेलीगेट्स भी आज देव दीपावली की छटा निहारेंगे। मेहमानों के स्वागत में एयरपोर्ट पर सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए।

लोक कलाकारों ने विभिन्न स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिये मेहमानों का स्वागत किया। बाबतपुर एयरपोर्ट से लेकर नदेसर और कैंटोनमेंट स्थित होटल और नमो घाट के अलावा सभी सार्वजनिक चौक चौराहों को झालरों से सजाया गया है। अलकनंदा क्रूज लाइन के निदेशक विकास मालवीय ने बताया कि मेहमानों को विवेकानंद क्रूज से देव दीपावली और गंगा पार होने वाली आतिशबाजी का नजारा दिखाया जाएगा। उन्हें कुल्हड़ में चाट और चाय पिलाई जाएगी।



वाराणसी कूटनीतिक रूप से भी एक महत्वपूर्ण शहर रहा है। इसने पहले G20 विकास मंत्रियों की बैठक और G20 संस्कृति मंत्रियों की बैठक की मेजबानी की है। पवित्र शहर को पहले एससीओ सांस्कृतिक शहर के रूप में भी नामित किया गया था।

20 वॉच टावर से होगी गंगा के 84 घाटों की निगरानी
देव दीपावली पर गंगा किनारे अस्सी घाट से लेकर नमो घाट तक उमड़ने वाले पर्यटकों के हुजूम की निगरानी 20 वॉच टावर से की जाएगी। प्रत्येक वॉच टावर पर दो-दो आरक्षी वायरलेस सेट, ड्रैगन लाइट और पीए सिस्टम से लैस रहेंगे। अस्सी, दशाश्वमेध, नमो घाट सहित सात प्रमुख घाटों पर बनाए गए वॉच टावर पर दो-दो सिपाहियों के अलावा एक-एक दरोगा भी तैनात रहेंगे।

और भी

शीर्ष अदालत जाने से न डरें: चंद्रचूड़

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डॉ. डी वाई चंद्रचूड़ ने शीर्ष अदालत जाने से नहीं डरने पर जोर दिया और आशा व्यक्त करते हुए रविवार को कहा कि हमारे प्रयासों से हर वर्ग, जाति एवं पंथ के नागरिक हमारी अदालत प्रणाली पर भरोसा करने के साथ उसे अपने अधिकारों को लागू करने के लिए एक निष्पक्ष तथा प्रभावी मंच के रूप में देख सकते।

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने संविधान दिवस पर उच्चतम न्यायालय की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में संबोधित करते हुए न्यायिक व्यवस्था को सुगम बनाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए नागरिकों को ये भरोसा दिलाया।

उन्होंने कहा कि आज उच्चतम न्यायालय परिसर में डॉ. बी आर अंबेडकर की प्रतिमा के अनावरण को उनके ( डॉ. अंबेडकर ) के प्रसिद्ध विचार का विस्तार के तौर पर देखा जाए कि ‘न्यायालय में जाने का अधिकार संविधान का हृदय और आत्मा’ है।

मुख्य न्यायाधीश ने आगे कहा कि हमारे संविधान ने हमें अपार जुनून और शक्ति लेने और सरकार की संस्थागत संरचनाओं के माध्यम से उन्हें सुव्यवस्थित करने की अनुमति दी है। इसलिए जब हम आज कहते हैं कि संविधान को अपनाने का सम्मान करते हैं तो सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण, हम इस तथ्य का सम्मान करते हैं कि संविधान ‘अस्तित्व में है’ और संविधान ‘काम करता है।’

उन्होंने कहा कि पिछले सात दशकों में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने ‘लोगों की अदालत’ के रूप में काम किया है। हजारों नागरिक इस विश्वास के साथ इसके दरवाजे पर पहुंचे हैं कि इस संस्था के माध्यम से उन्हें न्याय मिलेगा।

उन्होंने आगे कहा कि हमारा न्यायालय शायद दुनिया का एकमात्र न्यायालय है, जहां कोई भी नागरिक, चाहे वह कोई भी हो या जहां से आया हो, भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक मशीनरी को गति दे सकता है।

मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि नागरिकों को अपने निर्णयों के माध्यम से न्याय मिले, इसके लिए सर्वोच्च न्यायालय यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है कि उसकी प्रशासनिक प्रक्रियाएँ भी नागरिक-केंद्रित हों, ताकि आम नागरिक न्यायालय के कामकाज के साथ जुड़ाव महसूस कर सके।

उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत यह सुनिश्चित करने के लिए सभी अदालतों में ई-सेवा केंद्र की भी शुरूआत की है ताकि कोई भी नागरिक न्यायिक प्रक्रिया में पीछे न रह जाए।

और भी

संसद भवन में साइबर सुरक्षा पर चिंता

दिल्ली: सांसदों ने शुक्रवार को नए संसद भवन में साइबर सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने बैंकों से जनता की वित्तीय संपत्तियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठाने का भी आह्वान किया। सांसदों ने देश में साइबर सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया और इसके लिए साइबर चेतना सूचकांक विकसित करने का आह्वान किया।

सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी प्रबंधन पर राज्यसभा की समिति की एक बैठक आम आदमी पार्टी (आप) के सदस्य एनडी गुप्ता की अध्यक्षता में हुई. इसमें मंत्रालय के सचिव ने साइबर सुरक्षा के मुद्दों और मंत्रालय तथा उसके तहत आने वाले संगठनों के तौर-तरीके पर सदस्यों के समक्ष प्रस्तुति दी. सदस्यों ने समिति की बैठक को संबोधित किया और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा पंजाब नेशनल बैंक के शीर्ष अधिकारियों के विचारों को सुना।

वित्तीस संपत्तियों से जुड़े सवाल पूछे समिति के सदस्यों ने बैंक के शीर्ष अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि जनता की वित्तीय संपत्तियां सुरक्षित रहें. उन्होंने इससे जुड़े मुद्दों पर सवाल भी पूछे।

 

और भी

राजस्थान में शुरू हुआ 199 सीटों पर मतदान, चुनावी मैदान में 1862 उम्मीदवार, सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त

उदयपुर: राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर मतदान शुरू हो चुका है। 200 सीटों में से 199 सीटों पर वोटिंग हो रही हैं। वोटिंग सुबह 7:00 शुरू हुई जो की शाम 6:00 तक चलेगी। यहां मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है।

दोनों ही दलों की ओर से आक्रामक चुनाव प्रचार किया गया। राजस्थान की 199 सीटों पर 1862 उम्मीदवार चुनावी मैदान में है। विधानसभा चुनाव को लेकर राजस्थान में जबरदस्त तरीके से सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सुबह से ही कई जगहों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। करणपुर सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार और मौजूदा विधायक गुरमीत सिंह कुन्नर के निधन के कारण चुनाव स्थगित किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि इन 199 सीटों पर 1862 उम्मीदवार मैदान में हैं, जहां मतदाताओं की संख्या 5,25,38,105 है। इनमें 18-30 आयु वर्ग के 1,70,99,334 युवा मतदाता शामिल हैं, जिनमें 18-19 आयु वर्ग के 22,61,008 नए मतदाता शामिल हैं। 

सत्तारूढ़ कांग्रेस की ओर से इस बार भी अपना चुनावी भाग्य आजमा रहे नेताओं में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी, मंत्री शांति धारीवाल, बीडी कल्ला, भंवर सिंह भाटी, सालेह मोहम्मद, ममता भूपेश, प्रताप सिंह खाचरियावास, राजेंद्र यादव, शकुंतला रावत, उदय लाल आंजना, महेंद्रजीत सिंह मालवीय तथा अशोक चांदना व पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट शामिल हैं। वहीं भाजपा के प्रमुख उम्मीदवारों में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया तथा सांसद दीया कुमारी, राज्यवर्धन राठौड़, बाबा बालकनाथ व किरोड़ी लाल मीणा मैदान हैं।

भाजपा ने कांग्रेस विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा छह सांसदों और एक राज्यसभा सदस्य सहित 59 मौजूदा विधायकों को टिकट दिया है। वहीं कांग्रेस ने सात निर्दलीय विधायकों और एक भाजपा विधायक-शोभारानी कुशवाह, जिन्हें पिछले साल भाजपा से निष्कासित कर दिया गया था, सहित 97 विधायकों को मैदान में उतारा है। कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने वाले प्रमुख चेहरों में से एक पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा हैं, जो नागौर से विधानसभा चुनाव लड़ रही हैं। 

नागौर से सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक हनुमान बेनीवाल भी विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। इस पार्टी ने चन्द्रशेखर आजाद के नेतृत्व वाली आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के साथ चुनावी गठबंधन किया है। भाजपा सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि सत्तारूढ़ कांग्रेस ने 2018 चुनाव की तरह अपने सहयोगी राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के लिए एक सीट -भरतपुर- छोड़ी है।

भरतपुर सीट से आरएलडी के मौजूदा विधायक सुभाष गर्ग चुनाव लड़ रहे हैं। राज्य में इसके अलावा माकपा, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी, भारत आदिवासी पार्टी, भारतीय ट्राइबल पार्टी, आम आदमी पार्टी, एआईएमआईएम समेत कई पार्टियां भी मैदान मे हैं।

भाजपा और कांग्रेस दोनों के 40 से अधिक बागी भी मैदान में हैं। मौजूदा विधानसभा की बात करें तो इस समय कांग्रेस के 107 विधायक, भाजपा के 70, आरएलपी के तीन, माकपा और भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के 2-2, राष्ट्रीय लोक दल का एक विधायक हैं। निर्दलीय विधायक 13 हैं जबकि दो दो सीटें (उदयपुर और करणपुर)खाली हैं। वहीं अधिकारियों के अनुसार, निष्पक्ष, निर्विघ्न एवं स्वतंत्र मतदान करवाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 

और भी

कतर में मौत की सजा पाए भारत के आठ पूर्व नेवी अफसरों की याचिका स्वीकार

नई दिल्ली: भारत के लिए एक राहत की खबर सामने आयी है। भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अफसरों की याचिका को कतर की कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। कतर की कोर्ट जल्द ही उनकी अपील पर सुनवाई कर सकती है। बता दें कि नौसेना के इन आठ पूर्व अफसरों को कतर में फांसी की सजा सुनाई गई है। 

आठ पूर्व नेवी अफसरों की मौत की सजा के खिलाफ भारत सरकार ने यह याचिका दायर की है। कतर की अदालत ने 23 नवंबर 2023 को इसे स्वीकार कर लिया और अब अपील का अध्ययन कर जल्द इस पर सुनवाई शुरू करेगी। बता दें कि भारतीय नौसेना के आठ पूर्व अफसर कतर में देहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजी एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज नामक कंपनी के लिए काम कर रहे थे। अगस्त 2022 में  इन सभी को गिरफ्तार किया गया। कतर की सरकार ने नौसेना के पूर्व अफसरों पर लगाए गए आरोपों की जानकारी नहीं दी है। बीती 26 अक्तूबर 2023 को कतर की अदालत ने इन पूर्व अफसरों को मौत की सजा सुना दी। 

कतर सरकार ने अभी तक आठ भारतीयों पर लगे आरोपों को सार्वजनिक नहीं किया है। हालांकि ऐसी आशंका है कि सुरक्षा संबंधी अपराध के आरोप में यह गिरफ्तारियां हुई हैं। कतर के मीडिया का दावा है कि भारतीय अधिकारी इस्राइल के लिए जासूसी कर रहे थे। भारत सरकार ने भी आरोपों की जानकारी नहीं दी है। 

 

 

और भी

धोखाधड़ी के मामले बढ़ने पर बैंकों को साइबर सुरक्षा मजबूत करनी चाहिए : आरबीआई

मुंबई: आरबीआई ने कहा कि बैंकों को अपने ग्राहकों को धोखाधड़ी और डेटा उल्लंघनों की बढ़ती घटनाओं से बचाने के लिए साइबर सुरक्षा मजबूत करने और साइबर धोखाधड़ी की रोकथाम पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। आरबीआई के डिप्टी गवर्नर राजेश्‍वर राव ने गुरुवार को एफआईबीएसी 2023 सम्मेलन में अपने संबोधन में कहा कि वित्तीय समावेशन, ग्राहक पहुंच, उत्पाद विकल्प और सुविधा में वृद्धि के साथ बैंकिंग परिदृश्य तेजी से विकसित हो रहा है।

उन्होंने कहा, हालांकि, धोखाधड़ी और डेटा लीक की बढ़ती घटनाओं के साथ उपभोक्ता के लिए जोखिम भी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि बैंक ग्राहकों को आज धोखाधड़ी वाले ऐप्स, गोपनीयता नियम का उल्लंघन और डीपफेक जैसे प्रौद्योगिकी प्रेरित धोखाधड़ी के खतरे का सामना करना पड़ रहा है।

राव ने कहा, यहां तक कि गलत बिक्री भी अब एक डिजिटल अवतार में उभरी है, जिसे डार्क पैटर्न कहा जाता है। डार्क पैटर्न डिज़ाइन इंटरफेस और रणनीति हैं, जिनका उपयोग उपयोगकर्ताओं को वांछित व्यवहार में फंसाने के लिए किया जाता है, जैसे कि तत्काल ऋण के रूप में उच्च लागत वाले अल्पकालिक उपभोक्ता ऋण का लाभ उठाना। हमें कड़ी मेहनत करनी चाहिए, स्मार्ट तरीके से काम करना चाहिए और ग्राहकों को इन खतरों से बचाने के लिए उनके विश्‍वास को बनाए रखने और मजबूत करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

 
और भी

मथुरा और ब्रज विकास की दौड़ में पीछे नहीं रहेंगे : प्रधानमंत्री मोदी

मथुरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस क्षेत्र को जो मिलना चाहिए था, वो आजादी के बाद भी नहीं मिला। मैंने लाल किले की प्राचीर से ऐलान किया था कि मथुरा और ब्रज विकास की दौड़ में पीछे नहीं रहेंगे। भगवान के दर्शन और भी भव्य और दिव्य होंगे। पूरा क्षेत्र कान्हा की लीला से जुड़ा है। क्षेत्र अलग-अलग राज्य से आते हैं। केंद्र सबको जोड़कर विकास करेगा। जहां महाभारत होती है, वहां कृष्ण का आशीर्वाद होता है। हम इसी आशीर्वाद से विकास करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को मथुरा में ब्रज रज उत्सव और मीराबाई के 525 वें जन्मोत्सव समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि संतों ने कहा है कि वृंदावन सा वन नहीं, नंदगांव जैसा गांव नहीं और वंशी वट जैसा कहीं वट नहीं। मथुरा और ब्रज विकास की दौड़ में पीछे नहीं रहेंगे। यहां भगवान के दर्शन और भी दिव्यता से होंगे। खुशी है कि यहां ब्रज तीर्थ विकास की स्थापना की गई है।

उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मुझे आज ब्रज के दर्शन का अवसर मिला है, ब्रजवासियों के दर्शन का अवसर मिला है। क्योंकि यहां वही आता है, जिसे श्रीकृष्ण और श्रीजी बुलाते हैं। ये कोई साधारण धरती नहीं है। ये ब्रज तो हमारे ‘श्यामा-श्याम जू’ का अपना धाम है। ब्रज ‘लाल जी’ और ‘लाडली जी’ के प्रेम का साक्षात अवतार है। ये ब्रज ही है, जिसकी रज भी पूरे संसार में पूजनीय है।

पीएम ने कहा कि मीराबाई महान सामाज सुधारक भी थीं। मीराबाई जैसी संत ने दिखाया कि नारी का आत्मबल पूरे संसार को दिशा दिखाने का कार्य करता है। मीरा बाई मध्यकाल की महान महिला ही नहीं थी बल्कि महान समाज सुधारक भी थी। हमारा भारत हमेशा से नारी शक्ति को बढ़ावा देने वाला देश रहा है। यहां कान्हा की नगरी में भी लाडली सरकार की ही चलती है। कृष्ण के पहले भी राधा लगता है, तभी उनका नाम पूरा होता है।

पीएम मोदी ने कहा कि मेरे लिए इस समारोह में आना एक और वजह से भी विशेष है। भगवान श्रीकृष्ण से लेकर मीराबाई तक का गुजरात से एक अलग ही रिश्ता रहा है। यहां मथुरा के कान्हा गुजरात जाकर ही द्वारकाधीश बने थे। राजस्थान से आकर मथुरा में आने वाली मीराबाई ने भी अपना अंतिम जीवन गुजरात में ही बिताया था। ब्रज की रज-रज में राधा रानी रमी हुई हैं। कण-कण में श्रीकृष्ण समाए हुए हैं।

इससे पहले पीएम मोदी ने राधे-राधे और जय श्रीकृष्ण कहकर अपने संबोधन की शुरुआत की। इसके बाद लोगों से विलंब से आने के लिए क्षमा मांगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान के चुनावी मैदान में था। वहां से भक्ति के माहौल में आया हूं।

 

 

और भी

मुठभेड़ में मारा गया ढांगरी हमले का मास्टरमाइंड आतंकी कॉरी

 राजोरी: जम्मू संभाग के जिला राजोरी के बाजीमाल में गुरुवार दूसरे दिन भी मुठभेड़ हुई। इस ऑपरेशन में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यहां दो आतंकियों को मार गिराया गया है। उनके पास से हथियार और गोला बारूद भी बरामद किया गया है। अभी तलाशी अभियान जारी है।


पीआरओ डिफेंस ने बताया कि  गोलीबारी के दौरान पाकिस्तानी आतंकवादी कॉरी मारा गया है। उसे पाक और अफगान मोर्चे पर प्रशिक्षित किया गया है। कॉरी लश्कर-ए-तैयबा का उच्च रैंक आतंकवादी कमांडर था। वह पिछले एक साल से अपने ग्रुप के साथ राजोरी और पुंछ में सक्रिय था। उसे ढांगरी और कंडी हमलों का मास्टरमाइंड भी माना जाता है। इन आतंकियों को इन क्षेत्रों में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने के लिए भेजा गया था। वह आईईडी लगाने, गुफाओं से छिपकर हमला करने और प्रशिक्षित स्नाइपर था। इस साल एक जनवरी को राजोरी के ढांगरी में दोहरे आतंकी हमले को अंजाम दिया गया था, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी। इमसें पांच लोग गोलीबारी में और दो लोग आईईडी ब्लास्ट में मारे गए थे।

 


जिला राजोरी के धर्मसाल के बाजीमाल इलाके में सेना व जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ गुरुवार सुबह एक बार फिर शुरू हुई। बुधवार सुबह 10 बजे शुरु हुई मुठभेड़ रात सात बजे तक जारी रही। अंधेरा होने के कारण नौ घंटे बाद गोलीबारी बंद कर दी गई लेकिन सुरक्षाबलों ने दोनों दहशतगर्दों को घेरा डाले रखा।

 



शहीद अधिकारियों की पहचान कर्नाटक के कैप्टन एमवी प्रांजल, 63 आरआर/ सिग्नल, आगरा के कैप्टन शुभम, 9-पैरा और जम्मू के पुंछ के हवलदार माजिद, 9-पैरा के रूप में हुई है। एक बलिदानी की पहचान अभी नहीं बताई गई है। 9 पैरा के मेजर मेहरा के हाथ और छाती में चोट आई है। उन्हें उधमपुर के कमांड अस्पताल में एयरलिफ्ट कर पहुंचाया गया है। यहां उनकी हालत स्थिर है। एक घायल जवान का इलाज राजोरी में 50 जनरल अस्पताल में चल रहा है।

 



जानकारी के अनुसार, रविवार देर शाम इलाके में दो आतंकियों के मौजूद होने की सूचना के बाद से सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के जवान चार दिन से तलाशी अभियान चला रहे थे। रविवार शाम को सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि ब्रेवी क्षेत्र में किसी घर में दो बंदूकधारी संदिग्ध लोग घुसे हैं और खाना खाने बाद फरार हो गए। इसके बाद बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था। ऑपरेशन में खोजी कुत्तों के अलावा ड्रोन से भी तलाशी ली जा रही थी।

सीआरपीएफ ने अपने कोबरा कमांडो भी आतंकियों की तलाश में उतारे थे। बुधवार सुबह सुरक्षाबलों ने क्षेत्र में घुसे आतंकियों को ढूंढ निकाला और इसके बाद दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हो गई जो रात 7 बजे जाकर थमी। सैन्य सूत्रों ने बताया कि घिरे हुए दोनों आतंकवादियों को ढेर करने के लिए अतिरिक्त सैन्य बल बुलाए गए हैं। घेरे को और मजबूत बनाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि अतिरिक्त सैनिकों को शामिल करके ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। दोनों आतंकवादी विदेशी नागरिक प्रतीत होते हैं और रविवार से इलाके में घूम रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने एक पूजा स्थल में शरण ले रखी थी।

 

 

 
और भी

ऑपरेशन सिलक्यारा : जल्द बाहर आएंगे श्रमिक, 10-12 मीटर ड्रिलिंग शेष

उत्तरकाशी: दिवाली के दिन उत्तरकाशी की निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे में फंसे  41 श्रमिक जल्द बाहर आ सकते हैं। रेस्क्यू का आज 12वां दिन है। सुरंग में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए अभी 10 से 12 मीटर ड्रिलिंग शेष है। जिसके लिए छह-छह मीटर के दो पाइप डाले जाने हैं। हालांकि अभी ऑगर मशीन बंद की गई है। जिसके जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

ऑपरेशन सिलक्यारा पूरे जोर शोर के साथ आगे बढ़ रहा है। हालांकि अधिकारी अब फूंक-फूंक कर कदम उठा रहे हैं। ड्रिलिंग के दौरान कई बार मशीन में कंपन तेज होने लगी, जिसके चलते मशीन को रोका गया, फिर चेक किया गया। ऐसे में कई खतरे की घंटी महसूस होने लगी। अभी तक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार अगर कोई बड़ी बाधा सामने नहीं आती है तो आज रात तक ऑपरेशन सिलक्यारा को सफलतापूर्वक अंजाम दे दिया जाएगा।



सुरंग में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन में केंद्र व राज्य सरकार की 19 एजेंसियां जुटी हैं। जिनके बीच समन्वय के लिए केंद्र व राज्य के कई बड़े अधिकारी भी सिलक्यारा में डेरा डाले हुए हैं।



मुख्यमंत्री धामी ने सुरंग में फंसे मजदूरों से की बात
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुरंग में फंसे मजदूरों से बात की। उन्होंने अंदर फंसे श्रमिक गबर सिंह से फोन पर बात कर उनका हौसला बढ़ाया। बताया कि उन्हें पूरी तरह सुरक्षित बाहर लाने के लिए यहां पूरी टीम कोशिश कर रही है। सीएम ने श्रमिकों के स्वास्थ्य का हाल पूछते हुए कहा कि बस अब कुछ देर और अपना हौसला बनए रखें। किसी भी तरह की चिंता न करें।



सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों में उत्तराखंड राज्य के भी दो श्रमिक शामिल हैं। पौड़ी और पिथौरागढ़ राज्यों के यह दिवाली का त्यौहार भले न मना सके हों, लेकिन ईगास पर्व जरूर मनाएंगे। दरअसल, उत्तराखंड राज्य में दिवाली के ठीक 11 दिन बाद ईगास पर्व या बूढ़ी दिवाली मनाई जाती है। पिछले दस दिनों से सुरंग में कैद मजदूरों के लिए शुभ समाचार 11वें दिन बुधवार शाम को आया। मजदूरों को निकालने के लिए ऑगर मशीन से डाला जा रहा पाइप उनके बेहद करीब पहुंच गया है। जिससे सभी को बाहर निकाला जाएगा।



पीएम मोदी ने सीएम धामी से फिर लिया रेस्क्यू ऑपरेशन का अपडेट
सीएम धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने आज फोन कर सिलक्यारा, उत्तरकाशी में निर्माणाधीन टनल में फंसे श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालने के लिए चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली। उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों एवं प्रदेश प्रशासन के समन्वय से युद्ध स्तर पर संचालित राहत एवं बचाव कार्यों में हो रही प्रगति से पीएम मोदी को अवगत कराया। बताया कि प्रधानमंत्री को मौक़े पर श्रमिकों के उपचार व देखभाल के लिए चिकित्सकों की टीम, एम्बुलेंस, हेली सेवा एवं अस्थायी हॉस्पिटल की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने एवं किसी भी इमरजेंसी की स्थिति में एम्स ऋषिकेश में चिकित्सकों को तैयार रहने के निर्देश दिए जाने की जानकारी भी दी।

और भी