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राहुल गांधी ने वायनाड में आदिवासियों को बताया देश का मूल मालिक

 कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का केरल के वायनाड दौरे का रविवार को दूसरा दिन है। अपने दौरे के दूसरे दिन राहुल गांधी ने आदिवासियों को संबोधित करते हुए कहा है कि देश के मूल मालिक आदिवासी हैं।  बता दें कि लोकसभा की सदस्यता बहाल होने के बाद राहुल गांधी पहली बार शनिवार को वायनाड पहुंचे।  जहां अपने दौरे के पहले दिन उन्होंने आदिवासी समुदाय टोडा के लोगों से मुलाकात की।  इसके साथ ही राहुल गांधी ने उनके देवता के दर्शन किए।  साथ ही आदिवासियों के पारंपरिक नृत्य और खाने का भी आनंद लिया। 

इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि आदिवासियों को प्रतिबंधित और वर्गीकृत नहीं किया जाना चाहिए।  उन्होंने कहा कि, आदिवासियों को जंगलों में रहने तक ही प्रतिंबंधित नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि पूरा ग्रह उनके लिए खुला होना चाहिए।  राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि, एक तरफ हम आदिवासी कहते हैं और दूसरी तरफ वनवासी कहते हैं, लेकिन वनवासी शब्द के पीछे बहुत अजीब सा तर्क है, जो इस बात से इनकार करता है कि आदिवासी भारत के मूल मालिक हैं और उन्हें जंगलों में रहने के लिए प्रतिबंधित करता है। 

राहुल गांधी ने आदिवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि, वनवासी शब्द के अर्थ के मुताबिक, यह इस बात से इनकार करता है कि आप भारत के मूल मालिक हो और आपको जंगलों में रहने के लिए प्रतिबंधित करता है। उन्होंने कहा कि यह शब्द कहता है कि आप जंगलों से जुड़े हैं और आप जंगल कभी नहीं छोड़ सकते। यह हमारे लिए बिल्कुल स्वीकार करने लायक नहीं है। हम इस शब्द को स्वीकर नहीं करते। 

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घुसपैठ की कोशिश कर रहे अधिकतर आतंकवादियों को मार गिराया गया: सिंह

 जम्मू-कश्मीर के महानिदेशक दिलबाग सिंह ने रविवार को कहा कि सीमा पार से घुसपैठ की अधिकांश कोशिशें नाकाम कर दी गईं और इस पार आने की कोशिश कर रहे अधिकत्तर आतंकवादियों को मार गिराया गया। डीजीपी ने यहां एक ‘तिरंगा रैली’ के मौके पर संवाददाताओं से कहा, इस साल सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशों के दौरान सीमा पर सभी बड़ी मुठभेड़ें हुईं। हमने घुसपैठ की सभी कोशिशों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया है और जो आतंकवादी इस तरफ घुसने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें मार गिराया गया।

उन्होंने कहा कि अब तक सीमा पार से घुसपैठ की सभी बड़ी कोशिशों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया गया है। श्री सिंह ने कहा,मौजूद आतंकवादियों की संख्या गिनने की कोई ज़रूरत नहीं है, लेकिन हमें लगातार सतर्क रहना चाहिए क्योंकि पाकिस्तान अभी भी सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को लुभाने के लिए सभी प्रयास कर रहा है। डीजीपी ने कहा, मुझे खुशी है कि लोगों को यह एहसास हो गया है कि उग्रवाद ही विनाश का रास्ता है।

उन्होंने लोगों को बधाई देते हुए कहा, अभी भी कुछ गुमराह लोग हैं जिन्हें शांति से अपना जीवन जीने के लिए मुख्यधारा में शामिल होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लोगों और परिवार के सदस्यों को भी अपने बच्चों पर नजर रखने और उनकी देखभाल करने के लिए सतर्क रहने की जरूरत है ताकि वे पाकिस्तान के नापाक मंसूबों का शिकार न बनें।

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प्रकाशन उद्योग को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है सरकार : स्मृति

 केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को कहा कि सरकार प्रकाशन उद्योग को नीतिगत पहल के जरिए समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है जिससे किताबों की बढ़ती मांग को पूरा करने में वे और अधिक सक्षम हो सकें। श्रीमती ईरानी ने फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर (एफआईपी) की ओर से आयोजित दो दिवसीय 'इंडियन पब्लिशर्स कॉन्फ्रेंस 2023' का उद्घाटन किया।

यह आयोजन भारतीय प्रकाशन उद्योग में उत्कृष्टता और प्रगति के 50 वर्षों का जश्न मनाते हुए फेडरेशन की स्वर्ण जयंती का प्रतीक है। सम्मेलन की थीम ‘वर्ष 2047 में भारत: राष्ट्र निर्माण में प्रकाशन की भूमिका’ पर आधारित है। सम्मेलन का उद्देश्य देश के भविष्य को तैयार करने में प्रकाशन की महत्वपूर्ण भूमिका का पता लगाने के लिए उद्योग जगत के नेताओं, नवप्रवर्तक और हितधारकों को एक मंच पर साथ लाना है।

इस मौके पर श्रीमती ईरानी ने पाठकों और प्रकाशकों के बीच सहयोग की भावना को अपरिहार्य बताते हुए युवा पीढ़ी को डिजिटल माध्यम से भी पढ़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ हालिया शोध से पता चला है कि कम उम्र के बच्चे लैपटॉप, मोबाइल, जैसे उपकरणों को जल्दी शुरू कर देते हैं, जिससे उनके विचार नकारात्मकता की ओर जाने की संभावना होती है।

उन्हाेंने किताबों के अध्ययन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि सभी वर्ग के लोगों को प्रिंट की हुईं किताबें भी पढ़नी चाहिए। उन्होंने स्थानीय भाषाओं में पुस्तकों को डिजिटल बनाने और युवा पीढ़ी के बीच पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने पर बल दिया।

 

 

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सोने के दाम में गिरावट, चांदी में तेजी

 सोने के वायदा भाव शुक्रवार को गिरावट के साथ खुले, जबकि चांदी के वायदा भाव की शुरुआत तेजी के साथ हुई। लेकिन बाद में इसकी कीमतों में भी गिरावट देखी जाने लगी। चांदी के वायदा भाव 70 हजार रुपये और सोने के भाव 59 हजार रुपये से नीचे कारोबार कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने—चांदी की कीमतों में सुस्ती देखी जा रही है।

चांदी के वायदा भाव तेजी से खुलने के बाद गिरे
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी का बेंचमार्क सितंबर कॉन्ट्रैक्ट आज 69 रुपये की तेजी के साथ 70,050 रुपये के भाव पर खुला। लेकिन इस तेजी के बाद भाव गिरने लगे और खबर लिखे जाने के समय यह कॉन्ट्रैक्ट 124 रुपये की गिरावट के साथ 69,857 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। इस समय इसने 70,050 रुपये के भाव पर दिन का उच्च और 69,851 रुपये प्रति किलो के भाव पर दिन का निचला स्तर छू लिया। मई महीने में चांदी के वायदा भाव 78 हजार रुपये किलो को पार कर सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गए थे।

सोने के वायदा भाव सुस्त
एमसीएक्स पर सोने का बेंचमार्क अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट 53 रुपये गिरावट के साथ 58,800 रुपये के भाव पर खुला। खबर लिखे जाने के समय यह कॉन्ट्रैक्ट 72 रुपये की गिरावट के साथ 58,781 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा था। इस समय इसने 58,828 रुपये के भाव पर दिन का उच्च स्तर और 58,771 रुपये के भाव पर निचला स्तर छू लिया। मई महीने में सोने के वायदा भाव ने 61,845 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर सर्वोच्च स्तर छू लिया था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सुस्ती
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव गिरावट के साथ खुले। Comex पर सोना 1944.90 डॉलर प्रति औंस के भाव पर खुला। पिछले क्लोजिंग प्राइस 1948.90 डॉलर था। खबर लिखे जाने के समय यह 3.40 डॉलर की गिरावट के साथ 1945.50 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रहा था। चांदी के भाव की शुरुआत भी सुस्त हुई। Comex पर चांदी के वायदा भाव 22.76 डॉलर के भाव पर खुले, जबकि पिछला क्लोजिंग प्राइस भी 22.86 डॉलर था। खबर लिखे जाने के समय यह 0.09 डॉलर की गिरावट के साथ 22.72 डॉलर प्रति औंस के भाव पर कारोबार कर रही थी।

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बेटियों ने किया पिता का अंतिम संस्कार

 जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहां के सालडबरी गांव में दो बेटियों ने मजबूरी में अपने पिता की अर्थी को कंधा देकर मुक्तिधाम पहुंचाया और इकलौते भाई के साथ मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार भी किया।

हैरानी की बात यह है कि पूरा गांव और रिश्तेदार भी तमाशबीन बनकर मंजर को देखते रहें पर किसी ने साथ नहीं दिया। मजबूरी ऐसी की पूरे भरे बसे गांव में इनके लिए दाना पानी भी नहीं है। यह किसी हिन्दी फिल्म की कहानी नहीं बल्कि हकीकत है। ये कहानी उस गरीब परिवार की जो पिछले 1 साल से ग्राम बहिष्कार का दंश झेल रहा है।

‘राम नाम सत्य है’ बोलने वाली ये दोनों विवाहित महिलाएं सगी बहने हैं और मायके आकर पिता की अर्थी उठाकर मुक्तिधाम जा रही है। इन दोनों बहनों ने अपने भाई के साथ अपने पिता का अंतिम संस्कार भी किया।

 यह पूरा मामला महासमुंद जिले में बागबाहरा ब्लाक के ग्राम सालडबरी का है. पिछले साल अक्टूबर माह मे एक धार्मिक आयोजन के दौरान ग्राम के पटेल 75 वर्षीय हिरण साहू और उनके परिजनों का गांव मे दबंगों से विवाद हो गया. जिसके चलते उन्हे तत्काल जुर्माना नहीं भरने पर ग्राम बहिष्कार की सजा दे दी गई. गांव से बहिष्कृत होने के बाद उनका जीवन नरक बन गया. ये दुखद घटना की जानकारी मृतक के बेटे तामेश्वर साहू ने दी।

बहिष्कृत मृतक की पत्नी बीना साहू की पीड़ा बहुत गहरी है. लगभग 3 एकड़ की खेती में गरीबी से परिवार चलाने वाली इस बहिष्कृत महिला का कहना है कि जब पति के मृत्यु के बाद कोई भी वाला नहीं आया तब दूसरे गांवों से बेटियों को बुलाकर अर्थी को मुक्तिधाम पहुंचाया गया।

सालडबरी गांव के ग्रामीण इस मामले में मीडिया के सामने बोलने को तैयार नहीं हुए. लेकिन काफी प्रयास के बाद बहिष्कृत परिवार के पड़ोसी और रिश्तेदार का कहना है कि ग्राम वासियों ने बहिष्कार नहीं किया है।

इस पूरे मामले पर पुलिस का कहना है कि पीड़ित परिवार से थाने मे पूरी जानकारी ली गई है. इसमें आगे की कार्रवाई की जा रही है।

 ग्राम पंचायत खड़ादरहा के आश्रित गांव सालडबरी की आबादी लगभग 800 है। साहू एवं आदिवासी बहुल ग्राम सालडबरी में इस पीड़ित परिवार के अलावा एक अन्य साहू परिवार और 8 आदिवासी परिवार का भी ग्राम बहिष्कार किया गया है. यह मार्मिक मामला गांव में चलने वाले मौखिक तुगलगी फरमान का जीवंत प्रमाण है।

 

 

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राहुल गांधी सितंबर में 4 यूरोपीय देशों का दौरा करेंगे

 कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी इस साल सितंबर के दूसरे सप्ताह में फ्रांस सहित चार यूरोपीय देशों का दौरा करेंगे।कांग्रेस के एक सूत्र ने  बताया कि राहुल गांधी फ्रांस, बेल्जियम और नॉर्वे का दौरा करेंगे। सूत्र ने कहा कि कांग्रेस नेता यूरोपीय संघ के सदस्यों के साथ भी बातचीत करेंगे।राहुल गांधी अपनी यात्रा के दौरान छात्रों और प्रवासी भारतीयों से भी मुलाकात करेंगे। इस साल की शुरुआत में राहुल गांधी ने अमेरिका और ब्रिटेन का दौरा किया था। राहुल गांधी ने छात्रों, प्रवासी भारतीयों और कुछ प्रमुख विश्वविद्यालय के सदस्यों से भी बातचीत की थी।

 

 

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ख़त्म होगा देशद्रोह कानून : अमित शाह

 अंग्रेजों के कानून बदलने के लिए शाह ने पेश किए 3 बिल

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को देश की कानून व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने के लिए 3 कानून लोकसभा में पेश किए। शाह ने इसी के साथ एलान किया कि अब देशद्रोह कानून खत्म हो जाएगा। गृह मंत्री ने कहा कि पहले के कानून ब्रिटिश प्रशासन की रक्षा करने के लिए थे लेकिन नए तीन कानून भारतीय नागरिक के अधिकारों की रक्षा के लिए हैं।

आज संसद में 3 विधेयक पेश किए। ये बिल देश की कानून व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने वाले हैं। शाह ने बिल पर बोलते हुए कहा कि अब देश में अंग्रेजों द्वारा लाए गए कानून नहीं चलेंगे और भारतीय आपराधिक कानूनों में बदलाव होगा।

शाह ने लोकसभा में भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को बदलने के लिए तीन विधेयक पेश किए। ये कानून ब्रिटिश काल के कानून थे। इन तीनों कानूनों को आगे की जांच के लिए संसदीय पैनल के पास भेजा जाएगा।

ये हैं तीन कानून
भारतीय न्याय संहिता 2023
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023
भारतीय साक्ष्य विधेयक 2023   

शाह ने कहा- 'इस विधेयक के तहत हमने लक्ष्य रखा है कि सजा का अनुपात 90 फीसद से ऊपर ले जाना है। इसीलिए, हम एक महत्वपूर्ण प्रावधान लाए हैं कि जिन धाराओं में 7 साल या उससे अधिक जेल की सजा का प्रावधान है, उन सभी मामलों में फॉरेंसिक टीम का अपराध स्थल पर जाना अनिवार्य कर दिया जाएगा।'

न्याय दिलाने पर फोकस : शाह
गृह मंत्री ने कहा कि पहले के कानून ब्रिटिश प्रशासन की रक्षा करने की भावना से लाए गए थे, लेकिन नए तीन कानून भारतीय नागरिक के अधिकारों की रक्षा के लिए हैं। शाह ने कहा कि अब लक्ष्य सजा देना नहीं, न्याय दिलाना होगा। अपराध रोकने की भावना पैदा करने के लिए सजा दी जाएगी।

ये होंगे बदलाव
नई CrPC में 356 धाराएं होंगी, जबकि पहले 511 धाराएं थीं।
किसी भी अपराध में सबूत जुटाते समय लाइव वीडियोग्राफी करना जरूरी होगा।
90 दिन में चार्जशीट दाखिल करना अनिवार्य होगा।

भगोड़ों को सजा देने के लिए भी प्रावधान
शाह ने कहा कि अब कोई भगोड़ा भी देश के कानून से नहीं बच सकता है। उन्होंने कहा कि नए कानून में अब प्रावधान किया गया है कि सत्र न्यायालय किसी भी व्यक्ति की अनुपस्थिति में भी केस चला सकती है और जिसे बचना होगा वो भारत लौटकर केस लड़ेगा।

देशद्रोह कानून होगा खत्म
शाह ने इसी के साथ एलान किया कि देश में राजद्रोह (देशद्रोह) कानून को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बिल में इसका प्रावधान किया गया है।

 

 

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इंडिया नेताओं ने मणिपुर में शांति बहाली के लिए लड़ाई जारी रखने का लिया संकल्प

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को मणिपुर की स्थिति पर चर्चा के लिए इंडिया गठबंधन के नेताओं के साथ बैठक की और कहा कि पूर्वोत्तर राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की लड़ाई सड़क से संसद तक जारी रहेगी। इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इनक्लूसिव एलायंस यानि इंडिया के सदस्य नेताओं ने खड़गे के कक्ष में मुलाकात की।

कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से कहा, कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने इंडिया के नेताओं के साथ बैठक की। मणिपुर में शांति लाने के लिए जो आवश्यक होगा, हम वह करेंगे। यह लड़ाई सड़क से संसद तक जारी रहेगी। इंडिया के नेता राज्यसभा में मणिपुर पर चर्चा और उच्च सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक विस्तृत बयान की मांग कर रहे हैं।

मोदी ने गुरुवार को लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान अपनी बात रखी थी। पीएम मोदी ने अपने दो घंटे से अधिक लंबे भाषण में आश्वासन दिया कि मणिपुर में शांति बहाल होगी और वह विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा था कि मणिपुर में भाजपा शासित राज्य सरकार पिछले छह वर्षों से वहां स्थिति को हल करने की कोशिश कर रही है और भविष्य में भी प्रयास जारी रहेंगे। पूरा देश और सदन मणिपुर के साथ है। हम मिलकर वहां शांति सुनिश्चित करेंगे, मोदी ने कहा था।

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वर्ष 2047 तक नशा मुक्त होगा भारत : कौशल किशोर

 नई दिल्ली: केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत नशा मुक्त हो जाएगा ।  केंद्रीय मंत्री ने यह बात दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में ‘हिंदुस्तानियों नशा छोड़ो’ संकल्प समारोह के दौरान कही । इस कार्यक्रम में देश के कई राज्यों से सभी धर्म और समाज के हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए ।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालयों के कुलपति, आईआईटी, एनआईआईटी के डायरेक्टर्स मौजूद रहे, साथ ही चिकित्सकों, अधिवक्ताओं और विभिन्न संस्थानों के छात्र मौजूद रहे, जिन्हें नशामुक्ति सेनानी की जिम्मादारी दी गई और सभी को हर महीने कम से कम एक व्यक्ति को अपने साथ जोड़कर उसे नशामुक्त करने की पहल करनी है ।

अपने संबोधन के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर 2047 तक देश को पूरी तरह से नशामुक्त और आत्मनिर्भर बनाने की उम्मीद है, इसी के चलते इस आंदोलन की शुरुआत की गई है ।  मंत्री ने बताया कि इस आंदोलन को शुरू करने के पीछे उनके निजी जीवन से जुड़े कई तथ्य हैं, जिसे उन्होंने वहां मौजूद लोगों के साथ साझा किया । 

उन्होंने कहा, ”मैं अपने बेटे को नहीं बचा पाया ,जबकि मैं सांसद हूं और मेरी पत्नी विधायक हैं । हमने उसकी लाश को एक दिन घर में रखा । उसको जलाते समय संकल्प लिया कि यह बात पूरे देश में बताऊंगा और नशे के विरोध में अभियान चलाऊंगा । मैं चाहता हूं कि लड़कियां यह संकल्प लें कि किसी भी तरह का नशा करने वाले लड़के से शादी नहीं करेंगी । ‘

मंत्री ने छात्रों को नशे से दूर रहने की सलाह देते हुए कहा, जब भी आप नए साल का जश्न मनाएं तो अपने दोस्तों को घर बुलाएं, चाय पिलाएं, कॉफी पिलाएं, अच्छा भोजन परोसें, लेकिन शराब, सिगरेट वाली पार्टी में बिल्कुल न जाएं । उन्होंने कहा कि अभिभावकों से मेरी गुजारिश है कि अपने बच्चों को नशे से बचाएं ।

श्री कौशल ने स्कूली छात्रों को नशे से दूर रहने के लिए संकल्प लेने की सलाह देते हुए प्रण दिलवाया ।  सैकड़ों छात्रों ने तालकटोरा स्टेडियम में शपथ ली कि वे नशे जैसी बुरी आदत से सदा दूर रहेंगे ।
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विधानसभा चुनाव जिताना सांसदों की भी जिम्मेदारी : पीएम मोदी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए सांसदों के साथ अपने संवाद की मुहिम के तहत बुधवार को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ से जुड़े लोकसभा और राज्यसभा के 46 एनडीए सांसदों के साथ आखिरी बैठक कर 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव और दोनों राज्यों में इस वर्ष के अंत तक होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा की।

सूत्रों के मुताबिक, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़- दोनों राज्यों में इस वर्ष के अंत तक होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने दो टूक कहा कि विधानसभा चुनाव जिताना सांसदों की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने दोनों राज्यों के सांसदों को विधानसभा चुनाव में जुटने की नसीहत देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में सांसदों की भी जवाबदेही तय होगी। कोई भी सासंद यह सोचकर निश्चिन्त न बैठ जाएं कि यह विधानसभा चुनाव है और इससे उनका क्या लेना-देना है?

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अपने-अपने संसदीय क्षेत्र में आने वाली विधानसभाओं में पार्टी को जीत दिलाने के लिए सभी सांसदों को जुट जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा चुनाव के नतीजों का असर लोकसभा टिकट पर भी पड़ेगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों को सरकार की गरीब कल्याण योजनाओं का अपने-अपने संसदीय क्षेत्र में घर-घर जाकर प्रचार-प्रसार करने की हिदायत देते हुए जनता के बीच जाकर विपक्षी गठबंधन को बेनकाब करने को भी कहा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने विपक्षी गठबंधन के लिए एक बार फिर घमंडिया गठबंधन शब्द का प्रयोग करते हुए सांसदों को जनता के बीच जाकर यह बताने को कहा कि किस तरह से यह घमंडिया गठबंधन देश की संसद को नहीं चलने दे रहा है और इसकी वजह से देश का कितना पैसा बर्बाद हो रहा है।

उन्होंने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के साथ-साथ आगामी लोकसभा चुनाव में भी जीतने का दावा किया। बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत मोदी सरकार के कई अन्य मंत्री और दोनों राज्यों से जुड़े एनडीए सांसद मौजूद रहे। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में मिलेट्स से बने व्यंजनों और ग्वालियर के मशहूर लड्डू की व्यवस्था की गई थी।

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राहुल गांधी 12 अगस्त को करेंगे वायनाड का दौरा

 नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी लोकसभा सचिवालय द्वारा उनकी सदस्यता बहाल किए जाने के बाद पहली बार 12 और 13 अगस्त को अपने संसदीय क्षेत्र केरल के वायनाड के दो दिवसीय दौरे पर होंगे।

कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने एक ट्वीट में कहा, “12-13 अगस्त को राहुल गांधीजी अपने निर्वाचन क्षेत्र वायनाड में होंगे। वायनाड के लोग इस बात से खुश हैं कि लोकतंत्र की जीत हुई है, उनकी आवाज संसद में लौट आई है। राहुल जी सिर्फ एक सांसद नहीं, बल्कि उनके परिवार के सदस्य हैं।

उनकी टिप्पणी लोकसभा सचिवालय द्वारा पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष की सदस्यता बहाल किए जाने के एक दिन बाद आई है, सुप्रीम कोर्ट द्वारा मोदी उपनाम टिप्पणी मानहानि मामले में उनकी सजा पर रोक लगाने के तीन दिन बाद।

सांसद के रूप में अयोग्य ठहराए जाने के बाद उन्होंने पहली बार 11 अप्रैल को अपनी बहन और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा के साथ अपने संसदीय क्षेत्र का दौरा किया था। कांग्रेस नेता ने तब एक रोड शो में भाग लिया था, जिसमें उनके निर्वाचन क्षेत्र के हजारों लोग शामिल हुए थे।

सोमवार को जब राहुल गांधी अपनी संसदीय सदस्यता बहाल होने के बाद संसद में दाखिल हुए तो कई विपक्षी सांसदों ने उनका भव्य स्वागत किया। गांधी ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने प्रार्थना की और संसद भवन में प्रवेश किया, जहां उन्होंने द्रमुक के कार्यालय में तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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यूपी में हर हाल में अधिकारियों को उठाना होगा जनप्रतिनिधियों का फोन

 लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अब जनप्रतिनिधियों (संसद सदस्यों और विधानमंडल सदस्यों) के कॉल न उठाने वाले अधिकारियों को भारी पड़ सकता है। इसके लिए सरकार ने कड़ा संदेश देते हुए उन्हें संसद एवं विधानमंडल सदस्यों के प्रति शिष्टाचार और अनुमन्य प्रोटोकॉल के अनुपालन का आदेश दिया है।

शासन की ओर से जारी आदेश में सभी विभागों के अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के कॉल उठाने या किसी विशेष परिस्थिति में कॉल न उठा पाने पर मैसेज के साथ बाद में उन्हें कॉल बैक करने की हिदायत दी है। ऐसा न करने वाले अधिकारियों पर सुसंगत प्राविधानों के अंतर्गत प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। शासन की ओर से अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के मोबाइल नंबर अपने फोन में सेव करने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि सदन में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष एक सदस्य ने इस बात को उठाया था, जिस पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने आश्वासन दिया था कि इस पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। इसी क्रम में शासन की ओर से देर शाम सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव व सचिव को इस संबंध में समस्त अधीनस्थ अधिकारियों से आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है।

आदेश में कहा गया है कि जनप्रतिनिधियों के प्रति प्रोटोकॉल के अनुपालन में अनेक आदेशों के बावजूद इसका पालन नहीं किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों की ओर से मिल रही शिकायतों के संदर्भ में जारी आदेश में निर्देश दिया गया है कि समस्त विभागों के मंडलीय एवं जनपदीय अधिकारियों को आदेशित किया जाए कि उनके द्वारा अपने क्षेत्र के सांसद एवं विधानमंडल के सदस्यों के सीयूजी नंबर या उनके द्वारा नोट कराए गए अन्य मोबाइल नंबर को अनिवार्य रूप से अपने मोबाइल में सेव किया जाए तथा किसी महत्वपूर्ण बैठक या न्यायालय के समक्ष होने की स्थिति में उनकी कॉल आने पर रिसीव न कर पाने की स्थिति में जानकारी होने पर मैसेज के साथ ही उन्हें कॉलबैक किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

आदेश में ये भी कहा गया है कि इसका अनुपालन नहीं करने पर शासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें ये भी निर्देश दिया गया है कि जनप्रतिनिधियों के मोबाइल नंबर सेव किए जाने की सूचना प्रत्येक अधीनस्थ अधिकारी व कर्मचारी अपने प्रभारी अधिकारी को एवं प्रभारी अधिकारी जिलाधिकारी को देंगे। जिलाधिकारी अपने जनपद की संकलित सूचना मंडलायुक्त को एवं मंडलायुक्त अपनी सूचना शासन में संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव या सचिव को देंगे।

संबंधित विभाग के अपर मुख्य सचिव,प्रमुख सचिव व सचिव प्राप्त सूचना संकलित कर उसकी एक प्रति संसदीय शिष्टाचार व पत्राचार अनुभाग को उपलब्ध कराएंगे। इसके अलावा, जिलाधिकारी अपने जनपद में संबंधित जनप्रतिनिधि (संसद सदस्य व विधान मंडल सदस्य) के मोबाइल नंबर कार्यालय के सूचना पटल पर प्रदर्शित करेंगे।

 

 

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आर्टिकल 370 पर सुप्रीम कोर्ट में 8 को फिर सुनवाई

 नई  दिल्ली: जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के फैसले को चुनौती देने वाली 23 याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज फिर सुनवाई होगी। सुनवाई करने वाले पांच जजों की बैंच में में चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एस के कौल, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत शामिल हैं।

3 अगस्त को हुई सुनवाई में याचिकाकर्ताओं के वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी थी कि आर्टिकल 370 को छेड़ा नहीं जा सकता। इसके जवाब में जस्टिस खन्ना ने कहा कि इस आर्टिकल का सेक्शन (c) ऐसा नहीं कहता। इसके बाद सिब्बल ने कहा, 'मैं आपको दिखा सकता हूं कि आर्टिकल 370 स्थायी है।'

आर्टिकल 370 पर सुप्रीम कोर्ट में 3 साल बाद सुनवाई हो रही है। इससे पहले, 2020 में 5 जजों की संवैधानिक बेंच ने इस मामले की सुनवाई की थी। तब कोर्ट ने कहा था कि हम मामला बड़ी संवैधानिक बेंच को ट्रांसफर कर रहे हैं।

3 अगस्त को कोर्ट रूम में क्या हुआ?

सिब्बल- सब कुछ छोड़ दीजिए, आप (केंद्र सरकार) बिल पेश नहीं कर सकते।

सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़- अभी तक जम्मू-कश्मीर की सहमति की आवश्यकता है और अन्य राज्यों के लिए विधेयक पेश करने के लिए केवल विचारों की जरूरत है।

जस्टिस सूर्यकांत- संवैधानिक ऑर्डर्स को पास करने के लिए कौन सी प्रक्रिया होती है?

सिब्बल- सभी सहमति से पास हुए।

जस्टिस सूर्यकांत- लेकिन प्रक्रिया क्या थी? क्या ये संसद से पास हुए या राष्ट्रपति द्वारा?'

सिब्बल- यह राष्ट्रपति की अधिसूचना के माध्यम से हुआ। आपसी सहमति बनाने के बाद सलाह ली गई। इस तरह इसे लागू किया गया।

सिब्बल- इसके लिए लोगों की राय भी लेनी थी।

सिब्बल- जब सभी राज्य, संघ से आपस में जुड़े हुए हैं, उन्होंने (सरकार) ने सलाह लेने की जरूरत नहीं समझी।

सिब्बल- तो आप केंद्र और राज्य के बीच का संबंध पूरी तरह से खो देते हैं। आप (सरकार) कार्यपालिका के साथ-साथ विधायिका के रूप में राज्य की शक्तियों को अपने पास रखते हैं। और आप किसी अन्य संस्था के संदर्भ के बिना निर्णय लेते हैं।

सिब्बल- ...तो आप अपनी सहमति दे दीजिए। जिन लोगों ने खुद को यह संविधान दिया, उन्हें इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया। यह मूलतः संवैधानिक ढांचे को तोड़ने जैसा है।

सिब्बल- जम्मू और कश्मीर (J&K) के संविधान के प्रावधानों के अनुसार, विधायिका के पास अनुच्छेद 370 को निरस्त करने की सिफारिश करने की शक्ति नहीं थी।

सिब्बल- जम्मू-कश्मीर के संविधान के 1950 और 1954 के ऑर्डर के मुताबिक एक वादा किया गया था कि जम्मू-कश्मीर की सीमाओं को संशोधित करने का इरादा रखने वाला कोई भी कानून जम्मू-कश्मीर सरकार की सहमति के बिना पारित नहीं किया जा सकता।

जस्टिस बीआर गवई- जब तक पूरी जम्मू-कश्मीर की आबादी के विचार को ध्यान में नहीं रखा जाता, निरस्तीकरण नहीं किया जा सकता?

सिब्बल- मैं समझता हूं कि किसी न किसी स्तर पर ऐसा करना ही होगा, लेकिन फिर इसे ऐसा करने के लिए संवैधानिक तरीके का पालन करना होगा।

सीजेआई चंद्रचूड़- आप कह रहे हैं कि संविधान का एक प्रावधान है, जो संविधान की संशोधन शक्तियों से भी परे है। तो हम मूल ढांचे से अलग एक नई कैटेगरी बना रहे हैं और अनुच्छेद 370 उसी के तहत आता है?

सिब्बल- यह कोई नई कैटेगरी नहीं है। यह एक ऐसी कैटेगरी है, जो अस्तित्व में है।

जस्टिस कौल- क्या आप कह सकते हैं कि इसे (अनुच्छेद 370) बदलने की कोई व्यवस्था नहीं है, भले ही हर कोई इसे बदलना चाहता हो? आप कहना चाह रहे हैं कि पूरा कश्मीर चाहे तो भी इसे बदला नहीं जा सकता?

सिब्बल- अनुच्छेद 370 में संशोधन या बदलाव की कोई प्रक्रिया नहीं है।

2 अगस्त- कोर्ट रूम में ये हुआ

बुधवार (2 अगस्त) को सुनवाई के दौरान CJI ने याचिकाकर्ताओं के वकील कपिल सिब्बल से पूछा कि आर्टिकल 370 खुद ही अपने आप में अस्थायी और ट्रांजिशनल है। क्या संविधान सभा के अभाव में संसद 370 को निरस्त नहीं कर सकती?

इस पर जवाब देते हुए सिब्बल ने कहा था कि संविधान के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर से 370 को कभी हटाया नहीं जा सकता। उन्होंने कोर्ट में दलील दी कि आर्टिकल 370 के मुताबिक, संसद सिर्फ राज्य सरकार के परामर्श से जम्मू-कश्मीर के लिए कानून बना सकती है। 370 को निरस्त करने की शक्ति हमेशा जम्मू-कश्मीर विधायिका के पास है।

सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि पहले 370 अस्थायी था, लेकिन जब 1950 में संविधान सभा भंग हुई, तो ये अपने आप स्थायी आर्टिकल बन गया। अगर इसे हटाना है तो संविधान सभा की इजाजत लेनी होगी, लेकिन वो अब है ही नहीं, ऐसे में इसको हटाया नहीं जा सकता है।

IAS शाह फैसल और शेहला राशिद ने याचिका वापस ली

याचिकाकर्ताओं का नेतृत्व कर रहे सीनियर एडवोकेट राजू रामचंद्रन ने आखिरी सुनवाई के दौरान कहा था कि दो याचिकाकर्ता IAS शाह फैसल और शेहला राशिद शोरा ने याचिका वापस लेने के लिए अपील की है।

इस पर केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि अगर कोई याचिकाकर्ता अपना नाम वापस लेना चाहता है तो उन्हें कोई कठिनाई नहीं है। इसके बाद बेंच ने नाम वापसी की अनुमति दे दी।

4 साल से मामला सुप्रीम कोर्ट में

केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटा दिया था। अक्टूबर 2020 से संविधान पीठ ही इस मामले की सुनवाई कर रही है।

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लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा 8 को

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र का 8 अगस्त 14वां दिन है। मणिपुर हिंसा को लेकर केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर दोपहर 12 बजे से लोकसभा में चर्चा होगी।

विपक्ष की तरफ से राहुल गांधी चर्चा की शुरुआत करेंगे। राहुल की सोमवार को सांसदी बहाल कर दी गई थी। वहीं सरकार की ओर से सांसद निशिकांत दुबे सबसे पहले जवाब देंगे।

यह चर्चा तीन दिन चलेगी। चर्चा के आखिरी दिन 10 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना जवाब दे सकते हैं। PM मणिपुर हिंसा के साथ-साथ अन्य मुद्दों पर भी अपनी बात रख सकते हैं।

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने दिया था अविश्वास प्रस्ताव नोटिस

विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A की ओर से कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने 26 जुलाई को मोदी सरकार के खिलाफ इस प्रस्ताव का नोटिस दिया था, जिसे लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने स्वीकार कर लिया था। 2014 से ये दूसरी बार है जब मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है।

अविश्वास प्रस्ताव क्या होता है?

लोकसभा देश के लोगों की नुमाइंदगी करती है। यहां जनता के चुने हुए प्रतिनिधि बैठते हैं, इसलिए सरकार के पास इस सदन का विश्वास होना जरूरी है। इस सदन में बहुमत होने पर ही किसी सरकार को सत्ता में रहने का अधिकार है। इसे पास कराने के लिए लोकसभा में मौजूद और वोट करने वाले कुल सांसदों में से 50% से ज्यादा सांसदों के वोट की जरूरत होती है।

2019 के बाद PM ने लोकसभा में कुल 7 बार डिबेट में हिस्सा लिया

संसद के रिकॉर्ड के मुताबिक, 2019 के बाद PM मोदी ने लोकसभा के कार्यकाल के दौरान कुल 7 बार डिबेट में हिस्सा लिया है। इनमें से पांच मौकों पर उन्होंने राष्ट्रपति के भाषण के बाद जवाब दिया। जबकि एक बार उन्होंने श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बनाए जाने को लेकर और दूसरी बार लोकसभा स्पीकर के तौर पर ओम बिड़ला के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान अपनी बात रखी थी।करेंगे

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कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के लिए पर्यवेक्षकों की घोषणा की

 नवेश कुमार

वरिष्ठ पत्रकार

कांग्रेस पार्टी ने रविवार को तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की।  एआईसीसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तेलंगाना में मीनाक्षी नटराजन और छत्तीसगढ़ में सिरिवेला प्रसाद को चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

 मीनाक्षी नटराजन और प्रसाद की जिम्मेदारी बदल दी गई है ।  पिछले हफ्ते, नटराजन को छत्तीसगढ़ के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था जबकि प्रसाद को तेलंगाना के लिए नियुक्त किया गया था।

 सिरिवेला प्रसाद आंध्र प्रदेश के कांग्रेस नेता हैं।  इससे पहले सिरिवेला प्रसाद एआईसीसी के अनुसूचित जाति विभाग के संयोजक भी रह चुके हैं ।वह दलित मानवाधिकार के कार्यकर्ता भी रहे हैं।  सिरिवेला प्रसाद साल 2019 में आंध्र प्रदेश की ओंगोल लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ चुके हैं, हालांकि इसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

 इसके अलावा छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 के लिए स्क्रीनिंग कमेटी की भी घोषणा कर दी गई , जिन राज्यों में चुनाव होने हैं वहां स्क्रीनिंग कमेटियों की घोषणा कर दी गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन को छत्तीसगढ़ स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है।
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राहुल गांधी की सांसदी बहाल, लोकसभा सचिवालय ने जारी की अधिसूचना

 नई  दिल्ली: लोकसभा सचिवालय ने सोमवार को अधिसूचना जारी कर राहुल गांधी की सांसदी दोबारा से बहाल कर दी है। वायनाड से सांसद राहुल की लोकसभा सदस्यता मार्च 2023 में खत्म कर दी गई थी। उन्हें मोदी सरनेम मामले में दोषी ठहराया गया था, जिसके बाद दो साल की सजा होने की वजह से संसद से उनकी सदस्यता निलंबित कर दी गई। हालांकि, चार अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा पर रोक लगाने का फैसला दिया। 

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को 'मोदी सरनेम' टिप्पणी पर आपराधिक मानहानि मामले में सुप्रीम कोर्ट से फौरी राहत मिल गई है। कोर्ट ने शुक्रवार को एक अंतरिम आदेश में कांग्रेस नेता की सजा पर फिलहाल रोक लगा दी थी। इससे पहले गुजरात हाईकोर्ट ने 'मोदी उपनाम' टिप्पणी पर मानहानि मामले में उनकी सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। ऐसे में बड़ी बात यह भी यह भी है कि सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद राहुल लोकसभा सदस्यता बहाल हो सकती है।

तो क्या राहुल के 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ने का भी रास्ता भी साफ हो गया?

सुप्रीम कोर्ट की ओर से राहुल को मिली राहत फौरी है। कोर्ट ने मामले को खारिज नहीं किया गया, बल्कि सजा पर रोक लगाई है। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। अगर सुप्रीम कोर्ट भी राहुल को इस मामले में दो साल की सजा सुनाता है तो राहुल चुनाव लड़ने से अयोग्य हो जाएंगे। वहीं, कोर्ट से बरी होने या दो साल से कम सजा मिलने पर राहुल चुनाव लड़ सकेंगे। हालांकि, ये फैसला कब तक आएगा ये देखना होगा। ऐसा भी हो सकता है कि कोर्ट का फैसला 2024 के चुनाव के बाद आए। ऐसे में राहुल 2024 का चुनाव लड़ सकते हैं।

 

 

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी नेे 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यों का किया वर्चुअल शिलान्यास

 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश के 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यों का शिलान्यास वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया। इनमें छत्तीसगढ़ के 7 रेलवे स्टेशन रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, तिल्दा-नेवरा, अकलतरा, भिलाई पावर हाउस और महासमुंद शामिल हैं।इस समारोह में रायपुर से राज्यपाल श्री विश्व भूषण हरि चंदन  शामिल हुए।

 
गौरतलब है कि इस योजना में छत्तीसगढ़ के कुल 32 रेलवे स्टेशन को शामिल किया गया है। इन स्टेशनों के पुनर्विकास में 1660 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। 
राज्यपाल श्री हरि चंदन  ने रायपुर रेलवे स्टेशन के विकास के लिए तैयार मॉडल का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन में आयोजित की गई थी।  
 
राज्यपाल श्री हरिचंदन ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के शिलान्यास के इस समारोह में उपस्थित होकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। यात्री सुविधाओं का विकास देश के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी, जिसे अब पूरा कर दिया गया है। रेलवे देश की जीवन रेखा है। रेलवे के विकास का देश के विकास पर तत्काल और सीधा प्रभाव पड़ता है। आर्थिक विकास में उत्प्रेरक के रूप में रेलवे की भूमिका सार्वभौमिक रूप से मान्यता प्राप्त है।
 
उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय देश भर में रेल नेटवर्क के तेजी से विकास और रेलवे द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं में सुधार के लिए सभी प्रयास कर रहा है। देश भर में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 1307 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का वर्तमान प्रयास रेलवे के साथ बेहतर सुविधाओं और यात्री अनुभव की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
 
श्री हरिचंदन ने कहा कि मुझे यह जानकर खुशी हुई कि इस महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना में छत्तीसगढ़ के कुल 32 रेलवे स्टेशन शामिल हैं। इन 32 स्टेशनों के पुनर्विकास में 1660 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आज छत्तीसगढ़ में 7 स्टेशनों की आधारशिला रखा। जिनमें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, तिल्दा-नेवरा, अकलतरा, भिलाई पावर हाउस और महासमुंद शामिल हैं।
बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों कों प्रत्येक स्टेशनों के लिए 500 करोड़ रूपए की लागत से एक बड़ा उन्नयन मिलेगा। 
 
गौरतलब है कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित की जाने वाले इन स्टेशनों पर वाइड कॉनकोर्स, फुट ओवर ब्रिज, लिफ्ट, एस्केलेटर, वेटिंग रूम, वाणिज्यिक क्षेत्र और रिटेल काउंटर आदि जैसी आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। योजना में मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट की परिकल्पना की गई है। अन्य छोटे स्टेशनों पर भी यात्री सुविधाओं का उन्नयन किया जाएगा और उन्हें चौड़े एफओबी, अग्रभाग सुधार, प्रतीक्षा क्षेत्र, लिफ्ट, एस्केलेटर आदि जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
 
 
राज्यपाल श्री हरिचंदन ने कहा कि यह जानकर संतुष्टि होती है कि भारतीय रेलवे जनता के लिए मात्रा और गुणवत्ता दोनों के संदर्भ में सेवाओं के स्तर को बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। मैं पुनर्विकास योजना में हमारे राज्य के स्टेशनों का चयन करने के लिए छत्तीसगढ़ के लोगों की ओर से प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को धन्यवाद देता हूं। यह निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के साथ-साथ पारगमन उन्मुख सुविधाओं के माध्यम से विकास के नए रास्ते खोलने का काम करेगा।
 
रायपुर लोकसभा के सांसद श्री सुनील सोनी ने प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत् रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास देश सहित प्रदेशवासियों के लिए बड़ी सौगात है। रेलवे स्टेशनों का विकास एयरपोर्ट के तर्ज पर किए जाने की सोच प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट की तर्ज पर रायपुर रेलवे स्टेशन एक मॉडल स्टेशन के रूप बनकर तैयार होगा। जिस तरह बच्चे- बुजुर्गस हित लोग एयरपोर्ट को देखने जाते है। उसी तरह रेलवे स्टेशन को भी देखने आएंगे। यात्री सुविधाओं में बढ़ोत्तरी होगी। एक नए स्वरूप में स्टेशन के विकास से आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी। कार्यक्रम के दौरान अमृत भारत महोत्सव के तहत रायपुर के स्कूलों में आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को राज्यपाल श्री विश्व भूषण हरिचंदन के करकमलों से पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए। इस अवसर पर विधायक श्री बृजमोहन अग्रवाल, दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे के जी.एम. श्री अ आलोक कुमार सहित जनप्रतिनिधिगण, छात्र-छात्राएं और आम नागरिक उपस्थित थे।
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अंजू के पिता और भाई को पेट पालने की चिंता, छिन गया काम, ये है वजह

 ग्वालियर: फेसबुक फ्रेंड से मिलने के लिए पाकिस्तान जा पहुंची अंजू रफाइल के पिता और भाई का गांव में विरोध होने लगा है। भाई नौकरी छोड़कर ग्वालियर आ गया है। यहां पिता की देखरेख के लिए वह आ गया। उधर पिता का भी काम अब छिन गया है। उन्हें कोई काम देने को तैयार नहीं है। गांव में उनका लगातार विरोध हो रहा है।

अब अंजू के पिता और भाई पर पेट पालने तक का संकट है। यह लोग डरे हुए हैं, परेशान हैं। वहीं अंजू को लेकर जो अफवाहें सामने आ रही है, उससे लोगों में उसके प्रति और गुस्सा बढ़ता जा रहा है। पहले 4 अगस्त तक उसके भारत आने की चर्चा थी, लेकिन अब तक वह भारत नहीं लौटी है। वह भारत लौटेगी या नहीं, इसे लेकर भी तमाम सवाल उठ रहे हैं।

ग्वालियर के टेकनपुर स्थित बोना गांव की रहने वाली अंजू रफाइल भिवाड़ी से पाकिस्तान चली गई थी। अंजू रफाइल अपने पति अरविंद और दो बच्चों के साथ भिवाड़ी स्थित टेरा एलीगेंंस सोसायटी में रह रही थी।

फेसबुक पर उसकी करीब 3 साल से पाकिस्तान में रहने वाले नसरुल्लाह से दोस्ती थी। उसी से मिलने के लिए 21 जुलाई को वह भिवाड़ी से पाकिस्तान चली गई थी। उसने इस बारे में किसी को कुछ नहीं बताया। पति और स्वजनों से पूरी जानकारी छिपाई। जब वह पाकिस्तान पहुंच गई तब पता लगा था।

इसके बाद उसने नसरुल्लाह से निकाह भी कर लिया और धर्म परिवर्तन भी कर लिया। वहां उसे फ्लैट सहित कई उपहार मिले। इन स्थितियों में अब उसके परिवार का विरोध हो रहा है। उसके भाई और पिता का गांव में विरोध हो रहा है।

भाई डेविड का कहना है उनका हुक्का पानी बंद करने की तैयारी है। अब उन्हें डर भी लगता है। अंजू ने जो किया, उस बारे में कुछ नहीं पता था लेकिन इसकी वजह से उन्हें हर कोई संदेह की दृष्टि से देखता है।

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