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अरविंद केजरीवाल,CM भगवंत मान ने उद्धव ठाकरे से मुलाकात की

मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दिल्ली के सीएम और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पंजाब के सीएम भगवंत मान और अन्य AAP नेताओं राघव चड्डा ,संजय सिंह ने मुंबई में महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे और सांसद संजय राउत से मुलाकात की। महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा देश से जो (बीजेपी) प्रजातंत्र हटाने चाहते हैं मुझे लगता है उन्हें विपक्ष और विरोधी बोलना चाहिए। उन्हें लोकतंत्र विरोधी बोलना चाहिए। हम सब यहां पर देश और प्रजातंत्र को बचाने के लिए एक साथ आए हुए हैं।

दोनों नेता राष्ट्रीय राजधानी में सेवाओं को नियंत्रित करने के लिए केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ आप की लड़ाई के लिए राज्य के प्रमुख नेताओं से समर्थन हासिल करने के लिए मुंबई में हैं। केजरीवाल-ठाकरे के बीच यह दूसरी मुलाकात होगी, दोनों अपनी-अपनी जमीन पर अस्तित्व की राजनीतिक लड़ाई में लगे हैं।

केजरीवाल ने बुधवार को कोलकाता में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की, जिन्होंने कुछ अन्य पार्टियों के साथ अध्यादेश पर आप के रुख का समर्थन करने पर सहमति जताई है, हालांकि कांग्रेस का रुख अभी स्पष्ट नहीं है।

 

 

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PM मोदी 28 मई को संसद का नवनिर्मित भवन राष्ट्र को समर्पित करेंगे : अमित शाह

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 28 मई को किए जाने वाले नए संसद भवन के उद्घाटन के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मई को संसद का नवनिर्मित भवन राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस नई संचरना को रिकॉर्ड समय में बनाने के लिए करीब 60,000 श्रमयोगियों ने अपना योगदान दिया है। इस अवसर पर पीएम सभी श्रमयोगियों का सम्मान भी करेंगे।

गृह मंत्री ने कहा इस अवसर पर एक ऐतिहासिक परंपरा पुनर्जीवित होगी। इसके पीछे युगों से जुड़ी हुई एक परंपरा है। इसे तमिल में सेंगोल कहा जाता है और इसका अर्थ संपदा से संपन्न और ऐतिहासिक है। 14 अगस्त 1947 को एक अनोखी घटना हुई थी। इसके 75 साल बाद आज देश के अधिकांश नागरिकों को इसकी जानकारी नहीं है।सेंगोल ने हमारे इतिहास में एक अहम भूमिका निभाई थी। यह सेंगोल सत्ता के हस्तांतरण का प्रतीक बना था। इसकी जानकारी पीएम मोदी को मिली तो गहन जांच करवाई गई। फिर निर्णय लिया गया कि इसे देश के सामने रखना चाहिए। इसके लिए नए संसद भवन के लोकार्पण के दिन को चुना गया।

उन्होंने कहा सेंगोल की स्थापना के लिए संसद भवन से उपयुक्त और पवित्र स्थान कोई और हो ही नहीं सकता इसलिए जिस दिन नए संसद भवन को देश को समर्पित किया जाएगा उसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु से आए हुए अधीनम से सेंगोल को स्वीकार करेंगे और लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास इसे स्थापित करेंगे।

 
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जैसलमेर में पाक हिंदू प्रवासियों को आवंटित होगी 40 बीघा जमीन

जैसलमेर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राजस्थान के जैसलमेर के मूल सागर गांव में सरकारी जमीन से विस्थापित हुए पाकिस्तान के हिंदू प्रवासियों को अब 40 बीघा जमीन मिलेगी। जिला प्रशासन ने यह घोषणा की है। कुछ पाकिस्तानी प्रवासी अपने रिश्तेदारों के साथ सरकारी जमीन पर बने अस्थायी घरों में रह रहे थे, जिन्हें हाल ही में हटा दिया गया। भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस के नेताओं ने भी इस कदम का विरोध किया।

इसके बाद जिलाधिकारी टीना डाबी ने इन प्रवासियों के लिए 40 बीघा सरकारी जमीन आवंटित करने का फैसला किया। हालांकि, यह जमीन केवल भारतीय नागरिकता वालों को ही मिलेगी। पार्टियों के नेताओं द्वारा उन्हें हटाने पर आपत्ति जताए जाने के बाद कलेक्टर ने उनके लिए मुफ्त में भोजन, पानी और आवास की व्यवस्था की।

ये शरणार्थी अभी रैन बसेरा में रह रहे हैं। उनके लिए भोजन की व्यवस्था इंदिरा रसोई में जिला प्रशासन द्वारा की गई है। सभी 50 परिवार इस समय रैन बसेरा में बसे हुए हैं। मूल सागर में नगरीय सुधार न्यास (यूआईटी) द्वारा भूमि आवंटन के बाद अब बहुत जल्द ये प्रवासी नए स्थान पर जाकर झोपड़ी बनाएंगे।

नगर विकास न्यास के सचिव जगदीश आशिया ने बताया कि कलेक्टर टीना डाबी के आदेश पर पाक शरणार्थियों के लिए जगह चिन्हित कर सात दिन में वहीं बसाने के निर्देश दिए। उनकी देखरेख में पाक शरणार्थियों को साथ लेकर एक कमेटी का गठन किया गया। इसके बाद गांव में करीब 40 बीघा जमीन उनके लिए आरक्षित कर दी गई।

यूआईटी अधिकारी ने बताया कि करीब 40 बीघा जमीन पर 250 परिवारों को बसाने की योजना है। जिन लोगों को भारतीय नागरिकता मिली है, उन्हें यूआईटी लीज पर देगी। वहीं जिन लोगों को अभी तक नागरिकता नहीं मिली है, उनका रिकॉर्ड इसी जगह पर रखा जाएगा और उनकी नागरिकता के लिए प्रयास किए जाएंगे। नागरिकता मिलते ही उन्हें जमीन के पट्टे भी दे दिए जाएंगे। फिलहाल ये 50 परिवार नए स्थान पर अपना घर बना सकेंगे।

 

 

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कर्नाटक विधानसभा स्पीकर पद के लिए खादर ने किया नामांकन

बंगलुरु (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कर्नाटक के पूर्व मंत्री और पांच बार के विधायक यू.टी. खादर ने मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए पर्चा भरा। मुख्यमंत्री सिद्दारमैया, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और कैबिनेट मंत्री जमीर अहमद खान के साथ पहुंचे खादर ने विधान सौधा में अपना नामांकन दाखिल किया।

वह कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष बनने वाले मुस्लिम समुदाय के पहले व्यक्ति होंगे। कांग्रेस के सूत्रों ने कहा कि वह दो साल के कार्यकाल के लिए तैयार हो गए हैं। आलाकमान ने उन्हें बाद में कैबिनेट में शामिल करने का आश्वासन दिया है।

सदन 24 मई को अध्यक्ष का चुनाव करेगा और खादर को परंपरा के अनुसार सर्वसम्मति से चुने जाने की संभावना है। सिद्दारमैया ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा और शिवकुमार ने समर्थन किया। नामांकन पत्र विधानसभा सचिव विशालाक्षी को सौंपा गया। खादर 2013 में सिद्दारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में स्वास्थ्य मंत्री, खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं। उन्होंने राज्य विधानसभा में विपक्ष के उप नेता के रूप में भी काम किया।

सूत्रों ने बताया कि इस पद के लिए दिग्गज नेता आर.वी. देशपांडे, टी.बी. जयचंद्र और एच.के. पाटिल पार्टी की पसंद थे। हालांकि, सीनियर्स ने इस प्रपोजल को साफ मना कर दिया। देशपांडे ने यहां तक कहा कि वह इस पद के लायक नहीं हैं। एआईसीसी सचिव के.सी. वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने व्यक्तिगत रूप से खादर से बात की और उनसे पार्टी के हित में पद संभालने का अनुरोध किया।

बाद में मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने भी उनसे व्यक्तिगत रूप से बात की और उन्हें मनाया। हालांकि खादर सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील दक्षिण कन्नड़ से आते हैं, उन्होंने कभी भी भड़काऊ बयान नहीं दिया और न ही अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। सिद्दारमैया सरकार के तहत स्वास्थ्य मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने गुटखा पर प्रतिबंध लगा दिया था।

उन्हें खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री के रूप में राशन कार्ड प्राप्त करने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और सरल बनाने के लिए भी जाना जाता है।

 

 

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ब्रिसबेन में भारत का एक नया वाणिज्य दूतावास खोला जाएगा : मोदी

सिडनी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिडनी में आयोजित एक सामुदायिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कुडोस बैंक एरिना स्टेडियम पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिडनी के कुडोस बैंक एरिना में आयोजित सामुदायिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा आज मैं आपके बीच आया हूं कि तो मैं एक घोषणा भी करने जा रहा हूं। ब्रिसबेन में भारतीय समुदाय की बहुत समय से जो मांग थी, अब उसे पूरा किया जाएगा। जल्द ही ब्रिसबेन में भारत का एक नया वाणिज्य दूतावास खोला जाएगा।

मोदी ने कहा एक समय था जब कहा जाता था कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध को 3C(कॉमनवेल्थ, क्रिकेट, करी) पर आधारित है। उसके बाद कहा गया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया का संबंध 3D(डेमोक्रेसी, डायसपोरा, दोस्ती) पर आधारति है। कुछ लोगों ने ये भी कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया का संबंध 3E(एनर्जी, इकोनॉमी, एजुकेशन) पर आधारित है। अलग-अलग काल में ये बात संभवत: सही भी रही है। मगर भारत-ऑस्ट्रेलिया के ऐतिहासिक संबंधों का विस्तार इससे कहीं ज्यादा बड़ा है। इन संबंधों का आधार आपसी विश्वास और आपसी सम्मान है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा पिछले साल जब महान क्रिकेटर शेन वार्न का निधन हुआ तो ऑस्ट्रेलिया के साथ कोटि-कोटि भारतीयों ने भी शोक मनाया। ये ऐसा था जैसे हमने अपना कोई खो दिया.. आप सभी का एक सपना रहा है कि हमारा भारत भी विकसित राष्ट्र बने। जो सपना आपके दिल में है वो सपना मेरे दिल में भी है।

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अब हेलमेट पहनने वालों का भी कटेगा चालान, नियम में हुए बदलाव...

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। ट्रैफिक नियमों को बेहतर बनाने के लिए समय-समय बदलाव किए जाते हैं। देखा जाए तो पिछले कुछ सालों में कई नए नियम जोड़े गए हैं। साथ ही नियमों को अधिक सख्त बनाने के लिए जुर्माना भी बढ़ाया गया है। इस समय ट्रैफिक पुलिस हेलमेट न पहनने वाले या फिर हेलमेट को सही ढंग से न पहनने वालों पर काफी सख्ती कर रही है, जो लोग हेलमेट नहीं पहने होते हैं उन पर तो चालन होता ही है लेकिन जिन लोगों ने हेलमेट पहना है उन पर भी अब चालान कट रहा है।


दरअसल, मोटर वाहन अधिनियम, 1988 में एक नए नियम को जोड़ा गया है जिसके बाद ट्रैफिक पुलिस ठीक से हेलमेट नहीं पहनने वालों पर भी जुर्माना लगा रही है। सीधे तौर पर समझें तो अगर आपने हेलमेट पहना है, लेकिन उसे पहनने का तरीका गलत है तो आपकी बाइक का चालान कट सकता है। चलिए आपको बताते हैं कि ट्रैफिक कानून में ऐसा क्या बदलाव किया गया है…

आप भी न करें ऐसी गलती...
कई लोग हेलमेट तो पहनते हैं लेकिन सिर्फ औपचारिकता के लिए। यानी आपने हेलमेट तो पहना है लेकिन वह आपके आधे सर पर लटका है या उसका स्ट्रैप नहीं लगाया है, तो ऐसे में हेलमेट पहनना व्यर्थ है। यह इसलिए क्योंकि दुर्घटना के समय वह हेलमेट आपके सर से आसानी से निकल सकता है, या सड़क पर चलने वाले किसी दूसरे को घायल भी कर सकता है।

ऐसी ही घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए सड़क एवं परिवहन मंत्रालय के निर्देश पर मोटर वाहन अधिनियम (1988) में नए कानून को जोड़ा गया है, जिसके तहत ऐसे दोपहिया चालकों पर 1,000 का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं अगर आपने हेलमेट पहना है लेकिन वह डुप्लीकेट है या बगैर ISI मार्क वाला है तो भी पकड़े जाने पर आप पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। बताते चलें कि हेलमेट नहीं पहनने पर 2,000 रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।

 

 

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जेल में बंद आप नेता सत्येंद्र जैन की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती

नई दिल्ली  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन की तबीयत बिगड़ने के चलते उन्हें सोमवार को तिहाड़ जेल से सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। सूत्रों ने यह जानकारी दी। कोई अन्य अतिरिक्त जानकारी तुरंत उपलब्ध नहीं कराई गई है।

हाल ही में, जैन ने जेल क्लिनिक के अंदर एक मनोवैज्ञानिक से परामर्श किया था, जिसने सुझाव दिया था कि आप नेता उदास और अकेला महसूस कर रहे है, उन्हें लोगों के आसपास रहना चाहिए और बातचीत करनी चाहिए।

ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 की धारा 19 के तहत जैन को 30 मई, 2022 को गिरफ्तार किया था। ईडी ने 2017 में सीबीआई द्वारा जैन, उनकी पत्नी पूनम, और अजीत प्रसाद जैन, सुनील कुमार जैन, वैभव जैन और अंकुश जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(ई) के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर धन शोधन की जांच शुरू की थी।

सीबीआई ने आरोप लगाया है कि 14 फरवरी, 2015 से 31 मई, 2017 के दौरान दिल्ली सरकार में मंत्री के पद पर रहते हुए सत्येंद्र जैन ने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की। सीबीआई ने 3 दिसंबर, 2018 को चार्जशीट दायर की थी।

इससे पहले, ईडी ने 31 मार्च, 2022 को सत्येंद्र जैन के स्वामित्व वाली और नियंत्रित कंपनियों से संबंधित 4.81 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था।

 

 

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बलिया में गंगा में डूबने से 3 महिलाओं की मौत

बलिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उत्तर प्रदेश के बलिया में गंगा में डूबने से तीन महिलाओ की मौत हो गई।  बलिया के DM रवींद्र कुमार ने बताया कि सोमवार की सुबह करीब 8:30 बजे माल्देपुर गंगा घाट पर मुंडन संस्कार के लिए लोग आए थे। उसी कार्यक्रम के अंतर्गत लोग नाव से दूसरी ओर जा रहे थे। हमें सूचना मिली कि इंजन में खराबी होने के कारण नाव पलट गई। मौके पर मौजूद गोताखोरों ने बचाव अभियान शुरू किया।

अभी तक की सूचना के अनुसार सभी लोगों को निकाल लिया गया है, 3 महिलाओं की मृत्यु की सूचना है। 4 महिलाएं ज़िला अस्पताल में भर्ती हैं। अभी नाव निकालना बाकी है, उसके नीचे कोई दबा ना हो, इस कारण बचाव अभियान अभी भी जारी है। नांव में 30 लोगों के सवार होने की सूचना है। नाविक अभी फरार है।  

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सैनिकों की लाशों पर लड़ा गया 2019 का लोकसभा चुनाव: सत्यपाल मलिक

जयपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने पुलवामा हमला मामले में रविवार को एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमला बोला और कहा कि 2019 का लोकसभा चुनाव ‘‘सैनिकों की लाशों पर लड़ा गया’’ और अगर इस मामले में जांच होती तो तत्कालीन गृह मंत्री को इस्तीफा देना पड़ता।

मलिक ने दावा किया कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सूचित किया था, लेकिन प्रधानमंत्री ने उन्हें ‘‘चुप रहने’’ के लिए कहा था।
मलिक ने अलवर जिले के बानसूर में एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘ (2019 का लोकसभा) चुनाव हमारे सैनिकों की लाशों पर लड़ा गया था और कोई जांच नहीं हुई थी। अगर जांच होती तो तत्कालीन गृहमंत्री (राजनाथ सिंह) को इस्तीफ देना पड़ता। कई अधिकारी जेल में होते और एक बड़ा विवाद पैदा हो जाता। इन लोगों (सरकार) ने जांच नहीं कराई।’’

पूर्व राज्यपाल मलिक जम्मू-कश्मीर से संबंधित मुद्दों को लेकर मुखर रहे हैं और केंद्र के तीन कृषि कानूनों (अब निरस्त) के विरोध के दौरान प्रदर्शनकारी किसानों का समर्थन किया था।

उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी, 2019 को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले पर हुए आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे।

मलिक ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान में अपनी शूटिंग कर रहे थे। जब वह वहां से बाहर आए तो मुझे फोन आया, मैंने उनसे कहा कि हमारे सैनिक मारे गए हैं और वे हमारी गलती से मारे गए हैं, इसलिए उन्होंने मुझे चुप रहने के लिए कहा और इस विषय पर बात नहीं करने को कहा।”
जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल रहने के दौरान दो फाइल को मंजूरी देने के लिए रिश्वत के रूप में 300 करोड़ रुपये की पेशकश के अपने दावे के संबंध में उन्हें हाल में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच का सामना करना पड़ा है।

उन्होंने उद्योगपति गौतम अडाणी के मुद्दे को लेकर भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘इनके साथ के लोग (गौतम) अडाणी हैं, इन्होंने तीन साल में इतनी दौलत जमा कर ली कि देश के सबसे अमीर व्यक्ति हो गए।’’

उन्होंने लोगों से सवाल किया कि ‘‘आप में से किसी की दौलत बढ़ी हो तो मुझे बताइए।’’

मलिक ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘संसद में जब (कांग्रेस नेता) राहुल गांधी ने पूछा कि उन्हें (अडाणी को) मिले ये 20 हजार करोड़ रुपये कहां से आए, तो प्रधानमंत्री जवाब नहीं दे पाये।’’

मलिक ने कहा, ‘‘वे अपने मुख्यमंत्रियों के जरिए लूटते हैं और इसे अडाणी को देते हैं तथा वह कारोबार करते हैं...।’’

मलिक ने दावा किया, ‘‘जब मैं गोवा का राज्यपाल था तो मैंने मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार की शिकायत प्रधानमंत्री से की और नतीजा ये निकला की मुझे हटा दिया और उन्हें (गोवा के मुख्यमंत्री को) नहीं हटाया गया। इसलिए मैं आश्वस्त हूं कि ये अपनी नाक के नीचे भ्रष्टाचार कराते हैं और उसमें इनकी हिस्सेदारी होती है, तथा पूरी रकम अडाणी को जाती है।’’

उन्होंने लोगों से सरकार बदलने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘जनता ही इस सरकार को हटा सकती है, मैं आपसे अनुरोध करूंगा कि इस बार चूके तो इसके बाद आपको वोट देने का मौका नहीं मिलेगा।"

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अमृतसर में गिराए गए दो पाक ड्रोन, 2.6 किलो ड्रग्स जब्त

चंडीगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने शनिवार को कहा कि उन्होंने अमृतसर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास दो ड्रोन को मार गिराया और 2.6 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किया। बीएसएफ ने कहा, 19 मई को रात करीब 8.55 बजे इलाके में तैनात बीएसएफ के जवानों ने अमृतसर जिले के धारीवाल गांव में एक संदिग्ध ड्रोन की आवाज सुनी। सैनिकों ने तुरंत फायरिंग करके ड्रोन को मार गिराया।

सेनाओं ने खेतों से आंशिक रूप से टूटे हुई स्थिति में एक काले रंग का ड्रोन (क्वाडकॉप्टर, डीजेआई मैट्रिस 300 आरटीके) बरामद किया। एक अन्य घटना में शुक्रवार रात करीब 9.24 बजे बीएसएफ ने अमृतसर के रतन खुर्द गांव के पास एक संदिग्ध ड्रोन की आवाज सुनी। जवानों ने फायरिंग करके ड्रोन को रोका।

तलाशी के दौरान, सैनिकों ने ड्रोन से जुड़े संदिग्ध 2.6 किलोग्राम नशीले पदार्थों के दो पैकेट युक्त एक खेप के साथ ड्रोन (एक क्वाडकॉप्टर भी) बरामद किया।

 
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कर्नाटक मंत्रिमंडल में शामिल हुए मल्लिकार्जुन के बेटे प्रियांक, इनको भी मिली जगह...

बेंगलुरु (छत्तीसगढ़ दर्पण)कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने शनिवार को कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने भी डिप्टी सीएम की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह बेंगलुरु के कांटेरावा स्टेडियम में दोपहर 12:30 बजे हुआ। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने शिरकत की।


सिद्धरमैया और शिवकुमार के साथ जिन प्रमुख नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली है, उनमें प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष जी परमेश्वर, लिंगायत नेता एम बी पाटिल शामिल हैं। इसके अलावा केजे जॉर्ज, के एच मुनियप्पा, सतीश जरकीहोली, जमीर अहमद खान और रामलिंगा रेड्डी भी मंत्री बनें है। साथ ही कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे ने भी मंत्री पद की शपथ ली है।

बता दें कि जी परमेश्वर और प्रियांक खरगे दलित समुदाय से आते हैं। इसके अलावा मुनियप्पा भी दलित समुदाय से आते हैं। वहीं, जमीर अहमद खान और केजे जॉर्ज का संबंध अल्पसंख्यक समुदाय से है। इसके साथ ही सतीश जरकीहोली अनुसूचित जनजाति समुदाय से आते हैं, जबकि रामालिंगा रेड्डी का संबंध रेड्डी जाति से है। वहीं, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया कुरुबा समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और डिप्टी सीएम शिवकुमार वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं।

प्रियांक खरगे
प्रियांक खरगे ने साल 2013 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीता था। साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने चित्तपुर विधानसभा सीट पर जीत हासिल की थी। 2023 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर प्रियांक खरगे तीसरी बार विधाय बनें हैं। प्रियांक खरगे जिस सीट से अभी विधायक हैं, उस सीट से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे साल 2008 के विधानसभा चुनाव में विधायक चुने गए थे।

केजे जॉर्ज
एचडी कुमारस्वामी की सरकार में केलचंद्र जोसेफ जॉर्ज उद्योग मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने कर्नाटक के गृह मंत्री की भी जिम्मेदारी संभाली थी। साथ ही वीरेंद्र पाटिल सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) परिवहन, खाद्य और नागरिक आपूर्ति और एस बंगारप्पा सरकार में आवास और शहरी विकास के कैबिनेट मंत्री भी थे। केजे जॉर्ज 1968 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए थे।

जी परमेश्वर
कांग्रेस नेता जी परमेश्वर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वह कांग्रेस-JD (S) गठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। बता दें कि जी परमेश्वर 6 बार के विधायक हैं। उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव 1989 में लड़ा था।

सतीश जारकीहोली
सतीश जारकीहोली कर्नाटक के प्रभावशाली नायक/वाल्मीकि समुदाय से संबंध हैं और इस परिवार के सदस्यों को बेलगावी जिले में साहूकार कहा जाता है। सतीश जारकीहोली साल 2008 में कांग्रेस में शामिल हुए थे और तभी से पार्टी के भीतर के पायदानों के माध्यम से ऊपर उठे हैं और कम-से-कम तीन बार मंत्री के रूप अपनी सेवाएं दी हैं।

के एच मुनियप्पा
कम्बदहल्ली हनुमप्पा मुनियप्पा ने लगातार सात बार कोलार लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया है। वह पूर्व केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। उन्होंने केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाली है।

रामलिंगा रेड्डी
रामलिंगा रेड्डी कर्नाटक के वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष हैं। रामलिंगा रेड्डी ने राज्य के गृह मंत्री की भी जिम्मेदारी संभाली हैं। इसके अलावा उन्होंने कई अन्य अहम जिम्मेदारियां भी संभाली हैं। इंदिरा गांधी और डी. देवराज के गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों से प्रेरित होकर वह कांग्रेस में शामिल हुए थे।

जमीर अहमद खान
कर्नाटक की चामराजपेट व‍िधानसभा सीट से जमीर अहमद खान चार बार के विधायक हैं और नेशनल ट्रैवल्स के मैनेजिंग पार्टनर भी हैं। जमीर अहमद खान पूर्व की कर्नाटक सरकार में हज और वक्फ बोर्ड के मंत्री रह चुके हैं।

एम बी पाटिल

मल्लनगौड़ा बसनगौड़ा पाटिल कर्नाटक के गृह मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा एम बी पाटिल जल संसाधन मंत्री के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। बता दें कि पाटिल पांचवीं बार चुने गए हैं। वह प्रभावशाली लिंगायत समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।

 

 

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PM मोदी ने हिरोशिमा में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात की

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिरोशिमा में जी 7 शिखर सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात की। इससे पहले आपको बता दे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जापान के हिरोशिमा में महात्मा गांधी की एक आदम कद प्रतिमा का अनावरण करते हुए कहा कि शांति के गांधीवादी आदर्श दुनिया भर में गूंजते हैं और लाखों लोगों को ताकत देते हैं।

मोदी ने एक ट्वीट में कहा, हिरोशिमा में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया। हिरोशिमा में यह प्रतिमा एक बहुत महत्वपूर्ण संदेश देती है। शांति और सद्भाव के गांधीवादी आदर्श विश्व स्तर पर गूंजते हैं और लाखों लोगों को ताकत देते हैं।

 

 

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2000 रुपये के नोट वापस लेने पर विपक्ष ने केंद्र पर की देश वापसी की निंदा

 शुक्रवार को कांग्रेस ने 2,000 रुपए के नोटों का चलन बंद करने के आरबीआई के फैसले की आलोचना की। वे दावा करते हैं कि व्यवहार आवेगपूर्ण और बिना विचार किए कार्य करने की उनकी प्रवृत्ति के साथ फिट बैठता है, जो उनके स्व-घोषित विश्व नेतृत्व की पहचान है। सत्तारूढ़ दल के एक सदस्य ने बताया कि मौजूदा स्थिति 8 नवंबर, 2016 को सभी 500 रुपये और 1,000 रुपये के नोटों को विमुद्रीकृत करने के सरकार के कदम के समान एक और विनाशकारी घटना का कारण बन सकती है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पीएम मोदी की आलोचना करते हुए कहा: "विश्वगुरु के लिए हमारा स्वघोषित पोस्टर चाइल्ड। एक्शन वन, थॉट टू (फास्ट)। 8 नवंबर, 2016 को 2,000 रुपये के नोटों के विनाशकारी 'तुगलकी फरमान' के बाद बहुत धूमधाम से जारी किया गया। अब जब्त किया जा रहा है। कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर ने ट्वीट किया, "दूसरा डेमो डिजास्टर शुरू... एम = पागलपन।" ट्विटर पर, वरिष्ठ सांसद पवन खेड़ा ने घोषणा की, "8 नवंबर, 2016 की काली छाया देश को फिर से परेशान कर रही है।" बहुप्रचारित विमुद्रीकरण कदम देश के लिए एक बड़ी आपदा बना हुआ है। प्रधानमंत्री ने 2000 के नए नोट के फायदों के बारे में राष्ट्र को संबोधित किया। उन सभी वादों का क्या हुआ जब आज छपाई बंद हो गई? " पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने ट्वीट किया, "उम्मीद के मुताबिक, सरकार/आरबीआई ने 2,000 रुपये के नोट को वापस ले लिया है और इसे 30 सितंबर तक भुना लिया है।" 2,000 रुपये का नोट शायद ही विनिमय का एक फैशन माध्यम है। हमने इसे नवंबर 2016 में कहा था और हम सही थे। 2000 रुपये का नोट 500 और 1000 रुपये के नोटों को प्रदर्शित करने के बेवकूफी भरे फैसले को कवर करने के लिए एक बैंड-एड है, जो लोकप्रिय और अक्सर एक्सचेंज की जाने वाली मुद्राएं हैं। " दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा: "संचलन शुरू करने, नोटों के प्रचलन को रोकने या नए नोट जारी करने की पूरी अवधारणा प्रधान मंत्री मोदी की है और अर्थव्यवस्था इससे प्रभावित है ... मुझे नहीं पता कि यह क्या अच्छा होगा।" मुझे आशा है कि विशेषज्ञ निर्णय लेंगे। "

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राहुल 28 मई को अमेरिका जाएंगे, कैलिफोर्निया में 'मोहब्बत की दुकान' में शामिल होंगे

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 22 जून को अमेरिका की राजकीय यात्रा से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी 28 मई को वहां जाएंगे। अपनी यात्रा के दौरान वह कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे, जिसमें 30 मई को कैलोफोर्निया में 'मोहब्बत की दुकान' नाम का एक कार्यक्रम भी शामिल है। पार्टी के एक सूत्र ने कहा कि राहुल गांधी अब 31 मई की बजाय 28 मई को रवाना होंगे।

वह सबसे पहले 30 मई को कैलिफोर्निया में 'मोहब्बत की दुकान' कार्यक्रम में शामिल होंगे। कन्याकुमारी से श्रीनगर तक की अपनी पांच महीने की 3,900 किलोमीटर लंबी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान, गांधी जनता से जुड़ने के लिए 'नफरत के बाजार में, मोहब्बत की दुकान खोल रहा हूं' कहते रहे हैं।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, वह सैन फ्रांसिस्को में एक एनआरआई बैठक में भी हिस्सा लेंगे। राहुल गांधी के सभी कार्यक्रमों का आयोजन इंडियन ओवरसीज कांग्रेस की अमेरिकी शाखा कर रही है।

पार्टी सूत्र ने बताया कि वह 4 जून को न्यूयॉर्क में एक एनआरआई बैठक को भी संबोधित करेंगे और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इस साल की शुरुआत में राहुल गांधी ने ब्रिटेन का दौरा किया और कई कार्यक्रमों में भाग लिया। पिछले सप्ताह एक बयान में व्हाइट हाउस ने घोषणा की थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और प्रथम महिला जिल बाइडेन 22 जून को राजकीय यात्रा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी करेंगे।

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सिद्दारमैया के शपथ ग्रहण समारोह में नहीं जाएंगी ममता, पार्टी की सांसद होंगी शामिल

कोलकाता (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी शनिवार को कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के तौर पर सिद्दारमैया के शपथ ग्रहण समारोह में नहीं जाएंगी। इसकी बजाय, तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सदस्य डॉ. काकोली घोष दस्तीदार इस कार्यक्रम में शामिल होंगी। पार्टी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह कर्नाटक चुनावों में कांग्रेस की प्रचंड जीत के बावजूद कांग्रेस से तृणमूल की बढ़ती दूरी का एक और संकेत है। संयोग से, कर्नाटक के नतीजे आने के बाद ममता बनर्जी ने लोगों को फैसले के लिए बधाई दी, लेकिन मीडियाकर्मियों द्वारा पूछे जाने पर भी कांग्रेस और राहुल गांधी पर पूरी तरह से चुप रहीं।

बाद में, उन्होंने कहा कि वह 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को सशर्त समर्थन देने के लिए तैयार हैं, बशर्ते कांग्रेस पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को भी ऐसा ही समर्थन दे। हालांकि, पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा सांसद अधीर रंजन चौधरी ने उनके प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के साथ किसी भी तरह के समझौते का सवाल ही नहीं उठता है।

सिद्दारमैया के शपथ ग्रहण समारोह में ममता बनर्जी को न्योते के बारे में चौधरी ने कहा कि यह शिष्टाचार की बात है कि देश के सभी गैर-भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और सभी गैर-भाजपा पार्टी के नेताओं को आमंत्रित किया गया है। चौधरी ने कहा, इसका मतलब यह नहीं है कि कांग्रेस चुनावी परिप्रेक्ष्य में तृणमूल कांग्रेस के साथ समझौता करने जा रही है।

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आनंद मोहन को छूट से संबंधित रिकॉर्ड पेश करे बिहार सरकार - सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बिहार सरकार को पूर्व सांसद आनंद मोहन को दी गई छूट के संबंध में मूल रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया, जिन्हें 1994 में गोलापगंज के जिलाधिकारी जी. कृष्णया की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। जस्टिस सूर्यकांत और जे.बी. पारदीवाला की पीठ ने बिहार सरकार के वकील को मोहन को दी गई छूट से संबंधित मूल रिकॉर्ड अदालत के अवलोकन के लिए पेश करने का निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई अगस्त में निर्धारित की है।


8 मई को, सुप्रीम कोर्ट ने आईएएस अधिकारी जी. कृष्णया की विधवा की याचिका पर नोटिस जारी किया था, जिन्हें 1994 में सिंह के नेतृत्व वाली भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था, आनंद मोहन की जेल से समय से पहले रिहाई के खिलाफ।

उमादेवी कृष्णया द्वारा दायर याचिका में कहा गया है, मौत की सजा के विकल्प के रूप में एक दोषी को दी गई आजीवन कारावास की सजा को अलग तरह से देखा जाना चाहिए और पहली पसंद की सजा के रूप में दिए गए सामान्य आजीवन कारावास से अलग किया जाना चाहिए। मौत की सजा का एक विकल्प, अदालत द्वारा निर्देशित सख्ती से किया जाना चाहिए और छूट के आवेदन से परे होगा।


 

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PM मोदी ने ओडिशा में वंदे भारत को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली ओडिशा में वंदे भारत को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा भारत ने कोरोना जैसी महामारी की स्वदेशी वैक्सीन तैयार करके भी दुनिया को चौंका दिया था। इन सब प्रयासों में समान बात ये है कि ये सारी सुविधाएं किसी एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं रहीं बल्कि सबके पास तेजी से पहुंचीं। हमारी 'वंदे भारत ट्रेनें' भी अब उत्तर से लेकर दक्षिण तक, पूर्व से लेकर पश्चिम तक देश के हर किनारे को स्पर्श करती हैं।

उन्होंने कहा आज का नया भारत टेक्नोलॉजी भी खुद बना रहा है और नई सुविधाओं को तेजी से देश के कोने-कोने में पहुंचा भी रहा है। ये वंदे भारत ट्रेन भारत ने अपने बलबूते ही बनाई है। आज भारत अपने बलबूते ही 5G टेक्नोलॉजी विकसित कर उसे देश के दूर-सुदूर क्षेत्र में लेकर जा रहा है। बीते वर्षों में भारत ने कठिन से कठिन वैश्विक हालातों में भी अपने विकास की गति को बनाए रखा है। इसके पीछे एक बड़ा कारण है कि इस विकास में हर राज्य की भागीदारी है, देश हर राज्य को साथ लेकर आगे बढ़ रहा।

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मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी

न्यूयॉर्क (छत्तीसगढ़ दर्पण)अमेरिकी अदालत ने पाकिस्तानी-कनाडाई व्यवसायी तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है। 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों में उसकी संलिप्तता के लिए उसकी तलाश की जा रही है। कहा जाता है कि वह पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसएसआई) से जुड़ा हुआ है। 62 वर्षीय राणा को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया था। लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादियों द्वारा मुंबई में किए गए हमले में उसकी भूमिका थी। हमले में छह अमेरिकी समेत 164 लोग मारे गए थे।


कैलिफोर्निया के यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के मजिस्ट्रेट न्यायाधीश जैकलीन चूलजियान ने मामले में मंगलवार को आदेश दिया, जो बुधवार को जारी हुआ। न्यायाधीश ने आदेश में कहा, मामले में विचार के बाद अदालत अमेरिका के राज्य सचिव को राणा के भारत प्रत्यर्पण को प्रमाणित करती है।

गौरतलब है कि अमेरिका व भारत के बीच प्रत्यर्पण संधि है। इसी के आधार पर भारत ने उसके प्रत्यर्पण की मांग की थी। उसे 2011 में शिकागो में लश्कर को सहायता प्रदान करने का दोषी ठहराया गया था, जिसने मुंबई आतंकवादी हमलों की योजना बनाई थी। अदालत में अभियोजकों ने तर्क दिया कि राणा जानता था कि उसके बचपन के दोस्त पाकिस्तानी-अमेरिकी डेविड कोलमैन हेडली का लश्कर के साथ संबंध है। मुंबई में हमले को अंजाम देने के लिए उसने लश्कर की मदद की।

राणा इस बात से भी वाकिफ था कि हेडली की बैठकों में क्या चर्चा होती थी, इसमें हमलों की योजना के साथ-साथ लक्ष्य भी शामिल थे।
प्रत्यर्पण का उसके वकील ने विरोध किया। हालांकि न्यायाधीश ने कहा कि राणा के प्रत्यर्पण के लिए पर्याप्त सक्षम सबूत हैं।

न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा,इसलिए यह आदेश दिया जाता है कि तहव्वुर हुसैन राणा अमेरिकी मार्शल की हिरासत में बना रहेगा, जब तक राज्य सचिव द्वारा उसके भारत के प्रत्यर्पण और आत्मसमर्पण पर अंतिम निर्णय लंबित है।


 

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