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गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया

 नई दिल्ली(छत्तीसगढ़ दर्पण) केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र, नांदेड़ में 1,575 करोड़ रुपये की लागत से 212 किलोमीटर लंबी 5 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं, परभनी में 1,058 करोड़ रुपये की लागत से 75 किमी लंबाई की 3 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं और हिंगोली में 1,037.4 करोड़ रुपये की लागत वाली राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

इन परियोजनाओं से तेलंगाना और कर्नाटक के साथ मराठवाड़ा क्षेत्र के संपर्क में सुधार होगा। परियोजनाओं से धार्मिक स्थलों को जोड़ने और पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ औद्योगिक और कृषि विकास में सुधार करने में मदद मिलेगी।

 

 

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प्रधानमंत्री मोदी ने होली से पहले किसानों को दिया तोहफा, जारी की पीएम किसान सम्मान निधि की 13वीं किस्त

  नई दिल्ली(छत्तीसगढ़ दर्पण) प्रधानमंत्री मोदी ने होली से पहले 8 करोड़ किसानों को तोहफा दिया है। सोमवार को उन्होंने कर्नाटक के बेलगावी से किसानों के खाते में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 13वीं किस्त जारी की है। पीएम-किसान के तहत 16,800 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी की गई।

योजना के अनुसार, पात्र किसान परिवारों को 2,000 रुपए तीन समान किस्तों में प्रति वर्ष 6,000 रुपए प्रदान किए जाते हैं। ये राशि हर 4 महीने के अंतराल में तीन-तीन किस्तों में ट्रांसफर की जाती है। पिछले साल मई और अक्टूबर में इस योजना के तहत 11वीं और 12वीं किस्त जारी की गई थी।

 

पीएम मोदी ने कर्नाटक के बेलगावी में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत, हमने देश में किसानों के बैंक खाते में 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक स्थानांतरित किया है।

 

बता दें कि पीएम किसान की राशि ई-केवाईसी और लैंड डिटेल पूरी भरी होने पर ही राशि खाते में ट्रांसफर होगा। लाभार्थी किसान पीएम किसान योजना के आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आप अपना नाम चेक कर सकते हैं। पीएम किसान योजना के आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं, फिर फार्मर कॉर्नर पर क्लिक करें। यहां बेनिफिशियरी लिस्ट में अपना नाम चेक करें। इसके बाद अपना आधार और बैंक अकाउंट चेक करें। अगर सब कुछ सही पाए जाने के बाद भी आपके खाते में 13वीं किस्त नहीं आई है तो कृषि मंत्रालय से संपर्क कर सकते हैं।

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गर्माती दुनिया में ठंडक का इंतज़ाम

 धरती का तापमान बढ़ने के साथ कई जीवों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मधुमक्खियां भी इनमें शुमार हैं। एक ओर तो कीटनाशकों का बेइंतहा इस्तेमाल, प्राकृतवासों का विनाश, प्रकाश प्रदूषण तथा परजीवियों ने मिलकर वैसे ही उनकी आबादी को प्रतिकूल प्रभावित किया है और साथ में तापमान बढ़ने की वजह से मुश्किलें बढ़ी हैं। ज़ाहिर है मधुमक्खियों की मुश्किलें उन तक सीमित नहीं रहेंगी। इनमें से कुछ हमारी फसलों तथा आर्थिक महत्व के अन्य पेड़-पौधों की महत्वपूर्ण परागणकर्ता हैं।

सोसायटी फॉर इंटीग्रेटिव एंड कम्पेरेटिव बॉयोलॉजी की वार्षिक बैठक में प्रस्तुत एक अध्ययन में बताया गया है कि तापमान में वृद्धि के चलते कुछ मधुमक्खियां जल्दी-जल्दी मगर उथली सांसें लेने लगी हैं। अध्ययन भौरों की कुछ प्रजातियों पर किया गया था।

वैसे तो पहले के अध्ययनों में पता चला था कि यूएस की भौरों की लगभग 45 प्रजातियां मुश्किलों से घिरी हैं लेकिन लगता है कि ज़्यादा दिक्कतें वे प्रजातियां भुगत रही हैं जिनकी जीभ लंबी होती है। आयोवा स्टेट विश्वविद्यालय के एरिक रिडेल और उनके साथी यही समझने का प्रयास कर रहे थे कि क्यों जलवायु परिवर्तन का ज़्यादा असर कुछ ही प्रजातियों पर हो रहा है। उन्होंने बॉम्बस ऑरिकोमस प्रजाति की मधुमक्खियों पर प्रयोग किए। इस प्रजाति की मधुमक्खियों की आबादी सबसे तेज़ी से घट रही है। तुलना के लिए बॉम्बस इम्पेशिएन्स प्रजाति को लिया गया था। शोधकर्ताओं ने इन प्रजातियों की रानी मधुमक्खियों को तब एकत्र कर लिया जब वे अपनी शीतनिद्रा से निकलकर नए छत्तों का निर्माण करने वाली थीं। इन्हें प्रयोगशाला में प्राकृतिक आवास जैसी परिस्थितियों में रखा गया।

फिर तापमान के प्रति रानियों की प्रतिक्रिया को देखने के लिए उन्हें कांच की नलियों में रखकर 18 डिग्री और 30 डिग्री सेल्सियस पर परखा गया। इस तरह से रिडेल और उनके साथियों ने यह जांच की कि बढ़ते तापमान का इन मधुमक्खियों की शरीर क्रिया पर क्या असर होगा।

18 डिग्री सेल्सियस तापमान पर तो दोनों ही प्रजातियों की रानियों ने प्रति घंटे लगभग एक बार सांस ली। लेकिन जब तापमान बढ़ाया गया तो दोनों में श्वसन में परिवर्तन देखा गया। जहां बॉम्बस इम्पेशिएन्स हर 10 मिनट में एक बार सांस लेने लेगी वहीं बॉम्बस ऑरिकोमस में सांस की गति 10 गुना अधिक तेज़ हो गई। श्वसन दर बढ़ने के साथ उनके शरीर से पानी की हानि भी अधिक हुई।

इस परिस्थिति में 3 दिन रखे जाने पर 25 प्रतिशत बॉम्बस इम्पेशिएन्स जबकि 50 प्रतिशत बॉम्बस ऑरिकोमस मारी गईं। कुछ प्रजातियों की बढ़ी हुई श्वसन दर से कुछ हद तक इस बात की व्याख्या हो जाती है कि क्यों कुछ मधुमक्खियों की आबादी तेज़ी से घट रही है और जलवायु परिवर्तन के साथ इसमें और भी तेज़ी आ सकती है।

अन्य प्रजातियों पर तापमान का असर परखने के लिए शोधकर्ता यह अध्ययन सात अन्य प्रजातियों पर भी करने को तैयार हैं। मानना है कि घटती आबादी वाली सारी मधुमक्खियां तापमान बढ़ने पर ज़्यादा रफ्तार से श्वसन करती होंगी। (स्रोत फीचर्स) 

 

 

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भाषाई विविधता और क्षेत्रीय विशेषताओं को एक सूत्र में बांधती है कला : राष्ट्रपति मुर्मु

  नई दिल्ली(छत्तीसगढ़ दर्पण)।  राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में साल 2019, 2020 और 2021 के लिए संगीत नाटक अकादमी की फैलोशिप (अकादमी रत्न) और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (अकादमी पुरस्कार) प्रदान किए।

इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि सभ्यता किसी राष्ट्र की भौतिक उपलब्धियों को प्रदर्शित करती है, लेकिन अमूर्त विरासत उसकी संस्कृति के माध्यम से सामने आती हैं। संस्कृति ही देश की वास्तविक पहचान होती है। भारत की अद्वितीय प्रदर्शन कलाओं ने सदियों से हमारी अतुल्य संस्कृति को जीवंत बनाए रखा है। हमारी कलाएं और कलाकार हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संवाहक हैं। 'विविधता में एकता' हमारी सांस्कृतिक परम्पराओं की सबसे बड़ी विशेषता है।

राष्ट्रपति ने कहा कि हमारी परंपरा में कला एक साधना है, सत्य की खोज का माध्यम है, प्रार्थना व पूजा का माध्यम है, लोक कल्याण का माध्यम है। सामूहिक उल्लास और एकता भी नृत्य व संगीत के माध्यम से अभिव्यक्त होती है। कला भाषाई विविधता और क्षेत्रीय विशेषताओं को एक सूत्र में बांधती है

राष्ट्रपति ने कहा कि हमें इस बात पर गर्व होना चाहिए कि हमारे देश में कला की सबसे प्राचीन और सबसे श्रेष्ठ परिभाषाएं व परंपराएं विकसित हुई हैं। आधुनिक युग में हमारे सांस्कृतिक मूल्य और अधिक उपयोगी हो गए हैं। आज के तनाव और संघर्ष से भरे युग में, भारतीय कलाओं द्वारा शांति और सौहार्द का प्रसार किया जा सकता है। इसके अलावा भारतीय कलाएं भी भारत की सॉफ्ट पावर का बेहतरीन उदाहरण हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि जिस तरह हवा और पानी जैसे प्राकृतिक उपहार मानवीय सीमाओं को नहीं मानते, उसी तरह कला की विधाएं भी भाषा और भौगोलिक सीमाओं से ऊपर होती हैं। एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी, पंडित रविशंकर, उस्ताद बिस्मिल्लाह खान, लता मंगेशकर, पंडित भीमसेन जोशी और भूपेन हजारिका का संगीत भाषा या भूगोल से बाधित नहीं होते थे। उन्होंने अपने अमर संगीत से केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में संगीत प्रेमियों के लिए एक अमूल्य विरासत छोड़ी है।

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भाटापारा हादसे पर पीएम मोदी ने जताया शोक...

 नई दिल्ली(छत्तीसगढ़ दर्पण)  प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के भाटापारा में हुए सड़क हादसे में 11 लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में हुए हादसे में लोगों की मौत से व्यथित हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को PMNRF से 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा भी की है। बता दें कि भाटापारा में ये हादसा उस वक्त हुआ जब शादी के कार्यक्रम में शामिल होकर एक पिकअप पर सवार होकर करीब 20 से 25 लोग अपने गांव अर्जुनी वापस लौट रहे थे। तभी खमरिया के पास पिकअप की ट्रक से जोरदार भिड़ंत हो गई। जिसकी वजह से पिकअप में सवार 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 10 लोग घायल हैं, जिनमें से 3 की हालत गंभीर है।

 

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भारत में जन्मी लेखिका को ऑस्ट्रेलिया में 12वें विश्व हिंदी सम्मेलन में सम्मानित किया गया

 मेलबर्न (छत्तीसगढ़ दर्पण)भारत में जन्मी हिंदी और संस्कृत लेखिका-ट्रांसलेटर डॉ. मृदुल कीर्ति को हाल ही में संपन्न 12वें विश्व हिंदी सम्मेलन में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 'विश्व हिंदी सम्मान' पुरस्कार से सम्मानित किया है। मेलबर्न की रहने वाली कीर्ति ने क्लासिक संस्कृत भाषा में लिखे सामवेद और अष्टावक्र गीता जैसे ग्रंथों का हिंदी और बृजभाषा में अनुवाद किया है।

जयशंकर ने एक ट्वीट में लिखा, ऑस्ट्रेलिया में रहने वालीं डॉ. मृदुल कीर्ति एक सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और भाषाई अंतर्²ष्टि का ब्रिज हैं। उन्होंने कई पुस्तकों का हिंदी कविता में अनुवाद किया है। भारतीय संस्कृति और अध्यात्म के प्रति उनकी गहरी आस्था है।वह खुद को भगवान के संदेश को फैलाने का एक विनम्र माध्यम मानती हैं और उन्होंने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा अमर धार्मिक ग्रंथों के लेखन और अनुवाद में समर्पित किया है। कीर्ति ने मेरठ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पीएचडी की है और उन्हें अनुवाद के लिए यूपी संस्कृत साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन फिजी के नाडी में 15-17 फरवरी तक किया गया था, इसकी सह-मेजबानी भारत और फिजी की सरकारों द्वारा की गई थी।समारोह का उद्घाटन करने वाले जयशंकर ने कहा, हमारा उद्देश्य है कि हिंदी को वैश्विक भाषा कैसे बनाया जाए। रिपोर्ट के अनुसार, सम्मेलन का मुख्य विषय हिंदी - ट्रेडिशनल नॉलेज ऑफ आर्टिफिशियलइंटेलिजेंस था।देवनागरी लिपि में लिखी गई और संस्कृत से प्रभावित हिंदी भाषा अंग्रेजी और मंदारिन के बाद 615 मिलियन बोलने वालों के साथ दुनिया की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है।

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क्रॉस-बॉर्डर कनेक्टिविटी PayNow शुरू...पीएम मोदी बोले : भारत-सिंगापुर के नागरिकों को मिलेगा लाभ

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली हसीन लूंग मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से 'यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI)' और 'PAYNOW' के बीच क्रॉस-बॉर्डर कनेक्टिविटी की शुरुआत के साक्षी बनें। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा यह लिंकेज दोनों देशों के लोगों को कम लागत वाला रीयल-टाइम भुगतान विकल्प प्रदान करेगा और प्रेषण में वृद्धि करेगा। इससे छात्रों, पेशेवरों, एनआरआई और उनके परिवारों को सबसे ज्यादा फायदा होगा।


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा आज के समय में तकनीक हमें अनेक प्रकार से एक-दूसरे से जोड़ती है। फिनटेक भी एक ऐसी तकनीक है जो लोगों को एक दूसरे से जोड़ती है। इसका दायरा एक देश की सीमाओं के भीतर ही सीमित होता है। मगर आज की शुरूआत ने क्रॉस बॉर्डर फिनटेक कनेक्टिविटी की नई शुरूआत की है।

दोनों देशों के नागरिकों को मिला उपहार : पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और सिंगापुर की मित्रता बहुत पुरानी है, समय की कसौटी पर हमेशा खरी उतरी है। हमारे लोगों से लोगों तक के रिश्ते इसका मुख्य आधार रहे हैं। उन्होंने आगे कहा UPI-Pay Now Link का लॉन्च आज दोनों देशों के नागरिकों के लिए एक ऐसा उपहार है, जिसका वे उत्सुकता से इंतजार कर रहे थे।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि यह भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की ही ताकत है कि कोविड के दौरान हम करोड़ों लोगों के बैंक खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर कर पाए। 5 साल पहले मैंने सिंगापुर में ही कहा था कि फिनटेक इनोवेशन और युवा ऊर्जा में विश्वास का बहुत बड़ा उत्सव है।

 

 

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अब अग्निवीर भर्ती में भाग ले सकेंगे प्री-स्किल्ड युवा...

सेना ने बड़ा बदलाव करते हुए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया बढ़ाया

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्र की एनडीए सरकार ने पिछले साल तीनों सेनाओं में जवानों की भर्ती के लिए अग्निपथ योजना का ऐलान किया था। सेना ने अब अग्निपथ भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को बढ़ा दिया है। प्री-स्किल्ड युवा भी अग्निपथ भर्ती में हिस्सा ले सकेंगे। ITI- पॉलिटेक्निक पास आउट टेक्निकल ब्रांच में आवेदन कर सकेंगे। इससे प्री स्किल्ड युवाओं को विशेष प्रोत्साहन मिलेगा। इतना ही नहीं इससे ट्रेनिंग टाइम भी कम होगा। इस बड़े बदलाव के बाद अब और अधिक युवा उम्मीदवारों को योजना में शामिल होने का मौका मिलेगा।बता दें कि बीती 16 फरवरी से अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना में अग्निवीरों की भर्ती के रजिस्‍ट्रेशन शुरू हुए हैं। अग्निपथ भर्ती वर्ष 2023-24 के लिए अविवाहित पुरुष अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर विजिट कर ऑनलाइन माध्‍यम से आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन की लास्‍ट डेट 15 मार्च है। जबकि चयन परीक्षा 17 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। नोटिफिकेशन के अनुसार, अग्निवीर जनरल ड्यूटी, टेक्निकल क्‍लर्क, स्‍टोर कीपर, ट्रेड्समैन के पद भरे जाएंगे। अग्निवीर चयन प्रक्रिया में हाल ही में किए गए बदलाव के बाद अब उम्‍मीदवारों को सबसे पहले लिखित परीक्षा पास करनी होगी। इसमें क्‍वालिफाई होने वाले उम्‍मीदवार ही फिजिकल टेस्‍ट के लिए आमंत्रित किए जाएंगे।

 

 

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प्रधानमंत्री ने पूर्व राज्यपाल ओपी कोहली के निधन पर जताया शोक

दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व राज्यपाल ओपी कोहली के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

एक ट्वीट में प्रधानमंत्री ने कहा; "श्री ओपी कोहली जी के निधन से दुखी हूं। उन्होंने दिल्ली में हमारी पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सांसद और राज्यपाल के रूप में, उन्होंने जन कल्याण के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया। वह शिक्षा क्षेत्र के प्रति भी जागरूक थे। मेरी संवेदनाऐं उनके परिवार के साथ हैं। ओम शांति।"

 

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जदयू में फूट : उपेंद्र कुशवाहा ने किया नई पार्टी बनाने का ऐलान

 एमएलसी पद से भी देंगे इस्तीफा

पटना (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बिहार में नीतीश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा की तनातनी चरम पर है। बगावती तेवर अपनाए उपेंद्र कुशवाहा ने नई पार्टी बनाने की घोषणा कर दी है। कुशवाहा ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस किया, जिसमें उन्होंने कहा कि वे आज से नई शुरुआत करने जा रहे हैं।उपेंद्र कुशवाहा ने बताया कि वे नई पार्टी 'राष्ट्रीय लोक जनता दल' बनाने जा रहे हैं। कुशवाहा ने कहा कि बिहार की जनता ने नीतीश कुमार को राज्य चलाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। जॉर्ज फर्नाडिंस के कारण नीतीश कुमार पार्टी के मुखिया बने थे। उस समय बिहार की जनता तबाह थी। हमने जनता को उस हालात से निकालने के लिए 10-12 साल तक संघर्ष चला। हम सब साथ रहे। बिहार को खौफनाक मंजर से निकालने में पूरी ताकत लगा दी।कुशवाहा ने आगे नीतीश कुमार की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि उस समय नीतीश कुमार ने बहुत अच्छा काम किया था लेकिन अंत भला तो सब भला होता है। बाद में अंत भला नहीं हुआ। कुछ को छोड़कर जद (यू) में हर कोई चिंता व्यक्त कर रहा था। निर्वाचित सहयोगियों के साथ बैठक हुई और निर्णय लिया गया है। नीतीश कुमार ने शुरुआत में अच्छा किया लेकिन अंत में जिस रास्ते पर उन्होंने चलना शुरू किया है, वह उनके और बिहार के लिए बुरा है।इससे पहले, कुशवाहा ने पटना में बैठक बुलाई थी। जिसमें जदयू से जुड़े नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। दो दिनों तक बैठक चली। यह बैठक पटना के सिन्हा लाइब्रेरी परिसर में हुई। बैठक में जितेंद्र नाथ, सुभाष कुशवाहा, माधव आनंद, विधान पार्षद रामेश्वर महतो और रेखा गुप्ता को कुशवाहा ने कार्यक्रम के संचालन की जिम्मेदारी दी थी। सभी लोग पूर्व में जदयू को पदाधिकारी रह चुके हैं।इस बैठक के शुरू होते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि उपेंद्र कुशवाहा जदयू से अपनी राहें अलग करने वाले हैं। आखिरकार, सोमवार को उन्होंने घोषणा भी कर दी।

 

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ऑपरेशन दोस्त समाप्त : तुर्कीये से लौटी भारतीय सेना की मेडिकल टीम

  नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। तुर्किये में भारतीय सेना के ऑपरेशन दोस्त के तहत भूकंप पीड़ितों के लिए राहत-बचाव अभियान में जुटी राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की आखिरी टीम वापस भारत आ गई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट किया, '99 सदस्यीय स्व-निहित टीम ने इस्केंडरन, हेते में पूरी तरह से सुसज्जित 30-बेड वाले फील्ड अस्पताल को सफलतापूर्वक स्थापित किया और चलाया।'

ज्ञातव्य है कि 6 फरवरी को तुर्की और सीरिया में आए 7.8 तीव्रता के भूकंप के कारण 45,000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई और दस लाख से ज्यादा लोग बेघर हुए। इस संकट के समय तुर्किए और सीरिया में सबसे पहले मदद पहुंचाने वालों में भारत शामिल था।

भारत ने दोनों देशों में पीड़ितों की मदद के लिए ऑपरेशन दोस्त चलाया। भारत ने तुर्किए और सीरिया में भारी मात्रा में राहत-सामग्री भेजी और मोबाइल अस्पताल चलाया। तुर्किए और सीरिया के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में भारतीय सेना के ढाई सौ जवानों को तैनात किया गया।

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चिन्ह के बाद अब भवन पर रार : नारेबाजी के बीच उद्धव पहुंचे शिवसेना भवन

शिंदे गुट ने कहा- यह हमारे लिए एक मंदिर है

मुंबई  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शिवसेना का नाम और चिह्न मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट को देने के बाद से महाराष्ट्र की राजनीति एक बार गरमा गई है। अब शिवसेना भवन को लेकर शिंदे और उद्धव ठाकरे गुट में तकरार शुरू हो गई है। दोनों गुट शिवसेना भवन पर अपना दावा कर रहे हैं।पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अपने समर्थकों द्वारा नारेबाजी और जयकारों के बीच मुंबई में शिवसेना भवन पहुंचे। यहां उन्होंने अपने गुट के विधायकों और नेताओं के साथ बैठक की। उद्धव ठाकरे ने कहा, 'मेरा सब कुछ लुट गया है। हमारी पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न चोरी हो गया है, लेकिन ठाकरे नाम चोरी नहीं हो सकता। चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ हमने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। कल से सुनवाई शुरू होगी।'

शिवसेना भवन हमारे लिए मंदिर

इसी बीच, एकनाथ शिंदे गुट के नेता सदा सर्वंकर ने कहा है कि हम किसी संपत्ति पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। शिवसेना भवन हमारे लिए एक मंदिर है। हमारे लिए (पार्टी की) हर शाखा एक मंदिर है।

ठाकरे गुट को दोहरा झटका

बता दें, ठाकरे गुट को आज दोहरा झटका मिला। एक तरफ जहां सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना का नाम और उसका चुनाव चिह्न धनुष बाण शिंदे गुट को दिए जाने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई से इंकार कर दिया , वहीं विधानसभा में स्थिति शिवसेना के दफ्तर को भी शिंदे गुट के हवाले कर दिया गया। शिंदे गुट के समर्थक विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर से मिलकर इसकी मांग की थी।चुनाव आयोग के फैसले से भड़का ठाकरे गुट

चुनाव आयोग ने 17 फरवरी को शिंदे गुट को शिवसेना का नाम और उसका चुनाव चिह्न धनुष-बाण देने का फैसला किया था। इस फैसले के बाद से ही ठाकरे गुट के नेता भड़के हुए हैं वे शिंदे गुट पर जमकर निशाना साध रहे हैं। ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग ने 2000 करोड़ में शिंदे गुट को शिवसेना का नाम और चुनाव चिह्न देने का सौदा किया है।

'शिकायतों से संजय राउत नहीं डरेंगे

संजय राउत ने कहा, ''हमने चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मैं अपने बयान पर कायम हूं कि 2000 करोड़ रुपये का सौदा हुआ था, जिससे शिंदे गुट को पार्टी का नाम और सिंबल मिला था। उचित समय पर हम इस संबंध में सबूत लेकर आएंगे।'' उन्होंने कहा, ''मैंने सुना है कि इस बयान पर शिकायत दर्ज की गई है। ऐसी एक लाख शिकायतें भी दर्ज हों तो भी संजय राउत नहीं डरेंगे।''

 

 

 

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ट्रक-फारच्यूनर की आमने-सामने भिड़ंत : 2 की मौत, 2 गंभीर... जा रहे थे बागेश्वर धाम...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर शनिवार सुबह सड़क हादसा हो गया। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे हैं। वहीं घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया है।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर शनिवार सुबह आगरा की ओर से फार्च्यूनर कार बागेश्वर धाम पर गरीब कन्याओं की शादियां कराने के लिए जा रहे थे। कार ने आगरा-लखनऊ टोलप्लाजा को पार किया तो गलत साइड में आ गई और लखनऊ की तरफ से आ रहे ट्रक से आमने सामने की भिड़ंत हो गई। जिससे कार मे बैठे सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर फतेहाबाद त्रिलोकी सिंह, उपनिरीक्षक आशुतोष सिंह, चौकी इंचार्ज लुहारी गौरव बालियान पुलिस बल के साथ साथ यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी मय टीम ने मौके पर पहुंचे। घायलों को अस्पताल भेजा गया।

हादसे में अनिल गोयल उम्र पुत्र रामानंद गोयल निवासी, 328ए पटेल नगर पिलखुआ रोड हापुड़ की रास्ते मे मौत हो गई। नवीन सिंघल पुत्र शांति प्रसाद निवासी 14/101 राजनगर गाजियाबाद को पुष्पांजलि हास्पिटल मे भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान मौत हो गई। कार चालक श्रीनिवास के अंदरूनी चोट जबकि अनिल गोयल के दामाद अंशुल मित्तल पुत्र महेन्द्र मित्तल निवासी पिलखुआ हापुड़ घायल हो गए। जिनका अस्पताल मे इलाज चल रहा है। कार का एयर बैग खुलने के कारण आगे चालक श्रीनिवास और अंशुल मित्तल को कम चोटें आई है।

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जीएसटी काउंसिल की बैठक 18 फरवरी को

  नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जीएसटी काउंसिल की 49वीं बैठक शनिवार को आयोजित होने जा रही है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में  बैठक का आयोजन किया जाएगा। इस बारे में  जीएसटी कॉउन्सिल ऑफ इंडिया ने ट्वीटर के जरिये जानकारी दी। 

बता दें कि देश में आम बजट के पेश होने के बाद यह जीएसटी काउंसिल  की पहली बैठक होगी. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज नई दिल्ली में GST परिषद की 49वीं बैठक की अध्यक्षता करेंगी. इस बैठक में वह आज कई अहम फैसले ले सकती हैं. जिनमें पान मसाला और गुटखा बिजनेस पर टैक्स चोरी को रोकने के लिए अपीलेट ट्रिब्यूनल की स्थापना करने पर चर्चा होने की संभावना है. इसका मकसद टैक्स चोरी पर रोक लगाना है। 

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कांग्रेस साथ लड़े तो बीजेपी 100 सीटों से आ जाएगी नीचे : नीतीश कुमार

   नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  बिहार में पटना के कृष्ण मेमोरियल हॉल में सीपीआइ एमएल का महाधिवेशन हो रहा है। महाधिवेशन में शनिवार को मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने कांग्रेस से बड़ी अपील की है। नीतीश कुमार ने कहा कि अगर हमलोग साथ मिलकर लड़ते हैं तो भाजपा को 100 सीटों पर समेट देंगे।


सीएम नीतीश ने कहा कि मैं चाहता हूं कि आप लोग (कांग्रेस) जल्द फैसला लें। यदि मेरा सुझाव लेते हैं और एक साथ लड़ते हैं, तो बीजेपी 100 सीटों से नीचे चले जाएंगी, लेकिन अगर मेरा सुझाव नहीं लेते हैं, तो आप जानते हैं कि क्या होगा।

इस दौरान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई को भुलाने और नया इतिहास रचने की कोशिश हो रही है। आजादी की लड़ाई में सबका योगदान है।

क्षेत्रीय दल को ड्राइविंग सीट पर बिठाए कांग्रेस : तेजस्वी यादव
वहीं, उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी लगे हाथ कांग्रेस को सलाह दे डाली। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को चाहिए कि क्षेत्रीय दल को ड्राइविंग सीट पर बिठाए। जहां सीधी टक्कर है, वहां कांग्रेस खुद लड़े। हमलोग साथ होंगे।

इसके साथ ही तेजस्वी ने भाजपा को घेरते हुए कहा कि आज देश का माहौल और हालात ऐसे हैं कि बीजेपी के खिलाफ बोलोगे तो छापा पड़ेंगे, चरित्रहनन होगा या जेल भेज दिया जाएगा। इसके उलटा बीजेपी के साथ रहे तो हरिश्चंद्र कहलाएंगे।

तेजस्वी ने आगे कहा कि आप पर कितना भी दाग ​​हो, अगर आप बीजेपी के साथ हैं, तो वह वाशिंग मशीन के अंदर साफ हो जाएगा। आप सभी देश के संविधान को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं, इसलिए हम आप सभी का धन्यवाद करते हैं।

महाधिवेशन में मौजूद सलमान खुर्शीद ने नीतीश सरकार की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि अब गुजरात मॉडल की बात नहीं होती है। अब नीतीश मॉडल की बात होती है, यानी बिहार की बात होती है।

 

 

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रमेश बैस में मराठी में ली शपथ, संभाला महाराष्ट्र के नए राज्यपाल का पद...

  नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  रमेश बैस ने महाराष्ट्र के 22वें राज्यपाल के रूप में शपथ ले ली। शपथ समारोह में महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिन्दे भी मौजूद थे। राजभवन में बंबई उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस वी गंगापुरवाला ने पैड और गोपनीयता की शपथ दिलाई। रमेश बैस ने यहां मराठी में शपथ ली। इसके बाद उन्होंने अपना पदभार संभाल लिया।

बता दें, 12 फरवरी को भगत सिंह कोश्यारी ने महाराष्ट्र के राज्यपाल के पद से इस्तीफा दिया था। कोश्यारी, जिन्होंने सितंबर 2019 से महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में कार्य किया, ने विवादास्पद कार्यकाल के बाद पिछले सप्ताह इस्तीफा दे दिया।

शुक्रवार को पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को मुंबई राजभवन से विदाई दी गई। इस मौके पर राजभवन के स्टाफ और उनके परिजनों की पलकें भीगी हुई थीं। राजभवन के स्टाफ की ओर से गुरुवार को उनके सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। शुक्रवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राजभवन जाकर उनसे मुलाकात की थी।

छत्तीसगढ़ के रायपुर निवासी रमेश बैस को 2019 में त्रिपुरा का राज्यपाल बनाया गया। जहां वे दो साल तक रहे। जुलाई 2021 में बैस को झारखंड का राज्यपाल बनाया गया। इसके बाद अब महाराष्ट्र का राज्य पाल नियुक्त किया गया है।

इससे पहले भारत की सोलहवीं लोकसभा में छत्तीसगढ़ की रायपुर लोकसभा सीट से सांसद थे। 2014 के चुनावों में इन्होंने छत्तीसगढ की रायपुर सीट से भारतीय जनता पार्टी की ओर से भाग लिया छत्तीसगढ़ राज्य से लगातार 7 बार जीत दर्ज करके सांसद तक पहुचने वाले लोकप्रिय नेता है।

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सीएम शिवराज ने कूनो में छोड़े 12 चीते

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कूनो (वीएनएस)। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 12 चीतों को कूनो नेशनल पार्क के क्वारंटीन बाड़ों में छोड़ दिया है। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र सिंह, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और मध्यप्रदेश के वन मंत्री विजय शाह भी मौजूद थे। इन चीतों को क्वारंटीन बाड़ों में एक महीना रखा जाएगा। इस दौरान इन्हें भैंसों का मांस खिलाया जाएगा। नामीबिया से आए चीतों को भी डेढ़-दो महीने क्वारंटीन बाड़ों में रखा गया था। दक्षिण अफ्रीका से आए चीतों को रिलीज करने के बाद अब कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। इससे पहले नामीबिया से आठ चीतों को लाया गया था।

कूनो में मीडिया को एंट्री नहीं
कूनो नेशनल पार्क में दक्षिण अफ्रीका से आए चीतों को रिलीज करते समय मीडिया को एंट्री नहीं दी गई है। इस वजह से लाइव फुटेज भी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। 17 सितंबर को नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को पार्क में छोड़ा गया था। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद कूनो नेशनल पार्क आए थे। उस समय सरकार ने लाइव फुटेज उपलब्ध कराए थे। साथ ही मीडिया को भी आमंत्रित किया गया था। इस बार यह सब बिना मीडिया की मौजूदगी के हो रहा है। 

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अब जनता तय करेगी शिवसेना किसकी : उद्धव

 कहा- हमारा चुनाव चिन्ह चोरी हुआ

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण) चुनाव आयोग के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले धड़े को असली शिवसेना मानने के एक दिन बाद उद्धव ठाकरे ने अपने धड़े के नेताओं के साथ बैठक की। इस बैठक में तय किया गया है कि पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाएंगे और लोगों को यह बताएंगे कि उनका चुनाव चिन्ह चोरी हुआ है। उद्धव ठाकरे ने पार्टी समर्थकों को लोगों के बीच जाने की अपील की और कहा कि जनता तय करेगी कि शिवसेना किसकी है। प्रधानमंत्री को लगता है कि शिवसेना को खत्म कर देंगे लेकिन शिवसेना कभी खत्म नहीं होगी। बता दें पार्टी के भविष्य के कदम पर भी इस बैठक में चर्चा हुई। इस बैठक में पार्टी नेता और प्रवक्ताओं समेत शिवसेना उद्धव बालासाहेब गुट के सभी बड़े नेता शामिल हुए। यह बैठक ठाकरे के निवास मातोश्री में हुई। चुनाव आयोग के फैसले को शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

बता दें कि शुक्रवार को चुनाव आयोग ने 'शिवसेना' नाम और इसका चुनाव चिन्ह 'धनुष और तीर' एकनाथ शिंदे गुट को देने का फैसला किया है। साल 1966 में बाल ठाकरे द्वारा बनाई गई शिवसेना पर अब ठाकरे परिवार का नियंत्रण खत्म माना जा रहा है। छह महीने पहले एकनाथ शिंदे ने चुनाव आयोग में याचिका दाखिल की थी। जिस पर अब तीन सदस्यों वाले आयोग ने एकनाथ शिंद के पक्ष में फैसला सुनाया है।

शिंदे गुट के पास बहुमत

एकनाथ शिंदे के पास पार्टी के 55 विधायकों में से 40 विधायकों का और 18 लोकसभा सांसदों में से 13 का समर्थन है। संख्या बल के आधार पर ही चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को असली शिवसेना माना है। आयोग ने अपने फैसले में कहा कि 40 विधायक शिंदे गुट का समर्थन कर रहे हैं, जिसके चलते पार्टी को मिले कुल 47,82,440 वोटों में से 36,57,327 वोटों, जो कि कुल वोटों का 76 फीसदी हैं, इनका समर्थन शिंदे गुट के पास है। वहीं उद्धव ठाकरे गुट के पास सिर्फ 11,25,113 वोट पाने वाले 15 विधायकों का ही समर्थन है।

 

 

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