छत्तीसगढ़

खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में अनुमानित 4,84,287 मीट्रिक टन धान खरीदी की जाएगी

 धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप जिले में इस साल पंजीकृत किसानों से 1 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारी जोरों पर है। मुख्य सचिव अमिताभ जैन की ओर से आज दोपहर तीन बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए जिलों में इसकी तैयारी की समीक्षा की गई। इस दौरान कलेक्टर पी.एस. एल्मा ने बताया कि खरीफ  विपणन वर्ष 2022-23 में अनुमानित चार लाख 84 हजार 287 मिट्रिक टन धान खरीदी की जाएगी। यहां कुल 74 समितियों के 96 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी के लिए 10 अक्टूबर तक नोडल अधिकारी नियुक्त कर लिए जाएंगे। वहीं 11 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक इलेक्ट्रॉनिक तौल/तराजू-बाट/ धर्मकांटा का सत्यापन पूरा कर लिया जाएगा।

जिले में धान खरीदी के लिए 24 हजार 214 गठान बारदाने की जरूरत होगी। अब तक मार्कफेड से नया जूट बरदाना के 12 हजार 624 गठान में से छ: हजार 814 गठान मिल गए हैं। इसी तरह मिलर्स से 15 हजार 562 के विरुद्ध 10 हजार 165 और सार्वजनिक वितरण प्रणाली से 3 हजार 653 के एवज में एक हजार 758 गठान बारदाने मिले हैं। गौरतलब है कि गत खरीफ  विपणन वर्ष में 1 लाख 12 हजार 227 पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर 4 लाख 31 हजार 397 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी। व्यवस्थित तरीके से धान खरीदी के लिए इस साल भी खरीदी केंद्रों में आवश्यक व्यवस्था की जा रही है। इसमें फड़ की साफ-सफाई, तारपोलिन की व्यवस्था, डेनेज, प्रकाश आदि की तैयारी जोरों पर है। कलेक्टर ने आगे बताया कि इस साल अब तक पंजीयन के लिए मिले आवेदनों में दो हजार 134 नए, एक हजार 485 संशोधन वाले आवेदन ऑनलाइन पंजीकृत कर लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जि़ले में इस साल भी उपार्जित पूरे धान का उठाव जि़ले के कस्टम मिलर्स की ओर से सीधे समितियों से किया जाएगा। साथ ही यहां खरीदी केंद्रों में अवैध धान की आवक पर रोक लगाने पांच चेकिंग दल गठित कर लिए गए हैं। इसके साथ ही जिले के 13 खरीदी केंद्रों को संभावित अतिसंवेदनशील केंद्र के रूप में चिन्हांकित किया गया है।

कलेक्टर ने बताया कि जिले में अंतर्जिला कस्टम मिलिंग व धान संग्रहण के समन्वय के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है। यहां के भोयना, भाठागांव, चिटौद, जवरगांव में कुल एक लाख 55 हजार मीट्रिक टन धान भंडारण क्षमता है। अंतर्जिला कस्टम मिलिंग की तैयारी भी कर ली गई है। ज्ञात हो गत वर्ष नौ जिलों बालोद, गरियाबंद, कांकेर, महासमुंद, राजनांदगांव, बेमेतरा, रायपुर, बस्तर, कोंडागांव से धमतरी जिले के कस्टम मिलर्स की ओर से 4 लाख 5 हजार 316 मीट्रिक टन धान उठाए गए। यहां कुल 206 राईस मिल हैं, जिनमें 112 अरवा और 94 उसना मिल शामिल हैं। कलेक्टर ने यह भी बताया कि जिले में गिरदावरी लगभग पूरी हो गई है और आगामी 20 अक्टूबर तक गिरदावरी का रैंडम सत्यापन भी कर लिया जाएगा। ज्ञात हो कि आज की वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव जैन ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं, कि गिरदावरी का सत्यापन भी जल्द पूरा करें, ताकि समय रहते उसे ठीक किया जा सके। एनआईसी कक्ष में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में अपर कलेक्टर  चन्द्रकांत कौशिक, खाद्य, कृषि व संबंधित विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

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