छत्तीसगढ़

बीमार मामा को रिक्शा में अस्पताल ले जा रहा था मासूम भांजा, नजारा देख लोग हो गए भावुक...

 रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर से एक ऐसा नजारा सामने आया है कि उसे जिस किसी ने भी देखा वह भावुक हो गया। दरअसल शनिवार को एक किशोर अपने बीमार मामा को गंभीर हालत में माल ढोने वाले रिक्शा में लिटाकर अस्पताल ले जा रहा था। मामा का शरीर शॉल से ढका था और पैर रिक्शे से बाहर की ओर लटके हुए थे। यह नजारा वाकई में भावुक करने वाला था। पुलिस चौकी के सामने से गुजरते समय पुलिसकर्मियों की नजर पड़ी तो उन्होंने मासूम भांजे की मदद करते हुए उसे अस्पताल में भर्ती कराया। यहां जांच पश्चात डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने पीएम के बाद बताया कि शरीर में खून की कमी के अलावा अन्न का एक दाना भी पेट में नहीं था। बीमार मामा को रिक्शा में ढोने वाली इस घटना पर लोग तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं।

वाड्रफनगर के वार्ड क्रमांक 2 निवासी अशोक पासवान पिता दुखी पासवान 40 वर्ष की शादी नहीं हुई थी। वह मजदूरी कर जीवन-यापन कर रहा था। तीन-चार दिनों से उसकी तबीयत खराब थी, ऐसे में मां व बहन द्वारा उसका इलाज कराया जा रहा था। शनिवार की शाम उसका शरीर अचानक से ठंडा पडऩे लगा, यह देख घरवाले घबरा गए और उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे। कोई साधन व वाहन नहीं मिलने पर उसका नाबालिग भांजा उसे माल ढोने वाले रिक्शे में लेकर उसे अस्पताल ले लिए निकल पड़ा। बीमार मामा को उसने रिक्शे पर लिटाकर ऊपर से शॉल से ढक दिया था।

रास्ते में आने-जाने वाले लोग यह देखते हुए निकलते गए लेकिन किसी ने मासूम की मदद नहीं की। यह नजारा लोगों को भावुक करने वाला था।

पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल
जब मासूम अपने मामा को रिक्शे में ढोकर वाड्रफनगर चौकी के सामने पहुंचा तो चौकी प्रभारी ने उसे रोककर पूछताछ की। जब मासूम ने पूरी बात बताई तो पुलिस ने शरीर को छुकर देखा तो शरीर गर्म था।

फिर पुलिसकर्मियों ने उसकी मदद की और उसे अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने जांच पश्चात उसे मृत घोषित कर दिया। शाम होने की वजह से उसका पीएम नहीं हो सका।

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