छत्तीसगढ़

प्रधानमंत्री मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में रायगढ़ का नाम भी हुआ शामिल

  रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)।प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में रायगढ़  नाम भी शामिल हो गया है। रेल्वे आने वाले समय मे छत्तीसगढ़ को दो वन्देभारत ट्रेन देगा। इसके लिए बिलासपुर और छत्तीसगढ़ से लगे गोंदिया में कोचिंग डिपो का काम शुरू हो गया है। सब से पहली ट्रेन बिलासपुर से संपर्क क्रांति रूट से दिल्ली जाएगी और दूसरी गोंदिया से चलकर रायपुर-बिलासपुर रायगढ़ होते हुये झारसुगुड़ा (ओडिशा) जायेगी। इसमें यात्रा करने का ये फायदा होगा कि जहाँ बिलासपुर से दिल्ली के लिये 18 घंटे लगते थे अब वंदेभारत से यह सफर 14 घंटे में पूरा होगा इसी तरह गोंदिया से चलने वाली वंदेभारत में रायपुर से सिर्फ 4 घंटे में झारसुगुड़ा पहुंच जायेगें, अभी इसमें साढ़े 6 घंटे लग रहे हैं। अब लगभग साफ हो गया है कि छत्तीसगढ़ को दो वंदेभारत ट्रेनें मिलने की स्थिति बन गई है। क्योंकि गोंदिया और बिलासपुर में केवल वंदेभारत ट्रेन के लिए 50-50 करोड़ रु. से कोचिंग डिपो बनाने का काम शुरू हो चुका है।

वन्देभारत की स्पीड करीब 130 किमी है, रेलवे की सीआरएस टीम ने दुर्ग से झारसुगड़ा के बीच ट्रेन को 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाकर परीक्षण कर लिया है। सूत्रों के अनुसार यह ट्रायल भले ही वंदेभारत ट्रेन के लिए नहीं था, लेकिन यह साफ हो गया कि इस ट्रैक में हाई स्पीड ट्रेन आसानी से चल सकती हैं। संभावना है कि यह ट्रेन मई जून के आसपास शुरु हो जायेगी। कोचिंग डिपो अगले साल मई-जून तक बन कर तैयार हो जायेगा। उसके तुरंत बाद ट्रेन शुरू की जाएगी। वंदेभारत के लिये  कोचिंग डिपो पूरी तरह अलग रहेगा। इसमें इसके अलावा कोई दूसरी ट्रेन नहीं रखी जाएगी। बिलासपुर और गोंदिया कोचिंग डिपो में ट्रेन की सफाई और जरूरी मरम्मत के बाद ट्रेन स्टेशन पहुंचेगी। रेलवे अफसरों ने बताया कि वंदेभारत की खासियत है कि आने वाले कुछ समय में इसकी स्पीड बढ़ाकर 160 से 180 किमी प्रतिघंटा की जा सकती है। वंदेभारत ट्रेन के कोच भी अपग्रेड किए गए हैं। इसका सीटिंग अरेंजमेंट थोड़ा अलग है, इसलिए पूरे कोच में तकनीकी सुधार हुए हैं।

 


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