छत्तीसगढ़

14 वर्ष से कम बालक व बालिकाओं को किसी तरह नियोजित करना अपराध

 कोरिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। श्रम पदाधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन श्रम विभाग की ओर से बाल श्रम (प्रतिषेध व विनियमन) अधिनियम 1986 के प्रावधान अनुसार 14 वर्ष से कम बालक व बालिकाओं को किसी तरह नियोजित करना अपराध की श्रेणी में माना गया है तथा बाल श्रम (प्रतिषेध व विनियमन) संशोधन अधिनियम 2017 के तहत् 14 से 18 वर्ष के बालक व बालिकाओं को खतरनाक व जोखिम पूर्ण नियोजन में नियोजित नहीं किया जा सकता है। 

 

उक्त नियमों को लागू व पालन कराने के उद्देश्य से जिले में श्रम विभाग महिला व बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण ईकाई तथा पुलिस विभाग की जिला टास्क फोर्स की टीम की ओर से 29 नवम्बर 2022 को बैकुण्ठपुर व पटना क्षेत्र के 50 से अधिक संस्थानों में निरीक्षण किया गया व नियोजकों को समझाईश दी गई।

 

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