छत्तीसगढ़

गौठानों में सभी आवश्यक पंजियों का संधारण अनिवार्य रूप से करें : कलेक्टर

 धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। गोधन न्याय योजना के तहत जिले के गौठानों में पशुपालकों से गोबर खरीदकर उससे वर्मी खाद तैयार करने तथा उसका विक्रय किया जा रहा है। इसके क्रियान्वयन की समीक्षा करने कलेक्टर पी.एस. एल्मा ने संबंधित अधिकारियों की साप्ताहिक बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने सभी सक्रिय गौठानों में गोबर खरीदी में तेजी लाने के साथ-साथ सभी जरूरी पंजी जैसे वर्मी उत्पादन, गोबर खरीदी, आगंतुक एवं निरीक्षण पंजी आदि का संधारण अनिवार्य रूप से करने के लिए निर्देशित किया। साथ ही सभी आय-व्यय का ब्यौरा स्पष्ट तौर पर करने के लिए कहा। बैठक में उन्होंने सभी विकासखण्ड में स्थित सक्रिय गौठानों में गोबर खरीदी, कम्पोस्ट निर्माण और विक्रय की सिलसिलेवार जानकारी ली।

कलेक्टोरेट सभाकक्ष में  सुबह 9.30 बजे से आयोजित बैठक में कलेक्टर ने नगरी विकासखण्ड में स्थित गौठानों औसत से कम गोबर खरीदी पर असंतोष प्रकट करते हुए इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण गोबर बेचने को तैयार हैं किन्तु उनसे नियमित रूप से गोबर नहीं खरीदा जा रहा। कलेक्टर ने गोबर बेचने में रूचि लेने वाले पशुपालकों का पंजीयन कर उनसे तत्काल गोबर खरीदने के निर्देश जनपद पंचायत नगरी के सी.ई.ओ. को दिए। साथ ही यह भी कहा कि अगर किसी गौठान का समूह सक्रिय नहीं है तो उसे बदलकर गोबर खरीदें।

उन्होंने कहा कि गत सप्ताह नगरी ब्लॉक के 27 गौठानों में औसत से भी कम गोबर की खरीदी हुई है, जो उचित नहीं है। इसके अलावा ग्रामीण एवं नगरीय निकायों में स्थित सक्रिय गौठानों में गोबर खरीदने के साथ-साथ वर्मी कम्पोस्ट निर्माण और उसके विक्रय में तेजी लाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती प्रियंका महोबिया ने ग्रामीण औद्योगिक पार्क (रीपा) के तहत चयनित गौठानों में जल्द से जल्द कार्य प्रारम्भ कराने और आयमूलक गतिविधियों में तेजी लाने के निर्देश कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी और मछलीपालन विभाग के अधिकारियों को दिए।

बैठक में बताया गया कि जिले में कुल 367 सक्रिय गौठान हैं जिनमें धमतरी विकासखण्ड में 95, कुरूद में 114, मगरलोड में 72 तथा नगरी विकासखण्ड में 78 गौठान शामिल हैं। इनमें 311 ग्रामीण क्षेत्र में और 48 आवर्ती चराई गौठान हैं। इसी प्रकार नगरीय निकायों में कुल 08 गौठान हैं जिनमें नगर निगम धमतरी में 03 तथा शेष पांचों नगर पंचायतों में एक-एक गौठान स्थापित हैं। यह भी बताया गया कि योजना की शुरूआत से अब तक कुल 4 लाख 67 हजार 886 क्विंटल गोबर खरीदकर 84 हजार 927 क्विंटल वर्मी खाद उत्पादित कर 61 हजार 901 क्विंटल खाद का विक्रय क्रिया जा चुका है।

इसी तरह धमतरी विकासखण्ड के भटगांव और सारंगपुरी गौठान में गोमूत्र क्रय किया जा रहा है। इन गौठानों में अब तक कुल 2185 लीटर गोमूत्र खरीदा जा चुका है जिसका मूल्य 8740 रूपए है। इसके अलावा जिले के 215 गौठानों में बाड़ी विकास, 15 में सब्जी उत्पादन, 50 में बकरीपालन, 63 में मुर्गीपालन, 39 में मछलीपालन, 87 में मशरूम उत्पादन तथा शेष 80 में विभिन्न प्रकार की आयमूलक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। बैठक में अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक सहित कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, मछलीपालन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

 

 

Leave Your Comment

Click to reload image