रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भेंट मुलाकात कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बुधवार को रायपुर के हेलीपैड से महासमुंद जिले के गोपालपुर के लिए हुए रवाना। इस दौरान अरुणाचल में भारत चाइना बॉर्डर की स्थिति को लेकर उन्होंने कहा "देश की सीमाओं के साथ किसी तरह की छेड़खानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लेकिन सवाल इस बात का है कि भारत सरकार चुप क्यों है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा " चीन लगातार हमारे देश के सीमाओं को अधिग्रहण कर रहे हैं लगातार कांग्रेस पार्टी हमारे नेता राहुल गांधी इस बात को उठाते रहे हैं। कल मैं एक वायरल वीडियो देख रहा था जिसकी में पुष्टि नही करता हु लेकिन उस वीडियो में अरुणाचल प्रदेश के एक सांसद है भाजपा के , उन्होंने कहा दूसरा डोकलाम अरुणाचल प्रदेश में होगा। भाजपा के सांसद इस प्रकार से अगर बात कर रहे हैं इसका मतलब यह है की स्थिति ठीक नहीं है। इस मामले में अगर मल्लिकार्जुन खड़गे विपक्षी नेताओं की बैठक कर रहे हैं तो बहुत गंभीर मामला है। देश की सीमाओं के साथ किसी तरह की छेड़खानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। केवल पाकिस्तान की बात नहीं है। दूसरे देश भी अगर इस तरह करता है तो लाल आंख दिखाने वाली जो बात है वह करनी चाहिए। सरकार आपत्ति भी दर्ज नहीं कर पा रही है और वह सोशल मीडिया में सक्रिय हो गए हैं। भारत की जो सेना है वह दुनिया के सबसे सर्वश्रेष्ठ सेना में से एक है और उनकी शोर्यशीलता पर कोई प्रश्नवाचक चिन्ह नहीं लगा सकता। लेकिन जो कूटनीतिक राजनीतिक बात करना है वह भारत सरकार को ही करना होगा। सवाल इस बात का है कि भारत सरकार चुप क्यों है।
4 सालों में सरकार की उपलब्धियों को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा " छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है लेकिन हमारे अन्नदाता कर्ज में डूबे हुए थे। मजदूर लगातार पलायन कर रहे थे। छत्तीसगढ़ बनने के बाद भी ना किसान को ना मजदूरों को ना महिलाओं को ऐसा कोई काम नहीं मिला जिससे उनका जीवन में कोई परिवर्तन आए। आपको याद होगा नंदकुमार पटेल ने परिवर्तन यात्रा निकाली थी वह परिवर्तन यात्रा सरकार के परिवर्तन की नहीं बल्कि लोगों के जीवन में परिवर्तन आए वह उसका उद्देश्य था। हमारे पूर्वज कहते थे छत्तीसगढ़ में खनिज संपदा की भरमार है यहां पर शिक्षा , स्वास्थ्य , जंगल सबका लाभ लोगों को मिलना चाहिए। लेकिन 18 साल तक लोगों को लगा ही नहीं कि छत्तीसगढ़ में उनकी कोई हिस्सेदारी है। केवल चावल वाला बाबा मिला जिसने नान खदान धान सभी घोटाला किया है। हमारी सरकार 2018 में बनी जिसके बाद से हमने लगातार प्रदेश के विकास के लिए काम किया है। प्रदेश में हमने किसानों से लेकर महिलाओं रोजगार सभी वर्गों के लिए काम किया और पूरी दुनिया को हमने छत्तीसगढ़ की संस्कृति सभ्यता स्वाभिमान से परिचित कराया है। गोधन न्याय योजना , गोबर खरीदी , धान खरीदी सभी का लाभ हमारे किसान भाइयों को मिला है।
वहीं आरक्षण के बिल पर राज्यपाल के हस्ताक्षर को लेकर सीएम बघेल ने कहा- "बीजेपी आरक्षण के विरोधी हैं। अजय चंद्राकर का बयान विधानसभा का निकाल कर के देख लीजिए उन्होंने कहा मैं पार्टी में बंधा हुआ हूं। लेकिन व्यक्तिगत विचार में मैं आरक्षण का विरोधी हूं। यही हाल भारतीय जनता पार्टी के हर नेताओं का है वह आरक्षण के विरोध है चाहे वह 32% आदिवासियों को देने की बात हो 27% पिछड़ा वर्ग की हो 13% अनुसूचित जाति के हो और 4% ईडब्ल्यूएस के हो। जो राज्यपाल यह कहे मैं तुरंत हस्ताक्षर करूंगी अब अब किंतु परंतु कर रही हूं इसका मतलब यह है कि वह चाहती थी साइन करना। राज्यपाल आदिवासी भोली महिला है और निश्चल है लेकिन भारतीय जनता पार्टी के जो लोग हैं वह दबाव बनाकर रखे हैं उस कारण से उनको फिर किंतु परंतु करना पड़ रहा है। आरक्षण का बिल सिर्फ एक वर्ग के लिए नहीं होता है जो प्रावधान है वह सभी वर्गों के लिए है। आरक्षण तो एक ही साथ आएगा। विधानसभा में भाषण निकाल कर देख लीजिए धरमलाल कौशिक का रमन सिंह का, उसमें आपको भाजपा के कई मुंह दिखेंगे। भाजपा के एक नेता कहते हैं कि 70 दिन क्या किए , दूसरे कहते हैं इतना जल्दी आरक्षण लाने की क्या जरूरत थी। भाजपा दोनों बात कहेंगे दो मुंह हैं उनके। जब विधानसभा से एक्ट पारित हुआ है तो राजभवन में रोका नहीं जाना चाहिए तत्काल इस पर साइन किया जाना चाहिए।"