छत्तीसगढ़

सदन में गरमाया एक्सप्रेस-वे निर्माण गाइडलाइन के अनुरूप नहीं होने का मुद्दा

  रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राजधानी के तेलीबांधा एक्सप्रेस-वे का निर्माण गाइडलाइन के अनुरूप नहीं होने का मुद्दा विधानसभा में गरमाया। इस मामले में सत्तापक्ष के सदस्यों ने लोक निर्माण मंत्री पर सवाल दागे।

वहीं सर्विस रोड में बैरिकेडिंग कर आम लोगों के साथ निजी भूस्वामियों की एंट्री बंद करने पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाए कि इस मामले में अफसर गुमराह कर रहे हैं। इसकी विधानसभा की समिति से जांच कराई जाए।

 

लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने दुर्घटनाओं की आशंका का हवाला देकर जांच से इनकार किया। हालांकि सदन में रायपुर के विधायकों की चिंता को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मंत्री को निर्देश दिए कि वे सदस्यों के पास मौजूद तथ्यों की जांच करा लें। विधानसभा में ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए कांग्रेस के सदस्य सत्यनारायण शर्मा एवं कुलदीप जुनेजा के अलावा शैलेष पांडे ने यह मामला उठाया।

 

सदस्यों ने कहा कि अमलीडीह समेत अन्य क्षेत्र में लोगों ने सर्विस रोड के लिए जमीन दान में दी है। इसके बावजूद विभाग एफएओआर देने में पक्षपात कर रहा है।

 

कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि इस मामले में अधिकारी गुमराह कर रहे हैं। हाईवे की गाइडलाइन पर एक्सप्रेस-वे का निर्माण नहीं किया जा सकता।

 

उन्होंने दावा किया कि उनके पास गूगल मैप समेत अन्य सभी प्रमाणित दस्तावेज मौजूद हैं। उन्होंने आसंदी से इसे पटल पर रखने की अनुमति भी मांगी।

उन्होंने दावा किया कि विधानसभा की समिति से जांच कराई जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। लोगों को रास्ता मिलना चाहिए। कनेक्टिंग रोड पर एंट्री बंद नहीं कर सकते। हालांकि इस मामले में लंबी बहस के बाद आसंदी ने सदस्य सत्यनारायण शर्मा से कहा कि वे सभी प्रमाण रख दें, मंत्री इसकी जांच करा लेंगे।

 

कांग्रेस सदस्य कुलदीप जुनेजा ने कहा कि उनके क्षेत्र में झुग्गी बस्तियों में रहने वालों को बाहर निकलने की जगह नहीं मिल रही है। उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने भी सदन की कमेटी से जांच की मांग उठाई। इस मामले में शैलेष पांडे और बृजमोहन अग्रवाल ने भी सवाल उठाए।

 

 

 

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