छत्तीसगढ़

प्राकृतिक जैविक खेती के नई तकनीकों को अपनाने बैगा समुदाय को किया प्रेरित

कवर्धा  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। गांधी ग्राम विकास समिति (ग्रामोदय केंद्र) के प्रमुख चंद्रकांत यादव के नेतृत्व में 23 मई को ग्राम बगछापर विकासखंड बोड़ला जिला कबीरधाम में  विशेष संरक्षित जनजातियों PVTGs बैगा समुदाय की बैठक आयोजित कर उन्हें प्राकृतिक जैविक खेती के लिए कृषि पूर्व तैयारी के लिए प्रेरित किया।


बैठक में  उपस्थित बैगा महिला एवं पुरुषों को संस्था के कार्यकर्ता कोमल सिंह धारवैया ने गोबर कम्पोस्ट खाद के महत्व को बताते हुए कहा कि इस खाद से मिट्टी एवं ह्युमरस बहुत अच्छा होता है जिससे उत्पादन अधिक होता है, इसलिए सभी बैगा परिवार केवल जैविक गोबर खाद कम्पोस्ट का ही उपयोग करें। संस्था ने बीज चयन पद्धति, बीज उपचार विधि के संदर्भ में ग्रामीणों को विस्तारपूर्वक जानकारी दी।



संस्था ने सभी किसानों से मिलकर इस वर्ष खरीफ सीजन के खेती और फ़सलों का नियोजन किया। जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को देखते हुए कृषि की नई तकनीक जिसमें कतार मिश्रित खेती मिलेट्स के साथ इसके आलावा धान एवं सब्जी फ़सलों में भी लेने के लिए प्रेरित कर मार्गदर्शन किया गया। किचन गार्डन पोषण वाटिका अपने अपने बाड़ी में  लगाने प्रेरित किया गया। जिससे पोषण एवं स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ सके। सभी किसानों के पास पर्याप्त मात्रा में समय पर बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए चर्चा किया गया। सभी अपने अपने खेतोँ की साफ सफाई में जुटे हुए हैँ। अब जिले के विशेष संरक्षित जनजाति PVTGs बैगा भी रुचि के साथ कृषि कार्यों से जुड़ रहे हैं। इससे इनकी आमदनी, आजीविका एवं जीवन स्तर में व्यापक सुधार दिखाई दे रहा है। संस्था के द्वारा खरीफ सीजन में निरंतर समुदाय को कृषि के सभी पहलू से मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करते रहेंगे। बैठक को सफल बनाने ग्राम प्रमुख, केडर के साथ कार्यकर्ता कोमल सिंह धारवैया, गणेश राम धुर्वे,  चंद्रकांत यादव एवं धनऊ राम परते का सराहनीय सहयोग रहा।

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