छत्तीसगढ़

अभी सचेत नहीं हुए तो भावी पीढ़ी के लिए नहीं रहेगा स्वच्छ पेयजल

 वर्षा जल संचयन एवं बचत हेतु उचित जल प्रबंधन विषय पर कार्यशाला

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के गुढ़ियारी स्थित केंद्र प्रशिक्षण संस्थान में वर्षा जल संचयन एवं बचत हेतु उचित जल प्रबंधन विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें जल के महत्व को बताते हुए इसके सदुपयोग और संरक्षण के बारे में विस्तार से बताया गया। समापन समारोह भिलाई स्टील प्लांट के पूर्व डीजीएम (नगर सेवाएं) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद देवांगन एवं प्रभारी मुख्य  अभियंता (प्रशिक्षण अनुसंधान एवं विकास) एसआर साहू ने कहा कि जल संरक्षण आज की आवश्यकता है। यदि अभी से सचेत नहीं हुए तो भावी पीढ़ी को स्वच्छ पेयजल नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि पानी का संचयन विश्व की महत्वपूर्ण मुद्दा है एवं अगला विश्व यु्द्ध पानी के लिये होगा।

  इस कार्यशाला में पॉवर कंपनी के नव पदस्थ कनिष्ठ अभियंताओं को भविष्य में जल के कमी के कारणों एवं आवश्यक उपाय के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान करते हुये बताया कि यदि उचित उपाय नहीं किये गये तो ग्लोबल वार्मिग एवं प्रदूषण के कारण गंभीर जल संकट उत्पन्न हो सकता है। व्यक्ति से व्यक्ति, शहर से शहर, राज्य से राज्य एवं देश से देश के बीच विवाद एवं हिंसा उत्पन्न हो सकती है, जल संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य एवं दायित्व है। वर्षा जल संचयन के उपाय जैसे सतह पर टैंक निर्माण, भूमिगत टैंक निर्माण, रेन वाटर हारवेस्टिंग के लाभ एवं निर्माण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि हमारे देश में प्राचीनकाल से ये दोहा प्रचलित है, रहिमन पानी राखिये, बिना पानी सब सून, पानी गये न उबरे, मोती मानस चून। उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन वह व्यवस्था है जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को सही समय सही मात्रा एवं सही गुणवत्ता का जल उपलब्ध हो सके। प्रत्येक व्यक्ति को जल बचत एवं वर्षा जल संचयन में अपना महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिए। समापन समारोह का संचालन एवं आभार प्रदर्शन कार्यपालन अभियंता श्री पीबी बंजारे ने किया।

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