छत्तीसगढ़

खाद्य सुरक्षा विभाग की दबिश जारी, नागरिकों से गुणवत्तायुक्त खाद्य सामग्री का उपयोग करने की अपील

राजनांदगांव: कलेक्टर सिंह ने त्यौहारों व मानसून सीजन में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता में कमी एवं मिलावट की आशंका को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। इसके अंतर्गत एसडीएम अरूण वर्मा तथा मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी अशोक बंसोड के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा की टीम की ओर से जिले के प्रमुख स्थानों सहित चौक-चौराहों पर संचालित खाद्य प्रतिष्ठान, मिठाई दूकानों की लगातार जांच की जा रही है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी डोमेन्द्र धुव की ओर से अनुपम नगर रोड पर संचालित ठेलों, खोमचों और होटलों से 100 से अधिक खाद्य सामग्री की जांच की गई, जिसमें 6 अमानक 3 मिथ्याछाप व 3 असुरक्षित पाये गये, जिन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। साथ ही सभी मिठाई विक्रेता व निर्माताओं को मिठाईयों पर निर्माण व उपयोग तिथि प्रदर्शित करने के निर्देश दिये गये हैं। इसका व्यापक असर दिख रहा है। ज्यादातर मिठाईयां शहर के बड़े व्यापारियों से ग्रामीण अंचल में पहुंचाया जाता है। इस वजह से प्रमुख मिष्ठान विक्रेताओं के यहां दबिश देकर गुणवत्ता जांच के लिए नमूना संग्रहित किया गया है। ज्ञात हो कि विगत पांच वर्ष में जिले में 200 से अधिक खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांच उपरांत अवमानक, मिध्याछाप व असुरक्षित पाये गये। न्यायालय की ओर से 40 से अधिक प्रकरणों पर लगभग 6 लाख रुपए तक का जुर्माना अलग-अलग संबंधित व्यक्तियों पर लगाया गया है तथा कुछ प्रकरण विवेचनाधीन व न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने बताया कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांच के लिए कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से नागरिकों से गुणवत्तायुक्त खाद्य सामग्री का उपयोग करने की अपील की गई है।

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