4 थीं क्लास की बच्ची को मानसिक प्रताड़ना स्कूल में स्पस्टीकरण मांगने पर प्रिंसिपल के द्वारा महिला के साथ दुर्व्यवहार
समस्त पत्रकार बंधुओ को सूचित किया जा रहा है, कि दिनांक 22.12.2023 को श्रीमती संध्या तिवारी पिता चंद्रकांत तिवारी की पुत्री कु. अनुष्का तिवारी रायपुर चंगोराभाठा में स्थित दक्षिणामूर्ति विद्यापीठ में क्लास 4 थी की छात्रा है, जिन्हे उन्ही के स्कूल की 8वी क्लास की छात्राओं द्वारा शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना दिया गया, जिनकी पलकों को शिकायत मिलने के पर सम्बंधित शिक्षिकाओं से पूछने पर प्रिंसिपल श्री अविनाश मिश्रा से मिलने की बात कही गई। दिनांक 23.12. 2023 को प्रिंसिपल महोदय से मिलने पर उसने महिला पालक से बदतमीजी की और महिला पालक द्वारा उन्हें शांति से बात कर स्पस्टीकरण चाहने पर अभिभाविका श्रीमती संध्या तिवारी को प्राचार्य श्री अविनाश मिश्रा के द्वारा मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगी कहते हुए अपने स्टाफ के समक्ष अभद्र व्यव्हार किया गया, जिसकी वजह से महिला पालक श्रीमती संध्या तिवारी द्वारा सूचना पति श्री चंद्रकांत तिवारी मिलने बच्ची के मामा श्री सत्यनारायण तिवारी द्वारा प्रिंसिपल महोदय से फोन पर वार्ता करने पर फ़ोन से नहीं बल्कि स्कूल आकर बातचीत करने की बात कही, स्कूल में प्रिंसिपल के ऑफिस में पहुँचने पर अपने दम्भ में भरा हुआ प्रिंसिपल श्री अविनाश मिश्रा के द्वारा बदतमीजी से बात किया गया व धक्का-मुक्की किया एवं विकास शुक्ल नामक व्यक्ति जो अपने आप को तथा कथित संचालक बताते हुए अपने बड़े भाई विवेक शुक्ला का धाक जमाते हुए धमकी देने लगा इसके साथ प्राइवेट स्कूल कमेटी के तरफ से धमकी दी गयी बच्ची की शैक्षणिक जीवन बर्बाद करने की धमकी दी। ज्ञात हो प्रिंसिपल महोदय द्वारा पलकों से दुर्व्यवहार व गुंडागर्दी की शिकायत पूर्व में भी आती रही है। अपने स्कूल में पलकों को बुलाकर धमकी देना व बच्ची का कही एडमिशन नहीं होने देने की धमकी देना व आर्थिक शोषण करना अपना पेशा बना लिया है। अपने प्राइवेट स्कूल एसोशिएशन का व अपने धनबल बाहुबल व अपने पुलिस विभाग में अधिकारियो से रिश्तेदारी बताते हुए हमेशा धमकी- चमकी देना, अपना पेशा बना लिया है।स्टाफ की कमी होने पर सीनियर क्लास के बच्चियों के द्वारा क्लास लिया जाता है। जिनके कारन उपरोक्त स्थिति निर्मित हुई है, मेरी बच्ची को बाथरूम जाने से रोका गया। बार-बार बच्ची के निवेदन करने पर घंटो रोक बंधक बना कर रखा गया और बच्ची द्वारा घर में शिकायत करने की बात पर अकेले में स्कूल परिसर के पीछे ले जाकर कुछ भी घर में शिकायत करने के लिए मारपीट व धमकी दिया गया। मेरी बच्ची ने घर आकर अपनी माता को इस कृत की सुचना दी। मम्मी क्षुध होकर स्कूल परिसर में जानकारी देने पहुंची, तो प्रिंसिपल महोदय द्वारा अपने स्टाफ के सामने छात्रा की अभिभाविका के साथ दुर्व्यवहार किया गया। मम्मी के साथ दुर्व्यवहार देख बच्ची अभी तक सदमे में है। स्कूल में स्टाफ की हमेशा कमी रहती है। बिना बी. एड हुआ शैक्षणिक योग्यता के स्टाफ स्कूल में रखा जाता है। और शिक्षिकाओं की कमी के चलते सीनियर क्लास के बच्चे द्वारा क्लास लिए जाने के बात आए दिन होते रहती है। स्कूल नहीं पढ़ाने की बात कहने पर टी. सी. नहीं देने व भविष्य में किसी अन्य स्कूल में कभी भी एडमिशन नहीं होने देने की धमकी दिया जाता है, पुलिस की धमकी बार-बार पलकों को दिया जाता है। मध्यवर्गीय पालक धमकी से व बच्ची का जीवन बर्बाद न हो जाये भयभीत है और चाहते है की शिक्षा के नाम ऐसा व्यापर करने वाले व गुंडागर्दी में लगे हुए ऐसे व्यक्ति पर अवश्य अनुशाशनातमक कार्यवाही होनी चाहिये, जिससे भविष्य में किसी बच्ची व पालक इस प्रकार प्रताड़ित न हो

