मेकाहारा के डॉक्टरों ने 4 साल की मासूम को पेसमेकर लगाकर नई जिंदगी...
रायपुर: डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के इंस्टीट्यूट में कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टर्स ने कमाल कर दिया। 4 साल के मासूम के हृदय में पेसमेकर लगाकर नई जिंदगी दी है। बच्चे के जन्म से ही हृदय में ब्लॉकेज था, जिसके कारण उसके पल्स (नाड़ी) की गति 40 से 50 बीट प्रति मिनट पर आ गया था।
डॉक्टर्स ने बताया कि बच्चे को जन्मजात हार्ट ब्लॉक की समस्या थी। खेलकूद के दौरान हांफने लगता था। बच्चे को बार-बार सर्दी-खांसी होती थी। शिशु रोग विशेषज्ञ को दिखने पर पता चला कि हार्ट में ब्लॉकेज है। इसके बाद बच्चे को एसीआई लाया गया जहां बच्चे की समस्या को देखते हुए पेसमेकर लगाने का निर्णय लिया गया।
ऐसे डाला गया पेसमेकर
कैथलैब में फ्लूरोस्कोपी की सहायता से लेफ्ट सबक्लेवियन वेन को पंक्चर करके राइट वेंट्रिकल एपेक्स में पेसमेकर लीड डाला गया। बच्चा छोटा था इसलिए सुई को बड़े ध्यान से डाला गया। सुई और तार की साइज बड़ी रहती है इसलिए हार्ट को नुकसान होने की संभावना रहती है। पेसमेकर के तार को एक्स्ट्रा लूप डालकर छोड़ा जाता है क्योंकि बच्चे की उम्र जैसे-जैसे बढ़ेगी हार्ट की साइज भी बढ़ेगी। बच्चे की ऊंचाई भी बढ़ेगी इसलिए तार में खिंचाव आएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए तार में एक्स्ट्रा लूप डालकर छोड़ा गया।

