सरकार पूरा धान खरीदी नहीं करना चाह रही- भूपेश बघेल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अभी धान खरीदी सामने है जब भाजपा विपक्ष में थी तो 1 नवंबर से धान खरीदी करने के लिये बोला करती थी। अब जब भाजपा खुद सरकार में आ गयी है तो धान खरीदी लेट से क्यों कर रही है? पिछले पांच सालों कांग्रेस की सरकार ने जो काम किया उसके कारण किसानों की स्थिति में अच्छा परिवर्तन आया और आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ। खेत बनाने से लेकर सिंचाई और आधुनिक खेती का काम हुआ। पूर्ववर्ती कांग्रेस के कारण किसानों के जीवन में समृद्धि आयी है। यह सरकार 14 नवंबर को धान खरीदी करेगी और 31 जनवरी तक धान खरीदी करेगी। इससे सरकार के नीयत में शक हो रहा है। ऐसा लग रहा है कि सरकार धान खरीदना चाह रही है कि नहीं। इन खरीदी के दौरान लगभग 35 दिनों का बहुत सारी सरकारी अवकाश रहेगा। जिससे धान खरीदने में परेशानी आयेगी। धान खरीदने के लिये सरकार को कम समय मिलेगा। अभी ऐसी स्थिति है कि सरकारी समिति वाले हड़ताल में चल दिये है और आपरेटर भी हड़ताल में है। ऐसी और कोई बाधा आएगी तो धान खरीदी 40 दिन में भी नहीं हो पायेगी। पिछले साल जो धान खरीदी हुआ है उसका सरकार ने अभी तक निष्पादन नहीं कर पाई है। सरकार की नीयत पर शक हो रहा है कि यह धान खरीदी कर पाएगी या नहीं? इस साल फसल आ चुका है धान कटाई शुरू हो चुकी है। दीपावली के पहले लगभग 30 से 40 प्रतिशत धान की कटाई हो चुकी है। सरकार को धान खरीदी का समय बढ़ाना चाहिये। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय रिकार्ड तोड़ धान खरीदी होती थी और किसानों के खाते में पैसा आता था। धान खरीदी करने के लिये सरकार के नीयत साफ नहीं है।

