यूएई के राजदूत ने भारत की राष्ट्रपति को अपने परिचय पत्र प्रस्तुत किए
नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत में संयुक्त अरब अमीरात (यू.ए.ई.) के राजदूत डॉ अब्दुलनासर अलशाली ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में, भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के समक्ष अपने परिचय पत्र प्रस्तुत किए।
इस बैठक के दौरान, डॉ अलशाली ने राष्ट्रपति मुर्मू को यू.ए.ई. के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नाहयान तथा यू.ए.ई. के उप राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री एवं दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम की ओर से बधाई के साथ-साथ भारत की जनता के लिए समृद्धि और विकास की शुभकामनाएं भी दीं।
राष्ट्रपति मुर्मू ने यू.ए.ई. के नेताओं के संदेशों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए यू.ए.ई. की जनता के विकास एवं प्रगति के लिए शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने यू.ए.ई. राजदूत को दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के उनके कार्य की सफलता की कामना की और उन्हें अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए आवश्यक सहयोग देने की भारत की तत्परता भी जाहिर की।
राजदूत अलशाली ने भारत में यू.ए.ई. का प्रतिनिधित्व करने के इस अवसर पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि वे दोनों देशों के बीच रणनीतिक एवं आर्थिक संबंधों को सुदृढ़ बनाने के उत्सुक हैं। इस बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने भारत एवं यू.ए.ई. की महत्वाकांक्षाओं को साकार करने के लिए द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के तौर-तरीकों पर भी विचार-विमर्श किया।
यू.ए.ई. तथा भारत के बीच ऐतिहासिक एवं नज़दीकी संबंध पिछले वर्षों में और मजबूत होकर महत्वपूर्ण भागीदारी में बदल चुके हैं और उसका ही परिणाम है कि यू.ए.ई. आज भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बन चुका है। व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (सीईपीए) भारत एवं यू.ए.ई. में विभिन्न व्यापारिक क्षेत्रों के लिए लाभ उठाने का अवसर है। 2021 की स्थिति के अनुसार, सीईपीए के मार्फत यू.ए.ई-भारत गैर-तेल व्यापार US$44.8 अरब मूल्य का रहा और 2027 तक इस द्विपक्षी गैर-तेल आधारित व्यापार को बढ़ाकर US$100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

