खेल - Newsportal | Chhattisgarh Darpan Media Group

खेल

एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में भारतीय पहलवानों ने जीते 8 पदक

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय अंडर-15 ग्रीको रोमन कुश्ती टीम ने बहरीन में हो रही अंडर-15 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में दो स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य पदक जीते। शनिवार को ग्रीको रोमन स्टाइल के सभी 10 भार वर्गों में मुकाबले हुए और भारत ने कुल 8 पदक जीते। पदक विजेता सचिन हैं, 68 किग्रा में, जबकि अभय ने 72 किग्रा में अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक जीते।

जबकि प्रणय चौधरी ने 52 किग्रा में रजत और 62 किग्रा वर्ग में वरुण कुमार ने रजत पदक हासिल किया। वरुण सोनकर (38 किग्रा), आदित्य कुमार (48 किग्रा), तुषार पाटिल (57 किग्रा) और हरदीप (85 किग्रा) ने अपने-अपने वर्ग में कांस्य पदक जीते।

और भी

शतरंज ओलम्पियाड टॉर्च रिले का आगमन रायपुर में 16 जुलाई को

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आजादी के अमृत महोत्सव के 75वें वर्षगांठ के अवसर पर देश में प्रथम बार आयोजित होने वाले 44वें शतरंज ओलम्पियाड टॉर्च रिले का आयोजन 19 जून से 28 जुलाई 2022 तक देश के विभिन्न राज्यों में किया जा रहा है। चेस ओलम्पियाड के आयोजन की शुरुआत चेन्नई में 28 जुलाई से होगी। चेस ओलम्पियाड टॉर्च रिले का आगमन स्वामी विवेकानंद विमानतल रायपुर में 16 जुलाई को होगा।

आयोजन की तैयारी के संबंध में संचालक खेल एवं युवा कल्याण श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के महासचिव एवं ए.आई.सी.एफ. राज्य प्रभारी गुरूचरण सिंह होरा, संयुक्त संचालक प्रणव सिंह एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ के महासचिव  वी.के. राठी उपस्थित थे। बैठक में भारत सरकार के दिशा-निर्देश के तहत प्रारंभिक तैयारियों हेतु विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में खिलाड़ी, खेल प्रेमी, छात्र-छात्राएं एवं खेल संघ के पदाधिकारी शामिल होंगे।
और भी

सानिया मिर्जा और मेट पाविक की जोडी विम्‍बलडन टेनिस के मिकस्‍ड डबल्‍स के र्क्‍वाटर फाइनल में पहुंची

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत की सानिया मिर्जा और क्रोशिया के मेट पाविक की जोडी विम्‍बलडन टेनिस के मिकस्‍ड डबल्‍स के र्क्‍वाटर फाइनल में पहुंच गई है। आज उनका सामना ऑस्‍ट्रेलिया के जॉन पियर्स और कनाडा की गेब्रिएला डाब्रोवस्‍की की जोडी से होगा। सानिया मिर्जा और मेट पाविक की जोडी को अंतिम 16 में वाकओवर मिला था।

इस बीच, नोवाक जोकोविच पुरूष सिंगल्‍स के क्‍वार्टर फाइनल में पहुंच गये हैं। अब उनका सामना इटली के जेन्निक सिनर से होगा। बेल्जियम के डेविड गोफिन भी अंतिम आठ में पहुंच गये हैं।
और भी

खेल में अग्रगण्‍य होगा हिंदी विश्‍वविद्यालय : प्रो. रजनीश शुक्‍ल

वर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय में ग्रीष्‍मकालीन बैडमिंटन प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में विश्‍वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल ने कहा कि विश्‍वविद्यालय ज्ञान, कला और कौशल के साथ-साथ खेल में भी अग्रगण्‍य होगा। आज़ादी के अमृत महोत्‍सव के अंतर्गत क्रीड़ा समिति की ओर से 20 मई से 3 जुलाई के दौरान विश्‍वविद्यालय में बैडमिंटन प्रशिक्षण शिविर 5 से 15 वर्ष आयुवर्ग के बच्‍चों के लिए आयोजित किया गया जिसमें 52 बच्‍चों ने सहभागिता की। 04 जुलाई को दूर शिक्षा निदेशालय के भवन में आयोजित समापन समारोह में वर्धा के सांसद रामदास तडस मुख्‍य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कुलपति प्रो. शुक्‍ल ने कहा कि विभिन्‍न प्रकार के खेलों को बढ़ावा देने के लिए विश्‍वविद्यालय प्रतिबद्ध है। उन्‍होंने विश्‍वास जताया कि विश्‍वविद्यालय अपनी स्‍थापना के 25 वें वर्ष में चांदी जैसी चमक प्राप्‍त करेगा।

सांसद रामदास तडस ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए विश्‍वविद्यालय जैसी संस्‍थाओं को आगे आना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि भारत सरकार के खेलों इंडिया कार्यक्रम के तहत खेल स्‍पर्धाओं का आयोजन कर इस क्षेत्र के खिलाडियों को ऑलिंपिक तक पहुँचाया जा सकता है। इस अवसर पर समापन मैच खेला गया जिसमें लडकियों में क्रिष्‍णा मस्‍के एवं लडकों में जैनुल आबिदीन खान विजेता तथा वंशिका मते और शांतिक नाथ त्रिपाठी उपविजेता रहे। विजेताओं को कुलपति प्रो. शुक्‍ल और सांसद रामदास तडस ने प्रशस्ति पत्र तथा बैडमिटंन प्रशिक्षक सत्‍यम अधिकारी को शॉल, विश्‍वविद्यालय का प्रतीक चिन्‍ह एवं सूतमाला देकर सम्मानित किया। प्रारंभ में कुलपति प्रो. शुक्‍ल और सांसद रामदास तडस ने पंडित मदन मोहन मालवीय की मूर्ति पर तथा स्‍वामी विवेकानंद की पुण्‍यतिथि पर उनके चित्र पर माल्‍यार्पन कर अभिवादन किया। कार्यक्रम का प्रारंभ दीपप्रज्ज्‍वलन से किया गया। मंगलाचरण डॉ. जगदीश नारायण तिवारी ने प्रस्तुत किया।

स्‍वागत वक्‍तव्‍य क्रीडा समिति के उपाध्‍यक्ष प्रो. नृपेंद्र प्रसाद मोदी ने दिया। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्रोफेसर डॉ. गौरी शर्मा ने किया तथा आभार कार्यक्रम के संयोजक क्रीड़ा सचिव अनिकेत आंबेकर ने ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्रतिकुलपति प्रोफेसर चंद्रकांत रागीट, कुलसचिव काद़र नवाज़ ख़ान, अधिष्‍ठातागण, विभागाध्‍यक्ष, अध्‍यापक और अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
और भी

‘बुमराह ब्लास्ट’ से भौंचक्के हैं अंग्रेज

बर्मिंघम (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एजबेस्टन में 'बुमराह ब्लास्ट’ से अंग्रेज भौंचक्के हैं। पहले बल्लेबाजी में गरजे। फिर गेंदबाजी में बरसे। कप्तान बनते ही तहलका मचा दिया। महान कपिल देव के बाद बुमराह दूसरे तेज गेंदबाज हैं जो भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान बने हैं। ये कप्तानी भले इत्तेफाक से मिली। लेकिन उन्होंने अपनी क्षमता की झलक दिखा दी। एक खामोश क्रांति मुहाने पर खड़ी है। कुछ साल इंतजार कीजिए। फिर मुलाकात होगी भारत के एक सर्वगुण सम्पन्न कप्तान से। क्या बुमराह विश्व के सबसे सफल तेज गेंदबाज कप्तान हो सकते हैं ? जसप्रीत बुमराह की उम्र अभी 28 साल है। उन्होंने 30 टेस्ट मैचों में 130 विकेट लिये हैं। उन्हें कप्तानी सौंपने का ये बिल्कुल सही समय है।

एजबेस्टन में बुमराह का ब्लास्ट
एजबेस्टन टेस्ट के दूसरे दिन क्रिकेट प्रेमियों ने देखा कि चमत्कार क्या होता है। भारत की पारी का 84 वां ओवर चल रहा था। क्रीज पर जसप्रीत बुमराह थे। उनका साथ दे रहे थे मोहम्मद सिराज। आखिरी जोड़ी मैदान पर थी। टेस्ट मैच में वैसे भी विस्फोटक बल्लेबाजी से परहेज किया जाता है। अगर खुदा ना खास्ते किसी तेज पारी की उम्मीद की भी जाती है तो वह किसी नामी बल्लेबाज से। दसवें नम्बर के बल्लेबाज से तो कोई सपने में भी इसकी कल्पना नहीं कर सकता। लेकिन जसप्रीत बुमराह ने करिश्मा कर दिया।

बुमराह ने बल्लेबाजी में ढहाया कहर
स्टुअर्ट ब्रॉड की पहली गेंद पर बुमराह ने चौका मारा। दूसरी गेंद वाइड रही जो बाई के रूप में चार रनों के लिए चली गयी। इस गेंद पर पांच रन मिले। दूसरी गेंद फिर करनी पड़ी। इस पर बुमराह ने हुक लगा कर छक्का मारा। संयोग से ये गेंद नो बॉल हो गयी। इस गेंद पर 7 रन बने। मान्यता प्राप्त दूसरी गेंद अभी भी बाकी थी। ब्रॉड के तीसरे प्रयास में दूसरी गेंद आयी जिस पर बुमराह ने चौका जड़ दिया। तीसरी गेंद पर भी चौका लगा। चौथी गेंद पर फिर चौका। पांचवीं गेंद पर छक्का ठोका। छठी गेंद पर 1 रन लेकर बुमराह ने इतिहास रच दिया।

इस ओवर में 35 रन बने जो 145 साल के टेस्ट इतिहास में सर्वाधिक था। इन 35 रनों में 29 रन बुमराह के बैट से आये। बुमराह से पहले एक ओवर में किसी भी बल्लेबाज ने 29 रन नहीं बनाये थे। महान ब्रायन लारा का रिकॉर्ड 28 रनों का था जिसे बुमराह ने तोड़ दिया। ब्रॉड ने इस ओवर में 8 गेंदें फेंकी। कप्तान बनते ही बुमराह का जोश सातवें आसमान पर है।

बुमराह का कप्तानी परफॉर्मेंस 
जब इंग्लैंड की पहली पारी शुरू हुई तो बुमराह ने अपनी तेज गेंदबाजी से इंग्लैंड के खेमे में खलबली मचा दी। 44 रन पर इंग्लैंड के तीन विकेट गिर गये और शुरुआती तीनों विकेट बुमराह ने झटके। इसका फायदा शमी और सिराज ने उठाया जिसकी वजह से इंग्लैंड की टीम 284 रन ही बना सकी। इस तरह भारत को 132 रनों की लीड मिल गयी। वो तो बेयरेस्ट ने शतक लगा दिया वर्ना इंग्लैंड की पारी डेढ़-दो सौ के बीच सिमट जाती। एक कप्तान के रूप में बुमराह ने गेंदबाजों का बेहतर इस्तेमाल किया। मैदान पर वे एक नये अवतार में थे। तीन विकेट लेने के बाद वे पांच विकेट लेने की मोह में नहीं पड़े। वक्त से हिसाब से शमी, सिराज और शार्दुल को मोर्चे पर लगाया। उन्होंने बिल्कुल शांत रह कर अपनी जिम्मेदारी निभायी। जब शार्दुल ठाकुर ने कवर में बेन स्टोक्स का कैच छोड़ा तब भी उन्होंने कोई नाराजगी नहीं दिखायी। इस बात को सहज रूप में लिया। कप्तानी का भौकाल भी नहीं दिखाया। वे तेज गेंदबाज हैं। 27 रन के स्कोर पर इंग्लैंड के दो खिलाड़ियों को आउट कर चुके थे। चाहते तो दबदबा दिखाने के लिए चार या पांच स्लीप के साथ बॉलिंग कर सकते थे। लेकिन ऐसा नहीं किया।
 
और भी

छोटी सी गलती पड़ी भारत को भारी, रूट-बेयरस्टो ने छीन लिया मैच, ENG जीत से 119 रन दूर

एजबेस्टन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत और इंग्लैंड के बीच एजबेस्टन, बर्मिंघम में खेला जा रहा रिशेड्यूल पांचवां टेस्ट मैच अब अपने निर्णायक मोड़ पर आ पहुंचा है। भारत ने मेजबान टीम के सामने जीत के लिए 378 रन का टारगेट रखा है और चौथा दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने मुकाबले पर अपनी पकड़ काफी मजबूत कर ली है।

इंग्लैंड ने केवल 3 विकेट खोकर 259 रन बना लिए हैं। पूर्व कप्तान जो रूट (Joe Root) 76 रन और शानदार फॉर्म में चल रहे जॉनी बेयरस्टो (Jonny Bairstow) 72 के निजी स्कोर पर नाबाद है। दोनों के बीच 197 गेंदों पर 150 रनों की साझेदारी हो चुकी है।रूट और बेयरस्टो की जोड़ी टीम इंडिया की जीत में बाधा बनकर खड़ी है। टीम इंडिया (Team India) को अगर एजबेस्टन टेस्ट जीतना है, तो मुकाबले के आखिरी दिन जल्द से जल्द इस जोड़ी को तोड़ना होगा।

पहले विकेट के लिए भी करना पड़ा लंबा इंतजार
इंग्लैंड का पहला विकेट लेने के लिए भी भारतीय टीम को पूरे 22 ओवर का इंतजार करना पड़ा था। जैक क्राउली और एलेक्स लीस ने इंग्लिश टीम को शानदार शुरुआत दिलाई और पहले विकेट के लिए 107 रन जोड़े। भारतीय कप्तान जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) ने क्राउली (46) को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा।

इसके बाद अपने अगले ही ओवर में बुमराह ने ओली पोप को शून्य पर आउट कर भारत को दूसरी सफलता दिलाई। फिफ्टी बना चुके लीस (56) भी 25वें ओवर में रन आउट हो गए। लेकिन इसके बाद अंग्रेजों ने भारत को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।

भारत को चाहिए 7 विकेट
टीम इंडिया जीत से 7 विकेट दूर है, लेकिन इंग्लैंड को आखिरी दिन केवल 119 रन बनाने हैं। रूट और बेयरस्टो के अलावा अभी कप्तान बेन स्टोक्स और विकेटकीपर सैम बिलिंग्स का आना भी बाकी है।


दूसरी पारी में भारत ने किया निराश
दूसरी पारी में टीम इंडिया 245 रन के स्कोर पर ही ढे़र हो गई। चेतेश्वर पुजारा 66 रन और ऋषभ पंत 57 रन के अलावा कोई भी विकेट पर खड़े रहने का साहस नहीं दिखा सका। श्रेयस अय्यर (19), पहली पारी के शतकवीर रवींद्र जडेजा (23) सस्ते में अपना विकेट गंवा बैठे।
और भी

छत्तीसगढ़ सिविल सर्विसेस महिला हॉकी टीम ने जीता ब्रॉन्ज मेडल

मुख्यमंत्री बघेल ने और खेल मंत्री पटेल ने दी बधाई व शुभकामनाएं

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता के अंतर्गत भोपाल में 21 जून से 30 जून तक हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इसमें छत्तीसगढ़ की ओर से छत्तीसगढ़ सिविल सर्विसेस महिला हॉकी टीम ने भी हिस्सा लिया और बेहतर प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इस सफलता पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उमेश पटेल ने छत्तीसगढ़ की सिविल सर्विसेस महिला हॉकी टीम को बधाई दी है। सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की ओर से गए 16 सदस्यीय महिला हॉकी टीम में सबसे छोटी खिलाड़ी की उम्र 24 वर्ष और 55 वर्षीय सबसे अधिक उम्र की खिलाड़ी शामिल रहीं।

छत्तीसगढ़ की टीम के सभी खिलाड़ियों ने बेहतरीन तालमेल का करते हुए प्रतिद्वंदी टीम का सामना किया। सेमीफाइनल मैच में पहले ही मिनट में कप्तान अंजुम रहमान से गोल कर अपनी टीम का खाता खोला, जिससे पूरी टीम का आत्मविश्वास बढ़ा दिया। वहीं मैच में तुलसी साहू ने चार गोल, मोनिका वैरागडे ने तीन गोल, माया यादव ने दो गोल, सविता चंद्राकर ने दो गोल कर टीम का स्कोर 12 गोल तक पहुंचा दिया। टीम की बैक एंड हाफ पोजिशन खेल रही खिलाड़ी भावना गुप्ता, हर्षा साहू, चेतना ध्रुव, संजू साहू, सुमन शारदा ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भोपाल टीम को गोलपोस्ट तक आने का मौका ही नहीं दिया। प्रतियोगिता में टीम के साथ गोलकीपर श्वेता शिंदे का डिफेंस भी शानदार रहा।
 
गौरतलब है कि बीते वर्ष भी छत्तीसगढ़ से महिला हॉकी टीम ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था, जिसमें 12 टीमों में से छत्तीसगढ़ चौथे स्थान पर रही थी और फेयर प्ले का अवार्ड अपने नाम किया था।
और भी

नीरज चोपड़ा ने डायमंड लीग में रजत जीता, इस साल 90 मीटर दूर भाला फेंकने का भरोसा

स्टॉकहोम(छत्तीसगढ़ दर्पण)। ओलंपिक चैम्पियन नीरज चोपड़ा ने गुरूवार को प्रतिष्ठित डायमंड लीग में राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए रजत पदक जीता, वह काफी करीब से 90 मीटर दूर भाला फेंकने से चूक गये लेकिन उन्हें भरोसा है कि वह इस साल इस लक्ष्य को हासिल कर लेंगे। नीरज पहली बार डायमंड लीग शीर्ष तीन में जगह बनाने में सफल रहे। 24 साल के एथलीट ने पहले ही प्रयास में 89.94 मीटर दूर भाला फेंका जिससे वह महज छह सेंटीमीटर से 90 मीटर से चूक गये।

इस दौरान उन्होंने अपने 89.30 मीटर के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को बेहतर किया जो उन्होंने 14 जून को फिनलैंड के तुर्कु में पावो नुर्मी खेलों में दूसरे स्थान पर रहकर हासिल किया था। नीरज के अन्य थ्रो 84.37 मीटर, 87.46 मीटर, 84.77 मीटर, 86.67 मीटर और 86.84 मीटर के रहे।
 
चोपड़ा ने रजत पदक जीतने के बाद जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स से कहा, पहला थ्रो काफी अच्छा था, मुझे अच्छा लग रहा है। ऐसा नहीं था कि पहले थ्रो में ही करना है। 90 मीटर के काफी करीब था, और लग रहा था कि कर दूंगा, पर अपना सर्वश्रेष्ठ किया तो अच्छा लग रहा है।
विश्व चैम्पियन ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने 90.31 मीटर की दूरी से स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने यह दूरी तीसरे प्रयास में हासिल की।

चोपड़ा ने कहा, मैं अब 90 मीटर के करीब हूं और इस साल मैं ऐसा कर सकता हूं। आज नहीं जीता लेकिन मुझे अच्छा लग रहा है क्योंकि मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ किया। चोपड़ा अगस्त 2018 में ज्यूरिख में डायमंड लीग मीट में चौथे स्थान पर रहे थे। वह चार साल में पहली बार डायमंड लीग में खेल रहे थे। वह सात बार डायमंड लीग मीट – 2017 में तीन बार और 2018 में चार बार – में हिस्सा ले चुके हैं।
 
उन्होंने कहा, जब एंडरसन पीटर्स ने 90 मीटर की दूरी तय की तो मुझे भी लगा कि मुझे भी ऐसा करना होगा। मेरे दिमाग में था कि सब कुछ परफेक्ट होना चाहिए, भाला एक ही लाइन में जाना चाहिए और तकनीक परफेक्ट होनी चाहिए। जब सबकुछ परफेक्ट होगा तभी आप इतनी लंबी दूरी तक थ्रो कर सकते हो।

चोपड़ा ने कहा, प्रतिस्पर्धा थी लेकिन मैं खुश हूं कि मेरे सभी थ्रो काफी अच्छे थे। मैं अपने प्रदर्शन से खुश हूं। मैं लंबे समय बाद खेल रहा हूं और अगली प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करूंगा।
और भी

विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारतीय टीम की अगुवाई करेंगे नीरज चोपड़ा

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। 15-24 जुलाई से अमेरिका के ओरेगॉन के यूजीन में विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप होने जा रही है। ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा शीर्ष पुरुष स्टीपलचेजर अविनाश सेबल और लॉन्ग जंपर एम श्रीशंकर 15-24 जुलाई से अमेरिका के ओरेगॉन के यूजीन में होने वाली विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारतीय टीम की अगुवाई करेंगे।

और भी

जूनियर राष्ट्रीय फेंसिंग स्पर्धा में दिव्यांशु नेताम ने छत्तीसगढ़ को दिलाया कांस्य पदक

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम कटक में चल रही 30वीं जूनियर राष्ट्रीय फेंसिंग स्पर्धा के पहले ही दिन जूनियर फायल खिलाड़ी दिव्यांशु नेताम ने छत्तीसगढ़ को कांस्य पदक दिलाया। स्पर्धा में प्रदेश की जूनियर बालक व बालिका फेंसिंग टीमें भाग ले रही हैं। इसका आयोजन ओडिशा स्टेट फेंसिंग एसोसिएशन द्वारा फेंसिंग एसोसिएशन आफ इंडिया के तत्वावधान में किया जा रहा है।

दिव्यांशु ने लीग मैच के पांच में से चार मैच जीतकर नाकआउट टेबल 64 में प्रवेश किया। पहले मैच में बिहार की तनु प्रिया को 15-0 से हराया, दूसरे मैच में अपनी बहन दीपांशी नेताम को 15-10 से हराकर प्री क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।

प्री क्वार्टर फाइनल में पंजाब की जास्मीन कौर को 15-11 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। क्वार्टर फाइनल में चंडीगढ़ की तूर एकम को 14-11 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश करते हुए छत्तीसगढ़ के लिए पदक पक्का किया। सेमीफइनल में दिव्यांशु को हरियाणा की तमन्नाा से 11-15 से हारकर कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

 

और भी

विश्व कप 2018 से बाहर रहने की भरपाई करना चाहती हैं सुशीला

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। चोट के कारण 2018 एफआईएच हॉकी विश्व कप से बाहर रहीं भारत की अनुभवी मिडफील्डर सुशीला चानू टूर्नामेंट के आगामी सत्र में अच्छा प्रदर्शन करके इसकी भरपाई करना चाहती हैं। सुशीला ने भले ही भारत के लिए 208 मैच खेले हों लेकिन नीदरलैंड में होने वाला टूर्नामेंट उनका पहला विश्व कप होगा। भावुक सुशीला ने कहा, 2018 में चोट के कारण मैं लंदन में विश्व कप में नहीं खेल पाई थी। इसके बाद मुझे फॉर्म को लेकर जूझना पड़ा और मैं उस साल एशियाई खेलों में भी नहीं खेल पाई। यह संभवत: मेरे करियर का सबसे मुश्किल दौर था।

उन्होंने कहा, यह मुश्किल चरण था लेकिन मैं उससे बाहर निकलने के लिए प्रतिबद्ध थी और मैंने टीम में दोबारा जगह बनाई। विश्व कप एक जुलाई से शुरू होगा लेकिन भारत अपने अभियान की शुरुआत तीन जुलाई को इंग्लैंड के खिलाफ करेगा। एशियाई खेल 2018 से बाहर रहने के बाद 30 साल की सुशीला ने मजबूत वापसी की और पिछले चार साल में टीम की प्रगति में अहम भूमिका निभाई।
 
चिली के खिलाफ टीम के अभ्यास मैच के इतर सुशीला ने कहा, टीम की मेरी कई साथी दूसरी बार विश्व कप में खेल रही हैं लेकिन मेरा यह पहला विश्व कप है। यह मेरे लिए भावुका लम्हा है और मुझे निश्चित तौर पर यकीन है कि यह हमारे लिए यादगार होगा। सुशीला एफआईएच ओलंपिक क्वालीफायर और भुवनेश्वर में एफआईएच सीरीज फाइनल्स में जीत दर्ज करने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहीं।

एशियाई खेल 2014 की कांस्य पदक विजेता टीम में शामिल सुशीला ने पिछले साल तोक्यो ओलंपिक में भारत को एतिहासिक चौथा स्थान दिलाने में भी भूमिका निभाई।
और भी

भारत ने आयरलैंड को चार रन से हराकर श्रृंखला पर दो शून्‍य से कब्‍जा किया

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत ने डबलिन में दूसरे टी-20 अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट मैच में आयरलैंड को चार रन से हराकर श्रृंखला पर दो शून्‍य से कब्‍जा कर लिया। भारत ने पहले बल्‍लेबाजी करते हुए निर्धारित बीस ओवर में सात विकेट पर 225 रन बनाए।

दीपक हुड्डा ने 104 और संजू सैमसन ने 77 रन की शानदार पारी खेली। जवाब में आयरलैंड सात विकेट पर 221 रन ही बना पाया। कप्‍तान एन्‍डूयू बॉलबिर्नी ने सबसे अधिक 60 रन का योगदान किया।
और भी

पी.वी. सिंधु मलेशिया ओपन बैडमिंटन प्रतियोगिता के प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंची

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पी.वी. सिंधु मलेशिया ओपन बैडमिंटन प्रतियोगिता के प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई हैं। क्‍वालालम्पुर में आज सिंधु ने थाईलैंड की पोर्नपावी चोचुवोंग को 21-13, 21-17 से हरा दिया। हालांकि साइना नेहवाल पहले दौर में अमरीका की आइरिस वांग से 11-21, 17-21 से हार गईं।

पुरुष सिंगल्‍स में पारुपल्ली कश्यप, दक्षिण कोरिया के हीओ क्वांग ही को 21-12, 21-17 से हराकर दूसरे दौर में पहुंच गए हैं।
सुमीत रेड्डी और अश्विनी पोनप्पा की जोडी को नीदरलैंड की रॉबिन तबेलिंग और सेलेना पाइक की जोड़ी ने 15-21, 21-19, 17-21 से हराया।
और भी

बैडमिंटन प्रशिक्षण शिविर का समापन 4 जुलाई को

वर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय द्वारा ग्रीष्‍मकालीन बैडमिंटन प्रशिक्षण शिविर का आयोजन 20 मई से 3 जुलाई तक किया गया था जिसका समापन समारोह सोमवार 4 जुलाई को सायं 5.30 बजे दूर शिक्षा निदेशालय में कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल की अध्‍यक्षता में आयोजित किया है। समापन समारोह के मुख्‍य अतिथि वर्धा के सांसद रामदास तडस होंगे। शिविर में 5 से 15 वर्ष आयुवर्ग के 52 बच्‍चों ने सहभागिता की। समापन कार्यक्रम में उपस्थित रहने का आहवान कुलसचिव काद़र नवाज़ ख़ान, क्रीडा समिति के उपाध्‍यक्ष प्रो. नृपेंद्र प्रसाद मोदी तथा क्रीडा सचिव अनिकेत आंबेकर ने किया है।

और भी

दीपक पुनिया ने क्रिर्गिजिस्‍तान में अंडर-23 एशियाई कुश्‍ती प्रतियोगिता में जीता कांस्‍य पदक

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दीपक पुनिया ने क्रिर्गिजिस्‍तान के बिश्केक में अंडर-23 एशियाई कुश्‍ती प्रतियोगिता में कांस्‍य पदक जीता है। उन्‍होंने 86 किलोग्राम फ्री स्‍टाइल श्रेणी में मस्‍कत सेतीबा‍ल्‍डी को हराया। दीपक पुनिया 2019 विश्‍व चैम्पिनशिप में रजत पदक विजेता रहे थे। अंडर-23 प्रतियोगिता के शुरुआती दो राउंड में पुनिया को उज्‍बेकिस्‍तान के अजीज बेक फैजुल्‍लाएव और क्रिर्गिजिस्‍तान के नार्टिलेक कैरिप बाएव से हार का सामना करना पड़ा। अंडर-23 एशियाई कुश्‍ती में भारत ने दस स्‍वर्ण पदक सहित 25 पदक जीते हैं।

और भी

IND vs IRE: तीन बदलावों के साथ भारत ने लिया बैटिंग का फैसला, संजू सैमसन को मिली जगह

डबलिन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय टीम ने आयरलैंड के खिलाफ चल रही T20 सीरीज के दूसरे और आखिरी मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। डबलिन में हो रही इस श्रृंखला का पहला मैच इंडिया जीत चुकी है और वह यह मुकाबला जीतकर 2-0 से क्लीन स्वीप करना चाहेगी।

इस मैच में नजरें संजू सैमसन पर होंगी जो कई मौके मिलने के बावजूद भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए हैं। दीपक हुड्डा एक और बढ़िया पारी की ओर देखेंगे जबकि गेंदबाजी में केवल एक ही ओवर पा सके उमरान मलिक इस मैच में छाप छोड़ना चाहेंगे।

दूसरी ओर, अक्षर को मौका मिलना लगातार जारी है। उनके साथ रवि बिश्नोई युजवेंद्र चहल की कमी भरना चाहेंगे जिनको पिछले मुकाबले में मैन ऑफ द मैच मिला था।

दोनों प्लेइंग इलेवन इस प्रकार हैं- 

भारत (प्लेइंग इलेवन): संजू सैमसन, ईशान किशन, दीपक हुड्डा, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या (कप्तान), दिनेश कार्तिक (डब्ल्यू), अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, हर्षल पटेल, रवि बिश्नोई, उमरान मलिक

आयरलैंड (प्लेइंग इलेवन): पॉल स्टर्लिंग, एंड्रयू बालबर्नी (कप्तान), गैरेथ डेलानी, हैरी टेक्टर, लोर्कन टकर (डब्ल्यू), जॉर्ज डॉकरेल, मार्क अडायर, एंडी मैकब्राइन, क्रेग यंग,​​जोशुआ लिटिल, कोनोर ओल्फर्ट
 
और भी

एशियन अंडर16 चैंपियनशिप : देवांशी, पूर्व, जया पहुंचीं क्वार्टर फाइनल में

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एशियन टेनिस फेडरेशन एवम आल इंडिया टेनिस एसोसिएशन के तत्वावधान में छग प्रदेश टेनिस संघ द्वारा 27 जून से 2 जुलाई तक बीएसपी टेनिस काम्प्लेक्स सेक्टर 6 भिलाई में एशियन अंडर16 चैंपियनशिप 2022 का आयोजन किया जा रहा है।

आज के मुकाबले में गर्ल्स सिंगल्स प्री क्वार्टर फायनल दौर में देवांशी गोहिल ने प्रतिष्ठा सैनी को 7-5,6-2 से,पूर्व सिंह ने अनामया दुबे को 6-1,6-2 से,जया कपूर ने अदिति गुडुलकर को 6-1,6-0से,उम्माम अहमद ने छवि शेषाद्री को 6-2,6-1से,शगुन कुमारी ने अर्जन खोकरिवाला को 6-2,6-3से,सेजल भूतड़ा ने सराह गोम्स को 6-2,6-3 से हराकर सिंगल्स के क्वार्टर फायनल में प्रवेश किया

बॉयज सिंगल्स प्री क्वार्टर फाइनल
आयुष पुजारी ने आदित्य सिंह जड़ोन को 6-1,6-0से,ओम वर्मा ने अज़ान असिज को 6-4,6-2 से,नैमिष शर्मा ने अथर्वराज बलानी को 6-1,6-0 से,हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।

बॉयज क्वार्टर फाइनल में छग के खिलाड़ी रोहिन प्रेमचंदानी ने एकांश साहू को 6-1,6-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
और भी

क्रीड़ा परिसरों में व्यवस्था सुधारें अधिकारी : शम्मी आबिदी

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आदिम जाति विभाग की आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी ने आदिम जाति विभाग द्वारा संचालित सभी क्रीड़ा परिसरों में व्यवस्था सुधार के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने क्रीड़ा परिसरों में रिक्त सीटों को शीघ्र भरने के लिए अपने क्षेत्र में पर्याप्त प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए। श्रीमती आबिदी सोमवार को इंद्रावती भवन में विभागीय क्रीड़ा परिसरों के उचित कियान्वयन के संबंध में विभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रही थी। समीक्षा बैठक में संबंधित जिलों के सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, क्रीड़ा परिसरों के व्यायाम शिक्षक और कोच उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में विभाग के अंतर्गत 16 जिलों में कुल 19 क्रीड़ा परिसर संचालित किए जा रहे हैं। इन कीड़ा परिसरों में 100 सीट मान से कुल 1900 सीट स्वीकृत हैं। प्रत्येक क्रीड़ा परिसर में प्रत्येक विद्यार्थी को वर्ष में एक बार 3 हजार रूपए की संपूर्ण खेल पोषाक दी जाती है। इसमें एक जोड़ी ट्रैक सूट, एक जोड़ी स्पोटर्स या वार्मअप शूज, दो जोड़ी मोजा एवं दो जोड़ी खेल पोषाक शामिल है।

समीक्षा बैठक में विभागीय क्रीड़ा परिसरों में स्वीकृत एवं रिक्त सीटों पर चर्चा की गई। इसके अलावा राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की क्रीड़ा प्रतियोगिताओं एवं अन्य महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में खेल विधावार प्राप्त पदक पर चर्चा की गई। विदित हो लगभग सभी विभागीय क्रीड़ा परिसरों के बच्चों ने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। यदि इन्हें बढ़िया ट्रेनर के सानिध्य में प्रशिक्षण दिया जाए, तो इनका प्रदर्शन और निखर सकता है।

बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों द्वारा क्रीड़ा परिसरों में अच्छी जिम की व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया। जिन क्रीड़ा परिसरों की बाउंड्रीवाल नहीं है उनमें सुरक्षा की दृष्टि से शीघ्र चार दीवारी बनवाए जाने के निर्देश दिए। इसके अलावा कक्षा 12वीं के बाद लगभग 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित कर प्रदेश के चार जिलों जगदलपुर, अंबिकापुर, रायपुर एवं दुर्ग में क्रीड़ा परिसर के बच्चों को कॉलेज शिक्षा तक रहने की सुविधा दिए जाने का सुझाव दिया गया। जिससे एक ओर जहां उनके अनुभव का लाभ जूनियर बच्चों को मिलेगा तो वहीं दूसरी ओर कॉलेज स्तर पर खेल प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने पर संबंधित क्रीड़ा परिसर का भी नाम होगा। साथ ही कक्षा 12वीं के बाद बच्चों को क्या-क्या अवसर मिल सकते हैं, इस संबंध में उनकी कॅरियर काउंसलिंग कराने का भी सुझाव भी दिया गया।

क्रीड़ा परिसरों में आधारभूत सुविधाओं को सुधारने, बच्चों को अच्छी क्वालिटी की खेल सामग्री एवं खेल पोषाक उपलब्ध कराने के निर्देश भी बैठक में दिए गए। कुछ जिलों में स्वीमिंग पुल भी बनाने का अनुरोध प्रतिनिधियों द्वारा किया गया। इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। श्रीमती आबिदी द्वारा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि क्रीड़ा परिसरों में अच्छे खिलाड़ी तैयार करने के उद्देश्य से अन्य विभागों जैसे खेल विभाग, युवा एवं कल्याण विभाग आदि से भी समन्वय कर लाभ लिया जा सकता है। बैठक में अपर संचालक जितेन्द्र गुप्ता, क्रीड़ा अधिकारी डॉ. चंद्रनाथ वाजपेयी सहित विभाग के समस्त कोच एवं सहायक कोच तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
और भी