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मुख्यमंत्री ने शहीद महेंद्र कर्मा को किया नमन

 रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में पूर्व मंत्री और लोकप्रिय नेता स्वर्गीय महेंद्र कर्मा की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हेें नमन किया।

इस अवसर पर सांसद दीपक बैज एवं मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने उन्हें याद करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष के नेता और मंत्री के रूप में महेन्द्र कर्मा जी ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली और छत्तीसगढ़ के विकास में अपना अमूल्य योगदान दिया। वे सिर्फ एक राजनेता नहीं थे, बल्कि एक बेहद संवेदनशील, जागरूक और भावुक इंसान भी थे। कर्मा आदिवासियों के हक की हर लड़ाई में दमदारी से अपनी बात रखते थे, इसलिए वे बस्तर टाइगर के नाम से भी जाने जाते थे। उनके जैसे निःस्वार्थ व्यक्ति और अच्छे मित्र का साथ मिलना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। कर्मा ने जीवन के अंतिम क्षण तक आदिवासियों की बेहतरी के लिए संघर्ष किया। झीरम घाटी नक्सल हमले में उनकी शहादत छत्तीसगढ़ भुला नहीं पाएगा।

बघेल ने कहा कि कर्मा की स्मृतियों को चिरस्थाई बनाने के लिए राज्य सरकार ने बस्तर विश्वविद्यालय का नामकरण उनके नाम पर किया और उनके नाम पर प्रदेश के तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना प्रारंभ की गई है। उन्होंने कहा कि कर्मा के विचार और जीवन मूल्य हमें हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।

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सीएम बघेल 4 को दुर्ग के युवाओं से करेंगे भेंट-मुलाकात

रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का संभागीय मुख्यालयों में युवाओं से भेंट-मुलाकात का सिलसिला जारी है।

मुख्यमंत्री 4 अगस्त को दुर्ग संभाग के युवाओं से भेंट-मुलाकात करेंगे। भेंट-मुलाकात कार्यक्रम दुर्ग जिले के भिलाई में सेक्टर-6 स्थित जयंती स्टेडियम में आयोजित होगा।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री बघेल रायपुर से पूर्वान्हः 11.30 बजे कार से प्रस्थान कर दोपहर 12.10 बजे जयंती स्टेडियम भिलाई पहुंचेंगे और वहां दोपहर 12.10 बजे से आयोजित ’भेंट-मुलाकात- युवाओं के साथ’ कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 2.20 बजे कार्यक्रम स्थल से प्रस्थान करेंगे।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश के सभी संभागों में युवाओं से भेंट-मुलाकात कर रहे हैं। मुख्यमंत्री रायपुर और बिलासपुर संभाग के बाद कल दुर्ग जिले के युवाओं से मुलाकात करेंगे।  

इस भेंट-मुलाकात के दौरान बघेल छत्तीसगढ़ के विकास में युवा ऊर्जा का सदुपयोग, विकास की संभावनाओं, नवाचार, युवाओं के लिए प्रदेश सरकार की नीति, योजनाओं और उनके  क्रियान्वयन तथा उपलब्धियों पर अपनी बात रखेंगे और युवाओं के जिज्ञासाओं और सवालों के जवाब भी देंगे।

युवाओं के साथ भेंट मुलाकात कार्यक्रम में दुर्ग संभाग के राजनांदगांव, कवर्धा, बालोद, बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी और दुर्ग जिले के युवा, महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे प्रतिभागियों सहित अन्य युवा भी मुख्यमंत्री से सीधे बात करेंगे। कार्यक्रम में दुर्ग संभाग के सभी जिलों से बड़ी संख्या में युवा शामिल होंगे।

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मर्चेन्ट एसोसिएशन ने किया महाराष्ट्र के राज्यपाल रमेश बैस का सम्मान

रायपुर: बलबीर सिंह जुनेजा स्टेडियम में आयोजित हमर सियान हमर अभिमान कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ महतारी के अनमोल रत्न महाराष्ट्र के  राज्यपाल  रमेश बैस का स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया।


मर्चेन्ट एसोसिएशन द्वारा उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए शुभकामनाएं दी गई। रमेश बैस का जन्म 2 अगस्त 1948 को एक किसान परिवार में हुआ। उनके पिता खोमलाल बैस रायपुर के बड़े किसान थे। रायपुर लोकसभा सीट से सात बार चुनाव जीतने का रिकॉर्ड उनके नाम है।

इस रिकॉर्ड के चलते उन्हें केन्द्रीय मंत्री के रूप में जिम्मेदारी मिली जिसका उन्होंने सफलतापूर्वक निर्वाह किया। महाराष्ट्र से पहले त्रिपुरा एवं झारखंड के राज्यपाल की जिम्मेदारी का निर्वहन कर चुके हैं। कार्यक्रम के दौरान बैस ने प्रतिनिधि मंडल का हालचाल पूछा। इस अवसर पर मर्चेन्ट एसोसिएशन के संरक्षक, चैंबर ऑफ कामर्स के पूर्व अध्यक्ष जीतेन्द्र जैन, मर्चेन्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष  सतीश जैन, उपाध्यक्ष मुरली शर्मा सहित अन्य व्यापारीगण उपस्थित रहे।

 

 

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मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को दी जन्मदिवस की बधाई

 रायपुर: मुख्यमंत्री बघेल ने प्रदेश के राज्यपाल बिस्वा भूषण हरिचंदन को जन्मदिन पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने अपने बधाई संदेश में राज्यपाल हरि चंदन के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।

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स्वतंत्रता दिवस के मौके पर विशेष लेख : जनजातिय लोक संस्कृति को मिली देश-दुनिया में नई पहचान

 राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव

थाईलैंड के युवा कलाकार एक्कालक नूनगोन थाई ने राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की सराहना करते हुए कहा था कि जनजाति समुदाय की अपनी कला, संस्कृति होती है, इसकी पहचान आवश्यक है। जनजाति समुदाय एक कस्बे या इलाकों में निवास करते हैं, ऐसे में उनकी कला, संस्कृति की पहचान एक सीमित क्षेत्र में सिमट कर रह जाती है। जनजाति समाज की कला और संस्कृति के संरक्षण में ऐसे आयोजनों की बड़ी भूमिका है। बेलारूस की सुश्री एलिसा स्टूकोनोवा ने कहा था कि यह उसका सौभाग्य है कि वह छत्तीसगढ़ आई। उसे छत्तीसगढ़ के कलाकारों की प्रस्तुति देखकर अहसास हुआ कि यहां की संस्कृति, जीवन में कितनी विविधताएं हैं।
        छत्तीसगढ़ में मेला, उत्सव व महोत्सव लोक परंपरा का एक अंग हैं। वहीं राज्य की लोक संस्कृति एवं आदिवासी एक-दूसरे के पर्याय हैं। यहां के वन और सदियों से निवासरत आदिवासी राज्य की विशेष पहचान रहे हैं। प्रदेश के लगभग आधे भू-भाग में जंगल है, जहां मेला-महोत्सव के जरिए छत्तीसगढ़ की गौरवशाली आदिम संस्कृति फूलती-फलती रही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने राज्य की आदिम संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ ही इसे विश्व स्तर पर पहचान दिलाने का बीड़ा उठाया और छत्तीसगढ़ में वृहद स्वरूप मंे राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का सफल आयोजन किया गया। राज्य में आयोजित आदिवासी नृत्य महोत्सव महज राष्ट्रीय नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप ले लिया, इससे छत्तीसगढ़ की आदिम लोक संस्कृति को देश-दुनिया में एक नई पहचान मिली है।
छत्तीसगढ़ में निवासरत जनजातियों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत रही है, जो उनके दैनिक जीवन, तीज-त्यौहार, धार्मिक रीति-रिवाज एवं परंपराओं के माध्यम से अभिव्यक्त होती है। बस्तर के जनजातियों की घोटुल प्रथा प्रसिद्ध है। जनजातियों के प्रमुख नृत्य गौर, कर्मा, ककसार, शैला, सरहुल और परब जन-जन में लोकप्रिय हैं। जनजातियों के पारंपरिक गीत-संगीत, नृत्य, वाद्य यंत्र, कला एवं संस्कृति को बीते पांच सालों में सहेजने-संवारने के साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार ने विश्व पटल पर लाने का सराहनीय प्रयास किया है। अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का भव्य आयोजन इसी प्रयास की एक कड़ी है।

छत्तीसगढ़ की संस्कृति का दर्शन कराने के साथ ही जीवन की कई चुनौतियों से लड़ने और विषम परिस्थितियों में जीवन यापन करने की प्रेरणा और संदेश देने वाले आदिवासी समाज के नृत्य, संगीत और गीत राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के माध्यम से देशभर के लोगों एवं विदेशी कलाकारों को जुड़ने का अवसर दिया। इस महोत्सव में देशभर के अलग-अलग राज्यों से कलाकार, जनजाति समाज सहित अन्य परिवेश के नृत्यों की रंगारंग प्रस्तुतियां देखने-सुनने को मिली। छत्तीसगढ की प्राचीन और समृद्धशाली  लोक संस्कृति व नृत्य ने विशिष्ट छाप छोड़ी । रायपुर के साइंस कालेज मैदान में होने वाले इस समारोह में आदिवासी नृत्य के साथ गीत एवं पारम्परिक वेशभूषाओं में एक से बढ़कर एक वाद्ययंत्रों के कर्णप्रिय धुनों की जुगलबंदी के बीच छत्तीसगढ़ ही नहीं देश के अन्य राज्यों की जनजाति संस्कृति का संगम एवं उनकी जीवंत प्रस्तुति भी देखने को मिली।
वर्ष 2019 में पहली बार हुए इस आयोजन में कलाकारों को मंच देकर छत्तीसगढ़ सरकार ने जनजाति संस्कृति को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की पहल की। इस आयोजन का दर्शकों ने लुफ्त उठाया और कलाकारों ने इस मंच के माध्यम से आदिवासी संस्कृति को प्रसिध्दि दिलाई। आदिवासियों को जब राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में पहली बार मंच मिला तो वे स्व-रचित गीत, अनूठे वाद्य यंत्रों की धुन और आकर्षक वेशभूषा, आभूषण में सज धजकर नृत्य कला का प्रदर्शन, प्रस्तुतियों को देखने वाले दर्शक आज भी उन्हें भूल नहीं पाते। विगत 3 साल से आयोजित हो रहें। इस महोत्सव में युगांडा, बेलारूस, मालदीव, श्रीलंका, थाईलैंड, बांग्लादेश सहित एक दर्जन देशों से आए विदेशी कलाकार भी शामिल हुए। इसके अलावा 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 5000 से अधिक कलाकारों ने भी भाग लिया।

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भिलाई में फैला डेंगू, मिले चार मरीज

भिलाई: भिलाई में इस साल फिर डेंगू फैलने लगा है। अब तक भिलाई में चार मरीज डेंगू के मिल चुके है जिसमें अकेले तीन मरीज तो टाउनशिप के सेक्टर 2 से है और एक मरीज केम्प एक का है, जिसका स्पर्श हॉस्पिटल में उपचार चल रहा है। चार मरीजों में दो का उपचार चल रहा है वही दो लोगों को डिस्चार्ज कर दिया गया है।

डेंगू फैलने के कारण निगम प्रशासन और बीएसपी प्रबंधन में हडक़म्प मच गया है, और डेंगू फैलने का कारणों का पता लगाने के साथ निगम का अमला और बीएसपी के पीएचई विभाग के लोग  डेंगू फैलने की जानकारी होने पर सक्रिय हो गये। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के टाउनशिप में तीनों मरीज सेक्टर 2 और सडक़ नंबर 4 में पाए गए हैं। जांच करने पर यहां के रहने वाले राजीव, सुयश साहू व उनकी मां पूजा साहू की रिपोर्ट डेंगू पाजिटिव आई है। इससे साफ है कि सेक्टर 2 सहित पूरे टाउनशिप में डेंगू फैलाने वाले मच्छर का खतरा बना हुआ है। मच्छरों से राहत देने के लिए निगम और बीएसपी ने मिलकर फॉगिंग कराने और दवा छिडक़ाव का कार्य शुरू कर दिया है। टीम लोगों के घरों में जाकर कूलर के पानी को भी निकलवा रही है।

जमा पानी में दवा का छिडक़ाव कर रही है। इधर भिलाई निगम के पटरी पार क्षेत्र में शांतिनगर वार्ड 14ए सडक़ 28 निवासी सुमीत कर्मकार ;25 वर्षद्ध की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई है। चारों मरीजों में दो की हालत ठीक है। वहीं पूजा साहू और सुमीत कर्मकार की हालत खराब है। इसके चलते उनका स्पर्श अस्पताल में उपचार चल रहा है।

मुंबई से आया है एक पॉजेटिव मरीज सुमित स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक सुमीत कर्मकार मुंबई में रहते हैं। स्पर्श हॉस्पिटल में उनका उपचार किया जा रहा है। वो कुछ दिन पहले ही मुंबई से यहां आए हैं। इसलिए ऐसा माना जा रहा है कि वो मुंबई से ही डेंगू प्रभावित होकर आए हैं। वहीं क्वार्टर नंबर 19 एए स?क 4ए सेक्टर 2 निवासी राजीव ;14 वर्षद्ध को कई दिनों से बुखार आ रहा था। बुखार ठीक नहीं होने पर उन्हें सेक्टर 9 अस्पताल में भर्ती किया गया था। वहां पर जांच होने पर उनकी रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई है। स्वस्थ होने के बाद दो मरीज की अस्पताल से हुई छुट्टी क्वार्टर नंबर 21बीए सडक़ 4, सेक्टर 2 निवासी सुयश साहू 03 वर्ष को भी डेंगू हुआ था। उनका उपचार रेनबो चिल्ड्रन हॉस्पिटल भिलाई में चल रहा था। फिलहाल स्वस्थ होने पर उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है। वहीं सुयश की मां पूजा साहू 26 वर्षद्ध को भी बुखार आने पर बीएम शाह हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था। उनकी भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इलाज के बाद वो पूरी तरह से स्वस्थ हैं और उन्हें भी डिस्चार्ज कर दिया गया है।

 

 

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मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता से नवजात के इलाज हेतु परिजनों की दूर हुई चिन्ता

रायपुर: बालोद जिले के ग्राम झलमला के निवासी  राजीव नेताम मजदूरी करते थे। उनकी नवजात बिटिया को डॉक्टरों ने हृदय रोग होना बताया और कहा कि वे इसे हैदराबाद ले जाएं, वहीं पर इस बीमारी का इलाज हो पाएगा। राजीव ने कर्ज लेकर, इधर-उधर संपत्ति बेचकर कुछ पैसे जुटाये और बिटिया को हैदराबाद ले गया। वहां बिटिया की सर्जरी हुई।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों को जब इसकी सूचना मिली और उन्होंने राजीव की कहानी सुनी कि किस तरह अपनी बिटिया के लिए उसने अपना सब कुछ बेच दिया और यथासंभव कर्ज ले लिया। वे राजीव की माँ को लेकर मुख्यमंत्री निवास पहुंचे। मुख्यमंत्री ने फोन से इसकी जानकारी होते ही स्वयं श्रमिक  राजीव नेताम को मिलने अपने निवास कार्यालय बुलाया और उसकी बिटिया की बीमारी के उपचार के बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री बघेल इसे सुनकर काफी भावुक हुए और उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए बिटिया के इलाज के लिए तुरंत पांच लाख रुपए की घोषणा की। नवजात की दादी शारदा मंडावी को इससे बड़ी राहत मिली और भावुक होकर बताया कि कका के बारे में बहुत सुने रहेन। मिल के बहुत अच्छा लगिस। कका हमर मन के सब चिंता ल दूर कर दिस।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों का स्वास्थ्य हमारे लिए सबसे जरूरी है, इसलिए हमने मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत दी जाने वाली राशि की सीमा बढ़ाकर 25 लाख कर दी है।

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बारिश ख़त्म होते ही सड़क मरम्मत शुरू करवाएं : भूपेश बघेल

 मुख्यमंत्री ने की लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा

रायपुर: मुख्यमंत्री बघेल ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को बारिश खत्म होने के तुरंत बाद सड़कों की मरम्मत करवाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि आम जनता के सुविधा के लिए सड़कों के अधूरे कार्य, सड़कों की मरम्मत और नवीनीकरण के कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य में सड़क निर्माण के कार्य मे लगी सभी एजेंसियों को आपस में सामंजस्य बनाकर तेजी से काम करना है।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान रायपुर शहर के चार महत्वपूर्ण कार्यों की भी जानकारी ली। इसमें तेलीबांधा में फ्लाईओवर का निर्माण, शारदा चौक से तात्यापारा चौक तक सड़क निर्माण, अटल एक्सप्रेस वे से वीआईपी रोड़  निर्माण तथा खारून रिवर फ्रंट के निर्माण कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री बघेल ने विशेष तौर पर शारदा चौक से तात्यापारा चौक तक निर्माण तथा भू -अर्जन प्रकरण समेत लगभग 137 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाली 510 मीटर लंबी सड़क को लेकर अधिकारियों को निर्देश देते हुए जल्द ही इसका कार्य शुरू कराने की बात कही है।

मुख्यमंत्री बघेल ने राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक लेते तेलीबांधा ओवरब्रिज और एक्सप्रेस वे को वीआईपी रोड से जोड़ने वाले ओवरब्रिज के बारे में भी अधिकारियों से समीक्षा की। बैठक में लोक निर्माण विभाग मंत्री ताम्रध्वज साहू, शिक्षा मंत्री रविन्द्र चौबे, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, नगरीय प्रशासन विभाग के विशेष सचिव अयाज भाई तंबोली, सीजीआरआईडीसीएल के प्रबंध संचालक सारांश मित्तर एवं लोक निर्माण विभाग के ईएनसी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री बघेल ने समीक्षा करते हुए कहा कि बची हुई सड़कों का निर्माण कार्य जल्दी पूरा होना चाहिए। समीक्षा बैठक में जानकारी देते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सरगुजा क्षेत्र में कुल 332.7 किलोमीटर सड़कों की स्वीकृति प्रदान की गयी थी जिसमें 292.2 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है जबकि 40.5 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कार्य अभी शेष है जिसे बारिश के मौसम के बाद जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इसी प्रकार रायगढ़ क्षेत्र में भी 155.4 किलोमीटर सड़कों का कार्य पूरा किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि शेष कार्य भी जल्द पूरा किया जाए।

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मुख्यमंत्री ने खाते में किया राशि अंतरण, युवाओं में उत्साह का माहौल

मनेंद्रगढ़: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को अपने रायपुर निवास कार्यालय से बेरोजगारी भत्ता योजना के हितग्राहियों के खाते में चौथी किस्त की राशि का अंतरण किया। एमसीबी जिले के 1 हजार 81 हितग्राहियों के खाते में प्रतिमाह 2500 रुपए के मान से 27 लाख 2 हजार 5 सौ रुपए की राशि हस्तांतरित की गई है। इस अवसर पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टरेट एनआईसी केन्द्र में कलेक्टर नरेंद्र कुमार दुग्गा, जनपद उपाध्यक्ष राजेश साहू सहित संबंधित अधिकारी कर्मचारी तथा बेरोजगारी भत्ता हेतु पात्र युवा उपस्थित रहे। पात्र युवाओं लाला, सौभाग्य, सौरभ, सुश्री रीना, सुश्री मधु आदि ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धन्यवाद देते हुए कहा कि बेरोजगारी भत्ता मिलने से उन्हें पढ़ाई में लगने वाले पुस्तक-कापी और अन्य सामग्री खरीदने में आसानी होती है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने में मदद मिलती है। बेरोजगारी भत्ते के आवेदन के साथ ही युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के लिए भी चिन्हांकित किया जा रहा है। जो युवा कौशल प्रशिक्षण चाहते हैं उन्हें विभिन्न संस्थाओं में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में अब तक 22 बेरोजगारी भत्ता प्राप्त हितग्राहियों को ऑफर लेटर प्रदान किया जा चुका है। वहीं बेरोजगारी भत्ता प्राप्त 6 हितग्राहियों को स्वरोजगार प्रारंभ करने में सहयोग प्रदान किया गया है।

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चीफ़ जस्टिस ने किया आवासीय कॉलोनियों का निरीक्षण

बिलासपुर: छत्तीसगढ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश  रमेश सिन्हा साहब ने छ.ग. उच्च न्यायालय आवासीय परिसर का औचक निरीक्षण किया गया। उन्होंने एफ,जी, एच और आई टाइप के आवास कॉलोनियों का निरीक्षण करते हुए कॉलोनी में निवासरत अधिकारियों व कर्मचारियों से उनकी समस्याएँ जानी। उन्होंने वहां चल रहे नए आवास भवनों के निर्माण के संबंध में जानकारी ली। नवीन निर्माणों की गुणवत्ता तथा पुराने आवासों की उचित मरम्मत इत्यादि के संबंध में रजिस्टी के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। औचक निरीक्षण में उनके साथ रजिस्टार जनरल  अरविन्द कुमार वर्मा, एडिशनल रजिस्टार  अवध किशोर, एडिशनल रजिस्टार कम पीपीएस  एम. बी. एल.एन सुब्रमन्यम तथा कोर्ट ऑफिसर भी एक के. बिसेन भी साथ थे। ज्ञात हो कि माननीय मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा साहब को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में आये हुये मात्र 3 माह ही व्यतीत हुये हैं।उक्त तीन माह के कार्यकाल में ही उन्होंने अनेक जिला न्यायालयों व केन्द्रीय जेल, बिलासपुर का औचक निरीक्षण कर व्यवस्था में सुधार हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये हैं।

 

 

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मुख्यमंत्री श्री बघेल दरबार मोखली में आयोजित डॉ खूबचन्द बघेल जयंती समारोह में शामिल हुए

 मुख्यमंत्री श्री बघेल दरबार मोखली में आयोजित डॉ खूबचन्द बघेल जयंती समारोह में शामिल हुए

- स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के प्रतिमा का किया अनावरण

- नव निर्मित रेस्ट हाउस का लोकार्पण किया

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज दुर्ग जिले के पाटन विकास खण्ड के ग्राम दरबार मोखली में मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज पाटन राज द्वारा आयोजित  डॉ खूबचन्द बघेल जयंती समारोह में शामिल हुए। इससे पूर्व मुख्यमंत्री श्री बघेल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. घनाराम बंछोर और स्व.गेंदलाल बंछोर के प्रतिमा का अनावरण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। उन्होंने दरबार मोखली में 46.88 लाख रुपये लागत से जल संसाधन विभाग के नवनिर्मित रेस्ट हाउस का लोकार्पण किया। इसके अलावा ग्राम दरबार मोखली और ग्राम सेमरी में एक करोड़ 21 लाख 75 हजार लागत के विभन्न निर्माण कार्याे का भी लोकार्पण किया। समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि दरबार मोखली मेरे पड़ोसी गांव है। स्व गेंदलाल क्षेत्र के पहले वकील थे, गांधी जी से प्रेरित होकर स्वतंत्रता संग्राम में शामिल हुए। गेंदलाल जी छत्तर सिंग को तत्कालीन समय में जो पत्र लिखे है उसमें पूरा विवरण है। पाटन क्षेत्र स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का गढ़ है। अंग्रेजों के बनाये व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन करना बड़ी बात है। डॉ. साहब का व्यक्तित्व बहुत विशाल था। डॉ खूबचंद बघेल का गीत है - गजब विटामिन भरे हुए हैं छत्तीसगढ़ के बासी मा। हमने बोरे बासी दिवस मनाकर उनके उस गीत और छत्तीसगढ़ के आहार को सम्मान दिया। आज देश में छत्तीसगढ़ की पहचान यहां की संस्कृति से है, लघु वनोपज की खरीदी से है, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल से है। देश और दुनिया में छत्तीसगढ़ को लेकर सोच में परिवर्तन आया है। पहली बार हमने आदिवासी नृत्य महोत्सव आयोजित किया, जिसमें देश और विदेश के कई नृत्य समूहों ने हिस्सा लिया। हमारा प्रयास छत्तीसगढ़ की प्राचीन, ऐतिहासिक, पौराणिक धरोहर को सामने लाने और सहेजने की है। यह वही परिवर्तन है जिसका सपना हमारे पुरखों ने देखा था कि हर छत्तीसगढ़िया में छत्तीसगढ़ियॉ होने का स्वाभिमान जागे। सभी जिलों में हम छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा स्थापित कर रहे हैं। हम छत्तीसगढ़ की संस्कृति को महत्व देने का काम कर रहे हैं। तत्कालीन समय मे समाजिक बुराइयों के खिलाफ  सेनानियों ने आवाजे बुलन्द किये। डॉ. खूबचंद बघेल के 100 वीं जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बना। लेकिन यहां के लोगों को राज्य बनने का सही मायने में अहसास अब हुआ है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ी के चार चिन्हारी की ओर लोगो को ध्यान दिलाते हुए ग्रमीणों के आर्थिक विकास के लिए सरकार के प्रयासों को अवगत कराया। उन्होंने स्वास्थ, शिक्षा, सड़क, पेयजल और संस्कृति पर विशेष ध्यान देने की बातें कही। राज्यगीत के साथ छत्तीसगढ़ महतारी के मूर्ति की स्थापना की गई है। मुख्यमंत्री जी ने दरबार मोखली में हाई स्कूल का उन्नयन व शीतला तालाब सौंदर्यीकरण की घोषणा की। 
    छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी छत्रिय समाज के केंद्रीय अध्यक्ष श्री चोवा राम वर्मा ने छत्तीसगढ़़ राज्य के प्रथम स्वप्नद्रष्टा डॉ खूबचन्द बघेल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को विस्तार पूर्वक रेखांकित किया। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. गेंदलाल बंछोर और स्व. घनाराम बंछोर के जीवनी पर प्रकाश डाला। सरपंच श्री आशीष बंछोर ने स्वागत भाषण में ग्राम दरबार मोखली के हाई स्कूल का उन्नयन औऱ शीतला तालाब सौंदर्यीकरण की ओर मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट किया। 
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री आशीष वर्मा, जनपद पंचायत पाटन के उपाध्यक्ष श्री देवेंद्र चंद्रवंशी, जनपद सदस्य श्रीमती वेदना वर्मा, सभापति महिला बाल विकास श्रीमती दुर्गा नेताम, सरपंच श्री आशीष बंछोर, श्री शंकर बघेल एवं श्री राजेश ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं समाजिक पदाधिकारीगण मौजूद थे।

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उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधिपति ने औचक निरीक्षण किया

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा साहब हाईकोर्ट के मामलों की सुनवाई पश्चात् आज दिनांक 28.07.2023 को औचक निरीक्षण हेतु जॉजगीर-चांपा पहुंचे और वहां उन्होंने जिला न्यायालय परिवार न्यायालय एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के समस्त कक्षों का निरीक्षण किया, वहां पर उन्होंने परिसर में अस्त व्यस्त पार्किंग, कोर्ट प्रांगण में अवारा पशुओं का विचरण, भवन की दिवालों में जगह-जगह सीपेज होना तथा वॉशरूम को अत्यधिक अस्वच्छ होना पाया । उपरोक्त तथ्यों को लेकर नाराजगी व्यक्त की एवं सभी समस्याओं के शीघ्र निराकरण हेतु जिला न्यायाधीश को निर्देश दिये गये।

 
ज्ञात हो कि माननीय मुख्य न्यायाधिपति महोदय द्वारा यह औचक निरीक्षण का लगातार दूसरा दिन था। मुख्य न्यायाधिपति श्री सिन्हा जी द्वारा अधिवक्ताओं के बाररूम का भी निरीक्षण किया गया तथा उनके समस्याओं को सुनकर शीघ्र निराकरण करने हेतु संबंधितों को निर्देश दिये। उनके द्वारा कॉन्फ्रेन्स हॉल में जिले के सभी न्यायाधीशों के साथ एक संयुक्त बैठक कर प्रकरणों को शीघ्रातिशीघ्र निराकरण करने एवं 5 से 10 वर्ष के पुराने प्रकरणों को प्राथमिकता देते हुए त्वरित गति से निराकृत करने हेतु निर्देश दिया गया। औचक निरीक्षण में उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल श्री अरविन्द कुमार वर्मा भी शामिल थे।
 
ज्ञात हो कि माननीय मुख्य न्यायाधिपति श्री रमेश सिन्हा साहब को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में आये हुए मात्र 03 माह ही व्यतीत हुए है, उक्त 03 माह के कार्यकाल में ही जिला न्यायालय रायपुर, बिलासपुर, कॉकर, जगदलपुर दंतेवाडा, कोरबा कटघोरा एवं मुंगेली का निरीक्षण कर मुलभूत सभी आवश्यक कार्य को शीघ्रातिशीघ्र दुरूस्त करने का निर्देश दे चुके हैं ।
 
इस प्रकार मुख्य न्यायाधिपति महोदय के लगातार अधिक निरीक्षण करने से राज्य के समस्त जिला न्यायालयों एवं संबंधित अधिनस्थ न्यायालयों में मूलभूत सुविधाओं में सुधार होना प्रारंभ हो गया है। 
 
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प्रदेश के 42 लाख परिवारों को आधे दाम में दे रहे बिजली : भूपेश बघेल

 मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सबसे बड़े सुपर क्रिटिकल पॉवर प्लांट का शिलान्यास किया

रायपुर: देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 1957 में कोरबा में बिजली प्लांट की पहली शुरूआत की थी। मुझे इस बात की बहुत खुशी है कि आज हम यहां अब तक के सबसे बड़े 1320 मेगावाट के पॉवर प्लांट की आधारशिला रख रहे हैं। छत्तीसगढ़ में प्रति व्यक्ति बिजली की खपत देश में सबसे ऊपर है। कोरबा ऊर्जा की राजधानी रही है। हमने छत्तीसगढ़ में बिजली बिल हाफ करने की योजना लागू की, हम 24 घंटे सभी को बिजली प्रदान कर रहे हैं। मुझे इस बात की खुशी है कि हम 42 लाख परिवारों को आधे दाम में 400 यूनिट तक बिजली दे रहे हैं। यह बात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 12 हजार 915 करोड़ रूपए के लागत से बनने वाले विद्युत उत्पादन कंपनी हसदेव ताप विद्युत गृह की नवीन सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत परियोजना कोरबा (पश्चिम) के शिलान्यास एवं विकास कार्यों के लोकार्पण भूमिपूजन के दौरान कही।



मुख्यमंत्री बघेल नेे कहा कि मुझे खुशी है कि पर्यावरण और कोयला की अनुमति मिल चुकी है, सारी प्रक्रिया बहुत तेज हुई है, मेरा विश्वास है कि 2028 तक इसे शुरू कर लेंगे। अब बिजली उत्पादन बढ़कर 40 मेगावाट हो जाएगा। हम सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में भी काम कर रहे हैं। बिजली व्यवस्था को लेकर हम लगातार काम कर रहे हैं। मोर बिजली एप से आप बिल जमा कर सकते हैं और बिजली कटने, खराब होने की शिकायत भी कर सकते हैं। हम विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों की सुविधाएं बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने वनोपजों का समर्थन मूल्य तय किया है, हम 67 प्रकार के वनोपज खरीद रहे हैं। गौठानों में रूलर इंडस्ट्रियल पार्क के माध्यम से रोजगार की वृद्धि की जा रही है, अब गौठान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को कोरबा जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान कोरबा के घण्टाघर मैदान में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी हसदेव ताप विद्युत गृह की नवीन सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत परियोजना कोरबा (पश्चिम) का शिलान्यास किया। इसकी अनुमानित लागत 12 हजार 915 करोड़ रूपए है। बघेल ने विभिन्न विभागों के अंतर्गत किए जा रहे 72 विकास कार्यों का भी लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास किया जिसकी लागत 112 करोड़ 13 लाख से भी अधिक है। इन कार्यों में 54 करोड़ 70 लाख राशि के 38 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 57 करोड़ 43 लाख से अधिक राशि के 34 विकास कार्यों का शिलान्यास कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने यहां कलेक्टरेट परिसर में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति का अनावरण एवं डिंगापुर में नवनिर्मित ई-लाईब्रेरी का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि विकास के काम पूरे हो रहे है। आज पांवर प्लांट का भूमिपूजन हुआ है। क्रिटिकल पॉवर प्लांट से प्रदूषण कम होगा। आने वाले दिनों कोयले से नहीं बल्कि पानी से बिजली बनाई जाएगी। राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि कोरबा जिले को बहुत सी सौगते देने के लिए मुख्यमंत्री जी का आभार। सांसद दीपक बैज ने कहा कि आज कोरबा जिले में विकास की नई गाथा लिखी जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार में सरगुजा से लेकर बस्तर तक की विकास की गंगा बहा दी गई है।


    
1320 मेगावॉट सुपर क्रिटिकल पॉवर स्टेशन की रखी आधारशिला
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊंचाई प्रदान करने हेतु कोरबा जिले में 1320 मेगावाट के सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर स्टेशन कोरबा का शिलान्यास किया । नई (9.78 करोड़ प्रति मेगावॉट) होगी। यहां पर 660 मेगावाट की दो इकाइयां स्थापित होंगी। भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए कोरबा में 660-660 मेगावाट की दो नई इकाइयों की स्थापना की जा रही है। 1320 मेगावाट का यह सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर स्टेशन प्रदेश का सबसे बड़ा और आधुनिक संयंत्र होगा। इससे एक ओर प्रदेश बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर होंगा वहीं दूसरी ओर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने सब्सक्रिप्शन कार्ड देकर किया ई-लाइब्रेरी का शुभारंभ
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरबा के डिंगापुर में नवनिर्मित प्यारेलाल कवर स्मृति पुस्तकालय का डिजिटल माध्यम से एक क्लिक कर लोकार्पण किया। उन्होंने रीडिंग जोन में अध्ययनरत युवाओं को सब्सक्रिप्शन कार्ड दिया। कोरबा के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए के लिए डिंगापुर में ई-लाइब्रेरी की स्थापना की गई है। ई-लाइब्रेरी की 3 करोड़ 95 लाख की लागत से स्थापना की गई है। यहां प्रतिभागियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है सर्वसुविधायुक्त लाइब्रेरी में स्मार्ट लाईब्रेरी एवं स्मार्ट किड रूम निर्मित की गई है। लाइब्रेरी में बड़े शहरों की तर्ज पर स्टडी केबिन बनाए गए हैं। प्रतिभागियों के ऑनलाइन पढ़ाई के लिए 40 कम्प्यूटर लगाए गए हैं। इसी प्रकार स्मार्ट किड्स रूम में 10 टेबलेट उपलब्ध है, साथ ही बच्चों के लिए इंटरैक्टिव पैनल निर्मित किया गया है जहां टेलीविजन के माध्यम से बच्चों का बौद्धिक विकास एवं ड्राइंग पेंटिग जैसी अन्य चीजें सीख सकेंगे।

124 एकड़ में 325 करोड़ की लागत से तैयार होगा मेडिकल कॉलेज
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कोरबा जिले को एक बड़ी सौगात देते हुए स्व. बिसाहूदास महंत स्मृति मेडिकल कॉलेज कोरबा के नए भवन की नींव रखी। मेडिकल कॉलेज के नए भवन निर्माण हेतु कोरबा जिले के ग्राम भुलसीडीह, तहसील-भैंसमा में 124.24 एकड़ भूमि का आवंटन किया गया है। इसके निर्माण के लिए 325 करोड का बजट स्वीकृत किया गया है। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कोरबा का उद्घाटन दिनांक 02 मार्च 2021 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा किया गया था । स्थानीय लोगों की मांग अनुसार कोरबा मेडिकल कॉलेज का नामकरण स्व. बिसाहू दास महंत के नाम पर रखा गया है।

100 सीटर खेल अकादमी में तैयार होंगे राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी
मुख्यमंत्री  बघेल ने कोरबा के प्रियदर्शनी इंदिरा स्टेडियम परिसर में आवासीय खेल अकादमी का शुभारंभ किया। खेल अकादमी में खिलाड़ियों को फुटबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और स्विमिंग जैसे खेल का प्रशिक्षण मिलेगा। आवासीय खेल अकादमी में फुटबॉल में बालक वर्ग में 20 खिलाड़ी, बालिका वर्ग में 20 खिलाड़ी, वॉलीबॉल में बालक वर्ग में 12 व बालिका वर्ग में 12 खिलाड़ियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था है। इसी तरह बास्केट बॉल में बालक व बालिका वर्ग के 10-10 और स्विमिंग में 8-8 बालक-बालिका वर्ग के खिलाड़ियों के प्रशिक्षण सह- आवासीय व्यवस्था है। प्रियदर्शनीय इंदिरा स्टेडियम परिसर में जिला प्रशासन की ओर से एकेडमी के संचालन के लिए सभी संसाधन विकसित किए गए हैं। अकादमी में 100 खिलाड़ियों के प्रशिक्षण व आवास की व्यवस्था की गई है जिससे खेल अकादमी में राष्ट्रीय स्तर के खिलाडी तैयार होंगे।

स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी महाविद्यालय का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री बघेल ने कोरबा जिले में छात्रों को अंग्रेजी माध्यम में उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए कोरबा में स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय का शुभारंभ किया। इस सत्र से अंग्रेजी महाविद्यालय  कला, वाणिज्य, विज्ञान एवं कम्प्यूटर विज्ञान विषय के साथ प्रारम्भ हो रहा है। यह महाविद्यालय अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर से संबंद्ध है। सत्र 2023-24 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ है, जिसमें सभी संकायों में विद्यार्थी प्रवेश ले रहें है। यह महाविद्यालय  परम्परागत अध्यापन की सुविधा के साथ-साथ आधुनिकतम उपकरणों से भी सुसज्जित है। जिसका लाभ यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्राप्त होगा।  

इस अवसर पर सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, गौ सेवा आयोग के सदस्य प्रशांत मिश्रा, महापौर राजकिशोर प्रसाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला छत्रपाल कंवर, विधायक पाली तानाखार मोहित राम केरकेट्टा, विधायक कटघोरा पुरुषोत्तम कंवर, सभापति नगर निगम श्याम सुंदर सोनी,श्री अंकित आनंद सचिव ऊर्जा विभाग छत्तीसगढ़ शासन, पी दयानंद सचिव चिकित्सा शिक्षा छत्तीसगढ़ शासन,  संभागायुक्त भीम सिंह, आईजी बीएन मीणा, कलेक्टर संजीव कुमार झा, एसपी उदय किरण, सीईओ जिला पंचायत विश्वदीप स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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सीएम बघेल ने कोरबा में स्वामी आत्मानंद कॉलेज का शुभारंभ किया

 रायपुर: मुख्यमंत्री बघेल ने कोरबा जिले में छात्रों को अंग्रेजी माध्यम में उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए कोरबा में स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय का शुभारंभ किया। इस सत्र से अंग्रेजी महाविद्यालय  कला, वाणिज्य, विज्ञान एवं कम्प्यूटर विज्ञान विषय के साथ प्रारम्भ हो रहा है। यह महाविद्यालय अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर से संबंद्ध है। सत्र 2023-24 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ है, जिसमें सभी संकायों में विद्यार्थी प्रवेश ले रहें है।

यह महाविद्यालय  परम्परागत अध्यापन की सुविधा के साथ-साथ आधुनिकतम उपकरणों से भी सुसज्जित है। जिसका लाभ यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्राप्त होगा।  सुरक्षात्मक दृष्टि से सम्पूर्ण परिसर को सी.सी.टी.व्ही. कैमरा के निगरानी में रखा गया है । क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक गतिविधि हेतु आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की गयी है।  जिससे विद्यार्थियों का बौद्धिक, शारीरिक, मानसिक एवं बहुआयामी विकास हो सके।

शासन द्वारा इस महाविद्यालय के संचालन हेतु प्राचार्य, सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल, कीड़ाधिकारी तथा तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कुल 34 पद स्वीकृत किए गए हैं एवं नवीन भवन निर्माण हेतु 2 करोड़ 40 लाख रूपये का भी प्रावधान किया गया है।

जिले में अंग्रेजी माध्यम महाविद्यालय के प्रारम्भ होने से जिले में संचालित आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल एवं निजी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में अध्ययनरत विद्यार्थियों को अन्य जगहों में जाकर अध्ययन नहीं करना पड़ेगा। उन्हें उनके शहर में ही गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा प्राप्त होगी।

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आदिवासियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना हमारा मुख्य ध्येय : सीएम बघेल

रायपुर: मुख्यमंत्री  शाम यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के जाति समुदायों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने के उनके प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है।

गौरतलब है कि विगत दिवस 25 जुलाई को राज्यसभा ने संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (पांचवां संशोधन) विधेयक 2022 को मंजूरी दे दी। इसके पहले पिछले साल दिसम्बर में लोकसभा ने इस विधेयक को पारित किया था। इस अवसर पर खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज निगम के अध्यक्ष  गिरीश देवांगन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री  बघेल ने राज्य सरकार के लगातार प्रयासों से मिली इस सफलता पर प्रतिनिधिमंडल को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार अनुसूचित जनजाति समुदाय को उनके अधिकारों का लाभ दिलाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य ध्येय राज्य में आदिवासी समाज को आगे बढ़ाते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि राज्य में हमारी सरकार के बनते ही आदिवासियों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे है।

मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर आगे कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस संबंध में प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखकर मात्रात्मक त्रुटि के कारण आदिवासी समुदाय को हो रही दिक्कतों से अवगत कराया गया और उन्हें अनुसूचित जनजाति में शामिल करने का आग्रह किया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जनजाति आयोग को विभिन्न समाजों के माध्यम से जो ज्ञापन मिले, आयोग द्वारा उनकी सुनवाई कर ट्राईबल रिसर्च इंस्टिट्यूट के माध्यम से अध्ययन के बाद प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को भेजा गया। राज्य सरकार की इस पहल पर जाति समुदायों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने संबंधी विधेयक को लोकसभा और राज्यसभा से मंजूरी मिली है। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल में  बी.एल. ठाकुर, भारत सिंह, प्रेमलाल सिदार, रवि सिदार, मदनलाल, हीरालाल,  वेद्वती, डॉ. शंकरलाल उईके सहित आदिवासी समाज के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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राशन कार्ड धारकों का ई-केवाईसी अब 31 अगस्त तक

 खाद्य विभाग द्वारा सभी कलेक्टरों को पत्र जारी

रायपुर: भारत सरकार के निर्देश पर ‘‘वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना’’ के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के हितग्राहियों के ई-केवाईसी की कार्यवाही की तिथि अब बढ़ाकर 31 अगस्त तक तक किया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा इस आशय का पत्र प्रदेश के सभी कलेक्टरों को भेज दिया गया है।
 
‘वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना’ के पूर्ण क्रियान्वयन के लिए राशनकार्ड के सभी सदस्यों के आधार की जानकारी प्रमाणीकृत होना आवश्यक है। राशनकार्ड में हितग्राहियों के आधार की जानकारी गलत दर्ज होने तथा आधार की जानकारी प्रमाणीकृत नहीं होने के कारण खाद्यान्न वितरण में समस्या बनी रहती है। विभागीय डेटाबेस में जिन हितग्राहियों का आधार दर्ज है, उनके आधार की जानकारी का प्रमाणीकरण के लिए ई-केवाईसी की कार्यवाही की जा रही है।  

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकानों को प्रदान किये गये ई-पॉस उपकरण में ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध है। ई-केवाईसी की कार्यवाही पूर्णतः निःशुल्क है। ई-केवाईसी की कार्रवाई के लिए राशनकार्डधारी मुखिया एवं राशनकार्ड में दर्ज सभी सदस्य अपने-अपने आधार नंबर के साथ शासकीय उचित मूल्य दुकान पहुँचेंगे, जिसके बाद ही विक्रेता द्वारा ई-पॉस उपकरण में प्रत्येक सदस्य के आधार नंबर की पृथक-पृथक प्रविष्टि कर उनका फ्रिंगर प्रिंट स्कैन करवाकर ई-केवाईसी की कार्रवाई पूर्ण किया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि ई-केवाईसी अभियान को क्रेन्द्र शासन द्वारा गंभीरता से लिया जा रहा है तथा सप्ताहिक समीक्षा भी की जा रही है। वर्तमान में  प्रदेश के सभी जिलों द्वारा 2.66 करोड़ हितग्राहियों में  1.56 करोड़ हितग्राहियों का ई-केवाईसी किया गया है, जिसमें से 31.75 लाख़ हितग्राहियों का सत्यापन हो चुका है एवं 1.24 करोड़ हितग्राहियों का सत्यापन की कार्रवाही जारी है। वर्तमान स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए ई-केवाईसी की कार्यवाही की समय-सीमा पूर्व में 31 जुलाई थी, जिसमें 31 अगस्त 2023 तक वृद्धि की गयी है। ई-केवाईसी की कार्यवाही के दौरान निरंतर खाद्यान्न वितरण जारी रहेगा, किसी भी स्थिति में खाद्यान्न वितरण बाधित नहीं होगा ।

 

 

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सीएम बघेल 29 को रखेंगे सुपर क्रिटिकल पॉवर स्टेशन की आधारशिला

 छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी लगाएगा दो नए संयंत्र

 

रायपुर: मुख्यमंत्री बघेल छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊंचाई प्रदान करने 29 जुलाई को कोरबा में 1320 मेगावाट सुपर क्रिटिकलव थर्मल पॉवर स्टेशन कोरबा की आधारशिला रखेंगे। यह छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के मामले में सर्वोच्च बनाए रखने की दिशा में एक और मील का पत्थर साबित होगा। इससे छत्तीसगढ़ आने वाले भविष्य में अपनी आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर हो सकेगा।

कोरबा घंटाघर मैदान में कल 29 जुलाई को सुबह 10.30 बजे शिलान्यास समारोह का आयोजन किया गया है। इसके मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल होंगे। समारोह की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत करेंगे। समारोह में उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया, राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल, सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत, दीपक बैज, विधायक मोहित राम, पुरूषोत्तम कंवर, ननकीराम कंवर, महापौर राजकिशोर प्रसाद एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला छत्रपाल सिंह कंवर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी। समारोह में कोरबा के मेडिकल कालेज  भी आधारशिला रखी जाएगी।

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता 2978.7 मेगावाट है। राज्य स्थापना के समय उत्पादन क्षमता 1360 मेगावाट थी। वर्तमान में छत्तीसगढ़ जीरो पॉवर कट स्टेट बना हुआ है। प्रदेश में तेज गति से हो रहे आर्थिक विकास से बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए कोरबा में 660 मेगावाट के दो नए संयंत्र की स्थापना की जाएगी। यह 1320 मेगावाट का सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर स्टेशन प्रदेश का सबसे बड़ा और आधुनिक संयंत्र होगा। इससे एक ओर हम बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर होंगे दूसरी ओर रोजगार के नए सृजित होंगे। हसदेव ताप विद्युत गृह कोरबा पश्चिम में इसके लिए पर्याप्त भूमि है। यहां कन्वेयर बेल्ट से कोयले की सुगम परिवहन की सुविधा उपलब्ध है।

मुख्यमंत्री ने 25 अगस्त 2022 को इस संयंत्र की स्थापना का निर्णय लिया था। जिस पर तेज गति से कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी आवश्यक अनुमति एवं स्वीकृतियां प्राप्त की। भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय से टर्म ऑफ रिफसेन्स और कोयला मंत्रालय से कोल आबंटन प्रदान कर दिया गया है, जिसके बाद इसके लिये भूमिपूजन 

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सीएम बघेल ने बुलायी स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग की बैठक, तेजी से फैल रहे आई फ्लू पर हो रही चर्चा

 रायपुर: प्रदेश में आई फ्लू (कंजेक्टिवाइटिस) के बढ़े प्रकोप ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री कंजेक्टिवाइटिस के बढ़े प्रकोप के बीच हाईलेवल मीटिंग ले रहे हैं।

इस बैठक में डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव भी मौजूद हैं। वहीं चीफ सिकरेट्री के अलावे स्वास्थ्य विभाग व स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद हैं। बैठक में कंजेक्टिवाइटिस से निपटने की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा चल रही है। बैठक में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग को लेकर कुछ निर्देश जारी कर सकते हैं।

आपको बता दें कि प्रदेश के स्कूली बच्चों में काफी ज्यादा कंजेक्टिवाइटिस का प्रकोप फैल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले दिनों ही स्कूल शिक्षा विभाग व आदिम जाति कल्याण विभाग को पत्र लिखकर कंजेक्टिवाइटिस से बचने को लेकर दिशा निर्देश जारी किये थे।
 
बारिश, नमी और दूषित जल से कई तरह के बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं, जिनमें से कुछ आंखों के संक्रमण का कारण बन सकते हैं। बारिश के दिनों में हवा में नमी बढ़ने के कारण वायरस और बैक्टीरिया का खतरा बढ़ जाता है। इससे आंखों में कन्जक्टिवाइटिस, रेडनेस, आई फ्लू आदि की समस्या होने लगती है। कन्जक्टिवाइटिस वायरस और बैक्टीरिया से फैलता है, जिसके चलते यह एक से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैलता है।

कन्जक्टिवाइटिस को पिंक आइज की समस्या भी कहा जाता है। ज्यादातर यह समस्या सामान्य इलाज से ही ठीक हो जाती है। इसके गंभीर होने का खतरा कम होता है। चूंकि आंख सबसे ज्यादा संवेदनशील अंग है, इसलिए इनका विशेष ख्याल रखने की जरूरत होती है। एलर्जिक कन्जक्टिवाइटिस होने पर खुजली, आंखों से पानी आना और सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

संचालक, महामारी नियंत्रण डॉ. सुभाष मिश्रा ने बताया कि कन्जक्टिवाइटिस संक्रामक बीमारी है जो सम्पर्क से फैलती है। अतः मरीज को अपनी आंखों को हाथ नहीं लगाने की सलाह दी जाती है। मरीज के उपयोग की चीजों को अलग रखकर इस बीमारी के फैलाव को रोका जा सकता है। संक्रमित आंख को देखने से इस बीमारी के फैलने की धारणा केवल भ्रम है। यह बीमारी केवल सम्पर्क से ही फैलती है।

क्या हैं लक्षण ?
आई फ्लू में आंखें लाल हो जाती हैं। आंखों से पानी आने लगता है, जलन होती है, पलकों पर पीला और चिपचिपा तरल जमा होने लगता है। आंखों में चुभन होने के साथ-साथ सूजन आ जाती है। आंखों से पानी आना और खुजली होना इसके सामान्यतः दिखाई देने वाले लक्षण हैं। अगर इन्फेक्शन गहरा हो तो आंखों की कॉर्निया को भी नुकसान हो सकता है जिससे आंखों की दृष्टि प्रभावित हो सकती है। मॉनसून सीजन में आई फ्लू का खतरा बच्चों में सबसे ज्यादा होता है।

नेत्र संबंधी कोई भी समस्या होने पर नेत्र विशेषज्ञ के पास दिखाना उचित होता है। अन्यथा गंभीर स्थिति निर्मित हो सकती है। आंखों की जांच और उपचार की सुविधा चिकित्सा महाविद्यालयों, जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में निःशुल्क उपलब्ध है।

आई फ्लू या कन्जक्टिवाइटिस से बचाव के लिए आंखों की सफाई का पूरा ध्यान रखें और उन्हें ठंडे पानी से बार-बार धोएं। किसी भी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। कन्जक्टिवाइटिस से पीड़ित होने पर बार-बार आंखों पर हाथ न लगाएं। आंखों में आई ड्रॉप डालने से पहले हाथों को अच्छी तरह धो लें। आंखों पर बर्फ की सिकाई जलन और दर्द से राहत दिलाती है। संक्रमण के दौरान गंदगी और ज्यादा भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। संक्रमित व्यक्ति से हाथ न मिलाएं और उनकी चीजें जैसे चश्मा, तौलिया, तकिया आदि न छुएं। साथ ही अपना तौलिया, रूमाल, चश्मा आदि किसी के साथ साझा न करें। अगर इन बातों का ध्यान रखा जाए तो जल्द ही यह समस्या दूर हो सकती है।

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