छत्तीसगढ़ - Newsportal | Chhattisgarh Darpan Media Group

छत्तीसगढ़

सीएम बघेल की दो टूक, कहा- कैंडिडेट हाईकमान तय करेंगे

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव व प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने पदाधिकारियों में उत्साह का संचार करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए टिकट की दावेदारी करने का हक सभी को है। आप अपनी ताकत लगाएं, जीत के दावों का पुख्ता समीकरण भी बताएं।


कांग्रेस जिसे उम्मीदवार बनाएगी उसके लिए हम सबको ईमानदारी और कर्मठता के साथ काम करना होगा। पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार को विजय बनाकर विधानसभा पहुंचाने हम सबकी जिम्मेदारी होगी। पीसीसी प्रभारी ने पदाधिकारियों और दावेदारों में उत्साह भरा और शपथ भी दिलाई।

बुधवार को सिम्स के आडिटोरियम में बिलासपुर संभाग के साथ ही प्रदेश कांग्रेस की राजनीति सिमटी रही। संभागीय सम्मेलन में संभाग के सभी जिलों से पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। आडिटोरियम पदाधिकारियों से खचाखच भरा हुआ था। पीसीसी प्रभारी सैलजा ने पदाधिकारियों को अपने अंदाज में उत्साह भी बढ़ाया।

पदाधिकारियों को रिचार्ज करने के साथ ही पार्टी अनुशासन की बात भी प्रमुखता के साथ कही। उनका कहना था कि चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं तो दावेदारी करिए। जमकर करिए। जिस सीट से टिकट मांग रहे हैं उसकी पूरी-पूरी जानकारी होनी भी चाहिए।

जातिगत आधार से लेकर सामाजिक परिस्थिति, बीते विधानसभा और लोकसभा चुनाव में पार्टी अगर जीती तो जीत का आधार और अगर पराजित हुई तो कारण को भी स्पष्ट करना होगा। उन्होंने साफ कहा कि विधानसभा सीट के बारे में वृहद जानकारी होना जरूरी है। हवा-हवा और आधारहीन तरीके से टिकट की दावेदारी उचित नहीं है।

पीसीसी प्रभारी ने आडिटोरियम में उपस्थित पदाधिकारियों से संकल्प भी लिया। पदाधिकारियों ने शपथ ली कि टिकट किसी को ही मिलेगा। जिसे टिकट मिलेगा उसके लिए काम करेंगे। उम्मीदवार के विरोध में नहीं जाएंगे। शैलजा के इस प्रस्ताव को पदाधिकारियों ने सहजता के साथ स्वीकारा और शपथ भी ली। शपथ दिलाने के बाद शैलजा ने दावा किया कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस दमदारी के साथ सत्ता में बनी रहेगी। इस बार 75 प्लस सीट के साथ हम सरकार में काबिज रहेंगे।

जोगी को लेकर मुख्यमंत्री की तल्खी आई सामने
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पूर्व सीएम अजीत जोगी को लेकर तल्खी एक बार फिर सामने आई है। पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए सीएम बघेल ने कहा कि बिलासपुर राजनीति का गढ़ रहा है। अविभाजित मध्य प्रदेश के दौरान हमने इस बात को करीब से देखा है। यहां से जो संदेश प्रसारित होता था छत्तीसगढ़ की राजनीति में प्रभावी बन जाता था। राजनीति के साथ ही साथ ही बिलासपुर कांग्रेस का गढ़ रहा है। राज्य निर्माण के बाद कांग्रेस की सरकार भी बनी।

अफसोस इस बात का कि छत्तीसगढ़ गठन के बाद हुए पहले विधानसभा चुनाव में हम सत्ता से बाहर हो गए। यह हार का सिलसिला वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव तक चलते रहा। जब वे अपनी बात रख रहे थे तब इस बात को लेकर नाराजगी और तल्खी दोनों नजर आई।

उन्होंने साफ कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी जब तक कांग्रेस में रहे छत्तीसगढ़ में सरकार से बाहर रहे। जब जोगीजी कांग्रेस से बाहर चले गए हमारी सत्ता में वापसी हो गई। राजनीतिक समीकरणों की ओर इशारा करते हुए कहा कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में अजीत जोगी कांग्रेस से अलग हो गए और नई पार्टी बना ली।

विधानसभा चुनाव में उन्होंने बसपा के साथ गठबंधन कर लिया। इसके कारण बिलासपुर संभाग की अधिकांश सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति बनी। त्रिकोणीय मुकाबले का लाभ राजनीतिक रूप से भाजपा को मिला। सीधी लड़ाई होती तो बिलासपुर संभाग में सीटों का आंकड़ा कुछ अलग ही होता। हमारी सीटें और बढ़ती। यह सब बताने के पीछे मकसद सीधी लड़ाई के लिए इस बार तैयार रहने और जमकर मेहनत करने पदाधिकारियों को इशारा किया।

गुटबाजी से दूर रहने दी हिदायत
पूर्व सीएम जोगी के उदाहरण के जरिए सीएम बघेल ने पार्टी अनुशासन के साथ ही लक्ष्मण रेखा न लांघने की हिदायत भी दी। इशारों ही इशारों में ऐसा करने वालों को खबरदार भी किया। उनकी इस तल्खी और दोटूक बात को लेकर सम्मेलन के बाद दिग्गज कांग्रेसी नेताओं के बीच चर्चा भी होती रही और मतलब निकालने की कोशिश भी करते रहे।

हारी सीटों पर फोकस करने स्पीकर ने किया इशारा
विधानसभाध्यक्ष डा चरणदास महंत ने माना कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ और बहुजन समाज पार्टी के बीच हुए राजनीतिक गठबंधन का सबसे ज्यादा असर बिलासपुर संभाग की विधानसभा सीटों पर देखने को मिला है। जकांछ और बसपा के बीच हुए समझौते के कारण संभाग की अधिकांश सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला हुआ।

त्रिकोणीय मुकाबले में राजनीतिक रूप से फायदे में भाजपा रही। मुकाबला सीधा होता तो संभाग की राजनीति का अंदाज ही कुछ अलग होता। विधानसभाध्यक्ष डा महंत ने सीएम बघेल को बिलासपुर संभाग की विधानसभा सीटों को लेकर विशेष ध्यान देने और कार्ययोजना बनाने की बात भी कही। स्पीकर की इस मशविरे को लेकर अटकलें भी लगाई जाती रही। सीएम बघेल और विधानसभाध्यक्ष डा महंत के बीच बनते राजनीतिक रिश्ते को लेकर भी पदाधिकारियों के बीच देर तक चर्चा होते रही।

लेखा जोखा और सर्वे के बाद तय होगी टिकट-सैलजा
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव व पीसीसी प्रभारी कुमारी सैलजा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में टिकट को लेकर जरूरी मापदंड तय किए जाते हैं। ऐसे ही किसी को टिकट नहीं दे दी जाती। सबका लेखा जोखा देखा जाता है।

दावेदारों का पार्टी संगठन में योगदान, आमजनता के बीच उनकी छवि, स्वीकार्यता और सहभागिता पर खास ध्यान दिया जाता है। इन सबके अलावा सर्वे पर भी नजर रहती है। जीत की दावेदारी और लोकप्रियता का मापदंड भी देखा जाता है। इसके बाद चुनाव समिति में पैनल रखा जाता है। समिति के निर्णय के बाद ही टिकट की घोषणा की जाती है।

एकजुटता की पिलाई घुट्टी
पीसीसी प्रभारी से लेकर सीएम व दिग्गज कांग्रेसी नेताओं ने पदाधिकारियों को आपस में सामंजस्य बनाए रखने और एकजुटता की घुट्टी पिलाई। अपने भाषण के दौरान दिग्गज पदाधिकारी पार्टी अनुशासन की दुहाई देते रहे और मिलजुलकर काम करने की हिदायत भी देते नजर आए। राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया। आम लोगों से सीधे संपर्क के साथ ही इंटरनेट मीडिया के जरिए लोगों तक अपनी बात प्रभावी ढंग से पहुंचाने की बात करते रहे।

उपेक्षा को लेकर उठी बात
पार्टी अनुशासन की घुट्टी पीने के दौरान ही सिम्स आडिटोरियम के एक हिस्से में बैठे पदाधिकारियों ने सरकार बनने के बाद उपेक्षा का आरोप भी लगाया। पूछपरख न होने की बात कही और यह कहते हुए उनका दर्द भी छलका।

 

 

और भी

रागी की खेती से कृषकों के जीवन में आ रहा बदलाव

धमतरी में लगभग डेढ़ हजार किसानों ने धान के बदले ली रागी की फसल

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) लघु धान्य फसलों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा लगातार कार्य किया जा रहा है, जिसका असर अब छत्तीसगढ़ के किसानों के खेतों में दिखायी देने लगा है। कुछ वर्षो पूर्व किसान ज्यादातर मात्रा में धान की फसल लिया करते थे, किन्तु सरकार की किसान हितैषी योजनाओं से प्रभावित होकर अब अन्य फसलों की ओर भी रूख कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ देश का इकलौता राज्य है जहां कोदो, कुटकी और रागी सहित अन्य मिलेट्स  फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी और इसके वैल्यू एडिशन का काम भी किया जा रहा है। किसानों को नकदी फसल लेने हेतु प्रोत्साहित करने संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा इस वर्ष मिलेट्स वर्ष घोषित किया गया है। जिसके परिणामस्वरूप किसानों के जीवन में बदलाव दिखायी देने लगा है और किसान आर्थिक समृद्धि की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

प्रदेश में शुरू किए गए मिलेट मिशन का सार्थक परिणाम है कि अब किसान धान के बदले रागी, कोदो और कुटकी की फसल लेने लगे हैं। धमतरी जिले में लगभग 1 हजार 500 किसानों ने 1 हजार 200 हेक्टेयर में धान के बदले कोदो-कुटकी और रागी सहित अन्य फसल ली है।

शासन की इन्ही योजनाओं से प्रभावित होकर धमतरी जिले के ग्राम कलारबहार निवासी किसान सगनूराम नेताम ने बीते कुछ वर्षो से धान के बदले रागी की फसल लेनी शुरू की सगनूराम से बातचीत करने पर बताया कि बीते वर्ष 1 एकड़ खेत में रागी की फसल लगायी थी, जिसमें कुल 7 क्विंटल रागी की पैदावार हुई है। इस फसल से वह रागी के बीज तैयार करेगा। उन्होंने बताया कि बीते दिनों उसने बीज निगम में 25 हजार और बाजार में लगभग 17 हजार रूपये की रागी बिक्री की थी। इस प्रकार अगर सगनूराम धान की खेती करता तो उसे 10 क्विंटल के हिसाब से 25 हजार रूपये प्राप्त होते, किन्तु मिलेट्स की खेती से उसे लगभग 15-17 हजार रूपये प्रति एकड़ का अतिरिक्त आमदनी मिली। इसके लिए संबंधित विभाग द्वारा उसे निःशुल्क बीज एवं वर्मी कम्पोस्ट खाद प्रदान किया गया था।

सगनूराम ने रागी की विशेषता के बारे में बताया कि यह बहुत अधिक पौष्टिक और लाभप्रद है। इस फसल के लिए जहां पानी और समय कम लगता है, वहीं यह फसल 125 दिनों में पककर तैयार हो जाती है और इसमें ज्यादा देखरेख की भी जरूरत नहीं पड़ती है। यही वजह है कि सगनूराम से प्रेरित होकर क्षेत्र के अन्य किसान भी लघुधान्य फसलों को लगाने के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं।
          
छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को दे रही सब्सिडी
छत्तीसगढ़ देश का इकलौता राज्य है जहां कोदो, कुटकी और रागी की समर्थन मूल्य पर खरीदी और इसके वैल्यू एडिशन का काम भी किया जा रहा है। कोदो-कुटकी 3000 रूपये प्रति क्विंटल की दर से और रागी की खरीदी 3378 रुपये प्रति क्विंटल की दर से समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। साथ ही धान के बदले अन्य फसल लेने वाले किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत इनपुट सब्सिडी भी दी जा रही है।

राज्य सरकार द्वारा धान के बदले खरीफ की अन्य फसलों के साथ-साथ उद्यानिकी की फसल लेने पर 10 हजार रुपए प्रति एकड़ के मान से सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है.
 
किसान अब मिलेट्स की खेती करने आ रहे आगे
पोषक तत्वों के कारण मिलेट अनाजों की लगातार डिमांड बढ़ रही है. बढ़ती हुई डिमांड को देखते हुए किसान भी इन फसलों की खेती करने में रुचि ले रहे हैं. रागी, छत्तसीगढ़ में रागी को मड़िया के नाम से भी जाना जाता है। छत्तीसगढ़ में शुरू हुए मिलेट मिशन के तहत किसानों को इन फसलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. किसानों को उन्नत बीज के साथ अन्य सहायता दी जा रही है. मंडी में रागी की कीमत भी काफी अच्छी मिल रही है और साथ ही इसकी खेती करना ज्यादा कठिन भी नहीं है. यानी रागी की खेती कर किसान कम मेहनत के ही अच्छी कमाई कर सकते हैं.  
           
रागी के लाभ
रागी हाइवेल्यू क्रॉप, कैल्शियम, आयरन जैसे खनिज तत्वों से परिपूर्ण होता है। साथ ही फोलिक एसिड, एमीनोएसिड, एन्टी एजेंट, एंटी आक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व भी इसमें पाये जाते है। इसकी वजह से मोटापा, डायबटिस, रक्तचाप जैसी बीमारियों के रोकथाम में उपयोगी है। वहीं कुपोषण मुक्त और गर्भवती माताओं के लिए भी फायदेमंद है। साथ ही तनाव व अवसाद को दूर करने में भी रागी सहायक है।  रागी में कैल्शियम की मात्रा सर्वाधिक पायी जाती है जिसका उपयोग करने पर हड्डियां मजबूत होती हैं।

और भी

पेंड्री में मनरेगा से निर्मित अमृत सरोवर बनेगा जल संरक्षण की मिसाल

तालाब के पानी का ग्रामीण करेंगे उपयोग, महिलाओं को आजीविका गतिविधि से जोड़ेंगे

जांजगीर चांपा (छत्तीसगढ़ दर्पण) जल ही जीवन है और इसके बिना कुछ भी संभव नहीं है। आज जिस जल का संरक्षण करेंगे वह वर्तमान के साथ ही भविष्य में भी उपयोग आएगा, इसलिए जल संरक्षण एवं संचय बहुत जरुरी है, और इस जल संरक्षण एवं संचय का बेहतर कार्य आजादी का अमृत महोत्सव की 75 वीं वर्षगांठ मानते हुए पामगढ़ जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत पेंड्री में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के माध्यम से अमृत सरोवर का निर्माण कराकर किया गया है। अमृत सरोवर से बारिश का पानी संरक्षित होगा जो आगामी दिनों में गांव के लोगों को नियमित रूप से सहारा बनेगा और इससे समूह को जोड़ते हुए रोजगार भी उपलब्ध कराया जाएगा।


जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. ज्योति पटेल ने बताया कि कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशन में जिले में जल संरक्षण एवं संचय की दिशा में कार्य किया जा रहा है। आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत महात्मा गांधी नरेगा से अमृत सरोवर का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इससे गांव के लोगों की भागीदारी बढ़ेगी और उन्हें रोजगार प्राप्त होगा। इसी तातम्य में जिला पंचायत जांजगीर चांपा से 31 किलोमीटर एवं जनपद पंचायत पामगढ़ से 8 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत पेंड्री में आजादी का अमृत महोत्सव के तहत महात्मा गांधी नरेगा के माध्यम से अमृत सरोवर का निर्माण कराया गया है, जिसे ग्रामीण चार तालाब के नाम से जानते है। अमृत सरोवर (चार तालाब) के लिए 19.98 लाख रुपए की स्वीकृत दी गई। इस राशि से नया तालाब खुदाई के साथ ही इनलेट जिससे बारिश के समय पानी को आसानी से तालाब के अंदर पहुंचाया जा सकेगा, वहीं आउटलेट के निर्माण होने से तालाब ओवरफ्लो पानी निकाला जा सकेगा। इस तालाब में महात्मा गांधी नरेगा के 280 जॉबकार्डधारी परिवारों ने मिलकर 7 हजार 910 मानव दिवस सृजित करते हुए रोजगार प्राप्त किया और उन्हें बाहर कमाने-खाने, पलायन करने मजबूर नहीं होना पड़ा। कार्यक्रम अधिकारी सौरभ शुक्ला, तकनीकी सहायक हिमांशु गुप्ता एवं रोजगार सहायक की सतत देखरेख में तालाब निर्माण का कार्य हुआ है। तकनीकी सहायक हिमांश गुप्ता ने बताया कि अमृत सरोवर में 10 हजार 110 क्यूबिक मीटर पानी संरक्षित होगा। अमृत सरोवर का निर्माण होने के बाद कच्ची नाली बनाकर नहर से तालाब तक जोड़ा गया। नहर में पानी आने के बाद अमृत सरोवर चार तालाब को भर दिया गया, जिससे गर्मी के दिनों में ग्रामीणों को भरपूर पानी निस्तारी के लिए मिल गया। एक ओर तालाब का पानी का उपयोग निस्तारी के काम आएगा तो दूसरी ओर इस तालाब को आजीविका गतिविधि से जोड़कर स्व सहायता समूह का लाभ पहुंचाया जाएगा। अमृत सरोवर बनने से आसपास के किसानों को खेती किसानी के लिए पानी मिल सकेगा। इसके साथ ही अमृत सरोवर तालाब के चारों ओर पौधरोपण किया जायेगा, इसके लिए ग्राम पंचायत एवं ग्रामीणों ने श्रमदान करते हुए फैंसिंग का घेरा तैयार किया है। मानसून के दौरान ग्रामीणों द्वारा पौधरोपण किया जायेगा, जिससे आसपास का पर्यावरण सुरक्षित और संरक्षित रहेगा।

और भी

भारी वाहनों का प्रवेश बंद करने एवं सिग़नल को चालू करवाने हेतु सौंपा ज्ञापन..

भारी वाहनों का प्रवेश बंद करने एवं सिग़नल को चालू करवाने हेतु सौंपा ज्ञापन।

(छत्तीसगढ़ दर्पण)। एन.एस.यू.आई छत्तीसगढ़ के प्रदेश सचिव विशाल कुकरेजा के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात को सौंपा ज्ञापन।विशाल कुकरेजा ने बताया कि रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के अंर्तगत वार्ड क्रमांक - 50 रानी दुर्गावती वार्ड एवं वार्ड 52 डॉ राजेन्द्र प्रसाद वार्ड के मार्गो में भारी वाहनों का प्रवेश बंद करवाने हेतु एवं अमलीडीह चौक की सिग्नल लाइट को चालू करवाने की माँग को लेकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय को ज्ञापन सौंपा गया।विशाल ने बताया की रोजाना शाम को अमलीडीह चौक में घंटों तक जाम लगा हुआ रहता है जिसके कारण आम जनता को काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।विशाल कुकरेजा ने माँग की है की जबतक सिग्नल लाइट चालू नहीं हो जाती है तबतक यातायात पुलिसकर्मी की व्ययस्था की जाये।यदि भारी वाहनों का प्रवेश बंद नहीं किया जायेगा तो 

एन.एस.यू.आई भारी वाहानों को रुकवाकर उग्र प्रदर्शन करेगी।ज्ञापन सौपने में तिशीर साल्वे,अजय जाल, सुमित बीसेन,यश नागवानी,गुडवीन मसीह,यश सेन,आशुतोष तिवारी,समर दास,अलेक्स फ़्रांसिस,मयंक श्रीवास,आदित्य केरकेट्टा,दीपक टिग्गा आदि उपस्थित थे।
और भी

मुख्यमंत्री ने अपने निवास परिसर में आंवला का पौधा रोपा

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विश्व पर्यावरण दिवस पर अपने निवास परिसर में आंवला का पौधा रोपा। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपने घरों में और आस-पास पौधा लगाने और पौधों को जीवित रखने की जिम्मेदारी लेने की अपील की। बघेल ने कहा कि  आने वाले मानसून में ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करें और अपने गांव, गौठान, खेतों और जंगलों को खूब हरा-भरा बनाएं। मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव भी इस अवसर पर उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण के संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। राज्य सरकार की गोधन न्याय योजना का एक उद्देश्य पर्यावरण का संरक्षण और संवर्धन करना भी है। राज्य सरकार द्वारा सुराजी गांव योजना, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना, वृक्ष संपदा योजना, कृष्ण कुंज योजना, नदी तट वृक्षारोपण, फलदार पौधा रोपण जैसी योजनाओं के माध्यम से अपने पर्यावरण को लगातार बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है।

 

 

और भी

विश्व पर्यावरण दिवस : रैली निकाल कर पर्यावरण के प्रति लोगों को किया जागरूक

विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर स्वामी आत्मानंद स्कूल परिसर में पौधारोपण

महासमुंद (छत्तीसगढ़ दर्पण) महासमुंद में सोमवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर रैली और विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक किया। जिला मुख्यालय महासमुंद में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में वन विभाग के वन सुरक्षा कर्मचारियों ने रैली निकाली। जो वन विद्यालय से शुरू होकर उच्चतर माध्यमिक  विद्यालय ( स्वामी आत्मानंद स्कूल हिन्दी) तक गयी।  

संसदीय सचिव व विधायक विनोद चंद्राकर ने स्कूल परिसर में पौधा रोपण किया। इसके बाद स्वामी आत्मानंद अंग्रेज़ी मीडियम स्कूल जाकर परिसर में भी पौधा रोपण किया। साथ में  नगर पालिका अध्यक्ष राशि महिलांग,  दाऊलाल चंद्राकर, वनमंडलाधिकारी पंकज राजपूत ने जनप्रतिनिधियों, नागरिकों से भी पौधे लगाये।

 संसदीय सचिव  विनोद चंद्राकर ने कहा कि पर्यावरण और हरियाली बचाने के लिए सरकार अपना काम कर रही है।  साथ ही आम जनता को भी इसमें योगदान देना होगा। 

 उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि विकसित होते शहर के कारण हरियाली कम और कंक्रीट के जंगल बढ़ते जा रहे हैं। इसके कारण प्रदूषण के मामले में बढ़ोतरी हो रही है। यदि हम ने समय रहते कुछ नहीं किया तो आने वाले कुछ सालों में साफ हवा में सांस लेने के लिए तरस जाएंगे। नई पीढ़ी पर इसका असर भी दिखेगा। आज विश्व पर्यावरण दिवस है, ऐसे मौके पर हम सभी को कोई ऐसा प्राण लेना चाहिए जो आने वाली पीढ़ियों को साफ सुथरी हवा देने में मददगार हो सके। घटती हरियाली को बढ़ाने के लिए वृक्षारोपण किया जाए। हर व्यक्ति को कम-से कम एक पेड़ लगाना चाहिए। घरों के आसपास, कॉलोनी मोहल्लों के बगीचों में, सड़कों के किनारों के दोनों और खेतों की बागड़ पर, गांवों की कांकड़ पर, पोखर के ईर्द गिर्द, नदी नालों के किनारे, पहाड़ों की ढलानों पर कहीं भी पेड़ लगाए जा सकते है। 

मालूम हो कि विश्व पर्यावरण दिवस पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण हेतु पूरे विश्व में मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने की घोषणा संयुक्त राष्ट्र ने पर्यावरण के प्रति वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक जागृति लाने हेतु वर्ष 1972 में की गई थी। इसे 5 जून से 16 जून तक संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण सम्मेलन में चर्चा के बाद शुरू किया गया था। 5 जून 1974 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया था।

और भी

स्वास्थ्य व पोषण के क्षेत्र में जागरुकता बहुत जरूरी : जिला प्रभारी सचिव

जिला प्रभारी सचिव ने की आकांक्षी सूचकांकों की प्रगति की समीक्षा

महासमुंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला प्रभारी सचिव नीति आयोग, अध्यक्ष केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल नई दिल्ली निधि छिब्बर ने सोमवार को कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में जिला अधिकारियों की बैठक लेकर आकांक्षी सूचकांकों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने समीक्षा करते हुए कहा कि कार्यों की प्रगति  और अधिक तेज गति से होनी चाहिए। इसके लिए समन्वित तरीके से कार्य करने की जरूरत है। स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में जागरुकता बहुत जरूरी है। उन्होंने ज़िले में आगे और बेहतर कामों की कार्य योजना बना कर रखने को कहा। ताकि ज़रूरत के मुताबिक़ उसे स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने युवाओं को स्थानीय बाज़ार मांग के अनुसार कौशल प्रशिक्षण देने पर बल दिया। कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर ने प्रभारी सचिव का स्वागत किया। 

प्रभारी सचिव श्रीमती छिब्बर ने आकांक्षी जिला के विभिन्न सूचकांकों, स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, कौशल एवं वित्तीय समावेश, बुनियादी ढांचे सहित अन्य क्षेत्रों में किए गए कार्यों एवं उपलब्धियों की समीक्षा की तथा डेल्टा रैंकिंग में सुधार के लिए और बेहतर प्रदर्शन करते हुए कमियों को दूर करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।

छिब्बर ने कहा कि यह जिला आकांक्षी जिलों में शामिल है और आकांक्षी जिलों के लिए विभिन्न विभागों के लिए सूचकांक निर्धारित किए गए है। उन सूचकांकों के अनुरूप लक्ष्यों की उपलब्धि हासिल की जानी है। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए विशेष रूप से प्रयास करें।  

ज़िले में बालवाड़ी केंद्र संबंध में बताया गया कि महासमुंद सहित पांचों ब्लाक में 312 बालवाड़ी केंद्र शुरू किए गए है। इस योजना से ज़िले में लगभग 3500 से ज़्यादा बच्चें लाभान्वित हो रहे है। इनमें पांच से छह साल तक के बच्चों को दाखिला देकर उनके बौद्धिक विकास के लिए काम किया जा रहा। छिब्बर ने बालवाड़ियों की निगरानी व मॉनिटरिंग  करने की बात कही। ताकि और मंशानुरूप परिणाम सामने आए। 

कलेक्टर क्षीरसागर ने ज़िले में किए जा रहे कामों और उपलब्धियों को बताया। उन्होंने ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में मुख्यमंत्री हॉट बाजार क्लिनिक योजना के तहत लोगों के बेहतर स्वास्थ्य और स्वास्थ्य की निःशुल्क जांच कर दवाईयां मुहैया कराई जा रही है। इसी इसी तरह मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्लम एरिया में रह रहे नागरिकों के इलाज व टेस्ट किये जा रहे है। कुपोषण दूर करने के उद्देश्य से जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में शिविर का आयोजन किया जा रहा है और इन शिविरों में चिकित्सा विभाग की पूरी टीम पहुंचकर कुपोषित बच्चों को चिन्हांकित कर एनआरसी में भर्ती कराया जाता है, जहां उनका उचित उपचार के साथ कुपोषण दूर करने की कार्रवाई की जाती है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस.आलोक ने विभागीय गतिविधियों से संबंधित प्रगति एवं लक्ष्य के संबंध में पावर पाइंट प्रेजेंटेशन दिया।

बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों मैं कुपोषण दूर करने के संबंध में भी जानकारी दी गई। इस  बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पारितोष कुडेशिया, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास समीर पाण्डे, सहायक संचालक कृषि अमित मोहंती, सहायक संचालक शिक्षा हिमांशु भारती सहित जिले के विभिन्न विभागों के ज़िला अधिकारी उपस्थित थे।

छिब्बर ने क्षेत्रीय विकास एवं समस्याओं और उसके समाधान के लिए भी अधिकारियों से विस्तार से बात की। उन्होंने कहा नीति आयोग की ओर से जारी लिस्ट में कुछ पैरामीटर में न्यूट्रिशन में और ज्यादा काम करने की जरूरत है। इसकी पूरी योजना बनाकर और तेजी से काम किया जाए। स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में उत्कृष्ट परिणाम लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को समन्वय बनाकर बेहतर करें। सभी गर्भवती महिलाओं  का शत-प्रतिशत पंजीयन एवं संस्थागत प्रसव, हीमोग्लोबिन की जांच, आंगनबाड़ी में पात्र गर्भवती महिलाओं को गरम भोजन मिलता रहे यह  सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि आकांक्षी जिला के सूचकांकों में महासमुंद जिले में अच्छा कार्य किया जा रहा है। 

इसके लिए जिला प्रशासन एवं अन्य विभागों द्वारा सतत रूप से नवाचार अपनाकर कार्य कर रहें है। इससे निश्चित रूप से शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल होगी। जैविक खेती एवं फसल चक्र अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे किसानों के फसलों की उपज में बढ़ोत्तरी के साथ-साथ आय में भी वृद्धि होगी। पशुधन में और बेहतर कार्य जैसे टीकाकरण, कृत्रिम गर्भधान एवं पशुओं में पशुधन की उच्च प्रगति के लिए नागरिकों की जागरूकता एवं शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा पशुपालकों के साथ बेहतर समन्वय बनाये।

और भी

मुख्यमंत्री ने किया ‘केला मईय्या’ पुस्तिका का विमोचन

सामाजिक प्रतिनिधिमंडलों से की मुलाकात

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  मुख्यमंत्री बघेल ने शनिवार को सर्किट हाउस रायगढ़ में विभिन्न सामाजिक प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री बघेल ने रायगढ़ की जीवन रेखा मानी जाने वाली केलो नदी के संरक्षण पर आधारित पुस्तिका ‘केला मईय्या’ का विमोचन किया।


प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री बघेल ने माली समाज की मांग पर उन्हें भवन के लिए 30 लाख रूपए देने की घोषणा की। इस अवसर पर वत्सल अग्रवाल ने मुख्यमंत्री बघेल को उनका स्कैच भेंट किया।
 
मुख्यमंत्री से कान्य कुब्ज ब्राम्हण कल्याण समाज, क्षत्रिय राजपूत समाज, चौहान समाज, देवांगन समाज सहित कई समाज के प्रतिनिधियों ने भेंट की। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, विधायक प्रकाश नायक, लालजीत सिंह राठिया, चक्रधर सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

 

और भी

रामकथा के जीवंत मंचन से भावविभोर हुए श्रद्धालु

सीता हरण, रावण वध सहित कई प्रसंगों की दिल को छू लेने वाली प्रस्तुति

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) राष्ट्रीय रामायण महोत्सव के तीसरे दिन शनिवार को रायगढ़ के रामलीला मैदान में केरल, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की रामायण मंडलियों ने प्रतियोगिता वर्ग में महाकाव्य रामायण के अरण्य कांड के विभिन्न प्रसंगों पर भावपूर्ण प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन सभी रामायण मंडलियों ने अपने क्षेत्र की पारंपरिक वेशभूषा और अपने-अपने विशिष्ट अंदाज में रामकथा की संगीतमय नाट्य प्रस्तुति दी। सभी रामायण मंडलियों की प्रस्तुति मन को छूने वाली रही।  



आज केरल से आए कलाकार दल ने पारंपरिक लोक वेशभूषा में प्रस्तुति दी। इस अवसर पर उन्होंने रामकथा से जुड़े प्रसंगों की मनमोहक प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। केरल की रामायण मंडली ने संगीतमय प्रस्तुति देते हुए सूर्पणखा प्रसंग से लेकर रावण वध तक के प्रसंग की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। पारंपरिक वेशभूषा के साथ इस प्रस्तुति में केरल में भगवान राम की महिमा की सुंदर अभिव्यक्ति दी गई, कलाकारों ने भक्ति और भाव के मिश्रण का जीवंत प्रदर्शन किया। इस दल के कलाकारों की आंखों को भाने वाली रंग-बिरंगी पोशाक और शास्त्रीय नृत्य कथकली की शैली में दी गई प्रस्तुति ने चार-चांद लगा दिए।

उत्तरप्रदेश की रामायण मंडली द्वारा अरण्य कांड पर भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई। उनकी प्रस्तुति में खास बात यह है कि सभी पात्र अपने-अपने संवाद खुद बोल रहे थे। संगीत बैकग्राउंड में सुनाई दे रहा है। इनकी प्रस्तुति छत्तीसगढ़ की राम लीला की याद दिलाती है। बंगाल के रामायण की अद्भुत प्रस्तुति मूल रूप कृतिवास की रामायण पर आधारित थी। वाल्मीकि ही नहीं है अपितु कृतिवास की कल्पनाशीलता ने मंचन को और भी अधिक प्रभावोत्पादक बना दिया। कृतिवास ने श्रीराम के कोमल पक्षों को उभारा है, वे बहुत भावुक हैं और चूंकि अरण्य कांड में सीता हरण जैसे कारुणिक प्रसंग हैं अतएव यह भावुकता इस कथा में स्पष्ट रूप से उभरती है। सुमधुर बांग्ला भाषा में यह कथा कही गई। और बात दंडकारण्य की हो रही है। यह भारत की अद्भुत सांस्कृतिक एकता है। बंगाल से कृतिवास से लेकर तमिल के कम्बन तक सबके  सृजन की भूमि एक ही है।

दंतेवाड़ा के सुदूर वनांचल क्षेत्र बचेली से आए रामायण मंडली ने भी रोचक अंदाज में प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं का दिल जीत लिया। इस टीम में महिला सशक्तिकरण की भी साफ झलक दिखाई पड़ती है। मंच में प्रारंभिक स्तुति महिला कलाकारों द्वारा की गई। महिला कलाकारों की नृत्य के माध्यम से दी गई प्रस्तुति अद्भुत रही।

 

 

और भी

यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों का कटा चालान...

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ रायपुर की यातायात पुलिस समय-समय पर कार्रवाई करती रहती है। इसी तारतम्य में शनिवार की रात एसएसपी के निर्देशन पर आजाद चौक अनुभाग में देवचरण पटेल अति. पुलिस अधीक्षक पश्चिम रायपुर और नगर पुलिस अधीक्षक आजाद चौक मयंक गुर्जर के नेतृत्व में थाना प्रभारियों सहित पुलिस बल ने यातायात नियमो का उल्लघंन करने वाले वाहन चालकों के विरूद्ध कार्रवाई की।

इस दौरान थाना आजाद चौक में 20, थाना सरस्वती नगर में 20, थाना आमानाका में 25, कबीर नगर में 5, कुल 70 व्यक्तियों पर मोटर व्हीकल एक्ट की कार्रवाई  करते हुए कुल  21200/- रुपए समन शुल्क प्राप्त किया गया।

और भी

30 ई-रिक्शा से हो रहा है डोर-टू-डोर कचरे का कलेक्शन

दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नगर पालिका परिषद् कुम्हारी में विगत साढ़े 4 वर्षाे से आम नागरिकों के हित को ध्यान में रखकर प्रशासन द्वारा सतत् विभिन्न विकास कार्य किए गए हैं। जिसमें अधोसंरचना कार्य के अंतर्गत नगर पालिका कुम्हारी क्षेत्र में अधोसंरचना मद से विभिन्न वार्डाे में 43 करोड़ 17 लाख रूपये का निर्माण कार्य कराया गया है। प्रकाश व्यवस्था एवं लोक सुरक्षा के दृष्टिकोण से क्षेत्र के समस्त वार्डाे में कुल 370 लाख रूपए का विकास कार्य कराया गया। इसके साथ ही स्वच्छता मिशन के अंतर्गत डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन हेतु 30 नग ई-रिक्शा द्वारा नियमित रूप से सभी वार्डों की गलियों में जाकर प्रत्येक घर से सुखे व गीले कचरे का पृथक रूप से संग्रहण किया जा रहा है ताकि क्षेत्र को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके। इन ई-रिक्शा की मदद से वार्डाे में कचरा कलेक्शन आसान हुआ है जिसके बेहतर परिणाम क्षेत्र में दिख भी रहा है। पेयजल व्यवस्था के लिए भी नगर पालिका परिसर द्वारा 416 लाख रूपये की लागत से 5 हजार से अधिक घरों को कनेक्शन दिए गए हैं जिससे बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शुद्ध पेयजल प्राप्त कर रहे हैं। इसके साथ ही पाँचो राजस्व ग्राम कुगदा, परसदा, कुम्हारी, जंजगीरी व रामपुर को पेयजल उपलब्धता में सुदृढ करते हुए 118 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई।

क्षेत्र की संस्कृति व धरोहर को संरक्षित करने के उद्देश्य से नगर के प्रमुख तालाबों में स्वच्छता एवं सुंदरता की दृष्टि से सौंदर्यीकरण कार्य कराया गया है। जिसकी अनुमानित लागत राशि 4 करोड़ रूपए है। नगर के मुख्य मार्गों में पर्यावरण की दृष्टि से वृक्षा रोपण कार्य कराया गया है। साथ ही शहर के समस्त उद्यानों में कुल 20 हजार से अधिक पौधे लगाए गए हैं। महिलाओं को आजीविका से जोडने के लिये शहर की महिलाओं को कढाई, बुनाई, सिलाई, ब्यूटीपार्लर का निःशुल्क प्रशिक्षण निरंतर दिया जा रहा है। वर्तमान में 400 महिलाओं को उक्त प्रशिक्षण से लाभ प्रदान कर आत्म निर्भर बनाया गया है। स्व सहायता समूह के 20 से अधिक पंजीकृत समूहों को 40 लाख की बैंक लिंकेज राशि प्रदान की गई। इसके अलावा महिला सशक्तिकरण हेतु लगभग 200 से अधिक समूहों को आवर्ती निधि के अंतर्गत 20 लाख का ऋण उपलब्ध कराया गया है। जिससे कि वो आत्म निर्भर होकर वो आसानी से जीवन निर्वाह कर सकें।

स्ट्रीट वेंडर्स के लिए भी प्रशासन द्वारा सहायता प्रदान की गई है। 400 से अधिक स्ट्रीट वेंडरों को 8 लाख 20 हजार की राशि उपलब्ध करायी गई है। जिससे कि वो स्थाई और व्यवस्थित रूप से अपना जीवकोपार्जन कर सके। शहर के प्राथमिक, माध्यमिक एवं हाई स्कूलों का जीर्णाेद्धार कराया गया है, जिसके अंतर्गत स्कूलों के लिए आवश्यक मूलभूत बिंदुओं को प्राथमिकता दी गई है। शहर के छोटे बच्चों को निः शुल्क स्पोकन इंग्लिश की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है जिससे अब तक लगभग 250 बच्चे लाभान्वित हुए हैं। वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी को एकत्र करने हेतु सर्व सुविधायुक्त भवन ’सियान सदन’ उपलब्ध कराया गया है जो कि कुम्हारी की सबसे बड़ी उपलब्धि में से एक है।

और भी

उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक

महासमुंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ऋतु हेमनानी ने आगामी विधानसभा में निवार्चन को लेकर आज यहां कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को निर्वाचन में उनकी क्या जिम्मेदारी होती है इसकी जानकारी दी। उन्होंने प्रतिनिधियों को निर्वाचन आयोग की गाइड-लाइन से अवगत कराया। उन्होंने निर्वाचन के दौरान जिला प्रशासन का सहयोग करने की भी अपेक्षा की। बैठक में एसडीएम उमेश साहू, डिप्टी कलेक्टर मिषा कोसले, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि गण उपस्थित थे।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी हेमनानी ने निर्वाचन विभाग के विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम से अवगत कराया। मतदाता सूचियों के प्रारूप, प्रकाशन, दावे-आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि, मतदाता सूचियों की प्रविष्टियों का प्रकाशन आदि की भी जानकारी दी।

 
और भी

तेज रफ्तार ट्रक मकान में घुसा, मासूम बच्ची की मौत

सूरजपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले के रामानुजनगर थाना क्षेत्र के जगतपुर गांव में निर्माणाधीन मकान में तेज रफ्तार ट्रक के घुस जाने से दो वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हो गई।

वही ट्रक चालक समेत निर्माणाधीन मकान में सो रहे तीन लोगों को गंभीर चोटें आई हैं जिनका उपचार जारी है। ये घटना रामानुजनगर थाना क्षेत्र की है।  

पुलिस ने बताया कि घटना गुरुवार रात करीब नौ बजे की है। जगतपुर गांव के घुमाडांड में राजेश शोरी नामक ग्रामीण द्वारा कच्चे मकान का निर्माण किया जा रहा था।

निर्माणाधीन मकान के बगल में प्लास्टिक का तिरपाल लगाकर वे सो रहे थे। रात करीब नौ बजे तेज रफ्तार से आ रहा ट्रक अनियंत्रित होकर निर्माणाधीन मकान में जा घुसा। दीवार व ट्रक में दबने से मकान में सो रहे चार लोग दब गए।

जिन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामानुजनगर ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान दो वर्षीय हिमांशु शोरी पुत्री राजेश शोरी की मौत हो गई। वही राजेश शोरी का पैर फ्रेक्चर हो गया।

इस घटना में राहुल शोरी, चन्दन मरावी के अलावा ट्रक चालक नागेश्वर राव को भी गंभीर चोटें आई हैं। जिनका उपचार जारी है। पुलिस ने ट्रक क्रमांक सीजी 15 डीई 2835 को बरामद कर लिया है। घटना से गांव में मातम का माहौल निर्मित है।

और भी

राष्ट्रीय रामायण महोत्सव : कंबोडिया के कलाकारों ने राम कथा की दी मनमोहक प्रस्तुति

भाषाएं नहीं बनी बाधा, भावों से रामकथा का लोगों ने लिया आनंद

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)राष्ट्रीय रामायण महोत्सव में आज कंबोडिया से आए विदेशी कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति दी। महोत्सव में मर्यादा पुरूष श्रीराम के सुंदर चरित का कंबोडियाई भाषा से लेकर देश की विभिन्न भाषाओं में मंचन किया जा रहा है।

कई भाषाएं स्थानीय दर्शकों के लिए अनबुझ है लेकिन कलाकारों के भावों से ही लोग रामायण के अरण्यकाण्ड के विभिन्न प्रसंगों का आनंद उठा रहे हैं। यह पहली बार है कि प्रदेश में देश-विदेश से आए कलाकार अपने स्थानीय मान्यताओं के अनुरूप रामायण प्रस्तुत कर रहे हैं।

कर्नाटक के कलाकारों ने कन्नड़ भाषा में सीताहरण का किया मंचन
कर्नाटक की टीम ने कन्नड़ भाषा में रावण द्वारा सीताहरण के मार्मिक दृश्य को नृत्य-नाटिका के माध्यम से मंचन किया। उनकी वेशभूषा और मुकुट को देख दर्शकों में एक अलग उत्साह का संचार हुआ। महोत्सव में देश-विदेश से आये रामायण के कलाकारों ने रामकथा की प्रस्तुति अपने स्थानीय भाषाओं में दे रहे हैं। कन्नड़ में यक्षगान की सुंदर परंपरा रही है। रामकथा की प्रस्तुति में शास्त्रीय परंपरा के साथ ही स्थानीय स्तर पर चल रही कला परंपरा को शामिल किया गया है। कन्नड़ भाषा में रामायण प्रस्तुति के दौरान संस्कृत भाषा का गहरा प्रभाव दिखा।

शणमुख के गीतों पर झूमे श्रोता
महोत्सव में आज मुंबई से आई ख्याति प्राप्त गायिका शणमुख प्रिया ने अपनी जादुई आवाज से दर्शकों का मन मोह लिया। भगवान श्रीराम को समर्पित गीतों से दर्शक झूम उठे और पूरा प्रांगण राममय हो गया। शणमुख प्रिया ने जय जोहार और छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया के साथ श्रोताओं का अभिवादन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं पहली बार छत्तीसगढ़ आई हूं, मुझे यहां बहुत अच्छा लग रहा है। साथ ही शणमुख ने राष्ट्रीय रामायण महोत्सव के भव्य आयोजन के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को धन्यवाद भी दिया। उन्होंने  ‘देवा श्री गणेशा’ गाने के साथ अपनी प्रस्तुति की शुरूआत की और ‘श्री शिव तांडव’, ‘सिया राम जय राम जय-जय राम’ जैसे भजन गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

एलईडी स्क्रीन से रामायण का आनंद उठा रहे दर्शक
साथ ही रामायण प्रस्तुति के दौरान विभिन्न प्रकार के वाद्ययंत्र और संस्कृत भाषा का सुमधुर प्रभाव भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। मंच के साथ-साथ दर्शक एलईडी स्क्रीन से रामायण के मंचन का आनंद उठा रहे हैं। दक्षिण भारत की सुमधुर संगीत को कलाकार विशिष्ट रूप से प्रदर्शित कर रहे है। जितनी सुंदरता के साथ कलाकार प्रदर्शन कर रहे हैं, उतनी ही आकर्षक प्रस्तुति वाद्ययंत्रों से दे रहे हैं। रामकथा केवल लोगों को प्रेरित ही नहीं कर रही बल्कि उन्हें कला की सूक्ष्मताओं को भी बता रही है। दर्शकों के लिए यह सुंदर अनुभव है। इसी कड़ी में उत्तराखंड के कलाकारों ने अरण्यकांड पर अपनी मनमोहक प्रस्तुति दी। उन्होंने शूर्पणखा की नाक कटने के प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया।

सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध भजन गायक श्री शरद शर्मा ने भगवान राम के भक्तिमय गीतों पर प्रस्तुति दी। इस अवसर पर सभी कलाकारों को राजकीय गमछा और रामचरित मानस की प्रति भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह में संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, स्कूल शिक्षा डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, विधायक लालजीत सिंह राठिया और प्रकाश शक्राजीत नायक, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

 

 

और भी

भालुओं ने बुजुर्ग दंपती पर हमला किया, महिला की मौत

बलरामपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) जिले में 3 भालुओं ने मिलकर बुजुर्ग दंपती पर हमला कर दिया जिससे महिला की मौत हो गई। उसके पति को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि भालुओं ने महिला पर नाखूनों से इतने वार किए कि उसकी मौके पर ही जान चली गई थी। मामला समारी थाना क्षेत्र का है।


गोपातु निवासी मंगरा नगेशिया (85) गुरुवार की सुबह अपनी पत्नी गेंदिया नगेशिया (80) के साथ अमटाही क्षेत्र के कुंभीडीपा जंगल में आम तोड़ने गया था। आम तोड़ने के बाद दोनों लकड़ी बीनने लगे। इसी दौरान यह घटना घटी है।

झाड़ियों की तरफ से आए भालू
बताया जा रहा है कि अचानक से झाड़ियों की तरफ से 3 भालू आ गए और उन्होंने दोनों पर हमला कर दिया। इन्होंने महिला के शरीर के कई हिस्से से मांस नोच लिए। जिसकी वजह से उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि मंगरा के हाथ और पैर पर नाखून से वार किए।

मेडिकल कॉलेज रेफर
इसके बाद भालु वापस जंगल की ओर भाग निकले। उधर, पति-पत्नी के चिल्लाने की आवाज सुनकर आस-पास के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत मंगरा को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसका इलाज किया गया है। बाद में उसकी गंभीर हालत को देखते हुए बुजुर्ग को मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर किया गया है।

25 हजार रुपए की सहायता
वहीं वन विभाग को भी इस बात की सूचना दी गई थी। जिसके बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। उन्होंने 25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता परिवार को दी है। उधर, भालुओं के आस-पास के जंगल में होने की वजह से लोग दहशत में हैं।

 

 

और भी

छत्तीसगढ़ में लू की चेतावनी, सक्ती रहा सबसे गर्म

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। तपाने के लिए जाना जाने वाला नौतपा जहां शुक्रवार को समाप्त होने वाला है, वहीं प्रदेश भर में अब भीषण गर्मी शुरू हो गई है। सुबह से ही तपिश बढ़ने लगी है, जो दोपहर तक और बढ़ जाती है।


प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान सक्ती रहा
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दो दिनों में तो प्रदेश में कुछ क्षेत्रों में लू चलने के आसार है। गुरुवार को रायपुर का अधिकतम तापमान 43.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया,जो सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। प्रदेश भर में सक्ती सर्वाधिक गर्म रहा और एआरजी सक्ती में अधिकतम तापमान 44.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग का कहना है कि अब प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा और तपिश में बढ़ोतरी होने वाली है। इस वर्ष मानसून की रफ्तार भी धीमी है और इसके चलते गर्मी और बढ़ने वाली है। सुबह से ही धूप इन दिनों चुभनी शुरू हो गई है और दोपहर तक तो उमस व गर्मी से लोग बेचैन होने लगे हैं।

आने वाले दिनों में भी मौसम का रुख इस प्रकार ही रहेगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि 10 जून तक मासौम के मिजाज में बदलाव के आसार नहीं है,इसके बाद मौसम का मिजाज थोड़ा बदल सकता है। प्रदेश में 13 जून को जगदलपुर के साथ मानसून का प्रवेश हो सकता है,इसके बाद 16 जून को रायपुर व 21 जून को मानसून अंबिकापुर प्रवेश कर सकता है।

रात में भी बढ़ी उमस
दिन के साथ ही रात में भी उमस बढ़ गई है। रायपुर का न्यूनतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया,जो सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। आने वाले दिनों में अधिकतम व न्यूनतम तापमान में और बढ़ोतरी के आसार है।

 

 

और भी

ट्विटर पर राष्ट्रीय रामायण महोत्सव नंबर 1 पर ट्रेंड कर रहा है

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल ने गुरुवार को रायगढ़ जिले के रामलीला मैदान में राष्ट्रीय रामायण महोत्सव का शुभारंभ किया। प्रदेश में आयोजित राष्ट्रीय रामायण महोत्सव से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लोग जुड़ रहें है और आज दिनभर सोशल मीडिया में राष्ट्रीय रामायण महोत्सव छाया रहा। विभिन्न सोशल मीडिया माध्यमों में राष्ट्रीय रामायण महोत्सव नंबर 01 पर ट्रेंड करता रहा और लोगों ने राज्य सरकार के राष्ट्रीय रामायण महोत्सव के आयोजन की पहल की खूब सराहना की।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में पहली बार ‘राष्ट्रीय रामायण महोत्सव’ 01 से 03 जून तक रायगढ़ के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय महोत्सव में देश के 12 राज्यों सहित कंबोडिया और इंडोनेशिया के रामायण दलों द्वारा रामकथा पर भक्तिपूर्ण प्रस्तुति दी जाएगी। इन रामायण दलों की प्रस्तुति में सर्वव्यापी भगवान श्रीराम की रामकथा के विविधतापूर्ण राष्ट्रीय-वैश्विक स्वरूपों की झलक देखने को मिल रही है।
 
रामायण के अरण्य काण्ड पर रामायण दलों की प्रतियोगिता भी शुरू हो चुकी है। साथ ही महोत्सव में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कलाकार भजन संध्या में अपनी संगीतमय प्रस्तुति देंगे। रामलीला मैदान में तीन दिनों तक रामकथा की अविरल भावधारा बहेगी। इस राष्ट्रीय महोत्सव में केरल, कर्नाटक, ओड़िसा, असम, गोवा, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखण्ड, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के रामायण दल शामिल हो रहे हैं। राष्ट्रीय रामायण महोत्सव के अंतिम दिन हिन्दी के प्रख्यात कवि कुमार विश्वास अपनी विशेष प्रस्तुति ‘अपने-अपने राम म्युजिक नाईट’ से भगवान श्रीराम की महिमा का बखान करेंगे।

और भी

तेज रफ्तार हाइवा ने छात्रा को कुचला, मौत...

बालोद (छत्तीसगढ़ दर्पण) गुंडरदेही-धमतरी मुख्यमार्ग पर ग्राम बोरगहन (फुंडा) चौक पर तेज रफ्तार हाइवा ने छात्रा को कुचल दिया। घटना स्थल पर 21 वर्षीय छात्रा रंजना गायकवाड़ की मौत हो गई।

घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने एक घंटे तक चक्का जाम कर शव उठाने नही दिया।

हदसे के बाद पूरा मार्ग जाम रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मृतका और उसकी बहन फार्म भरकर च्वाइस सेंटर से लौट रही थी। इसी दौरान हाइवा की चपेट में आ गया।

ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिनों से गाड़ियां ओवरलोड रेत भरकर चल रही है। इस पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। नतीजन यह घटना हुई।

 

 

और भी