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राज्यपाल श्री डेका ने दिलाई मंत्रियों को शपथ

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज राजभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में सर्वश्री गजेन्द्र यादव, राजेश अग्रवाल एवं गुरू खुशवंत साहेब को मंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्रीपरिषद के सदस्यगण, विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना सहित अन्य वरिष्ठ  अधिकारीगण उपस्थित थे।
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नहीं चलेगी 'पेशी पर पेशी': मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कलेक्टर्स और संभाग आयुक्तों को दिए स्पष्ट निर्देश

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  नया रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स की बैठक लेकर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की।    इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य के सभी जिलों में विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को कई जरूरी दिशा-निर्देश दिए।


राज्य में बढ़ते लंबित राजस्व प्रकरणों पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सख्त रुख अपनाते हुए आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि अब "पेशी पर पेशी" का दौर खत्म हो— सभी राजस्व प्रकरणों का निराकरण शासन द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर ही किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जिलेवार समीक्षा करते हुए नामांतरण, अविवादित व विवादित बंटवारे, अभिलेख दुरूस्ती, त्रुटि सुधार, भू-अर्जन, सीमांकन, और डायवर्सन से संबंधित प्रकरणों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। 

हितग्राहियों को नहीं हो अनावश्यक परेशानी

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि बार-बार पेशी पर बुलाने से जनता को न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि उनका समय और श्रम भी व्यर्थ जाता है। इससे सरकारी सिस्टम के प्रति लोगों का भरोसा भी कम होता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पेशियों में कमी लाएं और प्रकरणों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।

ई-कोर्ट में दर्ज हों सभी मामले

मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरणों को ई-कोर्ट में दर्ज किया जाए, जिससे उनकी मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग आसान हो सके। साथ ही रिकॉर्ड दुरुस्तीकरण और त्रुटि सुधार के मामलों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। तहसील स्तर पर पटवारियों के माध्यम से एक विशेष अभियान चलाकर रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

राष्ट्रीय राजमार्गों और अधोसंरचना परियोजनाओं में भू-अर्जन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों की परियोजनाओं पर खास जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों और भारतमाला परियोजना की तीव्र और निर्बाध गति के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया जरूरी है।उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि भू-अर्जन और मुआवजा वितरण के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करें। 

बस्तर संभाग को सुरक्षा के साथ विकास कार्यों को तेज करने के निर्देश

बस्तर संभाग के नारायणपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में सड़क, रेल और मोबाइल टॉवर जैसी परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन और मुआवजा वितरण कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। 

सख्ती के साथ सुधार की पहल

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार अब राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। एक जिम्मेदार शासन प्रणाली का निर्माण तभी संभव है जब जनता के साथ न्याय समय पर हो। इसलिए प्रत्येक अधिकारी सुनिश्चित करें कि प्रकरणों का निपटारा देरी के बिना, न्यायसंगत ढंग से हो।

किसान पंजीयन व डिजिटल फसल सर्वे पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने किसान पंजीयन की प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि शीघ्र ही सभी पात्र किसानों का पंजीयन पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को डिजिटल फसल सर्वे को गंभीरता से लेने और समय पर पूर्ण करने को कहा।

रजत महोत्सव की जोरदार तैयारियां, 25 वर्षों की विकास यात्रा होगी प्रदर्शित

छत्तीसगढ़ के निर्माण की 25वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए 15 अगस्त से रजत महोत्सव की शुरुआत हुई है, जो 25 सप्ताह तक चलेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में आयोजन कर रजत महोत्सव को जनभागीदारी का उत्सव बनाएं। कार्यक्रमों का विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जाए और प्रचार-प्रसार को गति दी जाए। 

सेवा पखवाड़ा से जुड़ेगा रजत महोत्सव

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि 17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक राज्य में ‘सेवा पखवाड़ा’ मनाया जाएगा जो  छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का हिस्सा होगा। इस दौरान रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य कैंप, राजस्व कैम्प जैसे जनसेवा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस अवसर को राज्य के हर नागरिक से जोड़कर जनसंपर्क को और मजबूत किया जाए।

समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, श्री पी दयानंद, वित्त सचिव श्री मुकेश बंसल, पीसीसीएफ श्री सुनील मिश्रा, लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री कमलप्रीत सिंह, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले, , संस्कृति विभाग के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य के साथ अन्य विभागों के सचिव, आयुक्त एवं संचालक उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री साय ने इंद्रावती भवन नया रायपुर में पंजाब नेशनल बैंक की नई शाखा का किया शुभारंभ

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन परिसर में पंजाब नेशनल बैंक की नई शाखा, एटीएम और डिपॉजिट मशीन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने विभागाध्यक्ष कार्यालय इंद्रावती भवन के कर्मचारियों, नवा रायपुर के आसपास निवासरत नागरिकों तथा बैंक के अधिकारियों-कर्मचारियों को शुभकामनाएँ दीं। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। पहले योजनाओं की राशि का वितरण नगद रूप में किया जाता था, जिससे लीकेज की समस्या बनी रहती थी, लेकिन अब बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से हितग्राहियों तक राशि सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुँच रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापना के साथ-साथ बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार भी तीव्र गति से हो रहा है। सरगुजा और बस्तर अंचल के दूरस्थ गाँवों में बैंक शाखाओं की स्थापना से सरकार का “अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सुविधा पहुँचाने” का संकल्प साकार हो रहा है।

वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में गुड गवर्नेंस की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। आने वाले समय में प्रदेश के बैंकिंग सेक्टर और अर्थव्यवस्था के लिए अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की भूमिका महत्वपूर्ण होगी और उन्होंने बैंकों से भी इस दिशा में अपनी सक्रिय व प्रभावी भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश बंसल और पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंध निदेशक श्री अशोक चंद्र सहित अन्य अधिकारीगण और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए

 1) मंत्रिपरिषद द्वारा निर्णय लिया है कि राज्य के अनुसूचित क्षेत्र एवं माडा पॉकेट क्षेत्र में रहने वाले अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली  के अंतर्गत हर माह वितरित किए जाने वाले 2 किलो चना की आवश्यक मात्रा नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा NeML ई-ऑक्शन प्लेटफार्म के माध्यम से खरीदी जाएगी। यह खरीदी वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 0.25 प्रतिशत या इससे कम ट्रांजैक्शन/सर्विस चार्ज पर की जाएगी।


        इसके साथ ही मंत्रिपरिषद ने कहा है कि जुलाई 2025 से नवंबर 2025 तक जिन हितग्राहियों ने चना नहीं लिया है, उन्हें पात्रतानुसार यह चना दिसंबर 2025 तक वितरित कर दिया जाए।

2) मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर में सूचना प्रौद्योगिकी (IT/IITS) उद्योग की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए 90 एकड़ भूमि के भूखंड को रियायती प्रीमियम दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया है। इस फैसले का उद्देश्य आईटी क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करना और औद्योगिक विकास को गति देना है। रियायती दर पर भूमि उपलब्ध होने से निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। 

        इस पहल से नवा रायपुर में न सिर्फ तकनीकी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यहां की बसाहट और शहरीकरण की प्रक्रिया को भी बल मिलेगा। आईटी कंपनियों की स्थापना से क्षेत्र में आधारभूत संरचनाएं विकसित होंगी, जिससे स्थानीय निवासियों को भी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
 
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बस्तर में आदिवासी सुरक्षित नहीं, आदिवासी युवक को नक्सली बताकर गोली मारा - दीपक बैज

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने  पत्रकारों से चर्चा करते हुये कहा कि कोंडागांव के केशकाल विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कोहकामेटा के जंगल में चिड़िया मारने गये एक आदिवासी युवक अभय नेताम को पुलिस (डीआरजी) के जवानो ने गोली मार दिया, युवक चिल्ला रहा था वह नक्सली नहीं है, वह गांव का ही रहने वाला है। इसके बावजूद पुलिस ने पांच रांउड गोली चलाया। युवक कोंडागांव अस्पताल में भर्ती है। उसके परिजन भी मीडिया के सामने आकर बता रहे वह नक्सली नही है। पुलिस का यह रवैया गलत है। अभय नेताम पर गोली चलाने वाले पुलिस के जवानों पर कार्यवाही की जानी चाहिये। इस मामले की जांच के लिये कांग्रेस ने जांच दल बनाया है। जिसमें संयोजक पूर्व मंत्री मोहन मरकाम, सदस्यगण विधायक बस्तर लखेश्वर बघेल, विधायक सावित्री मंडावी, पूर्व विधायक संत नेताम, महामंत्री रवि घोष, पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत देवचंद मातलम, जिला अध्यक्ष बुधराम नेताम शामिल है।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बीजापुर के नेशनल पार्क क्षेत्र में सर्चिंग में निकले डीआरजी के जवान नक्सलियों के द्वारा बिछाये गये आई.ई.डी की चपेट में आये एक जवान दिनेश नाग वीरगति को प्राप्त हो गये। तीन जवान घायल हो गये, मैं दिनेश नाग को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। नक्सलियों के इस कायराना करतूत की निंदा करता हूं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पिछले तीन दिनों में बस्तर में घटी दोनो घटनाओ में समानता यह है कि दोनो के ही पीड़ित आदिवासी है। डीआरजी की गोली के शिकार अभय नेताम हो या नक्सलियों के आई.ई.डी के शिकार दिनेश नाग दोनो ही आदिवासी मां के बेटे है। बस्तर में जो हो रहा उसका शिकार तो आदिवासी ही हो रहा। सरकार तो केवल बयानबाजी कर रही। बस्तर में खून खराबा बंद होना चाहिये। ऐसे ही मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करेगी छत्तीसगढ़ सरकार?
 
चुनाव आयोग की पीसी टाल मटोल वाली गैर जिम्मेदाराना

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जो सवाल मतदाता सूची की गड़बड़ियों पर उठाया उसकी सफाई देने के लिए चुनाव आयोग ने जो प्रेस कांफ्रेंस किया वह टाल मटोल वाला है। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची की गड़बड़ियों पर कोई सफाई नहीं दिया, मतदान केंद्र की सीसी टीवी फुटेज देने को माताओं बहनों की निजता से गलत तरीके से जोड़ा, मतदान केंद्र सार्वजनिक स्थान है गुप्त मतदान के अलावा वहां कोई निजता वाली बात नहीं रहती। फर्जी मतदाताओं की जांच पर कुछ नहीं बोला आयोग ने, चुनाव आयोग बहाने बना रहा ,राजनीति कर रहा। चुनाव शुद्धता तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। देश के सभी प्रमुख विपक्षी दलों के द्वारा उठाए गए शंकाओं का कोई निराकरण नहीं। यह गैर जिम्मेदाराना व्यवहार है चुनाव आयोग का काम निष्पक्ष चुनाव कराना है यदि निष्पक्षता पर प्रश्न उठ रहे तो उसका निराकरण किया जाना चाहिए आयोग तो निराकरण करने के बजाय पार्टी बन रहा। चुनाव आयोग दल विशेष के प्रवक्ता की भांति बयान दे रहा। 60 लाख मतदाताओं के नाम आपने काट दिया। किनके नाम काटा? क्यों काटा? कोई जवाब नहीं दे रहे। ऊपर से विपक्ष पर ही आरोप लगा रहे। चुनाव मुख्य आयुक्त ज्ञानेश कुमार को कल के प्रेस कांन्फ्रेस के बाद बर्खास्त कर देना चाहिये।
 
पूरे प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती नहरों में पानी नहीं छोड़ने के कारण आम आदमी और किसान परेशान

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पूरे प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती नहरों में पानी नहीं छोड़ने के कारण आम आदमी और किसान परेशान है। ग्रामीण क्षेत्रों में आधा आधा दिन बिजली गोल रहती है दो दिन बिजली गायब रहती है किसानों का धान सुख रहा बिजली कटौती के कारण पंप से सिंचाई नहीं हो पा रही। बांधों से भी सरकार पानी नहीं छोड़ रही, फसल बर्बाद हो रही पहले डीएपी नहीं दिया अब पानी नहीं छोड़ रहे ,बिजली कटौती कर रहे। सरकार नहीं चाहती किसान धान की पूरी फसल ले इसीलिए यह षड्यंत्र किया जा रहा।

प्रदेश की कानून व्यवस्था बदहाल रायपुर अपराध नशाखोरी और हत्या की राजधानी बन चुका

चाकूबाजी में मारे गये युवाओ के परिजनों को 50 लाख मुआवजा के लिये मुख्यमंत्री साय को पत्र

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था बदहाल रायपुर अपराध नशाखोरी और हत्या की राजधानी बन चुका है रोज क्रूर तरीके से हत्या हो रही चाकूबाजी हो रही पूरे प्रदेश में दहशत का माहौल है। कल भी एक नागरिक की चाकू मारकर हत्या कर दिया गया। सरकार अपराधों पर नियंत्रण की बजाय ध्यान भटकाने में लगी है। सरकार कहती है कमिश्नरी प्रणाली लागू करेगे,उससे क्या होगा, पुलिस कमिश्नर को दंडाधिकारी पावर मिल जाएगा, क्या अभी पुलिस और जिला प्रशाशन में सामंजस्य का अभाव है इसलिए अपराध बढ़ गए है, रोग कुछ है सरकार इलाज कुछ  कर रही गृह मंत्री से विभाग संभल नहीं रहा गृह मंत्री बदलने के बजाय सरकार सिस्टम बदलने जा रही ।यह कंफ्यूज सरकार है जनता 3साल बाद सरकार ही बदलने का मूड बना चुकी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने धमतरी और रायपुर में चाकूबाजी से मारे गये युवाओं के परिजनों को 50 लाख मुआवजा देने तथा परिजनों में एक को सरकारी नौकरी देने के लिये मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा है।
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छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक 19 अगस्त को होगी

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार 19 अगस्त 2025 को सवेरे 11 बजे राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक मंत्रालय (महानदी भवन) अटल नगर, नवा रायपुर में आयोजित होगी।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बीजापुर में नक्सली आईईडी ब्लास्ट में शहीद जवान को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी ब्लास्ट की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस घटना में जिला रिजर्व गार्ड (DRG) के जवान श्री दिनेश नाग के शहीद होने तथा तीन जवानों के घायल होने की सूचना मिली है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद जवान को नमन करते हुए कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस दुख की घड़ी में संबल दे। उन्होंने घायल जवानों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर में चल रहे नक्सल उन्मूलन अभियान से नक्सली पूरी तरह हताश हो चुके हैं और इसी हताशा में इस प्रकार की कायराना हरकतों को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि DRG के जवान श्री दिनेश नाग की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद का खात्मा हमारा दृढ़ संकल्प है और इस दिशा में हम हर हाल में सफल होंगे।
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महिलाओं की तरक्की और बच्चों का स्वास्थ्य, दोनों को नया आयाम देगा ‘रेडी-टू-ईट’ : मुख्यमंत्री श्री साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को मूर्त रूप देते हुए महिला स्व-सहायता समूहों को पूरक पोषण आहार "रेडी-टू-ईट" निर्माण का कार्य पुनः सौंपा है। इस महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत रायगढ़ जिले से हुई है। हाल ही में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ की 10 महिला स्व-सहायता समूहों को अनुबंध पत्र प्रदान किए थे। इसके बाद मशीन इंस्टॉलेशन का कार्य तेजी से किया गया और अब रायगढ़ जिले के ग्राम पंचायत कोतरलिया से "रेडी-टू-ईट" उत्पादन का शुभारंभ हो चुका है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही आंगनबाड़ी के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक आहार उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि देशभर में 3 करोड़ "लखपति दीदी" बनाने का लक्ष्य रखा गया है और छत्तीसगढ़ इस दिशा में तेज गति से कार्य कर रहा है। रायगढ़ इस अभियान में अग्रणी जिला बना है।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने ग्राम कोतरलिया में "रेडी-टू-ईट" निर्माण इकाई का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं मशीन चलाकर निर्माण प्रक्रिया का निरीक्षण किया और महिलाओं को गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। वित्त मंत्री ने कहा कि रायगढ़ से प्रारंभ हुई यह पहल शीघ्र ही प्रदेश के सभी जिलों में लागू होगी और यह मॉडल पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा।

उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले में कुल 2709 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इन सभी केंद्रों के लिए 10 महिला स्व-सहायता समूहों का चयन किया गया है। इन समूहों को प्रधानमंत्री फॉर्मेलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइज़ (PMFME) योजना के अंतर्गत पूंजीगत सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है। रायगढ़ जिले की परियोजनाओं—रायगढ़ शहरी, रायगढ़ ग्रामीण, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकड़ेगा, धरमजयगढ़ एवं कापू के अंतर्गत चयनित समूह जल्द ही "रेडी-टू-ईट" उत्पादन प्रारंभ करेंगे। फिलहाल इसकी शुरुआत कोतरलिया से हो चुकी है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति के इस मिशन को प्रथम चरण में प्रदेश के 6 जिलों—बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, रायगढ़ एवं सूरजपुर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है। वहीं रायगढ़ प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां महिला समूहों ने "रेडी-टू-ईट" उत्पादन प्रारंभ किया है। यह पहल महिलाओं की आर्थिक समृद्धि और बच्चों के स्वास्थ्य—दोनों को नई दिशा प्रदान करेगी।
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मुख्यमंत्री श्री साय ने एसबीआई साइबर सुरक्षा रथ को झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर से एसबीआई साइबर सतर्कता रथ (ऑडियो-वीडियो वैन) को झंडी दिखाकर रवाना किया और राज्य स्तरीय साइबर जागरूकता अभियान की शुरुआत की।


मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि तकनीक ने मानव जीवन को आसान और सहज बनाया है। डिजिटल लेन-देन तेज और सुविधाजनक हुए हैं, लेकिन इसके साथ साइबर ठगी जैसी चुनौतियां भी बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी सतर्कता और सावधानी से लोग साइबर धोखाधड़ी से बच सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जागरूकता अभियान लोगों में साइबर सुरक्षा की समझ बढ़ाने का एक प्रभावी प्रयास है। इसके अंतर्गत ऑडियो-वीडियो संदेश, नुक्कड़ नाटक और कठपुतली नाटक के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी के बारे में लोगों को जानकारी दी जाएगी। श्री साय ने  कहा कि प्रदेश में 29 ऐसे हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जहां साइबर ठगी के मामले अधिक होते हैं और इस रथ का विशेष फोकस उन स्थानों पर रहेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने लोगों से अपील की कि वे अपने बैंक खाते की गोपनीय जानकारी, पासवर्ड या ओटीपी किसी से साझा न करें और अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। उन्होंने कहा कि साइबर ठग आए दिन नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगने की कोशिश करते हैं। ज़रा सी लापरवाही मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकती है। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग जागरूक हों और साइबर अपराध से स्वयं को सुरक्षित रखें।

उल्लेखनीय है कि डिजिटल माध्यम से हो रही धोखाधड़ी और अनाधिकृत लेन-देन की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने "हर भारतीय का बैंकर" होने के नाते राज्यव्यापी साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान 15 अगस्त से 30 नवंबर 2025 तक चलेगा। यह रथ प्रदेश के सभी 33 जिलों में जाएगा और नाचा दल व नुक्कड़ नाटकों के जरिए लोगों को साइबर ठगी के तरीकों और इससे बचने के उपायों के बारे में जानकारी देगा।

भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज कराई जा सकती है। इस अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक के डीजीएम श्री राकेश सिन्हा, एजीएम श्री दीपक कुमार सिन्हा सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
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छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता के रूप में सदैव रहेंगे स्मरणीय - मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि श्रद्धेय स्वर्गीय अटल जी हमारे राज्य के निर्माता हैं। अटल जी का छत्तीसगढ़ से विशेष लगाव रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के भौगोलिक क्षेत्र को नए राज्य का स्वरूप देकर प्रदेशवासियों की भावनाओं का सम्मान किया, जिसके लिए वे सदैव स्मरणीय रहेंगे। वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। पत्रकार, कवि और राजनेता के रूप में उन्होंने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। भारत के प्रधानमंत्री हों या विदेश मंत्री—हर भूमिका में उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत की अमिट छाप छोड़ी। उनके प्रधानमंत्रित्व काल में अनेक ऐसी योजनाएँ लागू की गईं, जिनसे ग्रामीण भारत की तस्वीर बदली। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाना, किसानों को सहूलियत प्रदान करना, आदिवासी विभाग का गठन जैसे कार्य ऐतिहासिक रहे। श्रद्धेय स्वर्गीय अटल जी भारत के प्रत्येक नागरिक की स्मृतियों में आज भी जीवित हैं।

श्री साय ने कहा कि वे ऐसे राजनेता थे जिन्हें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी का स्नेह प्राप्त हुआ। अटल जी माँ भारती की यश और प्रतिष्ठा के लिए आजीवन समर्पित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय अटल जी के साथ उनकी अनेक स्मृतियाँ जुड़ी हुई हैं, जो उन्हें निरंतर प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी युगपुरुष थे, जिन्होंने सुशासन का मंत्र दिया और आज हम उसी पथ पर आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ का विकास सुनिश्चित कर रहे हैं। इसके साथ ही हम यह पूरा वर्ष अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं और इस संबंध में वर्षभर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
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मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वतंत्रता दिवस पर टाउन हॉल में छायाचित्र प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के जीवन पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदर्शनी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के महापुरुषों के जीवन पर आधारित यह प्रर्दशनी हमारे युवाओं और विशेषकर स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए अत्यंत उपयोगी है। इससे उन्हें छत्तीसगढ़ की स्वतंत्रता संग्राम में निभाई गई भूमिका, हमारे जननायकों के जीवन संघर्ष और उनके अमूल्य योगदान के बारे में विस्तार से जानने का अवसर मिलेगा। आने वाली पीढ़ी को यह समझना जरूरी है कि आज़ादी की लड़ाई में छत्तीसगढ़ की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण रही है। प्रदर्शनी में इन सभी तथ्यों को अत्यंत सुंदर, सुसंगठित और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टाउन हॉल के ऐतिहासिक भवन में जनसंपर्क विभाग द्वारा इस प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराने का जो प्रयास किया जा रहा है, वह अत्यंत सराहनीय और प्रशंसनीय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने लिया क्विज प्रतियोगिता में हिस्सा, छत्तीसगढ़ से जुड़े रोचक सवालों के दिए जवाब

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदर्शनी के दौरान छत्तीसगढ़ की जानकारी पर आधारित क्विज प्रतियोगिता में भी भाग लिया और पूछे गए सवालों के उत्तर दिए। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के इतिहास, संस्कृति और उपलब्धियों से जुड़े अत्यंत रोचक प्रश्न शामिल हैं। यह देखकर प्रसन्नता होती है कि इतनी व्यापक, सुंदर और व्यवस्थित जानकारी एक ही स्थान पर संकलित की गई है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेकर उन्हें भी कई नई और दिलचस्प जानकारियां प्राप्त हुईं। यह निश्चित रूप से बच्चों, युवाओं और इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए अत्यंत उपयोगी है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी से आग्रह किया कि वे न केवल प्रदर्शनी का अवलोकन करें, बल्कि यहां आयोजित प्रतियोगिताओं में भी उत्साहपूर्वक भाग लें।

दुर्लभ दस्तावेज, ऐतिहासिक क्षण और आधुनिक तकनीक का संगम

उल्लेखनीय है कि प्रदर्शनी में प्रदेश के वीर स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनगाथा, उनके संघर्ष, दुर्लभ दस्तावेज और ऐतिहासिक क्षणों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है। आज़ादी की लड़ाई के दौरान हुए विभिन्न आंदोलनों, जैसे भारत छोड़ो आंदोलन सहित कई महत्वपूर्ण संघर्षों में छत्तीसगढ़ की सक्रिय भागीदारी को भी इसमें विस्तार से दर्शाया गया है। इसके साथ ही, राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी और जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों तथा प्रदेश में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी भी प्रदर्शनी का हिस्सा है।

इस वर्ष प्रदर्शनी में वर्चुअल रियलिटी तकनीक के माध्यम से छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक तथ्यों को आकर्षक अंदाज़ में प्रस्तुत किया जा रहा है, जो विशेषकर बच्चों और युवाओं के बीच अत्यधिक लोकप्रिय है। प्रसिद्ध क्विज शो “कौन बनेगा करोड़पति” की तर्ज पर आयोजित “कोन बनही गुनिया” प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण है, जिसमें सभी लोग भाग लेकर पुरस्कार जीत सकते हैं।

जनसंपर्क विभाग द्वारा 15 से 21 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से रात 8:00 बजे तक आम जनता के लिए निःशुल्क खुली रहेगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संयुक्त सचिव डॉ. रवि मित्तल, रायपुर कलेक्टर श्री गौरव सिंह सहित जनसंपर्क विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वर्गीय श्री कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती पर किया नमन

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वर्गीय श्री कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री ठाकरे का संपूर्ण जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री ठाकरे ने अनुशासन और सेवा-भाव को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाया। उनका नेतृत्व न केवल राजनीतिक जीवन में, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में भी अनुकरणीय रहा। वे संगठन, समर्पण और स्वच्छ छवि के प्रतीक थे, जिन्होंने जनसेवा को ही अपने जीवन का ध्येय बनाया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  हम सभी को श्री ठाकरे के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र की सेवा और जनकल्याण को अपने जीवन का संकल्प बनाना चाहिए।
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भारत की अर्थव्यवस्था पर वैश्विक मुहर – मुख्यमंत्री श्री साय ने S&P अपग्रेड पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को दी बधाई

वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी S&P Global Ratings द्वारा भारत की दीर्घकालिक सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग को ‘BBB-’ से बढ़ाकर ‘BBB’ तथा अल्पकालिक रेटिंग को ‘A-3’ से ‘A-2’ कर स्थिर दृष्टिकोण (Stable Outlook) के साथ अपग्रेड किया गया है।


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह अपग्रेड प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक नीतियों की मजबूती, राजनीतिक स्थिरता और वैश्विक निवेशकों के अटूट विश्वास का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस  उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह अपग्रेड 18 वर्षों बाद हुआ है, S&P ने आखिरी बार जनवरी 2007 में भारत की रेटिंग बढ़ाई थी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष हुआ यह रेटिंग अपग्रेड यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, भारत की मजबूत आर्थिक नीतियों, राजनीतिक स्थिरता और वैश्विक निवेशकों के विश्वास  का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश के आर्थिक सामर्थ्य और हर भारतीय के बेहतर जीवन के प्रति मोदी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का वैश्विक प्रमाण है।
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स्वतंत्रता दिवस समारोह: शालेय विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

 राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड, पर आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में लगभग 780 स्कूली विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की लोककला और संस्कृति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां दी। इन प्रस्तुतियों के बीच हुई स्पर्धा में मदर्स प्राईड स्कूल रायपुर को पहला, लक्ष्मी नारायण कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रायपुर को दूसरा और सालेम इंग्लिश मीडियम स्कूल को तीसरा स्थान मिला। मुख्यमंत्री ने शील्ड-मेडल देकर सभी विजेताओं को सम्मानित किया।


मदर्स प्राईड स्कूल रायपुर के 250 बच्चों द्वारा ओ माई तेरी मिट्टी बुलाए हाय, डारा लोर गेहे रे...., हमर पारा तुहर पारा... जैसे रिमिक्स गीत पर देश भक्तिपूर्ण प्रस्तुति दी। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने देश की सेना द्वारा भारत माता की रक्षा एवं देश की माँ, बेटी, बहन की सुरक्षा करने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं करते हए भारत माता की सेवा में अपनी प्राण न्योछावर करने वाले दृश्य को प्रदर्शित किया, साथ ही पहलगाम में हुये आतंकी हमले के विरूद्ध भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा चलाये गये ऑपरेशन सिन्दूर को भी आकर्षक अंदाज में प्रस्तुति के माध्यम से दिखाया।

लक्ष्मीनारायण कन्या उ.मा.वि. रायपुर के 200 विद्यार्थियों ने हाय कहे गजरी, हाय कहे गजरी गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से अनेक अवसरों पर होने वाले नृत्य राऊत नाचा एवं अन्य नृत्यों की भी सुन्दर छाप दर्शकों के बीच पेश की। साथ ही स्कूल के बच्चों ने इस प्रस्तुति के माध्यम से छत्तीसगढ़ के त्यौहारों व लोक नृत्यों का स्वतंत्रता आन्दोलन में योगदान को भी दर्शाया। 

सालेम इंग्लिश स्कूल रायपुर के 250 बच्चों द्वारा छत्तीसगढ़ के भुइंया म भाग हमर जागे रे जागे रे गीत पर मनोरम प्रस्तुति दी गई। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने छत्तीसगढ़ के सभी लोक नृत्य व संस्कृति को संजोया। उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रकृति के मनोरंग दृश्य का भी प्रदर्शन किया। इस नृत्य में कर्मा लोक नृत्य को भी स्कूली बच्चों द्वारा बहुत सुन्दर भाव-भंगिमा के साथ प्रदर्शित किया गया।
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स्वतंत्रता दिवस समारोह: मुख्यमंत्री ने 35 पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को पुलिस पदकों से किया सम्मानित

पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य आयोजन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 35 पुलिस अधिकारियों और जवानों को उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिस पदकों से सम्मानित किया। श्री साय ने पुलिस वीरता पदक से 11, राष्ट्रपति पुलिस पदक से 01, सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से 11, सुधार सेवा पदक से 05, गृहरक्षक एवं सराहनीय सेवा पदक 01 और राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पदकों से 06 अधिकारी-कर्मचारियों को अलंकृत किया।


राष्ट्रपति के पुलिस वीरता पदक 2025

    श्री लालजी सिन्हा, निरीक्षक, जिला-कबीरधाम, श्री भुवनेश्वर साहू, निरीक्षक, जिला-रायपुर, श्री संजय पोटाम, निरीक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, श्री कमलेश मरकाम, प्रधान आरक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, श्रीमति अंजु कुमारी, उप पुलिस अधीक्षक, जिला-कबीरधाम, श्री दिनेश भास्कर, प्रधान आरक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, श्री चैतराम गुरूपंच, निरीक्षक, जिला-सुकमा, श्री हेमला नंदू, प्रधान आरक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, श्री प्यारस मिंज, सहायक उप निरीक्षक, जिला-दंतेवाड़ा, श्री मनोज पुनेम, प्रधान आरक्षक, जिला-दंतेवाड़ा। जिला-दंतेवाड़ा के शहीद प्रधान आरक्षक श्री बुधराम कोरसा के लिए उनकी पत्नी श्रीमति सुखमति ने पुलिस वीरता पदक प्राप्त किया।

विशिष्ट सेवा हेतु राष्ट्रपति का पुलिस पदक 2025

श्री महेश राम साहू, सेवानिवृत्त, निरीक्षक विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर।

सराहनीय सेवा हेतु भारतीय पुलिस पदक 2025

 श्री राहुल भगत (भा.पु.से.), सचिव, माननीय मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री सचिवालय एवं सचिव, सुशासन एवं अभिसरण विभाग (छ.ग. शासन)   

सराहनीय सेवा हेतु भारतीय पुलिस पदक 2025

श्री ज्ञानेन्द्र कुमार अवस्थी, सेवानिवृत्त सहायक पुलिस महानिरीक्षक सुरक्षा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, श्री अनिल कुमार कश्यप, उप पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, श्री हरिशंकर प्रताप सिंह, निरीक्षक विशेष आसूचना शाखा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, श्री नरेश कुमार पैकरा, कंपनी कमांडर 7वी वाहिनी छसबल, भिलाई, श्री वली मोहम्मद शेख, निरीक्षक योजना प्रबंध शाखा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, श्री समैया चिप्पनपल्ली, सहायक उप निरीक्षक, नक्सल सेल, जिला-बीजापुर, श्री सुशील कुमार श्रीवास, प्रधान आरक्षक, विशेष आसूचना शाखा, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर, श्री तुलाराम चुरेन्द्र, प्रधान आरक्षक, थाना-रावघाट, जिला-कांकेर, श्री हरिश्चन्द्र मरकाम, प्रधान आरक्षक, 8वीं वाहिनी छसबल, राजनांदगांव, श्री सुशील कुमार चौबे, आरक्षक, अपराध अनुसंधान विभाग, पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर।

सराहनीय सुधारात्मक सेवा पदक 2025

श्री मधु सिंह, उप जेल अधीक्षक, केन्द्रीय जेल जगदलपुर, श्री साहेबुद्दीन अंसारी, (सेवानिवृत्त) मुख्य प्रहरी, जिला जेल बेमेतरा, श्री हरवंश लाल मकराम, प्रहरी, जिला जेल दंतेवाड़ा, श्री ज्ञानप्रकाश पैकरा, प्रहरी, जिला जेल दंतेवाड़ा, श्री झीमन राम टोप्पो, मुख्य प्रहरी, जिला जेल सूरजपुर।

गृह रक्षक व नागरिक सुरक्षा सराहनीय सेवा पदक 2025

श्री महेश कुमार मिश्रा, नायक, नगर सेना कोरिया

राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पुरस्कार 2024

गुरू घासीदास पुरस्कार

सुश्री निशा सिन्हा, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी जिला-गरियाबंद

राज्यपाल पुरस्कार

सुश्री मंजूलता राठौर, उप पुलिस अधीक्षक, जिला-रायपुर

मुख्यमंत्री पुरस्कार

श्रीमति रागिनी मिश्रा, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कुरूद, जिला-धमतरी 

रानी सुबरन कुंवर पुरस्कार

सुश्री मंजूलता राठौर, उप पुलिस अधीक्षक, जिला-रायपुर

शहीद वीरनारायण सिंह पुरस्कार

श्री रविन्द्र अनंत, निरीक्षक, अजाक थाना-बिलासपुर

पुलिस महानिदेशक पुरस्कार

श्रीमती नर्मदा कोठारी महिला प्रधान आरक्षक, जिला-बालोद
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राज्यपाल श्री डेका ने वनवासी विकास समिति को सौंपी एम्बुलेंस की चाबी

 राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज वनवासी विकास समिति छत्तीसगढ़ प्रांत के अध्यक्ष श्री उमेश कच्क्षप को अपने स्वेच्छानुदान मद से प्रदत्त एम्बुलेंस वाहन की चाबी सौंपी। इस अवसर पर डॉ. पुर्णेन्द्रु सक्सेना जी भी उपस्थित थे।


उल्लेखनीय है कि राज्यपाल श्री डेका द्वारा जनजातीय क्षेत्रों मंे स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए वनवासी विकास समिति छत्तीसगढ़ प्रांत को एम्बुलेंस के लिए 7 लाख 63 हजार 5 सौ रूपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई है।

यह संस्था राज्य के सुदूर क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करती है साथ ही समय समय पर निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन भी किया जाता है। संस्था को आवागमन की दृष्टि से एम्बुलेंस की आवश्यकता थी जिसके लिए राज्यपाल द्वारा उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की गई। राज्यपाल श्री डेका द्वारा प्रदत्त यह सहयोग सुदूर वनांचलों में मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
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राज्यपाल श्री डेका ने राजभवन में किया ध्वजारोहण

 राज्यपाल श्री रमेन डेका ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज सुबह राजभवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया एवं परेड की सलामी ली। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया। इस अवसर पर राज्य की प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी भी उपस्थित थी।

    राज्यपाल ने राजभवन सचिवालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने राजभवन के कर्मचारियों के परिजनों एवं बच्चों से आत्मीयता से मुलाकात की और बच्चों को टॉफी-मिठाई वितरित की। 
   इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर प्रसन्ना, विधिक सलाहकार श्री भीष्म प्रसाद पाण्डेय, उप सचिव श्रीमती निधि साहू सहित राजभवन के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
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जन-जन की सहभागिता से साकार होगा विकसित छत्तीसगढ़ का सपना: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। उन्होंने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन हम सभी के लिए अत्यंत गौरव का दिन है। अंग्रेजी साम्राज्यवाद से लड़ते हुए हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपना सर्वस्व बलिदान कर हमें स्वतंत्रता का उजाला सौंपा। 


मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और सेना के वीर जवानों को नमन करते हुए कहा कि हम छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 गौरवशाली वर्षाें की विकास यात्रा को ’’छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव’’ के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के शुभारंभ की घोषणा की। उन्होंने यह भी घोषणा कि रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली जल्द ही लागू की जाएगी। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस अवसर पर हम विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प लें। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता श्रद्धेय अटल जी के सुशासन का दृढ़ संकल्प हमें शक्ति देता है। हम निश्चित ही जन-जन की सहभागिता से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लक्ष्य को साकार करेंगे। गोस्वामी तुलसीदास जी का कथन ‘‘रामकाजु कीन्हें बिनु मोहि कहां बिश्राम‘‘ हमारा आदर्श वाक्य है और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय के सिद्धांत हमारे पथप्रदर्शक हैं।

राष्ट्रहित में स्वदेशी अपनाएं

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वदेशी को जन-आंदोलन का रूप दिया है। आत्मनिर्भर भारत 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है। स्वतंत्रता दिवस का यह प्रेरक अवसर हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए प्रदेशवासियों से राष्ट्रहित में यह संकल्प लेने का आह्वान किया कि - हर नागरिक स्वदेशी वस्तु खरीदना देशभक्ति का कार्य माने, हर व्यवसाय गुणवत्ता और स्थिरता को अनिवार्य मानें, हर नवाचारी सबसे पहले भारत के बारे में सोचे, हर किसान पर्यावरण अनुकूल समावेशी कृषि को अपनाए और हर क्षेत्र निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े।

वोकल फॉर लोकल अभियान में अग्रणी छत्तीसगढ़ 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के वोकल फॉर लोकल अभियान को आगे बढ़ाने में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका हो। स्वदेशी रोजगार सृजन का ही नहीं देशभक्ति का भी एक उपक्रम है। हम नई औद्योगिक नीति के जरिए प्रदेश में बनने वाले उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री जी के लोकल फॉर ग्लोबल विजन पर काम कर रहे हैं। अपने दैनिक जीवन में स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को अपनाने से स्थानीय कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों को रोजगार मिलता है। इसका सीधा परिणाम देश और प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के रूप में सामने आता है। हमारी आयात निर्भरता कम होती है। हम खादी को बढ़ावा देकर स्थानीय बुनकरों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं, इससे हमें टैक्सटाइल क्षेत्र में अपनी वैश्विक पहचान बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई को प्रोत्साहित कर हम मेक इन इंडिया अभियान में अपनी भागीदारी बढ़ा रहे हैं। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देना होगा। 

जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ जय अनुसंधान हो हमारा ध्येय वाक्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई के लिए प्रधानमंत्री जी द्वारा दिया गया जीरो डिफेक्ट - जीरो इफेक्ट का मंत्र अत्यंत कारगर है। हमारे गांव, नगर और जिले स्तर पर तैयार होने वाली वस्तुएं गुणवत्ता के मामले में किसी से कम नहीं है। इसके लिए उन्हें डिजिटल संसाधनों, नवाचार, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी और एआई जैसी तकनीक को अपनाना होगा। अब जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ जय अनुसंधान... के ध्येय वाक्य के साथ हम आगे बढ़ेंगे।

प्राकृतिक खेती हमारे स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी 

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेक इन इंडिया अभियान के जरिए रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करते हुए भारत सैन्य उपकरणों का निर्यातक के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि आज जलवायु संकट का सीधा असर हमारे जीवन पर पड़ रहा है। कृषि क्षेत्र इससे अछूता नहीं है। ऐसे समय में रसायन मुक्त, प्राकृतिक खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ हमारे स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी साबित होगी। श्रीअन्न, दलहन-तिलहन और मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ावा देकर छत्तीसगढ़ के हमारे किसान भाई कृषि लागत को कम कर सकते हैं। इससे रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर हमारी निर्भरता भी कम होगी। 

स्वतंत्रता संग्राम के नायकों का पुण्य स्मरण

मुख्यमंत्री ने देश की आजादी की लड़ाई में स्वर्णिम अक्षरों में लिखे गये परलकोट विद्रोह के नायकों का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि इस वर्ष परलकोट विद्रोह के 200 वर्ष पूरे हो गए हैं। आज भी शहीद गेंदसिंह की वीरता के किस्से प्रदेश की जनता उतने ही गौरव भाव से सुन रही है। भूखे और उत्पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने के लिए शहीद वीरनारायण सिंह द्वारा की गई लड़ाई को कौन भूल सकता है। उन्होंने रायपुर सिपाही विद्रोह के नायक हनुमान सिंह जी का भी इस अवसर पर स्मरण किया। उन्होंने कहा कि भूमकाल विद्रोह के माध्यम से वीर गुंडाधुर ने अपनी मातृभूमि के लिए जिस अद्भुत शौर्य का प्रदर्शन किया, वो इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है। शहीद यादव राव, वेंकट राव, धुरवा राव, डेबरी धुर, आयतु माहरा सहित हमारे अनेक जनजातीय नायकों का बलिदान देशभक्ति की अद्भुुत मिसाल है। 

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने अपना अटल संकल्प पूरा किया और देश के नक्शे में छत्तीसगढ़ का एक नये राज्य के रूप में उदय हुआ। अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष को हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पुण्य धरा प्राकृतिक संसाधनों से सम्पन्न है। हमारे पास समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर हैं और अपार उत्साह समेटे हुए विपुल जन संसाधन है। एक नवंबर 2000 को जब यह राज्य बना, तब हमने एक सपना देखा था, एक विकसित, आत्मनिर्भर और समावेशी छत्तीसगढ़ का। आज मैं गर्व से कह सकता हूँ कि हम उस दिशा में तेजी से आगे बढ़़ रहे हैं। 

मुख्यमंत्री ने आपातकाल के पचास बरस पूरे होने पर लोकतंत्र सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि आपातकाल के बेहद कठिन दौर में यातनाओं की परवाह न करते हुए उन्होंने लोकतंत्र की मशाल थामें रखी। उन्होंने कहा कि मातृभूमि के लिए अपने हिस्से की जिम्मेदारी हमें निभानी है। हमें यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को मूर्त रूप देना है। 

हमारे जवानों ने तिरंगे का मान बढ़ाया

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपने वीर जवानों पर गर्व है, जिन्होंने अपने असीम शौर्य और साहस से मातृभूमि का शीश हमेशा ऊंचा रखा। वर्ष 1947 में देश की आजादी के बाद पाकिस्तान की ओर से हुए आक्रमण से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक हर बार हमारे जवानों ने तिरंगे का मान बढ़ाया है। पहलगाम में हुए जघन्य आतंकी कृत्य का बदला लेने हमारे  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में ऑपरेशन सिन्दूर चलाया गया। यह ऑपरेशन दुनियाभर में भारत के पराक्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक बना। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अगुवाई में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हो गई है। हमारा चंद्रयान चंद्रमा के दक्षिण धु्रव पर पहुंच चुका है और शुभांशु शुक्ला ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में तिरंगा लहरा दिया है। इस सफलता के पीछे देशवासियों की कड़ी मेहनत और हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और अथाह इच्छा शक्ति की विशेष भूमिका है। 

मार्च 2026 तक देश को आतंकवाद से मुक्त करने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इस गौरवशाली दिन हम अपने सुरक्षाबलों के जवानों का अभिनंदन करते हैं, जिन्होंने नक्सलियों को उनके ठिकानों में घुसकर मात दी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में हम मार्च 2026 तक देश को माओवादी आतंक से मुक्त करने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 20 महीनों में हमारे जवानों ने 450 माओवादियों को न्यूट्रलाइज और 1578 को गिरफ्तार किया है। हमारे जवानों ने माओवादियों के शीर्ष नेताओं बसवराजू और सुधाकर को न्यूट्रलाइज करने में सफलता पायी। राज्य सरकार की आकर्षक आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर 1589 माओवादी हथियार छोड़ चुके हैं। इनके पुनर्वास, कौशल विकास और रोजगार की व्यवस्था की गई है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का असली मतलब तब है, जब आखिरी व्यक्ति तक लाभ पहुँचे। ताड़मेटला में जहां हमारे 76 जवानों ने माओवादी हमले में शहादत दी थी, उसके समीप ही चिंतागुफा के स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाण-पत्र मिला है। यहां हर महीने औसतन 20 प्रसव होते हैं और हजारों ग्रामीण निःशुल्क इलाज की सुविधा ले रहे हैं। नक्सलवाद के कम होते ही बस्तर में विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ी है। 50 बंद स्कूल फिर से खोले गए और कई गांवों में पहली बार बिजली पहुंची। नियद नेल्ला नार अर्थात आपका अच्छा गाँव योजना से 327 गांवों में बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं। पामेड़, जो कभी नक्सलियों का गढ़ था, वहां अब बैंक की शाखा खुल गई हैं।

पूरा हो रहा है हर नागरिक के पक्का घर का सपना
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 20 महीनों में हमने प्रदेश के नागरिकों को प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा दी गई गारंटियों को पूरा करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किये हैं। कैबिनेट की पहली बैठक में हमने 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए। पीएम जनमन योजना में विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए 34 हजार और नक्सल पीड़ित व आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15 हजार आवास मंजूर किए गए। पात्रता नियम आसान किए गए हैं और नए लाभार्थियों के लिए आवास प्लस 2.0 के तहत सर्वे कराया गया है। इस तरह हर नागरिक का पक्का घर पाने का सपना पूरा हो रहा है।

महतारी वंदन योजना: माताओं-बहनों को 11 हजार 728 करोड़ रूपए की सहायता

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सरकार बनने के तीन महीने के भीतर हमने महतारी वंदन योजना शुरू की। प्रदेश में 70 लाख महिलाओं को हर महीने एक-एक हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस योजना से महिलाएं आत्मनिर्भरता की राह पर कदम बढ़ा रही हैं। महतारी वंदन योजना के तहत माताओं-बहनों को अब तक 11 हजार 728 करोड़ रूपए की राशि दी जा चुकी है। रायगढ़ जिले से हमने महिला समूहों को रेडी टू ईट फूड निर्माण का काम सौंपा है और इसका विस्तार जल्द ही हम अन्य जिलों में करेंगे।

किसानों का कल्याण हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के किसान भाइयों का कल्याण हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के किसानों को धान का सबसे ज्यादा मूल्य मिल रहा है। हमने पिछले खरीफ सीजन में 149 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की है। राज्य में फसल विविधता को बढ़ावा देने के लिए कृषक उन्नति योजना के दायरे का विस्तार किया गया है। धान के बदले अब अन्य खरीफ फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 11 हजार रूपए तथा दलहन-तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास की फसल लेने वाले कृषकों को प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की आदान सहायता राशि दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषक मजदूर कल्याण योजना के तहत राज्य के 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषि श्रमिकों को प्रतिवर्ष 10-10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ के 26 लाख किसान भाइयों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। इस योजना से विशेष पिछड़ी जनजाति के 32 हजार 500 किसान भी लाभान्वित हो रहे हैं। खरीफ सीजन में हमने खाद-बीज की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की है। वैश्विक तनाव के कारण जहां डीएपी की आपूर्ति में कुछ कमी आयी, वहां हमने भरपूर मात्रा में नैनो डीएपी उपलब्ध कराकर किसान भाइयों की दिक्कत दूर की।
   
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम राज्य में सहकारिता की सम्भावनाओं को साकार कर रहे हैं। खेती-किसानी के साथ-साथ हम पशुधन और मत्स्यपालन को भी बढ़ावा दे रहे हैं। राज्य में दुग्ध उत्पादन और पशुपालकों की आय को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी से हमने एमओयू किया है। वर्ष-2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया गया है। केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में हम सहकार से समृद्धि के मंत्र पर चलते हुए राज्य में सहकारी गतिविधियों को नई ऊंचाई दे रहे हैं।

शिक्षक-छात्र अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर

मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी कहते थे कि शिक्षा के जरिए समाज में बड़े  बदलाव लाए जा सकते हैं। हमने नई शिक्षा नीति को लागू करने के साथ ही इसके प्रावधानों के अनुरूप स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया है। अब सुकमा के दुर्गम गांव में भी शिक्षक हैं। राजधानी रायपुर से लेकर पहाड़ी कोरवा बसाहट वाले स्कूलों तक पूरे प्रदेश में शिक्षक-छात्र अनुपात एक समान है। हमारे स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। हम शासकीय विद्यालयों में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान भी संचालित कर रहे हैं। पेरेण्ट्स टीचर मीटिंग तथा न्यौता भोज के माध्यम से हमने बच्चों के शैक्षणिक विकास में सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की है, जिसका बेहतर परिणाम मिल रहा है। हमने स्कूलों के रखरखाव एवं अधोसंरचना विकास के लिए 133 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।

नवा रायपुर में आकार ले रही एजुकेशन सिटी

नवा रायपुर में हम सौ एकड़ में एजुकेशन सिटी बना रहे हैं। विज्ञान और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए यहां साइंस सिटी का भी निर्माण कर रहे हैं। नवा रायपुर में हमने नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी के कैंपस का भूमिपूजन किया है। देश में लागू नये कानूनों में फारेंसिक का महत्व काफी बढ़ गया है, जिससे राज्य के युवाओं को इस क्षेत्र में करियर निर्माण के अवसर सुलभ होंगे। छत्तीसगढ़ में आईटी और एआई क्रांति दस्तक दे चुकी है। हम नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया की सिलिकॉन वैली के रूप में तैयार कर रहे हैं। नवा रायपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफार्मेशन टेक्नॉलाजी की स्थापना करने जा रहे हैं, जिससे आईटी का बड़ा टैलेंट पूल यहां तैयार होगा।


बस्तर संभाग के सभी विकासखण्डों में कौशल विकास केन्द्र
  
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जॉब मार्केट की जरूरत के मुताबिक वर्क फोर्स तैयार कर रहे हैं। स्किल इंडिया मिशन के तहत नवा रायपुर में लाइवलीहुड सेंटर आफ एक्सीलेंस आरंभ कर रहे हैं। जनजातीय बहुल बस्तर संभाग के सभी 32 विकासखंडों में, कौशल विकास केन्द्र के माध्यम से युवाओं को विभिन्न व्यवसायों का प्रशिक्षण दे रहे हैं। आईआईटी के पूर्व विद्यार्थियों की संस्था पैन आईआईटी के साथ वंचित समुदायों के कौशल विकास के लिए हमने एमओयू किया है। युवाओं को कौशल विकास के साथ ही विदेशी भाषाओं का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि उन्हें विदेशों में भी रोजगार के अवसर मिलें।

राज्य में 150 स्टार्टअप स्थापित करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए हमने नई स्टार्टअप नीति बनाई है। इसके माध्यम से हम राज्य के 100 तकनीकी संस्थाओं के 50 हजार छात्र-छात्राओं तक पहुंच बनाएंगे। राज्य में हमने 150 स्टार्टअप स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। ईज ऑफ लिविंग के साथ ही स्पीड ऑफ बिजनेस की ओर बढ़ते हुए हमने 350 से अधिक रिफॉर्म किये हैं। सिंगल विंडो सिस्टम से प्रदेश में निवेश सरल, सहज और पारदर्शी हो गया है।

निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ पसंदीदा राज्य

उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति की बुनियाद पर विकसित छत्तीसगढ़ की भव्य इमारत तैयार होगी। नई औद्योगिक नीति में हमने सबसे ज्यादा जोर पॉवर सेक्टर पर दिया है। इस सेक्टर में हमें 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे छत्तीसगढ़ विकसित भारत का पावर हाउस बनेगा। निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ पसंदीदा राज्य बन चुका है। हमने दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू के साथ ही रायपुर में भी इन्वेस्टर्स समिट किये। इन समिट के माध्यम से अब तक 6 लाख 65 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव हमें मिल चुके हैं।

नई औद्योगिक नीति में हम नये जमाने के उभरते हुए उद्योगों को भी विशेष अनुदान दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ में पहली सेमीकंडक्टर यूनिट का भूमिपूजन हमने किया है। लगभग 11 सौ करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस यूनिट से हमने चिप निर्माण के क्षेत्र में कदम रख दिया है। हम टैक्सटाइल क्षेत्र में संभावनाओं को अवसर में बदलना चाहते हैं। इसके लिए हम नवा रायपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फैशन टेक्नॉलाजी का कैंपस स्थापित करने जा रहे हैं। इसकी अनुमानित लागत 271 करोड़ रुपए होगी। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

राज्य राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण गठन का निर्णय

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर राज्य राजधानी क्षेत्र के विकास के लिए प्राधिकरण गठन का निर्णय लिया है। यह प्राधिकरण राजधानी क्षेत्र के सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध विकास के लिए कार्य करेगा। यह प्राधिकरण योजना बनाने, निवेश को बढ़ावा देने, विभिन्न सरकारी और निजी संगठनों के बीच समन्वय तथा शहर के विस्तार को सही ढंग से नियंत्रित करने का भी काम करेगा। अब जमाना ई-कॉमर्स का है। इसे प्रोत्साहित करने हमारी लॉजिस्टिक नीति विशेष रूप से उपयोगी होगी और प्रदेश में तेजी से इनलैंड कंटेनर डिपो तथा ड्राईपोर्ट में निवेश होगा।

नई रेल लाइनें बनेंगी ‘‘विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़‘‘ की धमनियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश की जो संभावनाएं पैदा हुई हैं, उसके पीछे एक दशक में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर हुए कामों की बड़ी भूमिका है। वर्ष 2030 तक हम उतनी ही रेल लाइन बिछा देंगे, जितनी 1853 में रेलवे शुरू होने से लेकर वर्ष 2014 तक बिछाई गई थी। रावघाट से जगदलपुर, केके लाइन का दोहरीकरण, तेलंगाना के कोठागुडेम से किरंदुल तक नई रेल परियोजनाएं बस्तर की भाग्य रेखा साबित होंगी। खरसिया से परमालकसा जाने वाली रेल लाइन प्रदेश के महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों को जोड़ेगी। नई रेल लाइनें ‘‘विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़‘‘ की धमनियां साबित होंगी। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से हमने कार्गाे सुविधा भी आरंभ की है। धनबाद और विशाखापट्नम जैसे औद्योगिक केंद्रों को जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण तेजी से हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी प्रदेश की आर्थिक सेहत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वहां बिजली की खपत कितनी है। हमारा प्रदेश जीरो पॉवर कट स्टेट है। हमारे राज्य में प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत 2 हजार 211 यूनिट है, जबकि देश का औसत ऊर्जा खपत प्रति व्यक्ति 1 हजार 255 यूनिट है।

हाफ बिजली बिल से मुफ्त बिजली की पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में हमने बड़ा कदम उठाया है। हम हाफ बिजली बिल से मुफ्त बिजली की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के माध्यम से आमजन अब बिजली उपभोक्ता से बिजली उत्पादनकर्ता बन रहेे हैं। इस योजना के तहत सौर संयंत्रों की स्थापना पर केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है। एक किलोवॉट के सौर संयंत्र पर केन्द्र सरकार द्वारा 30 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 15 हजार रूपए, इस प्रकार कुल  45 हजार रूपए की सब्सिडी दी जा रही है। दो किलोवॉट पर केन्द्र द्वारा 60 हजार रूपए और राज्य द्वारा 30 हजार रूपए, इस प्रकार कुल 90 हजार रूपए तथा तीन किलोवॉट का सौर संयंत्र लगाने पर केन्द्र सरकार द्वारा 78 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रूपए, इस प्रकार कुल एक लाख 8 हजार रूपए की सब्सिडी दी जा रही है। मैं प्रदेश की जनता से आग्रह करता हूँ कि इस योजना का त्वरित लाभ उठाएं।

सुशासन हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता

सुशासन हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। हमने ई-ऑफिस प्रणाली को सभी विभागों में कार्यान्वित किया है। हर स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है। हमने सरकारी खरीदी में पारदर्शिता लाने जेम पोर्टल को अपनाया है। भ्रष्टाचार के मामलों की ईओडब्ल्यू द्वारा पूरी तत्परता से जांच की जा रही है। पब्लिक पॉलिसी में युवाओं को आगे लाने हमने मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना आरंभ की है। इसके जरिए युवा आईआईएम रायपुर में दो वर्षीय फेलोशिप कर रहे हैं। सुशासन तिहार के माध्यम से हम आपके गांव, आपके मोहल्ले तक पहुंचे। सुशासन तिहार में 41 लाख से अधिक आवेदन में से अधिकतर आवेदनों का हमने गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया है। 

हमने रजिस्ट्री से संबंधित 10 क्रांतिकारी पहल की है। अब ऑनलाईन रजिस्ट्री की सुविधा, रजिस्ट्री के साथ ही अब नामांतरण, आधार प्रमाणीकरण, रजिस्ट्री से संबंधित दस्तावेज बनाने की सुविधा के साथ पारिवारिक दान, हक त्याग और बंटवारा अब केवल पांच सौ रुपए शुल्क में हो जाता है। हमने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक के माध्यम से नियमों को सरल किया है। 5 डिसमिल से कम कृषि भूमि की रजिस्ट्री नहीं होगी। इसका उद्देश्य अवैध प्लाटिंग और जमीन को छोटे टुकड़ों में बांटकर बिक्री पर रोक लगाना है। हमने जनविश्वास विधेयक के माध्यम से राज्य के 8 अधिनियमों के 163 प्रावधानों में संशोधन किया है। आम नागरिकों और कारोबारियों द्वारा किये गये छोटे-छोटे तकनीकी उल्लंघन अब अपराध की श्रेणी में नहीं आएंगे। 

विकसित छत्तीसगढ़ का नेतृत्व युवा शक्ति के हाथों में होगा। युवाओं के लिए शासकीय पदों में भर्ती पर सरकार तेजी से काम कर रही है। राज्य निर्माण के बाद पहली बार व्यापम की परीक्षा का साल भर का कैलेंडर जारी किया गया है। 

खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए भी हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है। नई औद्योगिक नीति में हमने खेल अकादमी और निजी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए विशेष अनुदान प्रावधान किये हैं। युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए हमने युवा रत्न सम्मान योजना आरंभ करने का निर्णय लिया है। 

नवा रायपुर में बन रही मेडिसिटी

स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए 441 करोड़ रुपए की लागत से हम स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था बेहतर कर रहे हैं। राज्य के 543 सरकारी अस्पतालों को क्वालिटी सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है। अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ की लगातार भर्ती की जा रही है। पिछले महीने हमने एनएचएम के तहत 109 संविदा चिकित्सकों तथा 563 बांड अनुबंधित चिकित्सकों की नियुक्ति की है। हम नवा रायपुर में मेडिसिटी बना रहे हैं, जहां राष्ट्रीय स्तर के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल संचालित होंगे।

मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना आरंभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय निकायों की सूरत संवारने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना आरंभ की गई है। इसके तहत सात नगर निगमों में 157 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत किये गये हैं। इनमें आक्सीजोन, बस टर्मिनल, बायपास, आडिटोरियम निर्माण जैसे काम शामिल हैं। प्रदेश के नगरीय निकायों ने स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छी रैंक हासिल की है। प्रधानमंत्री जी ने मन की बात कार्यक्रम में बिल्हा की हमारी स्वच्छता दीदियों की विशेष रूप से प्रशंसा की है।

बस्तर और सरगुजा संभाग में शुरू होगी मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना

हमारी सरकार शहरों के साथ-साथ गाँवों में भी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना को प्रथम चरण में हम बस्तर और सरगुजा संभाग में शुरू करने जा रहे हैं। इन बसों का संचालन स्थानीय लोग ही करेंगे। इससे ग्रामीणों की आवाजाही आसान होगी और उनकी रोज़मर्रा की परेशानियाँ दूर होंगी।

बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना को गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना पर आगे बढ़ रहे हैं। 50 हजार करोड़ रुपए की इस परियोजना के माध्यम से 200 मेगावाट बिजली के उत्पादन के साथ ही लगभग 7 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 9 सिंचाई परियोजनाओं में 522 करोड़ रुपए की राशि से सुधार कार्य कराया जाएगा। 
चरण पादुका योजना की फिर से शुरूआत

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम जनजातीय समाज के उत्थान के लिए अनेक कदम उठा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक की राशि 4 हजार रुपए से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए कर दी गई है। इससे साढ़े 12 लाख तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के 50 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान संग्राहकों के पैरों में छालें न पड़े, कांटे न चुभे, इसके लिए हमने चरण पादुका योजना फिर से शुरू की है। हर्बल औषधियों को बढ़ावा देने हमने फॉरेस्ट टू फार्मेसी मॉडल के तहत दुर्ग जिले के जामगांव (एम) में हाल ही में हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट का लोकार्पण किया है। इससे दो हजार लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार के अवसर सुलभ हुए हैं। 

आकार ले रहा आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को समर्पित स्मारक

मुख्यमंत्री ने कहा कि सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को प्रोत्साहित करने हमारी सरकार ने बैगा, गुनिया, सिरहा लोगों को 5-5 हजार रुपए की सालाना सम्मान निधि प्रदान करने का निर्णय लिया है। नवा रायपुर में हमने ट्राइबल म्यूजियम का लोकार्पण किया जा चुका है। प्रदेश के स्वतंत्रता संग्राम के जनजातीय नायकों को समर्पित शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक-सह-संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है। बस्तर की जनजातीय संस्कृति की झलक देश-दुनिया को दिखाने हमने बस्तर पंडुम का आयोजन किया। बस्तर अब वैश्विक पर्यटन मानचित्र में है। बस्तर के धुड़मारास को यूएन पर्यटन संगठन ने सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के रूप में चुना है। होम-स्टे को प्रोत्साहित करने हमने छत्तीसगढ़ होम-स्टे नीति बनाई है।

छत्तीसगढ़ में 683 वर्ग किलोमीटर में वृक्ष आवरण की वृद्धि  

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी प्राकृतिक संपदा को न केवल हम सहेजे हुए हैं अपितु उसका निरंतर संवर्धन भी कर रहे हैं। वन पारिस्थितिकी सेवा को हमने ग्रीन जीडीपी के साथ जोड़ने की पहल की है। हाल ही में भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट आई है, इसमें बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में 683 वर्ग किलोमीटर संयुक्त वन एवं वृक्ष आवरण की वृद्धि हुई है, जो देश में सबसे ज्यादा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर प्रदेश में ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘ अभियान के तहत विगत वर्ष में साढ़े तीन करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं।

कलाकारों और साहित्यकारों को प्रतिमाह 5 हजार रूपए पेंशन

राज्य की कला-संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर में कलाग्राम की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कलाकारों और साहित्यकारों को दी जाने वाली पेंशन राशि 2 हजार रुपए से बढ़ाकर 5 हजार रुपए प्रति माह कर दी गई है। प्रदेश के 22 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के माध्यम से भांचा राम के दर्शन लाभ मिला। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से भी हम तीर्थयात्रियों को देश भर के पुण्यस्थलों की यात्रा करा रहे हैं।

‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन’ डॉक्यूमेंट तैयार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में हमने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन’ डॉक्यूमेंट के रूप में एक ऐसा रोडमैप तैयार किया है, जिसके माध्यम से हम विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार करेंगे। छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य है जिसने विजन डाक्यूमेंट तैयार किया है। इसमें हमने निकटवर्ती, मध्यवर्ती और दीर्घकालीन लक्ष्य रखे हैं। इन्हें प्राप्त करने हमने सामाजिक आर्थिक विकास के 13 थीम चुने हैं और इनके क्रियान्वयन के लिए 10 मिशन तैयार किये हैं। छत्तीसगढ़ राज्य को संवारने के लिए आप सभी के सहयोग से हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर हम सभी विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लें।
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