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मुख्यमंत्री ने दक्षिण भारत के अग्रणी डिजिटल न्यूज नेटवर्क ’हैशटैग यू’ के छत्तीसगढ़ संस्करण का किया शुभारंभ

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय कक्ष में दक्षिण भारत के अग्रणी डिजिटल न्यूज नेटवर्क ’हैशटैग यू’ का छत्तीसगढ़ संस्करण लॉच किया। ’हैशटैग यू छत्तीसगढ़’ हिन्दी में होगा और इसमें छत्तीसगढ़ से संबंधित महत्वपूर्ण समाचार और रिपोर्ट प्रकाशित किए जाएंगे। ’हैशटैग यू’ के सीईओ श्री दिनेश अकुला ने मुख्यमंत्री को बताया कि ’हैशटैग य’ू को एक साल पहले तेलुगु में लॉन्च किया गया था। यह तेलुगु मीडिया में अग्रणी वेबसाइट और यू ट्यूब चैनल में से एक है। निकट भविष्य में मनोरंजन वेबसाइट के अलावा नेटवर्क 6 अन्य भाषाओं में लॉन्च किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस डिजिटल नेटवर्क द्वारा गहन विश्लेषण और बारीकियों के साथ समाचारों को कवर किया जाता है। पाठकों तक त्वरित गति से समाचारों के सम्प्रेषण का प्रयास किया जाता है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस डिजिटल न्यूज नेटवर्क के छत्तीसगढ़ संस्करण के शुभारंभ के अवसर पर श्री अकुला और नेटवर्क के डिजिटल हेड श्री प्रफुल्ल पारे को बधाई और शुभकामनाएं दी।

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अच्छी पढ़ाई करो और डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करो - श्री भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री से गोधन न्याय योजना के हितग्राही के पुत्र ने की मुलाकात 

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने मेडिकल कॉलेज के छात्र श्री आलोक सिंह से कहा कि अच्छी पढ़ाई करो और डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करो। श्री आलोक ने मुख्यमंत्री से आज विधानसभा में मुलाकात की। श्री आलोक सिंह गोधन न्याय योजना के हितग्राही मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के निवासी श्री संतोष सिंह के सुपुत्र हैं। मुख्यमंत्री ने श्री आलोक को मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई के लिए एक लाख रूपए की सहायता राशि देने की तत्काल स्वीकृति दी। श्री बघेल ने श्री आलोक को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर विधायक श्री विनय जायसवाल उपस्थित थे।

श्री संतोष पशुपालक हैं। उन्होंने गोधन न्याय योजना के तहत गोबर बेचकर 3 लाख 25 हजार प्राप्त किए थे, जिससे अपने सुपुत्र श्री आलोक को राजस्थान के कोटा में नीट परीक्षा की कोचिंग कराई थी। वहां से उपयुक्त मार्गदर्शन के पश्चात उनके सुपुत्र ने मेडिकल कॉलेज प्रवेश परीक्षा ’नीट’ उत्तीर्ण कर ली और वे आज कांकेर के मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं।

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श्री बी. वेंकटेश्वरलु ने एनएमडीसी, बचेली के परियोजना प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण किया

पदभार संभालते हुए कहा कि परियोजना का नेतृत्व करना एक सम्मान व जिम्मेदारी की बात 

(छत्तीसगढ़ दर्पण)। श्री बी. वेंकटेश्वरलु को एनएमडीसी, बचेली परियोजना के परियोजना प्रमुख (एचओपी)  के रूप में पदभार ग्रहण किया है। श्री बी. वेंकटेश्वरलु ने श्री पी.के. मजुमदार का स्थान लिया है, जो 31 दिसंबर को निगम की सेवाओं से सेवानिवृत्त हुए थे।


एनएमडीसी, बचेली के परियोजना प्रमुख के रूप में  श्री बी. वेंकटेश्वरलु अपने साथ खनन क्षेत्र में 30 वर्षों का समृद्ध अनुभव लेकर आए हैं। वह निगम के कुशल कामकाज के साथ-साथ कॉर्पोरेट उद्देश्यों व परफॉरमेंस पैरामीटर्स को प्राप्त करने के लिए भी जिम्मेदार रहेंगे। इसके पूर्व श्री बी. वेंकटेश्वरलु एनएमडीसी, बचेली के मुख्य महाप्रबंधक (उत्पादन)पद पर कार्यरत थे। 


श्री बी. वेंकटेश्वरलु एनएमडीसी में सन 1992 से कार्यरत हैं तथा वह उत्पादन विभाग के प्रमुख के रूप में अब-तक सेवाएं देते आ रहे थे। वह कंपनी के विजन और मिशन को एक नया आयाम देने हेतु सदैव प्रयासरत रहे हैं। 


श्री बी. वेंकटेश्वरलु इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स, कोलकाता से खनन इंजीनियरिंग में स्नातक हैं। सन 1998 में उन्होंने फर्स्ट क्लास माइंस मैनेजर्स कम्पेटेन्सी फॉर ओपनकास्ट मेटल माइंस का सर्टिफिकेट  प्राप्त भी किया। जिसके उपरांत उन्होंने कंप्यूटर एप्लीकेशन में पीजी डिप्लोमा किया था तथा एमबीए इन ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट में डिग्री भी प्राप्त  की है । उन्होंने अपने कैरियर में विभिन्न चुनौतियों का सामना करके व बेहतरीन प्रदर्शन देके अपनी क्षमताओं को लगातार साबित किया है। 


पदभार ग्रहण के अवसर पर श्री पी. के. मजुमदार ने श्री बी. वेंकटेश्वरलु को बधाई देते हुए कहा कि मुझे विश्वास है कि श्री बी. वेंकटेश्वरलू के नेतृत्व में एनएमडीसी, बचेली निश्चित रूप से तेजी से विकास करेगी।


श्री बी. वेंकटेश्वरलु ने पदभार ग्रहण करते हुए कहा कि श्री पी. के. मजुमदार के नेतृत्व में  हमने कंपनी को रणनीतिक विविधीकरण और लाभदायक वृद्धि जारी रखने के लिए तैयार किया है । हमें निरंतर विकास के लिए अवसर प्राप्त हो रहे हैं जिनका लाभ उठाकर कंपनी को प्रगति पथ पर ले जाने के लिए मैं प्रतिबद्ध हूँ। इस परियोजना का नेतृत्व करना मेरे लिए एक सम्मान की बात है तथा मैं अपनी रणनीतिक योजनाओं को जारी रखने और कंपनी के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए तत्पर एवं प्रतिबद्ध हूँ।

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दन्तेश्वरी फाइटर्स की महिला सदस्य पूरी मुस्तैदी के साथ डटी हैं नक्सल मोर्चे पर

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज पुलिस लाईन में आयोजित पुलिस जवानों के नववर्ष मिलन समारोह में बस्तर अंचल के अंदरूनी क्षेत्रों में डयूटी पर तैनात जवानों के जज्बे की सराहना की। अनेक चुनौतियों के बावजूद हमारे जवान अपने दायित्वों का बखूबी निवर्हन कर रहे हैं। आम जनता का उनपर विश्वास बढ़ा है। यह हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है। 


मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान दन्तेश्वरी फाइटर्स की सदस्य सुश्री सुनैना पटेल ने बताया कि वे विगत 3 वर्षों से इस नववर्ष मिलन समारोह में शामिल होने रायपुर आ रही हैं। दन्तेश्वरी फाइटर्स की सदस्य संख्या 30 से बढ़कर 60 हो गई है। वे पुरूष जवानों के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर नक्सल गश्त, नक्सल मोर्चे संभालने और कैम्प खोलने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी बखूबी निभा रही है। मुख्यमंत्री द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय लोग ज्यादातर महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और सड़क के लिए मिलने आते हैं। कामलूरू तथा अंदरूनी क्षेत्रों में राशन दुकान, एम्बुलेंस, स्वास्थ्य केंद्र और पुलिस सहायता केंद्र की स्थापना की गई है। मुख्यमंत्री श्री बघेल के आग्रह पर उन्हांेने हल्बी बोली में संवाद भी किया। जिस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें हल्बी बोली में ही खूबे-खूबे धन्यवाद कहा। 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के आग्रह पर एक जवान ने छत्तीसगढ़ के लोकप्र्रिय गीतकार श्री लक्ष्मण मस्तुरिया का गीत ‘‘मै छत्तीसगढ़िया हंव रे‘‘ गा कर सुनाया। एस.टी.एफ के जवान ने बताया कि उन्होंने 05 कैम्प के निर्माण में सुरक्षा कार्य का प्रतिनिधित्व किया है। सभी जगह स्थानीय लोगों से कैम्प के प्रति सकारात्मक रिस्पॉन्स मिल रहा है, लोग कैम्प बनाने पर जोर दे रहे हैं। इसका प्रमुख कारण है कि हम कैम्प से सड़क का निर्माण, स्कूलों का पुनःनिर्माण, अपने पास उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं के अलावा स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से इलाज मुहैया करा रहे हैं।

सुदूर दुर्गम क्षेत्र में कैम्प खुलने से नक्सली घटनाओं में आई कमी

कोंडागांव जिले से आए डी.आर.जी के ए.एस.आई ने बताया कि पहले वे नक्सली गतिविधियों में शामिल थे। छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के तहत वे डी.आर.जी में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री बघेल के द्वार पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि पहले जंगल में भटकना पड़ता था पर अब खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं। सुदूर दुर्गम क्षेत्र में कैम्प खुल जाने से नक्सली घटनाओं में कमी आई है। डी.आर.जी की महिला सदस्य सुश्री पूनम यादव ने बताया कि वे सुकमा जिले के पोटमपल्ली और पलाईगुड़ा कैम्प के निर्माण में सहयोगी रही। उन्होंने बताया कि कैम्प निर्माण के शुरूआती दौर में स्थानीय लोगों ने पहले विरोध किया। परन्तु अब वहां बैरक, शौचालय, फैन्सिंग, लाइट और सड़क निर्माण जैसे कार्य होने से लोगों का भय कम होने लगा है।

सड़क काटने कीे वारदातों में आई कमी

बीजापुर में पदस्थ डी.आर.जी के जवान श्री राम लाल नेताम ने बताया कि इटेपाल और पुसनार में कैम्प खोले गए हैं। अब नक्सलियों द्वारा सड़क काटे जाने के वारदातों में कमी आई है। सीआरपीएफ की सुश्री जॉनसी जाना ने बताया कि राज्य में सीआरपीएफ को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। जिसके निर्वहन के लिए उन्हें राज्य की पुलिस से भरपूर सहायता मिलती है। अब रोड कनेक्टिविटी और कैम्प में सुविधाएं बढ़ गई है। जिससे पुलिस पर स्थानीय लोगों का भरोसा बढ़ा है। बीएसएफ के जवान श्री प्रशांत चतुर्वेदी ने बताया कि वे विगत 02 वर्षाे से रावघाट परियोजना की सुरक्षा में तैनात है। स्थानीय लोगों का पहले की अपेक्षा सपोर्ट और विश्वास जवानों के प्रति बढ़ा है। नक्सली छवि के विपरीत अब राज्य के प्रति बाहरी लोगों का नजरिया भी सकारात्मक हुआ है। आईटीबीपी के जवान श्री राजेश लुथरा ने राज्य के पुलिस बल और पुलिस अधीक्षकों द्वारा मिलने वाले सहयोग की सराहना की। उन्होंने एडीजी श्री विवेकानन्द सिन्हा को धन्यवाद देते हुए कहा कि श्री सिन्हा हमारी सभी जरूरतों एवं शिकायतों के समाधान के लिए हमेशा उपस्थित होते है। और 48 घण्टों के भीतर ही उनका निराकरण भी करते हैं।

गांवों में लगा रहे हैं योग शिविर
  
सीमा सुरक्षा बल के जवान ने कहा कि उनकी टीम जनआकाक्षाओं के अनुरूप लोकतांत्रिक गरिमा को पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अंतागढ़ जैसे सुदूर क्षेत्र में रेल्वे प्रचालन कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। जिला पुलिस बल के प्रधान आरक्षक श्री नरसिंग रूपेन्द्र वर्मा ने बताया कि उनका कार्य कैम्प में लोगों का प्राथमिक उपचार करना है। वे गांव में शिविर लगाकर बच्चे, बूढ़े और महिलाओं को योग और अन्य खेलों के लिए प्रशिक्षित करते है। सरगुजा की अनुपमा कपूर ने बताया कि बलरामपुर में दूरस्थ भूताही और पुतांग के बीच सड़क निर्माण से गांव वाले बहुत प्रसन्न है। वहां पुलिस के जवान और ग्रामीणों ने घर-घर झण्डा अभियान में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और सबसे ऊंची चोटी गौरलाटा में भी झण्डा फहराया। वे लोगों को ‘‘हमर बेटी हमर मान‘‘ योजना के प्रति जागरूक भी कर रही है। एसडीआरएफ के जवान श्री जागेश्वर धीवर ने बताया कि राज्य में आपात स्थिति से निपटने के लिए 60 टीम तैनात है। आपके मार्गदर्शन में देश के सबसे लम्बे 100 घण्टे से अधिक समय तक चले राहुल रेस्क्यू में भी हमारी टीम ने पूरी तत्परता के साथ कार्य किया हमने बाढ़ और विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए 1200 आपदा मित्रों को भी प्रशिक्षित किया। मुख्यमंत्री ने उनके कार्यो की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। श्री दिनेश कुमार मंडावी और श्रीमती मालती वर्मा ने भी अपनी बात रखी।
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शोल्डर डिसलोकेशन का जिला अस्पताल में हुआ सफल ऑपरेशन

 दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दो  माह पुराना अस्थि भंग से संबंधित मामला जिला अस्पताल पहुंचा था जिसमें  मरीज पंडित देवेंद्र कुमार के दाहिने हाथ में शोल्डर डिसलोकेशन की समस्या थी। एक्स-रे में इसकी पुष्टि होने के पश्चात डॉक्टरों की टीम द्वारा इस जटिल समस्या से  मरीज को निजात दिलाने के लिए ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया। जिसमें आर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर अखिलेश यादव और एनेस्थीसिया डिपार्टमेंट के डॉक्टर  संजय  वालवेंद्रे एवं अन्य डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ द्वारा मरीज का ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया।  


जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ वाई के शर्मा ने बताया कि बहुत ही लंबे समय के पश्चात ऐसा केस जिला अस्पताल आया था। जिसके सफल ऑपरेशन का श्रेय जिला अस्पताल के डॉक्टरों की टीम एवं मेडिकल स्टाफ को जाता है। इस जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक डॉक्टर द्वारा संपादित करने पर जीवनदीप समिति के दिलीप ठाकुर ने भी पूरी टीम को बधाई दी और जिला चिकित्सालय  की सक्रिय भूमिका की प्रशंसा की

 

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को नव वर्ष की दी शुभकामनाएं

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को नववर्ष की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि नया वर्ष सभी लोगों के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लाए। नए वर्ष में सभी जीवन और कर्तव्य पथ पर सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ें।


मुख्यमंत्री श्री बघेल ने नववर्ष की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में कहा है कि नया वर्ष हमारे जीवन में नई उम्मीदें और सकारात्मक ऊर्जा साथ लेकर आता है। इसी ऊर्जा के साथ छत्तीसगढ़ सरकार ने बीते चार साल में गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ कई नई योजनाओं की शुरूआत की है। कई ऐसे नवाचार हुए है, जिनसे गांव से लेकर शहर तक हर हाथ को काम मिला है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सुराजी गांव योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना प्रारंभ की गई। गौठानों में  मल्टीएक्टिविटी सेंटर और रूरल इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री के लिए सी-मार्ट प्रारंभ किए गए हैं। राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत पौनी-पसारी व्यवस्था से जुड़े लोगों को आर्थिक सहायता मिली। इनका छत्तीसगढ़ में सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। देश में सबसे कम बेरोजगारी दर के मामले में छत्तीसगढ़ शीर्ष पर है।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा है कि राज्य सरकार ने महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज्य की परिकल्पना के साथ समावेशी विकास के लक्ष्य के साथ काम करना शुरू किया। जहां गांवों की आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में नवाचार किए गए, वहीं राज्य की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और वनांचल क्षेत्रों में उपलब्ध विपुल वनोपज को देखते हुए नई उद्योग नीति में कृषि और वनोपज आधारित उद्योगों को प्राथमिकता श्रेणी में रखा गया है। उद्योगों की स्थापना से रोजगार और स्व-रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की पुरातन संस्कृति और परम्पराओं के संवर्धन के साथ नई पीढ़ी को भी उससे जोड़ने में सफल रही। श्री बघेल ने कहा कि बीते कुछ समय में छत्तीसगढ़ ने देश-दुनिया के सामने सफलता की नए सोपान तय किए हैं। फिर से सभी जोश और उत्साह के साथ नए साल की सुनहरी सुबह के अभिनंदन के लिए तैयार हों। सकारात्मकता, एकजुटता और सहयोग से आगे बढ़े, नया छत्तीसगढ़ गढ़ें।
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चार साल में लोगों की आय में वृद्धि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और संस्कृति के संरक्षण के क्षेत्र में हुए कार्य: श्री भूपेश बघेल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल आज राजधानी रायपुर में एक निजी टीव्ही न्यूज चैनल  के कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की, उनसे छत्तीसगढ़ के अहम विषयों के बारे में चर्चा हुई। श्री बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का माताजी का देहावसान हुआ है। माता की मृत्यु बड़ी पीड़ा दायक स्थिति होती है। इस समय कोई अन्य व्यक्ति सभी कार्यक्रमों को स्थगित कर अंतिम संस्कार के पश्चात् होने वाले क्रियाओं में शामिल होता। मगर मोदी जी ने प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी को सर्वोच्च रखते हुए वापस अपने कार्य में लौट गए और पूर्व की तरह अपने शासकीय कर्तव्यों का निर्वहन किया, ऐसे विरले ही होते है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार के चार साल पूर्ण हो गए है। हमने इस अवधि में कई महत्वपूर्ण कार्य किए है। यदि हम प्रमुख उपलब्धियों की बात करें तो हमने सबसे पहले सभी वर्गों चाहे किसान, मजदूर या अन्य हो सभी की आय में बढ़ोत्तरी हो इसके लिए प्रयास किया हैं। हमारी योजनाओं से उनकी जेब में सीधा पैसा जा रहा है। हमारी दूसरी उपलब्धि के रूप में सबको अनाज मिले इसके लिए योजना बनाई। बीपीएल के साथ एपीएल श्रेणी के भी राशनकार्ड बनाये गए है। मुख्यमंत्री ने तीसरी उपलब्धि के बारे में बताते हुए कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार के मुख्यमंत्री विशेष मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना बनाई, जिससे 20 लाख रूपए तक के इलाज की सुविधा है। साथ ही हाट बाजार क्लिनिक योजना शुरू किए, इससे आम लोगों को हाट बाजार में दवाई और चिकित्सकीय सुविधाएं निःशुल्क मिल रही हैं। 

सरकार की चौथी उपलब्धि के रूप में मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में किए गए कार्यों को बताते हुए कहा कि हमारी सरकार द्वारा उच्च शिक्षा के साथ विशेष रूप से स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय शुरू किए जहां विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा मिल रही है। मुख्यमंत्री ने पांचवीं उपलब्धि के रूप में संस्कृति-परंपराओं के सशक्तिकरण के लिए गए कार्यों को बताते हुए कहा कि हमारी सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के प्रमुख तीज-त्यौहारों को अलग पहचान दी। वहीं आदिवासी क्षेत्रों में देवगुड़ी का पुनरूद्धार किया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम मिलेट मिशन पर कार्य रहे है। रागी का समर्थन मूल्य केंद्र शासन ने तय किया, पर कोदो-कुटकी का समर्थन मूल्य हमने तय किया। हमारे द्वारा 3000 रूपए प्रति क्विंटल तय किया। साथ भी खरीदी की भी व्यवस्था की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांकेर में मिलेट का देश में सबसे बड़ा प्लांट लगाया है, जहाँ 22 प्रकार के उत्पाद बना रहे है। साथ ही लघु वनोपज की खरीदी कर रहे है। उनका वेल्यूएडिशन भी कर रहे है। जशपुर में काजू का प्रसंकरण प्लांट लगाया गया, जिससे काजू की अच्छी कीमत मिल रहा है। महिलाओं को अच्छी आय भी हो रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज मुलाकात के दौरान इसकी सराहना की। मैंने उन्हें तिखुर के बारे जानकारी दी।
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मुख्यमंत्री ने मेहनतकश मजदूर भाई-बहनों के साथ की नये वर्ष की शुरूआत

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज सवेरे नववर्ष के प्रथम दिन राजधानी रायपुर के चावड़ी के मेहनतकश मजदूर भाई-बहनों के साथ हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी नववर्ष का अभिनंदन किया। इस मौके पर सबसे पहले मुख्यमंत्री ने गांधी मैदान में स्थित गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की शुरूआत राज्यगीत से हुई।  


मुख्यमंत्री श्री बघेल ने श्रमवीर भाई-बहनों को मिठाई खिलाकर और कंबल भेंट कर उनके साथ नए वर्ष की खुशियां बांटी। श्री बघेल ने इस अवसर पर श्रमवीरों सहित समस्त प्रदेश वासियों को को नए वर्ष की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा एक ऐसा माध्यम है जिससे हर किसी के जीवन में उजियारा आ सकता है और छत्तीसगढ़ में गरीब वर्ग के बच्चे भी अब आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में एडमिशन ले कर अपने सपनों को साकार करने की दिशा में बढ़ रहे हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने श्रमिकों के लिए कई योजनाएं संचालित की हैं जिसका लाभ सभी श्रमिक साथी उठाते हैं। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर श्रमिकों के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी प्रदान करते हुए श्रमवीरों को योजनाओं के अंतर्गत नई सौगातें देने की भी घोषणा की।  
मुख्यमंत्री ने श्रमवीरों को गरमा-गरम भोजन उपलब्ध कराने के लिए संचालित शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना केंद्र में पहुंचकर वहां श्रमिक भाई-बहनों के साथ चर्चा की और सुबह की चाय पी। इस मौके पर रायपुर नगर निगम के  महापौर श्री एजाज ढेबर, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री कुलदीप जुनेजा, नगर निगम के सभापति श्री प्रमोद दुबे  और छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री सुशील सन्नी अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर कहा कि जब से मैं मुख्यमंत्री बना हूं, चावड़ी में आकर मजदूर भाई-बहनों के साथ नए साल की शुरुआत करता हूं।  मुख्यमंत्री ने श्रम वीरों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आप सभी लोगों का सम्मान करके आज मुझे महसूस हो रहा है कि हम गांधी जी के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं।
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स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की समीक्षा बैठक में हुए शामिल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव आज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में देश के सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री और सचिव के साथ हुई ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मंडाविया ने बैठक में देश में कोविड-19 से निपटने की तैयारियों और जरुरी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी राज्यों में जीनोम सिक्वेंसिंग और परीक्षण बढ़ाने पर जोर देते हुए इसकी लगातार निगरानी के निर्देश दिए।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने राज्यों को अस्पतालों में कोरोना की रोकथाम और नियंत्रण से जुड़ी बुनियादी ढांचागत सुविधाओं का त्वरित परिचालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने मास्क पहनने सहित कोविड-उपुयक्त व्यवहार का व्यापकता से पालन करवाने की सलाह दी। उन्होंने ज्यादा जोखिम वाले बुजुर्गों और कमजोर समूहों के लिए कोरोना से बचाव के टीके के एहतियाती खुराक (Precaution Dose) अनिवार्यतः लगवाने पर भी जोर दिया।

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एथनिक रिसॉर्ट शुरू होने से मैनपाट में होम स्टे को मिलेगा बढ़ावा- पर्यटन मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू

करमा एथनिक रिसॉर्ट मैनपाट व जोहर मोटल का हुआ लोकार्पण

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन, लोक निर्माण, गृह, जेल एवं धर्मस्व मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू के मुख्य आतिथ्य एवं खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत की अध्यक्षता में शुक्रवार को मैनपाट के कमलेश्वरपुर में आयोजित समारोह में करमा एथनिक रिसॉर्ट व जोहर मोटल सोनतराई का लोकार्पण हुआ। समारोह का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन तथा राजगीत के साथ किया गया। स्वदेश दर्शन योजना अंतर्गत 21 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित करमा एथनिक रिसॉर्ट में पर्यटकों को ठहरने की सुविधा के साथ यहां की जनजातीय परंपरा, स्थानीय एवं तिब्बती संस्कृति को करीब से जानने समझने का मौका मिलेगा। इस अवसर पर अतिथियों ने एथनिक रिसॉर्ट का भ्रमण कर अवलोकन भी किया।


समारोह को संबोधित करते हुए पर्यटन मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि करमा एथनिक रिसॉर्ट के लोकार्पण से मैनपाट में पर्यटकों की सुविधाओं के विस्तार में एक और कड़ी जुड़ गई जो पर्यटन विकास में एक अच्छा आयाम साबित होगा। इस रिसॉर्ट के शुरू होने से पर्यटक यहां रुकेंगे जिससे मैनपाट में होम स्टे को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों को  रोजगार मिलेगा। यहाँ के हस्तशिल्प को मार्केट मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम इस रिसॉर्ट के माध्यम से पर्यटकों को प्रकृति को नजदीक से देखने का मौका देना चाहते हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल प्रदेश में पर्यटन सुविधा बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। अब तो प्रदेश में पर्यटन नीति भी बन चुकी है जिससे पर्यटन एक उद्योग के रूप में स्थापित हो सकती है। जो भी इस क्षेत्र में काम करना चाहेंगे उन्हें सुविधा दी जाएगी।


इस मौके पर खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत ने कहा की आज मैनपाट के विकास और सुविधा में एक और अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की सोच के अनुसार प्रदेश में पर्यटन को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैनपाट की खूबसूरती इतनी है कि मैनपाट का नाम सुनते ही लोगों के चेहरे खिल उठते हैं। यहाँ की खूबसूरती, हरियाली, संस्कृति एक धरोहर है जिसे बचा कर रखना है। उन्होंने कहा कि यहां की प्राकृतिक सुंदरता तथा पर्यटन स्थलों का विकास होगा तो पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। सभी पर्यटन पॉइंट तक पहुंच मार्ग दुरुस्त करना होगा।


संसदीय सचिव एवं रायपुर पश्चिम के विधायक श्री विकास उपाध्याय ने कहा कि  मैनपाट की अपनी प्राकृतिक छटा के कारण अलग पहचान है। छत्तीसगढ़ में कुदरत की अपार आशीर्वाद है। प्राकृतिक संसाधन भरपूर है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की सोच के अनुसार प्रदेश को सुंदर बनाने का काम जारी है। 


छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री अटल श्रीवास्तव ने कहा कि मैनपाट को छत्तीसगढ़ का शिमला कहा जाता है। मैनपाट प्रदेश के अन्य हिल स्टेशन से अलग है। यहां की जलजली और उल्टा पानी देश दुनिया मे अनूठा है। प्रदेश में पर्यटन सर्किट बनाया जाएगा रायपुर से उत्तर की ओर सतरेंगा, मैनपाट और जशपुर को जोड़ा जाएगा जो पर्यटको के लिए 3 रात व 4 दिन का पूरा पैकेज होगा।


इस अवसर पर सीजीएमएससी के अध्यक्ष व लुण्ड्रा विधायक डॉ प्रीतम राम, खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री गुरप्रीत सिंह बाबरा, श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री शफी अहमद,  बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वन समिति के उपाध्यक्ष श्री अजय अग्रवाल, तेल घानी बोर्ड के सदस्य श्री लक्ष्मी गुप्ता, पर्यटन मंडल की उपाध्यक्ष श्रीमती चित्ररेखा साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी को मिला सर्टिफिकेट ऑफ़ एप्रिसिएशन

निर्धारित लक्ष्यों से बेहतर परफार्मेंस किया ट्रांसमिशन कंपनी ने

द इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियर (इंडिया) ने किया सम्मानित

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। द इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियर (इंडिया) ने छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी को बेहतरीन उपलब्धियों (आउट स्टैंडिंग परफार्मेंस) के लिये सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिसिएशन प्रदान किया है। 

छत्तीसगढ़ राज्य ट्रांसमिशन कम्पनी  की इन विशेष उपलब्धियों के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और चेयरमेन श्री अंकित आनंद ने ट्रांसमिशन कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर  श्रीमति उज्ज्वला बघेल और पॉवर कंपनी के सभी इंजीनियरों एवं स्टाफ को बधाइयां प्रेषित की है।


भारत सरकार से साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन के रूप में मान्यता प्राप्त द इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियर (इंडिया) की स्थापना आजादी के पूर्व रॉयल चार्टर के तहत 1935 में की गई है .यह संस्था प्रतिवर्ष भारत में  इंजीनियरों को प्रोत्साहित करने के लिए बेहतर परफॉर्मेंस करने वाले उद्योगों को "इंडस्ट्री एक्सेलन्स अवार्ड " देती है। द इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियर (इंडिया) के तमिलनाडु चेप्टर ने चेन्नई मे 16 दिसम्बर को  37 वे इंडियन  इंजीनियरिंग अधिवेशन का आयोजन किया।  इस समारोह में तमिलनाडु राज्य सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री  श्री डॉ के. पोन्मुडी ने  इंडस्ट्री एक्सेलन्स अवार्ड 2022 समारोह में  छत्तीसगढ़  राज्य पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी को बेहतरीन उपलब्धियों (आउटस्टैंडिंग परर्फोमेंस) के लिए सर्टिफिकेट ऑफ़ एप्रिसिएशन प्रदान किया।  छ.ग. राज्य पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी की तरफ से यह पुरस्कार एडिशनल चीफ़ इंजीनियर दीपक दवे एवं विनोद अग्रवाल ने चेन्नई में ग्रहण किया।  


छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने पिछले चार वर्षों में लगातार ट्रांसमिशन सिस्टम के उपलब्धता फैक्टर और  ट्रांसमिशन लॉस के लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा  निर्धारित लक्ष्यों से भी बेहतर परफॉर्म किया है। 


आयोग द्वारा ट्रांसमिशन सिस्टम के उपलब्धता फैक्टर 99% रखने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके विरुद्ध  ट्रांसमिशन कंपनी ने पिछले चार वर्षों में  FY19 - 99.93 %,  FY20 - 99.77 %,  FY21 - 99.78 %,  FY22 - 99.79 %, तक की ट्रांसमिशन सिस्टम की उपलब्धता बनाये रखी। इस प्रकार लगातार लक्ष्य से बेहतरीन  प्रदर्शन किया है,  जिसके कारण राज्य में बिजली  की आपूर्ति में कम से कम व्यवधान हुआ।  राज्य ट्रांसमिशन सिस्टम में औसतन 4000 मेगावाट पॉवर का ट्रांसमिशन,   400/220/132  किलो वोल्ट की 13000 किलोमीटर से अधिक लंबी अतिउच्चदाब लाइनों और 300 से अधिक पॉवर ट्रांसफॉर्मर के माध्यम से होता है. अधिकांश लाइनें छत्तीसगढ़ के घने जंगलों से होकर गुजरती है, अतः विशेष कर हवा-बरसात के मौसम में लाइनों में आने वाले व्यवधानों को तुरंत दूर कर जल्द से जल्द लाइनों को चालू करना एक चुनौती पूर्ण कार्य होता है, इसके लिए राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में इंजीनियर्स और तकनीकी स्टाफ की कई टीमें  हमेशा तैयार रखी जाती है. अति उच्च दाब लाइनों और पावर ट्रांसफॉर्मर के रखरखाव और मरम्मत के कार्य योजना बद्ध तरीकों से किये जाते है. इन्ही सब विशेष प्रयासों से ही ऐसी उपलब्धियाँ हासिल हो पाती हैं। 


राज्य विधुत नियामक आयोग द्वारा ट्रांसमिशन सिस्टम में 3.22 % के ट्रांसमिशन लॉस का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके विरुद्ध  ट्रांसमिशन कंपनी ने ट्रांसमिशन लॉस को पिछले चार वर्षों में - FY19 -3.09 %, FY20 - 2.96 %, FY21 - 3.09%, FY22 -3.02%, तक नियंत्रित कर बेहतरीन प्रदर्शन किया है. ट्रांसमिशन लॉस को नियंत्रित करने के लिए कंपनी लाइनों एवं सब स्टेशन के निर्माण में उच्च गुणवत्ता के पॉवर ट्रांसफार्मर और एलुमिनियम वायर का उपयोग करता है. राज्य लोड डिस्पैच सेंटर  में 24 घंटे 365 दिन इंजीनियर्स की एक टीम प्रति पल बिजली की ग्रिड पर नजर रखती है और कही पर भी ओवरलोड होने पर या पावर का प्रवाह विपरीत दिशा में होने पर तुरंत सुधार हेतु आवश्यक कदम उठायें जाते है। और वही दूसरी ओर प्लानिंग डिपार्टमेंट  राज्य में होने वाले लोड ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए अगले पांच वर्षों की योजना बना कर नए उच्चदाब लाइनों और सब स्टेशन नियमों की रूपरेखा बना कर प्रोजेक्ट डिपार्टमेंट को देता है, जो निर्माण विभाग के साथ मिलकर तय समय सीमा लोड ग्रोथ की टाइमिंग को ध्यान में रखकर लाइनों और सबस्टेशनों का निर्माण तत्परता से करता है, जिससे ट्रांसमिशन लॉस को लक्ष्य से कम रखना सम्भव हुआ है।  


छत्तीसगढ़ राज्य पावर ट्रांसमिशन कम्पनी की लगातार उम्दा परफॉरमेंस के कारण जहां एक ओर ट्रांसमिशन लॉस कम होने से उपभोक्तओं के टेरिफ कम होते है, वही दूसरी ओर ट्रांसमिशन सिस्टम की बेहतर उपलब्धता से उपभोक्ताओं को अबाधित विद्युत सप्लाई मिलती है.

छत्तीसगढ़ राज्य ट्रांसमिशन कम्पनी  की इन विशेष उपलब्धियों के लिए ऊर्जावान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और चेयरमैन श्री अंकित आनंद ने ट्रांसमिशन कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर  श्रीमति उज्ज्वला बघेल और पॉवर कंपनी के सभी इंजीनियरों एवं स्टाफ को बधाइयां प्रेषित की है।

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मुख्यमंत्री ने सोनाखान में ओपन एयर म्यूजियम का किया शुभारंभ

कॉर्टेन स्टील से तैयार किया गया है म्यूजियम 

शहीद वीर नारायण सिंह की गौरव गाथा की होगी ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति 

बलौदाबाजार-भाटापारा टूरिज्म सर्किट का भी हुआ शुभारंभ  

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शहीद वीर नारायण सिंह की जन्म एवं कर्म स्थली को उनके गौरव के अनुरूप विकसित करने के लिए जिला प्रशासन बलौदाबाजार-भाटापारा द्वारा सोनाखान में भव्य ओपन एयर म्यूजियम का निर्माण किया गया है, जिसका शुभारंभ आज मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने किया। इसके अलावा उन्होंने बलौदाबाजार-भाटापारा टूरिज्म सर्किट का भी शुभारंभ किया। इस टूरिज्म सर्किट में बाबा गुरू घासीदास की जन्म एवं कर्म स्थली गिरौदपुरी, शहीद वीर नारायण सिंह की जन्म एवं कर्म स्थली सोनाखान, कबीर पंथियों के प्रसिद्ध धर्म स्थली दामाखेड़ा, तुरतुरिया, सिद्धखोल जलप्रपात, बलारडेम, सिद्धेश्वर मंदिर पलारी और नारायणपुर का शिव मंदिर शामिल है। इस टूरिज्म सर्किट में आने वाले पर्यटकों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। 

सोनाखान में बनाया गया यह म्यूजियम प्रदेश में अपनी तरह का पहला म्यूजियम होगा, जहां ऑडियो- विजुअल सेटअप और एक विशेष धातु कॉर्टेन स्टील के माध्यम से शहीद वीर नारायण सिंह की जीवनी को प्रदर्शित किया जा रहा है। कॉर्टेन स्टील के बनें लम्बे और सुंदर पैनल्स पर शहीद वीर नारायण सिंह की जीवनी उकेरी गई है। जिसकी भव्यता दिन के साथ ही रात में भी देखी जा सकती है। लाइट के अद्भुत सेटअप इसे खास और अलग बनाते हैं। सभी पैनल एक ऑडियो सेटअप लगा हुआ है, जिसके माध्यम से शहीद वीर नारायण सिंह की जन्म से लेकर क्रांति और बलिदान को सुना जा सकता है। यह ऑडियो हिंदी, अंग्रेज़ी और छत्तीसगढ़ी भाषा में उपलब्ध है। यहां आने वाले लोग अपनी पसंद मुताबिक ऑडियो की भाषा तय कर सकते हैं। 


देश में कॉर्टेन स्टील का उपयोग विभिन्न महान परियोजनाओं में कलाकृतियां बनाने के लिए किया जा चुका है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, बिहार म्यूज़ियम और कई देशों के प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट में इसका उपयोग किया गया है। यहां पार्किंग और केंटिन की भी व्यवस्था रहेगी। केंटिन की व्यवस्था स्व-सहायता समूह के द्वारा संचालित की जाएगी। इसके साथ ही यहां आने वाले लोगों को म्यूजियम में प्रवेश सशुल्क रहेगा। इस नवाचार से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को भी रोजगार उपलब्ध होगा।

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राजधानी रायपुर में जी-20 देशों की बैठकों के लिए तैयारियां शुरू

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न 

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सितम्बर 2023 में प्रस्तावित जी-20 देशों की चौथी स्थायी वित्त कार्य समूह बैठक की व्यवस्था के संबंध में प्रशासनिक तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है। आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन की अध्यक्षता में जी-20 की बैठकों की व्यवस्थाओं के समन्वय हेतु गठित राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न हुई। 


बैठक में जी-20 देशों की बैठकों की व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों से व्यापक चर्चा की गई। जी-20 बैठक की विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए राज्य स्तर पर अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसमें जी-20 की बैठकों की व्यवस्थाओं के लिए संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी. को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसी तरह प्रोटोकॉल व्यवस्था के लिए प्रभारी अधिकारी आयुक्त जनसम्पर्क श्री दीपांशु काबरा और प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल श्री अनिल कुमार साहू और  राज्य प्रोटोकॉल अधिकारी श्री अरविंद सिंह को नियुक्त किया गया है। 


सुरक्षा एवं यातायात और प्रोटोकॉल के प्रभारी अधिकारी आईजी रायपुर रेंज श्री अजय यादव और गृह विभाग के संयुक्त सचिव श्री अभिजीत सिंह को बनाया गया है। रायपुर सिटी स्प्रूसिंग व्यवस्था के प्रभारी अधिकारी संचालक नगरीय प्रशासन श्री अयाज फकीरभाई तम्बोली और नगर निगम आयुक्त श्री मयंक चतुर्वेदी को नियुक्त किया गया है। जी-20 की बैठक में शामिल होने वाले अतिथियों को भ्रमण और भारतीय अनुभव के लिए प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल श्री अनिल कुमार साहू को प्रभारी अधिकारी बनाया गया है। जी-20 की बैठकों के प्रचार एवं ब्रांडिंग के प्रभारी अधिकारी आयुक्त जनसम्पर्क श्री दीपांशु काबरा और संचालक जनसम्पर्क श्री सौमिल रंजन चौबे को बनाया गया है। अतिथियों को उपहार एवं स्मारिका इत्यादि की व्यवस्था के प्रभारी अधिकारी छत्तीसगढ़ आवासीय आयुक्त नई दिल्ली श्री अजीत बसंत और संचालक ग्रामोद्योग श्री अरूण प्रसाद को बनाया गया है। संचालक संस्कृति श्री विवेक आचार्य को जी-20 की बैठकों के दिवसों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रभारी बनाया गया है। 


मुख्य सचिव ने राज्य के नोडल अधिकारियों को जी-20 की बैठकों के लिए आयोजित भारत सरकार द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारियों से समन्वय करने के निर्देश दिए है। उन्होंने नोडल अधिकारियों को अभी से तमाम व्यवस्थाओं की तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था से जुडे़ विभिन्न अधिकारियों का प्रशिक्षण देने की तैयारी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। जिस मार्ग से जी-20 देशों के अतिथि प्रतिनिधि का आवागमन होगा, वहां पर अच्छे फूलदार पौधे लगाने और साज-सज्जा करने के निर्देश दिए है। इसी तरह से  संस्कृति और विविधता प्रदर्शित करने, सड़कों के किनारों का दीवारों पर कलात्मक पेंटिंग एवं सौन्दर्यीकरण कार्य हेतु आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को दिए। इसी तरह से जी-20 के लोगो विषय वस्तु का प्रचार-प्रसार करने की तैयारी करने तथा जी-20 थीम के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए जी-20 की बैठकों से पूर्व आईआईएम, एम्स एवं ट्रिपल आईआईटी जैसी संस्थाओं में चर्चा एवं सेमीनार आयोजित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने स्कूल और कॉलेजों में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा है। 


इसी तरह जी-20 थीम वाले शिल्प मेले, नृत्य और संगीत, पर्यटन स्थल के प्रमोशन वीडियो तैयार करने एवं जी-20 सचिव के साथ समन्वय के लिए आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए। बैठक में जी-20 की बैठकों के लिए अधोसंरचना संबंधी कार्य, साफ-सफाई, साज-सज्जा, ठहरने हेतु होटलों में आवश्यक सुविधाओं के लिए व्यवस्था, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, प्रचार-प्रसार, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था, उपहार व्यवस्था, टूरिज्म विजिट व्यवस्था, नागरिक भागीदारी (ग्रामीण हाट बाजार आदि), राज्य के शैक्षणिक संस्थाओं में सेमीनार (विश्वविद्यालयों, स्कूलों, कॉलेजों आदि में जी-20 संबंधी), ट्रांसलेटर (दूभाषिया) व्यवस्था के संबंध में समन्वय, पूर्व विदेश सेवा के अधिकारियों के अनुभव प्राप्त करने एवं उनकी सेवाएं लेने संबंधी विषय पर चर्चा की गई।


  बैठक में जी-20 देशों में निवासरत प्रवासी छत्तीसगढ़ी भारतीयों से समन्वय, जी-20 में भाग लेेने वाले देशों के दूतावासों से सम्पर्क स्थापित करना, राज्य के प्रतिष्ठित कलाकारों, खिलाड़ियों आदि से समन्वय, आगंतुक महिला डेलिगेट्स की विशेष सुविधा व्यवस्था की समीक्षा की गई। इसी तरह से विभिन्न आयोजनों के प्रस्तावों, लॉजिस्टिक आदि के संबंध में अन्य राज्यों से समन्वय स्थापित करने और राज्य के पांच प्रमुख दर्शनीय कार्य का प्रदर्शन, महिला सहभागिता जनित विकास कार्य, आयोजनों की सूची बनाना, दस्तावेजीकरण, रिकॉर्ड, अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं को समझने हेतु राज्य स्तरीय दल भेजने के संबंध में आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आयोजित इस बैठक में संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी., आईजी रायपुर रंेज श्री अजय यादव, संचालक जनसम्पर्क श्री सौमिल रंजन चौबे और संचालक संस्कृति एवं पुरातत्व श्री विवेक आचार्य सहित राज्य स्तरीय समन्वय समिति के अन्य सदस्य अधिकारी शामिल हुए।

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की घोषणा: सरसींवा बनेगा तहसील

सरसींवा और पवनी बनेंगे नगर पंचायत 

बिलाईगढ़ में खुलेगी नवीन जिला सहकारी बैंक की शाखा और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में होगा उन्नयन  

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल प्रदेशव्यापी भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के तहत आज नवगठित सारंगढ़-बिलाईगढ जिले के ़बिलाईगढ़ विधानसभा के अंतर्गत ग्राम पंचायत सरसींवा पहुंचे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने ग्रामीणों से सरकार के द्वारा चलाई जा रही जनहितैषी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जमीनी हकीकत की जानकारी भी ली एवं अधिकारियों को इसके निराकरण के लिए निर्देशित भी किया। मुख्यमंत्री ने यहां पर आम जनता की सुविधा के लिए सरसींवा को नवीन तहसील बनाए जाने एवं सरसींवा और पवनी को नगर पंचायत बनाने की घोषणा की। 


मुख्यमंत्री ने सरसींवा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन, बिलाईगढ़ में नवीन जिला सहकारी बैंक की शाखा, बिलाईगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की बिस्तर क्षमता 30 बिस्तर से बढ़ा कर 50 बिस्तर किए जाने सहित बिलाईगढ़ नगर पंचायत में बस्ती पहुंचने एवं बस्ती से बाजार पहुंचने हेतु पुलिया का निर्माण हेतु राशि की स्वीकृति किए जाने की घोषणा की। इस मौके पर स्कूली शिक्षा एवं जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, उच्च शिक्षा मंत्री श्री उमेश पटेल, संसदीय सचिव श्री चन्द्रदेव प्रसाद राय, अ.जा. विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं भारी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

ग्रामीणों से लिया फीडबैक

   भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में ग्राम धोबनी के किसान कोमल प्रसाद साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनका  एक लाख 10 हजार का ऋण माफ हो गया है। उन्हेें अब तक राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत तीन किस्त मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि वे जैविक पद्धति से बैगन की खेती करते हैं। पांच साल धान की खेती के बराबर लाभ एक साल के बैगन की खेती से होता है। पिछले साल बैगन की खेती से 5 लाख रुपए का फायदा हुआ है। जैविक खेती से जमीन की उर्वरता बढ़ी है। प्रमिला यादव ने बताया कि स्व सहायता समूह से जुड़कर उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है। वह  वर्मी कंपोस्ट, मछली पालन, मुर्गी पालन, बत्तख पालन, कड़कनाथ पालन जैसी आयमूलक गतिविधियां कर रही हैं। इससे अब तक उसे 45 हजार रुपए से अधिक की आमदनी हुई है। कैथा निवासी सुदर्शन दास की मांग पर कलेक्टर को मनरेगा और गौठान में काम दिलाने तथा राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत राशि देने एवं उनकी बीमारी का इलाज कराने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में चेतन बाई महिलांग ने कहा कि उनका एक लाख 56 हजार की ऋण की माफी हुई है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नरेश कुमार को सेलून खोलने के लिए 2 लाख रुपए की सहायता राशि देने की स्वीकृति दी। 

मुख्यमंत्री ने सुनाया अनुभव

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम की शुरूआत में भेंट मुलाकात का अनुभव बांटते हुए कहा कि भेंट मुलाकात के दौरान एक 40 वर्षीय महिला गेड़ी लेकर आई थी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की गेड़ी प्रतियोगिता में प्रथम आई थी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़िया ओलंपिक से अब महिलाएं भी अपने बचपन में खेले जाने वाले खेल फिर से खेल पा रही हैं। उन्होंने कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किया। इनमें बिलाईगढ़ और भटगांव के 8 दिव्यांगजनों को ट्रायसायकल और दो दिव्यांगजनों को वैशाखी के साथ ही  स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र भी वितरित किए। 

मुख्यमंत्री ने रामनामी परिवार के यहां किया भोजन

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ग्राम सरसीवां में श्री नेतराज कुर्रे के घर रामनामी समुदाय के लोगों के साथ छत्तीसगढ़ी पारंपरिक भोजन का स्वाद लिया। उन्हें भोजन में  चावल, खीर, रोटी, लाल भाजी, तिवरा भाजी, करेला भाजी, बैंगन, मटर,आलू, सेमी, फूलगोभी मिक्स, पालक, आलू की सब्जी दाल, सहित सील से पीसे टमाटर चटनी परोसा गया। मुख्यमंत्री ने श्री कुर्रे के परिवरवालों को स्वादिष्ट भोजन के लिए धन्यवाद दिया।
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छत्तीसगढ़ के ’’मोर मयारू गुरूजी’’ कार्यक्रम को मिला राष्ट्रीय सिल्वर स्कोच अवार्ड

मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया मंत्री एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने प्राप्त किया सम्मान

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के कुशल नेतृत्व में चार वर्षों से लगातार आगे बढ़ रहा है प्रदेश 

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ देश में अपनी अलग पहचान बना रहा है। श्री बघेल ने नेतृत्व में जनहित में लागू की गई योजनाओं के क्रियान्वयन एवं उनके मानिटरिंग को लेकर छत्तीसगढ़ में उत्कृष्ट रूप से कार्यों का संपादन हो रहा है और इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ को लगातार पुरस्कार मिल रहे हैं।

 इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ ने एक और राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किया है। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के ’’मोर मयारू गुरूजी’’ कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर सिल्वर स्कोच अवार्ड प्राप्त हुआ है।  इस सम्मान को इंडिया हैबिटेट सेन्टर नई दिल्ली में एक बड़े गरिमामय कार्यक्रम में आज स्कोच फाउण्डेशन द्वारा प्रदान किया गया । इस सम्मान को महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया  और आयोग की अध्यक्ष श्रीमती तेजकुंवर नेताम  ने प्राप्त किया । इस अवसर पर आयोग के सचिव श्री प्रतीक खरे एवं आयोग की सदस्य श्रीमती पूजा खनूजा उपस्थित थे । 


सम्मान प्राप्त करने उपरांत अपने उद्बोधन में श्रीमती अनिला भेड़िया ने कहा कि बच्चों की मानसिकता को देखकर-समझकर शिक्षकों को बच्चों से व्यवहार करने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम की शुरूआत की गयी है। इस सम्मान समारोह में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड और वन विभाग बालोद को भी अवार्ड प्राप्त होने पर उन्होंने बधाई दी ।

 

उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त होता है तो काम करने वालों का हौसला बढ़ जाता है । उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्कोच अवार्ड एक अत्यंत प्रतिष्ठित सम्मान है जो कि 07 चरणों की चरणबद्ध प्रक्रिया को पार करने के उपरांत ही प्राप्त होता है । यह अवार्ड महिला एवं बाल विकास की श्रेणी में बाल संरक्षण के क्षेत्र में ’’मोर मयारू गुरूजी’’ कार्यक्रम के नवाचार पर दिया गया है। 


’’मोर मयारू गुरूजी’’ कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षकों के बच्चों पर पड़ने वाले मनोवैज्ञानिक प्रभाव को रूचिकर तरीके से बताते हुए उन्हें जागरूक किया जाता है। बच्चों से व्यवहार करते समय या सम्पूर्ण शिक्षा के दौरान शिक्षक के चरित्र तथा व्यक्तित्व का बच्चों पर असर पड़ता है और यदि इसका सजगतापूर्वक ध्यान रखा गया तो बच्चों को नैतिकता और उत्तम चरित्र प्रदान कर बाल अधिकारों की रक्षा संभव है । 


आयोग द्वारा अब तक इस कार्यक्रम में विभिन्न जिलों एवं राज्य स्तर पर लगभग 2000 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है और भविष्य में इसे जिला स्तर तक विस्तार करने की भी योजना है ।

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गोधन न्याय योजना ग्रामीणों के छोटे-छोटे सपने पूरे करने में बन रही मददगार: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

दो वर्षो में हितग्राहियों को किया गया लगभग 380 करोड़ रूपए का भुगतान

खेतों से गौठानों तक पैरा लाने का प्रबंध करें, स्वावलंबी गौठानों की संख्या बढ़ाएं

मुख्यमंत्री ने आज हितग्राहियों के खातों में 5 करोड़ 99 लाख रूपए का किया ऑनलाईन अंतरण 

गोबर विक्रेताओं को अब तक 192.86 करोड़ रूपए का भुगतान 

गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को अब तक 169.41 करोड़ रूपए का भुगतान  

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि गोधन न्याय योजना पशुपालकों, ग्रामीणों, किसानों और मजदूरों की अतिरिक्त आय का जरिया बन गई है। गोधन न्याय योजना के प्रारंभ होने के बाद से अब तक दो वर्षो में योजना के हितग्राहियों, गौठान समितियों और महिला स्व सहायता समूहों को लगभग 380 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान किया गया है। यह राशि इन लोगों के लिए काफी बड़ी राशि है। ग्रामीण गोबर बेचने से मिलने वाली राशि से अपने छोटे-छोटे सपने पूरे कर रहे हैं। मुख्यमंत्री आज यहां अपने निवास कार्यालय में गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों के खाते में राशि के अंतरण के लिए आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। 

        मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में हितग्राहियों के खातों में 5 करोड़ 99 लाख रूपए का ऑनलाईन अंतरण किया। इस राशि में 1 दिसम्बर से 15 दिसम्बर तक के पखवाड़े में गौठानों में पशुपालक ग्रामीणों, किसानों, भूमिहीनों से क्रय किए गए 2.2 क्विंटल गोबर के एवज में उनके खाते में 4 करोड़ 41 लाख रूपए, गौठान समितियों को 94 लाख रुपए, महिला समूहों के खाते में लाभांश की राशि के रूप में 64 लाख रूपए की राशि अंतरित की गई। कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, संसदीय सचिव श्री शिशुपाल सोरी, विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा और डॉ. लक्ष्मी धु्रव भी कार्यक्रम में उपस्थित थीं।

          मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि भेंट-मुलाकात के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि गोबर बेचने से मिली राशि का उपयोग वे बच्चों की पढ़ाई, गहने, मोटरसायकल, स्कूटी खरीदने और खेती की जमीन को विकसित करने में कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों ने राज्य सरकार द्वारा पैरादान की अपील पर गौठानों में 5 लाख क्ंिवटल से अधिक पैरादान किया है। प्रदेश में धान की कटाई का काम लगभग समाप्त हो गया है। अभी भी बहुत से किसानों के खेतों में काफी मात्रा में पैरा इकठ्ठा कर रखा गया है। इस पैरे को  खेतों से गौठानों तक लाने का इंतजाम किया जाना चाहिए। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे स्वावलंबी गौठानों की समितियां अपनी स्वयं की राशि से गोबर खरीदी कर रही हैं। पिछले तीन पखवाड़ों से गोबर खरीदी के लिए दी जाने वाली राशि में से गौठान समितियों द्वारा राज्य शासन की तुलना में अधिक राशि दी जा रही है, 1 से 15 दिसम्बर तक पखवाड़े में गोबर खरीदी के लिए प्रदेश के स्वावलंबी गौठानों ने कृषि विभाग की तुलना में अधिक राशि का भुगतान किया है। गोबर विक्रेताओं को आज भुगतान की गई 4.41 करोड़ रुपए की राशि में से 2.75 करोड़ रुपए का भुगतान 4372 स्वावलंबी गौठानों ने अपने संसाधनों से और 1.66 करोड़ रूपए का भुगतान कृषि विभाग द्वारा किया गया है। यह एक बड़ा बदलाव है। उन्होंने स्वावलंबी गौठानों की संख्या बढ़ाने और इन गौठानों को प्रोत्साहित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो गौठान समितियां गौठानों में शेड निर्माण की अनुमति मांग रही हैं, उन्हंे अनुमति दी जानी चाहिए। स्वावलंबी गौठनों द्वारा अब तक 32.36 करोड़ रुपए के गोबर की खरीदी की गई है।

         कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारे गौठान गांवों में आजीविका मूलक गतिविधियों के केन्द्र बन गए हैं। गौठानों को रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। आने वाले समय में इनकी गतिविधियां और भी बढ़ेगी। हमारे गौठान आने वाले समय में गांवों के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि गोबर विक्रेताओं को अब तक गोबर खरीदी के एवज में 192.86 करोड़ रूपए और गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को 169.41 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। गोधन न्याय योजना में अब तक 96.43 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। योजना से 3 लाख 9 हजार 806 से ज्यादा पशुपालक लाभान्वित हो रहे हैं। 

          उन्होंने कहा कि प्रदेश में 11 हजार 288 गौठानों को स्वीकृति दी गई है, इनमें से 9,631 गौठान निर्मित हैं। इनमें 8,452 ग्रामीण, 234 शहरी और 1,201 आवर्ती चराई के निर्मित गौठान हैं। गौठानों में 20.27 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन किया गया जिसमें से 16.41लाख क्विंटल का विक्रय हो चुका है। गौठानों में 11 हजार 187 स्वसहायता समूहों में 83 हजार 509 महिलाएं सदस्य हैं, जिन्होंने अब तक 86.96 करोड़ की आय अर्जित की है। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह, पशुपालन विभाग की संचालक श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, उपसचिव कृषि सुश्री तुलिका प्रजापति उपस्थित थीं।

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साकार हो रहा है पुरखों, किसानों, नौजवानों का सपना: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में तेजी से साकार हो रहा है हमारे पुरखों, किसानों और नौजवानों का सपना। हमारे पुरखों ने विकसित, समृद्ध और खुशहाल छत्तीसगढ़ का सपना देखा था। आज यह सपना साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री आज यहां अपने निवास कार्यालय मेें छत्तीसगढ़ गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर आज पूरे राज्य में छत्तीसगढ़ गौरव दिवस मनाया जा रहा है। 

          मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ’मुख्यमंत्री वृक्ष सम्पदा’ की घोषणा करते हुए इस योजना के लिए 100 करोड़ रूपए, सभी शालाओं, छात्रावासों, आश्रमों, शासकीय भवनों के रख रखाव और उन्नयन के लिए एक हजार करोड़ रूपए और तकनीकी शिक्षा के स्तर में सुधार हेतु औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं के उन्नयन के लिए ’स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट आईटीआई योजना’ की घोषणा करते हुए इस योजना के लिए 1200 करोड़ रूपए देने की घोषणा की । 
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ गौरव दिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के साथ छत्तीसगढ़िया संस्कृति को आगे बढ़ाने का काम कर रही है। हमारे अन्नदाता खुशहाल हैं। स्वावलंबी बन रही महिलाओं के चेहरे पर आत्मविश्वास की चमक है। यह हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है। श्री बघेल ने कहा कि हमारे पुरखों ने विकसित, समृद्ध और खुशहाल छत्तीसगढ़ का सपना देखा था। आज यह सपना साकार हो रहा है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद उन्होंने सीधे मंत्रालय जाकर 19 लाख किसानों के लगभग 11 हजार करोड़ रूपए की ऋण माफी और 2500 रूपए में धान खरीदी का फैसला लिया। इस फैसले के साथ ही न्याय का जो सफर प्रारंभ हुआ था वह आज भी जारी है। 
            मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने स्वावलंबी गांवों का सपना देखा था उनकी परिकल्पना का अनुसरण करते हुए सुराजी गांव योजना प्रारंभ की। गांवों को उत्पादन का केन्द्र बनाने और शहरों को वाणिज्य और व्यापार का केन्द्र बनाने की शुरूआत हुई। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 9000 से अधिक गौठानों में हजारों महिलाएं गोबर खरीदी, वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने सहित अनेक आजीविका मूलक गतिविधियों में संलग्न है। इससे उनकी आय बढ़ी है और वे स्वावलंबी बनी है। गौठानों में तैयार की गई लगभग 20 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खेतों में पहुंची। राज्य सरकार के आव्हान पर हजारों हजार किसानों ने मवेशियों के लिए पैरादान किया। गौठानों के माध्यम से ग्लोबल वार्मिंग कम करने, कार्बन उत्सर्जन कम करने छत्तीसगढ़ का छोटा सा योगदान है। हमारे चार हजार से अधिक गौठान स्वावलंबी बन गए हैं। गौठान समितियों के पास 15 से 16 लाख रूपए तक की राशि जमा है। इस राशि से ये गौठान गोबर खरीद रहे हैं और गांवों के विकास के लिए काम कर रहे हैं। यह एक बड़ा सकारात्मक बदलाव है। सामान्यतः राज्य अथवा केन्द्र सरकार से मिली राशि से गांवों के विकास के कार्य किए जाते रहे हैं। अब हमारे गौठानों ने खुद की पूंजी से गांव के विकास में योगदान देना प्रारंभ किया है।
          मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान नवा रायपुर में 4.86 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले संत शिरोमणी गुरू घासीदास बाबा स्मारक एवं संग्रहालय का भूमिपूजन किया। इस कार्य के साथ उन्होंने 33.96 करोड़ रूपए की लागत के 14 कार्यो का भूमिपूजन-लोकार्पण किया। जिनमें अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए अनेक कन्या एवं बालक छात्रावास-आश्रमों के कार्य शामिल हैं। श्री बघेल ने इस अवसर पर राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित ’न्याय के चार साल’ और न्याय के रास्ते-सबके वास्ते’ पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर राज्य सरकार की चार वर्ष की उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। 
कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ.शिवकुमार डहरिया, मुख्यमंत्री के सलाहकार द्वय श्री विनोद वर्मा और श्री राजेश तिवारी, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री रामगोपाल अग्रवाल, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे। 

युवाओं को रोजगार से जोड़ने 300 रूरल इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना

        मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए 300 रूरल इंडस्ट्रियल पार्क प्रारंभ किए जा रहे हैं, जिनमें से शैड, बिजली, पानी की व्यवस्था की गई है। यहां युवा अपने छोटे-छोटे उद्योग लगा सकते हैं। इन्हें बैंक से लोन दिलाने और रॉ मटेरियल उपलब्ध कराने में भी राज्य सरकार सहयोग करेगी। गौठानों के उत्पादों के विक्रय के लिए सी-मार्ट प्रारंभ किए गए हैं। 
         मुख्यमंत्री ने प्रदेश की चार वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए राजीव गांधी किसान न्याय योजना, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, वन अधिकार पट्टों का वितरण, स्वामी आत्मानंद इंग्लिश माध्यम स्कूल, लघु वनोपजों के संग्रहण और वेल्यू ऐडिशन, घोटुल, देवगुड़ियों के विकास, राम वन गमन पर्यटन परिपथ का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हम अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का कार्य भी कर रहे हैं। उन्होंने इस संदर्भ में स्वामी विवेकानंद स्मारक की स्थापना और महान दार्शनिक नागार्जुन की तपोस्थली को विकसित करने के फैसले छत्तीसगढ़ी तीज त्यौहारों को बढ़ावा देने के प्रयासों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में विधानसभा में अनुसूचित जनजातियों को 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति को 13 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत और इडब्ल्यूएस को 4 प्रतिशत का आरक्षण देने का विधेयक सर्वानुमति से पारित किया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद यह कानून लागू होगा। 
        कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, आदिम जाति कल्याण विभाग के सचिव श्री डी.डी.सिंह, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ.कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन और श्री अंकित आनंद, जनसंपर्क सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, जनसंपर्क आयुक्त श्री दीपांशु काबरा और संचालक जनसंपर्क श्री सौमिल रंजन चौबे सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इस कार्यक्रम से विभिन्न जिलों से अनेक जनप्रतिनिधि ग्रामीण, किसान वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए।
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छत्तीसगढ़ गौरव दिवस: मुख्यमंत्री ने ‘छत्तीसगढ़ महतारी‘ की *प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया

प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की 

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ गौरव दिवस के अवसर पर आज सवेरे यहां कलेक्टोरेट चौक स्थित ‘छत्तीसगढ़ महतारी‘ की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित उन्हें नमन किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। 

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार के 4 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आज 17 दिसंबर को पूरे प्रदेश में छत्तीसगढ़ गौरव दिवस मनाया जा रहा है। नगर निगम रायपुर के महापौर श्री एजाज ढेबर, छत्तीसगढ़ राज्य गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री कुलदीप जुनेजा, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री राम गोपाल अग्रवाल, कलेक्टर रायपुर श्री सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, नगर निगम आयुक्त श्री मयंक चतुर्वेदी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 

सब्जियों के लंगर स्टॉल से सब्जियों का निःशुल्क वितरण

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर जरूरतमंद लोगों को सब्जियों के लंगर स्टॉल से सब्जियों का निःशुल्क वितरण किया। आज गौरव दिवस पर पंडित रविशंकर शुक्ला वार्ड के पार्षद एवं एमआईसी सदस्य आकाश तिवारी ने 5 टन सब्जियों का लंगर अंबेडकर चौक पर प्रारंभ किया, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री बघेल ने किया। मुख्यमंत्री ने आमजनों कोे सब्जियां जैसे फूलगोभी, पत्ता गोभी, भाटा, लौकी आदि सब्जियां वितरित की। इस अवसर पर श्री गिरीश दुबे सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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