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भूपेश ने की विस विशेष सत्र की मांग, रमन ने कहा- कोई मतलब नहीं...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश में आरक्षण के मुद्दे पर पक्ष-विपक्ष में धमासान मचा हुआ है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आदीवासियों के 32 प्रतिशत के आरक्षण को लेकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत से विशेष सत्र का आग्रह किया है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने सीएम भूपेश पर निशाना साधा है।


आदीवासी आरक्षण को लेकर बुलाए जाने वाला विशेष सत्र का मांग पर पूर्व सीएम डॉक्टर रमन सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। जहां उन्होंने सत्र को लेकर कहा कि विशेष सत्र बुलाए जाने का कोई मतलब नहीं है। विशेष सत्र में वहीं निर्णय होगा जो पहले हुआ है। बीजेपी लगातार कांग्रेस सरकार पर हमलावर है। इसके अलावा विभिन्न समुदाय भी आरक्षण की मांग को लेकर सड़कों पर उतर गए है और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

 

 

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कांग्रेस सरकार बनी तो हिमाचल में भी लागू होगी पुरानी पेंशन योजना : भूपेश बघेल

 रायपुर/शिमला (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के प्रचार में जुट गए हैं। बुधवार सुबह शिमला के बनूटी में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में हमने जो वादा किया था वो पूरा हो रहा है। पुरानी पेंशन योजना राजस्थान में लागू है, छत्तीसगढ़ में लागू है, झारखंड में लागू है और अब हमारा चौथा राज्य हिमाचल प्रदेश होगा जहां पुरानी पेंशन योजना लागू होगी।


इस दौरान उन्होंने हिमाचल की जयराम ठाकुर सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया। तो वहीं लोगों के सामने वादों की झड़ी लगा दी। सीएम भूपेश बघेल ने हिमाचल में कांग्रेस के चुनाव जीतने पर किसानों के ऋण माफ करने,गाय गोबर खरीदने और किसानों की आय दुगुनी करने जैसे दर्जन भर से अधिक वादे किए।


बता दें कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भूपेश बघेल को स्टार प्रचारक नियुक्त किया गया है। इसे पहले मंगलवार रात उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस महासचिव व हिमाचल कांग्रेस के प्रभारी राजीव शुक्ला, रणदीव सुरजेवाला, मनीष चतरथ, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत,  हिमाचल कांग्रेस की अध्यक्षा श्रीमती प्रतिभा वीरभद्र सिंह से भी मुलाकात की।

 

 

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50 घंटे में पूरी हो रही 28 घंटे की यात्रा, ट्रेन में यात्री बेहाल : जैन संवेदना ट्रस्ट

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय रेलवे की परिचालन व सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। कई ट्रेनें कैन्सिल हो रही है, कई ट्रेनों के रूट अचानक डायवर्ट कर दिये जाते हैं । 7 अक्टूबर की देर रात 1 बजे बीकानेर से रवाना हुई ट्रेन से रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव के लिए आने वाले यात्रियों की परेशानी भरी यात्रा लगभग 50 घंटे में पूरी होने की संभावना है। जबकि सही रूट से यात्रा 28 घंटे में पूरी होती है।


जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने बताया कि दीपावली के पश्चात अनेक जैन यात्री संघ राजस्थान में चारों दादागुरुदेव के धाम की यात्रा में जाते हैं जिन्हें लौटने में अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रा में अधिक समय लगने के कारण खर्च भी दोगुना हो रहा है, रास्ते में नास्ते-भोजन की व्यवस्था में बहुत दिक़्क़तों का सामना करना पड़ रहा है। अधिक परेशानी बच्चों को झेलनी पड़ रही है।

महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने बताया कि पिछले 45 दिनों से ट्रेनों में सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी नही लगने से ट्रेनों में गंदगी का आलम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के  स्वच्छ भारत अभियान की रेल्वे धज्जियाँ उड़ा रहा है। यात्री गंदगी, बदबूदार नारकीय यात्रा करने मजबूर हैं। किसी बोगी में पानी नही है तो किसी बोगी में टॉयलेट ने पानी बहकर बर्थ वाले एरिया में फैल गया है। अनेक बार चैन पुलिंग करने पर भी सुनवाई नही हो रही है।

वहीं बीकानेर से सीधे अपने गंतव्य तक पहुंचने की बजाय अब यात्रियों को बिलासपुर में उतरना पड़ेगा। फिर बस या टैक्सी से रायपुर, दुर्ग , राजनांदगांव आना होगा जो समय व धन का अपव्यय है। जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर सारी जानकारी देते हुए शीघ्र स्वच्छ व समयबद्ध रेल यात्रा पुनः स्थापित करने की मांग की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि रेल्वे स्टेशन में चाय बेचने वाले को रेल्वे की समस्याओं की जितनी जानकारी होती है उतनी रेलमंत्री को भी नही होती। जैन संवेदना ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री से आग्रह है कि वर्तमान रेल्वे की ओर झाँके और समस्याओं को शीघ्र दूर करें।

 

 

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अऩुकंपा नियुक्ति शिक्षा कर्मी कल्याण संघ मांगों को लेकर 22 वें दिन रहा धरने पर

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अऩुकंपा नियुक्ति शिक्षा कर्मी कल्याण संघ अपनी अऩुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर 22वें दिन भी धरने पर रहा।उसकी मांग है कि सरकार जल्द से जल्द से अनुकंपा नियुिक्ति का आदश जारी करे।  

संघ की सचिव अरुंधती शर्मा ने बताया कि वनांचल,संवेदनशील व नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सेवाएं देते हुए बड़ी संख्या में शिक्षकर्मी दिवंतग हो गए है।शिक्षक संवर्ग अनंकंपा नियम की शर्ते जटिल है,इसलिए संघ की मांग है कि नियमों को शिथिल कर परिजनों व आश्रितों को सरकार जल्द से जल्द अनुकंपा नियुक्ति दे। ताकि वह सहज जीविकोपार्जन कर सके। इसके लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन भी किया गया था लेकिन समिति की रिपोर्ट अब तक जारी नहीं की गई है। संघ की मांग है कि सरकार समिति की रिपोर्ट जल्द जारी  कर दिवंगत शिक्षा कर्मियों के परिजनों को जल्द से जल्द अऩुकंपा नियुक्ति दे। 

 

 

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शीतकालीन सत्र की चर्चा से भूपेश क्यों भागना चाहते हैं- चंदेल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि शीतकालीन  सत्र 10 दिनों का हो। जिसमें प्रदेश की जनता के हित में विस्तृत चर्चा हो सके। लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शीतसत्र की चर्चा से भागना क्यों चाहते हैं। चर्चा से मुंह क्यों मोड़ना चाहते हैं? नेता प्रतिपक्ष ने आग्रह किया कि दस दिन का शीतसत्र बुलाया जाए और विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा कराई जाए।

नेता प्रतिपक्ष चंदेल ने कहा कि जहां तक आदिवासी आरक्षण की बात है तो भारतीय जनता पार्टी का पहले भी और अब भी यह स्पष्ट मत है कि हमारे आदिवासी भाई बहनों को जो 32 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा था, वह बरकरार रहना चाहिए। आदिवासियों को उनका हक मिलना चाहिए। 

नेता प्रतिपक्ष  चंदेल ने कहा कि सरकार आदिवासी आरक्षण पर दो तरह की बातें कर रही है।  अफसरों का अध्ययन दल  किसने बनाया। सरकार आदिवासियों का 32 फीसदी आरक्षण का अध्यादेश क्यों नहीं लाती? सरकार तत्काल अध्यादेश लाये। अक्टूबर में फैसला आ गया था। इतने दिन क्या कर रहे थे? छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार हमारे आदिवासी भाइयों के हितों के साथ केवल खिलवाड़ कर रही है। सरकार हर रोज एक नई बात कर रही है। भारतीय जनता पार्टी का स्पष्ट मत है कि 32 प्रतिशत आदिवासी आरक्षण के लिए अध्यादेश लाया जाए और 10 दिन का शीत सत्र बुलाया जाए, जिसमें प्रदेश के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा कराई जा सके।

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ठगी के मामले में आयोग ने महिला को वापस दिलाए डेढ़ लाख

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने बुधवार को शास्त्री चौक स्थित राज्य महिला आयोग कार्यालय में महिलाओं से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए सुनवाई की। आज 27 प्रकरण रखे गए थे।



आज एक प्रकरण में आवेदिका ने अनावेदकगण के विरुद्ध नौकरी लगाने के नाम पर 5 लाख 50 हजार रुपये लेने और नौकरी नही लगाने की शिकायत आयोग में कई थी। आयोग अध्यक्ष डॉ. नायक ने दोनो पक्षो को विस्तार से सुना, जिसमें अनावेदकगण तत्काल आयोग के समक्ष आवेदिका के 1 लाख 50 हजार रुपये वापस किये हैं। शेष राशि आगामी सुनवाई में अनावेदकगण वापस करेंगे।

कोंडागांव जिले से प्राप्त सामाजिक बहिष्कार के एक प्रकरण में अनावेदकगणों ने आयोग के समक्ष कहा कि आवेदिकागण सहित और अन्य आवेदिकागण है। इन सभी को एक साथ कोंडागांव जिले में बुलाकर समाज मे सम्मिलित करने की कार्यवाही का प्रस्ताव रखा गया। आयोग की ओर से अनावेदकगणों को समझाइश दिया गया कि कोंडागांव जिले के मसोरा गांव में अनावेदकगण प्रदेश, सम्भाग, जिला और ग्राम स्तर इकाई के जिम्मेदार पदाधिकारियों और आयोग की ओर से इस प्रकरण की निराकरण हेतु आयोग की नवनियुक्त सदस्य श्रीमती बालो बघेल सहित आयोग की काउंसलर एवं जिला संरक्षण अधिकारी नवा बिहान महिला बाल विकास विभाग कोंडागांव की उपस्थिति में आवेदिकागणों को समाजिक बहिष्कार को समाप्त करने की घोषणा करने के निर्देश दिए गए हैं। जिसपर अनावेदकगणों ने 27 नवम्बर 2022 को ग्राम मसोरा में बैठक आहूत कर समाजिक बहिष्कार झेल रही आवेदिकागणों को समाज मे सम्मिलित करने की घोषणा करने की सहमति दिए हैं।

आवेदिका ने अनावेदक के विरुद्ध दैहिक शोषण का शिकायत प्रस्तुत की थी। आयोग में आवेदन आने के बाद इस प्रकरण में अनावेदक के विरुद्ध पुलिस थाना महासमुंद में 376 (2) के तहत एफआईआर दर्ज हो गया है। चालान भी पेश हो चुका है जिसका दस्तावेज अनावेदक ने प्रस्तुत किया। यह प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। इस प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया।

अन्य प्रकरण में आवेदिका ने अनावेदकगण के विरुद्ध धोखाधड़ी की शिकायत की है।जिसपर अनावेदकगण अनुपस्थित है। एक अनावेदक  आरक्षक और बाकी दो भाई है।इनके द्वारा आवेदिका को धमकी दिया जाता है।इसके साथ ही अन्य अनावेदक के बैंक खाते में पैसा डालने के लिए अनावेदक आरक्षक और दोनो भाई बात किये थे।आवेदिका के बेटे को पार्टनरशिप का धोखा देकर 1 लाख 75 हजार रुपये हड़प लिए है। यह प्रकरण गम्भीर होने के कारण अनावेदकगणों की उपस्थिति हेतु आयोग द्वारा आईजी सरगुजा को थाना प्रभारी के माध्यम से उपस्थिति कराने पत्र प्रेषित किया जाएगा। जिससे इस प्रकरण का निराकरण किया जा सकेगा।

एक अन्य प्रकरण में लगातार अनावेदकगण अनुपस्थित है।थाना प्रभारी के माध्यम से अनावेदक की उपस्थिति हेतु आयोग की ओर से पत्र प्रेषित किया गया है। फिर भी अनावेदक आयोग की सुनवाई में लगातार अनुपस्थित है। आयोग के पत्र पर अनावेदक को जानबूझकर उपस्थित नही कराने के लिए आयोग की ओर से थाना प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।

 

 

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नियम विरुद्ध अनुकंपा नियुक्ति, डीईओ निलंबित...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जांजगीर चांपा के जिला शिक्षा अधिकारी के एस तोमर को स्कूल शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी के ख़िलाफ़ पांच अपात्रों को नियम के विरुद्ध अनुकंपा नियुक्ति देने की शिकायत मिली थी। शिकायत के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

 

 

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अनियंत्रित होकर पलटा टेंपो, एक की मौत, 3 घायल

 लखनपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। लखनपुर थाना क्षेत्र के अंबिकापुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग स्थित ग्राम नवापारा मैं 8 नवंबर की रात लगभग 10  बजे टेंपो अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में टेंपो में सवार एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं 3 लोग घायल हो गए।


प्राप्त जानकारी के अनुसार तपेश्वरी पति देवी प्रसाद गोंड ग्राम अभयपुर  प्रेमनगर निवासी ईलाज उपरांत अपने पति देवी प्रसाद को अंबिकापुर जिला चिकित्सालय से छुट्टी कराकर अपने गृह ग्राम जा थे। जैसे ही नवापारा पहुंचे सड़क ड्लान होने से  तेज रफ्तार टेंपो चालक विनोद राम पिता नाथूराम हरिजन उम्र लगभग 25 वर्ष जिला जसपुर निवासी ने  वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। इलाज करा कर घर जा रहे देवी प्रसाद की सर में गंभीर चोट होने से मौके पर ही मौत हो गई। चालक सहित दो लोग घायल हो गए घटना की सूचना मिलते ही लखनपुर थाना प्रभारी अलरिक लकड़ा टीम के साथ मौके पर पहुंचे और डायल 112 वाहन एंबुलेंस 108 की मदद से घायलों को उपचार हेतु लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया। घायल तपेश्वरी  टेंपो चालक विनोद राम साथी मनीष पिता स्व सुखदेव शंकरगढ़ निवासी का डा पीएस केरकेट्टा के द्वारा प्राथमिक उपचार किया गया। घायल महिला तपेश्वरी चालक विनोद राम को सर हाथों पैरों व चेहरे में चोट होने पर बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

लखनपुर पुलिस के द्वारा मृतक के परिजनों को सूचना दी गई। लखनपुर पुलिस के द्वारा रात में ही देवी प्रसाद के शव को कब्जे में लेकर लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मर्चुरी में रखवाया  था। 9 नवंबर दिन बुधवार की सुबह लखनपुर पुलिस के द्वारा शव का पंचनामा कार्रवाई कर पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सुपुर्द किया गया। पुलिस द्वारा मामले में की जांच की जा रही है।

 

 

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मतदाता सूची में नाम जुड़वाने नए मतदाता 8 दिसम्बर तक कर सकते हैं आवेदन

प्रदेश के 68 प्रतिशत मतदाताओं के नाम उनके आधार नम्बर से जोड़े जा चुके

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ में बुधवार से सभी मतदान केन्द्रों में एकीकृत मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ ही इसके विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का काम शुरू हो गया है। भारत निर्वाचन आयोग के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत सभी जगह मतदाता सूची में नाम जोड़े जाने, विलोपित किए जाने या मतदाता सूची में दर्ज जानकारी संशोधित किए जाने के लिए 8 दिसम्बर 2022 तक आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। इन 30 दिनों में प्राप्त सभी आवेदनों का निराकरण कर 5 जनवरी 2023 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने 8 दिसम्बर के बाद भी इसके सतत अद्यतनीकरण (अपडेशन) के दौरान साल भर आवेदन कर सकते हैं।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची में संशोधन के लिए इस बार मात्र एक अहर्ता तिथि 1 जनवरी के स्थान पर चार अहर्ता तिथियों – 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई एवं 1 अक्टूबर के लिए भी अग्रिम आवेदन लिए जाएंगे। अगले वर्ष (2023 में) इन चारों अहर्ता तिथियों में 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवा मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने 9 नवम्बर 2022 से 8 दिसम्बर 2022 तक अग्रिम आवेदन जमा कर सकते हैं। जैसे ही उनकी आयु 18 वर्ष पूर्ण होगी, संबंधित तिमाही में उनका आवेदन प्रोसेस हो जाएगा और उनका नाम मतदाता सूची में जुड़ जाएगा। इस तरह अगले वर्ष के आम चुनाव में 1 अक्टूबर 2023 की तिथि में 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी नागरिक मतदान करने के लिए पात्र होंगे।

आयोग ने नाम जोड़ने की प्रक्रिया को पेपरलेस करने पर जोर देते हुए वोटर हेल्पलाइन एप (voter helpline app) एवं एनवीएसपी पोर्टल (NVSP Portal)  के माध्यम से नागरिकों को आवेदन जमा करने का आग्रह किया है। वोटर हेल्पलाइन एप बहुत ही यूजर-फ्रेंडली है एवं एंड्रायड तथा आई.ओ.एस. दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। बूथ लेवल अधिकारियों के भी पेपरलेस वर्क के लिए आयोग द्वारा गरूड़ एप (GARUDA app)  विकसित किया गया है।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विगत 1 अगस्त 2022 से मतदाता सूची में पहले से पंजीकृत व्यक्तियों के आधार नम्बर कलेक्शन का काम फॉर्म-6बी में किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के लगभग 68 प्रतिशत मतदाताओं के नाम उनके आधार कार्ड से लिंक किए जा चुके हैं।

आज से शुरू हुए मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण में छत्तीसगढ़ के 18-19 वर्ष के करीब साढ़े पांच लाख युवाओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सभी महाविद्यालयों और हायर सेकण्डरी स्कूलों में विशेष कैम्प आयोजित किए जाएंगे।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा वोटर आई.डी. कॉर्ड को नया और आकर्षक स्वरूप प्रदान किया गया है। वोटर आई.डी. कॉर्ड अब विभिन्न सिक्योरिटी फीचर्स जैसे क्यू.आर. कोड, गिलोचे पैटर्न, घोस्ट इमेज, माइक्रो टेक्स्ट एवं होलोग्राम के साथ प्रिंट किया जा रहा है। सभी नए मतदाताओं को स्पीड-पोस्ट के माध्यम से इसे उनके घर पर डिलीवर किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक एक लाख से अधिक मतदाताओं को नया इपिक कार्ड (EPIC Card) वितरित किए जा चुके हैं।

 

 

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आदिवासी समाज और जनता ने भाजपा के चक्का जाम की नौटंकी को नकार दिया : मरकाम

 कांग्रेस ने किया आदिवासी आरक्षण के लिये विधानसभा के विशेष सत्र का स्वागत

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आदिवासी समाज के आरक्षण के लिये विधानसभा का विशेष सत्र बुलाये जाने का कांग्रेस ने स्वागत किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि कांग्रेस सरकार के इस कदम से साफ हो गया कि कांग्रेस आदिवासी समाज को उनका आरक्षण देने के लिये प्रतिबद्ध है और भाजपा की पूर्ववर्ती सरकार की बदनीयती और लापरवाही के कारण हाईकोर्ट में आदिवासी समाज का आरक्षण कम हुआ है और आदिवासी समाज का 32 प्रतिशत आरक्षण बहाल करने कांग्रेस सरकार प्रयास कर रही है।  

मोहन मरकाम ने कहा कि आरक्षण की कटौती को लेकर भाजपा के द्वारा किये गये चक्का जाम की नौटंकी को जनता और आदिवासी समाज ने नकार दिया। प्रदेश में कही भी चक्का जाम सफल नहीं हुआ। लोग समझ चुके है कि रमन सरकार की लापरवाही ओर बदनीयती के कारण ही होईकोर्ट में आरक्षण कम हुआ है।

पीसीसी चीफ मरकाम ने कहा कि भाजपा की बदनीयती के कारण ही यह अप्रिय स्थिति निर्मित हुई है। आरक्षण को बढ़ाने का निर्णय हुआ उसी समय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार राज्य सरकार को अदालत के सामने आरक्षण को 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने की विशेष परिस्थितियों और कारण को बताना था। तत्कालीन रमन सरकार अपने इस दायित्व का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर पायी। 2012 में बिलासपुर उच्च न्यायालय में 58 प्रतिशत आरक्षण के खिलाफ याचिका दायर हुई तब भी रमन सरकार ने सही ढंग से उन विशेष कारणों को प्रस्तुत नहीं किया जिसके कारण राज्य में आरक्षण को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत किया गया। आरक्षण को बढ़ाने के लिये तत्कालीन सरकार ने तत्कालीन गृहमंत्री ननकी राम कंवर की अध्यक्षता में मंत्री मंडलीय समिति का भी गठन किया था। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में भी कमेटी बनाई गयी थी। रमन सरकार ने उसकी अनुशंसा को भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया जिसका परिणाम है कि अदालत ने 58 प्रतिशत आरक्षण के फैसले को रद्द कर दिया। रमन सरकार की बदनीयती से यह स्थिति बनी है।

 

 

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1 लाख 74 हजार से अधिक लोगों को मिला एमएमयू से नि:शुल्क ईलाज

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के माध्यम से जिले के शहरी क्षेत्रों में नि:शुल्क कैम्प लगाकर मोबाईल मेडिकल यूनिट के द्वारा स्वास्थ्य जांच किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में 9 नवम्बर तक कुल 2405 कैम्प लगाकर 1 लाख 74 हजार लोगों का नि:शुल्क ईलाज किया गया है। इनमें से कुल 1 लाख 22 हजार लोगों को नि:शुल्क दवा का वितरण, 34 हजार 658 लोगों का नि:शुल्क लैब टेस्ट किया गया तथा 10 हजार 898 लोगों का श्रम कार्ड कैम्प के माध्यम से बनाया गया है।

बुधवार को राजमोहिनी देवी शासकीय कन्या महाविद्यालय अम्बिकापुर की छात्रा रीना लहरे ने कॉलेज कैम्पस में लगाए गए शिविर में स्वास्थ्य जांच के लिए एमएमयू पहुंची। उनका स्वास्थ्य जांच कर दवा दिया गया। रीना ने कहा कि मेरा तबियत ठीक नहीं था। कॉलेज कैम्पस में लगाए गए शिविर में एमएमयू में डॉक्टरों के द्वारा स्वास्थ्य जांच कर दवा दिया गया। कैम्पस में ही नि:शुल्क ईलाज मिलने से किसी अन्य क्लिनिक जाने की जरूरत नहीं पडी। इस तरह के नि:शुल्क कैम्प लगाने के लिए मैं सरकार को धन्यवाद देती हूं।

नगर निगम के आयुक्त प्रतिष्ठा ममगई ने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत जिले में कुल 5 मोबाइल मेडिकल यूनिट के द्वारा प्रतिदिन नि:शुल्क स्वास्थ्य व चिकित्सा सेवा प्रदान की जा रही है। पांचों एमएमयू में प्रतिदिन औसतन 100 लोगों का स्वास्थ्य जांच सह उपचार किया जाता है। एमएमयू का संचालन चिन्हांकित स्लम एरिया में प्रतिदिन सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक किया जाता है। इसमें कुल 41 प्रकार के स्वास्थ्य जांच के लिए लैब की सुविधा उपलब्ध है, जहां पर नि:शुल्क लैब टेस्ट कर तत्काल रिपोर्ट प्रदान किया जाता है।

 

 

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जब कुछ किया नहीं तो रमन सिंह ईडी से जांच की मांग से डर क्यों रहे है? : सुशील

 रमन सिंह के पत्रकार वार्ता का कांग्रेस ने दिया जवाब

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के पत्रकार वार्ता का जवाब देते हुये प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा नान घोटाले और चिटफंड घोटाले की जांच के लिये ईडी को पत्र लिखने पर रमन सिंह इतने घबराये हुये क्यों हैं? रमन सिंह की तिलमिलाहट और बयानबाजी बता रही है कि रमन सिंह को नान घोटाले और चिटफंड घोटाले की ईडी से जांच की बात नागवार गुजर रही है। रमन सिंह को जांच की बात से किस बात का डर सता रहा है? नान गरीबों के राशन में 36,000 करोड़ का डाका डाला गया है, जब इतनी बड़ी रकम का लेनदेन हुआ है, नान डायरी में सीएम सर, सीएम मैडम, ऐश्वर्या रेसीडेंसी वाली मैडम जैसे दर्जनों नामों का उल्लेख है जिनका मोटी-मोटी रकम देने का भी उल्लेख है। ऐसे में इस अवैध लेनदेन की जांच यदि ईडी करती है तो इसमें रमन सिंह को क्या पीड़ा है?


सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि रमन सिंह बतायें कि उन्हें नान घोटाले और चिटफंड घोटाले की ईडी की जांच से आपत्ति क्यों है? ईडी पर तो रमन सिंह की भाजपा को अटूट भरोसा है फिर उससे जांच की मांग में उनको तकलीफ किस बात की हो रही है? राज्य सरकार एसआईटी बना कर जांच करवाती है तो उसमें भी रमन सिंह को आपत्ति होती है। उनके पूर्व नेता प्रतिपक्ष अदालत जाकर जांच रोकने के लिये पीआईएल लगाते है जब ईडी से जांच की बात होती है तो उनको तकलीफ हो रही है। जब कुछ किया नहीं तो डर क्यों रहे है?

कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष ने कहा कि रमन सिंह के शासनकाल के 15 साल में चिटफंड कंपनियों ने सरकार के संरक्षण में जनता को लूटने का बड़ा षड़यंत्र बनाया था। फर्जी चिटफंड कंपनियों के कार्यालयों का उद्घाटन स्वयं रमन सिंह, उनकी पत्नी और सांसद पुत्र ने किया था। रमन मंत्रिमंडल के आधा दर्जन से अधिक मंत्रियों ने चिटफंड कंपनियों के दफ्तरों का उद्घाटन किया था। सरकारी रोजगार मेले में चिटफंड कंपनियों के स्टॉल लगे थे जिनके माध्यम से एजेंटों की भर्तियां हुई थी। इन चिटफंड कंपनियों ने राज्य की जनता से 6,000 करोड़ से अधिक रू. की उगाही किया था। राज्य की पुलिस चिटफंड कंपनियों के विरूद्ध जांच कर रही कुछ कंपनियों की संपत्तियां कुर्क कर लोगों के पैसे भी वापस करवाया जा रहा। यदि 6,000 करोड़ रू. का अवैध लेनदेन हजारों लोगों के साथ हुआ है तो इस मामले की ईडी से जांच की मांग पर रमन सिंह क्यों घबरा रहे हैं?

उन्होंने कहा कि नान घोटाला और चिटफंड घोटाला रमन सिंह सरकार का वह घोटाला है जिसमें सीधे आम आदमी के साथ लूट की गयी है। इन दोनों ही घोटालों में तत्कालीन सरकार के प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता के प्रमाण भी सामने आये है और इसमें रुपयों का भी लेनदेन हुआ है। किसी भी प्रकार के नगदी अवैध लेनदेन की जांच प्रत्यावर्तन निदेशालय के द्वारा की जानी चाहिये। इन दोनों ही मामलों में पुलिस अपना काम कर रही है और आपराधिक मामलों की जांच भी हो रही। रमन सिंह तो स्वयं को ईडी का प्रवक्ता भी घोषित कर चुके है ऐसे में उन्हें स्वयं होकर ईडी से जांच की मांग का समर्थन करना चाहिये। रमन सिंह की घबराहट और बौखलाहट बताती है कि वे जांच की मांग से डर रहे है।

 

 

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राज्य में रबी फसलों की बुआई शुरू, धान की बुआई का लक्ष्य शून्य

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कृषि विभाग द्वारा इस साल रबी सीजन के लिए निर्धारित फसल बुआई के कार्यक्रम में ग्रीष्मकालीन धान के रकबे का लक्ष्य शून्य कर दिया गया है। राज्य शासन द्वारा रबी में ग्रीष्मकालीन धान की बोनी को हतोत्साहित करने तथा अन्य फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसा किया गया है, ताकि धान की खेती के बजाय रबी सीजन में किसानों का रूझान गेहूं, चना, मटर सहित अन्य फसलों की ओर बढ़े। बीते रबी सीजन में राज्य में 2 लाख 22 हजार 170 हेक्टेेयर में किसानों ने ग्रीष्मकालीन धान की खेती की थी।


इस साल रबी सीजन में राज्य में 19 लाख 25 हजार हेक्टेयर में रबी फसलों की बुआई का लक्ष्य निर्धारित है। वर्तमान में रबी फसलों की बुआई शुरू हो चुकी है। अब तक 89 हजार 340 हेक्टेयर में जौ-ज्वार, गन्ना और दलहनी, तिलहनी फसलों सहित साग-सब्जी की बुआई की जा चुकी है, जो कि निर्धारित लक्ष्य का 5 प्रतिशत है।

गौरतलब है कि राज्य में इस साल अच्छी बारिश होने की वजह से खरीफ फसलों, विशेषकर धान के खेतों में नमी बनी हुई है। अभी धान की कटाई और मिजाई जारी है। इसके चलते रबी फसलों की बोनी भी प्रभावित हुई है। गत वर्ष अक्टूबर माह के अंत 1 लाख 36 हजार 440 हेक्टेयर में रबी फसलों की बुआई हो चुकी थी।

कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार रबी वर्ष 2022-23 में गेहूं के रकबे में बीते वर्ष की तुलना में 70 हजार हेक्टेयर की बढ़ोत्तरी कर इसका रकबा इस साल 2 लाख 90 हजार हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। इसी तरह मक्का की खेती एक लाख 30 हजार हेक्टेयर, जौ-ज्वार एवं अन्य फसलों की खेती 16 हजार हेक्टेयर में लिये जाने का लक्ष्य है। इस साल रबी सीजन में दलहनी फसलों के रकबे 74 हजार 140 हेक्टेयर की वृद्धि प्रस्तावित कर इसका रकबा 8 लाख 65 हजार हेक्टेयर निर्धारित किया गया है। बीते वर्ष रबी सीजन में 7 लाख 90 हजार 860 हेक्टेयर में दलहनी फसलें ली गई थी।

इसी तरह इस साल रबी सीजन में तिलहनी फसलों के रकबे में एक लाख 33 हजार हेक्टेयर की वृद्धि कर इसका रकबा 3 लाख 77 हजार हेक्टेयर कर दिया गया है। बीते वर्ष 2 लाख 44 हजार हेक्टेयर में तिलहनी फसलों की बोनी हुई थी। गन्ने के रकबे को बीते रबी सीजन की तुलना में 8 हजार 90 हेक्टेयर की वृद्धि कर 50 हजार हेक्टेयर तथा साग-सब्जी एवं अन्य फसलों के रकबे में लगभग 21 हजार हेक्टेयर की वृद्धि प्रस्तावित कर एक लाख 97 हजार हेक्टेयर किया गया है।

रबी सीजन 2022-23 में गेहूं, मक्का सहित अन्य अनाज फसलें अब तक 1480 हेक्टेयर में बोई जा चुकी है। दलहनी फसलों के अंतर्गत चना, मटर, मूंग, उड़द, कुल्थी आदि की 58 हजार 160 हेक्टेयर में बोआई हो चुकी है, जिसमें सर्वाधित 43 हजार 850 हेक्टेयर बुआई का रकबा तिवड़ा है। दलहनी फसलों के अंतर्गत अलसी, सरसो, तिल, कुसुम, मूंगफली आदि की बुआई 13 हजार 910 हेक्टेयर में हो चुकी है। किसान रबी सीजन में गन्ना की बुआई भी तेजी से कर रहे है, अब तक 4 हजार 170 हेक्टेयर में गन्ना लगाया जा चुका है, जबकि साग-सब्जी एवं अन्य रबी फसलों की बुआई 11 हजार 620 हेक्टेयर में हो चुकी है।

 

 

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अनियंत्रित होकर पलटी बस, 2 की मौत, दर्जनो घायल

 रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले में  एक सवारी बस बेकाबू होकर पलट गई है, जिसमें 2 लोगों की मौके पर मौत हो गई है। मिली जानकारी के मुताबिक रायगढ़ के घरघोड़ा के पास समारूमा और अम्लीडीह के बीच वासुदेव बस अनियंत्रित होकर पलटी है. दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

बताया जा रहा हैकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हैं। घरघोड़ा पुलिस मौके पर मौजूद है। सभी घायलों को रायगढ़ मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। वहीं एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

 

 

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बिहान ने लाया सीमा के जीवन में नया सबेरा, स्वरोजगार से मिली पहचान व आर्थिक मजबूती

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। 10वीं तक पढ़ी सीमा सिंह कोर्राम का जीवन चूल्हा-चौका और घरेलू काम तक सीमित होने के कारण घर की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में योगदान नहीं दे पा रही थी। घर की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने के ठोस इरादे लिए सीमा ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान की महिला स्व सहायता समूह से जुड़ी व समूह से 50 हजार रुपए ऋण लेकर मनिहारी व किराना व्यवसाय शुरू किया। इस व्यवसाय ने सीमा की जिंदगी में नया सबेरा लेकर आया। अब सीमा एक गृहणी के साथ व्यवसायी भी है और घर की आर्थिक स्थित भी बेहतर हो गई है।

लखनपुर विकासखंड के ग्राम गोरता निवासी सीमा सिंह कोर्राम बताती हैं, कि उनके पति रामकुमार अस्थाई ड्राइवर है, जिनकी कमाई से परिवार का जीवन यापन ठीक से नहीं चल पा रहा था। पढ़ी-लिखी होने के बावजूद घर की माली हालत सुधारने में सहयोग नही कर पा रही थी और दयनीय हालत में जीवन बिताने विवश थी। एक दिन गांव में सीआरपी दीदियों ने बिहान समूह से जुडऩे व बचत के फायदे बताए। उसी दिन से 10 गांव की महिलाओं ने समूह से जुडऩे तैयार हुए 20-20 रुपया जमा करना शुरू किया। समूह का नाम ओम महिला समूह रखा। उन्होंने बताया कि मनिहारी व किराना व्यवसाय से 10 से 15 हजार रुपये मासिक आमदनी प्राप्त हो रही है।

छत्तसीगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं को एक स्व सहायता समूह के रूप में गठित कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ी जाने वाली महत्वाकां योजना है बिहान। बिहान की महिलाएं स्व सहायता समूह से जुड़कर सफलता के झंडे बुलंद कर रही हैं।

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पूंजीपतियों के लिए वरदान व भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अभिशाप सिद्ध हुई नोटबंदी

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि 8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में नोट बंदी का ऐलान किया था। उस घटना को 6 वर्ष पूरे हो चुके हैं मगर आज भी भारतीय अर्थव्यवस्था पर उसका का दुष्प्रभाव बना हुआ है। रात 8 बजे अचानक से मोदी 500 और 1000 के नोट को चलन से बाहर करने का तानाशाही भरा ऐलान कर दिया था जिसके बाद देश के आमजनों में हड़कंप मच गया और आम लोग अपनी जमा पूंजी बचाने के लिए संघर्ष करने लगे। बैंकों और एटीएम के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लग गयी और मोदी सरकार की क्रूर नीति ने 100 से अधिक निर्दोष लोगों की जान ले ली और कई लोगों ने आत्महत्या तक कर ली। जनता के गुस्से को कम करने और उनकी सहानुभूति पाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी बुजुर्ग माँ को भी बैंक की लाइन में खड़ा कर दिया। नोटबंदी के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से कहा था कि यदि मेरी कोई गलती निकल जाए तो देश की जनता जिस चौराहे पर जो सजा देना चाहे वह सजा भुगतने को तैयार हूं, मगर मोदी ने आज तक अपने क्रूरतम अपराध के लिए माफी तक नहीं मांगी।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मोदी सरकार की नोटबंदी के कारण अर्थव्यवस्था का हाल आज भी बुरा बना हुआ है, बेरोजगारी अपने चरम पर है, महंगाई के कारण आम लोग दिन-ब-दिन अपनी मूलभूत आवश्यकताओं से दूर होते जा रहे हैं। महंगाई और बेरोजगारी की दोहरी मार के कारण गरीबी लगातार बढ़ती जा रही है। यूपीए सरकार के समय 2004 से 2014 के बीच 27 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए थे। मोदी सरकार ने 2021 तक 23 करोड़ लोगों को फिर से गरीबी के अंधेरे में धकेल दिया। आज देश में 5.6 करोड़ भारतीय अत्यधिक गरीब की श्रेणी में आ चुके हैं।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि नोटबंदी से उपजने वाली त्रासदी को समझते हुए देश के कई अर्थशास्त्रीयों, आरबीआई के गवर्नर और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से स्पष्ट रूप से चेताया था की यह निर्णय अर्थव्यवस्था को पूरी तरह बर्बाद कर देगा मगर अपने पूंजीपति मित्रों के काले धन को सफेद करने पर आमादा मोदी सरकार ने सारी बातों को अनसुना कर दिया। नोटबंदी का लाभ केवल कुछ उद्योगपतियों को मिला मगर इसका नुकसान पूरे देश को झेलना पड़ा। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनामी के आंकड़ों के अनुसार 2016-17 की अंतिम तिमाही में ही लगभग 15 लाख लोगों की नौकरियां चली गई, लाखों संस्थान बंद हो गए जो लोगों को रोजगार देते थे। नरेंद्र मोदी ने दावा किया था कि काला धन समाप्त हो जाएगा  मगर 15.44 लाख करोड़ में से 99.3 प्रतिशत नोट वापस आ गए। नरेंद्र मोदी ने दावा किया था कि आतंकवाद समाप्त हो जाएगा मगर देश में पुलवामा जैसा बड़ा आतंकवादी हमला हुआ। केंद्रीय गृह मंत्रालय की 2017 की रिपोर्ट के अनुसार 2016 में जम्मू कश्मीर में कुल 322 आतंकवादी हमले हुए, 2017 में 350 से ज्यादा आतंकी हमले हुए। कुल मिलाकर नोटबंदी देश का सबसे बड़ा घोटाला साबित हुआ जिसके द्वारा कुछ उद्योगपतियों के काले धन को सफेद किया गया। नोटबंदी के कारण कई बेटियों की शादी नहीं हो पाई, कई बीमारों और बुजुर्गों का इलाज नहीं हो पाया, कई लोगों ने आत्महत्या कर ली और अर्थव्यवस्था आज भी जर्जर बनी हुई है। इस अपराध के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।

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छत्तीसगढ़ में साकार हो रही बापू के स्वावलंबी गांवों की परिकल्पना : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

गोधन न्याय योजना : मुख्यमंत्री ने जिले के गोबर विक्रेताओं के बैंक खातों में 28 लाख 84 हजार 903 का किया ऑनलाइन अंतरण

 कोरबा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को गोबर खरीदी की राशि, महिला स्वसहायता समूहों व गौठान समितियों को लाभांश राशि  का ऑनलाइन अंतरण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कोरबा जिले के गोबर विक्रेताओं के बैंक खातों में 28 लाख 84 हजार 903 रुपए का अंतरण किया। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वावलंबी गांवों की परिकल्पना साकार हो रही है। गोधन न्याय योजना के तहत गांवों में बनाए गए गौठान अब स्वावलंबी हो गए हैं। 15 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2022 तक गौठानों में क्रय किए गए गोबर के एवज में भुगतान की गई राशि में से लगभग 50 प्रतिशत राशि का भुगतान स्वावलंबी गौठानों द्वारा किया गया है। यह एक बड़ा बदलाव है। गौठान खुद से स्वावलंबी बन गए हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने खरीफ  की तरह रबी सीजन में भी वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग को बढ़ावा देने और गौठानों में गौ मूत्र की खरीदी को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि आने वाले समय में सभी गौठान स्वावलंबी बने। वहां की गतिविधियों का संचालन गौठान समितियां अपने संसाधनों से कर सकें। कार्यक्रम में गोबर विक्रेता पशुपालक ग्रामीणों, गौठानों से जुड़ी महिला समूहों व गौठान समितियों को राशि को ऑनलाइन किया गया। जिसके तहत कोरबा जिले के गौठानों में 15 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक  गोबर खरीदी के एवज में 28 लाख 84 हजार 903 रुपए भुगतान के लिए जारी की गई है। 

इस अवसर पर आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम से जिला कलेक्टोरेट स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष से कलेक्टर संजीव झा, जिला पंचायत सीईओ नूतन कंवर, उप संचालक कृषि अनिल शुक्ला व अन्य अधिकारी जुड़े। उप संचालक कृषि ने बताया की जिले में कोरबा विकासखंड के गौठानो के लिए 4 लाख 43 हजार 44 रुपए, करतला विकासखंड के गौठानों के लिए 3 लाख 21 हजार 17 रुपए, कटघोरा विकासखंड के लिए 2 लाख 89 हजार 136 रुपए, पाली विकासखंड के लिए 7 लाख 15 हजार 524 रुपए व पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के लिए 9 लाख 50 हजार 662 रुपए जारी किए गए हैं। 

इसी तरह शहरी क्षेत्र के गौठानों के लिए कटघोरा नगर अंतर्गत गौठानो के लिए 36 हजार 172 रुपए, छुरीकला नगर के लिए 13 हजार 280 रुपए, दीपका क्षेत्र के गौठानों के लिए  9 हजार 88 रुपए, पाली नगर के गौठानो के लिए 7 हजार 364 रुपए और कोरबा नगरीय क्षेत्र के गौठानो के लिए 99 हजार 116 रुपए जारी किए गए हैं। इस तरह ग्रामीण क्षेत्रों के गौठानो में 13596 क्विंटल से अधिक गोबर खरीदी पर 27 लाख 19 हजार 383 रुपए भुगतान किए गए हैं। वहीं शहरी क्षेत्र के गौठानो में 827.6 क्विंटल गोबर खरीदी के एवज में 1 लाख 65 हजार 520 रुपए का भुगतान किया जाएगा। इस तरह जिले के सभी गौठानो मे कुल 14424.52 क्विंटल गोबर खरीदी के एवज में कुल 28 लाख 84 हजार 903 रुपए का भुगतान किया जाएगा।

 
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गुरु नानक देव का प्रकाश पर्व धूमधाम से मनाया गया

 रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सिखों के प्रथम गुरु नानक देव का 553वां प्रकाश पर्व देशभर में बड़े ही श्रद्धाभाव व हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रहा है।इस अवसर पर गुरुद्वारों में वृहद स्तर पर आयोजन किया जा रहा है। नगरकीर्तन, गुरुबानी और गुरु का अटूट लंगर इस आयोजन के अहम हिस्से हैं।

वाहे गुरुजी दा खालसा वाहे गुरुजी दी फतेह.. सिखों के प्रथम आराध्य  गुरुनानक देव जी के प्रकाश पर्व को रायगढ़ के सिख समाज द्वारा बढ़ चढ़ कर धूमधाम से मनाया जाता रहा है। जिसमें न केवल सिख समुदाय बल्कि हर वर्ग के लोग शामिल होते हैं। प्रकाश पर्व से सप्ताह पूर्व से ही नगर में प्रभात फेरी निकाली गई जिसके बाद रविवार को भव्य नगर कीर्तन का आयोजन कर शोभायात्रा निकली। शहर के  मंगलम मैरिज गार्डन से भव्य शोभा यात्रा प्रारंभ हुई और नगर भ्रमण करती हुई पुनः मैरिज गार्डन में पहुंची ।जहां जगह जगह इस शोभा यात्रा का स्वागत किया गया। इस शोभायात्रा में बच्चों से लेकर महिलाओं, बुजुर्गों में भी खासा उत्साह देखा गया। जगह जगह पंज प्यारेयों ने अनोखे करतब भी दिखाए। संस्कारधानी नगरी रायगढ़ की यह खासियतें ही रही हैं कि यहां किसी भी धर्म सम्प्रदाय से जुड़े तीज़ त्योहारों पर सर्व वर्ग भी बड़े ही श्रद्धाभाव से शामिल होता है। यहां भी रायगढ़ विधायक प्रकाश नायक से लेकर सभी अन्य भी नानक जी के दरबार मे शामिल हुए और अरदास की। आज मंगलम में गुरुनानक जी का विशेष दिवान सजाया गया। जहां सबद कीर्तन के लिए खासतौर पर पटियाला से रागी जत्था मंगाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर दरबार में मत्था टेका और गुरु का अटूट लंगर भी छका।

 

 

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