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सरकार की वादाखिलाफी पर विशाल पदयात्रा व जनआंदोलन 17 को

 

रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सांसद गोमती साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की वादा खिलाफी पर विशाल पद यात्रा एवं जन आंदोलन का आयोजन 17 अक्टूबर को बंदरचुआं चौक में आमसभा से प्रारंभ कर 18 अक्टूबर को फरसाबहार खेल मैदान आमसभा किया जाएगा। इस विशाल पद यात्रा एवं जन आंदोलन का आयोजन में छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की वादा खिलाफी के मुख्य मुद्दे छत्तीसगढ़ राज्य में सड़कों की दुर्दशा, प्रधानमंत्री आवास छिनना, बढ़ते बिजली बिल से आम जनता त्रस्त, युवाओं को बेरोजगारी भत्ता, किसानों को 2 वर्ष का बोनस की वादा खिलाफी, आदिवासी भाइयों के आरक्षण में 12% कटौती, वृद्धा पेंशन की वादा खिलाफी होगा, शराबबंदी की वादा खिलाफी, स्व सहायता समूह तथा रेड टू ईट फूड में वादा खिलाफी एवं राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार, महिला उत्पीड़न, हत्या, लुटपाट जैसे मुद्दे जनता के समक्ष होंगे।

पदयात्रा में मुख्य रूप से पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णु देव साय, पूर्व सांसद राजा रणविजय सिंह जूदेव, पूर्व सांसद नंदकुमार साय, लोकसभा सांसद गोमती साय, पूर्व प्रदेश महामंत्री कृष्ण कुमार राय, प्रदेश भाजपा मंत्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, जिला प्रभारी रामकिशुन सिंह,जिला भाजपा अध्यक्ष रोहित साय सहित जिले के सभी वरिष्ठ भाजपा नेता, जिला भाजपा के पदाधिकारी, जिला पंचायत के सदस्य, जनपद के सदस्य, सभी मोर्चा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष, सभी मण्डल के अध्यक्ष, महामंत्री पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे।

 

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5 बाल श्रमिकों को किया गया रेस्क्यू

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर  कुन्दन कुमार के निर्देश पर संयुक्त टीम द्वार विभिन्न प्रतिष्ठानों की जांच कर नियोजित बाल श्रमिकों का रेस्क्यू किया जा रह है। इसी कड़ी में रविवार को श्रम, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा 5 बाल श्रमिकों का रेस्क्यू कर चाईल्ड लाइन के सुपुर्द किया गया।

श्रम पदाधिकारी नितेश विश्वकर्मा ने बताया कि अम्बिकापुर के अनुपम बोरा दुकान, बिलासपुर चौक स्थित सिंह होटल, सुविधा पोल्ट्री फार्म, शारदा आटा चक्की मायापुर तथा भारत माता चौक के समीप एकता होटल में एक-एक बाल श्रीमक को नियोजित किया गया था। संयुक्त टीम द्वारा पांचों बाल श्रमिकों को दुकान से रेस्क्यू कर अम्बिकापुर के चाइल्ड लाईन के सुपुर्द किया गया।

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न्याय योजना : 17 को मुख्यमंत्री करेंगे हितग्राहियों के खाते में 1866 करोड़ का भुगतान

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल 17 अक्टूबर को अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार की तीन महत्वाकांक्षी योजनाओं राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों, गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर विक्रेता ग्रामीणों और पशुपालकों तथा राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत हितग्राहियों के खाते में कुल 1866 करोड़ 39 लाख 32 हजार रूपए का ऑनलाईन अंतरण करेंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और बाजारों की रौनक बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री इसके साथ ही साथ प्रदेश में नवगठित 10 राजस्व अनुविभागों और 25 तहसीलों का उद्घाटन करेंगे तथा नामांतरण प्रक्रिया के सरलीकरण के लिए नामांतरण पोर्टल के नये वर्जन का शुभारंभ भी करेंगे।

 
 


मुख्यमंत्री बघेल ’राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ की वर्ष 2021-22 की तीसरी किस्त के रूप में प्रदेश के 23 लाख 99 हजार 615 किसानों को कुल 1745 करोड़ रूपए, ’राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 की राशि के रूप में 4 लाख 66 हजार 880 हितग्राहियों को 115 करोड़ 80 लाख 32 हजार रूपए और गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को 5 करोड़ 59 लाख रूपए की राशि का ऑनलाईन भुगतान करेंगे। इस तरह मुख्यमंत्री एक ही दिन में तीनों योजनाओं के हितग्राहियों के खाते में कुल 1866 करोड़ 39 लाख 32 हजार रूपए का ऑनलाईन अंतरण करेंगे।

राजीव गांधी किसान न्याय योजना
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना‘ के तहत वर्ष 2021-22 की तृतीय किस्त के रूप में 23 लाख 99 हजार 615 किसानों को 1745 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान किया जाएगा। इसमें से धान की फसल लेने वाले 23 लाख 02 हजार 737 किसानों को 1679 करोड़ 59 लाख रूपए, अन्य फसल लेने वाले 01 लाख 98 हजार 754 किसानों को 60 करोड़ 97 लाख रूपए, धान के बदले अन्य फसल लेने वाले 17 हजार 523 किसानों को 04 करोड़ 38 लाख रूपए तथा वृक्षारोपण करने वाले 222 किसानों को 06 लाख रूपए की आदान सहायता का भुगतान किया जाएगा।

‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना‘ के तहत खरीफ वर्ष 2019, खरीफ वर्ष 2020 और खरीफ वर्ष 2021 की दो किश्तों को मिलाकर किसानों को अब तक 14670 करोड़ 10 लाख रूपए की आदान सहायता दी जा चुकी है। 17 अक्टूबर को वितरित की जा रही योजना की तीसरी किश्त को मिलाकर यह राशि बढ़कर 16,415 करोड़ 10 लाख रूपए हो जाएगी। खरीफ वर्ष 2019 में धान उत्पादक 18 लाख 43 हजार 370 किसानों को 10 हजार रूपए प्रति एकड़ के मान से 5627.02 करोड़ रूपए, खरीफ वर्ष 2020 में धान उत्पादक 20 लाख 59 हजार 068 किसानों को 9 हजार रूपए प्रति एकड़ के मान से 5553.08 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया। खरीफ वर्ष 2021 में धान सहित योजना में शामिल समस्त फसलों का उत्पादन करने वाले 23 लाख 99 हजार 615 किसानों को दो किश्तों में 3490 करोड़ रूपए की आदान सहायता वितरित की जा चुकी है।

 
 



धान उत्पादक किसानों को आदान सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से वर्ष 2019 से राजीव गांधी किसान न्याय योजना लागू की गई। खरीफ वर्ष 2021 से कृषि एवं उद्यानिकी फसल उत्पादक किसानों को प्रति वर्ष 9 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि का प्रावधान रखा गया था। खरीफ वर्ष 2020-21 में यह प्रावधान किया गया कि किसान द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किए गए रकबे में यदि धान के बदले सुगंधित धान, फोर्टिफाइड, अन्य अनाज, दलहन तिलहन, उद्यानिकी फसल ली जाती है तो सालाना प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की आदान सहायता देने का प्रावधान किया गया है। इसी तरह वृक्षारोपण करने पर लगातार तीन वर्ष तक प्रति एकड़ 10 हजार रूपए आदान सहायता देने का प्रावधान किया गया है।

 
 



मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा किसानों के हित में लागू की गई इस योजना का प्रदेश की खेती-किसानी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। किसानों की संख्या और खेती के रकबे में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। इस योजना से खरीफ वर्ष 2019 में लाभान्वित किसानों की संख्या 18 लाख 43 हजार 370 से बढ़कर खरीफ वर्ष 2021 में 23 लाख 99 हजार 615 हो गई है। छत्तीसगढ़ किसानों को सबसे अधिक आदान सहायता प्रदान करने वाला देश का अव्वल राज्य है। छत्तीसगढ़ की राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को फसलों के आधार पर सालाना क्रमशः 9 हजार रूपए प्रति एकड़ तथा 10 हजार रूपए प्रति एकड़ आदान सहायता दी जा रही है।

राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना
मुख्यमंत्री बघेल ’राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ के तहत आज जिन हितग्राहियों को अनुदान सहायता राशि का भुगतान करेंगे, उनमें वर्ष 2022-23 की द्वितीय किस्त के रूप में 3 लाख 54 हजार 744 हितग्राहियों को 2 हजार रूपए के मान से कुल 70 करोड़ 94 लाख 88 हजार रूपए का भुगतान, योजना के 86 हजार 162 नए सामान्य हितग्राहियों को वर्ष 2022-23 की प्रथम एवं द्वितीय किस्त के रूप में दो-दो हजार रूपए के मान से 34 करोड़ 46 लाख 48 हजार रूपए की राशि तथा वित्तीय वर्ष 2022-23 में इस योजना के लाभार्थी के रूप में शामिल बैगा, गुनिया, पुजारी, हाट पहरिया, बाजा मोहरिया श्रेणी के 25 हजार 974 हितग्राहियों को वर्ष 2022-23 की प्रथम एवं द्वितीय किस्त के रूप में दो-दो हजार रूपए के मान से कुल 10 करोड़ 38 लाख 96 हजार रूपए की राशि का ऑनलाईन भुगतान करेंगे।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्र के भूमिहीन कृषि मजदूर के परिवारों को आर्थिक रूप से संबल प्रदान करने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2021-22 में ’राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ प्रारंभ की गई है। इस योजना के 3 लाख 55 हजार 402 हितग्राहियों को 03 फरवरी 2022 को योजना की प्रथम किस्त तथा 31 मार्च 2022 को द्वितीय किस्त मिलाकर कुल 140 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया था। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2022-23 की प्रथम किश्त के रूप में 3 लाख 54 हजार 766 हितग्राहियों को 21 मई 2022 को 70 करोड़ 95 लाख 32 हजार रूपए की राशि वितरित की गई थी। इस तरह इस योजना में अब तक हितग्राहियों को 210 करोड़ 95 लाख 32 हजार रूपए का भुगतान किया जा चुका है। 17 अक्टूबर को वितरित की जा रही राशि को मिलाकर इस योजना में हितग्राहियों को वितरित राशि बढ़कर 326 करोड़ 75 लाख 64 हजार रूपए हो जाएगी। इस योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में हितग्राहियों को सालाना 6 हजार रूपए की अनुदान सहायता देने का प्रावधान रखा गया था, जिसमें वित्तीय वर्ष 2022-23 में संशोधन कर हितग्राहियों को सालाना तीन किस्तों में 7 हजार रूपए की अनुदान सहायता देने का प्रावधान किया गया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में इस योजना के लाभार्थियों के रूप में पुजारी, बैगा, गुनिया, मांझी, हाट पहरिया, बाजा मोहरिया, पूर्व में छूटे हुए हितग्राहियों एवं नवीन आवेदकों को शामिल किया गया है।

गोधन न्याय योजना
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा गोधन न्याय योजना के तहत वितरित की जा रही    5 करोड़ 59 लाख रूपए की राशि में से गोबर विक्रेता पशुपालकों और ग्रामीणों को 4.22 करोड़ रूपए, महिला स्व-सहायता समूहों को लाभांश की राशि के रूप में 52 लाख रूपए तथा गौठान समितियों को 85 लाख रूपए का भुगतान किया जा रहा है। गोधन न्याय योजना के तहत 17 अक्टूबर को वितरित की जाने वाली राशि को मिलाकर गोबर खरीदी के एवज में गोबर बेचने वाले पशुपालकों एवं ग्रामीणों को भुगतान की जाने वाली राशि बढ़कर 174 करोड़ 56 लाख रूपए हो जाएगी। स्व-सहायता समूहों को लाभांश की राशि बढ़कर 64 करोड़ 78 लाख रूपए तथा गौठान समितियों को भुगतान होने वाली राशि बढ़कर 98 करोड़ 79 लाख रूपए हो जाएगी। योजना के तहत अब तक 87.28 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी की जा चुकी है। खरीदे गए गोबर से गौठानों में अब तक 18.61 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट, 5.36 लाख क्विंटल सुपर कम्पोस्ट तथा 18 हजार 924 क्विंटल सुपर कम्पोस्ट प्लस का उत्पादन किया जा चुका है। स्व-सहायता समूहों द्वारा गौठानों में संचालित विभिन्न आजीविकामूलक गतिविधियों से 84.55 करोड़ रूपए की आय प्राप्त की गई है। गोधन न्याय योजना से 2 लाख 93 हजार 496 पशुपालक लाभान्वित हो रहे हैं।

योजना से 01 लाख 61 हजार 518 भूमिहीन ग्रामीण तथा 46 प्रतिशत महिलाएं लाभान्वित हो रही है। राज्य में 10624 गौठान स्वीकृत किए गए है, जिनमें से 8408 गौठान निर्मित किए जा चुके हैं। प्रदेश में 3089 गौठान स्वावलंबी हो चुके हैं। स्वावलंबी गौठानों द्वारा 20 करोड़ 64 लाख रूपए की गोबर की खरीदी की गई है।

 

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मुख्यमंत्री बघेल 17 को करेंगे नामांतरण पोर्टल के नये वर्जन का शुभारंभ

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल 17 अक्टूबर को अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में प्रदेश में अविवादित नामांतरण एवं खाता विभाजन प्रकरणों के त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण हेतु नामांतरण प्रक्रिया को सरलीकृत करते हुए तैयार किए गए ऑनलाईन नामांतरण पोर्टल के नया वर्जन का शुभारंभ करेंगे।

पोर्टल के माध्यम से पंजीयन कार्यालय एवं नागरिकों से प्राप्त ऑनलाईन आवेदन नामांतरण पंजी में स्वतः दर्ज होगा। जिसके पश्चात क्रेता से राजस्व न्यायालय अथवा ग्राम पंचायतों में नामांतरण किए जाने के संबंध में विकल्प लिया जाएगा। विकल्प के पश्चात आम ईश्तहार एवं व्यक्तिशः सूचना की प्रति विभागीय वेबसाइट में उपलब्ध होगी।

नये वर्जन में पक्षकारों को प्रकरण दर्ज होने, प्रत्येक पेशी तारीख तथा आदेश पारित होने की तारीख एवं अभिलेख दुरूस्ती होने की सूचना एसएमएस के माध्यम से दी जाएगी। प्रकरण में आपत्ति प्राप्त नहीं होने पर आदेश पारित किया जाएगा।

आदेश पारित होने के 07 दिवस के भीतर हल्का पटवारी द्वारा अभिलेख दुरूस्ती कर डिजिटल हस्ताक्षर से सत्यापन किया जाएगा। इससे आम नागरिकों के समय की बचत होगी एवं न्यायलयीन प्रकरणों का शीघ्र निराकरण होगा।

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नवगठित 10 राजस्व अनुविभागों और 25 तहसीलों का उद्घाटन करेंगे सीएम बघेल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल 17 अक्टूबर को अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में प्रदेश में नवगठित 10 राजस्व अनुविभागों एवं 25 नवीन तहसीलों का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नये अनुविभाग तिल्दा नेवरा, बागबाहरा, मालखरौदा, धमधा, बलरामपुर, राजपुर, भरतपुर, खड़गवां, भोपालपट्नम और भैरमगढ़ का उद्घाटन करेंगे। इन अनुविभागों के उद्घाटन के बाद प्रदेश में 108 अनुविभाग होंगे।

मुख्यमंत्री बघेल कार्यक्रम में 25 नवीन तहसीलों मंदिरहसौद, धरसींवा, बेलरगांव, कोमाखान, सोनाखान, टुण्डरा, अमलीपदर, बेलतरा, जरहागांव, दीपका, मुकड़ेगा, कोटाडोल, पोड़ी (बचरा), औंधी, खड़गांव, साल्हेवारा, लालबहादुर नगर, मर्री बंगला (देवरी), देवकर, भिंभौरी, नानगुर, भानपुरी, तोंगपाल, मर्दापाल, धनोरा का उद्घाटन भी करेंगे। इन तहसीलों के उद्घाटन के बाद प्रदेश में तहसीलों की संख्या बढ़कर 227 हो जाएगी।

गौरतलब है कि नवीन अनुविभाग एवं तहसीलों की स्थापना से शासकीय योजनाओं के सुचारू रूप से क्रियान्वन एवं प्रशासकीय कामकाज में कसावट लाने में सुविधा होगी, शासन की योजनाएं एवं मूलभूत सुविधाएं आम जनता को आसानी से उपलब्ध होगी। विकास की रफ्तार बढ़ेगी।

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आदिवासी आरक्षण को लेकर भाजपा का पैदल मार्च घड़ियाली आंसू :मरकाम

 पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम ने भाजपा से पूछा 5 सवाल

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आदिवासी आरक्षण में कटौती पर भाजपा का पैदल मार्च घड़ियाली आंसू है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के षड़यंत्र व पूर्ववर्ती रमन सरकार के द्वारा जानबूझकर बरती गयी लापरवाही के कारण हाईकोर्ट ने आरक्षण की सीमा को घटाकर 58 से 50 फीसदी किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने भाजपा नेताओं से 5 सवाल पूछा कि-

जब आरक्षण की सीमा को 50 से बढ़ाकर 58 करने के खिलाफ अदालत में याचिका लगी तो रमन सरकार ने कोर्ट को आरक्षण बढ़ाने के तर्कसंगत कारणों को कोर्ट के समक्ष क्यों नहीं रखा?

 
 
 

- आरक्षण बढ़ाने के लिये तत्कालीन गृहमंत्री ननकी राम कंवर की अध्यक्षता में बनाई गयी कमेटी की सिफारिशों को अदालत के समक्ष क्यों नहीं रखा गया?

- तत्कालीन मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी की सिफारिशों को अदालत में क्यों छुपाया गया?

 
 
 

- रमन सरकार ने आरक्षण के संदर्भ में दो कमेटियां बनाई थी तो इन कमेटियों के बारे में आरक्षण संबंधी मुकदमे के लिए हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में रमन सरकार ने इसका जिक्र क्यों नहीं किया?

जब रमन सरकार आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत कर रही थी तो अनुसूचित जाति के आरक्षण में 4 प्रतिशत की कटौती करने के बजाय आरक्षण सीमा को 58 प्रतिशत से 62 क्यों नहीं किया? इससे लोग अदालत नहीं जाते, बढ़ाया गया आरक्षण यथावत् रहता। आज भी देश के अनेक राज्यों में 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण है, रमन सरकार ने जानबूझकर यह गलती किया ताकि बढ़ा आरक्षण अदालत में रद्द होगा।

भाजपा में साहस है तो इन 5 सवालों का जवाब दें।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि आदिवासी समाज को उनका हक दिलाने के लिये कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है। बिलासपुर हाईकोर्ट फैसले के खिलाफ कांग्रेस सरकार उच्चतम न्यायालय गयी है। इसके साथ अन्य संवैधानिक मार्गो को तलाशा जा रहा, आदिवासी समाज सहित सभी वर्गों को उनका पूरा हक मिले इसको सुनिश्चित किया जायेगा।

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मंत्री अकबर ने आगनबाड़ी, खाद्य गोदाम, स्कूल भवन व किसान भवन का किया लोकार्पण

 कवर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कैबिनेट मंत्री तथा कवर्धा विधायक मोहम्मद अकबर ने शनिवार को कबीरधाम प्रवास के दौरान ग्राम मुडियापारा में आगनबाड़ी, खाद्य गोदाम, ग्राम तरेगांव में स्कूल भवन और ग्राम कोमो (मुडघुसरी जंगल) में किसान भवन का विधिवत पूजा-अर्चना कर लोकार्पण किया। मंत्री अकबर ने कहा कि ग्राम मुडियापारा में आंगनबाड़ी भवन के निर्माण होने से बच्चों को सभी सुविधा मिलेगी। शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य देखभाल के लिए उचित वातावरण मिलेगा। बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास होगा। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के लिए शासन लगातार कार्य कर रही है। इसके लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभ पहुंचाया जा रहा है। वही कुपोषण मुक्ति के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। जिसका सकारात्मक परिणाम भी सामने आए है। स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में भी कार्य किए जा रहे हैं। अंग्रेजी में शिक्षा उपलब्ध कराने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल प्रारंभ किए गए हैं। जहां बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है। इस अवसर पर बोड़ला जनपद अध्यक्ष श्रीमती अमिता प्रभाती मरकाम, मंडी अध्यक्ष नीलकंठ साहू, उपाध्यक्ष चोवाराम साहू, जिला पंचायत सदस्य मुखीराम मरकाम, श्रीमती गंगोत्री योगी, पीताम्बर वर्मा, राजेश शुक्ला,  जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मंत्री अकबर ने कहा कि हमने सरकार बनाने से पहले जनता से जो वायदा किए थे। उन सभी वादों को प्राथमिकता में रखते हुए पूरा कर रहे है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के अल्पकालीन ऋण माफ किया गया। जिले के 75 हजार 450 किसानों का 455 करोड़ 65 लाख रूपए ऋण माफी स्वीकृत किया गया है। प्रदेश के 65 लाख परिवारों के लिए राशन कार्ड बना कर दिया। आने वाले इस तीन वर्षों में समय के साथ परिवार का विभाजन हो रहा है, अब फिर से उन परिवारों द्वारा नया राशन कार्ड अथवा वर्तमान राशन कार्ड का विभाजन करने की समस्या संज्ञान में लाई गई। राज्य सरकार ने ऐसे सभी परिवारों को अब राशन कार्ड बना कर दे रहे है। प्रदेश के भूमिहीन श्रमिकों के आर्थिक विकास के लिए राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना बनाई गई है।

राज्य सरकार द्वारा वनोपज संग्रहण से जुड़े प्रदेश के लाखों परिवारों के विकास के लिए 7 प्रकार के वनोपज बढ़ाकर 65 प्रकार की वनोपज की खरीदी की जा रही है। तेंदूपत्ता प्रतिमानक बोरा 2500 से बढ़ाकर 4000 रूपए किया गया है। मंत्री अकबर ने ग्रामीणों को बताया कि प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए मुख्यमंत्री शहरी स्लम योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान चलाकर सुपोषण से मुक्ति के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे है। प्रदेश के युवाओ के लिए गांव-गांव में राजीव युवा मितान क्लब बनाकर युवाओं को शासन और प्रशासन से जोड़ा जा रहा है। धनवंतरी मेडिकल खोलकर सस्ती दवाई उपलब्ध कराई जा रही है। हॉट बाजारों के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए मुख्यमंत्री हॉट बाजर क्लीनिक योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा है कि शासन के विभिन्न योजनाओं के अलावा भी क्षेत्र भ्रमण के दौरान लोगों की मांगों और समस्याओं से रूबरू होकर उनके समस्याओं का समाधान करने का प्रयास भी कर रहे है।

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ये गूंगी-बहरी सरकार आदिवासी समाज की पीड़ा नहीं सुन रही : बृजमोहन

 भाजपा ने एकात्म परिसर से राजभवन तक पैदल मार्च करते हुए राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार के आदिवासी विरोधी नीति के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को पैदल मार्च किया। वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, धरमलाल कौशिक, अजय चंद्राकर, रंजना साहू, श्रीचंद सुंदरानी समेत कई दिग्गज नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। अजजा समाज 32% आरक्षण से वंचित होने, बस्तर सरगुजा और बिलासपुर संभाग के पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों में स्थानीय भर्ती समाप्त कर देने के विरोध में  भाजपा ने एकात्म परिसर से राजभवन तक पैदल मार्च किया। राजभवन पहुंचकर राज्यपाल अनुसुईया उइके को ज्ञापन सौंपा।



बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि भूपेश सरकार की लापरवाही से आदिवासियों के आरक्षण में कटौती के विरोध में भाजपा लगातार पूरी ताकत से विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन और चक्का जाम के बाद भी ये गूंगी-बहरी सरकार आदिवासी समाज की पीड़ा नहीं सुन रही है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह भाजपा के शासनकाल में आदिवासियों किसी भी प्रकार की तकलीफ नहीं होने दी, हमेशा वनवासी भाइयों के हित में नीतियां बनाकर काम किया। आज प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने हर मोर्चे पर आदिवासी समाज के लिए संकट की घड़ी पैदा कर दी है। जब तक ये सरकार नहीं जागेगी, भाजपा इनकी आवाज बनकर इनका हक मिलने तक संघर्ष करती रहेगी।

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कांग्रेस की बदनीयती और लापरवाही से जनजाति समाज का आरक्षण छीना :भाजपा

 जनजाति समाज के हक की लड़ाई के लिए हर लड़ाई लड़ेंगे: अरूण साव

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सांसद अरुण साव ने भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के जनजाति समाज के साथ एक बड़ा धोखा किया है  जनजाति आरक्षण कटौती के लिए कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराते उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार ने एकमुश्त 12 फीसदी आदिवासी आरक्षण बढ़ाया और सत्ता में रहते इस व्यवस्था का रक्षण करते हुए आदिवासी समाज का हित संरक्षण किया। कांग्रेस की सरकार ने सुनियोजित षड्यंत्र के तहत आदिवासी हितों पर कुठाराघात किया है। जिसके लिए जनजाति समाज उसे कभी माफ नहीं करेगा।

लापरवाही 2019 से शुरु हुई सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में हाई कोर्ट को निर्देश दिया था कि तीन माह में अंतिम सुनवाई हो लेकिन कांग्रेस सरकार साढ़े तीन साल तक सुनवाई से भागती  रही तारीख पर तारीख लेती रही जब कोर्ट ने तारीख बढ़ाने से मना कर दिया तो अंतिम सुनवाई में नए दस्तावेज पेश करने की अनुमति मांगी सरकार इस मामले में गंभीर नहीं थी और जानबूझकर आदिवासियों के आरक्षण के खिलाफ फैसला दिलवाया गया।

 
 
 

इसी प्रकार वर्ष 2012 में माननीय राज्यपाल के आदेश से प्रदेश के पांचवे अनुसूची क्षेत्र के जिलो में तृतीय एवम चतुर्थ वर्ग  के कर्मचारियों की भर्ती में स्थानीय जनसंख्या के अनुसार आरक्षण की व्यवस्था की गई थी यह व्यवस्था भी 29 सितंबर 2022 को  कांग्रेस के कार्यकाल में माननीय उच्च न्यायालय ने खारिश कर दी इस निर्णय का भी मुख्य कारण प्रदेश सरकार की घोर लापरवाही रही।

 
 
 

इसी बीच राज्य सरकार ने सहायक शिक्षकों की 14500 पदों की भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया इसी लापरवाही के कारण 28 जनहित याचिका माननीय उच्च यायालय में दायर हुई और इससे प्रदेश के  लाखों जनजातीय युवाओं को नुकसान उठाना पड़ेगा।

 
 
 

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री साव ने कहा कि राज्य में आखिर क्यों आरक्षण को लेकर आदिवासी युवाओं को सड़क पर उतरना पड़ रहा है? कांग्रेस सरकार ने वनवासी समाज के साथ विश्वासघात किया है और अपने पाप पर परदा डालने के लिए झूठ फरेब की राजनीति कर रही है। आदिवासी समाज इनकी चाल और इनके दोहरे चरित्र को समझ चुका है।

भाजपा सरकार ने 1994 के आरक्षण अधिनियम को संशोधित करते हुए 18 जनवरी 2012 को अनुसूचित जनजाति के आरक्षण को 20% से बढ़ाकर 32% किया गया था, इसके साथ ही पांचवी अनुसूचित जनजाति क्षेत्र के तृतीय और चतुर्थ वर्ग की शासकीय नौकरियों में क्षेत्रीय युवाओं को प्राथमिकता प्रदान करने के लिए भी पहल की, जिसे माननीय राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त हुई लेकिन आदिवासियों के इस विकास के विरोध में पूर्व सांसद पीआर खूंटे और कांग्रेस की तत्कालीन विधायक पदमा मनहर ने माननीय उच्च न्यायालय में इस विधेयक के विरुद्ध याचिका दायर की। जिस पर आदिवासियों के विकास और अधिकारों के लिए भाजपा ने लड़ाई लड़ी। एक ओर भारतीय जनता पार्टी शासित छत्तीसगढ़ सरकार माननीय उच्च न्यायालय में जनजाति समाज की ओर से मजबूती से अपना पक्ष रखकर 6 वर्षों तक लड़ती रही, 2018 तक यह कानून चलता रहा और हर वर्ष आरक्षण के लाभ के साथ ही पांचवी अनुसूचित क्षेत्र में तृतीय और चतुर्थ वर्ग की शासकीय नौकरियों में आदिवासियों को प्राथमिकता भी मिलती रही, परन्तु भूपेश बघेल की सरकार ने 29 सितंबर को एक आदेश निकालकर बस्तर, सरगुजा और बिलासपुर संभाग के अनुसूचित जिलों से स्थानीय भर्ती का नियम खत्म कर दिया।

 
 
 

इस फैसले के विरोध में माननीय उच्च न्यायालय में जनहित याचिकाएं दायर की गई,  इन याचिकाओं पर कांग्रेस ने अपना पक्ष मजबूती से नहीं रखा।बल्कि साधारण वकीलों और खोखली दलीलों के साथ इस मामले को उच्च न्यायालय में लड़ा गया।

कांग्रेस सरकार चहेते अफसरों के लिए सुप्रीम कोर्ट के बड़े वकीलों को खड़ा करती है लेकिन जनजाति समाज के लिए नहीं। जिसके कारण माननीय उच्च न्यायालय में याचिका कर्ताओं के पक्ष में फैसला आया और वनवासियों के आरक्षण को कम कर दिया गया। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील तक नहीं की है।  कांग्रेस की सरकार का असली चेहरा जगजाहिर हो गया है। संपूर्ण जनजाति समुदाय आक्रोश में है। भाजपा उनके साथ उनकी लड़ाई लड़ेगी।

 
 
 

हमारी मांग है जिन भी अधिकारियों ने लापरवाही की है उनके ऊपर तुरंत कार्रवाई की जाए और आदिवासियों को उनके हक 32 प्रतिशत आरक्षण जो कांग्रेस सरकार की घोर लापरवाही की वजह से छीन लिया गया है उन्हें जल्द से जल्द वापिस मिलना सुनिश्चित किया जाए।

प्रेस वार्ता में नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल,भाजपा के वरिष्ठ नेता विक्रम उसेंडी,  राम विचार नेताम,  केदार कश्यप, महेश गागड़ा ,सांसद गोमती साय, प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर,जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष विकास मरकाम माजूद रहे।

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मिठाई की दुकान से लिए सैम्पल, जांच के लिए भेजा गया लेबोरेट्री

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर के निर्देशानुसार त्यौहारी सीजन में अमानक मिठाई की बिक्री रोकने जिले के मिष्ठान्न दुकानों में जिला प्रशासन की ओर से लगातार जांच की जा रही है।

एसडीएम प्रदीप साहू के मार्गदर्शन में फ़ूड इंस्पेक्टर विनोद कुमार गुप्ता की टीम अम्बिकापुर शहर के विभिन्न प्रतिष्ठानों में छापामार कार्यवाही कर रही है। शनिवार को अम्बिकापुर के वेलकम होटल में एसडीएम साहू की उपस्थिति में मावे की मिठाई का सैम्पल कलेक्ट किया गया। सैंपल को फूड सेफ्टी एंड स्टैण्डर्ड एक्ट के तहत रायपुर के लेबोरेट्री में जाँच के लिए भेजा गया। गुणवत्ता रिपोर्ट मानक नहीं आने पर मिलने पर दोषी दुकानदारों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

 
 
 

एसडीएम अम्बिकापुर साहू ने बताया कि दीपावली के सीजन में मिलावटखोरों के खिलाफ  कार्रवाई की जा रही है। अभियान चलाकर खासकर मिठाई, दूध, घी और मावे से बनी सभी खाद्य सामग्री के सैंपल लिए जाएंगे। मिष्ठान भंडार हो या फिर खाने पीने की दुकान पर सैंपल की कार्रवाई की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य यही है कि लोगों को शुद्ध और मिलावट रहित खाद्य और पेय पदार्थ मिले। मिलावटी खाने पीने के सामान बेचने वालों की शिकायत व सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। वहीं जानकारी प्राप्त होने पर तत्काल टीम भेजकर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

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ब्रेकिंग : एनएसयूआई में हुई प्रदेश महासचिव, विधानसभा अध्यक्षों की नियुक्ति

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एनएसयूआई प्रदेश प्रभारी विशाल चौधरी अनुमोदन से प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे द्वारा प्रदेश महासचिव व संयुक्त महासचिव की नियुक्ति की गई है।

प्रदेश महासचिव : कृष्णा सोनकर, मनोहर सेठिया, महेन्द्र नायक, शिवराज सिंह, गगन जैन, रूहाब मेमन, कौनेन अंसारी, स्वाती रजक, सोहेल खलिक संयुक्त महासचिव निखिल वंजारी, रिषभ यादव, उमेश कर्मा।

इसके साथ ही विधानसभा अध्यक्षों की नियुक्ति प्रभारी महामंत्री एवं ज़िला प्रभारियों द्वारा नियुक्ति जारी की गई है। जिसमें रायपुर पश्चिम विशाल मानिकपुरी, उत्तर अनुज शुक्ला, रायपुर ग्रामीण अजय बंजारे, अभनपुर टिकेश्वर गिलहरे, आरंग अजीत कोशले, धरसीवा देवेंद्र खेलवार को नियुक्त किया गया है। धमतरी शुभम साहू, कुरुद लक्ष्मण साहू, सिहवा अंकुश देवांगन, कसडोल नवीन पैकरा, मारवाही आशीष श्रीवास, कोटा प्रशांत आग्रहरि, मुंगेली चंद्रपाल नवरंग, लोरमी नागेश गुप्ता, रायगढ़ जगन्नाथ सिंह ठाकुर,  लैलूँगा परमेश्वर बैरागी, धरमजयगढ़ सप्तपुरुष महर्षि, गुण्डरदेही उस्मान रज़ा, कांकेर तारश सिन्हा, भानुप्रतापपुर पंकज वाधवानी, अंतागढ़ सुभाषिश साना, प्रेमनगर राजा अंचल, भटगांव अज्जु अंसारी, कवर्धा विवेक जयसवाल, पंडरिया संजय भास्कर।

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बंदी ये न समझे कि जेल में रहना ही उनका भविष्य है : न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी

 दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देश पर शनिवार को देश की प्रथम राज्य स्तरीय वृहद जेल लोक अदालत का शुभारंभ वर्चुअल माध्यम से केन्द्रीय जेल रायपुर से न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी, कार्यपालक अध्यक्ष, छत्तीसगढ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं न्यायाधीश, छत्तीसगढ उच्च न्यायालय के द्वारा किया गया। जिसमें सभी जिलो के न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं  सभी जेल के कर्मचारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

वृहद जेल लोक अदालत का आयोजन केन्द्रीय जेल दुर्ग में किया गया। बंदियों को विधिक एवं कानूनी रूप से साक्षर किये जाने के उद्देश्य से भी विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। विशेष विधिक साक्षरता शिविर का शुभारंभ न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी, कार्यपालक अध्यक्ष, छत्तीसगढ  राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं न्यायाधीश, छत्तीसगढ  उच्च न्यायालय के द्वारा मां सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर किया गया । दीप प्रज्जवलन कार्यक्रम में संजय कुमार जायसवाल,जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग,आनंद प्रकाश वारियाल, सदस्य सचिव, पुष्पेन्द्र मीणा कलेक्टर, डॉ. अभिषेक पल्लव, पुलिस अधीक्षक, योगेश क्षत्री, जेल अधीक्षक दुर्ग व न्यायाधीश, कर्मचारी व बंदी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में संजय कुमार जायसवाल, जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के द्वारा व्यक्त किया गया कि छत्तीसगढ राज्य के लिये यह गर्व का विषय है कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में जेल में निरूद्ध विचाराधीन बंदियों के संबंधित प्रकरणों में प्ली-बारगेनिंग एवं शमनीय प्रकृति के मामलों में समझौते के माध्यम से छोटे अपराधों में जेल में निरूद्ध बंदियों के प्रकरणों को निराकृत किया जा रहा है। जेल लोक अदालत के माध्यम से जो बंदी रिहा होेंगे वे अपने परिवारजनों के साथ त्यौहार मना सकेंगें। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सामाजिक मामलों में जागरूकता पैदा करना, कमजोर व पिछडे वर्गों की सहायता करना। जेल परिसर मेें विचाराधीन बंदियों के लिये विधिक जागरूकता शिविर का भी आयोजन किया जा रहा है ।

कार्यक्रम में न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी द्वारा अपने वक्तव्य में कहा कि छोटे-छोटे अपराध में जो बंदी निरूद्ध है तथा जो विचाराधीन बंदी के रूप में निरूद्ध हैं तथा आधी सजा भुगत चुका है एवं जिसका आचरण व्यवहार अच्छा है उनके लिये वृहद जेल लोक अदालत के माध्यम से उनके प्रकरणों का निराकरण आज किया जा रहा है। आपने यह सुना ही होगा कि ‘‘न्यायालय आपके द्वार‘‘ इसी कड़ी में यह पहला कदम राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बढ़ाया गया है। जेल लोक अदालत, लोक अदालत का ही एक भाग है बंदी ये न समझे कि जेल में रहना ही उनका भविष्य है। बंदी अपने को सुधारने की प्रक्रिया में ले आवे, अपने दिमाग में सकारात्मक सोंच रखें तथा कोई भी व्यक्ति जन्म से ही अपराधी नहीं होता, कुछ परिस्थितियां आक्रोशवश अपराध की श्रेणी में ले आती है। केन्द्रीय जेल में उस अपराध का प्रायश्चित करते हुए अपने जीवन को और बेहतर बनाने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास करते हुए अपने शरीर में उर्जा का संचार कर सकता है। यह अवसर सुधार करने का है।  

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के सदस्य सचिव आनंद प्रकाश वारियाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि ‘‘बंदी अपनी अंर्तआत्मा की आवाज सुने और यह निर्णय लें कि जो अपराध वे कर रहें हैं वे सही है या नहीं, बंदी जो अपराध करता है उसका खामियाजा उसके परिवारजन भी भुगतते हैं अकारण परेशान रहते हैं साथ ही प्रियजन की रिहाई के लिये अधिवक्ताओं व न्यायालय के चक्कर लगाते फिरते हैं साथ ही साथ अपराधी जेल में आने के बाद अपनी रिहाई के बारे में चिंतित रहता है। विधिक सेवा प्राधिकरण आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों एवं बंदियों के लिये निःशुल्क विधिक सहायता, जिला न्यायालय, उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय स्तर पर उपलब्ध कराता है।‘‘

बंदियों को जागरूक किये जाने हेतु पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव द्वारा जेल में निरूद्ध बंदियों के मनोबल को बढाते हुए उन्हें अपराध की पुनरावृत्ति न करने की सलाह दी। कार्यक्रम में बंदियों को विधिक रूप से जागरूक एवं विधिक सहायता एवं सलाह योजना की जानकारी देते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमान विवेक कुमार वर्मा ने जेल से बाहर निकलने हेतु विधिक उपचार बताया। मंच संचालन न्यायिक मजिस्ट्रेट उमेश कुमार उपाध्याय द्वारा किया गया।  

केन्द्रीय जेल दुर्ग में वृहद जेल लोक अदालत हेतु कुल 06 खंडपीठ का गठन किया गया जिसमें न्यायिक मजिस्ट्रेट, पीठासीन अधिकारी के रूप में उपस्थित हुए। जेल लोक अदालत में कुल 17 प्रकरण निराकृत हुए।

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छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाएं गांव-गांव तक पहुंच रही है : मंत्री भेंडिया

 बालोद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री अनिला भेंडिया ने शनिवार को डौंडी विकासखंड के ग्राम कुआगोदी, लिमउडीह और सुरडोंगर में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन कर विकास कार्यों की सौगात दी है। मंत्री श्रीमती भेंडिया ने ग्राम कुआगोदी में सामुदायिक भवन और हायर सेकेंडरी स्कूल में अतिरिक्त कक्ष के निर्माण हेतु भूमिपूजन, ग्राम लिमउडीह में शासकीय प्राथमिक शाला में चारदीवारी निर्माण, प्राथमिक शाला में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, बोरखनन एवं मोटर पम्प स्थापना और रंगमंच निर्माण कार्य का भूमिपूजन तथा ग्राम सुरडोंगर में पानी टंकी निर्माण व पशु आश्रय निर्माण का भूमिपूजन तथा पशु औषधालय के नवीन भवन व स्कूल में पुस्तकालय, प्रयोग शाला भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने ग्रामीणों को विकास कार्यों के लिए बधाई भी दी।

मंत्री श्रीमती भेंडिया ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाएं गांव-गांव तक पहुंच रही है, सभी ग्रामीण शासन की योजनाओं का लाभ उठाएं। छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देने का कार्य कर रही है, जिसके लिए नई पहल करते हुए ग्रामीण औद्योगिक पार्क की स्थापना की जा रही है, जो ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार का नया अवसर प्रदान करेगा। मंत्री श्रीमती भेंडिया ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा किसानों के हित में कार्य किया जा रहा है इसी के चलते मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत तीसरी किश्त की राशि दीपावली से पहले 17 अक्टूबर को किसानों के खाते में डालने का  निर्णय लिया है, जिससे हमारे किसान भाई दीपावली का त्यौहार बहुत अच्छे से मना सकें।

 

मंत्री श्रीमती भेंडिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 65 लघु वनोपजों की खरीदी समर्थन मूल्य पर सोसायटी के माध्यम से की जा रही है। जिससे हमारे वन क्षेत्र के निवासियों को बेहतर आय प्राप्त हो रहा है, इससे उनकी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार आया है। उन्होंने ग्रामीणों को कोदो-कुटकी, मूंग, उड़द, अरहर जैसे फसल लेने प्रोत्साहित किया। मंत्री श्रीमती भेंडिया ने उपस्थित ग्रामीणों को दीपावली, तुलसी पूजा, गोवर्धन पूजा और भाई दूज की बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी। इस अवसर पर जनपद पंचायत डौंडी की अध्यक्ष श्रीमती बसंती दुग्गा, उपाध्यक्ष  पुनीत राम सेन, गणमान्य नागरिक  पीयूष सोनी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।

 

 

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धान खरीदी के कार्य में लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं : कलेक्टर

 बालोद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर  कुलदीप शर्मा ने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने कहा कि इस कार्य में लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को बालोद जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के कार्य को त्रुटि रहित ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए है। कलेक्टर शर्मा ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक में उपस्थित अधिकारियों को उक्ताशय के निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टर  शर्मा ने कहा कि धान खरीदी केन्द्रों में धान की बिक्री के लिए आने वाले किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी धान खरीदी केन्द्रों की समुचित साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, शेड एवं बारदाना की उपलब्धता के साथ-साथ विद्युत एवं इंटरनेट कनेक्शन की उपलब्धता  भी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने सभी धान खरीदी केन्द्रों में आर्द्रता मापी यंत्र, काटा-बाट, किसानों की बैठक व्यवस्था, कैप कव्हर सहित सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने धान की बिक्री के लिए किसान पंजीयन के कार्य को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।

जिले में बारदानों की उपलब्धता की जानकारी लेते हुए आवश्यक बारदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा धान खरीदी की सतत मानिटरिंग हेतु  जिला स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों को धान खरीदी केन्द्रों का भ्रमण कर तैयारियों को जायजा लेने तथा सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने कहा। कलेक्टर ने कहा कि जिले में किसी भी स्थिति में अवैध धान की खरीदी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में लगे सभी अधिकारी-कर्मचारी केवल वास्तविक किसानों के वास्तविक धान की खरीदी कराना सुनिश्चित करें। इस दौरान राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित खाद्य, सहाकारिता एवं संबंधित विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।

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जिला जेल में वृहद जेल लोक अदालत का आयोजन

 बालोद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के निर्देशानुसार राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रचार प्रसार के लिए शनिवार को राज्य स्तरीय जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण  के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी द्वारा केन्द्रीय जेल रायपुर से किया गया। इसके परिपालन में आज जिला जेल बालोद में भी वृहद जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत जिला व सत्र न्यायालय बालोद से भी न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी बालोद आस्था यादव का 1 खण्डपीठ के अलावा जिले के चार राजस्व अनुविभाग बालोद, गुण्डरदेही, डौण्डीलोहारा एवं गुरूर के अनुविभागीय अधिकारियों के 4 खण्डपीठ बनाया गया था। इस अवसर पर सत्र न्यायाधीश बालोद डॉ. प्रज्ञा पचैरी तथा कलेक्टर कुलदीप शर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती श्यामबती मरावी, एडिशनल एसपी हरीश राठौर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुमन सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

वृहद जेल लोक अदालत के शुभारंभ के पश्चात् प्रत्येक कार्यदिवस वाले शनिवार को जिला न्यायालय बालोद से एक खण्डपीठ न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की जेल अदालत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद के सहयोग से आयोजित की जाएगी। वृहद जेल लोक अदालत में आज राजस्व न्यायालय के खण्डपीठों के माध्यम से प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों के अधीन निरूद्ध विचाराधीन बंदियों के द्वारा स्वेच्छापूर्वक जुर्म स्वीकारोक्ति करने पर उनके द्वारा बिताई गई अवधि की सजा को पर्याप्त मानते हुए रिहा किया गया। इसी प्रकार जिला एवं सत्र न्यायालय बालोद द्वारा गठित खण्डपीठ द्वारा कुल 6 प्रकरणों को जेल लोक अदालत हेतु रखा गया। जिसमें से 3 प्रकरणों में विचाराधीन बंदियों द्वारा स्वेच्छापूर्वक जुर्म स्वीकार किये जाने पर खण्डपीठ द्वारा दोषसिद्धी का निर्णय पारित कर जितनी अवधि विचाराधीन बंदी द्वारा विचारण के दौरान व्यतित की गई है, उतनी अवधि की सजा सुनाते हुए सजा समायोजित कर संबंधित विचाराधीन बंदियों को जिला जेल बालोद से रिहा किया गया।

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यूटीआरसी कमेटी ने की जेल समीक्षा, आयोजित किया विधि जागरूकता शिविर

 बालोद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अंडर ट्रायल रीव्यू कमेटी अध्यक्ष तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश बालोद डॉ. प्रज्ञा पचैरी तथा अंडर ट्रायल रीव्यू कमेटी के सदस्य कलेक्टर कुलदीप शर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती श्यामबती मरावी, एडिशनल एसपी हरीश राठौर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुमन सिंह शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला जेल बालोद में प्रत्येक तीन माह में आयोजित की जाने वाली यूटीआरसी कमेटी की जेल समीक्षा एवं विधिक जागरूकता शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर यूटीआरसी कमेटी की अध्यक्ष डॉ. प्रज्ञा पचैरी ने कैदियों को बंदीगृह में रहते हुए अपनी बूरी आदतों का त्याग करने को कहा। उन्होंने कहा कि बंदीगृह एक सुधार गृह होता है। इसलिए जेल से रिहा होने के बाद कोई भी बंदी दुबारा ऐसा कोई कृत्य न करें, जिससे उन्हें दोबारा जेल आना पड़े। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने जेल बंदियों को बुरी आदतों का त्यागकर एक जिम्मेदार नागरिक बनने की समझाईश दी। इस अवसर पर उन्होंने जेल बंदियों को उनके समस्याओं के निराकरण हेतु उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।


इस दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कलेक्टर एवं अधिकारियों  ने जिला जेल के विभिन्न कक्षों का अवलोकन कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर यूटीआरसी कमेटी ने कैदियों से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के स्टैण्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर में दिए दिशा निर्देश के अनुसार जिला जेल की समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों ने जेल के प्रत्येक बैरकों का निरीक्षण कर कैदियों की समस्या को सुना और उनके समस्याओं का निराकरण करने का आश्वासन दिया।
क्रमांक/636/ठाकुर

 

 

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रसद दक्षता में सुधार करके सालाना बचा सकते हैं 10 लाख करोड़ रुपये : गोयल

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और कपड़ा मंत्री, पीयूष गोयल ने कहा है कि पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान में रसद दक्षता में सुधार करके सालाना 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बचत करने की क्षमता है। वह नई दिल्ली में राष्ट्रीय मास्टर प्लान के शुभारंभ की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित पीएम गतिशक्ति पर राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में पीएम गतिशक्ति द्वारा अब तक की गई प्रगति एवं उपलब्धियों और आगे के रास्ते पर ध्यान केंद्रित किया गया।

श्री गोयल ने कहा कि बेहतर अवसंरचना के विकास के लिए सामाजिक क्षेत्र में पीएम गतिशक्ति का तेजी से उपयोग किया जा रहा है, जिससे देश के प्रत्येक नागरिक को प्रौद्योगिकी का लाभ मिल रहा है और आम आदमी के लिए जीवन की सुगमता में सुधार हो रहा है। मंत्री ने कहा कि पीएम गतिशक्ति आने वाले वर्षों में भारत के भविष्य को परिभाषित करेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का उद्धृत करते हुए उन्होंने कहा कि पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान बुनियादी ढांचे के विकास में भारत के प्रयासों को 'गति' और 'शक्ति' दोनों प्रदान करेगा।

श्री गोयल ने कहा कि राष्ट्रीय मास्टर प्लान हमारे काम करने के तरीके और हमारे काम के परिणामों को बदल देगा और आर्थिक विकास को गति देगा। उन्होंने कहा कि पीएम गतिशक्ति का सर्वोत्तम संभव सीमा तक उपयोग करने के लिए राजनीतिक मतभेदों को पार करते हुए पूरा देश एक साथ आया है। मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि पीएम गतिशक्ति एनएमपी को इतिहास में एक शक्तिशाली हस्तक्षेप के रूप में स्थान मिलेगा जिसने देश में तेजी से विकास और विकास को गति दी। उन्होंने कहा कि हम पीएम गतिशक्ति को राष्ट्र और समाज की सेवा के रूप में देखते हैं।

श्री गोयल ने कहा कि वर्षगांठ समारोह का उपयोग भविष्य के लिए योजनाओं की कल्पना करने और उस पर विचार करने के अवसर के रूप में किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी हितधारकों से कहा कि वे बेहतर, अधिक किफायती और समयबद्ध बुनियादी ढांचे की योजना के लिए पीएम गतिशक्ति का उपयोग करने के लिए अलग-अलग तरीकों पर विचार करें।

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पीएम मोदी 16 को करेंगे 75 जिलों में 75 डिजिटल बैंकिंग इकाइयों का शुभारंभ

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। वित्तीय समावेशन को और ज्‍यादा व्‍यापक बनाने के एक अन्‍य उपाय के रूप में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी 16 अक्टूबर को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 75 डिजिटल बैंकिंग इकाइयां (डीबीयू) राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस मौके पर वह अपने उद्गार भी प्रकट  करेंगे।


वर्ष 2022-23 के केंद्रीय बजट भाषण के अंतर्गत वित्त मंत्री ने देश की आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में देश के 75 जिलों में 75 डीबीयू की स्थापना किए जाने की घोषणा की थी। डीबीयू की स्थापना डिजिटल बैंकिंग का लाभ देश के कोने-कोने तक पहुंचाने के उद्देश्य से की जा रही है और इनके अंतर्गत सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कवर किया जाएगा। सार्वजनिक क्षेत्र के 11 बैंक, 12 निजी बैंक और एक लघु वित्त बैंक इस प्रयास में भाग ले रहे हैं।

ये डीबीयू ब्रिक एंड मोर्टार आउटलेट्स से संचालित की जाएंगी, जहां लोगों को बचत खाता खोलने, बैलेंस-चेक करने, पासबुक प्रिंट करने, राशि अंतरित करने, फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने, ऋण के लिए आवेदन करने, जारी किए गए चेक के लिए स्टॉप-पेमेंट निर्देश देने, क्रेडिट/डेबिट कार्ड के लिए आवेदन करने, खाते का विवरण देखने, करों का भुगतान करने, बिलों का भुगतान करने, नामांकन करने, आदि जैसी विभिन्न डिजिटल बैंकिंग सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

डीबीयू ग्राहकों को साल भर बैंकिंग उत्पादों और सेवाओं तक किफायती, सुविधाजनक पहुंच और बेहतर डिजिटल अनुभव प्रदान करने में सक्षम बनाएगी। वे डिजिटल वित्तीय साक्षरता का प्रसार करेंगी तथा ग्राहकों को साइबर सुरक्षा जागरूकता और सुरक्षा उपायों के बारे में शिक्षित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके अलावा डीबीयू द्वारा प्रत्‍यक्ष रूप से या उसके बिजनेस फैसिलिटेटर्स/कॉरस्‍पोंडेंट्स के माध्यम से प्रस्‍तुत किए जा रहे व्यवसाय और सेवाओं से संबंधित ग्राहकों की शिकायतों का निवारण करने और उनको रीयलटाइम सहायता उपलब्‍ध कराने के लिए पर्याप्त डिजिटल व्‍यवस्‍थाएं होंगी।

 

 

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