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छत्तीसगढ़ में अब हर कोई हताश, निराश और प्रताड़ित : अरुण

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सांसद अरुण साव ने राजधानी के नजदीक अभनपुर थाना अंतर्गत आमदी गांव में युवक द्वारा फांसी लगा कर  आत्महत्या कर लेने के मामले में रोष व्यक्त करते हुए कहा है कि कांग्रेस के राज में छत्तीसगढ़ शोषण, प्रताड़ना, निराशा, हताशा, हत्या आत्महत्या का प्रदेश बन गया है। कांग्रेस शोषित छत्तीसगढ़ में अब हर कोई हताश, निराश और प्रताड़ित है। कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात शहरों की अपेक्षा बेहद खराब हैं। सरकार झूठे दावे करती है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत है जबकि हकीकत यह है कि ग्रामीण परिवेश के लोग लगातार हताश निराश और प्रताड़ित होकर आत्महत्या कर रहे हैं। ग्रामीण अंचलों में हत्या, सामूहिक हत्याओं की वारदातों की फेहरिस्त साबित कर रही है कि कांग्रेस की सरकार ने ग्रामीण इलाकों का कितना बुरा हाल कर दिया है।

20 हजार से ज्यादा लोग कांग्रेस सरकार के दौरान आत्महत्या कर चुके हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था के बेहतर होने का दावा करने वाली सरकार की सच्चाई यही है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव ने कहा कि जिस गौठान और न्याय योजना के हवा महल कांग्रेस सरकार ने तान रखे हैं, उनकी जड़ें खोखली हैं। गौठान में भी भ्रष्टाचार और उत्पीड़न हो रहा है। अभनपुर इलाके में आत्महत्या करने वाले पवन कुमार निषाद ग्राम आमदी के गौठान समिति के अध्यक्ष रहे हैं। उनके पिता की कुछ ही दिन पहले  हत्या होने की खबर है। पुलिस पूछताछ के लिए उन्हें थाने लेकर गई थी।

थाने से आने के बाद उन्होंने  रात को फांसी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। यह भी खबर है कि गौठान को लेकर गांव में विवाद चल रहा था। इसका सीधा अर्थ है कि सरकार के ये गौठान विवाद का केंद्र बन गए हैं और खुदकुशी का यह मामला भी प्रताड़ना का संदेह व्यक्त कर रहा है। पुलिस और सरकार की व्यवस्था संदेह के दायरे में है। राज्य के गौठानों की अव्यवस्था और खुदकुशी की यह घटना निष्पक्ष जांच की जरूरत पर जोर दे रही है। सरकार इन मामलों की निष्पक्ष जांच कराए और आत्महत्या के लिए मजबूर किसान के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा तत्काल दे।

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जिला कांग्रेस की बैठक मेंभारत जोड़ो पदयात्रा पर हुई चर्चा

 जांजगीर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर कन्याकुमारी से कश्मीर तक महत्वाकांक्षी भारत जोड़ो यात्रा संचालित है। जिसके समर्थन में संपूर्ण भारत में सह यात्रा करने का निर्णय लिया गया है। जिसमें कांग्रेसजनों को हर विधानसभा के बूथ स्तर तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारण किया गया है। जिसकी रूपरेखा निर्धारण के लिए जिला कांग्रेस कमेटी की विशेष बैठक रखी गई। जिसे संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस संगठन प्रभारी अर्जुन तिवारी ने कहा कि भारत जोड़ो पदयात्रा के मुख्य संदेश देश में फैले धार्मिक ध्रुवीकरण, सार्वजनिक संस्थानों में व्यापारी विशेष का एकाधिकार, गरीब और अमीर के बीच बढ़ती खाई, प्रेम और सदभाव के प्रसार को लेकर गांव गांव गली गली जाने का प्रस्ताव किया गया है।

जिसे सफल बनाना हम सबका दायित्व है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राघवेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि प्रत्येक संगठन ब्लॉक में यात्रा हेतु समन्वय समिति बनाया जाएगा। जिनका दायित्व होगा कि ब्लॉक अंतर्गत के नेताओं को जोड़कर यात्रा को सफल बनाना होगा। बैठक को प्रदेश उपाध्यक्ष चुन्नीलाल साहू, प्रदेशाध्यक्ष अनुसूचित जाति महिला विभाग शेशराज हरबंश, छाया विधायक जैजैपुर अनिल चंद्रा, प्रदेश कांग्रेस सचिव रमेश पैगवार, इंजी रवि पाण्डेय, नपाध्यक्ष भगवान दास गढ़ेवाल, पुष्पेंद्र सिंह, भुनेश्वर केशरवानी, राइस किंग खूंटे, प्रिंस शर्मा, विपिन देवांगन, खेदू कंवर ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन जिला कांग्रेस प्रवक्ता शिशिर द्विवेदी ने और  अजीत सिंह राणा नेआभार व्यक्त किया।

बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष गण संतोष शर्मा, रविन्द्र शर्मा, नवल सिंह ठाकुर, नंद कुमार चंद्रा, कुशल कश्यप, कुसुमलता अजगल्ले, महेश्वर टंडन, सुनील साधवानी, खुलन सोनवानी, नागेंद्र गुप्ता, ऋषिकेश उपाध्याय, रामराज्य पाण्डेय, किशन सोनी, एड महारथी बघेल, उपकार सिंह ढिल्लों, राजेश अग्रवाल, ब्यास कश्यप, रविन्द्र द्विवेदी, सौरभ सिंह बाबा, कमलेश सिंह बाबा, मुस्कान परवीन, रामबिलास राठौर, ताम्रध्वज चंद्रा, गौतम चंद्रा, जे पी जायसवाल, भुवन लाल जांगड़े, महादेव पटेल, घासीराम चौहान, महेश्वर लदेर, अजय दिव्य, राकेश कहरा, हर्षवर्धन सिंह, संतोष यादव, गगन गुरुद्वान सहित कांग्रेस जन उपस्थित रहे।

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खैरबार मार्ग का जल्द होगा बीटी नवीनीकरण

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। खैरबार मार्ग का बीटी नवीनीकरण का कार्य जल्द शुरू होगा। इस मार्ग के नवीनीकरण के लिये कार्य स्वीकृत है। बारिश के बाद काम शुरू हो जाएगा। कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता  व्हीके बेदिया ने विगत दिनों अम्बिकापुर खैरबार मार्ग का निरीक्षण कर सड़क की स्थिति का जायज़ा लिया।  वर्तमान में सड़क के कुछ हिस्से में छोटे-छोटे गड्ढे हो गए है जिसे डब्ल्यूएमएम मटेरियल द्वारा मरम्मत कराई जा रही है।। अम्बिकापुर से खैरबार करीब 2.80 किलोमीटर मार्ग में वार्षिक संधारण मद अंतर्गत बीटी नवीनीकरण का कार्य स्वीकृत है। उन्होंने बताया कि सड़कों की मरम्मत का कार्य बारिश के बाद तेजी से किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री ने दी ईद-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल ने मुस्लिम भाईयों सहित प्रदेशवासियों को ईद-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी है। पैगम्बर साहब के जन्मदिवस ईद-मिलादुन्नबी के पवित्र मौके पर उन्होंने देश-दुनिया में अमन-चैन और लोगों की खुशहाली की कामना की है।

मुख्यमंत्री ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि इस्लाम धर्म के संस्थापक पैगम्बर हजरत मोहम्मद का जन्मदिन बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। हजरत साहब दुनिया में अमन और भाईचारे का संदेश लेकर आए। उनके संदशों ने लाखों लोगों के विचारों और जीवन मूल्यों पर अभूतपूर्व प्रभाव डाला। उन्होंने पूरी दुनिया को मानवता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हजरत मोहम्मद के संदेश हमेशा समाज को सच्चाई और नेकी के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

 

 

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आदिवासी आरक्षण कटौती के लिए भाजपा दोषी : कांग्रेस

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार बदनीयती और लापरवाही के कारण आरक्षण के खिलाफ  फैसला आया है और बेशर्मीपूर्वक भारतीय जनता पार्टी इस मामले में चक्काजाम और आंदोलन की नौटंकी कर रही है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं में थोड़ी भी नैतिकता बची हो तो वे अपनी पूर्ववर्ती सरकार की गलती के लिए राज्य के आदिवासी समाज से माफी मांगे। 

कांग्रेस पार्टी की सरकार आदिवासी समाज को उनका पूरा हक दिलाने को प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार बिलासपुर हाई कोर्ट के निर्णय के खिलाफ  उच्चतम न्यायालय गयी है। हमें पूरा भरोसा है। सुप्रीम कोर्ट से हमें न्याय मिलेगा। हमने हाईकोर्ट में दमदारी से लड़ाई लड़ी थी, हमारे महाधिवक्ता ने आरक्षण को बढ़ाने के पक्ष में दलीले रखा, लेकिन पूर्ववर्ती रमन सरकार ने मुकदमें की शुरूआत में जो लापरवाही बरता उसका नुकसान आदिवासी समाज को उठाना पड़ा। पूर्ववर्ती रमन सरकार के लापरवाही के कारण हाईकोर्ट में 58 प्रतिशत आरक्षण रद्द हुआ। भाजपा की बदनीयती के कारण आरक्षण के खिलाफ  फैसला आया। रमन सरकार ने अपने दायित्व का ईमानदारी से निर्वहन नहीं किया था। उनकी सरकार की लापरवाही, अकर्मण्यता और गैर जिम्मेदाराना रवैये का नतीजा यह फैसला है। रमन सरकार ने 2011 में आरक्षण को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत करने का निर्णय लिया था। 2012 में हाईकोर्ट में चुनौती दी गयी थी। सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न निर्णयों जिसमें इंदिरा साहनी का फैसला प्रमुख के अनुसार कोई भी राज्य सरकार यदि 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण करती है, तो अत्यंत विशेष परिस्थितियों, विचार व तथ्यों के साथ कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा। इसका भी ख्याल नहीं किया गया। जब आरक्षण को बढ़ाने का निर्णय हुआ उसी समय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार राज्य सरकार को अदालत के सामने आरक्षण को 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने की विशेष परिस्थितियों और कारण को बताना था।

मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुये कहा कि तत्कालीन रमन सरकार अपने इस दायित्व का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर पायी। 2012 में बिलासपुर उच्च न्यायालय में 58 प्रतिशत आरक्षण के खिलाफ याचिका दायर हुई, तब भी रमन सरकार ने सही ढंग से उन विशेष कारणों को प्रस्तुत नहीं किया, जिसके कारण राज्य में आरक्षण को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत किया गया। रमन सरकार ने आरक्षण में संशोधन के पहले सुप्रीम कोर्ट के पूर्ववर्ती फैसले को ध्यान में नहीं रखा। बाद में दोबारा संशोधित जवाब पेश करते हुए कुछ डेटा प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया, लेकिन वो भी पर्याप्त नहीं थे। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद अंतिम बहस में तर्क प्रस्तुत किया गया। मंत्रिमंडलीय समिति के बारे में जानकारी दी गयी, लेकिन पुराने हलफनामे उल्लेख नहीं होने के कारण अदालत ने स्वीकार नहीं किया। इस प्रकरण में जब राज्य सरकार की अंतिम बहस हुई तो खुद महाधिवक्ता मौजूद रहे थे। उन्होंने मंत्रिमंडलीय समिति की हजारों पन्नों की रिपोर्ट को कोर्ट में प्रस्तुत किया था। लेकिन कोर्ट ने ये कहते हुए उसे खारिज कर दिया कि राज्य शासन ने कभी भी उक्त दस्तावेजों को शपथ पत्र का हिस्सा ही नहीं बनाया। लिहाजा, कोर्ट ने उसे सुनवाई के लिए स्वीकार नहीं किया।

मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि यदि किसी वर्ग के आरक्षण में कटौती किये बिना ईमानदारी से दूसरे वर्ग के आरक्षण को बढ़ाया जाता तो यह स्थिति निर्मित नहीं होती, जब सभी वर्ग संतुष्ट होता तो कोई कोर्ट में चुनौती नहीं होती। छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को बढ़ाने के तमाम तर्कसंगत कारण और विशेष परिस्थितियां है लेकिन भारतीय जनता पार्टी और रमन सरकार की नीयत में खोट थी। उन्होंने अदालत में राज्य की 95 प्रतिशत आबादी के हक में तर्क नहीं दिया और जनता को उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। यदि आरक्षण बढ़ाया था तो उसके विशेष कारणों को बताने की जवाबदेही भी सरकार को थी। रमन सरकार ने नहीं बताया। हमारी सरकार ने ओबीसी वर्ग के आरक्षण को 27 प्रतिशत किया है तो हम उसके लिये क्वांटी फायबल डाटा आयोग बना कर पिछड़ा वर्ग की राज्य में जनगणना करवा रहे। 

हरियाणा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु जैसे राज्यों के भी 50 प्रतिशत से भी अधिक आरक्षण है। अरूणांचल, मिजोरम, मेघालय जैसे राज्यों में अनुसूचित जाति वर्ग को 80 प्रतिशत आरक्षण है। आरक्षण रद्द किये जाने का विपरीत प्रभाव अब तक हुये एडमिशन में न पड़े और भर्तियां हुई है इस पर न पड़े। इसके लिये अदालत से विशेष निवेदन किया गया। अदालत ने इसको माना भी इस फैसले का अभी तक की भर्तियों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। हमारा मानना है कि राज्य के सभी वंचित वर्ग को उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण दिया जाये, एससी के आरक्षण में कटौती न हो, एसटी को पूरा आरक्षण मिले, ओबीसी को पूरा मिले रमन सरकार ने यही सावधानी नहीं बरता था।

मंत्री अनिला भेडिय़ा ने कहा कि आरक्षण को बढ़ाने के लिए तत्कालीन सरकार ने तत्कालीन गृहमंत्री ननकी राम कंवर की अध्यक्षता में 2010 में मंत्रिमंडलीय समिति का भी गठन किया था। रमन सरकार ने उसकी अनुशंसा को भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया जिसका परिणाम है कि अदालत ने 58 प्रतिशत आरक्षण के फैसले को रद्द कर दिया।

 

 

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राजधानी में आयोजित होगा रजवार चित्रकला शिविर

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आदिवासी लोक कला अकादमी, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद रायपुर की ओर से 10 से 18 अक्टूबर तक राजधानी रायपुर में रजवार चित्रकला शिविर होगा। शिविर का आयोजन महंत घासीदास संग्रहालय की कला वीथिका में किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के दस सिद्धहस्त कलाकार शामिल होंगे और दस दिनों तक विशिष्ट चित्रों को बनाते हुए कला साधना करेंगे।

छत्तीसगढ़ की पहचान को रेखांकित करने वाले इस विशिष्ट चित्रकला शैली के दस कलाकार पहली बार इतने दिनों के लिए एक साथ कला विथिका में एकत्र होंगे। शिविर में जिन दस कलाकारों को शामिल किया जा रहा है, वे हैं- बुधनी राजवाड़े, पंडित राम, सहोदरी बाई, रामकरण राम, भगत राम, कुदरराम, अमित कुमार, संदीप कुमार, पार्वती और बेलपती शामिल है।

इस शिविर में बने चित्रों को 18 अक्टूबर को एक प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों के लिए प्रदर्शित भी किया जाएगा। यह पहला अवसर होगा जब रजवार चित्रों की प्रदर्शनी कला दीर्घा में की जाएगी। राजधानी में रजवार चित्रों की प्रदर्शनी के बाद चित्रों की प्रदर्शनी छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों और प्रदेश के बाहर भी आयोजित की जाएगी।

आदिवासी लोककला अकादमी के अध्यक्ष नवल शुक्ल का कहना है कि :

छत्तीसगढ़ की इस विशिष्ट चित्रकला शैली को पहचान, प्रोत्साहन और सम्मान देने की पहल आदिवासी लोक कला अकादमी द्वारा की गई है। ऐसी गतिविधियां छत्तीसगढ़ के अन्य आदिवासी और लोक कला रूपों पर आगे भी करते रहने की योजना है ताकि प्रदेश के जनजातीय और लोक कला रूपों को समुचित प्रतिष्ठा मिल सके।

क्या है रजवार चित्रकारी : 

रजवार चित्रकारी भित्ति चित्रकारी की एक विशिष्ट शैली है, जो छत्तीसगढ़ के सरगुजा अंचल में विशेष रूप से प्रचलित है। यह एक ऐसी परंपरा है जो छत्तीसगढ़ की संस्कृति को भित्ति चित्र के माध्यम से प्रस्तुत करती है। इस भित्ति चित्र के माध्यम से प्रकृति व ग्रामीण परिवेश का चित्रण किया जाता है। यह एक पारंपरिक भित्ति चित्र शैली है।

 

 

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हेलीकॉप्टर जॉयराइड के बारे में सुनकर टॉपर बनने के लिए मोटिवेट हुए बच्चे...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राजधानी के आकाश में लाल रंग के हेलीकॉप्टर को बार-बार आसमान में उड़ता देख बच्चें सहज ही आकर्षित हुए और यह चर्चा का विषय बना रहा। बच्चों को मीडिया के माध्यम से यह पता था कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप शनिवार को छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल भी 10वीं और 12 वीं के मेधावी बच्चों को हेलीकॉप्टर से जॉयराइड कराया गया जाएगा। छोटे बच्चें भी भविष्य में अच्छी पढ़ाई कर 10वीं और 12 वीं कक्षा में टॉप करने के लिए प्रेरित हुए।

कुशालपुर रायपुर निवासी कक्षा 6वी के छात्र विनायक भार्गव ने बताया कि आज सुबह से लाल रंग के हेलीकॉप्टर को आसमान में उड़ता देख बहुत अच्छा लगा। जब उनके पिताजी ने बताया कि 10वीं और 12 वीं कक्षा में टॉपर्स छात्रों को आज मुख्यमंत्री की पहल पर हेलीकॉप्टर से जॉयराइड कराया जा रहा है। यह सुनकर छात्र विनायक ने कहा कि जॉयराइड के लिए टॉपर्स बनने के लिए मेहनत करूंगा। इसी प्रकार मोहल्ले के अन्य बच्चे भी आपस में एक दूसरे से चर्चा कर भविष्य में अच्छे नंबर पाकर जॉयराइड में शामिल होने के लिए इच्छा जाहिर कर रहे थे।

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गोधन न्याय योजना के खिलाफ भाजपा कर रही झूठी भ्रामक प्रचार : कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भाजपा की प्रेसवार्ता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में जब से गोधन न्याय योजना शुरू हुयी है। गौ माता के नाम से राजनीति करनी वाली भाजपा इस योजना के सफलता से घबराई हुयी है। गेधन न्याय योजना के खिलाफ  झूठा बयानी कर रही है। योजना के बारे में भ्रामक प्रचार कर रही है। गोधन न्याय योजना कोऑपरेटिव सोसायटी, गोठान समिति, कोऑपरेटिव बैंक के माध्यम से ही संचालित की जाती है। कोऑपरेटिव बैंक के माध्यम से भुगतान किया जाता है। कोऑपरेटिव सोसायटी की ओर से गोठानों से वर्मी कम्पोस्ट की खरीदी की जाती है, गोबर उपल्बध कराया जाता है। इस योजना में किसी प्रकार से घोटाले का प्रश्न नही उठता है। 29 लाख की अग्रिम भुगतान की बात की गयी है। निश्चित तौर पर उस भुगतान के बाद बतायी गई सेवा सरकारी समिति ने संबंधी गोठान समिति ने पूरे के पूरे वर्मी कम्पोस्ट को जमा कर दिया। ये समान्य प्रक्रिया है, प्रदेश भर की गोठान समितियों में सेवा सरकारी समिति के माध्यम से इस प्रकार के कार्य करने का एक सिस्टम डेवलप किया गया है। उसी सिस्टम के आधार ये काम किया जाता है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि षडयंत्र एवं साजिश रचकर भाजपा गोधन न्याय योजना के बारे में भ्रामक प्रचार कर रही है। भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व इसयोजना की तारीफ कर रहे है चाहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हो या दूसरे भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री हो सबने गोधन न्याय योजना को लागू करने के लिये कार्यक्रम बनाया है। कई भाजपा शासित राज्यो में इसे लागू भी किया है। इससे बौखलाये हुये भाजपा के स्थानीय नेता झूठे आंकड़े प्रस्तुत करके इस योजना के बारे में दुष्प्रचार कर रहे है। जो निंदनीय है।

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इस्ताक खान ने प्रनाम की पहल पर किया देहदान

 भिलाई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देहदान के माध्यम से मानवता की भलाई का जज्बा लिए नगरी, जिला धमतरी के इस्ताक खान ने देहदान की अनुकरणीय मिसाल कायम की। देहदान के बारे में आवश्यक जानकारी के लिए उन्होंने भिलाई की संस्था प्रनाम के अध्यक्ष पवन केसवानी से संपर्क कर उनसे काउंसलिंग प्राप्त कर देहदान किया। इस दौरान अपनी बेटी आशया खान के साथ देहदानी इस्ताक खान ने विभिन्न धार्मिक और व्यावहारिक अड़चनों को गहराई से समझने के बाद एम्स रायपुर के नाम वसीयत जारी की। 

विगत 14 सालों से ज्यादा समय से देहदान के लिए हजारों काउंसलिंग कर चुके प्रनाम के पवन केसवानी ने बताया कि, उनके द्वारा पहली बार किसी मुस्लिम व्यक्ति की देहदान की काउंसलिंग के बाद वसीयत प्राप्त की गई। प्रनाम की देहदान की अभिनव पहल पर अब देहदान के लिए लोग दूर दूर से देहदान से जुड़ी भ्रांतियों और आशंकाओं को दूर कर पहले से कहीं ज्यादा संख्या में मानवता की भलाई के लिए देहदान कर रहे हैं।

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जिला-पुलिस प्रशासन अच्छा कार्य कर रहे हैं, लेकिन कई जगह सुधार की आवश्यकता : भूपेश बघेल

 कलेक्टर्स-एसपी कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने की कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल ने शनिवार को न्यू-सर्किट हाउस में दो-दिवसीय कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस-प्रशासन अच्छा काम कर रहें है, इसमें कोई दो राय नहीं है, लेकिन कई जगह सुधार की भी आवश्यकता है। प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए। प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी अधिकारी सजग रहकर कार्य करें। पुलिस अपने सूचना तंत्र को मजबूत बनाए। कई घटनाओं को पुलिस ने कम समय में ही सुलझाया है इससे राज्य की अच्छी छवि बनी है। उन्होंने कहा कि चाकूबाजी, सट्टे बाजी, अवैध शराब, ऑनलाईन गैम्बलिंग पर कड़ाई से अंकुश लगाने की जरूरत है। बेसिक पुलिसिंग पर ज्यादा फोकस होना चाहिए। सोशल मीडिया में अफवाहों का तत्काल जवाब आना चाहिए। मीडिया, जनप्रतिनिधि, जनता सभी से पुलिस और प्रशासन का लगातार संवाद बना रहे। चौक चौराहों पर पुलिस की उपस्थिति दिखनी चाहिए। साथ ही सड़क हादसे को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कलेक्टर और एसपी कॉन्फ्रेंस में प्रदेश में कानून और व्यवस्था की स्थिति, अवैध शराब, जुआ, सट्टा, चिटफंड कम्पनियों के विरूद्ध कार्रवाई, नक्सली इलाकों में सुरक्षा, विकास और आत्म समर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, सड़क दुर्घटना रोकने के कार्याे की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, प्रदेश के सभी संभागायुक्त, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, आईजी, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।  

चिटफंड प्रकरणों की विवेचना में तेजी लाये
मुख्यमंत्री ने कॉन्फ्रेंस में कहा कि चिटफंड कम्पनी के डायरेक्टर जिनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है, उन्हें गिरफ्तार किया जाए। अभी तक कुछ प्रकरणों में ही संपत्ति कुर्की की कार्यवाही हुई है। मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए चिटफंड कम्पनियों पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बचे हुए मामले में भी संपत्ति चिन्हित कर कुर्की की कार्यवाही करायें और निवेशकों को अधिक से अधिक राशि वापस दिलाएं। मुख्यमंत्री ने राजनीतिक प्रकरण की वापसी के बचे हुए प्रकरणों में शीघ्र कार्यवाही करने तथा आदिवासियों के विरूद्ध दर्ज प्रकरणों की वापसी में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।

नशीले पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क को तोड़ें
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त सुरक्षा मुहैया करायी जाए। इन क्षेत्रों में व्हीआईपी भ्रमण के दौरान सुरक्षा का ध्यान रखा जाए। नशे की गोलियां, इंजेक्शन, सीरप के सेवन की प्रवृत्ति पर पूर्ण रूप से विराम लगाये एवं विक्रेताओं पर कड़ी कार्यवाही करें। गांजा परिवहन व विक्रय पर भी अंकुश लगायें, सीमावर्ती जिलों में चेकपोस्ट मजबूत करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के कारोबार के नेटवर्क को जड़ से ख़त्म करने के लिए पुलिस सख्त कार्रवाई करें। अन्य राज्यों से हर स्तर पर जरूरी समन्वय करें। नशीले पदार्थ के उत्पादक और इससे जुड़े नेटवर्क के स्रोत तक पहुँचकर कार्रवाई करें। उन्होंने नशीले पदार्थो की तस्करी को तोड़ने के साथ नशा मुक्ति केन्द्रों के सुदृढ़ीकरण पर जोर दिया।

महिलाओं के विरुद्ध अपराधों को रोकने पीसीआर वाहन शीघ्र शुरू होंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस के अधिकारी फील्ड में अधिक समय दें, लोगों से सम्पर्क बढ़ायें और विजिबल पुलिसिंग की अवधारणा पर काम करें। एसपी स्वयं रात्रि गश्त में निकलें। महिलाओं व बच्चियों के लिए सुरक्षित माहौल बनायें, ’हमर बेटी, हमर मान” अभियान को बेहतर ढंग से संचालित करें। उन्होंने महिलाओं के विरूद्ध अपराध रोकरने के लिए शीघ्र पीसीआर वाहन शुरू करने के निर्देश दिए। सायबर ठगी की घटनाएं लगातार बढ़ रही है, इससे बचने के लिए जन-जागरूकता कार्यक्रम चलायें। धान खरीदी प्रारंभ होने वाली है, पड़ोसी राज्यों से अवैध धान परिवहन पर अंकुश लगाने की ठोस कार्य योजना बनाए। अनूसूचित जाति, जनजाति के विरुद्ध अपराधों में पीड़ित को सहायता राशि शीघ्रता से उपलब्ध कराएं। उन्होंने सड़क सुरक्षा हेतु किए गये प्रयासों की समीक्षा करते हुए सड़क दुर्घटनाओं को रोकने हेतु पूरे प्रयास करने के निर्देश दिये।

विगत वर्षों में नक्सल घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आयी
मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए इन क्षेत्रों में स्थापित किए जा रहे कैम्पों के साथ ही ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ लोगों को रोजगार से जोड़ा जाए। बस्तर में नक्सल समस्या समाप्त करने हेतु रोजगार मूलक कार्यों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण सड़क निर्माण पूर्ण हो चुका है, इससे वहां विकास की गति बढ़ी है। सड़क निर्माण से कनेक्टिविटी बढ़ने से अंदरूनी क्षेत्रों में विकास कार्य संभव हुये हैं। मुख्यमंत्री ने अंदरूनी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मोबाईल टॉवर की स्थापना तेजी से करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि अंदरूनी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 525 मोबाईल टॉवर को 4-जी में परिवर्तित किया जा रहा है। अधिकांश इलाकों को मोबाईल कनेक्टिविटी से जोड़ लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त सुरक्षा मुहैया करायी जाए। नक्सल क्षेत्रों में व्हीआईपी भ्रमण के दौरान सुरक्षा का ध्यान रखा जाए।

मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने कहा कि कलेक्टर और एसपी बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें। यह समन्वय भी निचले स्तर पर भी दिखना चाहिए। दुर्घटना के समय त्वरित कार्यवाही के लिए एसओपी तैयार की जाए।

कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस महानिदेशक ने बताया कि कानून व्यवस्था पर प्रभावी नियंत्रण हेतु पुलिस अधीक्षक, रायपुर प्रशांत अग्रवाल, चिटफंड कम्पनियों एवं नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्यवाही तथा सामुदायिक पुलिसिंग के कार्य हेतु तत्कालीन पुलिस अधीक्षक, राजनांदगांव संतोष सिंह एवं नक्सल अभियान के दौरान प्रभावी नक्सल विरोधी अभियान हेतु पुलिस अधीक्षक, सुकमा सुनील शर्मा के कार्यों की प्रशंसा करते हुए उन्हें उक्त क्षेत्र में श्रेष्ठ जिला के रूप में चिन्हित किया गया।

इसी तरह अपराध नियंत्रण, अपराधिक प्रकरणों के निराकरण, महिला, बच्चों एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के व्यक्तियों का संरक्षण, थानोें से प्रदान की जाने वाली सेवाओं, दुर्घटनाओं पर नियंत्रण, सामुदायिक पुलिसिंग, नवाचार आदि बिन्दुओं पर प्रदेश के थानों की रैंकिंग की गई, जिसमें थाना कोतवाली, रायगढ़ को उत्कृष्ट शहरी थाना एवं थाना पाटन, जिला दुर्ग को उत्कृष्ट ग्रामीण थाना के रूप में चिन्हित किया गया। जबकि नक्सल विरोधी अभिमान में सर्वश्रेष्ठ कार्य हेतु थाना कोहकामेटा, जिला नारायणपुर को चिन्हित किया गया।

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जिले के आधार ऑपरेटर दिलीप साहू आधार एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित*

*ई सेवाओं के लिए विभाग की प्रशंसा की गई 

जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कार्यालय ई गवर्नन्स जांजगीर चाम्पा के आधार ऑपरेटर श्री दिलीप साहू तहसील नवागढ़ को रजिस्ट्रार इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी,गवर्न्मेंट ऑफ़ छत्तीसगढ़ के अंतर्गत पूरे छत्तीसगढ़ में उत्कृष्ट कार्य हेतु क्षेत्रीय कार्यालय UIDAI हैदराबाद द्वारा मुख्य सचिव  अमिताभ जैन सर के हाथों 7 अक्टूबर को आधार एक्सीलेंस अवार्ड  से सम्मानित किया गया और ई सेवाओं हेतु विभाग की प्रशंसा की गयी।

 ई जिला प्रबंधक सुनील कुमार साहू ने बताया कि जिला जांजगीर चाम्पा कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा सर के निर्देश में ई-गवर्नन्स जांजगीर चिप्स विभाग द्वारा जिले में ई-गवर्नन्स सेवाओं को सरल व सुगम बनाने हेतु लगातार प्रयास किया जा रहा है,जिससे यह सफलता पायी गयी है।

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धान बेचने में किसानों को न हो कोई दिक्कत : भूपेश बघेल

 धान खरीदी को लेकर मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को दिए निर्देश

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल ने खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 के लिए समर्थन मूल्य धान खरीदी को लेकर पूरी तैयारी रखने के निर्देश सभी जिला कलेक्टरों को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि, धान बेचने में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री बघेल ने आज से राजधानी रायपुर में आयोजित दो दिवसीय कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कानून-व्यवस्था समेत प्रदेश में धान खरीदी तैयारियों और विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा भी की।

कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस के पहले दिन मुख्यमंत्री बघेल ने खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 के लिए धान खरीदी को लेकर जिला स्तर पर तैयारियों पर जिला कलेक्टर से सीधी बात की। इस दौरान उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि, प्रदेश में नवम्बर से धान खरीदी प्रारंभ होने वाली है, इस लिहाज से पूर्ण तैयारी रखें। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बघेल की घोषणा के अनुरूप छत्तीसगढ़ राज्य में 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू कर दी जाएगी। खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का लक्ष्य 1 करोड़ 10 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है। ऐसे में धान केन्द्रों केन्द्रों में आवश्यक व्यवस्था और सुविधाएं समेत प्राथमिकता के साथ बारदाना की उपलब्धता पर जोर दिया गया।

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बलात्कार के आरोपी कांग्रेस नेता पर हो कड़ी कार्रवाई

 रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ के चिरमिरी भरतपुर जिले में युवक कांग्रेस के अध्यक्ष शाहनवाज अली के खिलाफ दर्ज नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार की घटना को दबाने की कोशिश की जा रही है। भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य एवं भाजपा नेता नजमा खान ने यह आरोप लगाया है। भाजपा नेत्री  नजमा ने एक बयान में कहा है कि भरतपुर चिरमिरी जिले के कांग्रेस नेता शाहनवाज अली के विरुद्ध एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार की रिपोर्ट पुलिस थाने में पीड़िता के परिजनों ने दर्ज कराई है। पुलिस ने इस मामले में शाहनवाज अली के चार सहयोगियों और शाहनवाज अली की परिचित युवती प्रीति पांडे को गिरफ्तार कर लिया है।

कांग्रेस नेता शाहनवाज अली को कांग्रेस पार्टी से निष्कासित करने की मांग करते हुए भाजपा नेत्री नजमा खान ने कहा  कि नाबालिग लड़की का कांग्रेस नेता और उसके सहयोगी विगत 7 महीने से शोषण कर रहे थे। हर बार पीड़िता को धमकी देकर चुप कराया जाता रहा जब पीड़िता ने अपने ऊपर हुए शारीरिक और मानसिक अत्याचार की जानकारी अपने परिजनों को दी तब यह मामला पुलिस थाने तक पहुंचा। फिलहाल पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को हिरासत में तो लिया है लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष शाहनवाज अली जो इस जघन्य कांड के मुख्य आरोपी हैं उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है। नजमा खान ने कहा कि समाज में महिलाओं पर अत्याचार करने वाले ऐसे असामाजिक तत्वों को राजनीतिक दलों में भी कोई जगह नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि कांग्रेस के आरोपी नेता को तत्काल पार्टी से बाहर निकाला जाए और उनके कड़ी धाराएं लगाकर कड़ी सजा दी जाए।

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मुख्यमंत्री बघेल 10 को वनांचल क्षेत्र झलमला और सहसपुर लोहारा के प्रवास पर

 कवर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भेंट-मुलाकात अभियान के तहत 10 अक्टूबर को कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के वनांचल क्षेत्र झलमला और सहसपुर लोहारा के दौरे पर आ रहे है। प्रदेश सरकार की योजनाओं व कार्यक्रमों का जमीनी स्तर पर आंकलन करने और आम नागरिकों से सरकार की योजनाओं का फीडबैक लेने प्रदेश व्यापी भेंट मुलाकात कार्यक्रम को बेहतर प्रतिसाद मिल रहा है। मुख्यमंत्री इस दौरान आम लोगों से रू-ब-रू भी हो रहे है। मुख्यमंत्री बघेल इससे पहले जिले के पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के लोगों से अपने भेंट मुलाकात कर चुके हैं।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में आम जनता से भेंट-मुलाकात के अभियान की शुरुआत 4 मई से की है। मुख्यमंत्री अब तक भेंट-मुलाकात अभियान के तहत 17 जिलों के 35 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं। विधानसभा क्षेत्र दौरा में सरगुजा संभाग की 14 विधानसभा, बस्तर संभाग की 12 विधानसभा, बिलासपुर संभाग गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले की मरवाही विधानसभा तथा रायगढ़ जिले के रायगढ़, लैलूंगा, खरसिया व धरमजयगढ़, बालोद जिले की डौडीलोहारा, गुण्डरदेही और संजारी बालोद, कबीरधाम जिले के पंडरिया विधानसभा शामिल हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल संपर्क-संवाद समाधान के ध्येय के साथ अपने भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के माध्यम से आम जनता से सीधी बात और उनकी समस्याओं को जानकर उनका निराकरण भी कर रहे हैं। भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान जनता जनार्दन की मांग पर मुख्यमंत्री क्षेत्र के विकास के लिए घोषणाएं भी कर रहे हैं।

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पूर्व महापौर प्रमोद दुबे को हिमाचल प्रदेश की मंडी विधानसभा की पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पूर्व महापौर व नगर निगम रायपुर के सभापति प्रमोद दुबे को हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में जिला मंडी के मंडी विधानसभा 33 के पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति एआईसीसी के हिमाचल प्रदेश के प्रदेश प्रभारी व कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य एवं राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला की ओर से की गयी।

 
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पाँच किमी लम्बे सांस्कृतिक मार्च के साथ जसम के सम्मेलन का आग़ाज़!

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। फासीवाद के ख़िलाफ़ प्रतिरोध, आजादी और लोकतंत्र की संस्कृति के लिए एकजुटता का आह्वान करते हुए आज छत्तीसगढ़, रायपुर के पंजाब केसरी भवन में जसम का राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हुआ। सम्मेलन स्थल, परिसर, सभागार और मंच को मुक्तिबोध, कॉमरेड बृजबिहारी पांडे, रामनिहाल गुंजन, मंगलेश डबराल व हबीब तनवीर को समर्पित किया गया था।

सम्मेलन में शिरकत करने देश के विभिन्न राज्यों, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, बंगाल, दिल्ली, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश आदि से लेखक, कलाकार, नाटककार, संस्कृतिकर्मी व सामाजिक कार्यकर्ता आए हुए हैं।

सम्मेलन की शुरुआत एक प्रतिरोध मार्च से हुई। मार्च आशीर्वाद भवन से चलकर डॉ अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए शहीद ए आज़म भगत सिंह की मूर्ति तक पहुँची। जन संस्कृति मंच के अध्यक्ष प्रो राजेंद्र कुमार ने एक संक्षिप्त वक्तव्य में मौजूदा निज़ाम के ख़िलाफ़ सम्विधान की हिफ़ाज़त और लोकतंत्र की लड़ाई के लिए एकजुटता का आह्वान किया।

सम्मेलन के उद्घाटन सत्र का आरंभ सम्मेलन स्वागत समिति के संयोजक राजकुमार सोनी ने किया। मुक्तिबोध व हबीब तनवीर आदि रचनाकारों और शंकर गुहा नियोगी आदि शहीदों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि फ़ासीवादी ताक़तें इस देश की अवाम को तबाह कर रही हैं, उनके संसाधन लूट रही हैं और कारपोरेट के कंधों पर चढ़कर जनता पर दमन ढ़ा रही हैं। भाजपा-संघ के फ़ासीवादी निज़ाम से लड़ने की रणनीति खोजने को फ़ौरी जरूरत बताते हुए उन्होंने अतिथियों व भागीदारों का स्वागत किया।

इस सत्र के मुख्य अतिथि जाने-पहचाने गाँधीवादी और मानवाधिकार कार्यकर्ता हिमांशु कुमार थे। उन्होंने गाँधी जी को याद करते हुए कहा कि वे अंग्रेजी विकास के मॉडल को शैतानी मॉडल कहा करते थे। दरअसल विकास का यह मॉडल कहता है कि जिसके पास ज्यादा है, वही विकसित है। यही ज्यादा हासिल करने के लिए पूँजीपति सरकारों के सहारे जल-जंगल-जमीन और तमाम संसाधनों की लूट में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत की सरकार ने जनता के खिलाफ सम्पूर्ण युद्ध इन्हीं संसाधनों की लूट के लिए शुरू किया है और भारत का लोकतंत्र पूरी तरह सैन्यतंत्र में बदल चुका है। अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि आदिवासियों की अगुवाई में हम इस फ़ासीवादी निज़ाम से बिना डरे लड़ें हैं। उन्होंने कहा कि हमारा काम फ़ासीवादी निज़ाम के खिलाफ लड़ रहे लोगों की लड़ाई में शामिल होना है।

विशिष्ट अतिथि भँवर मेघवंशी ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारे देश में लोकतांत्रिक मूल्यों का क्षरण हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस फ़ासीवादी निज़ाम को सिर्फ राजनीति के मोर्चे पर ही नहीं संस्कृति के मोर्चे पर भी शिकस्त देनी होगी। फ़ासीवाद को परास्त करने के लिए उन्होंने छोटी-छोटी प्रतिरोध लड़ाइयों का व्यापक साझा मोर्चा बनाने की अपील की। 

युवा कार्यकर्ता और ट्राली टाइम्स की सम्पादक मंडल की सदस्य नवकिरन नट ने कहा कि किसान आंदोलन ने इस निज़ाम से लड़ने की एक राह विकसित की है। उन्होंने किसान आंदोलन में किए गए बहुत से सांस्कृतिक प्रयोगों को रेखांकित करते हुए संस्कृति के मोर्चे पर लड़ाई को बहुत जरूरी बताया।

सम्मेलन में बिरादराना संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी शिरकत की। दलित लेखक संघ की ओर से संरक्षक हीरालाल राजस्थानी का संदेश आँचल बाबा ने पढ़ा। प्रगतिशील लेखक संघ की ओर से कथाकार रणेंद्र ने और जनवादी लेख संघ की ओर से नासिर अहमद सिकंदर ने सम्मेलन के लिए संदेश दिया और मौजूदा दौर में सभी संघर्ष की ताक़तों की एकजुटता का आह्वान किया।

सम्मेलन का संचालन आलोचना पत्रिका के सम्पादक आशुतोष कुमार ने लिया और धन्यवाद ज्ञापन जसम के रायपुर अध्यक्ष आनंद बहादुर ने किया।

इस सत्र की अध्यक्षता जन संस्कृति मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो राजेंद्र कुमार ने की।

सम्मेलन स्थल पर एक कला-प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया था। युवा चित्रकार राकेश दिवाकर को सामर्पित इस प्रदर्शनी में वरिष्ठ कवि व चित्रकार अजय कुमार के पोस्टकार्ड-चित्रों की प्रदर्शनी है, युवा कलाकार नितिन की चित्र प्रदर्शनी है और विभिन्न कविताओं के पोस्टर लगाए गए हैं, जिन्हें युवा चित्रकारों अनुपम, नितिन व लाबनी ने तैयार किया है। सम्मेलन स्थल पर पुस्तक प्रदर्शनी भी लगाई गयी है।

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14 समाजों को मुख्यमंत्री के हाथों मिली सामाजिक भवनों के लिए भूमि

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व के प्रमुख रस्मों में एक मुरिया दरबार में शामिल होने जगदलपुर पहुँचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 14 विभिन्न समाजों को सामाजिक भवनों के निर्माण के लिए भूमि की सौगात दी। टॉउन क्लब मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने बढ़ाई समाज, कायस्थ समाज, घसिया समाज, नाई समाज, कलार समाज, यादव समाज, विश्वकर्मा समाज, राजपूत क्षत्रिय समाज, सुंडी समाज, उरांव(कुडुख) समाज, साहू समाज, मुंडा समाज पोटानार व सौतनार और भतरा समाज के सामाजिक भवनों के निर्माण के लिए पट्टा प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को भवनों के मालिकाना हक, पट्टा मिलने से सामाजिक कार्यों सहित अपने समाज के उन्नति और विकास में भवनों का उपयोग करेंगे। उन्होंने पट्टा वितरण के लिए समाज के साथ-साथ जिला प्रशासन के राजस्व विभाग को बधाई और शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बस्तर  जिले के 437 ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक सुविधाओं के लिए ग्रामीण सचिवालय का शुभारंभ किया। साथ ही टी बी मुक्त्त बस्तर अभियान के लिए निःक्षय बस्तर का शुभारंभ किए। इसके अलावा स्कूलों की मॉनिटरिंग के लिए विद्या जतन एप्प का लॉच किये। मुख्यमंत्री के समक्ष जिले के 108 ग्रामों में फ्री वाई फाई सेवा के लिए जिला प्रशासन और बी एस एन एल के मध्य  एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया।



इस अवसर पर उद्योग व जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा, सांसद दीपक बैज, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल,उपाध्यक्ष संतराम नेताम, विक्रम मंडावी, संसदीय सचिव रेखचन्द जैन, हस्त शिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप, कोंडागांव  विधायक मोहन मरकाम,चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम, महापौर श्रीमती सफीरा साह, नगर निगम सभापति श्रीमती कविता साह, कमिश्नर श्याम धावड़े, आई जी सुंदर राज पी., कलेक्टर चंदन कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मीणा सहित अन्य  जनप्रतिनिधि,विभिन्न समाजों के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।

 

 

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खैरागढ़ संभाग में एरियर्स वसूली के लिए चला अभियान : 670 बकायेदार उपभोक्ताओं से वसूले 61 लाख 60 हजार की बकाया राशि, 496 बकायादारों के काटे गये बिजली कनेक्शन

 राजनांदगांव/खैरागढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। खैरागढ़ संभाग में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूसन कंपनी द्वारा बकायेदार उपभोक्ताओं से एरियर्स वसूली के लिए सघन अभियान चलाया गया एवं छुईखदान, गंडई एवं खैरागढ़ उपसंभाग के सभी वितरण केन्द्रों में बकायेदार उपभोक्ताओं के कनेक्शनों के विच्छेदन की कार्यवाही करते हुए ऐसे 496 विद्युत कनेक्शन विच्छेदित किये गये। साथ ही 670 बकायादार उपभोक्ताओं से 61 लाख 60 हजार रूपए की राशि  का भुगतान भी प्राप्त किया गया। गौरतलब है कि बिजली विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को निर्धारित समयावधि पर बिजली बिल के भुगतान के लिए बिल वितरण की व्यवस्था कराई जाती है। उसके बाद बिजली बिल के देयको के भुगतान में विलंब होने पर बार-बार ध्यान आकृश्ट कराये जाने के बाद भी बिल नही पटाने वाले उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन  को काटने की कार्यवाही की जा रही है। इस कार्यवाही के दरमियान विद्यमान सर्विस कनेक्शनों  में बायपास एवं हुकिंग कर बिजली चोरी के प्रकरण पाये जाने पर उनके विरूद्ध भी कार्यवाही की जा रही है।

खैरागढ़ संभाग के कार्यपालन अभियंता छगन शर्मा ने बताया कि सहायक अभियंता एवं कनिश्ठ अभियंता स्तर के अधिकारियों के द्वारा कार्यवाही करते हुए 496 उपभोक्ताओं द्वारा 45 लाख 70 हजार रूपये बकाया भुगतान नहीं किये जाने पर उनके विद्युत कनेक्शन काट दिए गये हैं। इस दौरान मीटर रीडिंग के लिए अनुबंधित रीडरों द्वारा संपादित किये जा कार्यो का भी निरीक्षण किया जा रहा है। उन्होने बकायादार उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा है कि विद्युत देयकों का भुगतान नियमित रूप से करें ताकि विच्छेदन की कार्यवाही से होने वाली असुविधा से बचा जा सके।

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