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खनिज विभाग में फेरबदल, 16 अधिकारी इधर-उधर...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश सरकार ने खनिज विभाग के 16 अधिकारीयों का तबादला किया है। सूची में डिप्टी डायरेक्टर से लेकर खनिज अधिकारी, खनिज निरीक्षक व सहायक खनिज अधिकारी के नाम शामिल हैं। देखें ट्रांसफर आर्डर...

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भाजपा ने नेता प्रतिपक्ष का चेहरा बदला अपना चरित्र नही : मोहन मरकाम

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भाजपा के नेता प्रतिपक्ष बदले जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, भाजपा नेतृत्व मुगालते में है कि वह नेतृत्व में बदलाव कर छत्तीसगढ़ में जनता का खोया भरोसा फिर से जीत लेगी। राज्य की जनता भाजपा के चरित्र को समझ चुकी है इसीलिये 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद चुनाव दर चुनाव जनता भाजपा पर अविश्वास जता रही है। भाजपा कुछ भी कर ले 2023 के चुनाव में एक बार फिर से भाजपा का सफाया होगा। कांग्रेस की सरकार बनेगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष विष्णु देव साय के बाद नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक को पद से हटा कर भाजपा खुद को रमन सिंह के साये से दूर होने का दिखावा कर रही है। भाजपा नेतृत्व को लगता है कि वह रमन सिंह गुट के लोगों को दरकिनार कर के 15 साल के भाजपा के कुशासन से जनता का ध्यान हटा लेंगे। भाजपा नेतृत्व भुलावे में हैं। ताश के 52 पत्ते होते है भाजपा का 52 का 52 पत्ता दागदार है। भाजपा में ऐसा एक भी नेता नहीं है जिसके ऊपर भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी का दाग न लगा हो। भाजपा किसी भी नेता को सामने लाये कोई फर्क नहीं पड़ने वाला छत्तीसगढ़ की जनता भाजपा के भ्रष्टाचार वाले शासन की कल्पना से सिहर उठती है जब मुख्यमंत्री को अपने नेताओं से भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी बंद करने की गुहार लगानी पड़ती थी।

 
 
 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भाजपा ने आदिवासी वर्ग के अध्यक्ष को हटाया था तो यह उम्मीद जागी थी नेता प्रतिपक्ष की जवाबदारी किसी आदिवासी नेता को दी जायेगी। भाजपा के पास आदिवासी समाज से वरिष्ठ और समर्थ विधायक के रूप में ननकी राम कंवर थे, लेकिन भाजपा नेतृत्व की मानसिकता आदिवासी विरोधी है इसीलिये ननकी राम जैसे वरिष्ठ नेता के नाम पर विचार नहीं किया।

 
 
 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भाजपा को छत्तीसगढ़ की जनता को बताना चाहिए जिस धरमलाल कौशिक को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी क्या वह नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी निभाने में असफल रहे हैं? क्या नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक आर.एस.एस. और भाजपा के तानाशाह लीडरों के हां में हां नहीं मिलाते थे इसलिए उन्हें बदल दिया गया? इसका जवाब देना चाहिए। धरमलाल को क्यों हटाया गया?

 
 
 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि वैसे भी नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक नेता प्रतिपक्ष के जिम्मेदारियों को कम डॉ. रमन सिंह के सिपासलार होने के जिम्मेदारियों को ज्यादा निभाते थे। राज्य सरकार ने 36 हजार करोड़ के नान घोटाले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया ताकि नान घोटाले के आरोपी मैडम सीएम और अन्य की गिरफ्तारी हो सके तो धरमलाल कौशिक ने न्यायालय में याचिका लगाकर भ्रष्टाचारियों को बचाने की कोशिश किया। झीरम घाटी कांड की सच्चाई जनता के बीच उजागर हो इसके लिए न्यायिक जांच आयोग के कार्यकाल को बढ़ाया गया तो जांच को रुकवाने के लिए धरमलाल कौशिक न्यायालय गए और झीरम घाटी कांड के षड्यंत्रकारियो को अप्रत्यक्ष रूप से बचाने का काम किए। धरमलाल कौशिक कभी भी एक नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं किए वह पूरी तरीके से रमन सिंह के एजेंट की तरह ही काम करते थे, उसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा।

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कलेक्टर ने किया आश्रम, स्कूल व कॉलेज का आकस्मिक निरीक्षण

 कांकेर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर शुक्ला आज दुर्गूकोंदल विकासखंड के स्कूलों तथा कॉलेज का आकस्मिक निरीक्षण किया तथा प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए बनाये गये मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता परखने भोजन को चखकर भी देखा।

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय दुर्गूकोंदल के निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षा 10वीं के छात्र-छात्राओं से चर्चा की, उन्हें प्रसन्न मन से पढ़ाई करने के लिए समझाईश देते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के पदों पर चयनित होने के लिए प्रोत्साहित किया। गत दिवस हुई पढ़ाई की अनिवार्य रूप से रिविजन करने की समझाईश भी दी गई। सभी बच्चों से पढ़ाई के विषय में जानकारी लिया तथा कक्षा शिक्षक से प्रतिदिन एक घण्टा अतिरिक्त कक्षा लेने व प्रत्येक शनिवार को गणित विषय की साप्ताहिक परीक्षा लेने और प्रति सोमवार को गत सप्ताह की पढ़ाई के संबंध में प्रश्न पूछकर बच्चों को पेन आदि भेंटकर प्रोत्साहित किए जाने के निर्देश प्राचार्य को दिए। कक्षा 10वीं की छात्रा प्राची की ओर से जैवभार पिरामिड का ब्लैकबोर्ड पर अच्छा विशलेषण किया गया।

 

कलेक्टर डॉ प्रियंका शुक्ला की ओर से माध्यमिक शाला व आदर्श कन्या आश्रम चेमल का भी आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रसोई कक्ष और विद्यार्थियों के लिए बनाये गये मध्यान्ह भोजन का अवलोकन किया गया तथा भोजन की गुणवत्ता  परखने चखकर भी देखा व निर्धारित मेन्यू के अनुसार बच्चों को भोजन परोसने के निर्देश आश्रम अधीक्षक को दिये। आश्रम अधीक्षिका चन्द्रिका सहारे ने बताया कि कन्या आश्रम में 42 छात्राएं हैं तथा सुरक्षा गार्ड भी पदस्थ है। कलेक्टर ने बच्चों के कंघी को नियमित रूप से बदलने के लिए आश्रम अधीक्षिका को निर्देशित करते हुए आश्रम के गार्डन की प्रशंसा किया।  

 

कलेक्टर डॉ प्रियंका शुक्ला ने कंगलू कुम्हार शासकीय महाविद्यालय दुर्गूकोंलद का भी आकस्मिक निरीक्षण किया। महाविद्यालय में परिसर के टाईल्स टूटे हुए पाए गए, शौचालयों की स्थिति भी खराब पाई गई, जिसे तत्काल सुधारने के लिए लोक निर्माण विभाग के उप अभियंता तथा पेयजल समस्या के समाधान के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया गया। इस महाविद्यालय का एक सप्ताह के बाद पुन: निरीक्षण करने के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल व एसडीएम भानुप्रतापपुर मनीष साहू को कलेक्टर की ओर से निर्देश दिये गये, साथ ही महाविद्यालय में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के लिए प्राचार्य बीएल बढ़ई को निर्देशित किया गया। निरीक्षण के दौरान जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष कैलाश राणा भी उपस्थित थे।

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कोविड-19 टीकाकरण : विशेष अभियान में टीका लगाने के लिए ग्रामीणों में दिखा उत्साह

 जगदलपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कोविड-19 की रोकथाम के लिए 17 अगस्त को चलाए गए विशेष टीकाकरण अभियान में लोगों में जमकर उत्साह दिखा। समाचार लिखे जाने तक 50 हजार से अधिक लोगों ने कोरोना का टीका लगवा लिया था। शनिवार रात से लगातार डेढ़ दिनों तक हुई मुसलाधार वर्षा के कारण नदी-नालों में आए उफान के कारण कई मार्गों के बाधित होने के बावजूद कोरोना पर नियंत्रण के लिए टीकाकरण दल गांव-गांव पहुंचे। 

बुधवार को टीकाकरण के लिए  549 केन्द्र बनाए गए थे। इनमें बस्तर विकासखंड में 91, बकावंड में 85, बड़े किलेपाल में 34, तोकापाल में 68, दरभा में 55, नानगुर में 127, लोहण्डीगुड़ा में 64 और जगदलपुर शहरी क्षेत्र मेें 25 स्थानों पर टीकाकरण केन्द्र बनाए गए थे। टीकाकरण के इस विशेष अभियान को सफल बनाने के लिए टीकाकरण दल के सदस्य घर-घर पहुंचे। इसके साथ ही खेतों में पहुंचकर भी लोगों को टीका लगाया। टीकाकरण के इस  कार्य को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की सहायता राजस्व, महिला व बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास के अधिकारी-कर्मचारियों ने भी सहायता की।

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मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव के दिए निर्देश

राहत शिविरों में दवाईयों, भोजन सहित साफ-सफाई की व्यवस्था रखने को कहा

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ तथा अधिक वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों पर तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा है कि जहां पर जल स्तर में बढ़ोत्तरी हो रही हो वहां पर जिला प्रशासन निरंतर नजर रखे और एसडीआरएफ की टीम को एलर्ट मोड पर रखे। ऐसे क्षेत्रों में मुनादी करवाकर आमजनों को जागरूक करें तथा राहत एवं बचाव के लिए बोट, नाव और गोताखोरों को तैयार रखे। साथ ही उन्होंने जिला स्तर पर बनाये गए कन्ट्रोल रूम को निरंतर अलर्ट रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए बनाए गए राहत शिविरों में दवाईयों, भोजन तथा साफ-सफाई रखने को कहा है। मुख्यमंत्री ने बाढ़ से हुए नुकसान का सर्वे कर मुआवजे की राशि का वितरण करने के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन में रायगढ़ जिले की कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने राजस्व सहित सभी संबंधित विभाग के अधिकारियों को फील्ड में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिले में बाढ़ की स्थिति के मद्देनजर एनआरडीएफ की टीम को समन्वय कर बाढ़ प्रभावित सरिया एवं पुसौर के लिए रवाना किया। इनमें दो टीम को सरिया एवं एक टीम को पुसौर में तैनात किया जाएगा। श्रीमती साहू ने केलो डेम का निरीक्षण कर जल भवराव का जायजा लिया और चक्रपथ की ऊंचाई बढ़ाने के संबंध में जल्द रेलवे के अधिकारियों के साथ बैठक करने के निर्देश नगर निगम आयुक्त को दिए।

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार दुर्ग जिले में कलेक्टर तथा अन्य अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया। कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने ग्राम अलबरस, भरदा आदि गांवों का निरीक्षण कर ग्रामीणों से जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार होमगार्ड के जवानों को मुस्तैद रखा गया था। इन जवानों ने ग्राम अलबरस में फंसे 25 लोगों को रेसक्यू कर बचाया था। इनमें एक नवजात शिशु भी शामिल था।

बस्तर जिले के इंद्रावती सहित अन्य नदी-नालों में निर्मित नदी नालों में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन द्वारा शिविरों में बाढ़ प्रभावित परिवारों को रखा गया है और उन्हें पेयजल, भोजन, चिकित्सा, आदि मुलभूत आवश्यकताएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। जगदलपुर शहर में वर्तमान में पनारापारा, उत्कल भवन, भैरमगंज पुत्री शाला, भगत सिंह स्कूल, बस्तर तहसील के मधोता में माटापारा प्राथमिक शाला और अटल समरसता भवन, लोहण्डीगुड़ा तहसील में कुम्हली स्थित प्राथमिक शाला और उसरीबेड़ा स्थित अटल समरसता भवन में बाढ़ प्रभावितों को आश्रय दिया गया है।

जांजगीर जिले में कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा के निर्देश पर राहत और बचाव के लिए प्रभारी अधिकारी और हेल्पलाइन नबंर जारी किया गया है। इसमें आम नागरिक आपात स्थिति में सूचना दे सकता है। इनके प्रभारी अधिकारी- संयुक्त कलेक्टर आर.के.तम्बोली को बनाया गया है, जिनका मोबाइल नंबर-9424164556 और कंट्रोल रूम का हेल्पलाइन नम्बर-07817-222032 है। इसमें आम नागरिक आपात स्थिति में सूचना दे सकते हैं।

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साइबर अपराधों के प्रति सतर्क करने राजधानी पुलिस ने शुरू किया 'सुनो रायपुर' अभियान

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आम नागरिकों और युवाओं को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क करने रायपुर पुलिस ने 'सुनो रायपुर' जागरूकता अभियान की शुरुवात की। 7 दिन तक चलने वाला यह अभियान 21 अगस्त तक चलेगा। देशभर में इन दिनों लोग लेन-देन के लिए डिजिटल तरीके अपना रहे हैं, जिसके चलते इंटरनेट और स्मार्टफोन के उपयोग में बढोतरी हुई है। नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट्स करने के दौरान कई बार लोग साइबर फ्रॉड का शिकार होकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा देते हैं। पुलिस को साइबर ठगी की कई शिकायतें मिल चुकी हैं। लिहाजा रायपुर पुलिस ने लोगों को साइबर अपराधों का शिकार होने से बचाने के लिए 'सुनो रायपुर' जागरूकता अभियान प्रारंभ किया है। रायपुर पुलिस का जागरूकता अभियान शहर के साथ ही जिले के अनेक स्थानों पर चलाया जा रहा है।

स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा सन्देश एवं गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के मुख्य आतिथ्य में दीनदयाल उपाध्याय सभागृह में 'सुनो रायपुर' अभियान का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर संसदीय सचिव गृह विभाग विकास उपाध्याय, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक तकनीकी सेवाएं प्रदीप गुप्ता (भा.पु.से.), पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज बी.एन.मीणा (भा.पु.से.) एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर प्रशांत अग्रवाल (भा.पु.से.) भी उपस्थित रहे। शुभारंभ के अवसर पर अतिथियों द्वारा साइबर जागरूकता से संबंधित बुकलेट का विमोचन एवं साइबर जागरूकता से संबंधित सीडी एवं अभियान की टी-शर्ट का अनावरण किया। दीनदयाल उपाध्याय सभागृह की डिजिटल स्क्रीन में साइबर जागरूकता से संबंधित विडियो का प्रसारण भी किया गया।

साइबर अपराधों से लोगों को बचाने के लिए रायपुर पुलिस ने संदेश वाले रोचक वीडियो और अन्य तरह की सामग्री का निर्माण कराया है। जिसे जन-जन तक पहुंचाकर लोगों को साइबर ठगी के बारे में जानकारी दी जा सके। 'सुनो रायपुर' अभियान में पुलिस के जवानों के साथ ही 400 वालेंटियर्स भी हिस्सा ले रहे हैं । अभियान के तहत मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों तक जानकारी प्रसारित की जाएगी। पुलिस ने इस अभियान में साइबर एक्सपर्ट, पेमेंट गेटवे और बैंक्स के नोडल अधिकारियों को भी शामिल किया हैं। वे रायपुर पुलिस के फेसबुक और इंस्टा पेज पर लाइव सेशंस के माध्यम से लोगों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करेंगे।

फेसबुक एवं इंस्टाग्राम के माध्यम से साइबर एक्सपर्ट भी कर रहे जागरूक
'सुनो रायपुर' अभियान से जुड़कर साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट भी लोगों के सवालों के जवाब देंगे। अभियान के तहत आज साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट डॉ. रक्षित टंडन ने रायपुर पुलिस के आधिकारिक फेसबुक एवं इंस्टाग्राम पेज से लाइव आकर लोगों को जागरूक किया और सवालों के जवाब दिए। 17 अगस्त को मिलिंग अग्रवाल लाइव के माध्यम से लोगों से जुड़ेंगे और साइबर सिक्योरिटी की खास बातें बताएंगे। साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट लगातार अभियान से जुड़ेंगे और जनता के सवालों के जवाब देंगे।

शहरी एवं ग्रामीण सभी जगहों पर चलाया गया अभियान
15 अगस्त को रायपुर पुलिस की साइबर विशेषज्ञ टीम सहित थानों की टीमों द्वारा मैग्नेटो मॉल, सिटी सेंटर मॉल एवं अम्बूजा मॉल में जाकर आम जन के बीच साइबर संबंधी अपराधों से बचने हेतु बनाये गये विडियो का प्रसारण किया गया एवं साइबर जागरूकता उल्लेखित पाम्पलेट बांटे गये।
16 अगस्त रायपुर पुलिस की साइबर व थानों की टीमों द्वारा ग्रामीण थाना क्षेत्रों के धरसींवा, मंदिर हसौद, नेवरा एवं अभनपुर में भी साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों ने भारी संख्या में उपस्थित होकर रूचि लेते हुए अपनी सहभागिता निभाई तथा उनके द्वारा पूछे गये सवालों के जवाब देकर उनकी शंकाओं को दूर किया। ज़िले के सभी थाना क्षेत्रों में अलग अलग जगह यह अभियान चलाया गया। कई जगह लोगों ने इस मुहिम का स्वागत किया।

यह अभियान 21 अगस्त तक लगातार चलाया जाएगा
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर प्रशांत अग्रवाल "सुनो रायपुर" के माध्यम से रायपुर और छत्तीसगढ़ के सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि अभियान के तहत दी जाने वाली जानकरियों और सुझावों पर अमल करें, साइबर ठगी का शिकार होने से बचें, साइबर स्मार्ट बनें, और अन्य अपने आसपास वालों को भी यह जानकारी देकर साइबर स्मार्ट बनें।

 

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कोरोना बुलेटिन : प्रदेश में 285 नए मामले, रायपुर से 28

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 16 अगस्त की स्थिति में प्रदेश की पाॅजिटिविटी दर 2.91 प्रतिशत है। आज प्रदेश भर में हुए 9 हजार 791 सैंपलों की जांच में 285 व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। वहीं 338 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज हुए।

आज बीजापुर एवं दंतेवाड़ा से 01-01, गरियाबंद से 02, कबीरधाम से 03, जांजगीर-चांपा, कोरिया एवं रायगढ़ से 04-04, कोरबा एवं बलौदाबाजार से 05-05, सूरजपुर एवं कोंडागांव से 06-06, बस्तर, बेमेतरा, सरगुजा एवं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से 09-09, जशपुर से 10, राजनांदगांव से 11, बलरामपुर एवं बिलासपुर से 13-13, महासमुंद से 21, कांकेर एवं धमतरी से 24-24, रायपुर से 28, बालोद से 30, दुर्ग से 34 कोरोना संक्रमित पाए गए तथा शेष जिलों में कोरोना का कोई नया मामला नहीं आया है।

प्रदेश में आज 01 से 20 के मध्य 09 जिले सुकमा में 01, बीजापुर में 05, मुंगेली में 07, कबीरधाम में 14, नारायणपुर में 15, दंतेवाड़ा में 16, गरियाबंद में 18, जांजगीर-चांपा एवं सूरजपुर में 19-19 कोरोना सक्रिय मरीजों की संख्या रही।

 

 

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गौठान की महिलाएं बना रही फाईल-फोल्डर, कॉन्फ्रेंस-लेपटॉप बैग, पर्दा

देश के कृषि वैज्ञानिकों को दो दिवसीय कार्यशाला में दिया जाएगा केला तना रेशा से बना कान्फ्रेंस बैग

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा रायपुर में 16 एवं 17 अगस्त को आयोजित देशभर के कृषि वैज्ञानिकों की कार्यशाला में केला तना रेशा से बना कान्फ्रेंस बेग भेंट स्वरूप दिया जाएगा। केला तना रेशा से यह कान्फ्रेंस बेग बेमेतरा जिले के साजा विकासखण्ड के आदर्श गौठान राखी से जुड़ी उन्नति केला तना रेशा उत्पादक महिला समूह ने तैयार किया है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के ऑर्डर पर महिला समूह ने 250 नग कान्फ्रेंस बेग की आपूर्ति की है।

गौरतलब है कि देश में दलहनी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान एवं विकास के लिए कार्ययोजना एवं रणनीति तैयार करने देश के विभिन्न राज्यों के सौ से अधिक दलहन वैज्ञानिक, 17 एवं 18 अगस्त को कृषि विश्वविद्यालय में जुटेंगे। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के सहयोग से यहां दो दिवसीय रबी दलहन कार्यशाला एवं वार्षिक समूह बैठक का आयोजन किया जा रहा है। कृषि महाविद्यालय रायपुर के सभागृह में आयोजित इस कार्यशाला का शुभारंभ कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे करेंगे। दो दिवसीय रबी दलहन कार्यशाला में दलहन की फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए नवीन उन्नत किस्मों विकास एवं अनुसंधान पर विचार-मंथन किया जाएगा। 

यहां यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप राज्य के गौठानों को रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां कृषि एवं वनोपज आधारित उत्पाद के प्रसंस्करण के अलावा समूह की महिलाएं विविध प्रकार की आयमूलक गतिविधियां संचालित कर रही है। आदर्श गौठान ग्राम राखी में महिला समूह द्वारा केला तना से केला तना रेशा, केला तना जल व पल्प का निष्कासन किया जा रहा है। इस काम में उन्नति केला तना रेशा उत्पादक महिला समिति की महिलाएं जुटी हुई हैं।

कृषि विज्ञान केन्द्र ढोलिया बेमेतरा के कृषि वैज्ञानिक डॉ. रंजीत सिंह राजपुत ने बताया कि केला तना रेशा उत्पादक इकाई से केला तना रेशा निकाल कर महिलाओं द्वारा हैण्डलूम में मेट बनाने का कार्य किया जा रहा है। केला तना रेशा मेट को सिलाई कर कान्फ्रेन्स बेग तैयार किया गया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा उन्नति केला तना रेशा उत्पादक समिति की महिलाओं को पूर्व में हथकरघा एवं हस्तशिल्प निर्माण का 15 दिवसीय प्रशिक्षण के साथ ही 7 दिवसीय सिलाई कार्य का भी प्रशिक्षण प्रदान दिया गया है। 

महिला समिति द्वारा केला तना रेशा मेट से फाईल-फोल्डर, कान्फ्रेन्स बेग, लेपटॉप बेग, पर्दा इत्यादि के साथ-साथ हैण्डबेग, टेबल रनर एवं अन्य उत्पाद तैयार किये जा रहे है। केला तना रेशा से निर्मित हस्तशिल्प एवं हथकरघा उत्पादों को छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न विभागों में होने वाले प्रशिक्षण, कान्फ्रेन्स, वर्कशॉप एवं कार्यालयीन उपयोग के लिए मांग अनुसार आपूर्ति की व्यवस्था की गई है।

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पहली बार दिखा ये नजारा जब झुमका बोट क्लब में पानी के बीचों-बीच लहराया तिरंगा

 कोरिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आह्वान पर पूरे प्रदेश में हमर तिरंगा अभियान के तहत स्वतंत्रता सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में जोश, उत्साह तथा देशभक्ति की भावना के साथ बारिश की रिमझिम फ़ुहारों के बीच झुमका बोट क्लब में पहली बार पानी के बीचों-बीच तिरंगा लहराया। यह पहला अवसर रहा, जब इस तरह पानी पर बोटिंग के माध्यम से तिरंगा लहराया। अथाह जलराशि के बीच इस अद्भुत दृश्य को देखने सैकड़ों लोग झुमका बोट क्लब में मौजूद रहे। 

जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर में झुमका बोट क्लब में आयोजित इस अनोखी तिरंगा यात्रा का नेतृत्व जेटस्की पर कलेक्टर कुलदीप शर्मा व पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल ने किया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ कुणाल दुदावत भी जेटस्की के माध्यम से शामिल रहे। स्कूली बच्चों, अधिकारियों, कर्मचारियों ने भी गुब्बारों से सजे बोट के माध्यम से पानी में तिरंगे लहराए और देशभक्ति के नारे लगाए। खूबसूरत नजारे को देखने बड़ी संख्या में लोगों ने पहुँचकर देशभक्ति के नारों के साथ सभी का उत्साहवर्धन कर तिरंगा यात्रा में अपनी सहभागिता निभायी।

झुमका बोट क्लब में 20 मीटर ऊंचा तिरंगा फहराया गया :

हमर तिरंगा अभियान के तहत जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी तिरंगा फहराया जा रहा है। इसी कड़ी में झुमका बोट क्लब में 20 मीटर ऊंचा तिरंगा फहराया गया। यहां रोशनी की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। हवा में ऊंचा लहराता तिरंगा हमें देशप्रेम, शांति, आपसी भाईचारे और सद्भावना का संदेश दे रहा है।

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उत्कृष्ट कार्य के लिए जनसंपर्क के वाहन चालक तुलाराम पुरस्कृत

 महासमुन्द (छत्तीसगढ़ दर्पण)। 15 अगस्त को आजादी के 75 वर्ष पूरा होने और 76वां स्वतंत्रता दिवस पर जिला स्तरीय समारोह में जिला जनसंपर्क कार्यालय में कार्यरत वाहन चालक  तुलाराम गायकवाड़ को उनके उत्कृष्ट कार्य सम्पादित करने पर संसदीय सचिव वं विधायक  विनोद चंद्राकर ने आज मंच से पुरस्कृत किया। इस दौरान कलेक्टर  निलेशकुमार क्षीरसागर, पुलिस अधीक्षक  भोजराज पटेल, सीईओ  एस. आलोक, वन मंडलाधिकारी  पंकज राजपूत सहित अपर कलेक्टर  ओ.पी. कोसरिया, अतिरिक्त कलेक्टर डॉ. नेहा कपूर, जनसम्पर्क अधिकारी शशिरत्न पाराशर, हेमनाथ सिदार, अधिकारी-कर्मचारी सहित मीडियाकर्मी भी उपस्थित थे। गायकवाड़ को जनसम्पर्क संचालनालय के अधिकारियों द्वारा भी बधाई दी गई।

तुलाराम गायकवाड़ 2 जुलाई 2011 से जनसंपर्क विभाग में अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं। वे लगभग 11 साल से धूप, बारिश की परवाह किए बिना राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रीगणों वं अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के समाचार फोटो कव्हरेज के लिए कार्यालय के अधिकारी और फोटोग्राफर वं पत्रकारों को कार्यक्रम स्थल तक सकुशल और सुरक्षित लाने ले जाने का काम को बखूबी निभा रहे है। वे अपनी पूरी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने कार्यों का दायित्व निभाते आ रहें हैं। उनके इस 11 साल की सेवा को देखते हुए आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर संसदीय सचिव  विनोद चंद्राकर द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। मालूम हो कि इससे पूर्व जिला चयन समिति की ओर से 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस 2021) को गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने सहायक जनसम्पर्क अधिकारी हेमनाथ सिदार को और 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस 2022) को सहायक ग्रेड-01 सुखराम श्रीवास को भी उनके द्वारा उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया गया था।

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केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह ने राजमोहिनी देवी के गांव गोविंदपुर में मनाया हर घर तिरंगा अभियान

 सूरजपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय की राज्यमंत्री रेणुका सिंह सरूता के मुख्य आतिथ्या में प्रख्यात गांधीवादी समाज सुधारक व स्वतंत्रता सेनानी सूरजपुर जिले के प्रतापपुर ब्लॉक स्थित राजमोहिनी देवी के पैतृक गांव गोविंदपुर में भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ (ट्राइफेड) के संयुक्त तत्वाधान में विभाजन की विभीषिका दिवस के अवसर पर हर घर तिरंगा अभियान का आयोजन किया गया। 

इस कार्यक्रम में सूचना वं प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो के क्षेत्रीय कार्यालय अंबिकापुर की भी भूमिका रही। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्यमंत्री ने गांव में विशाल तिरंगा रैली के साथ पहुंची। उन्होंने राजमोहिनी देवी के स्मारक स्थल पर जाकर उन्हें नमन किया। इसके बाद उन्होंने प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास परिसर में ध्वजारोहण कर कार्यक्रम की विधिवत शुरूआत की। मंत्री द्वारा पौधरोपण कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम स्थल पर राजमोहिनी देवी के चित्र पर माल्यार्पण व द्वीप प्रज्वलन कर उनके कृतित्व को याद किया गया। इसके बाद छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवार से जुड़े सदस्यों का सम्मान किया गया। सभी सेनानियों के सम्मान से संबंधित सामग्री ट्राईफेड की ओर से प्रदान किया गया। इससे पहले ट्राइफेड इंडिया के कार्यकारी निदेशक अनुपम त्रिवेदी ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया व कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से चलाए जा रहे हर घर तिरंगा अभियान पर प्रकाश डाला। कार्यकारी निदेशक ने विभाजन की विभीषिका के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।

मुख्य अतिथि राज्यमंत्री ने अपने संबोधन में सूरजपुर, अंबिकापुर, कोरिया, जशपुर, के स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया। उन्होंने पूरे छत्तीसगढ़ के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा के कृतित्व को याद किया। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हर घर तिरंगा अभियान के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश के लोगों को गौरवान्वित करने के लिए सतत प्रयत्नशील हैं। देश अभी अमृत महोत्सव मना रहा है। इसके अगले 25 वर्ष बाद भारत में गरीबी, बेरोजगारी की समस्या को कैसे दूर किया जाए इस दिशा में कार्य किया जा रहा है। सरकार जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार कर रही है। भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। राज्यमंत्री ने आदिवासी कल्याण के लिए किए जा रहे केंद्र सरकार की ओर से किए जा रहे कार्यों एकलव्य एकेडमी, पीएम आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि आदि पर प्रकाश डाला। उन्होंने विभाजन विभीषिका दिवस को देश के लोगों के लिए महत्वपूर्ण बताया। मंत्री ने कहा कि यह दिन यह संकल्प लेने का है कि हम याद रखें कि देश ने विभाजन की त्रासदी को किस रूप में झेला था। देश में ऐसी स्थिति दुबारा नहीं आए इसलिए यह जरूरी है कि विभाजन की त्रासदी को याद रखा जाएं।

सूचना व प्रसारण मंत्रालय ने चलाया जागरूकता अभियान :

इस अवसर पर सूचना व प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो क्षेत्रीय कार्यालय अंबिकापुर की ओर से हर घर तिरंगा अभियान के तहत विविध प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। तिरंगा से संबंधित क्विज प्रतियोगिता में प्रतिभागियों का उत्साह देखते बना। वहीं गीत-संगीत के माध्यम से जागरूकता प्रसार किया गया। विभिन्न प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को राज्यमंत्री के हाथों पुरस्कार व प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। कार्यालय के लोगों की ओर से ध्वज वितरण हुआ।

ट्राईफेड की प्रदर्शनी रही आकर्षण का केंद्र :

इस आयोजन के एक भाग के रूप में, ट्राईफेड ने जनजातीय उत्पादों, हस्तशिल्प और जैविक जनजातीय उपजों की प्रदर्शनी भी लगाई। इसके प्रति लोगों में खासा रूझान दिखा। लोग स्टॉल से खरीददारी करते दिखे। गौरतलब है कि ट्राईफेड जनजातीय समुदाय को बढ़ावा देने और उन्हें सशक्त बनाने के अपने प्रयास में आगे बढ़ रहा है, चाहे वे वनवासी हों या कारीगर।

क्विज प्रतियोगिता में ये रहे विजेता :

मानमति मरावी, प्रज्ञा मरावी, मो. शहरेयार, निशा लकड़ा, चांदनी देवांगन, विकास कुमार पैकरा, अरविंद कुमार, रानी ठाकुर, प्रदीप कुजूर व शैलेंद्र पैकरा ने बाजी मारी।

इन सेनानियों के परिवार का हुआ सम्मान :

स्वतंत्रता सेनानी परिवार

मेवा राम कलवार- शिव कुमार जायसवाल

अमृत राव घाटके-  आशा घाटके

राजदेव पांडेय-  विजेंद्र पांडेय

नैनसिंह ठाकुर-  ईश्वर सिंह

ज्ञानी दर्शन सिंह-  रेशम सिंह

शिवदास राम- रामगहन राम

रघुनंदन तिवारी -  लाल बहादुर तिवारी

बाबू परमानंद - कमलेश केसरिया

मंगल भवन के लिए 20 लाख :

केन्द्रीय राज्यमंत्री ने अपने कार्यकाल में किए जा रहे कार्यों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अंबिकापुर के लोगों के लिए दिल्ली की ट्रेन और प्लेन दोनों के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। अंबिकापुर एनर्जी कॉरिडोर बनेगा। वहीं उन्होंने राजमोहिनी देवी जी के स्मारक स्थल पर मंगल भवन निर्माण के लिए 20 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस के मौके पर भवन की नींव रखी जाएगी। इस मौके पर क्षेत्र के शिक्षक व विद्यार्थियों से मुलाकात भी किया जाएगा। वहीं उन्होंने सरपंचों के लिए भी 2 करोड़ रुपए देने की घोषणा की।

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मुख्यमंत्री ने दीवार ढहने से एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मृत्यु पर जताया शोक

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कांकेर जिले के पखांजूर तहसील के ग्राम पंचायत विकास पल्ली के ग्राम पी.व्ही.-110 में अनवरत बारिश से दीवार ढहने से श्री परिमल मलिक एवं उसकी पत्नी और तीन बच्चों की मृत्यु की घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने जिला प्रशासन कांकेर को पीड़ित परिवार के परिजनों को आरबीसी 6-4 के तहत तत्काल सहायता प्रदान करने के निर्देश दिये हैं।

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जनसंपर्क संचालनालय में संचालक श्री चौबे ने किया ध्वजारोहण

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर जनसंपर्क संचालनालय में संचालक जनसम्पर्क श्री सौमिल रंजन चौबे ने ध्वजारोहण किया। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के छाया चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। श्री चौबे ने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर अपर संचालक द्वय श्री उमेश मिश्रा एवं श्री संजीव तिवारी सहित सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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राज्यपाल ने राजभवन में किया ध्वजारोहण

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने 76वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज सुबह राजभवन में ध्वजारोहण किया एवं सलामी ली‌। साथ ही परेड का निरीक्षण भी किया। राज्यपाल ने इस अवसर पर प्रदेश सहित समस्त देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव श्री अमृत कुमार खलखो, विधिक सलाहकार श्री राजेश श्रीवास्तव, उप सचिव श्री दीपक कुमार अग्रवाल सहित राजभवन के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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न्याय की विरासत के साथ आगे बढ़ेगा छत्तीसगढ़: श्री भूपेश बघेल

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ के पावन और गौरवशाली अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड मैदान में ध्वजारोहण करने के बाद प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जनता के नाम अपने स्वतंत्रता दिवस संदेश में कहा कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ से फिर एक नया सफर शुरू होगा, जो न्याय की हमारी विरासत के साथ आगे बढ़ेगा और ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ का लक्ष्य पूरा करेगा।

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और अमर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि आजाद भारत के अमृत महोत्सव के मायने और मूल्यों को समझने के लिए हमें दो शताब्दियों की गुलामी को याद करना होगा। हमारे पुरखों ने अपनी जान दांव पर लगाकर, फिरंगी सरकार के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद किया था। उनका त्याग और बलिदान देश की भावी पीढ़ियों का जीवन खुशहाल बनाने के लिए था। हमारा कर्त्तव्य है कि उनके सपनों को साकार करें और उनकी स्मृतियों को चिरस्थायी बनाएं।

अमर शहीदों को नमन

 मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि अमर शहीदों गैंदसिंह, वीर नारायण सिंह, मंगल पाण्डे, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खां, रानी लक्ष्मीबाई, रानी अवंतिबाई लोधी जैसी हजारों विभूतियों की शहादत हमें देश के लिए सर्वोच्च बलिदान की प्रेरणा देती रहेगी। स्वतंत्रता संग्राम और आजाद भारत को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, डॉ. भीमराव अम्बेडकर, लाल बहादुर शास्त्री, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल, लाल-बाल-पाल, मौलाना अबुुल कलाम आजाद जैसी विभूतियों ने राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व दिया था। वहीं वीर गुण्डाधूर, पं. रविशंकर शुक्ल, ठाकुर प्यारेलाल सिंह, बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव, डॉ. खूबचंद बघेल, पं. सुंदरलाल शर्मा, डॉ. ई.राघवेन्द्र राव, क्रांतिकुमार, बैरिस्टर छेदीलाल, लोचन प्रसाद पाण्डेय, यतियतन लाल, डॉ. राधाबाई, पं. वामनराव लाखे, महंत लक्ष्मीनारायण दास, अनंतराम बर्छिहा, मौलाना अब्दुल रऊफ खान, हनुमान सिंह, रोहिणीबाई परगनिहा, केकतीबाई बघेल, श्रीमती बेलाबाई, इंदरू केंवट, उदय राम वर्मा, खिलावन बघेल, घसिया मंडल जैसे अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने राष्ट्रीय आंदोलन में छत्तीसगढ़ की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की थी, मैं इन सभी को सादर नमन करता हूं। देश की एकता और अखण्डता, संविधान व लोकतंत्र के प्रति आस्था को बचाए रखना एक चुनौती थी और इसके लिए भी हमारे देश की सेनाओं व सुरक्षा बलों के जवानों ने शहादत दी है। मैं उन अमर शहीदों को भी सादर नमन करता हूं।

प्रकृति-सम्मत विकास की राह पर आगे बढ़ा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने अपने स्वतंत्रता दिवस के संदेश में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आखिरी वसीयतनामे का उल्लेख करते हुए कहा था-‘भारत ने राजनीतिक स्वतंत्रता तो प्राप्त कर ली है, लेकिन उसे अभी शहरों और कस्बों से भिन्न अपने सात लाख गांवों के लिए सामाजिक, आर्थिक और नैतिक स्वतंत्रता प्राप्त करना बाकी है’। आज देश के सामने अनेक चुनौतियां हैं। कृषि व वन भूमि का कम होना, पर्यावरण असंतुलन, प्रदूषण, बीमारियों, महंगाई, बेरोजगारी आदि से लोगों का जीवन संकटमय हुआ है। हमने पुरखों की सीख और माटी की संस्कृति का सम्मान करते हुए कृषि तथा वन उत्पादों, परंपरागत ज्ञान, आधुनिक साधनों व रणनीतियों के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने का रास्ता चुना। मुझे गर्व है कि हम आजादी की 75वीं सालगिरह के अवसर पर देश और दुनिया के सामने, बापू के सिद्धांतों और विचारों के अनुरूप कार्य करने में सफल हुए हैं। इसमें प्रकृति-सम्मत विकास, हर व्यक्ति को गरिमा, न्याय व बराबरी के अवसर देने वाली योजनाएं और कार्यक्रम शामिल हैं।

राजीव गांधी किसान न्याय योजना: किसानों को 13 हजार करोड़ रूपए की इनपुट सब्सिडी

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने न्याय योजनाओं की जो पहल की थी, उसे निरंतर आगे बढ़ाने के लिए भी संकल्पबद्ध हैं। यही वजह है कि ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ अब तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुकी है और इससे लगभग 13 हजार करोड़ रुपए की राशि किसानों को दी जा चुकी है। इस तरह एक सीज़न में किसानों को प्रति एकड़ 9 हजार रुपए की आदान सहायता देने वाला देश का पहला राज्य हमारा छत्तीसगढ़ है। ‘गोधन न्याय योजना’ भी तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुकी है, इसके अंतर्गत अब-तक गोबर विक्रेताओं, गौठान समितियों तथा स्व-सहायता समूहों को 312 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं। देश में रासायनिक खाद की कमी और मूल्य वृद्धि के परिदृश्य में हमारे गौठानों में निर्मित जैविक खाद, अब एक बेहतर विकल्प बन रही है। किसानों की सिंचाई कर माफी की पहल में भी विस्तार किया गया है और 17 लाख से अधिक किसानों के 342 करोड़ रुपए की राशि माफ की जा चुकी है। किसानों को 4 वर्ष पहले मात्र 3 हजार 692 करोड़ रुपए कृषि ऋण के रूप में प्राप्त हुआ था। हमने इस वर्ष लक्ष्य बढ़ाकर 6 हजार 500 करोड़ रुपए कर दिया है, जिससे लगभग 75 प्रतिशत अधिक राशि ब्याजमुक्त ऋण के रूप में कृषि क्षेत्र में आएगी। ‘राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ अपने दूसरे वर्ष में प्रवेश कर चुकी है और इसके तहत अब-तक पात्र हितग्राहियों को 213 करोड़ रुपए की राशि दी जा चुकी है।

प्रदेश में 35 हजार से अधिक कृषि पंपों का ऊर्जीकरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 जनवरी 2021 तक लंबित कृषि पंपों के ऊर्जीकरण की घोषणा के अनुरूप हमने 35 हजार 151 कृषि पंपों को ऊर्जित करते हुए एक नया कीर्तिमान बना लिया है। अब 20 हजार 550 नए पंप कनेक्शनों का कार्य 31 मार्च 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

छत्तीसगढ़ में खेती बनीं लाभ का जरिया

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने खेती को लाभ का जरिया बनाने का वादा भी निभाया है। लगातार बढ़ते हुए, इस वर्ष धान खरीदी 98 लाख मीटरिक टन के सर्वोच्च शिखर पर पहंुची है, जो 4 वर्ष पूर्व मात्र 57 लाख मीटरिक टन थी। धान बेचने वाले किसानों की संख्या भी अब बढ़कर 21 लाख 77 हजार से अधिक हो गई है, जो पहले मात्र 12 लाख 6 हजार थी। इस तरह हमारे प्रयासों से धान बेचने वाले किसानों की संख्या 9 लाख 71 हजार बढ़ी है। प्रदेश में धान के अलावा अन्य अनाजों का उत्पादन बढ़ाने के भी अनेक उपाय किए गए हैं, जिसके कारण अनाज उत्पादन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ न सिर्फ स्वावलम्बी हुआ है बल्कि प्रदेश में कुल आवश्यकता का 270 प्रतिशत अधिक अनाज उत्पादन हुआ है। फसल विविधीकरण की गति बढ़ाने के लिए ‘टी-कॉफी बोर्ड’ का गठन किया गया है। दलहन-तिलहन का उत्पादन बढ़ाने के लिए हमने बहुत से कदम उठाए हैं। इस वर्ष से दलहन फसलों की खरीदी भी समर्थन मूल्य पर की जाएगी। खरीफ 2021 में धान के बदले 17 हजार 539 एकड़ क्षेत्र में दलहन, तिलहन एवं 240 एकड़ में वृक्षारोपण किया गया है। रबी 2021-22 में ग्रीष्मकालीन धान का रकबा 95 हजार हेक्टेयर कम करते हुए 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का एवं शेष रकबे में दलहन, तिलहन, साग-सब्जी की फसलें लगाई गई हैं। खरीफ 2022 में धान के 5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को दलहन-तिलहन एवं अन्य उद्यानिकी फसलों से प्रतिस्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।

लघु धान्य फसलों को प्रोत्साहन

प्रदेश में लघु धान्य फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘छत्तीसगढ़ मिलेट मिशन’ का गठन किया गया है। कोदो, कुटकी, रागी का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित कर इनकी खरीदी करने वाला देश का पहला राज्य छत्तीसगढ़ है।

नरवा योजना: भू-जल स्तर में 30 प्रतिशत तक वृद्धि

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सुराजी गांव योजना’ से छत्तीसगढ़ को स्वावलंबी ग्रामीण अर्थव्यवस्था वाला राज्य बनाने, भू-जल संरक्षण व रिचार्जिंग को बढ़ाने और कृषि भूमि को जहरीले रसायनों से मुक्ति दिलाते हुए जैविक खेती में मदद मिल रही है। ‘नरवा योजना’ से विभिन्न नालों में 99 लाख से अधिक संरचनाओं का निर्माण किया गया है, जिससे उपचारित क्षेत्र में भू-जल स्तर में 30 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है, वहीं नालों में पानी की उपलब्धता भी दो माह अधिक रहने लगी है। ‘गरुवा योजना’ में पहले हमने गौठानों के विकास पर जोर दिया। अब-तक 8 हजार 408 गौठानों को विकसित किया जा चुका है, जो ‘रोका-छेका अभियान’ के साथ आर्थिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के केन्द्र बने हैं। गोबर से बिजली बनाने के लिए ‘भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर’ के साथ प्रौद्योगिकी साझा करने हेतु एमओयू किया गया है। गोबर से ऑयल पेंट तथा अन्य उत्पाद बनाने की दिशा में भी बहुआयामी पहल की जा रही है।

गांधी जयंती से ‘रूरल इंडस्ट्रियल पार्क’ की होगी शुरूआत

मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठानों को आजीविका-केन्द्र के रूप में विकसित करने हेतु हम ‘ग्रामीण आजीविका पार्क’ अर्थात ‘रूरल इंडस्ट्रियल पार्क’ प्रारम्भ करने जा रहे हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए आजीविका के माध्यम से अतिरिक्त आय के साधन बनाना है। गांधी जयंती अर्थात 2 अक्टूबर 2022 के अवसर पर इसका शुभारम्भ किया जाएगा और प्रथम वर्ष में 300 ऐसे पार्क स्थापित कर दिए जाएंगे। अब एक कदम और आगे बढ़ाते हुए हमने 4 रुपए प्रति लीटर की दर से गौ-मूत्र खरीदी की योजना भी शुरू कर दी है, जो ‘रासायनिक पेस्टिसाइड्स’ के मुकाबले एक बेहतर विकल्प है। ‘बाड़ी योजना’ अंतर्गत प्रति गौठान एक से डेढ़ एकड़ तक भूमि चिन्हांकित की गई है और अभी तक 3 लाख से अधिक बाड़ियां विकसित की जा चुकी हैं। राज्य के बम्पर धान उत्पादन को किसानों की शक्ति बनाने के लिए हमने राज्य की जरूरतें पूरी होने के बाद, शेष धान से ‘बायो एथेनाल’ के उत्पादन की योजना बनाई है और 27 निवेशकों के साथ एमओयू भी किया है। विकासखण्डों में फूडपार्क बनाने की योजना के तहत अभी तक 112 स्थानों पर भूमि चिन्हांकित की जा चुकी है और इनमें से 52 विकासखण्डों में लगभग 621 हेक्टेयर भूमि का हस्तांतरण उद्योग विभाग को किया गया है। परम्परागत कौशल के वैल्यू-एडीशन के लिए हमने ‘सी-मार्ट’ की स्थापना का वादा भी निभाया है। इससे बुनकरों, कारीगरों, शिल्पकारों तथा स्व-सहायता समूहों के स्थानीय उत्पादों की बिक्री हेतु उचित बाजार मिलेगा।

मनरेगा में 2,709 अमृत सरोवर निर्मित
श्री बघेल ने अपने स्वतंत्रता दिवस संदेश में कहा कि ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना’ को हम ग्रामीण अंचलों में मजदूरी से जीवन-यापन करने वाले परिवारों की जीवन रेखा मानते हैं। मुझे खुशी है कि वर्ष 2021-22 में हमने ‘लेबर बजट’ के विरूद्ध मांग के आधार पर लक्ष्य से 108 प्रतिशत अधिक मानव दिवस रोजगार सृजित किए। मनरेगा से हर जिले में कम से कम 75 अमृत सरोवर निर्मित करने का लक्ष्य था, हमने उससे अधिक 2 हजार 709 अमृत सरोवर निर्मित किए। गौठानों के निकट मछली पालन के 1 हजार 859 तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से 1 हजार 318 पूर्ण कर लिए गए हैं। मैंने मनरेगा को शहरी क्षेत्रों के लिए भी लागू करने का अनुरोध भारत सरकार से किया है।

सभी वर्गाें को न्याय

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने श्रमिकों को न्याय दिलाने के लिए भी कई कदम उठाए हैं। आदिवासियों को विभिन्न तरीकों से न्याय देने के उपाय किए गए हैं। अदालतों में लंबित विभिन्न प्रकार के 1 हजार 275 प्रकरण वापस होने से उनकी सम्मानजनक रिहाई तथा घर वापसी हुई है। निरस्त वन अधिकार दावों की समीक्षा करते हुए ऐसे मामलों में आदिवासियों तथा अन्य परंपरागत वन निवासियों को उनकी काबिज भूमि के अधिकार देने का वादा हमने निभाया है। ‘मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण योजना’ का लाभ 3 हजार से अधिक हितग्राहियों को, ‘मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक निःशुल्क कार्ड योजना’ का लाभ 88 हजार से अधिक हितग्राहियों को मिला है। ‘मुख्यमंत्री सियान श्रमिक योजना’ के तहत निर्माण श्रमिकों को पात्रता अनुसार 10 हजार रुपए, श्रम कल्याण मंडल में पंजीकृत श्रमिक परिवारों के बच्चों को शैक्षणिक छात्रवृत्ति के रूप में 30 हजार रुपए तक राशि, ‘मेधावी शिक्षा पुरस्कार योजना’ के तहत 1 लाख रुपए तक की राशि, ‘खेलकूद प्रोत्साहन योजना’ के अंतर्गत 1 लाख 50 हजार रुपए तक की राशि देने का प्रावधान किया गया है।

चिटफंड कम्पनियों के विरूद्ध कार्रवाई: निवेशकों को 18 करोड़ रुपए की राशि लौटाई गई

श्री बघेल ने कहा कि पूर्व में आम जनता के साथ ठगी करने वाली चिटफंड कंपनियों के खिलाफ हमने ठोस कार्यवाही करते हुए उनके 622 पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया है। माननीय न्यायालयों द्वारा लगभग 56 करोड़ रुपए की सम्पत्ति की नीलामी के आदेश दिए जा चुके हैं, जिसमें से 32 करोड़ रुपए की राशि नीलामी से प्राप्त हुई है और 28 हजार से अधिक निवेशकों को लगभग 18 करोड़ रुपए लौटाए जा चुके हैं। नीलामी से प्राप्त शेष राशि भी निवेशकों को लौटाने का कार्य प्रगति पर है। ऐसी अन्य कंपनियों के खिलाफ कार्यवाही भी जारी है।

वन निवासियों को व्यक्तिगत सामुदायिक और वन संसाधन अधिकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जनजाति तथा परंपरागत वन निवासियों को अभी तक 5 लाख 3 हजार 993 व्यक्तिगत, सामुदायिक तथा वन संसाधन अधिकार पत्र दिए जा चुके हैं, जिसके तहत 38 लाख 85 हजार 900 हेक्टेयर भूमि के अधिमान्यता पत्र वितरित किए गए हैं। हमने तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 2 हजार 500 रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 4 हजार रुपए किया। पूर्व में सिर्फ 7 लघु वनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही थी। हमने 65 लघु वनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी प्रारंभ की। विगत 3 वर्षों में देश में समर्थन मूल्य पर हुई कुल लघु वनोपज खरीदी का 75 प्रतिशत हिस्सा छत्तीसगढ़ में क्रय किया गया, जो एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है, इससे वनआश्रित परिवारों को करोड़ों रुपए की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई। आदिवासी संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु देवगुड़ी व घोटुल स्थलों का पुनरुद्धार किया जा रहा है। नक्सली गतिविधियों से बाधित और बंद हुई 260 शालाओं का संचालन पुनः प्रारंभ किया गया है। विशेष पिछड़ी जनजातियों के 9 हजार 623 युवाओं को सरकारी नौकरी देने की घोषणा भी मैंने की है, जिसे शीघ्र पूरा किया जाएगा।

पेसा अधिनियम: ग्राम सभाओं होंगी सशक्त

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने आदिवासियों के हित में बरसों से लंबित ‘पेसा अधिनियम’ के अंतर्गत नियम बनाने का काम पूरा कर इसे लागू कर दिया है, जिससे ग्राम सभाओं की शक्ति बढ़ेगी और उन्हें जल-जंगल-जमीन के बारे में खुद फैसला लेने का अधिकार मिलेगा। मेरा मानना है कि हमारे पुरखों ने देश को आजाद कराने की जो अवधारणा विकसित की थी, वह बहुत व्यापक थी और उसमें सबसे प्रमुख तत्व न्याय दिलाना ही था। इसलिए हमने आर्थिक, सामाजिक क्षेत्रों के साथ ऐसे हर उपाय किए हैं, जिससे समाज के हर वर्ग को गरिमा के साथ जीने का अवसर मिले, उनके विकास के बंद रास्ते खुलें। जटिल नियम-प्रक्रियाओं के बंधन समाप्त हों। हर क्षेत्र में सुधार हों। जनता के संविधान सम्मत अधिकारों और सुविधाओं में निरंतर वृद्धि हो।

‘स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना’: स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में एक नयी क्रांति

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हमने सुधार के स्थायी उपाय किए, जिसके तहत पहले चरण में 14 हजार से अधिक शिक्षकों की स्थायी भर्ती का कार्य शुरू किया गया, जो अब अंतिम चरणों में है। इसके अतिरिक्त 10 हजार शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। ‘स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना’ से स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में एक नयी क्रांति आयी है। विगत वर्ष हमने 51 स्कूलों से यह योजना प्रारंभ की थी, जो अब बढ़कर 279 स्कूलों तक पहुंच चुकी है। इनमें से 32 स्कूल हिन्दी माध्यम के हैं तथा 247 स्कूलों में हिन्दी के साथ अंग्रेज़ी माध्यम में भी शिक्षा दी जा रही है। इस वर्ष 2 लाख 52 हजार 600 बच्चों ने इन स्कूलों में प्रवेश लिया है, जिसमें 1 लाख 3 हजार बच्चे अंग्रेज़ी माध्यम तथा 1 लाख 49 हजार 600 बच्चे हिन्दी माध्यम के हैं। इस योजना की सफलता को देखते हुए हमने निर्णय लिया है कि अधिक से अधिक स्कूलों को इस योजना के अंतर्गत लाया जाएगा। आगामी शिक्षा सत्र के पूर्व 422 स्कूलों में यह योजना लागू होगी, जिनमें से 252 स्कूल बस्तर एवं सरगुजा संभाग में होंगे और इनमें दंतेवाड़ा जिले के शत-प्रतिशत शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूल होंगे। अपना वादा निभाते हुए हमने नवा रायपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का बोर्डिंग स्कूल स्थापित करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी है।

बच्चों को मातृभाषा में प्रारंभिक शिक्षा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को उनकी मातृभाषा में ही प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने के लिए हमने हिन्दी के अलावा 16 स्थानीय भाषाओं में तथा 4 पड़ोसी राज्यों की भाषाओं में पाठ्यपुस्तकें प्रकाशित कराई हैं। ‘निःशुल्क पाठ्य पुस्तक योजना’ के तहत कक्षा पहली से कक्षा दसवीं तक सभी शासकीय-अशासकीय शालाओं तथा कक्षा आठवीं तक मदरसों के बच्चों को लगभग 52 लाख पाठ्य पुस्तकें प्रदान की जा रही हैं।  नवमीं कक्षा में पढ़ने वाली 1 लाख 55 हजार छात्राओं को इस वर्ष निःशुल्क सायकल देने का लक्ष्य रखा गया है।

शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की बेरोजगारी दर लगातार देश में न्यूनतम स्तर पर बनी हुई है, जो हमारी युवा कल्याण और रोजगारपरक योजनाओं की सफलता का प्रमाण है। ‘सेंटर फॉर मॉनीटरिंग इंडियन इकॉनॉमी’ द्वारा जारी नए आंकड़ों के अनुसार जुलाई में राज्य की बेरोजगारी दर मात्र 0.8 प्रतिशत रही, जबकि देश की औसत बेरोजगारी दर 6.9 प्रतिशत दर्ज की गई है। हमने स्कूली शिक्षा को रोजगारमूलक बनाने के लिए उसका आईटीआई के साथ समन्वय किया गया है, ताकि स्कूली शिक्षा और आईटीआई प्रशिक्षित होने का प्रमाण-पत्र एक साथ प्राप्त हो सके। इस योजना के तहत 114 हायर सेकेण्डरी स्कूलों को जोड़ा जा चुका है। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए 1 हजार 459 सहायक प्राध्यापकों, क्रीड़ा अधिकारियों और ग्रंथपालों की नियुक्ति की गई है। अतिथि व्याख्याताओं का मानदेय बढ़ाया गया है। सभी जिलों में कन्या महाविद्यालय खोलने के क्रम में मुंगेली में नया कन्या महाविद्यालय प्रारंभ कर दिया गया है। दुर्गम वन अंचलों में पीपीपी मॉडल पर महाविद्यालय खोलने, उत्कृष्ट शासकीय महाविद्यालयों में मुक्त दूरवर्ती शिक्षा केन्द्र की स्थापना, स्नातक स्तर पर 4 वर्षीय डिग्री पाठ्यक्रम, बस्तर विश्वविद्यालय में आदिवासी लोक नृत्य एवं संगीत पर सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ करने की पहल जैसे उपायों से उच्च शिक्षा का दायरा बढ़ाया जा रहा है, जिससे युवाओं को पढ़ाई पूरी करने के साथ बेहतर रोजगार के अवसर मिलेंगे।

राजीव युवा मितान क्लब: युवाओं की ऊर्जा को मिली रचनात्मक दिशा

हमने युवाओं को सकारात्मक और रचनात्मक दिशा में आगे बढ़ाने के लिए 6 हजार 518 से अधिक ‘राजीव युवा मितान क्लब’ प्रारम्भ कर दिए हैं, जिसका विस्तार सभी पंचायतों तथा नगरीय-निकायों में किया जाएगा।

कर्मचारी हितैषी निर्णय: पुरानी पेंशन योजना बहाल

मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 जनवरी 2022 को शासकीय कार्यालयों में पांच कार्य दिवस प्रति सप्ताह प्रणाली लागू करने की घोषणा की थी, जिसे तत्काल पूरा किया गया, जिससे हमारे कर्मचारी साथी अधिक ऊर्जा और उत्साह के साथ कार्य करने में सक्षम हुए हैं। इसी प्रकार हमने राज्य के शासकीय कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों के भविष्य की चिंता करते हुए, उनकी लंबित मांग पूरी की और 1 नवम्बर, 2004 अथवा उसके पश्चात नियुक्त शासकीय कर्मचारियों के लिये नवीन अंशदायी पेंशन योजना के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना को बहाल कर दिया है।

सबके स्वास्थ्य का रखा ध्यान

हमने स्वास्थ्य सुविधाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं। ‘डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना’, ‘मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना’, ‘मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना’, ‘निःशुल्क डायलिसिस कार्यक्रम’, ‘मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य सहायता योजना’, ‘मुख्यमंत्री दाई-दीदी क्लीनिक योजना’, ‘दीर्घायु वार्ड योजना’ के अंतर्गत 83 लाख से अधिक लोगों को स्वास्थ्य-लाभ मिला है। प्रदेश को मलेरियामुक्त बनाने के विशेष अभियान से 6 चरणों में मलेरिया की दर 4.6 प्रतिशत से घटकर 0.21 प्रतिशत हो गई है। उच्च गुणवत्ता की जेनेरिक दवाएं तथा सर्जिकल सामान 51 से 72 प्रतिशत तक छूट पर देने के लिए हमने ‘श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना’ के अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों में 184 दुकानें प्रारंभ कर दी हैं। जेनेरिक दवाओं के विक्रय से अब तक 19 लाख लोगों को 35 करोड़ रुपए की बचत हुई है। रियायती दर पर पैथोलॉजी जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 10 जिलों व 3 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ‘हमर लैब’ प्रारंभ किए गए हैं। विगत वर्ष प्रदेश में ‘हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर’ स्थापित करने के लिए निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध हमने 116 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की और 4 हजार 512 ऐसे सेंटर स्थापित किए, जिसके कारण छत्तीसगढ़ को देश में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ में छत्तीसगढ़ को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।

नये चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए बजट प्रावधान

जगदलपुर तथा बिलासपुर में मल्टी सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय, बिलासपुर में राज्य कैंसर संस्थान, कोरबा-कांकेर तथा महासमुंद में नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना हेतु राज्य शासन द्वारा समुचित बजट प्रावधान किया गया है। नवा रायपुर में भी अत्याधुनिक मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना हेतु 25 एकड़ जमीन चिन्हांकित कर दी गई है।

4.44 करोड़ से अधिक लोगों का कोरोना टीकाकरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि, छत्तीसगढ़ में कोरोना से बचाव के लिए टीके लगाने का काम हम काफी तेजी से कर रहे हैं। अभी तक कुल 4 करोड़ 44 लाख 75 हजार टीके लगाए जा चुके हैं। मैं चाहंूगा कि आप सभी लोग कोरोना से बचाव के लिए पात्रतानुसार टीका लगवाएं। वर्तमान में जो निःशुल्क ‘बूस्टर डोज’ की सुविधा उपलब्ध है, उसका लाभ भी बड़ी संख्या में उठाएं।

2.60 करोड़ लोगों को खाद्य सुरक्षा

हमने प्रदेश में सार्वभौम पीडीएस व्यवस्था लागू करने का वादा निभाया है। इस योजना के हितग्राहियों की संख्या 2 करोड़ 60 लाख हो गई है, जो वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 100 प्रतिशत कवरेज है। आयरन फॉलिक एसिड युक्त, फोर्टिफाइड चावल का वितरण 10 आकांक्षी जिलों के साथ कबीरधाम एवं रायगढ़ जिलों में भी ‘मध्याह्न भोजन’ व ‘पूरक पोषण आहार योजना’ के तहत किया जा रहा है। वर्ष 2024 तक पीडीएस के अंतर्गत सभी जिलों में फोर्टिफाइड चावल का वितरण प्रारंभ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री सुपोषण योजना: 2.11 लाख बच्चे कुपोषण से हुए मुक्त

छत्तीसगढ़ में महिलाओं की सुरक्षा, पोषण और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश के 51 हजार 664 आंगनवाड़ी केन्द्रों में 26 लाख महिलाओं तथा बच्चों को गर्म पका हुआ भोजन दिया जा रहा है। ‘मुख्यमंत्री सुपोषण योजना’ से कुपोषित बच्चों की संख्या में 48 प्रतिशत की कमी आई है। योजना अवधि में अब तक 2 लाख 11 हजार बच्चे कुपोषण से मुक्त हुए हैं। ‘नोनी सुरक्षा योजना’ के अंतर्गत 43 हजार से अधिक बेटियों को लाभान्वित किया गया है। आंगनवाड़ी और प्राथमिक शाला के समन्वय से 5 हजार से अधिक आंगनवाड़ी को बालवाड़ी के रूप में विकसित किया जा रहा है।

राज्य स्वच्छ सर्वेक्षण में छत्तीसगढ़ लगातार तीन वर्षाें से प्रथम स्थान पर

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘स्वच्छता अभियान’ में छत्तीसगढ़ की भागीदारी और सफलता की मिसाल है कि हमारे ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मॉडल’ को विगत 3 वर्षों से लगातार राष्ट्रीय स्तर पर ‘राज्य स्वच्छ सर्वेक्षण’ में प्रथम स्थान मिल रहा है। शहरी सुविधाओं में सुधार की दिशा में हमने शहरी क्षेत्रों में 5 हजार वर्गफुट भू-खण्ड के आवासों में ‘ट्रस्ट दैन वेरिफाई’ के सिद्धांत पर सीधे हितग्राही को भवन अनुज्ञा प्रदान करने का कार्य प्रारंभ किया है।

जन्माष्टमी से शुरू होगी ‘कृष्ण कुंज योजना‘

नागरिकों को मानचित्र ऑनलाइन कम्प्यूटर से जांच उपरांत एक क्लिक एवं एक रुपए के आवेदन शुल्क की अदायगी पर पूरे वैधानिक प्रावधानों के साथ जारी किए जा रहे हैं। शहरों के पर्यावरण को स्वच्छ और हरा-भरा बनाए रखने के लिए हमने इस वर्ष जन्माष्टमी के अवसर पर ‘कृष्ण कुंज योजना’ शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत सभी 170 नगरीय-निकायों में 226 एकड़ क्षेत्र में सांस्कृतिक महत्व के पौधों का रोपण किया जाएगा।

झुग्गीवासियों के लिए 1 लाख से अधिक आवासों का निर्माण

आम जनता को घर पहुंच नागरिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए शुरू की गई, ‘मुख्यमंत्री मितान योजना’ का लाभ 14 नगर निगमों में 5 हजार से अधिक लोगों को मिल चुका है। ‘मोर जमीन-मोर मकान’ एवं ‘मोर मकान-मोर चिन्हारी’ योजनाओं के जरिए हमने झुग्गीवासियांे के लिए 1 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूर्ण कर लिया है। अब शहरी किराएदारों को भी मकान उपलब्ध कराने की दिशा में कार्यवाही की जा रही है।

रियल इस्टेट क्षेत्र को प्रोत्साहन

हमने छोटे भू-खंडों की खरीदी-बिक्री से रोक हटाने का जो फैसला किया था, उसके सकारात्मक परिणाम मिले हैं, इससे लगभग 3 लाख 55 हजार छोटे भू-खंडों के पंजीयन हुए हैं, जिससे उनके परिवार की आर्थिक गतिविधियां शुरू र्हुइं और अनेक लंबित कार्य संभव होने से परिवारों में खुशियां आई हैं। हमने जमीनों की गाइडलाइन दरों में 30 प्रतिशत की कमी, महिलाओं के पक्ष में रियायत, आवासीय भवनों के पंजीयन में रियायत, पंजीयन हेतु ‘ऑनलाइन अपॉइंटमेंट’ जैसे अनेक सुधार किए, जिससे कोरोना के बावजूद प्रदेश में स्थायी सम्पत्तियों का क्रय-विक्रय बढ़ा और लक्ष्य से अधिक राजस्व प्राप्ति हुई। इससे हमारी सरकार की सुधारों के प्रति व्यावहारिक दृष्टि और उसे जन-समर्थन मिलने की पुष्टि भी होती है। जनहित के लिए सुधारों के सिलसिले में अनधिकृत विकास के नियमितीकरण हेतु नया कानून, आवासीय कालोनियों के विकास हेतु एकल खिड़की प्रणाली-सीजी आवास, प्रमुख शहरों के जर्जर भवनों के पुनर्विकास हेतु योजना, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की विशेष भाड़ा योजना में विधवा, शासकीय कर्मचारी, निगम-मंडल के कर्मचारी, शासकीय व अर्द्धशासकीय विभागों के संविदा कर्मचारी, सैनिक व भूतपूर्व सैनिक तथा स्वास्थ्यकर्मी को कुल देय ब्याज की राशि में 10 प्रतिशत की छूट का लाभ भी मिलेगा।

राज्य में 21 हजार 494 करोड़ रूपए का पूंजी निवेश

प्रदेश में उद्योग-व्यापार तथा कारोबार में वृद्धि को कानून- व्यवस्था की बेहतर स्थिति तथा राज्य सरकार की सकारात्मक नीतियों का परिणाम माना जाता है। विगत साढ़े तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ में 2 हजार 230 नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनमें 21 हजार 494 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश हुआ है और लगभग 41 हजार लोगों को रोजगार मिला है। खाद्य प्रसंस्करण की 502 इकाइयों में 970 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश हुआ है। भारत सरकार द्वारा जारी स्टार्टअप रैंकिंग में छत्तीसगढ़ को स्टार्टअप ईको-सिस्टम के विकास तथा 748 स्टार्टअप इकाइयों के पंजीयन हेतु एस्पायरिंग लीडर का सम्मान मिला। इसके अतिरिक्त विगत साढ़े तीन वर्षों में नए उद्योगों की स्थापना हेतु 177 एमओयू किए गए हैं, जिनके माध्यम से लगभग 90 हजार करोड़ रुपए का पूंजी निवेश तथा 1 लाख 10 हजार लोगों को रोजगार देना प्रस्तावित है। इनमें से 11 इकाइयों में 1 हजार 513 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश हुआ है। मुझे विश्वास है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल एवं लीथियम आयन बैटरीज, जूट बैग निर्माण प्रोजेक्ट जैसे नए क्षेत्रों को विशेष निवेश प्रोत्साहन पैकेज देने का भी लाभ जल्दी मिलेगा।

फिल्म सेल का गठन

हमने छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए फिल्म सेल का गठन किया है। ‘सिंगल विंडो पैनल सॉफ्टवेयर’ विकसित किया है, जिसमें निर्माता-निर्देशक को समस्त विभागों से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्रदान करने हेतु जिला कलेक्टर को अधिकृत किया गया है।

98 लाख लोगों को मिला ऑनलाइन नागरिक सेवाओं का लाभ

मेरा मानना है कि शासन-प्रशासन की सुविधाएं आम जनता को व्यापक पारदर्शिता के साथ मिले तो यह भी न्याय है। हमने सूचना प्रौद्योगिकी आधारित नवाचारों से ऑनलाइन नागरिक सेवाओं पर जोर दिया, जिसके कारण प्रदेश में ऑनलाइन नागरिक सेवाओं का उपयोग करने वाले लोगों की संख्या 300 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है और 98 लाख से अधिक लोगों ने ऑनलाइन शासकीय सेवाओं का लाभ लिया है।

परिवहन सेवाएं हुई ऑनलाइन

परिवहन से संबंधित सेवाओं का वास्ता अधिकांश लोगों से होता है। हमने लर्निंग लाइसेंस, यात्री वाहनों के पर्यटन आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन की है। वाहनों के पंजीयन एवं चालक लाइसेंस ‘क्यू आर कोड’ आधारित स्मार्ट कार्ड पर जारी किए जा रहे हैं। परिवहन कार्यालय आने-जाने से बचत हेतु ‘परिवहन सुविधा केन्द्र’ खोले जा रहे हैं। ‘तुंहर सरकार-तुंहर दुआर’ की संकल्पना को साकार करने हेतु आरसी बुक तथा लाइसंेस की घर पहुंच सेवा स्पीड पोस्ट के माध्यम से की गई, जिसके तहत अभी तक 11 लाख 41 हजार से अधिक दस्तावेज आवेदकों के घर भेजे जा चुके हैं।

बेहतर प्रबंधन से बढ़ा सिंचाई का रकबा

अधोसंरचना विकास के लिए हमने परिणाममूलक नजरिया अपनाया, जिसके कारण सिंचाई क्षेत्र में बेहतर प्रबंधन से वास्तविक सिंचाई का रकबा 10 लाख 90 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 13 लाख 58 हजार हेक्टेयर हो गया।

जल जीवन मिशन: 13.08 लाख नल कनेक्शन

जल-जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य के 56 लाख ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से 55 लीटर पानी प्रति व्यक्ति, प्रतिदिन देने के लिए सितम्बर 2023 की समय-सीमा तय की गई है और 13 लाख 8 हजार नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं।

24 हजार करोड़ रूपए लागत से हो रहा सड़क-पुल-पुलियों का निर्माण

प्रदेश में 24 हजार करोड़ रुपए से अधिक की लागत से सड़क-पुल-पुलियों का निर्माण कराया जा रहा है। राज्य की विशेष जरूरतों के अनुरूप ‘मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना’ में 495 करोड़ रुपए की लागत से 735 किलोमीटर सड़कें, एडीबी लोन के माध्यम से 3 हजार 535 करोड़ रुपए की लागत से 869 किलोमीटर सड़कंे, आदिवासी बहुल एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 1 हजार 637 करोड़ रुपए की लागत से 2 हजार 478 किलोमीटर सड़कें, छत्तीसगढ़ सड़क अधोसंरचना विकास निगम द्वारा 5 हजार 503 करोड़ रुपए की लागत से 3 हजार 169 किलोमीटर सड़कें तथा ‘जवाहर सेतु योजना’ के माध्यम से 620 करोड़ रुपए की लागत से 94 पुलों का निर्माण कराया जा रहा है।

हाफ बिजली बिल योजना: 41 लाख उपभोक्ताओं को 2500 करोड़ रूपए की बचत

मैंने कहा था कि प्रदेश में बिजली का उपभोग बढ़ाना हमारी प्राथमिकता होगी ताकि बिजली हमारे प्रदेश में रोजगार, उद्यमिता और जीवन स्तर उन्नयन का माध्यम बने। हमने ‘हाफ बिजली बिल योजना’ का वादा निभाया, जो अब अपने तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुकी है और इसके अंतर्गत 41 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को 2 हजार 500 करोड़ रुपए की बचत हो चुकी है। आज मुझे यह कहते हुए खुशी है कि हमने वर्ष 2018-19 की सर्वाधिक मांग 4 हजार 640 के मुकाबले 5 हजार 300 मेगावाट का उच्चतम स्तर छुआ है। कुशल प्रबंधन से विद्यमान बिजली घरों में उच्चतम उत्पादन हुआ और पारेषण तथा वितरण की बेहतर व्यवस्था करने में भी सफल हुए। अब छत्तीसगढ़ एक सशक्त विद्युत प्रणाली वाला राज्य बन गया है, जिससे और भी अधिक सुदृढ़ करने के लिए हमने वर्ष 2025 तक की कार्ययोजना बनाकर कार्य प्रारंभ किया है।

छत्तीसगढ़ की माटी का बढ़ा मान

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तासीर पर हम सबको गर्व होने के अनेक कारण हैं। एक ओर स्वतंत्रता संग्राम से लेकर देश की एकता और अखण्डता की रक्षा के दौरान छत्तीसगढ़ महतारी के वीर सपूतों और सुपुत्रियों के पराक्रम के साथ ही उनकी सत्याग्रह के प्रति अटूट आस्था के दर्शन होते हैं तो वहीं दूसरी ओर वह विशाल आदिवासी अंचल भी है, जिसने भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम बनाया था। भगवान राम की माता कौशल्या की जन्मभूमि का प्रताप भी हमारी धरती में समाया है, इसलिए हम राम वनगमन पर्यटन परिपथ का विकास कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ महतारी का चित्र जारी कर उसे समस्त सरकारी कार्यालयों में लगाने के निर्देश दिए गए हैं। अपनी माटी का मान बढ़ाने के लिए अक्षय तृतीया के दिन ‘माटी पूजन अभियान’ की शुरूआत तथा श्रम दिवस के दिन ‘बोरे बासी’ का सम्मान लौटाने की शुरूआत की गई। हरेली, तीजा-पोरा, भक्तमाता कर्मा जयंती, छेर-छेरा पुन्नी, विश्व आदिवासी दिवस, छठ पूजा आदि को लोक पर्व के रूप में स्थापित कर, हमने छत्तीसगढ़ी स्वाभिमान को नई ऊंचाई दी है। अब राज्य स्तरीय सम्मानों की सूची में ‘देवदास बंजारे स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार’ और ‘लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार’ को भी शामिल किया गया है।

’बस्तर फाइटर्स’ विशेष बल में 2 हजार 800 पदों पर भर्ती

हमें विरासत में जो नक्सलवाद की समस्या मिली थी, उसकी रोकथाम में मिल रही सफलता वास्तव में लोकतांत्रिक आस्थाओं की जीत है। इस जीत में ‘विश्वास, विकास और सुरक्षा’ की बड़ी भूमिका है। हमने विगत साढ़े तीन वर्षों में सकारात्मक कदम उठाकर पुलिस और सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाया है। वर्ष 2018 में राज्य में पुलिस बल की संख्या 75 हजार 125 थी, जो अब बढ़कर 80 हजार 128 हो गई है। ’बस्तर फाइटर्स’ विशेष बल में 2 हजार 800 पदों पर स्थानीय युवाओं की भर्ती की जा रही है, जो सुरक्षा बलों को नई शक्ति प्रदान करेंगे। हमारे प्रशासन व आपदा-मोचन बल की कुशलता और सक्षमता का प्रमाण जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम पिहरीद में खुले बोरवेल में गिरे एक बच्चे के बचाव और बाढ़ में फंसे 68 लोगों को सुरक्षित बचाने के दौरान भी दिखा।

जनप्रतिनिधियों के मानदेय में वृद्धि

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की क्षमता वृद्धि से जन-अपेक्षाओं की पूर्ति व विकास कार्यों का सीधा रिश्ता होता है। इसलिए हमने त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं, नगरीय निकायों के पदाधिकारियों के मानदेय एवं वित्तीय अधिकारों में वृद्धि की है, साथ ही विधानसभा सदस्यों का वेतन भी बढ़ाया है। मैं चाहूंगा कि समस्त जनप्रतिनिधि अधिक सक्रियता के साथ जनसमस्याओं के निवारण और प्रदेश की प्रगति में अपनी भागीदारी निभाएं। आपसी विश्वास, समन्वय, सद्भाव, एकता और समझदारी की बदौलत हम भावी चुनौतियों का मुकाबला भी पूरी क्षमता से करेंगे।

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में फोटो प्रदर्शनी आयोजित

 राजनांदगांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत सरकार द्वारा निर्देशित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में लीड बैंक के तत्वावधान भारत सरकार द्वारा भेजे गए उस समय के कुछ घटनाक्रम की फोटो प्रदर्शनी केनरा बैंक द्वारा आनंद मंगल भवन ममता नगर राजनांदगांव में 14 अगस्त  सुबह 11 बजे से प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर श्री कृपाल सिंह जो कि 14 अगस्त की विभीषिका के प्रत्यक्षदर्शी है मुख्य अतिथि थे। उन्होंने अपनी आंखों देखी एवं आपबीती अग्रणी बैंक प्रबंधक को बताया जिसे अग्रणी बैंक प्रबंधक ने उपस्थित लगभग 40 लोगों को बताया जो कि सभी के लिए बहुत ही मार्मिक अनुभव था। केनरा बैंक के शाखा प्रबंधक एवं उनकी टीम ने सभा का संचालन किया एवं सभी को प्रदर्शित चित्र के बारे में विस्तृत जानकारी दी। कृपाल सिंह का शाखा प्रबंधक ने शॉल एवं श्रीफल से सम्मानित किया। उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज के प्रति अपनी श्रद्धा प्रगट की। इस अवसर पर अग्रणी प्रबंधक  अजय त्रिपाठी उपस्थित थे।

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कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निकाली गौरव पदयात्रा

 खरसिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश स्थानीय कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने रविवार को गौरव पदयात्रा निकाली।गौरव पदयात्रा का शुभारंभ महात्मा गांधी चौक से हुआ जो अग्रसेन चौक, सुभाष चौक, स्टेशन चौक होती हुई शहीद नंदकुमार पटेल स्मारक के पास सभा के रूप में तब्दील हो गई। गौरव पदयात्रा प्रखर महिला नेत्री नैना गवेल के नेतृत्व में संपन्न हुई। जिसमें प्रमुख रुप से मनोज गवेल, नीरज पटेल, वरिष्ठ युवा नेता सुनील शर्मा, हितेंद्र मोदी, नरेश अग्रवाल, अरुण अग्रवाल, छेदीलाल शर्मा, गोवर्धन ठाकुर, रामकिशन आदित्य, गौतम डनसेना के साथ सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा करते हुए देशभक्ति गीतों के साथ उत्साह पूर्वक करीब 2 किलोमीटर का सफर तय किया।

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केन्द्रीय ग्रंथालय से प्रतियोगी युवाओं को होगा लाभ : भूपेश बघेल

 मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय ग्रंथालय भवन में 1.07 करोड़ की लागत से बने सेमीनार हॉल का किया लोकार्पण
रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल ने रविवार को राजधानी के शंकर नगर स्थित शासकीय केंद्रीय ग्रन्थालय के लिए अतिरिक्त भवन निर्माण का भूमिपूजन और केंद्रीय ग्रन्थालय के तृतीय तल पर सेमिनार हाल के निर्माण का लोकार्पण किया। 3 करोड़ रुपए की लागत से  केंद्रीय ग्रन्थालय के लिए निर्मित अतिरिक्त भवन में 394 व्यक्तियों की बैठने की व्यवस्था है। इसी तरह एक करोड़ 7 लाख रुपए से निर्मित केंद्रीय ग्रन्थालय भवन के तृतीय तल पर सेमिनार हाल में 300 व्यक्तियो के लिए बैठक व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर सभी को स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि आज शंकरनगर के केंद्रीय ग्रंथालय के तीसरे तल पर निर्मित सेमिनार हॉल का लोकार्पण और अतिरिक्त भवन निर्माण के लिए भूमिपूजन हुआ। शंकरनगर की यह लाइब्रेरी रायपुर के छात्रों और पुस्तक-प्रेमियों के लिए बहुत उपयोगी और लोकप्रिय है। इससे छात्रों को प्रतियोगी परीक्षा मेें ज्यादा से ज्यादा लाभ मिलेगा।

उल्लेखनीय है कि इस ग्रंथालय में प्रतियोगी परीक्षाओं, हिंदी साहित्य, अंग्रेजी साहित्य, छत्तीसगढ़ी साहित्य, महिला साहित्य, विज्ञान, कला, संस्कृति, विधि, वाणिज्य एवं प्रबंधन, इंजीनियरिंग और बच्चों के लिए उपयोगी करीब 7 हजार किताबों का संग्रह है। अधिकारियों ने बताया कि ग्रंथालय में लगभग 3 हजार पाठकों ने पंजीयन कराया है। इनमें से 700 पाठक ग्रंथालय की सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। हर रोज करीब 300 पाठक इस ग्रंथालय का उपयोग करते हैं। इस ग्रंथालय के प्रारंभ से अब तक लगभग 19 युवाओं का चयन आईएफएस, डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, सहायक संचालक, नायब तहसीलदार, बैंक प्रबंधक और सीए जैसे उच्च पदों के लिए हुआ है। शहर के बीच में स्थित इस लाइब्रेरी के तीन मंजिला भवन में रीडिंग जोन के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिक कार्नर, चिल्ड्रन कार्नर, रिसर्च सेक्शन और ई-लाइब्रेरी की भी सुविधा है। इस लाइब्रेरी के तृतीय तल पर नवनिर्मित भव्य आडिटोरियम का निर्माण पूरा होने के बाद इसका उपयोग सेमिनारों के आयोजन तथा विभिन्न गतिविधियों के लिए किया जा सकेगा, इससे छात्रों और पाठकों को लाभ होगा। इस लाइब्रेरी में पाठकों की निरंतर बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए परिसर में उपलब्ध भूमि पर अतिरिक्त दो मंजिला भवन का निर्माण करने का निर्णय लिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग इस लाइब्रेरी को अधिक से अधिक समृद्ध तथा सुविधायुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय ग्रंथालय में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे युवाओं से ग्रंथालय में मिल रही सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। युवाओं ने बताया कि यहां पर बहुत ही उपयोगी पुस्तकें उपलब्ध है। इस दौरान मुख्यमंत्री बघेल के साथ सेल्फी लेने के लिए युवाओं में होड़ लगी रही। कार्यक्रम में विधायक सत्यनारायण शर्मा, विधायक कुलदीप जुनेजा, रायपुर महापौर एजाज ढेबर और सभापति प्रमोद दुबे, विशेष सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. एस. भारतीदासन, कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, संचालक लोक शिक्षण सुनील जैन सहित लोक शिक्षण अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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