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खराब सड़कों के लिए सारे विभागों के फैसले खुद लेने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जिम्मेदार : राजेश मूणत

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पूर्व पीडब्लूडी मंत्री राजेश मूणत ने प्रदेश की खराब सड़को के लिए जिम्मेदार मानते हुए लोक निर्माण विभाग के ईएनसी को हटाए जाने पर रविवार को कटाक्ष किया। उन्होंने तंज कसा कि इन दिनों मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सारे विभागों के फैसले खुद ले रहे है, और मंत्रियों को खबर ही नही लग रही। कल ही स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ मंत्री के जानकारी के बैगर निर्देश जारी कर दिए और आज लोक निर्माण विभाग के ईएनसी को बदल दिया और विभागीय मंत्री को खबर ही नही लगी। वैसे मुख्यमंत्री को सर्वाधिकार है, मगर तालमेल का जो आभाव दिख रहा है, उसके लिए सरकार खुद जिम्मेदार है। 

उन्होंने कहा कि राज्य की सड़कों के खस्ताहाल, जर्जर और रखरखाव के अभाव के लिए जितने जिम्मेदार अफसर माने जाते है, उतने ही बडी जिम्मेदारी सरकार की भी होती है, क्योंकि जनचर्चा है कि कांग्रेस की सरकार बनते ही पहले दिन से निर्माण कार्यो में मोटा कमीशन और भाई भतीजावाद को खूब बढ़ावा दिया गया। जबकि यह विभाग समन्यव बनाकर काम करने वाला विभाग है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण विभागों में  सरकार ने कभी भी समन्वय बनाने की कोशिश ही नही की। यही कारण रहा कि आज राज्य की सड़कों की हालत खराब हो गई और पूर्ववर्ती भाजपा शासन काल मे बनी सड़को को भी सरकार मेंटेन नही कर पाई। 

श्री मूणत ने आरोप लगाया कि, कांग्रेस सरकार में एक पैसे का कोई काम नही हुआ है, ऐसा कोई काम सरकार के पास बताने के लिए भी नही है, जिसका भूमिपूजन करने के बाद लोकार्पण किया हो। उन्होंने कहा कि 4 साल गुजर गए है, अब एक साल बाकी है, तब तक कितना भी जनता को विश्वास दिलाते रहे कि बारिश के बाद सड़क बनेगी , मगर अब जनता किसी भी झांसे में नही आने वाली है।

 

 

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अजय देवगन की फिल्म थैंक्स गॉड को लेकर कायस्थ समाज में रोष, थाने में सौंपा शिकायत पत्र...

 अंबिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। फ़िल्म अभिनेता अजय देवगन द्वारा अभिनीत फिल्म थैंक्स गॉड के हाल में जारी हुए ट्रेलर को लेकर पूरे देश मे कायस्थ समाज के साथ ही हिंदुओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस फ़िल्म के ट्रेलर में चित्रगुप्त को फिल्माते हुए उसका प्रस्तुतिकरण फूहड़ एवं अश्लील ढंग से किया गया है। यह फ़िल्म 25 अक्टूबर को चित्रगुप्त पूजा के ठीक एक दिन पूर्व रिलीज की जा रही है। पूरे भारत में कायस्थ समाज इस  फ़िल्म में चित्रगुप्त भगवान के विवादास्पद फिल्मांकन पर आंदोलित है।

इस क्रम में 15 सितंबर को चित्रगुप्त मंदिर में कायस्थ सभा ने बैठक कर निंदा प्रस्ताव पारित किया है। समाज ने फ़िल्म और इसकी पूरी टीम के विरुद्ध वैधानिक करवाई का निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत आज शनिवार को समाज ने जिलाध्यक्ष हेमंत सिन्हा के नेतृत्व में कोतवाली अम्बिकापुर में फ़िल्म अभिनेता अजय देवगन सहित फ़िल्म की पुरी प्रोडक्शन टीम के विरुद्ध शिकायत पत्र सौंपा है। इस दौरान कायस्थ समाज के अनिल कुमार सिन्हा, योगेश श्रीवास्तव, क्रिनेश सिन्हा, संजीव मंदिलवार, विकास वर्मा, जयेश वर्मा, अनूप मेहता, संजीव वर्मा, प्रभात रंजन सिन्हा, अखिलेश सिन्हा, निशांत अम्बष्ठ, सचिन सिंह, गोपाल सिन्हा, दीपक श्रीवास्तव, कुमार सिन्हा आदि उपस्थित थे।

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मंत्री अकबर की उपस्थिति में सांसद संतोष पाण्डेय के भाई विजय पाण्डेय ने ली कांग्रेस की सदस्यता

 जिला भाजपा के नोटिस से क्षुब्ध होकर छोड़ी पार्टी

कवर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश की राजनीति में आज उस समय भूचाल आ गया जब राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र भाजपा सांसद संतोष पाण्डेय के चचेरे भाई विजय पाण्डेय ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस में प्रवेश कर लिया। कैबिनेट मंत्री व कवर्धा के विधायक मोहम्मद अकबर के शासकीय निवास कार्यालय पहुंचकर उन्होंने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ले ली। मंत्री मोहम्मद अकबर ने उनका तिरंगा गमछा पहनाकर स्वागत किया।


लगभग पिछले तीन दशक से भाजपा में रहने वाले विजय पाण्डेय ने यह कदम कबीरधाम जिला भाजपा द्वारा उन्हें दिये गये नोटिस से क्षुब्ध होकर उठाया है। विजय पाण्डेय कबीरधाम जिला भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पद पर आसिन थे। इसके आलावा वे हिन्दुस्तान पेट्रोलियम डीलर्स ऐसोशिएशन के प्रदेश अध्यक्ष भी है। ऐसोशिएशन के कार्यालय के लिए भूखंड आबंटन हेतु चर्चा के लिए उन्होंने मंत्री मोहम्मद अकबर को 13 सितम्बर को बोड़ला स्थित अपने पेट्रोल पंप के परिसर में आमंत्रित किया था। मोहम्मद अकबर जब पहुंचे तो पेट्रोल पंप के कार्यालय में विजय पाण्डेय ने अतिथि परंपरा का निर्वहन करते हुए चाय पान कराते हुए उनका स्वागत किया। यह बात कबीरधाम जिला भाजपा को नागवार गुजरी तथा 17 सितम्बर को विजय पाण्डेय को नोटिस जारी कर 03 दिनों के भीतर जिला भाजपा अध्यक्ष के समक्ष जवाब प्रस्तुत करने का आदेश देते हुए उनसे पूछा गया कि क्यों ना उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया जाए। पार्टी की नोटिस जिला महामंत्री के हस्ताक्षर से जारी की गई थी, लेकिन महामंत्री का नाम नहीं दर्शाया गया था। नोटिस में कहा गया था कि मंत्री का स्वागत भाजपा के जिले के पद में रहते हुए किया गया जो कि अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।



विजय पाण्डेय को नोटिस जारी करना उनके भाजपा छोड़ने व कांग्रेस प्रवेश की पटकथा तैयार कर गया। उन्होंने इसे अपना अपमान मानते हुए 1994 से भाजपा से जुड़ाव को समाप्त करने का निर्णय ले लिया। उन्होंने कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर को कांग्रेस प्रवेश करने की अपनी इच्छा से अवगत कराया। उनके कांग्रेस की सदस्यता लेने के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय उर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के सदस्य कन्हैया अग्रवाल व कबीरधाम जिला के सक्रिय कांग्रेस पदाधिकारी गोरेलाल चंद्रवंशी भी उपस्थित थे।

मंत्री अकबर के समक्ष कांग्रेस पार्टी की सदस्यता लेने के बाद उन्होंने संवाददाताओं के समक्ष कहा कि वे छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों व समाज के सभी वर्गों के हित हेतु किये जा रहे कार्यों से प्रभावित है। समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की कांग्रेस की नीति उन्हें अच्छी लगती है। इसे देखते हुए वे कांग्रेस पार्टी में प्रवेश कर रहें हैं। कांग्रेस पार्टी के सिपाही के रूप में छत्तीसगढ़ के सर्वागीण विकास के लिये कार्य करने का प्रयास करेंगे। कवर्धा विधानसभा के विधायक व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर की प्रशंसा करते हुए विजय पाण्डेय ने कहा कि कवर्धा व कबीरधाम जिले में विकास के कार्य लगातार किये जा रहे हैं। वहां के सभी लोगों से मोहम्मद अकबर का सीधा संपर्क है। मोहम्मद अकबर अपनी सादगी और सरलता के कारण लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

कांग्रेस प्रवेश करने के पश्चात विजय पाण्डेय ने मंत्री मोहम्मद अकबर का आभार जताया कि उन्होंने कांग्रेस प्रवेश कराने में अपना सहयोग दिया।

इस अवसर पर संवादाताओं के सवालो का जवाब देते हुए मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि विजय पाण्डेय कांग्रेस पार्टी में पूरा सम्मान किया जाएगा। कांग्रेस में पुराने व नए कार्यकर्ता का कोई भेदभाव नहीं रहता। एक जवाब में उन्होंने ने कहा कि कांग्रेस में आने वाले सभी लोगों का स्वागत है।

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स्वरा के सुर में क्या शिक्षा देना चाहते हैं, जवाब दें भूपेश : चौधरी

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा महामंत्री ओपी चौधरी ने विवादों में घिरी रहने वाली अभिनेत्री स्वरा भास्कर को आत्मानन्द स्कूल में आमंत्रित किए जाने पर तीखे सवाल खड़े करते हुए कहा है कि देश के लोगों की आस्था को हमेशा अपने बयानों से पीड़ा पहुंचाने वाली, सदैव घोर विवादित बयान देने के लिए चर्चा में रहने वाली स्वरा भास्कर को बच्चों की शिक्षा के मंदिर आत्मानंद स्कूल बुलाकर कांग्रेस सरकार नई पीढ़ी को क्या सिखाना चाहती है? क्या कांग्रेस सरकार चाहती है कि स्वरा भास्कर छत्तीसगढ़ के बच्चों की रोल मॉडल बने?

भाजपा प्रदेश महामंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि टुकड़े टुकड़े गैंग को समर्थन देने वाली, हिन्दू आतंकवाद जैसे विचार गढ़ने वाली, हिंदुत्व की तुलना तालिबानी से करने वाली, मां शक्ति का अपमान जनक पोस्टर जारी करने वाली मणिमेखला और उनका समर्थन करने वाली तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा का समर्थन करते हुए हिंदुत्व के विरुद्ध जहर उगलने वाली स्वरा भास्कर से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हमारे बच्चों को कौन से संस्कार दिलाना चाहते हैं, कौन सी शिक्षा देना चाहते हैं, किस अपसंस्कृति की खाई में धकेलना चाहते हैं, इसका जवाब दें। अब तक मुख्यमंत्री के बापूजी, बापू के राम को गरिया रहे थे। क्या अब मुख्यमंत्री नव प्रयोग से हिंदुत्व के विरोध का वैचारिक दायरा बढ़ा रहे हैं?

भाजपा प्रदेश महामंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि पहली बात तो यह कि पहले से चल रहे स्कूल बंद कर, बिना बिल्डिंग, बिना बजट के आत्मानंद स्कूल खोल दिए। स्कूल खोलने का विरोध नहीं है। विरोध यह है कि पहले से चल रहे स्कूल क्यों बंद कर दिए। भूपेश बघेल सरकार में छत्तीसगढ़ स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में बेहद निचले स्तर पर है। 30 राज्यों में छत्तीसगढ़ से बेहतर स्थिति है। ऐसे में जिस आत्मानंद स्कूल के नाम पर भूपेश बघेल आत्ममुग्ध हैं, वहां स्वरा संस्कृति को न्यौता गया। यह छत्तीसगढ़ संस्कृति के साथ साथ हिंदुत्व का अपमान तो है ही, भावी पीढ़ी के भविष्य के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक है।

 

 

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आदिवासी सभ्यता और संस्कृति प्रकृति से जुड़े है : राज्यपाल उइके

गरियाबंद ((छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने कहा है कि आदिवासी सभ्यता और संस्कृति प्रकृति से जुड़े है। आदिवासी संस्कृति प्रकृति पूजक हैं। जल,जंगल और जमीन से उनका गहरा नाता होता  है। गोंड़ी धर्म और संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए इस  प्रकार के आयोजन एक अच्छी पहल है। उन्होंने पवित्र धार्मिक नगरी राजिम में गोंड़ी धर्म संस्कृति को पल्लवित करने, आयोजको को बधाई दी। गोंड़ी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति और छत्तीसगढ़ गोंड़वाना संघ के  संयुक्त तत्वावधान में रविवार को आयोजित राष्ट्रीय चिल्हीडार महापुजा एवं बेटा जौतिया महाव्रत कार्यक्रम में राज्यपाल अनुसुईया उइके बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।



गोंडवाना गुरूदेव दुर्गेभगत एवं करूणामयी माता दुर्गेदुलेश्वरी की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रथम पंचायत मंत्री एवं राजिम विधायक अमितेश शुक्ल, विधायक  बिन्द्रानवागढ़  डमरूधर पुजारी, सांसद  चुन्नीलाल साहू, पूर्व मंत्री  बृजमोहन  अग्रवाल, केदार  कश्यप एवं महेश गागड़ा  और  पूर्व  सांसद चंदूलाल साहू भी सम्मिलित हुए। महामहिम राज्यपाल उइके  ने  कहा कि समाज की माताएं  अपने  बच्चों और परिवार की आशीर्वाद के लिए चिल्हीडार  महापूजा एवं बेटा जौतिया महाव्रत करती हैं। आयोजन का यह 15वां वर्ष है। गोंड़ी धर्म संस्कृति के आयोजन मे शिरकत करते हुये मुझे सुखद खुशी की अनुभूति हो रही है। आदिवासी  सभ्यता एवं  संस्कृति प्रकृति से जुड़ा है। समाज के लिए प्रकृति पूज्य है। सहजता, सरल और स्वाभिमान की  जिन्दगी जीना आदिवासियो की पहचान है। वर्तमान  परिस्थिति में अपनी  संस्कृति को बनाये रखना भी  एक महान कार्य है। राज्यपाल ने कहा कि आदिवासी  संस्कृति , कला, नृत्य, संगीत  की  नकल  आज  देश दुनिया के लोग कर रहे हैं। अपनी  संसकृति को  बढ़ावा देने के लिए यह एक प्रससंनीय कार्य है। राज्यपाल ने कहा कि भारत के संविधान में समाज के विकास के लिए व्यवस्था की  गई है। 5वीं अनसूची में विशेष कानून पेशा के तहत  ग्रामसभा को अधिकार दिया गया है। लेकिन  आज भी  समाज  मूलभूत  समस्याओ  से जूझ रहा है।

राज्यपाल उइके ने समाज के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार के माध्यम से अपनी प्रयासों को विस्तार पूर्वक रेखांकित किया। राज्यपाल ने  अवगत कराया कि मात्रात्मक त्रुटि की वजह से लाभ से  वंचित 12 जनजातियों को अब अपनी  जाति का लाभ मिलेगा। पेशा कानून के लिए छत्तीसगढ़  शासन  ने  नियम  बनाकर कानून का रूप दिया है। समाज द्वारा आवश्यक संशोधन हेतु पहल करने का सुझाव दिया गया है। राज्यपाल ने समाज के लोगों से राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओ लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने  धार्मिक  सद्भावनाओ पर जोर देते हुए कहा कि  देश  मे  अन्य  धर्माे की भान्ति गोड़ी  धर्म को भी  मान्यता मिलना चाहिए। इससे पूर्व राज्यपाल उइके ने कार्यक्रम स्थल पर स्थापित चिल्हीडार पर श्रद्धासुमन अर्पित किया। क्षेत्रीय विधायक अमितेश  शुक्ल ने  अपने  उद्बोधन में  समाज  के  विकास के लिए राज्य सरकार के प्रयासों को रेखांकित किया उनहोंने धर्म  नगरी राजिम में धर्म संस्कृति से जुड़े इस आयोजन के लिए समाज के लोगों  को  बधाई दी। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और विधायक डमरूधर पुजारी ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर गोंड़ी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति और गोंडवाना संघ के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उड़ीसा से पहुंचे समाज के लोग उपस्थित थे।

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पारंपरिक महत्व के 200 पौधों के रोपण से सुशोभित हो रहा खैरागढ़ का कृष्ण कुंज

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के नगरीय निकायों में कृष्ण कुंज विकसित किए जा रहे हैं। इस तारतम्य में वन मंडल खैरागढ़ अंतर्गत कृष्ण कुंज के निर्माण में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को स्वीकृत सभी कार्य पूर्ण करा लिए गए हैं। इसके तहत खैरागढ़ का कृष्ण कुंज पारंपरिक महत्व के विभिन्न प्रजातियों के पौधों के रोपण से हरियाली से ओत-प्रोत होकर सुशोभित होने लगा है।


वन मंडलाधिकारी खैरागढ़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें आंवला, आम, कदम्ब, बरगद, पीपल, बहेड़ा, करंज, महुआ, नीम, कचनार तथा गुलमोहर आदि 200 पौधों का रोपण तथा विकसित किए जा रहे कृष्ण कुंज के एक एकड़ क्षेत्र का फेंसिंग कार्य सहित गेट का निर्माण किया गया है। उक्त तीनों कार्य वर्तमान में पूर्णता की स्थिति में है। खैरागढ़ के कृष्ण कुंज में वृक्षारोपण बहुत अच्छा है। वहां वृक्षारोपण का कार्य माह जुलाई में ही हो गया था। अभी गेट को और सुसज्जित करने का कार्य प्रगति पर है। इसे चालू माह में पूर्ण कर लिया जाएगा।



गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बघेल द्वारा ‘कृष्ण कुंज’ को विकसित करने के संबंध में घोषणा की गई है कि हमारे देश में बरगद, पीपल, कदंब तथा अन्य वृक्षों की पूजा करने की परंपरा अत्यंत प्राचीन है। मनुष्य के लिए वृक्षों की अत्यधिक उपयोगिता होने के कारण ही हमारी पंरपराओं में इन्हें महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है, परंतु विगत वर्षों में नगरीय क्षेत्रों का तीव्र विकास होने के कारण वृक्षों की हो रही अंधाधुंध कटाई से वृक्षों का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है। अगर यही स्थिति जारी रही तो कदाचित भावी पीढ़ियों को इन वृक्षों के परंपरागत महत्व के बारे में जानकारी तक नहीं हो सकेगी। इसलिए वृक्षों की अमूल्य विरासत का संरक्षण हम सबका परम कर्तव्य है। यह अत्यंत आवश्यक है कि मनुष्य के लिए जितने भी जीवनपयोगी वृक्ष हैं, उन्हें सभी नगरीय क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर लगाया एवं संरक्षित किया जाए।

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बड़ी खबर : जनता कांग्रेस ने विधायक धर्मजीत सिंह को पार्टी से किया निष्कासित

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जनता कांग्रेस के विधायक धर्मजीत सिंह को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। जनता कांग्रेस की अध्यक्ष रेणु जोगी ने उन्हें निलंबित कर दिया है। धर्मजीत सिंह को जनता कांग्रेस विधायक दल के नेता से हटाने के लिए पार्टी अध्यक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष को खत लिखा है। उन्हें 6 वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है। अब रेणु जोगी विधायक दल की नेता होंगी।

आरोप है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते उन्हें निष्कासित किया गया है। कई बार यह आरोप भी लगा है पार्टी के संस्थापक अजीत जोगी के निधन के बाद से अमित जोगी पार्टी को अपने हिसाब से चलना चाहते हैं, लेकिन धर्मजीत सिंह की वजह से ऐसा नहीं कर पा रहे थे।



बता दें कि जनता कांग्रेस ने अजीत जोगी के निधन के बाद धर्मजीत सिंह को विधायक दल का नेता चुना था। वर्ष साल 2018 के विधानसभा चुनाव में जनता कांग्रेस ने बसपा के साथ गठबंधन करके प्रदेश की 90 में से पांच सीट पर जीत दर्ज की थी। अजीत जोगी मरवाही, देवव्रत सिंह खैरागढ़ से विधायक चुने गए थे। इनके निधन के बाद दोनों सीट पर कांग्रेस का कब्जा हो गया था। वर्तमान में जनता कांग्रेस के तीन विधायक हैं, जिसमें रेणु जोगी, धर्मजीत सिंह और प्रमोश शर्मा शामिल हैं।

 

 

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रक्तदान-महादान परिकल्पना साकार : एमबीडीडी ने एक बार फिर रचा इतिहास

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रक्तदान : जीवनदान की परिकल्पना को साकार कर एक बार फिर मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव एमबीडीडी ने इतिहास रच डाला है। आचार्य महाश्रमण के मंगल आशीर्वाद से सेवा संस्कार संगठन के क्षेत्र में कार्यरत अग्रणी संगठन अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् ने शनिवार को पूरे भारत और साथ ही 22 अन्य देशों में एक साथ रक्तदान के 6185 शिविरों का आयोजन कर 1,68,000 यूनिट से ज्यादा रक्त एकत्र कर रक्तदान के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। देश भर में हुए शिविरों में राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने मौजूद रह कर रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाया। वहीं कई व्यक्तियों ने खुद भी रक्तदान कर इस पुनीत भागीरथी प्रयास में अपना सहयोग दिया। शिविर में युवाओं ने जहां बढ़-चढ़  कर भाग लिया, वहीं महिलाएं भी किसी से पीछे नजर नहीं आई। शिविरों में एकत्र ब्लड के स्टोरेज की व्यवस्था के लिए स्थानीय स्तर पर ब्लड बैंक के साथ तालमेल रखा गया था। शिविर में एकत्र ब्लड ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों के काम में आ सके इसके लिए अभातेयुप अपनी सभी इकाइयों में मॉनिटरिंग करने के साथ-साथ तालमेल बैठाने में सहयोग भी करेगी।
अभातेयुप  राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज डागा ने बताया कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश ने कोविड की जंग को जीता। सम्पूर्ण देश की जनता को वेक्सीनेशन किया गया। अब इस रक्तदान अभियान के माध्यम से सम्पूर्ण भारत में एकता व रक्तदान के प्रति जागरूकता का संदेश प्रसारित करने के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने अभातेयुप जैसी गौरवशाली संस्था को प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्रदान किया था। शनिवार को स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव में सहयोग दिया गया।

 एमबीडीडी राष्ट्रीय संयोजक हितेश भांडिया ने बताया कि इस मेगा आयोजन में  भारत के विभिन्न शहरों, जिला मुख्यालयों तथा 22 अन्य राष्ट्रों में भी रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। इस महाअभियान के साथ सैंकड़ों की संख्या में स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग अभातेयुप को मिला। रक्तदान कैंप में डाटा संकलन का काम भी ऑनलाइन किया गया। सभी शिविरों के आंकड़े देर रात तक अपडेट होते रहे।

रायपुर शहर में यह शिविर 21 जगह आयोजित किया गया। सवेरे से लेकर देर शाम तक चले शिविर में 1383 यूनिट ब्लड एकत्र किया गया। रक्तदान शिविर के आयोजन में छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स, रायपुर मिल मशीनरी मर्चेंट एसोसिएशन,  रायपुर इलेक्ट्रिकल मर्चेंट एसोसिएशन, वर्धमान मित्र मंडल, छत्तीसगढ़ कंप्यूटर डीलर एसोसिएशन, पंडित रवि शंकर विश्वविद्यालय, कलिंगा विश्वविद्यालय आदि द्वारा सहयोग  किया गया। स्थानीय प्रवक्ता  निर्मल बेंगाणी , अध्यक्ष मनीष दूगड़ एवं मंत्री महेश गोलछा ने बताया कि शिविर में मुख्य रूप से सुनील सोनी (सांसद रायपुर), कुलदीप जुनेजा (विधायक रायपुर उत्तर), बृजमोहन अग्रवाल (विधायक रायपुर दक्षिण), संजय शर्मा  (ए आई जी ट्राफिक) , गौतम चंद चौरसिया (पूर्व न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय) मौजूद रहे।

अभातेयुप के नाम है पहले से रक्तदान शिविर लगवाने का रिकॉर्ड
अभातेयुप के राष्ट्रीय महामंत्री पवन मांडोत ने बताया कि संस्था ने 17 सितम्बर 2012 को एक दिन में देश के 276 शहरों एवं कस्बों में 651 रक्तदान शिविरों के माध्यम से 96,600 यूनिट रक्त संग्रह का कीर्तिमान रचा था। संस्था ने 6 सितंबर 2014 को देश के 286 स्थानों पर 682 रक्तदान शिविरों के माध्यम से 100212 यूनिट रक्तदान के साथ अपना नाम गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाया था। सन् 2016 में एक वर्ष तक निरंतर 366 दिन तक 410 स्थानों पर 468 रक्तदान शिविरों के साथ विश्व के सबसे लंबे समय तक निरंतर चलने वाले रक्तदान अभियान के रूप में इण्डिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज हुआ। सन् 2020 में कोविड-19 की विकट परिस्थितियों व लॉकडाउन की स्थिति में भारत सरकार के अनुरोध पर 55000 यूनिट रक्तदान एवं एक माह में 2000 प्लाज्मा डोनेशन के साथ एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड, इण्डिया बुक ऑफ रिकॉर्ड, ग्लोबल रिकॉर्ड एण्ड रिसर्च फाउण्डेशन, एशिया पेसिफिक रिकॉर्ड्स और ग्लोबल रिकॉर्ड्स में अभातेयुप का नाम दर्ज हुआ।

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चीता प्रोजेक्ट में भी मोदी और भाजपा ने देश को गुमराह किया -कांग्रेस

 चीतों का भारत आना पूर्ववर्ती सरकारों की मेहनत का नतीजा

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के दिन जिस प्रकार से पूरी भाजपा केंद्र सरकार और मध्यप्रदेश सरकार ने चीता इवेंट किया वह बड़ा हास्यास्पद और देश के लोगों को गुमराह करने वाला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि चीता भारत लाने का प्रोजेक्ट 50 साल पहले शुरू हुआ था। 1972 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी वन्यजीव संरक्षण अधिनियम लेकर आईं। उसके बाद आईएएस अधिकारी एम-के- रंजीत सिंह ने चीतों को बचाने के लिए एक प्रोजेक्ट का आइडिया पेश किया। उस समय प्रस्ताव रखा गया था कि चीते ईरान से आएंगे। 1973 में दोनों देशों के बीच एग्रीमेंट हुआ। भारत को ईरान से चीते चाहिए थे और ईरान को भारत से शेर चाहिए थे। हालांकि कुछ समय बाद वहां सरकार बदल गई और यह मामला खटाई में पड़ गया। पहले चीतों के लिए सेंचुरी गुजरात में बननी थी लेकिन बाद में पाया गया कि वहां माहौल अनुकूल नहीं है। फिर इसकी जगह बदल कर मध्यप्रदेश की गई। इस इस दौरान पाया गया कि ईरान में चीतों की संख्या तेजी से कम हो गई है। प्रोजेक्ट फिर अटक गया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि रंजीत सिंह रिटायर हो गए लेकिन इस प्रोजेक्ट पर वे लगे रहे। 2008-09 में उन्होंने नए सिरे से प्रस्ताव पेश किया। यूपीए सरकार में पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने एक कमेटी बनाई और रंजीत सिंह को इसका अध्यक्ष बनाया। 2009 अफ्रीकन चीता लाने का प्रस्ताव बनाया तथा 2010 में मनमोहन सरकार ने प्रस्ताव स्वीकृत किया। 25 अप्रैल 2010 को तत्कालीन पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश अफ्रीका गए और चीता देखा। 2011 में भारत सरकार द्वारा 50 करोड़ रु. चीतों के लिए दिए गए। 2012 सुप्रीम कोर्ट से चीता प्रोजेक्ट पर रोक लगा दी तथा 2019 में सुप्रीम कोर्ट से रोक हटी उसके बाद अब चीते भारत आ सके। मोदी एंड कंपनी ने सिर्फ अपना टैग लगाकर वाहवाही लेने और प्रचार करने का काम किया है। मोदी सरकार और भाजपा जिन चीतों को भारत लाना मोदी जी को ऐतिहासिक उपलब्धि बता रही उन चीतों को भारत लाने का आइडिया प्रस्ताव और मेहनत देश की पूर्ववर्ती सरकारों का है।

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जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में किया गया पोषण माह व्यंजन प्रतियोगिता

 जशपुरनगर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर अग्रवाल के मार्गदर्शन में आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण माह व्यंजन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अरूण पाण्डेय ने बताया की पोषण माह अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र में आज व्यंजन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्रियों का बेहतर उपयोग पोषकता बढ़ाकर खाने संबंधी सलाह हितग्राहियों, बच्चों के माता पिता और उपस्थित जनप्रतिनिधियों को दी गयी।

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सायबर सुरक्षा जागरूकता के संबंध में जानकारी देने किया गया प्रशिक्षण

 जशपुरनगर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला पंचायत सीईओ जितेन्द्र यादव ने आज पुलिस विभाग के सभा कक्ष में जय हो टीम और युवाओं को सायबर सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और यूनिसेफ  संस्था की ओर से सायबर सुरक्षा जागरूकता पर 5 दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। साइबर पीस फाउंडेशन से आए साइबर एक्सपर्ट नितिन पांडे समन्वयक और शिमोनी प्रसाद वरिष्ठ प्रबंधक बाहरी संचार और परियोजना की ओर से प्रशिक्षण दिया गया।

जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि जय हो वॉलंटियर, महिला स्व सहायता समूह ,अन्य विभाग के कर्मचारी युवाओं को भी साइबर सुरक्षा से जुड़े अपराध और उनसे बचने के उपाय बताए जा रहे हैं, जिससे पुलिस विभाग और स्वयं सेवी संस्था की ओर से ग्रामीणों और आमजनों को जागरूक किया जायेगा। उन्होंने कहा कि दूरस्थ अंचल के लोगों स्कूलों, कालेज और ग्राम पंचायत में टीम सायबर सिक्योरिटी से संबंधित जानकारी देगी  है।

 
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प्रधानमंत्री मोदी के प्रोत्साहन से अत्मिनिर्भर बन रहे दिव्यांग : भावना बोहरा

पीएम मोदी के 72वें जन्मदिन पर 72 दिव्यांगों को उपकरण वितरित

 कवर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और सेवा दिवस के अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री और जिला पंचायत कबीरधाम की सभापति भावना बोहरा द्वारा ग्राम उड़िया खुर्द में दिव्यांगजनों को निःशुल्क उपकरण वितरण कर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 72 वें जन्मदिन के अवसर पर 72 दिव्यांगजनों को उपकरण वितरित कर उन्हें प्रोत्साहित करते हुए उनका मनोबल बढ़ाया। कार्यक्रम में उन्होंने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले  दिव्यांगजनों को 50 ट्राइसिकल, 5 व्हील चेयर, 11 श्रवण यंत्र, 6 बैशाखी भेंट कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का सराहनीय कार्य किया।



इस अवसर पर भावना बोहरा ने कहा कि सबसे पहले मैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई प्रेषित करती हूँ और भगवान श्रीराम से उनके सुदीर्घ एवं स्वस्थ जीवन की कामना करती हूँ, जिनके सेवाभाव से प्रेरित होकर हमने आज इस कार्यक्रम का आयोजन किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस प्रकार राष्ट्र सेवा सर्वप्रथम की अवधारणा के साथ देश के हर व्यक्ति, वर्ग एवं समुदाय के हित और देश के विकास के लिए निरंतर कार्य किया है वह हम सभी के लिए एक आदर्श है। एक आदर्श जनप्रतिनिधि एवं देश के प्रधान सेवक कैसा होता है, उसकी परिभाषा व जिम्मेदारियों को उन्होंने अपने व्यक्तित्व से प्रदर्शित कर हम सभी का मार्गदर्शन किया है। कई लोग ऐसे होते हैं जो किसी हादसे के कारण अंग गँवा देते हैं और कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनमें यह जन्मजात होता है ऐसे लोगों को कई नामों से पुकारा गया लेकिन प्रधानमंत्री ने उन्हें दिव्यांगजन नाम से संबोधित कर हमारे दिव्यांगजनों के प्रति जो अपनी भावना व्यक्त की और उनका सम्मान किया है वह वन्दनीय है। दिव्यांगजनों के प्रति उनका स्नेह, उन्हें प्रोत्साहन और समाज की मुख्यधारा से उन्हें जोड़ते हुए एक प्रमुख स्थान देने के लिए उनके द्वारा किये जा रहे सार्थक कार्यों से प्रेरणा लेकर ही हमने आज यह कार्यक्रम का आयोजन करते हुए उनके जन्मदिन के अवसर पर अपने ओर से एक छोटी सी भेंट प्रेषित करने का प्रयास किया है।

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमारे दिव्यांगजनों के उत्थान के लिए कई कार्य किये हैं और योजनाओं का संचालन कर रहें हैं। सुगम्य भारत अभियान के माध्यम से दिव्यांगजनों के जीवन में कई सकारात्मक परिवर्तन आएं हैं। प्रधानमंत्री ने दिव्यांगजनों पर अगर कोई अत्याचार करता है, उन्हें परेशान करता है, तो इससे जुड़े नियमों को सख्त किया है। दिव्यांगों की नियुक्ति के लिए विशेष अभियान चलाए। सरकारी नौकरियों में दिव्यांगों के लिए आरक्षण 3% से बढ़ाकर 4% कर दिया है। उच्च शिक्षा संस्थानों में दाखिले के लिए भी दिव्यांगों का आरक्षण 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। मोदी सरकार ही है जिसने पहली बार दिव्यांगजनों के अधिकारों को स्पष्ट करने वाला कानून लागू किया। इस कानून का एक बहुत बड़ा लाभ ये हुआ है कि पहले दिव्यांगों की जो सात अलग-अलग तरह की वर्ग  होती थी, उसे बढ़ाकर 21 कर दिया गया। इन सभी परिवर्तन एवं कार्यों से आज हमारे देश के दिव्यांग अपने हौसले, व आत्मबल से देश, प्रदेश के विकास में अपनी सक्रीय भूमिका निभाते हुए हमें आत्मगौरव की अनुभूती प्रदान कर रहें हैं।

भावना बोहरा ने कहा कि टोक्यो पैरालंपिक में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर इतिहास रचते हुए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और 5 स्वर्ण, 8 रजत और 6 कांस्य पदक जीतकर हम सभी का सम्मान विश्व में बढ़ाया । अपने इसी सामर्थ्य और आत्मविश्वास के साथ हमारे देश के दिव्यांगजन नए भारत के निर्माण में उचित भागीदारी आवश्यक है। चाहे वो उद्योग हों, सेवा का क्षेत्र हो या फिर खेल का मैदान, दिव्यांगों के कौशल को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। आज हमने भी उनके आत्मबल को बढ़ाने एवं उन्हें प्रोत्सहित करने के लिए आज निःशुल्क उपकरण वितरण कर उन्हें सम्मानित करने का एक छोटा सा प्रयास किया है। हमें विश्वास है कि हमारे इस प्रयास से हमारे जिले के दिव्यांग भाई-बहनों को मानसिक व शारीरिक रूप से संबल मिलेगा उनका यही संतोष हमारे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है अमूल्य धन है और आगे भी हम हमारे दिव्यांग भाई-बहनों की हर संभव सहायता के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे। विगत वर्ष भी हमने सेवा दिवस के अवसर पर क्षेत्र की जरूरतमंद महिलाओं जिन्होंने कोरोना संक्रमण के दौरान अपने घरों के मुखिया को खोया है और पूरे घर की जिम्मेदारी जिनके कन्धों पर हैं उन्हें सिलाई मशीन भेंट कर उनका मनोबल बढ़ाने का कार्य किया था। आज मुझे ख़ुशी है कि हमारे उस प्रयास से उनके जीवन में सकारातमक परिवर्तन आया होगा और आर्थिक रूप से उनके सशक्तिकरण में सहयोग प्राप्त हुआ होगा।

विदित हो कि भावना बोहरा द्वारा विगत वर्षों से कबीरधाम जिले सहित अन्य आस-पास के जिलों में जनसेवा का कार्य किया जा रहा है। जरूरतमंद लोगों की सहायता करने के लिए उनके घरों तक मदद पहुँचाने के लिए लगातार अपनी सेवाएँ दे रहीं हैं। भावना बोहरा द्वारा जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 12 की महाविद्यालयीन छात्राओं हेतु घर से महाविद्यालय एवं महाविद्यालय से घर आने-जाने हेतु तीन निःशुल्क बसों का शुभारम्भ किया गया जिससे  थान खम्हरिया, सहसपुर लोहारा एवं कवर्धा महाविद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं को इसका लाभ मिल रहा है। उनके द्वारा संचालित दो निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से कबीरधाम जिले के साथ-साथ आस-पास के जिले में रहने वाले हजारों परिवारों को भी घर से अस्पताल एवं अस्पताल से घर आने-जाने की सुविधा उपलब्ध हो रही है। इसके साथ ही क्षेत्रवासियों के बेहतर स्वास्थ्य हेतु अरोग्यम निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, महिला शसक्तीकरण हेतु नारी सम्मान अलंकरण, मेरी सखी आत्मसुरक्षा कार्यक्रम, महिलाओं को सिलाई मशीन, सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन की स्थापना, कोरोना योद्धा सेवा सम्मान, निःशुल्क राशन वितरण, किसानों के लिए हलधर सम्मलेन, क्षेत्र के प्रमुख स्थानों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए वाटर कूलर की स्थापना, योग दिवस पर शिविर का आयोजन, हमर गाँव हरियर गाँव अभियान के तहत वृक्षारोपण जैसे कई जनहित के कार्य निरंतर किये जा रहें हैं।

इस अवसर पर शिवनाथ वर्मा जिला उपाध्यक्ष, भाजपा जिला महामंत्री रोशन दुबे,शिव कुमार चंद्रवंशी मंडल अध्यक्ष पिपरिया, चंदन पटेल मंडल अध्यक्ष कवर्धा ग्रामीण, बसंत शर्मा जिला कार्यकारिणी सदस्य, भाजपा महामंत्री रणवीरपुर राजेन्द्र साहू, महामंत्री रणवीरपुर धरमपाल कौशिक, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष मनोज वैष्णव, महामंत्री सोहननाथ शिवोपासक, कोषाध्यक्ष हेमंत ठाकुर, तिलक सेन, रूपेश कौशिक, रवि राजपूत, अशोक पटेल, लालाराम साहू, रतन पटेल, ध्रवदत्त दुबे, प्रमोद दस मानिकपुरी, पुनाराम राजपूत, जयसिंह ठाकुर, राजू पारख, बसंत बोहरा, परमानंद शर्मा, दुर्गा वैष्णव, मीना पटेल, वेदवती खुसरो, तारेश्वरी राजपूत, चेतन शुक्ला, भोजलाल साहू, सत्रुघन तिवारी, संतोष शर्मा, नरेश साहू, कोमल साहू, सुरेश कौशिक, शिवम कौशिक, तोरणदास वैष्णव, धनेश साहू, सत्रुघन यादव, टीकमचंद साहू, नारायण, पुष्पा सोनी, मनोज पांडेय, दिनेश कौशिक, गिरधर साहू, किशन साहू, दिलीप साहू, खेलावन साहू, नाथू कौशिक, विशाल धुर्वे, अरविंद सिंह राजपूत, भूपेंद्र वर्मा, कौशल वैष्णव, सुरेश साहू, विशाल धुर्वे, सरोज चंद्राकर सहित सभी मंडल व प्रकोष्ठ के पदाधिकारी एवं कार्यकर्तागण, विशिष्ठजन, भावना समाज सेवी संस्थान के सदस्य एवं सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

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खाद्य मंत्री ने जनसंवाद में सुनी लोगों की समस्याएं

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अमरजीत भगत शनिवार को राजीव भवन में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने अपने समस्या तथा मांग से संबंधित लगभग 216 आवेदन दिए। मंत्री भगत ने संबंधित विभागों को आवेदन के निराकरण के लिए तत्काल निर्देशित किया। कार्यक्रम में तृतीय लिंग समुदाय के लोगों सहित 18 लोगों को शिक्षा, ईलाज और स्वरोजगार के लिए 1 लाख 65 हजार रुपए का स्वेच्छानुदान राशि का चेक प्रदान किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री भगत ने कहा कि आम जनता की हर समस्या का उचित समाधान होना आवश्यक है। इसके लिए उचित पहल के साथ समाधान होना आवश्यक है। सकारात्मक पहल के साथ जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जनसंवाद कार्यक्रम में आम जनता से प्राप्त समस्याओं से संबंधित आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जाएगा। इस अकसर पर खाद्य आयोग के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह बाबरा, पार्षद दीपक मिश्रा, इरफान सिद्दीकी सहित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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तेलंगाना के विकाराबाद और रंगारेड्डी जिले से सकुशल छुड़ाकर लाए गए 24 श्रमिक

 जगदलपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बस्तर जिला प्रशासन की ओर से तेलंगाना में बंधक बनाए गए 24 श्रमिकों को सकुशल छुड़ाकर लाया गया। ये श्रमिक तेलंगाना के विकाराबाद और रंगारेड्डी जिले में हैदराबाद प्लाईवुड कंपनी में काम कर रहे थे।

श्रमिकों को छुड़ाने की यह कार्यवाही संसदीय सचिव रेखचंद जैन को मिली शिकायत के बाद की गई। संसदीय सचिव जैन को जगदलपुर के नेतानार ग्राम के संजय नाग ने सूचना दी कि हैदराबाद प्लाईवुड कंपनी में बस्तर के कुछ मजदूर काम कर रहे हैं, जिनका एटीएम, आधार कार्ड आदि मालिक की ओर से जमा कर लिया गया है, वहीं मजदूरी भी नहीं दी जा रही है। संसदीय सचिव ने इस मामले में की जानकारी कलेक्टर चंदन कुमार को देते आवश्यक कार्यवाही के संबंध में कहा। इस पर कलेक्टर कुमार ने राजस्व निरीक्षक जगन्नाथ चालकी, श्रम निरीक्षक नमिता जॉन, पुलिस हवलदार धनसिंह बघेल और सिपाही जयंती कश्यप की अगुवाई में एक दल का गठन किया और उन श्रमिकों को छुड़ाने के लिए तेलंगाना भेजा।

 

इस दल के सदस्यों ने विकाराबाद के कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी विकाराबाद से सम्पर्क किया और हैदराबाद प्लाईवुड कंपनी मे कार्यरत बस्तर संभाग छत्तीसगढ़ के सभी 24 श्रमिको को 17 सितंबर को सकुशल जगदलपुर वापस लाने में सफल हुई। श्रमिकों को नियोजकों की ओर से उनकी बकाया मजदूरी 2 लाख 63 हजार 100 रुपए का भुगतान भी दल की ओर से कराया गया। इनमें बस्तर और कोंडागांव के पांच-पांच दंतेवाड़ा और नारायणपुर के चार-चार श्रमिक, बीजापुर और काकेंर के तीन-तीन श्रमिक शामिल थे। छुड़ाए गए सभी श्रमिकों ने जगदलपुर पहुंचकर कलेक्टर चंदन कुमार से भेंट की और सकुशल घर वापसी के लिए जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। श्रम पदाधिकारी पंकज बिचपुरिया ने अन्य जिलों के श्रमिकों को उनके गृह ग्राम तक रवानगी के लिए संबंधित जिलों के श्रम विभाग को सौंपने की कार्यवाही की। इसके साथ ही श्रमिकों को समझाइस दी गयी, कि भविष्य मे ग्राम सचिव को बिना किसी पूर्व सूचना के अन्य प्रान्तों अथवा जिले से बाहर न जाएं।

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जिला पंचायत सीईओ ने किया आदर्श कुदरगढ़, खर्रा, करौती गौठानों का निरीक्षण

सूरजपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला पंचायत सीईओ कोसम ने आदर्श गौठान ओडग़ी ब्लॉक कुदरगढ़, खर्रा, करौती का निरीक्षण किया। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के चयनित गौठानों को आजीविका के केन्द्र के रूप में विकसित करने के लिए वहां महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क बनाया जाएगा। इसे स्थानीय, शासकीय और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ग्रामीण उत्पादन एवं सेवा केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका एवं रोजगार को बढ़ावा देेने के उद्देश्य से इन इंडस्ट्रियल पार्क में निजी उद्यमियों को उद्यम लगाने प्रोत्साहित किया जाएगा। दो अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के कार्यों का शिलान्यास व लोकार्पण किया जाएगा। इस संबंध में बैठक लेकर शासन के निर्देशानुसार सभी आवश्यक अधोसंरचना तैयार करने व रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क की स्थापना एवं गतिविधियों के संचालन के संबंध में व्यापक दिशा-निर्देश दिए है।

सीईओ ने प्रत्येक रीपा में लिए जाने वाली गतिविधियों के लिए समेकित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तथा ब्लूप्रिंट तैयार कर प्रत्येक उद्यम के लिए पृथक-पृथक बिजनेस प्लान के आधार पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए और उद्यम स्थापित करने इच्छुक स्थानीय युवाओं, स्व सहायता समूहों को चिन्हांकित करने कहा। उन्होंने रीपा के क्रियान्वयन के संबंध में अब तक की गई कार्यवाही की विस्तार से जानकारी ली तथा कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए।

 
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जिला चिकित्सालय सूरजपुर में 100 से अधिक कीमोथेरेपी का हुआ सफल संचालन

 सूरजपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर जिला सूरजपुर इफ्फत आरा के निर्देशानुसार व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला सूरजपुर डॉ. आर.एस. सिंह व सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. शशी तिर्की के मार्गदर्शन में एन.पी.सी.डी.सी.एस. कार्यक्रम अंतर्गत जिला चिकित्सालय सूरजपुर के दीर्घायु यूनिट के माध्यम से अभी तक 100 से अधिक कैंसर ग्रसित मरीजों का कीमोथेरेपी (इंजेक्टेबल) सफलतापूर्वक प्रदान किया गया है। जिसमें से मल्टीपल मायलोमा- 42, स्तन कैंसर- 14, मुख कैंसर- 10, अंडाशय कैंसर- 7, पित्त की थैली का कैंसर- 06, फेफड़ा कैंसर- 5, जांघ के कैंसर- 5, कोलॉन कैंसर- 3 कैंसर रैक्टम- 1 गर्भाशय मुख कैंसर- 1, टी शेल लिम्फोमा- 2 पिशाब की थैली कैंसर- 5 के मरीजों का सफलता पूर्वक उपचार किया गया। 

जिला चिकित्सालय में दीर्घायु यूनिट की स्थापना होने से कैंसर से ग्रसित मरीजों में संतोष व्याप्त हैं। मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एस.सिंह तथा सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. शशी तिर्की के कुशल नेतृत्व में जिला चिकित्सालय सूरजपुर में दीर्घायु यूनिट का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। जिला नोडल अधिकारी (एन.सी.डी.) डॉ. दीपक जायसवाल की ओर से बताया गया कि गर्भाशय मुख कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए व्ही.आई.ए. जांच की सुविधा जिला चिकित्सालय के साथ-साथ जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में नि:शुल्क प्रदान की जा रही है तथा इसको विस्तार करते हुए भविष्य में सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र व हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर के माध्यम से प्रदान किया जाएगा तथा व्ही.आई.ए. रिपोर्ट धनात्मक पाये जाने पर सीन- 1 व सीन- 2 के मरीजों को मशीन थर्मल एबलेशन के माध्यम से प्रशिक्षित डॉक्टर व स्टॉफ  नर्स के माध्यम से नि:शुल्क उपचार प्रदान की जाएगी। दीर्घायु यूनिट के सफल संचालन में डॉ. दीपक जायसवाल, डॉ. अनीस राम तथा वर्षा एक्का के साथ-साथ जिला चिकित्सालय के सभी अधिकारी, कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा है।

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प्रशासन को जवाबदेही बनाना सूचना के अधिकार का मूल उद्देश्य : मुख्य सूचना आयुक्त राउत


अपने निर्णय को समय सीमा में कार्यान्वित कराना प्रथम अपीलीय अधिकारी का दायित्व : अग्रवाल

 जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्य मुख्य सूचना आयुक्त एम के राउत ने आज जिला पंचायत के सभागार में सूचना का अधिकार विषय पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रशासन को पारदर्शी और जवाबदेही बनाना सूचना के अधिकार का मूल उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि आम नागरिक सूचना का अधिकार के लिए शुल्क अदा किया है, तो उसे समय सीमा में जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है। बीपीएल का राशन कार्ड मान्य नहीं है, किन्तु नगरीय क्षेत्र के सीएमओ और ग्रामीण क्षेत्रों के आवेदन के साथ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत की ओर से जारी प्रमाण पत्र मान्य है। बी पी एल के आवेदक को 50 पृष्ठ या 100 रुपए की जानकारी नि:शुल्क देना है, अधिक पृष्ठ की जानकारी होने पर अवलोकन करने आग्रह करें। इस कार्यशाला में कलेक्टर जांजगीर चांपा तारन प्रकाश सिन्हा, कलेक्टर सक्ती नूपुर राशि पन्ना, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी फरिहा आलम, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सक्ती रैना जमील, अपर कलेक्टर एस पी वैद्य, राज्य सूचना आयोग के संयुक्त संचालक धनंजय राठौर भी उपस्थित थे। 

इस कार्यशाला में मुख्य सूचना आयुक्त ने कहा कि सूचना का अधिकार के तहत आवेदक शुल्क के रुप में संलग्न नान ज्युडिशियल स्टाम्प, ई-स्टाम्प, चालान, भारतीय पोस्टल आर्डर, नगद, बैंक ड्राफ्ट के रूप में जमा करता है, तो आवेदक को निर्धारित समय सीमा में जानकारी रजिस्ट्री डाक से भेंजे। उन्होंने कहा कि जहां (विभाग) में नकल लेने का प्रावधान है, वहां आवेदक को नकल (प्रतिलिपि) के लिए आवेदन करने पत्र जरुर भेजें। उन्होंने कहा कि आयोग के निर्णय का पालन करते हुए जवाब अवश्य दें। राउत ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम आम जनता की भलाई के लिए बनाया गया है। नागरिकों की ओर से शासकीय योजनाओं, कार्यक्रमों और कार्यों की जानकारी मांगने पर निर्धारित समय सीमा में आवेदक को जानकारी उपलब्ध कराने का दायित्व हमारा है। शासकीय कार्यों, दस्तावेजों और कार्यक्रमों को विभागीय वेबसाईट में प्रदर्शित करें, ताकि आम नागरिक को सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन लगाने की जरूरत ही ना पड़े। 

 
 
 

राज्य सूचना आयोग के आयुक्त अशोक अग्रवाल ने कार्यशाला में स्पष्ट किया कि जनसूचना अधिकारी समय सीमा में आवेदक को जानकारी उपलब्ध कराने में असमर्थ है, तो आवेदक प्रथम अपीलीय अधिकारी के पास अपील कर सकता है और प्रथम अपीलीय अधिकारी निर्णय देने के बाद उसे समय सीमा में कार्यान्वित कराना प्रथम अपीलीय अधिकारी का दायित्व है। उन्होंने जनसूचना अधिकारियों से कहा कि जब आवेदक सूचना का अधिकार के तहत आवेदन प्रस्तुत करता है, तो आवेदन पत्र को ध्यान से पढ़े, आवेदन पत्र में एक से अधिक विषय की जानकारी चाही गई है, तो केवल एक विषय की जानकारी आवेदक को दी जा सकती है। इसी तरह सशुल्क जानकारी देने की स्थिति पर शुल्क की गणना भी आवेदक को दी जाए और आवेदक की ओर से शुल्क जमा करने के पश्चात् ही वांछित जानकारी की फोटोकॉपी  उपलब्ध कराई जाएं। 

 
 
 

अग्रवाल ने कहा कि जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी आयोग के नोटिस का जवाब जरूर दें, जवाब नहीं मिलने पर आयोग अर्थदंड और क्षतिपूर्ति लगा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि आवेदक की ओर से चाही गई जानकारी आपके कार्यालय से संबंधित नहीं है, तो उसे संबंधित कार्यालय को 5 दिवस के भीतर आवेदन पत्र को अंतरित किया जाएं। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन को पारदर्शी बनाने के लिए ही सूचना का अधिकार अधिनियम बनाया गया है। जन सूचना अधिकारी अधिनियम के नियमों और उनकी बारीकियों को समझ सकें, इसलिए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। सभी जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी आवेदक को जवाब देते समय अपना नाम स्पष्ट रूप से उल्लेख करें। इसके साथ ही अग्रवाल ने कहा कि आवेदक को जानकारी देते समय जनसूचना अधिकारी का नाम, पदनाम का भी स्पष्ट उल्लेख किया जाना चाहिए।

 
 
 

राज्य सूचना आयुक्त धनवेन्द्र जायसवाल ने कहा कि सरकारी गतिविधियों को पूर्णत: पारदर्शी बनाना है। आवेदक को समय-सीमा के भीतर जानकारी दें अन्यथा निर्धारित समय-सीमा 30 दिन के बाद आवेदक को नि:शुल्क जानकारी देनी होगी। जायसवाल ने कहा कि सूचना आयोग पेनाल्टी लगाने वाली संस्था नहीं है, लेकिन जानबूझकर जानकारी नहीं देने अथवा गलती करने पर जनसूचना अधिकारी पर पेनाल्टी लगाना जरूरी हो जाता है। ऐसी स्थिति से जनसूचना अधिकारी को बचना चाहिए। 

जायसवाल ने कहा कि हर नागरिक को जानने का मौलिक अधिकार है। सूचना का अधिकार अधिनियम सरकार के कार्यो को पारदर्शी बनाता है। इसमें पहली कड़ी जनसूचना अधिकारी हैं, इसलिए जनसूचना अधिकारी अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों को स्वयं पढ़े। इससे गलती की संभावना कम होगी। इसमें जानकारी देने की समय-सीमा और शुल्क निर्धारित है। जनसूचना अधिकारी इसका विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि एक आवेदक के आवेदन को एक से अधिक विभाग को अंतरण नहीं करना है।    

 
 
 

कार्यशाला में राज्य सूचना आयुक्तगण और राज्य सूचना आयोग ने जनसूचना अधिकारियों और प्रथम अपीलीय अधिकारी के प्रश्नों और शंकाओं का समाधान किया। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की विस्तृत जानकारी प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत इस एक दिवसीय कार्यशाला में सभी विभाग के जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी के अलावा जनपद पंचायत के जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी (मुख्य कार्यपालन अधिकारी) बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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बच्चों का स्वास्थ्य सुधारने को आंगनबाड़ी में लगी पोषण व्यंजनों की प्रदर्शनी

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बच्चों की सेहत को दुरुस्त रखने के लिए प्रदेश भर में 1 सितंबर से पोषण माह चलाया जा रहा है। इस दौरान आंगनबाड़ी केन्द्रों में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आंगनबाड़ी केंद्र में पोषण व्यंजनों की प्रदर्शनी भी लगाईं जा रही है जिसमें लोगों को पोषक पदार्थों के महत्त्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

इस सम्बन्ध में गुढ़ियारी सेक्टर की सुपरवाइजर रीता चौधरी ने बताया: “पोषण माह के तहत गुढ़ियारी के आंगनबाड़ी केंद्र में रेडी टू ईट से बने पोषण व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई गई।जिसमें तरह तरह के व्यंजन सामग्री बनाकर बच्चों की माताओं को पोषक तत्वों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। पोषण प्रदर्शनी के दौरान लोगों को बताया जा रहा है कि किस तरह हम रेडी टू ईट फ़ूड से बच्चों के लिये रुचिकर व्यंजन बना सकते हैं। क्योंकि एक ही प्रकार का भोजन करने से बच्चों का मन भर जाता है। थोड़ा सा नया करने से बच्चों को अलग अलग प्रकार के व्यंजन बनाकर दिए जा सकते हैं।“



आगे उन्होंने बताया: “रेडी टू ईट से हलवा, बर्फी, रोटी एवं लड्डू भी बनाया जा सकता है। कार्यक्रम में केंद्र पर आयी 31 गर्भवती महिलाओं, 27 शिशुवती माताएं और हितग्राहियों को विस्तार से पोषण आहार के विषय में जानकारी दी गई। शिशुवती माताओं को बच्चे के लिए मां के दूध के महत्व के बारे भी में बताया गया। शिशुवती माताओं को विशेष रूप से यह भी जानकारी दी गयी कि मां के दूध से बच्चे को जो पौष्टिक आहार मिलते हैं, वह किसी भी भोजन में मौजूद नहीं होते हैं।“



आंगनबाड़ी केंद्र पर आई हितग्राही सुनीता कहती है: “यहां से मिलने वाला रेडी टू ईट फ़ूड बच्चों को नियमित रूप से देने के लिए कहा जाता है। लेकिन आज आंगनबाड़ी में रेडी टू ईट से बनी सामग्री के बारे में जिस प्रकार जानकारी दी गई इससे निश्चित रूप से बच्चों के लिए रुचिकर व्यंजन बनाकर दिया जा सकता है और बच्चे बहुत चाव से खाएंगे।“

यह बना व्यंजन
पोषण प्रदर्शनी के दौरान खुरमी,चीला, लड्डू और हलवा बनाया गया। जिसे बच्चों और बड़ों ने बड़े ही चाव खाया।

क्या सामग्री होती है रेडी टू ईट में
रेडी-टू-ईट फूड का पैकेट गर्भवती महिला, धात्री माता एवं 6 माह से लेकर 3 वर्ष तक के बच्चे एवं 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को दिया जाता है। एक महीने  में दो बार इसका वितरण किया जाता है रेडी-टू-ईट फूड में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, विटामिन और खनिज भरपूर मात्रा में होता है।

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