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शहरवासियों ने तम्बाकू से बच्चों एवं समाज को दूर रखने ली शपथ

 सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर बैनर लगाकर किया प्रचार प्रसा

जगदलपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। डेंगू, मलेरिया, और कोविड से बचाव के लिए तैयारी करने के साथ-साथ बस्तर जिले में   स्वास्थ्य से जुड़े अन्य कार्यक्रमों पर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में तंबाकू के सेवन से लोगों को दूर करने के लिए जन जागरूकता कार्यक्रम जगदलपुर शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों में आयोजित किये जा रहे हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.आर.के. चतुर्वेदी ने बताया: " जिले में चलाए जा रहे जन जागरूकता अभियान के तहत तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में विभाग द्वारा लोगों को जानकारी दी जा रही है। इसके लिए पोस्टर बैनर एवं विभिन्न माध्यमो से प्रचार प्रसार किया जा रहा है।  जिले में तंबाकू के प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष विज्ञापन पर प्रतिबंध है। दुकानों के सामने वैधानिक चेतावनी वाला बोर्ड,जिसमें ‘‘तंबाकू से कैंसर होता है‘‘ लिखा हुआ लगाना आवश्यक है। धारा 6 के तहत 18 से कम आयु वर्ग के लोगो को तंबाकू बेचना अपराध है। इसका भी बोर्ड दुकान के सामने लगा होना चाहिए।“

तम्बाकू सेवन के आदि हो चुके लोगों को इसके लत से दूर रहने सम्बन्धी जानकारी देने में स्पर्श क्लीनिक के कम्युनिटी नर्स रुपेश मसीह का विशेष सहयोग रहा। उन्होंने शहरवासियों को तंबाकू एवं इससे बने पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी देते हुए बताया, धूम्रपान बहुत ही ज्यादा नुकसानदायक है। धूम्रपान करने वाले अपने साथ,अपने आस-पास रहने वालों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं, तंबाकू सेवन की आदत को छोड़ें और शपथ लें कि हम धूम्रपान एवं तम्बाकू उत्पाद का सेवन नहीं करेंगे। अपने बच्चों एवं समाज को तम्बाकू से दूर रखेंगे एवं समाज को होने वाले क्षति से बचायेंगे। 

तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के साइकोलोजिस्ट उमाशंकर साहू ने बताया: "जिला नोडल अधिकारी डॉ. ऋषभ सॉव के निर्देशन में जगदलपुर शहर के मुख्य सार्वजनिक स्थानों जैसे दलपत सागर झील, सिरसाहार चौक, लाला जगदलपुरी पुस्तकालय भवन, शहीद पार्क, एवं माड़िया चौक एयरपोर्ट चौक में कोटपा अधिनियम सार्वजनिक स्थल धूम्रपान निषेध फ्लेक्स  एवं पोस्टर चस्पा कर लोगो को सार्वजनिक स्थलों में धूम्रपान एवं नशा ना करने के लिए जागरूक किया गया।

 

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दुर्ग शहर के सभी सड़कों के गड्ढे भरे गए, पीडब्ल्यूडी और निगम की टीम ने की कार्रवाई

 दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारी वर्षा के चलते जिले के नगरीय क्षेत्रों में जलभराव के चलते सड़कों की स्थिति खराब हुई है और इनमें गड्ढे बन गए हैं। इसके लिए कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी सड़कों की मॉनिटरिंग करें। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की प्रमुख सड़कों और अंदरूनी सड़कों की मॉनिटरिंग करें तथा अपनी नजर के सामने गड्ढों को फील कराने की कार्रवाई कराएं। इस संबंध में ईईपीडब्ल्यूडी को नोटिस भी जारी किया गया है।

आज पीडब्ल्यूडी की टीम ने पोटिया, नेहरू नगर से मिनीमाता चौक तक तथा जेल तिराहा से मिनीमाता चौक तक सभी गड्ढों को भरने की कार्रवाई की। इसके साथ ही पटेल चौक से लेकर स्टेशन रोड तक भी गड्ढों को भरने की कार्रवाई भी की गई। दुर्ग निगम की टीम ने भी निगम क्षेत्र की सड़कों में गड्ढों को भरने की कार्रवाई की। कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है, कि सड़क सुरक्षा सबसे अहम कार्य है। इस संबंध में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अपने सामने सामने गड्ढों को फील कराने की कार्रवाई करें। इसके साथ ही उन्होंने सड़कों को लेकर की जा रही कार्रवाई को लेकर निरंतर अद्यतन रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित किया।

 
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*कृषि विभाग के अधिकारियों को कलेक्टर ने लगाई कड़ी फटकार

 बैठक में अनुपस्थित 9 आरएईओ को नोटिस*

बलौदाबाजार(छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर रजत बंसल की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में कृषि विभाग के कार्यो की समीक्षा एवं गौधन न्याय योजना आधारित प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न हुआ। कार्य मे लापरवाही एवं धीमी गति से कार्य करने के चलते कृषि विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्य मे सुधार लाने की नसीहत दी। इस दौरान बैठक में अनुपस्थित रहे 9 ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करतें हुए 7 दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करनें के निर्देश दिए है।

कलेक्टर रजत बंसल ने बैठक में फसल परिवर्तन में जोर देते हुए मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना में अधिक जोर देने के निर्देश दिए है। उन्होंने साथ ही फलदार पौधे,इमारती लकड़ी का रोपण एक सप्ताह में करने कहा है। उन्होंने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को गौधन न्याय योजना के क्रियान्वयन में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने आगें कहा कि गौधन न्याय योजना अंतर्गत गौठानों शत प्रतिशत में गोबर खरीदी,गुणवत्तापूर्ण वर्मी कंपोस्ट उत्पादन,गौठान प्रबंधन समिति के कार्य एंव पंचायत सचिवों से बेहतर समन्वय स्थापित कर उत्कृष्ट  परिणाम देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने आगें कहा कि आने वाले समय मे सभी गौठानो में गो मूत्र की खरीदी कि जाएगी। उस हिसाब से आप अपनी तैयारी करना प्रारंभ करें। आप किसानों को अधिक से अधिक गो मूत्र से बनें जीवामृत,बीजामृत,ब्रम्हास्त्र एवं जैविक कीटनाशक के उपयोग को प्रोत्साहन करनें के निर्देश दिए है।

जिला पंचायत सीईओ गोपाल वर्मा ने बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की विस्तृत समीक्षा की है। साथ ही उन्होंने निजी कृषि दुकानों में बिक्री हो रहे किटनाशक एवं खाद दुकानों के स्टॉक पर सतत निगरानी के निर्देश दिए है। साथ ही नकली दवाई बिक्री पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए है। प्रशिक्षण में जॉनसन जोसेफ द्वारा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नरवा,गरवा, घुरवा एवं बाड़ी पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें योजना आधारित प्रस्तावना, गाँव की अवधारणा, प्राकृतिक संसाधन एवं उपयोग, नरवा अवधारणा,गौठान सिद्धांत एवं संरचना,वर्मी कंपोस्ट उत्पादन,ग्रामीण आद्योगिक पार्क आवर्ती चराई सहित अन्य विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान किया गया।

उक्त बैठक में जिला पंचायत सीईओ गोपाल वर्मा,उपसंचालक कृषि जोसेफ टोप्पो, सहायक संचालक सतराम पैकरा,विकासखंड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सहित समस्त  मैदानी अमला एवं एनजीओ के सदस्य गण भी उपस्थित रहे।

*नोटिस जारी* ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों में विकासखण्ड कसडोल संजय मिंज,किशोर मरकाम,शशिकांत  ध्रुव, लिलेश्वर पटेल, सुनील धृतलहरे, निलेश डड़सेना सिमगा से भागवत सतनामी,बलौदाबाजार अरविंद उरमालिया,हेमन्त चौबे शामिल है। उक्त अधिकारी बिना जानकारी दिए बैठक में अनुपस्थिति रहें।

 

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दो इंजन आपस में भिड़े, चार वैगन पटरी से उतरे

 रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आज सुबह 11:50 बजे कोतरा फाटक और रायगढ स्टेशन के बीच में खड़ी एक मालगाड़ी को पीछे से आ रहा एक अन्य रेल इंजन जा टकराया। अनियंत्रित दो इंजनों की टक्कर से चार वैगन डिरेल हो गए हैं। घटना स्थल पर बिलासपुर रेल मंडल के डीआरएम आलोक सहाय पहुंच चुके हैं।

घटना के सूचना पर ब्रजराजनगर से रिलीफ ट्रेन रवाना कर दी गई है। लिखते समय तक ट्रेन किरोड़ीमल नगर पहुंच गई है। इसमें रेलवे के अधिकारी और सुरक्षा बल के एडीएससी  रोनाल्ड जेम्स भी है।बिलासपुर रेल मंडल डीआरएम आलोक सहाय घटनास्थल पर पहुंचे

रेल्वे के अधिकारी और रेसुब पोस्ट रायगढ के प्रभारी राजेश वर्मा, उपनिरीक्षक संजय कुमार एस एवं टीम भी घटनास्थल पर मौजूद हैं।

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आजाद भारत में हुए सामाजिक सुधारों में स्वर्गीय मिनीमाता का योगदान अहम

 दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्वर्गीय मिनीमाता की 50 वी पुण्यतिथि के अवसर पर समोदा में उनके पुण्यस्मरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर अपने संबोधन में पीएचई मंत्री गुरु रुद्र कुमार ने कहा कि आजाद भारत में अस्पर्शयता मूलन अभियान में तथा महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में स्वर्गीय मिनीमाता का योगदान अहम रहा। स्वर्गीय मिनीमाता का सामाजिक सुधारों में अहम योगदान रहा, चाहे बाल विवाह का विरोध हो अथवा सामाजिक सुधारों के लिए पहल की जरूरत हो। मिनीमाता हर मोर्चे पर अग्रणी रहीं और सभी वर्गों के विकास के लिए सदैव कार्य करती रहीं। आजाद भारत की नीतियों के निर्माण में उनकी भूमिका अहम रही।

संसद में एक महिला आवाज के रूप में उन्होंने महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया। उनके विषय संसद के समक्ष रखे। स्वर्गीय मिनीमाता छत्तीसगढ़ी अस्मिता के प्रतीक के रूप में रहीं। छत्तीसगढ़ से प्रथम महिला सांसद के रूप में उन्होंने जो मानदंड कायम किए और जिन आदर्शों पर चलीं। उन पर पूरी तरह अमल करने हम प्रतिबद्ध हैं। पूज्य गुरु घासीदास के दिखाए रास्ते पर चलते हुए सार्वजनिक जीवन में उन्होंने सबके समक्ष आदर्श रखे। सत्य और अहिंसा के जिन सिद्धांत पर वे आगे बढ़ीं। उन पर चलते हुए अपने प्रदेश को निरंतर मजबूत बनाने की दिशा में कार्य करेंगे। आज हम समोदा में उनकी पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए हैं। आप सभी की बड़ी संख्या में उपस्थिति से यह स्पष्ट है कि हम सब उनके दिखाए रास्ते पर चल रहे हैं और निरंतर चलते रहेंगे। इस मौके पर अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी स्वर्गीय मिनी माता का पुण्य स्मरण किया तथा अपनी बात रखी।

 

 

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मिनीमाता ने अपना पूरा जीवन मानव सेवा के लिए समर्पित कर दिया : भूपेश बघेल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री ने कहा कि मिनीमाता का व्यक्तित्व अतुलनीय था। सरल और सहज व्यक्तित्व की धनी मिनीमाता ने अपना पूरा जीवन मानव सेवा के लिए समर्पित कर दिया। दलितों के नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिये अस्पृश्यता निवारण अधिनियम को संसद में पारित कराने में उन्होंने महती भूमिका निभाई। बाल विवाह और दहेज प्रथा के विरोध में उन्होंने समाज से लेकर संसद तक अपनी आवाज उठाई।

श्री बघेल आज राजधानी रायपुर के शहीद स्मारक भवन में मिनीमाता स्मृति दिवस एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने प्रथम महिला सांसद मिनीमाता की 50वीं पुण्यतिथि पर डाक विभाग द्वारा जारी विशेष आवरण का विमोचन किया। कार्यक्रम का आयोजन गुरू घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज की ओर से किया गया था।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आगे कहा कि मिनीमाता ने महिला अस्मिता को एक नई ऊंचाई दी है। अपने प्रखर नेतृत्व क्षमता की बदौलत राष्ट्रीय नेताओं के बीच उनकी अलग पहचान थी। दलित शोषित समाज ही नहीं सभी वर्गाें ने उनके नेतृत्व को मान्य किया था। मिनीमाता समाज हितैषी कार्याें की वजह से लोकप्रियता के शीर्ष पर पहुंची। छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद के रूप में उन्हें दलितों एवं महिलाओं के उत्थान के लिए किए गए कार्यों के लिए सदा याद किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मिनीमाता ने समाज सुधार सहित सभी वर्गों की उन्नति और बेहतरी के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्हें असमिया, अंग्रेजी, बांग्ला, हिन्दी और छत्तीसगढ़ी भाषा का अच्छा ज्ञान था। वह सत्य, अहिंसा एवं प्रेम की साक्षात् प्रतिमूर्ति थीं। उनका विवाह गुरूबाबा घासीदास जी के चौथे वंशज गुरू अगमदास से हुआ। विवाह के बाद वे गुरूमाता के रूप में असम से छत्तीसगढ़ आई, तब से उन्होंने इस क्षेत्र के विकास के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। स्वतंत्रता पश्चात लोकसभा का प्रथम चुनाव 1951-52 में सम्पन्न हुआ। मिनीमाता सन् 1951 से 1971 तक सांसद के रूप में लोकसभा की सदस्य रहीं। अविभाजित मध्यप्रदेश में बिलासपुर-दुर्ग-रायपुर आरक्षित सीट से लोकसभा की प्रथम महिला सांसद चुनी गईं। इसके बाद परिसीमन में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित जांजगीर लोकसभा क्षेत्र से चार बार चुनाव जीत कर लोकसभा पहुंचीं।

कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सतनामी समाज की तरफ से गिरौदपुरी का नामकरण गुरू घासीदास गिरौदपुरी धाम किए जाने पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सतनामी समाज के उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और लोगों  को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक सत्यनारायण शर्मा, रायपुर महापौर एजाज ढेबर, चरौदा के महापौर निर्मल कोसले सहित बड़ी संख्या में सतनाम पंथ के अनुयायी उपस्थित थे।

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ब्रह्मकुमारी बहनों ने मुख्यमंत्री को बांधी राखी

 ब्रह्मकुमारी बहनों ने मुख्यमंत्री श्री बघेल के लिए की मंगलकामनाएं

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास कार्यालय में आज प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय रायपुर की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्मकुमारी कमला दीदी के साथ आयी ब्रह्माकुमारी सविता दीदी एवं अन्य ब्रह्माकुमारी दीदीयों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को राखी बांधी और उनके स्वस्थ, सुदीर्घ और खुशहाल जीवन के लिए मंगलकामनाएं की। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस स्नेह और सम्मान के लिए ब्रह्मकुमारी दीदीयों का आभार प्रकट किया। इस अवसर पर ब्रह्मकुमारी वनीषा दीदी, ब्रह्मकुमारी सिमरन दीदी, ब्रह्मकुमार हिरेंद्र नायक और ब्रह्मकुमार महेश भाई सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

 

 

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मनरेगा अंतर्गत 1 करोड़ 4 लाख 15 हजार से ज्यादा के काम स्वीकृत

 नारायणपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी देवेश कुमार ध्रुव ने जिले के गरीब व जरूरतमंद परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए महात्मा गांधी नरेगा सिक्योर सॉॅॅफ्टवेयर के माध्यम से नारायणपुर जिले के अंतर्गत ग्राम पंचायत बागबेड़ा, बोरण्ड, बोरपाल, दुग्गाबेंगाल, एड़का, गढ़बेंगाल, हलामीमुंजमेटा, खोडग़ांव, कुकड़ाझोर, सोनपुर और टिमनार में भुमि समतलीकरण और डबरी निर्माण के 108 कार्यो के लिए 1 करोड़ 4 लाख 15 हजार के रोजगार मूलक कार्य स्वीकृत किये है। उक्त कार्यो को पूर्ण करने के लिए संबंधित ग्राम पंचायत को नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए निर्माण कार्यो को योजनाओं का प्रावधानों व नियमों का पालन करते हुए निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिये गये है।

 
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अब अंतागढ़ तक चलेगी रायपुर–केवटी डेमू स्पेशल

दुर्ग-दल्लीराजहरा डेमू पैसेंजर स्पेशल की समय सारणी में आंशिक परिवर्तन

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रेल यात्रियो की सुविधाओ को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन द्वारा दुर्ग-केवटी के मध्य 08815 रायपुर-केवटी डेमू स्पेशल एवं 08818 केवटी-दुर्ग डेमू पैसेंजर स्पेशल ट्रेन को 13 अगस्त से अंतागढ़ तक विस्तार किया जा रहा है। इस स्पेशल ट्रेनों की समय सारणी में आंशिक परिवर्तन किया जा रहा है। यह स्पेशल ट्रेन अंतागढ़ तक आगामी आदेश तक चलती रहेगी।


वहीं 08824/07825 दुर्ग-दल्लीराजहरा-दुर्ग डेमू पैसेंजर स्पेशल ट्रेन की समय सारणी में 13 अगस्त से आंशिक परिवर्तन किया गया है।

इन गाड़ियो की परिवर्तन समय सारणी इस प्रकार है...

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क्षेत्र के विकास के लिए किया जा रहा है निरंतर प्रयास : खाद्य मंत्री भगत

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा का अमल करते हुए बुधवार को खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने नवीन उप तहसील राजापुर का विधिवत उद्घाटन किया। राजापुर उप तहसील के अंतर्गत 21 गांव और 9 पटवारी हल्का आता है। इस उप तहसील के शुरू होने से लोगों को राजस्व सहित अन्य कार्यों के लिए मैनपाट जाने के लिए 35 किलोमीटर की दूरी नहीं तय करनी पड़ेगी। कार्यक्रम के दौरान तेज बारिश के बीच खाद्य मंत्री अमरजीत भगत व कलेक्टर कुन्दन कुमार की बातों को सुनने ग्रामीण डटे रहें। इस अवसर पर 16 हितग्राहियों को जनसम्पर्क व स्वेच्छानुदान राशि 4.95 लाख रुपए का चेक वितरित किया गया। इसके साथ ही 153 हितग्राहियों को राशन कार्ड का वितरण किया गया। 2 दिव्यांग हितग्राहियों को ट्रायसिकल का वितरण किया गया। सीएम भूपेश बघेल के घोषणा अनुरूप राजापुर हाई स्कूल भवन में अहाता निर्माण का भूमि पूजन किया गया। इसके साथ ही जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के लिए पुरानी सेवा सहकारी भवन का जीर्णोद्धार के लिए भूमि पूजन किया गया। स्वामी आत्मानंद स्कूल में शाला प्रवेश उत्सव का भी शुभारंभ किया गया।

खाद्य मंत्री भगत ने आगामी रक्षाबंधन त्यौहार की शुभकामनाएं दी। इस उपलक्ष्य में उन्होंने राखी बांधने वाली दीदियों को उपहार प्रदान की। उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन भाई-बहन के प्रेम का अटूट बंधन है। इस वर्ष आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं, जिसमें हमर तिरंगा अभियान के तहत हर घर मे तिरंगा लगाना है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है, ताकि लोगों को अधिक से अधिक सुविधा मिले। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप राजापुर में उप तहसील शुरू किया जा रहा है। उप तहसील शुरू होने से आस-पास गांवों के लोगों को सुविधा होगी। हमारी सरकार ने शिक्षा स्वास्थ्य व सड़क निर्माण के कार्य को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि बरसात में मैनपाट क्षेत्र में मौसमी बीमारी से सतर्क रहने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग को हमेशा अलर्ट मोड में रहना होगा। इसके साथ ही खुखड़ी व बासी भोजन का सेवन नहीं करने के लिए लोगों को जागरूक करने प्रशासन को पहल करना होगा। उन्होंने मैनपाट के हाथी प्रभावित क्षेत्रों में भी लोगों को राहत पहुंचाने जरूरी व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र की जनता की बहुत बडी मांग को अपने घोषणा के माध्यम से पूरा किया है। इस उप तहसील के त्वरित शुरुआत होने से राजापुर आस-पास के लोगों को आय, जाति, निवास प्रमाण, सीमांकन, बंटवारा आदि कार्य के लिए सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव को बड़ी धूम-धाम से मनाना है। राज्य शासन की मंशानुरूप हमर तिरंगा अभियान के तहत 11 से 17 अगस्त तक हर घर, कार्यालय, भवनों में तिरंगा फहराना है। कलेक्टर कुंदन कुमार को उपस्थित दीदियों ने राखी बांधी। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष उर्मिला खेस्स, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के सदस्य अटल यादव, एस.डी.एम अनमोल टोप्पो, गणेश सोनी, बलराम यादव बदरुद्दीन इराकी सहित अन्य जनप्रतिनिधि व बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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विश्व की पहली वैज्ञानिक भाषा 'संस्कृत'

-संस्कृत दिवस पर विशेष

संस्कृत दिवस श्रावण पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् द्वारा राज्य स्तर पर सप्ताह का आयोजन रक्षाबंधन के 3 दिन पूर्व और 3 दिवस बाद तक किया जाता है। विभिन्न जयंतियों - वाल्मिकि जयंती, कालीदास जयंती, गीता जयंती, गुरू पूर्णिमा का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के विद्यालयों की सक्रिय सहभागिता रहती है। संस्कृत दिवस के दिन वेद शास्त्रों की पूजा एवं महत्ता पर चर्चा एवं विद्वत्संगोष्ठी का आयोजन किया जाता है।

भारत की प्राचीनतम भाषा संस्कृत में भारत का सर्वस्व संन्निहित है। देश के गौरवमय अतीत को हम संस्कृत के द्वारा ही जान सकते हैं। संस्कृत भाषा का शब्द भण्डार विपुल है। यह भारत ही नहीं अपितु विश्व की समृद्ध एवं सम्पन्न भाषा है। भारत का समूचा इतिहास संस्कृत वाड्मय से भरा पड़ा है। आज प्रत्येक भारतवासी के लिए विशेषकर भावी पीढ़ी के लिए संस्कृत का ज्ञान बहुत ही आवश्यक है।

संस्कृत भाषा ने अपनी विशिष्ट वैज्ञानिकता के कारण भारतीय विरासत को सहेजकर रखने में अपना अप्रतिम योगदान दिया है। संस्कृत ऐसी विलक्षण भाषा है जो श्रुति एवं स्मृति में सदैव अविस्मरणीय है। अतिप्राचीन काल में संरक्षित-संग्रहित भारत की यह विपुल ग्रंथ सम्पदा संस्कृत के कारण ही सुरक्षित रही है। संस्कृत की महत्ता को सम्पूर्ण विश्व ने स्वीकारा है। संस्कृत को भारतीय शिक्षा में अनिवार्य करना आवश्यक है। शिक्षा में इसकी अनिवार्यता को लेकर केन्द्रीय संस्कृत आयोग ने 1959 में - माध्यमिक स्कूलों में संस्कृत को अनिवार्य शिक्षा करने के साथ मातृभाषा तथा क्षेत्रीय भाषा पढ़ाई जाने की अनुसंशा की। संस्कृत शाला एवं संस्कृत महाविद्यालय प्रारंभ करने के लिए शासन द्वारा 90 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की गई है।

संस्कृत परिष्कृत, संस्कारित एवं वैज्ञानिक भाषा है। आदिकाल से वेद, रामायण, महाभारत सहित विशिष्ट विषयों को भारतीय मस्तिष्क में संस्कृत के संबल पर सहेज कर रखा है। वेद, रामायण, महाभारत आदि ग्रंथ श्रुति एवं स्मृति परिचारों में सुरक्षित रखते हुए आज लिपिबद्ध रूप में गोचर हो रहे हैं। इससे बड़ा प्रमाण कोई नहीं हो सकता।


संस्कृत भाषा का अपना एक वैज्ञानिक महत्व है। नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार संस्कृत एक सम्पूर्ण वैज्ञानिक भाषा है। प्राचीन भारत में बोल-चाल की भाषा में संस्कृत का ही उपयोग किया जाता था। इससे नागरिक अधिक और मानसिक रूप से अधिक संतुलित रहा करते थे। संस्कृत के मंत्रों का उच्चारण करते समय मानव स्वास्थ्य पर विशेष प्रभाव पड़ता है। मंत्रोच्चार के समय वाइब्रेशन से शरीर के चक्र जागृत होते हैं और मानव का स्वास्थ्य बेहतर रहता है। बहुत सी विदेशी भाषाएं भी संस्कृत से जन्मी हैं। फ्रेंच, अंग्रेजी के मूल में संस्कृत निहित है। संस्कृत में सबसे महत्वपूर्ण शब्द ‘ऊँ’ अस्तित्व की आवाज और आंतरिक चेतना एवं ब्रम्हाण्ड का स्वर है। प्राचीन धरोहर की खोज करने का मुख्य मापदण्ड संस्कृत है। संस्कृत की महत्ता को देखते हुए जर्मनी में 14 से अधिक विश्व विद्यालयों में संस्कृत का अध्ययन कराया जाता है।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है कि हमारे वेद पुराण और गीता आदि संस्कृत में लिखे गए हैं। हमें अपनी जड़ों को नहीं भूलना चाहिए। संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए राज्य शासन द्वारा हर संभव सहयोग दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार के प्रयास से संस्कृत शिक्षा की प्रगति हो रही है। संस्कृत अध्ययन प्रोत्साहन राशि संस्कृत शालाओं में पढ़ने वाले उत्तर मध्यमा स्कूल प्रथम वर्ष कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों को दी गई। इससे कक्षा पहली, छठवीं और 9वीं को दी गई थी। गैर अनुदान प्राप्त संस्कृत शालाओं को स्तरवार वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस वर्ष से गैर अनुदान प्राप्त विद्यालयों को उनके प्रत्येक स्तर को जोड़ते हुए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। प्रवेशिका प्राथमिक स्तर को 10 हजार रूपए प्रतिवर्ष, प्रथमा मिडिल स्तर को 20 हजार रूपए प्रतिवर्ष, पूर्व मध्यमा प्रथम एवं उत्तर मध्यमा प्रथम (हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी) को 40 हजार रूपए प्रतिवर्ष की दर से राशि प्रदान की जाती है। केन्द्रीय जेल रायपुर में संस्कृत पाठशाला संचालित की जा रही है और विगत तीन वर्षों से अम्बिकापुर में भी संस्कृत पाठशाला संचालित हो रही है। पन्द्रह वर्ष बाद संस्कृत उत्तर मध्यमा कक्षा को छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा कक्षा 12वीं के समकक्ष मान्यता प्रदान की गई।

भारतीय विरासत के संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दिग्दर्शन में आयुर्वेद, योग, प्रवचन, वेद, ज्योतिष जैसे संस्कृत के वैज्ञानिक विषयों का अध्ययन-अध्यापन संस्कृत पाठशालाओं में किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की संस्कृत पाठशालाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को संस्कृत में शास्त्रों के अध्ययन के साथ-साथ आधुनिक विषयों जैसे गणित, विज्ञान, वाणिज्य आदि का समन्वित ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश में संस्कृत पढ़ने वाले विद्यार्थी किसी भी क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करने में समर्थ हैं।

प्रदेश में संस्कृत का अतीत समृद्ध है। यहां बलौदाबाजार में तुरतुरिया महर्षि वाल्मीकि और सरगुजा जिले के उदयपुर में रामगढ़ की पहाड़ियां महाकवि कालीदास का क्षेत्र माना जाता है। प्रदेश रामायणकालीन एवं महाभारतकालीन धरमकर्मों से जुड़ा हुआ है। यहां का बड़ा भू-भाग दण्डकारण्य क्षेत्र में आता है, जो ऋषियों का क्षेत्र कहा गया है। छत्तीसगढ़ वासियों का आचार-विचार, व्यवहार और संस्कार संस्कृत से पुरित हैं।

स्कूल शिक्षा मंत्री एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम संस्कृत के विकास के लिए निरंतर प्रयासरत् है। राज्य के पांच जिलों में संचालित आठ शासकीय अनुदान प्राप्त विद्यालयों को शासन के द्वारा सहायता प्रदान की जाती है। इनमें रायपुर के गोलबाजार में संचालित श्रीराम चन्द्र संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बिलासपुर में श्री निवास संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रायगढ़ जिले के लैलुंगा में रामेश्वर गहिरा गुरू संस्कृत पूर्व माध्यमिक विद्यालय, रायगढ़ के गहिरा में रामेश्वर गहिरा गुरू संस्कृत पूर्व माध्यमिक विद्यालय और गहिरा में ही रामेश्वर गहिरा गुरू संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जशपुर जिले दुर्गापारा में रामेश्वर गहिरा गुरू संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सामरबार और रामेश्वर गहिरा गुरू संस्कृत पूर्व माध्यमिक विद्यालय सामरबार, बलरामपुर जिले के जवाहर नगर में रामेश्वर गहिरा गुरू संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय श्रीकोट शामिल हैं। प्रदेश में एक शासकीय संस्कृत विद्यालय गरियाबंद जिले के राजिम में संचालित है।

 

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नगरीय निकायों में गौठानों के लिए शासकीय भूमि का चिन्हांकन कर अग्रिम आधिपत्य लें : कलेक्टर

 राजनांदगांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर सिंह ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा की। कलेक्टर सिंह ने सभी सीएमओ से कहा कि नगरीय निकायों में गौठानों के लिए शासकीय भूमि का चिन्हांकन कर अग्रिम अधिपत्य लें। उन्होंने कहा कि वर्मी कम्पोस्ट निर्माण के साथ ही वर्मी कम्पोस्ट के बिक्री के कार्य में भी गति लाएं। गोधन न्याय योजना के तहत गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को इस योजना से लाभान्वित करें। शहरी क्षेत्र में गौठानों को सक्रिय एवं व्यवस्थित करें। 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्राथमिक उपचार किट सभी नगरीय निकायों में, हर निर्माण एजेंसी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सभी विभागों में उपलब्ध होना चाहिए है। कचरा संग्रहण करने वाले सफाई कर्मियों को मुख्यमंत्री प्राथमिक उपचार किट उपलब्ध कराएं। कृष्ण कुंज को प्राथमिकता देते हुए कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कृष्णकुंज में साज-सज्जा, झुला, चेयर और अन्य व्यवस्था करें। बारिश को ध्यान में रखते हुए नगरीय निकायों में जल भराव होने की स्थिति में पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। कोविड-19 संक्रमण से सुरक्षा के लिए टीकाकरण के लिए विशेष कार्य करने की आवश्यकता है। इसके लिए पूरी ऊर्जा व क्षमता से कार्य करें। राजीव युवा मितान क्लब को जोड़ते हुए टीकाकरण के लिए व्यापक पैमाने पर कार्य करें। शहरी क्षेत्रों में शासकीय भूमि में सीपीटी कर पौधा लगाकर आरक्षित करें। यहां नेपियर घास लगाकर मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था भी की जा सकती है। शहर का विकास तभी होता है जब नगरीय क्षेत्रों में विकास कार्य व्यवस्थित तरीके से हो। सभी अधिकारी जिम्मेदारीपूर्वक अच्छा कार्य करें।

कलेक्टर सिंह ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत हर वार्ड में समूह की महिलाओं से तिरंगा बनवाएं। आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर समूह की महिलाएं तथा जनसामान्य की इस अभियान में सहभागिता व जुड़ाव होना चाहिए। विकेन्द्रीकृत जन-चौपाल में सीएमओ के साथ इंजीनियर एवं आरआई भी साथ में रहेंगे। जनसामान्य की समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित विभाग के अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। सभी सीएमओ अतिथि शिक्षक के रूप में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़़ाने के लिए स्कूल में अध्यापन का कार्य करेंगे। 10वीं व 12वीं की परीक्षा के लिए नि:शुल्क कोचिंग तथा प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जिला प्रशासन की ओर से दी जा रही नि:शुल्क कोचिंग के लिए नगरीय निकायों से सुविधाएं उपलब्ध कराएं। सी-मार्ट के माध्यम से समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। शासकीय कार्यालय में आवश्यक सामग्री सी-मार्ट से क्रय करें। उन्होंने कहा कि डोंगरगढ़ व खैरागढ़ में स्थानीय उत्पादों बिक्री के लिए स्थान का चिन्हांकन करें। उन्होंने कहा कि माह के तीसरे सप्ताह में जिले के हर शासकीय कार्यालय में 8 से 10 बजे तक साफ-सफाई के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए सभी विशेष रूप से कार्य करें। रिकार्ड रूम को व्यवस्थित करें तथा स्वच्छता पर ध्यान देते हुए साफ-सफाई करें।

कलेक्टर ने धन्वंतरी दवाई विक्रय भवन निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों की प्रगति जानकारी, राजस्व वसूली विभिन्न मदों की जानकारी, उच्च न्यायालय के निर्देश पर पालन, मुख्यमंत्री घोषणा की जानकारी, राजीव युवा मितान क्लब योजना प्रगति, मुख्यमंत्री मितान योजना, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना, खुले में बोर, शहरी क्षेत्र में रिक्त पड़े भूमि में वृक्षारोपण, सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध की जानकारी, लोक सेवा केन्द्र, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के प्रावधानों का पालन, नाली-नालों की सफाई, जलजनित बीमारियों से बचने के लिए किए जा रहे उपाय, बाढ़ राहत की तैयारी, पेयजल, बिजली व साफ-सफाई की स्थिति, नगरीय निकाय अंतर्गत निजी क्षेत्रों में कार्य करने वाले लोगों को आजीविका मिशन की एंट्री, सड़क सुरक्षा की समीक्षा, सड़क मे पशु कांजी हाउस, आईएचएसडीपी योजना के निर्माण व आवास आबंटन की स्थिति की प्रगति जानकारी, अप्रारंभ कार्य, हेंड ओवर के लंबित कार्य, विवादित कार्य, भूमि उपलब्ध नहीं कराने, समस्त निर्माण एजेंसी व समस्त जिला प्रमुख, केन्द्र व राज्य प्रवर्तित योजना के तहत स्वीकृत निर्माण कार्यों की जानकारी ली। 

इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त आशुतोष चतुर्वेदी ने नगरीय निकायों की ओर से किए जा रहे कार्य की कलेक्टर को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी सीएमओ अतिथि शिक्षक के रूप में स्कूल में जरूर पढ़ाएं। टीकाकरण के लिए विशेष ध्यान देते हुए कार्य करें। इस अवसर पर कार्यपालन अभियंता यूके रामटेके, प्रभारी सहायक अभियंता संदीप तिवारी सहित नगर पालिक निगम के अधिकारी उपस्थित थे।

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हमर तिरंगा अभियान से अधिक से अधिक लोग जुड़कर राष्ट्रध्वज को दें सम्मान : कलेक्टर

 धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आजादी का अमृत महोत्सव अंतर्गत आमजनों में राष्ट्रध्वज के प्रति आस्था व जागरूकता लाने के उद्देश्य से स्वतंत्रता सप्ताह 11 से 17 अगस्त तक हर घर तिरंगा कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक घर, संगठन, कार्यालय व व्यावसायिक प्रतिष्ठान में राष्ट्रध्वज फहराया जाएगा।

उक्त कार्यक्रम को सफल बनाने कलेक्टर पी.एस. एल्मा ने आज अपराह्न तीन विभिन्न संगठनों, संघों, सामाजिक व राजनीतिक पदाधिकारियों की बैठक लेकर इस अभियान से जुडऩे और अधिकाधिक लोगों को शामिल करते हुए हर घर में तिरंगा फहराने की अपील की। इस दौरान उन्होंने झंडा संहिता के निर्देशों का पालन करते हुए पूरे सम्मान के साथ हर वर्ग, धर्म, जाति, पंथ, समुदाय और संगठन के लोगों को इस अभियान का हिस्सा का बनने का अनुरोध किया।

कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आज आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि आगामी 11 से 17 अगस्त के बीच हमर तिरंगा अभियान चलाकर लोगों को राष्ट्रध्वज के प्रति सद्भावना, आस्था और सम्मान की मूल भावना को जागृत करना है और बेहतर होगा कि यह कार्य सावधानीपूर्वक करें। ऐसा कोई काम नहीं करें, जिससे तिरंगा की गरिमा व आन, बान व शान को ठेस पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि 11 से 17 अगस्त के बीच राष्ट्रध्वज को दिन में फहराकर रात में भी रख सकते हैं, बशर्तें आदर्श झंडा संहिता का उल्लंघन ना हो। कलेक्टर ने उपस्थित पदाधिकारियों व प्रतिनिधियों से अधिकाधिक संख्या में आम लोगों को जोड़कर हर घर तिरंगा फहराने की बात कही। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से पुन: राष्ट्रध्वज फहराने की अपील करते हुए झण्डा अधिनियम का पालन करने की बात कही।

बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रियंका महोबिया ने बताया कि जिले के महिला स्वसहायता समूहों की ओर से निर्धारित आकार व अनुपात में तिरंगा ध्वज तैयार किया गया है। जिन्हें राष्ट्रध्वज प्राप्त करना हो समूह की महिलाओं से संपर्क कर क्रय सकते हैं। इसके लिए कलेक्टोरेट में स्टाल लगाया गया है। इसके लिए सभी जनपद पंचायतों में राष्ट्रध्वज उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि हर घर तिरंगा की फोटो भारत सरकार के लिंक में अपलोड की जा सकती है। ए.डी.एम. ऋषिकेश तिवारी ने यह सुनिश्चित करने कहा कि एक खंभे में सिर्फ  एक ही राष्ट्रध्वज फहराएं। साथ ही यह भी ध्यान में रखें कि ध्वज सही क्रम, यानी सबसे उपर में केसरिया, बीच में सफेद और सबसे नीचे हरा रंग, बीच में नीले रंग के अशोक चक्र के साथ में होना जरूरी है। साथ ही यह भी बताया कि जहां पर भी राष्ट्रध्वज फहराया जा रहा हो, उसकी ऊंचाई अन्य झंडों से अधिक हो।

कैसा हो राष्ट्रध्वज : 

गृह मंत्रालय भारत सरकार की ओर से राष्ट्रीय ध्वज संहिता 1971 में आंशिक संशोधन किया गया है, जिसके अनुसार खादी के अतिरिक्त हाथ से कता हुआ, हाथ से बुना हुआ या मशीन द्वारा निर्मित सूती, पॉलिएस्टर, ऊन, रेशम से बने हुए ध्वज का भी उपयोग किया जा सकता है। इसके अनुसार अब किसी भी आकार में राष्ट्रध्वज का निर्माण किया जा सकता है, किन्तु यह अवश्य सुनिश्चित करना होगा, कि इसकी लम्बाई और ऊंचाई तीन अनुपात दो में ही हो।

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स्वसहायता समूह की दीदियों द्वारा तैयार तिरंगा झंडा अब लहराने लगे हैं बाजार में

 सी मार्ट, सुमित बाज़ार और जनपद पंचायत के सामने लगे स्टॉल

कवर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्व सहायता समूह की दीदियों द्वारा तैयार तिरंगा झंडा अब बाजार में लहराने लगे हैं। आजादी के अमृत महोत्सव पर हमर तिरंगा अभियान के तहत हर घर झंडा पहुंचने के लिए स्व सहायता समूह द्वारा तैयार की गए झंडा अब बाजार में मिलने लगी है। महिलाओ द्वारा झंडे के विक्रय के लिए शहर के सी मार्ट, सुमित बाज़ार और जनपद पंचायत के सामने स्टॉल लगाया गया है। जहां पर सभी नागरिक तिरंगा झंडा खरीद सकते हैं। तीन रंगों से रंगा तिरंगा झंडा दीदियों की स्टॉल की रौनक नही बल्कि वहां से गुजरने वाले हर भारतीय नागरिकों में देश भक्ति का जुजून पैदा कर रहा है।

कलेक्टर जनमेजय महोबे ने आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत हमर तिरंगा अभियान के तहत स्व सहायता समूह की महिलाओं को हर घर झंडा फहराने के लिए इस कार्य से जोड़ा है। जिससे सभी नागरिकों तक झंडा पहुंचकर अभियान में भागीदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि आज़ादी के 75वे वर्षगांठ पर आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। स्व सहायता समूह की महिलाएं झंडे बनाकर इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसी तरह सभी नागरिकों को स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए झण्डे को खरीदकर अभियान में भागीदारी सुनिश्चित करना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि भारतीय ध्वज, राष्ट्र का प्रतीक है इसी गौरव को सवर्धित करने के लिए आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत 11 से 17 अगस्त तक हर घर झंडा कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें देश के सभी नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज अपने घरों में फहराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिससे हम अपने आजादी के 75 वें वर्ष को अमृत महोत्सव के रूप में मना सके। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार जागरूक किया जा रहा है। नागरिकों से अपील की जाती है कि वे राष्ट्रध्वज को पूरे सम्मान के साथ अपने घरों में फैराए और आजादी के अमृत महोत्सव में अपना योगदान देकर इस कार्यक्रम में भागीदारी निभाए तथा दूसरों को भी प्रेरित करें कि वह इस राष्ट्रीय महत्त्व के कार्यक्रम में भाग ले।
 
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जिला अस्पताल पहुंचे कलेक्टर, दो ओपीडी अतिरिक्त आरंभ करने दिए निर्देश

 हाउसकीपिंग देखने वाली एजेंसी को नोटिस जारी करने दिए निर्देश

दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा शनिवार को जिला अस्पताल पहुंचे यहां उन्होंने ओपीडी एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने मरीजों से बातचीत की तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं के और इलाज के बारे में पूछा। मरीजों ने बताया कि इलाज अच्छा हो रहा है। खाना भी अच्छा मिल रहा है। केवल वाशरूम की साफ-सफाई का इशू है। वाशरूम गंदा रहता है। कमोबेश सभी वार्डों में यह शिकायत सामने आई।

इसके बाद कलेक्टर ने हाउसकीपिंग का काम देखने वाले एजेंसी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में साफ-सफाई सबसे अहम है, विशेषकर वाशरूम की सफाई बेहद जरूरी है और नियमित रूप से होनी चाहिए। कलेक्टर ने अपने निरीक्षण की शुरुआत ओपीडी के रिसेप्शन काउंटर से की। यहां पर उन्होंने मरीजों से पूछा कि कब से खड़े हैं। मरीजों ने बताया कि 15 मिनट से खड़े हैं। कलेक्टर ने कहा कि लोगों का समय बहुत महत्वपूर्ण होता है और क्योंकि वह इलाज के लिए आए हैं इसलिए कोशिश होनी चाहिए कि जल्द से जल्द इनका इलाज शुरू हो जाए और पर्ची कट जाए। इसके लिए उन्होंने 2 अतिरिक्त काउंटर आरंभ करने के निर्देश दिए। इसके बाद वे दवा काउंटर में भी गए। यहां पर अच्छी व्यवस्था पाई गई। कलेक्टर ने सभी ओपीडी का निरीक्षण किया। सभी डॉक्टर मौजूद मिले। कलेक्टर ने डायलिसिस यूनिट भी देखा। यहां मरीजों ने बताया कि यहां चिकित्सक नियमित रूप से नहीं आते। इस पर कलेक्टर ने सिविल सर्जन से जानकारी ली। सिविल सर्जन ने बताया कि आउटसोर्सिंग एजेंसी से चिकित्सक बुलाए जाते हैं।
 
कलेक्टर ने कहा कि यह सुविधा बेहद अहम है और अनिवार्य रूप से इसकी बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सिस्टम का भी निरीक्षण किया। यहां नवजात शिशुओं को रखा जाता है। कलेक्टर ने यहां की व्यवस्था देखी और यहां हो रहे इलाज से संतुष्टि जताई। एमसीएच यूनिट में प्रसूति माताओं से भी मिले। प्रसूति माताओं ने बताया कि यहां मेडिकल स्टाफ अच्छे से ध्यान रखते हैं और किसी तरह की दिक्कत नहीं है। कलेक्टर ब्लड बैंक पहुंचे और वहां डॉक्टरों से मिले। कलेक्टर ने कहा कि जिला अस्पताल की व्यवस्था सबसे अहम है। इस संबंध में किसी भी तरह की दिक्कत होने पर तुरंत जानकारी दी जाए ताकि समन्वय से इसे ठीक किया जा सके। उन्होंने मरीजों से मेडिकल स्टाफ का व्यवहार भी पूछा। मरीजों ने कहा कि व्यवहार अच्छा है। कलेक्टर ने इस पर मेडिकल स्टाफ की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मरीजों के साथ बेहतर व्यवहार होने से अस्पताल की अच्छी छवि बनती है।
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खाद की संकट के लिए जिम्मेदार भूपेश सरकार : किसान मोर्चा

भूपेश सरकार सिंचाई का रकबा कब दोगुनी करेंगे? - संदीप शर्मा

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भाजपा सरकार के समय 70% खाद सहकारी समितियों के माध्यम से वितरण किया जाता था जबकि उस समय 18 लाख किसान सहकारी समितियों में पंजीकृत थे अब सहकारी समितियों में 22 लाख से अधिक पंजीकृत किसान है ऐसी परिस्थिति में 80% खाद सहकारी समिति के माध्यम से वितरण किया जाना चाहिए।

राज्य सरकार द्वारा मई में 70 प्रतिशत खाद सहकारी समिति एवं 30 प्रतिशत  खाद निजी क्षेत्र में दिए जाने हेतु आदेश जारी किया था जिसे जून में बदलकर 65 प्रतिशत एवं 35 प्रतिशत कर दिया गया जबकि सच्चाई यह है कि अब तक भंडारित 11,60,000 टन खाद में से 6,40,000 टन अर्थात 55 प्रतिशत ही खाद सहकारी समितियों को मिल पाया है। जबकि निजी क्षेत्र को 5,20000 टन अर्थात 45 प्रतिशत दे दिया गया, इस प्रकार सहकारी समिति को अंतिम निर्धारित मात्रा से भी 1,14,000 टन कम दिया गया और यही सब कारण है कि खाद के कमी और कालाबाजारी का।
 
वास्तव में सहकारी समितियों में बढ़े किसानों की संख्या को देखते हुए भंडारित खाद में से 80 प्रतिशत सहकारी समिति को दिया जाना चाहिए जो कि 9,28,000 टन होता है जबकि दिया गया मात्र 6,40,000 टन जो कि व्यवहारिक मात्रा से 2,88,000 टन कम है यह किसानों के साथ बहुत बड़ा धोखा है।

सिंचाई - बिजली :

5 साल में सिंचाई का रकबा दुगना करने के वादा करके यह सरकार सत्ता में आई है, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बताएं सिंचाई का रकबा कब दुगना करेंगे? इस सरकार के कार्यकाल का 75 प्रतिशत समय बीत चुका है ऐसी स्थिति में वादा के अनुसार 2018 के सिंचाई रकबा में भी 75 प्रतिशत बढ़ोतरी हो जानी थी परंतु बढ़ोतरी आंकड़ों के अनुसार मात्र 03 प्रतिशत ही दिखाई पड़ रही है।

अभी हाल में ही एक रिपोर्ट के अनुसार सावन माह के अंतिम चरण तक छत्तीसगढ़ में लक्ष्य के विरुद्ध मात्र 69 प्रतिशत ही बोनी संपन्न हो पाई है, भादो माह लगने वाला है और 31% बोनी बाकी है यह बहुत भयावह स्थिति है जो कि अवर्षा के चलते हुआ है। स्थिति बहुत गंभीर है इससे निपटने सरकार क्या कर रही है? मुख्यमंत्री लगातार छत्तीसगढ़ से बाहर हैं दिल्ली में परिवार बचाओ आंदोलन में आंदोलित है और बचे समय में हिमाचल चुनाव में मस्त हैं किसान कहीं अवर्षा तो कहीं अतिवृष्टि से जूझ रहे हैं सरगुजा संभाग अवर्षा की चपेट में हैं तो बस्तर अतिवृष्टि के चपेट में।  अधिकारी अनावारी रिपोर्ट एकत्र कर मुदित है, बेमेतरा, महासमुंद के खल्लारी क्षेत्र सहित मध्य छत्तीसगढ़ के अनेक असिंचित क्षेत्र कम वर्षा से प्रभावित हैं अटल ज्योति लाइन के ट्रांसफार्मर एवं बिजली की अनुपलब्धता के चलते किसानों के पंप हांफ रहे हैं सरकार घोर निंदा में हैं।

गौमूत्र खरीदी :

5 लीटर की नपना जार के साथ फोटो खिंचवा कर मुख्यमंत्री गोमूत्र खरीदी का प्रपंच रच रहे हैं उस फोटो सेशन के बाद आज 13 दिन बीत जाने बाद पता ही नहीं चल पा रहा है कि गोमूत्र कौन खरीद रहा है? कहां खरीद रहा है? उस कथित गोमूत्र खरीदी सेंटर का कहीं अता पता नहीं है और लाखों का विज्ञापन बाजी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री आवास में गोमूत्र खरीदी का स्वांग रच मुख्यमंत्री ने किसानों और गौ पालकों को ठगने का महापाप किया है। मुख्यमंत्री जी बताएं कहां-कहां गोमूत्र खरीदी हो रही है अन्यथा गोमूत्र लेकर मुख्यमंत्री निवास आएंगे और सद्बुद्धि हेतु मुख्यमंत्री आवास का गोमूत्र से शुद्धिकरण करेंगे।
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90 विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस की 6 दिवसीय तिरंगा यात्रा शुरू

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पाटन विधानसभा में होंगे शामिल

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आजादी की 75वी. वर्षगाठ पर कांग्रेस की विधानसभा क्षेत्रों में निकलने वाली तिरंगा यात्रा का शुभारंभ सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में हुआ। कोंडागांव में तिरंगा यात्रा का आगाज। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के नेतृत्व में निकली तिरंगा यात्रा। यह यात्रा पूरे विधानसभा क्षेत्र में 75 किमी तक चलेगी । 15 अगस्त को राजधानी रायपुर में समापन होगा। रास्ते मे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों उनके परिजनों का होगा सम्मान, उनका स्मरण। सामाजिक धार्मिक ऐतिहासिक स्थानों पर पद यात्री नवायेंगे शीश। एआईसीसी के निर्देश पर सभी 90 विधान सभा क्षेत्रो में आज से निकाली जाएगी पद यात्रा। हर यात्रा का गंतव्य 6 दिन में 75 किमी होगा। मुख्यमंत्री निर्वाचन क्षेत्र पाटन की तीनों ब्लाक में यात्रा शुरू हुयी। राजधानी रायपुर में उत्तर में देवेन्द्र नगर, रायपुर ग्रामीण में बोरिया खुर्द, रायपुर पश्चिम खमतराई, रायपुर दक्षिण में भगवती चरण शुक्ल वार्ड से यात्रा शुरू हुई। यह यात्रा 6 दिनों तक चलेगा। आज़ादी के अमृत महोत्सव गौरव पथ यात्रा विधानसभा सक्ती में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत एवं कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत के साथ हुयी।

दुर्ग ग्रामीण में मंत्री ताम्रध्वज शामिल हुये। अंबिकापुर में मंत्री टी.एस. सिंहदेव शामिल हुये। मंत्री अमरजीत भगत सीतापुर में शामिल हुये। मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया आरंग में शामिल हुये। डौण्डीलोहारा में मंत्री अनिला भेड़िया शामिल हुये। धरमजयगढ विधानसभा के घरघोडा ब्लाक से आरंभ हुई। सारंगढ विधानसभा के कोशीर ब्लाक से माता कौशलाई मंदिंर मे विधायक उत्तरी गनपत जांगडे के पूजा अर्चना के बाद आरंभ हुई। लैलुंगा विधानसभा के लैलुंगा ब्लाक के ग्राम कुपापानी से विधायक  चक्रधर सिंह सिदार के नेतृत्व में आरंभ हुई। आजादी का गौरव यात्रा अहिवारा के संतोषी मंदिर से प्रारंभ किया गया। मानिकपुर में तिरंगा पदयात्रा का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस के साथीगण एवं काग्रेस के कार्यकर्ता मौजूद थे और सभी का यह नारा था कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद जय सिंह भैया जिंदाबाद। प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर महासमुन्द विधायक एवं संसदीय सचिव विनोद सेवनलाल चन्द्राकर के नेतृत्व में आज ग्राम, बेंमचा, परसदा, कौदकेरा, सोरिद, मुड़मार, पतेरापाली में बरसते पानी मे गौरव पद यात्रा किया गया। विधानसभा कसडोल ब्लाक कांग्रेस पालारी सहित सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में पदयात्रायें शुरू हो गयी है।

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विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर वनवासियों को मिला वन अधिकार पत्र

जिले में 20 सामुदायिक व 12 व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र किया गया वितरण

गरियाबंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 9 अगस्त को जिले में 20 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र, 12 व्यक्तिगत वन संसाधन अधिकार पत्र और अन्य विभागों की ओर से संचालित योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से उनके निवास में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वन संसाधन अधिकार पत्र के हितग्राहियों को शुभकामनाएं दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन सामुदायिक अधिकार से वनवासियों के जीवन में समृद्धि आएगी। इस अवसर पर शासन के वरिष्ठ मंत्रीगण भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने रायपुर स्थित निवास कार्यालय में आयोजित कार्यालय में गरियाबंद जिले के ग्राम कुल्हाड़ीघाट के बनसिंग सोरी, धनमोती सोरी, दामोदर मरकाम और ग्राम कठुआ के नोहर सिंह सोरी तथा विद्याधर को वन संसाधन अधिकार पत्र प्रदान किया।


गरियाबंद जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष स्मृति ठाकुर, जनपद पंचायत अध्यक्ष लालीमा ठाकुर, नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार मेमन, जिला पंचायत सदस्य लोकेश्वरी नेताम, नगर पंचायत फिंगेश्वर की अध्यक्ष पुष्पा साहू, सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष भरत दीवान, कलेक्टर प्रभात मलिक, पुलिस अधीक्षक जे.आर. ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ रोक्तिमा यादव, उप निदेशक उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व वरूण जैन, एडीएम जे.आर. चौरसिया की मौजूदगी में सामुदायिक व व्यक्तिगत वन संसाधन अधिकार पत्र हितग्राहियों को सौपा गया। जिसमें सामुदायिक वन अधिकार पत्र में फिंगेश्वर विकासखंड अंतर्गत ग्राम सरकड़ा, बिड़ोरा, खैरझिटी, तरजुंगा, कोसमखुटा, जामगांव, भेण्ड्री (जा), रजकट्टी, बम्हनदेही, बोरिद, बनगंवा, पथरी, सोनासिल्ली, खुरसा, पतोरा, मड़वाडिह, बोरसी, रक्सा, बासीन, पतोरा शामिल है। इसी प्रकार व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र ग्राम गुंडरदेही के भूपेन्द्र कुमार बघेल, बोरिद के कमला बाई, पीली बाई, संतोष कुमार, ग्राम खुरसा के बसंती, तुकेश्वर, ओंकार साहू, छगन और लोमेश तथा ग्राम बनगवा के राजाराम और रामशरण को प्रदान किया गया।

इसके अलावा कृषि विभाग की ओर से नलकूप खनन सह सोलर पंप स्थापना के लिए ग्राम कोपेकसा के गुलाब सिंह, ग्राम अमेठी के कामता राम, ग्राम कोसमबुड़ा के डिलेश्वर और ग्राम मौहाभाठा के सनद राम प्रत्येक को 80 हजार रुपए की अनुदान राशि का चेक प्रदान किया गया। पशुपालन विभाग की ओर से वन अधिकार पट्टाधारी को कड़कनाथ मुर्गीपालन के लिए ग्राम कसेरू के नंदलाल और रामाधार दीवान, ग्राम दांतबायकला के तुलाराम और ओमप्रकाश व ग्राम लोहारी भोलाराम प्रत्येक को 50-50 चुजे प्रदान किया गया। अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति की ओर से आदिवासी स्वरोजगार योजना अंतर्गत हितग्राही जितेन्द्र कुमार नागरची राजिम को टिफिन सेंटर के लिए 50 हजार रुपए, यशवंत कुमार डुमरबाहरा को किराना व्यवसाय के लिए 50 हजार रुपए का चेक, टीकम सिंह, धनेश कुमार नेताम और शंकर नेताम ग्राम गोना को सब्जी उत्पादन और विक्रय के लिए 25-25 हजार रुपए का चेक तथा भेमलता नागरची कौंदकेरा को टिफिन सेंटर के लिए 40 हजार रुपए का चेक प्रदान किया गया। जिला पंचायत की ओर से मनरेगा योजना अंतर्गत 20 हितग्राहियों के लिए विभिन्न निर्माण कार्य-पशु बकरी शेड निर्माण, तालाब निर्माण, भूमि सुधार, भूमि समतलीकरण के लिए 33 लाख 76 हजार रुपए के कार्य स्वीकृत किये गये।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों की ओर से छत्तीसगढ़ महतारी, रानी दुर्गावती और शहीद गुंडाधूर के छायाचित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवल कर किया गया। इस अवसर पर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास बद्रीश सुखदेवे, जिला शिक्षा अधिकारी करमन खटकर, डिप्टी कलेक्टर टी.आर देवांगन, उप संचालक कृषि संदीप भोई, पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ डॉ सुधीर पंचभाई, कार्यपालन अधिकारी अंत्यावसायी भारतेंदु देवांगन सहित अन्य विभागों के जिला अधिकारी व योजनाओं के हितग्राही मौजूद थे।

 
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