छत्तीसगढ़ - Newsportal | Chhattisgarh Darpan Media Group

छत्तीसगढ़

कलेक्टर ने किया शासकीय बहुदिव्यांग विद्यालय सह छात्रावास का निरीक्षण

 कलेक्टर के विशेष प्रयास से जिले में प्रदेश का तीसरा बहुदिव्यांग विद्यालय सह छात्रावास का जल्द होगा शुभारभ

जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर सिन्हा ने आज शासकीय बहुदिव्यांग विद्यालय व छात्रावास का निरीक्षण कर जल्द से जल्द विद्यालय शुरू करने के लिए आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विद्यालय सह छात्रावास परिसर का अवलोकन कर साफ  सफाई रंगरोगन शीध्र कराने के निर्देश दिए, ताकि जिले के बहुदिव्यांग बच्चों को समाज के मुख्यधारा से जोडऩे, बाधारहित शैक्षिक व गुणवत्तायुक्त सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनका सर्वांगीण विकास हो सके। 

ज्ञात हो कि कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा के विशेष प्रयास से जिले में जल्द ही प्रदेश का तीसरा शासकीय बहुदिव्यांग विद्यालय सह छात्रावास का शुभारंभ पेण्ड्री जांजगीर में किया जाएगा। यह विद्यालय एक से अधिक दिव्यांगता से ग्रसित नि:शक्तजनो के लिए संचालित होगी। जहां बहुदिव्यांग बालक वर्ग के लिए अन्त:वासी व बालिका वर्ग के लिए दैनिक छात्र के रूप में नि:शुल्क शिक्षण-प्रशिक्षण संचालित किया जाएगा। कलेक्टर के विशेष प्रयास से विद्यालय सह छात्रावास के संचालन के लिए समाज कल्याण संचालनालय रायुपर कीओर से जिले में संधारित निराश्रित निधि से 24 लाख 94 हजार रुपए के व्यय की अनुमति प्रदान की गई है। शैक्षिणक सत्र 2022-23 के लिए बहुदिव्यांग नि:शक्तता के छात्रावासी 50 सीटे और दैनिक 25 सीटे इस प्रकार कुल 75 छात्र-छात्राओं की संख्या प्रस्तावित है।

 
और भी

चित्रों से टीबी के प्रति अंधविश्वास दूर कर रहे पुरुषोत्तम

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कभी खुद टीबी से पीड़ित रहे टीबी चैंपियन पुरुषोत्तम कहते हैं, मैं समझ सकता हूँ कि जब किसी व्यक्ति को टीबी हो जाती है तो उसपर क्या गुजरती होगी। इसलिए टीबी रोगियों को मानसिक रूप से संबल प्रदान करने के लिए मैंने बहुत सारे चित्र बनाए हैं जो कि यह सन्देश देते हैं कि टीबी मरीज के साथ कैसा व्यवहार किया जाये और टीबी से कैसे निजात मिल सकती है, यह सब मैं उन चित्रों के माध्यम से लोगों को प्रस्तुत करता हूं। लोग मेरे चित्रों के माध्यम से आसानी से समझ जाते हैं और अंधविश्वास की कुरीतियों को खत्म भी कर रहे हैं।

ग्राम चपरीद आरंग के रहने वाले पुरुषोत्तम साहू को 18 साल की उम्र में टीबी हो गया था। जानकारी के अभाव में झोलाछाप डॉक्टर से इलाज़ कराते रहे 2 से 3 महीने बाद जब खांसी की समस्या ठीक नहीं हुई तो मितानिन के सहयोग से निकट के शासकीय अस्पताल में जाकर बलगम की जांच कराईतो जांच रिपोर्ट टीबी पॉजिटिव  आई तब मुझे पता चला कि मुझे टीबी हो गया है। पिताजी को जब यह मालूम हुआ तो उन्होंने मेरे खाना खाने के बर्तन बिस्तर और यहाँ तक की नित्य क्रिया के लिये भी मेरे लिए अलग से व्यवस्था कर दी। पूरा परिवार मुझसे दूर हो गया। यहां तक कि मुझे पूरा परिवार एक अछूत के रूप में मानने लगा था यह कहना है टीबी चैम्पियन पुरुषोत्तम का।

 
 
 

पुरुषोत्तम आगे बताते हैं: ‘’मैं उस समय टीबी के बारे में ज्यादा नहीं जानता था, बस लोगों से तरह तरह की बाते सुन रखीं थीं ऐसे में बीमारी के कारण मुझे चिड़चिड़ापन होने लगा, मन  उदास होने लगा निरंतर नकारात्मक विचार मन में आने लगे। परिवार का भी सहयोग न मिलने के कारण मुझे अधिकतर समय घर के बाहर एकांत में बिताना पड़ता था। जिसके कारण मेरे मन में तरह-तरह के ख्याल आने लगे, एक बार तो मुझे लगा कि गांव के पास बह रही नदी में जाकर अपने प्राण त्याग दिए जाए।“

 
 
 

आगे उन्होंने बताया, “एक दिन टीबी चैंपियन नोहरी चंद्राकर मेरे पास पहुंचे। उन्होंने मुझे टीबी के बारे विस्तार से बताया साथ ही टीबी रोग के प्रति फैले अंधविश्वासों पर परिवार से परामर्श कर तार्किक रूप से हल भी सुझाया। उसके बाद नोहरी चंद्राकर मुझे सरकारी डॉक्टर के पास लेकर गए | डॉक्टर ने बताया मेरा नियमित रूप से छह महीने तक इलाज चलेगा और इस दौरान मितानिन के माध्यम से नियमित रूप से फॉलोअप भी किया जाएगा। डॉक्टर की सलाह के अनुसार मैंने नियमित रूप से 6 माह तक दवाइयों का सेवन किया तब जाकर मैं टीबी से मुक्त हो सका। टीबी से मुक्त होने के बाद मैंने ठाना कि जिन परिस्थितियों से मैं गुजरा हूँ उनसे और कोई न गुजरे इसलिए मैं टीबी चैंपियन बनकर लोगों को जागरूक करने लगा। मैंने लगभग 70 टीबी मरीजों को अपने चित्रों के माध्यम से सिर्फ यह जानकारी दी है कि टीबी दवाई से ही ठीक होता है, अंधविश्वास से नहीं।

और भी

महंगाई के खिलाफ एनएसयूआई ने किया विरोध प्रदर्शन, फूंका पीएम मोदी का पुतला

 मुंगेली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एनएसयूआई ने केंद्र सरकार के खिलाफ पीएम मोदी का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। मुंगेली जिला प्रभारी अर्पित केशरवानी के नेतृत्व में बढ़ती महंगाई के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रतीकात्मक पुतले का दहन किया गया, और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई। जिलाध्यक्ष मितेश चंद्राकर ने कहा कि केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ाते आ रही हैं, अब तो आम आदमी के खाने-पीने के समानो में जीएससटी लगाकर अतरिक्त भार डाल दिया है, जिससे हर वर्ग के घर का बजट बिगड़ गया है।

जिला प्रभारी के प्रथम नगर आगमन पर एनएसयूआई की संगठनात्मक बैठक भी रखी गई, जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष लेखनी सोनू चंद्राकर व युकाँ जिलाध्यक्ष प्रत्याशी गोविन्दा गोस्वामी एनएसयूआई की बैठक में शामिल हुए इस मौके पर उन्होंने एनएसयूआई को हर संभव सहयोग करने की बात कही। सरकार की चल रही कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी अवगत कराया जिस पर प्रभारी ने मुंगेली में चल रहे कार्यों की जानकारी ली,साथ ही राज्य सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने व उसका लाभ दिलाने सभी कार्यकर्ताओं को दिशा निर्देश भी दिया गया।इस मौक़े पर देवाशीष सिंह ठाकुर , मनोज सोनकर,शान सिंह ठाकुर,सोनू मनहर ,नलिन टंडन ,वैभव शर्मा , यज्ञ ,अनिरुध ,हर्ष ,पिंटू , तल्हा, रिहान , दुष्यंत,संदीप यादव, महादेव दिवाकर, आकाश साहू, सुनील पठारी, राहुल बंजारे, आकाश भास्कर, सपना पात्रे, अंजलि देवांगन, अनामिका रावत, प्रीति साहू, रीतू साहू, अंजलि पाटले, सोभित साहू, अलताप, इंद्र डहरिया, दुर्गेश खाण्डे आदि उपस्थित थे।

और भी

एनएसयूआई का रेल रोको आंदोलन फुस्स

 ▪️ कांग्रेस के दूसरे संगठनों सहित आम जनता ने दूरी बनाकर रखी

रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला एनएसयूआई के बैनर तले आज रायगढ़ में रेल रोको आंदोलन का आह्वान किया गया था। बताया जा रहा है कि उक्त आंदोलन की सूचना एनएसयूआई के द्वारा आरपीएफ बल रायगढ़ एवं डीआरएम बिलासपुर को दे दी गई थी। जिसको लेकर आरपीएफ बल, जीआरपी पुलिस, जिला पुलिस बल के लगभग 100 अधिकारी, जवान किसी भी तरह की परिस्थिति से निपटने के लिए लैस होकर प्लेटफार्म पर मौजूद थे। रेलवे प्रशासन पुलिस प्रशासन एवं आम जनता को यह उम्मीद थी कि उक्त आंदोलन व्यापक होकर उग्र हो सकता है। लेकिन एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस के उंगलियों पर गिने जाने वाले लोगों को उपस्थित देखकर मौके पर उपस्थित रेलवे सुरक्षा बल, पुलिस प्रशासन बल एवं रेलवे के अधिकारी, कर्मचारी मंद-मंद मुस्कुराते हुए एवं उपहास उड़ाते हुए सरीखे नजर आए। जब आंदोलनकारी आंदोलन कर रहे थे, तो रेल पटरियों पर धड़धड़ाती हुई मालवाहक गाड़ियां दौड़ रही थी। इस आंदोलन के कारण ट्रेनों की चालें सेकंड भर भी प्रभावित नहीं हुई। पुलिस बल की पर्याप्त मौजूदगी, मौसम में भरी उमस, गर्म रेल पटरियों की वजह से आंदोलन करने आए कांग्रेसी समाचार एजेंसियों को बाइट देते समय भी अपने पसीने पोछते नजर आए। उनके दिलों में एक अनजान सी दहशत भरी हुई थी, जो चेहरों से स्पष्ट झलक रही थी।आम जनता तो आम जनता कांग्रेस पार्टी को भी इस आंदोलन से कोई सरोकार नहीं रहा। इस आंदोलन को देखकर यह नहीं लगा कि सत्तारूढ़ प्रदेश सरकार के पार्टी कार्यकर्ताओं के द्वारा कोई धरना आंदोलन किया जा रहा है। 

 


 

और भी

हॉकी के जादूगर को मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री बघेल ने सोमवार को अपने निवास कार्यालय में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री बघेल ने कहा की मेजर ध्यानचंद ने अपने उत्कृष्ट खेल के बदौलत देश को गौरवान्वित किया है। उनके दौर में भारत ने हॉकी का स्वर्णिम दौर देखा है। ध्यानचंद में गोल करने की क्षमता कमाल की थी। उनके दौर में भारत ने 1928, 1932 एवं 1936 के ओलंपिक में गोल्ड मैडल जीते थे। उनसे प्रेरणा पाकर आज भी हॉकी के खिलाड़ी अपना बेहतर प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। गौरतलब है कि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस को खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है।

 

 

और भी

राज्यपाल ने किया वेतन-भत्ता सहित इन विधेयकों व प्रस्तावों का अनुमोदन...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने सोमवर को छत्तीसगढ़ मंत्री (वेतन तथा भत्ता) (संशोधन) विधेयक, छत्तीसगढ़ विधान मण्डल नेता प्रतिपक्ष (वेतन तथा भत्ता) (संशोधन) विधेयक, छत्तीसगढ़ अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष (वेतन तथा भत्ता) (संशोधन) विधेयक, छत्तीसगढ़ विधानसभा सदस्य वेतन, भत्ता तथा पेंशन (संशोधन) विधेयक, छत्तीसगढ़ आदिम जनजातियों का संरक्षण (वृक्षों में हित) (संशोधन) विधेयक तथा छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद् में सदस्यों के मनोनयन संबंधी प्रस्ताव का अनुमोदन किया।

राज्यपाल उइके ने छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद् के सदस्यों को मनोनीत करने संबंधी प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है। अनुमोदन उपरांत छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद् में सांसद बस्तर दीपक बैज, पूर्व विधायक बोधराम कंवर, सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती किरण उसेण्डी तथा सेवा निवृत्त आई.ए.एस. अधिकारी के.आर पिस्दा को सदस्य के रूप में शामिल किया गया हैं।

राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ आदिम जनजातियों का संरक्षण (वृक्षों में हित) अधिनियम 1999 में संशोधन के लिए प्रस्तुत विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। संशोधन उपरांत यह अधिनियम छत्तीसगढ़ आदिम जनजातियों का संरक्षण (वृक्षों में हित) (संशोधन) अधिनियम 2022 कहलाएगा। मूल अधिनियम की 05 धाराओं में संशोधन किया गया है तथा 01 धारा को विलोपित कर दिया गया है।

संशोधन के अनुसार धारा 04 के तहत् आदिम जनजाति के भूमि स्वामी को अपने खाते पर खड़े हुए विनिर्दिष्ट वृक्ष को काटने की अनुमति के लिए ‘‘कलेक्टर’’ के स्थान पर ‘‘अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व)’’ को अनुज्ञा के लिए आवेदन देना होगा। धारा 04 की उप-धारा (2) में भी संशोधन किया गया है, जिसके अनुसार ‘‘अनुविभागीय अधिकारी’’ आवेदन की जांच कराएगा तथा राजस्व विभाग एवं वन विभाग के संयुक्त जांच प्रतिवेदन पर विचार कर अनुज्ञा देने के संबंध में निर्णय करेगा। मूल अधिनियम की धारा 5 का विलोपन किया गया है। धारा 06 में संशोधन किया गया है कि भूमिस्वामी को देय प्रतिफल की राशि का भुगतान, अधिनियम के अधीन बनाये गये नियमों एवं प्रक्रियाओं के अनुसार किया जायेगा। धारा 8 में अपील, पुनरीक्षण और पुनर्विलोकन के उपबंध जैसे कि वे संहिता में विहित किए गए हैं, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा इस अधिनियम के अधीन पारित किए गए किसी आदेश पर भी लागू होंगे।

धारा 09 के तहत् संशोधन के अनुसार कोई व्यक्ति जो आदिम जनजातियों के खातों में खड़े हुए विनिर्दिष्ट वृक्षों को काटता है, उनको नुकसान पहुंचाता है, काट-छांट करता है या किसी भाग को हटाता है तो दोष सिद्ध होने पर तीन वर्ष के कारावास और एक लाख रूपए जुर्माना देना होगा। पूर्व में जुर्माने की राशि दस हजार रूपए निर्धारित थी। धारा 09 की उप-धारा 02 के तहत् कार्यवाही करने का आधार गठित करने वाले किन्हीं विनिर्दिष्ट वृक्षों के लकड़ी का अधिग्रहण कर लिया जाएगा और वह राज्य सरकार को राजसात हो जाएगी, किन्तु यदि भूमि स्वामी के प्रति कोई षड़यंत्र, कपट या छल किया जाता है तो इस प्रकार राजसात लकड़ी के विक्रय के बाद और उस आपराधिक मामले के निपटारे के बाद अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के आदेश के अधीन पांच लाख रूपए तक की अधिकतम सीमा के तहत् पचास प्रतिशत तक की सीमा की राशि भूमि स्वामी को दिया जाएगा। धारा 9 की उप-धारा (3) तथा (4) का लोप किया गया है।

राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ मंत्री (वेतन तथा भत्ता) अधिनियम, 1972 (क्रमांक 25 सन् 1972) को और संशोधित करने हेतु प्रस्तुत विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। संशोधन पश्चात् यह अधिनियम छत्तीसगढ़ मंत्री (वेतन तथा भत्ता) (संशोधन) अधिनियम, 2022 कहलायेगा।

राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ विधान मण्डल नेता प्रतिपक्ष (वेतन तथा भत्ता) अधिनियम, 1980 (क्र. 08 सन् 1980) को और संशोधित करने हेतु प्रस्तुत विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। संशोधन पश्चात् यह अधिनियम छत्तीसगढ़ विधान मण्डल नेता प्रतिपक्ष (वेतन तथा भत्ता) (संशोधन) अधिनियम 2022 कहलायेगा।

राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष (वेतन तथा भत्ता) अधिनियम, 1972 (क्र. 27 सन् 1972) को और संशोधित करने हेतु प्रस्तुत विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। संशोधन पश्चात् यह अधिनियम छत्तीसगढ़ अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष (वेतन तथा भत्ता) (संशोधन) अधिनियम, 2022 कहलायेगा।

राज्यपाल उइके ने छत्तीसगढ़ विधानसभा सदस्य वेतन, भत्ता तथा पेंशन अधिनियम, 1972 (क्र. 07 सन् 1973) को और संशोधित करने हेतु प्रस्तुत विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। संशोधन पश्चात् यह अधिनियम छत्तीसगढ़ विधानसभा सदस्य वेतन, भत्ता तथा पेंशन (संशोधन) अधिनियम, 2022 कहलायेगा।

 

 

 
और भी

सिटी बस के माध्यम से पब्लिक ट्रांसपोर्ट को दिया जाएगा बढ़ावा : परिवहन मंत्री अकबर

 दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले के प्रभारी व परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर ने 29 अगस्त को सिटी बस के संचालन को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में यातायात विभाग के अधिकारी, यूनियन ट्रांसपोर्ट के सदस्य व अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनहित को देखते हुए सिटी बस का सफल संचालन कैसे किया जाए इस पर केंद्रित था। नगरीय क्षेत्रों में 70 सिटी बसों का चलना तय हआ है जिसके लिए विभाग के द्वारा टेंडर निकाला गया था, यह टेंडर रिलायंस टूर एंड ट्रेव्हलस को नगरीय क्षेत्रों के विभिन्न रूटों के लिए प्राप्त हुआ है। इस बैठक में परिवहन मंत्री का स्पष्ट मत था कि आम नागरिकों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न करते हुए, प्राइवेट बस संचालकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना। इसके लिए उन्होंने प्राइवेट बड़े व मिनी बस संचालकों से उनका मत जाना और उपस्थित सभी ट्रांसपोर्टर व संबंधित अधिकारियों की सहमति से निर्धारित रूट और क्षेत्र की परिधि सीमा में संशोधन किया। सिटी बस संचालन के लिए कुल 21 रूट निर्धारित किए गए थे। जिसमें आपसी समझौते के बाद रूट चार्ट की रिमैपिंग कर इन्हें 17 कर दिया गया और कुछ रूट में क्षेत्र की परिधि की सीमा में भी बदलाव किया गया।

मीटिंग में मंत्री अकबर ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि बेहतर शहरी नियोजन के लिए कुशल सार्वजनिक परिवहन की आवश्यकता होती है, जिसे कि हम सिटी बस को पुनः चालु कर पुरा करना चाहते हैं। शहरी अर्थव्यवस्था और श्रम बाजार के लिए सार्वजनिक परिवहन अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य शासन सिटी बस के माध्यम से पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना चाहता है। ताकि इंधन खपत और वायु प्रदुषण के नाकारात्मक प्रभावों को कम से कम किया जा सके। इससे जिले के नागरिकों को भी प्रमुख स्थलों में एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए एक बेहतर विकल्प उचित किराए के साथ प्राप्त होगा।

इस अवसर पर कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा, एसपी डॉक्टर अभिषेक  पल्लव, अपर कलेक्टर अरविंद एक्का, प्रकाश कुमार सर्वे आयुक्त नगर निगम दुर्ग, लोकेश चंद्राकर आयुक्त नगर निगम भिलाई, आशीष देवांगन आयुक्त नगर निगम रिसाली, कीर्तिमान सिह राठौर आयुक्त नगर निगम भिलाई चरोदा, अनुभव शर्मा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

और भी

महिलाओं-किशोरियों के लिए अदाणी फाउंडेशन ने आयोजित किया निःशुल्क जांच व परामर्श शिविर

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य के जाँच के लिए अदाणी फाउंडेशन ने गत शनिवार को निः शुल्क स्त्री रोग जाँच शिविर का आयोजन किया गया। रायपुर एनेर्जेन लिमिटेड (आरईएल) के आसपास के ग्राम रायखेड़ा, भाटापारा, चिचोली, गैतरा, सहित पांच ग्रामों मे शिविरों का आयोजन किया गया। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. माधुरी कांत एवं उनकी प्रशिक्षित टीम द्वारा शिविरों में कुल 126 लाभार्थियों जिनमें 21 किशोरी बालिकाओं, 42 शिशुवती और 63 गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जाँच कर जरुरी परामर्श तथा दवाइयां दी गयी।

गौरतलब है कि इन ग्रामों से ब्लॉक मुख्यालय की 15 किलोमीटर एवं जिले की दूरी 40 किलोमीटर होने की वजह से महिला चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं, और संसाधनों के अभाव में जरूरतमंद स्थानीय महिलायें एवं किशोरियां वक्त रहते अपने रोगों का इलाज नहीं करवा पाती थीं। इन परेशानियों को अदाणी फाउंडेशन द्वारा संज्ञान में लेते हुए प्रत्येक महीने निःशुल्क विशेष स्त्री रोग स्वास्थ्य जाँच शिविर का आयोजन शुरू किया गया है। अदाणी फाउंडेशन द्वारा पिछले दो वर्षों से हर महीने इस शिविर का आयोजन निरंतर किया जा रहा है।

आरईएल के अदाणी फाउंडेशन द्वारा आस-पास के 14 ग्रामों में शिक्षा स्वास्थ्य,आजीविका संवर्धन और संरचना विकास के कई कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जिनमें गुणवत्ता युक्त स्वास्थ्य सेवा में सभी ग्रामों में चलित चिकित्सा वाहन द्वारा चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही है।

और भी

मुख्यमंत्री से जापान के महावाणिज्य दूतावास के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल से मुम्बई में जापान के कॉन्सुलेट जनरल फुकाहोरी ने मुलाकात की। उन्होंने विकास की ओर तेजी से अग्रसर छत्तीसगढ़ राज्य की सराहना करते हुए यहां जापान की ओर से हर संभव सहयोग और समन्वय की इच्छा जाहिर की। मुख्यमंत्री बघेल ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि छत्तीसगढ़ खनिज तथा वन संपदा सहित प्राकृतिक संसाधनों से एक समृद्ध राज्य है, यहां विभिन्न क्षेत्रों में विकास की असीम सभावनाएं है। छत्तीसगढ़ में जनजातियों के कौशल विकास, पर्यटन, उद्योग, मोनो रेल, सड़क और पुलों के निर्माण में जापानी प्रतिनिधिमंडल ने भागीदारी निभाने की इच्छा जतायी।

और भी

रमदहा जलप्रपात हादसे पर मुख्यमंत्री ने जताया दुःख

कलेक्टर को दिए रेस्क्यू ऑपरेशन मॉनिटर करने के निर्देश

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रमदहा जलप्रपात में हुए हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त किया है साथ ही मुख्यमंत्री ने कोरिया कलेक्टर को रेस्क्यू ऑपरेशन पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं ।

आपको बता दें कि रमदहा जलप्रपात के बाहर बोर्ड में स्पष्ट चेतावनी लिखी है कि यहां नहाना सख्त मना है। इसके बाद भी परिवार वहां नहाने गया था । इन लोगों के द्वारा चेतावनी बोर्ड का पालन नहीं किया गया था।

उल्लेखनीय है कि आज रमदहा जलप्रपात में बैकुंठपुर मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर में एक दुखद हादसा हुआ है, जिसमें मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के 7 लोग पानी में डूब गए, जिसमें से 2 को बाहर निकाल लिया गया है, जिन्हें अस्पताल भेजा गया है, जिसमें से एक की मृत्यु हो गयी है। दूसरे की हालत अभी सही है। शेष 5 लोगों की तलाश जारी है। सभी मध्यप्रदेश के निवासी हैं। पुलिस प्रशासन की टीम लगातार सर्चिंग कर रही है।  इन लोगों के परिवार से भी सम्पर्क कर लिया है।

 

 

 
और भी

सीएम हाउस के तीजा-पोरा उत्सव में छाया रहा खैरागढ़ विवि

साड़ियों को मिली जोरदार सराहना

 खैरागढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित तीजा-पोरा उत्सव के दौरान इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ ने अपनी खास उपस्थिति दर्ज कराई। इस मौके पर जहां कुलपति पद्मश्री डॉ ममता (मोक्षदा) चंद्राकर के गाने 'तोर मन कईसे लागे राजा' पर मुख्यमंत्री थिरकने से खुद को रोक नहीं सके। विश्वविद्यालय के क्राफ्ट एंड डिजाइनिंग डिपार्टमेंट द्वारा लगाई गई साड़ियों की प्रदर्शनी को भी अच्छा प्रतिसाद मिला।

27 अगस्त को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास में तीजा- पोरा पर्व का आयोजन किया गया। इस आयोजन में प्रदेश भर की महिलाएं शामिल हुईं, वहीं अनेक जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, साहित्यकार, कलाकार समेत विभिन्न वर्ग के लोग भी शामिल हुए। इस दौरान इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। विश्वविद्यालय के क्राफ्ट एंड डिजाइनिंग डिपार्टमेंट ने इस अवसर पर सीएम हाउस में साड़ियों की प्रदर्शनी लगाई थी। इस प्रदर्शनी को लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिला। उल्लेखनीय है कि आयोजन के दौरान जब कुलपति पद्मश्री डॉ ममता (मोक्षदा) चंद्राकर ने अपने लोकप्रिय गीत 'तोर मन कईसे लागे राजा' की प्रस्तुति दी, अब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई जनप्रतिनिधि और महिलाएं खुद को थिरकने से नहीं रोक सके।

त्योहार के लिए मुख्यमंत्री निवास को तिजहारिन महिलाओं का मायका बना दिया गया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनकी पत्नी मुक्तेश्वरी बघेल ने कांग्रेस की महिला सांसदों-विधायकों और पूरे प्रदेश से आई माताओं, बहनों के साथ भगवान शिव, नंदी बैल और चुंकिया-पोरा की पूजा की और प्रदेश की खुशहाली के लिए कामना की।

तीजा-पोरा तिहार के मंडप में महिलाओं के बीच फुगड़ी जैसी प्रतियोगिताएं भी हुईं। इसमें महिलाओं के कई समूहों ने हिस्सा लिया। चम्मच दौड़, जलेबी दौड़, बोरा दौड़ की प्रतियोगिताओं ने प्रतिभागियों के साथ दर्शकों को भी खूब हंसाया।

और भी

युवा कांग्रेस ने राजधानी में निकाली 'मोदी की महंगाई झांकी'

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।। युवा कांग्रेस ने रायपुर में रविवार को एक अनोखा प्रदर्शन किया। इस दौरान मोदी की महंगाई की झांकी निकाली गई। झांकी में तमाम तरीके की वस्तुओं को प्रदर्शित करके उनके वर्तमान मूल्य और पिछले कुछ वर्षों में किस तरीके से मूल्य में वृद्धि हुई है उन कीमतों को लिखकर रायपुर में प्रदेश अध्यक्ष प्रत्याशी आकाश शर्मा के नेतृत्व में शहीद स्मारक भवन से लेकर घड़ी चौक होते हुए कोतवाली चौक में समाप्त किया गया। कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों युवा कांग्रेस के साथी सड़क पर वस्तुओं का मूल्य पोस्टर पहनकर सड़क में नारेबाजी करते हुए निकले। इस दौरान चौक चौराहों पर आम जनता और द्वारा इस झांकी की सराहना की गई और आम जनता भी इस झांकी के पदयात्रा में जुड़ते नजर आए।

मोदी की महंगाई झांसी में तमाम वस्तुओं की प्रदर्शनी की गई जैसे कि पेट्रोल डीजल के पंप बनाए गए घर में खाने वाला तेल, नमक, गैस सिलेंडर, स्टेशनरी, चावल, आटा सभी प्रकार की चीजों को इस प्रदर्शनी में झांकी के रूप में निकाला गया। साथ ही साथ नरेंद्र मोदी को प्रदर्शनी में जादू टोना करते हुए बाबा के रूप में उनका पोस्टर लगाया गया और महंगाई की डायन के रूप निर्मला सीतारमण और तमाम केंद्रीय मंत्रिमंडल को शामिल किया गया।

प्रदेश अध्यक्ष प्रत्याशी आकाश शर्मा ने कहा कि आज देश में महंगाई अपने चरम सीमा को पार कर चुकी है। मध्यम वर्ग की परिवार आम आदमी एवं गरीब आज महंगाई की मार से जूझ रहा है। इस महंगाई से सभी लोग परेशान हैं और आज हमने लोगों को जागरूक करने के लिए एक सांकेतिक रूप से झांकी का आयोजन किया, जिसमें हमने तमाम प्रकार की चीजों को प्रदर्शित किया जो लगातार महंगी होती जा रही है। शहर में इस झांकी की प्रदर्शनी की और पैदल चलकर नरेंद्र मोदी महंगाई कम करो के नारे लगाते हुए हमने और सैकड़ों कार्यकर्ताओं द्वारा झांकी निकाली गई। इस झांकी में घर में उपयोग में आने वाली चीजों को लेकर बच्चों के पेन कॉपी पुस्तक को लेकर आटा तेल पेट्रोल जो रोजमर्रा की चीज है महंगी हो गई है उसको लेकर आज हमने झांकी निकाला।

और भी

विधायक जुनेजा ने काशीराम नगर में 7 लाख के निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रायपुर उत्तर विधायक व हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा ने क्षेत्रवासियों की आवश्यकताओं और जरूरतों को देखते हुए उनकी मांगों को पूरा करने के लिए हमेशा प्रयासरत रहते हैं। विधायक जुनेजा ने रविवार को काशीराम नगर में 7 लाख के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया।

कुलदीप जुनेजा ने काशीराम नगर क्षेत्र की माताओं और बहनों व सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन को देखते हुए 2 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले भवन एवं 5 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले मुस्लिम सामुदायिक भवन का क्षेत्रवासियों के साथ भूमिपूजन किया और उन्हें बधाई दी। इसके साथ ही काशीराम नगर में उत्कल समाज भवन एवं परिसर का निरीक्षण करते हुए विधायक कुलदीप जुनेजा ने बाउंड्रीवाल की ऊंचाई को बढ़ाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर क्षेत्र केई पार्षद शीतल कुलदीप बोगा,एल्डरमेन सुनील छतवानी,कुमार यादव,अनिल वाधवानी,अनिल बंजारा,कुंदन कानोजे , रानू कुर्रे , जाकिर, गफफर, अकबर,सज्जू,इकबाल, कादर, शाकिल नजमा,फरीदा सहित क्षेत्र  के नागरिक उपस्थित थे।

 

 

और भी

सिंहदेव के बयान पर रमन ने किया वार, मंत्री ने ट्वीट कर जताया खेद...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव के एक बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने करारा वार किया है। इसके बाद मंत्री सिंह देव ने ट्वीट करते हुए अपने बयान पर खेद प्रकट किया।

दरअसल छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारी अपनी 2 सूत्रीय मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन पर हैं। DA और HRA की मांग को लेकर कर्मचारी 22 अगस्त से आंदोलनरत है। कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव मुलाकात कर डीए बढ़ाने की मांग की थी। जिस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा की अभी सरकार के पास 5-6 हजार करोड़ देने की औकात नहीं है। यहां नरवा, गरवा, गोबर सब ज्यादा हो गया है।

इसके बाद डॉ. रमन सिंह ने ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि- कांग्रेस सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री खुद कह रहे हैं, सरकार के पास पैसे देने की औकात नहीं है! भूपेश बघेल जी के कुप्रबंधन ने छत्तीसगढ़ को कर्ज में डुबोकर दिवालिया कर दिया है। न वेतन देने के पैसे हैं, न ही घोषणा पत्र के वादे पूरे करने के। भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के मिस्टर बंटाधार हैं!
 

 

और भी

बंधक बनाकर वसूली फिरौती, पुलिस ने किया गिरफ्तार...

 कबीरधाम (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कवर्धा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बंधक बनाकर फिरौती वसूलने वालों को गिरफ्तार कर लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना कवर्धा में प्रार्थी बिषन लाल साहू ने रिपोर्ट दर्ज कराई की उसके पुत्र दीपक साहू तथा उसके दो अन्य साथी को कामू बैगा, सिद्धू साहू, रोशन बघेल व अन्य ने बंधक बनाकर लूटपाट कर उसे छुड़ाने के लिए फिरोती की मांग कर रकम प्राप्त किये है। रिपोर्ट पर थाना कवर्धा मे अपराध क्रमांक 618/22, धारा 364ए, 365, 342,384,394,34 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण की विवेचना मे आये तथ्यों के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में भेजा गया है।

और भी

प्लाट खरीदने किसी दलाल के चक्कर में न पड़ें : धर्मेश साहू

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रायपुर विकास प्राधिकरण प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उसकी सभी संपत्तियों का आवंटन सीधे कार्यालय में आवेदकों व अधिकारियों की उपस्थिति में किया जाता है। पूरी प्रक्रिया की रिकार्डिंग की जाती है। प्राधिकरण ने किसी भी एजेन्ट को संपत्तियों का विक्रय करने के लिए अधिकृत या नियुक्त नहीं किया है।


प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी धर्मेश कुमार साहू ने कहा कि यदि कोई एजेंन्ट या ब्रोकर किसी से यह कहता है कि वह किसी को कोई फ्लैट् या भूखंड आवंटित करावा देगा तो यह सरासर झूठ और गलत है। आम नागरिकों को ऐसे किसी भी एजेन्ट ब्रोकर या दलाल की बातों में नहीं आना चाहिए। यदि कोई भी व्यक्ति, एजेन्ट, दलाल या कर्मचारी किसी संपत्ति अलाटमेंट करा देने की बात करता है या फार्म भरने के लिए कोई पैसा मांगता है या अलाटमेंट करा देने के लिए दलाली के रुप में कोई राशि मांगता है तो इसकी शिकायत प्रमाण सहित मुख्य कार्यपालन अधिकारी, रायपुर विकास प्राधिकरण को दे। प्राधिकरण में आवेदकों को आवेदन पत्र, नियम एवं शर्तो में उल्लेख अनुसार ही राशि जमा कराना होता है। राशि जमा करने पर रसीद दी जाती है। इसके अतिरिक्त कोई भी राशि प्राधिकरण व्दारा नहीं ली जाती।

 

प्राधिकरण के सीईओ साहू ने कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति को फ्लैट्स या अन्य संपत्ति के बारे में कोई जानकारी चाहिए तो वह प्राधिकरण कार्यालय में सीधा मार्केटिंग शाखा के कर्मचारियों से संपर्क कर जानकारी ले सकता है। इसके लिए य़हां दो कर्मचारी नियुक्त है। कर्मचारी संपत्ति लेने के इच्छुक लोगों को विक्रय योग्य सभी संपत्तियों जानकारी देते हैं तथा आवेदन पत्र भरने की पूरी प्रक्रिया भी समझाते हैं। आवेदकों को विभिन्न बैंकों व नॉन बैंकिंग संस्थाओं से ऋण लेने की प्रक्रिया तथा प्राधिकरण से दिए जाने वाले दस्तावेजों के बारे में भी जानकारी दी जाती है।    

 


उन्होंने आगे बताया कि प्राधिकरण व्दारा फ्लैट्स आवंटन के लिए नियमित रुप से राजधानी रायपुर के दो लोकप्रिय समाचार पत्रों में विज्ञापनों का प्रकाशन कराया जाता है। यह जानकारी नियमित रुप से प्राधिकरण की वेबसाईट https://rda.cgstate.gov.in (एचटीटीपीएस://आरडीए डॉट सीजीस्टेट डॉट जीओवी डॉट इन) में भी अपलोड की जाती है। निर्धारित तिथि तक आवेदन पत्र, नियम एवं शर्तें का विक्रय प्राधिकरण कार्यालय से किया जाता है। आवेदन पत्र, नियम एवं शर्तें वेबसाईट से भी डॉऊनलोड करने की सुविधा भी है।

 


एलआईजी फ्लैट्स व अन्य संपत्तियों के विक्रय आवेदन, आवेदकों के समक्ष उनकी उपस्थिति में प्राधिकरण कार्यालय के तृतीय तल स्थित सभा कक्ष में खोले जाते है। इस दौरान प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अधीक्षण अभियंता, राजस्व अधिकारी, राजस्व अधिकारी और अन्य संबंधित कर्मचारी उपस्थिति रहते हैं। प्राप्त सभी आवेदनों के आवेदक के नाम व उनके व्दारा प्रस्तावित की गई राशि सबके समक्ष माईक में ऊंची आवाज में बोल कर सुनाया जाता है तथा इन दरों को कम्प्यूटर में अंकित कर उसकी सूची बनाई जाती है। सूची में उपस्थित आवेदकों व प्राधिकरण के अधिकारियों के हस्ताक्षर लिए जाते हैं। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकार्डिंग की जाती है। इससे स्पष्ट है कि आवेदन खोले जाने की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जा रही है। फ्लैट्स आवेदन के दिए गए प्रस्ताव की सूची में उच्चतम दर देने वाले आवेदकों को प्रशासनिक स्वीकृति के उपरांत फ्लैट्स का आवंटन पत्र देय राशि व अन्य शर्तों के साथ जारी किया जाता है।

 

 

 

 

और भी

मोदी की महंगाई से देश का हर वर्ग, हर घर पीड़ित : मरकाम

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि मोदी की महंगाई से देश का हर वर्ग, हर घर पीड़ित नजर आ रहा है। 2014 के पहले जिस महंगाई को भाजपा डायन बताती थी आज उसी महंगाई डायन को मोदी सरकार पाल पोस रही है। 100 दिनों में महंगाई कम करने का वादा कर देश भर की जनता का वोट बटोरने वाली मोदी सरकार अब महंगाई पर चर्चा करने से भाग रही है और महंगाई को राष्ट्रवाद की संज्ञा दिया जा रहा है। यूपीए सरकार के दौरान पेट्रोल, डीजल पर आंशिक मूल्य वृद्धि होने पर भाजपा के नेता और नेत्रियां आलू-प्याज की माला पहन कर महंगाई का दुखड़ा रोते थे और आज महंगाई पर चर्चा करने पर भाजपा की नेत्रियां कहती है प्याज और लहसुन नहीं खाती।

मोहन मरकाम ने कहा कि 2014 के पहले देश में महंगाई बढ़ने के लिए प्राकृतिक परिस्थितियां जिम्मेदार होती थी लेकिन 2014 में मोदी के शपथ लेने के बाद देश में महंगाई सरकार निर्मित आपदा हो गई है। पूर्ववर्ती सरकार के दौरान पेट्रोल-डीजल पर 3 रू. 48 पैसा और 9 रू. 54 पैसा एक्साइज ड्यूटी लिया जाता था, मोदी सरकार पेट्रोल और डीजल पर लगभग 19 रू. 48 पैसा, 15 रू. 54 पैसा के करीब एक्साइज ड्यूटी ले रही है। 1947 के पहले नमक पर फिरंगी टैक्स लेते थे, आजादी के 75 साल बाद मोदी भाजपा की सरकार दूध, चावल, दाल, आटा, नमक पर 5 प्रतिशत जीएसटी वसूल रही है जिसके चलते देश में महंगाई बढ़ी है। जूता, चप्पल, स्टेशनरी और कपड़ा पर टैक्स नहीं लिया जाता था उस पर भी 8 प्रतिशत जीएसटी लिया जा रहा है। कृषि यंत्रों रसायनिक खाद उर्वरक पर भी 28 प्रतिशत जीएसटी वसूली जा रही है। देश में कोई ऐसा वस्तु नहीं है जिस पर मोदी ट्रैक्स ना लगा हो। कांग्रेस शासनकाल पर 400 रू. में मिलने वाला रसोई गैस मोदी सरकार 1100 रू. प्रति सिलेंडर बेच रही है।

पीसीसी चीफ ने कहा कि मोदी के विदाई के साथ ही देश की जनता को महंगाई से मुक्ति मिलेगी। केंद्र में भाजपा की सरकार बनना ही देशवासियों के लिए आपदा से कम नहीं है। भाजपा के पास देश की जनता के लिए ना तो नीति है, ना तो नियत है, पूरी भाजपा की केंद्र सरकार 2 लोगों के लिए काम कर रही हैं। बाकी देश के 135 करोड़ जनता मोदी प्रायोजित महंगाई से पीड़ित और प्रताड़ित है। कांग्रेस पार्टी जनता की आवाज को सड़क से लेकर सदन तक उठा रही है। महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन गति से चल रहा है जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है।

मोहन मरकाम ने कहा कि महंगाई में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों का योगदान 2014 तक 2 से 3 प्रतिशत होता था, जो आज बढ़कर लगभग 15 प्रतिशत हो गया है, उसके पीछे मोदी सरकार की मुनाफाखोरी की भूख ही जिम्मेदार है। 2014 की तुलना में डीजल पर प्रति लीटर सेंट्रल एक्साइज लगभग आठ गुना अधिक है। 2014 तक 400 रुपए के गैस की सिलेंडर पर सवा सौ से 160 रुपए सब्सिडी भी मिलती थी, अब सिलेंडर 1100 का और सब्सिडी अघोषित रूप से खत्म। आवासीय किराए पर भी 18 प्रतिशत जीएसटी वसूलने का प्रावधान किया गया है यदि जीएसटी के अंतर्गत पंजीकृत व्यक्ति, कंपनी या संस्थान के द्वारा घर किराए पर लिया गया हो। यही नहीं प्रतिदिन 1000 रुपए से कम  किराए के होटल के कमरों पर भी अब 12 प्रतिशत जीएसटी वसूल रही है मोदी सरकार। अस्पताल के कमरे के किराए से लेकर कफन के कपड़े तक, पूजन सामग्री दूध दही से लेकर दाल, चावल, आटा सभी पर निर्ममता पूर्वक कर वसूल रही है मोदी सरकार।

और भी

कुरुद में हर्षोल्लास के साथ मना पोला पर्व

 कुरुद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा पर्व पोला कुरुद सहित अंचल में  धूमधाम से मनाया गया। लोक संस्कृति के इस महाउत्सव में दिन.भर हर्सोल्लास कावातावरण बना रहा। घरों में विधिवत मिट्टी के बैलों व खिलौनों को सजाकर उसकी पूरी सादगी के साथ पूजा अर्चना कर चीला रोटी व प्रसाद का भोग लगाया गया। तदुपरांत छोटे-छोटे बच्चों ने मिट्टी के नांदिया बैल की जोडिय़ों को दौड़ाते हुए पर्व का उल्लास बिखेरा। इसी तरह पशुधनो की पूजा अर्चना की गई व उन्हे आस्था व भक्ति के साथ जनकल्याण की कामना की अर्जी लगाई गई। बैलों को आकर्षक ढंग से सजाकर पर्व की रौनकता में चार-चांद लगाया गया।

सर्वविदित है कि पोला-पिठोरा मूलतखेती-किसानी से जुड़ा त्योहार है। भाद्रपद कृष्ण अमावस्या को यह पर्व विशेषकर छत्तीसगढ़ में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। पोला त्योहार मनाने के पीछे यह कहावत है कि अगस्त माह में खेती.किसानी काम समाप्त होने के बाद इसी दिन अन्नमाता गर्भ धारण करती है यानी धान के पौधों में इस दिन दूध भरता है, इसीलिए यह त्योहार मनाया जाता है। यह त्योहार पुरुषों, स्त्रियों व बच्चों के लिए अलग-अलग महत्व रखता है। इस दिन पशुधन बैलों को सजाकर उनकी पूजा करते हैं। स्त्रियां इस त्योहार के वक्त अपने मायके जाती हैं। छोटे बच्चे मिट्टी के बैलों की पूजा करते हैं। पोला पर्व पर शहर से लेकर गांव तक धूम रही। गांव के किसान भाई सुबह से ही बैलों को नहला-धुलाकर सजाते हैं फिर हर घर में उनकी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। इसके बाद घरों में बने पकवान भी बैलों को खिलाए जाते हैं। बैल किसानों के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। किसान बैलों को देवतुल्य मानकर उसकी पूजा-अर्चना करते हैं। इस दिन मिट्टी और लकड़ी से बने बैल चलाने की भी परंपरा है। 

और भी