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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर में करेंगे ध्वजारोहण

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय समारोह में राजधानी रायपुर के पुलिस मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे। बस्तर जिला मुख्यालय में केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, बिलासपुर में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव तथा दुर्ग में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे।


सामान्य प्रशासन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजनांदगांव में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, सरगुजा में आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, गरियाबंद में खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, बालोद में वन मंत्री श्री केदार कश्यप, कोरबा में उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, जशपुर में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, रायगढ़ में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, सूरजपुर में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, जांजगीर-चांपा में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, बलौदाबाजार में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा में सांसद श्री विजय बघेल, कवर्धा में सांसद श्री संतोष पांडेय, बलरामपुर में सांसद श्री चिंतामणि महाराज, महासमुंद में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, सारंगढ़ में सांसद श्री राधेश्याम राठिया, सक्ती में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, बीजापुर में सांसद श्री महेश कश्यप, कांकेर में सांसद श्री भोजराज नाग, तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह ध्वजारोहण करेंगे।

मुंगेली जिला मुख्यालय में विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में विधायक श्री धरमलाल कौशिक, कोरिया में विधायक श्री अमर अग्रवाल, धमतरी में विधायक श्री अजय चंद्राकर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में विधायक श्रीमती रेणुका सिंह, कोंडागांव में विधायक सुश्री लता उसेंडी, नारायणपुर में विधायक श्री विक्रम उसेंडी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में विधायक श्री राजेश मूणत, दंतेवाड़ा में विधायक श्री किरण देव और सुकमा जिला मुख्यालय में विधायक श्री धरमजीत सिंह स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण करेंगे।
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छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने वाली स्वच्छता दीदियों का पद-प्रक्षालन कर होगा सम्मान

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा बिलासपुर जिले में 12 अगस्त 2025 को आयोजित होने वाले ‘स्वच्छता संगम-2025’ में, छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने वाली स्वच्छता दीदियों का पद-प्रक्षालन कर उन्हें सम्मानित करेंगे। इस अवसर पर वे स्वच्छ सर्वेक्षण-2024-25 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों को भी सम्मान प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय  12 अगस्त को बिलासपुर के बहतराई स्थित इंडोर स्टेडियम में  260 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव,  केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री तोखन साहू, विधायकगण श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह, श्री दिलीप लहरिया, श्री सुशांत शुक्ला एवं श्री अटल श्रीवास्तव तथा बिलासपुर की महापौर श्रीमती पूजा विधानी उपस्थित रहेंगी। ‘स्वच्छता संगम’ में राज्य के सभी नगर निगमों के महापौर, सभापति, स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी सदस्य, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी सदस्य, निगम आयुक्त, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगरीय निकायों के वरिष्ठ अभियंता तथा स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के नोडल अधिकारी सहित नौ हजार स्वच्छता दीदियों को आमंत्रित किया गया है।


नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने बताया कि ‘स्वच्छता संगम’ में शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली स्वच्छता दीदियों का पद-प्रक्षालन कर सम्मानित किया जाएगा। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सात नगरीय निकायों को नई दिल्ली में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के करकमलों से पुरस्कृत होने का गौरव प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम में इन नगरीय निकायों के साथ ही संभाग स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 30 से अधिक नगरीय निकायों को भी सम्मान प्रदान किया जाएगा।

स्वच्छता संगम में नगरीय निकायों में स्वच्छता और शहरी सौंदर्यीकरण के मानकों को बढ़ाने हेतु राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का शुभारंभ किया जाएगा। इस प्रतियोगिता के माध्यम से शहरी स्वच्छता को सुदृढ़ करने के साथ ही सुशासन द्वारा प्रशासनिक कौशल में सुधार तथा नगरीय सौंदर्यीकरण को प्रोत्साहन मिलेगा। यह पहल न केवल शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने में सहायक होगी, बल्कि नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता को भी संवर्धित करेगी। यह हर नगरीय निकाय के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं नागरिकों को स्वच्छता और शहरी सौंदर्यीकरण के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को पहचानने और उन्हें और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करेगी।

कार्यक्रम में तीन नगर निगम—बिरगांव, भिलाई-चरोदा और धमतरी—तथा 43 नगर पालिकाओं में ऑनलाइन संपत्ति कर जमा करने की सुविधा हेतु जीआईएस आधारित प्रॉपर्टी टैक्स लाइव पोर्टल का लोकार्पण किया जाएगा। इस प्रकार एक साथ 46 शहरों में ऑनलाइन संपत्ति कर जमा करने की सुविधा प्रारंभ होना, स्थानीय स्वशासन को आधुनिक बनाने और नागरिकों को घर बैठे सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे कर संग्रहण की गति में भी वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री श्री साय 63.57 करोड़ रुपये के 24 कार्यों का करेंगे लोकार्पण, 197 करोड़ रुपये के 25 कार्यों का करेंगे भूमिपूजन 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ‘स्वच्छता संगम’ के अवसर पर 260 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। इसके अंतर्गत वे बिलासपुर जिले में विभिन्न विभागों के 63 करोड़ 57 लाख रुपये से अधिक की लागत के 24 निर्माण एवं विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 197 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 25 कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। कार्यक्रम में वे विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं चेक का वितरण भी करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय बिलासपुर के नूतन चौक में तीन करोड़ 85 लाख रुपये की लागत से निर्मित व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, कोनी में नौ करोड़ पांच लाख रुपये की लागत के एस.टी.पी., चार करोड़ 82 लाख रुपये की लागत के शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के कन्या छात्रावास, छह करोड़ 29 लाख रुपये से निर्मित 3.6 किमी लंबाई के नगोई बस्ती से मोढ़े नाका मार्ग, 12 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत के सात किमी लंबाई के उसलापुर-दैजा मार्ग के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं डामरीकरण कार्य तथा पांच करोड़ 45 लाख रुपये की लागत के साढ़े तीन किमी लंबाई के मंगला भैंसाझार से दीनदयाल कॉलोनी लोखंडी रेलवे फाटक तक टू-लेन सड़क निर्माण कार्य का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही वे बिलासपुर जिले के 11 गांवों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल-जल योजना का भी शुभारंभ करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय दयालबंद में 26 करोड़ 42 लाख रुपये की लागत से एजुकेशन हब के अंतर्गत नालंदा परिसर एवं एकेडमिक ब्लॉक निर्माण कार्य, तथा मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के अंतर्गत अशोक नगर चौक से बिरकोरा मोड़ तक 17 करोड़ रुपये की लागत के गौरव पथ का भूमिपूजन करेंगे। इसके अतिरिक्त वे मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत अरपा इंद्रासेतु से राम सेतु तक नौ करोड़ 74 लाख रुपये की लागत के अटल पथ निर्माण, और पांच करोड़ नौ लाख रुपये की लागत के मंगला चौक से आजाद चौक सड़क निर्माण का भूमिपूजन करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय 11 करोड़ 56 लाख रुपये की लागत से शनिचरी-चांटीडीह मार्ग में अरपा नदी पर उच्च स्तरीय पुल, तीन करोड़ 76 लाख रुपये की लागत से तखतपुर-बरेला के मध्य मनियारी नदी पर पुल, नौ करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से बहतराई, राजकिशोर नगर, लिंगियाडीह, देवरीखुर्द एवं सिरगिट्टी में संचालित जल आपूर्ति प्रणाली के उन्नयन कार्य, 34 करोड़ 16 लाख रुपये की लागत से 12.6 किमी लंबाई के बुटेना-धौंराभाटा मार्ग के मजबूतीकरण कार्य, दस करोड़ रुपये की लागत से अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय भवन तथा बिलासपुर में 22 करोड़ 22 लाख रुपये की लागत से बनने वाले ऑडिटोरियम का भूमिपूजन करेंगे। इसके अलावा वे विजयपुर में छह करोड़ 81 लाख रुपये की लागत के एनीकट और बिलासपुर जिले के सोन से सोनसरी सबरिडेरा के बीच सात करोड़ 96 लाख रुपये की लागत के सरार नाला पर पुलिया सहित ढाई किमी लंबाई के सड़क निर्माण, साथ ही नगर निगम, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन करेंगे।
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मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की पहली महिला सांसद मिनीमाता की पुण्यतिथि पर उनके अविस्मरणीय योगदान को किया नमन

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और महान समाजसेविका स्वर्गीय मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन निस्वार्थ सेवा, अटूट साहस और सामाजिक परिवर्तन का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मिनीमाता जी ने वंचित वर्गों, महिलाओं, दलितों और गरीबों के अधिकारों की रक्षा को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया और समाज में सम्मान, समानता एवं न्याय की नींव मजबूत की।


मुख्यमंत्री श्री साय ने स्मरण किया कि संसद में अपने कार्यकाल के दौरान मिनीमाता जी ने बाल विवाह, दहेज प्रथा और छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध सशक्त और निर्भीक स्वर उठाया। उन्होंने मजदूरों के अधिकारों की रक्षा, महिला शिक्षा के प्रसार और सामाजिक समानता की स्थापना के लिए जो योगदान दिया, वह इतिहास के स्वर्णिम अध्यायों में दर्ज है। उनकी सादगी, संवेदनशीलता और सेवाभाव ने उन्हें जनमानस में अमिट स्थान दिलाया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मिनीमाता जी की विचारधारा केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के वर्तमान और भविष्य के लिए प्रकाशस्तंभ की तरह है। उन्होंने आह्वान किया कि हम सभी उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर, भाईचारे, समानता और न्याय पर आधारित एक सशक्त, समावेशी और प्रगतिशील छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
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कोनी-मोपका बायपास के पुनर्निर्माण हेतु 59.55 करोड़ रुपए की स्वीकृति

 छत्तीसगढ़ शासन के लोक निर्माण विभाग ने बिलासपुर जिले के कोनी-मोपका बायपास के पुनर्निर्माण के लिए 59 करोड़ 55 लाख 27 हजार रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। यह स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट प्रावधान के अंतर्गत दी गई है।


लगभग 14 किलोमीटर लंबी इस सड़क की स्थिति विगत कई वर्षों से अत्यंत दयनीय थी। एनटीपीसी सीपत, स्पंज आयरन फैक्ट्रियों, कोलवाशरी और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ घने शहरी यातायात का भारी दबाव इस मार्ग से गुजरता है, जिससे सड़क अत्यधिक क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा लंबे समय से इसके पुनर्निर्माण की माँग की जा रही थी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा इस परियोजना को बजट में प्राथमिकता दी गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अधोसंरचना विकास, विशेष रूप से सड़कों की मजबूती और गुणवत्ता, राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। जनसुविधा से जुड़े ऐसे कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।

उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के उपरांत, विभाग ने मंत्रालय स्तर से वित्तीय स्वीकृति संबंधी परिपत्र प्रमुख अभियंता को जारी कर दिया है। साथ ही निर्माण कार्य को समय-सीमा के भीतर और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

श्री साव ने कहा कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता, कार्य प्रक्रिया की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि संपूर्ण परियोजना की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए और किसी भी स्तर पर निर्माण कार्य में त्रुटि पाए जाने पर जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाए।

इस बायपास के पुनर्निर्माण से न केवल औद्योगिक क्षेत्रों की आवाजाही सुगम होगी, बल्कि शहरवासियों को भी भारी यातायात से राहत मिलेगी। राज्य शासन का यह निर्णय आमजन की बहुप्रतीक्षित माँग के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और उत्तरदायित्वबोध को दर्शाता है।

लोक निर्माण विभाग द्वारा शीघ्र ही कार्यादेश जारी कर निर्माण प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। शासन की मंशा है कि यह परियोजना उच्च गुणवत्ता, पारदर्शिता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण हो, ताकि नागरिकों को शीघ्र और स्थायी राहत प्रदान की जा सके।
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रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के अटूट बंधन का प्रतीक है – मुख्यमंत्री श्री साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रक्षाबंधन पर्व के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और परस्पर सौहार्द की मंगलकामना करते हुए कहा कि यह पर्व भाई-बहन के रिश्ते की आत्मीयता, समर्पण और सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रक्षाबंधन का त्यौहार भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा को दर्शाता है, जिसमें बहनें अपने भाई की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और सुरक्षा के लिए रक्षा-सूत्र बांधती हैं, वहीं भाई भी बहनों की रक्षा और सम्मान का संकल्प लेते हैं। रक्षाबंधन पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों को सशक्त करने वाला पर्व है।

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक पारंपरिक त्यौहार नहीं है, बल्कि यह आपसी विश्वास, प्रेम, करुणा और दायित्वबोध की भावना को भी उजागर करता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे इस अवसर पर समाज में सौहार्द्र, भाईचारा और महिला सम्मान को और अधिक सशक्त बनाने के लिए संकल्प लें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विशेष रूप से प्रदेश की बेटियों, बहनों और मातृशक्ति को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और सम्मान के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पावन पर्व सभी नागरिकों के जीवन में प्रेम, उमंग और एक नई ऊर्जा का संचार करेगा।
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दुबे जी के घर की छत पर सौर ऊर्जा से चलने वाला पावर प्लांट, घर का बिजली बिल हुआ शून्य, सरकार को भी कर रहे हैं बिजली की आपूर्ति

प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना ने सौर ऊर्जा के माध्यम से अनेक घरों को रोशन किया है। बिलासपुर जिले के निवासी श्री शशांक दुबे ने अपने घर की छत पर एक पूर्ण सौर ऊर्जा पावर प्लांट स्थापित कर लिया है। इस सौर ऊर्जा संचालित प्लांट से न केवल उनका घर रोशन हो रहा है, बल्कि उनका बिजली बिल भी अब शून्य हो गया है। इतना ही नहीं, श्री दुबे अब सरकार को भी बिजली की आपूर्ति कर रहे हैं।


श्री दुबे ने बताया कि जब से उन्होंने अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाए हैं, तब से उनके घर का बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। सौर पैनलों के माध्यम से छत पर हो रहा बिजली उत्पादन उनके मासिक बिजली व्यय की पूर्णतः बचत कर रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी छत पर पाँच किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित है, जिससे हो रहे बिजली उत्पादन से उन्हें अब मासिक बिजली बिल की कोई चिंता नहीं रह गई है, साथ ही वे एक उत्पादक के रूप में बिजली की सप्लाई भी कर रहे हैं। सोलर पैनल लगवाने के पश्चात उनके घर का बिजली बिल पूरी तरह समाप्त हो गया है।

श्री दुबे ने बताया कि पाँच किलोवाट सोलर पैनल लगवाने में उन्हें लगभग दो लाख रुपये की लागत आई, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा ₹78,000 की सब्सिडी प्राप्त हुई है, और राज्य सरकार की ओर से भी शीघ्र ही ₹30,000 की अतिरिक्त सब्सिडी प्राप्त होने वाली है।

उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत केवल एक बार निवेश करना होता है, जिसके पश्चात 25 वर्षों तक निर्बाध रूप से बिजली की आपूर्ति मिलती रहती है। योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु उपभोक्ता pmsuryaghar.gov.in पोर्टल या पीएम सूर्यघर ऐप के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं। दीर्घकालिक दृष्टि से यह योजना अत्यंत किफायती सिद्ध होती है, जिसमें बैंकों द्वारा कम ब्याज दर पर ऋण सुविधा भी प्रदान की जाती है।

श्री दुबे ने यह भी बताया कि एक बार सोलर पैनल लगवाने के पश्चात इस पर किसी प्रकार का नियमित मेंटेनेंस खर्च नहीं आता, तथा सोलर पैनल लगाने वाली कंपनी द्वारा पाँच वर्षों तक नि:शुल्क सर्विसिंग की सुविधा दी जाती है। उन्होंने कहा कि यह योजना पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी है। सौर ऊर्जा का उपयोग कर वे स्वच्छ (ग्रीन) ऊर्जा के उत्पादन में सहभागी बन रहे हैं, जिससे नवीनीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है।

श्री दुबे ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे इस योजना को अपनाएं, सौर ऊर्जा का उपयोग करें और बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनें। साथ ही, पर्यावरण संवर्धन में भी अपना सक्रिय योगदान दें।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य शासन द्वारा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह प्लांट नेट मीटरिंग के माध्यम से विद्युत ग्रिड से जुड़ता है, जिससे उपभोक्ता अपनी आवश्यकता से अधिक उत्पन्न बिजली को ग्रिड में भेज सकता है। इससे न केवल उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है, बल्कि ग्रिड को दी गई अतिरिक्त बिजली के बदले उन्हें आय भी प्राप्त होती है।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है। इस योजना से उपभोक्ताओं को अधिक आमदनी, न्यूनतम बिजली बिल तथा नवीन रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही, नवीनीकृत ऊर्जा स्रोतों के प्रति जन-जागरूकता में भी वृद्धि होगी।
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छत्तीसगढ़ में शिक्षा, नवाचार और कौशल विकास के नए युग की शुरुआत – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आज छत्तीसगढ़ में शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित विशेष कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन, भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) रायपुर, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर और मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के मध्य हुए त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर के साक्षी बने। इस समझौते के अंतर्गत स्थापित होने वाले उद्यमिता केंद्र का निर्माण वर्ष 2025-26 में प्रारंभ होगा तथा इसे वर्ष 2027-28 तक पूर्ण रूप से क्रियाशील करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।


गांव-गांव तक पहुंचेगी शिक्षा, कौशल और नवाचार की क्रांति: मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि आज हस्ताक्षरित एमओयू से "छत्तीसगढ़ अंजोर विजन" को साकार करने में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त होगी। इस साझेदारी से प्रदेश में गांव-गांव तक शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार की क्रांति पहुंचेगी, जो युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस त्रिपक्षीय समझौते के तहत "श्रीमती मिथिलेश अग्रवाल नवाचार एवं उद्यमिता उत्कृष्टता केंद्र" की स्थापना की जाएगी, जो युवाओं को शोध, प्रयोग और उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि यह उत्कृष्टता केंद्र केवल आईआईएम या एनआईटी के विद्यार्थियों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव-गांव के युवाओं को भी लाभान्वित करे। मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत से भी इस शिक्षा और कौशल विकास के आंदोलन से जुड़ने का आग्रह किया।

संसाधन-आधारित नहीं, नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करेगा छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ अब कोर सेक्टर के साथ-साथ सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मा, डिफेंस, एयरोस्पेस और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में तेज़ी से अग्रसर हो रहा है। बीते 20 महीनों में किए गए साढ़े तीन सौ से अधिक सुधारों के परिणामस्वरूप राज्य में निवेश का अनुकूल वातावरण निर्मित हुआ है और केवल आठ माह में 6.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि हम सभी यह संकल्प लें कि छत्तीसगढ़ को संसाधन-आधारित नहीं, बल्कि नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने वाला राज्य बनाएंगे – जहाँ युवा बदलाव के वाहक बनें और उद्यमिता से समाज को दिशा दें।

किसानों के लिए बनेगा देश का सबसे बड़ा प्रशिक्षण केंद्र

मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन के सह-संस्थापक एवं चेयरमैन श्री रामदेव अग्रवाल ने कार्यक्रम में रायपुर में किसानों हेतु देश का सबसे बड़ा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एक अत्यंत समृद्ध प्रदेश है, जिसमें विकास की अपार संभावनाएं हैं। उनका फाउंडेशन इस विकास यात्रा में पूर्णतः समर्पित है। श्री अग्रवाल ने बताया कि फाउंडेशन ने अपनी कुल निधि का 10 प्रतिशत समाज कल्याण के लिए समर्पित करने का निर्णय लिया है, जिसका उपयोग शिक्षा, कौशल और कृषि से संबंधित कार्यों में किया जाएगा।

मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन का 172 करोड़ रुपये का योगदान

मोतीलाल ओसवाल फाउंडेशन ने आईआईएम रायपुर एवं एनआईटी रायपुर को कुल 172 करोड़ रुपये का दान देने की घोषणा की है। इसमें से 101 करोड़ रुपये आईआईएम रायपुर को तथा 71 करोड़ रुपये एनआईटी रायपुर को प्रदान किए जाएंगे।

इस दानराशि से आईआईएम रायपुर में "ओसवाल छात्रावास" के 202 कमरे और "दाऊ राम गोपाल अग्रवाल नॉलेज सेंटर" की स्थापना की जाएगी। इसके अतिरिक्त अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी की शीर्ष संस्थाओं के सहयोग से छह अंतरराष्ट्रीय एमबीए कार्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे।

इसी प्रकार, एनआईटी रायपुर में "श्रीमती मिथिलेश अग्रवाल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस" की स्थापना की जाएगी, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, ब्लॉकचेन और क्लीन एनर्जी जैसे डीप-टेक क्षेत्रों पर कार्य करेगा।

यह केंद्र वर्ष 2030 तक 10,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण देगा, 250 से अधिक स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट करेगा और 5,000 से अधिक कुशल नौकरियों का सृजन करेगा। यह पहल छत्तीसगढ़ की औद्योगिक आवश्यकताओं – विशेषकर खनन, इस्पात और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों – के अनुरूप विकसित की गई है, और यह स्थानीय उद्योगों के साथ मिलकर वास्तविक समस्याओं के समाधान पर केंद्रित रहेगी।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक, उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव श्री एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजय दयाराम के, एनआईटी रायपुर के चेयरमैन डॉ. सुरेश हावरे, आईआईएम रायपुर के चेयरमैन श्री पुनीत डालमिया, एनआईटी के निदेशक श्री एन. वी. प्रसन्ना राव, आईआईएम रायपुर के प्रभारी निदेशक डॉ. संजीव पाराशर, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
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पंजाब एंड सिंध बैंक द्वारा शुरू की गई नवीन पहलें

पंजाब एंड सिंध बैंक के प्रधान निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी श्री स्वराज कुमार शाव ने रायपुर अंचल के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर का भ्रमण किया। उनके साथ बैंक के प्रधान महा प्रबंधक श्री राकेश कुमार रॉय (महाप्रबंधक), तथा श्री तार चंद माना (अंचलिक प्रमुख, मान्यता) की गरिमामयी उपस्थिति रही।


प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बैंक द्वारा शुरू की गई नवीन पहलें जैसे कि डिजिटल बैंकिंग सुविधाएं, नवीनतम उत्पाद योजनाएं, ग्राहकों की आवश्यकताओं के लिए चल रही विभिन्न सहयोग, तथा सामाजिक गतिविधियों प्रयासों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। श्री शाव ने कहा कि बैंक के माध्यम से सेवा में तेजी लाकर ग्राहकों तक पहुँचना और उनकी आवश्यकताओं के अनुसार सेवाएं उपलब्ध कराना ही बैंक का प्रमुख उद्देश्य है।

इसके पूर्व, श्री शाव ने बैंक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ एक टाउन हॉल मीटिंग का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने बैंक के वर्तमान और भविष्य के रणनीतिक दृष्टिकोण पर चर्चा की। इस बैठक में उन्होंने उपस्थित स्टाफ, अधिकारियों एवं प्रबंधकों को संबोधित करते हुए कहा कि बैंकिंग सेवा एक जन सेवा है। इसमें जिम्मेदारी और जवाबदेही अत्यंत महत्वपूर्ण होते हुए उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवा कोई नौकरी नहीं, बल्कि एक सामाजिक सेवा है जिसे मन, वचन और कर्म से निभाना देना चाहिए।

इसके उपरांत, शाम 3 बजे से एक ग्राहक बैठक (Customer Meet) का आयोजन किया गया, जिसमें रायपुर और आसपास के अंचल के आमंत्रित ग्राहकों ने भाग लिया। इस संवादात्मक सत्र में श्री शाव ने ग्राहकों से प्रत्यक्ष संवाद करते हुए उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं, एवं सुझावों को जाना। उन्होंने आश्वासन दिया कि बैंक के ग्राहक की सुविधा के लिए निरंतर प्रयासरत है और उनके प्रतिक्रिया के आधार पर सेवाओं में सुधार किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि रायपुर और उसके अंचल क्षेत्रो में बैंक अपनी उपस्थिति को और अधिक समग्र बनाने हेतु कार्य कर रही है जिससे आम नागरिक बैंकिंग सुविधाओं की गति से लाभ ले सके।
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अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को गंभीरता से लेकर पूरी गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण कराएं कलेक्टर्स: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज जांजगीर-चांपा जिले के जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक में प्राधिकरण के बजट को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए कि प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को सभी कलेक्टर्स गंभीरता से लें और उन्हें उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अब प्राधिकरण की बैठक हर वर्ष समय पर आयोजित होगी और कार्यों की गहन समीक्षा की जाएगी।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संविधान की मंशा के अनुरूप अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक उत्थान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए हम बाबा गुरु घासीदास जी के ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को आत्मसात कर समाज में सम्मान और समानता की भावना को सशक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचे, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जांजगीर-चांपा जिले को इस बैठक के लिए विशेष रूप से इसलिए चुना गया क्योंकि यह अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, और अब समय आ गया है कि हम विकास की दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित करें। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की संकल्पना के अनुरूप राज्य में विकास के कार्य हुए हैं। अनुसूचित जाति समाज के समुचित विकास के लिए प्राधिकरण एक सशक्त माध्यम है, जिसके माध्यम से सरकार ठोस प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए 2 करोड़ रुपये, अजा वर्ग के विद्यार्थियों हेतु कोचिंग व्यवस्था के लिए 50 लाख रुपये, प्रत्येक वर्ष अनुसूचित जाति वर्ग के 5 युवाओं को पायलट प्रशिक्षण हेतु सहायता, तथा जोड़ा जैतखंभ के निर्माण में सीमेंट के साथ-साथ लकड़ी के उपयोग हेतु राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। साथ ही, दिल्ली में संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीट संख्या बढ़ाकर 200 करने की जानकारी दी और विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु इसका लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने आगामी समय में सभी जिला मुख्यालयों में 'नालंदा परिसर' के निर्माण की भी बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक के दौरान प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों के वर्षों से लंबित रहने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही प्राधिकरण के कार्यों की राशि कम हो, लेकिन उनका सामाजिक महत्व अत्यंत बड़ा है। इन कार्यों का समय पर पूर्ण न होना चिंता का विषय है।

बैठक को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अनुसूचित जाति समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की सोच समाज के वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में स्पष्ट है। उन्होंने सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए और सभी समाज को साथ लेकर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास का संकल्प दोहराया।

अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब ने मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में समाज के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों हेतु आभार प्रकट किया। उन्होंने गिरौधपुरी धाम में रोपवे निर्माण, मेला आयोजन के दौरान बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, जोक नदी के पास स्नान हेतु आवश्यक व्यवस्था, ठहरने की सुविधा, जोड़ा जैतखंभ में लकड़ी के उपयोग, बाराडेरा धाम में ऐतिहासिक तालाब का संरक्षण और सौंदर्यीकरण, विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लास की व्यवस्था जैसी मांगें बैठक में रखीं। उन्होंने बजट वृद्धि और मांगों की स्वीकृति के लिए भी आभार व्यक्त किया।

बैठक में प्राधिकरण के स्वरूप, कार्यक्षेत्र, अनुमोदित कार्यों की समीक्षा, बजट प्रावधानों की जानकारी, एवं वित्तीय वर्ष 2020 से 2025 तक स्वीकृत कार्यों की प्रगति सहित नागरिक सुविधाओं, सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों, और शैक्षणिक सुविधा विस्तार जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं प्राधिकरण सदस्यों के प्रस्तावों के आधार पर 49 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के विकास एवं हितग्राही मूलक कार्यों का अनुमोदन किया गया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब, मंत्री श्री दयाल दास बघेल, श्री लखन लाल देवांगन, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, श्री दिलीप लहरिया, श्रीमती शेषराज हरवंश, श्रीमती उतरी गणपत जांगड़े, श्रीमती कविता प्राण लहरे, श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल सहित रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के आयुक्त, आईजी, एवं 17 जिलों के कलेक्टर उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जाति प्राधिकरण का कार्यक्षेत्र संपूर्ण राज्य है जिसमें प्रदेश के 17 अनुसूचित जाति बाहुल्य जिले – जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर, मुंगेली, रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, महासमुंद, राजनांदगांव, खैरागढ़ सहित अन्य वे जिले भी शामिल हैं, जिनमें अनुसूचित जाति जनसंख्या 25 प्रतिशत से अधिक है।

बैठक में जांजगीर-चांपा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता आनंद मिरी, बिलासपुर से श्री राजेश सूर्यवंशी, गरियाबंद से श्री गौरीशंकर कश्यप, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद एवं श्री बसव राजू, पुलिस महानिदेशक श्री अरुणदेव गौतम, विभागीय सचिव श्रीमती शहला निगार, श्री रोहित यादव, श्री कमलप्रीत सिंह, श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, श्री आर. प्रसन्ना, श्रीमती शम्मी आबिदी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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सरलता, करुणा और जनसामान्य से जुड़ाव की मिसाल बने मुख्यमंत्री श्री साय : किसान पिता बोले, जीवन भर रहेगा याद

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का नेतृत्व केवल जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास की दिशा में सशक्त पहल तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी सहजता, आत्मीयता और मानवीय संवेदनाओं से परिपूर्ण व्यवहार ने उन्हें जन-जन के हृदय में विशेष स्थान दिलाया है। आज जांजगीर चांपा जिले में आगमन के दौरान हेलीपेड पर ऐसा ही एक क्षण सामने आया, जब मुख्यमंत्री ने नन्ही बच्ची सृष्टि को गोद में उठाकर स्नेह से दुलारा।


किसान श्री योगेंद्र पांडेय अपनी तीन वर्षीय पुत्री सुश्री सृष्टि पांडेय को लेकर ग्राम भणेसर से विशेष रूप से मुख्यमंत्री श्री साय से मिलने पहुंचे थे। जब मुख्यमंत्री श्री साय  की दृष्टि  मासूम बच्ची सृष्टि पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत आत्मीय मुस्कान के साथ निहारा और उसे स्नेह से अपनी गोद में उठा लिया।  मुख्यमंत्री से मिलकर नन्ही सृष्टि की आँखों में जो चमक थी, वह पूरे वातावरण को आत्मीयता से भर गई। 

सृष्टि के पिता श्री योगेंद्र पांडेय ने भावुक होकर बताया कि मुख्यमंत्री जी के आने की खबर सुनकर मैंने तय किया कि अपनी बेटी को उनसे मिलवाऊँगा। जब मुख्यमंत्री जी ने उसे गोद में उठाया, तो हमारी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मेरी बेटी और हम दोनों के लिए यह पल हमारे जीवन की सबसे अनमोल स्मृति बन गई है जो जीवन भर याद रहेगी।

सुश्री सृष्टि, जो वर्तमान में नर्सरी कक्षा की छात्रा हैं, अपने पिता के साथ मुख्यमंत्री श्री साय को देखने के लिए अत्यंत उत्साह के साथ पहुंची थीं। उनका परिवार एक साधारण किसान परिवार है, जिसमें माता-पिता, दादा-दादी और सृष्टि स्वयं शामिल हैं।
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सूचना-प्रसार की दिशा में छत्तीसगढ़ बना रोल मॉडल: छत्तीसगढ़ संवाद व जनसंपर्क विभाग की कार्यप्रणाली ने महाराष्ट्र के अधिकारियों को किया प्रभावित

महाराष्ट्र सरकार के जनसंपर्क एवं सूचना विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का एक अध्ययन दल 5 से 7 अगस्त 2025 तक तीन दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ में प्रवास पर रहा। इस दौरे का उद्देश्य छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सूचना, जनसंपर्क और शासकीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में किए जा रहे नवीनतम नवाचारों और प्रभावी कार्यप्रणालियों का प्रत्यक्ष अवलोकन एवं अध्ययन करना था।


अध्ययन दल में महाराष्ट्र शासन की उप सचिव श्रीमती समृद्धि अंगोलकर, निदेशक श्री किशोर गंगरडे सहित कुल छह वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। दल ने छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग एवं उसकी सहायक संस्था छत्तीसगढ़ संवाद की संपूर्ण कार्यप्रणाली का अध्ययन किया।

भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने ई-न्यूज़ क्लिपिंग, ई-आरओ सिस्टम, ई-पब्लिकेशन, पत्रकार अधिमान्यता प्रणाली, तथा पत्रकारों के कल्याण हेतु संचालित योजनाओं का गहन अध्ययन किया। इसके साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ संवाद की संगठनात्मक संरचना, संचालन तंत्र तथा तकनीकी नवाचारों के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी भी प्राप्त की।

इस अवसर पर अध्ययन दल ने जनसंपर्क विभाग के आयुक्त डॉ. रवि मित्तल से सौजन्य मुलाकात की। जनसंपर्क आयुक्त डॉ. मित्तल ने कहा कि छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग का यह सतत प्रयास रहा है कि शासकीय योजनाओं और जनहितकारी नीतियों की जानकारी आम जनता तक त्वरित, पारदर्शी और प्रभावशाली ढंग से पहुँचे। सूचना के क्षेत्र में तकनीक और मानवीय दृष्टिकोण के संतुलित समावेशन ने हमारी कार्यप्रणाली को विशिष्ट बनाया है। यह हमारे लिए प्रसन्नता की बात है कि अन्य राज्य भी हमारे नवाचारों में रुचि ले रहे हैं। यह अनुभव-साझाकरण एक सकारात्मक और रचनात्मक दिशा में उठाया गया कदम है।

अध्ययन दल ने इंद्रावती भवन स्थित जनसंपर्क संचालनालय एवं छत्तीसगढ़ संवाद कार्यालय का भ्रमण कर विभिन्न शाखाओं के संचालन का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और विभाग की प्रमुख गतिविधियों को निकट से जाना।

अपर संचालक श्री जे.एल. दरियो, श्री उमेश मिश्रा एवं श्री संजीव तिवारी ने अध्ययन दल को विभाग की प्रमुख गतिविधियों, कार्यप्रणाली और तकनीकी अनुप्रयोगों की जानकारी विस्तार से प्रदान की।महाराष्ट्र से आए अध्ययन दल के सदस्यों ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सूचना एवं जनसंपर्क के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की सराहना करते हुए उन्हें अपने राज्य में भी लागू करने की संभावनाओं में गहरी रुचि जताई।

इस अवसर पर जनसंपर्क विभाग   और छत्तीसगढ़ संवाद के विभिन्न अधिकारीगण उपस्थित थे।
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प्रदेश में बुनकरों के सम्मान, समृद्धि और सशक्तिकरण हेतु किए जा रहे हैं विशेष प्रयास - मुख्यमंत्री

 राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ बुनकर समाज के प्रतिनिधिमंडल ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट की। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी प्रतिनिधियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री ने बुनकर समाज की सराहना करते हुए कहा कि  हथकरघा कला हमारी समृद्ध विरासत है, जो प्रदेश को एक विशिष्ट पहचान दिलाती है और हमारी सांस्कृतिक अस्मिता को सशक्त बनाती है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का बुनकर समाज अपने श्रम, कौशल और रचनात्मकता के माध्यम से राज्य का गौरव बढ़ा रहा है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार बुनकरों की समृद्धि, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए बहुआयामी प्रयास कर रही है। कच्चा माल सुलभ कराने से लेकर लागत कम करने और विपणन की बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने तक, हर मोर्चे पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बुनकरों की आत्मनिर्भरता ही उनकी रचनात्मक उड़ान को नई ऊँचाई दे सकती है। 

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए "वोकल फॉर लोकल" के मंत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय हमारे पारंपरिक उत्पादों और हुनर को प्रोत्साहन देने का है। हथकरघा उद्योग केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है, जिसे बुनकर समाज आज भी सहेजे हुए है।

इस अवसर पर समाज के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को बुनकरों द्वारा निर्मित करघा (कपड़ा बुनने की पारंपरिक मशीन) की प्रतिकृति भेंट की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी यह भेंट न केवल आपके सम्मान और भावनाओं का प्रतीक है, बल्कि सृजन, परंपरा और हमारे प्रदेश के सांस्कृतिक मूल्यों का भी प्रतीक है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार बुनकर समाज के हर संभव सहयोग के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और उनके सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय बुनकरों के सम्मान, समृद्धि और सशक्तिकरण का होगा।

इस अवसर पर बुनकर समाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री महेश देवांगन, श्री पुरुषोत्तम देवांगन, श्री धनेश देवांगन, श्री गजेंद्र देवांगन सहित अन्य वरिष्ठ सदस्य उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ बन रहा टेक्नोलॉजी हब : नवा रायपुर में कामन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना को मिली मंजूरी

 छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बड़ी  उपलब्धि मिली है। अब राज्य को इलेक्ट्रॉनिक्स टेस्टिंग या प्रोटोटाइपिंग के लिए बेंगलुरु, पुणे या नोएडा जैसे शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने नवा रायपुर में कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है। 


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की दूरदृष्टि और आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में तैयार इस परियोजना से राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री, स्टार्टअप और युवाओं के लिए नया युग प्रारंभ होगा। यह परियोजना छत्तीसगढ़ की उद्योग नीति के अनुरूप निवेशकों को आकर्षक प्रोत्साहन भी प्रदान करेगी।

कॉमन फैसिलिटी सेंटर नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में 3.23 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। इस परियोजना की कुल लागत 108.43 करोड़ रुपये है, जिसमें से 75.00 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भारत सरकार के MeitY मंत्रालय द्वारा EMC 2.0 योजना के अंतर्गत स्वीकृत की गई है। शेष 33.43 करोड़ रुपये राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाएंगे तथा भूमि की उपलब्धता नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRANVP) द्वारा सुनिश्चित की जा रही है।

यह कॉमन फैसिलिटी सेंटर इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को बढ़ावा देने हेतु एक साझा एवं अनुकूल वातावरण निर्मित करेगा, जहां प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) प्रोटोटाइपिंग, 3D प्रिंटिंग, EMC परीक्षण और वुड वर्कशॉप जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह केंद्र अर्धचालक (सेमीकंडक्टर), माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स, एलईडी लैंप, सोलर चार्ज कंट्रोलर, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) समाधान, ऑटोमेशन समाधान और SCADA पैनल जैसी इलेक्ट्रॉनिक्स आधारित उत्पादन इकाइयों को विशेष लैब और परीक्षण सुविधाएं प्रदान करेगा।

यह सेंटर क्षेत्र के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन केंद्र के रूप में कार्य करेगा। उदाहरण के तौर पर, एक छोटी एलईडी लाइट निर्माण इकाई अपने उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच के लिए CFC की परीक्षण लैब का उपयोग कर सकेगी। इसी प्रकार, एक स्टार्टअप जो सोलर चार्ज कंट्रोलर डिज़ाइन कर रहा है, वह बड़े पैमाने पर उत्पादन से पूर्व अपने डिज़ाइन को इस केंद्र की प्रोटोटाइपिंग सुविधा में परख सकेगा। एक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) घटक निर्माता अपने उत्पादों की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक संगतता (EMC) का परीक्षण कर सकता है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी प्रणालियाँ सुचारू रूप से कार्य कर रही हैं। साथ ही, 3D प्रिंटिंग सुविधा कंपनियों को विशेष जिग्स या कस्टम एन्क्लोज़र बनाने में सहायता करेगी, जबकि PCB प्रोटोटाइपिंग सेवा सर्किट बोर्डों के त्वरित विकास और परीक्षण में मदद करेगी, जिससे उत्पाद निर्माण की गति तेज होगी।

इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पहले से ही कई आकर्षक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इस कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना को राज्य की उद्योग नीति के तहत मिलने वाले प्रोत्साहनों से और भी बल मिलेगा, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में बाहरी और स्थानीय निवेश को गति मिलेगी।

नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRANVP) द्वारा संचालित यह परियोजना राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण एवं निवेश को प्रोत्साहित करेगी। इसके माध्यम से राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस परियोजना को टेक्नोलॉजी क्रांति की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह पहल राज्य को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से समृद्ध बनाएगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल नवाचार और स्टार्टअप को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि उद्योगों को विश्वस्तरीय परीक्षण और प्रोटोटाइपिंग सुविधाएं भी सुलभ होंगी, जिससे छत्तीसगढ़ इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में एक पावरहाउस बनकर उभरेगा।

आवास और पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी परियोजनाएं छत्तीसगढ़ के तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगी। इससे स्थानीय स्टार्टअप्स, युवाओं और उद्यमियों को अत्याधुनिक संसाधन मिलेंगे, जो पहले बड़े शहरों तक ही सीमित थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह पहल डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को अग्रणी बनाएगी।
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जनभागीदारी से करें आदिवासी बाहुल्य ग्रामों का समग्र विकास: मुख्यमंत्री ने आदि कर्मयोगी अभियान की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में निर्देशित किया कि आदि कर्मयोगी अभियान के माध्यम से आदिवासी बाहुल्य ग्रामों का समग्र विकास जनभागीदारी के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान के तहत पूरे देश में आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में 20 लाख स्वयंसेवकों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य में छत्तीसगढ़ राज्य की भागीदारी सक्रिय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1,32,400 वॉलंटियर्स को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे जनभागीदारी और जनजागरूकता के माध्यम से समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाना है। उन्होंने बैठक में निर्देश दिए कि युवाओं को वॉलंटियर्स के रूप में रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने की कार्यवाही की जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के जनजातीय बाहुल्य गांवों में बुनियादी अधोसंरचना और सुविधाओं में जो भी ‘क्रिटिकल गैप’ शेष हैं, उनकी पहचान की जाए और आगामी 2 अक्टूबर 2025 को ग्राम सभाओं में इस पर विशेष चर्चा की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि इन कमियों को दूर करने के लिए स्थानीय प्रशासन के सहयोग से आवश्यक ठोस कदम उठाए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि हर ग्राम बुनियादी सुविधाओं से संतृप्त हो।

बैठक में आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने जानकारी दी कि इस अभियान के तहत ग्रामों में ‘आदि सेवा केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे, जो न केवल मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता में सहायक होंगे, बल्कि योजनाओं एवं कार्यक्रमों के सतत क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने बताया कि जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में धरती आबा और पीएम-जनमन जैसे संतृप्तिमूलक अभियानों की भी शुरुआत की गई है, जिनके अंतर्गत आदिवासी बाहुल्य ग्रामों एवं पीवीटीजी बस्तियों में आवास, पक्की सड़कें, जलापूर्ति, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम 22 से 28 जुलाई 2025 के मध्य सम्पन्न किया जा चुका है तथा जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स की सूची भारत सरकार को प्रेषित की जा चुकी है। आगामी गतिविधियों में जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण सहित अन्य कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जिन्हें शीघ्र क्रियान्वित किया जाएगा।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, संयुक्त सचिव डॉ. रवि मित्तल, आदिम जाति कल्याण विभाग के आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
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छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा क्रांति: हर घर बनेगा बिजलीघर

 छत्तीसगढ़ सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। उनकी यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और सतत विकास के बड़े लक्ष्यों को भी हासिल करेगी। साथ ही जीरो कार्बन एमिशन लक्ष्यों में योगदान सुनिश्चित होगा।


प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में घर-घर रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट स्थापित कर लोगों को प्रदूषण मुक्त, मुफ्त और निरंतर बिजली देने की परिकल्पना की गई है। इसके माध्यम से प्रत्येक उपभोक्ता को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाकर उनके मासिक खर्चों में भी उल्लेखनीय कमी लाने का लक्ष्य रखा गया है।

हर नागरिक की होगी भागीदारी

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्रता रखने वाले सभी नागरिक जिनके पास वैध बिजली कनेक्शन और उपयुक्त छत है, वे इस योजना में आवेदन कर सकते हैं। खास बात यह है कि योजना के अंतर्गत एक बार सोलर पैनल स्थापित होने के बाद उपभोक्ता को हर माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी। इससे न सिर्फ बिजली बिलों का झंझट समाप्त होगा, बल्कि यदि आवश्यकता से अधिक बिजली का उत्पादन होता है, तो उसे ग्रिड को बेचकर अतिरिक्त आमदनी भी ली जा सकती है।

मिलेगी डबल सब्सिडी 

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 1 किलोवॉट से 3 किलोवॉट तक के सौर संयंत्र लगाने पर प्रति वॉट 45 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 1 लाख 8 हजार रुपये तक की सब्सिडी केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से दी जा रही है। इसमें राज्य सरकार ने भी अपनी हिस्सेदारी जोड़ दी है, जिससे उपभोक्ताओं को डबल सब्सिडी का सीधा लाभ मिलेगा।

स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण

छत्तीसगढ़ सरकार जीरो कार्बन एमिशन नीति को साकार रूप देने के लिए स्वच्छ ऊर्जा को प्राथमिकता दे रही है। छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 15 प्रतिशत ग्रीन एनर्जी का उत्पादन हो रहा है। इसे बढ़ाकर सरकार ने वर्ष 2047 तक 45 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी, जिससे कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी। यह नीति न केवल वर्तमान, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी हरित और सतत भविष्य सुनिश्चित करेगी।

बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा क्रांति से रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेगें। इससे सोलर पैनल के निर्माण, स्थापना, रखरखाव आदि जैसे क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार और स्व-रोजगार के अवसर बढ़ेगें। वहीं राज्य की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।

योजना के फायदे-

केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से डबल सब्सिडी सीधे बैंक खाते में मिलेगा। एक बार सौर पैनल की स्थापना के बाद 20-25 वर्षों तक मुफ्त बिजली मिल सकेगी। लोगों को निरंतर विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। बार-बार बिजली गुल होने की समस्या से मुक्ति मिलेगी। इसके अलावा बिजली बेचने से अतिरिक्त आमदनी होगी। साथ ही स्वच्छ, हरित और पर्यावरण हितैषी जीवनशैली को बढ़ावा मिलेगा।
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बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ के तहत विश्व स्तनपान सप्ताह में मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर किया गया फोकस

भारत सरकार की प्रमुख सामाजिक पहल ‘‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’’ के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग के महिला सशक्तिकरण केंद्र (हब) द्वारा 1 से 7 अगस्त 2025 तक आयोजित ‘‘विश्व स्तनपान सप्ताह’’ के अवसर पर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में व्यापक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह आयोजन जिला कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के कुशल निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी आर.के. खाती के मार्गदर्शन में परियोजना खड़गवां, चिरमिरी, भरतपुर एवं मनेंद्रगढ़ के अंतर्गत चयनित ग्रामों में आयोजित हुए। कार्यक्रमों में उप स्वास्थ्य केंद्रों के कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं ने मिलकर ग्रामीण समुदाय की गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को स्तनपान के वैज्ञानिक महत्व, विशेषकर पहले पीले गाढ़े दूध (कोलेस्ट्रम) के पोषणीय मूल्य एवं नवजात की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले गुणों के बारे में जागरूक किया।
कार्यक्रम में माताओं को यह बताया गया कि जन्म के तत्काल बाद शिशु को केवल स्तनपान कराना चाहिए और पहले छह माह तक किसी भी प्रकार का ऊपरी आहार न देकर केवल माँ का दूध ही देना चाहिए। क्योंकि यह शिशु को पूर्ण पोषण प्रदान करता है। इसके साथ ही ‘‘रेडी टू ईट’’ पोषण आहार, तिरंगा भोजन, स्थानीय मौसमी साग-सब्जियां, फल एवं पारंपरिक खानपान की पौष्टिकता के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। जिससे माताएं स्वयं भी सुपोषित रहें और उनके शिशु भी स्वस्थ विकसित हो सकें। इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं को संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, सुरक्षित प्रसव की तैयारी करने, नवजात शिशु की देखभाल के सही तरीकों, टीकाकरण की अनिवार्यता तथा स्तनपान के माध्यम से मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने हेतु विस्तार से समझाया गया।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। जिसमें प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, छत्तीसगढ़ राज्य महिला कोष अंतर्गत संचालित ‘‘सक्षम योजना’’ तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से दी जा रही ऋण योजना प्रमुख रहीं। उपस्थित माताओं को बताया गया कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के अंतर्गत 15 जुलाई से 15 अगस्त 2025 तक विशेष पंजीकरण अभियान संचालित किया जा रहा है। जिसके तहत पहली बार गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें पौष्टिक आहार अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। ताकि उनकी गर्भावस्था सुरक्षित, स्वस्थ एवं सुपोषित हो। इस योजना के अंतर्गत पंजीयन हेतु महिलाएं अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र, आशा कार्यकर्ता अथवा मितानिन से संपर्क कर सकती हैं।
कार्यक्रमों के सफल आयोजन में महिला एवं बाल विकास विभाग की पूरी टीम, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, पंचायत प्रतिनिधि तथा जनप्रतिनिधियों का सक्रिय सहयोग रहा। जागरूकता शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं, किशोरियाँ, स्वसहायता समूह की सदस्याएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं सम्मिलित हुईं और उन्होंने स्तनपान को लेकर कई सवाल पूछे जिनका विशेषज्ञों द्वारा सरल भाषा में समाधान दिया गया। समूचे जिले में इस कार्यक्रम के माध्यम से एक सकारात्मक संदेश दिया गया कि एक स्वस्थ माँ ही एक स्वस्थ पीढ़ी की जननी बनती है, और स्तनपान इस दिशा में पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है।

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"हर घर तिरंगा" अभियान आजादी के अमृत महोत्सव से प्रारंभ हुआ जो लगातार चल रहा है- सुनील बंसल

 भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं हर घर तिरंगा अभियान के राष्ट्रीय समन्वयक सुनील बंसल ने कहा है कि "हर घर तिरंगा" अभियान आजादी के अमृत महोत्सव से प्रारंभ हुआ जो लगातार चल रहा है। इसी तारतम्य में छत्तीसगढ़ में भी हर घर तिरंगा अभियान की सफलता को लेकर प्रदेश जिला एवं मंडल स्तर पर टीम बनाकर कार्यशाला करनी है। श्री बंसल मंगलवार को यहाँ कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में हर घर तिरंगा अभियान को लेकर आहूत बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।


भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं हर घर तिरंगा अभियान के राष्ट्रीय समन्वयक श्री बंसल ने कहा कि तिरंगा यात्रा में युवा मोर्चा एवं महिला मोर्चा की भागीदारी सुनिश्चित की गई है ताकि इस अभियान में युवा और महिलाओं को जागृत किया जा सके। इसके साथ ही ऑपरेशन सिंदूर और उससे पूर्व पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए लोगों को नमन करते हुए इस अभियान को पूर्ण करना है। ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की वैश्विक पहचान को और ज्यादा मजबूत किया है। इसके साथ ही 10 अगस्त से 14 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान मंडल से लेकर बूथ स्तर तक यह कार्यक्रम करना है। हर घर तिरंगा अभियान पिछली बार की तुलना में इस बार और प्रभावी रूप से हो, इस पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम के तीसरी कड़ी में स्वाधीनता संग्राम में शहीद लोगों के मूर्ति स्थल पर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा, साथ ही शहीद सेनानियों की प्रतिमाओं/चित्रों पर माल्यार्पण का भी कार्यक्रम किया जाएगा। इसी कड़ी में 14 अगस्त विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाते हैं और इस दौरान विभाजन की विभीषिका के बारे में देश के हर नागरिक को बताना है कि किस तरह विभाजन की विभीषिका के दौरान लाखों लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई। इसके साथ ही विभाजन की विभीषिक को लेकर मौन जुलूस, समाधान कार्यक्रम एवं प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा।

भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा शांति और सद्भाव का प्रतीक है- अजय जम्वाल

भाजपा क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से पूर्ण करने के लिए हम सभी लगातार मेहनत करेंगे। कार्यक्रम में 50 लाख घरों में तिरंगा लगाने के लक्ष्य को सबकी सहभागिता से पूरा करना है। हर घर तिरंगा अभियान में प्रभावी व्यक्तियों को जोड़कर उनका सम्मान भी किया जाएगा। हर घर तिरंगा अभियान की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरुआत की है। गुलामी से समाज में जो कुरीतियां और विकृतियां व्याप्त हुई हैं, उन्हें दूर करना है और देश को गौरवान्वित करना है। श्री जम्वाल ने कहा कि भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा शांति और सद्भाव का प्रतीक है। अपने बलिदानी क्रांतिकारियों और महापुरुषों को याद करते हुए और देश की सेवा में अपनी आहुति देने वाले शहीद जवानों को भी याद करते हुए उन्हें नमन करना है। तिरंगा अभियान के माध्यम से हम लोगों में देशभक्ति और राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करेंगे।

"मोर तिरंगा-मोर अभिमान" के माध्यम से लोगों में देशभक्ति की भावना को जागना है - पवन साय

भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि हर घर तिरंगा अभियान के माध्यम से हम लोगों में राष्ट्र प्रेम की भावना को सर्वोपरि करेंगे। इसके साथ ही "मोर तिरंगा-मोर अभिमान" के माध्यम से अधिक-से-अधिक लोगों को जोड़कर लोगों में देशभक्ति की भावना को जागना है। कार्यक्रम में शहीद परिवार के लोगों का सम्मान किया जाएगा। श्री साय ने आगामी कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि हर घर तिरंगा अभियान हम एक महोत्सव के रूप में मनाएंगे ताकि भारत का शौर्य वैश्विक स्तर पर और भी बढ़े। इसके साथ ही हमें छत्तीसगढ़ राज्य को देश का नंबर वन राज्य बनाना है। 

बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रदेश के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान की सफलता के लिए प्रशासन अपनी ओर से पूर्ण सहयोग करेगा। विभाजन विभीषिका की घटना के बारे में अधिकाधिक युवाओं महिलाओं बुजुर्गों बच्चों को जागरूक करना है।

हर घर तिरंगा अभियान के तहत 50 लाख घरों में तिरंगा फहराने का संकल्प है - शिवरतन शर्मा

भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवरतन शर्मा ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव से ही हर घर तिरंगा अभियान की शुरुआत हो चुकी है यह कार्यक्रम पिछले 4 वर्षों से निरंतर चल रहा है। हर घर तिरंगा अभियान के तहत पिछली बार 25 लाख घरों में तिरंगा लगा था, इस वर्ष 50 लाख घरों में तिरंगा फहराने का संकल्प है। प्रत्येक बूथ पर योजना बनाकर तिरंगा फहराना है। इसके साथ ही जन जागरण के कार्यक्रम भी रखे जाएंगे जिनमें विभिन्न समाज के लोगों को शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही जनप्रतिनिधि भी इस कार्यक्रम में अपनी सहभागिता देकर कार्यक्रम की सफलता में योगदान देंगे। इसके साथ ही तिरंगा यात्रा के दौरान पदयात्रा भी करने का कार्यक्रम है। विभाजन विभीषिका की त्रासदी से लोगों को जागरूक किया जाएगा कि कैसे जब देश का विभाजन धर्म के आधार पर किया गया तो निर्दोष हिंदुओं की निर्मम हत्या की गई।

बूथ स्तर तक जाकर हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाना है – नीलू शर्मा

हर घर तिरंगा अभियान कार्यक्रम के संयोजक नीलू शर्मा ने कहा कि 'मोर तिरंगा-मोर अभिमान' अभियान पूरे छत्तीसगढ़ और देशभर के विभिन्न राज्यों में चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में बूथ स्तर तक जाकर हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाना है। पहलगाम हमले के बाद देश के जवानों ने शौर्य और पराक्रम दिखाया और ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। देश की सेना के पराक्रम को नमन करते हुए श्री शर्मा ने कहा कि मोर तिरंगा मोर अभियान कार्यक्रम संभाग स्तर पर एक बड़ी कार्यशाला के माध्यम से करेंगे। इसके पश्चात जिला, मंडल एवं बूथ स्तर पर कार्यशालाएँ रखी जाएंगीं। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम में हर घर तिरंगा अभियान कार्यक्रम के सदस्य श्रीमती हर्षिता पांडेय, विश्वविजय सिंह तोमर, दीपेश अरोरा सहित सभी जिलों के जिला संयोजक, सह संयोजक, एवं भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। 

कार्यक्रम की रूपरेखा

हर घर तिरंगा अभियान कार्यक्रम के लिए जिला स्तर पर योजना बैठक 6 और 7 अगस्त को होगी। मण्डल स्तर की योजना बैठक 7 और 8 अगस्त को आयोजित की जाएगी। अभियान के दौरान हमारे सुरक्षा बलों एवं बलिदानियों के साथ-साथ रक्षा उपकरणों की प्रशंसा करते हुए प्लेकार्ड्स ले जाकर उनका प्रदर्शन किया जाएगा। 10 से 14 अगस्त तक प्रत्येक मण्डल में 'तिरंगा यात्रा' का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में युवा मोर्चा और महिला मोर्चा की प्रमुख भूमिका होगी। सभी समाज के सदस्यों की अधिक-से-अधिक संख्या में भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। 13 से 15 अगस्त तक सभी घरों और प्रतिष्ठानों पर पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा तिरंगा फहराया जाएगा। 

अभियान के दौरान 12 से 14 अगस्त तक स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्मारकों, युद्ध स्मारकों और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी महत्वपूर्ण जगहों के आसपास स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। स्वच्छता अभियान के उपरांत सभी स्थानों पर पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। प्रत्येक मण्डल में युद्धवीरों, शहीदों, देश की सेवा में प्राण न्यौछावर करने वाले सैनिकों/पुलिस कर्मियों के घरों का दौरा कर उनके परिजनों को सम्मानित किया जाएगा। 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर सभी जिलों में मौन जुलूस, उपयुक्त बैनर व प्लेकार्ड्स के साथ हॉल मीटिंग्स, विभाजन से प्रभावित लोगों से भेंट एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा।
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"स्वतंत्रता दिवस स्वच्छता पखवाड़ा" के तहत आज रायपुर मंडल के सभी प्रमुख स्टेशनों में उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से यात्रियों को स्वच्छता के प्रति किया गया जागरूक

भारतीय रेलवे द्वारा "आजादी का अमृत महोत्सव" के अंतर्गत स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) की पूर्व संध्या पर दिनांक 01 अगस्त से 15 अगस्त 2025 तक विशेष स्वच्छता पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में व्यापक स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ।

"स्वच्छ भारत मिशन" एवं "स्वतंत्रता दिवस स्वच्छता पखवाड़ा" के अंतर्गत मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों, कार्यालय परिसरों एवं रेल कालोनियों में स्वच्छता अभियान को प्रभावशाली ढंग से संचालित किया जा रहा है। इस दौरान यात्रियों एवं नागरिकों को स्वच्छता हेतु प्रेरित किया गया।
 
इसी क्रम में आज 05 अगस्त 2025 को मंडल के सभी सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों में उद्घोषणा प्रणाली और ट्रेनों में घोषणाओं के माध्यम से यात्रियों को स्टेशन एवं कोच को स्वच्छ बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया। स्टेशनों में वाणिज्यिक कर्मचारियों की भागीदारी के साथ यात्रियों को स्वच्छता हेतु प्रेरित किया गया ।
 
इसके अलावा मंडल के सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों, कार्यालय परिसरों तथा रेलवे कालोनियों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत नालियों और शौचालयों की गहन सफाई की गई तथा नियमित सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया गया। शौचालयों में स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए कीटाणुनाशक दवाओं का छिड़काव किया गया एवं कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए । साथ ही विभिन्न स्थानों पर बेहतर साफ-सफाई सुनिश्चित की गई ।
 
मंडल का यह प्रयास न केवल स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने में सहायक सिद्ध हो रहा है बल्कि यात्रियों एवं रेल कर्मचारियों में स्वच्छता को लेकर सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा दे रहा है।
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