छत्तीसगढ़ - Newsportal | Chhattisgarh Darpan Media Group

छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा: बस्तर से सरगुजा तक डिजिटल क्रांति का विस्तार, 5000 मोबाइल टावर का लक्ष्य तय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित भारत 2047 के साथ विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्यों को पूर्ण करने एवं सहज, सरल, त्वरित और पारदर्शिता के साथ सुचारू शासन की दिशा में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी का महत्वपूर्ण योगदान है।


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की गहन समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों, विशेष रूप से बस्तर एवं सरगुजा संभागों में नए मोबाइल टॉवर लगाने तथा फाइबर नेटवर्क लाइन बिछाने जैसे कार्यों में तेजी लाई जाए। आने वाले समय में राज्य में समय सीमा के भीतर चरणबद्ध रूप से 5,000 से अधिक मोबाइल टॉवर लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-डिस्ट्रिक्ट 2.0 के माध्यम से वर्तमान में विभिन्न विभागों की 85 ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार करते हुए 250 अन्य ऑफलाइन सेवाओं को भी ऑनलाइन सेवाओं में तब्दील किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि योजनाओं का लाभ लोगों को घर बैठे ही ऑनलाइन प्राप्त होगा, तो इससे समय की बचत होगी तथा कार्यालय आने-जाने में होने वाला खर्च भी कम होगा। इसके साथ ही टीयर-थ्री के अनुरूप स्टेट डाटा सेंटर को अपग्रेड करने की भी बात कही गई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक में प्रदेश में विभाग द्वारा संचालित प्रमुख परियोजनाओं—अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, नियद नेल्लानार एवं L.W.E. सैचुरेशन डैशबोर्ड, भारतनेट फेस-2, छत्तीसगढ़ स्टेट डाटा सेंटर (CGSDC), आधार एनरोलमेंट इन-हाउस मॉडल, ई-डिस्ट्रिक्ट 2.0, सीजी स्वान, ई-प्रोक्योरमेंट तथा कैपेसिटी बिल्डिंग सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।

इस दौरान प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक ने विगत सवा साल में विभाग द्वारा अर्जित महत्वपूर्ण उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विगत 4 वर्षों से लंबित डाटा सेंटर के अपग्रेडेशन की निविदा प्रक्रिया पूर्ण की गई, खनिज 2.0 पोर्टल का गो लाइव किया गया, वाई-फाई मंत्रालय योजना तथा ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल सफलतापूर्वक शुरू हुए। इसके साथ ही भारतनेट फेज-2 परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया गया एवं अटल मॉनिटरिंग पोर्टल डैशबोर्ड का निर्माण कर 19 विभागों की 100 योजनाओं के KPI इसमें प्रदर्शित किए गए हैं।

इस बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभात मलिक सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
और भी

छत्तीसगढ़ सरकार ने डीएपी की कमी पूरा करने पुख्ता वैकल्पिक व्यवस्था की

देश में डीएपी खाद के आयात में कमी के चलते चालू खरीफ सीजन में राज्य में डीएपी की आपूर्ति प्रभावित होने का वैकल्पिक मार्ग छत्तीसगढ़ सरकार ने निकाल लिया है। किसानों को डीएपी खाद की किल्लत के चलते परेशान होने की जरूरत नहीं है। डीएपी के बदले किसानों को भरपूर मात्रा में इसके विकल्प के रूप में एनपीके और एसएसपी खाद की उपलब्धता सोसायटियों के माध्यम सुनिश्चित की जा रही है। डीएपी की कमी को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एनपीके (20ः20ः013) और एनपीके (12ः32ः13) के वितरण लक्ष्य में 3.10 लाख मेट्रिक टन तथा एसएसपी के वितरण लक्ष्य में 1.80 लाख मेट्रिक टन की वृद्धि करने के साथ ही इसके भण्डारण एवं वितरण की भी पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की है। एनपीके और एसएसपी के लक्ष्य में वृद्धि होने के कारण चालू खरीफ सीजन में विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों का वितरण लक्ष्य 14.62 लाख मेट्रिक टन से 17.18 लाख मेट्रिक टन हो गया है। 


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि डीएपी खाद की कमी को लेकर किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके विकल्प के रूप में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अन्य रासायनिक उर्वरक जैसे-एनपीके और एसएसपी की भरपूर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इंदिरा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों और कृषि विभाग के अधिकारियों के सुझाव के अनुरूप किसान डीएपी के बदले उक्त उर्वरकों का प्रयोग कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। सोसायटियों से किसानों को उनकी डिमांड के अनुसार खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित हो, इस पर कड़ी निगाह रखी जा रही है। किसानों की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। 

यहां यह उल्लेखनीय है कि चालू खरीफ सीजन में 14.62 लाख मेट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य कृषि विभाग द्वारा निर्धारित किया गया था, जिसमें यूरिया 7.12 लाख मेट्रिक टन, डीएपी 3.10 लाख मेट्रिक टन, एनपीके 1.80 लाख मेट्रिक टन, एमओपी 60 हजार मेट्रिक टन, एसएसपी 2 लाख मेट्रिक टन शामिल था। डीएपी के कमी को देखते हुए कृषि विभाग ने इस लक्ष्य को संशोधित किया है। डीएपी की आपूर्ति की कमी चलते इसके लक्ष्य को 3.10 लाख मेट्रिक टन से कमकर 1.03 लाख मेट्रिक टन किया गया है, जबकि एनपीके के 1.80 लाख मेट्रिक टन के लक्ष्य को बढ़ाकर 4.90 लाख मेट्रिक टन और एसएसपी के 2 लाख मेट्रिक टन को बढ़ाकर 3.53 लाख मेट्रिक टन कर दिया गया है। यूरिया और एमओपी के पूर्व निर्धारित लक्ष्य को यथावत् रखा गया है। इस संशोधित लक्ष्य के चलते रासायनिक उर्वरकों के वितरण की मात्रा 14.62 लाख मेट्रिक टन से बढ़कर अब 17.18 लाख मेट्रिक टन हो गई है। 
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि डीएपी की कमी को अन्य उर्वरकों के निर्धारित मात्रा का उपयोग कर पूरी की जा सकती है और फसल उत्पादन बेहतर किया जा सकता है। फसलों के लिए जरूरी पोषक तत्व जैसे नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश सहित मात्रा में मिले तो उपज में कोई कमी नहीं आती है। डीएपी की कमी को देखते हुए किसानों को अन्य फॉस्फेट खादों के उपयोग की सलाह दी है। डीएपी के प्रत्येक बोरी में 23 किलोग्राम फॉस्फोरस और 9 किलोग्राम नाइट्रोजन होता है। इसके विकल्प के रूप में तीन बोरी एसएसपी और एक बोरी यूरिया का उपयोग करने से पौधों को पर्याप्त मात्रा में फॉस्फोरस, कैल्सियम, नाइट्रोजन और सल्फर मिल जाता है। एसएसपी उर्वरक पौधों की वृद्धि के साथ-साथ जड़ों के विकास में भी सहायक है, इसके उपयोग से फसल की क्वालिटी और पैदावार बढ़ाने में मदद मिलती है। डीएपी की कमी को दूर करने के लिए किसान जैव उर्वरकों का भी उपयोग कर सकते हैं। 

कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ-2025 में किसानों को विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 12.13 लाख मेट्रिक टन उर्वरकों का भण्डारण कराया गया है, जिसमें से 7.29 लाख मेट्रिक टन का वितरण किसानों को किया जा चुका है। राज्य में वर्तमान में सहकारी और निजी क्षेत्र में 4.84 लाख मेट्रिक टन खाद वितरण हेतु उपलब्ध है।
और भी

पूर्व राज्यपाल शेखर दत्त के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया शोक व्यक्त

छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल  शेखर दत्त के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  स्वर्गीय श्री शेखर दत्त जी एक कुशल प्रशासक, दूरदर्शी नेता और देश सेवा के प्रति पूर्णतः समर्पित व्यक्तित्व थे। अपने लम्बे प्रशासनिक अनुभव और अद्भुत कार्यकुशलता से उन्होंने छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि स्वर्गीय दत्त जी का जीवन सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट जनसेवा के आदर्श मूल्यों से परिपूर्ण था। उनके निधन से देश ने एक प्रबुद्ध और कर्मठ व्यक्तित्व को खो दिया है, जिसकी भरपाई कठिन है।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
और भी

मुख्यमंत्री ने ली वित्त विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक : वित्तीय प्रबंधन में दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में प्रदेश की आर्थिक स्थिति और वित्तीय प्रबंधन की गहन समीक्षा की। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में बजट प्रबंधन, राजस्व संग्रहण, व्यय नियंत्रण, वित्तीय अनुशासन और ई-गवर्नेंस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों से राज्य की जीएसडीपी, पूंजीगत व्यय और योजनाओं की वित्तीय प्रगति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि वित्तीय संसाधनों का उपयोग पारदर्शिता और दक्षता के साथ किया जाए, ताकि जनकल्याणकारी योजनाएं निर्बाध रूप से संचालित हो सकें।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि  राज्य की प्रगति उसकी वित्तीय स्थिरता पर निर्भर करती है। जितनी सशक्त वित्तीय व्यवस्था होगी, उतनी ही तेजी से हम विकास की दिशा में आगे बढ़ पाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया है, जिससे राज्य की जीएसडीपी में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

बैठक में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विभाग की वर्तमान वित्तीय स्थिति, राजस्व प्राप्तियों, व्यय नियंत्रण और आगामी रणनीतियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप योजनाओं को समयबद्ध रूप से वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं और विभाग वित्तीय पारदर्शिता व सुशासन की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि बीते डेढ़ वर्षों में विभाग के द्वारा अपनाए गए नवाचारों से राज्य की आर्थिक आधारशिला और अधिक मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि शासन की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और राज्य वित्तीय सुशासन के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को छुए।

 
और भी

ईसीआरपी एवं नाबार्ड योजनाओं से ग्रामीण अंचलों में पहुंची आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं

छत्तीसगढ़ में कोविड-19 जैसी महामारियों से निपटने की तैयारी को मजबूत करने और आमजन तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से ठोस कदम उठाए हैं। इमरजेंसी कोविड रिस्पांस एंड हेल्थ सिस्टम प्रिपेयर्डनेस पैकेज (ईसीआरपी) के तहत प्रदेश के 571 स्वास्थ्य केंद्रों – जिसमें 62 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 385 उप-स्वास्थ्य केंद्र एवं 124 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं – में अतिरिक्त आइसोलेशन वार्ड स्वीकृत किए गए। इनमें से 422 भवनों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है और 141 वार्ड तेजी से निर्माणाधीन हैं। ये सभी आइसोलेशन वार्ड न केवल भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों के लिए तैयार रहेंगे, बल्कि वर्तमान में स्वास्थ्य व्यवस्था को व्यापक और सशक्त बनाने में योगदान कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि नाबार्ड पोषित योजना के अंतर्गत भी राज्य में व्यापक स्तर पर आइसोलेशन सुविधाओं का विकास हुआ है। इस योजना के तहत 25 जिला अस्पतालों में 20 बिस्तरों के और 170 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 10 बिस्तरों के आधुनिक आइसोलेशन वार्ड स्थापित किए गए हैं, जिनका निर्माण कोविड महामारी के दौरान मरीजों के पृथक उपचार के लिए किया गया था। वर्तमान में महामारी के अभाव में इन भवनों का नवाचारपूर्ण वैकल्पिक उपयोग किया जा रहा है। कहीं इन्हें चिकित्सा उपकरणों एवं दवाओं के सुरक्षित भंडारण के लिए स्टोर रूम के रूप में प्रयोग किया जा रहा है, तो कहीं इन्हें प्रशिक्षण केंद्र एवं बैठक कक्ष के रूप में उपयोग में लाया जा रहा है।आइसोलेशन भवनों ने स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यक्षमता को कई गुना बढ़ा दिया है। इनके बहुउद्देशीय उपयोग से स्वास्थ्य कर्मियों के कार्य संचालन में सुविधा मिली है और आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित तैयारियों की क्षमता भी सशक्त हुई है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों  ने बताया कि रतनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आइसोलेशन वार्ड का भवन तकनीकी कारणों से अभी तक हैंडओवर नहीं हो सका है। जल्द ही आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण कर इसे भी स्वास्थ्य सेवाओं में सम्मिलित किया जाएगा।

इन सभी आइसोलेशन वार्डों को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि आवश्यकता पड़ने पर अल्प सूचना में ही इन्हें सक्रिय किया जा सके। राज्य सरकार की यह पहल छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़, सक्षम और भविष्य के लिए पूरी तरह तैयार बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
और भी

हर्बल और आयुर्वेदिक उत्पादों का प्रमुख केंद्र बनेगा छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़, भारत में हर्बल और आयुर्वेदिक उत्पादों के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने जा रहा है। मध्य भारत की सबसे बड़ी और सबसे आधुनिक केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई भी दुर्ग जिले के जामगांव (एम) में स्थापना की गई है। यहां राज्य के वनों में उपलब्ध लघु वनोपजों का स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण किया जाएगा। इस इकाई में हर वर्ष लगभग 50 करोड़ रूपए के आयुर्वेदिक औषधीय उत्पादों का उत्पादन एवं प्रसंस्करण किया जाएगा। यह प्रसंस्करण केंद्र छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा निर्मित किया गया है। 


प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत के विजन के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा स्थानीय उद्यमियों को गुणवत्तायुक्त उत्पाद तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ के वनोत्पाद के प्रसंस्करण और वैल्यूएडिशन पर विशेष फोकस किया जा रहा है। राज्य की नई उद्योग नीति में भी वनोपज प्रसंस्करण इकाईयों को थ्रस्ट सेक्टर में शामिल किया गया है तथा इसके लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।

जामगांव में स्थापित की गई अत्याधुनिक केन्द्रीय प्रसंस्करण इकाई से फारेस्ट टू फार्मेसी मॉडल की शुरुआत हुई है। इस इकाई का मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हाल में ही लोकार्पण किया है। यह प्रसंस्करण इकाई लगभग 27.87 एकड़ में फैला हुआ है। यहां फार्मास्युटिकल ग्रेड उपकरणों द्वारा आधुनिक ढंग से आयुर्वेदिक एवं हर्बल औषधियों का उत्पादन होगा। इस इकाई में आयुर्वेदिक औषधियों के चूर्ण, सिरप, तेल, अवलेह एवं टैबलेट के रूप में उत्पादन, प्रसंस्करण तथा पैकेजिंग किया जायेगा। इस इकाई में मशीन स्थापना, संचालन तथा विपणन पीपीपी मोड पर किया जाएगा। आयुर्वेदिक औषधि इकाई में 36.47 करोड़ रूपए की लागत से क्वॉरेंटाइन बिल्डिंग, प्री-प्रॉसेसिंग बिल्डिंग, मटेरियल स्टोरेज बिल्डिंग, मेन प्लांट बिल्डिंग आदि बनाए गए हैं। 

हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट 6.04 एकड़ में बनाई गई है, इसकी लागत 23.24 करोड़ रुपए है। इसमें आधुनिक मशीनरी के माध्यम से विभिन्न औषधीयों, वनस्पतियों से अर्क निकाले जाएंगे। इस यूनिट में गिलोय, कालमेघ, बहेड़ा, सफेद मूसली, जंगली हल्दी, गुड़मार, अश्वगंधा, शतावरी आदि महत्वपूर्ण औषधीय, वनस्पतियों से अर्क निकालकर उन्हें आयुर्वेदिक औषधियों तथा अन्य वेलनेस उत्पादों के प्रसंस्करण व निर्माण में उपयोग किया जाएगा। 

केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई जामगांव में 2000 से अधिक स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। आदिवासी एवं वनवासी समुदायों के साथ ही महिलाओं को लघु वनोपजों के संग्रहण, प्राथमिक प्रसंस्करण कार्य में रोजगार और आय में वृद्धि के अवसर मिलेगा।
और भी

छत्तीसगढ़ में जीएसटी कलेक्शन में ऐतिहासिक बढ़त: 18% वृद्धि दर के साथ देश में अव्वल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय स्थित महानदी भवन में वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने विभाग के कार्यों एवं राजस्व संग्रहण की विस्तार से जानकारी प्राप्त की और कर संग्रहण बढ़ाने के उपायों पर कार्य करने के निर्देश दिए। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कर की राशि का उपयोग देश और प्रदेश के विकास कार्यों में होता है, इसलिए सभी को ईमानदारी पूर्वक कर अदा करना चाहिए। श्री साय ने कहा कि जो लोग कर (जीएसटी) की चोरी करते हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा उनसे कर की वसूली सुनिश्चित की जाए। बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य को जीएसटी एवं वैट से कुल 23,448 करोड़ रुपये का कर राजस्व प्राप्त हुआ, जो राज्य के कुल कर राजस्व का 38% है। छत्तीसगढ़ ने 18% की जीएसटी वृद्धि दर हासिल की है, जो देश में सर्वाधिक है।

बैठक में वित्त एवं वाणिज्यिक कर (जीएसटी) मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने विभागीय जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने जीएसटी संग्रहण हेतु विभाग द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की और कहा कि आगे भी नियमों के अनुरूप संग्रहण बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ कर अपवंचन के मामलों एवं उनसे निपटने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने फर्जी बिल, दोहरी बहीखाता प्रणाली और गलत टैक्स दरों का उपयोग कर अनुचित लाभ लेने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग की नवाचारी पहलों की प्रशंसा करते हुए कहा कि जीएसटी पंजीकरण की औसत समय सीमा को 13 दिन से घटाकर 2 दिन कर दिया गया है। 

बैठक में अधिकारियों ने जीएसटी विभाग द्वारा हाल ही में की गई बड़ी कार्रवाइयों एवं कर चोरी की राशि की वसूली की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि विभाग द्वारा की गई कार्रवाइयों से शासन के कर राजस्व में निरंतर वृद्धि हो रही है। 

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सभी 33 जिलों में जीएसटी कार्यालय स्थापित किए गए हैं, जिससे कर संग्रहण एवं जीएसटी से जुड़ी सेवाओं का कार्य पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ संपादित किया जा रहा है।

बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत तथा आयुक्त वाणिज्यिक कर श्री पुष्पेंद्र मीणा सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
और भी

सरकारी कर्मचारियों को शेयर व म्युचुअल फंड में निवेश की रहेगी अनुमति, इंट्राडे ट्रेडिंग पर रोक

सामान्य प्रशासन विभाग ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 में संशोधन अधिसूचित किया है, जिसके तहत भारत सरकार के प्रावधानों की तर्ज पर अब राज्य के शासकीय सेवकों को शेयर (Shares), प्रतिभूतियों (Securities), डिबेंचर्स (Debentures) और म्युचुअल फंड्स (Mutual Funds) में निवेश की अनुमति दी गई है। यह संशोधन नियम 19 में नया उप-खण्ड जोड़ते हुए लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।


हालांकि, अधिसूचना में यह स्पष्ट प्रावधान किया गया है कि इंट्रा-डे ट्रेडिंग, बीटीएसटी (BTST), फ्यूचर एंड ऑप्शंस (F&O) तथा क्रिप्टोकरेंसी जैसे  प्रकृति के निवेश गतिविधियों पर रोक लागू रहेगी।
और भी

भाजपा सरकार में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल, नहीं हो रहा है आयुष्मान कार्ड से इलाज- सुरेंद्र वर्मा

छत्तीसगढ़ में चरमराती स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि जन सरोकार से भाजपा सरकारों का कोई वास्ता नहीं है। भाजपा की सरकार आते ही आम जनता इलाज के लिए भटक रही है। महंगाई, बेरोजगारी और घटती आमदनी से जूझ रही जनता को निःशुल्क और रियायती दर पर इलाज से महरून करके बे-मौत मरने छोड़ दिया गया है। अस्पताल प्रशासन आयुष्मान भारत के लंबित भुगतान के लिए भटक रहे हैं, इसका नुकसान भी मरीज को ही उठाना पड़ रहा है क्योंकि ज्यादातर निजी अस्पताल बहाने करके कार्डधारियों का आयुष्मान कार्ड से इलाज से परहेज कर रहे हैं और मरीजों पर नगदी जमा करने दबाव बना रहे।


प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार में आयुष्मान कार्ड से मृत व्यक्तियों के फर्जी इलाज का भ्रष्टाचार और फर्जी मोबाइल नंबरों से लाखों की संख्या में आयुष्मान के पंजीयन का भ्रष्टाचार भी विगत दिनों सीएजी के रिपोर्ट में उजागर हुआ था। छत्तीसगढ़ में भी भाजपा के पूर्ववर्ती कार्यकाल के दौरान कमिशनखोरी और भ्रष्टाचार के चलते ब्लैक लिस्टेड कंपनियों से दवा खरीदी, गर्भाशय कांड, नसबंदी कांड, अंखफोडवा कांड डीकेएस घोटाला जैसे प्रकरण सर्वविदित है। पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य का इंफ्रास्ट्रक्चर 2018 की तुलना में ढाई गुना बेहतर किया। वेलनेस सेंटरों के बेहतर संचालन से लेकर मोहल्ला क्लीनिक, हाट बाजार क्लिनिक, हमर अस्पताल, हमर लैब, शहरी स्लम चिकित्सा सेवा संचालित की। खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के अतिरिक्त मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य योजना के तहत 25 लाख रुपए तक निःशुल्क चिकित्सा की व्यवस्था संचालित थी। जिला अस्पतालों को मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया। केवल स्वास्थ्य विभाग में ही 4,000 से अधिक पदों पर नियमित भर्तियां की। डॉक्टर, नर्स, तकनीशियन और सहायक कर्मचारी नियुक्त हुए। सभी 146 ब्लॉक अस्पतालों में भर्ती की सुविधा विकसित की। पूर्वागृह से ग्रसित वर्तमान विष्णु देव सरकार दुर्भावनापूर्वक भ्रष्टाचार के लिए अवसर की तलाश में पूर्व में संचालित स्वास्थ्य व्यवस्था को बाधित कर रही है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है आयुष्मान भारत के नाम पर केंद्र की मोदी सरकार ने केवल छल ही किया है। असलियत यह है कि केंद्र की मोदी सरकार ने 2018 में योजना लागू होने के बाद से प्रीमियम की समीक्षा ही नहीं की है, वर्तमान में प्रीमियम लगभग दुगुने से अधिक हो गया है जिसका पूरा बोझ राज्य सरकार उठाने सक्षम नहीं हैं, जिसका नुकसान मरीजों को उठाना पड़ रहा है। मोदी सरकार का दावा तो आयुष्मान योजना में 60 प्रतिशत राशि वहन करने का है, लेकिन असलियत में केंद्र का योगदान प्रीमियम का 25 प्रतिशत से भी कम है। 75 प्रतिशत प्रीमियम राशि का भार राज्य सरकारों को उठाना पड़ रहा है जिसके चलते योजना के क्रियान्वयन में समस्या आ रही है। भाजपाईयों के झूठ, जुमला, लफ्फाजी और वादाखिलाफी के चलते आम जनता इलाज से वंचित है और बे-मौत मरने मजबूर है।
और भी

7 जुलाई को राजधानी में कांग्रेस की “किसान, जवान, संविधान“ सभा- दीपक बैज, अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुये कहा कि 7 जुलाई को कांग्रेस के द्वारा ”किसान, जवान, संविधान“ सभा का आयोजन राजधानी के साईंस कालेज मैदान में किया गया है। इस सभा को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे, संगठन महामंत्री श्री वेणुगोपाल संबोधित करेंगे।

इस सभा का उद्देश्य छत्तीसगढ़ सहित देश भर में किसानों, जवानों की आवाज उठाना साथ ही केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा जिस प्रकार से संविधान और संवैधानिक संस्थानों की स्वायत्तता पर प्रहार किया जा रहा है, उसको जनता तक ले जाना है।
इस सभा में 25000 से अधिक लोग प्रदेश भर से शामिल होंगे।
 
भाजपा नहीं चाहती किसान धान पैदा करे ताकि 3100 रू. में खरीदना न पड़े
 
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि खरीफ की फसल में दलहन, तिलहन की फसल लेने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय किसानों से नया धोखा है। छत्तीसगढ़ के जलवायु के अनुसार धान की फसल लेना खरीफ में किसानों के लिये सबसे ज्यादा फायदे की खेती है। साय सरकार खरीफ के फसल के लिये बीज, खाद उपलब्ध नही करवा पा रही तो प्रोत्साहन योजना के तहत प्रलोभन दिया जार रहा ताकि किसान धान की  फसल नही ले और सरकार को 3100 में धान नही खरीदना पड़े। पूरे प्रदेश में किसान बुवाई की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं, लेकिन प्रदेश में खाद और बीज की समुचित व्यवस्था यह सरकार नहीं कर पाई है। प्रदेश के ज्यादातर सोसाइटी में किसानों को डीएपी की कमी से जूझना पड़ रहा है, ज्यादातर स्थानों पर बोनी और थरहा के लिए बीज भी किसानों को नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते किसान परेशान हैं। मुख्यमंत्री खाद की उपलब्धता की समीक्षा करते है लेकिन यह मीडिया तक ही सीमित है, आज भी 90 प्रतिशत सोसायटी में डीएपी नहीं मिल रही।

सरकार चिकित्सा छात्रों के लिये हास्टल बनाये
 
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बेहद ही दुर्भाग्यजनक है कि सरकार की लापरवाही का खामियाजा चिकित्सा छात्रों की भुगतना पड़ रहा है। हास्टल की कमी के कारण चिकित्सा छात्र परेशान है। उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। कांग्रेस की सरकार ने हास्टल बनाने के लिये 24 करोड़ की राशि स्वीकृत किया था, उसका टेंडर भी किया था, लेकिन भाजपा की सरकार बनने के बाद दो साल से काम रूका पड़ा है।  

सरकार की हठधार्मिता के कारण स्कूलो की पढ़ाई चौपट
 
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार की हठधार्मिता के कारण स्कूलो की पढाई चौपट हो गयी है। युक्तीयुक्तकरण के कारण सरकार ने बड़ी संख्या में शिक्षको का ट्रांसफर तो कर दिया है, लेकिन प्रदेश के हजारो स्कूल ऐसे है, जहां पर अभी तक शिक्षक नहीं पहुंच पाये। एक शिक्षक पांच कक्षाये ले रहे। 10463 स्कूल बंद होने के कारण अनेको स्थान पर बच्चो को अपने घर से तीन से पांच किलोमीटर पैदल चल कर स्कूल जना पड़ रहा।
 
और भी

शिक्षा व्यवस्था चौपट करने आमादा है सरकार, न किताबें न गणवेश, स्कूलों में शिक्षकों के न्यूनतम पदों की संख्या में कटौती

पहले नए सेटअप के नाम पर स्कूलों में शिक्षकों के पदों की न्यूनतम संख्या में कटौती की, अव्यवहारिक युक्तियुक्तकरण थोपा गया और अब तक छात्रो के लिये किताबों की व्यवस्था तक नहीं कर पाने को सरकार का शिक्षा विरोधी षडयंत्र करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है  कि भाजपा सरकार नहीं चाहती है कि सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा मिले, भाजपा सरकार नहीं चाहती कि छत्तीसगढ़ के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को निः शुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो इसी लिए यह सरकार सरकारी तौर पर शिक्षाव्यवस्था को ध्वस्त करने लगातार तुगलकी फरमान जारी कर रही है। स्कूल खुले 15 दिन से अधिक का समय हो चुका है लेकिन अब तक पाठ्य पुस्तक स्कैन करने का काम ही नहीं हो पाया है शिक्षक शिक्षिकाएं पठन-पाठन का काम छोड़कर स्कैन करने में पोर्टल में आ रही दिक्कतों से जूझ रहे हैं।


प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि  सरकार की दुर्भावना के चलते सैकड़ों सरकारी स्कूलों में तालाबंदी की नौबत आ गई है। प्रदेश में हर माह सैकड़ो की संख्या में शिक्षक सेवानिवृत हो रहे लेकिन पिछले डेढ़ साल में नियमित शिक्षक के एक भी पद पर नियुक्ति नहीं कर पाई है यह सरकार। बस्तर, सरगुजा संभाग के स्कूलों की स्थिति को सर्वविदित है अब तो क्षेत्रों में भी स्कूल बदहाल होने लगे। शिक्षकों की कमी और विषय व्याख्याता के पद रिक्त होने को लेकर राजधानी के आसपास के स्कूलों के पालक और छात्र आंदोलित हैं। मचान्दुर, टेमरी, खाती, बिलाड़ी, कोरासी धरसीवां, तिल्दा, बेमेतरा, साजा, रायपुर, बिलासपुर सहित लगभग पूरे प्रदेश में शिक्षकों की कमी है।
 
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है  नए सेटअप और युक्तिकरण के नाम पर यह सरकार शिक्षकों का भयादोहन कर रही है। जहां पहले से ही शिक्षक कम है वहां से भी शिक्षकों को जबरिया हटाया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और नैसर्गिक न्याय का अभाव है। न्यायालय के आदेश पर भी आंख मूंदकर बैठे हैं। सुनवाई के नाम पर प्रभावित शिक्षकों से कोरे कागज पर हस्ताक्षर लेकर मनमानी थोप रहे हैं। सत्ता के संरक्षण में शिक्षा विभाग के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के द्वारा अघोषित तौर पर तबादला उद्योग चलाया जा रहा है। नए शिक्षण सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन छात्रों तक न किताब पहुंचा है न गणवेश, सरकार का फोकस शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने में बिल्कुल भी नहीं है।
और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से केंद्रीय राज्यमंत्री श्री रामदास अठावले ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर राज्य शासन द्वारा सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों, वृद्धजनों तथा दिव्यांगजनों के लिए संचालित योजनाओं के संबंध में विस्तृत चर्चा की। उन्होंने केंद्र प्रवर्तित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति राज्य सरकार के प्रयासों की जानकारी दी।

केंद्रीय राज्यमंत्री श्री अठावले ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाए जा रहे सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार केंद्र की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार समन्वय के साथ समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित भाव से कार्य करती रहेंगी। इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप भी उपस्थित थे।
और भी

मुख्यमंत्री श्री साय ने वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 का किया शुभारंभ : इज ऑफ डूइंग बिजनेस में छत्तीसगढ़ बनेगा देश का अग्रणी राज्य

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग-2 के शुभारम्भ अवसर पर संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल कोर सेक्टर तक सीमित नहीं, बल्कि सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फार्मा, डिफेंस, एयरोस्पेस और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे अत्याधुनिक उद्योगों का राष्ट्रीय केंद्र बनने के लिए तैयार है। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति रोजगार और आर्थिक समृद्धि पर केंद्रित है। हम अपने राज्य को नक्सल प्रभावित अतीत से बाहर निकालकर देश का सबसे गतिशील औद्योगिक और तकनीकी हब बना रहे हैं। यह प्रदेश अब निवेश का सबसे आकर्षक गंतव्य बन चुका है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि एक दिन पूर्व ही आयोजित केबिनेट की बैठक में हमने छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया है। यह नीति छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति देश की कनेक्टिविटी का केंद्र बिंदु है। यह नीति लॉजिस्टिक सेक्टर और ई-कॉमर्स में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय निवेश को आकर्षित करेगी, निर्यात अधोसंरचना को मजबूत करेगी और सस्ती भंडारण सुविधाओं का विस्तार करेगी। लॉजिस्टिक नीति से राज्य में ड्राई पोर्ट, इनलैंड कंटेनर डिपो की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा, उद्योग, व्यापार और किसानों को आधुनिक, सस्ती भंडारण और वितरण सुविधा प्राप्त होगी, लॉजिस्टिक लागत में कमी के माध्यम से व्यापार और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जन विश्वास विधेयक से व्यवसाय और नागरिक जीवन में अनावश्यक जटिलताएं दूर होंगी। कुछ कानूनों के प्रावधानों का गैर-अपराधीकरण करने से व्यवसायियों को बेवजह न्यायालयीन प्रकरणों में फंसने से राहत मिलेगी और न्यायिक खर्च में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से व्यापार व जीवनयापन में सहजता सुनिश्चित की जाएगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार होगा।  मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार का प्रयास है कि निवेशकों, उद्योगपतियों और नागरिकों के लिए ऐसा परिवेश बने जिसमें न्यूनतम बाधाएं हों और विकास के हर क्षेत्र में अधिकतम संभावनाएं खुलें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्षों में 350 से अधिक संरचनात्मक सुधार लागू किए गए हैं, जिनसे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस में अभूतपूर्व सुधार हुआ। प्रदेश में निवेश का वातावरण इतना सशक्त हुआ कि सिर्फ छह महीनों में साढ़े पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो छत्तीसगढ़ के औद्योगिक इतिहास में रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु में आयोजित इंवेस्टर्स समिट से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने भारी उत्साह दिखाया। दिल्ली समिट में 15,184 करोड़ रूपए, मुंबई में 6,000 करोड़ रूपए और बेंगलुरु में ऊर्जा क्षेत्र में वृहद निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2025 में 1,63,749 करोड़ रूपए का निवेश आकर्षित किया, जो भारत के कुल निवेश का 3.71 प्रतिशत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि पॉलीमैटेक कंपनी को सेमीकंडक्टर निवेश के लिए मात्र तीन महीनों में ज़मीन आवंटित कर एनओसी जारी की गई और अब कंपनी ने 1,143 करोड़ रूपए के प्रोजेक्ट पर कार्य आरंभ कर दिया है, जहां प्रतिवर्ष 10 अरब चिप उत्पादन का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य नवा रायपुर को सिलिकॉन वैली ऑफ छत्तीसगढ़’ के रूप में स्थापित करना है। निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 विकसित किया गया है। यह प्रणाली ऑनलाइन आवेदन, विभागीय अनुमोदन और सब्सिडी वितरण को एकीकृत करती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी व्यवस्था इतनी पारदर्शी और तेज़ है कि उद्योग स्थापना की सभी स्वीकृतियां एक क्लिक में प्राप्त हो सकेंगी। 

कनेक्टिविटी और अधोसंरचना में क्रांतिकारी पहल

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि रावघाट से जगदलपुर तक 3,500 करोड़ रूपए की रेललाइन की मंजूरी मिल चुकी है। कोठागुडेम से किरंदुल तक रेललाइन पर सर्वे शुरू हो गया है और खरसिया-परमालकसा रेललाइन औद्योगिक केंद्रों को जोड़ेगी। जलमार्ग संबलपुर से नवा रायपुर तक आरंभ होगा। एयर कार्गाे सेवाएं भी सक्रिय हो चुकी हैं। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में एआई डाटा सेंटर पार्क देश का पहला पार्क है। फार्मा सेक्टर में फार्मा हब और मेडिसिटी का निर्माण हो रहा है। टेक्सटाइल और फार्मा में विशेष अनुदान उपलब्ध हैं। 

बस्तर और सरगुजा : विकास की नई गाथा

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी नक्सलवाद से प्रभावित बस्तर अब ‘विकसित बस्तर’ के सपने को साकार कर रहा है। 90,000 युवाओं को कौशल विकास और 40,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। वहां विशेष निवेश प्रोत्साहन भी दिए जा रहे हैं। बस्तर में अंतरराष्ट्रीय मान्यता के लिए बस्तर दशहरा का पंजीकरण कराया जा रहा है। तीरथगढ़ ग्लास ब्रिज और बस्तर टूरिज्म सर्किट विकसित किए जा रहे हैं। आदिवासी उद्यमियों के लिए रॉयल्टी रिइंबर्समेंट और सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।

युवाओं को अवसर, निवेशकों को विश्वास

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में अगले पांच वर्षों में 5 लाख से अधिक रोजगार सृजित करने का रोडमैप है। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल, फार्मा, एआई, डिफेंस, ऊर्जा और मेडिकल टूरिज्म - इन सभी क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ अगले दशक की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मैं सभी उद्यमियों से आग्रह करता हूं कि छत्तीसगढ़ में निवेश करें। यहां हर सुविधा और भरोसे के साथ विकास में सहभागी बनें। हम मिलकर विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका सुनिश्चित करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नक्सल समस्या के स्थायी समाधान के प्रति सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश में चल रहे व्यापक विकास और सुरक्षा अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक नक्सल समस्या का संपूर्ण उन्मूलन सुनिश्चित करना है, ताकि सभी प्रभावित क्षेत्रों में शांति, स्थिरता और विकास की नई शुरुआत हो सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 का शुभारंभ किया। इससे अनुमतियों में लगने वाला समय घटकर रिकॉर्ड समय में आएगा। यह इज ऑफ डूइंग बिजनेस में छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करेगा।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार उद्योगों के लिए सरल, पारदर्शी और तेज प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से निवेशकों को आवश्यक स्वीकृतियाँ अब न्यूनतम समय में प्राप्त होंगी, जिससे प्रदेश में निवेश का माहौल और मजबूत होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि नई औद्योगिक नीतियों और सहज अनुमतियों की व्यवस्था से छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में अपनी अलग पहचान बनाएगा। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने उपस्थित उद्यमियों से अपील की कि वे छत्तीसगढ़ में निवेश कर रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। नवीन औद्योगिक क्षेत्रों और पार्कों में भू खंड ऑनलाइन आबंटन हेतु  उपलब्ध कराए गए हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 11 प्रमुख कंपनियों से प्राप्त 1 लाख 23 हजार 73 करोड़ के निवेश प्रस्ताव के लिए उन्हें इनविटेशन टू इन्वेस्ट पत्र सौंपा, जिससे 20 हजार 627 लोगों को रोजगार मिल सकेगा। जिन निवेशकों को इनविटेशन टू इन्वेस्ट पत्र सौंपा गया उनमें मेसर्स सारडा हाइड्रोपावर रायपुर, मेसर्स आर्टिफिशियल इलेक्ट्रॉनिक्स इंटेलिजेंस मटेरियल्स लिमिटेड चेंगापट्टू तमिलनाडू, मेसर्स केजेएसएल कोल एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड कोरबा, मेसर्स जुपिटर इंटरनेशनल लिमिटेड कोलकाता, मेसर्स ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड नासिक महाराष्ट्र, मेसर्स करमवीर इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड मेरठ उत्तरप्रदेश, मेसर्स एसजी ग्रीन बिल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली, मेसर्स जिंदल स्टील छत्तीसगढ़ लिमिटेड रायगढ़, मेसर्स जिंदल पावर लिमिटेड (थर्मल पावर), मेसर्स जिंदल पावर लिमिटेड (सोलर पावर) और मेसर्स वीटेक प्लास्टिक प्राईवेट लिमिटेड शामिल हैं।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, सीएसआईडीसी के चेयरमैन श्री राजीव अग्रवाल, सीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक श्री विश्वेश कुमार, सीजी स्पंज आयरन मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनीष कुमार मंडल तथा लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश सिंघानिया सहित अनेक उद्योग प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया मंत्रालय के पंचम तल में नवीन सभागार का लोकार्पण

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन के सेक्रेटरी ब्लॉक के पंचम तल पर निर्मित नवीन सभागार का लोकार्पण किया। 13.90 करोड़ रुपये की कुल लागत से निर्मित यह भव्य सभागार सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त है। 6450 वर्गफुट क्षेत्र में बने इस कॉन्फ्रेंस हॉल की बैठक क्षमता 185 सीटों की है। सभागार आंतरिक विद्युतीकरण, अग्निशमन व्यवस्था, वातानुकूलन, ऑडियो-विजुअल प्रणाली, आंतरिक साज-सज्जा तथा फर्नीचर सहित सभी आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित है। 


इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा सहित मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश बंसल, श्री पी. दयानंद, डॉ. बसवराजू एस., श्री राहुल भगत, सचिव श्री रजत कुमार, श्री अंकित आनंद, श्री अविनाश चम्पावत तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए

 1 मंत्रिपरिषद ने किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। कृषक उन्नति योजना के प्रचलित निर्देशों को संशोधित करते हुए इसके दायरे को और विस्तृत कर दिया है। अब इस योजना का लाभ खरीफ 2025 में धान उत्पादक किसानों के साथ-साथ पंजीकृत धान फसल के स्थान पर अब दलहन, तिलहन, मक्का आदि की फसल लगाने वाले किसानों को भी मिलेगा। 


खरीफ 2024 में पंजीकृत कृषक जिन्होंने धान की फसल लगाई थी और समर्थन मूल्य पर धान बेचा था, उनके द्वारा खरीफ 2025 में धान फसल के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का आदि फसल की खेती की जाती है, तो उन्हें भी अब कृषक उन्नति योजना के तहत आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। 

2 मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ सरकार के अधिकारी-कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए भविष्य में सेवानिवृत्ति के समय पेंशन भुगतान संबंधी दायित्वों के बेहतर वित्तीय प्रबंधन हेतु छत्तीसगढ़ पेंशन फंड के गठन तथा इसके प्रबंधन एवं विनियमन संबंधी विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 

3 मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक विकास एवं राजकोषीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड के गठन तथा इसके प्रबंधन एवं विनियमन संबंधी विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे राज्य के राजस्व में असामान्य वृद्धि/कमी का समुचित प्रबंधन एवं आर्थिक मंदी के समय वित्तीय सुरक्षा प्राप्त होगी। 


4 मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में लॉजिस्टिक सेक्टर के समग्र विकास के लिए छत्तीसगढ राज्य लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इस पॉलिसी से छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित होगा तथा निर्यात अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी। 

राज्य की भौगोलिक स्थिति का लाभ लेते हुए लॉजिस्टिक सेक्टर तथा ई-कॉमर्स की राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कम्पनियों को लॉजिस्टिक हब की स्थापना के लिए निवेश के लिए आकर्षित किया जाएगा। राज्य की भंडारण क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे प्रदेश के उद्योगोें, व्यापारियों और किसानों को सस्ती भंडारण सुविधा मिलेगी। प्रदेश में लॉजिस्टिक में लगने वाले लागत कम होने से व्यापार, निवेश एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। 

इस नीति के माध्यम से ड्राई पोर्ट/इन्लैंण्ड कंटेनर डिपो की स्थापना को प्रोत्साहित करने से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों तथा स्थानीय उत्पादकों को निर्यात बाजारों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। राज्य के प्रचुर वन संसाधन, वनोपज एवं वनौषधि उत्पाद के निर्यात हेतु इको सिस्टम तैयार होगा। यह पॉलिसी राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी साथ ही राज्य को लॉजिस्टिक्स एवं निर्यात क्षेत्र में एक अग्रणी भूमिका में स्थापित करेगी।

5 मंत्रिपरिषद द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य के कुछ कानूनों के प्रावधानों का गैर-अपराधीकरण करने के लिए छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक-2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जन विश्वास विधेयक से व्यवसाय व जीवनयापन में सहजता बढ़ेगी। अनावश्यक न्यायालयीन प्रकरणों और उनमें होने वाले व्यय में कमी आएगी।  


6 मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के विभिन्न विभागों/निगम/मण्डल/कम्पनी/बोर्ड के पूर्व निर्मित एवं जर्जर भवनों तथा इनके स्वामित्व की अनुपयोगी शासकीय भूमि के व्यवस्थित विकास और सदुपयोग के लिए रिडेव्हलपमेंट योजना अंतर्गत 7 योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इसमें शांति नगर रायपुर, बीटीआई शंकर नगर रायपुर, कैलाश नगर राजनांदगांव, चांदनी चौक फेस-2 जगदलपुर, सिविल लाइन कांकेर, क्लब पारा महासमुंद, कटघोरा कोरबा शामिल हैं।

7 मंत्रिपरिषद द्वारा वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग के अंतर्गत उच्च श्रेणी पंजीयन लिपिक/रिकार्ड कीपर से तृतीय श्रेणी कार्यपालिक, उप पंजीयक के पद पर पदोन्नति के लिए विहित 05 वर्ष की न्यूनतम अर्हकारी सेवा को केवल एक बार के लिए न्यूनतम अर्हकारी सेवा 02 वर्ष निर्धारित करने का निर्णय लिया गया। 
और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से केन्द्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चन्द्र दुबे ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में केन्द्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चन्द्र दुबे ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान राज्य में कोयला खनन एवं उत्पादन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में राज्य में कोयला उत्पादन, खनन कार्यों की प्रगति, श्रमिकों से जुड़ी सुविधाओं एवं विकास कार्यों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में कोयला एवं ऊर्जा क्षेत्र में विकास की संभावनाओं को साकार करने में सहायता मिलेगी। श्री साय ने इस दौरान सीएसआर मद की राशि का उपयोग अधिक से अधिक जनकल्याणकारी कार्यों में करने के संबंध में विशेष रूप से चर्चा की।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, एसईसीएल के मुख्य महाप्रबंधक श्री हरीश दुहन सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
और भी

छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना के आंदोलन के बाद फेक्ट्री प्रबंधन ने 25 लाख रुपये का मुवावजा मृतक मजदूर के परिजनों को दिया

छत्तीसगढ़ के रायपुर में रावाँभाठा स्थित महामाया इंस्ट्रूमेंट प्राइवेट लिमिटेड फेक्ट्री में वेल्डिंग के दौरान हेमंत विश्वकर्मा की करेंट लगने से मृत्यु हो गई। फेक्ट्री में मजदूर की पार्थिव देह 24 घंटे तक लोहे के बड़े गर्डर में फसा रहा। मृतक हेमंत विश्वकर्मा की एक छोटी तीन साल की बेटी है पत्नी पहले ही चल बसी है। तीन साल की छोटी बच्ची के सर से माता पिता दोनों का साया छीन जाने के बाद भी कंपनी प्रबंधन केवल 5 लाख रुपये मुवावजा राशि दे रहा था । 


छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने मोर्चा सम्हाला और छत्तीसगढ़िया युवा क्रान्ति सेना के प्रदेश अध्यक्ष शिवेंद्र वर्मा के नेतृत्व में लगातार दो दिन चले आंदोलन के बाद 25 लाख रुपये मुवावजा दिलवाया । क्रान्ति सेना मृतक के मृत शरीर का अंतिम संस्कार मुवावजा मिलने तक नहीं करने देना चाहती थी। फेक्ट्री गेट के सामने सैकड़ों की संख्या में क्रान्ति सेना के सेनानी जबरदस्त आंदोलन कर रहे थे लेकिन भारी पुलिस बल ने लाठीचार्ज कर दिया। 

दूसरे दिन भी रायपुर शहर और रायपुर ग्रामीण के संगठन सेनानी की भीड़ इकट्ठा हो गई तब क्रान्ति सेना के बढ़ते आंदोलन को देखकर प्रशासन ने मुवावजा राशि बढ़ाकर  25 लाख रुपये करवाया। 
और भी

पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज तमनार क्षेत्र में पुलिस बर्बरता के शिकार हुए घायल आदिवासियों से मिले

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज रायगढ़ के तमनार पहुंच कर पुलिस बर्बरता के शिकार घायल आदिवासियों से मुलाकात किया। आदिवासी वर्ग और आम जनता यहां जंगलों की कटाई का विरोध कर रहे। सरकार उनको जबरिया गिरफ्तार कर रही।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा की सरकार अपने मित्र अडानी को फायदा पहुंचाने के लिए बंदूक की नोक पर जंगलों की कटाई करवा रही है और कटाई का विरोध कर रहे आदिवासियों को प्रताड़ित कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जब प्रदेश अध्यक्ष थे तब वह जंगलों की कटाई के विरोध में आंदोलन कर रहे थे और आज मुख्यमंत्री है तब जंगल की कटाई का विरोध कर रहे लोगों को पुलिस से पिटवा रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि ग्रामीण पेड़ कटाई का विरोध कर रहे, ग्राम सभा की मांग कर रहे, सरकार के इशारे पर हजारों पुलिस बल तैनात कर पेड़ कटाई करवाया जा रहा। विरोध कर रहे आदिवासियों का कहना है उनके ऊपर अत्याचार किया जा रहा। यह सरकार आदिवासियों के अधिकारों को दबा कर एक निजी उद्योगपति अडानी को कोल माइंस सौपना चाहती है। आदिवासी मुख्यमंत्री के राज में आदिवासियों का खून बहाया जा रहा। सरकार आदिवासियों की हत्या करना चाहती है। आदिवासियों को दबा कर कोयला उत्खनन करना चाह रही है। यह सरकार आदिवासी विरोधी है। सरकार मॉ के नाम पेड़ लगाओ का नारा देती और बाप के नाम हजारो पेड़ कटवा रही है। मुख्यमंत्री जवाब दे आदिवासियों का जल-जंगल-जमीन किसको सौंपना चाहते है। सरकार किसके इशारे में काम कर रही है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा की सरकार बनते ही हसदेव की जंगलों की कटाई की अनुमति दे दिया गया था अब तमनार में भी वही हो रहा। मुख्यमंत्री, अडानी के दबाव में काम कर रहे हैं और आदिवासी समाज के भावनाओं को कुचल रहे हैं। जंगल आदिवासियों के लिए पूजनीय है। भाजपा की सरकार जल, जंगल और जमीन पर कब्जा करने के लिए तानाशाही पर उतर आई है। बड़ी शर्म की बात है प्रदेश में आदिवासी वर्ग से मुख्यमंत्री होने के बावजूद सबसे ज्यादा अत्याचार आदिवासी वर्ग के ऊपर हो रहा है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है तत्काल तमनार के जंगल की कटाई रोकी जाये।

भाजपा संविधान बदलना चाह रही

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस बार-बार कहती है हमारे नेता राहुल गांधी अनेकों बार कह चुके है भारतीय जनता पार्टी संविधान बदलना चाहती है। संविधान को लेकर इनकी नीयत में खोट है। यह अब एक बार फिर से भाजपा और संघ के नेताओं के बयानों से साफ हो रहा, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह का बयान आया कि संविधान से ‘‘धर्म निरपेक्षता’’ ‘‘समाजवाद’’ शब्द हटा देना चाहिए। यह दोनों ही शब्द भारत के लोगों में समानता और समता का अधिकार देते है। संविधान की आत्मा है। भाजपा इसको हटाना चाहती है। इनकी नीयत में खोट है।

राशन कार्ड सत्यापन की तिथि बढ़ाई जाये

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पीडीएस के राशन कार्डों के सत्यापन केवायसी की अंतिम तिथि 30 जून को है अभी तक 30 लाख से अधिक राशन कार्डों का सत्यापन बचा है। सरकार इसकी समय सीमा बढ़ाये। हमारी सरकार ने 80 लाख से अधिक राशन कार्ड बनाया था। वर्तमान सरकार राशन कार्ड काटने का काम कर रही ताकि कम लोगों को राशन देना पड़े।

 

और भी