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मुख्यमंत्री बघेल ने अधिकारियों की ली समीक्षा बैठक, दिए यह निर्देश

 

रायपुर (छ.ग. दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल ने बीजापुर सर्किट हाउस में जिले के अधिकारियों के साथ समीक्षा की। बैठक के दौरान सीएम बघेल ने ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि हमारा फोकस लोगों की आय बढ़ाना, उन्हें उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाएं और बेहतर शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

 

उन्होंने कहा कि हमने पिछले तीन वर्षों में ‘विकास, विश्वास और सुरक्षा’ के मंत्र के साथ काम करने का लाभ उठाया है। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि क्षेत्र में नक्सलवाद पूरी तरह से समाप्त हो गया है, लेकिन राज्य में कई हिस्से नक्सल मुक्त हो गए हैं।

बैठक में प्रभारी मंत्री कवासी लखमा, सांसद दीपक बैज, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी भी उपस्थित रहे।

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सीआईएसएफ में सिपाही भर्ती:छत्तीसगढ़ के जाली दस्तावेज से यूपी के युवकों ने दी भर्ती परीक्षा, गैंग फंसा

दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण) उतई में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के रीजनल ट्रेनिंग सेंटर में चल रही आरक्षक भर्ती में फर्जी दस्तावेजों से किए गए बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए पुलिस ने छह युवकों को गिरफ्तार किया है। सिपाही भर्ती परीक्षा में धांधली करनेवाला यह गिरोह उत्तरप्रदेश का है। इस गिरोह ने सबसे पहले छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ के नाम-फर्जी पते से 4 आधार कार्ड बनवाए जिसमें फोटो यूपी के लड़कों की लगी है। इनके साथ मार्कशीट और मूल निवास प्रमाणपत्र वगैरह भी यहां के फर्जी बना लिए गए।

 

चारों युवकों ने इन्हीं फर्जी दस्तावेजों पर लिखित परीक्षा दे दी और क्वालिफाई कर लिया। उसके बाद फिजिकल के लिए उनकी जगह आगरा के चार और युवकों को लाया गया। बुधवार को फिजिकल परीक्षा से पहले बायोमीट्रिक जांच में चारों के फिंगरप्रिंट मैच नहीं हुए। नहीं मिले। बाद में फोटो और दस्तावेजों का परीक्षण हुआ, तब भी चारों अलग निकले।

इसके बाद पुलिस ने आगरा से आए युवकों चंद्रशेखर सिंह, श्यामवीर सिंह, महेंद्र सिंह और अजीत सिंह को पकड़ा। उनकी निशानदेही पर आगरा के ही मास्टरमाइंड हरिओम दत्त और मुरैना (एमपी) के दुर्गेश सिंह को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया सीआईएसएफ में वर्ष 2021 को 1149 जनरल ड्यूटी के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी हुआ।

इसके बाद अप्रैल से नवंबर 2021 में लिखित परीक्षा हुई। मई 2022 से फिजिकल चल रहा है। फिजिकल उतई केंद्र में ही लिया जा रहा है। जिन चार युवकों के आधार कार्ड और दस्तावेजों पर आगरा से चार युवक फिजिकल देने पहुंचे थे, उनके नाम सुनील पाल, रॉबिन सिंह, धर्मपाल और उदयभान सिंह हैं।

अभी इनके बारे में पुलिस को पता नहीं चला है कि ये भी असली हैं या फर्जी। क्योंकि जांच में यह बात भी आ रही है कि फर्जी नाम और दस्तावेजों से चारों परीक्षाएं दुर्गेश ने ही दी थीं, क्योंकि तारीखें अलग थीं। दूसरी बात यह आई है कि इन चार युवकों से एजेंटों ने सलेक्शन के नाम पर 7-7 लाख रुपए वसूले, फिर फर्जी कागजात बनाकर लिखित परीक्षा में बैठाया।

इसके बाद उन्हीं के दस्तावेजों पर फिजिकल देने के लिए चार लड़कों को लाया गया, जो पकड़े गए। फिलहाल सभी आरोपियों को चारसौबीसी और साजिश के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। डोंगरगढ़ के जो नाम-पते दस्तावेजों में दर्ज हैं, उनकी तथा लिखित परीक्षा देने वाले उत्तरप्रदेश के युवकों की तलाश की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि सारे दस्तावेज फर्जी निकले हैं। दोनों मास्टरमाइंड के साथ चारों युवक किराए की कार से फिजिकल परीक्षा देने भिलाई पहुंचे थे। उनसे 41 हजार रुपए कैश भी मिला है। पकड़े गए आरोपियों में सुनील पाल की जगह चंद्रशेखर, रॉबिन सिंह की जगह श्यामवीर, धरमपाल की जगह महेंद्र और उदयभान सिंह की जगह अजीत फिजिकल देने वाले थे।

यूपी, हरियाणा, एमपी के गिरोह भर्ती परीक्षा के फर्जीवाड़े में माहिर

अफसरों के मिली जानकारी के मुताबिक इस तरह के गिरोह यूपी, एमपी और हरियाणा में पकड़े जा चुके हैं। गिरोह रेलवे तथा एसएससी परीक्षा के फर्जीवाड़े में माहिर है। गिरोह ऐसे अभ्यार्थियों की तलाश करते हैं जो परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।

इनसे लिखित पास करवाने के लिए लाखों रुपए की डील होती है। दूसरा गिरोह फिजिकल परीक्षा के लिए हट्‌टे-कट्‌टे युवक तलाश करता है। तीसरा गिरोह फर्जी दस्तावेज तैयार करवाता है। शुरुआती जांच के बाद अफसरों का दावा है कि गिरफ्तार किए गए दुर्गेश ने ही फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। उसके मोबाइल से कई दस्तावेज बरामद हुए हैं। फिर उसने फिजिकल टेस्ट के लिए अपने गांव के ही 4 युवकों को तैयार किया था। चारों को एडवांस के तौर पर 10-10 हजार रुपए दिए गए। फिजिकल निकालने के बाद 1-1 लाख रुपए देने की डील हुई थी।

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आदिवासियों को जल, जंगल, जमीन का अधिकार दिलाने राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत : श्री भूपेश बघेल

सुकमा (छत्तीसगढ़ दर्पण) मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि हमारा निरंतर प्रयास है आदिवासियों को जल, जंगल, जमीन का अधिकार मिले, जिन्हें परेशानी है, उनसे चर्चा के लिए द्वार खुले हैं। जिन्हें भारतीय संविधान पर विश्वास नहीं, उनसे संवाद करना मुमकिन नहीं है। मुख्यमंत्री आज सुकमा में प्रेसवार्ता को सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि सुकमा में आज बहुत बदलाव आया है। आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण के स्तर में हुई है वृद्धि। आदिवासियों की आय में वृद्धि हो रही है, क्षेत्र में लघु वनोपज खरीद बढ़ी है। अंदरूनी क्षेत्रों में राशन दुकान खोले जा रहे हैं, बंद पड़े स्कूलों का पुनः संचालन हो रहा है। सुकमा, जहां से नक्सलवाद की शुरुआत हुई थी, आज वहां नक्सलवाद बहुत पीछे जा चुका है। ग्रामीण जो पहले सुरक्षा कैंप का विरोध करते थे, आज सुरक्षा कैंप की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों और सुरक्षा बलों के मध्य मैत्री संबंध स्थापित हुए हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक हितग्राहियों को वन अधिकार मान्यता पत्र मिल रहा है, जिसमें वे कृषि के साथ, पशुपालन, मछलीपालन, मुर्गीपालन आदि कार्य कर रहे हैं। गौठानांे में रोजगारमूलक गतिविधियों से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है, महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
मुख्यमंत्री ने सुकमा जिला प्रशासन द्वारा प्रारंभ की गई सुविधा शिविरों के आयोजन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस अनूठी पहल से अंदरूनी गांव के निवासियों को भी आधार, जाति, निवास प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड मिल रहे हैं। जिले में 31 हजार से अधिक बच्चों को घर पहुंचाकर जाति प्रमाण पत्र दिए गए हैं।

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कभी नक्सली कमांडर रहे मड़कम ने कहा: मुख्यमंत्री जी आपने सड़क, कैम्प और स्कूलों को सुधारकर बदल दी है नक्सल प्रभावित इलाके की तस्वीर

मेरे बच्चे पढ़ रहे इंग्लिश मीडियम स्कूल में और जी रहे अच्छी लाइफ स्टाइल
मड़कम मुदराज ने मुख्यमंत्री को सुनाई आपबीती........कहा आत्मग्लानि में किया सरेंडर...पहले एसपीओ बना और आज हूं इंस्पेक्टर
मड़कम के हाथों में हथियार अब भी, लोगों की जान लेने नहीं बल्कि बचाने के लिए
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इंस्पेक्टर मड़कम को अपने पास बुलाकर कंधे पर हाथ रखा और बजवायी ताली

 

रायपुर (छ.ग. दर्पण)। मुख्यमंत्री जी आपने सड़क, कैम्प और स्कूलों को सुधारकर नक्सल प्रभावित इलाके की तस्वीर बदल दी है। अब यहाँ लोगों में नक्सलियों का खौफ नहीं बल्कि आगे बढ़ने की चाहत है। यहां के लोग सरकार की योजनाओं का लाभ भी उठा रहे हैं।


कभी नक्सली संगठन में कमांडर रहे मड़कम मुदराज ने कोंटा में आयोजित भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आप बीती सुनाई और कहा कि मैं आपसे हाथ मिलाना चाहता हूं। इस पर मुख्यमंत्री ने बड़ी आत्मीयता से मड़कम के कंधे पर हाथ रखा और हाथ भी मिलाया। मुख्यमंत्री ने मड़कम के मुख्यधारा में लौटने पर सराहना की और उनके लिए ताली भी बजवायी।


मड़कम के हाथों में बंदूक पहले भी थी और आज भी है। फर्क सिर्फ इतना है कि पहले खौफ ग्रामीणों में था और आज नक्सली इनके नाम से कांपते हैं। मड़कम ने बताया कि वे राह भटककर नक्सली संगठन में शामिल हो गए थे। लेकिन अपने ही भाई बन्धुओं का खून बहाने से आत्मग्लानि के चलते नींद नहीं आती थी। फिर एक दिन आत्मसमर्पण करने की ठान ली। आत्मसमर्पण के बाद एसपीओ बने। इसके बाद सिपाही, एएसआई, एसआई और अब डीआरजी में इन्स्पेक्टर हैं।


पत्नी को भी दी थी नक्सली ट्रेनिंग- मड़कम बताते हैं कि कभी उनकी पत्नी भी उनके साथ संगठन में थीं। मैं ही उसे ट्रेनिंग देता था लेकिन हम दोनों ने तय किया कि अब खून-खराबे की जिंदगी नहीं जीना है। जिनके खिलाफ हमने बन्दूक उठाई है वे हमारे ही भाई-बहन हैं। मुख्यधारा में लौटकर अच्छा जीवन जीना है।


आज बच्चे जी रहे अच्छी लाईफ स्टाइल-
मड़कम कहते हैं कि आज वे उच्च पद पर पहुँच गए हैं। सैलरी भी अच्छी है। इस कारण बच्चों को अच्छे से पढ़ा पा रहे हैं। मेरे तीनों बच्चे इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ रहे हैं और अच्छी लाइफ स्टाइल जी रहे हैं। अगर आज नक्सली संगठन में होता तो इन सब चीजों की कल्पना भी नहीं कर सकता था।

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल भेंट-मुलाकात के दूसरा चरण के लिए बस्तर संभाग के दौरे पर रवाना

दूसरे चरण की शुरूआत कोंटा विधानसभा से होगी

मुख्यमंत्री 2 जून तक बस्तर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में आम जनता से करेंगे भेंट-मुलाकात

रायपुर (छ.ग. दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल भेंट-मुलाकात अभियान के दूसरा चरण के लिए आज बस्तर संभाग के दौरे पर रवाना हुए। श्री बघेल भेंट-मुलाकात के दूसरे चरण की शुरूआत आज कोंटा विधानसभा से करेंगे।  मुख्यमंत्री कोंटा और छिंदगढ़ में आम जनता से सीधे मुलाकात कर शासन की योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे। इसके बाद वे सुकमा पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री सुकमा में पुलिस लाईन स्थित आफिसर्स मेस का लोकार्पण, शहीद पार्क में गांधी जी की प्रतिमा का अनावरण एवं सी-मार्ट का उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री वहां शाम को विभिन्न प्रतिनिधिमंडल से भेंट-मुलाकात करने के बाद राजीव भवन का अवलोकन एवं जनप्रतिनिधियों से भेंट-मुलाकात करेंगे।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में भेंट-मुलाकात अभियान की शुरुआत इस महीने की 4 तारीख से की है। भेंट-मुलाकात अभियान के पहले चरण में मुख्यमंत्री श्री बघेल 4 से 11 मई तक सरगुजा अंचल के विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने तीन जिलों के विधानसभा क्षेत्र में जनता के बीच पहुंचकर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और जनता को मिल रहे लाभ के बारे में जानकारी ली । मुख्यमंत्री श्री बघेल ने संपर्क-संवाद-समाधान के ध्येय के साथ जहां आम जनता से सीधी बात की और उनकी समस्याओं को जानकर उनका त्वरित निराकरण भी किया। जनता की मांग पर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने विकास एवं निर्माण कार्यों की सौगातें भी दीं।

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हसदेव के अनिश्चितक़ालीन धरने को मिला छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज का साथ बनाई गई रणनीति

 उदयपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) जल, जंगल, जमीन, पर्यावरण और संकृति को बचाने परसा कोयला खनन परियोजना के खिलाफ सरगुजा के ग्राम हरिहरपुर में चल रहे अनिश्चितकालीन धरने का रविवार को 75वाँ दिन था।

इस आंदोलन के समर्थन में छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष परते ने कहा की हसदेव के समृद्ध जंगल को बचाने के लिए आदिवासी एक दशक से आन्दोलनरत है परन्तु केंद्र और राज्य सरकार दोनों की आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों को दरकिनार कर अदानी के लिए कोयले की लुट के लिए एक के बाद एक स्वीकृति दिए जा रहे है जिसका हम पुरजोर विरोध करते है और इस आंदोलन को समर्थन देने हम 20 मई को एक बड़ा प्रदर्शन करने जा रहे है।

प्रदेश के विभिन्न ज़िलों से हमारे कार्यकर्ता हरिहरपुर पहुचेंगे और रेल रोकेंगे। छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग से बिलासपुर ज़िलाध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित ज़िला महासचिव और प्रदेश सैयक्त सचिव भी उपस्थित थे।

झारखंड से नेतरहाट फ़ील्ड फ़ायरिंग रेज विरोधी केंद्रीय जनसंघर्ष समिति लातेहार (गुमला) से आए जेरोम कुजुर ने कहा कि शासन और प्रशासन अदानी के दबाव में काम कर रहा है यही वजह है की लगभग 300 पेड़ो को रातो रात काट दिया गया यह एक गंभीर मामला हैl

हसदेव के आदिवासी 2 मार्च से अपनी मांगो को लेकर अनिश्चित कालीन धरने पर बैठे है परन्तु राज्य सरकार ने  15 मई तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया। जिससे यह स्पष्ट होता है की यह सरकार आदिवासी विरोधी सरकार है l हमारा संगठन आपकी इस लड़ाई में में आपके साथ है।

गोंडवाना स्टूडेंट यूनीयन की ओर से प्रदेश अध्यक्ष राजेश पोया ने कहा कि यह दुःखद है की आपकी माँगो को सरकार ने सिरे से ख़ारिज कर परसा कोयला खदान को स्वीकृति जारी कर दी पर हम आदिवासी युवा आपकी लड़ाई में कंधे से कंधा मिला कर लड़ने के लिए तैयार है आगामी 20 मई को हम पूरी ताक़त के साथ इस धरने में शामिल हो कर इस आंदोलन को और व्यापक करेंगे। गोंडवाना स्टूडेंट यूनीयन के कोरिया, सूरजपुर, रामानुजनगर, उदयपुर ज़िले के ज़िलाध्यक्ष सहित समस्त कार्यकारिणी मौजूद रहे।

ग्रीन आर्मी रायपुर से अमिताभ दुबे जी ने कहा है जब हमने सुना की हसदेव में साढ़े चार लाख पेड़ काटे जाने है तो हमने हरिहरपुर जाने का फ़ैसला किया और आज आपके समर्थन में हमारी टीम से 50 पर्यावरण प्रेमी आपके बीच उपस्थित है कोयला खदान के लिए इस क्षेत्र को बर्बाद करने की सरकार की मंशा का हमारी पूरी टीम विरोध करती है और सरकार से माँग करती है की इस निर्णय को वापस लिया जाए आपके समर्थन में हम रायपुर में भी विरोध प्रदर्शन करने की योजना बना रहे है।

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह कमरो ने कहा कि आपके आंदोलन को समर्थन देने हमारी पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा 9 सदस्यीय समिति का गठन किया है।  छत्तीसगढ़  पेसा और वनाधिकर मान्यता क़ानून का लगातार उल्लंघन किया जा रहा है हमारी पार्टी केंद्र और राज्य सरकार की दोहरी नीति का विरोध करते है हम हसदेव में एक भी पेड़ नही कटने देंगे। ज़रूरत पड़ी तो हम विधायक का घेराव भी करेंगे।

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बिजली सुधरने पोल पर चढ़े युवक की गिरने से मौत

 लखनपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) ग्राम बिनकरा बराबर पारा में 16 मई की सुबह लगभग 10:30 बजे विद्युत पोल पर चढ़कर लाइट बनाने के दौरान युवक अनियंत्रित होकर जमीन पर गिरा गया। जिसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल लगाया गया। जहा डॉक्टर ने युवक को मृत्यु घोषित किया।

मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम बिनकरा बरपारा निवासी रामनोहर पिता दिलराज के दुकान का लाइट खराब हो जाने के कारण वह लाइट बनवाने के लिए गांव के ही युवक रामसिंह पावले पिता रामनरेश उम्र 45 वर्ष को बुलाकर लाया। राम सिंह पावले विद्युत पोल में चढ़कर लाइट बनाने के दौरान करंट के झटके से युवक अनियंत्रित होकर जमीन पर गिरा। जिससे उसके सर के पिछले हिस्से में गंभीर चोटें आई।

स्थानीय ग्रामीणों ने डायल 112 एंबुलेंस 108 को फोन किया सूचना दी। जिसके बाद घयल युवक को एंबुलेंस 108  के जरिये उपचार के लिए लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखनपुर के ड्यूटी डॉक्टर पी एस केरकेट्टा ने युवक को मृत घोषित किया। घटना की सूचना परिवारजनों ने लखनपुर थाने में दी। लखनपुर पुलिस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराकर शव को परिजनों को सुपुर्द किया पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच में जुटी है।

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कैरियर कॉउंसलिंग और समस्या का होगा समाधान

रायपुर (छ.ग. दर्पण) छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर द्वारा हाईस्कूल, हायर सेकेण्डरी परीक्षाओं के परीक्षा परिणाम घोषित होने के संदर्भ में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल ने हेल्पलाईन नंबर जारी कर दिया है। माध्यमिक शिक्षा मंडल से मिली जानकारी के अनुसार हेल्पलाईन में मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक और कैरियर कॉउंसलर द्वारा परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम के भय से होने वाले तनाव का प्रबंधन एवं आगामी कक्षा में विषयों के चयन के संबंध में परामर्श (कैरियर कॉउंसलिंग)  मनोचिकित्सक व मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. स्वाती शर्मा, श्री तरूण कुकरेजा, सुश्री एन. कुरियन, डॉ0 वर्षा वरवंडकर की उपस्थिति में समस्या समाधान व कैरियर कॉउंसलिंग किया जा रहा है। हेल्पलाईन का संचालन उप सचिव श्री जे.के. अग्रवाल के मार्गदर्शन में एवं हेल्पलाईन समन्वयक सहायक प्राध्यापक प्रदीप कुमार साहू के नेतृत्व में सहायक प्राध्यापक श्रीमती अलका दानी, श्रीमती प्रीति शुक्ला, श्री राजेन्द्र दुबे, श्रीमती अनिता सौंधी और डॉ. अर्चना वर्मा के सहयोग से किया जा रहा है। हेल्पलाईन में विद्यार्थी, शिक्षक व अभिभावक 13 मई से 23 मई तक प्रातः 10ः30 से सायं 5ः00 बजे तक हेल्पलाईन में मण्डल के टोल फ्री नम्बर 18002334363 पर अपनी समस्याओं का समाधान व कॉउंसलिंग कर सकते हैं। 14 मई को दसवीं व बारहवीं की रिजल्ट घोषित होते ही हेल्पलाईन में लगातार 356 लोगों की समस्या का समाधान सुगमता से किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य के साथ ही अन्य राज्यों मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और गुजरात से भी हेल्पलाईन नंबर पर परीक्षा परिणाम के भय से होने वाले तनाव का प्रबंधन के संबंध में परामर्श प्राप्त किया गया।

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कोविड-19 से मृत व्यक्तियों के आश्रितों को आर्थिक सहायता के लिए 11 करोड़ 93 लाख रूपए की राशि आबंटित

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में कोविड-19 से मृत व्यक्तियों के आश्रितों को आर्थिक अनुदान सहायता उपलब्ध कराने के लिए राज्य आपदा मोचन निधि से 11 करोड़ 93 लाख रूपए की राशि का आबंटन किया गया है। अनुदान सहायता राशि भुगतान आश्रितों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से करने के निर्देश कलेक्टरों को दिये गये है।  

राज्य आपदा निधि से कोविड 19 से मृत व्यक्तियों के आश्रितों को आर्थिक सहायता अनुदान प्रदान करने के लिए रायपुर जिले के लिए 5 करोड़ रूपए, बलौदाबाजार को 45 लाख रुपए, गरियाबंद को 8 लाख 50 हजार रूपए, धमतरी को 50 लाख रूपए, महासमुन्द को 70 लाख, बिलासपुर को 45 लाख रूपए, मुंगेली को 9 लाख, कोरबा को 50 लाख रूपए, जांजगीर-चांपा को 30 लाख रूपए, रायगढ़ को 36 लाख 50 हजार, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही को 5 लाख रूपए, कोण्डागांव को 11 लाख रूपए, कांकेर को 4 लाख 50 हजार दंतेवाड़ा को 10 लाख रूपए, सुकमा को 1 लाख 50 हजार, नारायणपुर को 1 लाख रूपए, बीजापुर को 3 लाख 50 हजार रूपए, सरगुजा को 25 लाख रूपए, सूरजपुर को 16 लाख रूपए, बलरामपुर को 5 लाख 50 हजार रूपए, कोरिया को 17 लाख रूपए, जशपुर को 6 लाख रूपए, दुर्ग एक करोड़ 50 लाख रूपए, राजनांदगांव को 1 में7 लाख रूपए, बालोद को 42 लाख 50 हजार रूपए, बेमेतरा को 13 लाख 50 हजार रूपए और कबीरधाम को 20 लाख रूपए आबंटित की गई है।

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हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित

 

मुख्यमंत्री श्री बघेल और स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. टेकाम ने सफल विद्यार्थियों को दी बधाई

हाई स्कूल में 74.23 प्रतिशत और हायर सेकेण्डरी 79.30 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण

हाई स्कूल में बालिकाओं का प्रतिशत 79.84 और बालकों का प्रतिशत 69.07

हायर सेकेण्डरी में बालिकाओं का प्रतिशत 81.15 और बालकों का प्रतिशत 77.03

शैक्षणेत्तर गतिविधियों में कुल 3 हजार 214 छात्रों को बोनस अंक

 

रायपुर (छ.ग. दर्पण) छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित हाई स्कूल सर्टिफिकेट मुख्य परीक्षा वर्ष 2022 का परिणाम आज स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम द्वारा घोषित किया गया। हाई स्कूल में 74.23 प्रतिशत और हायर सेकेण्डरी स्कूल में 79.30 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। हाई स्कूल में बालिकाओं का प्रतिशत 78.84 और बालकों का प्रतिशत 69.07 प्रतिशत है। इसी प्रकार हायर सेकेण्डरी परीक्षा में बालिकाओं का प्रतिशत 81.15 और बालकों का प्रतिशत 77.03 प्रतिशत है।


मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह टेकाम ने परीक्षा में सफल सभी परीक्षार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने परीक्षा में असफल हुए विद्यार्थियों से कहा है कि असफलता ही सफलता की सीढ़ी है इसको ध्यान में रखते हुए वे निराश न हों और पुनः मेहनत से पढ़ाई करके सफलता प्राप्त करें। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष डॉ. आलोक शुक्ला, सचिव प्रोफेसर व्ही.के.गोयल, मंडल के सदस्य एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  


हाई स्कूल की मुख्य परीक्षा में कुल 3 लाख 75 हजार 694 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए। इनमें से 3 लाख 63 हजार 301 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से एक लाख 71 हजार 539 बालक और एक लाख 91 हजार 762 बालिकाएं शामिल हुई। हाई स्कूल की परीक्षा में 3 लाख 63 हजार 007 परीक्षार्थियों के परिणाम घोषित किए गए। घोषित परीक्षा परिणाम में से 2 लाख 69 हजार 478 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। प्रथम श्रेणी में एक लाख 32 हजार 047 (36.38 प्रतिशत) उत्तीर्ण, द्वितीय श्रेणी मंे एक लाख 18 हजार 130(32.54 प्रतिशत) उत्तीर्ण और तृतीय श्रेणी में 19 हजार 270 (5.31 प्रतिशत) परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। 31 परीक्षार्थी पास श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं और 15 हजार 983 परीक्षार्थियों को पूरक की पात्रता है। विभिन्न कारणों से 294 परीक्षार्थियों के परिणाम रोके गए हैं, इनमें 115 परीक्षार्थियों के परिणाम नकल प्रकरण के कारण रोके गए हैं और 134 परीक्षार्थी का पात्रता के अभाव में परीक्षा आवेदन निरस्त किए गए हैं, 17 परीक्षार्थियों के  परीक्षा परिणाम जांच की श्रेणी में रोका गया है। इसके अतिरिक्त 28 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम बाद में घोषित किए जाएंगे।


स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.टेकाम ने बताया कि वर्ष 2020 की हाई स्कूल की मुख्य परीक्षा का परिणाम 73.62 था। इस प्रकार गतवर्ष से इस वर्ष के परीक्षा परिणाम में 0.61 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

हायर सेकेण्डरी मुख्य परीक्षा 2022 में 2 लाख 92 हजार 611 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए। इनमें से 2 लाख 87 हजार 673 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। इनमें से एक लाख 29 हजार 213 बालक और एक लाख 58 हजार 460 बालिकाएं सम्मिलित हुई। इनमें से 2 लाख 87 हजार 485 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित किए गए और 2 लाख 27 हजार 991 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। प्रथम श्रेणी में 85 हजार 124 (29.60 प्रतिशत), द्वितीय श्रेणी में एक लाख 31 हजार 549 (45.75 प्रतिशत) और तृतीय श्रेणी में 11 हजार 303 (3.93 प्रतिशत) परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। पास श्रेणी में 15 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए हैं और 34 हजार 199 परीक्षार्थियों को पूरक की पात्रता है। विभिन्न कारणों से 188 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम रोके गए हैं, इनमें नकल के कारण 07 के परिणाम रोके गए हैं। पात्रता के अभाव में 171 परीक्षार्थी के आवेदन निरस्त किए गए और 04 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम जांच की श्रेणी में रोका गया है। इसके अतिरिक्त 06  परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम बाद में घोषित किए जाएंगे।


स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ.टेकाम ने बताया कि कोरोना महामारी के मद्देनजर 2022 की मुख्य परीक्षा में समस्त मान्यता प्राप्त संस्थाओं को परीक्षा केन्द्र बनाया गया, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके। इस प्रकार प्रदेश में हाई स्कूल परीक्षा में 6 हजार 743, हायर सेकेण्डरी में 4 हजार 43 परीक्षा केन्द्र और 29 समन्वय केन्द्र बनाए गए थे। स्कूल शिक्षा विभाग के आदेशानुसार शैक्षणेत्तर गतिविधियों में हाई स्कूल परीक्षा में 1571 और हायर सेकेण्डरी में 1643 सहित कुल 3 हजार 214 विद्यार्थियों को बोनस अंक प्रदान किए गए हैं। माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा लिए गए निर्णय अनुसार प्रावीण्य सूची में शैक्षणेत्तर गतिविधियों के अंक नही जोड़े जाने का निर्णय लिया गया है। इस वर्ष बोनस अंक को छो़ड़कर अस्थाई प्रावीण्य सूची तैयार की गई है।

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर नामांतरण प्रक्रिया को बनाया गया सरल एवं समयबद्ध

 राज्य सरकार का आम जनता के हित में एक और महत्वपूर्ण कदम

छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता के प्रावधानों में किया गया संशोधन

आवेदन प्राप्त होने के 07 दिवस के भीतर पटवारी पोर्टल के माध्यम से प्रतिवेदन अग्रेषित करेंगे

हितग्राहियों को एसएमएस के माध्यम से प्रक्रिया की प्रगति की जानकारी भेजी जाएगी

तहसीलदार द्वारा पक्षकारों को सूचना जारी करने तथा दावा-आपत्ति आमंत्रित करने के लिए भी निर्धारित की गई समय-सीमा

अविवादित नामांतरण के प्रकरण का निर्धारित समयावधि में निराकरण नहीं होने पर संबंधितों के विरूद्ध  छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधान होंगे लागू

नामांतरण की प्रक्रिया ऑनलाइन: लोगों को नहीं लगाना पड़ेगा कार्यालय का चक्कर

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की पहल पर नामांतरण की प्रक्रिया को सरल एवं समयबद्ध बनाया गया है। इसके लिए छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता के प्रावधानों में संशोधन किए गए हैं। संशोधन के अनुसार अब नामांतरण का आवेदन प्राप्त होने के 07 दिवस के भीतर पटवारी जांच प्रतिवेदन संलग्न कर ई-नामांतरण पोर्टल के माध्यम से प्रतिवेदन अग्रेषित करेंगे। पटवारी द्वारा विलंब किए जाने पर प्रकरण स्वतः अग्रेषित हो जाएगा। हितग्राहियों को नामांतरण प्रक्रिया के दौरान एसएमएस से सूचना भेजी जाएगी। तहसीलदार द्वारा पक्षकारों को सूचना जारी करने तथा दावा आपत्ति आमंत्रित करने के लिए भी समय-सीमा निर्धारित कर दी गई है। इसी प्रकार अविवादित नामांतरण के प्रकरण का निर्धारित समयावधि में निराकरण नहीं होने पर संबंधितों के विरूद्ध छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे।

वर्तमान में किए गए संशोधन के अनुसार, नियमों में भूमि स्वामी को पंजीयन के समय ही नामांतरण के विषय में ग्राम पंचायत या तहसील कार्यालय का विकल्प दिया गया है। भूमि स्वामियों को एसएमएस के माध्यम से उनके मोबाइल फोन पर सूचना भी प्रदान किया जाएगा। पंजीयन के तत्काल बाद, इसकी सूचना तत्क्षण संबंधित हल्का पटवारी राजस्व निरीक्षक और तहसीलदार की ऑनलाइन आईडी में भेज दिया जाएगा। इस सूचना पर पटवारी के द्वारा सात दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन संलग्न कर इसे अग्रेषित किया जाएगा। पटवारी द्वारा विलंब किए जाने पर प्रकरण स्वतः अग्रेषित भी हो सकेगा। तहसीलदार द्वारा आम सूचना हेतु इश्तहार प्रकाशित किया जाएगा, जिससे 15 दिवस के भीतर दावा आपत्ति प्रस्तुत किए जा सकेंगे। तत्पश्चात आदेश पारित किया जाएगा, जिसके पालन में बी-वन, खसरा, नक्शा एवं किसान किताब को अद्यतन करके सत्यापित किया जाएगा। इसकी सूचना भी हितग्राही को एसएमएस के माध्यम से दी जाएगी। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत प्रावधानित समय सीमा से बाहर होने पर, उक्त प्रकरण की सूचना हितग्राही को और पीठासीन अधिकारी को एसएमएस के माध्यम से प्राप्त हो सकेगी। इस विषय में राज्य सरकार ने सभी संभाग आयुक्त एवं कलेक्टर को आवश्यक निर्देश भी प्रसारित किए हैं।

नामांतरण के प्रकरणों की प्रत्येक सप्ताह समीक्षा की जाएगी। राजस्व पखवाड़ा का आयोजन कर के हितग्राहियों को अद्यतन अभिलेख की प्रति प्रदान की जा सकेगी। गिरदावरी के समय राजस्व अभिलेख को ग्राम वार पढ़कर सुनाया भी जाएगा। नामांतरण की प्रक्रिया को सरल एवं समयबद्ध करने की दिशा में राज्य शासन द्वारा यह महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता के तहत भूमि स्वामियों को अपनी भूमि का खरीद बिक्री आदि के माध्यम से अंतरण करने का अधिकार है। संयुक्त परिवार के विभाजन के फल स्वरुप भी स्वामित्व में परिवर्तन होता है। भूमि स्वामी द्वारा भविष्य में होने वाले पारिवारिक विवाद के निराकरण हेतु भी अपने जीवन काल में ही बटवारा भी किया जाता है। भूमिस्वामी की मृत्यु होने पर भी अभिलेख में सुधार की जरूरत होती है। इन समस्त परिस्थितियों में भूमि से संबंधित राजस्व अभिलेखों को अद्यतन करना आवश्यक होता है। राज्य की इस जिम्मेदारी के प्रति राजस्व विभाग संवेदनशील है, यद्यपि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत राजस्व विभाग के कुछ सेवाओं को अधिसूचित किया गया है, किंतु इसके बावजूद भूमि स्वामियों के भूमि अंतरण संबंधित सेवाओं में समय सीमा के भीतर कई बार कार्यवाही नहीं होती है। इसे ध्यान में रखते हुए नामांतरण के नियमों में संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई।

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मनोज खरे ने संभाला डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक का पदभार

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के नए प्रबंध निदेशक मनोज खरे नियुक्त किये गए हैं। राज्य शासन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। शुक्रवार शाम उन्होंने प्रबंध निदेशक का कार्यभार ग्रहण किया।

ऊर्जा विभाग से जारी आदेश के अनुसार में उनकी नियुक्ति आगामी एक वर्ष तक या आगामी आदेश पर्यंत तक की गई है। मनोज खरे वर्तमान में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर होल्डिंग कंपनी में कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) के पद पर कार्यरत हैं। खरे ने राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शासन की रीति-नीति के अनुरूप सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन करने प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

मनोज खरे का नाम म. प्र. विद्युत मंडल के समय से अग्रणी और ज्ञानसंपन्न अभियंताओं में शुमार होता रहा है। मनोज खरे ने मध्यप्रदेश के शासकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय रीवा से बीई की डिग्री अर्जित की है। 1983 से मध्यप्रदेश विद्युत मंडल, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल तथा छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी में विभिन्न पदों पर सेवाएं देते आ रहे हैं। वे एलएलबी की उपाधि अर्जित कर चुके हैं।

देश के विद्युत क्षेत्र के बारे में गहरा ज्ञान रखने वाले मनोज खरे को छत्तीसगढ़ विद्युत कंपनियों के लोगों में टेंडर प्रक्रिया और पॉवर सेक्टर कानूनों का जानकार माना जाता है।

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आत्मनिर्भर भारत सम्मेलन में श्रम विभाग को जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए मिला पुरस्कार

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण) नई दिल्ली में आयोजित आत्मनिर्भर भारत सम्मेलन में श्रम विभाग को श्रमिकों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित करने के लिए आत्मनिर्भर भारत समिट में राजभवन के सचिव और श्रम विभाग के सचिव श्री अमृत कुमार खलखो को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। श्री खलखो ने आत्मनिर्भर भारत सम्मेलन में छत्तीसगढ़ में किए जा रहे जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर अपनी बात रखी। साथ ही भविष्य में छत्तीसगढ़ की योजनाओं को लेकर भी अपने अनुभव साझा किए। आत्म निर्भर भारत सम्मेलन का आयोजन नई दिल्ली में हुआ, जिसमें भारत सरकार के सचिव श्री यू.पी. सिंह, केंद्र सरकार एडिशनल सेक्रेटरी श्री संजय जाजू, ज्वाइंट सेक्रेटरी श्री बी. पुरूषार्थ, सी.ई.ओ. श्री डॉ. अभिषेक सिंह, एन.आई.सी. की डायरेक्टर जनरल श्रीमती नीता वर्मा, इलेट्स समूह के सी.ई.ओ. डॉ रवि गुप्ता समेत देशभर के कई राज्यों से वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे। 
श्री खलखो ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से श्रमिकों के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे है, जिसमें संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिक आवश्यक न्यूनतम दस्तावेजों के साथ पोर्टल में स्वयं को पंजीकृत कर सकते हैं। इनके लिए एकीकृत श्रम पंजीकरण प्रणाली लागू की गई है। पी.डी.एस. डाटाबेस का उपयोग करके श्रमिक पंजीकरण का कार्य किया गया। श्रम विभाग की अधिकांश सेवाएं लोक सेवा अधिनियम के अंतर्गत आती हैं और एक निर्धारित समय के भीतर प्रदान की जाती हैं। विभाग द्वारा प्रवासी श्रमिक पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। पहले इसे ऑफलाइन किया जा रहा था लेकिन अब  इसे ऑनलाईन भी किया गया है। 148 ब्लॉकों में श्रम संसाधन केंद्र खोले गए हैं। मातृत्व लाभ और सामाजिक योजनाओं और उसके लाभों के बारे में श्रमिकों के बीच जागरूकता लाई जा रही है। महिला प्रवासी कामगारों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने में मदद की जा रही है। बच्चों को उचित औपचारिक शिक्षा देने के लिए श्रम मित्र योजना और शैक्षणिक छात्रवृति योजना चालू की गई है। मजदूरों को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए हेल्पलाईन के माध्यम से सहायता दी जा रही है। इलेट्स समूह द्वारा आयोजन कमेटी की ओर से श्री मयंक ठाकुर ने श्रम विभाग के सचिव श्री अमृत खलखो से मुलाकात कर यह प्रशस्ति पत्र आज भेंट किया।

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