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कोसाफल उत्पादन कर स्व-सहायता समूह कमा रहा 70 से 75 हजार

 जहाँं चाह - वहाँ राह इस उक्ती को चरितार्थ कर दिखाया है जांजगीर चांपा जिले के ग्राम बुंदेला के स्व-सहायता समूह ने, इस समूह के सदस्यों को प्रतिवर्ष 70 से 75 हजार रूपए का मुनाफा होने लगा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना और रेशम विभाग से हुए 41 हजार अर्जुन के पौधरोपण से पर्यावरण हरा-भरा हो रहा है, तो वहीं दूसरी ओर इन पौधारोपण से स्व सहायता समूह आजीविका के साथ आय अर्जित कर वृद्धि करते हुए हुए समृद्धि की ओर बढ़ रहा है। यह समृद्धि जिला मुख्यालय जांजगीर चांपा से 40 किलोमीटर दूर पामगढ़ विकासखंड के गाँव बुंदेला में देखने को मिल रही है। यहाँ करीब चार साल पहले महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना और रेशम विभाग के अभिसरण के साथ से अर्जुन (कौहा) के पौधे रोपे गए थे। रोपण के बाद, पौधे बढ़े होने लगे तो इनमें कोसाफल उत्पादन का कार्य शुरु किया गया और कोसा कृमिपालन करते हुए स्व-सहायता समूह के सदस्यों को प्रतिवर्ष 70 से 75 हजार रूपए का मुनाफा होने लगा।


जांजगीर-चांपा के विकासखण्ड पामगढ़ के बुंदेला ग्राम पंचायत है। यहाँ लगभग 10 हेक्टेयर की शासकीय भूमि अनुपयोगी एवं खाली पड़ी थी। जिस पर अवैध रूप से कब्जा बना हुआ था, इस जमीन पर कब्जाधारियों से मुक्त कराकर ग्राम पंचायत के सहयोग से इस भूमि का उपयोग गाँव की महिलाओं की आजीविका की समृद्धि के लिए शुरू करने की योजना बनाई गई। रेशम विभाग द्वारा इस जमीन पर अर्जुन का पौधरोपण करने का प्लान तैयार किया गया। और वर्ष 2018 में रेशम विभाग और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (महात्मा गांधी नरेगा) से 4 साल की कार्ययोजना तैयार करते हुए 41 हजार पौधे रोपने का लक्ष्य रखा गया। इसके लिए मनरेगा से पौधरोपण व जल संरक्षण एवं संचय के रूप में  प्रशासकीय स्वीकृति 14.188 लाख रूपए दिए गए। पौधरोपण के कार्य में महात्मा गांधी नरेगा के माध्यम से जॉबकार्डधारी परिवारों ने काम करते हुए और रेशम विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन ने कार्य को बेहतर बनाया और चार साल की इस परियोजना की शुरूआत की गई। इसमें पहले साल 40 हजार पौधे रोपे गए जिसमें गाँव के मनरेगा श्रमिकों को 918 मानव दिवस का सीधा रोजगार मिला था और मजदूरी भी मिली। उपसंचालक रेशम मनीष पंवार ने बताया कि 2018 में अर्जुन के पौधों का रोपण वैज्ञानिक पद्धति से किया गया था। इसके लिए सभी पौधों को कतार से कतार में पौधे से पौधे में निर्धारित दूरी पर रोपा गया था, ताकि ये अच्छी तरह से बड़े हो सके। वर्तमान में इनकी लंबाई 6 से 7 फीट तक हो चुकी है। यहाँ कोसाफल का उत्पादन का कार्य गांव के ग्रामीणों ने कोसा कृमिपालन स्व-सहायता समूह बनाकर कार्य करना शुरू किया और रेशम विभाग द्वारा समूह को प्रशिक्षण भी दिया गया है और नियमित अंतराल पर तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है। चार साल में पौधरोपण और उनके संधारण का कार्य करते हुए मनरेगा के श्रमिकों को 3 हजार 429 मानव दिवस सृजित भी हुआ।



समूह के मनोज साहू का कहना हैं कि खेती-किसानी के साथ ही इस कार्य को करने से अतिरिक्त आमदनी हो रही है। गांव में युवाओं, महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है। इस कार्य में श्रीमती अन्नपूर्णा साहू, श्रीमती नम्रता साहू, सुरेन्द्र कुमार साहू, सोनसाय साहू, सतीश निर्मलकर कार्य करते हुए आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। इस वर्ष 25 हजार कोसाफल के उत्पादन संभावित है। जिसे स्थानीय एवं चांपा के कोसा कपड़ा व्यवसाय करने वालों को बेचकर मुनाफा अर्जित करंेगे। इसके पूर्व के वर्ष में भी समूह को 70 से 75 हजार रूपए की आमदानी हो रही है।

 

 

 
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सीएम साय की बड़ी घोषणा : ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेताओं को मिलेंगे 3 करोड़

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को राज्य खेल अलंकरण समारोह में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि ओलंपिक खेलों में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों द्वारा जीते गए पदकों के लिए बड़ी राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की जाएगी। स्वर्ण पदक विजेताओं को 3 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेताओं को 2 करोड़ रुपये, और कांस्य पदक विजेताओं को 1 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।

खेल अलंकरण समारोह: खिलाड़ियों के सम्मान की परंपरा
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच सालों में राज्य में खेल अलंकरण समारोह आयोजित नहीं हो सका था। खिलाड़ियों की इस पीड़ा को समझते हुए वर्तमान सरकार ने इस समारोह को पुनः आयोजित करने का निर्णय लिया। इस वर्ष दो बार खेल अलंकरण समारोह आयोजित किए गए हैं। पहला समारोह 14 अगस्त को हुआ, जिसमें 2019-20 और 2020-21 के 133 खिलाड़ियों को 1 करोड़ 41 लाख रुपये की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया।

राष्ट्रीय खेल दिवस पर विशेष सम्मान
आज राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर 2021-22 और 2022-23 के खिलाड़ियों को राज्य खेल अलंकरण से सम्मानित किया गया। साथ ही राष्ट्रीय चैम्पियनशिप के विजेताओं को भी इस समारोह में सम्मानित किया गया। कुल 1 करोड़ 36 लाख रुपये की पुरस्कार राशि खिलाड़ियों को प्रदान की गई।

छत्तीसगढ़ में खेलों का भविष्य
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा, "हम अच्छी अधोसंरचना और प्रशिक्षण के माध्यम से खेल प्रतिभाओं को निखारेंगे ताकि हमारे खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी बेहतरीन प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करें।"

लक्ष्मी बाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान और क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना


मुख्यमंत्री ने रायपुर में लक्ष्मी बाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान का ऑफ सेंटर शुरू करने की भी घोषणा की, जिसे प्रदेश के खेल क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। साथ ही, राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ ‘‘क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना‘‘ शुरू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के अंतर्गत खेल मैदानों का उन्नयन, खिलाड़ियों के लिए उच्च स्तरीय खेल उपकरणों की व्यवस्था, खेल प्रतिभाओं की खोज, खेल क्लबों को आर्थिक सहायता, और पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।



इस समारोह और सरकार की नई योजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ के खेल क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ने की उम्मीद है, जिससे राज्य के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर और भी चमक बिखेर सकें।

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मुठभेड़ में 3 महिला नक्सली ढेर, हथियार बरामद...

  नारायणपुर-कांकेर सीमा पर गुरुवार को पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में तीन महिला माओवादी मारी गई है। वर्दीधारी तीनों महिला माओवादियों का शव सुरक्षाबलों ने बरामद किया है। इसके साथ ही मौके से भारी मात्रा में हथियार सहित नक्सली सामग्री भी बरामद की है।

नारायणपुर-कांकेर सीमा पर मांड के क्षेत्र में माओवादियों की उपस्थिति की सूचना प्राप्त होने पर सर्चिंग अभियान पर संयुक्त पुलिस पार्टी गई थी। इस दौरान घात लगाए नक्सलियों ने सुरक्षा बल के जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान सुरक्षा बलों के द्वारा भी जवाबी कार्रवाई की गई।

आज सुबह 8 बजे से लगातार पुलिस पार्टी और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी थी। लगातार रुक-रुक कर फायरिंग चल रही थी। जवानों को भारी पड़ता देख नक्सली पीछे हट गए।



इसके बाद मौके पर सर्च अभियान चलाने पर तीन वर्दी धारी और हथियारबंद महिला नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं। इसके अलावा मौके से भारी मात्रा में हथियार सहित नक्सली सामग्री भी बरामद किया गया है। पुलिस द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार डीआरजी,एसटीएफ और बीएसएफ की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी गश्त सर्च पर निकली थी। ऑपरेशन में सभी जवान सुरक्षित है।

 
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PHQ पहुंचे कांग्रेसी नेता, डीजीपी को सौंपा ज्ञापन...

 पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के काफिले को रोकने के मामले में कांग्रेसी नेता गुरुवार को पुलिस मुख्यालय पहुंचे और डीजीपी अशोक जुनेजा से मुलाकत कर ज्ञापन सौंपा। रायपुर शहर कांग्रेस की तरफ से सौपें गए ज्ञापन में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के काफिले को रोकने वालों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की गई है।

कांग्रेस की तरफ से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि 24.08.2024 को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दुर्ग में आयोजित भाजपा सरकार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन में शामिल होने अपने निवास स्थान से निकले रास्ते मे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के काफिलो को बजरंग दल के कुछ लोगो ने बिना कारण रोक लिया एवं उनकी सुरक्षा में लगे सुरक्षा कर्मियो से धक्का मुक्की की। इतना ही नहीं बजरंग दल के लोगो ने काफिले के सामने नारेबाजी करते हुए गाली गलौज एवं अशोभनीय शब्दो का प्रयोग किया।

तत्पश्चात 27.08.2024 को कांग्रेस कार्यकर्ताओ द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने सिरसा थाने पहुंचे। जहां पुलिस प्रशासन द्वारा शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओ के ऊपर जमकर लाठियां चलायी, जिसके कारण हमारे दर्जनो कार्यकर्ताओ को गंभीर चोटे आई। 24.08.2024 को दुर्ग में प्रदर्शन में जा रहे पूर्व मुख्यमंत्री के काफिलो को रोकने व उनके खिलाफ प्रदर्शन करने कि बजरंग दल ने क्या कोई परमिशन ली थी? पूर्व मुख्यमंत्री के काफिले को इस प्रकार रोकना अलोकतांत्रिक है। पूर्व मुख्यमंत्री को पुलिस प्रशासन द्वारा ही जेड प्लस सुरक्षा प्रदान की गई है, लेकिन इस सुरक्षा मे चुक पुलिस प्रशासन की नकामी को दर्शाता है। 27.082024 को इस विषय को लेकर थाने का घेराव किया गया लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओ के ऊपर लाठियां चलाना घोर निंदनीय है। हम आपसे यह मांग करते है कि 24 एवं 27 अगस्त को हुई इस घटना का उच्च स्तरीय जांच हो एवं दोषियों के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जायें।

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महापौर समेत 150 लोगों के खिलाफ FIR, ये है मामला...

 भिलाई पुलिस ने खाना खिलाओ मामले में चरौदा के महापौर समेत 150 के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। थाना घेराव के दौरान पुलिसकर्मियों और आंदोलनकारियो में जमकर हुज्जत हुई थी। अब पुरानी भिलाई थाने में महापौर निर्मल कोसरे समेत अन्य के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है।


पिछले दिनों कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के खिलाफ धरना प्रदर्शन और जेल भरो आंदोलन कांग्रेस के द्वारा चलाए जा रहा था आंदोलन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुरानी भिलाई थाने का घेराव किया था घिराव के दौरान पुलिसकर्मियों और आंदोलनकारियो के मध्य जमकर झूमा झटकी हुई थी। जिसमें थाना प्रभारी समेत तीन जवानों को चोटें आई थी। जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने कांग्रेसियों पर जमकर लाठियां भांजी थी। जिसके खिलाफ कांग्रेस नेताओं ने भी बयान दिया था।

अब पुलिस ने पुरानी भिलाई थाने में महापौर निर्मल कोसरे समेत डेढ़ सौ लोगों के खिलाफ गैर जमानती धाराओं में अपराध दर्ज किया है। एफआईआर में फिलहाल चरौदा महापौर निर्मल कोसरे, मनोज मढरिया, सुजीत बघेल के अलावा एक अन्य को नामजद किया गया है।



दर्ज एफआईआर में बताया गया है कि आंदोलनकारियो की भीड़ उग्र होकर थाने की ओर बढ़ी,इस दौरान रोकने का प्रयास करने पर झंडे में लगे डंडे से पुलिस के जवानों पर हमला कर दिया गया। जिससे तीन पुलिस जवानों को चोंटे आई है। इसके अलावा पुलिस बल की सामग्री को भी नुकसान हुआ है। अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को नामजद करने की तैयारी में है।

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छत्तीसगढ़ के 24 डीएसपी को मिली पोस्टिंग....देखें लिस्ट

छत्तीसगढ़ शासन ने प्रोबेशन पीरिएड पूरा करने वाले 24 उप पुलिस अधीक्षकों की पहली पोस्टिंग कर दी है। मंगलवार शाम को गृह विभाग ने इसका आदेश जारी किया है।

देखें लिस्ट –

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ग्रामीणों को रोजगार के साथ मिली सिंचाई की सुविधा

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कि संवेदनशीलता से जिले के दुरस्तम क्षेत्रों का भी विकास तेजी से हो रहा है। इसके लिए कार्ययोजना बनाकर दु्रतगति से कार्य किया जा रहा है। जिसका प्रत्यक्ष लाभ आम लोगों को मिलने लगा है। शिक्षा, अधोसंरचना निर्माण और जन स्वास्थ्य सुविधा सहित सभी विभागों के कार्यो में तेजी आई है। इसी परिप्रेक्ष्य में रोजगार सृजन के साथ कृषि क्षेत्र में इसका लाभ मिले इसके लिए मनरेगा के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब, सड़क निर्माण सहित अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। प्राचीन काल से अब तक जहां भी आबादी बसती गई, वहां परंपरागत ढंग से जल स्रोत के साधनों के रूप में तालाबों का निर्माण किया जाता रहा है जोकि पेयजल, सिंचाई और निस्तारी का प्रमुख साधन रहा है। आधुनिक दौर में जल स्रोतों के उन्नत रूप में बोरिंग और नलकूप जैसी सुविधाओं के चलते पारंपरिक जलस्रोत उपेक्षा का शिकार हो गए। इससे आज भी गांवों में तालाबों की सुरक्षा के प्रति ग्रामीण सजग है। ऐसा ही एक कार्य जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के ग्राम पंचायत सामरबार में देखने को मिलता है। जनजाति बाहुल्य इस ग्राम में महात्मा गांधी मनरेगा योजना के तहत नवीन तालाब निर्माण कराया गया है। इससे एक और जहां ग्रामीणों को रोजगार मिला वहीं दूसरी और आदिवासी परिवारों को खेती कार्य के लिए सिंचाई का साधन मिल गया है।

जशपुर जिला मुख्यालय से लगभग 105 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत सामरबार अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्र है। पूर्व में बिरनी पोखर आदिवासी परिवारों के निस्तारी का प्रमुख साधन था। इसके अलावा यह तालाब पशुओं के पेयजल का स्त्रोत भी है। महात्मा गांधी मनरेगा योजना से नवीन तालाब निर्माण होने से बरसात के पानी से तालाब पूरी तरह भर गया है। इससे निस्तारी और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी के साथ-साथ स्थायी स्रोत भी मिल गया है। साथ ही इससे भू-जल स्तर भी सुधर रहा है। तालाब के पानी का उपयोग कर कंदरु राम पिता कलुवा राम और सिंगरु राम पिता बिरना राम धान, मक्का टमाटर और अन्य सब्जियों की खेती कर आर्थिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

 
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मंकी पॉक्स (एम-पॉक्स) के बचाव व रोकथाम के लिए एडवायजरी जारी

कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मनोज दानी के मार्गदर्शन स्वास्थ्य अधिकारी सीबीएस बंजारे ने मंकी पॉक्स (एमपॉक्स) नामक बीमारी के बारे में अवगत कराते हुए बताया कि स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा 20 अगस्त 2024 को मंकी पॉक्स (एमपॉक्स) नामक बीमारी के बचाव व रोकथाम हेतु एडवायजरी जारी की गई है। मंकी पॉक्स (एम पॉक्स) को विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा 14 अगस्त 2024 को पब्लिक हेल्थ एमरजेन्सी ऑफ इंटरनेशनल कान्स (पीएचईआईसी) को घोषित किया गया है। विभिन्न देशों में संक्रमण के प्रसार को दृष्टिगत रखते हुए भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा सर्वेलेंस, जांच एवमं उपचार हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं, जिसके अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में भी मंकी-पॉक्स प्रकरणों की सर्वेलेंस, त्वरित पहचान, जांच एवं उपचार हेतु दिशा-निर्देश जारी किये जा रहे है।

मंकी-पॉक्स क्या हैः

मंकी-पॉक्स एक जूनोटिक बीमारी है जो मुख्य रुप से मध्य और पश्चिम अफ्रीका के क्षेत्रों में होता है, परन्तु वर्तमान परिदृश्य में कुछ अन्य देशों में प्रकरण प्राप्त हो रहे है तथा भारत के केरल राज्य में मार्च 2024 में प्रकरण प्राप्त हुए है।  

मंकी-पॉक्स से संक्रमित व्यक्ति को सामान्यतः बुखार, चकत्ते एवं लिम्फ नोड्स में सूजन पायी जाती है। मंकी-पॉक्स एक स्व-सीमित (सेल्फ-लिमिटेड) संक्रमण है, जिसके लक्षण सामान्यतः 2-4 सप्ताह में समाप्त हो जाते हैं। मंकी-पॉक्स संक्रमण के गंभीर प्रकरण सामान्यतः बच्चों में पाए जाते हैं। जटिलताओं एवं गंभीर प्रकरणों में मृत्यु दर 1-10ः प्रतिशत है। मंकी-पॉक्स संक्रमण होने एवं लक्षण उत्पन्न होने का इनक्यूबेशन पिरियेड सामान्यतः 6-13 का होता है, परन्तु यह 5 से 25 दिवस तक हो सकता है। मंकी-पॉक्स का संक्रमण त्वचा में चकत्ते आने के 1-2 दिवस पूर्व से लेकर सभी चकत्तों से पपड़ी के गिरने/समाप्त होने तक मरीज के संपर्क में आने वाले व्यक्तियों में फैल सकता है। मंकी-पॉक्स वायरस का संक्रमण पशु से मनुष्य में एवं मनुष्य से मनुष्य में फैल सकता है। मनुष्य से मनुष्य में संक्रमण मुख्य रूप से लार्ज रेस्पिरेटरी सिस्टम के माध्यम से लम्बे समय तक संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में रहने से होता है। वायरस का संक्रमण शरीर के तरल पदार्थ घाव के सीधे संपर्क में आने से अथवा अप्रत्यक्ष संपर्क जैसे दूषित कपड़ों, लिनेन इत्यादि के उपयोग से फैल सकता है। पशुओं से मनुष्यों में संक्रमण का प्रसार गांव के सीधी संपर्क में आने से हो सकता है। मंकी पॉक्स संभावित प्रकरणों के सर्वेलेंस हेतु दिशा निर्देश जारी किए गए है। जिसके अनुसार मंकी पॉक्स के संभावित प्रकरणों का सर्विलांस कर त्वरित पहचान जांच एवं उपचार किए जाने हेतु प्रकरण को आइसोलेट कर संक्रमण का प्रसार रोका जाना, मरीज को उपचार दिया जाना, मरीज के संपर्क व्यक्तियों की पहचान किया जाना, स्वास्थ्य कार्यकर्ता को संक्रमण से बचाव हेतु आगाह किया जाना एवं संक्रमण के नियंत्रण एवं प्रसार को रोकने हेतु प्रभावी गतिविधियां किया जाना आवश्यक है।

मंकी-पॉक्स सर्वेलेंस हेतु इस दिशा-निर्देश में दिए मानक-परिभाषाओं का उपयोग किया जाना, प्रत्येक संभावित प्रकरण की सूचना जिला सर्वेलेंस इकाई/राज्य सर्वेलेंस इकाई में अनिवार्य रूप से दिया जाना आवश्यक होगा। इसके एक भी पुष्टिकृत प्रकरण को माना जावे एवं जिला स्तरीय रैपिड रिसपॉस टीम द्वारा तत्काल विस्तृत आउटब्रेक इनवेसटिकेशन कर प्रतिवेदन राज्य कार्यालय को प्रेषित किया जाएगा। मंकी-पॉक्स के संभावित प्रकरणों की जांच हेतु निर्धारित प्रक्रिया अनुसार सैंपल संग्रहण कर जांच हेतु चिन्हांकित लेबोरेटरी में भेजा जाएगा। मंकी-पॉक्स के प्रत्येक पॉजिटिव मरीज के सभी संपर्क व्यक्ति की पहचान करने हेतु जिला सर्वेलेंस अधिकारी के अधीन कांटेक्ट ट्रेसिंग दल का गठन किया जाएगा। संपर्क व्यक्ति को मंकी-पॉक्स मरीज के संपर्क में आने के 21 दिवस तक बुखार या त्वचा में चकत्ते हेतु दैनिक मोनिटरिंग किया जाएगा। संपर्क व्यक्तियों को 21 दिवस तक ब्लड, ऑर्गन, टिसू, सीमन इत्यादि डोनेशन करने से रोका जाए एवं ऐसे चिकित्सा कर्मी जो बिना प्रतिरक्षा उपकरण के मंकी-पॉक्स मरीज या उसके द्वारा उपयोग किये हुए वस्तुओं के संपर्क में आया हो उसे 21 दिन तक मॉनिटर किया जाए व लक्षण-रहित चिकित्सा कर्मी को चिकित्सा कार्य से ना रोका जाये, ऐसे निर्देश दिए गए है।

कलेक्टर सुश्री चौधरी ने बीमारी का सज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को जिले के सभी विकासखण्डों एवं विशेष रूप से ग्राम पंचायतों में शिविर लगाकर नागरिकों के एम-पॉक्स बीमारी, इसके संक्रमण व बचाव हेतु उपायों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी एडवायसरी में दिए गए सभी आवश्यक दिशा-निर्देशों का गंभीरतापूर्वक पालन किया जाना सुनिश्चित करने कहा। इस दौरान बैठक में नगर निगम भिलाई के आयुक्त देवेश ध्रुव, जिला पंचायत के सीईओ अश्वनी देवांगन, एसडीएम दुर्ग मुकेश रावटे, सहायक कलेक्टर एम. भार्गव, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त लोकेश चन्द्राकर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण सहित समस्त संबंधित विभागों के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में नगर निगम भिलाई के आयुक्त देवेश ध्रुव, सहायक कलेक्टर एम. भार्गव, जिला पंचायत के सीईओ अश्वनी देवांगन, एसडीएम दुर्ग हरवंश सिंह मिरी, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त लोकेश चन्द्राकर, संयुक्त कलेक्टर मुकेश रावटे, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण सहित समस्त संबंधित विभागों के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

 

 

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जनसमस्या निवारण शिविर में प्राप्त आवेदनों का शत-प्रतिशत निराकरण करें : कलेक्टर

 कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज विभागवार समय-सीमा प्रकरणों की निराकरण के संबंध में जानकारी ली। विभागीय अधिकारियों की बैठक में लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने विद्युत, पेयजल, साफ-सफाई, नाली सफाई, राशनकार्ड, आवास आदि प्राथमिकता वाले प्रकरणों को गंभीरतापूर्वक निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

इसी प्रकार स्वच्छ सर्वेक्षण अंतर्गत निकायों में सफाई, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन, दिवाल लेखन, संकेतक बोर्ड, सौंदर्यीकरण, रेड स्पॉट, पब्लिक यूरीनल स्पॉट, व्यवसायिक एवं बाजार स्थलों की सफाई पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिये। साथ ही उल्लंघन करने वालों से जुर्माना राशि वसूली पर भी जोर देने कहा है। उन्होंने जनसमस्या निवारण शिविर में प्राप्त आवेदनों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने नगरीय निकाय के अधिकारियों से स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 के मानक मापदण्डों के अनुरूप तैयारियों की समीक्षा की।

शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में चिन्हांकित घूमंतु पशुओं को हटाने के लिए कार्य करने को कहा। उन्होंने निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप सफाई पर विशेष ध्यान रखने को कहा। साथ ही उन्होंने स्वच्छता सर्वेक्षण के संबंध में नगरीय निकायवार प्रेजेंटेशन तैयार करने को कहा। शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता के लिए कार्य करने को कहा। खनिज अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि ट्रांसपोर्ट की जा रही खनिज की गाड़ियों को ढका हुआ होना चाहिए, ताकि खनिज सड़कों पर न गिरे।

उन्होंने सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में दिव्यांगजनों का सर्वे करने के निर्देश दिए, ताकि शासन की कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हो सकें। कलेक्टर ने कहा कि राजस्व विभाग के प्रकरणों के निराकरण में गति लाए। भू-अर्जन के रिकार्ड दुरूस्तीकरण का कार्य महत्वपूर्ण है, इसे ध्यान देते हुए पूर्ण करें। शिक्षा विभाग को स्कूलों के जीर्णोद्धार व मरम्मत योग्य भवनों का सभी निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से करें।

उन्होंने आयुष्मान कार्ड के लिए डोर-टू-डोर अभियान चलाने के निर्देश दिए तथा आधार कार्ड में मोबाईल नंबर अपडेट नहीं होने की समस्या का समाधान करने को कहा। डेंगू और मलेरिया के रोकथाम के लिए अभियान चलाकर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगम से मलेरिया रोधी कीटनाशक दवा का छिड़काव करने कहा। कलेक्टर ने नगरीय निकायों, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा।

जमीन से जुड़े सभी अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, राजस्व वसूली, नक्शा बटंाकन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभागीय प्रकरणों के निराकरण में लेटलतीफी करने वाले अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए लंबित प्रकरणों को त्वरित रूप से निराकृत कर दायित्वों का निर्वहन सर्वोच्च प्राथमिकता से करने को कहा। स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत समस्त तहसीलों को जाति प्रमाण पत्र के लिए प्राप्त आवेदनों को अभियान चलाकर जल्द से जल्द पूर्ण करने को कहा।

बैठक में नगर निगम भिलाई के आयुक्त देवेश ध्रुव, जिला पंचायत के सीईओ अश्वनी देवांगन, सहायक कलेक्टर एम. भार्गव, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त लोकेश चन्द्राकर, नगर निगम रिसाली के आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, नगर निगम भिलाई चरोदा के आयुक्त दशरथ राजपूत, संयुक्त कलेक्टर हरवंश सिंह मिरी एवं मुकेश रावटे, विरेन्द्र सिंह, सभी एसडीएम, सभी जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ सहित समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

 
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मिनीमाता बांगो डेम का अवलोकन करने पहुंचीं सांसद ज्योत्सना महंत

 कोरबा लोकसभा क्षेत्र की लगातार दूसरी बार निर्वाचित सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत सोमवार को पाली- तानाखार विधानसभा के विकासखंड पोड़ी- उपरोड़ा के ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे पर रहीं। इस दौरान उन्होंने मिनीमाता बांगो बांध पहुँच कर निरीक्षण किया व जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता से जानकारी ली व आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

सांसद ज्योत्सना महंत ने हसदेव तट पर बसे ग्रामीणों व रहवासियों से अपील करते हुए कहा कि नदी में मत्स्य आखेट के लिए न जाएं साथ ही बांध व नदी के निचले क्षेत्र में रहने वाले लोगो को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर समुचित व्यवस्था करने के निर्देश संबंधित विभाग को दिए। बता दें कि कोरिया जिले में पिछले कई दिनों से हुई लगातार बारिश के कारण  मिनीमाता बांगो हसदेव बांध लबालब हो गया है और छह गेट खोल दिए गए हैं। सांसद ज्योत्सना महंत के निरीक्षण के दौरान  जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता एस के तिवारी  व उनके अधीनस्थ अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने सांसद को बताया कि लगातार हुई वर्षा ने जनजीवन को प्रभावित किया है। तेज वर्षा की वजह से तान नदी उफान पर है और हसदेव नदी का भी जल स्तर बढ़ गया है। जल संसाधन ने नदी तट के रहवासियों को सावधान किया है। डेम से 50 हजार क्यूसेक पानी हसदेव नदी में प्रवाहित किया जा रहा है। बीते वर्ष की तुलना में 2381.33 मिलीमीटर अधिक है। अभी बारिश में कमी आई है।  मंगलवार को डेम का गेट बंद किया जाएगा।  इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संयुक्त महासचिव हरीश परसाई, सूरज महंत, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कोरबा के अध्यक्ष संतोष राठौर, किरण चौरसिया आदि उपस्थित थे।

 

 

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स्वामी आत्मानंद ने दिया दीन-दुःखियों की सेवा का संदेश: मुख्यमंत्री

  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समाज सुधारक और शिक्षाविद् स्वामी आत्मानंद की पुण्यतिथि 27 अगस्त पर उन्हें नमन करते हुए कहा है कि उन्होंने छत्तीसगढ़ में मानव सेवा एवं शिक्षा संस्कार की अलख जगाई। पीड़ित मानवता की सेवा को उन्होंने सबसे बड़ा धर्म बताया। स्वामी विवेकानंद के विचारों का भी उन पर भी गहरा असर हुआ और उन्होंने अपना पूरा जीवन दीन-दुःखियों की सेवा में बिता दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने स्वामी आत्मानंद के पद चिन्हों पर चलते हुए किसानों, वनवासियों, गरीबों और मजदूरों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के हर संभव प्रयास कर रही है। स्वामी आत्मानंद ने वनवासियों के उत्थान के लिए नारायणपुर आश्रम में उच्च स्तरीय शिक्षा केन्द्र और वनवासी सेवा केन्द्र प्रारंभ किए। श्री साय ने कहा कि स्वामी अत्मानंद के आदर्श और जीवन मूल्य सदा जनसेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

 

 

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विष्णु’ के घर कृष्ण जन्माष्टमी की धूम, मुख्यमंत्री ने दिव्यांग बच्चों संग मनाया त्यौहार

कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर आज भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मुख्यमंत्री निवास में धूमधाम से मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस बार जन्माष्टमी अपने निवास पर दिव्यांग बच्चों के साथ मनाई। राधा और कृष्ण का रूप धरे रायपुर के तीन दिव्यांग संस्थाओं के 25 बच्चों की अठखेलियों से आज शाम मुख्यमंत्री निवास गुलजार रहा। मुख्यमंत्री श्री साय ने इन बच्चों के साथ भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने पालने में बाल गोपाल के रूप में बिराजे दिव्यांग बालक रूद्र की पूजा कर झूला भी झुलाया। उन्होंने प्रदेशवासियों को कृष्ण जन्माष्टमी की बधाई और शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूजा के बाद सभी बच्चों को खुद अपने हाथों से प्रसाद वितरित किया। उन्होंने बच्चों को अपनी गोद में लेकर दुलारा और बातकर उनकी पढ़ाई-लिखाई के बारे में भी पूछा। रायपुर के शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय मठपुरैना तथा माना के अस्थिबाधित बालगृह और बहु-दिव्यांग बालगृह के बच्चे मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कृष्ण जन्माष्टी कार्यक्रम में शामिल हुए। संवेदनशील मुख्यमंत्री साय ने आज का पावन दिन इन बच्चों के साथ साझाकर उनके त्यौहार को खास बना दिया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि इन बच्चों के साथ भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाना और उनकी पूजा करना मेरे लिए अत्यंत सुखद और गर्व का विषय है। प्रदेश के अन्य बच्चों की तरह ये बच्चे भी हमारे समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। हम इनकी बेहतर परवरिश, शिक्षा-दीक्षा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सदैव प्रतिबद्ध हैं।
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कवर्धा में बंदर की हत्या: आरोपी गिरफ्तार, एयरगन-छर्रे बरामद

 जिले के राजानवगांव स्थित केंवट पारा में एक बंदर की हत्या का मामला सामने आया है। आरोपी ने एयरगन से बंदर पर गोली चलाकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। साथ ही, आरोपी के कब्जे से तीन एयरगन और 26 छर्रे भी बरामद किए गए हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बंदर की मौत के कारणों की जांच शुरू की। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि बंदर की मौत गले में एयरगन के छर्रे लगने से हुई है।



पुलिस ने गांव के कौशल सोनी और जमुना यादव से पूछताछ की और उनके घरों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कौशल के घर से तीन एयरगन और छर्रे बरामद हुए। पूछताछ में कौशल ने कबूल किया कि बंदरों से परेशान होकर उसने एयरगन का इस्तेमाल किया था। घटना के दिन गुस्से में आकर उसने बंदर पर फायरिंग की, जिससे बंदर की मौत हो गई।



फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है। वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रति यह घटना एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है।

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बेलमुण्डी में फैले उल्टी-दस्त पर नियंत्रण, स्वास्थ्य विभाग की तत्परता से स्थिति संभली

 महासमुन्द जिले के सरायपाली विकासखंड  के उप स्वास्थ्य केन्द्र जलगढ़ अंतर्गत ग्राम बेलमुण्डी में 24 अगस्त 2024 से उल्टी-दस्त के मामले सामने आने लगे थे।कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घर-घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण शुरू किया और मरीजों को आवश्यक उपचार मुहैया कराया।

खंड चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायपाली के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 24 अगस्त से अब तक 25 लोग उल्टी-दस्त से प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 11 पुरुष और 14 महिलाएं शामिल हैं। इनमें से 09 मरीज का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायपाली में और 05 मरीज ओम हॉस्पिटल में उपचाररत हैं। विभाग द्वारा स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और अब स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया और प्रभावित मरीजों को ओआरएस और जिंक दवा वितरित की। साथ ही स्वास्थ्य शिक्षा और दूषित पानी पीने से होने वाले नुकसान की जानकारी दी गई है। गांव में नियमित रूप से हेल्थ कैम्प लगाकर हर मरीज की जांच की जा रही है। जल और मल का सैंपल लेते हुए जांच हेतु विभागाध्यक्ष, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, पं.जे.एन.एम मेडिकल कॉलेज, रायपुर भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है।

 

 

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कलेक्टर ने तुमड़ीबोड़ में ग्रामीणों के साथ मिलकर की साफ-सफाई

 स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत जिले के सभी ग्रामों में प्रत्येक शनिवार को स्वच्छता त्यौहार का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें ग्रामीण बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं और ग्रामों के चौक-चौराहों, मोहल्लो एवं बाजार सहित अन्य स्थलों की साफ-सफाई कर रहे हैं।  ग्रामीणों द्वारा गांव को ओडीएफ प्लस मॉडल बनाने और स्वच्छता का संदेश दिया जा रहा है।

इसी कड़ी में कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार डोंगरगांव विकासखंड के प्रत्येक गांव में स्वच्छ भारत मिशन के तहत ओडीएफ प्लस मॉडल के स्थायित्व को बनाये रखने के लिए के लिए स्वच्छता गतिविधियों का आयोजन किया गया। प्रत्येक गांव में अत्यंत हर्ष एवं उल्लास के साथ स्वच्छता त्यौहार मनाया गया। जिसमें स्कूली बच्चे, शिक्षक, पंच, सरपंच, स्वेच्छाग्राही एवं ग्रामवासियों ने हिस्सा लेकर गली, चौक-चौराहे की साफ-सफाई की। इस अवसर पर रैली, चौपाल के माध्यम से ओडीएफ प्लस, मिशन लाईफ, स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन की जानकारी देते हुए समुदाय को स्वच्छता के लिए जागरूक किया गया।



कलेक्टर अग्रवाल ने डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम तुमड़ीबोड़ में आयोजित स्वच्छता त्यौहार में शामिल होकर ग्रामीणों को स्वच्छता का संदेश दिया। इस अवसर पर कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुरूचि सिंह ने ग्रामवासियों के साथ मिल कर साफ-सफाई की और उन्हें स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। कलेक्टर ने कहा कि गांव एवं पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए पर्यावरण अनुकूल व्यवहार करने की आवश्यकता है। उन्होंने खुले में कचरा को फेंकने या जलाने से होने वाले दुष्प्रभाव के संबंध में जानकारी दी। कचरा प्रबंधन में गीला एवं सूखा कचरा की पहचान व वर्गीकरण के बारे में बताया। उन्होंने प्लास्टिक के दुष्प्रभाव के संबंध में जानकारी दी। कलेक्टर ने ग्रामीणों से गांव में स्वच्छाग्राही दीदीयों को सूखा अजैविक कचरा देने एवं सेवा शुल्क के रूप मे ग्राम पंचायत द्वारा निर्धारित शुल्क प्रतिमाह निर्धारित समय-सीमा में प्रदान करने का आग्रह किया। जिन दुकानों एवं घरों से कचरे बाहर गली में फेंके जाते हैं, उन्हें कचरे को इधर-उधर नहीं फेंककर डस्टबिन में कचरा एकत्र कर स्वेच्छाग्राही दीदी को देने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों के साथ मिलकर गांव की साफ-सफाई की और पौधरोपण किया। उन्होंने ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। विद्यार्थियों द्वारा नुक्कड़ नाटक, नृत्य, चित्रकला के माध्यम से स्वच्छता के लिए जागरूक करने का प्रयास किया गया। बच्चों एवं स्वेच्छाग्राही दीदीयों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जनपद सदस्य श्रीमती भुवनेश्वरी साहू, सरपंच टीकम पटेल, एसडीएम डोंगरगांव श्रीकांत कोर्राम, जनपद सीईओ नवीन कुमार, परियोजना अधिकारी श्रीमती भगवती साहू, जिला समन्वयक छोटेलाल, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी होरीलाल साहू, एबीईओ शिक्षा विभाग रश्मि ठाकुर, जिला समन्वयक बसंत कुमार मारकंडे, वल्र्ड विजन इंडिया, यूनिसेफ, विकासखंड समन्वयक श्रीमती मेघा कुर्रे, सचिन देवेंद्र साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शिक्षक, विद्यार्थी, ग्रामीण, अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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सीएचसी पत्थलगांव में 39 वें नेत्रदान पखवाड़ा का शुभारंभ

 25 अगस्त से 08 सितंबर  तक चलने वाले 39 वें नेत्रदान  पखवाड़ा का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पत्थलगांव में शुभारंभ किया गया। इस दौरान अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत 35 मोतियाबिंद के मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया। उपस्थित लोगों को आँखें कुदरत की अनमोल देन है, मरणोपरांत नेत्रदान कर व्यक्तियों को रोशनी प्रदान करें इस वाक्य के साथ अधिक से अधिक लोगों को नेत्रदान करने हेतु जागरूक किया गया।


इस दौरान खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ जेम्स मिंज,  सर्जन दल डॉ अनीता मिंज नेत्र रोग विशेषज्ञ, डॉ रजत टोप्पो नेत्र रोग विशेषज्ञ, नेत्र सहायक अधिकारी श्रीमती सुनीता नाग, देव चौधरी, उमेश डनसेना, नर्सिंग सिस्टर श्रीमती चंदा दास, श्रीमती प्रेरणा एक्का, श्रीमती नूतन बड़ा, ओटी टेक्नीशियन हेमप्रीति चक्रेश, वार्ड बॉय मोहन यादव, वार्ड आया अहिल्या पैंकरा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

 

 

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मार्च 2026 तक देश नक्सल मुक्त हो जाएगा : अमित शाह

 केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानन्द राय, मुख्यमंत्री साय भी उनके साथ मौजूद हैं। पत्रकारों से चर्चा करते हुए अमित शाह ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि, मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ के साथ अन्य राज्य नक्सल मुक्त हो जायेंगे। पूरा देश नक्सल मुक्त होगा। छत्तीसगढ़ में नई सरकार आने के बाद नक्सल मोर्चे पर बेहतर काम हुए। मैं CM और गृह मंत्री को हृदय से बधाई देता हूं, गृह मंत्री ने हिड़मा के गांव जाकर लोगों को आयुष्मान कार्ड दिया। यह तमाम सुरक्षा बलों से संभव हुआ, यह एक बड़ी विजय है।

पत्रकारों से चर्चा करते हुए शाह ने कहा कि, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में केंद्र और राज्य की योजनाओं को पहुंचने में जो बाधा आ रही है, उसे दूर करने पर आज चर्चा की गई है।  नक्सलियों पर अंतिम प्रहार करने का समय आ गया है। नक्सली लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ी चुनौती हैं। उन्होंने कहा कि, चार दशक में 17 हज़ार लोगों की जान गई नक्सलियों की वजह से गई है। जिनके हाथों में हथियार हैं उनके हाथ से हथियार छुड़ाना है।



केंद्र और राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त करने कटिबद्ध है। कई राज्य नक्सल तमगे से मुक्त हुए हैं। महाराष्ट्र का एक जिला छोड़कर नक्सल से मुक्त हुआ है, मोदी सरकार आने के बाद नक्सल घटनाओ में 53 फीसदी कमी आई है। सुरक्षा बलों के जवानों और नागरिकों की मौत में 73 फीसदी तक कमी आई है।  

लिए गए कई बड़े निर्णय
गृहमंत्री शाह ने कहा कि, आज की बैठक में कुछ फैसले लिए गए हैं। उनमें प्रमुख हैं-  नक्सल क्षेत्रों में साक्षरता अभियान चलाया जाएगा। NIA की तरह SIA बनाया जाएगा। छत्तीसगढ़ में एक- दो महीने में नई सरेन्डर पॉलिसी लाई जाएगी। हमारी प्राथमिकता है नक्सली समर्पण करें, अन्यथा उन पर एक्शन लिया जाएगा। सरेंडर पॉलिसी में दूसरे राज्यों के सक्रिय नक्सली भी सरेंडर कर सकेंगे।

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मुख्य न्यायाधिपति रमेश ने प्रधान जिला व सत्र न्यायालय जशपुर का निरीक्षण किया

  छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा आज   जिला जशपुर के तालुका न्यायालय / व्यवहार न्यायालय बगीचा का सर्वप्रथम निरीक्षण किया और अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समस्याओं से अवगत हुए। व्यवहार न्यायालय बगीचा के निरीक्षण उपरांत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय जशपुर का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां पहुंचने पर मुख्य न्यायाधिपति का प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय जशपुर के न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं अधिवक्ताओं ने स्वागत किया।

मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने जिला एवं सत्र न्यायालय जशपुर में कोर्ट के संचालन के लिए बने विभिन्न अनुभाग अभिलेखागार, कंप्यूटर सर्वर रूम, फर्स्ट एड कीनिक, मालखाना, बच्चों के लिए बने किलकारी कक्ष, कुटुम्ब न्यायालय, अधिवक्ता कक्ष सहित अन्य कक्षों का निरीक्षण किया और अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं कर्मचारियों से चर्चा के दौरान सहजतापूर्वक कहा कि मैं आज लगभग 400 किलोमीटर की दूरी तय कर बिलासपुर से आप लोगों से ही मिलने एवं समस्याओं से अवगत होने के लिए आया हूं। मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने किलकारी कक्ष के निरीक्षण के दौरान वहां पर मौजूद कक्षा पहली में पढ़ने वाले मयंक यादव से बात किये और संतुष्ट होकर उसे उपहार प्रदान करते हुए उक्त बालक के साथ फोटो भी लिया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश हिरेन्द्र सिंह टेकाम भी मुख्य न्यायाधिपति के साथ मौजूद रहे।

मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने अधिवक्ताओं से चर्चा के दौरान कहा की वे यहां पहली बार आ रहे हैं। जशपुर जिले का नैसर्गिक पर्यावरण सौंदर्य सहज ही आकर्षित करने वाला है साथ ही यह भी कहा कि जिला जशपुर छत्तीसगढ का कश्मीर है। माननीय मुख्य न्यायाधिपति ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में बने न्यायालय में जाकर वे वहां की व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं, ताकि वहां पर किसी भी प्रकार की कमी हो तो सुधार किया जा सके और न्याय व्यवस्था आम नागरिकों के लिए सुलभ हो सके। मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने कहा कि न्याय की व्यवस्था को सुदूर अंचल तक पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय को डिजिटल किया गया है ताकि किसी भी स्थान से अधिवक्ता विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी अपने प्रकरण में जिरह कर सके और अन्य सुविधा के लिए मोबाईल एप भी बनाए गए हैं, जिसके माध्यम से सुदूर अचंल के निवासी एवं गरीब पक्षकार भी लाभ प्राप्त कर समय एवं पैसे का बचत कर सके।

आज दिनांक को ही मुख्य न्यायाधिपति रमेश सिन्हा ने जशपुर जिले के व्यवहार न्यायालय कुनकुरी के न्यायालय एवं सभी अनुभाग का निरीक्षण किया एवं अधिवक्ताओं से सौजन्य मुलाकात किया। न्यायाधिपति रमेश सिन्हा के द्वारा उक्त न्यायालयों के रख-रखाव एवं व्यवस्था पर संतुष्टि व्यक्त किया एवं भविष्य को और अधिक बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अग्रिम सुधार हेतु प्रोत्साहित किया।

आज निरीक्षण समय उच्च न्यायालय छ.ग. बिलासपुर के रजिस्ट्रार जनरल बलराम प्रसाद वर्मा, संयुक्त रजिस्ट्रार सह पीपीएस एम.वी.एल.एन. सुब्रह्मण्यम, प्रोटोकॉल ऑफिसर आर.एस. नेगी एवं पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह एवं पुलिस के अन्य अधिकारी, कर्मचारी, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष भागवत नारायण सिंह सहित अन्य अधिवक्तागण तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय जशपुर, व्यवहार न्यायालय कुनकुरी एवं व्यवहार न्यायालय बगीचा के न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

 

 

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