छत्तीसगढ़
श्रमिक परिवारों को दी 11 करोड़ 41 लाख रूपए की सहायता राशि
जनदर्शन कार्यक्रम में लोगों का एक बार फिर आमजनों में उत्साह दिखा, रिमझिम बारिश के बीच बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री निवास पहुंचे थे। इस बार एक और बात को लेकर लोगों में उत्साह दिखा वह हर घर तिरंगा कार्यक्रम को लेकर था। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनदर्शन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ में हर घर तिरंगा कार्यक्रम की शुरूआत की। मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आने वाले लोगों को उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज भी वितरित किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 6 हजार 200 से अधिक श्रमिक परिवारों को 11 करोड़ 41 लाख रूपए की सहायता राशि के वितरण का शुभारंभ करते हुए प्रतीक स्वरूप 12 हितग्राहियों को सहायता राशि वितरित की। इस मौके पर मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, पी.दयानंद सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।
महतारी वंदन के पैसों से इस बार बहनों की रक्षाबंधन मनेगी शानदार
मुख्यमंत्री ने ‘‘हर घर तिरंगा’’ अभियान का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने मध्यान्ह भोजन के शेड निर्माण की दी तत्काल मंजूरी
जनदर्शन: बोधनलाल की अधिग्रहित जमीन का जल्द मिलेगा मुआवजा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हाथों जनदर्शन कार्यक्रम में दिव्यांगों को मिली बैटरी चलित ट्राई साइकिल
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 14 अगस्त को स्वतंत्रता दौड़ का होगा आयोजन
जिला प्रशासन तथा खेल एवं युवा कल्याण द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 14 अगस्त 2024 को बालोद में स्वतंत्रता दौड़ का आयोजन किया जाएगा। प्रभारी जिला खेल अधिकारी सुश्री प्राची ठाकुर ने बताया कि स्वतंत्रता दौड़ सरदार वल्लभ भाई पटेल मैदान से सुबह 07.30 बजे से प्रारंभ होगा।
स्वतत्रंता दौड़ सरदार पटेल मैदान से घड़ी चैक, संजारी क्लब, गंगासागर तालाब, दल्लीराजहरा मेन रोड से दल्ली चैक होते हुए वापस सरदार वल्लभ भाई पटेल मैदान बालोद में समाप्त होगी। उन्होंने जिले के सभी गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारियों, विद्यालय-महाविद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक, विद्यार्थी, समस्त खेल संघ के अधिकारियों से स्वतंत्रता दौड़ में शामिल होने की अपील की है।
कलेक्टर ने शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र सिवनी में पहुँचकर मत्स्य बीज उत्पादन कार्य का किया निरीक्षण
कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने आज जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम सिवनी के मछली पालन विभाग के कार्यालय परिसर में स्थित शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में निर्मित हेचरी, इंक्यूवेशन पूल, ओव्हर हेड टैंक आदि का निरीक्षण कर मत्स्य बीज उत्पादन के प्रक्रियाओं का अवलोकन किया।
कलेक्टर चन्द्रवाल ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से मछली बीज उत्पादन के विभिन्न प्रक्रियाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने अण्डे के अलावा 15 दिन तथा एक महीने के अवधि के मछली बीजों का भी अवलोकन कर अधिकारियों से इसके निर्धारित दर के संबंध में जानकारी ली।
कलेक्टर ने शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र का कार्य सुचारू संचालन एवं समुचित मात्रा में मछली बीज का उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी की प्रबंध करने को कहा। चन्द्रवाल ने मौके पर उपस्थित मत्स्य पालक कृषक से चर्चा कर मछली पालन कार्य के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, सहायक संचालक मत्स्य एससी गुप्ता, सहायक मत्स्य अधिकारी भुनेश्वरी उसेण्डी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
राज्य स्तरीय भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मंडल छत्तीसगढ़ की 24वीं बैठक सम्पन्न
जेसीआई रायपुर MAIC यूनाइटेड टैलेंट शो में प्रतिभाओं का अद्भुत प्रदर्शन
जेसीआई रायपुर MAIC यूनाइटेड ने दो दिवसीय टैलेंट शो का सफलतापूर्वक आयोजन किया, जिसमें छात्रों की विविध प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया गया।
पहला दिन: गायन और मैक फ्यूजन
टैलेंट शो के पहले दिन में गायन और मैक फ्यूजन का आयोजन किया गया। मैक फ्यूजन में मिमिक्री, स्टैंड-अप कॉमेडी, शायरी और कविता शामिल थीं। अनेक छात्रों ने इसमें भाग लिया और अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया।
गायन प्रतियोगिता में छात्रों ने क्लासिक मेलोडीज़ से लेकर आधुनिक गानों तक का प्रदर्शन किया। उनकी गायकी ने दर्शकों का दिल जीत लिया और जोरदार तालियों से उनका स्वागत किया गया।
मैक फ्यूजन ने कार्यक्रम में हास्य और भावनाओं का अद्भुत मिश्रण पेश किया। स्टैंड-अप कॉमेडियन्स ने अपनी मजेदार कहानियों से माहौल को खुशनुमा बना दिया। शायरी और कविता के प्रदर्शन ने दर्शकों के दिलों को छू लिया और भावनाओं की गहराई में ले गए।
दूसरा दिन: नृत्य प्रतियोगिताएं
टैलेंट शो के दूसरे दिन को नृत्य प्रतियोगिताओं के लिए समर्पित किया गया। इसमें शास्त्रीय, समकालीन, हिप-हॉप, मराठी और पंजाबी नृत्य शैलियों का प्रदर्शन हुआ। मंच रंग-बिरंगी वेशभूषा और शानदार कोरियोग्राफी से सजीव हो गया।
शास्त्रीय नर्तकियों ने अपनी सुंदरता और शुद्धता से सबको मोहित कर दिया, जबकि समकालीन और हिप-हॉप नर्तकियों ने अपनी ऊर्जा और रचनात्मकता से सबका दिल जीत लिया। मराठी और पंजाबी नृत्य ने परंपरा और संस्कृति का जश्न मनाया, जिससे पूरा माहौल जोशीला और उत्साहपूर्ण हो गया। कार्यक्रम के समापन पर, तवी गुप्ता को विजेता और तनीषा बंसल को उपविजेता घोषित किया गया। उन्हें नकद पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
पालक एवं शिक्षक के सामूहिक प्रयास से बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव गढ़ी जाएगी
स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार जिले में पालक-शिक्षक मेगा बैठक का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में जिले के 149 संकुलों में संकुल स्तर पर पालक-शिक्षक मेगा बैठक आयोजित की गई। बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय एवं पालकों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से संकुल स्तर पर पालक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के माध्यम से पालकों में उनके बच्चों एवं विद्यालय के संपूर्ण गतिविधियों के संबंध में जागरूकता लाया गया, ताकि पालक एवं शिक्षक के सामूहिक प्रयास से बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव गढ़ी जा सके। बैठक में पालक-शिक्षक और जिला स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित रहे। जिले के 149 स्कूलों में आयोजित पालक-शिक्षक मेगा बैठक में 14 हजार 856 पालक, 1427 शिक्षक और 392 डॉक्टर, काउंसलर एवं शिक्षाविद शामिल हुए। इस अवसर पर गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, शिक्षक और पालक उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि पालक-शिक्षक गेगा बैठक में बच्चों की सम्पूर्ण गतिविधियों से पालकों को अवगत कराना है, जिससे बच्चों को सतत् प्रेरणा एवं उचित मार्गदर्शन मिल सके। इसके साथ ही शिक्षक एवं पालकों के संयुक्त प्रयास से बच्चों में पढ़ाई के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाना, बच्चों की काउंसिलिंग कर उन्हें परीक्षा के तनाव से मुक्त करना तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप ड्रॉप आउट रोकने के लिए पालकों की भूमिका सुनिश्चित करना इस बैठक का उद्देश्य है। बैठक में मेरा कोना, छात्र दिनचर्या, बच्चों ने आज क्या सीखा, बच्चा बोलेगा बेझिझक, बच्चों की आकदमिक प्रगति एवं परीक्षा पर चर्चा, पुस्तक की उपलब्धता सुनिश्चित करना, बस्ता रहित शनिवार, विद्यार्थियों की आयु, कक्षा अनुरूप स्वास्थ्य परीक्षण एवं पोषण की जानकारी, जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र, न्योता भोज, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, छात्रवृत्ति एवं विभागीय योजना की जानकारी पर चर्चा सहित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिक्षा के लिए पालकों एवं छात्रों को अवगत कराने जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में गुरूघासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व गठित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
मुख्यमंत्री निवास में जनदर्शन 8 अगस्त को
छत्तीसगढ़ में बनेगा देश का तीसरा बड़ा टाइगर रिजर्व
छत्तीसगढ़ का गुरुघासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व देश का तीसरा बड़ा टाइगर रिजर्व होगा। छत्तीसगढ़ सरकार ने गुरुघासीदास - तमोर पिंगला को टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित कर लिया है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में टाइगर रिजर्व की संख्या चार हो गई है।
गुरु घासीदास नेशनल पार्क को साल 2021 में टाइगर रिजर्व बनाया गया था, लेकिन इसे विरोध के कारण अस्तित्व में नहीं लाया जा सका था। इस क्षेत्र में कई खदानें होने कारण नेशनल पार्क को टाइगर रिजर्व घोषित करने का नोटिफिकेशन कांग्रेस शासन काल में रुका हुआ था।
छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार ने ही गुरु घासीदास नेशनल पार्क और तमोर पिंगला सेंचुरी को मिलाकर टाइगर रिजर्व बनाने का ड्राफ्ट राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) को भेजा था। जिसके बाद एनटीसीए ने गुरु घासीदास नेशनल पार्क को टाइगर रिजर्व के रूप में मंजूरी दी। लेकिन कांग्रेस शासन में रिजर्व एरिया के कोल ब्लॉक, आइल ब्लॉक और मिथेन गैस ब्लॉक होने के कारण मामला अटक गया था। अब जब राज्य में पुनः भाजपा सरकार की वापसी हुई तो टाइगर रिजर्व बनने का रास्ता साफ हो गया।
छत्तीसगढ़ सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक में गुरुघासीदास - तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व गठित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है एवं इसे टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित कर लिया है।
इस टाइगर रिज़र्व के गठन से बाघों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद है, क्योंकि यह क्षेत्र उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा। मौजूदा आंकड़ों के आधार पर, बाघों की संख्या में सुधार के लिए यह कदम आवश्यक था। नया टाइगर रिज़र्व बाघों के प्राकृतिक आवास को संरक्षित करेगा और उनकी सुरक्षा को बढ़ावा देगा।
टाइगर रिज़र्व के गठन से ईको-पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे। गाईड, पर्यटक वाहन संचालन, और रिसॉर्ट्स के संचालन के साथ-साथ अन्य पर्यटन संबंधित सेवाओं से स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ होगा। राष्ट्रीय प्रोजेक्ट टाइगर ऑथोरिटी से अतिरिक्त बजट प्राप्त होगा, जो क्षेत्र के विकास और आजीविका सुधार के लिए उपयोगी होगा।
देश का तीसरा बड़ा टाइगर रिजर्व
गुरुघासीदास - तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व 2829.387 वर्ग किमी क्षेत्रफल में फैला देश का तीसरा बड़ा टाइगर रिजर्व होगा। आंध्रप्रदेश का नागार्जुनसागर श्रीसैलम टाइगर रिजर्व 3296.31 वर्ग किमी के साथ देश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है। वहीं, असम का मानस टाइगर रिजर्व 2837.1 वर्ग किमी क्षेत्रफल के साथ देश दूसरा बड़ा टाइगर रिजर्व माना जाता है।
आयुष ग्राम विकसित करने चिकित्सकों को दी गई जानकारी
राज्य शासन के आयुष संचालनालय द्वारा राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत प्रदेश में आयुष ग्राम विकसित करने आज राजधानी रायपुर में एक दिवसीय कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। सिविल लाइन स्थित नवीन विश्राम भवन में आयोजित कार्यशाला में जिला आयुर्वेद अधिकारियों और सभी विकासखंडों के आयुष ग्राम के चिकित्सकों को आयुष ग्राम में क्रियान्वित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
आयुष विभाग की संचालक इफ्फत आरा ने कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि आयुष जीवन शैली के सिद्धांतों और प्रथाओं को अपनाने तथा स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वास्थ्य देखभाल व उपचारों पर आधारित आयुष ग्राम की परिकल्पना को साकार करने छत्तीसगढ़ के 146 विकासखंडों में आयुष ग्राम का चिन्हांकन किया गया है। राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत प्रदेश में 146 आयुष ग्राम विकसित किए जा रहे हैं। आयुष ग्राम के माध्यम से ग्रामीणों के स्वास्थ्य की रक्षा और आजीवन स्वस्थ रखने आयुर्वेद, योग तथा आयुष पद्धतियों के अनुसार उन्हें शिक्षित किया जाएगा। आयुष ग्रामों में जनभागीदारी के माध्यम से विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएगी।
छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जे.ए.सी.एस. राव ने कार्यशाला में आयुष अधिकारियों और चिकित्सकों को सर्वसुलभ औषधीय पौधों के रोपण एवं उपलब्ध बाजार की जानकारी दी। उन्होंने औषधीय गुणों से भरपूर स्टीविया, शतावरी, कालमेघ, लेमन-ग्रास, केऊकंद, अश्वगंधा, सर्पगंधा जैसे 20 पौधों को प्रदर्शित कर इनके रोपण के लिए उपयुक्त मौसम और खेती के बारे में विस्तार से बताया।
आयुष विभाग के सहायक संचालक-सह-राज्य कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. गजेन्द्र बघेल ने कार्यशाला में आयुष ग्राम की परिकल्पना और वहां संचालित की जाने वाली गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयुष ग्राम में लोगों को पेड़-पौधों के औषधीय गुणों के बारे में जागरुक कर इनके पौधरोपण और संरक्षण को बढ़ावा देना है। राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत गांवों का चिन्हांकन कर स्थानीय लोगों को आयुर्वेद के सिद्धांतों के अनुरूप स्वस्थ जीवन शैली, उचित आहार-विहार, सामान्य रोगों के उपचार के लिए आसपास पाए जाने वाले औषधीय पौधों की पहचान एवं उपयोग के लिए प्रेरित करना है।
शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, बिलासपुर के सह-प्राध्यापक डॉ. विद्याभूषण पाण्डेय ने प्रतिभागी अधिकारियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम ‘आयुर्विद्या’ के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों को आयुर्वेद के बारे में जागरुक करना है। स्कूलों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करना है। स्थानीय स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन कर लोगों को आयुष की उपयोगिता के बारे में जानकारी प्रदान कर इस क्षेत्र में उनके कौशल का उन्नयन करना है। कार्यशाला में आयुष विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. सुनील कुमार दास और उप संचालक डॉ. ए.सी. किरण सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।
शास्त्री बाजार व्यवस्थापित परिसर में दुकानों के आबंटन की प्रक्रिया शुरू, 21 अगस्त तक करें आवेदन, नगर निगम के बाजार विभाग और वेबसाइट पर देखें पूरी जानकारी
नगर पालिक निगम रायपुर ने शास्त्री बाजार के पास नवनिर्मित व्यवस्थापित परिसर में दुकानों के आबंटन की प्रक्रिया शुरु कर दी है। इस संबंध में जारी निविदा के अनुसार निर्मित कुल 84 दुकानों का आबंटन किया जा रहा है। इसके लिए नगर निगम मुख्यालय के बाजार विभाग या वेबसाइट पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध है। दुकानों के आबंटन की अंतिम तिथि 21 अगस्त 2024 निर्धारित है। निर्मित परिसर में 84 दुकानें निर्मित है, जिनमें अनुसूचित जाति के लिए 11 दुकान, अनुसूचित जनजाति के लिए 04 दुकान, अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 13 दुकान, विधवा/परित्यक्तता के लिए 03 दुकान, दिव्यांग के लिए 02 दुकान, भूतपूर्व सैनिक के लिए 02 दुकान, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के लिए 02, शिक्षित बेरोजगार के लिए 04, महिलाओं के लिए 08, तृतीय लिंग के लिए 02 दुकानें आरक्षित रखी गई है। इसके अलावा 33 दुकानें अनारक्षित श्रेणी की है।इच्छुक व्यक्ति या फर्म अपनी दुकान प्राप्त करने नगर निगम मुख्यालय, बाजार विभाग अथवा नगर निगम रायपुर की वेबसाइट www.nagarnigamraipur.nic.in पर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर जशपुर जिले में 12 सड़क मार्गों का कराया जाएगा निर्माण और उन्नयन कार्य
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर जिले में अधोसंरचना कार्य को और भी गति मिलने वाली है। जिले में 12 सड़क मार्गों की निर्माण एवं उन्नयन कार्य जल्द ही कराया जाएगा। जिससे आम लोगों को सहूलियत मिलने के साथ आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी। राज्य शासन ने 2023-24 के बजट में शामिल जिला जशपुर के लिए 12 सड़क मार्गों की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 2 करोड़ 98 लाख 75 हजार की लागत से बनने वाली 2.80 किमी मोराडीह से सालेेकेरा मार्ग का मजबूती निर्माण कार्य, 2 करोड़ 94 लाख 85 हजार की लागत से बनने वाली 2.68 किमी एस.एच-43 से महुआटोली श्रीटोली कमरटोली पहुंच मार्ग, 4 करोड़ 58 लाख 28 हजार की लागत से बनने वाली 4.46 किमी जशपुर के हर्राडांड चौक से गोरिया पहुंच मार्ग, 3 करोड़ 52 लाख 60 हजार की लागत से बनने वाली 2.74 किमी बासनताला से भेंलवाटोली मार्ग, 3 करोड़ 60 लाख 89 हजार की लागत से बनने वाली 3.76 किमी जशपुर के फरसाकानी से ठेठेटांगर पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य कराया जाएगा।

