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महिला-बाल विकास मंत्री ने आंगनबाड़ी में लगाया अमरूद का पौधा

 महिला-बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े विगत् दिवस जशपुर प्रवास पर थी। वहां उन्होंने दुलदुला विकासखण्ड के आंगनबाड़ी केन्द्र प्रांगण भींजपुर में ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ अभियान के तहत् अमरूद का पौधा लगाया।

केन्द्र-राज्य सरकार द्वारा ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ महावृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को हरा-भरा, स्वच्छ वातावरण  बनाना है। कार्यक्रम के दौरान श्रीमती राजवाड़े ने सभी को पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मानसून में ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण करें। अपने घर, आसपास के परिवेश, गांव और शहरों और जंगलों को खूब हरा-भरा बनाएं।



महिला-बाल विकास मंत्री राजवाड़े ने भींजपुर आंगनबाड़ी केंद्र का अवलोकन कर बच्चों की उपस्थिति की जानकारी ली एवं आंगनबाड़ी केंद्र समय पर खोलने के निर्देश दिए।

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नकली खाद बीज, कीटनाशक विक्रय 7 दुकानों कृषि सेवा केन्द्रों को नोटिस जारी

 कलेक्टर दीपक अग्रवाल के निर्देशानुसार जिलें में बीज, कीटनाशक एवं उर्वरक के अवैध परिवहन, नकली खाद बीज का विक्रय रोकने तथा शासन द्वारा निर्धारित दर पर ही कृषकों को उर्वरक एवं बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि केन्द्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। उप संचालक कृषि चंदन कुमार रॉय के मार्गदर्शन मे सहायक संचालक रमेश कुमार निषाद के द्वारा विकासखण्ड देवभोग के दो प्रतिष्ठान मेसर्स संदीप टेªडर्स, हरि ओम किसान बीज उत्पाद, विकासखंड मैनपुर के सत्या एग्रो केयर गोहरापदर, विकासखंड फिंगेश्वर ग्राम जामगांव के जय माँ मौली कृषि केन्द्र, पप्पू कृषि केन्द्र का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विक्रय केन्द्रो के समस्त दस्तावेज, स्कंध पंजी, बिल बुक, अनुज्ञप्ति पत्र एवं प्रतिष्ठान मे विक्रय हेतु उपलब्ध उत्पाद इत्यादि का अवलोकन किया गया। उपरोक्त केन्द्रो मे कीटनाशको एवं उर्वरको का स्कंध संधारण में अनियमितता पाये जाने तथा उर्वरक विक्र्रय में पॉस मशीन के नियमित उपयोग नहीं करने के कारण पॉस एवं भौतिक स्कंध में अंतर पाया गया। इसी क्रम में महेश कुमार पैकरा सहायक संचालक कृषि, द्वारा विकासखण्ड छुरा में चंचल ट्रेडर्स तथा विकासखण्ड मैनपुर के मेसर्स दास ट्रेडर्स ग्राम भूतबेडा का औचक निरीक्षण कर छापामार कार्यवाही की गई। जिसमें निर्धारित तरीके से अभिलेखों का रखरखाव, भंडारण की स्थिति, एवं मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करना पाया गया। जिसके कारण उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 में निहित प्रावधानानुसार 01 उर्वरक अनुज्ञप्ति पत्र 07 दिवस हेतु निलंबन की कार्यवाही किया गया तथा 01 उर्वरक विक्रेता को नोटिस जारी किया गया। साथ ही कीटनाशी अधिनियम 1968 एवं नियम 1971 के तहत् 06 कीटनाशक प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर 03 दिवस के भीतर जवाब तलब किया गया है। कृषि विभाग द्वारा कृषकगणों से अपील किया गया है। निर्धारित दर पर अधिकृत विक्रेता से ही बीज, उर्वरक एवं कीटनाशक का क्रय करें। अनाधिकृत रूप से व्यवसाय अथवा अधिक कीमत पर विक्रय करने पर विभागीय कर्मचारियों को सूचित करे।

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किंरदुल में बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए मकानों का जल्द मुआवजा प्रभावित लोगों को स्थानीय भवनों में सुरक्षित

  किंरदुल में बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए मकानों का जल्द मुआवजा दिया जाएगा। राजस्व अमले द्वारा क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे किया जा रहा है। कलेक्टर दंतेवाड़ा ने राजस्व अमले को मकानों, पालतु पशुओं आदि के नुकसान के संबंध में जल्द सर्वे कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए है।

जिला प्रशासन दंतेवाड़ा द्वारा किरंदुल में जगह-जगह बारिश से हुए जल जमाव कोे कोपर टेªक्टर मशीन के द्वारा रोड की साफ सफाई की जा रही है। बाढ़ से प्रभावित परिवारों को स्थानीय मंगल भवन में रुकने तथा भोजन आदि की भी व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन की टीम द्वारा क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे भी शुरू कर दिया गया है। जिसके आधार पर नुकसान का आकलन कर उन्हें क्षतिपूर्ति दी जाएगी। मौसम सामान्य होने पर बाढ़ प्रभावितों की अन्य समस्याओं का निराकरण किया जाएगा।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से दंतेवाड़ा जिले के किंरदुल में लगातार बारिश होने के कारण नदियां उफान पर थी जिसके कारण किंरदुल पहाड़ी पर एनएमडीसी द्वारा निर्मित डेम क्षतिग्रस्त हो गया था। क्षतिग्रस्त डेम से मलबा ओर बोल्डर युक्त पानी के सैलाब से डेम के आसपास के इलाके के लगभग 150 मकान क्षतिग्रस्त हो गए इसके अलावा पालतु पशुओं के बहने और वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए थे।

 

 

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गुरु पूर्णिमा पर स्कूलों में गुरूओं का तिलक लगाकर किया सम्मान

  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आह्वान व कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में जिले के स्कूलों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। शांति नगर स्थित पी. जी. उमाठे उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में जिला मिशन समन्वयक श्री के.एस. पटले के मुख्य आतिथ्य में गुरुपूर्णिमा का उत्सव मनाया गया। श्री पटले ने कहा कि हमारी परंपरा बहुत महान है। प्राचीन काल से इसे सर्वाेच्च स्थान दिया गया है। गुरूजनों को याद करते कहा कि इन्होंने वेदों की रचना की। उन्होंने बताया कि गुरू शिष्य की परंपरा प्राचीन है। ऋषि मुनियों ने वेद जैसे ग्रंथो की रचना की। उन्होंने ने कहा  कहा कि पढ़ाई के साथ लिखने का अभ्यास कीजिए। रविंद्र नाथ टैगौर ने एक बार बहुत सारे पुस्तकों को पढ़ने की अपेक्षा एक ही पुस्तकों को अधिक बार पढ़ना चाहिए। मनुष्यों के जीवन निर्माण में गुरुओं की अहम भूमिका होती है।

ऐसे में माना जाता है कि जिन गुरुओं ने हमें गढ़ने में अपना योगदान दिया है। उनके प्रति हमें कृतज्ञता का भाव बनाए रखना चाहिए और उसे जाहिर करने के दिन के तौर पर ही गुरु पूर्णिमा का त्यौहार मनाया जाता है। वेद को पूरे विश्व के पहले ऋषि माने जाते हैं, इन्होंने भारतीय परंपरा में ज्ञान की ऐसी महत्वपूर्ण काम किए जो आज भी प्रारंभिक है। उन्होंने कहा कि वैसे तो हर दिन गुरु की सेवा करना चाहिए, लेकिन यह दिन पूर्ण रूप से गुरु को समर्पित होता है। इस दिन का उल्लेख रामायण व महाभारत काल में भी किया गया है। कहा जाता है कि इस दिन का इतिहास हजारों लाखों वर्ष पुराना है। 3000 ईसवीं पहले आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा के दिन महाभारत के रचयिता वेद व्यास का जन्म हुआ था। कहा जाता है कि इसी दिन वेद व्यास जी ने भागवत पुराण का भी ज्ञान दिया था। यही कारण है कि हर साल आषाढ़ माह के पूर्णिमा तिथि को गुरु पूर्णिमा मनाया जाता है। इसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं समस्त गुरुजनों का मंगल तिलक द्वारा स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन कक्षा बारहवीं की छात्राओं द्वारा किया गया। कक्षा 8 वी की छात्रा कुमारी वंशिका द्वारा स्वागत भाषण दिया गया तथा छात्राओं द्वारा बेहद ही मधुर एवं मनमोहक गुरु वंदना प्रस्तुत किया गया।        

 
 
 
 
 

कक्षा 8 वीं की छात्रा कुमारी पूर्वा साकार ने अंग्रेजी में एवं कुमारी ऋषिका बुंदेल ने संस्कृत में अपने प्रभावशाली भाषण से गुरु की महिमा पर अनमोल विचार प्रस्तुत किया। विद्यालय की छात्रा एवं बालिका लोक गायिका कुमारी ओजस्वी(आरू) साहू द्वारा प्रस्तुत किए गए समूह गान की मधुर आवाज ने सबको भावविभोर कर दिया।

 विद्यालय की व्याख्याता किरण पांडे ने सभी विद्यार्थियों को अपने जीवन में गुरु की भूमिका का महत्व समझने और उनकी शिक्षाओं को आत्मसात करने के लिए कविता के माध्यम से प्रेरित किया। उन्होंने यह भी कहा कि गुरु की शिक्षा और मार्गदर्शन से ही हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं एवं जीवन में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम ने विद्यालय में गुरु-शिष्य परंपरा को और भी मजबूत किया तथा विद्यार्थियों में गुरु के प्रति आदर और सम्मान का भाव जागृत किया।

 

 

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बोरझरा नाला बंद होने से फसलों को नुकसान, किसान परेशान

 कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देश पर एडीएम अरविंद एक्का एवं अपर कलेक्टर बजरंग दुबे ने जनदर्शन में बड़ी संख्या में पहंुचे लोगांे से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन मंे पहंुचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में आज 150 आवेदन प्राप्त हुए।

जनदर्शन में आवेदन लेकर पहंुचे नगपुरा के किसानों ने बताया कि नगपुरा में जालबांधा मुख्य मार्ग में बोरझरा नाला है, जिसे कुछ किसानों ने नाले को बंद कर दिया है। नाला बंद होने के कारण कृषि भूमि में पानी भर गया है, जिससे फसलों को नुकसान होने की संभावना है। नाले को खोलने से फसलों के होने वाले नुकसान को बचाया जा सकता है। इस पर अपर कलेक्टर ने संबंधित विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

ग्राम भरदा दुर्ग निवासी ने स्वयं की भूमि पर अन्य व्यक्ति द्वारा बुआई किए जाने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि निजी भूमि पर अन्य व्यक्ति द्वारा अरहर की खेती की जा रही है, जिसके कारण स्वयं के भूखंड पर मेरे द्वारा फसल नही लिया जा सका, इसके द्वारा पिछले वर्ष भी यह कृत्य किया गया था। जिस पर सरपंच, कोटवार और ग्रामीणों की मौजूदगी में अन्य व्यक्ति द्वारा कृत्य की पुर्नवृत्ति नही करने का कथन किया गया था, परंतु उसका अवैधानिक कृत्य आज भी जारी है, जिसके कारण उनको आर्थिक एवं मानसिक प्रताड़ना हो रही है। इस पर अपर कलेक्टर ने तहसीलदार दुर्ग को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।

बोरसी वार्डवासियों ने विद्युत पोल को हटाने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि विद्युत पोल से बोरसी वार्डवासियों का घर लगा हुआ। पोल के पास ही मोहल्ले के बच्चों का खेलना-कूदना लगा रहता है एवं घर के बड़े बुजुर्गो का भी बैठना और आमजनता का भी आना जाना लगा रहता है। बरसात के दिनों में विद्युत पोल में कंरट होने के कारण दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। इस संबंध में विद्युत मंडल में भी आवेदन दिया गया था। इस पर अपर कलेक्टर ने बिजली विभाग के अधिकारी को निरीक्षण कर तत्काल कार्यवाही करने को कहा।

 

ग्राम पंचायत नगपुरा के सरपंच ने शिक्षक की मांग की। बच्चों के भविष्य को देखते हुए उन्होंने ग्राम नगपुरा में स्थित दो प्राथमिक शालों में शिक्षक के लिए आवेदन दिया, ताकि पढ़ाई सुचारू रूप से संचालित हो सके। इस पर अपर कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।

 
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राजनांदगांव जिले में इस वर्ष अब तक देखिये कितनी औसत बारिश

 राजनांदगांव जिले में इस वर्ष चालू मानसून वर्ष में 1 जून 2024 से अब तक औसत 429.9 मिमी बारिश रिकार्ड की गई है। जिले के सभी 7 तहसीलों में पिछले 24 घण्टों में औसत 20.5 मिमी बारिश हुई। सर्वाधिक वर्षा राजनांदगांव तहसील में 50.7 मिमी दर्ज की गई। 

भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी अनुसार पिछले 24 घण्टों में डोंगरगढ़ तहसील में 9 मिमी, लाल बहादुर नगर तहसील में 7.5 मिमी, राजनांदगांव तहसील में 50.7 मिमी, घुमका तहसील में 23.5 मिमी, छुरिया तहसील में 23.7 मिमी, कुमरदा तहसील में 11.4 मिमी एवं डोंगरगांव तहसील में 18 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

 
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छत्तीसगढ़ में शिक्षकों और विद्यार्थियों की संख्या का अनुपात राष्ट्रीय अनुपात से बेहतर - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज विधानसभा में प्रश्नकाल में स्कूल शिक्षा के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में शिक्षकों और विद्यार्थियों का अनुपात राष्ट्रीय अनुपात से बेहतर है। उन्होंने बताया कि देश में 26 विद्यार्थियों के पीछे एक शिक्षक हैं जबकि प्रदेश में 21 विद्यार्थियों के पीछे एक शिक्षक है। शिक्षकों की पदस्थापना में अब तक कुछ अव्यवस्थाएं थी। जिसके कारण शिक्षकों की कमी परिलक्षित हो रही थी। इन कारणों से सर्वप्रथम युक्तियुक्तकरण करना पहली प्राथमिकता होगी। कुछ स्कूलों में जहां विषय संकाय है वहां शिक्षक नहीं है जहां विषय संकाय नहीं है वहां शिक्षक हैं। कुछ स्थानों पर राज्य के अनुपात से भी बहुत कम विद्यार्थियों पर शिक्षक है। कुछ स्थानों पर तो 4-5 विद्यार्थी पर एक शिक्षक है। युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया हेतु ऐसे स्कूलों का चिन्हांकन किया जा रहा है और शीघ्र ही सभी स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना कर दी जाएगी। इससे सभी स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध हो जाएंगे और शिक्षा का स्तर और भी अच्छा हो जाएगा। 


मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शिक्षकों की व्यवस्था के साथ ही अधोसंरचना विकास पर भी हम काम कर रहे हैं।
 
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में शिक्षक और विद्यार्थियों का अनुपात राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर है। युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी होने से सभी स्कूलों में शिक्षक मिल सकेंगे। साय सरकार द्वारा किये जा रहे युक्तियुक्तकरण का सकारात्मक असर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा और ऐसे स्कूलों में भी शिक्षक मिल जाएंगे जहां शिक्षकों की कमी की वजह से शिक्षा प्रभावित हो रही है।
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बलौदाबाजार कांड को लेकर सदन में विपक्ष का हंगामा, पेश किया स्थगन प्रस्ताव

 विधानसभा में प्रश्नकाल के बाद सदन में बलौदाबाजार कांड गूंजा। बलौदाबाजार हिंसा मामले में विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव पेश किया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदन का काम रोककर हिंसा के मामले में चर्चा की मांग की।  


स्थगन पर चर्चा की मांग पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने आपत्ति जताई। अजय चंद्राकर ने कहा- सदन में न्यायिक प्रक्रिया के विषय में चर्चा नहीं हो सकती। बलौदाबाजार हिंसा के मामले में न्यायिक जांच चल रही है। इसलिए इस विषय पर चर्चा नहीं की जा सकती। इस पर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा- स्थगन नियम प्रक्रियाओं के अनुरूप है। इसके बाद सदन में दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई।  

भाजपाइयों ने किया स्थगन का विरोध
भाजपा विधायक धर्मजीत सिंह ने भी सदन में चर्चा पर आपत्ति जताई। वहीं धरमलाल कौशिक ने कहा- इस मामले में जांच की घोषणा की गई है, इसलिए इस विषय पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती। जांच रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद सदन में जरूर चर्चा की जा सकती है। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- जांच आयोग बिरकोनी में हुई घटना की जांच तक सीमित है। हमारा स्थगन बलौदाबाजार हिंसा की जांच पर केंद्रित है। श्री बघेल ने कहा कि, इस विषय में सदन में चर्चा की जा सकती है। इस पर अजय चंद्राकर ने कहा- अमरगुफा की घटना की प्रतिक्रिया में ही यह हिंसा हुई। विधानसभा की परंपरा को देखते हुए इस पर चर्चा न कराई जाए। जब न्यायिक प्रक्रिया चल रही है तो सदन में चर्चा न हो। इस पर अजय चंद्राकर और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोंकझोंक हुई।

स्थगन की ग्राह्यता पर चर्चा
स्पीकर की व्यवस्था के बाद स्थगन प्रस्ताव की ग्राह्यता पर चर्चा शुरू हुई। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के चर्चा शुरू करते ही सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने लगी। सदन में घटना की चर्चा को लेकर भारी हंगामा मचा रहा। हंगामे के बीच पूर्व सीएम श्री बघेल ने कहा- सतनामी समाज के आवेदन पर भी कार्रवाई नहीं हुई। भाजपा के नेताओं ने ही धरना के लिए आवेदन दिया। बलौदाबाजार की घटना के दिन भीड़ बढ़ रही थी, पर प्रशासन सचेत नहीं हुआ। हजारों की भीड़ पहुंची लेकिन पुलिस बेहद कम संख्या में थी। उन्होंने कहा कि, भोजन और टेंट की व्यवस्था भी कलेक्टर एसपी के निर्देश पर ही की गई थी। इससे पता चलता है कि समाज को बांटने की कोशिश की जा रही है। गहरी साजिश रची गई है, इसलिए इस विषय पर चर्चा जरूरी है।  

बघेल ने आगे कहा कि, इस घटना के लिए सुशासन की बात करने वाली सरकार ही जिम्मेदार है। पूरे देश में ऐसी घटना नहीं हुई है, इसका कलंक सरकार के सीने पर है। घटना के बाद सफेद कपड़ा पहने लोगों से मारपीट की गई, गलत लोगों को गिरफ्तार किया गया, चर्चा में सभी बातें सामने आएंगी।

 

 

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सदन में सीएम साय ने शिक्षकों के स्थानांतरण व अनुकंपा नियुक्ति पर जानकारी दी

 विधानसभा मानसून सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सदन में शिक्षकों के ट्राइबल से शिक्षा विभाग और शिक्षा विभाग से ट्राइबल विभाग में स्थानांतरण एवं संविलियन पर जानकारी दी। पामगढ़ से कांग्रेस विधायक शेष राज हरबंस के प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ट्राइबल और शिक्षा विभाग के बीच शिक्षकों के स्थानांतरण की कोई नीति या नियम नहीं है। इसके साथ ही, ट्राइबल विभाग में पदस्थ शिक्षकों का शिक्षा विभाग में संविलियन नहीं किया गया है और न ही ऐसी कोई योजना प्रस्तावित है।


अनुकंपा नियुक्ति के आंकड़े
बेलतरा से भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने बताया कि बिलासपुर संभाग के अंतर्गत वर्ष 2021 से अब तक अनुकंपा नियुक्ति हेतु 1166 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 531 आवेदकों को तृतीय श्रेणी और 364 आवेदकों को चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति दी गई है। साथ ही, 44 आवेदन निरस्त किए गए हैं। तृतीय श्रेणी के 178 और चतुर्थ श्रेणी के 44 आवेदन विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं। पांच आवेदन पत्र आवेदकों के अवयस्क होने के कारण लंबित हैं।

 

 

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बारिश के दौरान दलदल और कीचड़ भरी सड़क पर चलने को मजबूर

 जिले के बिलाईगढ़ विधानसभा में ग्रामीण आज भी कीचड़ भरी रोड में चलने को मजबूर हैं। बरसात के दिनों में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। तबियत खराब होने पर उन्हें खाट के सहारे एम्बुलेंस तक पहुंचाना पड़ता है। इसलिए ग्रामीण मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत सड़क बनाने की मांग कर रहे हैं।

सरकार जहां ग्रामीण क्षेत्रों को पक्की सड़क से जोड़ने के भले ही लाख दावे करती हो, लेकिन बिलाईगढ़ क्षेत्र के देवरहा गांव तक पहुंचने वाला सड़क इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। आजादी के 75 साल बीत जाने के बाद भी इस गांव को पक्की सड़क जैसी सुविधा नहीं मिल पाई है। जिसके चलते ग्रामीण कीचड़ और दलदल भरी सड़कों में चलने को मजबूर हैं।



ग्रामीणों का आरोप है कि बरसात के दिनों में स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को इसी रोड से आवागमन करना पड़ता है। गांव में किसी की तबियत बिगड़ जाए तो गांव में एम्बुलेंस भी नहीं पहुँच पाता, जिसके कारण मरीजों को वाहन के बजाय खाट-चारपाई के सहारे एम्बुलेंस तक ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने आगे कहा कि कई बार तबियत खराब के दौरान मौके पर इलाज की सुविधा नहीं मिलने पर उन्हें मौत का भी सामना करना पड़ता है। कई लोगों की जान तक चली गई है।



ऐसे में अब ग्रामीण शासन-प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जल्द ही उनके गांव को हरदी से लेकर धनगांव मुख्य मार्ग तक प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत पक्की सड़क बनाकर दी जाए। ताकि ग्रामवासियों को मूलभूत सुविधाएं मिल सकें।



बहरहाल, अब देखना होगा कि इन ग्रामीणों को कब तक पक्की सड़क मिल पाती है या शासन-प्रशासन का दावा खोखला साबित होता है।

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जुआरियों को पुलिस ने पकड़ा, मोबाइल और पैसे जब्त

 बिलासपुर। सूचना प्राप्त हुई कि कोरी डैम के किनारे कई फड लगाकर लोग लाखों रुपयों का जुआ खेल रहे है । इस सूचना पर तत्काल SDOP Kota नूपुर उपाध्याय को थाना प्रभारी कोटा के साथ पर्याप्त बल के साथ भेजा गया । पुलिस बल के पहुँचने पर जुआड़ियों के 4 फड़ लगे थे पुलिस को देखकर जुआड़ियों ने भागने का प्रयास किया किंतु पुलिस पार्टी ने घेराबंदी कर जुआरियों को पकड़ा और डैम के पास बने सिंचाई विभाग की बिल्डिंग के बाउंड्री में लाकर पुलिस के द्वारा zero FIR की गयी और सभी फड़ों की तलाशी ली गयी जिसमें ताश के पत्तों के अलावा कुल रक़म   349215 रुपये बरामद हुए हैं तथा कुल 22 जुआड़ी पकड़े गये जिनके नाम इसप्रकार  हैं । जुआरियों से 7 कारें और 22 मोबाइल ज़ब्त किए गए हैं ।

सुनील यादव चाटींडीह रपटा चौक 

श्याम मूर्ति चाटीडीह रामायण चौक

अमित सिंह लक्ष्मीनगर रायपुर 

राजेश साहू गोंडपारा कोतवाली बिलासपुर

दिनेश सिंह बँधवापारा सतबहानिया मंदिर

संजीव साहू तखतपुर 

महेश कुमार गबेल चाटीडिग

हरिओम साहू खमतराई बिलासपुर

चंद्रप्रकाश मेरावी नागोई तखतपुर

दीपक सोनी अशोक विहार फेज -2 बिलासपुर 

अमित पहाड़ी निवासी सकरी बिलासपुर 

अमित भारतै निवासी सकरी बिलासपुर 

दीपक साहू गोदैया रतनपुर 

संदीप मिश्रा निवासी नीलपैलेस बिलासपुर 

शिवेंद्र प्रताप कौशिक नगोई तखतपुर बिलासपुर

राकेश सिंह दयालबन्द बिलासपुर 

सूरज वस्त्रागार अमेरी बिलासपुर 

संजय ध्रुव जबड़पारा बिलासपुर 

श्रीकान्त तिवारी मंगला बिलासपुर 

अकबर ख़ान 33 वर्ष दयालबंद बिलासपुर 

जितेश मोर मालखरोदा शक्ति 

अर्पित सहगल नारियल कोठी सिविल लाइन बिलासपुर


 

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गांवों में रैली के जरिए मलेरिया और डायरिया से बचाव का दे रहे संदेश

 कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर स्कूली बच्चों ने जनजागरुकता की कमान संभाली ली है। गांवों में रैली निकाल कर मलेरिया और डायरिया से बचाव का संदेश दे रहे हैं।  अब ग्रामीणों पर इसका असर दिख रहा है। 

कोटा ब्लॉक के विभिन्न गांवों में स्कूली बच्चों को प्रार्थना के समय जागरूक किया जा रहा है। बच्चे भी रैली के जरिए ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। बच्चों को स्वच्छता अभियान के अंतर्गत डायरिया से बचाव और सुरक्षा हेतु स्कूल में भाषण और प्रेजेंटेशन के जरिए जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में मझगांव स्कूल में मलेरिया से बचाव विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई ।इस कार्यशाला में मलेरिया के लक्षण तथा उससे बचाव की छात्रों को विस्तृत जानकारी दी गई। छात्रों की तरफ से कक्षा 12वीं से चंद्रदीप जायसवाल और कुमारी कृशा तथा कक्षा ग्यारहवीं से नितेश यादव एवं हिना ध्रुव ने अपने  विचार रखे।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता जीवविज्ञान विषय के व्याख्याता शोभाराम पालके ने मलेरिया की रोकथाम पर विस्तृत जानकारी दी।जिसके तहत मच्छर दानी लगा कर सोने, डीडीटी का छिड़काव, मलेरिया रोधी क्रीम का प्रयोग, आसपास सफाई, रुके पानी का निस्तारीकरण, कूलर की सफाई,  बुखार रहने पर खून की जांच करवाना एवं नजदीकी अस्पताल में डॉक्टर को दिखाना इत्यादि बचाव के उपाय बताए गए । इस अवसर पर प्रधान पाठक शैलेश कुमार पांडेय तथा शिक्षकों से रंजीत कुमार खूंटे, माधव प्रसाद कौशिक, गीता पांडेय, पूनम सिंह, हेमंत अनंत लीलाराम खूंटे तथा समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

 

 

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कच्ची शराब पर आबकारी विभाग की कार्रवाई

 अवैध रूप से आसवित कच्ची शराब के सेवन से संभावित जनहानि को रोकने विभाग द्वारा सतत कार्रवाई की जा रही है। इसी तारतम्य में शनिवार को मुखबीर सूचना के आधार पर ग्राम कालीदरहा थाना बलौदा में आरोपी प्रमोद सेठ से गवाहों के समक्ष  पूछताछ कर उसके रिहायशी मकान की विधिवत तलाशी ली जाने पर आरोपी के रिहायशी मकान से 5-5 लीटर क्षमता वाली 3 नग प्लास्टिक जरकेन में भरी हुई हाथ भट्ठी कच्ची महुआ शराब कुल 15.00 लीटर बरामद हुई, जिसे विधिवत जप्त कर आरोपी के विरुद्ध धारा 34(2) आब. एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। 

 प्रकरण में जप्त मदिरा की मात्रा 5 लीटर से अधिक होने के कारण अपराध की प्रकृति धारा 59 (क) आब. एक्ट के तहत अजमानतीय होने के कारण आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया। 

उपरोक्त कार्रवाई दरसराम सोनी आबकारी उपनिरीक्षक वृत्त सरायपाली एवं नितेश सिंह बैस आबकारी उपनिरीक्षक वृत्त बसना की संयुक्त टीम द्वारा की गयी, जिसमें आरक्षक राजकिशोर पांडे, खिनीराम खुटे, संजय मरकाम, सैनिक लक्ष्मीचरण, कविग्वाल एवं समस्त आबकारी स्टाफ उपस्थित थे।

 

 

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बिलासपुर नेमीचंद जैन मथुरा वाले चैरिटी ट्रस्ट पेंडारी सकरी ने 200 नग मच्छरदानी वितरण के लिए

बिलासपुर कलेक्टर अवनीश शरण की अपील पर मलेरिया व डायरिया से निपटने में समाज के सभी वर्गों का सहयोग मिलना शुरू हो गया है। नेमीचंद जैन मथुरा वाले चैरिटी ट्रस्ट पेंडारी सकरी ने 200 नग मच्छरदानी वितरण के लिए जिला प्रशासन को दान दिए हैं। मलेरिया प्रभावित ग्राम मझगांव में जरूरतमंद लोगों में इसके वितरण कार्य का शुभारंभ एसडीएम युगल किशोर उर्वशा ने किया। उन्होंने ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ इसका वितरण किया। एसडीएम उर्वाशा ने बताया कि मलेरिया से बचाव के लिए मच्छरदानी एक अचूक उपाय है। उन्होंने इसका नियमित उपयोग करने का आग्रह लोगों से किया। मझगांव में मोबाइल मेडिकल वाहन द्वारा शिविर भी लगाया गया था।शिविर में पहुंचे लोगों को मलेरिया से बचाव के उपाय भी बताए। महामाया मंदिर सेवा ट्रस्ट ने भी अभियान में सहयोग का हाथ बढ़ाया है। उनके द्वारा रतनपुर अस्पताल में भर्ती मरीजों को ताजा खिचड़ी परोसा जा रहा है।

 

 

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दंतेवाड़ा जिले में अधिक वर्षा से किरंदुल पहाड़ी में निर्मित डेम हुआ क्षतिग्रस्त

दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल पहाड़ी में एनएमडीसी द्वारा निर्मित एन-1 बी डेम जिले में अत्यधिक बारिश होने के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है,  जिसके कारण अनेक घर बाढ़ की चपेट में क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा तत्काल लोगों को सुरक्षित स्थान ले जाया गया है। इसके अलावा किरंदुल के गाटर पुलिया एवं सीएससी सेंटर के पास भी बारिश से जल जमाव होने से जेसीबी मशीन के द्वारा रोड की साफ सफाई भी किया गया है। यहां भी जिला प्रशासन के द्वारा निचले स्तर पर बसी बस्तियों में  जलभराव स्थिति को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट  किया जा रहा है। इसके साथ ही जिला प्रशासन मौके पर तैनात होकर रेस्क्यू कर रहा है तथा प्रभावित परिवारों को मंगल भवन में ठहराया जा रहा है। इस दौरान ट्यूशन पढ़ने जा रहे बच्चे, जो बाढ़ की चपेट में आ गए थे, उन्हें भी रेस्क्यू कर बचाया गया है और उनको अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वर्तमान में उनकी स्थिति सामान्य है। जिला प्रशासन द्वारा लगातार भारी बारिश के  कारण बाढ़ग्रस्त क्षेत्र के समीप रहने वाले लोगों को अन्य जगह शिफ्ट होने की हिदायत दी जा रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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गाज गिरते ही फटा मोबाइल, किसान की मौत

 बालोद में बिजली गिरने से किसान के जेब में रखा मोबाइल ब्लास्ट  हो गया। जिससे किसान धरमु साहू की मौके पर ही मौत हो गई। दर्दनाक घटना के बाद मृत किसानों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना बालोद थाना क्षेत्र के एक गांव की है।

जानकारी के मुताबिक, घटना लिमोरा गांव  की है। किसान धरमु अपने खेत में काम कर रहा है। इसी दौरान आंधी तूफान के साथ जोरदार बारिश होने लगी। इसी बीच किसान खेत से अपने घर जाने के लिए निकला था, तभी अचानक बिजली गिर गई और किसान के जेब में रखा मोबाइल ब्लास्ट हो गया। घटना में धरमू की मौके पर ही मौत हो गई।

वहीं, एक अन्य घटना भी बालोद क्षेत्र की है। सेमरकोना गांव का किसान सुकलाल 45 वर्ष बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे बैठा हुआ था। इसी बीच उसके उपर आसमानी बिजली गिर गई। घटना में किसान की मौके पर ही मौत हो गई। फिलहाल दोनों ही मामले में मामले की जांच की जा रही है।

 
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किरंदुल में टूटा एनएमडीसी का डैम, मचा हाहाकार...

 दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां भारी बारिश के चलते एनएमडीसी (नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) का डैम टूट गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, डैम के टूटने से मौके पर बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।

डैम टूटने के कारण सड़क पर पानी का तेज बहाव हो रहा है, जो सामने आ रही हर चीज को बहा ले जा रहा है। अचानक आई इस बाढ़ से पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई है। स्थानीय लोगों में भय और चिंता का माहौल व्याप्त है।

प्रत्यक्षदर्शियों का बयान
मौके पर मौजूद एक शख्स ने पानी के तेज बहाव का वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें पानी के विकराल रूप को देखा जा सकता है। वीडियो में पानी की तेज धारा और उसके प्रभाव को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जिससे इलाके में हुए नुकसान का अंदाजा लगाया जा सकता है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और राहत टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया है। बचाव कार्य तेजी से जारी है और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

आगे की स्थिति
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। इसके साथ ही, संबंधित अधिकारियों ने डैम के टूटने के कारणों की जांच शुरू कर दी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर विचार किया जा रहा है।

इस घटना से दंतेवाड़ा जिले में भारी नुकसान की आशंका है, और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

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बैगा आदिवासियों की मौत का कारण डायरिया नहीं, विभिन्न कारणों से हुई मौत


ग्राम सोनवाही में बैगा आदिवासियों की मृत्यु के संबंध में जांच के लिए कवर्धा कलेक्टर ने तीन सदस्यीय टीम बनायी थी। इस टीम के द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में  बैगा आदिवासियों की मौत डायरिया से नहीं बल्कि अन्य कारणों से होना पाया गया। जांच टीम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी शामिल थे।

    जांच टीम ने संयुक्त रूप से ग्राम का भ्रमण कर तथा ग्रामवासियों और मृतकों के परिजनों से चर्चा कर जो तथ्य पाए हैं उसके अनुसार महिला बैगा आदिवासी फुलबाई के पति ने ये जानकारी दी है उन्होंने जंगली मशरूम खाया था जिसके बाद उसकी पत्नी और बेटे दोनों की तबीयत खराब हो गयी थी और फिर पत्नी की मौत हो गयी। एक अन्य मामले में मृतक सुरेश धुर्वे को पेट दर्द की शिकायत थी, मितानिन द्वारा उसके घर जाकर सरकारी अस्पताल ले जाकर ईलाज कराने के सलाह देने के बावजूद चिकित्सा लाभ न लेकर स्वयं घरेलू उपचार करने के कारण उसकी मौत हो गयी। अन्य प्रकरण में ललेश्वरी नाम की बैगा आदिवासी महिला सामान्य प्रसव होने के बाद अपने मायके लालघाट मध्यप्रदेश चली गई थी। और वहीं उसकी तबीयत बिगड़ने से मौत हो गयी। सोनसिंह नामक मृतक की तबीयत खराब थी।  

 ग्राम सोनवाही में स्वास्थ्य शिविर लगाकर स्वास्थ्य कर्मियों एवं मितानिनों द्वारा डोर टू डोर रैपिड फीवर सर्वे कराकर सभी संभावितों की जांच व उपचार किया जा रहा है तथा ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति वर्तमान में ग्राम सोनवाही की स्थिति सामान्य है।

इसी तरह से कबीरधाम जिले के बोडला विकासखण्ड के ग्राम सोनवाही के पारा-टोला ग्राम सरेंडा निवासी तीन ग्रामीणों की मृत्यु का कारण अलग-अलग है।  कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे के निर्देश पर बनी तीन सदस्यीय जांच टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट दी है। कलेक्टर के निर्देश पर सरेंडा ग्राम में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया है। 

जांच रिपोर्ट में बताया गया कि सरेंडा गांव में तीन ग्रामीणो की मृत्यु की सूचना प्राप्त होने पर ग्राम सरेंडा का भ्रमण कर मृतक के परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ की गई। पूछताछ में बताया गया कि सरेंडा की निवासी मृतक पनकिन बाई पति नन्हुआ सिंह 75 वर्ष की थी। पिछले कुछ वर्षों से लकवा रोक से ग्रसित थी, जिसके कारण वह चलने फिरने में असमर्थ थी। धीरे-धीरे शारीरिक कमजोरी बढ़ने के कारण घर पर ही मृत्यु हो गई।  

मृतक सोमबाई पति सुमेर सिंह बैगा का उम्र 70 वर्ष की थी। पिछले दो वर्षों से लकवा ग्रस्त थी। उसे खाना खाने में बहुत तकलीफ हो रही थी। पिछले 20 दिनों से खाना भी नहीं खा पा रही थी। मृत्यु के समय उन्हे किसी भी प्रकार की अन्य बीमारी नहीं थी। इसी प्रकार मृतक अनिता बैगा पिता महासिंह उम्र 29 वर्ष की थी, वह 6 माह की गर्भवती थी। उन्हें उल्टी-दस्त बुखार एवं रक्त स्त्राव की समस्या के साथ 14 जुलाई को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र झलमला में भर्ती कराया गया। स्थिति में सुधार नहीं होने के कारण उन्हे जिला अस्पताल कवर्धा में रिफर किया गया। जिला अस्पताल में उनका स्वास्थ्य सुधार नहीं होने के कारण उसे डॉ भींम राव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में भर्ती किया गया, उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वास्थ्य संबंधी देखभाल को गंभीरता से लेते हुए सभी जिले के मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी, कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को निर्देश हैं कि सतत ग्रामीण क्षेत्रों को भ्रमण कर जलजनित बीमारी की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य शिविर लगाना सुनिश्चित करें और पेयजल स्रोतों में क्लोरिनेशन करना सुनिश्चित करें।
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