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उत्तर प्रदेश में होगा आयुष बोर्ड का गठन : योगी

 लखनऊ: यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आयुर्वेद, यूनानी, होमियोपैथी, सिद्धा, प्राकृतिक चिकित्सा और योग पद्धति से जुड़े संस्थानों के संचालन और संबंधित विधा के चिकित्सकों के पंजीयन के लिए एकीकृत 'आयुष बोर्ड' का गठन होगा।

शुक्रवार को आयुष विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई दिशानिर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में आयुर्वेदिक, यूनानी और होमियोपैथी चिकित्सा पद्धति के संबंध में तीन अलग-अलग बोर्ड संचालित हैं। अब इन सभी को एकीकृत रूप देते हुए एक बोर्ड के अधीन समाहित करने की आवश्यकता है। इससे न केवल नए संस्थानों की स्थापना व विकास में प्रक्रियागत सहजता होगी, वरन, उपाधि प्राप्त चिकित्सकों के पंजीयन में भी आसानी होगी।

इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ युवाओं के बीच योग एवं नेचुरोपैथी में करियर बनाने की चाह बढ़ी है। बड़ी संख्या में निजी क्षेत्र की ओर से योग एवं नैचुरोपैथी संस्थानों की स्थापना को लेकर प्रस्ताव भी मिल रहे हैं। ऐसे में आयुष बोर्ड के अंतर्गत योग एवं नैचुरोपैथी संस्थानों के विनियमन और चिकित्सकों के पंजीयन की कार्यवाही की जानी चाहिए।

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पीएम मोदी 30 को बिलासपुर में, परिवर्तन यात्रा के समापन में होंगे शामिल

मुंबई: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में भाजपा की परिवर्तन यात्रा के समापन समारोह में शामिल होंगे।

इस दौरान वे आमसभा में कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाने के साथ ही प्रदेश में सत्ता में वापसी का बिगुल फूंकेंगे। तीन महीने में पीएम का यह तीसरा छत्तीसगढ़ प्रवास होगा। इसके पूर्व वे रायपुर और रायगढ़ में सभा ले चुके हैं।

12 सितंबर को दंतेवाड़ा से निकली थी यात्रा
पीएम नरेन्द्र मोदी तीन अक्टूबर जगदलपुर प्रवास पर रहेंगे। बिलासपुर और बस्तर में भाजपा के कमजोर जनाधार को देखते हुए ही यहां पीएम का कार्यक्रम तय किया गया है। बता दें कि 12 सितंबर को दंतेवाड़ा और 15 सितंबर को जशपुर से निकली परिवर्तन यात्रा में केंद्रीय मंत्री, सांसद व अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए हैं। इस दौरान पांच हजार से अधिक लोगों ने भाजपा में प्रवेश किया है। यात्रा के दौरान 85 स्वागत सभा, 84 जनसभा और सात रोड शो हुए।

बिलासपुर संभाग की 13 सीटों पर कांग्रेस के विधायक
यह यात्रा 87 विधानसभा क्षेत्रों की 2,989 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद आज बिलासपुर में समाप्त होने जा रही है। इससे पूर्व बिलासपुर के सीपत रोड स्थित साइंस कालेज मैदान से दोपहर 12:30 बजे रैली शुरू होगी, वहीं दो बजे से आमसभा होगी। दरअसल, परिवर्तन यात्रा के बहाने प्रधानमंत्री प्रदेश के सबसे बड़े बिलासपुर संभाग के आठ जिलों के अंतर्गत आने वाली 24 विधानसभा सीटों को साधेंगे। वर्तमान में यहां 13 सीटों पर कांग्रेस के विधायक हैं।

दोपहर में पहुंचेंगे रायपुर एयरपोर्ट
सात सीटें भाजपा के पास, दो छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) और दो सीटें बहुजन समाज पार्टी के पास हैं। यानी भाजपा की स्थिति यहां कमजोर है। प्रधानमंत्री मोदी का दोपहर 1.30 बजे रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल पर संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत अगुवानी करेंगे। यहां से वे बिलासपुर के लिए रवाना हो जाएंगे। वहीं शाम को 4.50 बजे रायपुर विमानतल से नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।

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राजस्थान में कांग्रेस शासन के दौरान संविधान की अनदेखी हुई: चन्द्रशेखर

अलवर: आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस शासन के दौरान राज्य में संविधान की अनदेखी हुई है और बेरोजगारों को रोजगार नहीं दिया गया। श्री चन्द्रशेखर ने कल रात्रि यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुये कहा कि जो मुख्यमंत्री कागज की सुरक्षा नहीं कर सकता वह राज्य की सुरक्षा क्या करेगा।

श्री चन्द्रशेखर ने कहा कि उनके द्वारा देश भर में दलितों पर बढ़ रहे अत्याचार के विरुद्ध यह संविधान बचाओ देश बचाओ संकल्प यात्रा निकाली जा रही है । उन्होंने कहा कि यह पूरे देश में यात्रा निकाली जा रही है।

विधान सभा में उम्मीदवार उतारने के सवाल पर उन्होंने कहा कि राज्य में सभी सीटों पर पार्टी के प्रत्याशी उतारे जाएंगे जो कार्यकर्ता जनता को जागरूक करेंगे और जनता के प्रति उत्तरदायित्व रहेंगे। उनको टिकट दिया जाएगा । उन्होंने कहा कि एक मुख्यमंत्री को जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए।

दो अप्रैल की घटनाओं में दर्ज किए गए मुकदमों के सवाल पर उन्होंने कहा कि राजस्थान की कांग्रेस ने वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में, 2019 के लोकसभा चुनाव में और पंचायत चुनाव के दौरान यह कहा गया कि मुकदमे वापस लिए जाएंगे लेकिन मुकदमे वापस नहीं लिए।

हमें केंद्र सरकार से उम्मीद नहीं है लेकिन राज्य सरकार से उम्मीद थी लेकिन उन्होंने मुकदमे वापस नहीं लिए। इस सरकार ने बेरोजगारों को लूटने का काम किया है। केंद्र ने तो हमें जख्म देने का काम किया है ।

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राजस्थान में पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी ने फिर भाजपा का दामन थामा

जयपुर: राजस्थान में पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी सहित कुछ नेता भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। भाजपा प्रदेश कार्यालय पर गुरुवार रात प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में भाजपा का दामन थामा। श्री भाटी ने भाजपा में वापसी की है। उनके पिछले कई दिनों से फिर से भाजपा में आने की चर्चा भी चल रही थी।

इन नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास कार्यों, जनकल्याणकारी नीतियों पर विश्वास जताते हुए बिना किसी शर्त के भाजपा में शामिल हुए। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष सी पी जोशी, राष्ट्रीय महासचिव एंव प्रदेश प्रभारी अरूण सिंह, प्रदेश चुनाव प्रभारी एवं केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी, नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने श्री भाटी, शिक्षाविद् श्रवण चौधरी, बांदीकुई से भाजपा के पूर्व प्रत्याशी भागचंद सैनी और गेटवैल हॉस्पिटल सीकर के बीएल रणवां को माला और भाजपा का दुपट्टा पहनाकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कराई।

इस अवसर पर अरूण सिंह ने कहा कि राजस्थान में भाजपा परिवार में सदस्यता ग्रहण करने को लेकर बहुत उत्साह और उत्सुकता है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के कुशासन से आज प्रदेश का हर वर्ग परेशान है और भाजपा का परिवार बढ़ रहा है। लोगों की भाजपा के प्रति आस्था और विश्वास बढ़ा है।

प्रहलाद जोशी ने कहा कि पार्टी में शामिल होने वाले सभी सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व पर विश्वास कर ही पार्टी में शामिल हुए है।

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पंजाब में कांग्रेस MLA सुखपाल सिंह खैरा ड्रग तस्करी मामले में गिरफ्तार

 चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस के फायरब्रांड विधायक सुखपाल सिंह खैरा को गुरुवार को ड्रग्स मामले में उनके चंडीगढ़ स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया गया। पंजाब पुलिस ने अभी तक उनकी गिरफ्तारी और उन पर लगे आरोपों पर कोई बयान जारी नहीं किया है। खैरा फेसबुक पर लाइव हुए जब वो और पुलिसकर्मी छापेमारी को लेकर बहस करते नजर आ रहे हैं।

हालांकि, एक पुलिस अधिकारी को खैरा को यह कहते हुए देखा गया कि एनडीपीएस मामले में एक एसआईटी का गठन किया गया है, जिसके पास उनके खिलाफ ड्रग्स तस्करी के सबूत हैं। इस पर खैरा को अधिकारी से यह कहते हुए सुना गया कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही एनडीपीएस मामले को रद्द कर चुका है। बाद में खैरा पुलिस उसे गिरफ्तार कर पंजाब के जलालाबाद ले गयी।

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दुनिया में उभरता हुआ भारत वैश्विक भलाई के लिए एक शक्ति होगा : जयशंकर

संयुक्त राष्ट्र:  भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को भारत को 'विश्‍वमित्र' घोषित किया, जो दुनिया का मित्र है, जो पुल बनाने वाला होगा, लेकिन सत्ता संरचना को भी चुनौती देगा और दक्षिण को आवाज देगा, जैसा कि यह अपने अधिकार का दावा करता है। महासभा की उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने कहा, जब हम एक अग्रणी शक्ति बनने की आकांक्षा रखते हैं, तो यह आत्म-प्रशंसा के लिए नहीं है, बल्कि अधिक जिम्मेदारी लेने और अधिक योगदान देने के लिए है। उन्होंने कहा, सभी देश राष्ट्रीय हितों का पालन करते हैं (लेकिन) हमने, भारत में, इसे कभी भी वैश्विक भलाई के साथ विरोधाभास के रूप में नहीं देखा है।

भारत की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, गुटनिरपेक्षता के युग से हम अब विश्‍वमित्र, दुनिया के मित्र के रूप में विकसित हो गए हैं। यह राष्ट्रों की एक विस्तृत श्रृंखला के साथ जुड़ने और जब आवश्यक हो, हितों में सामंजस्य स्थापित करने की हमारी क्षमता में परिलक्षित होता है। उन्होंने कहा, भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली जी20 शिखर सम्मेलन इस बात की पुष्टि करता है कि कूटनीति और बातचीत ही एकमात्र प्रभावी समाधान हैं।

अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था विविध है। और हमें मतभेदों को नहीं तो मतभेदों को भी पूरा करना चाहिए। वे दिन जब कुछ राष्ट्र एजेंडा तय करते हैं और दूसरों से अपेक्षा करते हैं लाइन में लगना ख़त्म हो गया है। उन्होंने कहा, एक विश्‍व, एक परिवार, एक भविष्य' की हमारी दृष्टि केवल कुछ लोगों के संकीर्ण हितों पर नहीं, बल्कि कई लोगों की प्रमुख चिंताओं पर ध्यान केंद्रित करने की थी।

उन्होंने जोर देकर कहा कि नई दिल्ली जी20 शिखर सम्मेलन के नतीजे, जो वैश्विक वित्तीय व्यवस्था के विकास और पुनर्गठन को सामने लाए, निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में इसकी प्रतिध्वनि होगी।अपने देश के भविष्य के बारे में जयशंकर ने कहा : आधुनिकता को अपनाने वाली एक सभ्यतागत राजनीति के रूप में हम परंपरा और प्रौद्योगिकी दोनों को समान रूप से आत्मविश्‍वास से मेज पर लाते हैं। यह वह संलयन है जो आज इंडिया अर्थात भारत को परिभाषित करता है।

भारत एक चौथाई सदी के 'अमृत काल' में प्रवेश कर चुका है, जहां अधिक प्रगति और परिवर्तन हमारा इंतजार कर रहा है।

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भारत मंडपम के नटराज के मुख्य शिल्पी राधाकृष्णन सम्मानित

नई दिल्ली: जी-20 शिखर सम्मेलन से पूर्व राजधानी के प्रगति मैदान के भारत मंडपम में स्थापित अष्टधातु से बनी ‘नटराज’ की विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा के मुख्य शिल्पी राधाकृष्णन स्थापति को उनके असाधारण कलात्मक कौशल के लिए सम्मानित किया गया है।

इस प्रतिमा के निर्माण में कुल तीन लाख मानव श्रम घंटे का समय लगा, अर्थात् यदि एक व्यक्ति को इस मूर्ति को तैयार करना होता, तो उसे कुल तीन लाख घंटे या 12,500 दिन लगते। इसके निर्माण में 30 महीने का काम छह महीने में पूरा किया गया।

तमिलनाडु के स्वामीमलाई जिले के श्री राधाकृष्णन को सोमवार को यहां एक कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। राजधानी के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में ‘नटराज: ब्रह्मांडीय ऊर्जा की अभिव्यक्ति’ पर आयोजित संगोष्ठी कार्यक्रम में ‘नटराज’ पर विचार-विमर्श और इसके भारतीय दर्शन पर विस्तृत चर्चा की गयी। इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को नटराज के दर्शन के प्रति जागरूक करना था। 'नटराज' प्रतिमा की स्थापना में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम में बताया गया कि श्री राधाकृष्णन का परिवार चोल काल से मूर्ति शिल्प की इस विधा पर कार्य करता आ रहा है। श्री राधाकृष्णन चोल काल के स्थापतियों के परिवार की 34वीं पीढ़ी के सदस्य हैं। राजधानी में नौ और 10 सितंबर को भारत की अध्यक्षता में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले 'नटराज' की मूर्ति का निर्माण श्री राधाकृष्णन की अगुआई में मधुच्छिष्ट विधान (लॉस्ट वैक्स तकनीक) से किया गया। इस विधि का चोल काल (9वीं शताब्दी ईस्वी) से पालन किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम में पद्मविभूषण राज्यसभा सांसद डॉ. सोनल मानसिंह, प्रख्यात नृत्यांगना ‘पद्मभूषण’ डॉ. पद्मा सुब्रमण्यम, आईजीएनसीए के अध्यक्ष ‘पद्मश्री’ रामबहादुर राय, केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के सचिव गोविंद मोहन, ऑल इंडिया फाइन आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स सोसाइटी के अध्यक्ष एवं प्रख्यात मूर्ति शिल्पकार बिमान बिहारी दास, कॉलेज ऑफ आर्ट के प्राचार्य प्रो. संजीव कुमार शर्मा, नेशनल गैलरी ऑफ मॉर्डन आर्ट के पूर्व महानिदेशक अद्वैत गडनायक, प्रख्यात मूर्ति शिल्पकार अनिल सुतार और आईजीएनसीए के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी सहित कई कलाप्रेमी, दर्शक और अतिथिगण मौजूद थे। इस कार्यक्रम में 200 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।

 
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अटल फाउंडेशन ने की अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार शुरू करने की घोषणा

नई दिल्ली: गैर सरकारी संगठन अटल फाउंडेशन ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के नाम पर एक नया पुरस्कार शुरू करने की मंगलवार को घोषणा की। यह पुरस्कार दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री की जयंती के अवसर पर आगामी 25 दिसंबर को दिया जाएगा। अटल फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष अपर्णा सिंह और ज्योतिषाचार्य राजेश ओझा ने यहां ‘अंतरराष्ट्रीय अटल पुरस्कार 2023’ की घोषणा करते हुए संवाददाता सम्मेलन में बताया कि विभिन्न श्रेणियों में यह पुरस्कार 11 व्यक्तियों को दिया जाएगा। इसके लिए नामांकन आमंत्रित किए जा रहे हैं।

नामांकन 20 नवंबर 2023 तक प्रस्तुत किए जा सकते हैं और उन पर निर्णायक मंडल विचार कर विजेताओं का चयन करेगा। फाउंडेशन ने अभी श्रेणियों की घोषणा नहीं की। राजधानी में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सुश्री सिंह और प्रसिद्ध ज्योतिष आचार्य ने संयुक्त रूप से कहा, अटल जी के सिद्धांत और दृष्टिकोण सीमाओं से परे हैं और हम इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम के माध्यम से दुनिया भर के लोगों को एकजुट करने के लिए सम्मानित महसूस कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि यह पुरस्कार राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में दिए जाएंगे। सुश्री सिंह ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की स्थायी विरासत के तहत भारतीय नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को एक साथ लाना है।

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कुत्ता घुमाने के लिए स्टेडियम ख़ाली कराने वाली IAS को केंद्र सरकार ने जबरन रिटायर किया

नई दिल्ली: दिल्ली में कुत्ता घुमाने के लिए स्टेडियम ख़ाली कराने वाली IAS अफसर रिंकू दुग्गा को केंद्र सरकार ने जबरन रिटायर कर दिया है। उनके पति संजय ख़रवार भी IAS अधिकारी हैं। दिल्ली में पोस्टिंग के दौरान कुत्ता घुमाने के लिए स्टेडियम से एथलीट को बाहर करवा देते थे।  

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नए संसद भवन में पहला काम देश की आधी आबादी को ठगने का हुआ : राधिका

 चंडीगढ़: महिला आरक्षण इस देश की आधी आबादी की राजनीतिक भागीदारी और उनके सशक्तिकरण का सबसे ज़रूरी और सबसे सॉलिड माध्यम है। महिला आरक्षण से ज्यादा से ज्यादा महिलाएं देश की राजनीति में आएंगी। पार्लियामेंट में आएंगी। विधानसभा में आएँगी और नीति निर्माण में उनकी भागीदारी होगी। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इसका पूर्ण समर्थन करती हैं। यह कहना है कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं वरिष्ठ नेत्री राधिका खेड़ा का।

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय चंडीगढ़ में उन्होंने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि महिलाओं की जो लड़ाई है, वो लंबी चली। लंबी लड़ी गई और उनको लगातार मायूसी का आज भी सामना करना पड़ा है। साल 1989 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने पंचायती राज संस्थानों में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण की शुरुआत की। लेकिन इसके लिए जब बिल पेश किया गया तो बीजेपी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी, अटल बिहारी वाजपेई, यशवंत सिंह और राम जेठमलानी ने उसके विरोध में वोट किया। वह बिल लोकसभा में पारित हो गया। लेकिन, राज्यसभा में केवल 7 वोटों से गिर गया।

वर्ष 1992 में पूर्व प्रधान मंत्री नरसिम्हा राव ने पंचायती राज संस्थानों में महिलाओं के लिए 33% सीटों का आरक्षण लागू किया। दोनों विधेयक पारित हुए और कानून बन गए। कई राज्यों में, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कोटे के भीतर महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित की गईं।

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भाजपा ने 3 केंद्रीय मंत्रियों समेत 7 सांसदों को दिया टिकट

दिल्ली: मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने केंडिडेट्स की दूसरी लिस्ट जारी की है। इसमें 39 उम्मीदवारों के नाम हैं।

खास बात ये है कि इस लिस्ट में तीन केंद्रीय मंत्रियों समेत 7 सांसदों को टिकट दिया गया है। केंद्रीय मंत्रियों में मुरैना की दिमनी सीट से नरेंद्र सिंह तोमर, नरसिंहपुर से प्रह्लाद पटेल और निवास से फग्गन सिंह कुलस्ते को प्रत्याशी बनाया गया है।

वहीं भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को इंदौर विधानसभा क्रमांक 1 से टिकट दिया गया है। भाजपा ने 17 अगस्त को जारी पहली लिस्ट में भी 39 नामों का ऐलान किया था, इसलिए ये 39 का आंकड़ा चर्चा में है।

4 सांसदों को टिकट, 3 विधायकों के टिकट कटे
बीजेपी 3 केंद्रीय मंत्रियों समेत 7 सांसदों को टिकट दिया है। 3 केंद्रीय मंत्रियों के अलावा BJP जिन चार सांसद को विधानसभा चुनाव लड़ा रही है, उनमें जबलपुर पश्चिम से राकेश सिंह, सतना से गणेश सिंह, सीधी से रीति पाठक और गाडरवारा से उदय प्रताप सिंह के नाम शामिल हैं।

BJP ने दूसरी लिस्ट में जिन 39 सीटों पर नामों का ऐलान किया है उनमें से 36 सीटें 2018 के चुनाव में हारी हुई हैं। 3 सीटें BJP के कब्जे में हैं। इनमें मैहर से नारायण त्रिपाठी, सीधी से केदारनाथ शुक्ला और नरसिंहपुर से जालम सिंह पटेल का टिकट काटा गया है।

मैहर विधानसभा सीट से BJP विधायक नारायण त्रिपाठी की जगह BJP ने श्रीकांत चतुर्वेदी को अपना प्रत्याशी बनाया है। नारायण त्रिपाठी कुछ दिन पहले ही अपनी अलग पार्टी बना चुके हैं। हालांकि, अभी घोषित तौर पर भाजपा से अलग नहीं हुए थे।

सीधी विधानसभा सीट से वर्तमान BJP विधायक केदारनाथ शुक्ला की जगह सीधी से सांसद रीति पाठक को प्रत्याशी बनाया गया है। बता दें, सीधी में पेशाब कांड के बाद कांग्रेस BJP विधायक केदारनाथ शुक्ला पर हमलावर थी। वह पेशाब कांड के आरोपी को केदारनाथ शुक्ला से जुड़ा होना बताती रही है।

7 पूर्व विधायकों को मिला टिकट
भाजपा की दूसरी लिस्ट में 7 पूर्व विधायकों के नाम हैं। इनमें श्योपुर से दुर्गालाल विजय, मुरैना से रघुराज कंसाना, सेंवढ़ा से प्रदीप अग्रवाल, डबरा से इमरती देवी, करैरा से रमेश खटीक, कोतमा से दिलीप जायसवाल, सिहावल विश्वामित्र पाठक, जुन्नारदेव से नत्थन शाह, खिलचीपुर से हजारी लाल दांगी, थांदला से कल सिंह भाबर, देपालपुर से मनोज पटेल और सैलाना से संगीता चारेल का नाम है।

अटल के भांजे की हारी हुई सीट पर सिंधिया समर्थक को मौका
BJP की दूसरी लिस्ट में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के भांजे अनूप मिश्रा का टिकट काट दिया गया है। ग्वालियर जिले की भितरवार सीट पर 2018 में पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी के भांजे अनूप मिश्रा चुनाव लडे़ थे, लेकिन वे 12130 वोटों से चुनाव हार गए थे। BJP ने इस सीट पर अनूप मिश्रा के बजाए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी मोहन सिंह राठौर को उतारा है।

सिंधिया समर्थक जसवंत जाटव को मौका नहीं
करैरा से सिंधिया समर्थक जसवंत जाटव का टिकट कट गया है। 2018 में ये कांग्रेस विधायक चुने गए थे। सिंधिया के साथ भाजपा में आए और 2020 का चुनाव प्रागीलाल से हार गए थे। इस बार इनका टिकट काट दिया गया है। भाजपा ने यहां से रमेश खटीक को प्रत्याशी बनाया है। हालांकि, मुरैना से सिंधिया समर्थक रघुराज कंसाना और डबरा से इमरती देवी को टिकट मिल गया है। इसके अलावा सिंधिया के करीबी मोहन सिंह राठौर को भितरवार सीट से टिकट दिया गया है।

कभी थे किले के करीबी अब दिग्विजय के बेटे को देंगे चुनौती
दिग्विजय सिंह के गढ़ राघौगढ़ में BJP ने हीरेन्द्र सिंह बंटी को उम्मीदवार बनाया है। इनके पिता मूल सिंह विधायक रह चुके हैं। हीरेन्द्र भी दिग्विजय के करीबी रहे हैं। ये डेढ़ साल पहले ही BJP में शामिल हुए थे। अभी राघौगढ़ में दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह कांग्रेस से विधायक हैं।

नेता प्रतिपक्ष के सामने बसपा से आए अंबरीश को उतारा
नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह के सामने BJP ने बहुजन समाज पार्टी से आए अंबरीश शर्मा गुड्‌डू को उतारा है। 2018 के विधानसभा चुनाव में अंबरीश ने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था और 31 हजार वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहे थे। अब उन्हें BJP ने उम्मीदवार बनाया है।

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मैं राहुल गांधी को हैदराबाद में मेरे खिलाफ लड़ने की चुनौती देता हूं: औवेसी

हैदराबाद: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को 2024 का लोकसभा चुनाव वायनाड़ की बजाय उनके खिलाफ हैदराबाद से लड़ने की चुनौती दी है। सोमवार को एक रैली में ओवैसी ने कहा, इस बार वायनाड़ से नहीं हैदराबाद में मुकाबला करो। मैं आपको (राहुल गांधी) चुनौती दे रहा हूं कि वायनाड़ मत जाओ, हैदराबाद आओ और चुनाव लड़ो।

उन्‍होंने कहा, आप बड़े-बड़े बयान देते रहते हैं। मैदान में आएं और मुकाबला करें। कांग्रेस के लोग बहुत कुछ कहते हैं, लेकिन मैं तैयार हूं। आइए और दाढ़ी और शेरवानी वाले इस आदमी का सामना करें। आपको पता चल जाएगा कि प्रतियोगिता का क्या मतलब है। उन्होंने आरोप लगाया, बाबरी मस्जिद और सचिवालय की मस्जिद को कांग्रेस शासन के तहत ध्वस्त कर दिया गया था।

ओवैसी ने कहा, वही भाजपा सांसद जिसने संसद में बुरा कहा था, वह भी मेरे खिलाफ बोलने के लिए खड़ा हो गया था। मैंने उसे सख्ती से बैठने के लिए कहा। तुम मेरी तीखी जुबान का सामना नहीं कर सकते। कांग्रेस वाले बहुत बातें करते हैं। मैं तैयार हूँ।

मैं तेलंगाना के लोगों से भी अपील कर रहा हूं कि याद रखें, कांग्रेस के शासनकाल में आम आदमी को परेशान किया गया था, उन पर हमला किया गया था। बड़ी मुश्किल से हमने शहर में शांति सुनिश्चित की है। यह शांति बरकरार रहनी चाहिए।

राहुल गांधी ने हाल ही में आरोप लगाया था कि भाजपा, भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) और एआईएमआईएम राज्य विधानसभा चुनाव से पहले सहयोग कर रहे हैं। 

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अंगूठा लगाने वाली सास-बहू ने एक साथ दी महापरीक्षा

पटना: नालंदा जिले में मुख्यमंत्री अक्षर आंचल योजना के तहत जिले के 105 केंद्रों पर महापरीक्षा का आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित इस महापरीक्षा में 11 हजार वैसी नवसाक्षर महिलाएं शामिल हुईं, जो बचपन में किसी न किसी वजह से पढ़ाई नहीं कर सकी थीं।


बिहारशरीफ के मध्य विद्यालय, राणाबिगहा केंद्र पर इस महापरीक्षा में सास-बहू के अलावा एक परिवार की 4 बहुएं एक साथ परीक्षा देने पहुंचीं। ये अपने आप में एक अनूठा नजारा था।

बिहारशरीफ के कोसुक निवासी जमींदर मांझी की पत्नी इंद्राणी देवी, सास पंभी देवी के साथ परीक्षा देने आईं। इंद्राणी देवी ने बताया कि बचपन में ही शादी हो गई थी, इस वजह से स्कूल नहीं जा सकीं, जबकि सास पंभी देवी ने बताया कि घर में पोता पोती को पढ़ते देख, पढ़ने लिखने का शौक जागा। गांव के शिक्षा सेवक मुन्ना मांझी का सहयोग मिला और दोनों सास-बहू पढ़ने जाने लगे, जो पहले अंगूठा लगाते थे।

गांव की महिलाएं साक्षर होने की कर रहीं कोशिश

आज उन्हीं हाथ में कलम पकड़कर बहुत अच्छा लग रहा है। दोनों आज अपना और पति का नाम लिख लेती हैं और बच्चों को थोड़ा बहुत पढ़ा भी लेती हैं। 55 साल बाद कलम पकड़कर और लोगों के बीच परीक्षा देना दोनों को अच्छा लगा।

इसी तरह तिउरी गांव की सुनैना देवी, रूबी देवी, बेबी देवी और सुनीता देवी एक ही परिवार की बहू हैं। चारों को बचपन में स्कूल जाने का मौका नहीं मिला। अब दूसरे को पढ़ता लिखता देख पढ़ाई का मन किया और उम्र की चिंता छोड़कर साक्षर बनने की कोशिश में लग गईं। केंद्र के वरीय प्रेरक भोला प्रसाद ने बताया कि शिक्षा सेवक मुन्ना प्रसाद, संजय और सरस्वती कुमारी की कोशिश से आसपास की महिलाओं को साक्षर किया जाता है। इस केंद्र पर 60 नव साक्षर महिलाएं शामिल हुई हैं।

 

 

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ईडी के समन के खिलाफ सोरेन पहुंचे हाईकोर्ट

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ईडी के समन के खिलाफ आज हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। ईडी ने सोरेन को लगातार चौथी बार समन भेजते हुए शनिवार को रांची एयरपोर्ट रोड स्थित एजेंसी के जोनल ऑफिस में उपस्थित होने को कहा था। एजेंसी उनसे जमीन घोटाले और उनकी संपत्ति के बारे में पूछताछ करना चाहती है। इसके खिलाफ सोरेन के हाईकोर्ट जाने से यह साफ हो गया है कि वे आज भी ईडी के समक्ष उपस्थित नहीं होंगे।

सोरेन ने अपनी याचिका में ईडी की शक्तियों को चुनौती देते हुए उसकी ओर से की जा रही कार्रवाई पर रोक लगाने का आग्रह किया है। इसके पहले उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले को लेकर क्रिमिनल रिट पिटीशन दायर किया था, लेकिन उन्हें वहां से कोई राहत नहीं मिली।

बीते 18 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस बेला माधुर्य त्रिवेदी की पीठ ने सोरेन की याचिका में उठाए गए बिंदुओं पर सुनवाई से इनकार करते हुए उन्हें पहले हाईकोर्ट जाने की सलाह दी थी। इसके बाद आज सोरेन की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। उन्होंने याचिका में पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) 2002 की धारा 50 और 63 की वैधता पर सवाल उठाया है।

इसमें कहा गया है कि जांच एजेंसी को धारा 50 के अंतर्गत बयान दर्ज कराने या पूछताछ के दौरान ही किसी को गिरफ्तार कर लेने का अधिकार है। इसलिए समन जारी करने के बाद गिरफ्तारी का डर बना रहता है।

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पीएम मोदी 24 को नौ वंदे भारत एक्सप्रेस को दिखाएंगे हरी झंडी

ग्यारह राज्यों में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देंगीं ये ट्रेनें

 

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 सितंबर को दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नौ वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। ये नई वंदे भारत ट्रेनें देश भर में कनेक्टिविटी में सुधार और रेल यात्रियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के प्रधान मंत्री के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक कदम हैं।

जिन नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई जाएगी वे हैं:
उदयपुर-जयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस
तिरुनेलवेली-मदुरै-चेन्नई वंदे भारत एक्सप्रेस
हैदराबाद-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस
विजयवाड़ा - चेन्नई (रेनिगुंटा के माध्यम से) वंदे भारत एक्सप्रेस
पटना-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस
कासरगोड-तिरुवनंतपुरम वंदे भारत एक्सप्रेस
राउरकेला-भुवनेश्वर-पुरी वंदे भारत एक्सप्रेस
रांची-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस
जामनगर-अहमदाबाद वंदे भारत एक्सप्रेस


ये नौ ट्रेनें ग्यारह राज्यों राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल, ओडिशा, झारखंड और गुजरात में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देंगी ।

ये वंदे भारत ट्रेनें अपने संचालन के मार्गों पर सबसे तेज़ ट्रेन होंगी और यात्रियों का काफी समय बचाने में मदद करेंगी। मार्ग पर वर्तमान सबसे तेज़ ट्रेन की तुलना में, राउरकेला-भुवनेश्वर-पुरी वंदे भारत एक्सप्रेस और कासरगोड-तिरुवनंतपुरम वंदे भारत एक्सप्रेस लगभग 3 घंटे तेज़ होंगी; हैदराबाद-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस 2.5 घंटे से अधिक विलंबित; तिरुनेलवेली-मदुरै-चेन्नई वंदे भारत एक्सप्रेस 2 घंटे से अधिक विलंबित; रांची-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस, पटना-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस और जामनगर-अहमदाबाद वंदे भारत एक्सप्रेस लगभग 1 घंटे की देरी से; और उदयपुर-जयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस लगभग आधे घंटे की देरी से ।

देश भर में महत्वपूर्ण धार्मिक स्थानों की कनेक्टिविटी में सुधार करने के प्रधान मंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप, राउरकेला-भुवनेश्वर-पुरी वंदे भारत एक्सप्रेस और तिरुनेलवेली-मदुरै-चेन्नई वंदे भारत एक्सप्रेस पुरी और मदुरै के महत्वपूर्ण धार्मिक शहरों को जोड़ेगी। इसके अलावा, विजयवाड़ा-चेन्नई वंदे भारत एक्सप्रेस रेनिगुंटा मार्ग से संचालित होगी और तिरुपति तीर्थस्थल केंद्र तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी ।

इन वंदे भारत ट्रेनों की शुरूआत से देश में रेल सेवा के एक नए मानक की शुरुआत होगी। विश्व स्तरीय सुविधाओं और कवच तकनीक सहित उन्नत सुरक्षा सुविधाओं से सुसज्जित ये ट्रेनें आम लोगों, पेशेवरों, व्यापारियों, छात्र समुदाय और पर्यटकों को यात्रा के आधुनिक, त्वरित और आरामदायक साधन प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होंगी।

 

 

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बरसाना में भगदड़, 2 श्रद्धालुओं ने दम तोड़ा

 मथुरा: राधा अष्टमी के मौके पर मथुरा के बरसाना में बड़ा हादसा हो गया। यहां भगदड़ मचने से दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। बता दें, शनिवार को राधाष्टमी के मौके पर बरसाना में लाखों श्रद्धालु उमड़े हैं। इस दौरान हादसा हो गया।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दम घुटने से मौत हुई है। कुछ लोग घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। लोगों का कहना है कि पहले से लाखों लोगों के जुटने की उम्मीद थी। इसके बावजूद प्रशासन अलर्ट नहीं हुआ।

 

 

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कनाडा आतंकवादियों की सुरक्षित पनाहगाह: भारत

नई दिल्ली: सरकार ने कनाडा को आतंकवादियों की सुरक्षित पनाहगाह ठहराते हुए गुरुवार को कहा कि कनाडा की ओर से खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में भारत को एक भी सबूत नहीं दिए गए जबकि भारत द्वारा कनाडा की धरती पर भारत विरोधी गतिविधियों के कई सबूत मुहैया कराने के बावजूद वहां कोई कार्रवाई नहीं की गई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने यहां नियमित ब्रीफिंग में कहा कि उनकी राय में कनाडा सरकार पूर्वाग्रह से ग्रस्त हैं तथा उसने भारत पर जो भी आरोप लगाए हैं, वे राजनीति से प्रेरित हैं।

एक सवाल पर प्रवक्ता ने बताया कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की जी-20 शिखर-सम्मेलन के लिए हाल की भारत यात्रा के दौरान श्री ट्रूडो ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात में निज्जर की हत्या का मामला उठाया था और भारत की भूमिका की बात कही थी जिसे श्री मोदी ने खारिज कर दिया था। यह पूछे जाने पर कि क्या कनाडा ने भारत उन घटनाओं के बारे में कोई प्रमाण या साक्ष्य दिए हैं , जिन्हें लेकर वह भारत पर दोषारोपण कर रहा है, प्रवक्ता ने साफ शब्दों में कहा कि कनाडा ने भारत को निज्जर की हत्या में भारतीय हाथ होने के बारे में कोई सबूत नहीं दिए हैं जबकि भारत ने निज्जर और कई अन्य लोगों के बारे में कई बार सबूत दिए गए लेकिन कनाडा सरकार की ओर कुछ नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि कनाडा में हिंसा और अपराध चरम पर है तथा आतंकवादियों, चरमपंथियों और अपराधियों की पनाहगाह बन गई है और वहां उन्हें वित्तीय सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि कनाडा सरकार आतंकवादियों, चरमपंथियों और संगठित अपराध में लिप्त लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करे अथवा उन्हें भारत में प्रत्यर्पित करे ताकि वे यहां न्याय प्रक्रिया का सामना कर सकें।

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किसानों को सरकार ने दिया ये बड़ा तोहफा

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने किसानों के लिए किसान ऋण पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल के माध्यम से किसान आसानी से किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसमें किसानों को सब्सिडी के साथ लोन की सुविधा मिलती है. इस पोर्टल का उद्देश्य यह है कि किसान अब बैंकों से सस्ती ब्याज दरों पर ऋण ले सकें। कई किसान खेती के लिए साहूकारों से कर्ज लेते हैं। पीएम किसान लाभार्थी को किसान क्रेडिट कार्ड का भी लाभ मिलता है।

केंद्र सरकार 1 अक्टूबर 2023 से घर-घर किसान क्रेडिट कार्ड पहुंचाने का अभियान शुरू कर रही है। यह अभियान इस साल के अंत यानी 31 दिसंबर 2023 तक चलेगा। यह अभियान फिजिकल के साथ डिजिटली भी चलाया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए बैंक, पंचायत और जिला प्रशासन मिलकर काम करेंगे। इसके अलावा पीएम किसान (PM किसान सम्मान निधि योजना) के लाभार्थी को अगले तीन महीने में किसान क्रेडिट कार्ड मिल जाएगा।

किसान क्रेडिट कार्ड क्या है?

सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड की शुरुआत साल 1998 में की थी. इसमें किसानों को 4 फीसदी की ब्याज दर पर लोन मिलता है. इसे अन्य लोन की तुलना में काफी सस्ता माना जाता है. देश के सभी किसान इस कार्ड के लिए पात्र हैं। यह योजना भारत सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और नाबार्ड द्वारा शुरू की गई थी।

कब आएगी पीएम किसान की 15वीं किस्त?

देश के सभी किसान अब 15वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। आपको बता दें कि पीएम किसान योजना के तहत किसानों को सालाना 6,000 रुपये की रकम मिलती है। यह रकम किश्तों के रूप में दी जाती है। हर किस्त में किसानों को 2,000 रुपये की रकम दी जाती है। अब कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक किसानों को 15वीं किस्त अक्टूबर में मिल सकती है। इस योजना में किस्त की रकम सीधे किसानों के खाते में आती है।

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