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यह कैसा 'इंडिया' है जो इंडिया की उपलब्धियों को सुनना ही नहीं चाहता : जयशंकर

नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राज्य सभा में विपक्षी दलों के व्यवहार को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह कैसा 'इंडिया' है जो 'इंडिया की उपलब्धियों को सुनना ही नहीं चाहता। विदेश मंत्री ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वे राज्य सभा में भारतीय विदेश नीति की सफलता को लेकर स्वतः ही बयान दे रहे थे, लेकिन विपक्ष भारत की उपलब्धियों को सुनने को तैयार ही नहीं है।

उन्होंने कहा कि विदेश नीति के मोर्चे पर आमतौर पर देश में राजनीतिक एकता रही है। प्रधानमंत्री के हाल के अमेरिका सहित कई अन्य देशों के दौरे के दौरान भारत ने कई बड़ी सफलताएं और उपलब्धियां हासिल की है। यह उपलब्धियां भारत की उपलब्धियां हैं, देश की उपलब्धियां हैं, जिसके बारे में वह सदन को जानकारी दे रहे थे। लेकिन विपक्ष यह तय कर चुका है कि कुछ भी हो जाये, लेकिन वो भारत की उपलब्धियों को सुनना नहीं चाहते।

विदेश मंत्री ने विपक्षी दलों के गठबंधन 'इंडिया' पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ये इंडिया इंडिया की बात करते हैं लेकिन इंडिया के हितों की बात ही नहीं सुनना चाहते। उन्होंने कहा कि यह कैसा 'इंडिया' है जो 'इंडिया की उपलब्धियों को सुनना ही नहीं चाहता।

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राहुल गांधी ने केरल में श्री विश्वंबर मंदिर के किए दर्शन

 मलाप्पुरम: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केरल के कोट्टक्कल में आर्य वैद्य शाला (एवीएस) परिसर में स्थित श्री विश्वंबर मंदिर के दर्शन किए। श्री गांधी यहां स्वास्थ्य उपचार करा रहे हैं। यह मंदिर आर्य वैद्य शाला (एवीएस) में स्थित है।

श्री गांधी को 21 जुलाई से कष्टदायक दर्द सहित प्रतिरक्षा शक्ति को बढ़ाने तथा परेशानी से निजात दिलाने के लिए उन्हें दो सप्ताह के लिए एवीएस में भर्ती किया गया था। उन्होंने आखिरी दिन वैद्यरत्नम पीएस वारियर द्वारा स्थापित एवीएस के सांस्कृतिक केंद्र पीएसवी नाट्यसंघम द्वारा प्रदर्शित 90 मिनट की कथकली कला शैली ‘दक्षयागम’ देखने में बिताए।

 

 

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कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने एलओसी पार नहीं की थी: राजनाथ सिंह

दिल्ली: देश गुरूवार को कारगिल विजय दिवस मना रहा है। साल 1999 में आज ही दिन देश के रणबांकुरों ने कारगिल की दुर्गम चोटी से पाकिस्तानी सेना को खदेड़ कर तिरंगा फहराया था।

इन भारतीय वीरों की त्याग और समर्पण को याद करते हुए हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। आज शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध भारत के ऊपर थोपा गया युद्ध था।

भारत ने पाकिस्तान से बातचीत के माध्यम से मुद्दों को सुलझाने का प्रयास किया। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पाकिस्तान की यात्रा करके कश्मीर सहित अन्य मुद्दों को सुलझाने का भरसक प्रयास किया था, लेकिन पाकिस्तान द्वारा भारत पीठ में खंजर घोंप दिया गया।

रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सेना ने एलओसी पार नहीं थी, लेकिन ऐसा नहीं है कि हम भविष्य में एलओसी पार नहीं कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने किया नमन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कारगिल युद्ध में शामिल भारतीय जवानों को नमन किया। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि ‘कारगिल विजय दिवस भारत के उन अद्भुत पराक्रमियों की शौर्यगाथा को सामने लाता है, जो देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणाशक्ति बने रहेंगे। इस विशेष दिवस पर मैं उनका हृदय से नमन और वंदन करता हूं।’

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आतंकी संगठनों ने भी इंडिया नाम रखा है : पीएम मोदी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'इंडिया' नाम को लेकर विपक्षी दलों पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि आतंकी संगठनों में भी इंडिया नाम रखा है। भाजपा संसदीय दल की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि संसदीय दल की बैठक में सांसदों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इंडिया नाम का भी अजीब संयोग है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ईस्ट इंडिया कंपनी और इंडियन नेशनल कांग्रेस तो अंग्रेजो ने बनाया था। इंडियन मुजाहिदीन की स्थापना आतंकवादियों ने की थी और पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया जैसे संगठनों में भी इंडिया लगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक में विपक्ष को दिशाहीन बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि ऐसा दिशाहीन विपक्ष तो उन्होंने आज तक नहीं देखा।

उन्होंने पूरे देश के गांवों से मिट्टी लाकर दिल्ली में एक अमृत वन बनाने की बात भी बैठक में कही। उन्होंने अंधेरे के बाद भोर होने का जिक्र करते हुए कहा कि भोर में एनर्जी ज्यादा होती है इसलिए सबको एकजुट हो जाना चाहिए।

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टमाटर बेचकर करोड़पति बना महिपाल

 तेलंगाना: तेलंगाना के किसान बी महिपाल रेड्डी टमाटर बेचकर करोड़पति बन गए हैं। उन्होंने एक महीने में टमाटर की लगभग 8 हजार क्रेट बेचकर 1.8 करोड़ रुपए कमाए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, किसान का दावा है कि सीजन के अंत तक वो टमाटर बेचकर लगभग 2.5 करोड़ रुपए कमा लेंगे।


एक हफ्ते पहले पुणे के नारायणगंज में रहने वाले किसान तुकाराम भागोजी ने एक महीने में 13 हजार क्रेट टमाटर बेचकर 1.5 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की थी। उनके पास 18 एकड़ कृषि भूमि है। तुकाराम ने अपने बेटे और बहू की मदद से 12 एकड़ में टमाटर उगाए थे।

किसान का पढ़ाई-लिखाई में मन नहीं लगा, 10वीं पास नहीं कर सका
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेलंगाना के किसान बी महिपाल रेड्डी (40) तेलंगाना के मेडक जिले के कौडिपल्ली गांव के रहने वाले हैं। बचपन में उनका मन पढ़ाई-लिखाई में नहीं लगा। वो 10वीं क्लास पास नहीं कर पाए। इसके बाद उन्होंने स्कूल छोड़कर खेती की ओर रुख कर लिया।

रेड्डी टमाटर के साथ धान की खेती करते हैं, लेकिन धान की खेती में उन्हें फायदा नहीं हुआ। इसी साल 15 अप्रैल को उन्होंने टमाटर की खेती शुरू की थी। उन्होंने 8 एकड़ जमीन पर टमाटर लगाए थे। 15 जून को फसल पकने के बाद वो उसे मार्केट ले आए।



हैदराबाद में आंध्र प्रदेश से आने वाले टमाटर की कमी से मुनाफा कमाया
रिपोर्ट के मुताबिक, रेड्डी ने हैदराबाद के मार्केट में टमाटर बेचकर मुनाफा कमाया। दरअसल, आंध्र प्रदेश से हैदराबाद में टमाटर की सप्लाई पर्याप्त रूप से पूरी नहीं हो पा रही थी। इसलिए उन्होंने मार्केट में टमाटर भेजना शुरू कर दिया। उन्होंने बाजार में 100 रुपए प्रति किलो के रेट से टमाटर बेचे और 15 दिन में करीब सवा करोड़ रुपए कमा लिए।

टमाटर की खेती में 16 लाख लगाए, खेत में अभी भी 40 फीसदी फसल बची
रिपोर्ट के मुताबिक, रेड्डी ने अपनी फसल को हाई क्वालिटी की बनाने के लिए एक एकड़ फसल पर 2 लाख रुपए खर्च किए थे। पूरी फसल पर 16 लाख रुपए खर्च किए थे। रेड्डी ने बताया कि खेत में अभी भी 40% फसल बची है, जिसे जल्द मार्केट में लाया जाएगा।

चंडीगढ़ में टमाटर 350 रुपए किलो तक पहुंचा
चंडीगढ़ के फुटकर बाजारों में पिछले हफ्ते टमाटर के दाम 350 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए थे, हालांकि अभी ये 200 रुपए के ऊपर ही बना हुआ है। वहीं गाजियाबाद में टमाटर का दाम 200 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया है। देश में ज्यादातर जगहों पर टमाटर की कीमतें 100 रुपए के पार चल रही हैं।

बीते 3 सालों में भी दिखा बारिश में टमाटर के दाम बढ़ने का ट्रेंड
बीते तीन सालों में भी बारिश में टमाटर के दामों में बढ़ोतरी का ट्रेंड दिखा है। पिछले साल यानी 2022 के जून महीने में टमाटर के दाम 60-70 रुपए किलो तक पहुंच गए थे। इससे पहले 2021 में दाम 100 रुपए और 2020 में दाम 70-80 रुपए प्रति किलो के करीब पहुंच गए थे।

चीन के बाद भारत सबसे बड़ा टमाटर उत्पादक देश
नेशनल हार्टीकल्चरल रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन के अनुसार, चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा टमाटर उत्पादक देश भारत है। ये करीब 7.89 लाख हेक्टेयर क्षेत्र से करीब 25.05 टन प्रति हेक्टेयर की औसत उपज के साथ करीब 2 करोड़ टन टमाटर का उत्पादन करता है। चीन 5.6 करोड़ टन उत्पादन के साथ टॉप पर है।

भारत में साल 2021-22 में 2 करोड़ टन से ज्यादा टमाटर का उत्पादन हुआ था। यहां मुख्य तौर पर दो तरह के टमाटर उगाए जाते हैं। हाइब्रिड और लोकल। मध्य प्रदेश देश में सबसे बड़ा टमाटर उत्पादक राज्य है। इसके बाद सर्वाधिक टमाटर उगाने वाले राज्यों में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, ओडिशा और गुजरात आते हैं।

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बोरवेल में गिरा मासूम, एनडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित निकाला

नालंदा: बिहार में नालंदा जिले के में कुलगांव में एक बच्चा बोरवेल में गिर गया था जिसे एनडीआरएफ की टीम ने बाहर निकाल लिया है।


नालंदा में खेलते-खेलते हादसा हो गया, जब बोरवेल में 3 साल का बच्चा गिर गया। जिसके बाद घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। घटना नालंदा थाना इलाके के कुलगांव की है। बच्चे के बोरवेल में गिरने से पूरे गांव में हड़कंप मच गया। और बच्चे के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल।



बता दें कि डोमन मांझी का 4 वर्षीया पुत्र शुभम कुमार रविवार सुबह 9 बजे खेलने के दौरान बोरवेल में गिर गया था। उसके साथ खेल रहे बच्चे ने घटना की जानकारी उसके माता-पिता को दी थी, तब जाकर परिजन को इसकी जानकारी मिली।

बताया गया कि बोरवेल करीब 150 फीट गहरा था, लेकिन बच्चा करीब 25 फीट पर फंसा था। करीब पांच घंटे बाद दोपहर 1:20 में पटना से NDRF की टीम रेस्क्यू के लिए मौके पर पहुंची थी।

एनडीआरएफ की टीम में शामिल असिस्टेंट कमांडेंट जेपी प्रसाद को बोरवेल में उतारने की कोशिश भी की गई, लेकिन रेस्क्यू का यह तरीका सफल नहीं हो पाया था।

जिला प्रशासन की टीम सीसीटीवी कैमरे से बच्चे पर लगातार निगरानी रख रही थी। मौके पर डीएम शशांक शुभंकर खुद रेस्क्यू कार्य का जायजा लेने पहुंचे थे। एनडीआरएफ की टीम के आ जाने से रेस्क्यू ऑपरेशन को गति मिल गई।

जानकारी के मुताबिक हादसा लापरवाही से हुआ है। गांव के किसान ने बोरिंग के लिए बोरवेल बनाया था। लेकिन, यहां बोरिंग नहीं लग पाया तो वो दूसरे जगह बोरिंग लगाने में जुट गए। और बोरबेल को बंद नहीं किया गया, जिसके चलते ये हादसा हो गया।

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देश की 21 हस्तियों को भारत विभूति सम्मान से नवाजा गया

नई दिल्ली, 22 जुलाई 2023, (एजेंसी) ।  शिक्षा, चिकित्सा, समाजसेवा व अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 21 विशिष्ट लोगों को अमरेंद्र फॉउंडेशन की ओर से शुक्रवार को भारत विभूति सम्मान सम्मान प्रदान किया गया। राजधानी के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित समारोह में सभी को यह सम्मान मुख्य अतिथि लोकसभा सांसद श्री खगेन मुर्मू, लोनी विधायक श्री नंद किशोर गुर्जर, पूर्व आईएएस रंजीत सिंह विशिष्ट अतिथि श्री शंकर झा एव संस्था के संस्थापक अमरेंद्र पाठक द्वारा दिया गया ।


श्री खगेन मुर्मू ने कहा कि इस सम्मान से एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है, अमरेंद्र फाउंडेशन की यह पहल प्रशंसनीय है। विधायक श्री नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि कहा कि जिन लोगों को यह सम्मान दिया गया वह देश और समाज के धरोहर  हैं। साथ ही राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने वाले गण्यमान्य लोगों का सम्मान करना सराहनीय कदम है।

इस कार्यक्रम में दूरदर्शन के स्टार गायक पंडित मिश्रा एवं उनकी टीम ने गीत और मेडिकल की छात्रा भाष्वती ने नृत्य प्रस्तुत किया और सना ने  मंच संचालन किया । कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं संयोजन पत्रकार व फाउंडेशन के निदेशक श्री नवेश कुमार ने की ।

जिन हस्तियों को यह सम्मान दिया गया उनमें भारतीय राजस्व सेवा की वरिष्ठ अधिकारी डॉ आभा रानी सिंह, वसुंधरा हॉस्पिटल की निदेशक डॉ विनीता रस्तोगी, एसडीपीओ डॉ राकेश कुमार, श्रीमती कांता रानी, श्री सिया राम मंडल, श्री राजदेव रमण, श्री कृष्ण वल्लभ झा, श्री राममनोहर मिश्रा, अधिवक्ता वर्षा गुप्ता, प्रोफेसर अंकित भार्गव, श्री प्रभास मंडल, डॉ अमरजी कुमार, श्री पी.के झा श्री अभिनव स्वामी, डॉ प्रमोद कुमार सिंह, श्री रामकुमार मंडल, अधिवक्ता श्री राजीव रंजन मिश्रा, डॉ अजय कुमार झा, श्री मुकेश पांडेय शामिल है ।
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सीमा हैदर ने मोदी और योगी से लगाई गुहार, कहा पाकिस्तान गई तो मारी जाऊंगी

ग्रेटर नोएडा: पाकिस्तान से भारत आई सीमा हैदर मामले में अब एक के बाद एक नए मोड़ आ रहे हैं। शुक्रवार सुबह से ही सीमा के घर के बाहर मीडिया कर्मियों का जमावड़ा लगा हुआ है। सब सीमा से यही जानना चाहते हैं कि एटीएस ने उनसे क्या पूछताछ की, क्या सीमा सब कुछ सच बोल रही है या उनके बयानों में कोई विरोधाभास है। अगर सीमा को वापस भेज दिया जाएगा तो उसके साथ क्या होगा। क्या सीमा वापस जाना चाहती है या नहीं? कई सारे सवाल हैं और सीमा एक एक कर सवालों के जवाब दे रही है।

सीमा ने सवालों का जवाब देते हुए मोदी और योगी से गुहार लगाई है कि उसे पाकिस्तान ना भेजा जाए नहीं तो वह मौत के मुंह में चली जाएगी। उसे चाहे जहां रखे भारत में लेकिन उसे सचिन और उसके बच्चों के साथ यही रखें। सीमा ने यह भी बताया कि उसका भाई 2022 में पाकिस्तानी आर्मी में भर्ती हुआ लेकिन वह सबसे निचले रैंक पर है। उसने बताया कि जो उसके चाचा की बात आ रही है कि वह पाकिस्तानी आर्मी में थे, तो वो उसके पैदा होने से पहले थे। सीमा ने बताया कि उसकी शादी पशुपतिनाथ मंदिर में हुई जबकि मंदिर की देखरेख करने वाले ट्रस्ट के प्रवक्ता का कहना है की मंदिर में कोई शादी नहीं होती है।

तमाम सवालों के जवाब देते हुए सीमा हैदर खुद को सिर्फ इस बात का दोषी बताती है कि उसने गलत तरीके से भारत में एंट्री की। लेकिन वह कहती है कि उसे यह सब कुछ सचिन के प्यार के लिए किया और वह सचिन के बिना नहीं रह सकती। उसका कहना है कि कोई भी फ्लाइट पाकिस्तान से नेपाल सीधे नहीं जाती। इसलिए शारजाह होकर उसे नेपाल आना पड़ा। सीमा हैदर खुद को बेगुनाह बताती है और कहती है कि वह कोई जासूस नहीं है। अगर वह पाकिस्तान वापस गई तो मौत के मुंह में चली जाएगी, इसीलिए उसे यहीं रहने दिया जाए।

उसने बताया कि पाकिस्तान में हालात बद से बदतर हैं, सचिन की भले ही कमाई 13000 की हो, लेकिन वह पाकिस्तान से 3 गुना है। बहुत सारे सवालों के जवाब देते हुए सीमा बस यही कहती है कि उसे वापस मत भेजो, यहीं रहने दो। वीजा नहीं मिल रहा था इसलिए उसने यह रास्ता अपनाया। फिलहाल सूत्रों की मानें तो कहीं ना कहीं सीमा को पाकिस्तान डिपोर्ट करने की तैयारी शुरू हो चुकी है और इस बात से सीमा काफी डरी हुई हुई है।

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मणिपुर की घटना शर्मनाक, दोषियों को नहीं बख्शेंगे : पीएम मोदी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुर में महिलाओं के साथ हुई वीभत्स वारदात को देश की 140 करोड़ जनता के लिए शर्मनाक बताते हुए कहा है कि वे इस घटना से पीड़ा और क्रोध से भरे हुए हैं और मणिपुर की घटना किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक घटना है।

संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह घटना 140 करोड़ देशवासियों के लिए शर्मनाक है और दोषियों को कतई बक्शा नहीं जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से अपने-अपने राज्यों में कानून व्यवस्था को ठीक करने और महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि घटना चाहे राजस्थान में हो,छत्तीसगढ़ में हो या मणिपुर में हो, गुनाहगार को बख्शा नही जाएगा।

उन्होंने मानसून सत्र के दौरान सरकार द्वारा संसद में जनता के हित से जुड़े बिलों को लाने की बात कहते हुए सभी सांसदों से चर्चा में सहयोग की अपील भी की।

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पुलिस और एटीएस की पूछताछ में सीमा हैदर के बयानों में मिला अंतर, पकड़े गए दो झूठ

नोएडा: पाकिस्तान की सीमा हैदर से पहले पुलिस ने पूछताछ की, फिर एटीएस पूछताछ कर रही है और अब जब सभी बयानों को मिलाया जा रहा है तो देखने को मिल रहा है कि उसने बयान कई बार बदले हैं। डीजीपी मुख्यालय लखनऊ की तरफ से जारी किए गए एक प्रेस नोट के मुताबिक सीमा हैदर ने यूपी के सोनौली बॉर्डर से नहीं, बल्कि सिद्धार्थनगर के रूपनहडेही- खुनवा बॉर्डर से भारत में एंट्री की थी।

यही नहीं, सीमा की सचिन से पहली बार बात 2020 में हुई थी। जबकि सीमा ने पहले 2019 में बात होने की बात बताई थी। केंद्रीय एजेंसियों की जांच में यह बात सामने आई है कि 13 मई को भारत-नेपाल सीमा सोनौली सेक्टर और सीतामढ़ी सेक्टर में किसी भी थर्ड नेशन सिटीजन की मौजूदगी की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। सीमा और सचिन ने इन्हीं दोनों जगहों से भारत में एंट्री का दावा किया था।

जब उस दिन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो वहां कहीं भी सीमा दिखाई नहीं दी। जैसा कि नियम है कि तीसरे देश का कोई भी नागरिक भारत-नेपाल सीमा से इस पार या उस पार जाता है तो दोनों देशों की पुलिस एक दूसरे को इसकी जानकारी देती है। लेकिन ऐसी कोई भी सूचना भारत की पुलिस को नहीं मिली।

इससे साफ पता चलता है कि दोनों ने झूठी कहानी बनाई थी। ऐसा क्यों किया? इसकी अभी जांच की जा रही है। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि नेपाल में न्यू विनायक होटल के कमरा नंबर 204 में सीमा हैदर और सचिन फर्जी नाम और पते के साथ रहे थे। वहां सीमा ने खुद को भारतीय और सचिन की पत्नी बताया था। होटल के रजिस्टर में भी दोनों ने अपने असली नाम नहीं बताए थे। बल्कि फर्जी नाम से वहां पर रहे थे।

सचिन एक दिन पहले ही नेपाल पहुंच गया था। जबकि सीमा अगले दिन नेपाल पहुंची थी। सीमा हैदर ने एटीएस की पूछताछ में कबूल किया कि वो सचिन के अलावा दूसरे भारतीय मर्दों के संपर्क में भी थी। सीमा ने इन लोगों से भी पबजी गेम खेलते हुए जान-पहचान बनाई थी। जिन लोगों से सीमा ने संपर्क किया था, ज्यादातर दिल्ली- एनसीआर के थे। सीमा ने जिन लोगों से पबजी के जरिए बात की थी, उन्हें भी ढूंढा जा रहा है।

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त्रिपुरा माकपा विधायक हक का दिल का दौरा पड़ने से निधन

अगरतला: त्रिपुरा के बॉक्सानगर विधानसभा क्षेत्र से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) विधायक समसुल हक का बुधवार तड़के अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज (एजीएमसी) में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 68 वर्ष के थे।

श्री हक के परिवार में पत्नी और चार पुत्र और रिश्तेदार हैं। इस साल मार्च में श्री हक पहली बार विधानसभा के लिए चुने गए। वह हालांकि 1972 में माकपा पार्टी में शामिल हुए थे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक श्री हक इलाज के लिए अपनी बहू के साथ मंगलवार को अगरतला आए थे। रात करीब दो बजे विधायक हक की हॉस्टल में अचानक तबीयत बिगड़ गयी और उनके सहयोगी और स्टाफ कर्मचारी उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

उनके पार्थिव शरीर को पहले विधानसभा भवन ले जाया जाएगा, फिर श्रद्धांजलि देने के लिए माकपा कार्यालय ले जाया जाएगा और उसके बाद उनके पैतृक गांव सोनामुरा के कुलुबारी ले जाया जाएगा जहां पूरी रस्मों रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। श्री हक की असामयिक निधन पर मुख्यमंत्री माणिक साहा, विपक्ष के नेता अनिमेष देववर्मा, विधानसभा अध्यक्ष विश्वबंधु सेन, उपाध्यक्ष रामप्रसाद पॉल और कांग्रेस विधायक सुदीप रॉय बर्मन ने दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कीं।

इसके अलावा माकपा राज्य सचिव और विधायक दल के नेता जितेंद्र चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार और केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री प्रतिमा भौमिक ने भी श्री हक के निधन पर शोक व्यक्त किया।

 

 

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पुंछ में चार आतंकवादी ढेर...

पुंछ:  जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। पुंछ के सिंधरा इलाके में सुरक्षा बलों ने संयुक्त ऑपरेशन में चार आतंकियों को मार गिराया है। सुरक्षा बलों के बीच पहली मुठभेड़ कल रात करीब 11:30 बजे हुई, जिसके बाद निगरानी उपकरणों के साथ ड्रोन तैनात किए गए।


भारतीय सेना के अधिकारी के अनुसार, आज सुबह सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच भारी गोलीबारी के साथ मुठभेड़ फिर से शुरू हो गई। भारतीय सेना के विशेष बल, राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान अन्य बलों के साथ ऑपरेशन का हिस्सा थे। ऑपरेशन में मारे गए आतंकवादी संभवतः विदेशी आतंकवादी हैं और उनकी पहचान का पता लगाया जा रहा है।

इसके अलावा, जम्मू एवं कश्मीर के पुंछ के सुरनकोट में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ चल रही है।

बड़ी घटनाओं को अंजाम देने की साजिश
सूत्रों के अनुसार नियंत्रण रेखा के उस पार से आईएसआई और आतंकी संगठनों के सरगनाओं की ओर से स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन के आसपास बड़ी आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए आतंकियों को घुसपैठ कर इस पार पहुंचने के निर्देश दिए हैं।

 

 

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को सर्वाधिक रेडक्रॉस मेंबरशिप के लिए किया सम्मानित

चंडीगढ़: महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को राष्ट्रपति भवन में भारत में दूसरे स्थान पर रेडक्रॉस की सर्वाधिक सदस्यता एवं फंडरेजिंग के लिए शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया। इसमें पहला स्थान उडीसा का रहा। यह पुरस्कार भारतीय रेडक्रॉस समिति के समारोह के दौरान दिया गया। बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी की प्रधान हैं। उनकी अध्यक्षता में समिति की वार्षिक आम बैठक के औपचारिक सत्र का आयोजन किया गया। जिसमें 10 से अधिक राज्यों के राज्यपाल उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्री डा. मनसुख मंडाविया भी संस्था के अध्यक्ष के तौर पर उपस्थित रहे। हरियाणा के राज्यपाल को पुरस्कार प्रदान करते समय हरियाणा राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी के महासचिव डा. मुकेश अग्रवाल भी उनके साथ रहे। बैठक में उड़ीसा के राज्यपाल भी सम्मानित किए गए। बंडारू दत्तात्रेय ने भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी हरियाणा राज्य शाखा को मिले इस गौरवमय सम्मान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी और इसकी हरियाणा राज्य शाखा सदैव समाज में पूर्णतया उदारता के साथ मानवता के प्रति समर्पित रहकर जरूरतमंद लोगों बेसहारा महिलाओं तथा दुर्घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित लोगों की मदद करने में सदैव अग्रणीय रहती है। उन्होंने कहा कि कोविड 2019 जैसी महा आपदा के समय में भी रेडक्रॉस सोसाइटी ने लोगों की मदद करके उन्हें नवजीवन प्रदान किया।

 

 

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ट्रक व कार में भिड़ंत, 6 की मौत

भोपाल: मध्यप्रदेश के सागर जिले में ट्रक और कार के बीच टक्कर हो गई। इस हादसे में 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सुचना मिलते ही पुलिस टीम मोके पर पहुंची और सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।


पुलिस के अनुसार, सागर जिले में सानोधा थाना क्षेत्र के बमोरी डूंडर गांव के पास ट्रक और कार की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह से चकनाचूर हो गई। इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई।

टक्कर के बाद जहां कार के परखच्चे उड़ गए तो वहीं ट्रक जाकर जिस नीम के पेड़ से टकराया वह उखड़ कर टूट गया. ट्रक सड़क से नीचे उतर गया।

सड़क हादसे की खबर मिलते ही एसडीओपी अशोक चौरसिया, मकरोनिया सीएसपी शेखर दुबे, सानोधा थाना प्रभारी अजय शाक्य, बहेरिया थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी मौके पर पहुंचे।

एसपी अभिषेक तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया इस घटना में 4 लोगों की मौके पर और 2 लोगों को हॉस्पिटल में डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया अब तक 6 लोगों की जान चली गई है। ट्रक चालक अभी फरार है। उसकी पहचान हो गई है। पुलिस ड्राइवर की तलाश कर रही है।

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इंटरनेशनल टेम्‍पल्‍स कन्‍वेंशन एंड एक्‍सपो का आयोजन 22 से

मुंबई: विश्व के प्राचीनतम शहर वाराणसी के रुद्राक्ष कन्‍वेंशन सेंटर में 22 से 24 जुलाई, 2023 तक इंटरनेशनल टेम्‍पल्‍स कन्‍वेंशन एंड एक्‍सपो (आईटीसीएक्स) का आयोजन होने जा रहा है।

टेम्पल कनेक्ट (इंडिया) द्वारा विकसित यह विश्व का पहला आयोजन है जो केवल दुनिया भर में मंदिरों के प्रबंधन के प्रति समर्पित है। इस सम्मलेन में मंदिर पारितंत्र के प्रशासन, प्रबंधन और संचालन के विकास तथा सशक्तीकरण पर फोकस किया जाएगा।

इस सम्मलेन की संकल्पना टेम्पल कनेक्ट (भारतीय मूल के मंदिरों से सम्बंधित जानकारियों के प्रलेखन, डिजिटलीकरण और वितरण के प्रति समर्पित प्रमुख प्लैटफॉर्म) के संस्थापक, गिरेश कुलकर्णी के साथ प्रसाद लाड (इंटरनेशनल टेम्पल्स कन्वेंशन एंड एक्सपो 2023 के चेयरमैन तथा महाराष्ट्र विधान परिषद् के सदस्य) और शो डायरेक्टर एवं को-क्यूरेटर मेघा घोष द्वारा की गई है।

यह तीन-दिवसीय कार्यक्रम मंदिर प्रबंधन के सर्वोच्च पद पर आसीन समान सोच के अधिकारियों के बीच विचारों के खुले आदान-प्रदान, शिक्षण और बहुमूल्य परिज्ञान के लिए एक मंच प्रदान करेगा, जहाँ पूरे विश्व में पूजास्थल प्रधान की टीमों के लिए सर्वश्रेष्ठ कार्यपद्धतियों की स्थापना, सक्षमता और संवर्धन पर चर्चा और निर्णय होंगे।

जैसा कि यह सम्मलेन मंदिर पर्यटन और तीर्थाटन पारितंत्र में वृद्धि करेगा, इसे उचित रूप से ‘अतुल्य भारत” अभियान के अंतर्गत पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार का समर्थन प्राप्त है।

आईटीसीएक्स का लक्ष्य नेटवर्किंग, ज्ञान को साझा करने और समकक्ष शिक्षण के लिए एक पारितंत्र का निर्माण और विकास करना है जो विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ संगोष्ठी, कार्यशालाओं और मास्टरक्लासेस से निकल कर आएगा।

इसमें एक मजबूत और सम्बद्ध मंदिर समुदाय के पोषण के लिए साइबर हमलों से सुरक्षा तथा सोशल मीडिया प्रबंधन हेतु पूजास्थल की सुरक्षा, संरक्षा और चौकसी, निधि प्रबंधन, आपदा प्रबंधन, स्वच्छता, आरोग्य और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (आआई) जैसी  आधुनिक टेक्‍नोलॉजी का ज्‍यादा से ज्‍यादा प्रयोग शामिल हैं।

इस सम्मलेन में तीर्थयात्री-अनुभव के तहत भीड़ और पंक्ति प्रबंधन, ठोस कचरा प्रबंधन, तथा बुनियादी सुविधा में सुधार जैसे विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।

इस सम्मलेन में केवल आमंत्रित लोग ही शामिल हो सकेंगे और पहले संस्करण में इसे हिन्दू, जैन, बौद्ध तथा सिख धर्मों के धर्मस्थलों तथा पूजास्थल न्यासों के लिए अभिकल्पित किया गया है।

इस सम्मलेन में जैन धर्मशालाओं, प्रमुख भक्ति धर्मार्थ संगठन, यूनाइटेड किंगडम के हिन्दू मंदिरों के संघ, इस्कॉन मंदिर, विभिन्न अन्ना क्षेत्र प्रबंधन, विभिन्न तीर्थ स्थलों के पुरोहित महासंघ  और विभिन्न तीर्थयात्रा संवर्धन परिषद् (पिल्ग्रिमेज प्रमोशन बोर्ड्स) के प्रतिनिधि भाग लेंगे।

इंटरनेशनल टेम्‍पल्‍स कन्‍वेंशन एंड एक्‍सपो 2023 के चेयरमैन, महाराष्ट्र विधान परिषत के सदस्य और महाराष्ट्र सरकार के विधान परिषद् अधिकार उल्लंघन समिति के चेयरमैन, प्रसाद लाड ने कहा कि, “आईटीसीएक्स सबसे प्राचीन पारितंत्रों में से एक, मंदिर पारितंत्र को मजबूत और सशक्त करने की दिशा में एक गंभीर प्रयास है।

यह सम्मलेन अपने एकदम प्रथम संस्करण में ही इतने बड़े पैमाने और गंभीरता के साथ आयोजित सचमुच अपनी तरह की पहली घटना है। यह जानकारी के प्रसार के लिए एक बेहद जरूरी, स्थान प्रदान करेगा जहाँ विभिन्न मंदिर प्रबंधन एकत्र होकर एक-दूसरे से सीख सकते हैं, विशेषज्ञों से जुड़ सकते हैं और सहक्रियाओं का निर्माण कर सकते हैं जिससे स्थायी मंदिर विकास पर सकारात्मक प्रभाव पडेगा।”

शो डायरेक्टर और को-फाउंडर, मेघा घोष ने कहा कि, “हम एक ऐसे समय में रह रहे हैं जहाँ पहल करना महत्वपूर्ण है। मंदिर प्रबंधन के लिए एक मंच तैयार करने का किसी ने प्रयास नहीं किया है, लेकिन हमेशा कोई न कोई एक प्रथम होता ही है।

यह सम्मलेन हमारी समृद्ध मंदिर धरोहर में राष्ट्रीय गौरव की भावना को उजागर करता है। और यह समय आधुनिक टेक्नोलॉजी के द्वारा इसे सुरक्षा और समर्थन देने का समय है। हम समान मूल की चार धार्मिक आस्थाओं के साथ शुभारम्भ कर रहे हैं।

आने वाले वर्षों में इस आन्दोलन में और अधिक धर्मों के शामिल होने से हमें खुशी होगी।” पंजीकृत दर्शकों के लिए टेम्पल कनेक्ट की वेबसाइट और फेसबुक लाइव के माध्यम से इस सम्मलेन का ऑनलाइन प्रसारण भी किया जाएगा।

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पीएम मोदी पहुंचे यूएई, तिरंगे के रंग से रंगा बुर्ज खलीफा...

अबू धाबी/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ प्रमुख द्विपक्षीय मुद्दों पर बैठक करने के लिए आधिकारिक यात्रा पर अबू धाबी पहुंचे। हवाईअड्डे पर उनका स्वागत किया गया। इससे पहले प्रधानमंत्री दो दिवसीय फ्रांस दौरे पर रहे। इससे कुछ घंटे पहले यूएई ने कहा कि भारत के साथ उसकी आर्थिक साझेदारी दोनों देशों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यूएई  के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल जेयूदी ने कहा कि नई दिल्ली के साथ गैर-तेल व्यापार 2030 तक 100 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।  


उन्होंने कहा कि यूएई-भार सीईपीए को इसलिए डिजाइन किया गया था ताकि 80 फीसदी वस्तुओं पर टैरिफ को हटाकर या कम करके, व्यापार के लिए अनावश्यक बाधाओं को समाप्त करके, निवेश के लिए नए प्लेटफॉर्म बनाकर, और एक-दूसरे के निजी क्षेत्र के लिए सरकारी खरीद को खोलकर 2030 तक द्विपक्षीय गैर-तेल व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक बढ़ाया जा सके, जिससे विकास और अवसर का एक नया युग बने।


 
क्राउन प्रिंस अल नाहयान से मिले पीएम मोदी
पीएम मोदी अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मिले। दुबई के बुर्ज खलीफा ने प्रधानमंत्री मोदी की भारत की आधिकारिक यात्रा से पहले कल भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रंगों को प्रदर्शित किया। बुर्ज खलीफा में इससे पहले 2018 में पीएम मोदी के दौरे के दौरान भी भारतीय तिरंगे को प्रदर्शित किया गया था। पिछले साल भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने की खुशी पर भी बुर्ज खलीफा की रौशनी में भारतीय तिरंगे को लहराया गया था।  



प्रधानमंत्री के विजन सागर को साकार कर रहा आईएनएस त्रिकंद: नौसेना
भारतीय नौसेना ने कहा है कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूएई दौरे के दौरान आईएनएस त्रिकंद फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में तैनात है, जो क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा में योगदान दे रहा है, व्यापार की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कर रहा है और प्रधानमंत्री के विजन सागर को साकार कर रहा है।

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चंद्रयान-3 ने भरी उड़ान, 40 दिन का रहेगा सफर...

श्रीहरिकोट: जिस घड़ी का बेसब्री से सभी भारतवासी इंतजार कर रहे थे, आखिर वह आ ही गई। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से चंद्रयान-3 को दोपहर दो बजकर 35 मिनट पर लॉन्च किया गया। इस ऐतिहासिक पल के गवाह केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और इसरो के पूर्व चीफ के सिवन भी रहे। दुनिया की नजरें इस मिशन पर टिकी हुई हैं।

मिशन चंद्रयान-3 की सफलता से अमेरिका, चीन और तत्कालीन सोवियत संघ के बाद भारत चौथा देश बन जाएगा, जिसने चंद्रमा पर साफ्ट लैंडिंग (Moon Mission Landing) की महारत हासिल की है। इसरो ने कहा कि  'चंद्रयान-3' के प्रक्षेपण के लिए 25.30 घंटे की उल्टी गिनती बृहस्पतिवार को शुरू हो गई।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से चंद्रयान-3 मून मिशन को लॉन्च किया। चंद्रयान-3 एक लैंडर, एक रोवर और एक प्रोपल्शन मॉड्यूल से लैस है। इसका वजन करीब 3,900 किलोग्राम है। इसके 23 अगस्त को चांद की सतह पर उतरने की संभावना है।



जानें चंद्रयान-3 की खासियत...
चंद्रयान-3 मिशन के अंतर्गत इसका रोबोटिक उपकरण 24 अगस्त तक चांद के उस हिस्से (शेकलटन क्रेटर) पर उतर सकता है जहां अभी तक किसी भी देश का कोई अभियान नहीं पहुंचा है। इसी वजह से पूरी दुनिया की निगाहें भारत के इस मिशन पर हैं।

चंद्रयान-3 को LVM3 रॉकेट से लॉन्च किया गया। लैंडर को सफलतापूर्वक चांद की सतह पर उतारने के लिए इसमें कई तरह के सुरक्षा उपकरणों को लगाया गया है। चंद्रयान-3 मिशन की थीम Science Of The Moon यानी चंद्रमा का विज्ञान है।



36 हजार 968 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ेगा चंद्रयान
दोपहर 2.35 बजे LVM3 रॉकेट के जरिए चंद्रयान-3 लॉन्च किया गया। तब इसकी शुरुआती रफ्तार 1,627 किमी प्रति घंटा थी। लॉन्च के 108 सेकंड बाद 45 किमी की ऊंचाई पर इसका लिक्विड इंजन स्टार्ट हुआ और रॉकेट की रफ्तार 6,437 किमी प्रति घंटा हो गई। आसमान में 62 किमी की ऊंचाई पर पहुंचने पर दोनों बूस्टर रॉकेट से अलग हो गए और रॉकेट की रफ्तार सात हजार किमी प्रति घंटा पहुंच गई।  

करीब 92 किमी की ऊंचाई पर चंद्रयान-3 को वायुमंडल से बचाने वाली हीट शील्ड अलग हुई। 115 किमी की दूरी पर इसका लिक्विड इंजन भी अलग हो गया और क्रॉयोजनिक इंजन ने काम करना शुरू कर दिया। तब रफ्तार 16 हजार किमी/घंटा थी। क्रॉयोजनिक इंजन इसे लेकर 179 किमी तक ले गया और इसकी रफ्तार 36968 किमी/घंटे थी।

 

40 दिन में पूरा होगा सफर
धरती से चांद की दूरी करीब 3.84 लाख किलोमीटर है। चंद्रयान-3 इस दूरी को 40 से 50 दिनों में तय करेगा। मतलब अगर सबकुछ सही रहा तो 50 दिनों में चंद्रयान-3 का लैंडर चांद की सतह पर होगा। इसरो की योजना के मुताबिक, इसे 23-24 अगस्त को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग कराई जाएगी। अगर दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर की सॉफ्ट लैंडिग होती है, तो भारत दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला विश्व का पहला देश बन जाएगा।

सूर्योदय की स्थिति देखकर बदलाव भी हो सकता है
चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर लैंडिंग 23-24 अगस्त को रखी गई है लेकिन वहां सूर्योदय की स्थिति को देखते हुए इसमें बदलाव हो सकता है। अगर सूर्योदय में देरी होती है तो इसरो लैंडिंग का समय बढ़ाकर इसे सितंबर में कर सकता है। इसरो के प्रमुख एस सोमनाथ ने बताया कि चंद्रयान-3 लॉन्च होने के बाद पृथ्वी की कक्षा में जाएगा फिर इसके बाद धीरे-धीरे चंद्रमा की ओर आगे बढ़ेगा। हम उम्मीद कर रहे हैं कि सब ठीक रहेगा और 23 अगस्त या उसके बाद किसी भी दिन लैंड करेगा।

चंद्रयान-2 से ये कितना अलग?
चंद्रयान-2 के मुकाबले इस बार चंद्रयान-3 का लैंडर ज्यादा मजबूत पहियों के साथ 40 गुना बड़ी जगह पर लैंड होगा। लैंडर को सफलतापूर्वक चांद की सतह पर उतारने के लिए इसमें कई तरह के सुरक्षा उपकरणों को लगाया गया है। चंद्रयान-3 मिशन की थीम Science Of The Moon यानी चंद्रमा का विज्ञान है।  

चंद्रयान-2 में जहां ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर थे। वहीं, चंद्रयान-3 में प्रपल्शन मॉड्यूल, लैंडर और रोवर होंगे। चंद्रयान-3 का लैंडर+रोवर चंद्रयान-2 के लैंडर+रोवर से करीब 250 किलो ज्यादा वजनी है। चंद्रयान-2 की मिशन लाइफ सात साल (अनुमानित) थी, वहीं चंद्रयान-3 के प्रपल्शन मॉड्यूल को तीन से छह महीने काम करने के लिए डिजाइन किया गया है। चंद्रयान-2 के मुकाबले चंद्रयान-3 ज्यादा तेजी से चांद की तरफ बढ़ेगा। चंद्रयान-3 के लैंडर में चार थ्रस्टर्स लगाए गए हैं।

लैंडर-रोवर का नाम विक्रम और प्रज्ञान ही रखा गया
चंद्रयान-3 के लैंडर का नाम 'विक्रम' और रोवर का नाम 'प्रज्ञान' ही रहेगा। रोवर के भीतर ही लैंडर मौजूद है। 615 करोड़ रुपये की लागत वाले चंद्रयान-3 मिशन का लक्ष्य भी चंद्रयान-2 की तरह ही है। इसके जरिए चांद की सतह के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाना है। खासतौर पर चांद के सबसे ठंडे इलाके की जानकारी जुटाना। चंद्रयान-3 के लैंडर पर चार तरह के साइंटिफिक पेलोड जा रहे हैं। ये चांद पर आने वाले भूकंपों, सतह की थर्मल प्रॉपर्टीज, सतह के करीब प्लाज्मा में बदलाव और चांद और धरती के बीच की सटीक दूरी मापने की कोशिश करेंगे। चांद की सतह के रासायनिक और खनिज संरचना की भी स्टडी होगी।
 
चुनौतियां भी कम नहीं हैं
चंद्रयान-3 के सामने चुनौतियां भी काफी हैं। सबसे बड़ी चुनौती अनजान सतह पर लैंड करना है। यह एक ऑटोनॉमस प्रक्रिया है जिसके लिए कोई कमांड नहीं दी जाती। लैंडिंग किस तरह होगी, यह ऑन-बोर्ड कंप्यूटर तय करता है। अपने सेंसर्स के हिसाब से लोकेशन, हाइट, वेलोसिटी वगैरह का अंदाजा लगाकर कंप्यूटर फैसला लेता है। चंद्रयान-3 की सॉफ्ट-लैंडिंग सटीक और सही होने के लिए कई तरह के सेंसर्स का एक साथ ठीक काम करना जरूरी है।

चंद्रयान-3 मिशन की सफलता भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक होगी। अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत चौथा ऐसा देश बन जाएगा जिसने चांद पर सॉफ्ट-लैंडिंग की होगी। हाल के वर्षों में इसरो ने खुद को दुनिया की लीडिंग स्पेस एजेंसी के रूप में स्थापित किया है। चांद पर सफल मिशन से उसकी साख और मजबूत होगी।

 

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सुप्रीम कोर्ट जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद की जमानत पर 24 को करेगा फैसला

नई दिल्ली:उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि वह 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश रचने के आरोप में दो वर्षों से अधिक समय से जेल में बंद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता उमर खालिद की जमानत याचिका पर 24 जुलाई को फैसला करेगा।

न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश की पीठ ने संबंधित पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद उमर की जमानत पर अपने फैसले की तारीख मुकर्रर की। दिल्ली पुलिस के अधिवक्ता रजत नायर ने दलील देते हुए कहा कि 24 जुलाई को सोमवार होने के कारण अदालत के समक्ष बड़ी संख्या में मामले सूचीबद्ध होंगे। इस आधार पर उन्होंने फैसले के लिए कोई और तारीख तय करने की गुहार लगाई।

इस पर पीठ ने कहा, इस मामले में एक या दो मिनट लगेंगे। पीठ ने सोमवार के दिन कारण अधिक मामलों के सूचीबद्ध होने की दलील पर कहा, हम तय करेंगे कि उस दिन व्यस्तता होगी या नहीं। दिल्ली पुलिस के अधिवक्ता नायर ने याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए भी समय की मांगा की।

याचिकाकर्ता खालिद की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दिल्ली पुलिस के अधिवक्ता द्वारा जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगने पर कड़ी आपत्ति जताई। श्री सिब्बल ने दलील देते हुए कहा, वह आदमी (उमर) दो साल से अधिक समय से जेल में बंद है, अब उसके जमानत मामले में किस जवाब की जरूरत है?

शीर्ष अदालत ने अपनी ओर से कहा कि मामले में आरोपपत्र हजारों पन्नों में हैं। इसलिए जवाब दाखिल करने के लिए कुछ उचित समय दिया जाना चाहिए। शीर्ष अदालत ने 18 मई को खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था। दिल्ली पुलिस ने उमर को 13 सितंबर 2020 को गिरफ्तार किया और तब ही से वह जेल में बंद है।

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