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सुप्रीम कोर्ट में ईडी की कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका वापस...

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रायपुर छत्तीसगढ़ के 2000 करोड़ रु के शराब घोटाले के आरोपियों ने ईडी की कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका वापस ली। सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते कहा कि- PMLA एक्ट के प्रावधानों को सही ठहराया जा चुका है। फिर भी आरोपी गिरफ्तारी से राहत के लिए उन्हें चुनौती दे रहे हैं। यह न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है।

गौरतलब है कि ईडी ने शराब में राज्य में 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक रुपए के भ्रष्टाचार और मनी लांड्रिंग का दावा किया है। इसमें अनवर ढेबर को गिरफ्तार किया गया है। ईडी ने दावा किया है कि राज्य में 2019 से 2022 तक 2 हजार करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। इसमें राज्य के बड़े नेताओं और अधिकारियों का समर्थन था।

त्रिलोक सिंह ढिल्लों पर आरोप लगे है कि उसने अपने स्वेच्छा से और जानबूझकर अपने बैंक खातों और फर्मों को बड़ी मात्रा में घोटाले पैसे के लिए उपयोग करने की अनुमति दी है। इस मामले में प्रमुख लाभार्थी है। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल उनके फर्मों के नाम पर 27.5 करोड़ रुपए की एफडी फ्रिज कर दी है और 52 लाख रुपए नगदी भी जब्त की है।

 

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राष्ट्रपति से मिले कांग्रेसी नेता, एसआईटी गठित करने की मांग...

मणिपुर में बिगड़े हालात को लेकर रखीं 12 मांगें, सौंपा ज्ञापन

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। हिंसाग्रस्त मणिपुर में शांति बहाली के तमाम प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कई जगहों पर हिंसा की खबरें आ रही हैं। इस हिंसा में कई लोगों की जान जा चुकी है। जहां आज सरकार ने पीड़ित परिवारों के दुख पर मरहम लगाने के लिए मुआवजे का एलान किया है। तो वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर एक उच्च स्तरीय जांच आयोग के गठन की मांग की।

मणिपुर की स्थिति को लेकर मंगलवार दोपहर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन पहुंचे। यहां उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। वहीं, कांग्रेस नेता ने बताया कि मणिपुर के बिगड़ते हालात को काबू लाने के लिए उन्होंने मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा। नेता ने कहा कि हमने सुप्रीम कोर्ट के एक सेवारत या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय जांच आयोग के गठन सहित 12 मांगें रखी हैं।

10 लाख रुपये मुआवजे का एलान
अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि केंद्र और मणिपुर राज्य सरकार ने मणिपुर में जातीय संघर्ष के दौरान मरने वालों के परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही, दंगे में मरने वालों के परिवार के एक सदस्य को भी नौकरी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मुआवजे की राशि केंद्र और राज्य सरकार समान रूप से वहन करेगी।

अधिकारियों ने बताया कि अफवाहों की वजह से राज्य में लगातार हिंसा बढ़ी है। जब भी शांति का माहौल बनता है तो कोई न कोई गलत जानकारी देकर अशांति फैला देता है। इसलिए अब अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा कसने के लिए एक टेलिफोन नंबर भी जारी करने का फैसला लिया है।

बता दें, सोमवार देर रात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के बीच हुई बैठक में मुआवजे देने का फैसला लिया गया। शाह की बैठक में यह भी सुनिश्चित करने का फैसला किया गया कि कीमतें कम करने के लिए पेट्रोल, एलपीजी गैस, चावल और अन्य खाद्य उत्पादों जैसी आवश्यक वस्तुओं को बड़ी मात्रा में उपलब्ध कराया जाएगा। सोमवार रात इंफाल पहुंचे गृह मंत्री के साथ गृह सचिव अजय कुमार भल्ला और खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन कुमार डेका भी मौजूद रहे।

अमित शाह मंगलवार को मेइती और कुकी दोनों समुदायों के राजनीतिक और नागरिक समाज के नेताओं के साथ कई बैठकें करेंगे और इस महीने की शुरुआत में सबसे खराब दंगों के स्थल चुराचांदपुर का दौरा करेंगे।

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आरबीआई के खिलाफ याचिका को हाईकोर्ट ने किया खारिज

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण) दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की उन अधिसूचनाओं को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी, जिसमें बिना किसी पहचान प्रमाण के नोट बदलने की अनुमति दी गई थी। मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने 23 मई को अपना फैसला सुरक्षित रखने के बाद याचिका को खारिज कर दिया। आरबीआई के वरिष्ठ अधिवक्ता पराग पी. त्रिपाठी के वकील ने पिछले हफ्ते जनहित याचिका (पीआईएल) पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि इसे खारिज किया जाना चाहिए।

जनहित याचिका भाजपा नेता और अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने दायर की थी। त्रिपाठी ने आगे कहा था कि यह एक वैधानिक कवायद है न कि नोटबंदी।उन्होंने कहा, मेरे विद्वान मित्र द्वारा उठाया गया कोई भी बिंदु सार्वजनिक मुद्दों पर किसी भी तरह से प्रभावित नहीं होता है। जनहित याचिका में कहा गया कि 19 और 20 मई को प्रकाशित अधिसूचनाएं मनमानी थीं और भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करती थीं।

याचिका में आरबीआई और एसबीआई को यह सुनिश्चित करने का निर्देश देने की भी मांग की गई कि 2000 रुपये के नोट संबंधित बैंक खातों में ही जमा किए जाएं, ताकि काला धन और आय से अधिक संपत्ति रखने वाले लोगों की पहचान की जा सके।

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नौ साल में दुनिया में बढ़ा भारत का मान, हमें कोई आंख नहीं दिखा सकता : योगी

लखनऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण) यूपी के मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नौ साल के कार्यकाल में जहां एक तरफ दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ा है, वहीं देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा सु²ढ़ हुई है। आज भारत को कोई आंख दिखाने का साहस नहीं कर सकता। गरीबों का कल्याण और इन्फ्रास्ट्रक्च र डेवलपमेंट जैसे चार स्तंभों को मोदी सरकार ने बीते नौ साल में मजबूत आधार प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राजधानी में मोदी सरकार के 9 साल के कार्यकाल के पूरे होने पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही। उन्होंने कहा कि पिछले 9 साल में बदली हुई परिस्थितियों को हम सब ने ना केवल महसूस किया है बल्कि हमने इस दौरान नये भारत का दर्शन भी किया है। आज का भारत चार महत्वपूर्ण स्तंभों पर खड़ा है।

मुख्यमंत्री ने पहले स्तंभ की चर्चा करते हुए कहा कि आज वैश्विक स्तर पर भारत का मान बढ़ा है। भारत को दुनियाभर मे सम्मान मिल रहा है। हाल ही में पीएम ने तीन देशों की यात्रा की है, उसका ²श्य हम सबके सामने है। पापुआ न्यू गिनी में पीएम मोदी का वहां के प्रधानमंत्री ने पैर छूकर अभिनंदन किया। प्रोटोकॉल तोड़ के देर सायंकाल स्वयं आगवानी की। यह पहली बार हुआ है जब किसी संप्रभु राष्ट्र ने अपने समकक्ष का अभिनंदन इस प्रकार किया हो। पापुआ न्यू गिनी और फिजी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान से नवाजा।

इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के पीएम के वक्तव्य को भी हम सबने सुना, जिसमें उन्होंने पीएम मोदी को बॉस कहके संबोधित किया था। यही नहीं अमेरिका के राष्ट्रपति की ओर से पीएम मोदी का ऑटोग्राफ लेने की इच्छा व्यक्त करना, ना सिर्फ भारत बल्कि देश की 140 करोड़ जनता का सम्मान है। हर भारतवासी इसपर गर्व करता है। आज दुनिया में भारत की विरासत को सम्मान मिला है। हर साल 21 जून को पूरी दुनिया योग से जुड़कर भारत की विरासत का सम्मान कर रही है।

 
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आंधी के साथ तेज बारिश, महाकाल लोक की कई मूर्तियां गिरी

उज्जैन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में ‘श्रीमहाकाल लोक’ गलियारे की छह मूर्तियां रविवार दोपहर आयी तेज आंधी के चलते गिरकर क्षतिग्रस्त हो गईं। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी।

उन्होंने बताया कि जब मूर्तियां गिरीं तो यह गलियारा श्रद्धालुओं से खचाखच भरा हुआ था, लेकिन कोई भी व्यक्ति हताहत नहीं हुआ।

उन्होंने स्वीकार किया कि मूर्तियों और गलियारे के काम में गुजरात की कंपनियों को लगाया गया था।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कुछ महीने पहले 900 मीटर लंबे "श्री महाकाल लोक" गलियारे के पहले चरण का लोकार्पण किया था। कुल 856 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के पहले चरण में ‘श्री महाकाल लोक’ को 351 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है।

देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर का मंदिर उज्जैन में स्थित है। यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।

उज्जैन के जिलाधिकारी कुमार पुरुषोत्तम ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘श्री महाकाल लोक गलियारे में 160 मूर्तियां हैं, जिनमें से आज दोपहर आयी तेज आंधी से छह मूर्तियां गिरकर टूट गईं। ये टूटी मूर्तियां वहां स्थापित किये गये सात सप्त ऋषियों में से हैं और करीब 10 फीट ऊंची थी। ठेकेदार नयी मूर्तियां लगाएंगे, क्योंकि पांच साल तक की देखरेख का जिम्मा भी उनका ही है। हम आगे के लिए भी नियम और सख्त कर रहे हैं और उनकी जवाबदारी तय करने वाले हैं।’’
पुरुषोत्तम ने स्पष्ट किया, ‘‘ये गिरकर टूटी हुई मूर्तियां महाकाल मंदिर के अंदर नहीं थीं। वे ‘श्री महाकाल लोक’ गलियारे में थीं।’’

उन्होंने कहा कि गलियारे को आंधी-तूफान आने के बाद करीब शाम चार बजे लोगों के लिए बंद कर दिया गया था। उनके अनुसार इसे शाम सात बजे फिर से आम जनता के लिए खोला गया और इस दौरान करीब एक लाख लोग वहां उमड़ पड़े।

उन्होंने कहा कि आज की तेज आंधी से उज्जैन जिले में दो लोगों की मौत भी हुई है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, जिले में तूफान से कुछ घर भी गिरने की सूचना मिली है।इसी बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट किया, ‘‘मध्य प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने जब उज्जैन में महाकाल मंदिर परिसर का भव्य निर्माण करने का संकल्प लिया था तब इस बात की कल्पना नहीं की थी कि बाद की (भाजपा नीत) सरकार महाकाल लोक के निर्माण में भी गंभीर अनियमितता करेगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आज जिस तरह से महाकाल लोक परिसर (गलियारा) में आंधी चलने से देव प्रतिमाएं जमीन पर गिर गईं, वह दृश्य किसी भी धार्मिक व्यक्ति के लिए अत्यंत करुण दृश्य है। मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि महाकाल लोक में जो प्रतिमाएं गिरी हैं, वहां नई प्रतिमाएं तुरंत स्थापित की जाएं और घटिया निर्माण करने वालों को जांच कर दंडित किया जाए।’

कांग्रेस नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरूण यादव ने ट्वीट किया, ‘‘उज्जैन महाकुंभ में करोड़ों रुपये का घोटाला करने वाली भाजपा सरकार के 50 फीसदी कमीशन के चक्कर में महाकाल लोक गलियारा में लगायी गयीं करोड़ों रुपये की मूर्तियां मानसून से पहले हुई आंधी-बारिश में ही धराशायी हो गई एवं महाकाल लोक की आधी से ज्यादा कुर्सियां टूट गई हैं।’’

ट्वीट करने के बाद यादव ने फोन पर पीटीआई-भाषा से कहा कि भाजपा सरकार भगवान को भी नहीं बख्श रही है और आज महाकाल मंदिर में विकास से भ्रष्टाचार की बू आ रही है।

स्थानीय मौसम की स्थिति के बारे में फोन पर बात करते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल केंद्र के ड्यूटी अधिकारी जे पी विश्वकर्मा ने पीटीआई-भाषा को बताया कि रविवार के पूर्वानुमान में कहा गया है कि उज्जैन में अलग-अलग स्थानों पर दिन के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।

उन्होंने यह भी कहा, ‘‘उज्जैन में हवा की गति को मापने के लिए उज्जैन में हमारे पास एक स्वचालित मौसम स्टेशन नहीं है। हम इसकी मांग करेंगे।’

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सुनील छेत्री भी प्रदर्शनकारी पहलवानों पर कार्रवाई के ख़िलाफ़ आए सामने

दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)ओलंपियन नीरज चोपड़ा के बाद अब भारत के फुटबॉल खिलाड़ी सुनील छेत्री भी प्रदर्शनकारी पहलवानों पर कार्रवाई के ख़िलाफ़ सामने आए हैं। सुनील छेत्री ने एक ट्वीट में लिखा है कि पहलवानों को घसीटने की क्या ज़रूरत है।


उन्होंने लिखा, "बिना सोचे-समझे हमारे पहलवानों को इस तरह घसीटे जाने की क्या ज़रूरत है? किसी के साथ बर्ताव करने का ये सही तरीका नहीं है. मुझे उम्मीद है कि इस पूरी स्थिति का आकलन उसी तरह किया जाएगा, जैसा होना चाहिए। "

इससे पहले रविवार को नीरज चोपड़ा ने भी प्रदर्शनकारी पहलवानों पर कार्रवाई का वीडियो ट्वीट करते हुए साथ में लिखा था, "यह देख कर मुझे दुख हो रहा है. इस हालात से निपटने का दूसरा तरीका भी हो सकता था। "

दिल्ली पुलिस ने विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया को रविवार को सुरक्षा घेरा तोड़कर महिला ‘महापंचायत’ के लिए नए संसद भवन की ओर बढ़ने की कोशिश करने के बाद कानून-व्यवस्था के उल्लंघन को लेकर हिरासत में लिया था।

देर रात पुलिस ने साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और संगीता फोगाट को छोड़ दिया था लेकिन कुछ पहलवान अभी भी हिरासत में हैं।

देश के शीर्ष पहलवानों ने 23 अप्रैल को भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ़्तार करने की मांग को लेकर अपना आंदोलन फिर से शुरू किया था। प्रदर्शनकारी पहलवानों ने बृजभूषण पर एक नाबालिग सहित कई महिला पहलवानों के यौन शोषण का आरोप लगाया है।

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नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्रियों का नहीं आना दुर्भाग्यपूर्ण और गैर जिम्मेदाराना : रविशंकर प्रसाद

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण) भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने विपक्षी मुख्यमंत्रियों के नीति आयोग की बैठक में शामिल नहीं होने की आलोचना करते हुए इन मुख्यमंत्रियों के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण और गैर जिम्मेदाराना बताया है।

भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, तेलंगाना , बिहार, दिल्ली , पंजाब और राजस्थान के मुख्यमंत्री सहित आठ मुख्यमंत्री नीति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल नहीं होकर अपने ही प्रदेश की जनता का अहित क्यों कर रहे हैं? यह सब बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है और गैर जिम्मेदाराना है। हालांकि राजस्थान के सीएम गहलोत के नहीं आने को लेकर उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्हें यह बताया गया कि अशोक गहलोत स्वास्थ्य कारणों से नहीं आये हैं हालांकि सच तो वही बताएंगे।

प्रसाद ने कहा कि नीति आयोग देश के विकास और योजनाओं के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। इस बैठक के लिए 100 मुद्दे तय किए गए हैं, अब जो मुख्यमंत्री नहीं आए हैं वो अपने प्रदेश की जनता की आवाज यहां तक नहीं ला रहे हैं। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए पूछा कि प्रधानमंत्री मोदी के विरोध में आखिर ये दल कहां तक जाएंगे ? उन्होंने आगे कहा कि गवनिर्ंग काउन्सिल में महत्वपूर्ण चर्चा होती है, महत्वपूर्ण फैसले होते हैं और उसके बाद ये फैसले जमीन पर लागू होते हैं। लेकिन बावजूद इसके भी ये मुख्यमंत्री क्यों नहीं आ रहे? आखिर ये मुख्यमंत्री अपने प्रदेश की जनता का अहित क्यों कर रहे हैं?

प्रसाद ने कहा कि ये विपक्षी दल भाजपा सरकार पर यह आरोप लगाते हैं कि हमारी सरकार संस्थाओं का सम्मान नहीं करती है जबकि वास्तविकता यह है कि इनमें से कई दल पहले कैग, चुनाव आयोग, चुनावी प्रक्रिया यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट तक पर सवाल उठा चुके हैं, खुलेआम आलोचना कर चुके हैं।

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मुख्यमंत्री ने अपने पास रखा वित्त विभाग, जानें किस मंत्री को क्या मिला...

बेंगलुरु (छत्तीसगढ़ दर्पण) कर्नाटक में मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद मंत्रियों का पोर्टफोलियो तय हो गया। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पास वित्त विभाग रहेगा। वहीं, डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के पास प्रमुख और मध्यम सिंचाई और बेंगलुरु शहर का विकास विभाग रहेगा। इसके साथ ही कानून और संसदीय मामलों के मंत्री एचके पाटिल को बनाया गया है।


वहीं, कर्नाटक के नए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री दिनेश गुंडू राव होंगे और कृष्णा बेयरे गौड़ा को राजस्व मंत्री (मुजरई को छोड़कर) बनाया गया है। बता दें कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने 24 मंत्रियों के लिए नामों को अंतिम रूप देते हुए कैबिनेट विस्तार की प्रक्रिया पूरी कर ली।

सीएम सिद्धारमैया ने अपने पास वित्त, सामान्य प्रशासन और इंटेलीजेंस विभाग रखा है। वहीं, डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार सिंचाई और बेंगलुरु सिटी डेवलपमेंट विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। जी. परमेश्वर को गृह विभाग दिया गया है।

कर्नाटक में सीएम पद के लिए पांच दिन की जद्दोजहद के बाद सीएम के नाम तय हुआ था। इसके बाद सीएम और डिप्टी सीएम के साथ आठ विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद 27 मई को राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने 24 और विधायकों ने मंत्री पद की शपथ दिलाई। इसके बाद विभागों का बंटवारा किया गया है। मंत्रियों के विभाग के बंटवारे की जो लिस्ट आई है, उसके मुताबिक सीएम सिद्धारमैया ने अपने पास कैबिनेट मामले, इंटेलीजेंस, पर्सनल एंड एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म और सूचना विभाग रखा है। एसएच के पाटिल को लॉ एंड पार्लियामेंट अफेयर्स, केए मुनियप्पा को फूड एंड सिविल सप्लाई और कन्ज्यूमर अफेयर दिया गया है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खरगे को ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग दिया गया है। अब सिद्धारमैया कैबिनेट में 34 मंत्री हो गए है। इनमें जी.परमेश्वर, के.एच. मुनियप्पा, के.जे. जॉर्ज, एम.बी. पाटिल, सतीश जारकीहोली, प्रियंका खड़गे, रामालिमगा रेड्डी और बी.जेड. जमीर अहमद खान, दिनेश गुंडू राव, कृष्णा बायरे गौड़ा, ईश्वर खंड्रे, रहीम खान, संतोष लाड, के एन राजन्ना, के वेंकटेश, एचसी महादेवप्पा, बैराथी सुरेश, शिवराज तंगड़ी, आरबी तिम्मपुर, बी नागेंद्र, लक्ष्मी हेब्बलकर, मधु बंगारप्पा, डी सुधाकर, चेलुवारया स्वामी, मंकुल वैद्य और एमसी सुधाकर शामिल हैं।

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नया संसद भवन हमारी संस्कृति व आधुनिकता के मिलन का अप्रतिम उदाहरण : शाह

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नए संसद भवन को हमारी संस्कृति और आधुनिकता के मिलन का अप्रतिम उदाहरण बताते हुए कहा है कि देशवासी इसके उद्घाटन को लेकर उत्साहित हैं। अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शेयर किए गए नए संसद भवन के वीडियो को शनिवार को रिट्वीट करते हुए कहा, नये संसद भवन की इन अद्भुत झलकियों को देख पूरा देश हर्षित है। यह संसद हमारी संस्कृति और आधुनिकता के मिलन का अप्रतिम उदाहरण है।

शाह ने आगे लिखा कि, मेरा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पुराने और अब इस नये संसद भवन में एक जनप्रतिनिधि के रूप में सेवा करूंगा। देशवासी इसके उद्घाटन को लेकर उत्साहित हैं। आपको बता दें कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मई, रविवार को संसद के नए भवन का उद्घाटन कर रहे हैं। विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से संसद के इस नए भवन का उद्घाटन नहीं कराए जाने को लेकर उद्घाटन समारोह के बहिष्कार का ऐलान किया हुआ है।

 

 

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कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार से पहले दिल्ली में सोनिया, राहुल से मिले सिद्दारमैया

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के एक दिन बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने शुक्रवार को पार्टी के पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी से उनके आवास पर मुलाकात की। बुधवार शाम राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे सिद्दारमैया ने बेंगलुरू में पिछले शनिवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद पहली बार सोनिया गांधी से मुलाकात की।

तीनों नेताओं के बीच बैठक 30 मिनट से अधिक समय तक चली, इस दौरान उन्होंने राज्य के लोगों से पार्टी द्वारा किए गए वादों को पूरा करने और शासन पर ध्यान केंद्रित करने पर भी चर्चा की। यह भी पता चला है कि नेताओं ने राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा की। गुरुवार को सिद्दारमैया ने अपने डिप्टी डी.के. शिवकुमार के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला और पार्टी महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा की।

सुरजेवाला और वेणुगोपाल के साथ सिद्दारमैया और शिवकुमार की बैठक के दौरान कम से कम 20 से 24 नामों पर चर्चा हुई। सूत्र ने कहा कि 20 से 24 और मंत्री शनिवार को पूर्वाह्न् साढ़े 11 बजे के करीब शपथ लेंगे। हालांकि, वरिष्ठ पार्टी के नेताओं ने इस संबंध में कुछ नहीं कहा। शनिवार को सिद्दारमैया के मुख्यमंत्री व डीके शिवकुमार के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के अलावा आठ और मंत्री जी. परमेश्वर, के.एच. मुनियप्पा, के.जे. जॉर्ज, एम.बी. पाटिल, सतीश जारकीहोली, प्रियंका खड़गे, रामालिमगा रेड्डी और बी.जेड. जमीर अहमद खान ने भी शपथ ली थी।

हालांकि, उनमें से किसी को भी अभी तक कोई पोर्टफोलियो आवंटित नहीं किया गया है। सूत्र ने कहा कि कांग्रेस को कैबिनेट आवंटन में संतुलन बनाना होगा, क्योंकि उसे विभिन्न समुदायों की मांगों को संतुलित करने की जरूरत है। राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण लिंगायत समुदाय, को कैबिनेट में अधिक स्थान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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नए संसद भवन के उद्घाटन पर जारी किया जाएगा 75 रुपये का सिक्का

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रविवार, 28 मई को संसद के नवनिर्मित भवन के उद्घाटन समारोह में 75 रुपये का नया सिक्का भी जारी किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद के इस नए भवन के उद्घाटन कार्यक्रम को यादगार और स्मरणीय बनाने के लिए 75 रुपये का नया सिक्का जारी करेंगे। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी की गई अधिसूचना के मुताबिक, 75 रुपये के इस नए सिक्के का आकार 44 मिलीमीटर वृत्ताकार होगा। इसका मानक वजन 35 ग्राम होगा।

सिक्के के अग्र भाग पर मध्य में अशोक स्तम्भ का सिंह शीर्ष होगा, इसके नीचे 'सत्यमेव जयते' लिखा होगा। उसकी बाईं परिधि पर देवनागरी लिपि में ' भारत' शब्द और दाईं परिधि पर अंग्रेजी में ' इंडिया' शब्द लिखा होगा। सिंह स्तंभ शीर्ष के नीचे रुपये का प्रतीक चिन्ह और अंतर्राष्ट्रीय अंकों में अंकित मूल्य '75 ' भी लिखा होगा।

सिक्के के पृष्ठ भाग में संसद भवन का चित्र होगा। सिक्के के ऊपरी परिधि पर देवनागरी लिपि में ' संसद संकुल' लिखा होगा और निचली परिधि पर अंग्रेजी में ' पार्लियामेंट काम्प्लेक्स' लिखा होगा। संसद संकुल के चित्र के नीचे वर्ष '2023' लिखा होगा।

 
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राजस्थान में गुरुवार रात तेज आंधी-बारिश ने बरपाया कहर, 14 लोगों की मौत

जयपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) प्रदेशभर में गुरुवार रात आए तेज अंधड़ ने जमकर कहर बरपाया। तूफानी बारिश के चलते प्रदेशभर में 14 लोगों की मौत हो गई। वहीं, एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। प्रदेशभर में देर शाम मौसम ने फिर पलटी खाई। तूफानी बारिश से राजधानी जयपुर, दौसा, टोंक, भरतपुर, अलवर, बाड़मेर, बारां, सवाई माधोपुर, सीकर, अजमेर, करौली, धौलपुर सहित कई जिलों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।

बारिश ने सबसे ज्यादा टोंक जिले में कहर बरपाया। तूफानी बारिश के बीच जगह-जगह लगे टिन शेड के अलावा होर्डिंग्स और बैनर उड़ गए। वहीं, अधिकतर जगह हजारों पेड़ और बिजली के पोल उखड़ गए। हालांकि, मौसम के बदले मिजाज से आज भी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 12 जिलों में तेज बारिश और ओलावृष्टि का येलो अलर्ट जारी किया है।

जानकारी के मुताबिक तूफानी बारिश के चलते सबसे ज्यादा 12 लोगों की मौत टोंक जिले में हुई और एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। टोंक शहर में टीनशेड का मकान धराशायी होने से दादा सहित पोते-पोती की मौत हो गई। वहीं, कहीं दीवार गिरने और कहीं टीनशेड उड़ने के कारण निवाई में दो बच्चों समेत 3 की मौत हो गई। मालपुरा में 2, टोकरावास, आवां, टोडारायसिंह और उनियारा में 1-1 की जान गई है।

इधर, श्रीगंगानगर जिले में घर की दीवार गिरने से एक किशोरी की मौत हो गई। वहीं, अजमेर के देव खेड़ी गांव में बारिश के दौरान पेड़ आकाशीय बिजली गिरने से पेड़ के नीचे बैठे एक किसान की मौत हो गई। जयपुर के दूदू में दीवार गिरने और टीनशेड उड़ने से 15 बकरियों की मौत हो गई। इसके अलावा कई जिलों में तेज अंधड़ के चलते सैकड़ों पक्षियों की जान चली गई। भरतपुर जिले के नदबई क्षेत्र के निकटवर्ती गांव लुहासा में पाटोर की पट्टी टूटकर गिर गई। जिससे नीचे खड़ा ट्रैक्टर क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, गनीमत रही की कोई बड़ा हादसा होने से टल गया।

 

 

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डकैत समझकर वन विभाग की टीम पर हमला, गोली भी चली, एक कर्मी घायल...

चीता की ट्रैकिंग के लिए देर रात घूम रही थी टीम

श्योपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कूनो नेशनल पार्क की सीमा लांघकर आशा चीता एक बार बाहर निकल गई है। इस दौरान उसे ट्रैक कर रही वन विभाग की टीम को चोर और शिकारी समझकर ग्रामीणों ने घेरा और हमला कर दिया। हवाई फायरिंग भी हुई। हमले में एक वनकर्मी घायल है। घटना के बाद कूनो नेशनल पार्क के प्रबंधन ने पोहरी थाने में कार्यवाही के लिए आवेदन दिया है।

मामला बीती रात साढ़े 12 बजे का है। आशा चीता कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकल गई थी। उसे ट्रैक कर रही टीम भी पीछे-पीछे चल रही थी। बूराखेड़ा गांव में टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। ग्रामीणों ने चीता को ट्रैक कर रही टीम को डकैत समझा और उन्हें भगाने के लिए हवाई फायर किए। पथराव और मारपीट में वन विभाग के चार कर्मचारियों के चोटिल होने की खबर है। पोहरी अस्पताल में इनका मेडिकल कराया गया है।  

कूनो नेशनल पार्क से मादा चीता आशा बाहर निकल गई है। उसके गले में लगी रेडियो कॉलर को ट्रैक कर वन विभाग की चीता ट्रैकिंग टीम उसे ट्रैक कर रही थी। रात के समय में टीम शिवपुरी के बूराखेड़ा गांव के पास से गुजरी। रात में एक साथ टीम के सदस्यों को जाता देख ग्रामीणों ने मवेशी चोर समझकर उस पर फायरिंग कर दी। ताकि मवेशी चोर भाग जाएं। टीम वापस नहीं लौटी तो ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने टीम के सदस्यों से मारपीट भी कर दी। पथराव भी किया। इसमें वन विभाग का वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। वन विभाग के चार कर्मचारी इस हमले में घायल हुए हैं।

कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ प्रकाश कुमार वर्मा के मुताबिक मादा चीता आशा गुरुवार शाम को नेशनल पार्क की सीमा से निकलकर शिवपुरी जिले के पोहरी के जंगल तक पहुंच गई थी। चार सदस्यीय ट्रैकिंग टीम उसे फॉलो कर रही थी। शुक्रवार सुबह चार बजे के आसपास भूरीखेड़ा के निकट ग्रामीणों ने ट्रैकिंग टीम को रोक लिया। पूछा कि तुम लोग कौन हो? रात में यहां क्या कर रहे हो? टीम के सदस्यों ने बताया कि हम चीता को ट्रैक कर रहे हैं। ग्रामीण नहीं माने और टीम को डकैत-बदमाश बताते हुए हमला कर दिया। ग्रामीणों के हमले के बाद वनकर्मियों ने कूनो के अधिकारियों को सूचना दी। आनन-फानन में वहां दूसरी टीम भेजी गई। हमने मामले को लेकर पोहरी थाना पुलि

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डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने दुनिया को अगले महामारी के प्रति सावधान किया

जिनेवा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सभी देशों को अगली महामारी के लिए कमर कस लेने की चेतावनी दी है, जो कोरोना वायरस से भी 'अधिक घातक' हो सकती है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ट्रेडोस अदनोम घेब्रेयसस, जिन्होंने हाल ही में घोषणा की थी कि कोविड-19 महामारी अब एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल नहीं है, हालांकि, इस बात को रेखांकित किया कि इस डाउनग्रेड का मतलब यह नहीं है कि यह वैश्विक स्वास्थ्य खतरा नहीं रह गया है।

उन्होंने सोमवार को 76वीं विश्व स्वास्थ्य सभा को संबोधित करते हुए कहा, बीमारी और मौत के नए उछाल का कारण बनने वाले एक अन्य प्रकार के उभरने का खतरा बना हुआ है, और इससे भी घातक क्षमता के साथ एक और रोगजनक के उभरने का खतरा बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि हो सकता है कि कोविड-19 अब एक वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल न रह जाए, लेकिन देशों को अभी भी बीमारी के प्रति अपनी प्रतिक्रिया को मजबूत करना चाहिए और भविष्य की महामारियों और अन्य खतरों के लिए तैयार रहना चाहिए, ताकि अगली महामारी आने पर एक निर्णायक और सामूहिक प्रतिक्रिया हो सके।

घेब्रेयसस ने दुनिया को यह भी याद दिलाया कि अतिव्यापी संकटों के सामने, महामारी हमारे सामने आने वाले एकमात्र खतरे से बहुत दूर हैं। सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के तहत, जिसकी समय सीमा 2030 है, कोविड-19 महामारी का स्वास्थ्य संबंधी लक्ष्यों के लिए महत्वपूर्ण प्रभाव था, और इसने 2017 विश्व स्वास्थ्य सभा में घोषित ट्रिपल बिलियन लक्ष्य की दिशा में हुई प्रगति को भी प्रभावित किया।

डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने कहा, महामारी ने हमें रास्ते से हटा दिया है, लेकिन इसने हमें दिखाया है कि एसडीजी को हमारा उत्तर सितारा क्यों रहना चाहिए, और हमें उसी तत्परता और दृढ़ संकल्प के साथ उनका पीछा क्यों करना चाहिए, जिसके साथ हमने महामारी का मुकाबला किया।

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हैदराबाद में पार्किंग में सो रही बच्ची के ऊपर चढ़ाई कार, मौके पर हुईं मौत

हैदराबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। हैदराबाद के हयातनगर इलाके में एक कार ने पार्किं ग में सो रहे तीन साल की बच्ची को कुचल दिया। बच्ची के कार से कुचले जाने का भयानक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहा है। हयातनगर की टीचर्स कॉलोनी स्थित एक अपार्टमेंट बिल्डिंग में बुधवार को यह दर्दनाक हादसा हुआ। कार चला रहे हरि राम कृष्णा जमीन पर बच्ची को नहीं देख पाए और अपनी गाड़ी पार्क करते समय बच्ची के ऊपर चढ़ा दी।

वह एक इंटीरियर डिजाइनर हैं और उनकी पत्नी मद्यनिषेध और उत्पाद शुल्क विभाग में सब-इंस्पेक्टर के रूप में काम करती हैं। मृतक बच्ची की पहचान लक्ष्मी के रूप में हुई है। उसका परिवार हाल ही में कर्नाटक से आया था। पुलिस के अनुसार, बच्ची की मां, जो अपार्टमेंट बिल्डिंग के पास एक निर्माण स्थल पर काम कर रही थी, दोपहर में उसे तेज गर्मी से बचाने के लिए पार्किं ग एरिया में ले आई। उसने बच्ची को जमीन पर सुला दिया।

घर लौटे राम कृष्ण ने कार पार्क करते समय बच्ची को नोटिस नहीं किया। कार का अगला पहिया बच्ची के सिर को कुचलता हुआ आगे बढ़ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, राजू और कविता अपने सात साल के बेटे और तीन साल की बेटी के साथ आजीविका के लिए कर्नाटक के कलबुर्गी जिले से हैदराबाद आ गए थे। दंपती मजदूर है। हयातनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में लिया है।

 

 

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तिहाड़ में बंद आप नेता सत्येंद्र जैन बाथरूम में गिरे, अस्पताल में भर्ती

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को गुरुवार सुबह अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सत्येंद्र जैन बीते कई महीनों से दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद हैं। गौरतलब है कि गुरुवार को तिहाड़ जेल के ही बाथरूम में चक्कर आने के बाद सत्येंद्र जैन फर्श पर गिर गए। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सत्येंद्र जैन के स्वास्थ्य को लेकर चिंता और अपनी शुभकामनाएं जताई हैं। केजरीवाल ने इस पूरी घटना पर कहा, जो इंसान (सत्येंद्र जैन) जनता को अच्छा इलाज और अच्छी सेहत देने के लिए दिन-रात काम कर रहा था, आज उस भले इंसान को एक तानाशाह मारने पर तुला है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस विषय पर आगे कहा कि उस तानाशाह की एक ही सोच है - सबको खत्म कर देने की, वो सिर्फ 'मैं' में ही जीता है। वो सिर्फ खुद को ही देखना चाहता है। इस पूरी घटना पर केजरीवाल का कहना है कि भगवान सब देख रहे हैं, वो सबके साथ न्याय करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री ने सत्येंद्र जैन के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि ईश्वर से सत्येंद्र के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। भगवान उन्हें इन विपरीत परिस्थितियों से लड़ने की शक्ति दें।

 

 

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विपक्षी दलों द्वारा जिस तरह की बयानबाजी हो रही है वह अत्यंत दुखद : योगी

लखनऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। 19 राजनीतिक दलों द्वारा नए संसद भवन के उद्घाटन कार्यक्रम को बहिष्कार किए जाने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर हमला करते हुए कहा स्वतंत्र भारत के इतिहास में 28 मई की तिथी एक गौरवशाली दिन के रूप में दर्ज़ होने जा रही है। इस दिन प्रधानमंत्री मोदी भारत के लोकतंत्र की प्रतीक भारत वासियों को नई संसद भेंट करेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर को गरिमामय और गौरवशाली बनाने की बजाए, कांग्रेस समेत विपक्षी दलों द्वारा जिस तरह की बयानबाजी हो रही है वह अत्यंत दुखद, गैर जिम्मेदाराना और लोकतंत्र को कमज़ोर करने वाला है।

उन्होंने कहा मुझे नहीं लगता कि यह देश इस तरह की बयानबाजी को स्वीकार करेगा। विपक्ष द्वारा इस तरह की बयानबाजी अशोभनीय है। ऐसा नहीं है कि पहली बार प्रधानमंत्री इस प्रकार के उद्घाटन के साक्षी बन रहे हैं। इससे पहले संसद उपभवन का उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा किया जा चुका है। संसद पुस्तकालय का शिलान्यास पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा रखी गई थी। ऐसे कई उधाहरण हैं। हम अपील करेंगे कि सभी दलों को इस पल का साक्षी बनना चाहिए।

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योगी ने राम मंदिर के उद्घाटन में शामिल होने के लिए जनता को किया आमंत्रित

लखनऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में अगले साल होने वाले राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए जनता को आमंत्रित किया है। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि योगी अयोध्या में चल रही विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी कर रहे हैं।

प्रवक्ता के अनुसार, राज्य सरकार अयोध्या में शहर के हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशन के विस्तार सहित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रही है।शहादतगंज से नया घाट तक 13 किलोमीटर लंबे रामपथ के निर्माण की दिशा में भी काम चल रहा है। राम जानकी पथ और भक्ति पथ के विकास के लिए योजनाएं चल रही हैं। राम जानकी पथ की चौड़ाई 30 मीटर होगी, जबकि भक्ति पथ 14 मीटर चौड़ा होगा।

इन विकासों का उद्देश्य श्री राम जन्मभूमि और हनुमान गढ़ी मंदिर में भक्तों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाना है। इस बीच, अयोध्या में निर्माणाधीन मंदिर के आसपास के क्षेत्र के विकास के लिए स्वेच्छा से अपना दुकान परिसर उपलब्ध कराने वाले दुकानदारों के लिए सरकार की मुआवजा वितरण प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। परियोजना से प्रभावित लोगों को नव विकसित परिसरों में दुकानें आवंटित की गई हैं।

प्रवक्ता ने बताया, कई दुकानदारों को संपत्ति के मालिकों के सहयोग से उनके मूल स्थानों पर पुनर्वासित करने के प्रयास किए गए।

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