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सैनिकों की लाशों पर लड़ा गया 2019 का लोकसभा चुनाव: सत्यपाल मलिक

जयपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने पुलवामा हमला मामले में रविवार को एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमला बोला और कहा कि 2019 का लोकसभा चुनाव ‘‘सैनिकों की लाशों पर लड़ा गया’’ और अगर इस मामले में जांच होती तो तत्कालीन गृह मंत्री को इस्तीफा देना पड़ता।

मलिक ने दावा किया कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सूचित किया था, लेकिन प्रधानमंत्री ने उन्हें ‘‘चुप रहने’’ के लिए कहा था।
मलिक ने अलवर जिले के बानसूर में एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘ (2019 का लोकसभा) चुनाव हमारे सैनिकों की लाशों पर लड़ा गया था और कोई जांच नहीं हुई थी। अगर जांच होती तो तत्कालीन गृहमंत्री (राजनाथ सिंह) को इस्तीफ देना पड़ता। कई अधिकारी जेल में होते और एक बड़ा विवाद पैदा हो जाता। इन लोगों (सरकार) ने जांच नहीं कराई।’’

पूर्व राज्यपाल मलिक जम्मू-कश्मीर से संबंधित मुद्दों को लेकर मुखर रहे हैं और केंद्र के तीन कृषि कानूनों (अब निरस्त) के विरोध के दौरान प्रदर्शनकारी किसानों का समर्थन किया था।

उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी, 2019 को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले पर हुए आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे।

मलिक ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान में अपनी शूटिंग कर रहे थे। जब वह वहां से बाहर आए तो मुझे फोन आया, मैंने उनसे कहा कि हमारे सैनिक मारे गए हैं और वे हमारी गलती से मारे गए हैं, इसलिए उन्होंने मुझे चुप रहने के लिए कहा और इस विषय पर बात नहीं करने को कहा।”
जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल रहने के दौरान दो फाइल को मंजूरी देने के लिए रिश्वत के रूप में 300 करोड़ रुपये की पेशकश के अपने दावे के संबंध में उन्हें हाल में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच का सामना करना पड़ा है।

उन्होंने उद्योगपति गौतम अडाणी के मुद्दे को लेकर भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘इनके साथ के लोग (गौतम) अडाणी हैं, इन्होंने तीन साल में इतनी दौलत जमा कर ली कि देश के सबसे अमीर व्यक्ति हो गए।’’

उन्होंने लोगों से सवाल किया कि ‘‘आप में से किसी की दौलत बढ़ी हो तो मुझे बताइए।’’

मलिक ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘संसद में जब (कांग्रेस नेता) राहुल गांधी ने पूछा कि उन्हें (अडाणी को) मिले ये 20 हजार करोड़ रुपये कहां से आए, तो प्रधानमंत्री जवाब नहीं दे पाये।’’

मलिक ने कहा, ‘‘वे अपने मुख्यमंत्रियों के जरिए लूटते हैं और इसे अडाणी को देते हैं तथा वह कारोबार करते हैं...।’’

मलिक ने दावा किया, ‘‘जब मैं गोवा का राज्यपाल था तो मैंने मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार की शिकायत प्रधानमंत्री से की और नतीजा ये निकला की मुझे हटा दिया और उन्हें (गोवा के मुख्यमंत्री को) नहीं हटाया गया। इसलिए मैं आश्वस्त हूं कि ये अपनी नाक के नीचे भ्रष्टाचार कराते हैं और उसमें इनकी हिस्सेदारी होती है, तथा पूरी रकम अडाणी को जाती है।’’

उन्होंने लोगों से सरकार बदलने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘जनता ही इस सरकार को हटा सकती है, मैं आपसे अनुरोध करूंगा कि इस बार चूके तो इसके बाद आपको वोट देने का मौका नहीं मिलेगा।"

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अमृतसर में गिराए गए दो पाक ड्रोन, 2.6 किलो ड्रग्स जब्त

चंडीगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने शनिवार को कहा कि उन्होंने अमृतसर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास दो ड्रोन को मार गिराया और 2.6 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किया। बीएसएफ ने कहा, 19 मई को रात करीब 8.55 बजे इलाके में तैनात बीएसएफ के जवानों ने अमृतसर जिले के धारीवाल गांव में एक संदिग्ध ड्रोन की आवाज सुनी। सैनिकों ने तुरंत फायरिंग करके ड्रोन को मार गिराया।

सेनाओं ने खेतों से आंशिक रूप से टूटे हुई स्थिति में एक काले रंग का ड्रोन (क्वाडकॉप्टर, डीजेआई मैट्रिस 300 आरटीके) बरामद किया। एक अन्य घटना में शुक्रवार रात करीब 9.24 बजे बीएसएफ ने अमृतसर के रतन खुर्द गांव के पास एक संदिग्ध ड्रोन की आवाज सुनी। जवानों ने फायरिंग करके ड्रोन को रोका।

तलाशी के दौरान, सैनिकों ने ड्रोन से जुड़े संदिग्ध 2.6 किलोग्राम नशीले पदार्थों के दो पैकेट युक्त एक खेप के साथ ड्रोन (एक क्वाडकॉप्टर भी) बरामद किया।

 
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कर्नाटक मंत्रिमंडल में शामिल हुए मल्लिकार्जुन के बेटे प्रियांक, इनको भी मिली जगह...

बेंगलुरु (छत्तीसगढ़ दर्पण)कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने शनिवार को कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने भी डिप्टी सीएम की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह बेंगलुरु के कांटेरावा स्टेडियम में दोपहर 12:30 बजे हुआ। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने शिरकत की।


सिद्धरमैया और शिवकुमार के साथ जिन प्रमुख नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली है, उनमें प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष जी परमेश्वर, लिंगायत नेता एम बी पाटिल शामिल हैं। इसके अलावा केजे जॉर्ज, के एच मुनियप्पा, सतीश जरकीहोली, जमीर अहमद खान और रामलिंगा रेड्डी भी मंत्री बनें है। साथ ही कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे ने भी मंत्री पद की शपथ ली है।

बता दें कि जी परमेश्वर और प्रियांक खरगे दलित समुदाय से आते हैं। इसके अलावा मुनियप्पा भी दलित समुदाय से आते हैं। वहीं, जमीर अहमद खान और केजे जॉर्ज का संबंध अल्पसंख्यक समुदाय से है। इसके साथ ही सतीश जरकीहोली अनुसूचित जनजाति समुदाय से आते हैं, जबकि रामालिंगा रेड्डी का संबंध रेड्डी जाति से है। वहीं, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया कुरुबा समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और डिप्टी सीएम शिवकुमार वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं।

प्रियांक खरगे
प्रियांक खरगे ने साल 2013 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीता था। साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने चित्तपुर विधानसभा सीट पर जीत हासिल की थी। 2023 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर प्रियांक खरगे तीसरी बार विधाय बनें हैं। प्रियांक खरगे जिस सीट से अभी विधायक हैं, उस सीट से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे साल 2008 के विधानसभा चुनाव में विधायक चुने गए थे।

केजे जॉर्ज
एचडी कुमारस्वामी की सरकार में केलचंद्र जोसेफ जॉर्ज उद्योग मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने कर्नाटक के गृह मंत्री की भी जिम्मेदारी संभाली थी। साथ ही वीरेंद्र पाटिल सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) परिवहन, खाद्य और नागरिक आपूर्ति और एस बंगारप्पा सरकार में आवास और शहरी विकास के कैबिनेट मंत्री भी थे। केजे जॉर्ज 1968 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए थे।

जी परमेश्वर
कांग्रेस नेता जी परमेश्वर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वह कांग्रेस-JD (S) गठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। बता दें कि जी परमेश्वर 6 बार के विधायक हैं। उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव 1989 में लड़ा था।

सतीश जारकीहोली
सतीश जारकीहोली कर्नाटक के प्रभावशाली नायक/वाल्मीकि समुदाय से संबंध हैं और इस परिवार के सदस्यों को बेलगावी जिले में साहूकार कहा जाता है। सतीश जारकीहोली साल 2008 में कांग्रेस में शामिल हुए थे और तभी से पार्टी के भीतर के पायदानों के माध्यम से ऊपर उठे हैं और कम-से-कम तीन बार मंत्री के रूप अपनी सेवाएं दी हैं।

के एच मुनियप्पा
कम्बदहल्ली हनुमप्पा मुनियप्पा ने लगातार सात बार कोलार लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया है। वह पूर्व केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। उन्होंने केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाली है।

रामलिंगा रेड्डी
रामलिंगा रेड्डी कर्नाटक के वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष हैं। रामलिंगा रेड्डी ने राज्य के गृह मंत्री की भी जिम्मेदारी संभाली हैं। इसके अलावा उन्होंने कई अन्य अहम जिम्मेदारियां भी संभाली हैं। इंदिरा गांधी और डी. देवराज के गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों से प्रेरित होकर वह कांग्रेस में शामिल हुए थे।

जमीर अहमद खान
कर्नाटक की चामराजपेट व‍िधानसभा सीट से जमीर अहमद खान चार बार के विधायक हैं और नेशनल ट्रैवल्स के मैनेजिंग पार्टनर भी हैं। जमीर अहमद खान पूर्व की कर्नाटक सरकार में हज और वक्फ बोर्ड के मंत्री रह चुके हैं।

एम बी पाटिल

मल्लनगौड़ा बसनगौड़ा पाटिल कर्नाटक के गृह मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। इसके अलावा एम बी पाटिल जल संसाधन मंत्री के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। बता दें कि पाटिल पांचवीं बार चुने गए हैं। वह प्रभावशाली लिंगायत समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।

 

 

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PM मोदी ने हिरोशिमा में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात की

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिरोशिमा में जी 7 शिखर सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात की। इससे पहले आपको बता दे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जापान के हिरोशिमा में महात्मा गांधी की एक आदम कद प्रतिमा का अनावरण करते हुए कहा कि शांति के गांधीवादी आदर्श दुनिया भर में गूंजते हैं और लाखों लोगों को ताकत देते हैं।

मोदी ने एक ट्वीट में कहा, हिरोशिमा में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया। हिरोशिमा में यह प्रतिमा एक बहुत महत्वपूर्ण संदेश देती है। शांति और सद्भाव के गांधीवादी आदर्श विश्व स्तर पर गूंजते हैं और लाखों लोगों को ताकत देते हैं।

 

 

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2000 रुपये के नोट वापस लेने पर विपक्ष ने केंद्र पर की देश वापसी की निंदा

 शुक्रवार को कांग्रेस ने 2,000 रुपए के नोटों का चलन बंद करने के आरबीआई के फैसले की आलोचना की। वे दावा करते हैं कि व्यवहार आवेगपूर्ण और बिना विचार किए कार्य करने की उनकी प्रवृत्ति के साथ फिट बैठता है, जो उनके स्व-घोषित विश्व नेतृत्व की पहचान है। सत्तारूढ़ दल के एक सदस्य ने बताया कि मौजूदा स्थिति 8 नवंबर, 2016 को सभी 500 रुपये और 1,000 रुपये के नोटों को विमुद्रीकृत करने के सरकार के कदम के समान एक और विनाशकारी घटना का कारण बन सकती है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पीएम मोदी की आलोचना करते हुए कहा: "विश्वगुरु के लिए हमारा स्वघोषित पोस्टर चाइल्ड। एक्शन वन, थॉट टू (फास्ट)। 8 नवंबर, 2016 को 2,000 रुपये के नोटों के विनाशकारी 'तुगलकी फरमान' के बाद बहुत धूमधाम से जारी किया गया। अब जब्त किया जा रहा है। कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर ने ट्वीट किया, "दूसरा डेमो डिजास्टर शुरू... एम = पागलपन।" ट्विटर पर, वरिष्ठ सांसद पवन खेड़ा ने घोषणा की, "8 नवंबर, 2016 की काली छाया देश को फिर से परेशान कर रही है।" बहुप्रचारित विमुद्रीकरण कदम देश के लिए एक बड़ी आपदा बना हुआ है। प्रधानमंत्री ने 2000 के नए नोट के फायदों के बारे में राष्ट्र को संबोधित किया। उन सभी वादों का क्या हुआ जब आज छपाई बंद हो गई? " पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने ट्वीट किया, "उम्मीद के मुताबिक, सरकार/आरबीआई ने 2,000 रुपये के नोट को वापस ले लिया है और इसे 30 सितंबर तक भुना लिया है।" 2,000 रुपये का नोट शायद ही विनिमय का एक फैशन माध्यम है। हमने इसे नवंबर 2016 में कहा था और हम सही थे। 2000 रुपये का नोट 500 और 1000 रुपये के नोटों को प्रदर्शित करने के बेवकूफी भरे फैसले को कवर करने के लिए एक बैंड-एड है, जो लोकप्रिय और अक्सर एक्सचेंज की जाने वाली मुद्राएं हैं। " दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा: "संचलन शुरू करने, नोटों के प्रचलन को रोकने या नए नोट जारी करने की पूरी अवधारणा प्रधान मंत्री मोदी की है और अर्थव्यवस्था इससे प्रभावित है ... मुझे नहीं पता कि यह क्या अच्छा होगा।" मुझे आशा है कि विशेषज्ञ निर्णय लेंगे। "

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राहुल 28 मई को अमेरिका जाएंगे, कैलिफोर्निया में 'मोहब्बत की दुकान' में शामिल होंगे

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 22 जून को अमेरिका की राजकीय यात्रा से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी 28 मई को वहां जाएंगे। अपनी यात्रा के दौरान वह कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे, जिसमें 30 मई को कैलोफोर्निया में 'मोहब्बत की दुकान' नाम का एक कार्यक्रम भी शामिल है। पार्टी के एक सूत्र ने कहा कि राहुल गांधी अब 31 मई की बजाय 28 मई को रवाना होंगे।

वह सबसे पहले 30 मई को कैलिफोर्निया में 'मोहब्बत की दुकान' कार्यक्रम में शामिल होंगे। कन्याकुमारी से श्रीनगर तक की अपनी पांच महीने की 3,900 किलोमीटर लंबी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान, गांधी जनता से जुड़ने के लिए 'नफरत के बाजार में, मोहब्बत की दुकान खोल रहा हूं' कहते रहे हैं।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, वह सैन फ्रांसिस्को में एक एनआरआई बैठक में भी हिस्सा लेंगे। राहुल गांधी के सभी कार्यक्रमों का आयोजन इंडियन ओवरसीज कांग्रेस की अमेरिकी शाखा कर रही है।

पार्टी सूत्र ने बताया कि वह 4 जून को न्यूयॉर्क में एक एनआरआई बैठक को भी संबोधित करेंगे और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इस साल की शुरुआत में राहुल गांधी ने ब्रिटेन का दौरा किया और कई कार्यक्रमों में भाग लिया। पिछले सप्ताह एक बयान में व्हाइट हाउस ने घोषणा की थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और प्रथम महिला जिल बाइडेन 22 जून को राजकीय यात्रा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी करेंगे।

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सिद्दारमैया के शपथ ग्रहण समारोह में नहीं जाएंगी ममता, पार्टी की सांसद होंगी शामिल

कोलकाता (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी शनिवार को कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के तौर पर सिद्दारमैया के शपथ ग्रहण समारोह में नहीं जाएंगी। इसकी बजाय, तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सदस्य डॉ. काकोली घोष दस्तीदार इस कार्यक्रम में शामिल होंगी। पार्टी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह कर्नाटक चुनावों में कांग्रेस की प्रचंड जीत के बावजूद कांग्रेस से तृणमूल की बढ़ती दूरी का एक और संकेत है। संयोग से, कर्नाटक के नतीजे आने के बाद ममता बनर्जी ने लोगों को फैसले के लिए बधाई दी, लेकिन मीडियाकर्मियों द्वारा पूछे जाने पर भी कांग्रेस और राहुल गांधी पर पूरी तरह से चुप रहीं।

बाद में, उन्होंने कहा कि वह 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को सशर्त समर्थन देने के लिए तैयार हैं, बशर्ते कांग्रेस पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को भी ऐसा ही समर्थन दे। हालांकि, पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा सांसद अधीर रंजन चौधरी ने उनके प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के साथ किसी भी तरह के समझौते का सवाल ही नहीं उठता है।

सिद्दारमैया के शपथ ग्रहण समारोह में ममता बनर्जी को न्योते के बारे में चौधरी ने कहा कि यह शिष्टाचार की बात है कि देश के सभी गैर-भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और सभी गैर-भाजपा पार्टी के नेताओं को आमंत्रित किया गया है। चौधरी ने कहा, इसका मतलब यह नहीं है कि कांग्रेस चुनावी परिप्रेक्ष्य में तृणमूल कांग्रेस के साथ समझौता करने जा रही है।

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आनंद मोहन को छूट से संबंधित रिकॉर्ड पेश करे बिहार सरकार - सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बिहार सरकार को पूर्व सांसद आनंद मोहन को दी गई छूट के संबंध में मूल रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया, जिन्हें 1994 में गोलापगंज के जिलाधिकारी जी. कृष्णया की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। जस्टिस सूर्यकांत और जे.बी. पारदीवाला की पीठ ने बिहार सरकार के वकील को मोहन को दी गई छूट से संबंधित मूल रिकॉर्ड अदालत के अवलोकन के लिए पेश करने का निर्देश दिया। शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई अगस्त में निर्धारित की है।


8 मई को, सुप्रीम कोर्ट ने आईएएस अधिकारी जी. कृष्णया की विधवा की याचिका पर नोटिस जारी किया था, जिन्हें 1994 में सिंह के नेतृत्व वाली भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था, आनंद मोहन की जेल से समय से पहले रिहाई के खिलाफ।

उमादेवी कृष्णया द्वारा दायर याचिका में कहा गया है, मौत की सजा के विकल्प के रूप में एक दोषी को दी गई आजीवन कारावास की सजा को अलग तरह से देखा जाना चाहिए और पहली पसंद की सजा के रूप में दिए गए सामान्य आजीवन कारावास से अलग किया जाना चाहिए। मौत की सजा का एक विकल्प, अदालत द्वारा निर्देशित सख्ती से किया जाना चाहिए और छूट के आवेदन से परे होगा।


 

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PM मोदी ने ओडिशा में वंदे भारत को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली ओडिशा में वंदे भारत को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा भारत ने कोरोना जैसी महामारी की स्वदेशी वैक्सीन तैयार करके भी दुनिया को चौंका दिया था। इन सब प्रयासों में समान बात ये है कि ये सारी सुविधाएं किसी एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं रहीं बल्कि सबके पास तेजी से पहुंचीं। हमारी 'वंदे भारत ट्रेनें' भी अब उत्तर से लेकर दक्षिण तक, पूर्व से लेकर पश्चिम तक देश के हर किनारे को स्पर्श करती हैं।

उन्होंने कहा आज का नया भारत टेक्नोलॉजी भी खुद बना रहा है और नई सुविधाओं को तेजी से देश के कोने-कोने में पहुंचा भी रहा है। ये वंदे भारत ट्रेन भारत ने अपने बलबूते ही बनाई है। आज भारत अपने बलबूते ही 5G टेक्नोलॉजी विकसित कर उसे देश के दूर-सुदूर क्षेत्र में लेकर जा रहा है। बीते वर्षों में भारत ने कठिन से कठिन वैश्विक हालातों में भी अपने विकास की गति को बनाए रखा है। इसके पीछे एक बड़ा कारण है कि इस विकास में हर राज्य की भागीदारी है, देश हर राज्य को साथ लेकर आगे बढ़ रहा।

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मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी

न्यूयॉर्क (छत्तीसगढ़ दर्पण)अमेरिकी अदालत ने पाकिस्तानी-कनाडाई व्यवसायी तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है। 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों में उसकी संलिप्तता के लिए उसकी तलाश की जा रही है। कहा जाता है कि वह पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसएसआई) से जुड़ा हुआ है। 62 वर्षीय राणा को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया था। लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादियों द्वारा मुंबई में किए गए हमले में उसकी भूमिका थी। हमले में छह अमेरिकी समेत 164 लोग मारे गए थे।


कैलिफोर्निया के यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के मजिस्ट्रेट न्यायाधीश जैकलीन चूलजियान ने मामले में मंगलवार को आदेश दिया, जो बुधवार को जारी हुआ। न्यायाधीश ने आदेश में कहा, मामले में विचार के बाद अदालत अमेरिका के राज्य सचिव को राणा के भारत प्रत्यर्पण को प्रमाणित करती है।

गौरतलब है कि अमेरिका व भारत के बीच प्रत्यर्पण संधि है। इसी के आधार पर भारत ने उसके प्रत्यर्पण की मांग की थी। उसे 2011 में शिकागो में लश्कर को सहायता प्रदान करने का दोषी ठहराया गया था, जिसने मुंबई आतंकवादी हमलों की योजना बनाई थी। अदालत में अभियोजकों ने तर्क दिया कि राणा जानता था कि उसके बचपन के दोस्त पाकिस्तानी-अमेरिकी डेविड कोलमैन हेडली का लश्कर के साथ संबंध है। मुंबई में हमले को अंजाम देने के लिए उसने लश्कर की मदद की।

राणा इस बात से भी वाकिफ था कि हेडली की बैठकों में क्या चर्चा होती थी, इसमें हमलों की योजना के साथ-साथ लक्ष्य भी शामिल थे।
प्रत्यर्पण का उसके वकील ने विरोध किया। हालांकि न्यायाधीश ने कहा कि राणा के प्रत्यर्पण के लिए पर्याप्त सक्षम सबूत हैं।

न्यायाधीश ने अपने फैसले में कहा,इसलिए यह आदेश दिया जाता है कि तहव्वुर हुसैन राणा अमेरिकी मार्शल की हिरासत में बना रहेगा, जब तक राज्य सचिव द्वारा उसके भारत के प्रत्यर्पण और आत्मसमर्पण पर अंतिम निर्णय लंबित है।


 

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सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के जल्लीकट्टू को दी इजाजत

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को तमिलनाडु के 'जल्लीकट्टू' कानूम को इजाजत दे दी। इसी तरह के महाराष्ट्र और कर्नाटक सरकारों द्वारा बनाए गए कानूनों को भी शीर्ष अदालत ने इजाजत दे दी है। न्यायमूर्ति के.एम. जोसेफ की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने कहा कि यह विधायिका के दृष्टिकोण को बरकरार रखेगी। विधायिका ने यह विचार किया है कि यह राज्य की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। शीर्ष अदालत ने कहा कि जब विधायिका ने कहा है कि जल्लीकट्टू तमिलनाडु की सांस्कृतिक विरासत है, तो न्यायपालिका कोई अलग विचार नहीं रख सकती। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि विधायिका इसे तय करने के लिए सबसे उपयुक्त है।

बेंच ने कहा कि अदालत उन सामग्रियों से संतुष्ट है कि जल्लीकट्टू तमिलनाडु में कई साल से चल रहा है और इसे तमिल संस्कृति के अभिन्न अंग के रूप में माना गया है। यह न्यायपालिका के दायरे में नहीं आता। शीर्ष अदालत ने पिछले साल दिसंबर में सांडों को काबू करने वाले खेल 'जल्लीकट्टू' और बैलगाड़ी दौड़ की अनुमति देने वाले तमिलनाडु और महाराष्ट्र के कानूनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

तमिलनाडु सरकार ने एक लिखित जवाब में कहा था कि जल्लीकट्टू केवल मनोरंजन नहीं है, बल्कि महान ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत है। मई 2014 में भारतीय पशु कल्याण बोर्ड बनाम ए. नागराजा मामले में शीर्ष अदालत की दो-न्यायाधीशों की पीठ ने तमिलनाडु में जल्लीकट्टू के लिए सांडों के उपयोग और देश भर में बैलगाड़ी दौड़ पर प्रतिबंध लगा दिया था। जल्लीकट्टू को अनुमति देने के लिए केंद्रीय कानून, द प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स एक्ट, 1960 में तमिलनाडु ने संशोधन किया।

 

 

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मोदी कैबिनेट में फेरबदल, किरेन रिजिजू को हटाया, मेघवाल होंगे कानून मंत्री

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्र सरकार ने कानून मंत्री किरेन रिजिजू का विभाग बदल दिया है। रिजिजू को अब अर्थ साइंस मंत्रालय दिया गया है। रिजिजू की जगह अब अर्जुन राम मेघवाल लॉ मिनिस्टर होंगे।

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी नोटिफिकेशन में बताया गया है कि मेघवाल को स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया है। मेघवाल के पास संसदीय मामलों के राज्य मंत्री का जिम्मा भी है।

रिजिजू को रविशंकर प्रसाद की जगह जुलाई 2021 में कानून मंत्री नियुक्त किया गया था। 2019 में उन्हें खेल मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया था।
रिजिजू जजों पर टिप्पणियों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं।

उन्होंने कॉलेजियम को लेकर भी कहा था कि देश में कोई किसी को चेतावनी नहीं दे सकता है। रिटायर्ड जजों पर भी बयान दिया था- कुछ रिटायर्ड जज एंटी इंडिया ग्रुप का हिस्सा बन गए हैं।

कांग्रेस की अलका लांबा ने कहा, "रिजिजू के जजों की नियुक्तियों और अदालतों पर टिप्पणियों से मोदी सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई थीं।

सरकार ने अपनी छवि बचाने के लिए अपने कानून मंत्री की बलि देकर अच्छा किया।" मदुरै से कांग्रेस सांसद मनिक्कम टैगोर ने कहा- वे बहुत अच्छे खेल मंत्री थे, लेकिन कानून मंत्री के रूप में फेल रहे।

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सिद्धारमैया कर्नाटक के मुख्यमंत्री, डीके शिवकुमार डिप्टी सीएम, 20 को का शपथ ग्रहण

दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। करीब चार दिनों में माथापच्ची के बाद कांग्रेस इस निष्कर्ष पर पहुंच गई है कि सिद्धारमैया को एक बार फिर कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाएगी। वहीं डीके शिवकुमार को डिप्टी सीएम बनाया जाएगा।

आधिकारिक घोषणा गुरूवार कर दी जाएगी और इसके साथ ही शपथ ग्रहण की तारीख का एलान भी कर दिया जाएगा। माना जा रहा है कि कर्नाटक में नई सरकार का शपथ ग्रहण 20 मई, शनिवार को होगा।  फैसला बुधवार देर रात केसी वेणुगोपाल के घर पर बैठक के बाद लिया गया। इसका ऑफिशियल ऐलान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे।

शिवकुमार ने गुरुवार सुबह कहा, 'मैं पार्टी के फॉर्मूले पर राजी हूं। आगे लोकसभा चुनाव हैं और मैं जिम्मेदारियों के लिए तैयार हूं। पार्टी के हित को ध्यान में रखते हुए मैंने सहमति दी है।' कांग्रेस ने आज शाम 7 बजे बेंगलुरु में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है। इसमें पार्टी के सेंट्रल ऑब्जर्वर भी पहुंचेंगे। नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 20 मई को बेंगलुरु में होगा। इससे पहले राहुल और खड़गे की सिद्धारमैया और डीके के साथ दो मीटिंग्स बेनतीजा रही थीं।

पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, देर रात सोनिया गांधी ने डीके से बातचीत की। इसके बाद ही सीएम पद के लिए अड़े डीके मान गए। ऐसा बताया जा रहा है कि इसका ऑफिशियल ऐलान आज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे।

शिवकुमार 50-50 फॉर्मूले पर राजी हुए हैं। पहले ढाई साल सिद्धारमैया सीएम रहेंगे और बाद के ढाई साल डीके। यानी डीके लोकसभा चुनाव के बाद 2025 में मुख्यमंत्री बनेंगे। हालांकि, अब कर्नाटक का कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा, इसका नाम तय नहीं है।

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श्री अश्विनी वैष्णव ने "भारतीय रेलवे के स्टेशनों पर मानक संकेतक" पर पुस्तिका जारी की ...

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। श्री अश्विनी वैष्णव ने "भारतीय रेलवे के स्टेशनों पर मानक संकेतक" पर पुस्तिका जारी की 


 भारतीय रेलवे के 17 क्षेत्रों और 68 मंडलों में 7300 से अधिक रेलवे स्टेशनों पर विभिन्न प्रकार के संकेतक हैं, अब स्टेशनों के नामों का प्रदर्शन पूरे देश में एक ही मानक पर होगा 

 दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के तीनों मंडलों बिलासपुर, रायपुर तथा नागपुर के 310 स्टेशनों के लिए उनके नाम का प्रदर्शन एवं संकेतक का मानक एक जैसा होगा 

 श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक, मानक संकेतक अपनाएगा जो दिव्यांगों के अनुकूल होंगे 

रायपुर  - 15 मई, 2023/पीआर/आर/71

भारतीय रेलवे पूरे देश में रेलवे स्टेशनों का विकास कर ‘नए भारत की नई पहचान’ का सृजन कर रही है। भारतीय रेलवे अब 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत पूरे भारत में 1275 स्टेशनों का पुनर्विकास कर रही है। रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज रेल भवन, नई दिल्ली में भारतीय रेलवे के स्टेशनों पर मानक संकेतों के बारे में एक पुस्तिका जारी की है। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सीईओ श्री अनिल कुमार लाहोटी, रेलवे बोर्ड के सदस्य भी इस कार्यक्रम के दौरान उपस्थित थे और जोनल रेलवे के महाप्रबंधक भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल हुए। महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे श्री आलोक कुमार सहित अन्य अधिकारीगण वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम से जुड़े रहे ।
                           
इस अवसर पर श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “जैसा कि आप सभी जानते हैं कि माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, भारतीय रेलवे अपने स्टेशनों पर यात्री अनुभव को बढ़ाने के लिए अथक प्रयास कर रही है। यह महसूस किया गया है कि स्टेशनों पर संकेतकों के बारे में ऐसे मानक दिशानिर्देश जारी किए जाएं जो सुसंगत और पर्याप्त हों। आज मुझे भारतीय रेलवे के स्टेशनों पर मानक संकेतकों के बारे में पुस्तिका जारी करते हुए बहुत खुशी हो रही है। भारतीय रेलवे ऐसे आधुनिक, मानक संकेतों को अपनाएगी जो दिव्यांगों के अनुकूल हों।

किसी भी अन्य रेल नेटवर्क की तुलना में भारतीय रेलवे के पास दुनिया में सबसे ज्यादा स्टेशन हैं। यह महत्वपूर्ण है कि प्रत्येक यात्री की मानक संकेतक होने से सुविधाओं तक आसानी से पहुंच होनी चाहिए।दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के तीनों मंडलों बिलासपुर, रायपुर तथा नागपुर के 310 स्टेशनों के लिए उनके नाम का प्रदर्शन  एवं संकेतक का मानक एक जैसा होगा । इससे न केवल विभिन्न  स्टेशनों के नाम के साइनेज में एकरूपता आएगी बल्कि इससे सुंदरता के साथ साथ इसके विभिन्न प्रावधानों से यात्री सुविधाएं भी बढ़ेगी।

स्टेशनों पर मानक संकेतकों के बारे में यह पुस्तिका सरल भाषा, स्पष्ट फ़ॉन्ट, आसानी से दिखने वाले रंगों, सहज चित्रलेखों को प्राथमिकता देती है। इसे सभी यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, जिनमें बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे, दिव्यांगजन आदि शामिल हैं। संकेतकों के रंग, फोंट के प्रकार और आकार को मानकीकृत किया गया है। तेजी से रास्ता तलाशने के लिए संकेतों के समूहीकरण की अवधारणा को प्रस्‍तुत किया गया है। तिरंगी पृष्ठभूमि के साथ स्टेशनों के नाम प्रदर्शित करने वाले नए तृतीयक बोर्ड लगाए गए हैं। मुख्य निर्णय लेने वाले बिंदुओं पर सहज ज्ञान युक्त रास्ता खोजने और संकेतकों की उपलब्धता पर जोर दिया गया है। संकेतों के मानकीकरण पर भी जोर दिया गया है और मजबूत वास्तुकला शब्दावली वाले स्टेशनों के मामले में लचीलेपन की आवश्यकता को भी मान्यता दी गई है।

 अमृत भारत स्टेशन योजना : 

रेल मंत्रालय ने "अमृत भारत स्टेशन" योजना नाम से स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए एक नई नीति तैयार की है। इस योजना में दीर्घकालिक विजन के साथ निरंतर आधार पर स्टेशनों के विकास की परिकल्पना की गई है। यह स्टेशन की जरूरतों और संरक्षण के अनुसार दीर्घकालिक मास्टर प्लानिंग और मास्टर प्लान के तत्वों के कार्यान्वयन पर आधारित है। यह योजना मुख्य रूप से सुरक्षित, आरामदायक और स्वच्छ रेलवे परिसरों को उपलब्‍ध कराने पर ध्यान केंद्रित करेगी।

तीन रेलवे स्टेशनों अर्थात रानी कमलापति, गांधीनगर कैपिटल और सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल को चालू कर दिया गया है। इन तीन स्टेशनों के अनुभव के आधार पर, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चुने गए 1275 स्टेशनों में प्रमुख शहरों, पर्यटन और तीर्थ यात्रा महत्व के स्थानों पर स्थित स्टेशन शामिल हैं। 88 स्टेशनों पर काम चल रहा है। 1187 स्टेशनों के लिए निविदा और योजना कार्य प्रगति पर है।  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर, रायपुर , दुर्ग स्टेशन के पुनर्विकास के अतिरिक्त 46 स्टेशन  अमृत भारत सेशन स्कीम के अंतर्गत विकसित किए जायेंगे।

 

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सिद्धारमैया होंगे कर्नाटक के अगले सीएम, डीके शिवकुमार...

दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कर्नाटक के अगले सीएम सिद्धारमैया होंगे। इसका ऐलान राहुल गांधी दोपहर एक बजे करेंगे।

डीके शिवकुमार के पास डिप्टी सीएम के साथ, दो ऊर्जा और सिंचाई मंत्रालय और प्रदेश अध्यक्ष का पद रहेगा। शपथ ग्रहण समारोह 18 मई को होगा। दोनों नेता 10 मंत्रियों के साथ शपथ लेंगे।

सीएम पद को लेकर पिछले चार दिनों से बेंगलुरु से लेकर दिल्ली तक कई बैठकें हुईं।

सिद्धारमैया रेस में सबसे आगे चल रहे थे। इससे पहले रविवार को हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सभी एमएलए ने नेता चुनने के लिए खड़गे को अधिकृत किया था।

इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने ऑब्जर्वर्स से सभी विधायकों से वन-टु-वन बात करने को कहा था। इनमें 80 से ज्यादा विधायकों ने सिद्धारमैया के फेवर में वोट किया था।

 

 

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आधा दर्जन राज्यों के 122 ठिकानों पर एनआईए का छापा...

दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण) गैंगस्टर-टेटर लिंक मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जानकारी के मुताबिक, 6 राज्यों में 122 स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।

जिन राज्यों में यह एक्शन लिया गया है, उनमें शामिल हैं - हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश। एनआईए को पता चला है कि आतंकी संगठन देश में एक बार फिर अपनी जड़ें जमाना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने स्थानीय अपराधियों से साथ सांठगांठ की है।इस साजिश का अहहम हिस्सा फंडिंग भी है।

जिन स्थानों पर छामेपारी हो रही है, उनमें करीब 60 अकेले पंजाब में हैं। इससे पहले फरवरी माह में भी एनआईए ने राष्ट्रव्यापी छापेमारी को अंजाम दिया था।

इससे पहले 21 फरवरी को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, नीरज बवाना और उनके सहयोगियों से जुड़े 70 से अधिक स्थानों पर देश भर में छापेमारी की गई थी। छापे दिल्ली और उसके आसपास और राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में मारे गए थे।

इससे पहले एनआईए ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की एक शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट की गतिविधियों से जुड़े मामले में एक आरोपित के खिलाफ सोमवार को पूरक आरोपपत्र दाखिल किया।

एनआईए प्रवक्ता ने बताया कि जम्मू के तालाब खटिकन इलाके के रहने वाले फैजल मुनीर उर्फ अली भाई इस मामले में आरोपपत्र में नामजद चौथा आरोपित है।

एनआईए ने 18 नवंबर, 2021 को स्वतः संज्ञान लेते हुए यह मामला दर्ज किया था। एजेंसी ने पटियाला हाउस में विशेष एनआईए अदालत में दाखिल पूरक आरोप पत्र में मुनीर पर भारतीय दंड संहिता, शस्त्र कानून और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं।

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शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से कहा- छत्तीसगढ़ में भय का माहौल न बनाएं

दिल्ली  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की लगातार छापेमारी के बीच मंगलवार को राज्य सरकार की याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से कहा कि छत्तीसगढ़ में भय का माहौल नहीं बनाएं।

जस्टिस एसके कौल और जस्टिस ए अमानुल्लाह की पीठ ने कहा कि जब आप इस तरह का व्यवहार करते हैं, तो एक वास्तविक कारण भी संदिग्ध हो जाता है।

इसलिए भय का माहौल नहीं बनाया जाए। ईडी छत्तीसगढ़ में 2 हजार करोड़ की कथित आबकारी गड़बड़ी में तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। बकारी अधिकारियों, कारोबारियों और शराब ठेकेदारों से इस मामले में लगातार पूछताछ की जा रही है।

एक कारोबारी ने कोर्ट में कहा है कि ईडी अफसर उस पर सीएम भूपेश बघेल का नाम लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है।

इसकी सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार की आेर से पैरवी करते हुए सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि ईडी बौखला गई है।
आबकारी अधिकारियों को धमकाया जा रहा है।

कोर्ट में अधिवक्ताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आबकारी अफसरों ने शिकायत की है कि ईडी वाले उन्हें और परिवार के सदस्यों की गिरफ्तारी की धमकी दे रहे हैं और मुख्यमंत्री को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं।अधिकारियों ने यह भी कहा कि ऐसे में वे विभाग में काम नहीं करेंगे।

सिब्बल ने कहा कि यह चौंकाने वाली स्थिति है। चुनाव आ रहे हैं, इसलिए यह हो रहा है। उधर, ईडी की ओर से सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने आरोपों का खंडन किया और कहा कि एजेंसी राज्य में एक घोटाले की जांच कर रही है। इस पर सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि भय का माहौल नहीं बनाया जाए।

आबकारी मामले में ईडी के कार्रवाई के खिलाफ और अंतरिम जमानत के लिए कारोबारी अनवर ढेबर की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका की सुनवाई 29 मई तक बढ़ गई है। अनवर की ओर से वकील मुकुल रोहतगी और सिद्धार्थ अग्रवाल ने पैरवी की। कारोबारी अनवर की पत्नी समेत कुछ और लोगों ने भी सुप्रीम कोर्ट में रिट दायर कर अंतरिम राहत मांगी है।

इधर, ईडी के दो संयुक्त निदेशक सोमवार को रायपुर पहुंचे है। इसमें 2006 बैच के आईपीएस अभिषेक गोयल हैं। चर्चा है कि कोल परिवहन केस में अब ईडी कुछ और लोगों के खिलाफ चार्जशीट पेश कर सकती है।

इसके अलावा कथित आबकारी गड़बड़ी में कुछ और लोगों की जल्द गिरफ्तारी की चर्चा है। ईडी ने आधा दर्जन लोगांे को समंस जारी कर बुधवार-गुरुवार को बुलाया है।

इनमें जिलों में पदस्थ कुछ आबकारी अधिकारी तथा इसी कैडर के अफसर हैं। मंगलवार को ईडी ने रजिस्ट्री विभाग से कुछ और जमीनों का ब्योरा मांगा है।

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तमिलनाडु में जहरीली शराब कांड में मरने वालों की संख्या बढ़कर 18 हुई

चेन्नई  (छत्तीसगढ़ दर्पण) तमिलनाडु में जहरीली शराब कांड में मरने वालों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है। विल्लुपुरम जिले के मरक्कनम में 12 लोगों की मौत हुई, जबकि चेंगलपट्टू जिले में 6 लोगों ने दम तोड़ा। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने सोमवार को घटनास्थल का दौरा किया और मामले की सीबी-सीआईडी जांच कराने की घोषणा की। विल्लुपुरम और चेंगलपट्टू जिलों में स्थानीय पुलिस के कई अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की, जबकि नकली शराब पीने के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए लोगों के लिए 50,000 रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। शुरूआती जांच के अनुसार, यह पाया गया कि विल्लुपुरम जिले के मरक्कनम में घटना तब हुई जब कुछ लोगों ने स्थानीय शराब का सेवन किया। हालांकि, चेंगलपट्टू जिले में मौत का कारण बनने वाली शराब में मेथनॉल मिला कर इसे पतला किया गया था।

अन्नाद्रमुक महासचिव और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) मंगलवार को क्षेत्र का दौरा करेंगे। ईपीएस ने मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि शराब कांड राज्य में कानून व्यवस्था की विफलता का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती अन्नाद्रमुक सरकार के 10 साल के कार्यकाल में जहरीली शराब के सेवन से किसी की मौत नहीं हुई।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अन्नाद्रमुक शासन के दौरान राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति के कुशल संचालन के कारण था। ईपीएस, जो तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता भी हैं, ने कहा कि पिछले विधानसभा सत्र के दौरान, उन्होंने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में नकली शराब की उपलब्धता के बारे में सरकार को बताया था।

 

 

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