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सबकुछ ठीक तो लोकतंत्र की निंदा क्यों : जगदीप धनखड़

 डिब्रूगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण) भारत का लोकतंत्र दुनिया में सबसे जीवंत है और इसकी छवि को किसी के द्वारा खराब या खराब नहीं होने दिया जा सकता। ये बात उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय में कही है। दरअसल उपराष्ट्रपति विश्वविद्यालय के 21वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।


उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ लोग देश के बाहर भारत की लोकतांत्रिक छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा,''जब सब कुछ ठीक चल रहा है, तो कुछ लोग हमारे लोकतंत्र की निंदा क्यों कर रहे हैं? मैं विश्वास के साथ और विरोधाभासों के डर के बिना ये कहने की हिम्मत करता हूं कि भारत इस तारीख को ग्रह पर सबसे जीवंत कार्यात्मक लोकतंत्र है।''

उपराष्ट्रपति ने इस कार्यक्रम में छात्रों, युवाओं, बुद्धिजीवियों और मीडिया से 'देश के राजदूत' के रूप में कार्य करने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद में विश्वास करें।

हम उन लोगों का समर्थन नहीं कर सकते जो देश के अंदर और बाहर हमारे विकास पथ और लोकतांत्रिक मूल्यों को कलंकित और कलंकित करते हैं। उपराष्ट्रपति ने ये भी कहा कि संसद "बातचीत, चर्चा और बहस का स्थान" है, न कि व्यवधान और अशांति का स्थान।

असम दौरे पर हैं उपराष्ट्रपति धनखड़
दरअसल, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ बुधवार को असम और मणिपुर के दौरे पर हैं। इस दौरान वे डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारो में शामिल हुए। इस मौके पर असम के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय राज्य मंत्री रामेश्वर तेली मौजूद रहे। डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय ऊपरी असम के प्राथमिक संस्थानों में से एक माना जाता है।

 

 

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लू के मौसम में पंखे से भी परहेज कर रहे राजधानीवासी.

नई दिल्ली  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए बारिश और तापमान में गिरावट का पूर्वानुमान लगाया था जो सही साबित हुआ है। बुधवार के लिए यलो अलर्ट भी जारी किया गया है। मंगलवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से 11 डिग्री कम 28.3 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम 19.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी का स्तर 69 से 94 प्रतिशत रहा। वर्षा की संभावना कई बार बनी जरूर, लेकिन एक बार भी नहीं हुई। अलबत्ता, बीच-बीच में ठंडी हवा चलती रही।


अप्रैल के आखिर एवं मई की शुरुआत में, जब तेज गर्मी और भीषण लू हाल बेहाल करती है, लगातार तीन-चार दिन तक अधिकतम तापमान 30 डिग्री से नीचे रहने वाली यह स्थिति पिछले लगभग एक दशक में पहली बार बनी है। 2021 में ऐसा मौसम केवल एक-दो दिन के लिए ही बना था। स्काईमेट वेदर के मौसम विज्ञानी महेश पलावत बताते हैं कि चरम मौसमी घटनाओं के लिए जलवायु परिवर्तन का प्रभाव तो जिम्मेदार है ही, कई मौसमी परिस्थितियां भी बड़ी वजह बन गई हैं।

दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में बुधवार दिन में एक बार फिर बारिश शुरू हो गई है। अप्रैल के पूरे महीने बारिश होने के बाद मई में भी शुरुआत से ही रोजाना बादल बरस रहे हैं। इस वजह से न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर व आसपास के इलाकों का पारा गिर गया है, वहीं प्रदूषण का स्तर भी घट गया है।

गुरुग्राम में घने बादलों के छाने के चलते दिन में ही अंधेरा हो गया और फिर दोपहर के 1.00 बजे के करीब तेज बारिश शुरू हो गई।

यह मौसम का ही कमाल है कि लू और भीषण गर्मी का पर्याय माने जाने वाले मई में अब तक दिल्लीवासी एसी-कूलर और तेज पंखा चलाने से भी परहेज कर रहे हैं। सुबह में पार्कों में भी बहुत लोग टी-शर्ट के बजाय ट्रैक में नजर आ रहे हैं।

8 मई से बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों में अभी पांच दिन तक कम या ज्यादा वर्षा होने और बादल छाए रहने वाला मौसम बना रहेगा। आठ मई से मौसम खुल जाएगा। फिर तेज धूप के साथ तापमान एवं गर्मी, दोनों में वृद्धि होगी।

 

 

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मोदी सरनेम केस: राहुल गांधी की याचिका पर गुजरात हाईकोर्ट में सुनवाई 2 को

दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मोदी सरनेम मानहानि केस में राहुल गांधी के लिए मंगलवार का दिन अहम होने जा रहा है।

निचली अदालत के फैसले के खिलाफ कांग्रेस नेता की ओर से गुजरात हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिस पर आज भी सुनवाई होगी। माना जा रहा है कि आज ही हाई कोर्ट अपना फैसला सुना सकती है।

कांग्रेस को उम्मीद है कि हाई कोर्ट निचली अदालत की सजा पर रोक लगाएगी और राहुल गांधी को बड़ी राहत मिलेगी। 2 साल की सजा सुनाये जाने के बाद राहुल गांधी की संसद सदस्यता चली गई थी। उन्हें सरकारी बंगला भी खाली करना पड़ा था।

25 अप्रैल को राहुल गांधी ने सूरत सत्र अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए गुजरात हाई कोर्ट का रुख किया।

हाई कोर्ट में राहुल की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी पक्ष रख रहे हैं। पिछली सुनवाई में अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी थी कि यह मामला इतना गंभीर भी नहीं है कि ऐसी सजा सुनाई जाए या राहत न दी जा सके।

अप्रैल 2019 में कर्नाटक के कोलार में एक रैली में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'कैसे सभी चोरों का उपनाम मोदी है?' इसके बाद राहुल के खिलाफ सूरत की कोर्ट में मानहानि की याचिका दायर की गई थी और कहा गया था कि उन्होंने पूरे मोदी समाज का अपमान किया है।

 

 

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वित्त मंत्री ने प्रसिद्ध बैंकर नारायणन वाघुल की पुस्तक रिफ्लेक्शंस का विमोचन किया

मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने मुंबई में प्रसिद्ध बैंकर नारायणन वाघुल की पुस्तक 'रिफ्लेक्शंस' का विमोचन किया। यह पुस्तक भारत के वित्तीय परिदृश्य में श्री वाघुल के अनुभवों का विवरण है। वित्त मंत्री ने बैंकिंग में नारायणन वाघुल के व्यापक अनुभव और नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के लिए महिला सशक्तिकरण पर श्री वाघुल के विचार और दृष्टिकोण प्रासंगिक और मूल्यवान हैं।

 

 


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चीन से संबंध असामान्य, पाक सीमा पार आतंकवाद का करता है समर्थन : जयशंकर

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि सभी देशों के साथ उसके संबंध आगे बढ़े। डोमिनिकन गणराज्य के विदेश मंत्रालय में एक संबोधन में उन्होंने कहा, चाहे वह अमेरिका, यूरोप, रूस या जापान हो, हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि ये सभी संबंध बिना किसी झिझक के आगे बढ़े।

जयशंकर 27 से 29 अप्रैल तक डोमिनिकन गणराज्य के दौरे पर थे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सीमा विवाद और वर्तमान असामान्य प्रकृति के कारण चीन कुछ अलग श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि यह सीमा प्रबंधन के संबंध में समझौतों के चीन द्वारा उल्लंघन का परिणाम है। अपने पड़ोसियों के साथ सहयोग करने की भारत की प्राथमिकता के बारे में विस्तार से बताते हुए जयशंकर ने कहा कि जबकि भारत ने पूरे क्षेत्र में कनेक्टिविटी, संपर्क, सहयोग में एक नाटकीय विस्तार देखा है, लेकिन इसका अपवाद पाकिस्तान है जो सीमा पार आतंकवाद का समर्थन करता है।

उत्तर में, मध्य एशिया से अधिक प्रभावी ढंग से जुड़ने की रणनीति का भारत पालन कर रहा है। उन्होंने आगे कहा, प्राथमिकता के ये चक्र आपको भारतीय कूटनीति का वैचारिक बोध कराते हैं और एक ऐसा जिसे हमने पिछले एक दशक में बहुत मेहनत से आगे बढ़ाया है। लेकिन उच्च स्तर पर, हम सत्ता के सभी महत्वपूर्ण केंद्रों को शामिल करने के दृष्टिकोण का भी अभ्यास कर रहे हैं।

जयशंकर ने यह भी उल्लेख किया कि प्रत्येक व्यवसाय का अपना विशेष वजन और फोकस होता है। उन्होंने कहा कि समानांतर समय सीमा में चीन और भारत का उदय भी इसके प्रतिस्पर्धी पहलुओं के बिना नहीं है। डोमिनिकन गणराज्य जयशंकर के उत्तर और दक्षिण अमेरिका के चार देशों के दौरे का अंतिम पड़ाव था। यात्रा के हिस्से के रूप में, उन्होंने गुयाना, पनामा और कोलंबिया का भी दौरा किया।

 

 

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दादा साहेब फाल्के अवार्ड का आयोजन 4 को

मुम्बई (छत्तीसगढ़ दर्पण)अवार्ड फंक्शन के शो मैन का खिताब पाने वाले डॉ कृष्णा चौहान आगामी 4 मई 2023 को अपने जन्मदिन के अवसर पर 'चौथे लीजेंड दादा साहेब फाल्के अवार्ड 2023' का भव्य आयोजन मुम्बई महानगर के प्रसिद्ध उपनगर अंधेरी पश्चिम स्थित मेयर हॉल में करने जा रहे हैं। केसीएफ प्रस्तुत इस पुरस्कार समारोह में उन हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने फिल्मी दुनिया मे अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है साथ ही समाज सेवा और मानव सेवा का सराहनीय कार्य किया है। अपनी कला और व्यक्तित्व का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सोसाइटी को नई राह दिखाने वालों को इस सम्मान से नवाजा जाएगा। डॉ कृष्णा चौहान द्वारा आयोजित इस अवार्ड समारोह में कई हस्तियां मौजूद होंगी। इस अवार्ड समारोह के सीजन 4 को लेकर डॉ कृष्णा चौहान बेहद उत्साहित हैं और अभी से इसकी तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं।  बता दें कि डॉ कृष्णा चौहान पिछले दो दशक से फिल्म जगत में फिल्ममेकर के रूप में काम कर रहे हैं। इसके साथ ही वह सामाजिक कार्यों में भी हमेशा आगे रहते हैं। कोविड काल के दौरान उन्होंने न सिर्फ जरूरतमंदों को राशन वितरित किया बल्कि सबसे बड़ी बात यह रही कि उन्होंने भगवतगीता भी लोगों को भेंट किया।अपने सभी अवार्ड समारोह में समाज सेवकों, बिज़नेसमैन, फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के साथ साथ डॉ कृष्णा चौहान कई पत्रकारों, फोटोग्राफर को भी सम्मान से नवाजते आए हैं।  गौरतलब है कि डॉ कृष्णा चौहान अपनी नेक्स्ट हॉरर थ्रिलर फिल्म 'आत्मा डॉट कॉम' की शूटिंग भी जल्द शुरू करने जा रहे हैं। इस फिल्म में प्रसिद्ध संगीतकार दिलीप सेन का संगीत है।

उल्लेखनीय है कि डॉ कृष्णा चौहान न सिर्फ एक सफल बॉलीवुड डायरेक्टर हैं, एक्टिव सोशल वर्कर हैं बल्कि अवार्ड्स फंक्शन्स करने के मामले में नम्बर वन माने जाते हैं। उनका एक अवार्ड फंक्शन सम्पन्न होता है और वह अपने अगले पुरुस्कार समारोह की तैयारियों में लग जाते हैं।

डॉक्टर कृष्णा चौहान अपने जन्मदिन 4 मई 2023 को 'लीजेंड दादासाहेब फाल्के 2023' का चौथी बार आयोजन करने जा रहे हैं। सिनेमा, टीवी, वेब सीरीज के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वालों को यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।

 

 

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मन की बात का 100वां एपिसोड, यह कार्यक्रम नहीं, मेरे लिए आस्था, पूजा और व्रत: पीएम मोदी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात प्रोग्राम का 100वां एपिसोड पूरा कर लिया। आज का एपिसोड टीवी चैनलों, निजी रेडियो स्टेशनों और सामुदायिक रेडियो सहित एक हजार से अधिक प्लेटफॉर्म पर ब्रॉडकास्ट किया गया। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र के न्यूयॉर्क स्थित हेडक्वार्टर पर भी आज का एपिसोड सुना गया।

प्रधानमंत्री ने कहा- 3 अक्टूबर 2014 को विजयादशमी से शुरू हुआ यह त्योहार हम हर महीने मनाते हैं। मन की बात कार्यक्रम नहीं, यह मेरे लिए आस्था,पूजा और व्रत है। जैसे लोग ईश्वर की पूजा करने जाते हैं तो प्रसाद की थाल लाते हैं। मन की बात ईश्वर रूपी जनता जनार्दन के चरणों में प्रसाद की थाल जैसे है।

मोदी ने कहा कि आज मन की बात का 100वां एपिसोड है। मुझे आप सबकी हजारों चिट्ठियां और संदेश मिले। कोशिश की है कि ज्यादा से ज्यादा चीजों को पढ़ पाऊं देख पाऊं। संदेशों को समझने की कोशिश करूं। कई बार पत्र पढ़ते वक्त भावुक हो गया, भावनाओं में बह गया और संभाला। 100वें एपिसोड पर सच्चे दिल से कहता हूं कि बधाई आपने दी, पात्र आप सभी श्रोता हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन अक्टूबर 2014 को विजयादशमी के मौके पर हम सबने मिलकर विजयादशमी के दिन मन की बात की यात्रा शुरू की थी। विजयादशमी यानी बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व। यह एक ऐसा पर्व बन गया है, जो हर महीने आता है। हम इसमें सकारात्मकता और लोगों की पार्टिसिपेशन को सेलीब्रेट करते हैं। यकीन नहीं होता कि इसे इतने साल गुजर गए। हर एपिसोड नया रहता है। देशवासियों की नई सफलताओं का विस्तार इसमें मिलता है। देश के कोने-कोने से हर आयु वर्ग के लोग जुड़े।

मोदी बोले कि मन की बात जिस विषय से जुड़ी वो जन आंदोलन बन गई। आप लोगों ने बना दिया। जब मैंने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ मन की बात की तो इसकी चर्चा दुनिया में हुई। मन की बात मेरे लिए दूसरों के गुणों की पूजा का मौका है। मेरे मार्गदर्शक थे लक्ष्मण राव, वो कहते थे कि हमें दूसरों के गुणों की पूजा करनी चाहिए। उनकी इस बात ने मुझे प्रेरणा देती है। यह कार्यक्रम दूसरों से सीखने की प्रेरणा बन गया है। इसने मुझे आपसे कभी दूर नहीं होने दिया।

उन्होंने ने कहा कि जब मैं गुजरात का सीएम था, तब सामान्य तौर पर लोगों से मिलना-जुलना हो जाता था। 2014 में दिल्ली आने के बाद मैंने पाया कि यहां का जीवन और काम का स्वरूप अलग है। सुरक्षा का तामझाम, समय की सीमा सबकुछ अलग है। शुरुआती दिनों में खाली-खाली सा महसूस करता था।

मोदी ने कहा कि 50 साल पहले घर इसलिए नहीं छोड़ा था कि अपने ही देशवासियों से संपर्क नहीं हो पाएगा। देशवासी सबकुछ हैं और उनसे कटकर नहीं रह सकता था। मन की बात ने मुझे मौका दिया। पदभार और प्रोटोकॉल व्यवस्था तक सीमित रहा। जनभाव मेरा अटूट अंग बन गया।

प्रधानमन्त्री ने कहा कि हर महीने मैं देशवासियों के त्याग की पराकाष्ठा देखता हूं। मुझे लगता ही नहीं है कि आपसे थोड़ा भी दूर हूं। मन की बात कार्यक्रम नहीं, यह मेरे लिए आस्था,पूजा और व्रत है। जैसे लोग ईश्वर की पूजा करने जाते हैं तो प्रसाद की थाल लाते हैं। मन की बात ईश्वर रूपी जनता जनार्दन के चरणों में प्रसाद की थाल जैसे है। यह मेरे लिए अध्यात्मिक यात्रा बन गया है। अहम से वयम की यात्रा है। यह तो मैं नहीं, तू ही की संस्कार साधना है।

उन्होंने ने कहा कि कल्पना करिए कि कोई देशवासी 40-40 साल से निर्जन जमीन पर पेड़ लगा रहा है। कोई 30 साल से जल संरक्षण के लिए बावड़ी बना रहा है। कोई निर्धन बच्चों को पढ़ा रहा है। कोई गरीबों की इलाज में मदद कर रहा है। कितनी ही बार मन की बात में इनका जिक्र करते वक्त मैं भावुक हुआ। आकाशवाणी के साथियों को इसे दोबारा रिकॉर्ड करना पड़ा। मन की बात में जिन लोगों का हम जिक्र करते हैं, वे सब हमारे हीरोज हैं, जिन्होंने इस कार्यक्रम को जीवंत बनाया है। आज जब हम 100वें एपिसोड के पड़ाव पर पहुंचे हैं तो मेरी इच्छा है कि एक बार फिर इन हीरोज के पास जाकर उनके बारे में जानें।

प्रधानमंत्री ने देशभर में जून 2015 में सेल्फी विद डॉटर कैंपेन शुरू किया था। PM ने कहा- मैंने बेटी बचाओ अभियान हरियाणा से शुरू किया। ये अभियान पूरी दुनिया में फैल गया। जीवन में बेटी का स्थान कितना बड़ा होता है, इस कैंपेन से यह प्रकट हुआ। आज हरियाणा में जेंडर रेशियो में सुधार आया। उन्होंने इस कैंपेन का आइडिया देने वाले हरियाणा के सुनील जगलान से बातचीत की।
मोदी- आज सुनील जी से गप्प मार लेते हैं। सुनील जी सेल्फी विद डॉटर हर किसी को याद है। आपको कैसा लग रहा है।
सुनील- ये हमारे प्रदेश हरियाणा से पानीपत की चौथी लड़ाई शुरू की थी, यह मेरे लिए और बेटियों के पिता के लिए बहुत बड़ी बात है।
मोदी- आपकी बिटिया कैसी हैं?
सुनील- दोनों बेटियां आपकी बहुत प्रशंसक हैं। उन्होंने अपने क्लास मेट्स से थैंक्यू प्रधानमंत्री जी लेटर भी लिखवाए थे।
हरियाणा के सुनील जगलान अपनी दोनों बेटियों के साथ सेल्फी लेते हुए।

जम्मू-कश्मीर में पेंसिल स्लेट बनाने वाले मंजूर अहमद से बात की
साथियों मुझे संतोष है कि मन की बात में हमने नारी शक्ति की प्रेरणादायी गाथाओं का जिक्र किया है। छत्तीसगढ़ के गांव की महिलाओं के स्वच्छता अभियान चलाने वाले स्वसहायता समूह की बात की। तमिलनाडु की आदिवासी समुदाय की टेराकोटा कप बनाने वाली महिलाओं की बात की। वहीं 20 हजार महिलाओं ने वेल्लोर में नाग नदी को पुनर्जीवित किया। मन की बात में जम्मू-कश्मीर की पेंसिल स्लेट का जिक्र करते हुए मंजूर अहमद का जिक्र किया था। वो साथ हैं।
मंजूर जी पेंसिल-स्लेट का काम कैसा चल रहा है?
मंजूर अहमद- ये काम बढ़ गया है, बहुत लोगों को रोजगार मिल गया। अभी 200 प्लस लोग काम कर रही हैं। आगे 200 लोगों को और रोजगार मिलेगा।
मोदी- मंजूरजी आपने कहा था कि इस काम की पहचान नहीं, आपकी पहचान नहीं। आपको पीड़ा थी। अब पहचान भी है और 200 से ज्यादा लोगों को रोजगार दे रहे हैं।
मंजूर- किसानों को भी फायदा मिला। 2 हजार का ट्री बेचते थे और अब 5 हजार बढ़ गई है।
मोदी- आपने लोकल फॉर वोकल को जमीन पर उतार दिया।

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मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में सोना पड़ा महंगा, अधिकारी को किया निलंबित

 अहमदाबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में सोना एक अधिकारी को महंगा पड़ गया। सरकार ने अधिकारी को निलंबित कर दिया है। दरअसल, ये पूरा मामला कच्छ जिले के भुज का है। निलंबित अधिकारी की पहचान जिगर पटेल के रूप में हुई है। जिगर भुज नगर पालिका के मुख्य अधिकारी थे। 

शनिवार को सीएम भूपेंद्र पटेल का एक कार्यक्रम था। इस समारोह के दौरान जब सीएम पटेल मंच से संबोधित कर रहे थे तभी उनके सामने बैठे जिगर पटेल को नींद आ गई। इतना ही नहीं, सोते हुए उनका वीडियो भी कैमरे में कैद हो गया। जिसके बाद राज्य के शहरी विकास और शहरी आवास विभाग द्वारा उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। विभाग द्वारा शनिवार शाम को उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। 

शहरी विकास और शहरी आवास विभाग के एक अधिकारी ने इस कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घोर लापरवाही और कर्तव्य के प्रति समर्पण की कमी के लिए उन्हें निलंबित किया गया है। सीएम के कार्यक्रम में सोना कदाचार और अनुशासन हीनता को दर्शाता है।  

भूकंप प्रभावितों को बांटे आवास प्रमाण पत्र

जिस कार्यक्रम में यह वाकया हुआ उसमें सीएम भूपेंद्र पटेल कच्छ में भूकंप से प्रभावितों के पुनर्वास के लिए संपत्ति कार्ड बांटने गए थे। इस समारोह में सीएम पटेल ने लगभग 14,000 लोगों को आवासीय योजना के तहत आवास के स्वामित्व  के दस्तावेज वितरित किए। 

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शैक्षणिक गतिविधियों के साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी बच्चों की प्रतिभा को आगे बढ़ाने करें प्रोत्साहित : कलेक्टर

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर सिंह ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की ओर से किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। कलेक्टर सिंह ने कहा आदिवासी विकास विभाग की ओर से आश्रम-छात्रावासों में विशेष तौर पर ध्यान देते हुए कार्य करने की जरूरत है। हर छात्रावास में एक अलग पहचान होनी चाहिए। 

शैक्षणिक गतिविधियों के साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी बच्चों को प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देते हुए गुणवत्तायुक्त पढ़ाई होना चाहिए। अधिकारियों को फिल्ड में जाकर स्कूल व छात्रावास का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 8 मई से जिले के सभी शासकीय प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों में समर कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें बच्चों के लिए विभिन्न रोचक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने जर्जर शालाओं की मरम्मत प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि वन अधिकार पत्र तथा वन संसाधन अधिकार पत्र संबंधी सभी महत्वपूर्ण प्रकरण व दस्तावेज सुरक्षित रिकार्ड रूम में संधारित करें। उन्होंने एफआरए अंतर्गत आदर्श ग्राम में विकास गतिविधियों के संबंध में जानकारी ली।

कलेक्टर सिंह ने कहा कि जिले में माह के तीसरे शनिवार को हमर दफ्तर हमर घर अभियान के तहत शासकीय कार्यालयों की व्यापक साफ-सफाई की जाती है। आदिवासी विकास विभाग में भी अभियान चलाकर इसे क्रियान्वित करें। उन्होंने कहा कि हमर परिवार हेलमेट परिवार लिंक से जुड़े तथा सभी को वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने के लिए पे्ररित करें। कलेक्टर ने कहा कि 6 मई को विशाल जनस्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने आश्रम व छात्रावास में दिव्यांगजनों को चिन्हांकित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशानुसार सी-मार्ट से आश्रम व छात्रावास के लिए सामग्री क्रय करें। कलेक्टर ने एकलव्य विद्यालय संचालन, छात्रावास व आश्रम, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना, राहत योजना, अंतरजातीय विवाह योजना, जवाहर उत्कर्ष योजना, निर्माण कार्य, देवगुड़ी, एससी प्राधिकरण कार्य, मध्य क्षेत्र प्राधिकरण कार्य, विभाग में स्वीकृत कार्यरत रिक्त पद, प्रवेश परीक्षा, के संबंध में समीक्षा की। 

सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्रीकांत दुबे ने विभाग की ओर से संचालित योजनाओं व उपलब्धियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रयास, एकलव्य में रिक्त पदों के भर्ती की प्रक्रिया जारी है। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर अमिय श्रीवास्तव व शिल्पा देवांगन, सहायक संचालक सुदीक्षा गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 
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ठाणे में गिरी 3 मंजिला इमारत, 1 की मौत

मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महाराष्ट्र में ठाणे जिले में शनिवार को एक 3 मंजिला इमारत ढह गई। इस हादसे में 1 व्यक्ति की मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार 10 लोगों को मलबे से निकाला गया है। वहीं 15-20 लोगों के फंसे होने की आशंका है।

ये हादसा भिवंडी के वालपाड़ा इलाके का है। हादसे के बाद दमकल व आपदा सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंच चुकी है। मलबे में दबे लोगों को निकाला जा रहा है। बिल्डिंग गिरने के चलते हताहतों की संख्या बढ़ सकती है। इमारत के मलबे में 15 से 20 लोग के फंसे होने की आशंका जताई जा रही थी। अब तक 1 व्यक्ति की मौत हो गई और 10 लोगों को रेस्क्यू किया गया है।

यह इमारत कैलाशनगर के वालपाड़ा में वर्द्धमान कंपाउंड में थी। इस इमारत के नीचे गोदाम है और ऊपर मकान था। अभी यह साफ नहीं हो पाया कि इस इमारत का स्ट्रक्चर रेसिडेंशियल था या कॉमर्शियल। निचली मंजिल में गोदाम था, जहां मजदूर काम पर रहे थे। उनमें से कुछ के मलबे में दबे होने की आशंका है। घटनास्थल पर एंबुलेंस तैनात हैं। घायलों को अस्पताल ले जाया जा रहा है। मलबे से लोगों को निकाला जा रहा है। यह इमारत काफी पुरानी बताई जा रही है।

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5 महिला अधिकारियों का पहला बैच इंडियन आर्मी की आर्टिलरी रेजिमेंट में शामिल

चेन्नई (छत्तीसगढ़ दर्पण) महिला अधिकारियों के पहले बैच को भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट में शामिल किया गया। चेन्नई के अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी में सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद 5 महिला अधिकारी आर्टिलरी रेजिमेंट में शामिल हुईं।

लेफ्टिनेंट रेखा सिंह ने बताया मेरे पति के शहीद होने के बाद मैंने आर्मी में शामिल होने का फैसला लिया। आज मेरा प्रशिक्षण पूरा हो गया है और मैं लेफ्टिनेंट बन गई हूं। आज मेरे और मेरे परिवार के लिए एक गर्व का क्षण है। मैं अन्य महिला उम्मीदवारों को यही कहना चाहूंगी कि आप स्वयं में विश्वास रखिए और जो करना चाहती हैं उसके लिए कदम उठाइए।

लेफ्टिनेंट महक सैन ने कहा यह मेरे लिए बहुत गर्व का क्षण है। मुझे पूरा यकीन है कि हम सभी अपनी भूमिकाओं के साथ न्याय करेंगे और संगठन को अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे।

 

 

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मन की बात के 100वें एपिसोड पर सैंड आर्टिस्ट ने 100 रेडियो के बीच बनाई मोदी की आकृति

भुवनेश्वर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने ओडिशा के पुरी समुद्र तट पर मन की बात के 100 एपिसोड का जश्न मनाने के लिए 100 रेडियो के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक रेत की आकृति बनाई है। पटनायक ने लगभग सात टन रेत का उपयोग करके 8 फुट ऊंची रेत कला बनाई है।

उन्होंने 100 रेत रेडियो से प्रधानमंत्री की एक रेत की मूर्ति भी बनाई। मूर्तिकला को पूरा करने के लिए उनके सैंड आर्ट स्कूल के छात्र उनके साथ शामिल हुए।पटनायक ने कहा, इससे पहले, मैंने विभिन्न अवसरों पर 'मन की बात' में कुछ रेत की मूर्तियां बनाईं। इसके अलावा, रेडियो पर रेत की मूर्तियां भी विश्व रेडियो दिवस जैसे अवसरों पर बनाई गईं।

3 अक्टूबर 2014 को पहली बार प्रसारित मोदी का प्रमुख रेडियो संबोधन 30 अप्रैल को 100 एपिसोड पूरे करेगा। अब तक, पद्म विजेता कलाकार ने दुनिया भर में 60 से अधिक अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्ट प्रतियोगिताओं और उत्सवों में भाग लिया है और कई पुरस्कार जीते हैं। वह हमेशा अपनी सैंड आर्ट के जरिए विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता पैदा करने की कोशिश करते हैं। उनकी रेत कलाओं की संयुक्त राष्ट्र, डब्ल्यूएचओ और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण द्वारा सराहना की जाती है।

 

 

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हमारी वायुसेना ने कठिन परिस्थितियों में किया बेहतर प्रदर्शन : एयर चीफ मार्शल

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी ने भारतीय वायुसेना की तारीफ की। उन्होंने सूडान में वादी सीदना बचाव अभियान को लेकर कहा कि हमारी वायुसेना ने सबसे कठिन परिस्थितियों में अपनी मूल क्षमता का प्रदर्शन किया है।


वायुसेना हमेशा करेगी अपनी शक्तियों का प्रदर्शन
उन्होंने इस मिशन को अंजाम देने वाले एयरक्रूज को बधाई दी। साथ ही कहा कि मुझे लगता है कि भारतीय वायुसेना ने सबसे कठिन परिस्थितियों में हमारे संचालन को अंजाम देने में सक्षम होने की अपनी मूल क्षमता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि मैं राष्ट्र को आश्वस्त करना चाहता हूं कि जब भी समय आएगा हम हमेशा अपनी शक्तियों का इसी तरह प्रदर्शन करके दिखाएंगे।

क्या है वादी सीदना अभियान
गौरतलब है, हिंसाग्रस्त सूडान में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए भारत सरकार की ओर से चलाया जा रहा 'ऑपरेशन कावेरी' सफलता के साथ आगे बढ़ रहा है। इस बीच, भारतीय वायुसेना ने सूडान में सबसे खतरनाक और साहसिक मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया था। दरअसल सूडान में 27 और 28 अप्रैल की दरम्यानी रात को चलाये गये साहसिक अभियान के दौरान वायुसेना के C-130J विमान ने वादी सीदना में एक छोटी हवाई पट्टी से 121 लोगों को बचाने में सफलता हासिल की।

 

 

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रात में खुली देश की सबसे बडी अदालत, हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक, ये है मामला

 दिल्ली  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के जज जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय के आदेश पर रोक लगा दी है। इसके लिए रात 8 बजे स्पेशल बेंच बैठी और फिर इस पर रोक लगाई गई है।

जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस हिमा कोहली की बेंच ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इस आदेश पर रोक लगाई है।

कलकत्ता हाईकोर्ट के जज जस्टिस गंगोपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से बिते कल की तारीख में ही (शुक्रवार को ) अपने टीवी इंटरव्यू का ओरिजनल ट्रांसक्रिप्ट देने का आदेश दिया था।

सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को अभूतपूर्व घटना हुई. कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय के आदेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट की बेंच रात 8:15 बजे विशेष सुनवाई के लिए बैठी और जस्टिस गंगोपाध्याय के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें उन्होंने उच्चतम न्यायालय के सेक्रेटरी से रात 12 बजे तक इंटरव्यू की ट्रांसक्रिप्शन कॉपी मांगी थी।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएस बोपन्ना और हिमा कोहली की बेंच ने कहा कि ट्रांसक्रिप्शन की कॉपी देने की कोई जरूरत नहीं है।

इस विशेष सुनवाई के दौरान सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हाईकोर्ट के जज को इस तरह का आदेश नहीं देना चाहिए था। इस पर जस्टिस एएस बोपन्ना और हिमा कोहली की बेंच ने भी सहमति जताई और जस्टिस गंगोपाध्याय के आदेश पर रोक लगा दी।

बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के सेक्रटरी जनरल से कहा कि वह इस आदेश की जानकारी कलकत्ता उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को दे दें और उनसे कहें कि वह जस्टिस गंगोपाध्याय बता दें।

दरअसल, कलकत्ता हाईकोर्ट के जज अभिजीत गंगोपाध्याय ने एक इंटरव्यू दिया था। जिसमें उन्होंने राज्य सरकार के भ्रष्टाचार को लेकर कई बातें कही थीं।

जस्टिस गंगोपाध्याय पश्चिम बंगाल के टीचर भर्ती घोटाले से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई भी कर रहे हैं।

यही वजह है कि सुप्रीम कोर्ट ने यह मामला उनके पास से हटाने का आदेश दिया।
इसके बाद जस्टिस गंगोपाध्याय ने भी आदेश जारी कर दिया और सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल को निर्देश दिया कि वह रात 12 बजे तक कोर्ट में रखे उनके इंटरव्यू का आधिकारिक अनुवाद उपलब्ध करवाएं। साथ ही उन्होंने सेक्रेटरी को चैंबर में रात के 12:15 बजे तक इंतजार करने के लिए कहा।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अशोक कुमार गांगुली ने सवाल उठाया है कि क्या शीर्ष अदालत को किसी भी उच्च न्यायालय में किसी भी मामले को एक बेंच से दूसरी बेंच में स्थानांतरित करने का अधिकार है।

उन्होंने कहा, शायद शीर्ष अदालत के पास इस तरह का आदेश देने के अपने कारण हैं। सर्वोच्च न्यायालय के प्रति सम्मान के साथ मैं कह रहा हूं कि किसी भी मामले को किसी भी हाईकोर्ट में एक पीठ से दूसरी पीठ में स्थानांतरित करना उस उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस का विशेषाधिकार है।

भारतीय संविधान के प्रावधानों के तहत किसी भी उच्च न्यायालय के किसी भी आदेश को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा खारिज जा सकता है। लेकिन शीर्ष अदालत के लिए यह तय करने का कोई प्रावधान नहीं है कि उच्च न्यायालय की कौन सी बेंच किस मामले की सुनवाई करेगी।

हालांकि, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी से सहमति जताई कि न्यायाधीशों के पास उनके समक्ष लंबित मामलों पर समाचार चैनलों को इंटरव्यू देने का कोई अधिकार नहीं है।

इससे पहले शुक्रवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय के समक्ष तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी के खिलाफ राज्य द्वारा संचालित शैक्षिक और गैर-शैक्षिक कर्मचारियों की भर्ती में करोड़ों रुपये के घोटाले के संबंध में लंबित मामलों को किसी और न्यायाधीश के पास स्थानांतरित कर दिया जाए।

 
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मोदी सरनेम केस: राहुल गांधी की याचिका पर गुजरात हाई कोर्ट में सुनवाई 29 को

 दिल्ली  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए शनिवार का दिन अहम होने जा रहा है। मोदी सरनेम मानहानि केस में निचली अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद अब गुजरात हाई कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।

कांग्रेस को उम्मीद है कि राहुल गांधी को निचली अदालत द्वारा दी गई सजा राहत मिलेगी और उनकी लोकसभा सदस्यता भी बहाल होगी।

बता दें, सूरत की मजिस्ट्रेट अदालत ने भाजपा के विधायक पूर्णेश मोदी द्वारा दायर आपराधिक मानहानि के मामले में राहुल गांधी को दोषी करार दिया था और दो साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्हें लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दिया गया।

राहुल ने सूरत की सत्र अदालत में सजा पर रोक लगाने के लिए अपील की थी, लेकिन सत्र अदालत ने याचिका खारिज कर दी। राहुल ने दोषसिद्धि पर रोक न लगाने के सत्र अदालत के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

गुजरात हाई कोर्ट के जज जस्टिस हेमंत प्रच्छक शनिवार को इस मामले की सुनवाई करेंगे। इससे पहले हाई कोर्ट की जज जस्टिस गीता गोपी ने इस सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था।

कांग्रेस नेता ने पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक की एक जनसभा में नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि सभी चोरों का उपनाम मोदी क्यों होता है? इसी मामले में सूरत की मजिस्ट्रेट अदालत ने उन्हें 23 मार्च को दोषी करार दिया था और दो साल की सजा सुनाई थी।

दोषसिद्धि के खिलाफ उनकी याचिका सूरत के सत्र न्यायाधीश ने 20 अप्रैल को खारिज कर दी थी।

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प्रधानमंत्री ने रेडियो प्रसारण को बढ़ावा देने के लिए 91 एफएम ट्रांसमीटरों का उद्धाटन किया

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में रेडियो प्रसारण को बढ़ावा देने के लिए शुक्रवार को  100 वॉट के 91 एफएम ट्रांसमीटर का वीडियो क्रॉफ्रेंस के माध्‍यम से लोकार्पण किया। ये ट्रांसमीटर 18 राज्यों और 2 केंद्रशासित प्रदेशों के 84 जिलों में स्थापित किए गए हैं।

इस अवसर पर श्री मोदी ने कहा कि सरकार लोगों तक प्रौद्योगिकी पहुंचाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक नागरिक की पहुंच प्रौद्योगिकी तक होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में प्रौद्योगिकी क्रांति से रेडियो के नए अवतार में उभरने में मदद मिली है और ऑनलाइन एफएम तथा पॉडकास्ट के माध्यम से डिजिटल इंडिया ने नए श्रोता जोड़े हैं।

एफएम के माध्यम से सूचना और मनोरंजन के महत्व का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि समय पर सूचना का प्रसार करने या कृषि के लिए मौसम का पूर्वानुमान लगाने, महिला स्वयं सहायता समूहों को नए बाजार से जोड़ने में ये एफएम ट्रांसमीटर मुख्य भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि एफएम रेडियो और डीटीएच ने डिजिटल इंडिया के लिए भविष्य का मार्ग प्रशस्त किया है।

डीटीएच सेवाओं पर विभिन्न शैक्षणिक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सस्ते मोबाइल फोन और डेटा प्लान के कारण सूचनाओं तक पहुंच सुलभ हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वे आकाशवाणी पर जल्द ही मन की बात कार्यक्रम की 100वीं कड़ी प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि देशभर के लोगों के साथ गहरा जुड़ाव रेडियो के अलावा किसी और माध्यम से संभव नहीं हो पाता। मन की बात कार्यक्रम से बड़ी संख्या में श्रोताओं तक रेडियो की पहुंच बनी है। 

सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा है कि 91 एफएम ट्रांसमीटरों के शुरू होने से मनोरंजन, खेल और कृषि से जुड़ी सूचनाएं स्थानीय लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मन की बात कार्यक्रम ने रेडियो की लोकप्रियता बढ़ाई है।

सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री डाक्टर एल मुरुगन, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, सूचना और प्रसारण सचिव अपूर्व चंद्रा और अन्य लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

हमारे संवाददाता ने बताया है कि इन ट्रांसमीटरों को स्थापित करते समय  आकांक्षी जिलों और सीमावर्ती जिलों में कवरेज बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके साथ ही आकाशवाणी की एफएम सेवा की पहुंच अब लगभग दो करोड़ अतिरिक्त लोगों और करीब 35 हजार स्क्वायर किलोमीटर तक हो जाएगी।

 

 

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जिया खान आत्महत्या मामले में सूरज पंचोली को बरी किया गया

मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)एक्ट्रेस-मॉडल जिया खान के आत्महत्या मामले में सीबीआई की एक विशेष अदालत जिया ने अभिनेता सूरज पंचोली को बरी किया।मुंबई में विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश एएस सैय्यद ने कहा जिया खान सुसाइड केस में सबूतों की कमी के कारण, यह अदालत (सूरज पंचोली) को दोषी नहीं ठहरा सकती, इसलिए बरी किया जाता है। जिया खान की खुशकुशी मामले में साल 2019 में मुकदमा शुरू हुआ और 20 अप्रैल 2023 को सुनवाई पूरी हो गई।

सूरज पंचोली को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप से बरी होने पर जिया खान की मां राबिया खान बोली आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले पर फैसला आया लेकिन सवाल अभी भी है कि मेरी बेटी की मौत कैसे हुई? मैंने शुरू से कहा है कि यह हत्या का मामला है। मैं हाई कोर्ट जाऊंगी

3 जून, 2013 की आधी रात को 25 वर्षीय जिया खान पॉश जुहू इलाके में सागर संगीत बिल्डिंग में अपने फ्लैट में लटकी पाई गई थी।कहा जाता है कि जिया आदित्य पंचोली और जरीना वहाब के बेटे सूरज के साथ रिश्ते में थीं।जिया ने एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें सूरज पंचोली का नाम शामिल था। उस वक्त एक्टर सूरज पंचोली बॉलीवुड में पैर जमाने की कोशिश कर रहे थे।मामले के एक हफ्ते बाद सूरज पर आईपीसी की धारा 306 के तहत कथित तौर पर जिया को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया।

इसके बाद, जिया की मां राबिया खान द्वारा बार-बार दी गई दलीलों और 3 जुलाई, 2014 को बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। अपने नोट में, जिया ने कथित तौर पर सूरज के साथ अंतरंग संबंधों के साथ-साथ कथित शारीरिक शोषण, मानसिक और शारीरिक यातना के बारे में बात की थी।

मामले में अभियोजन पक्ष ने जिया की मां राबिया सहित 22 गवाहों के बयान दर्ज किए थे, जबकि वकील प्रशांत पाटिल सूरज के लिए पेश हुए थे।

 

 

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नक्सली हिंसा में कब तक शहीद होंगे जवान ?

 (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पाकिस्तान परस्त आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ हम लंबी लड़ाई लड़ रहे हैं। अब तक हमने काफी कुछ खोया है। लेकिन अभी यह जंग जीतना काफी मुश्किल है। हम आंकड़ों के ग्राफ में ऐसी हिंसा की समीक्षा करते हैं। यह हमारे लिए मुनासीब नहीं है। आतंकी और नक्सल हमले कम पिछली सरकारों से कम हुए हैं या अधिक यह सोचने के बजाय समस्या को समूल नष्ट करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। दोनों ही स्थितियों में हमारे निर्दोष जवान मारे जा रहे हैं। हमारी सेना हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है। तकनीकी विकास के बावजूद भी हम लगातार सैनिकों को खोते जा रहे हैं। शहीद होने वाले जवानों की तादाद कम कम है या ज्यादा यह ख़ास नहीं। महत्वपूर्ण यह है कि  आतंकी और नक्सली मुठभेड़ के दौरान हम कम से कम जोखिम उठाएं। ऐसे हालात में कहीं ना कहीं से हमारी आंतरिक सुरक्षा से संबंधित खुफिया तंत्र भी विफल होता दिखता है। क्योंकि ऐसे हमलों की वह समय पर सही और सटीक सूचना उपलब्ध नहीं करा पाता है या कराता है तो उस पर अमल नहीं होता है।


पुलवामा हमले के बाद भी नक्सली और आतंकी हमले में हमारे जवानों की शहादत जारी है। यह हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती है। तकलीफ इस बात की होती है कि हमारे जवान युद्ध के बजाय आतंकी और नक्सली साजिश का शिकार बन शहीद होते हैं। हमें अपनी सेना और जवानों पर गर्व है। राष्ट्रीय सुरक्षा में हमारा जवान प्राणों की आहुति दे देता है। एक सप्ताह पूर्व जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आतंकी हमले में पांच जवान शहीद हो गए थे। उस घटना से सात दिन बाद भी हमने सबक नहीं लिया और छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में हमारे 11 जवान शहीद हो गए।

कश्मीर में जहां जवानों की गाड़ी पर ग्रेनेड से हमला किया गया था वहीं दंतेवाड़ा में जवान नक्सली ऑपरेशन से वापस लौट रहे थे जब आईईडी ब्लास्ट में मारे गए। दोनों घटनाओं से जहां देश और सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा है वहीं शहीद परिजनों के सपने टूट गए हैं। उनकी नींद उचट गई। मां-बाप पत्नी और बच्चों के भविष्य पर सवाल खड़ा हो गया है कि जिंदगी कैसे चलेगी। क्योंकि ऐसी घटनाओं से परिवार टूट जाता है। जिस बेटे के कंधो पर परिवार के सपने पलते हों जब वहीं अलबिदा कह जाय तो क्या होगा।

सरकार और रक्षा मंत्रालय को सैन्य सेवा करते हुए शहीद होने वाले जवानों के लिए एक अलग से विशेष प्रकार का मंत्रालय और आयोग गठित करना चाहिए। शहीद सैन्य परिवारों को अधिक से अधिक आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। उनकी धर्मपत्नी भाई या खून के रिश्ते में आने वाले लोगों को लम्बी कानूनी प्रक्रिया के बगैर सरकारी नौकरी में रखा जाना चाहिए। पीड़ित परिवारों के लिए भरपूर आर्थिक सहायता के साथ-साथ दूसरी सरकारी सहायता भी मिलनी चाहिए। सेना के जवान का वेतन उस दौरान तक जारी रखना चाहिए जब तक उसके परिवार के लिए मुक़म्मल व्यवस्था नहीं हो जाती। शहीद परिजनों को गैस एजेंसी और पेट्रोल पंप जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए। शहीद होने वाले हर जवान को सेना का विशिष्ट सेवा पदक मिलना चाहिए।

सरकारी खर्च पर शहीद होने वाले जवान के गांव में भव्य स्मारक बनना चाहिए। ऐसे जवान के नाम पर सड़कें, स्कूल कॉलेज या सरकारी संस्थाओं के नाम होने चाहिए। सेना के जवानों की शहादत पर सरकार को खुलकर आगे आना चाहिए। हालांकि सरकार की तरफ से इस तरह की काफी सुविधाएं उपलब्ध करायी जाती हैं। लेकिन इन कार्यों में इतना विलंब होता है कि पीड़ित परिवार टूट और बिखर जाता है। क्योंकि पूरी प्रक्रिया बेहद लंबी और उबाऊ होती है। इस तरह की खबरें मीडिया में सुर्खियां बनती हैं। ऐसी स्थिति में एक स्वतंत्र मंत्रालय या सेना आयोग पूरी तरह ऐसी घटनाओं के लिए समर्पित होना चाहिए। पीड़ित जवान के परिवार की ए-टूजे मानिटरिंग होनी चाहिए।

हमारे देश में आम तौर पर राजनीतिक बयानबाजी मीडिया की सुर्खियां बनती है। अपराधियों का महिमामंडन किया जाता है। दुर्दांत अपराधी सांसद और विधायक बन जाते हैं। आम लोगों की जमीन हड़प कर भू-माफिया का काम करते हैं। राजनीति में आने के बाद बेशुमार दौलत बना ली जाती है। अपराधी, गुंडों और माफियाओं पर टीवी चैनल 24 घंटे लाइव रिपोर्टिंग करते हैं। यहां तक कि बेशर्म मीडिया अपराधी की तरफ से किए जा रहे है मूत्र विसर्जन को भी लाइव रिपोर्टिंग का हिस्सा बना दिया जाता है। राजनेताओं के अनाप-शनाप बयानबाजी पर लाइव डिबेट आयोजित होती है। लेकिन सेना के जवानों की शहादत पर 24 घंटे लाइव रिपोर्टिंग क्यों नहीं होती। ऐसी दुखद घटनाओं पर डिबेट क्यों नहीं आयोजित की जाती। जबकि इस तरह की शहादत से बढ़कर कोई घटना नहीं हो सकती। यह हमारे लिए बेहद शर्म की बात है।

छत्तीसगढ़ में पिछले 5 साल के दौरान नक्सली हिंसा में 175 जवान शहीद हो चुके हैं। हालांकि इस दौरान जवानों की तरफ से सर्च ऑपरेशन और मुठभेड़ में 328 नक्सली भी मारे गए हैं। लेकिन नक्सली हिंसा में 345 आमनागरिकों को भी जान गवानी पड़ी है। लोकसभा में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय की तरफ से दिए गए एक जवाब में बताया गया था कि छत्तीसगढ़ में साल 2018 से फरवरी 2023  तक इतनी जवानों के साथ आम आदमी को भी अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। जबकि आतंक प्रभावित जम्मू-कश्मीर में पुलवामा हमले के बाद 1067 आतंकी हमले में 182 जवान शहीद हुए। जबकि 729 आतंकवादी मार गिराए गए।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से घटना के संबंध में जानकारी ली है। दोनों नेताओं ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने अपना कर्नाटक दौरा रद्द कर दिया है। लेकिन ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सरकार और सेना को ठोस नीति बनाने की जरूरत है। आतंकी और नक्सली हमले में सेना के जवानों की शहादत हर हाल में रुकनी चाहिए। सेना हमारे देश अहम है। आतंकी और नक्सली हिंसा में सेना की शहादत चिंता का विषय है। ऐसी हिंसा का आखिर खात्मा कब होगा। देश कब तक ऐसी हिंसा को झेलता रहेगा।

 

 

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