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5 महिला अधिकारियों का पहला बैच इंडियन आर्मी की आर्टिलरी रेजिमेंट में शामिल

चेन्नई (छत्तीसगढ़ दर्पण) महिला अधिकारियों के पहले बैच को भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट में शामिल किया गया। चेन्नई के अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी में सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद 5 महिला अधिकारी आर्टिलरी रेजिमेंट में शामिल हुईं।

लेफ्टिनेंट रेखा सिंह ने बताया मेरे पति के शहीद होने के बाद मैंने आर्मी में शामिल होने का फैसला लिया। आज मेरा प्रशिक्षण पूरा हो गया है और मैं लेफ्टिनेंट बन गई हूं। आज मेरे और मेरे परिवार के लिए एक गर्व का क्षण है। मैं अन्य महिला उम्मीदवारों को यही कहना चाहूंगी कि आप स्वयं में विश्वास रखिए और जो करना चाहती हैं उसके लिए कदम उठाइए।

लेफ्टिनेंट महक सैन ने कहा यह मेरे लिए बहुत गर्व का क्षण है। मुझे पूरा यकीन है कि हम सभी अपनी भूमिकाओं के साथ न्याय करेंगे और संगठन को अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे।

 

 

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मन की बात के 100वें एपिसोड पर सैंड आर्टिस्ट ने 100 रेडियो के बीच बनाई मोदी की आकृति

भुवनेश्वर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने ओडिशा के पुरी समुद्र तट पर मन की बात के 100 एपिसोड का जश्न मनाने के लिए 100 रेडियो के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक रेत की आकृति बनाई है। पटनायक ने लगभग सात टन रेत का उपयोग करके 8 फुट ऊंची रेत कला बनाई है।

उन्होंने 100 रेत रेडियो से प्रधानमंत्री की एक रेत की मूर्ति भी बनाई। मूर्तिकला को पूरा करने के लिए उनके सैंड आर्ट स्कूल के छात्र उनके साथ शामिल हुए।पटनायक ने कहा, इससे पहले, मैंने विभिन्न अवसरों पर 'मन की बात' में कुछ रेत की मूर्तियां बनाईं। इसके अलावा, रेडियो पर रेत की मूर्तियां भी विश्व रेडियो दिवस जैसे अवसरों पर बनाई गईं।

3 अक्टूबर 2014 को पहली बार प्रसारित मोदी का प्रमुख रेडियो संबोधन 30 अप्रैल को 100 एपिसोड पूरे करेगा। अब तक, पद्म विजेता कलाकार ने दुनिया भर में 60 से अधिक अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्ट प्रतियोगिताओं और उत्सवों में भाग लिया है और कई पुरस्कार जीते हैं। वह हमेशा अपनी सैंड आर्ट के जरिए विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता पैदा करने की कोशिश करते हैं। उनकी रेत कलाओं की संयुक्त राष्ट्र, डब्ल्यूएचओ और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण द्वारा सराहना की जाती है।

 

 

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हमारी वायुसेना ने कठिन परिस्थितियों में किया बेहतर प्रदर्शन : एयर चीफ मार्शल

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी ने भारतीय वायुसेना की तारीफ की। उन्होंने सूडान में वादी सीदना बचाव अभियान को लेकर कहा कि हमारी वायुसेना ने सबसे कठिन परिस्थितियों में अपनी मूल क्षमता का प्रदर्शन किया है।


वायुसेना हमेशा करेगी अपनी शक्तियों का प्रदर्शन
उन्होंने इस मिशन को अंजाम देने वाले एयरक्रूज को बधाई दी। साथ ही कहा कि मुझे लगता है कि भारतीय वायुसेना ने सबसे कठिन परिस्थितियों में हमारे संचालन को अंजाम देने में सक्षम होने की अपनी मूल क्षमता का प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि मैं राष्ट्र को आश्वस्त करना चाहता हूं कि जब भी समय आएगा हम हमेशा अपनी शक्तियों का इसी तरह प्रदर्शन करके दिखाएंगे।

क्या है वादी सीदना अभियान
गौरतलब है, हिंसाग्रस्त सूडान में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए भारत सरकार की ओर से चलाया जा रहा 'ऑपरेशन कावेरी' सफलता के साथ आगे बढ़ रहा है। इस बीच, भारतीय वायुसेना ने सूडान में सबसे खतरनाक और साहसिक मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया था। दरअसल सूडान में 27 और 28 अप्रैल की दरम्यानी रात को चलाये गये साहसिक अभियान के दौरान वायुसेना के C-130J विमान ने वादी सीदना में एक छोटी हवाई पट्टी से 121 लोगों को बचाने में सफलता हासिल की।

 

 

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रात में खुली देश की सबसे बडी अदालत, हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक, ये है मामला

 दिल्ली  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के जज जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय के आदेश पर रोक लगा दी है। इसके लिए रात 8 बजे स्पेशल बेंच बैठी और फिर इस पर रोक लगाई गई है।

जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस हिमा कोहली की बेंच ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इस आदेश पर रोक लगाई है।

कलकत्ता हाईकोर्ट के जज जस्टिस गंगोपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से बिते कल की तारीख में ही (शुक्रवार को ) अपने टीवी इंटरव्यू का ओरिजनल ट्रांसक्रिप्ट देने का आदेश दिया था।

सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को अभूतपूर्व घटना हुई. कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय के आदेश को लेकर सुप्रीम कोर्ट की बेंच रात 8:15 बजे विशेष सुनवाई के लिए बैठी और जस्टिस गंगोपाध्याय के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें उन्होंने उच्चतम न्यायालय के सेक्रेटरी से रात 12 बजे तक इंटरव्यू की ट्रांसक्रिप्शन कॉपी मांगी थी।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएस बोपन्ना और हिमा कोहली की बेंच ने कहा कि ट्रांसक्रिप्शन की कॉपी देने की कोई जरूरत नहीं है।

इस विशेष सुनवाई के दौरान सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हाईकोर्ट के जज को इस तरह का आदेश नहीं देना चाहिए था। इस पर जस्टिस एएस बोपन्ना और हिमा कोहली की बेंच ने भी सहमति जताई और जस्टिस गंगोपाध्याय के आदेश पर रोक लगा दी।

बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के सेक्रटरी जनरल से कहा कि वह इस आदेश की जानकारी कलकत्ता उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को दे दें और उनसे कहें कि वह जस्टिस गंगोपाध्याय बता दें।

दरअसल, कलकत्ता हाईकोर्ट के जज अभिजीत गंगोपाध्याय ने एक इंटरव्यू दिया था। जिसमें उन्होंने राज्य सरकार के भ्रष्टाचार को लेकर कई बातें कही थीं।

जस्टिस गंगोपाध्याय पश्चिम बंगाल के टीचर भर्ती घोटाले से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई भी कर रहे हैं।

यही वजह है कि सुप्रीम कोर्ट ने यह मामला उनके पास से हटाने का आदेश दिया।
इसके बाद जस्टिस गंगोपाध्याय ने भी आदेश जारी कर दिया और सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल को निर्देश दिया कि वह रात 12 बजे तक कोर्ट में रखे उनके इंटरव्यू का आधिकारिक अनुवाद उपलब्ध करवाएं। साथ ही उन्होंने सेक्रेटरी को चैंबर में रात के 12:15 बजे तक इंतजार करने के लिए कहा।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अशोक कुमार गांगुली ने सवाल उठाया है कि क्या शीर्ष अदालत को किसी भी उच्च न्यायालय में किसी भी मामले को एक बेंच से दूसरी बेंच में स्थानांतरित करने का अधिकार है।

उन्होंने कहा, शायद शीर्ष अदालत के पास इस तरह का आदेश देने के अपने कारण हैं। सर्वोच्च न्यायालय के प्रति सम्मान के साथ मैं कह रहा हूं कि किसी भी मामले को किसी भी हाईकोर्ट में एक पीठ से दूसरी पीठ में स्थानांतरित करना उस उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस का विशेषाधिकार है।

भारतीय संविधान के प्रावधानों के तहत किसी भी उच्च न्यायालय के किसी भी आदेश को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा खारिज जा सकता है। लेकिन शीर्ष अदालत के लिए यह तय करने का कोई प्रावधान नहीं है कि उच्च न्यायालय की कौन सी बेंच किस मामले की सुनवाई करेगी।

हालांकि, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी से सहमति जताई कि न्यायाधीशों के पास उनके समक्ष लंबित मामलों पर समाचार चैनलों को इंटरव्यू देने का कोई अधिकार नहीं है।

इससे पहले शुक्रवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय के समक्ष तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी के खिलाफ राज्य द्वारा संचालित शैक्षिक और गैर-शैक्षिक कर्मचारियों की भर्ती में करोड़ों रुपये के घोटाले के संबंध में लंबित मामलों को किसी और न्यायाधीश के पास स्थानांतरित कर दिया जाए।

 
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मोदी सरनेम केस: राहुल गांधी की याचिका पर गुजरात हाई कोर्ट में सुनवाई 29 को

 दिल्ली  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए शनिवार का दिन अहम होने जा रहा है। मोदी सरनेम मानहानि केस में निचली अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद अब गुजरात हाई कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।

कांग्रेस को उम्मीद है कि राहुल गांधी को निचली अदालत द्वारा दी गई सजा राहत मिलेगी और उनकी लोकसभा सदस्यता भी बहाल होगी।

बता दें, सूरत की मजिस्ट्रेट अदालत ने भाजपा के विधायक पूर्णेश मोदी द्वारा दायर आपराधिक मानहानि के मामले में राहुल गांधी को दोषी करार दिया था और दो साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्हें लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दिया गया।

राहुल ने सूरत की सत्र अदालत में सजा पर रोक लगाने के लिए अपील की थी, लेकिन सत्र अदालत ने याचिका खारिज कर दी। राहुल ने दोषसिद्धि पर रोक न लगाने के सत्र अदालत के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

गुजरात हाई कोर्ट के जज जस्टिस हेमंत प्रच्छक शनिवार को इस मामले की सुनवाई करेंगे। इससे पहले हाई कोर्ट की जज जस्टिस गीता गोपी ने इस सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था।

कांग्रेस नेता ने पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक की एक जनसभा में नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि सभी चोरों का उपनाम मोदी क्यों होता है? इसी मामले में सूरत की मजिस्ट्रेट अदालत ने उन्हें 23 मार्च को दोषी करार दिया था और दो साल की सजा सुनाई थी।

दोषसिद्धि के खिलाफ उनकी याचिका सूरत के सत्र न्यायाधीश ने 20 अप्रैल को खारिज कर दी थी।

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प्रधानमंत्री ने रेडियो प्रसारण को बढ़ावा देने के लिए 91 एफएम ट्रांसमीटरों का उद्धाटन किया

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में रेडियो प्रसारण को बढ़ावा देने के लिए शुक्रवार को  100 वॉट के 91 एफएम ट्रांसमीटर का वीडियो क्रॉफ्रेंस के माध्‍यम से लोकार्पण किया। ये ट्रांसमीटर 18 राज्यों और 2 केंद्रशासित प्रदेशों के 84 जिलों में स्थापित किए गए हैं।

इस अवसर पर श्री मोदी ने कहा कि सरकार लोगों तक प्रौद्योगिकी पहुंचाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक नागरिक की पहुंच प्रौद्योगिकी तक होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में प्रौद्योगिकी क्रांति से रेडियो के नए अवतार में उभरने में मदद मिली है और ऑनलाइन एफएम तथा पॉडकास्ट के माध्यम से डिजिटल इंडिया ने नए श्रोता जोड़े हैं।

एफएम के माध्यम से सूचना और मनोरंजन के महत्व का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि समय पर सूचना का प्रसार करने या कृषि के लिए मौसम का पूर्वानुमान लगाने, महिला स्वयं सहायता समूहों को नए बाजार से जोड़ने में ये एफएम ट्रांसमीटर मुख्य भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि एफएम रेडियो और डीटीएच ने डिजिटल इंडिया के लिए भविष्य का मार्ग प्रशस्त किया है।

डीटीएच सेवाओं पर विभिन्न शैक्षणिक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सस्ते मोबाइल फोन और डेटा प्लान के कारण सूचनाओं तक पहुंच सुलभ हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वे आकाशवाणी पर जल्द ही मन की बात कार्यक्रम की 100वीं कड़ी प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि देशभर के लोगों के साथ गहरा जुड़ाव रेडियो के अलावा किसी और माध्यम से संभव नहीं हो पाता। मन की बात कार्यक्रम से बड़ी संख्या में श्रोताओं तक रेडियो की पहुंच बनी है। 

सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा है कि 91 एफएम ट्रांसमीटरों के शुरू होने से मनोरंजन, खेल और कृषि से जुड़ी सूचनाएं स्थानीय लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मन की बात कार्यक्रम ने रेडियो की लोकप्रियता बढ़ाई है।

सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री डाक्टर एल मुरुगन, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, सूचना और प्रसारण सचिव अपूर्व चंद्रा और अन्य लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

हमारे संवाददाता ने बताया है कि इन ट्रांसमीटरों को स्थापित करते समय  आकांक्षी जिलों और सीमावर्ती जिलों में कवरेज बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके साथ ही आकाशवाणी की एफएम सेवा की पहुंच अब लगभग दो करोड़ अतिरिक्त लोगों और करीब 35 हजार स्क्वायर किलोमीटर तक हो जाएगी।

 

 

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जिया खान आत्महत्या मामले में सूरज पंचोली को बरी किया गया

मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)एक्ट्रेस-मॉडल जिया खान के आत्महत्या मामले में सीबीआई की एक विशेष अदालत जिया ने अभिनेता सूरज पंचोली को बरी किया।मुंबई में विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश एएस सैय्यद ने कहा जिया खान सुसाइड केस में सबूतों की कमी के कारण, यह अदालत (सूरज पंचोली) को दोषी नहीं ठहरा सकती, इसलिए बरी किया जाता है। जिया खान की खुशकुशी मामले में साल 2019 में मुकदमा शुरू हुआ और 20 अप्रैल 2023 को सुनवाई पूरी हो गई।

सूरज पंचोली को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप से बरी होने पर जिया खान की मां राबिया खान बोली आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले पर फैसला आया लेकिन सवाल अभी भी है कि मेरी बेटी की मौत कैसे हुई? मैंने शुरू से कहा है कि यह हत्या का मामला है। मैं हाई कोर्ट जाऊंगी

3 जून, 2013 की आधी रात को 25 वर्षीय जिया खान पॉश जुहू इलाके में सागर संगीत बिल्डिंग में अपने फ्लैट में लटकी पाई गई थी।कहा जाता है कि जिया आदित्य पंचोली और जरीना वहाब के बेटे सूरज के साथ रिश्ते में थीं।जिया ने एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें सूरज पंचोली का नाम शामिल था। उस वक्त एक्टर सूरज पंचोली बॉलीवुड में पैर जमाने की कोशिश कर रहे थे।मामले के एक हफ्ते बाद सूरज पर आईपीसी की धारा 306 के तहत कथित तौर पर जिया को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया।

इसके बाद, जिया की मां राबिया खान द्वारा बार-बार दी गई दलीलों और 3 जुलाई, 2014 को बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। अपने नोट में, जिया ने कथित तौर पर सूरज के साथ अंतरंग संबंधों के साथ-साथ कथित शारीरिक शोषण, मानसिक और शारीरिक यातना के बारे में बात की थी।

मामले में अभियोजन पक्ष ने जिया की मां राबिया सहित 22 गवाहों के बयान दर्ज किए थे, जबकि वकील प्रशांत पाटिल सूरज के लिए पेश हुए थे।

 

 

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नक्सली हिंसा में कब तक शहीद होंगे जवान ?

 (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पाकिस्तान परस्त आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ हम लंबी लड़ाई लड़ रहे हैं। अब तक हमने काफी कुछ खोया है। लेकिन अभी यह जंग जीतना काफी मुश्किल है। हम आंकड़ों के ग्राफ में ऐसी हिंसा की समीक्षा करते हैं। यह हमारे लिए मुनासीब नहीं है। आतंकी और नक्सल हमले कम पिछली सरकारों से कम हुए हैं या अधिक यह सोचने के बजाय समस्या को समूल नष्ट करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। दोनों ही स्थितियों में हमारे निर्दोष जवान मारे जा रहे हैं। हमारी सेना हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है। तकनीकी विकास के बावजूद भी हम लगातार सैनिकों को खोते जा रहे हैं। शहीद होने वाले जवानों की तादाद कम कम है या ज्यादा यह ख़ास नहीं। महत्वपूर्ण यह है कि  आतंकी और नक्सली मुठभेड़ के दौरान हम कम से कम जोखिम उठाएं। ऐसे हालात में कहीं ना कहीं से हमारी आंतरिक सुरक्षा से संबंधित खुफिया तंत्र भी विफल होता दिखता है। क्योंकि ऐसे हमलों की वह समय पर सही और सटीक सूचना उपलब्ध नहीं करा पाता है या कराता है तो उस पर अमल नहीं होता है।


पुलवामा हमले के बाद भी नक्सली और आतंकी हमले में हमारे जवानों की शहादत जारी है। यह हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती है। तकलीफ इस बात की होती है कि हमारे जवान युद्ध के बजाय आतंकी और नक्सली साजिश का शिकार बन शहीद होते हैं। हमें अपनी सेना और जवानों पर गर्व है। राष्ट्रीय सुरक्षा में हमारा जवान प्राणों की आहुति दे देता है। एक सप्ताह पूर्व जम्मू-कश्मीर के पुंछ में आतंकी हमले में पांच जवान शहीद हो गए थे। उस घटना से सात दिन बाद भी हमने सबक नहीं लिया और छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में हमारे 11 जवान शहीद हो गए।

कश्मीर में जहां जवानों की गाड़ी पर ग्रेनेड से हमला किया गया था वहीं दंतेवाड़ा में जवान नक्सली ऑपरेशन से वापस लौट रहे थे जब आईईडी ब्लास्ट में मारे गए। दोनों घटनाओं से जहां देश और सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा है वहीं शहीद परिजनों के सपने टूट गए हैं। उनकी नींद उचट गई। मां-बाप पत्नी और बच्चों के भविष्य पर सवाल खड़ा हो गया है कि जिंदगी कैसे चलेगी। क्योंकि ऐसी घटनाओं से परिवार टूट जाता है। जिस बेटे के कंधो पर परिवार के सपने पलते हों जब वहीं अलबिदा कह जाय तो क्या होगा।

सरकार और रक्षा मंत्रालय को सैन्य सेवा करते हुए शहीद होने वाले जवानों के लिए एक अलग से विशेष प्रकार का मंत्रालय और आयोग गठित करना चाहिए। शहीद सैन्य परिवारों को अधिक से अधिक आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। उनकी धर्मपत्नी भाई या खून के रिश्ते में आने वाले लोगों को लम्बी कानूनी प्रक्रिया के बगैर सरकारी नौकरी में रखा जाना चाहिए। पीड़ित परिवारों के लिए भरपूर आर्थिक सहायता के साथ-साथ दूसरी सरकारी सहायता भी मिलनी चाहिए। सेना के जवान का वेतन उस दौरान तक जारी रखना चाहिए जब तक उसके परिवार के लिए मुक़म्मल व्यवस्था नहीं हो जाती। शहीद परिजनों को गैस एजेंसी और पेट्रोल पंप जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए। शहीद होने वाले हर जवान को सेना का विशिष्ट सेवा पदक मिलना चाहिए।

सरकारी खर्च पर शहीद होने वाले जवान के गांव में भव्य स्मारक बनना चाहिए। ऐसे जवान के नाम पर सड़कें, स्कूल कॉलेज या सरकारी संस्थाओं के नाम होने चाहिए। सेना के जवानों की शहादत पर सरकार को खुलकर आगे आना चाहिए। हालांकि सरकार की तरफ से इस तरह की काफी सुविधाएं उपलब्ध करायी जाती हैं। लेकिन इन कार्यों में इतना विलंब होता है कि पीड़ित परिवार टूट और बिखर जाता है। क्योंकि पूरी प्रक्रिया बेहद लंबी और उबाऊ होती है। इस तरह की खबरें मीडिया में सुर्खियां बनती हैं। ऐसी स्थिति में एक स्वतंत्र मंत्रालय या सेना आयोग पूरी तरह ऐसी घटनाओं के लिए समर्पित होना चाहिए। पीड़ित जवान के परिवार की ए-टूजे मानिटरिंग होनी चाहिए।

हमारे देश में आम तौर पर राजनीतिक बयानबाजी मीडिया की सुर्खियां बनती है। अपराधियों का महिमामंडन किया जाता है। दुर्दांत अपराधी सांसद और विधायक बन जाते हैं। आम लोगों की जमीन हड़प कर भू-माफिया का काम करते हैं। राजनीति में आने के बाद बेशुमार दौलत बना ली जाती है। अपराधी, गुंडों और माफियाओं पर टीवी चैनल 24 घंटे लाइव रिपोर्टिंग करते हैं। यहां तक कि बेशर्म मीडिया अपराधी की तरफ से किए जा रहे है मूत्र विसर्जन को भी लाइव रिपोर्टिंग का हिस्सा बना दिया जाता है। राजनेताओं के अनाप-शनाप बयानबाजी पर लाइव डिबेट आयोजित होती है। लेकिन सेना के जवानों की शहादत पर 24 घंटे लाइव रिपोर्टिंग क्यों नहीं होती। ऐसी दुखद घटनाओं पर डिबेट क्यों नहीं आयोजित की जाती। जबकि इस तरह की शहादत से बढ़कर कोई घटना नहीं हो सकती। यह हमारे लिए बेहद शर्म की बात है।

छत्तीसगढ़ में पिछले 5 साल के दौरान नक्सली हिंसा में 175 जवान शहीद हो चुके हैं। हालांकि इस दौरान जवानों की तरफ से सर्च ऑपरेशन और मुठभेड़ में 328 नक्सली भी मारे गए हैं। लेकिन नक्सली हिंसा में 345 आमनागरिकों को भी जान गवानी पड़ी है। लोकसभा में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय की तरफ से दिए गए एक जवाब में बताया गया था कि छत्तीसगढ़ में साल 2018 से फरवरी 2023  तक इतनी जवानों के साथ आम आदमी को भी अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। जबकि आतंक प्रभावित जम्मू-कश्मीर में पुलवामा हमले के बाद 1067 आतंकी हमले में 182 जवान शहीद हुए। जबकि 729 आतंकवादी मार गिराए गए।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से घटना के संबंध में जानकारी ली है। दोनों नेताओं ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने अपना कर्नाटक दौरा रद्द कर दिया है। लेकिन ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सरकार और सेना को ठोस नीति बनाने की जरूरत है। आतंकी और नक्सली हमले में सेना के जवानों की शहादत हर हाल में रुकनी चाहिए। सेना हमारे देश अहम है। आतंकी और नक्सली हिंसा में सेना की शहादत चिंता का विषय है। ऐसी हिंसा का आखिर खात्मा कब होगा। देश कब तक ऐसी हिंसा को झेलता रहेगा।

 

 

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सरकार की गरीब कल्‍याण योजनाओं से देश में क्रांति आई : प्रधानमंत्री

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि सरकार देश में गरीबों के उत्थान के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि गरीबों के हित में सरकार की योजनाओं से देश में क्रांति आई है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार देश में गरीबों को सुरक्षा और सम्मान दिलाने के लिए काम कर रही है।

उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि पिछले नौ वर्षों में गरीब, वंचित, मध्यम वर्ग सहित समाज के हर वर्ग ने अपने जीवन में स्पष्ट रूप से परिवर्तन देखा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को समाज के ऊपर बोझ समझा  जाता था, वे अब विकास को गति प्रदान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज वे देश के विकास के लिए मिशन के तरीके और दृष्टिकोण से काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि देश में बदलाव जमीन पर दिख रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे समय में जब विश्व की विशालतम अर्थव्यवस्थाएं डांवाडोल थी तब भारत संकट से बाहर आया और तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में 60 वर्ष लग गये और उसके बाद 2014 तक देश दो ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बना जबकि केवल नौ वर्षों में यह तीन दशमलव पांच ट्रिलियन डॉलर के स्तर तक पहुंच गया है। 

 

 

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बद्रीनाथ धाम के कपाट खुले,अभी तक तीनों धामों में 95,617 श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन

उत्तरकाशी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू हो चुकी है। गुरुवार को बदरीनाथ धाम के कपाट भी खुल गए। यमुनोत्री, गंगोत्री के कपाट 22 अप्रैल को और केदारनाथ के कपाट 25 अप्रैल को खुल गए थे। अभी तक तीनों धामों में 95,617 यात्री पहुंच चुके हैं। केदारनाथ में मात्र 2 दिन में 31,827 यात्री बाबा के दर्शन कर चुके हैं। यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में 63,790 श्रद्धालु मत्था टेक चुके हैं। अभी तक 31,647 यात्री यमुनोत्री धाम पहुंच चुके हैं। जिसमें 16765 पुरुष, 14179 महिलाएं और 703 बच्चे शामिल हैं।

गंगोत्री धाम में 32,143 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। जिसमें 17,523 पुरुष, 13,705 महिलाएं और 915 बच्चे शामिल हैं। मौसम की बात करें तो गंगोत्री धाम क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी हो रही है। उधर, यमुनोत्री धाम क्षेत्र के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो रही है। केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल को खुलने के बाद 13,492 यात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन किए। जिसमें 8612 पुरुष, 4697 महिलाएं और 182 बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा एक विदेशी नागरिक भी बाबा के द्वार पहुंचा। अभी तक 31,827 यात्री बाबा के दर्शन कर चुके हैं।

 

 

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पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल का निधन, दो दिन का राष्ट्रीय शोक

दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल का मंगलवार रात को 95 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें सांस लेने में तकलीफ के बाद 16 अप्रैल को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 25 अप्रैल को रात 7.42 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

बादल देश की राजनीति के सबसे बुजुर्ग नेता थे। उनके निधन पर केंद्र सरकार ने दो दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित कर दिया है, जिसमें दो दिन पूरे देश में लगा ध्वज आधा झुका दिया जाएगा। वहीं सभी आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। पंजाब में कल गुरुवार को सरकारी छुट्‌टी की घोषणा कर दी गई है।

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर करीब 12 बजे चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं। वे यहां पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल को श्रद्धांजलि देंगे। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए शिरोमणि अकाली दल के चंडीगढ़ स्थित कार्यालय में रखा जाएगा।

परिवार मोहाली के फोर्टिस अस्पताल से उनके पार्थिव शरीर को लेकर पार्टी कार्यालय के लिए रवाना हो गया है। दोपहर 12 बजे के बाद चंडीगढ़ से बठिंडा के लिए शव यात्रा निकाली जाएगी। वहीं कल यानी गुरुवार को उनका संस्कार पैतृक गांव बादल में दोपहर 1 बजे किया जाएगा।

यहां बठिंडा-बादल रोड पर किन्नुओं के बाग में 2 एकड़ में जगह खाली की जा रही है। गांव के श्मशान घाट में जगह कम होने के कारण उनका अंतिम संस्कार खेत में किया जाएगा। पूर्व सीएम के देहांत की सूचना के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर मोहाली स्थित अस्पताल पहुंचे।

उनके अलावा भाजपा नेता सुनील जाखड़ भी देर रात फोर्टिस अस्पताल पहुंचे और अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर बादल से मुलाकात की।

सियासी तौर पर उनका रसूख इस कदर था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनके पैर छूते थे। उन्होंने 75 साल का सफल राजनीतिक जीवन जिया। इस दौरान वह 5 बार पंजाब के मुख्यमंत्री बने। उन्होंने लगातार 11 चुनाव जीते।

पिछले साल वह अपनी सीट लंबी से चुनाव हार गए थे। उसके बाद वह सियासी तौर पर ज्यादा सक्रिय नहीं रहे। केंद्र सरकार के कृषि सुधार कानूनों का विरोध हुआ तो शिरोमणि अकाली दल ने भाजपा से गठबंधन तोड़ लिया था। इसके बाद प्रकाश सिंह बादल ने अपना पद्म विभूषण तक लौटा दिया था।

20 साल की उम्र में सरपंच बनने के बाद प्रकाश सिंह बादल करीब 75 साल तक राजनीतिक जीवन में हमेशा राजनीति के केंद्र में रहे। पंजाब राज्य की राजनीति का उन्हें बाबा बोहड़ कहा गया, वहीं केंद्र में भी उनकी दहाड़ हमेशा ऊंची रही। जनसंघ व भाजपा की तरफ झुकी राजनीति के प्रमुख चेहरों में शुमार रहे। भाजपा ने भी उन्हें कभी नजरअंदाज नहीं किया।

इसके बावजूद वे केंद्र की राजनीति में वे अधिक समय नहीं ठहरे। मार्च 1977 में केंद्र में मोरारजी देसाई की जनता पार्टी की सरकार बनी तो प्रकाश सिंह बादल उसमें केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री बनाए गए। कुछ समय बाद लोकसभा में भी चुने गए, लेकिन केंद्र की राजनीति उन्हें पसंद नहीं आई। कुछ महीनों के बाद ही केंद्रीय मंत्री का पद छोड़ दिया। उसके बाद वह पंजाब की राजनीति से बाहर नहीं निकले।

 

 

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गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने की जागरूकता मिशन शी की शुरुआत

मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बेहतर स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए अध्यात्म की महत्ता के बारे में लोगों को जागरूक करने की दिशा में शी (स्प्रिचुअलिटी फ़ॉर हेल्थ एंड एनवायरनमेंट) द्वारा लाइफ यात्रा मुम्बई कॉन्क्लेव का सफल आयोजन किया गया। यशवंतराव चव्हाण सेंटर, मुंबई में लाइफ यात्रा समागम के रूप में इस अनोखे कॉन्सेप्ट का अनावरण किया गया। जहां मुख्य अतिथि के रूप में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत उपस्थित थे। शी किशोर कुमार मोहता (संस्कार टीवी चैनल और भक्ति सागर चैनल के संस्थापक) और आईएचडब्ल्यू काउंसिल के सीईओ कमल नारायण द्वारा शुरू की गई पहल है। इस खास मौके पर  कार्यक्रम में शामिल होने वाले अन्य गणमान्य व्यक्ति थे बी के करुणा भाई, ट्रस्टी, ब्रह्मा कुमारिस, बी वी जी ग्रुप के चेयरमैन और एमडी हनमंतराव गायकवाड़, डॉ संजय महेश्वरी, डॉ हेमा, फ़िल्म अभिनेत्री मधु, होम्योपैथ डॉ. आशर शेख, किरण चव्हाण ,डॉ हेमा दिवाकर और कुनिका सदानंद सहित तमाम लोग मौजूद थे।

गुजरात के गवर्नर सहित सभी मेहमानों ने दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम की शुरुआत की। कमल नारायण व किशोर मोहता ने गवर्नर आचार्य देवव्रत को सम्मानित किया। उसके बाद माननीय राज्यपाल, कमल नारायण व किशोर मोहता ने फ़िल्म ऎक्ट्रेस मधु सहित कई खास हस्तियों को सम्मानित किया।

गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने बताया कि मुझे जब इस कार्यक्रम के लिए बुलाया गया तो मैंने इस इवेंट के मिशन को जाना और मैंने तत्काल यहां आने की अनुमति दे दी। किशोर कुमार मोहता जी एक ऐसे व्यक्तित्व हैं जो बोलते कम हैं करते ज्यादा हैं। इन्होंने स्वास्थ्य, पर्यावरण, भारतीय सभ्यता संस्कृति और अध्यात्म पर फोकस करके बेहतर समाज का निर्माण करने वाले एक मिशन की शुरुआत की है। आज सुख, शांति, आनंद, संतोष कम होता जा रहा है। झूठ, फरेब, बेईमानी, अशांति, दुराचार, भ्र्ष्टाचार, बेइंसाफी, खून खराबा बढ़ता जा रहा है। लोग आज घर का खाना न खाकर होटलों का खाना खा रहे हैं, जो हफ़्तों पहले से फ्रिज में रखे होते हैं, खेतों में ज़हर डाला जा रहा है, हम जब ऐसे खाने खाएंगे तो बीमार पड़ेंगे। जब हम अपने खेत, पानी, खाने को प्राकृतिक रखेंगे तभी बेहतर सेहत पाएंगे, मैंने लाखो किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा है। शी बहुत ही बेहतर पहल है।

बी वी जी ग्रुप के चेयरमैन और एमडी हनमंतराव गायकवाड ने कहा कि शी एक अलग तरीके का काम है जो किशोर मोहता और कमल नारायण ने शुरू किया है। बी वी जी इसमे काफी एक्टिव सपोर्ट दे रहा है। दवा मुक्त जीवन और प्रिवेंटिव हेल्थ केयर के क्षेत्र में हमें काम करने की जरूरत है। आज किडनी फेलियर सहित कई प्रकार की बीमारियां लोगों में बढ़ गई हैं। बी वी जी पिछले कई वर्षों से आयुर्वेद के क्षेत्र में इन  बीमारियों से मुक्ति के लिए काफी रिसर्च का काम कर रही है। हर्बल दवाओं से कैंसर जैसी बीमारियों का इलाज संभव है। पुणे में हमारा वेलनेस सेंटर है, वहां के हेल्पलाइन नंबर 9090772424 पर फोन करके रोगी हर प्रकार की जानकारी पा सकते हैं। लिवर ट्रांसप्लांट, किडनी फेलियर, कैंसर जैसी घातक बीमारियों की हमारे पास प्रभावी दवाएं हैं जो काफी शोध करके बनाई गई हैं।  

आईएच डब्लू के सीईओ कमल नारायण ने कहा कि आज तरह तरह की बीमारियों और पर्यावरण प्रदूषण को लेकर हर कोई परेशान है। पर्यावरण से हमारा स्वास्थ्य जुड़ा हुआ है। लोगों को सेहत, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए एक अनोखा प्रोग्राम शी लांच किया गया है जिसमें अध्यात्म के द्वारा सेहत की देखभाल पर जोर दिया जा रहा है। अगर हम स्प्रिचुअलिटी के माध्यम से अपने स्वास्थ्य और पर्यावरण को बेहतर करने का प्रयास करेंगे तो एक श्रेष्ठ समाज और बेहतर जीवनशैली विकसित कर सकेंगे।

किशोर मोहता ने कहा कि आध्यात्मिकता, स्वास्थ्य और पर्यावरण के बीच आवश्यक संतुलन के बारे में लोगों के बीच जागरूकता के मिशन के साथ एक ऐतिहासिक पहल शी एलायंस की शुरुआत की गई है। एसएचई  अभियान के हिस्से के रूप में हमने 'एसएचई-एलायंस' की स्थापना की है। अध्यात्म भारतीय संस्कृति के मूल में है और स्वस्थ जीवन शैली और स्वस्थ शरीर और मन का संदेश हमारे धार्मिक और पौराणिक ग्रंथों में निहित है। शरीर को स्वस्थ रखना मनुष्य का पहला फर्ज बताया गया है।

फूल और कांटे फेम एक्ट्रेस मधु ने कहा कि शी स्प्रिचुअलिटी, हेल्थ और एनवायरनमेंट से जुड़ी हुई पहल है जो आज के समाज का सबसे महत्वपूर्ण और जरूरी विषय है। मुझे खुशी हुई इस मिशन में शामिल होकर और मैं इसके सभी आयोजकों को ढेर सारी शुभकामनाएं और बधाई देती हूं।

डॉ संजय महेश्वरी ने बताया कि शी की यह पहल विज्ञान और अध्यात्म के एक साथ काम करने के तरीके पर ज़ोर देगी। ' डॉ अशर शेख ने कहा कि होमियोपैथी में कई जटिल बीमारियों का इलाज संभव है, हमें सेहत के प्रति जागरूक होना होगा। आपका शरीर ही आपको बताता है कि आप किसी रोग के शिकार हुए हैं। हमें इलाज से बेहतर सावधानी और एहतियात पर अमल करना होगा।

 

 

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नदी में मिला अज्ञात शव, क्षेत्र में सनसनी

सागर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले में बंडा बहरोल थाना अंतर्गत उल्दन के पास धसान नदी में बोरे में बंद एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला है। शव मिलने पर क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है।

जानकारी अनुसार ग्राम का कोटवार नदी की ओर गया था। जहां उसे नदी में डूबा एक बोरा दिखाई दिया। उसकी स्थिति संदेहस्पद होने के कारण तत्काल ही इसकी सूचना बहरोल थाना पुलिस को दी।

मौके पर थाना प्रभारी कविता द्विवेदी पुलिस बल के साथ पहुंची और बोरे को बाहर निकलवाया। जिसके अंदर किसी व्यक्ति का शव था। पानी में डूबी होने के कारण शव फूल चुका था।

पुलिस ने अपने स्तर पर मृतक की पहचान कराने का प्रयास किया। लेकिन मृतक जानकारी नहीं मिलने पर कार्रवाई के बाद पुलिस शव की शिनाख्त करने में लगी है।

 

 

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देश में अनूठा होगा अंबाला छावनी में बन रहा शहीद स्मारक

चंडीगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अंबाला छावनी में बनाया जा रहा शहीद स्मारक देश मेें अपनी तरह का अनूठा स्मारक होगा। इसमें स्वतंत्रता आंदोलन में हरियाणावासियों के योगदान को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा। ताकि शहीदों के जीवन और उनकी वीरता से युवा प्रेरणा ले सकें।

इस स्मारक में तकनीक और इतिहास का अनूठा संगम होगा। शहीद स्मारक का निर्माण अंतिम चरण में हैं। इसमें इतिहास की जानकारियों को रोचक ढंग से प्रदर्शित करने के लिए दिल्ली के हरियाणा भवन में आज इतिहासकारों के साथ बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव और सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ अमित अग्रवाल ने की।

बैठक में बताया गया कि इस शहीद स्मारक में बने प्रत्येक कक्ष में इतिहास से जुड़ी कौन सी सामग्री किस दीवार पर कितने आकार में प्रदर्शित की जानी है, इसको लेकर स्मारक की विस्तृत प्लान अगले 15 दिन में तैयार करके समिति के सभी सदस्यों के साथ सांझा की जाएगी। उस पर उनके सुझाव मांगे जाएंगें। सभी के सुझाव प्राप्त होने के बाद इस बारे में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

डॉ अमित अग्रवाल ने कहा कि इस स्मारक में फोटोयुक्त पैनल लगाने के अलावा, लाईट एण्ड सांऊड की मदद से इतिहास पूर्व समय से आज के आधुनिक हरियाणा की गौरव यात्रा को प्रदर्शित करने का प्रयास किया जाएगा। इसमें 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आईएनए का आजादी की लड़ाई में योगदान और उस दौरान हरियाणावासियों ने तत्कालीन अंग्रेज सरकार का किस प्रकार से यातनाएं सही, इन सबका संक्षिप्त वर्णन के साथ सचित्र प्रदर्शन होगा।

 

 

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मोदी ने देश की पहली वाटर मेट्रो और डिजिटल साइंस पार्क का किया शिलान्यास

तिरुवनंतपुरम (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरुवनंतपुरम में डिजिटल साइंस पार्क की आधारशिला रखी और कोच्चि वाटर मेट्रो एवं विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरुवनंतपुरम रेलवे स्टेशन से वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केरल बहुत ही जागरूक, समझदार और शिक्षित लोगों का प्रदेश है। यहां के लोगों का सामर्थ्य, विनम्रता, परिश्रम उनकी एक विशिष्ट पहचान बनाता है। आप सभी देश-विदेश की परिस्थितियों से भी भली भांति परिचित रहते हैं। हमारी सरकार सहकारी संघवाद पर बल देती है, राज्यों के विकास को देश के विकास का सूत्र मानती है। केरल का विकास होगा तो भारत का विकास और तेज होगा। हम इस सेवा भावना के साथ काम कर रहे हैं।

मोदी ने कहा अभी तक जितनी भी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चली हैं उनकी एक विशेषता यह भी है कि वो हमारे सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और पर्यटन स्थलों को भी जोड़ रही है। केरल की पहली वंदे भारत ट्रेन भी नॉर्थ केरल को साउथ केरल से जोड़ेगी। आधुनिक सुविधाओं से लेस यह ट्रेन पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना तेज गति से यात्रा का शानदार अनुभव देगी।

इस अवसर पर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा जब हमने रेलवे स्टेशन के विकास की शुरुआत की थी तो हमने सोचा था कि हम आधुनिक तरह के भवन बनाएं लेकिन PM मोदी ने कहा कि आज आप जो भी डिजाइन करेंगे वह अगले 50 वर्षों के लिए लोगों की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होना चाहिए। यह रेलवे और केरल के लिए PM मोदी का विजन है।

 

 

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योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी, जांच में जुटी एटीएस

लखनऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद यूपी में अलर्ट है। एफआईआर दर्ज कर यूपी एटीएस (आतंकवाद निरोधक दस्ता) को जांच सौंपी गई है।

व्हाट्सऐप मैसेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर दी गई है। पता चला है कि रेहान नामक शख्स ने यह धमकी दी है। अब रेहान का पता लगाया जा रहा है।

अब तक की जानकारी के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ को एक कॉल पर जान से मारने की धमकी मिली है।

कॉल टोल फ्री नंबर 112 पर किया गया था। फोन करने वाले ने कॉल के अलावा यूपी पुलिस के सोशल मीडिया डेस्क पर भी मैसेज किया। फोन करने वाले के डीपी के पास अल्लाह शब्द वाली एक तस्वीर थी।

राज्य पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी में कहा गया है, 'योगी सीएम को मार दूंगा जल्द ही'।

बता दें, 112 आपातकालीन स्थिति में पुलिस को फोन करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किया गया टोल-फ्री नंबर है।

यूं तो यूपी के सीएम हमेशा चर्चाओं में रहते हैं, लेकिन माफियाओं के खिलाफ उनका सख्त रवैया देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अतीक अहमद के मामले में योगी ने यूपी विधानसभा में कहा था कि इस माफिया को मिट्टी में मिले देंगे।

 

 

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यमुनोत्री धाम में लगातार दूसरे दिन हुई श्रद्धालु की मौत, अब तक 2 की गई जान

यमुनोत्री (छत्तीसगढ़ दर्पण)। चारधाम यात्रा 2023 में लगातार दूसरे दिन एक और श्रद्धालु की मौत हो गई है। इससे पहले यात्रा के पहले दिन यानी 22 अप्रैल को भी गुजरात के एक यात्री की मौत हो गई थी। दोनों तीर्थ यात्रियों की जान हार्ट अटैक से गई है। उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2023 के शुरूआती पहले दो दिन ही दो तीर्थ यात्रियों की मौत हो गई है। चिंता की बात है कि, पिछले दो दिनों में दो तीर्थ यात्री की मौत हार्ट अटैक से हुई है। ऐसे में अब उत्तराखंड चारधाम यात्रा पर जाने वाले तीर्थ यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा पर जाने से पहले अपने स्वास्थ्य की पूरी जांच कराएं।

गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट 22 अप्रैल को खुले थे। बदरीनाथ धाम के कपाट 27 अप्रैल, जबकि केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल को खुलेंगे। यमुनोत्री मन्दिर में दर्शन कर लौटते समय खरशाली शिव शक्ति पाकिर्ंग में दिनेश पारिदार (40) की तबियत बिगड़ गयी थी। तीर्थ यात्री की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसको 108 एंबुलेंस की मदद से सीएचसी बड़कोट ले गए। लेकिन, डॉक्टरों ने तीर्थ यात्री को मृत घोषित कर दिया।

इससे पहले यमुनोत्री धाम की यात्रा के पहले दिन भैरव मंदिर के पास 60 वर्षीय गुजरात निवासी कनक सिंह की हार्ट अटैक से मौत हो गयी। पिछले दो दिनों में यमुनोत्री धाम में कुल दो यात्री की मौत हो चुकी है।

 

 

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कोलकाता में ममता से, लखनऊ में अखिलेश से मिलेंगे नीतीश

पटना  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देश के विपक्षी दलों को एकजुट करने के अपने प्रयास को आगे बढ़ाते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को पश्चिम बंगाल की अपनी समकक्ष ममता बनर्जी और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात करने जा रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि नीतीश कुमार दोपहर में विशेष विमान से कोलकाता जाएंगे और ममता बनर्जी से मुलाकात करेंगे। वह उन बिंदुओं पर चर्चा करेंगे, जिन पर विपक्षी दल 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं।

उम्मीद है कि वह कोलकाता में तीन से चार घंटे रुकेंगे, जिसमें पश्चिम बंगाल के अपने समकक्ष के साथ डेढ़ या दो घंटे की बैठक भी शामिल है। हालांकि, ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने पहले नीतीश-ममता की बैठक को 25 अप्रैल के लिए निर्धारित किया था। तृणमूल के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि नीतीश कुमार मंगलवार सुबह कोलकाता आने वाले हैं और उसी शाम दक्षिणी कोलकाता में ममता के कालीघाट स्थित आवास पर उनसे मुलाकात करेंगे।

पश्चिम बंगाल कैबिनेट के एक सदस्य ने कहा कि बैठक में 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा के खिलाफ विपक्षी ताकतों की एकता पर ध्यान केंद्रित की जाएगी। पिछले कुछ महीनों में ममता बनर्जी ने 2024 के चुनावों में भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकता के मुद्दे पर कई गैर-भाजपा और गैर-कांग्रेसी नेताओं के साथ कई बैठकें की हैं। पिछले महीने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कालीघाट जाकर उनसे मुलाकात की थी।

बैठक में दोनों नेताओं ने कांग्रेस के साथ दूरी बनाए रखने और 2024 के चुनावों में भाजपा के खिलाफ क्षेत्रीय ताकतों की एकता पर ध्यान केंद्रित करने पर सहमति जताई थी।

 

 

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