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डाइटिंग का मतलब भूखा रहना नहीं... डाइट को बैलेंस करना है

 डाइटिंग करते समय लोग कम से कम खाना खाने की कोशिश करते हैं, जो आगे चलकर पेट दर्द या गैस की समस्या पैदा कर सकती है।

तनाव महसूस करना-

डाइटिंग का मतलब भूखा रहना नहीं बल्की डाइट को बैलेंस करना होता है। भोजन कम करने से शरीर को पोषक तत्व अच्छे से नहीं मलि पाते और व्यक्ति का स्वभाव चडि़चडि़ा हो जाता है। अगर आप भी डाइटिंग के दौरान चिड़चिड़ापन या तनाव महसूस कर रहे हैं तो डाइटिंग बंद करके अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

भूख अधिक लगना-

डाइटिंग शुरू करने के बाद अगर आपको भूख न लगने की समस्या पैदा हो जाए तो अपनी डाइटिंग को कुछ समय  बंद कर दें।

अनियमित पीरियड-

डाइटिंग के दौरान शरीर का मेटाबॉलिज्म कम होने की वजह से शरीर में हार्मोन बदलने लगते हैं। जो महलिाओं में अनयिमति पीरियड्स का कारण बन सकता है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत अपनी डाइटिंग बंद कर दें।  

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300 करोड़ के पार पंहुचा कल्कि 2898 एडी

  दूसरे दिन फिल्म की कमाई में लगभग 40 फीसदी की कमी नजर आई। फिल्म ने शुक्रवार को 57.6 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। हालांकि, शनिवार को फिल्म ने एक बार रफ्तार पकड़ ली और 64.5 करोड़ की शानदार कमाई कर डाली।

ताजा आंकड़ों की माने तो फिल्म ने चौथे दिन और भी ज्यादा धांसू कलेक्शन किया है। रविवार को फिल्म ने 85 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। इसके साथ ही फिल्म की कुल कमाई 302.4 करोड़ रुपये हो गई है।  कार्तिक आर्यन अभिनीत फिल्म चंदू चैंपियन लोगों के दिलों में जगह बनाने में कामयाब रही है, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चल सकी है।

कल्कि 2898 एडी के आने से फिल्म की रफ्तार काफी धीमी हो चली है। 17वें दिन इस फिल्म ने एक करोड़ 65 लाख रुपये का कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म की कुल कमाई 58.85  करोड़ रुपये हो गई है। मुंजा ने टिकट खिड़की पर शानदार प्रदर्शन किया है।

बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म हिट की श्रेणी में आ चुकी है। शरवरी वाघ और अभय वर्मा अभिनीत फिल्म की कहानी दर्शकों को लुभाने में कामयाब रही है। 24वें दिन फिल्म ने एक करोड़ 90 लाख रुपये का कलेक्शन किया है। इसके साथ ही फिल्म की कुल कमाई अब 94.8 करोड़ रुपये हो गई है।

 
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तेलुगु स्टार सुधीर बाबू करेंगे आगामी अलौकिक थ्रिलर फिल्म में अभिनय

 प्रसिद्ध तेलुगु स्टार, जिन्हें नवा धलापति के नाम से भी जाना जाता है, सुधीर बाबू एक आगामी अलौकिक थ्रिलर फिल्म का नेतृत्व करेंगे। यह पैन-इंडिया फिल्म अपने अद्वितीय दृश्य प्रभावों और जीवन से भी बड़ी होने का वादा करने वाली कहानी के साथ नई जमीन तोड़ने के लिए तैयार है।

नवोदित वेंकट कल्याण द्वारा निर्देशित यह फिल्म एक असाधारण सिनेमाई अनुभव प्रदान करेगी। 14 जून, 2024 को प्रीमियर हुई अपनी नवीनतम नाटकीय रिलीज़ "हरोम हारा" की सफलता से ताज़ा, सुधीर बाबू को इसके गहन एक्शन दृश्यों और आकर्षक कथा के लिए व्यापक रूप से प्रशंसा मिली है।

यह महत्वाकांक्षी फिल्म 'प्रेरणा अरोड़ा' द्वारा प्रस्तुत की जाएगी, जिन्होंने एक प्रमुख स्टूडियो के साथ "रुस्तम," "टॉयलेट: एक प्रेम कथा," "पैडमैन" और "परी" जैसी ब्लॉकबस्टर और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्में दी हैं। . निर्माता बॉलीवुड से एक प्रमुख नायिका की घोषणा करने की कगार पर हैं जो इस स्टार कास्ट में शामिल होगी। यह फिल्म मार्च 2025 में शिवरात्रि के आसपास रिलीज होगी। यह परियोजना सबसे बड़ी पैन-इंडिया रिलीज होगी, जो भारतीय सिनेमा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। इसमें अच्छी और बुरी ऊर्जाओं के बीच एक महाकाव्य युद्ध को दर्शाया जाएगा, जो कहानी में गहराई और साज़िश जोड़ देगा।

सुधीर कहते हैं, “मैं एक साल से इस रास्ते पर यात्रा कर रहा हूं, इस स्क्रिप्ट और शैली में गहराई से उतर रहा हूं, और मैं इस यात्रा को अपने दर्शकों के साथ साझा करने के लिए इंतजार नहीं कर सकता। प्रेरणा अरोड़ा, हमारी समर्पित टीम और मैं विश्व स्तरीय सिनेमाई अनुभव प्रदान करने के लिए अपना दिल लगा रहे हैं। हम एक ऐसी कहानी लाने के लिए उत्साहित हैं जो वास्तव में प्रासंगिक है, और हमें उम्मीद है कि यह देखने वाले सभी लोगों पर स्थायी प्रभाव छोड़ेगी।"

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अक्षय कुमार को देखिए बहादुर जसवंत सिंह गिल के रोल में...

 साहस और जज़्बे की एक अनोखी कहानी लेकर आ रहा है एंड पिक्चर्स, शुक्रवार 5 जुलाई रात 8 बजे। इस दिन चैनल पर फिल्म ‘मिशन रानीगंज’ का प्रीमियर होगा, जिसमें अक्षय कुमार ने बहादुर जसवंत सिंह गिल का किरदार निभाया है। यह फिल्म 1989 के असली बचाव मिशन पर आधारित है और दिवंगत जसवंत सिंह गिल को श्रद्धांजलि देती है, जिन्होंने बाढ़ में डूबी एक कोयला खदान में फंसे 65 खनिकों की जान बचाई थी।


कहानी और रोमांच
‘मिशन रानीगंज’ एक ऐसा रोमांचक ड्रामा है जो आपको पूरे समय अपनी सीट से बांधे रखेगी। यह फिल्म न केवल एक साहसी बचाव अभियान के तनाव भरे पलों को दर्शाती है, बल्कि खनिकों और उन्हें बचाने वाले लोगों के भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक संघर्षों को भी गहराई से उभारती है। अक्षय कुमार, जो इस फिल्म में जसवंत सिंह गिल की भूमिका में हैं, कहते हैं, “मिशन रानीगंज को भारत के घरों में लाते हुए मुझे वाकई बहुत खुशी हो रही है। यह फिल्म सिर्फ जज़्बातों से कहीं ज्यादा है। यह जान बचाने और रोमांचक ड्रामा का एक दमदार पंच है।”

अक्षय कुमार ने कहा, “इस फिल्म का हिस्सा बनकर मुझे एहसास हुआ कि कैसे इन कहानियों में लोगों को ऊपर उठाने, उन्हें प्रेरित करने और एक साथ लाने की काबिलियत है। ‘मिशन रानीगंज’ के साथ हमारा लक्ष्य उन सच्चे नायकों का सम्मान करना है जो हर कोने, हर पीढ़ी, हर युग में मौजूद हैं। मैं भारत के दर्शकों से गुजारिश करता हूं कि वे एंड पिक्चर्स पर ‘मिशन रानीगंज’ का प्रीमियर जरूर देखें और हिम्मत और उम्मीद से जुड़ जाएं।”

जसवंत सिंह गिल का अटूट हौसला
‘मिशन रानीगंज’ सिर्फ एक फिल्म से कहीं ज्यादा है। यह उस अटूट हौसले और उन गुमनाम नायकों को याद करती है जो लोगों की भलाई के लिए अपना सबकुछ दांव पर लगा देते हैं। जसवंत सिंह गिल के नेतृत्व में टीम का यह रोमांचक बचाव मिशन हमें उन हीरोइज्म की याद दिलाता है जो कहीं न कहीं हम सभी में छिपी है।

तो इस शुक्रवार 5 जुलाई को रात 8 बजे ‘मिशन रानीगंज’ का टेलीविजन प्रीमियर देखना न भूलें, सिर्फ एंड पिक्चर्स पर। इस फिल्म के साथ जुड़कर हिम्मत और उम्मीद की इस कहानी को अनुभव करें और अपने भीतर छुपे नायक को पहचानें।

 

 

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जरूरत से ज्यादा प्रोटीन सेहत पर पड़ सकता है भारी

 किसी भी चीज की अति सेहत पर बुरा असर डाल सकती है। आपको अपने शरीर की जरूरत के हिसाब से ही अपना डाइट प्लान बनाना चाहिए। प्रोटीन रिच डाइट लेना बेहद फायदेमंद माना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर आप जरूरत से ज्यादा प्रोटीन का सेवन कर लेंगे, तो आपकी ओवरऑल हेल्थ को कितने सारे नुकसान झेलने पड़ सकते हैं?

हार्ट से जुड़ी बीमारियों का खतरा

हाई प्रोटीन की वजह से आपको हार्ट से जुड़ी तमाम बीमारियों का शिकार बनना पड़ सकता है। प्रोटीन की अति आपकी हार्ट हेल्थ को बुरी तरह से डैमेज कर सकती है। इसलिए समय रहते आपको सही मात्रा में ही प्रोटीन का सेवन करना चाहिए।

पैदा हो सकती है कैल्शियम की कमी

ज्यादा प्रोटीन इनटेक बॉडी में कैल्शियम की कमी पैदा कर सकता है। कैल्शियम की कमी आपकी बोन हेल्थ पर बुरा असर डाल सकती है। यानी जरूरत से ज्यादा प्रोटीन इनटेक जोड़ों में दर्द जैसी समस्याओं का मुख्य कारण बन सकता है। अगर आप अपनी हड्डियों को कमजोर नहीं बनाना चाहते हैं तो सही मात्रा में ही प्रोटीन को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं।  इसके अलावा आपको जानकर हैरानी होगी कि ज्यादा प्रोटीन कंजम्पशन कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के खतरे को भी बढ़ा सकता है।

आमंत्रित करे किडनी से जुड़ी बीमारी

प्रोटीन का ज्यादा इनटेक किडनी से जुड़ी बीमारियों को भी आमंत्रित कर सकता है। आपको पथरी जैसी खतरनाक बीमारी से जूझना पड़ सकता है। क्या आप जानते हैं कि आपको एक दिन में कितना प्रोटीन कंज्यूम करना चाहिए? दरअसल, एक्सपर्ट्स के मुताबिक प्रोटीन इनटेक की सही मात्रा व्यक्ति के वजन के ऊपर निर्भर करती है। इसके अलावा उम्र और फिजिकल एक्टिविटी जैसे फैक्टर्स भी प्रोटीन इनटेक की मात्रा पर असर डाल सकते हैं।

 

 

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इस तरह सलाद खाने से वजन होगा कंट्रोल

 सलाद खाने का जायका बढ़ा देता है। खासतौर पर जब खाने में ज्यादा स्वाद न हो लेकिन क्या आप जानते हैं कि खाने के साथ सलाद खाना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। आइए, जानते हैं सलाद खाने से जुड़ी दिलचस्प बातें-

आप जब खाने के साथ सलाद खाते हैं, तो आपको पूरा पोषण नहीं मिल पाता। ऐसे में जब आपको भूख लगी हो या आपने जो भी अपने लंच और डिनर का समय तय कर रखा है, उससे कम से कम आधा घंटा पहले सलाद खा लें। इसके बाद लंच या डिनर लें। इससे आपके शरीर को पूरा पोषण मिलने के साथ ओवर इटिंग से छुटकारा भी मिलेगा।

सलाद अगर सही तरीके से खाया जाए, तो इससे वेट को कंट्रोल रखने में मदद मिलती है। यह हमारे पाचनतंत्र को सही रखने के साथ पेट साफ करने मे भी मदद करता है। यह शरीर में एक्सट्रा फैट जमा होने से रोकता है और हमें ओवर ईटिंग से भी बचाकर वजन नियंत्रित रखता है।

सलाद तापमान में ठंडी होता है और भोजन तापमान में गर्म होता है। जब कच्चा और पका हुआ भोजन एक साथ खाया जाता है, तो इससे हमारे पाचनतंत्र पर अधिक दबाव पड़ता है क्योंकि इसे पचाने के लिए हमें अतिरिक्त ऊर्जा की जरूरत होती है। साथ ही ऐसा भोजन डायजेस्ट करने में अधिक समय भी लगता है, जिससे कई बार डायजेस्टिव सिस्टम गड़बड़ा जाता है।

 

 

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इन चीजों से दूर ही रहें गठिया के मरीज

 गठिया एक ऐसी बीमारी है जिसमें इम्यून सिस्टम कमजोर होने लगता है। इसमें शरीर के टिशूज और हड्डियां समय के साथ तेजी से खराब होने लगते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं यह ऐसी बीमारी है जिसमें हड्डियों के जोड़ में तेजी से दर्द होने लगता है और उसके आसपास के एरिया में सूजन आ जाती है। अगर आप भी गठिया के गंभीर बीमारी से जूझ रहे है तो इन फूड आइटम को भूल से भी न खाएं। सर्दियों में यह समस्या और भी ज्यादा बढ़ सकती है।

संतरा

सर्दियों में संतरा खूब खाया जाता है लेकिन अगर आपको गठिया की बीमारी है तो आपको इस फल से परहेज करना चाहिए। क्योंकि संतरा में विटामिन सी होता है जो हड्डियों को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। सिर्फ इतना ही नहीं हड्डियों में जमा कैल्शियम की परत को भी हटाने लगता है जिसके कारण हड्डियां कमजोर हो जाती है और गठिया का दर्द बढऩे लगता है।

 बैंगन

गठिया के मरीज को बैंगन खाने से बचना चाहिए क्योंकि यह नाइटशेड वेजिटेबल है जिससे हड्डियों को काफी ज्यादा नुकसान होता है। नाइटशेड सब्जियों में सोलानिन नाम का कंपाउंड होता है जो हड्डियों को सूजन को बढ़ाता है और स्थिति को और भी गंभीर कर सकता है। गठिया के मरीजों को बैंगन खाने से बचना चाहिए क्योंकि इससे हड्डियों को काफी ज्यादा नुकसान होता है और इससे हड्डियां कमजोर भी होने लगती हैं।

कॉफी

सर्दियों में ज्यादातर लोग कॉफी खूब पीते हैं। कॉफी में कैफीन की मात्रा कॉफी अधिक होती है जो गठिया की बीमारी को बढ़ा सकता है। सिर्फ इतना ही नहीं यह हड्डियों को कॉफी ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। जिसके कारण जोड़ों में भयंकर दर्द होता है। सर्दियों में इन चीजों से परहेज करना चाहिए। कैल्शियम से भरपूर  एंटी इंफ्लेमेटरी फूड्स कम से कम खाना चाहिए जो शरीर में सूजन को कम करें और गर्म रखे।

 

 

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एक दिन में 3-4 से ज्यादा काजू ना खाएं

 काजू खाने के ढेरों फायदे हैं, पर आपको दिन में 3-4 या बहुत से बहुत 5 काजू से ज्यादा नहीं खाने चाहिए। अगर आप इससे ज्यादा काजू खाते हैं तो इससे पेट खराब हो सकता है। ज्यादा काजू खाने से फायदे की जगह नुकसान हो सकता है।

काजू खाने के फायदे

जो लोग रोजाना काजू खाते हैं उनकी हड्डियां मजबूत बनती है। काजू में कैल्शियम और मैग्नीशियम होता है जो बोन्स के लिए अच्छा होता है। बच्चों को रोजाना 2-3 काजू खिला सकते हैं।

2-3 काजू डायबिटीज के मरीज भी खा सकते हैं। काजू खाने से ग्लूकोज लेवल कंट्रोल रहता है। ऐसे में डायबिटीज के रोगी अपने खाने में काजू को जरूर शामिल कर लें।

अगर आप सीमित मात्रा में काजू खाते हैं तो इससे पेट और पाचन अच्छा बनता है। काजू में फाइबर होता है जो डाइजेशन को बेहतर बनाता है। इससे गैस और कब्ज की समस्या दूर होती है।

काजू में गुड फैट और कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है जो मेटाबॉलिज्म बढ़ाते में मदद करता है। 3-4 काजू खाने से मोटापा भी कम किया जा सकता है। इससे भूख को कंट्रोल करने में भी मदद मिलती है।

स्किन के लिए भी काजू बहुत फायदेमंद हैं। रोजाना काजू खाने से त्वचा की झुर्रियां कम होती हैं। काजू में विटामिन ई और एंटी-क्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं जो त्वचा और बालों को मजबूत बनाने का काम करता है।

 

 

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किचन क्लीनिंग के टिप्स

 हमारे घर का सबसे अहम हिस्सा किचन होता है। जिसकी साफ-सफाई का खास ध्यान रखना चाहिए। किचन में रोजाना खाना बनाया जाता है, जिसके कारण किचन गंदा और चिपचिपा हो जाता है। वहीं तेल-मसालों के जिद्दी दाग किचन की खूबसूरती को खराब करने का काम करता है। इसलिए किचन की रोजाना और बेसिक साफ-सफाई का खास ख्याल रखना चाहिए। क्योंकि अगर आप किचन को रोजाना साफ नहीं करते हैं, तो यहां पर मौजूद गंदगी खाने में आ सकती है और आप बीमार पड़ सकते हैं।

किचन की साफ-सफाई के लिए बेकिंग सोडा एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। बेकिंग सोडा के इस्तेमाल से किचन की चिकनाहट को साफ किया जा सकता है। इसके लिए बेकिंग सोडा को करीब 10 मिनट के लिए किचन में डाल दें। फिर इसको अच्छे से साफ कर लें।

इसके साथ ही विनेगर से काफी चीजों साफ की जाती हैं। साथ ही आप इससे किचन की गंदगी और चिकनाहट को भी दूर कर सकती हैं।

बता दें कि किचन की सफाई के लिए नींबू भी काफी मददगार हो सकता है। इसके लिए आपको किचन के गंदे वाले हिस्से में नींबू को 5 मिनट लगाकर छोड़ दें। फिर 5 मिनट बाद इसको साफ कर लें।

किचन की चिकनाई को आसानी से साफ करने के लिए आप गरम पानी का भी इस्तेमाल कर सकती हैं। य़ह किचन की साफ-सफाई का सबसे अच्छा तरीका है। इससे किचन में लगी चिकनाई आसानी से साफ हो जाएगी। किचन में चिकनाई वाली जगह पर गरम पानी डालें और यह धीरे-धीरे साफ हो जाएगा।

कई बार किचन में तेल की गंदगी और मसालों के दाग व खारे पानी के दाग लग जाते हैं। ऐसे में इन जिद्दी दागों को साफ करने के लिए आप हाइड्रोजन पेरोक्साइड का इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे किचन में तेल-मसालों के जिद्दी दाग आसानी से साफ हो जाएंगे और आपको ज्यादा मेहनत भी नहीं करनी पड़ेगी।

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अगर मुंह में हो गए हैं छाले

 शहद के प्रयोग से आपके मुंह के छालो का इलाज किया जा सकता है। शहद में एंटी-बैक्टीरियल प्रॉपर्टी होती है, जो मुंह के छालों को ठीक करने में बहुत असरदार है।

शहद को अपनी उंगली पर लगाकर छालों की जगह पर लगाएं ऐसा करने से छाले ठीक हो जायेगे। शहद मुंह के छालों को नमी प्रदान करता है और उसे सूखने से बचाता है। अगर आप शहद के साथ एक चुटकी हल्दी डालकर लगाएंगे तो वह बहुत जल्दी ठीक हो जाएंगे। आप यह उपाय दिन में तीन-चार बार कर सकते है।

- मुंह के छालों को दूर करने के लिए नारियल का इस्तेमाल भी फायदेमंद होता है। नारियल तेल के अंदर एंटी-इन्फ्लेमेटरी, एंटी-फंगल और एंटी-वायरल प्रॉपर्टी होती है। आप नारियल का तेल, पानी और दूध इन तीनों चीजों का इस्तेमाल मुंह के छालों को दूर करने के लिए कर सकते हैं। यह दर्द को कम करने में भी मदद करता है। बच्चों के मुंह के छालों को ठीक करने के लिए उन्हें नारियल पानी का सेवन करना चाहिए। बच्चों को नारियल के पानी से गरारे भी करवा सकते हैं।

- एलोवेरा जूस के अंदर सूदिंग प्रॉपर्टी होती है, लगातार इस्तेमाल करने पर यह छालों से होने वाले दर्द को कम करता है। एलोवेरा जूस के सेवन से पेट से संबंधित कई बीमारियां ठीक हो जाती है। ऐलोवेरा का जूस पेट से संबंधित 200 से ज़्यादा बीमारियों को दूर करता है। ऐलोवेरा के जूस से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। छालों से राहत पाने के लिए थोड़ा सा एलोवेरा जूस अपने छालों पर लगाइए।

- तुलसी एक औषधीय पौधा है जिसमें विटामिनऔर खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। सभी रोगों को दूर करने और शारीरिक शक्ति बढ़ाने वाले गुणों से  भरपूर इस औषधीय पौधे को प्रत्यक्ष देवी कहा गया है।

 

 

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कौवे मनुष्यों के समान गिनती करते हैं

 वैसे तो पहले भी कुछ अध्ययनों में देखा जा चुका है कि कौवों में संख्या ताड़ने की क्षमता होती है। जैसे यदि उनके सामने कई डिब्बे रखकर मात्र 6 डिब्बों में खाने की चीज़ें रखी जाएं तो वे मात्र 6 डिब्बों को पलटाने के बाद रुक जाते हैं। या यदि कौवे किसी बगीचे में हैं और कुछ मनुष्य वहां घुसें तो वे छिप जाते हैं। और तब तक छिपे रहते हैं जब तक कि सारे मनुष्य निकल न जाएं। ऐसा देखा गया था कि वे यह ‘गिनती' 16 तक कर पाते हैं। इसी प्रकार से एक प्रयोग में यह भी देखा गया था कि यदि किसी स्क्रीन पर कुछ बिंदु अंकित हों तो वे ताड़ सकते हैं कि दो समूहों में बिंदुओं की संख्या बराबर है या नहीं।

और अब जर्मनी के टुबिंजेन विश्वविद्यालय के जंतु वैज्ञानिक एंड्रियास नीडर और उनके साथियों ने इसमें एक नया आयाम जोड़ा है। साइन्स पत्रिका में प्रकाशित अपने शोधपत्र में इस टीम ने बताया है कि कौवों की यह क्षमता मनुष्यों में संख्या कौशल के विकास को समझने में सहायक हो सकती है।

जर्मनी के शोधकर्ताओं ने तीन कैरियन कौवों (Corvus corone) के साथ काम किया। इन कौवों को आदेशानुसार कांव करने का प्रशिक्षण दिया जा चुका था। इसके बाद अगले कुछ महीनों तक इन्हें यह सिखाया गया कि स्क्रीन पर 1, 2, 3 या 4 के दृश्य संकेत दिखने पर उन्हें उतनी ही संख्या में कांव करना है। उन्हें ऐसे श्रव्य संकेतों से भी परिचित कराया गया जो एक-एक अंक से जुड़े थे।

प्रयोग के दौरान ये कौवे स्क्रीन के सामने खड़े होते थे और उन्हें दृश्य या श्रव्य संकेत दिया जाता था। उनसे अपेक्षा की जाती थी कि वे उस संकेत से मेल खाती संख्या में कांव करेंगे और यह काम पूरा करने के बाद वे ‘एंटर कुंजी' पर चोंच मारेंगे। यदि वे सही करते तो उन्हें पुरस्कार स्वरूप लजीज़ व्यंजन दिया जाता।

कौवे अधिकांश बारी सही रहे। कम से कम उनके प्रदर्शन को मात्र संयोग का परिणाम तो नहीं कहा जा सकता।

प्रयोग करते-करते शोधकर्ताओं को यह भी समझ आया कि वे कौवे की पहली कांव को सुनकर यह अंदाज़ लगा सकते हैं कि वह कुल कितनी बार कांव करेगा। इसका मतलब यह हुआ कि कौवा पहले से ही कांव की संख्या की योजना बना लेता है अर्थात यह प्रक्रिया सचमुच संज्ञानात्मक नियंत्रण में है। अलबत्ता, ऐसा नहीं था कि कौवे हर बार सटीक होते थे। कभी-कभार वे कम या ज़्यादा बार कांव भी कर देते थे। लेकिन यह भी पूर्वानुमान किया जा सकता था।

लिहाज़ा, यह तो नहीं कहा जा सकता कि ये तीन कौवे वास्तव में गिन रहे थे जिसके लिए संख्याओं की सांकेतिक समझ ज़रूरी है लेकिन हो सकता है कि उनका प्रदर्शन इस समझ के विकास का अग्रदूत हो। आगे और शोध ही इस सवाल पर रोशनी डाल सकेगा। 

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चेहरे पर निखार पाने ट्राई करें ये घरेलू उपाय

 आज हम आपको चावले के दो ऐसे घरेलू उपाय बताएंगे, जिसे आपकी स्किन पर प्राकृतिक रूप से निखार आएगा।

चावल का फैसपैक

एक बोल में दो टी-स्पून चावल का आटा लें और इसमें चार चम्मच गुलाब जल मिलाएं। अब इसमें एक टी-स्पून पिघला हुआ घी मिलाएं। इसे अच्छे से मिक्स करें और पैक को डाउन स्ट्रोक के साथ चेहरे पर लगाएं। 15 मिनट पर इसे हल्के गरम पानी से धो लें। इस पैक से स्किन की ड्राईनेस की समस्या दूर हो जाएगी और स्किन का निखार बढ़ जाएगा।

टेनिंग दूर करेगा टमाटर

एक टमाटर को कद्दूकस कर लें और उसके जूस को छान लें। इस रस में एक चम्मच चावल का आटा मिलाएं। यह मिक्स थोड़ा गाढ़ा बनेगा। इसे चेहरे पर 15-20 मिनट लगा रहने दें और फिर चेहरा साफ कर लें। इससे चेहरा साफ दिखने लगेगा। फेस धोने के बाद चाहे, तो चावल का पानी बतौर टोनर लगा सकते हैं, जो रंगत को और निखारेगा।

 

 

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वजन घटाने के लिए ये है बेस्ट ड्रिंक

 बढ़ते वजन से छुटकारा पाने के लिए आप अब सोने से पहले ये 3 हेल्दी वेट लॉस ड्रिंक्स ट्राई करके देखें। खास बात यह है कि वजन घटाने के लिए आपको एक्सरसाइज या घंटों जिम में पसीना भी नहीं बहाना पड़ेगा। आइए जानते हैं कौन से हैं वो 3 ड्रिंग्स जिनका सोने से पहले सेवन करने से आप बढ़ते वजन से आसानी से छुटकारा पा सकते हैं।

कैमोमाइल टी-

कैमोमाइल टी वजन घटाने के लिए बेस्ट ड्रिंक मानी जाती है। अगर आप भी अपने बढ़ते वजन को कंट्रोल करना चाहते हैं तो रात को सोने से पहले कैमोमाइल टी का सेवन करना न भूलें। ऐसा करने से न सिर्फ आपका वजन नियंत्रित रहेगा बल्कि आपको नींद भी अच्छी आएगी। हेल्थ पर हुए कई अध्ययनों में यह सुझाव दिया गया है कि कैमोमाइल टी शुगर लेवल को नियंत्रित करके वजन घटाने में मदद करती है।

दालचीनी की चाय-

यदि आप कम समय में ही अपना वजन घटाना चाहते हैं, तो यह दालचीनी चाय का सेवन शुरू कर दें। वेट कंट्रोल करने के लिए दालचीनी की चाय बेस्ट नेचुरल ड्रिंक मानी जाती है। इस चाय में मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के गुण मौजूद होने के साथ कई एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबायोटिक गुण भी मौजूद होते हैं जो इसे अच्छा डिटॉक्स ड्रिंक बनाते हैं। दालचीनी की चाय का सेवन करने से फैट को जलाने में मदद मिलती है।  

मेथी की चाय-

अगर बढ़ते वजन के साथ आपको नींद न आने की समस्या भी परेशान करती है तो मेथी की चाय का सेवन जरूर करें। इसके अलावा अगर किसी दिन आपको लगे कि आपने जरूरत से ज्यादा भोजन खा लिया है, तो पाचन में सुधार के साथ खाना पचाने में यह चाय आपकी मदद कर सकती है।

मेथी की चाय बनाने के लिए सबसे पहले एक चम्मच मेथी एक गिलास पानी में रातभर भिगोकर रख दें। सुबह इसे छानकर पानी अलग कर दें और इस पानी को गुनगुना कर रात में सोने से पहले पीएं। नियमित रूप से इसके सेवन से आप बहुत जल्दी वजन कंट्रोल कर लेंगे।

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कई बीमारियों के लिए रामबाण इलाज है कच्ची हल्दी

 भारतीय किचन में कई तरह के मसाले पाए जाते हैं। इन मसालों का इस्तेमाल ना सिर्फ खाने को स्वादिष्ट और सुगंधित बनाने के लिए बल्कि बल्कि दवा के तौर पर भी किया जाता है। यह मसाले औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। इन्हीं मसालों में एक मसाला हल्दी है। यह खाने को स्वादिष्ट बनाने के साथ ही स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कच्ची हल्दी भी तमाम औषधीय गुणों से भरपूर होती है।

कच्ची हल्दी शरीर में सूजन को काफी हद तक कम करने में सहायक होती है। इसके अलावा कच्ची हल्दी गठिया और हृदय रोग के खतरे को भी कम करता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको कच्ची हल्दी के कई फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं।

एंटीऑक्सीडेंट का समृद्ध स्रोत

कच्ची हल्दी में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो पुरानी बीमारियों के खतरे को कम करने में सहायक होती है। कच्ची हल्दी का सेवन करने से पहले इसके अच्छे से पीस लें। फिर गर्म पानी में मिलाएं और आप चाहें तो इसमें शहद भी डाल सकती हैं। इस ड्रिंक के नियमित सेवन से आपके शरीर से टॉक्सिक पदार्थ बाहर निकलते हैं। बता दें कि कच्ची हल्दी का यह ड्रिंक डिटॉक्स ड्रिंक के तौर पर काम करता है।

पाचन में सुधार

कच्ची हल्दी के सेवन से पाचन तंत्र भी स्वस्थ रहता है। इसके अलावा यह अपच और सूजन के लक्षणों को भी कम करने में सहायक होती है। इसके सेवन से आंत के स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है और मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है। साथ ही इसके सेवन से वेट कम होने में भी सहायता मिलती है।

इम्यून सिस्टम

बता दें कि कच्ची हल्दी में एंटी बैक्टीरियल और एंटी फंगल गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके इस्तेमाल से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। इसलिए रोजाना रात में सोने से पहले एक गिलास दूध में पिसी हल्दी को मिलाकर पीने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। साथ ही इसके सेवन से कई संक्रमण और अन्य तरह की बीमारियां नहीं होती हैं।

दर्द में राहत

कच्ची हल्दी में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाया जाता है, जो दर्द में राहत दिलाने में सहायक होता है। अगर आप भी गठिया और मांसपेशियों में दर्द जैसी समस्याओं से परेशान रहते हैं। तो आपके लिए कच्ची हल्दी रामबाण इलाज साबित हो सकती है। इसके लिए आप हल्दी वाले दूध का नियमित तौर पर सेवन करें।

स्किन के लिए फायदेमंद

कच्ची हल्दी पोषक तत्वों से भरपूर होती है। साथ ही यह हमारी स्किन के लिए भी फायदेमंद होती है। हल्दी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण स्किन की सूजन, मुंहासों आदि को कम करने में सहायक होती है। इसलिए सप्ताह में एक बार हल्दी का लेप अपने चेहरे पर लगाएं। इससे आपकी स्किन ग्लोइंग बनेगी।

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दिल की सेहत के लिए फायदेमंद हैं धनिए की पत्तियां

 हरी सब्जियां सेहत के लिए जबरदस्त फायदेमंद होती हैं. रोजाना इनका सेवन करने से शरीर सेहतमंद रहता है. हालांकि, कुछ सब्जियां ऐसी हैं, जिनके फायदे के बारें में ज्यादातर लोग नहीं जानते हैं. पुराने समय से ही इनका इस्तेमाल होता आ रहा है. हमारे पूर्वज भी इन सब्जियों का सेवन बड़े ही चाव से करते थे. आयुर्वेद में भी इन सब्जियों के गुण बताए गए हैं. ऐसी ही चार सब्जियों के बारें में आपको आज बताने जा रहे हैं, जिनके सेवन से सेहत हमेशा बेहतर बनी रहती है.

धनिया की पत्तियों के फायदे

सेहत के लिए धनिया की पत्तियां काफी फायदेमंद मानी जाती हैं. इनके सेवन से हाई कोलेस्ट्रॉल कम होता है। ऐसे में खाने में धनिया की पत्तियां डालकर खाना चाहिए. इन पत्तियों की तासीर ठंडी होती है। ये दिल की सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाती है।

कद्दू के फायदे

आयुर्वेद में कद्दू को जबरदस्त फायदेमंद माना गया है. इस सब्जी को शरीर को शांत और ठंडा रखने वाला माना जाता है। इसे खाने से स्किन से जुड़ी समस्याओं से राहत मिलती है। बुजुर्गों को जोड़ों को दर्द से आराम मिल सकता है. आयुर्वेद में इसे वजन कम करने वाला भी बताया गया है।

खीरा के फायदे

आयुर्वेद में बताया गया है कि कच्चा खीरा खाने के कई फायदे हैं. इससे पाचन अग्नि में कमी आती है। हालांकि, आयुर्वेद खीरा को खाने के साथ, पहले या बाद में खाने से मना करता है। खाने से पहले अच्छी तरह पकाकर भोजन के साथ इसका सेवन कर सकते हैं।

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त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद है चंदन का तेल

 अगर आप तनाव या डिप्रेशन की समस्या से परेशान हैं तो आपको चंदन के तेल का इस्तेमाल करना चाहिए। चंदन के तेल के अंदर एक रासायनिक कम्पाउंड होता है चंदन के तेल की कुछ बूंदें सूंघने से तनाव की समस्या कम हो सकती है।

अगर आप हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं तो आपको चंदन के तेल का इस्तेमाल करना चाहिए।  चंदन के तेल की खुशबू से हार्मोंस एक्टिव होते हैं और ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है।  ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होने से हार्ट रेट भी ठीक रहता है।  इसलिए ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने के लिए चंदन का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं।

चंदन के तेल से शरीर में सूजन की समस्या कम होती है।  इस तेल में एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं जिससे सूजन कम करने में मदद मिलती है।  इसके अलावा चंदन का तेल त्वचा की लालिमा को भी कम करता है।

अगर आपको नींद नहीं आने की समस्या है तो आपको चंदन के तेल से मसाज करवानी चाहिए।  इससे अनिद्रा की समस्या दूर हो जाती है। चंदन का तेल केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में पैदा होने वाले तनाव को कम करता है. कमजोर याददाश्त को भी ठीक करता है।

चंदन त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद है इसका तेल भी कई फायदे करता है। चंदन के तेल से मसाज करने पर कोशिकाओं को ऑक्सीजन मिलता है। और मुहांसों की समस्या भी दूर होती है।  चेहरे पर दाग धब्बों को भी चंदन दूर करता है।

 

 

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खीर को बनाएं हेल्दी

 हर भारतीय घरों में बनाया जाने वाला डेजर्ट खीर है। किसी भी शुभ अवसर हो या फिर कोई फेस्टिवल, तो लोग अक्सर मुंह मीठा करने के लिए खीर जरुर बनाते हैं। आमतौर पर व्रत-उपवास के दौरान भी खीर बनाई जाती है। अपने टेस्ट के अनुसार,  चावल, साबूदाना से लेकर मखाना तक कई तरह की खीर बनाते हैं। जिन लोगों को अपनी फिटनेस को लेकर अधिक ख्याल रहता है, वे लोग खीर खाना पसंद नहीं करते हैं। दरअसल, इसमें बहुत अधिक मात्रा में  चीनी और फुल फैट  मिल्क का इस्तेमाल किया जाता है। चलिए आपको इस लेख में हम आपको ऐसे ही कुछ टिप्स के साथ आपकी फेवरिट खीर को अधिक हेल्दी बना सकते हैं।

लो फैट मिल्क का यूज करें

खीर बनाते समय में आप लो फैट मिल्क का इस्तेमाल करें। अगर आप चाहे तो अपनी खीर को डेयरी फ्री बना सकते हैं। इसकी जगह आप बादाम  दूध, सोया  दूध और नारियल के दूध का प्रयोग कर सकते हैं। वहीं, आप वीगन डाइट पर हैं या लैक्टोज इनटॉलरेंट हैं तो ऐसे में नॉन-डेयरी मिल्क ऑप्शन को चुनना अच्छा विचार है।

नेचुरल स्वीटनर का इस्तेमाल करें

कई लोग खीर इसलिए भी नहीं खाते, क्योंकि इसमें  चीनी की मात्रा अधिक होती है। जिस वजह से कैलोरी काउंट बढ़ जाता है। इसके लिए आप अपनी खीर को  चीनी की जगह नेचुरल स्वीटनर की मदद से मीठा बनाएं। खीर में चीनी की जगह आप शहद, खजूर, मेपल सिरप या गुड़ का इस्तेमाल कर सकते हैं।

मसालों का करें इस्तेमाल

जब खीर बनाते हैं तो कम मसालों का प्रयोग किया जाता है। अगर आप खीर बनाते समय इसमें इलायची, दालचीनी या जायफल का इस्तेमाल करेंगे तो यह और भी हेल्दी बन जाएगा। दरअसल, इन मसालों के एंटी-ऑक्सीडेंट गुण ब्लड शुगर लेवल को मेंटन करता है।

ब्राउन राइस राइस या क्विनोआ का इस्तेमाल करें

आमतौर पर जब लोग खीर बनाते हैं तो सफेद  चावल का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन खीर में फाइबर और अन्य पोषक तत्वों को बढ़ाने के लिए सफेद  चावल की जगह  ब्राउन राइस या क्विनोआ का प्रयोग कर सकते हैं। बता दें कि इससे ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है और ये आपको लगातार ऊर्जा प्रदान करता है।

 

 

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लो ब्लड प्रेशर को न करें नजरअंदाज

 मन और शरीर में चलने वाली उथल-पुथल का असर स्वास्थ्य पर पडऩा बहुत स्वाभाविक है। लो ब्लड प्रेशर के पीछे भी इसी तरह के कारण हो सकते हैं। ऐसे में लाइफस्टाइल और खानपान में सुधार तथा अन्य तरह से सतर्कता रखकर बहुत हद तक इस समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।

ब्लड प्रेशर का लो होना या हाइपोटेंशन की तकलीफ का मतलब है रक्त के दबाव का 90/60 से भी कम होना। यूं सामान्य तौर पर थोड़ा-बहुत या बिना लक्षणों के ब्लड प्रेशर का लो हो जाना कोई समस्या पैदा नहीं करता लेकिन यदि इसके लक्षण स्पष्ट नजर आने लगें और बार-बार यह तकलीफ उभरने लगे, तो यह किसी अंदरूनी समस्या की ओर इशारा हो सकता है।

जैसे- मस्तिष्क, हृदय तथा अन्य प्रमुख अंगों तक रक्त के प्रवाह का अपर्याप्त होना। खासकर उम्र के बढऩे पर इस तरह की समस्याओं के उपजने का खतरा और बढ़ सकता है। कई बार बहुत देर तक बैठे या लेटे रहकर उठने पर या लंबे समय तक खड़े रहने पर भी ब्लड प्रेशर लो हो सकता है।

इसे पोस्चरल हाइपोटेंशन कहा जाता है। कई सारी अन्य ऐसी स्थितियां हैं, जो लो ब्लड प्रेशर का कारण बन सकती हैं। इनमें गर्भावस्था, हार्मोनल समस्याएं जैसे थाइरॉइड या डायबिटीज आदि, कुछ विशेष औषधियां, अल्कोहल का अधिक सेवन, हृदय संबंधी अनियमितताएं, रक्त वाहिकाओं का चौड़ा होना या फैलना और लिवर डिसीज आदि शामिल हैं।

 

 

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