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क्या रोज नाशपाती खा सकते हैं?

 नाशपाती एक ऐसा फल है जो पौष्टिक गुणों से भरपूर है। इसमें विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट्स की अच्छी मात्रा होती है। नाशपाती में भरपूर मात्रा में फाइबर, विटामिन सी, फ़िटेनियोटेंट्स, फ्लेवोनोइड्स, प्रोटीन, आयरन के साथ कैल्शियम पाया जाता है जो सेहत के लिए लाभकारी है। ऐसे में चलिए जानते हैं रोज नाशपाती खाने से आपकी सेहत पर अच्छा या बुरा कैसा प्रभाव पड़ता है?

नाशपाती खाने से होने वाले लाभ:

वजन कम करने में करें मदद: अगर आप तेजी से वजन कम करना चाहते हैं तो अपनी डाइट में नाशपाती को शामिल करें। एक रिसर्च के अनुसार 12 सप्ताह तक दिन में 3 बार अगर नाशपाती का सेवन करे तो तेजी से मोटापा कम हो जाता है।

फेफड़ों को रखे हेल्दी: नाशपाती आपके शरीर में नमी वापस लाकर आपके फेफड़ों के स्वास्थ्य का समर्थन कर सकते हैं। नाशपाती खाने से फेफड़ों को मदद मिलेगी जो शुष्क, धुएं से भरी हवा के कारण विषाक्त पदार्थों से अधिक प्रभावित होते हैं। नाशपाती में गर्मी को दूर करने और फेफड़ों को नम करने की क्षमता होती है।

 

लीवर के लिए फायदेमंद: नाशपातीमें मौजूद आर्बुटिन लीवर विकारों में लाभकारी हो सकता है। इसमें मौजूद आर्बुटिन में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और लीवर की सुरक्षा करने वाले गुण होते हैं। यह बिलीरुबिन के स्तर को कम करता है। आर्बुटिन लिपिड पेरोक्सीडेशन को भी रोकता है और लीवर कोशिकाओं की रक्षा करता है। नाशपाती के छिलके का अर्क रक्त में लीवर एंजाइम की वृद्धि को रोकता है।

 

हार्ट को रखे हेल्दी: नाशपाती का सेवन करने से आपका कोलेस्ट्राल लेवल कंट्रोल करता है। जिससे आपका हार्ट भी हेल्दी रहता है। नाशपाती फाइबर का एक बेहतरीन स्रोत है, जो हृदय रोग के खिलाफ़ कारगर साबित हुआ है। फलों, सब्जियों, अनाज और अनाज से मिलने वाला फाइबर रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को कम करके हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकता है।

 

कब्ज से दिलाये छुटकारा: नाशपाती कब्ज में लाभकारी हो सकती है। यह पाचन प्रक्रिया को बेहतर कर मल को नरम बनाता है और पास करना आसान बनाता है। नाशपाती फाइबर का भी एक समृद्ध स्रोत है। यह फाइबर सामग्री मल को भारी बनाती है। इस प्रकार, नाशपाती मल आवृत्ति को बढ़ाने में भी मदद करती है।

 
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क्या पुलिस ने काटा रैपर बादशाह का चालान? सिंगर ने दी यह सफाई...

 बॉलीवुड के मशहूर रैपर बादशाह एक विवाद के चलते सुर्खियों में हैं। हाल ही में खबर आई थी कि उनकी गाड़ी पर 15,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसका कारण बताया गया कि उनकी गाड़ी ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया था। हालांकि, रैपर बादशाह ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है।


क्या है मामला?
जानकारी के अनुसार, 15 दिसंबर को गुरुग्राम में सिंगर करण औजला के म्यूजिक इवेंट के दौरान एक महिंद्रा थार गाड़ी, जिसमें बादशाह के होने का दावा किया गया, ने कई ट्रैफिक नियम तोड़े। इन उल्लंघनों में सड़क के गलत तरफ गाड़ी चलाना, तेज़ आवाज़ में संगीत बजाना और लापरवाह ड्राइविंग शामिल हैं।

गुरुग्राम पुलिस ने इस गाड़ी पर 15,500 रुपये का ऑनलाइन जुर्माना लगाया। पुलिस के मुताबिक, यह गाड़ी दीपेंद्र हुडा नामक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत है।

बादशाह ने क्या कहा?
बादशाह ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी के ज़रिए इस मामले पर सफाई देते हुए लिखा: "भाई, थार तो है नहीं मेरे पास, ना मैं ड्राइव कर रहा था उस दिन। मुझे सफेद वेलफायर में ले जाया जा रहा था और हम हमेशा जिम्मेदारी से गाड़ी चलाते हैं, चाहे गाड़ियां हों या गेम।"

पुलिस का बयान
गुरुग्राम के पुलिस उपायुक्त वीरेंद्र विज ने एक बयान में स्पष्ट किया कि यह गाड़ी बादशाह की नहीं थी। उन्होंने कहा, "थार पानीपत के एक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत है और वह इसे चला रहा था। खतरनाक ड्राइविंग के लिए मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।"

बादशाह का करियर
रैपर बादशाह, जिनका असली नाम आदिल चोपड़ा है, बॉलीवुड में एक पॉपुलर नाम हैं। उनके हिट गानों में ‘डीजे वाले बाबू,’ ‘गर्मी,’ और ‘अख लड़ जावे’ जैसे गाने शामिल हैं।

इस विवाद के बाद फैंस के बीच चर्चा गरम है, लेकिन बादशाह ने अपनी सफाई देकर मामले को ठंडा करने की कोशिश की है।

 

 

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13वें दिन विदेशियों के सिर चढ़कर बोला 'पुष्पा 2' का जादू

  पुष्पा 2 का खुमार सिर्फ इंडिया में ही नहीं, बल्कि विश्वभर की ऑडियंस पर चढ़ चुका है। कोई पुष्पाराज के स्टाइल में डायलॉग बोल रहा है, कोई उनकी तरह गेटअप करके रील्स शेयर कर रहा है। फिल्म के गाने भले ही रिलीज के वक्त लोगों को न पसंद आए हो, लेकिन अब वह सबकी जुबान पर है। इस फिल्म के क्रेज को देखते हुए मेकर्स ने फिल्म को एक दिन पहले सिनेमाघरों में रिलीज किया था। 

5 दिसंबर 2024 को वर्ल्डवाइड रिलीज हुई फिल्म को सिनेमाघरों में लगे हुए आज 13 दिन पूरे हो चुके हैं। देश ही नहीं, विदेश में भी फिल्म का क्रेज कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है।

 

रणबीर कपूर की एनिमल से लेकर शाह रुख खान की जवान जैसी बड़ी फिल्मों का रिकॉर्ड ध्वस्त करने वाली पुष्पा 2 (Pushpa 2) के निशाने पर अब प्रभास की फिल्म 'बाहुबली-2' आ गई है।

एस एस राजामौली के निर्देशन में बनी इस फिल्म को धूल चटाने से पुष्पा 2 अभी कितनी पीछे है, चलिए यहां पर देखते हैं आंकड़े: 

 

पुष्पा 2 ने मंगलवार को दुनियाभर में कितना कलेक्शन किया? 

पुष्पा 2 इंडिया के मुकाबले दुनियाभर में तेज रफ्तार से दौड़ रही है। अल्लू अर्जुन और रश्मिका मंदाना फिल्म हर दिन एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर रही है। वीकेंड पर गर्दा उड़ाने वाली सुकुमार के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने दूसरे मंगलवार को बॉक्स ऑफिस पर अच्छी-खासी कमाई की। 

साउथ के बड़े ट्रेड एनालिस्ट मनोबाला विजयबालन ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर फिल्म के 13वें दिन के आंकड़े शेयर कर दिए हैं।

उन्होंने ये आंकड़े शेयर करते हुए बताया कि 'पुष्पा: द रूल' ने रिलीज के 13वें दिन दुनियाभर में तकरीबन  42.63 करोड़ की कमाई की है। फिल्म का वर्ल्डवाइड टोटल कलेक्शन 1410.38 करोड़ तक पहुंच चुका है।

 

 

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हॉलीवुड फिल्मों के ऑफर में कुछ एक्साइटिंग नहीं लगा: श्रद्धा कपूर

 बॉलीवुड अभिनेत्री श्रद्धा कपूर का कहना है कि उन्हें हॉलीवुड से कुछ ऑफर्स आए थे, लेकिन उन्हें कुछ एक्साइटिंग नहीं लगा। श्रद्धा कपूर को आखिरी बार फिल्म 'स्त्री 2' में देखा गया था। श्रद्धा कपूर हाल ही में एजेंडा आजतक 2024 के इवेंट 'स्त्री तुम बार-बार आना' में शिरकत करती दिखीं।

हॉलीवुड में काम करने के बारे में पूछे जाने पर श्रद्धा कपूर ने कहा,मैं सच कहूं तो मुझे कुछ ऑफर्स आए थे, लेकिन कुछ एक्साइटिंग मुझे नहीं लगा। जैसे हिंदी फिल्मों के साथ मेरा अप्रोच है तो यदि मुझे कुछ एक्साइटिंग नहीं लगता तो मैं वो फिल्म नहीं करती। मैं सच में चाहती हूं कि जो वक्त हिंदी सिनेमा को लेकर चल रहा है, वो काफी अच्छा है।ओटीटी पर भी एक्स्पेनशन हो रहा है। मुझे शाहरुख के जैसा बनना है कि हमारी फिल्मों का मार्केट वहां पर लेकर जाओ और हमारी फिल्में इंटरनेशनल फिल्में बनें तो मैं वो चाहती हूं।

 

फिल्म 'हैदर' में इरफान खान के साथ काम करने के बारे में पूछे जाने पर श्रद्धा कपूर ने कहा, मैं खुद को खुशनसीब मानती हूं कि मुझे उनके साथ काम करने का मौका मिला। मैंने इस फिल्म के लिए ऑडिशन दिया था और दिल से चाहती थी कि इसके लिए मैं सिलेक्ट होऊं। मेरी ये फेवरेट फिल्म है।इरफान सर के साथ काम करके तो सपना पूरा हो गया।

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पुष्पा 2 को लेकर अजीबोगरीब घटना, सब रह गए दंग

 कोच्चि में 'पुष्पा 2' को लेकर एक अजीबोगरीब घटना देखने को मिली। यहां के एक थिएटर में अल्लू अर्जुन की फिल्म का केवल इंटरवल के बाद का हिस्सा दिखाया गया। शुक्रवार शाम 6:30 बजे के शो में सिनेमा प्रेमी जब सिनेमाप्लस सेंटर स्क्वायर मॉल पहुंचे तो उन्हें यह देखकर हैरानी हुई कि फिल्म के तीन घंटे 15 मिनट के शो में अंत के क्रेडिट्स इंटरवल में ही क्यों चलने लगे। बाद में दर्शकों को यह समझ में आया कि उन्हें केवल इंटरवल के बाद का भाग ही दिखाया जा रहा था।

 

चूक से नाराज हुए लोग

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक थिएटर की इस चूक से दर्शकों में गुस्सा नजर आया। कुछ लोगों ने रिफंड की मांग की, जबकि अन्य ने फिल्म के पहले भाग को फिर से दिखाने की इच्छा जताई। दर्शकों की लगातार मांग के बाद थिएटर ने आखिरकार रात नौ बजे फिल्म का पहला भाग दिखाया। हालांकि, तब तक केवल दस लोग ही फिल्म देखने के लिए रह गए थे। थिएटर ने यह भी वादा किया कि वह दर्शकों को रिफंड जारी करेगा। हालांकि, सभी दर्शक इस अनुभव से संतुष्ट नहीं थे, क्योंकि उन्होंने पूरी फिल्म एक बार में देखने के लिए अपना समय निर्धारित किया था।

 

पुष्पा' बनकर छा चुके हैं अल्लू अर्जुन

'पुष्पा 2: द रूल' 2021 की हिट फिल्म 'पुष्पा: द राइज' का सीक्वल है। इस फिल्म का निर्देशन सुकुमार ने किया है। इसमें अल्लू अर्जुन ने पुष्पा राज के रूप में अपनी भूमिका दोहराई है। इस फिल्म में वह लाल चंदन की तस्करी की खतरनाक दुनिया में और भी बड़े चुनौतियों का सामना करते हैं। 

 

 

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सेहत के लिए वरदान औषधीय गुणों से भरपूर ये फल

 शरीफे को सीताफल के नाम से भी जाना जाता है। अंग्रेजी में इस फल का नाम कस्टर्ड एप्पल है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस फल में एक से बढ़कर एक औषधीय गुणों को अच्छी खासी मात्रा पाई जाती है। यही वजह है कि इस फल को ओवरऑल हेल्थ के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। शरीफे में विटामिन सी, पोटैशियम, विटामिन ए, कॉपर, फॉस्फोरस, फाइबर और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। आइए इस फल से मिलने वाले कुछ कमाल के हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में जानते हैं।

फैट बर्न करने में कारगर

अगर आप अपने बढ़ते हुए वेट पर काबू पाना चाहते हैं तो इस फल का सेवन करना शुरू कर दीजिए। पेट की चर्बी को कम करने के लिए इस फल को खाने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा शरीफे में पाए जाने वाले तमाम तत्व आपकी गट हेल्थ को भी सुधार सकते हैं। पेट से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए इस फल का सेवन किया जा सकता है।

कंट्रोल करे बीपी-शुगर

इस फल को खाकर आप अपने ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर सकते हैं। यही वजह है कि इस फल को हार्ट के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। इतना ही नहीं इस फल में पाए जाने वाले तत्व आपके ब्लड शुगर लेवल को काबू करने में भी कारगर साबित हो सकते हैं। यानी शरीफे को सही तरीके से और सही मात्रा में कंज्यूम कर डायबिटीज को मैनेज करने में भी मदद मिल सकती है।

इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए

रेगुलरली इस फल का सेवन कर आप अपने इम्यून सिस्टम को काफी हद तक इम्प्रूव कर सकते हैं। इसके अलावा शरीफा आपके दिमाग को तेज और मजबूत बना सकता है। इस फल का सेवन कर आप अपनी बोन हेल्थ को भी काफी हद तक स्ट्रॉन्ग बना सकते हैं। शरीफे में पाए जाने वाले तत्व आपकी सेहत के साथ-साथ आपकी स्किन के लिए भी वरदान साबित हो सकते हैं।

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घर पर बनाएं आंवले खट्टी-मिठी डाइजेस्टिव गोली

 आंवला एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी से भरपूर होता है। आंवला इम्यूनिटी बूस्ट करने में कारगर साबित हो सकता है।  आंवले के सेवन से हेल्थ ठीक रहती है। आंवले का जूस पीने से शरीर हेल्दी है। आंवले को डाइट में शामिल करने से पाचन संबंधी समस्याओं में लाभदायक होता है। आप भी अपने घर पर बेहद आसान तरीके से डाइजेस्टिव खट्टी-मीठी गोलियां बनाएं। इसे बच्चे से लेकर बड़े भी खूब खाना पसंद करेंगे।

आंवले की खट्टी-मीठी गोली बनाने के लिए सामग्री

- 500 ग्राम आंवला

- एक कप गुड़

- सेंधा नमक स्वादानुसार

- काला नमक एक चम्मच

- काली मिर्च पाउडर एक चम्मच

- भुना जीरा एक चम्मच

- आधा कप पिसी चीनी

- एक चौथाई चम्मच हींग

- नींबू का रस

आंवले की खट्टी-मीठी गोली बनाने की विधि

- इसके लिए आप आंवले को अच्छे से धो लें। इसके बाद कूकर में उबाल लें।

- उबले आंवले को कूकर से निकालें और ठंडा होने के लिए रख दें। जब ये ठंडे हो जाएं तो आवले की गुठली को निकाल दें।

- अब आप आंवलों को मिक्सी में डालकर पीस लें और पेस्ट तैयार कर लें। ध्यान रहे कि आंवला बारीक पीसा हुआ। पीसने में पानी का थोड़ा इस्तेमाल करें।

- इसके बाद पैन गर्म करें और एक कप गुड़ डालें। इसके साथ ही पिसा हुआ आंवले का पेस्ट भी जरुर डालें।

- धीरे-धीरे मिक्स करते हुए आप इसे भूनें। गैस को धीमा ही रखें फिर अब इसमें सारे मसाले डाल दें। भुना हुआ जीरा, काली मिर्च, हींग, काला नमक, सेंधा नमक सब डाल दें, फिर इसे अच्छे से भूनें।

- आप इसे जब तक चलाएं कि ये गाढ़ा ना हो जाए। जब गाढ़ा हो जाए तो इक्ट्ठा तो गैस को बंद कर दें और इसे ठंडा होने दें।

- प्लेट पर पिसी चीनी डालें और तैयार आंवले की छोटी गोली बनाएं और पिसी चीनी को इस पर लपेटें।

- तैयार है आपकी डाइजेस्टिव खट्टी-मीठी आंवले की गोली।

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इन लोगों को नहीं खानी चाहिए फूल गोभी

 गैस और ब्लोटिंग की समस्या- जिन लोगों को अक्सर खाने-पीने से गैस और एसिडिटी की समस्या रहती है उन्हें फूलगोभी का सेवन न के बराबर करना चाहिए। गोभी में कार्बोहाइट्रेट होते हैं, जिससे पाचन से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। गोभी की सब्जी या पराठे खाने के बाद आपको गैस और ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है। इसलिए गोभी का सेवन न करें।

थायराइड में गोभी नहीं खाएं- अगर आपको थायराइड की समस्या है तो फूलगोभी न खाएं। इससे आपकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। फूलगोभी खाने से थायराइड ग्लैंग में आयोडीन के इस्तेमाल करने की शक्ति कम हो जाती है। जिससे मुश्किल हो सकती है। फूल गोभी खासतौर से T3 और T4 हार्मोन के लेवल को प्रभावित कर सकती है। इसलिए थायराइड के मरीज कम से कम फूलगोभी खाएं।

पथरी होने पर न खाएं गोभी- फूल गोभी का सेवन पथरी की समस्या होने पर भी नहीं करना चाहिए। इससे नुकसान हो सकता है। खासतौर से गॉलब्लैडर और किडनी में पथरी होने पर फूल गोभी खाने से बचना चाहिए। फूल गोभी में कैल्शियम होता है जिससे पथरी की परेशानी और बढ़ सकती है।

ब्लड क्लॉटिंग होने पर- अगर आपको ब्लड क्लोटिंग की शिकायत रहती है तो फूलगोभी का सेवन बिल्कुल न करें। फूलगोभी में पोटैशियम काफी ज्यादा होता है जिससे शरीर में खून और गाढ़ा हो सकता है। इसलिए गोभी का सेवन सीमित करें या फिर न खाएं।

 

प्रेगनेंसी में न खाएं गोभी- गर्भावस्था के दौरान भी आपको फूल गोभी का सेवन करने से बचना चाहिए। इससे कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं। खासतौर से प्रेग्नेंसी में गैस, एसिडिटी और अपच की समस्या ट्रिगर कर सकती है। इसलिए गोभी से परहेज करना जरूरी है।

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तीसरे हफ्ते भी 'भूल भुलैया 3' का दबदबा, दूसरी फिल्मों को छोड़ा पीछे

भूल भुलैया 3  ने दर्शकों के दिलों पर राज करते हुए बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त पकड़ बना रखी है. यह फिल्म न केवल दर्शकों को मनोरंजन का भरपूर डोज दे रही है, बल्कि अपनी प्रीक्वल ‘भूल भुलैया 2’ के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए फ्रेंचाइजी की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है. ‘भूल भुलैया 3’ 36.60 करोड़ की शानदार ओपनिंग के साथ रिलीज हुई थी. इसने तीसरे हफ्ते में भी अपनी रफ्तार बनाए रखी है| भूल भुलैया 3’Bhool Bhulaiyaa 3 में कार्तिक आर्यन ने एक बार फिर रूह बाबा के किरदार में जान डाल दी है|

भुलैया की इस नई कड़ी में कार्तिक के साथ तृप्ति डिमरी नजर आ रही हैं, जबकि पहली फिल्म की ‘मंजुलिका’ विद्या बालन और माधुरी दीक्षित ने भी अपनी शानदार भूमिकाओं से फिल्म को और दमदार बना दिया है. इस फिल्म का निर्देशन अनीस बज्मी ने किया है और इसे भूषण कुमार ने प्रोड्यूस किया है. यह फिल्म बॉलीवुड की सबसे लोकप्रिय हॉरर-कॉमेडी फ्रेंचाइजी की विरासत को और आगे बढ़ाने में सफल हो रही है|

 

दीवाली के मौके पर रिलीज हुई ‘भूल भुलैया 3 दर्शकों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है. अगर आपने अब तक यह फिल्म नहीं देखी है, तो बड़े पर्दे पर इस हॉरर-कॉमेडी का मजा जरूर लें. सैकनिल्क की रिपोर्ट के अनुसार, ‘भूल भुलैया 3 का 15 दिनों में भारत में ग्रॉस कलेक्शन 264.15 करोड़ रुपये है. शुक्रवार 15 नवंबर को ‘भूल भुलैया 3 (हिंदी) की कुल ऑक्यूपेसी 24.27% दर्ज की गई है|

 

 

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57 वर्ष की हुयी बॉलीवुड की जानीमानी अभिनेत्री जूही चावला

 बॉलीवुड की जानीमानी अभिनेत्री जूही चावला आज 57 वर्ष की हो गयीं। जूही चावला का जन्म 13 नवंबर, 1967 को हुआ था। उनके पिता एस.चावला एक डॉक्टर थे। जूही चावला ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा लुधियाना से पूरी की। इसके बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई मुंबई के सिद्धेनम कॉलेज से पूरी की। वर्ष 1984 में वह मिस इंडिया चुनी गई। इसके बाद उन्हें मिस यूनीवर्स प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का मौका मिला। इस प्रतियोगिता में उन्हें सर्वश्रेष्ठ वेश-भूषा के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।इस बीच उन्हें कई विज्ञापन फिल्मों में मॉडलिंग का काम करने का अवसर मिला।

जूही चावला ने अपने सिने करियर की शुरुआत वर्ष 1986 में प्रदर्शित फिल्म ‘सल्तनत’ से की। मुकुल आनंद के निर्देशन में बनी इस फिल्म में धर्मेन्द्र और सनी देवोल ने मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्म में जूही चावला के नायक की भूमिका शशि कपूर के पुत्र करण कपूर ने निभाई थी। फिल्म टिकट खिड़की पर असफल साबित हुई और जूही चावला दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनाने में असफल रही।फिल्म ‘सल्तनत’ की असफलता के बाद जूही चावला को हिंदी फिल्मों में काम मिलना बंद हो गया। इस बीच उन्होंने रोशन तनेजा के अभिनय प्रशिक्षण स्कूल में तीन महीने का प्रशिक्षण प्राप्त किया और दक्षिण फिल्मों की ओर अपना रुख किया।

 

वर्ष 1987 में प्रदर्शित कन्नड़ फिल्म ‘प्रेमालोक’ उनके करियर की पहली हिट फिल्म साबित हुई। लगभग चार वर्ष तक मायानगरी मुंबई में संघर्ष करने के बाद 1988 में नासिर हुसैन के बैनर तले बनी फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ की सफलता के बाद बतौर फिल्म अभिनेत्री इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने में सफल हो गई।वर्ष 1990 उनके सिने करियर के लिए अहम वर्ष साबित हुआ। इस वर्ष उनकी ‘स्वर्ग’ और ‘प्रतिबंध’ जैसी सुपरहिट फिल्में प्रदर्शित हुईं। राजनीति से प्रेरित फिल्म ‘प्रतिबंध’ में जूही चावला अपने दमदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्म फेयर पुरस्कार से नामांकित भी की गईं। वर्ष 1992 में उनके अभिनय के विविध रूप देखने को मिले। इस वर्ष उनकी ‘राधा का संगम’, ‘मेरे सजना साथ निभाना’, ‘बेवफा से वफा’ और ‘बोल राधा बोल’ जैसी फिल्में प्रदर्शित हुईं जो महिला प्रधान थीं।

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लौंग का पानी पीने के फायदे

 अगर आप सुबह लौंग का पानी पीते हैं तो इससे शरीर को कई फायदे मिलते हैं। लौंग में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो पानी में घुलकर शरीर तक पहुंचते हैं और कई लाभ पहुंचाते हैं। लौंग का पानी पीने से हमारे शरीर में पाए जाने वाले त्रिदोष को भी बैलेंस किया जा सकता है।

सुबह लौंग का पानी पीने से क्या फायदा होता है?

वात, पित्त और कफ रहेगा बैलेंस- आयुर्वेद में सारी बीमारियों की जड़ वात, पित्त और कफ को माना जाता है। वात पित्त और कफ का बैलेंस बिगड़ने पर कई तरह की बीमारियां पैदा होती हैं। खासतौर से इससे पेट, गले, नाक और त्वचा की समस्याएं हो सकती हैं। त्रिदोष को बैलेंस करने में लौंग का पानी असरदार साबित होता है। इससे पाचन में सुधार आएगा और पेट ठंडा रहेगा। लौंग का पानी पीने से पेट की जलन और एसिडिटी कम होगी।

पाचन में सुधार आएगा- जो लोग सुबह खाली पेट लौंग का पानी पीते हैं उनका पाचन तंत्र मजबूत बनता है। इस पानी से पेट की बीमारी जैसे गैस, एसिडिटी, ब्लोटिंग और अपच दूर होती है। पाचन प्रक्रिया में सुधार आता है। लौंग का पानी पीने से शरीर में एंजाइम बढ़ते हैं जिससे खाना पचाने में आसानी होती है।

 

प्यास और जलन कम करे- अगर आपको बहुत प्यास लगती है और पेट में जलन की शिकायत होती है तो आप लौंग का पानी पी सकते हैं। भले ही लौंग तासीर में गर्म होती है लेकिन लौंग का पानी ठंडक देने वाला हो जाता है। इससे प्यास कम लगती है और पेट में होने वाली जलन भी दूर होती है। लौंग का पानी पीने से शरीर हाइड्रेड रहता है।

वजन घटाने में मदद- सुबह खाली पेट लौंग का पानी पीने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है। इससे वजन घटाने में मदद मिलती है। भूख कम लगती है और ओवरईटिंग पर भी कंट्रोल किया जा सकता है। लौंग में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो फैट को तेजी से बर्न करने में मदद करते हैं। इसलिए मोटापा घटाने का प्रयास करने वाले लोग लौंग का पानी पी सकते हैं।

 

इम्यूनिटी बढ़ाए- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में लौंग का पानी असरदार साबित होता है। इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। खासतौर से बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम और खांसी कफ जैसी समस्याओं में राहत मिलती है। लौंग में एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण होते हैं जो किसी भी इंफेक्शन से बचाने में मदद करते हैं। इससे मौसमी बीमारियों दूर रहती है।

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मोटापे की कट्टर दुशमन है दलिया

 दलिया का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है। विटामिन और प्रोटीन से भरपूर दलिया खाने से न केवल वजन कम होता है बल्कि आप कई बीमारियों से दूर रहेंगे। बता दें, मोटे अनाज के दानेदार चूरे को दलिया कहते हैं। इसमें मौजूद पोषक तत्व लो कैलोरी, फाइबर, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, थायमिन, फोलेट, पोटेशियम, कार्बोहाइड्रेट, जिंक, मिनरल्स, विटामिन और आयरन हेल्दी और स्वस्थ बनाते हैं। अगर आप अपनी डाइट में सिर्फ एक कटोरी दलिया का सेवन करते हैं तो इससे आपकी सेहत को क्या क्या फायदे हो सकते हैं चलिए हम आपको बताते हैं-

दलिया खाने से ये बीमारियां रहेंगे कोसों दूर:

सेहतमंद दिल: दलिया में मौजूद फाइबर, प्रोटीन, और एंटीऑक्सीडेंट दिल की सेहत के लिए फायदेमंद हैं। दलिया कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करता है जिससे हार्ट डिजीज का रिस्क काफी कम हो जाता है।

वजन होगा कम: अगर वजन तेजी से बढ़ रहा है तो डाइट में दलिया ज़रूर शामिल करें। दलिया फाइबर से भरपूर होता है और वजन को कम करने में मदद करता है। इसके सेवन से लंबे समय तक भूख नहीं लगती है।

 

डायबिटीज कंट्रोल: दलिया में लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स पाया जाता है जो डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद है। इसका सेवन ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है।

पाचन होता है बेहतर:  दलिया पाचन को सुधारने में मदद कर सकता है क्योंकि ये कब्ज को कम करने में मदद करता है और आपके पेट में सारे पोषण को अच्छी तरह से सोख लेता है।

 

कोलेस्ट्रॉल होगा कम: दलिया में मौजूद फाइबर बैड कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में बेहद असरदार है। दलिया कोलेस्ट्रॉल को कम करके दिल से जुड़ी बीमारियों के खतरे को भी कम करता है।

दलिया खाने का सही समय:

दलिया सुबह और शाम के नाश्ते में खाना चाहिए। सुबह के समय दलिया खाने से दिनभर ऊर्जावान महसूस करेंगे साथ ही शाम के समय नाश्ते में दलिया खाने से आपको रात के समय ज़्यादा भूख नहीं लगेगी।

 

 

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यूरिक एसिड कंट्रोल करने वाली सब्जी है टिंडा

 सर्दियों में हाई यूरिक एसिड के मरीज की मुश्किलें सबसे ज्यादा बढ़ जाती हैं। ठंड के कारण हड्डियों में दर्द और अकड़न होने लगती है ऊपर से अगर यूरिस एसिड बढ़ जाए तो फिर दर्द के कारण चलना फिरना भी मुश्किल हो जाता है। हालांकि डाइट से यूरिक एसिड को कम किया जा सकता है। सर्जियों में ऐसी कई सब्जियां मिलती है जो हाई यूरिक एसिड को कम करने में मदद करती हैं। ऐसी ही सब्जी है टिंडा, जो स्वाद में काफी लौकी जैसा ही लगता है। यूरिक एसिड में डिंटा खाने से जोड़ों में जमा प्यूरीन आसानी से निकल जाता है। जानिए यूरिक एसिड में टिंडा खाने के फायदे और इसे कितने दिन खाने से आराम मिलेगा?

यूरिक एसिड को खाने से काबू करना है तो इसके लिए डाइट में लोग प्रोटीन और हाई फाइबर फूड शामिल करने जरूरी हैं। खाने में लौकी, तोरई और टिंडा की सब्जी जरूर शामिल करें। रोजाना इन सब्जियों के खाने से 1-2 महीने में ही शरीर में जमा यूरिक एसिड निकल जाएगा।

टिंडा खाने के फायदे

टिंडा खाने में भले ही लोगों को ज्यादा स्वादिष्ट न लगे, लेकिन टिंडा में कई तरह के औषधीय गुण पाए जाते हैं। टिंडा खाने से शरीर को विटामिन सी, कैल्शियम, प्रोटीन, आयरन, फास्फोरस, डाइट्री फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मिलते हैं। फाइबर रिच टिंडा खाने से पाचन से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं। टिंडा खाने से कब्ज की समस्या भी दूर भाग जाती है।

हार्ट और ब्लड प्रेशन में फायदेमंद है टिंडा

पोटेशियम, मैग्नीशियम और मैग्नीज ज्यादा होने के कारण टिंडा हार्ट के लिए भी अच्छी सब्जी माना जाता है। टिंडा पानी से भरपूर सब्जी है जो वजन घटाने और शरीर को हाइड्रेट रखने में भी मदद करती है। इसके अलावा विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन बी6 और विटामिन के ओवर ऑल हेल्थ में सुधार लाने मे मदद करते हैं। टिंडा खाने से किडनी फंक्शन में सुधार आता है और किडनी में जमा टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते हैं।

यूरिक एसिड कंट्रोल करने वाली सब्जी है टिंडा

हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो लगातार 1-2 महीने टिंडा खाने से आप यूरिक एसिड को कंट्रोल कर सकते हैं। टिंडा के अलावा लौकी भी हाई यूरिए एसिड को तेजी से कम करती है। टिंडा और लौकी खाने से पेट से जुड़ी समस्याएं भी दूर होती हैं और जोड़ों के दर्द में भी आपको आराम मिलेगा।    

 

 

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रश्मिका मंदाना ने अल्लू अर्जुन को दिया खास तोहफा

 दक्षिण भारतीय फिल्मों की जानीमानी अभिनेत्री रश्मिका मंदाना ने फिल्म पुष्पा के अपने को-स्टार अल्लू अर्जुन को खास तोहफा दिया है।अल्लू अर्जुन ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर एक प्यारा सा पल साझा किया है, जिसमें उनकी फिल्म पुष्पा को-स्टार रश्मिका मंदाना का दिल छू लेने वाला जेस्टर देखने मिल रहा है। पुष्पा: द राइज़ में श्रीवल्ली के किरदार से मशहूर हुई रश्मिका ने अपने इस इमोशन से भरे अंदाज से फैंस का दिल जीत लिया है।

अल्लू अर्जुन ने एक खूबसूरत नोट और प्यारे गिफ्ट की झलक शेयर की है, जो उन्हें रश्मिका से मिला है। अपने पोस्ट में उन्होंने रश्मिका को धन्यवाद देते हुए उनके इस जेस्टर की सराहना की है। उन्होंने इस तरह से यह भी बताया है कि उनके बीच ऑफ-स्क्रीन भी एक गहरी दोस्ती है।

नोट में लिखा गया है, मेरी माँ ने कहा था कि किसी को चांदी का तोहफा देने से उसे सौभाग्य प्राप्त होता है।मुझे उम्मीद है कि यह छोटी सी चांदी और मिठाई आपके लिए और ज्यादा सौभाग्य, सकारात्मकता और प्यार लेकर आएगी। आपको और आपके खूबसूरत परिवार को दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएँ!लव, रश्मिका मंदाना।इसके जवाब में, अल्लू ने लिखा, थैंक यू डियर। अब बहुत सारे लक की जरूरत है।

 

 

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बागबाहरा जंगल से रेस्क्यू कर सफेद पूंछ वाले बीमार गिद्ध की बचाई गई जान

राजधानी रायपुर के समीप स्थित नंदनवन जंगल सफारी के वन अधिकारियों एवं चिकित्सकों की टीम विलुप्त प्रजाति के सफेद पूंछ वाले बीमार गिद्ध का रेस्क्यू कर उसकी जान बचाने में सफल रही है। यह बीमार गिद्ध लगभग 500 किलोमीटर की उड़ान भरता हुआ बीते दिनों छत्तीसगढ़ राज्य के महासमुंद वनक्षेत्र के बागबाहरा पहुंचा था। इस बीमार गिद्ध के रेस्क्यू के बाद नंदनवन जंगल सफारी के वन्य चिकित्सकों एवं वन अधिकारियों ने बड़ी सावधानी के साथ इस गिद्ध का इलाज किया। इसके स्वास्थ्य पर सतत निगरानी रखी, जिसके चलते कुछ ही दिनों में यह गिद्ध स्वस्थ एवं सामान्य स्थिति में आ गया। जंगल सफारी की टीम ने इस गिद्ध को फिर से उड़ान भरने के लिए छोड़ दिया है। 


नंदनवन जंगल सफारी के अधिकारियों द्वारा बीमार गिद्ध के बचाव कार्य की मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने सराहना की है। उन्होंने गिद्ध के रेस्क्यू ऑपरेशन और इलाज में लगी अधिकारियों की टीम को बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विलुप्त होती गिद्ध की इस प्रजाति का छत्तीसगढ़ के अधिकारियों द्वारा बचाव के लिए किए गए प्रयासों की जितनी सराहना की जाए कम है।

गौरतलब है कि सफेद पूंछ वाला गिद्ध (वाईट रुम्पड वल्चर) एक संकट ग्रस्त प्रजाति है। वर्तमान में इस प्रजाति की संख्या देश में 13 हजार से भी कम रह गई है। यह गिद्ध बड़े पेड़ों पर घोंसला बनाते हैं और साल भर में केवल एक ही अंडा देते हैं, जिससे इनकी संख्या बढ़ने की गति धीमी होती है। ये गिद्ध केवल उन्हीं क्षेत्रों में पाए जाते हैं, जहां जैव विविधता समृद्ध होती है और प्रदूषण या औद्योगीकीकरण का प्रभाव कम होता है। गिद्ध के इस प्रजाति के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। 

इसी कड़ी में भारत में वाईट रुम्पड वल्चर की निगरानी और संरक्षण के लिए बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (बीएनएचएस) और ताडोबा अंधेरी टाइगर रिजर्व ने एक विशेष पहल करते हुए 10 सफेद पूंछ वाले एक गिद्धों को एक साथ  जियो-ट्रैकिंग उपकरण के साथ जंगल में छोड़ा गया था, जिसमें से एक गिद्ध महाराष्ट्र राज्य में उड़ान भरते हुए छत्तीसगढ़ के इन्द्रावती टाईगर रिजर्व होते हुए कांकेर जिले से महासमुंद वन क्षेत्र  बागबाहरा में पहुंच गया था। नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (बीएनएचएस) और ताडोबा अंधेरी टाइगर रिजर्व का गिद्धों को छोड़ने का उद्देश्य उनके प्रवास मार्गों का अध्ययन करने के साथ- साथ उनको प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रख उनका संरक्षण और संवर्धन करना था। उन 10 गिद्धों में से एक गिद्ध  20 दिनों में लगभग 500 किलोमीटर की उड़ान भरने के बाद महासमुंद वन क्षेत्र में आ गया था। बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (बीएनएचएस) की निगरानी टीम ने जियो-ट्रैकिंग उपकरण की मदद से जाना कि यह गिद्ध बागबाहरा जंगल मे एक ही स्थान पर लंबे समय तक रुका हुआ है। इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने नंदनवन जंगल सफारी रायपुर के अधिकारियों से सम्पर्क किया और पूरी स्थिति की जानकारी दी।

 नंदनवन जंगल सफारी के वन्यजीव डॉक्टरों और वन अधिकारियों की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बागबाहरा क्षेत्र से गिद्ध का सुरक्षित रेस्क्यू किया और 26 अगस्त को उसे नंदनवन जंगल सफारी ले आए। यहां चिकित्सकों की देखरेख में गिद्ध को उचित उपचार और पोषण दिया गया, जिससे वह स्वस्थ होने लगा। कुछ दिनों में ही गिद्ध पूरी तरह से स्वस्थ हो गया और उसकी सक्रियता लौट आई।

नंदनवन जंगल सफारी के संचालक श्री धम्मशील गणवीर ने बताया कि नंदनवन जंगल सफारी से वन्य जीव चिकित्सकों के सलाह के आधार पर 26 सितंबर 2024 को गिद्ध को फिर से उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया, जिसके बाद यह गिद्ध यहाँ से 1100 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करते हुए गुजरात के सूरत इलाके में पहुंच गया है। इस गिद्ध की  लोकेशन की ट्रेकिंग बीएनएचएस द्वारा की जा रही है।
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महतारी वंदन योजना से दीपावली की खुशियां हुई दोगुनी

हमारे देश के सबसे प्रमुख त्यौहार दीपावली को हर्षोल्लास के साथ सभी मनाते हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में इस बार दीपावली का त्यौहार महिलाओं के लिए दोगुनी खुशियाॅ लेकर आया है। यह खुशियाॅ उन्हें महतारी वंदन योजना की 9वीं किस्त की राशि से मिली है, जिसे दीपावली से पूर्व ही मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दीपावली की खुशियों के रूप में छत्तीसगढ़ की महिलाओं के खाते में अंतरित कर दिया था। 


महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख माताओं एवं बहनों के बैंक खातों में प्रतिमाह एक-एक  हजार रूपये का अंतरण किया जाता है, जिसमें बालोद जिले की 02 लाख 52 हजार से अधिक महिलाएं भी प्रतिमाह लाभान्वित हो रही हैं। दीपावली त्यौहार के अवसर पर बालोद जिले की महिलाओं ने अपने बैंक खातों में एक-एक हजार रूपए राशि अंतरित होने पर खुशी जाहिर करते हुए अपने विष्णु भैय्या के प्रति आभार व्यक्त किया है। बालोद जिले के ग्राम सिवनी की श्रीमती देवकी बाई ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हे प्रतिमाह महतारी वंदन योजना के तहत एक हजार रूपए उनके खाते में मिल रहा है, जिसे वह अपने बैंक में जमा कर रही है। अभी दिपावली के अवसर पर इससे वह अपने घर में सभी के लिए कपड़े और जरूरी सामान खरीदी है, जिससे उन्होंने दिपावली का त्यौहार काफी खुशी से मनाया है।  उसने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय उनके बड़े भाई की तरह उनका ख्याल रख रहे हैं, और इस माह दीपावली त्यौहार के पूर्व राशि अंतरित कर उन्होंने अपनी बहनों की खुशियों को दोगुना किया है, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त किया है। श्रीमती ईश्वरी सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने दीपावली त्यौहार के पूर्व हमें महतारी वंदन योजना की राशि उपलब्ध कराया है, इससे उन्होंने अपने लिए साड़ी ली है। इसी प्रकार श्रीमती सरिता और श्रीमती बसंती निषाद ने महतारी वंदन योजना के तहत नौंवी किश्त की राशि आने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी हमारे बडे़ भैय्या की तरह हमारा ख्याल रख रहे है। हमें प्रतिमाह एक हजार की राशि सीधे हमारे बैंक खाते में प्रदान कर रहे है। हमारे लिए अब हर माह की शुरूआत किसी त्यौहार से कम नही होती और मोबाइल में महतारी वंदन योजना की राशि आने का मैसेज देखते ही खुशियों से हमारा आत्मविश्वास जाग जाता है। इस माह दीपावली से पूर्व ही राशि आने से हमारी दीपावली की खुशियाॅ दोगुनी हुई है, हमने इस माह की राशि का उपयोग दीपावली की खरीदी में किया है। 

बालोद जिले की इन महिलाओं ने महतारी वंदन योजना को सराहते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को बहुत-बहुत धन्यवाद देते हुए उनका आभार व्यक्त किया है।
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नींद से न करें कोई समझौता वरना हो सकती है ये खतरनाक बीमारी

 अच्छी नींद को हमारे पूरे स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। अगर नींद में किसी तरह की कोई गड़बड़ी हुई तो इससे लिवर बुरी तरह से प्रभावित होता है। लंबे समय तक अच्छी नींद नहीं लेने से लिवर सिरोसिस का खतरा बढ़ सकता है। चीन में हुआजोंग यूनिवर्सिटी आफ साइंस एंड टेक्नोलाजी में हुए एक रिसर्च में पता चला है कि यह नान अल्कोहलिक फैटी लीवर रोग और नींद के बीच संबंध है।

इस रिसर्च में नॉन अल्कोहलिक फैटी लीवर रोगियों में हेल्दी और अच्छी नींद के पैटर्न और सिरोसिस के कम खतरे के बीच संबंध दिखाया गया है। रिसर्च के दौरान करीब 112, 196 नॉन अल्कोहलिक फैटी लीवर रोगियों में पाया गया कि खराब नींद के पैटर्न से सिरोसिस के बढ़ने के खतरे जुड़े हुए हैं। हेपेटोलाजी इंटरनेशनल के मुताबिक, लोगों में अच्छी नींद के फायदे देखे गए, चाहे उनका आनुवंशिक जोखिम कम हो या ज्यादा हो।

नींद से लिवर का है कनेक्शन

वहीं लिवरडाक के नाम से मशहूर एबी फिलिप्स का कहना है कि कई रिसर्च में इस बात के सुबूत पाए गए हैं कि नींद को वास्तव में कम आंका जाता है। आप अपनी आनुवंशिक प्रोफाइल को तो नहीं बदल सकते लेकिन, हर रात अच्छी नींद तो ही सकते हैं। रोजाना रात में 7-8 घंटे की अच्छी नींद हमारे पूरे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है। इससे लिवर को भी अनगिनत फायदे मिलते हैं।

नींद में गड़बड़ी से हो सकता है लिवर सिरोसिस

नींद में लंबे समय तक गड़बड़ी होने पर व्यक्तियों में सिरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। सिरोसिस तब होता है जब लिवर लंबे समय तक बीमार रहता है। धीरे-धीरे लिवर के ऊपर घाव के निशान वाले ऊतक बन जाते हैं। ये घाव वाले निशान लिवर के काम को प्रभावित करते हैं। लंबे समय तक ये स्थिति बनी रहने से लिवर के फेल होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

क्या है लिवर सिरोसिस?

लिवर सिरोसिस एक तरह की क्रानिक बीमारी है। जो लंबे समय तक लिवर के खराब होने से पनपती है। लिवर सिरोसिस होने पर लिवर के हेल्दी ऊतक खत्म होने लगते हैं और लिवर ठीक से काम करना बंद कर देता है। लिवर सिरोसिस होने पर शरीर में कई लक्षण नजर आते हैं।  

लिवर सिरोसिसस के लक्षण

उल्टी होना

कम भूख लगना

बहुत थकावट

पीलिया होना

वजन घटना

खुजली होना

पेट में तरल पदार्थ बनना

 पेशाब का रंग गहरा होना

बाल झड़ना

नाक से खून आना

मांसपेशियों में ऐंठन

बार-बार बुखार आना

याददाश्त की समस्या

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बढ़ गया है यूरिक एसिड, तो इन दालों को खाने से कर लें परहेज

 शरीर में यूरिक एसिड के स्तर के बढ़ जाने से सेहत से जुड़ी कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं। हाई यूरिक एसिड को समय रहते कंट्रोल करना बेहद जरूरी है। यूरिक एसिड के स्तर पर काबू पाने के लिए आपको अपने खान-पान पर ध्यान देना चाहिए। अगर आपको भी हाई यूरिक एसिड की समस्या है, तो आपको कुछ दालों का सेवन करने से बचना चाहिए। दरअसल, इन दालों को डाइट में शामिल करने की वजह से यूरिक एसिड का स्तर और ज्यादा बढ़ सकता है।

अवॉइड करें मसूर-उड़द की दाल

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मसूर की दाल में प्रोटीन की अच्छी खासी मात्रा पाई जाती है। यूरिक एसिड की समस्या से जूझ रहे लोगों को मसूर की दाल से परहेज करने की सलाह दी जाती है। वहीं, उड़द की दाल में पाई जाने वाली प्यूरीन की मात्रा भी हाई यूरिक एसिड का शिकार लोगों की सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।

अरहर-चने की दाल खाने से बचें

प्रोटीन रिच अरहर की दाल भी हाई यूरिक एसिड की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। इसलिए इस समस्या का शिकार लोगों को डॉक्टर की सलाह लेकर ही अरहर की दाल का सेवन करना चाहिए। चने की दाल भी आपकी हाई यूरिक एसिड की समस्या को बढ़ाने का काम कर सकती है।

डॉक्टर से कंसल्ट जरूर करें

लोबिया की दाल में पाए जाने वाले कुछ तत्व यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ा सकते हैं। हाई यूरिक एसिड की समस्या की चपेट में आए लोगों को डॉक्टर की सलाह लेकर ही इन दालों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। वहीं, समय रहते हाई यूरिक एसिड की समस्या का ट्रीटमेंट शुरू करना भी बेहद जरूरी है, वरना आप जोड़ों के दर्द का शिकार भी बन सकते हैं।

 

 

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