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राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, खेलों के लिए बुनियादी ढांचा होगा सुदृढ़

छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बार फिर खेल सुविधाओं में इजाफा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने, खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उत्कृष्ट प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए सरकार सतत प्रयासरत है। इसी कड़ी में धमतरी और कुरूद में इंडोर बैडमिंटन हॉल / मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण हेतु प्रशासनिक स्वीकृति मिली है। क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत खेल बुनियादी ढांचे का विस्तार और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य सरकार कई महत्त्वपूर्ण पहल कर रही है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास, प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन योजनाओं पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 1 से 3 करोड़ रुपये तक की पुरस्कार राशि देने की योजना सरकार की प्रतिबद्धता का परिचायक है। यह पहल न केवल खिलाड़ियों के मनोबल को ऊँचा करती है बल्कि आने वाली नई पीढ़ी को भी खेलों की ओर प्रेरित करती है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के तहत मैदानों का उन्नयन, उच्च स्तरीय उपकरणों की उपलब्धता, खेल क्लबों को आर्थिक सहायता और पारंपरिक खेलों के आयोजन जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
कलेक्टर धमतरी ने बताया कि जिले के धमतरी और कुरूद में इंडोर बैडमिंटन हॉल / मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स हॉल के प्रोजेक्ट के लिए लगभग 5-5 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यहां खिलाड़ियों के लिए विभिन्न इनडोर खेलों की आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिनमें बैडमिंटन, टेबल टेनिस, कैरम, शतरंज, लूडो एवं साँप-सीढ़ी, डार्ट बोर्ड, स्नूकर, तीरंदाजी, योग कक्ष, स्क्वॉश, बास्केटबॉल,  पिकलबॉल प्रमुख हैं। सबसे अहम यह है कि इन खेलों के लिए आवश्यक उपकरण और संरचनाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगी।
इतना ही नहीं स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में न केवल खेल सुविधाएं बल्कि खिलाड़ियों और दर्शकों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक प्रावधान किए जाएंगे। इनमें खिलाड़ियों के आराम और तैयारी के लिए प्लेयर रूम, दर्शकों और प्रतिभागियों के लिए सुव्यवस्थित स्पोर्ट्स हॉल वेटिंग एरिया, आकस्मिक चिकित्सा सुविधा के लिए फर्स्ट एड रूम, महिला एवं पुरुषों के लिए अलग शौचालय शामिल हैं। इन प्रावधानों से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
धमतरी और कुरूद के आसपास के क्षेत्रों में अनेक युवा खेलों में सक्रिय हैं, लेकिन पर्याप्त संसाधन और प्रशिक्षण केंद्र न होने के कारण वे अपनी प्रतिभा को राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक नहीं पहुँचा पाते। इन इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्सों के निर्माण से स्थानीय खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिलेगा और वे अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे।

धमतरी और कुरूद के मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, खेल के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगे। आने वाले समय में धमतरी और कुरूद के खिलाड़ी न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित देवाशीष और मनतृप्त कौर ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राष्ट्रपति रोवर रेंजर अवार्ड से सम्मानित रोवर देवाशीष मखीजा और रेंजर मनतृप्त कौर संधू ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने दोनों प्रतिभाओं को प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की । 


उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने 22 जुलाई को राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित विशिष्ट समारोह में छत्तीसगढ़ के रोवर देवाशीष माखीजा, रेंजर मनतृप्त कौर संधू और गाईड कुसुम सिन्हा को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया।  श्री देवाशीष ने बताया कि यह गौरवपूर्ण पुरस्कार चार वर्षों के अंतराल में देश भर से चयनित 16 प्रतिभागियों को प्रदान किया गया । गर्व की बात है कि इस बार छत्तीसगढ़ से तीन प्रतिभागियों ने यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में उन्हें तत्कालीन राज्यपाल श्रीमती अनुसुइया उइके द्वारा राज्यपाल पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा के साथ रेंजर मनतृप्त कौर के पिता श्री गुरजीत सिंह संधू भी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला बॉक्सर सना माचू को दी शुभकामनाएँ

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) की महिला बॉक्सर सना माचू को भारतीय बॉक्सिंग टीम में चयनित होने पर हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि सना का चयन न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। बिलासपुर रेल मंडल में सीसीटीसी के पद पर पदस्थ सना माचू अब इंग्लैंड के लिवरपूल में 4 से 14 सितंबर तक आयोजित होने वाली विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की बेटियों की बढ़ती प्रतिभा, मेहनत और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि सना अपने दमदार प्रदर्शन से देश का नाम विश्व पटल पर रोशन करेंगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगी। मुख्यमंत्री ने सना को चैंपियनशिप के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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नवा रायपुर में स्थापित होगी अत्याधुनिक क्रिकेट एकेडमी

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य के उभरते क्रिकेट खिलाड़ियों के प्रशिक्षण एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ को नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-3, ग्राम-परसदा में 7.96 एकड़ भूमि क्रिकेट एकेडमी की स्थापना हेतु आबंटित करने का निर्णय लिया गया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि सरकारी व्ययन नियमों के तहत, गैर-लाभकारी संस्थाओं को सीधे भूमि आवंटन का प्रावधान नहीं है, लेकिन इस विशेष मामले में राज्य शासन ने नियमों को शिथिल कर यह निर्णय लिया है, जिससे खिलाड़ियों के हित में क्रिकेट एकेडमी की स्थापना हो सके।


गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ को 2016 में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से पूर्णकालिक मान्यता प्राप्त है। इसके लिए नगर विकास प्राधिकरण ने कुल 7.96 एकड़ भूमि चिन्हित की है। 

छत्तीसगढ़ राज्य में क्रिकेट के क्षेत्र में अपार संभावनाएँ हैं। प्रदेश के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। नवा रायपुर में शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम मौजूद है, परंतु अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं और प्रशिक्षण के लिए एकेडमी की जरूरत महसूस की जा रही थी। इस निर्णय से प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं को क्रिकेट में आगे बढ़ने के बेहतरीन अवसर मिलेंगे और राज्य को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिलेगी। छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम न केवल प्रदेश के युवा क्रिकेटरों के लिए अवसर के नए द्वार खोलेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ को खेल के क्षेत्र में मजबूत पहचान दिलाने में सहायक होगा।
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शतरंज की बिसात पर बेटियों का परचम – मुख्यमंत्री श्री साय ने दी ऐतिहासिक उपलब्धि पर शुभकामनाएँ

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने FIDE महिला शतरंज विश्व कप–2025 में भारत की बेटियों के ऐतिहासिक प्रदर्शन पर हर्ष और गर्व व्यक्त करते हुए विजेता दिव्या देशमुख और उपविजेता कोनेरू हम्पी को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं थी, बल्कि यह भारत की बेटियों की शक्ति, संकल्प और सामर्थ्य की एक प्रतीकात्मक तस्वीर थी। जब विश्व कप के फाइनल में दो भारतीय बेटियाँ आमने-सामने हों, तो वह पल भारत के लिए गौरव का नहीं, बल्कि आत्मविश्वास का उत्सव बन जाता है।

उन्होंने कहा कि दिव्या देशमुख द्वारा खिताब जीतना और कोनेरू हम्पी द्वारा उपविजेता बनना इस बात का प्रमाण है कि भारत की बेटियाँ अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यह जीत पूरे देश, विशेषकर देश की बेटियों के आत्मबल और आत्मविश्वास को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाने वाली है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि दृढ़ संकल्प, एकाग्रता और लगन – इन तीन गुणों के माध्यम से दिव्या और हम्पी ने न केवल शतरंज की बिसात पर विजय प्राप्त की, बल्कि भारत के हर गाँव और शहर की बेटियों को यह संदेश भी दिया कि सपनों को साकार करने के लिए कोई सीमा नहीं होती।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि यह क्षण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता शूटर श्री अभिनव बिंद्रा ने की मुलाकात

छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाएं अब आकाश को छूएंगी। राज्य के खिलाड़ी प्रारंभिक स्तर से ही आधुनिक तकनीकों के माध्यम से दक्ष बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज उनके निवास कार्यालय में ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता शूटर श्री अभिनव बिंद्रा ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री बिंद्रा से छत्तीसगढ़ में ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन, स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी एवं स्पोर्ट्स साइंस डेवलपमेंट के विषय में विस्तारपूर्वक चर्चा की।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री बिंद्रा का पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने श्री बिंद्रा से छत्तीसगढ़ में खेल गतिविधियों के विकास एवं खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने संबंधी योजनाओं पर गहन चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने चर्चा के दौरान कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रदेश के युवाओं में खेलों के प्रति स्वाभाविक रुचि एवं नैसर्गिक प्रतिभा है, विशेषकर आदिवासी अंचलों के युवाओं में अत्यधिक संभावनाएं हैं। इस परिप्रेक्ष्य में श्री बिंद्रा ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वे छत्तीसगढ़ में ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन, स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी और स्पोर्ट्स साइंस कार्यक्रम प्रारंभ करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य की खेल प्रतिभाओं को निखारने में ये प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे।

चर्चा के दौरान श्री बिंद्रा ने बताया कि वे अभिनव बिंद्रा फाउंडेशन के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों में खिलाड़ियों को आगे लाने के लिए विविध कार्यक्रम संचालित कर रहे हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि फाउंडेशन द्वारा खेलहित में संचालित ये कार्यक्रम निःशुल्क होते हैं, जिससे खिलाड़ियों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में भी फाउंडेशन के माध्यम से ऐसे कार्यक्रम प्रारंभ किए जाने के सम्बन्ध में चर्चा की।

श्री बिंद्रा ने जानकारी दी कि ओलंपिक वैल्यू एजुकेशन कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों में ओलंपिक मूल्यों का विकास किया जाएगा। उन्हें उत्कृष्टता, सम्मान और मैत्री जैसे मूल्यों को अपनाने हेतु प्रेरित किया जाएगा, जिससे प्रारंभिक अवस्था से ही खेल प्रतिभाओं का संवर्धन संभव हो सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय को श्री बिंद्रा ने अवगत कराया कि स्पोर्ट्स इंजरी खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। स्पोर्ट्स इंजरी रिकवरी कार्यक्रम के अंतर्गत खिलाड़ियों को निःशुल्क सर्जरी, पुनर्वास एवं उपचार उपरांत देखभाल की संपूर्ण सुविधा प्रदान की जाएगी, ताकि वे स्वस्थ होकर पुनः खेल क्षेत्र में सक्रीय हो सकें। इस हेतु फाउंडेशन के साथ देश के 30 उत्कृष्ट चिकित्सकों का नेटवर्क कार्यरत है, जिसका लाभ छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को मिलेगा।

मुख्यमंत्री को श्री बिंद्रा ने बताया कि वर्तमान खेल परिदृश्य पूर्णतः विज्ञान-आधारित हो गया है। अतः वे छत्तीसगढ़ में स्पोर्ट्स साइंस कार्यक्रम प्रारंभ करना चाहते हैं, जिससे आधुनिक एवं वैज्ञानिक पद्धति से खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया जा सके। नवीनतम तकनीकों की सहायता से प्रतिभाओं की पहचान वैज्ञानिक तरीके से की जा सकेगी तथा टेक्नोलॉजी के माध्यम से उनके कौशल को समुचित रूप से विकसित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को आवश्यक सभी सुविधाएं प्रदान कर रही है। विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि विशेष पिछड़ी जनजाति कोरवा समुदाय के युवाओं में तीरंदाजी का प्राकृतिक कौशल है। इस प्रतिभा को बढ़ावा देने हेतु रायपुर एवं जशपुर में एनटीपीसी के सहयोग से 60 करोड़ रुपये की लागत से आर्चरी अकादमी की स्थापना की जा रही है। इसी प्रकार बस्तर में आयोजित बस्तर ओलंपिक में 1.65 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। राज्य सरकार द्वारा ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को 3 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को 2 करोड़ रुपये एवं कांस्य पदक विजेता को 1 करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में देने की घोषणा की गई है।

इस अवसर पर खेल मंत्री श्री टंकराम वर्मा, छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्वविजय सिंह तोमर, खेल विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, डॉ. दिगपाल राणावत सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
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विदेश में छत्तीसगढ़ की बेटियां बढ़ाएंगी मान

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार राज्य के युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार, खेल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विशेष अवसर उपलब्ध करा रही है। छत्तीसगढ़ की बेटियाँ आज खेल के मैदान से लेकर हर क्षेत्र में अपनी मेहनत, निष्ठा और जज्बे से नया इतिहास रच रही हैं। राज्य सरकार खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग और प्रोत्साहन देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बीजापुर जिले की धरती एक बार फिर खेल जगत में अपनी प्रतिभा का परचम लहराने जा रही है। जिले के आवापली गांव की होनहार खिलाड़ी चंद्रकला तेलम का चयन भारतीय सॉफ्टबॉल टीम में एशिया कप सॉफ्टबॉल चौंपियनशिप 2025 के लिए हुआ है।  जो 14 से 20 जुलाई तक शियान, चीन में आयोजित होगी। चंद्रकला के साथ ही जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ की शालू डहरिया भी भारतीय टीम का हिस्सा होंगी, जो पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है।

    खास बात यह है कि भारतीय टीम के कोच के रूप में बीजापुर जिले के श्रम निरीक्षक श्री सोपान कर्णेवार की नियुक्ति हुई है। इससे पहले भी श्री कर्णेवार के कोचिंग में जिले के अनेक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं। भारतीय टीम का गठन कई कठिन चयन परीक्षाओं के बाद हुआ है। चंद्रकला तेलम को अनंतपुर (आंध्र प्रदेश), नागपुर, श्रीनगर एवं इंदौर में आयोजित चयन परीक्षण और विशेष कोचिंग कैंप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चुना गया है। भारतीय दल को नई दिल्ली में अंतिम प्रशिक्षण के बाद 13 जुलाई को शियान, चीन के लिए रवाना किया जाएगा।

    बीजापुर और जांजगीर-चांपा जिले के कलेक्टर ने भी टीम को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। गौरतलब है कि इस टूर्नामेंट की विजेता एवं उपविजेता टीम को वर्ल्ड कप सॉफ्टबॉल चौंपियनशिप में भाग लेने का अवसर मिलेगा।चंद्रकला और शालू डहरिया की यह उपलब्धि जिले की अन्य बेटियों को भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

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छत्तीसगढ़ के प्रेम राजन रौतिया ने इंटरनेशनल पावरलिफ्टिंग में दिलाया स्वर्ण पदक, मुख्यमंत्री श्री साय से की मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में एसबीकेएफ इंटरनेशनल गेम्स 2024 में स्वर्ण पदक विजेता पावरलिफ्टर श्री प्रेम राजन रौतिया ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें इस विशिष्ट उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं, जो हम सभी के लिए गर्व का विषय है।


उल्लेखनीय है कि श्री प्रेम राजन रौतिया महासमुंद जिले के पिथौरा के निवासी हैं। उन्होंने 31 अगस्त से 4 सितंबर 2024 तक नेपाल के पोखरा में आयोजित एसबीकेएफ इंटरनेशनल गेम्स में अंडर-30 कैटेगरी में भाग लेते हुए 735 किलोग्राम भार उठाकर शानदार प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि ने छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और मजबूत उपस्थिति दिलाई है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री ध्रुव कुमार मिर्धा, श्री खेमराज बाकरे सहित मेहर रविदास समाज के अनेक प्रतिनिधिगण उपस्थित थे, जिन्होंने श्री रौतिया को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
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छत्तीसगढ़ के लाल अनिमेष कुजूर ने रचा नया इतिहास, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई

छत्तीसगढ़ के युवा धावक अनिमेष कुजूर ने ग्रीस के एथेंस में आयोजित ड्रोमिया इंटरनेशनल स्प्रिंट मीट में 100 मीटर दौड़ को मात्र 10.18 सेकेंड में पूरा कर भारत के लिए नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' पर पोस्ट कर उन्हें बधाई दी।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम सभी के लिए यह अत्यंत गर्व और खुशी का क्षण है कि छत्तीसगढ़ के अनिमेष कुजूर ने ग्रीस में आयोजित ड्रोमिया इंटरनेशनल स्प्रिंट मीट में 100 मीटर दौड़ को मात्र 10.18 सेकेंड में पूरा कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया है। इससे पहले अनिमेष ने दक्षिण कोरिया में हुए एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 200 मीटर दौड़ को 20.32 सेकेंड में पूरा कर एक और राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम किया था। उन्होंने युवा खिलाड़ी अनिमेष को बधाई देते हुए कहा कि आपकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि हर युवा को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी। छत्तीसगढ़ को आप पर गर्व है।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष की यह उपलब्धि युवा शक्ति के आत्मविश्वास और सपनों की उड़ान का प्रतीक है। उनका यह प्रदर्शन न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए गौरव की बात है। प्रदेश सरकार युवाओं की प्रतिभा को पहचानने और प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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आगरा में आयोजित आल इंडिया इंटीनेशन सीनियर टूर्नामेंट के पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर मंडल के खिलाड़ी टी. एस. प्रकाश राव को मिला गोल्ड मेडल।

 दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर के पुरुष खिलाड़ी टी. एस. प्रकाश राव ने 04 से 06 मई 2025 तक आगरा में स्थित रेलवे कम्यूनिटी हॉल में पावरलिफ्टिंग खेल संघ द्वारा आयोजित ऑल इंडिया इंटीनेशन सीनियर टूर्नामेंट के पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 2025 के 120 किलोग्राम केटेगरी वर्ग के पावरलिफ्टिंग एवं बेंच प्रेस चैंपियनशिप में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का प्रतिनिधित्व करते हुए गोल्ड मेडल प्राप्त किया है । 

         दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल के पावरलिफ्टिंग खिलाड़ी टी. एस. प्रकाश राव बिलासपुर स्टेशन में वाणिज्य विभाग में डिप्टी सीटीआई के पद पर कार्यरत है । इससे पहले भी प्रकाश राव कई बार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिताओं में देश एवं भारतीय रेलवे का प्रतिनिधित्व करते हुये अनेक पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं ।
  बिलासपुर मंडल द्वारा हमेशा से खेल एवं खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जाता रहा है। इसी का परिणाम है कि आज विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के खिलाड़ी देश एवं भारतीय रेलवे के साथ ही साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का नाम रोशन कर रहे है ।
उनके शानदार प्रदर्शन एवं उपलब्धि पर वरि.मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अनुराग कुमार सिंह द्वारा बधाई दी गई है तथा भविष्य में और भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया गया ।
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मुख्यमंत्री श्री साय की संवेदनशील पहल: एशिया यूथ सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप में भागीदारी के लिए ₹1.70 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की

छत्तीसगढ़ की बेटी और 12 बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुकी सॉफ्टबॉल खिलाड़ी शालू डहरिया के चेहरे पर उस वक्त मुस्कान की लहर दौड़ गई, जब स्वयं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उन्हें वीडियो कॉल कर न सिर्फ शुभकामनाएं दीं, बल्कि उनके सपने को पूरा करने के लिए जरूरी आर्थिक मदद भी प्रदान किया ।


शालू डहरिया का चयन 14 से 20 जुलाई, 2025 को चीन के सिआन में होने वाली एशिया यूथ सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में हुआ है।छत्तीसगढ़ से इस ओपन टूर्नामेंट के लिए केवल दो महिला खिलाड़ियों का चयन हुआ है, जिनमें शालू डहरिया भी शामिल हैं। लेकिन इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भागीदारी के लिए आवश्यक ₹1.70 लाख की फीस उनके लिए एक बड़ी बाधा बन गई थी। 

आर्थिक रूप से साधारण परिवार से आने वाली शालू के पिता प्राइवेट सुरक्षा गार्ड हैं और माँ एक छोटे से ब्यूटी पार्लर का संचालन करती हैं। बावजूद इसके शालू ने आठवीं कक्षा से सॉफ्टबॉल खेलना शुरू किया और अब तक एक गोल्ड मेडल सहित 12 बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने शालू डहरिया को वीडियो कॉल कर कहा "बेटी, तुम आगे बढ़ो… हम सब तुम्हारे साथ हैं। छत्तीसगढ़ को तुम पर गर्व है। अच्छा खेलो, मेरी शुभकामनाएं तुम्हारे साथ हैं। देश और प्रदेश का नाम रोशन करो।”

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार बेटियों को केवल प्रोत्साहित नहीं करती, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर उनके सपनों को पंख देने के लिए भी हमेशा तत्पर रहती है।

संवेदनशीलता की मिसाल बनी यह पहल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दिशानिर्देश पर त्वरित अमल करते हुए जांजगीर चांपा कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने शालू को ₹1.70 लाख की सहायता राशि का चेक सौंपा और प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।

शालू की माता श्रीमती अल्का डहरिया ने मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी की संवेदनशील पहल और आर्थिक सहायता से मेरी बेटी को अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल होने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय की यह पहल बताती है कि सरकार सिर्फ योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं,  ज़रूरत की घड़ी में हाथ पकड़कर साथ निभाने वाली साथी है। बेटियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।
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मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग की विजेता टीमों को सौंपा विनर्स कप

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज यहां नवा रायपुर के शहीद वीरनारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग सीजन 2 के समापन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग की विजेता टीमों को विनर्स कप सौंपा। बारिश की वजह से सीसीपीएल का फाइनल मैच नहीं खेला जा सका। फाइनल में पहुंची दोनों टीमों रायपुर राइनोस और राजनांदगांव पैंथर्स को संयुक्त विजेता घोषित किया गया। 

छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग सीजन 2 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य की बात है कि सीसीपीएल जैसे क्रिकेट टूर्नामेंट का यहां शानदार आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ में हम सभी खेलों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग के माध्यम से राज्य के प्रतिभावान क्रिकेट खिलाड़ियों को खेलने का बेहतरीन मौका मिला है। इस आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ बधाई का पात्र है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बारिश की वजह फाइनल मैच नहीं खेला जा सका। रायपुर राइनोस और राजनांदगांव पैंथर्स टीमों को संयुक्त विजेता घोषित किया है। मैं दोनों टीमों को बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूँ और सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ। यह बहुत खुशी की बात है कि मौसम खराब होने के बाद भी बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी स्टेडियम में मौजूद हैं। मैं आशा करता हूँ कि छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ इसी तरह आगे भी छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग का आयोजन करता रहेगा। 

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग सीजन 2 का आयोजन 6 जून से 15 जून तक किया गया। इसमें रायपुर राइनोस, राजनांदगांव पैंथर्स, रायगढ़ लायन्स, बस्तर बाइसन्स, बिलासपुर बुल्स और सरगुजा टाईगर्स टीमों ने हिस्सा लिया। 
मुख्यमंत्री के हाथों से रायपुर राइनोस और राजनांदगांव पैंथर्स टीम के कप्तान अमनदीप खरे और अजय मंडल ने विनर्स कप ग्रहण किया।

 इस अवसर पर खेल मंत्री  टंकराम वर्मा, राज्यसभा सांसद और बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, बलदेव सिंह भाटिया,  प्रभतेज सिंह भाटिया सहित छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी उपस्थित थे।
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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की खिलाड़ी पुजा ने एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर बढ़ाया देश का मान

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की होनहार एथलीट और बिलासपुर रेल मंडल में टिकट कलेक्टर सह वाणिज्य लिपिक (कमर्शियल क्लर्क) के पद पर कार्यरत पूजा ने 26वीं एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 1500 मीटर दौड़ में दूसरा स्थान प्राप्त किया है । यह प्रतियोगिता गुमी, दक्षिण कोरिया में आयोजित की गई थी ।


पूजा ने 28 मई को हुए फाइनल मुकाबले में 4:10.83 मिनट का समय लेकर रजत पदक जीता और देश के साथ-साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का नाम भी रोशन किया ।

इस उपलब्धि पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने पूजा को हार्दिक बधाई दी तथा आगे भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रेलवे और देश का गौरव बढ़ाने के लिए शुभकामनाएँ दीं । 

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में खेल और खिलाड़ियों को विशेष महत्व दिया जाता है तथा उनकी सुविधाओं का पूर्ण ध्यान रखा जाता है । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के खेल विभाग में कार्यरत एथलेटिक्स कोच श्री श्रीकांत पाढ़ी ने भी पूजा के प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त की और इसे उनके परिश्रम और समर्पण का फल बताया ।

यह उल्लेखनीय है कि इस स्पर्धा में चीन की ली चुनहुई ने 4:10.58 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि जापान की टोमोका किमुरा ने कांस्य पदक प्राप्त किया ।
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ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर अंतर्गत तिरंगा यात्रा क्रास कंट्री दौड़ का हुआ आयोजन

ग्रीष्म कालीन खेल प्रशिक्षण शिविर 2025-26 का आयोजन 05 मई 2025 से प्रारंभ किया गया है। इस तारतम्य में रविवार को प्रातः 06ः00 बजे से तिरंगा यात्रा क्रास कंट्री दौड़ का आयोजन किया गया।यह दौड़ गांधी स्टेडियम परिसर के बास्केट बॉल ग्राउंड से प्रारंभ होकर घडी चौक, संगम चौक, गुदरी चौक, जोड़ा पीपल होते हुए पुनः गांधी स्टेडियम परिसर में सम्पन्न हुआ। रैली में लगभग 300 की संख्या में बच्चों, अभिभावक, कोच एवं अन्य नागरिकों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर सहायक संचालक खेल एवं युवा कल्याण विभाग के रामकुमार सिंह, कन्या क्रीडा परिसर के कोच श्री देवेन्द्र कुमार सिंह, वॉलीबॉल संघ से राकेश कुमार मिश्रा,श्री मृत्युन्जय त्रिपाठी, श्री सज्जन सिंह, श्री मनोज अग्रवाल, श्री अनिल सिंह, बास्केटबॉल संघ से राजेश प्रताप सिंह शतरंज संघ से एस. एस. वर्मा, ताइक्वांडो संघ से गन्नू खत्री, टेबल टेनिस संघ से अनमोल बारी, एथलेटिक्स संघ से श्रीमती हर्ष सिंह, योगा से श्री प्रमोद यादव, श्री अमर प्रसाद सिंह, श्री संदीप कुमार देवांगन आदि उपस्थित रहे।

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रविचंद्रन अश्विन को मिला पद्मश्री पुरस्कार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया सम्मानित

 भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। भारतीय क्रिकेट में अहम योगदान के लिए इस पूर्व ऑफ स्पिनर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से ये सम्मान मिला। उनके साथ-साथ भारतीय हॉकी टीम के पूर्व गोलकीपर पीआर श्रीजेश को पद्म भूषण से नवाजा गया। बता दें कि गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पदम पुरस्कारों की घोषणा की गई थी और अब राष्ट्रपति भवन में समारोह हुआ।

अश्विन ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। अश्विन भारत के लिए टेस्ट मैचों में दूसरे सबसे ज्यादा (537) विकेट लेने वाले खिलाड़ी हैं। अनिल कुंबले 619 विकेट के साथ पहले स्थान पर हैं।

 
 

अश्विन ने भारत के लिए 116 वनडे मैच खेले थे। इस दौरान उन्होंने 33.20 की औसत से 156 विकेट अपने नाम किए थे। टी-20 अंतरराष्ट्रीय में उन्होंने 23.22 की औसत से 72 विकेट लिए थे।

 
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हर ओवर,हर गेंद पर वही एक सा रवैया

 सोमवार को जयपुर के मानसिंह स्टेडियम में राजस्थान रायल्स व गुजरात जायंटस के बीच खेले गए आईपीएल के २०-२० मैच में वह हुआ जिसकी कल्पना नहीं की गई थी।लगातार हार रहे राजस्थान रायल्स के खिलाफ गुजरात जायंटस ने २०९ रन का लक्ष्य रखा।गुजरात के बल्लेबाजों ने अच्छी बल्लेबाजी की और वह निश्चिंत थे कि वह तो जीत रहे हैं।इस मैच में वह हुआ जो कभी कभी होता है। हारने वाली टीम जीत गई और जीतने वाली टीम हार गई और ऐसा इसलिए हुआ कि देश के क्रिकेट इतिहास में एक स्टार बल्लेबाज का उदय इस मैच में हुआ।उसने असंभव को संभव कर दिखाया। उसने जो किया उसके लिए सभी ने कहा कि यह तो अद्भुत,अकल्पनीय,अविश्वसनीय,चमत्कार। क्रिकेट के इतिहास में एक से एक महान बल्लेबाज हुए हैं लेकिन १४ साल कुछ दिन में कोई ऐसा नहीं कर सका। बिहार के समस्तीपुर जिले के १४ साल को क्रिकेट खिलाडी़ ने टी-२० में ३५ गेंदों पर शतक मार दिया। वह भी आईपीएल के इतिहास के दूसरा सबसे तेज शतक।

शतक भी अनोखा क्योंकि इसमें वैभव ने ११ छक्के व ७चौके मारे यानि उसने १०१ रन बनाए तो उसमें ९४ रन उसने बाउंड्री मार कर यानी चौका व छक्का मारकर बनाए।अपना शतक तक छक्का मारकर पूरा किया।शतक तो कई खिलाड़ी बनाते हैं लेकिन कोई इतने चौके व छक्के मारकर नहीं बनाता है। यह तो लोगों के कल्पना से परे था कि कोई १४ साल का खिलाडी़ अपने तीसरे मैच में ही सबसे तेज दूसरा शतक बना सकता है, वह भी ९४ रन बाउंड्री मारकर। ऐसा हो सकता है कि इस बात का एहसास वैभव ने अपने पहले मैच में करा दिया था। वह मैच राजस्थान हार गया लेकिन वैभव ने पहली गेंद पर छक्का मारकर सबको चौंका दिया था।दो मैच में उसने क्रिक्रट प्रेमियाें को बता दिया था किसी स्टेडियम में आने वाले दिनों में तूफान आने वाला है।

 

लोग टी-२० में हर गेंद पर चौका व छक्का देखना चाहते है।यही वैभव ने दो मैच किया उसने हर गेंद को छक्का मारने का प्रयास किया।उसने कई छक्के मारकर दिखाया भी,जल्द आउट हो जाने के कारण लोगों को पता नहीं चला कि यह क्या कर सकता है। लोगों को यह तो पता चल गया कि यह करेगा तो कुछ खास करेगा।क्योंकि वह क्रिकेट खेलता इस तरह है कि जैसे वह हर गेंद को मारने के लिए मैदान में आया है।निडर बल्लेबाज ही ऐसा कर सकता है, निडर वह होता है जिसे आउट होने का डर नहीं होता है, जिसके सामने कोई भी गेंदबाज हो डर न लगता हो, जो यह सोच कर मैदान में आता है मुझे तो हर गेंदबाज की हर गेंद को सीमापार पहुंचाना है। 

 

वैभव ने शतक बनाने के बाद भी कहा भी कि मैं यह नहीं देखता कि सामने गेंद कौन कर रहा है, मुझे गेंदबाज दिखाई नहीं देता है, मुझे तो सिर्फ गेंद दिखाई देती है और मैं उसे पूरी ताकत से मारता हूं। गेंद बल्ले में आई तो सीधा सीमापार जाती है। यही वजह है कि उसने जयपुर स्टेडियम में गुजरात के हर गेंंदबाज की गेंद पर छक्का मारा। गुजरात के सारे गेंदबाज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेले हुए अऩुभवी गेंदबाज थे लेकिन वैभव  ने उनको जब मारना शुरु किया तो पूरा देश यह देखकर चकित था कि वह ऐसा कैसे कर पा रहा है। चाहे सिराज हो, प्रसिध्द हो, इशांत हो, वाशिंगटन हो, जन्नत हो, साइं सुदर्शन हो, सभी की गेंद पर चौका या छक्का जरूर मारा।

 

वैभव जब तक खेलता रहा लोग तालियां बजाते रहे क्योंकि ताली खत्म नहीं हुई होती थी कि वैभव छक्के के बाद छक्का मार देता था, चौके के बाद चौका मार देता था। कभी चौके के बाद छक्का तो कभी छक्के के बाद चौका। एक बार तो ऐसा हुआ कि लगातार कई गेंदों पर छक्का या चौका मारा। स्टेडियम में लोग उसकी बैंटिग देखकर पागल हो गए थे क्योंकि ऐसा कोई कभी कभी खेलता है जब उसे कोई रोक नहीं पाता है, वह जहां चाहे वहां चौका या छक्का मारता है। पूरे स्टेडियम के लोग वैभव की बल्लेबाजी देखकर सम्मोहित थे।

वैभव जब ९४ रन पर था तो लोग उम्मीद कर रहे थे कि वह शतक के लिए रुककर खेलेगा लेकिन वैभव ने तीसरे मैच में अपना शतक भी छक्का मारकर पूरा किया। ऐसा वही बल्लेबाज करता है जिसे खुद पर भरोसा होता है कि मुझे कोई आउट नहीं कर सकता।वैभव के शतक से पूरा स्टेडियम देर तक तालियों से गूंजता रहा। पूरा स्टेडियम वैभव के सम्मान में खडा़ हो गया था।यह देखकर भी लोगों को बहुत अच्छा लगा कि राजस्थान रायल के कोच राहुल द्रविड भी वैभव का शतक पूरा होने पर खड़े नहीं होने की स्थिति में होने के बाद भी खड़े हुए और उनकी खुशी देखने योग्य थी।उनको वैभव की प्रतिभा पर भरोसा था, वैभव ने अपनी प्रतिभा दिखाई, साबित किया तो राहुल द्रविड जिन्होने उऩको खेलने का मौका दिया था, खुश होना स्वाभाविक था।

 

राजस्थान रायल्स की जीत तय हो गई थी जब वैभव आउट हुआ। उसके बाद जीत की औपचारिकता बची थी जिसे यशस्वी व कप्तान ने पूरी की। वैभव की अविश्वसनीय बल्लेबाजी के कारण ही राजस्थान गुजरात को हरा सका है और उसकी रेस में बने रहने की उम्मीद बनी हुई है।वैभव को मौका मिला, उसने खुद को साबित किया और अपने पिता का सपना पूरा किया। बहुत कम पिता ऐसे होते हैं जिनका सपना उनका बेटा पूरा करता है। वैभव को वैभव बनाने में उनके पिता व माता की भूमिका बहुत अहम है। उन्होंने वैभव के लिए वह सब किया जो वह कर सकते थे। वैभव ने भी अपने माता पिता का सपना पूरा किया और देश के माता पिता को संदेश दिया है कि अपने बच्चों पर भरोसा करो और वह जो करना चाहते हैं, उनको करने दो।

हर बच्चे में वैभव होता है, जरूरत है कि माता पिता उसे पहचाने।सचिन के घरवालों के कारण सचिन जिस तरह सचिन बन सका था वैसे ही वैभव भी अपने घरवालों के कारण वैभव बन सका और खुद को साबित करने में सफल रहा।सचिन ने भी खुद को पहले टेस्ट मैच में साबित कर दिया था, वैभव ने भी अपने तीसरे मैच में साबित कर दिया कि वह दूसरो से कुछ अलग है। सचिन पाकिस्तान में घायल होने के बाद कहा था कि मैं खेलेगा और उसके बाद सचिन कैसा खेला सारे देश ने देखा है।वैभव मारने के चक्कर दो बार आउट होने के बाद कोच से कहा कि वह मारेगा और तीसरे मैच में उसने मारकर दिखाया कि वह बड़े बड़े गेंदबाजों को कैसे मार सकता है। पहले मैच में आउट होकर रोते हुए वैभव को सबने देखा था लेकिन वह वैभव जब तीसरे मैच में आया तो उसने देश-विदेश के सारे गेंदबाजों को मार मार कर रुला दिया।वैभव को देखकर लोग उम्मीद कर रहे हैं कि गावस्कर, सचिन, विराट की तरह महान बल्लेबाज बनेगा। देश की शुभकामनाएं उसके साथ है।

 

 

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आईपीएल : शतक के मुहाने पर अटक गए 'चैंपियन' कप्तान !

 इंडियन प्रीमियर लीग-2025 (आईपीएल) सीजन का पांचवां मैच पंजाब किंग्स और गुजरात टाइटन्स के बीच अहमदाबाद में खेला गया। यह मैच काफी रोमांचक रहा। जिस रफ्तार से पंजाब ने शुरू से रन बटोरने शुरू किए थे, उससे ऐसा लग रहा था कि स्कोर 260 के पार जा सकता है, लेकिन गुजरात ने ये सफर 243 पर रोक दिया। हालांकि 243 रनों का स्कोर भी आईपीएल में काफी बड़ा है, लेकिन गुजरात की टीम ने भी तगड़ा मुकाबला करते हुए 5 विकेट के नुकसान पर 232 रन बना डाले। और इस मैच में पंजाब को 11 रनों से जीत मिली।

इस मैच के मुख्य आकर्षण रहे पंजाब के कप्तान श्रेयस अय्यर, जिन्होंने अपनी कप्तानी पारी खेली। श्रेयस ने 50 रन तो 27 गेंदों पर ही पूरे कर लिए और शतक की ओर तेजी से बढ़ते दिखाई दिए लेकिन आखिर के 2 ओवरों में शशांक सिंह के साथ पारी संभाल रहे श्रेयस को स्ट्राइक ही नहीं मिल पाया और वे शतक से  चूक गए। लेकिन श्रेयस ने 42 गेंदों पर शानदार 97 रनों की पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाने में पूरा योगदान दिया। शशांक ने इस मैच में 16 गेंदों पर शानदार 44 रनों की पारी खेली।

 

श्रेयस अय्यर चैंपियन कप्तान रहे हैं। यानी पिछले साल 2024 में जब कोलकाता नाइड राइडर्स ने खिताब अपने नाम किया था, तब श्रेयस ही वहां की कप्तानी संभाल रहे थे। वहीं 2020 सीजन में दिल्ली कैपिटल्स ने श्रेयस के नेतृत्व में फाइनल तक का सफर तय किया था। अब पंजाब किंग्स को भी श्रेयस से काफी उम्मीदें हैं, जो अब तक आईपीएल खिताब नहीं जीत सकी है। पंजाब किंग्स ने 2014 के आईपीएल फाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन पिछले 4 सीजन में वह टॉप-5 में भी जगह नहीं बना पाई।

 

वैसे पंजाब और गुजरात के बीच कल (25 मार्च) को हुए मुकाबले में सब तो उम्मीद लगा ही बैठे थे कि अब अय्यर ने अपना शतक पूरा कर लिया, समझो। पर वे 3 रन से ही शतक के मुहाने पर आकर अटक गए। खैर, क्रिकेट में आखिर बाल तक कुछ भी हो सकता है, ये कहा जाता है। और कई टीमों ने तो आखिरी बाल पर चौके और छक्के लगा कर टीम को जीत दिलाई है। फिलहाल हम बात कर रहे हैं श्रेयस की कप्तानी पारी की।

 

आईपीएल-2025 के पहले ही सीजन में जिस तेजी से पंजाब ने अपनी रफ्तार पकड़ी है, निश्चित ही वे आगे बढ़ेंगे। पंजाब किंग्स ने अब तक आईपीएल की ट्राफी अपने नाम नहीं की है, लेकिन पहले ही मैच में अपने आपको साबित कर दिया कि हम भी किसी से कम नहीं। और पिछले साल का 'चैंपियन कप्तान' जब पंजाब के साथ हो तो निसंदेह इसका फायदा तो टीम को होगा ही। फिलहाल श्रेयस अय्यर अपने पहले ही शतक लगाने से मात्र 3 रन दूर रहे, लेकिन आगे  के मैचों में उनका ये सफर जरूर पूरा होगा, ऐसी उम्मीद है।

 

6 गेंदों पर 6 छक्के लगाने वाले प्रियांश का धमाकेदार डेब्यू

 

अय्यर से पहले पंजाब की ओर से आक्रामकता की शुरुआत युवा ओपनर प्रियांश आर्य ने. आर्य ने 23 गेंदों पर 7 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 47 रन बनाये। आर्य पहली बार सुर्खियों में पिछले साल दिल्ली प्रिमियर लीग के दौरान आए थे जब उन्होंने एक मैच में 6 गेंदों पर 6 छक्के लगाए थे।

इससे पहले आईपीएल-2026 के दूसरे मुकाबले में हैदराबाद ने जीत के साथ ही आईपीएल के इतिहास में अब तक के दूसरे सबसे ज्यादा स्कोर का रिकार्ड अपने नाम कर लिया है। हैदराबाद ने इस मैच में 286 रन बनाए। इससे पहले 287 रनों का सबसे बड़ा स्कोर का रिकार्ड भी इसी टीम के नाम है। हैदराबाद की जीत के हीरो ईशान किशन रहे। ईशान आईपीएल-2025 के पहले शतकवीर बनें। उन्होंने ने 46 गेंदों में शानदार 107 रनों की पारी खेलकर अपने आपको साबित करने के साथ ही हैदराबाद के भरोसे पर पूरी तरह खरे भी उतरे हैं। आईपीएल में 16 आईपीएल के 18वें सीजन के लिए हुई मेगा ऑक्शन से पहले मुंबई इंडियंस ने भी उन्हें रिटेन न करते हुए बाहर का रास्ता दिखा दिया था और नीलामी में फिर से खरीदने तक की कोशिश भी नहीं की। मुंबई इंडियंस के कैंप में 7 साल बिताने वाले और हर तरफ आलोचना और चुनौती झेल ईशान के लिए सनराइजर्स हैदराबाद ने किस्मत के बंद दरवाजे खोलने का काम किया और 11.25 करोड़ में खरीदकर  उनपर भरोसा जताया। और आज 45 गेंदों में शतक लगाकर ईशान उस भरोसे पर पूरी तरह खरे भी उतरे हैं।

 

 

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय क्रिकेट टीम को चैम्पियंस ट्रॉफी में ऐतिहासिक जीत पर दी बधाई

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने भारतीय क्रिकेट टीम को आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में शानदार जीत की बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। दुबई में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को 140 करोड़ भारतीयों की उम्मीदों और दृढ़ संकल्प की जीत करार दिया।

मुख्यमंत्री  साय ने भारतीय टीम के जुझारूपन, अनुशासन और टीम वर्क की सराहना करते हुए कहा कि बारह वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भारत ने एक बार फिर चैम्पियंस ट्रॉफी अपने नाम की। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह जीत हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने टीम इंडिया को भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास जताया कि भारतीय क्रिकेट टीम आने वाले वर्षों में भी इसी जोश और जज्बे के साथ देश को गौरवान्वित करती रहेगी।
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