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खेल प्रशिक्षण केंद्र के राज्य स्तरीय चयन ट्रायल में शामिल होंगी सुकमा की 6 बालिकाएं

 एथलेटिक्स खेलों में दिखाएंगी दमखम

सुकमा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र बहतराई, बिलासपुर में प्रवेश हेतु जिला सुकमा में जिला स्तरीय चयन ट्रायल का आयोजन किया गया था। जिसमें 50 से अधिक 13 से 19 आयु वर्ग के बालक बालिकाओं ने हिस्सा लिया। राज्य स्तरीय चयन ट्रायल हेतु एथलेटिक्स एवं कबड्डी में कुल 13 बालक बालिकाओं का चयन किया गया।

जिला खेल अधिकारी विरुपाक्ष पुराणिक ने बताया कि राज्य स्तर पर एथलेटिक्स खेल का चयन ट्रायल 2 अगस्त को पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय इनडोर आउटडोर मैदान में किया जाना है, जिसमें जिला सुकमा से 6 बालिकाओं को का चयन हुआ है। चयनित प्रतिभागी कुमारी ममला, कुमारी अंजू नाग, कुमारी चंद्रिका, कुमारी मोती, कुमारी कविता एवं कुमारी कनिषा, श्रीमती योगिता नायक, पीटीआई के नेतृत्व में आज शाम रवाना होंगे। उल्लेखनीय है कि जिला स्तर के चयनित प्रतिभागी ग्रामीण अंचलों से संबंध रखते हैं। जिला प्रशासन सुकमा के मार्गदर्शन में इसी तरह दिनांक 4 अगस्त को कबड्डी खेल में 6 बालिकाओं को राज्यस्तरीय में भेजा जाना हैं।
 
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा खेलों को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से एवं खेल प्रतिभाओं को बचपन से ही तराश कर प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने हेतु राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र का बहतराई बिलासपुर में निर्माण किया गया है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ के द्वारा संचालित किए जाने वाले इस आवासीय खेल अकादमी में चयनित खिलाड़ियों के लिए आवासीय, शिक्षा और प्रशिक्षण की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई है।
 
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हिदायतुल्ला विवि के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए सीएम बघेल, सीजेआई रमणा भी है उपस्थित

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राजधानी में रविवार को सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति एन वी रमणा हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी,रायपुर के पांचवें  दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में शामिल हुए।


दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हैं। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधिपति न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर ने समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति  तथा हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति अरूप कुमार गोस्वामी उपस्थित हैं। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विधि मंत्री मोहम्मद अकबर एवं शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम भी उपस्थित हैं।

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न तो शिक्षकों की नियुक्ति, न ही साफ़ सफाई, 1 अगस्त से फरीद नगर में खुलेगा स्वामी आत्मानंद स्कूल

 भिलाई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारी अव्यवस्थाओं के बीच फरीद नगर में मात्र एक दिन बाद 1 अगस्त से स्वामी आत्मानंद स्कूल खुलने जा रहा है। सवाल यह है कि अभी तक यहां टीचरों की नियुक्ति तक नही हुई है तो पढायेंगे कौन? इसके अलावा यहां न तो साफ सफाई की गई है और न ही छात्रों को बैठने की व्यवस्था है और न ही शिक्षकों के बैठने की व्यवस्था है। शाला भवन भी जर्जर है और शौचालय देखने पर अपनी दुर्दशा खुद बयां कर रहा है। इस मामले में यहां के प्रधान पाठक का कहना है कि उन्हें 1 अगस्त से स्कूल शुरू करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी से मिले हैं। अव्यवस्थाओं को लेकर उनका कहना है कि उन्होंने भिलाई नगर निगम और जिला शिक्षा अधिकारी दोनों को इस संबंध में पत्र लिखकर सूचित कर दिया है। व्यवस्था कराना उनकी जिम्मेदारी है। जैसा जिला शिक्षा विभाग से निर्देश प्राप्त होगा उस हिसाब से काम करेंगे।

ज्ञातव्य हो कि स्कूल में एक क्लास में 50 बच्चों को बिठाया जाना है। यहां 4 क्लास रूम हैं। चारों क्लास रूम में 40 बच्चों के बैठने के लिए ही बेंच और टेबल रखी गई हैं। इसके अलावा यहां अतिरिक्त बेंच नहीं रखी जा सकती हैं। प्रधान पाठक सिन्हा का कहना है कि नियम के अनुसार एक बेंच में 2 बच्चों को ही बैठना है, लेकिन जगह न होने से एक में तीन बिठाया जाएगा। एक बेंच में तीन बच्चे तो बैठ जाएंगे, लेकिन स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल के नियम के विपरीत है।

वहीं स्कूल परिसर में छात्र और छात्राओं के लिए शौचालय तो बने हैं, लेकिन पुराने प्राथमिक स्कूल के शौचालय होने के कारण ये काफी जर्जर हो चुके हैं। ये वर्तमान में उपयोग के लायक नहीं हैं। ऐसे में बिना शौचालय की व्यवस्था किए स्कूल खोले जाने से बच्चों को काफी परेशानी होगी।

स्कूल परिसर में उग आये है बडी बडी घास,नही हुई है सफाई
बारिश के चलते स्कूल परिसर में बड़ी-बड़ी घास और पौधे उग गए हैं और अभी तक साफ सफाई भी नही हुई है। नगर निगम भिलाई को शिक्षण मद से स्कूल परिसर की सफाई के साथ ही नल फिटिंग, विद्युत व्यवस्था, रंग रोगन, फर्श मरम्मत और शौचालय की व्यवस्था करना था लेकिन ये कार्य भी नही हुए है।
स्कूल भवन में एक छोटा सा रूम प्रधान पाठक का और एक रूम स्टॉफ और टीचर के बैठने के लिए है। यहां न तो पर्याप्त चेयर भेजी गई हैं और न ही रूम इतना बड़ा है कि यहां 20-22 लोगों का स्टॉफ बैठ सके। ऐसे में सबसे बड़ी समस्या यह आ रही है कि टीचर पीरियड लेने के बाद कहां बैठेंगे।

सभी व्यवस्थाएं कर ली जायेगी जल्द पूरी : जिला शिक्षा अधिकारी
जिला शिक्षा अधिकारी अभय जायसवाल का कहना है कि इंग्लिश मीडियम स्कूल के लिए टीचर्स की भर्ती अभी नहीं हुई है। भर्ती के बाद उसे शुरू किया जाएगा। नए भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। उसके बनते ही स्कूल को वहां शिफ्ट किया जाएगा। सभी व्यवस्थाएं जल्द पूरी कर ली जाएंगीं।

 

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दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर दृष्टिहीन छात्रा बनी हिदायतुल्ला नेशनल लॉ युनिवर्सिटी की टॉपर

 चीफ जस्टिस आफ इंडिया और मुख्यमंत्री की मौजूदगी गोल्ड मेडल से किया गया सम्मानित

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता , हौंसलों से उड़ान होती है। ये कविता हम हमेशा ही सुनते आए हैं, लेकिन इसे चरितार्थ करके दिखाया है दिल्ली की रहने वाली एक दृष्टिहीन छात्रा यवनिका ने। यवनिका रायपुर के हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से बीएएलएलबी (आनर्स) 2021 बैच की टापर हैं और इन्होंने प्रोफेशनल एथिक्स में गोल्ड मेडल हासिल किया है। यवनिका को ये गोल्ड मेडल यूनिवर्सिटी के पांचवें दीक्षांत समारोह में चीफ जस्टिस आफ इंडिया की मौजूदगी में प्रदान किया गया।

यवनिका दृष्टिहीन छात्रा हैं, लेकिन उन्होंने इसे कभी भी अपनी कमजोरी नहीं समझा, बल्कि उनके हौंसले उन्हें उड़ान भरने के लिए लगातार प्रेरित करते रहे। दिल्ली की रहने वाली यवनिका के पिता भारतीय रेल सेवा में अधिकारी हैं तथा मां स्पेशल एजुकेटर के तौर पर काम कर रही थीं। यवनिका ने फैसला लिया कि वो लॉ की पढ़ाई करेंगी। यवनिका ने रायपुर के हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया। यवनिका को कोई परेशानी ना हो इसके लिए उनकी मां ने अपनी नौकरी छोड़ दी और यवनिका के साथ ही रायपुर में पांच वर्ष तक रहीं।

अपने मंजिल को पाने मे यवनिका ने अपनी पूरी जान लगा दी और आखिरकार वो इसमें कामयाब भी हुईं। इतना ही नहीं यवनिका ने खुद के लिए नई मंजिल तय की है और इसे पाने के लिए वो नेशनल ला कालेज बंगलौर में एलएलएम कोर्स में एडमिशन लेकर पढ़ाई भी कर रही हैं। यवनिका का कहना है कि रायपुर की पांच साल की जर्नी में कालेज, फैकल्टी और साथी स्टूडेंट्स ने उसका बहुत सपोर्ट किया जिसके लिए वो हमेशा उनका आभारी रहेगी।

यवनिका का कहना है कि माता पिता धरती पर भगवान का रूप हैं और उनका आशीर्वाद है तो जीवन में किसी भी लक्ष्य को पाना नामुमकिन नहीं है। यवनिका ने हमेशा ही अपनी मेहनत और काबीलियत पर भरोसा रखा और अपने लक्ष्य को हासिल किया। यवनिका के जुझारू पन के सम्मान में उसे गोल्ड मेडल देते वक्त जीफ जस्टिस श्री एन वी रमणा तथा मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल समेत सभी अतिथि अपनी जगह पर खड़े होकर उनका उत्साह बढ़ाया।
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बच्चों में लर्निंग लॉस में आया सुधार: 90 फसादी विद्यार्थी अपने कक्षा स्तर पर पहुंचे

 ब्रिज कोर्स और नवाजतन कार्यक्रमों से आया तेजी से सुधार

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कोरोना काल के कारण बच्चों में हुए लर्निंग लॉस में छत्तीसगढ़ में अपनाई गई उचित रणनीति और सतत् प्रयास से तेजी से सुधार हुआ है। लर्निंग लॉस के आकलन के लिए 27 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों पर किए गए सर्वे के अनुसार अब लर्निंग लॉस के विद्यार्थियों का आंकड़ा 51 से घटकर 7 से 8 प्रतिशत रह गया है। वार्षिक परीक्षा के आधार पर 90.13 प्रतिशत विद्यार्थी अपने कक्षा स्तर पर आ गए हैं। इसके साथ ही न्यूनतम व प्रारंभिक स्तर के विद्यार्थियों का प्रतिशत घटकर लगभग 4 प्रतिशत रह गया है।

कोरोना काल में लंबे समय से स्कूलों के बंद रहने के कारण कई प्रयासों के बाद भी बच्चों में लर्निंग लॉस देखा गया। इसके आकलन के लिए राज्य स्तरीय आकलन प्रणाली में बड़ा बदलाव लाते हुए उसे नया स्वरूप दिया गया। एससीईआरटी द्वारा प्रश्न पत्रों के परम्परागत पैटर्न में बड़ा बदलाव लाया गया। एनआईसी की सहयोग से ऑनलाईन ऑटोमेटेड असेसमेंट एनालिसिस सिस्टम तैयार किया गया है। इससे सुनिश्चित किया जा सका कि विद्यार्थी अपनी कक्षा स्तर से कितने स्तर नीचे है।

कोरोना काल के बाद प्रथम आकलन में पाया गया कि 51 प्रतिशत विद्यार्थी अपनी कक्षा के लायक नहीं थे। इस लर्निंग लॉस की बड़ी चुनौती को शिक्षा सचिव एस. भारतीदासन और  संचालक राजेश सिंह राणा ने स्वीकार करते हुए कई कार्यक्रम शुरू किए। विद्यार्थियों को अपने कक्षा स्तर पर लाने के लिए ‘ब्रिज कोर्स’ (सेतु पाठ्यक्रम) का निर्माण किया गया तथा शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम द्वारा उपचारात्मक शिक्षण हेतु ‘नवाजतन’ कार्यक्रम की शुरूआत की गई। स्कूल मॉनिटरिंग को सशक्त किया गया। परिणाम स्वरूप मिडलाइन टेस्ट (अर्द्धवार्षिक परीक्षा) में 75.13 प्रतिशत विद्यार्थी अपने कक्षा स्तर पर पहुंच गए तथा वे 29 प्रतिशत विद्यार्थी जो लगभग प्रारंभिक स्तर पर पहुंच गए थे उनकी संख्या घटकर 11 प्रतिशत पर आ गई। इसी तरह एंडलाइन टेस्ट (वार्षिक परीक्षा) में 90.13 प्रतिशत विद्यार्थी अपने कक्षा स्तर पर आ गए तथा न्यूनतम/प्रारंभिक स्तर के विद्यार्थियों का प्रतिशत घटकर लगभग 4 प्रतिशत रह गया।

छत्तीसगढ़ की इस सफलता की देशभर में तारीफ हुई है। नीति आयोग से लेकर राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान परिषद ने छत्तीसगढ़ की तारीफ करते हुए यहां के शिक्षा गुणवत्ता में सुधार लाने के उपायों को कारगर बताया है।

गौरतलब है कि कोरोना काल में जब शिक्षण संस्थाएं अनिश्चित काल के लिए बंद कर दी गई थी, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला द्वारा एक माह से भी कम समय में ‘पढ़ई तुंहर दुआर’ ऑनलाईन शिक्षा पोर्टल का निर्माण कर ऑनलाईन कक्षाओं का संचालन शुरू किया गया। पहली से 12 तक की सभी पाठ्यपुस्तकों को इस पोर्टल पर अपलोड किया गया ताकि कोई भी विद्यार्थी अपने मोबाईल पर इसे आसानी से पढ़ सके। कोविड संक्रमण कम होते ही मोहल्ला कक्षा, लाउडस्पीकर कक्षा, अंगना म शिक्षा जैसे नवाचारी ऑफलाईन शिक्षण माध्यमों को अपनाया गया।
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यूपीएससी कोचिंग के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा में प्रदेश 17 विद्यार्थियों में लिया भाग

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के प्रयासों के चलते आज 30 जुलाई को रायपुर के  प्रोफ़ेसर जे. एन. पांडेय, शासकीय बहुउद्देशीय विद्यालय में, हज कमेटी ऑफ़ इंडिया द्वारा वर्ष 2022-2023 के लिए यूपीएससी परीक्षा की कोचिंग एवं गाइडेंस सेल हेतु प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया। इस परीक्षा में छत्तीसगढ़ राज्य के 17 विद्यार्थियों ने भाग  लिया ।

छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मोहम्मद असलम खान ने बताया कि हज कमेटी ऑफ़ इंडिया मुंबई में, यूपीएससी द्वारा आयोजित की जाने वाली आईएएस एवं इंडियन अलाइड सर्विसेस की परीक्षा में भाग लेने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए कोचिंग एवं गाइडेंस सेल का संचालन किया जाता है । उक्त कोचिंग एवं गाइडेंस सेल में सत्र 2022-23 में प्रवेश के लिए आज पूरे देश में कुल 13 स्थानों पर प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया है, जिसमें रायपुर भी शामिल है।  इस परीक्षा में भाग लेने हेतु प्रदेश के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए राज्य हज कमेटी ने प्रयास कर रायपुर सेंटर निर्धारित कराया । रायपुर में आज पहली बार प्रवेश परीक्षा का सफल आयोजन हुआ। इसके पूर्व राज्य के विद्यार्थियों का परीक्षा सेंटर मुंबई निर्धारित था। रायपुर में इस परीक्षा के आयोजन से सभी विद्यार्थियों को काफी सहूलियत हुई।

परीक्षा का आयोजन प्रोफ़ेसर जे. एन. पांडेय, शासकीय बहुउद्देशीय विद्यालय के प्राचार्य एम. आर. सावंत व सहयोगी शिक्षकों द्वारा पूरा किया गया । इस अवसर पर राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मोहम्मद असलम खान, सचिव साजिद मेमन, हाजी ज़फर अमजद, जे. एन. पांडेय, शासकीय बहुउद्देशीय विद्यालय के प्राचार्य एम. आर. सावंत व सहयोगी शिक्षक, हज कमेटी ऑफ़ इंडिया से आये पर्यवेक्षक वसीम अहमद, एवं राज्य हज कमेटी के कर्मचारीगण उपस्थित रहे ।

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कर्तव्य पर लापरवाही बरतने पर छात्रावास अधीक्षक को कलेक्टर ने किया निलंबित

 बीजापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भैरमगढ़ ब्लाक के बालक आश्रम तामोड़ी के प्रभारी अधीक्षक मोतीराम कड़ती को कलेक्टर राजेन्द्र कुमार कटारा ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। बालक आश्रम तामोड़ी में मलेरिया के कारण कक्षा दूसरी के छात्र की मृत्यु होने की सूचना मिलने पर कलेक्टर कटारा आश्रम पहुंचकर मृतक बालक के परिजनों से मिले और इस दु:ख की घड़ी में परिजनों को सात्वनां दिया। वहीं लापरवाही बरतने वाले प्रभारी अधीक्षक को मौके पर निलंबित किया गया। आश्रम में 3 बच्चों को मलेरिया पॉजिटिव्ह होने की बात पता चलने पर तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नेलसनार में बेहतर ईलाज के लिए भेजा गया। 

कलेक्टर कटारा मौके पर उपस्थित सहायक आयुक्त आदिवासी विकास प्रशांत कुशवाह को सभी आश्रम अधीक्षकों को तत्काल मीटींग कर आवश्यक दिशा-निर्देश देने व इस तरह की लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए व्यापक स्तर पर कार्यवाही करने को कहा वहीं जिले के सभी आश्रमों में साफ-सफाई मच्छरदानी का अनिवार्यत: उपयोग, दवाई का छिड़काव करने के निर्देश दिए। बीएमओ भैरमगढ़ डॉ. आदित्य साहू को सभी आश्रम व पोटाकेबिन में उपस्थित सभी बच्चों का शत प्रतिशत मलेरिया जांच कराने व पाजिटिव्ह बच्चों को आश्रम में न रखते हुए तत्काल अस्पताल में भर्ती कर डाक्टरों की निगरानी में बेहतर उपचार के निर्देश दिए। डॉ. आदित्य साहू ने बताया कि कुल 6 आश्रम और पोटाकेबिन है, जिसमें 3 आश्रम का मलेरिया जांच हो चुका है शेष बचे आश्रम व पोटाकेबिन में शत प्रतिशत जांच कर बेहतर उपचार किया जाएगा। कलेक्टर कटारा ने मलेरिया के रोकथाम के लिए सभी आवश्यक उपाय को सख्ती से अमल में लाने के निर्देश दिए। मृत बालक का पोष्टमार्टम कर परिजनों को सुर्पद किए जाने की बात बीएमओ साहू ने बताया। इस दौरान प्रभारी तहसीलदार जुगल किशोर साहू सहित विभागीय अमला मौजूद थे। 

 
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स्वामी करपात्री विद्यालय में मनाया गया स्वामी करपात्री का प्राकट्य दिवस

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्वामी करपात्री विद्यालय शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कवर्धा में स्वामी करपात्री का 115वां प्राकट्य दिवस मनाया गया। सर्वप्रथम व्याख्याता हरि प्रसाद शुक्ला, दिलीप क्षत्रिय, संजय दुबे, पंकज सिंह ठाकुर, कन्हैयालाल गुप्ता, प्रसन्न गुप्ता, बी.के. उइके, ओ.पी.गुप्ता, डा.सुरेश तम्बोली, रमेश शर्मा, अवधराम साहू, वजनरामसाहू, लखन झारिया आदि ने छात्र-छात्राओं के साथ स्वामी जी के तैलचित्र का पूजन अर्चन किया। इस अवसर पर प्राचार्य डी एस जोशी ने समस्त विद्याथिर्यों को शुभकामनाएं दी व उन्हें स्वामी करपात्री के संदेशों का अध्ययन करने व आत्मसात करने कहा। व्याख्याता जे.के. सिंह ने स्वामी करपात्री जी का  जीवन वृत्त, उनका तप, उनकी कृतियों तथा गौ रक्षा आंदोलन में उनकी भूमिका आदि पर प्रकाश डाला।

उल्लेखनीय होगा कि स्वामी करपात्री भारत के एक सन्त, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व राजनेता थे। उनका नाम हरि नारायण ओझा था। दीक्षा के उपरान्त उनका नाम हरिहरानन्द सरस्वती था, किन्तु वे करपात्रीजी नाम से ही प्रसिद्ध थे, क्योंकि वे अपने अंजुलि का उपयोग खाने के बर्तन की तरह करते थे। उन्होंने अखिल भारतीय राम राज्य परिषद नामक राजनैतिक दल भी बनाया था। धमर्शास्त्रों में इनकी अद्वितीय व अतुलनीय विद्वता को देखते हुए इन्हें धर्मसम्राट की उपाधि प्रदान की गई। स्वामी की स्मरण शक्ति इतनी तीव्र थी, कि एक बार कोई चीज पढ़ लेने के वर्षों बाद भी बता देते थे, कि ये अमुक पुस्तक के अमुक पृष्ठ पर अमुक रूप में लिखा हुआ है। तप इतना प्रखर था कि 24-24 घंटे एक-एक पैर में खड़े रहकर तप किया करते थे। 7 नवंबर सन 1966 को गोपाष्टमी के दिन संसद भवन के सामने उन्होंने गोरक्षा आंदोलन प्रारंभ किया था। चारों पीठों के शंकराचार्य, जैन मुनि सुशील कुमार व आचार्य रामचंद्र वीर सभी उनके साथ थे। 

स्वामी करपात्री को सदैव कवर्धा से विशेष स्नेह रहा, विद्यालय के छात्र छात्राओं ने हर्ष व्यक्त किया कि हम सभी स्वामी करपात्री के नाम पर स्थापित विद्यालय में पढ़ते हैं। कार्यक्रम में व्याख्याता गण सविता आहूजा, परमजीत कौर खनूजा, आस्था पांडे, सिंधु शर्मा, सरिता चंद्रवंशी, प्रीति गुप्ता, रोहित जायसवाल, रामशरण जायसवाल, युवराज सिंह, चंद्र कुमार चंद्राकर सहित विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित थे। इस अवसर पर वृक्षारोपण भी किया गया।

 

 

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स्वामी आत्मानंद शास. उत्कृष्ट अं.मा. विद्यालय नवागढ़ में हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया हरेली उत्सव

 बेमेतरा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय नवागढ़ में कल हरेली त्यौहार के शुभ अवसर पर कलेक्टर जितेन्द्र कुमार शुक्ला, अपर कलेक्टर बेमेतरा डॉ. अनिल बाजपेयी, एस.पी.   धर्मेद्र सिंह छवई, जिला पंचायत सीईओ लीना मंडावी, जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा, अनुविभागीय अधिकारी नवागढ़ प्रवीण तिवारी, जनपद पंचायत नवागढ़ सीईओ नकुल वर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष तिलक घोष, विकासखंड शिक्षा अधिकारी लोकनाथ बांधे और जनपद सदस्य सहोद्रा साहू के गरिमामय उपस्थिति में हरेली उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें सर्वप्रथम विद्यालय प्रांगण में अतिथियों की ओर से वृक्षारोपण किया गया। इसके पश्चात विद्यालय में प्रवेश करते ही मां सरस्वती की पूजा अचर्ना तथा दीप प्रज्वलन किया गया। 

नन्हें-नन्हें बच्चों ने अतिथियों को गेड़ी नृत्य तथा छत्तीसगढ़ की संस्कृति फुगड़ी नृत्य के साथ विद्यालयीन बच्चों की ओर से तैयार किए गए विभिन्न स्टॉल तक ले जाया गया। स्टॉल में ठेठरी, खुरमी, चिला, फरा, सोहारी, चौसेला तथा गढ़कालेवा का स्वाद अतिथियों की ओर से चखते हुए बच्चों व छत्तीसगढ़ी व्यंजन का खूब तारीफ किया गया। हरेली उत्सव का प्रारंभ संस्था की प्राचार्या सरिता गुप्ता की ओर से अतिथियों का स्वागत तथा हरेली पर्व की बधाई देते हुए किया गया। 

उद्बोधन की कड़ी में कलेक्टर शुक्ला की ओर से छत्तीसगढ़ सरकार की महत्पूर्ण पहल हरेली उत्सव की सराहना करते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ की विलुप्त होती संस्कृति को सहेजने की एक अच्छी कोशिश बताया गया, हरेली त्यौहार के महत्व, हरेली के पारम्परिक संस्कृति के बारे में विस्तार से बताया गया और स्वामी आत्मानंद स्कूल के बच्चों को पढ़ाई के महत्त्व के बारे में अवगत कराया गया और अपनी मेहनत से सदैव परिवार समाज का नाम रोशन करने की बात कही गई। जिससे बच्चों का मन उत्साहित दिखाई दिया। तिलक घोष की ओर से हरेली के पारम्परिक महत्व के बारे में बताया गया। इसके पश्चात बच्चों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा फैशन ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का समापन संस्था प्राचार्य गुप्ता की ओर से किया गया, जिसमें सभी अतिथियों का विद्यालय परिवार की ओर से आभार व्यक्त किया गया।

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कुमारी देवी चौबे कृषि महाविद्यालय में हरेली पर्व मनाया गया

 बेमेतरा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कुमारी देवी चौबे कृषि महाविद्यालय व अनुसंधान केन्द्र साजा एवं उद्यानिकी महाविद्यालय बेमेतरा (साजा) में हरेली तिहार का आयोजन गया। इस अवसर पर महाविद्यालय में कृषि यत्रों की पूजा अचर्ना की गई। महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. ए. के. तिवारी की ओर से हरली पर्व के महत्व को बताते हुए सभी को इसकी शुभकामनाएं प्रदान की। 

इस दौरान विभिन्न पारम्परिक खेल प्रतियोगिता फुगड़ी, रस्सा-कसी व कुर्सी दौड़ का आयोजन किया गया। इसमें दोनों महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं के द्वारा बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार दिया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकगण सहित सभी स्टॉफ उपस्थित थे।  

 
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शिक्षा विभाग ने हरेली पर किया संगोष्ठी, प्रगतिशील किसानों ने लिया हिस्साa

 बेमेतरा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्कूल शिक्षा विभाग व कृषि विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आज हरेली तिहार शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेमेतरा में मनाया गया। अधिकारियों व उन्नत कृषकों की ओर से कृषि औजारों की पूजा अचर्ना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। जिसमें छत्तीसगढ़ के प्रमुख व्यंजन चिला व गुलगुल भजिया का भोग लगाया गया। तत्पश्चात विद्यालय में वृक्षारोपण का कार्यक्रम सम्पन कराया गया। इसके पश्चात पर्यावरण संरक्षण और हरेली तिहार की महत्ता पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

जिसमें जिले के उन्नत व प्रगतिशील किसानों व अधिकारियों की ओर से पर्यावरण संरक्षण पर जैविक खेती का प्रयोग व उनकी सफलताओं पर प्रकाश डाला गया। उसमें मोहित साहू पडकीडीह की ओर से पिछले 15 वर्षाे से कृषि के छेत्र में खुद से जैविक खाद और दवाई बनाकर अच्छा उत्पादन प्राप्त कर रहे है और साथ ही साथ स्वंम का ट्रेक्टर नास बनाकर उपयोग में लाया जा रहा है। इसी तरह एक और कृषक तरुण कुमार कन्तेली के द्वारा 15  डिसमिल में 47 गाय पालकर जैविक खाद बनाया जा रहा है और हजारो की आमदनी प्राप्त की जा रही है। छिरहा से पहुंचे कृषक ज्ञानेंद्र सिंह भुवाल की ओर से रासायनिक उर्वरक से होने वाले नुकसान पर चर्चा करते हुए उसके स्थान पर जैविक खाद और जैविक किट नाशक की बात बताई गयी।  बहल राम वर्मा बैजी की ओर से जैविक खाद व किट नासक के संबंध में सारगर्भित उद्बोधन दिया गया। इसके अतिरिक्त उन्नतशील कृषक रामावतार जाता, टेकराम उमरिया, जगदीश केंवाची की ओर से कृषक संगोष्ठी को संबोधित किया गया।

इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी अरविन्द मिश्रा की ओर से सभी उन्नतशील कृषकों को प्रतिक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया और गेडी प्रतियोगिता में प्रथम आये छात्र चिन्मय साहू और द्वितीय स्थान प्राप्त किये छात्र दिनेश लहरे तथा तृतीय स्थान प्राप्त छात्र सेवा राम को पृस्कृत किया गया। ततपश्चात मिश्रा की ओर से अपने उद्बोधन में जैविक कृषि के संबंध में अनेक उदाहरण देते हुए वत्तर्मान सरकार की ओर से इसे प्रोत्साहित करने के अनेक लाभ बताये गए। इस कार्यक्रम में पहुंचे उन्नतशील कृषको का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उन्नतशील कृषकों का विद्यालय में व्याख्यान कराने की बात कही गयी। इस कार्यक्रम में सहायक सांख्यिकी अधिकारी सुनील तिवारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी डी एल डहरिया व संस्था के प्राचार्य संतराम साहू व कृषि विभाग के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्याम लाल साहू, बी टीएम, सुप्रिया भास्कर, संजय वर्मा तथा कार्यक्रम का संचालन गजानंद ठाकुर सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी बेमेतरा की ओर से किया गया।

 
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स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में मनाया गया हरेली पर्व

 खरसिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। हरेली तिहार छत्तीसगढ़ का सबसे पहला त्यौहार है, जो लोगों को छत्तीसगढ़ की संस्कृति और आस्था से परिचित कराता है। हरेली का मतलब हरियाली होता है, जो हर वर्ष सावन महीने के अमावस्या में मनाया जाता है। हरेली मुख्यतः खेती-किसानी से जुड़ा पर्व है। इस त्यौहार के पहले तक किसान अपनी फसलों की बोआई या रोपाई कर लेते हैं और इस दिन कृषि संबंधी सभी यंत्रों नागर, गैंती, कुदाली, फावड़ा समेत कृषि के काम आने वाले सभी तरह के औजारों की साफ-सफाई कर उन्हें एक स्थान पर रखकर उसकी पूजा-अर्चना करते हैं। घर में महिलाएं तरह-तरह के छत्तीसगढ़ी व्यंजन खासकर गुड़ का चीला बनाती हैं। हरेली में जहाँ किसान कृषि उपकरणों की पूजा कर पकवानों का आनंद लेते हैं, आपस में नारियल फेंक प्रतियोगिता करते हैं, वहीं युवा और बच्चे गेड़ी चढ़ने का मजा लेते हैं। स्वमी आत्मानंद इंग्लिश माध्यम स्कूल खरसिया में विभिन्न कार्यक्रमों जैसे छत्तीसगढ़ी पहनावा और लोक नृत्य जैसे कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों ने भाग लिए इस अवसर पर प्रिंसिपल रामनिवास नागवंशी एवं समस्त शिक्षक की उपस्थित रहे।

 

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हरेली तिहार पर मूक बधिर छात्राओं ने लगाई गेड़ी दौड़

रायपुर मुंबई(छत्तीसगढ़ दर्पण)। हरेली तिहार के अवसर पर गेड़ी चढ़ने और गेड़ी दौड़ लगाने की परम्परा रही है। सामान्यतः ये दौड़ बालकों और पुरुषों द्वारा ही लगाई जाती रही है,लेकिन अब छत्तीसगढ़ बदल रहा है। इस नए गढ़ते छत्तीसगढ़ में हरेली के उत्साह में जब मूक बधिर बेटियां गेड़ी पर दौड़ लगाती हैं, तो लगता है, ये हौसला कम न हो....। ये बेटियां धमतरी के शासकीय श्रवण बधितार्थ बालिका विद्यालय की हैं,जिन्होंने अपने आत्मविश्वास और हौसलों की उड़ान भरी है। छत्तीसगढ़ सरकार ने हरेली पर  विभिन्न पारंपरिक खेलों का आयोजन कर उनमें लैंगिक भेद-भाव के परे आत्मविश्वास का नया रंग भरा  है। सच कहें तो आगे बढ़ती ये बेटियां छत्तीसगढ़ के सशक्त कल की तस्वीर पेश करती हैं।

 

 

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सैनिक स्कूल में हुआ सेलिब्रेशन फूड फेस्ट का आयोजन

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मेजर सोमनाथ स्टेडियम में मंगलवार को सैनिक स्कूल के कैडेटों के लिए एक विशेष फूड फेस्टिवल का आयोजन किया गया। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सैनिक स्कूल की प्राचार्य कर्नल मिताली मधुमिता उपस्थित थीं।

स्कूल की प्राचार्य ने बताया कि यह समारोह सी.बी.एस.ई. की ओर से घोषित दसवीं व बारहवीं के शत-प्रतिशत परीक्षा परिणामों के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसमें स्कूल के लगभग 700 से अधिक कैडेट तथा लगभग 300 से अधिक कर्मचारी व उनके परिवार एक स्थान पर एकत्र हुए। ज्ञातव्य है कि सैनिक स्कूल अंबिकापुर के दसवीं के कुल 101 कैडेटों में 98 प्रतिशत अंकों के साथ कैडेट अभिषेक महतो को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ और 100 कैडेटों को 60 प्रतिशत से अधिक, 96 कैडेटों को 75 प्रतिशत से अधिक तथा 42 कैडेटों को 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त हुए। बारहवीं  के परीक्षा परिणामों में कैडेट शुभम तिवारी को 92 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।

इस अवसर पर उप प्राचार्य व प्रशासनिक अधिकारी की देखरेख में स्कूल के 600 से अधिक कैडेटों के साथ ही समस्त शैक्षणिक व प्रशासनिक कमर्चारीगण उनके परिवारों तथा स्कूल के समस्त अधिकारीगण ने भाग लिया।

 
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स्कूली बच्चों के लिए शुरू किया टीकाकरण महा अभियान

 कोविड संक्रमण को लेकर जिला प्रशासन सतर्क, नियंत्रण के प्रयास तेज

दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कोविड संक्रमण को लेकर जिला प्रशासन सतर्क है और इसे रोकने की दिशा में लगातार सकरात्मक प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों में 18 वर्ष से ऊपर आयु वर्ग के शत-प्रतिशत लोगों को कोरोना टीके का प्रिकॉशन डोज लगाने के लिए जिले में चलाया जा रहा कोविड-19 वैक्सीन अमृत महोत्सव अभियान प्रमुख है। विशेष अभियान के अंतर्गत जिला स्तर पर निर्धारित आयु वर्ग के पात्र सभी लोगों को जिले के सभी शासकीय अस्पतालों के टीकाकरण केंद्रों में निःशुल्क प्रिकॉशन डोज लगाया जा रहा है। साथ ही अब कोरोना जांच की संख्या बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में कोविड सेंटर भी खोले जा रहे हैं।

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जिला प्रशासन द्वारा कोविड अनुरुप व्यवहार यानि मास्क लगाने, समय-समय पर सैनिटाइज करने तथा आवश्यक सामजिक दूरी बनाए रखने जैसे नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने की अपील की जा रही है। इस संदर्भ में कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा द्वारा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ कोविड-19 पर नियंत्रण संबंधी व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक की गई है। बैठक में कोरोना टीकाकरण के बूस्टर डोज, स्कूली बच्चों में टीकाकरण की स्थिति और सभी आयु वर्ग में टीकाकरण की वर्तमान स्थिति को लेकर संबंधित अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की गई। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई है कि अब तक 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग के अंतर्गत 62,000 से अधिक को प्रथम डोज व 44,000 से अधिक को द्वितीय डोज लगाया जा चुका है। वहीं 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 1.16 लाख को प्रथम डोज व 82,000 से अधिक को द्वितीय डोज, 18 से 59 वर्ष आयु वर्ग के अंतर्गत लगभग 10.29 लाख को प्रथम डोज व लगभग 9.79 लाख को द्वितीय डोज, 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के अंतर्गत लगभग 1.46 लाख को प्रथम डोज व लगभग 1.14 लाख को द्वितीय डोज, फ्रंट लाईन वर्कर वर्ग के अंतर्गत 26,000 से अधिक को प्रथम डोज व 17,000 से अधिक को द्वितीय डोज एवं हेल्थ केयर वर्कर वर्ग के अंतर्गत 20,000 से अधिक को प्रथम डोज व 15,000 से अधिक को द्वितीय डोज का टीका लगाया गया है।

इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जेपी मेश्राम ने बतायाः कोई भी पात्र व्यक्ति टीकाकरण से वंचित न रहे इसलिए टीकाकरण कार्यक्रम को गति देते हुए हेतु अधिक से अधिक स्थानों में मोबाइल टीम के द्वारा टीकाकरण किया जाएगा। वर्तमान में 18 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों को 30 सितंबर तक निःशुल्क प्रिकॉशन डोज लगाया जाना है। इस अवधि में रेगुलर इंटरवेल के दौरान वृहद स्तर पर महाअभियान चलाया जाएगा तथा विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं द्वारा टेस्टिंग की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।

टीकाकरण के लिए स्कूलों को किया टारगेट

कलेक्टर के विशेष निर्देश पर सभी स्कूली बच्चों को टीकाकरण के सुरक्षा कवच से सुरक्षित करने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग और जिला शिक्षा अधिकारी के मध्य साथ समन्वय बनाकर शत-प्रतिशत पात्र बच्चों को टीका लगाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए स्कूल अवधि में विभिन्न पालियों में टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है।

सीसीएम हॉस्पिटल में प्रिकॉशन डोज शुरू

चंदूलाल चंद्राकर स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग में कोविड का निःशुल्क प्रिकॉशन टीकाकरण शुरू किया गया है। वर्तमान में यहां कोविशील्ड व कोवैक्सीन दोनों उपलब्ध हैं जिसका लाभ मेडिकल स्टॉफ ले रहे हैं चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टॉफ ने बूस्टर डोज लगवाया है। शिशु रोग विभाग के व टीकाकरण कार्यक्रम के प्रमुख डॉ. ओमेश खुराना ने आव्हान किया है कि आमजन भी इस सुविधा निशुल्क का लाभ ले सकते हैं।

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पीजी कॉलेज धमतरी में बढ़ाया गया फीस जमा करने का समय

 धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं की ओर से पीजी कॉलेज धमतरी में हो रहे परेशानियों को ध्यान में रखते हुये महाविधालय की ओर से जो फीस काउंटर बनाया गया है, उसका समय सीमा सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक रखा गया था, जिससे काफी छात्र छात्राएं अपना फीस जमा करने से वंचित हो रहे थे, छात्र-छात्राओं के शिकायत को लेकर एनएसयूआई के कार्यकर्ता प्राचार्य से मुलाकात कर छात्र-छात्राओं को होने वाली समस्याओं से अवगत कराया, प्राचार्या चौबे ने सहजता से परेशानियों को समझते हुये एनएसयूआई की मांग को जायज बताते हुए समय सीमा को सुबह 10:30 बजे से शाम 04:00 बजे तक किया। छात्र छात्राओं ने एनएसयूआई व प्राचार्या का आभार व्यक्त किया। 

साथ ही साथ एनएसयूआई कार्यकताओ ने मुख्य मार्ग में जो बड़े-बड़े गढ्ढे हो गये है उसको लेकर भी चर्चा किया प्राचार्या ने अस्वासन दिया, कि तीन दिवस के भीतर यह गढ्ढे को ठीक किया जाएगा। 

केंद्र की मोदी सरकार की ओर से जो अग्निपथ योजना लाया गया है, उसका विरोध पूरे देश के युवा कर रहे है। इसी संबंध में एनएसयूआई भी देश भर में चरणबद्ध तरीके से लगातार आंदोलन कर रही है। पीजी कॉलेज धमतरी में अग्निपथ योजना स्किम नहीं स्कैम है कि नारो के साथ छात्र-छात्राओं की ओर से महाविधालय परिसर में पोस्टर चिपका कर इस योजना से होने वाले युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ के बारे में जानकारी एनएसयूआई ने दिया। इस दौरान नोमेश सिन्हा, नमन बंजारे, ओमप्रकाश मानिकपुरी, ऋषि साहू, दीपक बांधे, विनय साहू, सिद्धू साहू, फैज अली खान, सौरभ राव, प्रीतम सिन्हा सहित महाविधालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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ओपन स्कूल की मुख्य व अवसर परीक्षा 1 सितंबर से

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल रायपुर की मुख्य व अवसर परीक्षा सितम्बर 2022 की समय-सारिणी का निर्धारण किया गया है, जिसमें हायर सेकण्डरी की परीक्षा 1 सितंबर से प्रारंभ होकर 21 सितंबर तक और हाईस्कूल की परीक्षा 1 सितंबर से प्रारंभ होकर 16 सितंबर तक आयोजित होगी।

छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल के अधिकारियों ने बताया कि छात्र/छात्राएं अपनी परीक्षा से संबंधित समय-सारिणी  समीपस्थ अध्ययन केन्द्र में सम्पर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते है एवं कार्यालय की वेबसाइट www.sos.cg.nic.in पर भी समय-सारिणी उपलब्ध है। जिसे छात्र डाउनलोड कर सकते है।

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सेंट जेवयर्स में आईएससी बोर्ड का परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट, 12वीं का 100 प्रतिशत परीक्षा परिणाम

 धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आईसीएससी बोर्ड व आईएस सीबोर्ड के एकमात्र स्कूल सेंट जेवियर्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 2021-22 की बारहवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट रहा। बारहवीं बोर्ड में इस बार 03 छात्र मेरिट में रहे जिन्होंने 85 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किया और 07 छात्रों ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किया। स्कूल में बारहवीं में कुल 25 छात्र ने परीक्षा दी थी और सभी उत्तीण रहें।  

कक्षा बारहवीं में साईस ग्रुप से आर्यन सिंह सेंगर ने 85.75 प्रतिशत अंक लेकर प्रथम स्थान प्राप्त किया, तानिया खटवानी 84.75 प्रतिशत अंको के साथ द्वीतीय व विधी यादव 83.75:अंको के साथ तृतीय स्थान पर रहीं। कॉमर्स ग्रुप से बिपांशी खटवानी ने 92.50 प्रतिशत अंको के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। अंजली लुनिया ने 91.25 प्रतिशत अंको के साथ द्वीतीय व आयुष चावला ने 83.75 प्रतिशत अंको के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया। 

इस अवसर पर संस्था की प्राचार्या अनुपा संगीता लाकरा ने सभी सफल छात्रों को बधाई दी। उन्होंने खुशी व्यक्त करतें हुए कहा की आई एस सी बोर्ड से 100 प्रतिशत परीक्षा परिणाम शिक्षकों व छात्रों के उत्कृष्ट मेहनत का परिणाम हैं। उन्होंने सभी सफल छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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