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सेक्रो (दक्षिण पूर्व मघ्य रेलवे महिला कल्याण संगठन,रायपुर) द्वारा श्रमिक दिवस-2026 का आयोजन

 श्रमिक दिवस के परिपेक्ष में रायपुर रेल मंडल के 46 ईमानदार, मेहनती एवं रेल के प्रति समर्पित विभिन्न विभागो के रेल कर्मचारियों को सेक्रो (दक्षिण पूर्व मघ्य रेलवे महिला कल्याण संगठन, रायपुर) के द्वारा दिनांक 18/05/2026 को उल्लास क्लब, शिवनाथ रेल विहार, डब्ल्यु.आर.एस कालोनी, रायपुर में उपहार देकर सम्मानित किया गया।


इस श्रमिक दिवस उत्सव के आयोजन के अवसर पर अध्यक्षा/सेक्रो, श्रीमती शिखा सिंह, उपाध्यक्षा श्रीमती अदिति अग्रवाल, सचिव श्रीमती राशी गुप्ता, कोषाध्यक्ष श्रीमती रितिका डूडी, सह-सचिव श्रीमती अमृता शाह एवं अन्य सभी सेक्रो सदस्याएं उपस्थित रही।
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कोलियारी समाधान शिविर में दूर हुईं ग्रामीणों की समस्याएं

  छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना “सुशासन तिहार 2026” के तहत जनपद पंचायत नारायणपुर के ग्राम कोलियारी में आयोजित समाधान शिविर सफल रहा। आम जनता की समस्याओं को उनके घर-द्वार पर ही सुलझाने के उद्देश्य से लगाए गए इस शिविर में प्रशासन द्वारा मौके पर ही कई आवेदनों का त्वरित निराकरण कर ग्रामीणों को बड़ी राहत दी गई।

     ​गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा 1 मई से 10 जून 2026 तक प्रदेशभर में 'सुशासन तिहार' का व्यापक जन-समस्या निवारण अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य शासकीय सेवाओं को सीधे जनता तक पहुँचाना और उनकी शिकायतों का ऑन-स्पॉट समाधान सुनिश्चित करना है।

​विभिन्न विभागों को मिले 176 आवेदन, पंचायत विभाग अव्वल

      ​कोलियारी के इस शिविर में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 176 आवेदन दर्ज किए गए। आंकड़ों के लिहाज से सबसे अधिक 58 आवेदन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को प्राप्त हुए। इसके बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में 41, कृषि विभाग में 17 और विद्युत विभाग में 13 आवेदन जमा किए गए। ​इसी तरह ​ऊर्जा/क्रेडा के 9,पीएमई के 8, मत्स्य व परिवहन के  6-6, PMGSY (आरईएस) के 5,​जल संसाधन के 3,उद्योग, राजस्व व आदिम जाति कल्याण के 2-2,​महिला एवं बाल विकास, वन, शिक्षा व सहकारिता के 1-1 आवेदन प्राप्त हुए।

​स्वास्थ्य के लिए स्वेच्छानुदान और बुजुर्गों को डिजिटल राहत

   ​शिविर में संवेदनशील पहल करते हुए गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 21 हितग्राहियों को 5-5 हजार रुपये कुल 1 लाख रुपये की स्वेच्छानुदान राशि का चेक प्रदान किया गया। इसके साथ ही डिजिटल कनेक्टिविटी को सुगम बनाते हुए खाद्य विभाग द्वारा मौके पर ही वरिष्ठ नागरिकों (सीनियर सिटीजन) का ई-केवाईसी (e-KYC) सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

​खुशहाली की चाबी और 'गोद भराई' की रस्म

    ​शिविर में न केवल समस्याओं का समाधान हुआ, बल्कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी सीधे तौर पर हितग्राहियों को सौंपा गया। जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में
​04 हितग्राहियों को उनके सपनों के 'प्रधानमंत्री आवास' की चाबियां सौंपी गईं। इसी तरह ​02 परिवारों को नए राशन कार्ड वितरण के साथ-साथ ​5 गर्भवती माताओं की पारंपरिक रूप से 'गोद भराई' की रस्म संपन्न कराई गई।

​एक ही छत के नीचे समाधान से खिले ग्रामीणों के चेहरे

     ​दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीणों ने इस बात पर बेहद संतोष जताया कि उन्हें एक ही छत के नीचे सभी विभागों की सेवाएं और अधिकारी मिल गए, जिससे उनके समय और पैसे दोनों की बचत हुई। शिविर में उपस्थित अधिकारियों ने लोगों को शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की बारीकियों से अवगत कराया और उन्हें पात्रता अनुसार लाभ लेने की प्रक्रिया समझाई। ​इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के जिला व जनपद स्तर के आला अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।
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​जनगणना 2027: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की 'सुशासन नीति' का असर

छत्तीसगढ़ में आगामी राष्ट्रीय जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। राज्य के सभी जिलों और नगर निगमों में मकान सूचीकरण ब्लॉकों (HLB) के गठन और सत्यापन का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाल ही में जारी आधिकारिक प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में अब तक कुल 60.73% कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस महाअभियान में डिजिटल टेक्नोलॉजी के सटीक समन्वय से कुल 48,742 ब्लॉकों में से 29,602 ब्लॉकों का कार्य पूर्ण हो चुका है।

सटीक जनगणना से ही हर गरीब तक पहुंचेगा सुशासन —मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

     ​राज्य की इस प्रगति पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने संतोष व्यक्त करते हुए गौरेला- पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिला प्रशासन और प्रदेश भर के प्रगणकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' और सुशासन के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। आगामी जनगणना 2027 के ये आंकड़े भविष्य में छत्तीसगढ़ के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और नीति निर्धारण की मजबूत बुनियाद बनेंगे। डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर समय-सीमा में कार्य पूर्ण करना सराहनीय है। जिन बड़े शहरों या नगर निगमों में गति धीमी है, वहां के अधिकारी मैदानी मॉनिटरिंग बढ़ाएं और जल्द से जल्द इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को गति दें।

​गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ने मारी बाजी, कई जिले शत-प्रतिशत के करीब

      ​राज्य स्तर पर जिलों के प्रदर्शन को देखा जाए तो आदिवासी बहुल गौरेला-पेंड्रा- मरवाही (GPM) जिला सूची में शीर्ष पर है, जिसने अपने सभी 528 मकान सूचीकरण ब्लॉकों का कार्य 100% पूरा कर लिया है। इसके बाद जशपुर (99.87%) और मोहला- मानपुर-अंबागढ़ चौकी (99.84%) जिले भी पूर्णता के बेहद करीब हैं। इसके अलावा बेमेतरा (97.8%) और मुंगेली (96.52%) जिलों में भी काम लगभग खत्म होने की कगार पर है।

​कलेक्टर की रणनीति आई काम

     GPM जिले के इस शानदार प्रदर्शन और 'शून्य पेंडेंसी' के मॉडल पर कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने अपनी टीम की पीठ थपथपाते हुए कहा कि यह सफलता हमारे स्थानीय प्रगणकों (Enumerators), पर्यवेक्षकों (Supervisors) और जिला प्रशासन की बेहतरीन टीम भावना का परिणाम है। भौगोलिक रूप से दुर्गम और आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के बावजूद हमने माइक्रो-प्लानिंग के तहत काम किया। हर चार्ज नंबर की रोजाना डिजिटल मॉनिटरिंग की गई, जिससे 17 मई की मध्यरात्रि को डेटा पोर्टल पर सिंक होते ही हमने 100% पूर्णता का लक्ष्य हासिल कर लिया। अब हम अगले चरण के प्रशिक्षण और मैदानी सत्यापन के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

​बड़े शहरों और नगर निगमों की रफ्तार सुस्त, रायपुर-भिलाई पिछड़े

     ​एक तरफ जहां ग्रामीण और दूरस्थ जिलों ने बाजी मारी है, वहीं राज्य के बड़े शहरों और नगर निगम (Municipal Corporation) क्षेत्रों में काम की रफ्तार चिंताजनक रूप से धीमी दर्ज की गई है। ​रायगढ़ नगर निगम सूची में सबसे निचले पायदान पर है, जहां महज 4.65% काम ही पूरा हो सका है। औद्योगिक हब भिलाई नगर में केवल 7.84% और रिसाली में 8.33% कार्य ही संपन्न हुआ है। राजधानी रायपुर की बात करें तो यहां कुल 1,964 ब्लॉकों में से केवल 203 ही पूरे हो पाए हैं, जो कि कुल लक्ष्य का मात्र 10.34% है।
    
  ​प्रशासनिक मुस्तैदी का असर
राहत की बात यह है कि राज्य के अधिकांश जिलों में 'HLBs Not Started' (कार्य शुरू नहीं हुआ) का आंकड़ा शून्य है। इसका साफ मतलब है कि मैदानी स्तर पर प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय है। कबीरधाम के महज 1 ब्लॉक को छोड़कर हर जगह काम शुरू हो चुका है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि बचे हुए 'प्रगति पर' (In Progress) कार्यों को भी जल्द से जल्द पूरा करने के लिए नगर निगम आयुक्तों और जिला कलेक्टर्स को विशेष नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
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निकायों में सुशासन, जवाबदेही और जन सेवा को दें सर्वोच्च प्राथमिकता, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से ली सभी 194 निकायों की बैठक

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने आज विभागीय अधिकारियों, नगर निगम आयुक्तों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों, नोडल अधिकारियों एवं प्रदेश के सभी 194 नगरीय निकायों के अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक लेकर सुशासन, जवाबदेही, जन सेवा एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। पहली बार प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों का पूरा अमला एक साथ इस बैठक में शामिल हुए।  


नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने बैठक में कहा कि नगरीय निकाय राज्य शासन का चेहरा होते हैं और नगरों का विकास राज्य के विकास का पर्याय है। नागरिकों को शुद्ध पेयजल, स्वच्छ वातावरण, बेहतर मूलभूत सुविधाएं एवं कचरामुक्त शहर उपलब्ध कराना नगरीय निकायों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन के पास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं, इसलिए कार्यों में लापरवाही, अनियमितता या अनावश्यक बहाने स्वीकार नहीं किए जाएंगे। 

सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक आयुक्त एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी अपने निकाय की समस्याओं के समाधान के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करें। स्थानीय समस्याओं की पहचान कर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी अधिकारी की मेहनत व्यर्थ नहीं जानी चाहिए और हर निकाय में परिणाम दिखाई देना चाहिए।  

जनप्रतिनिधियों के सम्मान और बेहतर समन्वय पर विशेष जोर

सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने अधिकारियों के लिए “थंब-रूल” निर्धारित करते हुए कहा कि महापौर, अध्यक्ष एवं जनप्रतिनिधियों का सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी परिस्थिति में जनप्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार या अभद्र भाषा स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को नियमों के अनुरूप स्वतंत्र रूप से कार्य करने का पूरा अधिकार है, लेकिन जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ बेहतर व्यवहार बनाए रखना आवश्यक है।  

उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों और निकायों को सम्मान मिलेगा, जबकि लापरवाही या गलत कार्य करते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि यदि कोई अधिकारी नियमों के अनुरूप सही कार्य कर रहा है तो विभाग हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा रहेगा। 

नोडल अधिकारियों को दी मार्गदर्शक की भूमिका

बैठक में सचिव ने नवनियुक्त नोडल अधिकारियों को मार्गदर्शक की भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी नियमित रूप से नगरीय निकायों का निरीक्षण करेंगे, योजनाओं की समीक्षा करेंगे तथा समन्वय के साथ निकायों को सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। साथ ही निकाय स्तर पर भी अधिकारियों को वार्डवार जिम्मेदारी देने के निर्देश दिए गए, ताकि कार्यों की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।  

उन्होंने बताया कि प्रत्येक सप्ताह संभागवार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की जाएगी तथा प्रत्येक माह विभागीय समीक्षा बैठक लेकर विकास कार्यों की प्रगति का आकलन किया जाएगा। 

स्वच्छता एवं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर विशेष फोकस

सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने कहा कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट केवल शासन-प्रशासन का कार्य नहीं, बल्कि प्रत्येक अधिकारी और नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। उन्होंने गीले एवं सूखे कचरे के पृथक्करण, वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन तथा बेहतर स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से नवीन अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का गंभीरता से अध्ययन कर उनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। 

जल संरक्षण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर कार्ययोजना बनाने के निर्देश

बैठक में सचिव ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग, भूजल संरक्षण एवं जल संरचनाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भवनों का निरीक्षण कर वर्षा जल संचयन की प्रभावी योजना बनाई जाए तथा पीएचई विभाग से समन्वय कर भूजल स्तर की नियमित जानकारी ली जाए। 

उन्होंने हैंडपंप रिचार्ज, सोक-पिट निर्माण तथा जल संरक्षण के स्थानीय मॉडल विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी नागरिक को पेयजल के लिए परेशानी नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपील की।  

प्रधानमंत्री आवास योजना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की समीक्षा करते हुए सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने कहा कि गरीब परिवार के लिए पक्का घर केवल भवन नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षित जीवन का प्रतीक होता है। उन्होंने अधिकारियों को वार्डवार सर्वे कर पात्र हितग्राहियों की पहचान करने तथा आवास योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। 

उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराया जाए। साथ ही जिन निकायों द्वारा अभी तक प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किए गए हैं, उन्हें शीघ्र भेजने के निर्देश दिए गए।  

वित्तीय अनुशासन और न्यायालयीन प्रकरणों पर सख्त निर्देश

बैठक में सचिव ने 15वें वित्त आयोग, पेयजल एवं स्वच्छता कार्यों तथा अन-टाइड फंड के उपयोग की समीक्षा करते हुए कहा कि शासन द्वारा प्रदान की गई राशि जनता की सुविधा और विकास के लिए है, इसलिए उसका जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को लंबित कार्यों की सूची प्रस्तुत कर विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।  

न्यायालयीन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि न्यायालय में प्रस्तुत जवाब तथ्यात्मक, मजबूत एवं समयबद्ध हों तथा न्यायालय के आदेशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

बैठक में सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने आंगनबाड़ियों, स्वास्थ्य केंद्रों, पेंशन केंद्रों एवं मॉडल स्कूलों के उन्नयन पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय केवल निर्माण कार्यों तक सीमित न रहें, बल्कि सामाजिक कल्याण एवं नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभाएं। 

बैठक में सूडा के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय, नगरीय प्रशासन विभाग के उप सचिव श्री भागवत जायसवाल, सूडा के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दुष्यंत कुमार रायस्त, मुख्य अभियंता श्री राजेश शर्मा, संयुक्त संचालक श्री मिथिलेश अवस्थी, उप संचालक श्री जितेंद्र कुशवाहा, उप संचालक श्री अरुण साहू, उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील अग्रहरि, सचित साहू, अधीक्षण अभियंता श्री रमेश सिंह और ओएसडी श्री निशिकांत वर्मा भी मौजूद थे।
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मुख्य सचिव ने की महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा, डेटा आधारित निगरानी पर जोर

छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में विभिन्न विभागों की जनोन्मुखी और महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने पांचवें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन की अनुशंसाओं पर हुई कार्रवाई की जानकारी ली और अधिकारियों को विकास कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए।


डेटा आधारित निगरानी और सुशासन

       मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुँचना चाहिए। इसके लिए उन्होंने डेटा आधारित निगरानी प्रणाली (Data-driven Monitoring System) को और मजबूत करने पर जोर दिया। बैठक में सुशासन और प्रौद्योगिकी के माध्यम से क्षमता विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का प्रस्तुतिकरण भी दिया गया।

शिक्षा और आंगनबाड़ी बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण

      शिक्षा और बच्चों के पोषण को प्राथमिकता देते हुए मुख्य सचिव ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिन क्षेत्रों में आंगनबाड़ी भवनों की समस्या है, वहां प्राथमिक शालाओं के अतिरिक्त कक्षों में आंगनबाड़ी संचालित करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कलेक्टरों के साथ समन्वय करने को कहा। समग्र शिक्षा के तहत जिन स्कूलों में कमरों की कमी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर अतिरिक्त कक्षों के निर्माण की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।

विभागीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा

          बैठक के दौरान स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, कौशल विकास, खेल एवं युवा कल्याण, तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। साथ ही स्वास्थ्य, कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी, आदिम जाति विकास, पर्यटन, ऊर्जा और राजस्व जैसे महत्वपूर्ण विभागों की परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया गया। उच्च स्तरीय बैठक में गृह विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, विधि विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, आदिम जाति विकास के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार सहित स्कूल शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, पर्यटन, और सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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सुशासन, मजबूत कनेक्टिविटी और जनहितकारी योजनाओं का दिख रहा सकारात्मक असर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ ने विकास और सुशासन की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा जारी LEADS 2025 रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ को ‘हाई परफॉर्मर’ राज्य का दर्जा मिला है। यह उपलब्धि राज्य में बेहतर सड़क, परिवहन, व्यापार सुविधा और मजबूत लॉजिस्टिक्स व्यवस्था के कारण मिली है, जिसका सीधा लाभ आम जनता, किसानों, व्यापारियों और युवाओं को मिल रहा है।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल उद्योगों का विकास नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन को आसान बनाना है। बेहतर सड़क और परिवहन व्यवस्था से किसानों की उपज तेजी से बाजार तक पहुंच रही है, व्यापार को गति मिल रही है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन, पारदर्शिता और तेज़ निर्णय प्रक्रिया के कारण निवेश बढ़ रहा है। राज्य सरकार गांव से शहर तक कनेक्टिविटी मजबूत करने, वेयरहाउसिंग सुविधाएं बढ़ाने और उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने पर लगातार काम कर रही है। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।

उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य में लॉजिस्टिक्स और परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है। इससे उद्योगों को सुविधा मिलने के साथ-साथ छोटे व्यापारियों, किसानों और स्थानीय उद्यमियों को भी लाभ मिल रहा है।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा लागू की गई लॉजिस्टिक्स नीति 2025 के तहत परिवहन लागत कम करने, माल परिवहन को तेज़ बनाने और निवेश आकर्षित करने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग क्षेत्र को उद्योग का दर्जा दिए जाने से रोजगार और निवेश की नई 
संभावनाएं तैयार हो रही हैं।

रायपुर के लिए तैयार किए गए सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान से शहर में ट्रैफिक दबाव कम होगा और माल परिवहन अधिक व्यवस्थित हो सकेगा। वहीं OneClick Single Window Portal के माध्यम से उद्योगों को अनुमति प्रक्रिया आसान बनाई गई है, जिससे निवेशकों को तेजी से सुविधाएं मिल रही हैं।

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से आधुनिक और तकनीक-सक्षम लॉजिस्टिक्स व्यवस्था विकसित कर रहा है। इससे प्रदेश में व्यापार, उद्योग और रोजगार को नई गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को देश के उभरते औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में नई पहचान दिला रही है।

कुल मिलाकर LEADS 2025 में ‘हाई परफॉर्मर’ राज्य के रूप में मिली यह पहचान केवल एक रैंकिंग नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में तेज़ी से विकसित हो रही अधोसंरचना, सुशासन और जनहितकारी विकास मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर मिली स्वीकृति है। बेहतर सड़क, मजबूत परिवहन व्यवस्था, बढ़ते निवेश और रोजगार के नए अवसरों के माध्यम से छत्तीसगढ़ अब आमजन की सुविधाओं और आर्थिक समृद्धि को केंद्र में रखकर विकास की नई दिशा तय कर रहा है।
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चिचिरदा समाधान शिविर में उमड़ा जनसैलाब, 450 आवेदनों का मौके पर ही निपटारा

राज्य शासन के सुशासन तिहार अभियान के तहत बुधवार को बलौदाबाजार- भाटापारा जिले के बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम पंचायत चिचिरदा में विशाल समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शासन की जनता के द्वार पर दस्तक पहल के तहत आयोजित इस शिविर में चिचिरदा सहित आसपास की 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। शिविर के दौरान कुल 1145 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 450 आवेदनों का त्वरित निराकरण कर हितग्राहियों को तत्काल राहत प्रदान की गई।


जनप्रतिनिधियों ने वितरित की सहायता सामग्री

          शिविर में जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को सामग्री, चेक और प्रशस्ति पत्र सौंपे। वितरण की मुख्य झलकियां इस प्रकार रहीं। नए राशन कार्ड और आयुष्मान कार्डों का वितरण, मनरेगा जॉब कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों को नए घर की चाबियां सौंपी गईं। कृषि एवं संबद्ध विभाग के द्वारा मछली पालन विभाग द्वारा महाजाल व आइस बॉक्स और उद्यानिकी विभाग द्वारा फलदार पौधों का वितरण किया गया।खेल एवं युवा कल्याण द्वारा स्थानीय बच्चों और खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स किट प्रदान की गई।

विभागीय स्टॉल्स के माध्यम से दी गई जानकारी

         शिविर स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी और स्टॉल लगाए गए थे, जहाँ ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की बारीकियों से अवगत कराया गया। मंच के माध्यम से अधिकारियों ने विभागीय गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की, ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें। 

        सुशासन की यह लहर केवल चिचिरदा तक सीमित नहीं रही। सिमगा विकासखंड के ग्राम जांगड़ा में भी समाधान शिविर का सफल आयोजन हुआ। जिले के 7 नगरीय निकायों में विशेष शिविर लगाकर आम जनता की समस्याओं को सुना गया और उनका समाधान किया गया। इस पहल से न केवल ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान हो रहा है, बल्कि शासन-प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास भी सुदृढ़ हुआ है।
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10 साल से खाँसी में खून की समस्या झेल रहे युवक को अम्बेडकर अस्पताल में मिली नई जिंदगी

डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग ने एक अत्यंत जटिल एवं जीवनरक्षक सर्जरी कर 25 वर्षीय युवक की जान बचाने में सफलता प्राप्त की है। मरीज लंबे समय से खांसी के साथ खून आने की गंभीर समस्या से पीड़ित था। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी थी कि प्रत्येक बार खांसने पर लगभग 50 से 70 एमएल तक खून निकल रहा था। डॉक्टरों के अनुसार यदि समय रहते ऑपरेशन नहीं किया जाता तो अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मरीज की जान भी जा सकती थी।


अस्पताल के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णकांत साहू ने बताया कि अम्बेडकर अस्पताल के हार्ट, चेस्ट एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग में छाती एवं फेफड़ों के अधिकांश ऑपरेशन उन्नत तकनीक से की जा रही है। अभनपुर के पास चटौद निवासी 25 वर्षीय युवक को पिछले लगभग 10 वर्षों से खांसी के साथ बलगम में खून आने की शिकायत थी। प्रारंभ में यह समस्या कम थी, लेकिन पिछले एक माह से लगातार बढ़ रही थी। पिछले कुछ दिनों में स्थिति और गंभीर हो गई तथा हर बार खांसने पर अत्यधिक मात्रा में खून आने लगा।

मरीज ने पूर्व में टीबी की दवाइयों का सेवन भी किया था तथा उपचार के लिए कई बड़े अस्पतालों में परामर्श लिया, लेकिन उसे राहत नहीं मिली। जांच के दौरान मरीज का सीटी स्कैन कराया गया, जिसमें दाएं फेफड़े के निचले हिस्से (लोअर लोब) में बड़ी कैविटी बनने एवं उसमें एस्परजिलोमा नामक फंगल संक्रमण होने की पुष्टि हुई। यह बीमारी सामान्यतः टीबी से पीड़ित मरीजों में देखने को मिलती है।

सीटी स्कैन रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद डॉ. साहू ने बताया कि मरीज की जान बचाने के लिए तत्काल ऑपरेशन आवश्यक था। इस सर्जिकल प्रक्रिया को मेडिकल भाषा में लोबेक्टॉमी (लोअर लोब ऑफ राइट लंग) कहा जाता है, जिसमें फेफड़े के संक्रमित हिस्से को काटकर निकाला जाता है। यह ऑपरेशन अत्यंत जटिल एवं हाई-रिस्क सर्जरी की श्रेणी में आता है, क्योंकि ऑपरेशन के दौरान फेफड़ों की प्रमुख रक्त वाहिनियों- पल्मोनरी आर्टरी एवं पल्मोनरी वेन, को क्षति पहुंचने का खतरा बना रहता है।

परिजनों की सहमति मिलने के बाद मरीज का अगले ही दिन आपातकालीन ऑपरेशन किया गया। सर्जरी के दौरान अत्याधुनिक लंग स्टेपलर गन तकनीक का उपयोग किया गया, जिससे ऑपरेशन के बाद एयर लीक जैसी जटिलताओं की संभावना कम हो सके। सफल सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और कुछ दिनों बाद उसे पूर्णतः स्वस्थ होने पर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। यह संपूर्ण उपचार आयुष्मान योजना के अंतर्गत निशुल्क किया गया।

डॉ. साहू ने बताया कि खांसी के साथ खून आने की स्थिति को मेडिकल भाषा में हीमोप्टाइसिस कहा जाता है। इसके प्रमुख कारणों में फेफड़ों की टीबी, फेफड़ों का कैंसर, पल्मोनरी एवी मालफॉर्मेशन, ब्रोंकाइटिस तथा अन्य गंभीर फेफड़ा संबंधी रोग शामिल हैं।

 पंडित नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी का कहना है कि चिकित्सकों की टीम ने समन्वित प्रयास करते हुए समय पर सफल सर्जरी कर मरीज को नया जीवन दिया। भविष्य में भी हमारा संस्थान इसी प्रकार मरीजों को बेहतर, सुलभ एवं उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

 अम्बेडकर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर कहते हैं कि अस्पताल प्रबंधन का निरंतर यह प्रयास रहा है कि आयुष्मान योजना के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को उच्चस्तरीय एवं निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाए और इस दिशा में हमें सफलता भी मिल रही है। वर्तमान में इस योजना से कई मरीज लाभांवित भी हो रहे हैं।
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शासन के मिशन मोड में किए जाने वाले कार्यों की हुई समीक्षा - मुख्य सचिव ने अधिकारियों की ली बैठक

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशा अनुसार छत्तीसगढ़ शासन विशिष्ट क्षेत्रों में तीव्र और लक्षित विकास के लिए महत्वपूर्ण योजनाओं के कार्यों को मिशन मोड में संचालित करेगा। इस संबंध मे आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने लक्षित विकास के लिए नए मिशन शुरू किए है। जिन्हें पूरी तरह मिशन मोड में संचालित किया जाएगा। अधिकारियों ने बैठक में अपनी विभागीय योनजाओं के संबंध में प्रस्तुतिकरण के जरिए विस्तार से जानकारी रखी।

 
      बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री एआई मिशन के संबंध में बताया कि उभरती हुए तकनीकों और प्रौद्योगिकियों में छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी राज्य बनाना है। इसके लिए यहां के युवाओं को एआई आधारित स्टार्टअप के लिए बढ़ावा दिया जाएगा। शासन व्यवस्था के कार्यों में भी एआई का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए शासन के अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसी तरह से छात्र-छात्राओं, युवाओं को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

          मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के तहत ग्रामीण और जमीनी स्तर पर छिपी हुई खेल प्रतिभा की पहचान कर उन्हें निखारा जाएगा। खिलाड़ियों को सुविधाएं दी जाएगी। राज्य के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना तथा महिला खिलाड़ियों की भागीदारी को बढ़ाया जाएगा।

          मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन के अंतर्गत प्रमुख पर्यटन स्थलों को वैश्विक मानचित्र पर लाने के लिए थीम-आधारित पर्यटन सर्किट विकसित किए जाएंगे। सांस्कृतिक मेलों, उत्सवों और प्रदर्शनियों का आयोजन तथा स्थानीय स्तर पर ’होमस्टे’ योजना को बढ़ावा दिया जाएगा। पर्यटन के तहत स्थानीय युवाओं को टूर-गाइडों के कौशल विकास के जरिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराये जाएंगे।

           मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन के जरिए राज्य के बुनियादें ढांचें, सड़कों, पुलों और शहरी-ग्रामीण कनेक्टिविटी को मिशन मोड में मजबूत करना है। प्रदेश में आर्थिक विकास को गति देने के लिए अधोसंरचना का तेजी से निर्माण किया जाना है। मुख्यमंत्री स्टार्टअप मिशन के तहत प्रदेश के युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देना और नए व्यापारिक विचारों को जमीन पर उतारना। नए स्टार्टअप्स के लिए वित्तीय सहायता और सरल प्रक्रियाएं सुनिश्चित किए जाएंगे।

          बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, विशेष सचिव वित्त श्री चंदन कुमार, विशेष सचिव उच्च शिक्षा श्री जय प्रकाश मौर्य सहित सूचना प्रौद्योगिकी एवं चिप्स के अधिकारी शामिल हुए।
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केंद्र सरकार द्वारा एमएसपी में वृद्धि का निर्णय किसानों के हित में ऐतिहासिक कदम : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा विपणन वर्ष 2026-27 हेतु 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धान सहित विभिन्न खरीफ फसलों के एमएसपी में की गई उल्लेखनीय वृद्धि यह स्पष्ट करती है कि केंद्र सरकार किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में धान के एमएसपी में हुई ऐतिहासिक बढ़ोतरी किसानों के सम्मान, आत्मविश्वास और समृद्धि को नई मजबूती प्रदान कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देश में सर्वाधिक 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि प्रदेश में रिकॉर्ड धान खरीदी के साथ किसानों का विश्वास सरकार की किसान हितैषी नीतियों पर लगातार बढ़ा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार किसान कल्याण, कृषि उन्नति और ग्रामीण समृद्धि के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा कृषि क्षेत्र को नई मजबूती देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किसानों के हित में लिए गए इस महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी तथा केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त किया है।
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“हर घर पहुँचा जीवनदायी जल : चिन्ताटोकामेटा में जल जीवन मिशन बनी बदलाव की मिसाल”

भैरमगढ़ विकासखंड के दूरस्थ ग्राम चिन्ताटोकामेटा में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों के जीवन में ऐतिहासिक परिवर्तन ला दिया है। अब गांव के हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति हो रही है, जिससे वर्षों पुरानी पानी की समस्या का समाधान हो गया है।

पहले गांव के लोग एकमात्र हैंडपंप और नदी पर निर्भर थे। पानी भरने के लिए महिलाओं और बच्चों को लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ता था। कई बार दूर नदी से पानी लाना पड़ता था, जिससे समय और श्रम दोनों की बड़ी समस्या बनी रहती थी।
जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांव के 12 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। अब प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुँचने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।
19 मार्च 2026 को आयोजित जल उत्सव कार्यक्रम के दौरान ग्रामसभा के माध्यम से “हर घर जल” प्रमाणन भी किया गया। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों एवं ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को जल संरक्षण, जलकर तथा जल आपूर्ति प्रणाली के संचालन-संरक्षण की जानकारी दी।
ग्रामीणों ने बताया कि पहले पानी की व्यवस्था करना रोज़ की बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब घर पर ही पर्याप्त मात्रा में साफ पानी मिलने से जीवन काफी आसान हो गया है।
जल जीवन मिशन की यह सफलता केवल पेयजल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण सहभागिता, जागरूकता और विकास की नई मिसाल बनकर उभरी है।
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वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा – युवा प्रतिभाओं को मिलेगा प्रदेश के नियोजित विकास में योगदान का अवसर

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आवास एवं पर्यावरण विभाग अंतर्गत सहायक संचालक (योजना) के 21 पदों पर भर्ती के लिए अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया गया है। राज्य गठन के बाद यह पहला अवसर है जब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में सहायक संचालक (योजना) के पदों पर नियमित भर्ती की गई है।


           वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह भर्ती केवल रिक्त पदों की पूर्ति नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के सुव्यवस्थित, वैज्ञानिक और दूरदर्शी शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने कहा कि नियोजित विकास, आधुनिक शहरों के निर्माण और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। नई नियुक्तियों से विभाग को युवा, प्रशिक्षित और ऊर्जावान अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जो प्रदेश के शहरों और कस्बों के विकास को नई गति देंगे।

     मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को अधिकतम रोजगार अवसर उपलब्ध कराने और शासन-प्रशासन में योग्य प्रतिभाओं को स्थान देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। यह चयन प्रक्रिया उसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
 
          छत्तीसगढ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी परिणाम के अनुसार लिखित परीक्षा 5 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी तथा साक्षात्कार 12 मई 2026 को संपन्न हुआ। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर अंतिम चयन सूची जारी की गई है।

      वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने चयनित सभी अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश के नियोजित और संतुलित विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि चयनित अधिकारी अपने ज्ञान, कौशल और समर्पण से छत्तीसगढ़ के विकास में उल्लेखनीय योगदान देंगे।
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ऊर्जा संरक्षण की दिशा में उठाया गया हर कदम राष्ट्रनिर्माण में योगदान है - मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रहित में ईंधन संरक्षण एवं संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर किए गए आह्वान का समर्थन करते हुए कहा है कि वैश्विक ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों के इस दौर में पेट्रोल-डीजल जैसे मूल्यवान संसाधनों का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करना हम सभी का राष्ट्रीय दायित्व है। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इसी भावना से प्रेरित होकर राज्य शासन द्वारा शासकीय स्तर पर ईंधन की खपत कम करने और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की दिशा में ठोस पहल की जा रही है। 

उन्होंने कहा की कि उनके आधिकारिक भ्रमणों के दौरान अब केवल अत्यावश्यक वाहनों को ही कारकेड में शामिल किया जाएगा। साथ ही मंत्रीगणों तथा विभिन्न निगम-मंडलों के पदाधिकारियों से भी वाहनों एवं अन्य सरकारी संसाधनों के संयमित उपयोग का आग्रह किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शासकीय परिवहन व्यवस्था को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी कार्य करेगी। इसके तहत समस्त शासकीय वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में परिवर्तित करने की दिशा में ठोस कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल ईंधन की बचत करेगा, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से सार्वजनिक परिवहन का अधिकाधिक उपयोग करने, कारपूलिंग अपनाने तथा अनावश्यक निजी वाहनों के उपयोग से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर हम बड़े सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। यदि प्रत्येक नागरिक ईंधन बचत को अपनी जिम्मेदारी माने, तो यह अभियान एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप ले सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 'नेशन फर्स्ट' की भावना के साथ ईंधन संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से राष्ट्रहित में जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक जागरूक कदम देश की ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
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सरकार नियमों का पालन किये ग्राम सभा की फर्जी एनओसी के आधार या जनसुनवाई करवा रही है- भूपेश बघेल

पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ग्राम सभा के अधिकारो का उल्लंघन कर रही। एक मामले में ग्राम अलदा ग्राम सभा की अनुमति में अतिरिक्त लाईनें जोड़कर फर्जी सहमति लेना बताया गया। दूसरे मामले देवरी, घुलघुल में बिना ग्राम सभा को बुलाये फर्जी सहमति बतायी गयी। अलदा में बालाजी स्पंज एंड आयरन लिमिटेड और देवरी घुलघुल में अग्रसेन स्टील एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना के लिए लगातार गैर-संवैधानिक एवं संदिग्ध प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं। प्रभावित गांवों के अधिकांश ग्रामीण इन उद्योगों का लगातार विरोध कर रहे हैं, लेकिन उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज किया जा रहा है।


पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने कहा कि ग्राम अलदा की ग्रामसभा के प्रस्ताव में कथित कूट रचना कर स्वीकृति प्राप्त की गई। इसकी जांच मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत तिल्दा तथा तहसीलदार-नायब तहसीलदार की समिति द्वारा की गई, जिसमें प्रस्ताव को फर्जी पाया गया। ज़ब पूर्व उपसरपंच श्री लखनलाल वर्मा ने इस फर्जीवाड़े का विरोध किया तो उन्हें राजस्व एवं पुलिस विभाग द्वारा प्रताड़ित किया गया। सभी अनुमति लेकर अपने घर की बॉउंड्रीवाल के लिए उन्होंने जो ईट बनाई थी उसे जब्त किया गया और 1 लाख का फर्जी आंकड़ा बताया गया। देवरी घुलघुल में बिना ग्रामसभा की बैठक एवं बिना पंचायत बैठक आयोजित किए कथित रूप से फर्जी NOC जारी कर दी गई। ग्रामीणों एवं पंचों को इसकी कोई सूचना नहीं दी गई।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने कहा कि पंचायत के पंचों द्वारा शपथ पत्र देकर स्पष्ट किया गया है कि न तो बैठक आयोजित हुई और न ही किसी प्रकार की वैधानिक प्रक्रिया का पालन किया गया। मामले की जांच तहसीलदार स्तर पर जारी होने के बावजूद जांच प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबित रखा जा रहा है। फर्जीवाड़े की पुलिस एवं प्रशासनिक जांच को प्रभावित करने अथवा कार्रवाई टालने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे पूरे मामले की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने कहा कि कूट रचना एवं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जारी NOC तथा उसके आधार पर प्राप्त अन्य सभी अनुमतियां पूरी तरह संदिग्ध एवं अवैध प्रतीत होती हैं। अतः फर्जी NOC एवं उसके आधार पर दी गई सभी स्वीकृतियों और अनुमतियों को तत्काल निरस्त किया जाना आवश्यक है। प्रभावित ग्रामीण लगातार लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें संरक्षण देने के बजाय भाजपा सरकार उद्योगपतियों को संरक्षण देती दिखाई दे रही है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और जनविरोधी है। ग्रामीणों ने हाल ही में हुई जनसुनवाई में प्लांट में विरोध में पत्र देना चाहा तो अधिकारियों ने पत्र लेने से इंकार कर दिया और जनसुनवाई स्थल से दूर दलालों के माध्यम से फर्जी समर्थन पत्र लिया गया।

मोदी देश के लिए घातक - भूपेश बघेल


पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की नीतिया देश के लिए घातक है। उनकी सरकार द्वारा लिये गये निर्णयों से देश को नुकसान हुआ है। नोटबंदी, जीएसटी, लॉकडाउन जैसे मोदी सरकार के निर्णय देश पर भारी पड़े है। वर्तमान में भी प्रधानमंत्री मोदी ने परसों देश की जनता से अपील किया कि उन्होंने किसानों को सलाह दिया कि खेती में उर्वरक का उपयोग कम करें। उन्होंने देश के कामकाजी वर्ग को सलाह दिया कि वर्क फॉर्म होम करिए। ऑफिस मत जाईये। उन्होंने देश की महिलाओं को सलाह दिया खाद्य तेल कम उपयोग करें, गैस का उपयोग कम करे। उन्होंने देशवासियों से कहा सोना मत खरीदे। उन्होंने लोगों से कहा विदेश यात्रा मत करे।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश की जनता से अपेक्षा तो कर दी लेकिन खुद गुजरात में, आसाम में जलसा कर रहे थे, देश के लोगों को कहते है कि विदेश मत जाओ खुद 15 तारीख से विदेश जा रहे है। मोदी कह रहे कि किसान उर्वरकों का उपयोग कम करे जबकि देश में पिछले सात साल से उर्वरकों की कमी है। प्रधानमंत्री उर्वरक की व्यवस्था करने के बजाय बार-बार किसानों से यूरिया की खपत कम करने की अपील करते रहे है। किसानों की आय दुगुनी करने का वादा था लेकिन उर्वरक नहीं मिलने तथा महंगा उर्वरक खरीदने के कारण किसान कर्जदार हो रहे, उत्पादकता घट रही। सरकार के अनर्णिय तथा प्रधानमंत्री की अपील के बाद देश के अधिकांश पंप ड्राई हो गये है। प्रधानमंत्री मोदी से देश नहीं संभल रहा, देश ने पहले भी अनेकों ऐसे संकट देखे है, तब भारत की तत्कालीन सरकारों ने सूझबूझ से इन समस्याओं का सामना किया था। मोदी ने तो आज तक इस वैश्विक संकट पर विपक्षी दलों की बैठक तक नहीं बुलाई। जब उनसे स्थितियां नहीं संभल रही तो देश की जनता से कम उपयोग की अपील कर रहे है।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने देश के वर्तमान संकट पर लोकसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार दुनिया के हालात का आंकलन कर निर्णय नहीं ले पाई, युद्ध के 72 दिन बाद प्रधानमंत्री ने अपनी जबान खोली।

पत्रकारवार्ता में प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, शैलेश नितिन त्रिवेदी, विधायक अटल श्रीवास्तव, वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र वर्मा, अजय साहू सहित बड़ी संख्या में ग्राम अलदा, देवरी घुलघुल के ग्रामीण उपस्थित थे।
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सुशासन तिहार 2026: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया मुंगेली नगर के चौक-चौराहों में स्थापित प्रतिमाओं का अनावरण

शासकीय योजनाओं का लाभ लोगो को प्राप्त हो, यह सुनिश्चित करने के साथ ही सुशासन को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से सुशासन तिहर अंतर्गत समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज मुंगेली जिले के प्रवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मुंगेली नगर के चौक-चौराहों में महापुरुषों एवं संतों की प्रतिमाओं का अनावरण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। प्रतिमाओं के अनावरण कार्यक्रम के दौरान नगर में उत्साह, श्रद्धा और गौरव का वातावरण रहा। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, विधायक श्री पुन्नू लाल मोहले, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

            मुख्यमंत्री श्री साय ने कलेक्टोरेट कार्यालय के पास भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण कर संविधान निर्माता को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने भारतीय संविधान के माध्यम से देश को समानता, न्याय और अधिकारों की मजबूत आधारशिला प्रदान की। उनका जीवन शिक्षा, संघर्ष और सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणादायी मिसाल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
      इसके पश्चात मुख्यमंत्री श्री साय ने दाऊपारा स्थित गुरु घासीदास बाबा की प्रतिमा का विधिवत अनावरण करते हुए कहा कि बाबा गुरुघासीदास ने सत्य, अहिंसा और समानता का संदेश देकर समाज को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी समाज को एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संतों और महापुरुषों की विरासत को संरक्षित करने तथा नई पीढ़ी तक उनके आदर्शों को पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
           इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने पड़ाव चौक में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने महाराणा प्रताप को भारतीय इतिहास का महान योद्धा बताते हुए कहा कि उनका जीवन साहस, त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमर गाथा है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से महाराणा प्रताप के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र हित में सक्रिय भूमिका निभाने कहा। मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर रोड तिराहा में भक्त माता कर्मा की प्रतिमा का भी अनावरण किया। उन्होंने कहा कि भक्त माता कर्मा सेवा, श्रद्धा और समर्पण की प्रतीक हैं। उनका जीवन समाज को मानव सेवा, भक्ति, परोपकार और संस्कारों की प्रेरणा देता है। 

 मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। स्थानीय नागरिकों एवं समाज प्रमुखों ने प्रतिमा स्थापना को जिले के लिए गौरवपूर्ण पहल बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
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सुशासन तिहार 2026 : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुंगेली को दी 353 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात

प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज मुंगेली जिला विकास, जनकल्याण और सुशासन के एक ऐतिहासिक अध्याय का साक्षी बना। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जिला मुख्यालय स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में शामिल होकर जिले को 353 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक की लागत वाले 414 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 152 करोड़ 02 लाख रुपये से अधिक की लागत के 284 कार्यों का लोकार्पण तथा 201 करोड़ 56 लाख रुपये से अधिक की लागत के 130 कार्यों का शिलान्यास शामिल है। इन कार्यों से जिले में आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और जनसुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी।


कार्यक्रम में केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वाणिज्य एवं उद्योग, श्रम तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक, मुंगेली विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, तखतपुर विधायक श्री धरमजीत सिंह, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री श्रीकांत पाण्डेय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री रोहित शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम के दौरान पुष्प वाटिका एवं चौपाटी, नहर, एनीकट, लाइवलीहुड कॉलेज भवन पहुंच मार्ग, मुंगेली-भटगांव पहुंच मार्ग सहित अनेक सड़क निर्माण कार्यों, महतारी सदनों, छात्रावासों, जल जीवन मिशन के कार्यों, सामुदायिक भवनों, अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों, प्राथमिक शाला भवनों, सांस्कृतिक मंचों, सीसी सड़कों, अमृत सरोवरों तथा आंगनबाड़ी भवनों का लोकार्पण किया। इसके साथ ही विभिन्न ग्रामों में सीसी सड़क, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सड़क मार्ग, एसटीपी निर्माण, तालाब सौंदर्यीकरण, फुटपाथ और पुल निर्माण सहित अनेक विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया गया। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत स्वामी आत्मानंद विद्यालय मोतिमपुर, लालपुरथाना, लोरमी, पथरिया और सरगांव का वर्चुअल लोकार्पण भी किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन सरकार विकास और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज मुंगेली जिले को मिली विकास कार्यों की यह बड़ी सौगात आने वाले समय में जिले के विकास को नई गति प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से आमजनों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है तथा शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर भक्ति और श्रम की प्रतीक माता कर्मा, सामाजिक समरसता के प्रतीक बाबा गुरु घासीदास, संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर तथा शौर्य और त्याग के प्रतीक महाराणा प्रताप की प्रतिमाओं का अनावरण करते हुए कहा कि ये महापुरुष समाज को प्रेरणा देने वाले आदर्श हैं। उन्होंने नवागढ़ रोड में वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा स्थापना के लिए 25 लाख रुपये, मुंगेली में पोस्ट मैट्रिक छात्रावास भवन निर्माण, मेला नवागांव में बाउंड्रीवाल एवं प्रवेश द्वार निर्माण के लिए 20 लाख रुपये तथा सीसी सड़क निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की घोषणा की। साथ ही चिकित्सा महाविद्यालय की मांग को पूरा करने के लिए सकारात्मक आश्वासन दिया।

केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने जिले को मिली 353 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात के लिए मुख्यमंत्री का अभिनंदन करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास और सुशासन को नई दिशा मिल रही है। 

उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि सरकार जनता के दुख-दर्द को समझते हुए त्वरित निर्णय ले रही है और मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभारी मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुंगेली जिला निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और यह सब मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले ने जिले में हो रहे विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं सहायता राशि वितरित कर लाभान्वित भी किया। उन्होंने बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के चार विद्यार्थियों अंशुल शर्मा, नंदिता देवांगन, हेमा साहू और चैतूराम साहू को लैपटॉप प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास की चाबियां, मनियारी बैराज योजना से प्रभावित परिवारों को प्रतिकात्मक चेक, मछुआरों को मछली जाल एवं आइस बॉक्स, किसानों को मिनी किट तथा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सहायता सामग्री वितरित की। कुल 282 से अधिक हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में जिला प्रशासन द्वारा अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संभागायुक्त श्री सुनील जैन, आईजी बिलासपुर श्री रामगोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, डीएफओ श्री अभिनव कुमार, अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय तिवारी, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय सहित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
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सुशासन तिहार 2026: सिमड़ा शिविर में 4 हितग्राहियों को मिली प्रधानमंत्री आवास योजना की खुशियों की चाबी

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में आयोजित “सुशासन तिहार 2026” के तहत आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जा रहा है। इसके साथ ही पात्र हितग्राहियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मौके पर प्रदान किया जा रहा है।


इसी क्रम में जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में 4 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्मित आवासों की चाबी सौंपी गई।

लाभान्वित हितग्राहियों में ग्राम सिमड़ा की जेरोम, मयूरचुंदी के बीरबल यादव, करडेगा के टूना राम तथा जगदीश यादव शामिल हैं। पक्के मकान की चाबी पाकर सभी हितग्राहियों के चेहरे खुशी से खिल उठे।

हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें बारिश, धूप और अन्य कठिनाइयों से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से उनका सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का सपना साकार हुआ है और अब वे अपने परिवार के साथ नए घर में सुखपूर्वक जीवन व्यतीत करेंगे।

सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।
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मत्स्य पालकों के लिए सुशासन शिविर बना वरदान - आधुनिक तकनीक से मत्स्य पालन करना हुआ आसान

 दंतेवाडा जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में कलस्टर वार हो रहे सुशासन शिविरों से जहां मौके पर ही ग्रामीणों की अधिकतर समस्याओं का समाधान किया जा रहा हैं। वही विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को आधुनिक तकनीकों से युक्त यंत्र उपकरण सामग्रियां निशुल्क वितरण की जा रही है। इससे हितग्राहियों में अच्छा खासा उत्साह देखा जा रहा है और अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित हो रहे हैं। इस क्रम में विगत दिवस भूसारास और हल्बारास में संपन्न हुए सुशासन शिविर में मत्स्य विभाग द्वारा मत्स्य पालकों को उन्नत जाल और आईस बाक्स वितरण करके उनके व्यवसाय को सुविधाजनक और आर्थिक अनुकूलन बनाने का सफल प्रयास किया जा रहा हैं।

 
 विकासखंड कटेकल्याण अंतर्गत ग्राम भूसारास में 6 मई को हुए हितग्राही श्री हिड़मा मण्डावी एवं श्री महादेव मरकाम भी लाभान्वित ग्रामीणों में से एक है। इस संबंध में मत्स्य कृषक हिड़मा ने बताया कि वह विगत 10 वर्षों से अपने स्वयं की भूमि में 0.20 हे. का तालाब निर्माण कर भारतीय मेजर कार्प रोहू, कतला, मृगल का संचयन कर मछली पालन का कार्य कर रहा हैं। इनके द्वारा उसे प्रतिवर्ष 30 से 40 हजार रूपये मछली विक्रय कर आमदनी होती हैं। जैसा कि हिड़मा ने बताया कि पूर्व में इनके पास जाल उपलब्ध नहीं थे। जिसके फलस्वरूप किराये से जाल लाकर मत्स्याखेट करना पड़ता था। परन्तु राज्य शासन की योजनाओं के माध्यम से सुशासन तिहार 2026 में इन्हें मत्स्याखेट हेतु जाल प्रदाय किया गया जिससे मत्स्याखेट करने में कोई परेशानी नहीं होगी एवं किराये से जाल होने की स्थिति से बचकर वह बेहतर आय अर्जित करेगा।
 
  इसी प्रकार एक और अन्य हितग्राही श्री महादेव मरकाम पिता श्री हड़मा ग्राम भूसारास वि.ख. कटेकल्याण के मत्स्य कृषक को सुशासन तिहार 2026 में विभागीय फुटकर मछली विक्रय योजना अंतर्गत मछली विक्रय हेतु आइस बॉक्स प्रदाय किया गया है। चूंकि इसके पहले कृषक महादेव को अपने तालाब से निकाली गई मछली को तुंरत आस-पास के स्थानीय बाजारों में ले जाना पड़ता था। और मछली स्टोरेज करने हेतु आईस बाक्स न होने से मछलियों के खराब होने की स्थिति आ जाती थी। लेकिन अब महादेव खुश है क्योंकि सुशासन शिविर में आईस बाक्स प्रदान किया गया। वह अपने तालाब की मछली को निकालकर विक्रय हेतु बाजार ले जाने में कोई परेशानी नहीं होगी और मछली खराब होने की स्थिति से राहत मिलेगा। 
 
 इसके अलावा ग्राम पंचायत हल्बारास वि.ख. कुआकोंडा में भी मत्स्य कृषक श्री परमेश्वर राना पिता श्री नवल राना एवं श्री सुनील कुमार भोयर पिता श्री सामनाथ भी मत्स्य सामग्रियों से लाभान्वित हुए। कृषक परमेश्वर राना द्वारा विगत 08 वर्षों से अपने स्वयं के भूमि में 0.50 हे. का तालाब निर्माण कर मछली पालन का कार्य किया जा रहा है जिससे उन्हें प्रतिवर्ष 60 से 70 हजार की आमदनी प्राप्त हो रही है। पूर्व में कृषक के पास मत्स्याखेट हेतु जाल उपलब्ध नही होने के कारण मछली पकड़ने में परेशानी हो रही थी। वर्तमान में कृषक को सरकार की मंशानुरूप आयोजित सुशासन तिहार 2026 में विभाग द्वारा मत्स्यासेट हेतु जाल प्रदाय किया गया जिससे कृषक को अब मछली पकड़ने में कोई परेशानी नही होगी। वही सुनिल कुमार के पास भी पूर्व में मछली विक्रय हेतु बाजार तक ले जाने का कोई साधन नहीं था जिससे मछली खराब होने की संभावना बनी रहती थी। परन्तु आईस बाक्स मिलने से जिससे कृषक को बाजार तक मछली ले जाने में दिक्कत नहीं होगा। इस प्रकार राज्य शासन की मंशानुरूप सुशासन शिविर ने श्री हिड़मा मण्डावी, श्री महादेव मरकाम, श्री परमेश्वर राना, श्री सुनील कुमार भोयर जैसे सैकड़ों हितग्राहियों की व्यवहारिक एवं आर्थिक दिक्कतों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दूर दराज के ग्रामीणों के घर तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुनने समझने और इसके समाधान करने का यह अभिनव प्रयास सुशासन को सार्थक कर रहा हैं
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