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इसरो की उपलब्धियाँ प्रत्येक भारतवासी के लिए गर्व का विषय : मुख्यमंत्री श्री साय

  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में इसरो अहमदाबाद केंद्र के निदेशक डॉ. एन. एम. देसाई के नेतृत्व में अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की।


बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय और वैज्ञानिकों के बीच इसरो की यात्रा में छत्तीसगढ़ की भागीदारी को बढ़ाने, राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने, शासन के कामकाज में पारदर्शिता और दक्षता लाने के लिए इसरो की तकनीक के उपयोग तथा स्कूल–कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए इसरो द्वारा संचालित गतिविधियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इसरो की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में जो ऊँचाइयाँ प्राप्त की हैं, वह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नवाचार और तकनीकी शिक्षा को प्रोत्साहित कर रही है, ताकि प्रदेश के युवा स्पेस साइंस के प्रति रुचि लेकर देश के अंतरिक्ष अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभा सकें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इसरो द्वारा प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ, जिससे उन्हें अंतरिक्ष विज्ञान की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि इसरो की तकनीक का उपयोग कृषि, खनन नियंत्रण, भू-अतिक्रमण की निगरानी तथा धान खरीदी के दौरान अवैध गतिविधियों की पहचान जैसे कार्यों में प्रभावी रूप से किया जा सकता है।

इस अवसर पर इसरो अहमदाबाद केंद्र के निदेशक डॉ. एन. एम. देसाई ने मुख्यमंत्री को इसरो द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान से जोड़ने के लिए इसरो कई अभिनव कार्यक्रम चला रहा है, जिन्हें छत्तीसगढ़ में भी विस्तारित किया जाएगा। इस दौरान प्रदेश में एक ‘स्पेस गैलरी’ की स्थापना को लेकर भी सकारात्मक चर्चा हुई।

डॉ. देसाई ने मुख्यमंत्री श्री साय को इसरो अहमदाबाद केंद्र के भ्रमण हेतु आमंत्रित किया और उन्हें इसरो द्वारा हाल ही में लॉन्च किए गए उपग्रहों तथा मिशन चंद्रयान की प्रतिकृतियाँ स्मृति स्वरूप भेंट कीं।

इसरो के वैज्ञानिक भगवान मधेश्वर की तस्वीर देखकर हुए अभिभूत

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित  बैठक के दौरान इसरो के वैज्ञानिकों की नजर जब भगवान मधेश्वर की तस्वीर पर पड़ी, तो वे उसे देखकर अभिभूत हो गए। जिज्ञासावश उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से इसके बारे में जानकारी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मधेश्वर पहाड़ जशपुर जिले में स्थित है, जहाँ भगवान शिव विशाल प्राकृतिक शिवलिंग स्वरूप में पूजे जाते हैं। स्थानीय लोग भगवान शिव के इस स्वरूप की अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थल न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी वैज्ञानिकों को भगवान मधेश्वर के छायाचित्र भेंटस्वरूप प्रदान किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहब कंगाले, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, संचालक रोजगार एवं प्रशिक्षण श्री विजय दयाराम के., संचालक भू-अभिलेख श्री विनीत नंदनवार, इसरो के ग्रुप डायरेक्टर डॉ. डी. के. पटेल, डॉ. दीपक कुमार सिंह, कलेक्टर श्री गौरव कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
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आम जनता को मिले जीएसटी की घटी दरों का लाभ - वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी

 नवा  रायपुर में आयोजित ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की विशेष समीक्षा बैठक में वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने राज्य के नागरिकों को जीएसटी की घटी दरों का त्वरित लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में की गई कटौती का लाभ सीधे आम जनता तक पहुँचना चाहिए, ताकि हर परिवार को वास्तविक बचत और व्यापारियों को राहत मिल सके।


वित्त मंत्री श्री चौधरी ने बैठक में राज्य के सभी बाजारों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों से फीडबैक लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जीएसटी दरों में की गई कमी का लाभ उपभोक्ताओं तक पारदर्शी रूप से पहुँचे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “जीएसटी 2.0” के अंतर्गत दरों में ऐतिहासिक कमी की गई है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को राहत देना और व्यापार को सुगमता प्रदान करना है। यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि इस सुधार का लाभ समयबद्ध और ईमानदारीपूर्वक जनता तक पहुँचे।

गौरतलब है कि आम उपयोग की वस्तुओं की दरों में व्यापक कमी की गई है — लगभग 99 प्रतिशत वस्तुएँ अब 5 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में लाई गई हैं। इस निर्णय से उपभोक्ताओं को प्रत्यक्ष रूप से बड़ी बचत हो रही है। उदाहरण के तौर पर, ट्रैक्टर जैसी कृषि मशीनरी पर 60,000 रुपये से 1,20,000 रुपये तक की बचत संभव हुई है। वहीं, कपड़ों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में भी उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे आमजन का वार्षिक खर्च काफी घटेगा।

उल्लेखनीय है कि 22 सितंबर 2025 से लागू हुए जीएसटी 2.0 सुधारों का उद्देश्य आम भारतीय परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ पहुँचाना है। इन सुधारों के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण राहत दी गई है। व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम अब जीएसटी मुक्त हैं, जिससे परिवारों को सालाना हजारों रुपये की बचत होगी. अधिकांश दवाइयों, मेडिकल उपकरणों और डायग्नोस्टिक किट पर जीएसटी दर 12% से 5% कर दी गई है, जबकि कई जीवनरक्षक दवाइयाँ पूरी तरह टैक्स मुक्त कर दी गई हैं।

इन सुधारों से न केवल आम नागरिकों को स्वास्थ्य खर्च में राहत मिली है, बल्कि घरेलू बजट पर सकारात्मक असर भी पड़ा है।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने सभी जिलों के जीएसटी अधिकारियों से कहा की वे यह सुनिश्चित करें कि कोई भी वस्तु पुरानी दरों पर न बेची जाए। यदि कोई पुराना स्टॉक उपलब्ध हो, तो उस पर नई संशोधित दरें अंकित की जाएँ और वस्तुएँ केवल नई दरों पर ही बेची जाएँ, ताकि जीएसटी दरों में की गई कटौती का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचे। उन्होंने यह भी कहा कि ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की दैनिक रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाएगी और राज्य स्तर पर इसकी नियमित समीक्षा वे स्वयं करेंगे, ताकि “जीएसटी 2.0” सुधारों का लाभ प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पहुँच सके।

यह बैठक वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी, वित्त सचिव श्री मुकेश बंसल तथा आयुक्त, राज्य कर श्री पुष्पेन्द्र मीणा की उपस्थिति में आयोजित की गई। बैठक में विभाग के सभी वरिष्ठ एवं क्षेत्रीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की सौजन्य भेंट

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से सौजन्य भेंट की। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू को अवगत कराया कि वर्ष 2025 छत्तीसगढ़ राज्य के गठन की रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने रजत जयंती वर्ष के विशेष अवसर पर राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे  विकास कार्यों, जनकल्याण और सांस्कृतिक गौरव से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू को छत्तीसगढ़ आगमन हेतु सादर आमंत्रित किया। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को छत्तीसगढ़ राज्य की रजत जयंती वर्षगांठ की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने राज्य के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा प्रदेश की निरंतर प्रगति और समृद्धि की कामना की।

इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह उपस्थित थे।
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नौसेना के नए पोतों का नामकरण होगा छत्तीसगढ़ की नदियों के नाम पर, प्रदेश में सेना भर्ती रैली का प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह से उनके निवास पर सौजन्य मुलाक़ात की। बैठक में बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार, रक्षा क्षेत्र के विकास, पूरे प्रदेश में सेना भर्ती रैलियों के आयोजन एवं नौसैनिक पोतों के नामकरण जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह भी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बैठक के दौरान रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह को अवगत कराया कि बिलासपुर में रक्षा मंत्रालय की भूमि है। इस भूमि को उन्होंने बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए उपलब्ध कराने का  अनुरोध किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यहां रक्षा क्षेत्र से संबंधित विकासात्मक कार्य भी आरंभ करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ में सेना में भर्ती होने के प्रति युवाओं में विशेष उत्साह है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अनुशासन, शारीरिक क्षमता और देशभक्ति की भावना है। इस आधार पर उन्होंने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि पूरे प्रदेश में विशेष “सेना भर्ती रैलियों” का आयोजन किया जाए, जिससे युवाओं को अपने ही प्रदेश में देश सेवा का अवसर मिल सके।

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नदियाँ — इंद्रावती, महानदी — केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि प्रदेश की आत्मा हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि रक्षा मंत्रालय जब भी नए नौसैनिक पोतों या जहाजों को लॉन्च करे, तो उनमें से कुछ का नाम छत्तीसगढ़ की नदियों और क्षेत्रों के नाम पर रखा जाए, जैसे INS इंद्रावती, INS महानदी या INS बस्तर। यह न केवल प्रतीकात्मक रूप से सुंदर होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को प्रोत्साहन देने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह नीति प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” के विज़न के अनुरूप है और इससे छत्तीसगढ़ में उच्च तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान और निजी निवेश के अवसर बढ़ेंगे।
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’छत्तीसगढ़ के नवनियुक्त मुख्य सचिव श्री विकासशील ने कार्यभार संभाला’

श्री विकास शील भारतीय प्रशासनिक सेवा 94 बैच के आईएएस अधिकारी ने आज मंत्रालय, महानदी भवन में मुख्य सचिव का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। श्री विकासशील छत्तीसगढ़ के 13वें मुख्य सचिव नियुक्त किए गए हैं। इसके पहले वे एशियन डेवलपमेंट बैंक, मनीला में कार्यकारी निदेशक के पद पर पदस्थ थे। 

श्री विकास शील को आईएएस बनने के बाद मध्य प्रदेश कैडर मिला था। नवंबर 2000 में मध्यप्रदेश राज्य के विभाजन के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला। वे कोरिया, बिलासपुर और रायपुर जिले के कलेक्टर रहे हैं। वे स्कूल शिक्षा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, सामान्य प्रशासन और स्वास्थ्य विभागों के सचिव पद पर तैनात रहे। इसके अलावा, वे अप्रैल 2007 से अप्रैल 2008 तक राजधानी रायपुर के कलेक्टर भी रहे हैं। वर्ष 2018 से वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भारत सरकार में रहे। उन्होंने केन्द्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग, जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में जल जीवन मिशन के मिशन डायरेक्टर के पद पर अपनी सेवायंे दीं। 
श्री विकासशील का जन्म 10 जून 1969 को हुआ था। उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से बी.ई. और फिर इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से एम.ई. किया।  उन्होंने सिरैक्यूज़ यूनिवर्सिटी, अमेरिका से लोक प्रशासन में मास्टर और एक्जीक्यूटिव मास्टर डिग्री और स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन एवं नीति में एडवांस्ड स्टडी का सर्टिफिकेट कोर्स किया है।
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छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्री हुई “स्मार्ट”, नवा रायपुर में देश का पहला अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय शुरू

  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी नेतृत्व और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी की पहल पर, नवा रायपुर के अटल नगर में देश के पहले अत्याधुनिक स्मार्ट पंजीयन कार्यालय का उद्घाटन किया गया। इस कार्यालय का उद्घाटन प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा किया गया। इस अवसर पर उनके साथ उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल और श्री स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।


इस अवसर पर रायपुर की श्रीमती वीणा देवांगन ने सेल डीड कराई और डिजिटल भुगतान किया। उनकी रजिस्ट्री को उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की उपस्थिति में कैशलेस भुगतान कराकर प्रदर्शित किया गया।

पीपीपी मॉडल पर आधारित – रजिस्ट्री अब होगी तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक

यह कार्यालय पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य नागरिक सेवाओं को तेज, पारदर्शी और आधुनिक मानकों के अनुरूप बनाना है। अब मकान, दुकान या जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए भीड़-भाड़ वाले सरकारी दफ्तरों में जाने की बजाय, नागरिक 12 से 15 मिनट में पासपोर्ट और एयरपोर्ट कार्यालय जैसे माहौल में अपनी रजिस्ट्री करा सकेंगे।

आधुनिक सुविधाओं से लैस – नागरिकों को मिलेगा बेहतर अनुभव

नए स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों को नागरिकों को सुखद और सुविधाजनक अनुभव देने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी मुख्य विशेषताओं में अत्याधुनिक और वातानुकूलित परिसर शामिल है, जहाँ नागरिक आराम से अपनी बारी का इंतजार कर सकेंगे। यहाँ फ्री वाई-फाई और चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध हैं, ताकि लोग अपने समय का सदुपयोग कर सकें। क्यू-मैनेजमेंट सिस्टम और डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड की मदद से लंबी लाइनों से छुटकारा मिलेगा और दस्तावेज़ों व शुल्क की जानकारी तुरंत मिल जाएगी। प्रशिक्षित हेल्पडेस्क स्टाफ हर कदम पर नागरिकों की सहायता करेंगे। स्वच्छ पेयजल और एयरपोर्ट-स्टाइल वाशरूम से स्वच्छता और सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है।

117 पंजीयन कार्यालयों को स्मार्ट बनाने का लक्ष्य

छत्तीसगढ़ सरकार ने अगले एक वर्ष के भीतर प्रदेश के सभी 117 पंजीयन कार्यालयों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने का लक्ष्य रखा है। पहले चरण में 10 कार्यालयों को विकसित किया जा रहा है, जिनमें से नवा रायपुर का यह कार्यालय पूरी तरह तैयार हो चुका है। इस मॉडल की सफलता को देखते हुए भारत सरकार भी इसी तर्ज पर देशभर में पंजीयन कार्यालयों को विकसित करने पर विचार कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्मार्ट पंजीयन कार्यालय प्रदेश में सुशासन और नागरिक सुविधाओं के नए युग की शुरुआत है। यह पहल छत्तीसगढ़ को एक कल्याणकारी राज्य के रूप में और अधिक सशक्त बनाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि नागरिक सुविधा ही सुशासन का मूल आधार है।

उप मुख्यमंत्री द्वय ने इस मौके पर विभागीय मंत्री एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश में नागरिक सुविधाओं का एक नया मॉडल है। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यालय में इतनी अत्याधुनिक सुविधाएँ निश्चित ही छत्तीसगढ़ में हो रहे बदलाव और सुशासन की नई दिशा को दर्शाती हैं।

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि नागरिक सेवाएँ हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और स्मार्ट पंजीयन कार्यालय सरकार की सुशासन तथा नागरिक सुविधा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह राज्य न केवल पंजीयन सेवाओं में बल्कि अन्य नागरिक सेवाओं में भी देश का नेतृत्व करेगा। स्मार्ट पंजीयन कार्यालय नागरिकों के जीवन में सहजता, पारदर्शिता और विश्वास लाएँगे तथा सुशासन की एक नई पहचान स्थापित करेंगे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भवानी मंदिर स्थल का नामकरण ‘कौशल्या धाम’ किया

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कोरबा जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान कोरबा नगरीय क्षेत्र स्थित भवानी मंदिर परिसर में आयोजित श्री राम कथा महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने परिसर में राम कथा वाचन हेतु पधारे श्री श्री 1008 जगद्गुरू श्री रामभद्राचार्य के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।


मुख्यमंत्री श्री साय ने महोत्सव में आए श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सभी को नवरात्रि एवं दशहरा पर्व की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि जगद्गुरू के कोरबा आगमन से ऊर्जाधानी की यह धरती धन्य हो गई है और उनका आशीर्वाद प्रदेशवासियों पर सदैव बना रहेगा। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन माटी माता कौशल्या का मायका है तथा हमारे आराध्य भगवान श्री राम का ननिहाल भी। यहां प्रभु श्री राम ने माता सीता एवं भाई लक्ष्मण के साथ अपने वनवास के दौरान अधिकांश समय व्यतीत किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में मोदी की गारंटी को पूरा करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। आने वाले दिनों में हमारा राज्य विकसित छत्तीसगढ़ के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद समाप्त करने का संकल्प लिया गया है। प्रदेश में नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हमारे बहादुर जवान साहसपूर्वक नक्सलियों का मुकाबला कर रहे हैं और हमें लगातार सफलता प्राप्त हो रही है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में प्रभु श्री राम के दर्शन का लाभ प्रदान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय भवानी मंदिर स्थल का नामकरण कौशल्या धाम करने की घोषणा की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भवानी मंदिर एवं नव-निर्मित कौशल्या धाम मंदिर पहुँचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली, शांति एवं समृद्धि की मंगल कामना की। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच माता भवानी की प्रतिमा पर नारियल, पुष्प, चंदन एवं फल अर्पित कर आरती की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने नव-निर्मित कौशल्या धाम मंदिर में माता कौशल्या की मूर्ति का नमन किया। इस मंदिर में माता कौशल्या की गोद में बाल रूप में भगवान श्री राम की भव्य प्रतिमा स्थापित है, जो मंदिर का मुख्य आकर्षण है। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का अवलोकन कर निर्माण कार्य की सराहना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं से भेंट कर उनका हालचाल जाना। स्थानीय श्रद्धालु एवं जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री साय का आत्मीय स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ओपन थियेटर मैदान में रामलीला महोत्सव में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कोरबा प्रवास के दौरान शहर के घंटाघर ओपन थिएटर मैदान में आयोजित रामलीला महोत्सव में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने नगरवासियों को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं तथा सभी के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि पर्व हमें शक्ति, भक्ति और सद्भाव का संदेश देता है। इन नौ दिनों में हम माता के नौ रूपों की आराधना करते हैं। उन्होंने आयोजन समिति को रामलीला महोत्सव के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलीला हमारे जीवन मूल्यों और आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि रामलीला देखकर बचपन की स्मृतियाँ ताज़ा हो गईं।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय एवं अन्य अतिथियों का स्वागत राम दरबार की प्रतिकृति, शॉल एवं श्रीफल भेंट कर किया गया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
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उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने किया 19.60 करोड़ की पेयजल आपूर्ति कार्यों का भूमिपूजन

 रायपुर शहर के दीक्षा नगर एवं आसपास की 13 बस्तियों की वर्षो पुरानी पानी की समस्या जल्द ही ठीक हो जाएगी। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज राजधानी रायपुर के ठक्कर बापा वार्ड अंतर्गत दीक्षा नगर स्थित गीतांजलि सोसायटी (उद्यान) में 19 करोड़ 60 लाख 74 हजार रुपए की लागत से बनने वाली पेयजल आपूर्ति परियोजना का भूमिपूजन किया।


उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भूमिपूजन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाना है। आज हुए भूमिपूजन वाले विकास कार्य के पूर्ण होने से दीक्षा नगर और आसपास के क्षेत्रों की वर्षों पुरानी पानी की समस्या का स्थायी समाधान बनेगी। दीक्षा ने कहा कि पिछले 20 महीने में 462 करोड़ रुपए विकास की राशि मिली है। यह केवल एक नगरीय निकाय से स्वीकृत हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की एक-एक गारंटी को पूरा करते जा रहे हैं। नगरीय निकाय के विकास के लिए पैसों की कोई कमी नहीं आएगी। लोक निर्माण विभाग से कई सौ करोड़ के विकास कार्य हो रहे हैं। सभी विकास के कार्य जनता की मांग अनुसार कराए जा रहे है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि रायपुर नगर निगम के विकास के लिए जो भी प्रस्ताव आयेगा, उसके लिए सभी वार्डों को 50-50 लाख रुपए दिए जाएंगे।

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विकास कार्यों की नई शुरुआत हो रही है। आज पानी टंकी का भूमि पूजन हुआ और दो साल में सबके घर स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। सड़कों का विकास तेजी से हो रहा है, चौड़े-चौड़े सड़क बन रहे हैं। आज बाहर के लोग कहते हैं रायपुर की पहचान और तस्वीर बदल गई है। श्री अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार विकास के नए आयाम गढ़ रही है। 

श्री राजेश मूणत ने कहा कि स्वच्छ पेयजल बहुत बड़ी जरूरत है। सरकार तय सीमा में सभी कार्यों को पूरा करेगी। रायपुर के लिए सौगात की श्रृंखला शुरू हो गई है। जनता की मंशा के अनुरूप विकास कार्य हो रहे हैं। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि यह भूमिपूजन लंबे समय से हो रही पेयजल की समस्या से आमजनों को निजात दिलाएगी। स्वच्छ और नियमित पानी की सप्लाई हो सकेगी।

पांच हजार से अधिक की आबादी होगी लाभान्वित

गौरतलब है कि परियोजना के अंतर्गत 200 किलोलीटर क्षमता की उच्च स्तरीय पानी टंकी (25 मीटर स्टेजिंग) का निर्माण 2 करोड़ 37 लाख 14 हजार रुपए की लागत से किया जाएगा। 600 मीटर आर.एम.टी. डीआई के-09 पाइपलाइन से रॉ वाटर पम्पिंग एवं राइजिंग मेन कार्य 81 लाख 13 हजार रुपए में होगा। डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन बिछाने का कार्य 40,000 मीटर लंबाई में किया जाएगा, जिस पर 14 करोड़ 61 लाख 05 हजार रुपए व्यय होंगे। इसके अलावा 1000 घरों तक घरेलू नल कनेक्शन और उतनी ही संख्या में वाटर मीटर लगाए जाएंगे, जिस पर 1 करोड़ 57 लाख 82 हजार रुपए खर्च किए जाएंगे। पेयजल आपूर्ति प्रणाली को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने के लिए पी.एल.सी. स्काडा ऑटोमेशन तकनीक भी लगाई जाएगी, जिसकी लागत 23 लाख 60 हजार रुपए होगी। इस परियोजना के पूर्ण होने पर करीब पांच हजार से अधिक की आबादी को स्वच्छ एवं नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री राजेश मूणत, श्री मोतीलाल साहू,महापौर श्रीमती मीनल चौबे,पार्षद श्रीमती प्रमिला बल्ला साहू, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण सहित विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
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भोरमदेव शक्कर कारखाना अब गैर-अंशधारी किसानों को भी देगा सदस्यता

 मुख्यमंत्री सुशासन तिहार, जनदर्शन, भारतीय किसान संघ और अन्य संगठनों द्वारा लंबे समय से गैर-अंशधारी किसानों को सदस्य बनाने की मांग की जा रही थी। इसलिए पिछले पेराई सत्र में जिन किसानों ने गन्ना दिया है, उन्हें सदस्यता प्रदान की जाएगी। साथ ही, आने वाले पेराई सीजन में सर्वे के अनुसार जो भी गन्ना किसान कारखाने की आवश्यकता अनुसार गन्ना आपूर्ति करेंगे, उन्हें भी अगले वर्ष सदस्यता दी जाएगी।

कवर्धा जिले के गन्ना किसानों के लिए ऐतिहासिक सौगात मिली है। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना अब गैर-अंशधारी किसानों को भी सदस्यता देने जा रहा है। भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित कवर्धा ने आगामी पेराई सीज़न 2025-26 में गन्ना आपूर्ति करने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी आने वाले साल में सदस्यता देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। निर्णय के अनुसार गन्ना देने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी सदस्यता प्रदान की जाएगी। इससे सभी गन्ना किसानों को बराबरी का दर्जा मिलेगा और कारखाने की गन्ना आपूर्ति स्थिर व सुनिश्चित होगी।

      यह कदम किसानों के हित में है और इससे क्षेत्र में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिलेगी। भोरमदेव शक्कर कारखाना 03 अप्रैल 2001 को पंजीकृत हुआ था और वर्तमान में इसकी क्षमता 3500 मैट्रिक टन प्रतिदिन है। स्थापना के समय न्यूनतम 2000 रुपए शेयर राशि और 100 रुपए प्रवेश शुल्क तय किया गया था। वर्तमान में इसमें 23,476 अंशधारी सदस्य हैं, जिनमें से हर साल लगभग 12,500-13,000 किसान ही गन्ना आपूर्ति करते हैं। कारखाने के पेराई लक्ष्य को पूरा करने के लिए साढ़े चार लाख मीट्रिक टन गन्ने की आवश्यकता होती है, लेकिन पिछले वर्ष पर्याप्त गन्ना आपूर्ति नहीं होने से कारखाना समय से पहले बंद करना पड़ा।

          प्रबंध संचालक मंडल ने किसानों की इस मांग को मानते हुए निर्णय लिया है कि अब भविष्य में गन्ना आपूर्ति करने वाले गैर-अंशधारी किसानों को भी कारखाने की सदस्यता दी जाएगी। कारखाना प्रबंधन का कहना है कि इस निर्णय से न केवल गन्ना आपूर्ति स्थिर होगी बल्कि किसानों का भरोसा भी मजबूत होगा। किसानों ने इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे गन्ना उत्पादकों के लिए नया अध्याय बताया है।
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गोदड़ीवाला धाम पहुंचे मुख्यमंत्री : प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कल देर रात राजधानी रायपुर के देवपुरी स्थित गोदड़ीवाला धाम पहुंचे, जहाँ उन्होंने संत शिरोमणि बाबा हरदास राम साहिब जी की 34वीं बरसी महोत्सव में शामिल होकर संत परंपरा को नमन किया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री गोदड़ीवाला धाम में स्थापित संत गेला राम साहिब जी की प्रतिमा के समक्ष मत्था टेककर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा – “यह मेरा परम सौभाग्य है कि मुझे संत शिरोमणि बाबा हरदास राम साहिब जी की बरसी महोत्सव में शामिल होने का अवसर मिला। यहाँ देशभर से आए पूज्य संतों के दर्शन का लाभ मिल रहा है। मेरी कामना है कि छत्तीसगढ़ पर संतों का आशीर्वाद सदा बना रहे और घर-घर में खुशहाली एवं समृद्धि हो।”

मुख्यमंत्री ने बरसी महोत्सव में पधारे देशभर के संत-महात्माओं का छत्तीसगढ़ की पावन भूमि पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि श्री गोदड़ीवाला संत बाबा हरदास राम जी का संपूर्ण जीवन मानव सेवा, त्याग और समर्पण का प्रेरणास्रोत रहा है। उनके चरण पड़ने से छत्तीसगढ़ की यह धरा धन्य हुई है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि धाम परिसर में समय-समय पर आयोजित नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर, स्वास्थ्य शिविर और रक्तदान शिविर संत बाबा हरदास राम जी की शिक्षाओं और आदर्शों का जीवंत उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बरसी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति, एकता और सामाजिक सेवा का उत्सव है।

संत समाज को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। उन्होंने कहा कि राजिम में भगवान श्रीराम और माता सीता द्वारा स्थापित कुलेश्वर महादेव आज भी विराजमान हैं। भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्षों के वनवास में से लगभग 10 वर्ष छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर व्यतीत किए। प्रदेशवासी भगवान श्रीराम को आज भी अपना भांजा मानते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम के दर्शन कराने हेतु ‘श्री रामलला दर्शन योजना’ चला रही है। इस योजना के अंतर्गत पिछले वर्ष 22 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अयोध्या पहुंचकर श्रीरामलला के दर्शन किए।

बरसी महोत्सव में मुख्यमंत्री के साथ विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नन्द कुमार साहू, छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री अनिल थौरानी, श्री ललित जयसिंह, श्री श्रीचंद सुंदरानी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।
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रायपुर में एम एम आई नारायणा हॉस्पिटल द्वारा आयोजित " एन एच वॉकथॉन" सम्पन्न – हजारों लोगों की उमंग, स्वस्थ जीवन का लिया संकल्प

 
MMI Narayana Hospital, रायपुर द्वारा आयोजित 14वें सीजन का वॉकथॉन आज सुबह शाहिद भगत सिंह चौक से उत्साह और उमंग के साथ सम्पन्न हुआ। इस भव्य स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम में हजारों लोगों ने भाग लिया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
 
इस अवसर पर MMI Narayana Hospital, रायपुर की कार्डियक टीम — डॉ. एस. एस पाढ़ी, डॉ सुनील गौणियाल, डॉ. पी.के. हरी, डॉ. वसीम खान एवं डॉ. स्नेहिल गोस्वामी, कार्डियक अनेसथेटिक डॉ राकेश चाँद मौजूद रहे। डॉक्टरों ने प्रतिभागियों को नियमित चलने (Walking) के लाभों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वॉकिंग से हृदय स्वस्थ रहता है, ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल नियंत्रित रहता है, तनाव कम होता है और हार्ट अटैक की संभावना घटती है।
 
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में CRPF 211 बटालियन से इंस्पेक्टर राकेश सिंह की टीम, CRPF 65 बटालियन से इंस्पेक्टर नागेंद्र प्रताप सिंह, जिंदल ग्रुप से श्री प्रदीप टंडन एवं My FM से साजी लुकास उपस्थित रहे।
 
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा iPhone 17 गिवअवे, जिसमें विजेता बनीं कांति कुमारी। इसके अलावा, जोश और फिटनेस से भरपूर जुम्बा डांस सेशन ने प्रतिभागियों का उत्साह दोगुना कर दिया।
 
Hospital ke फैसिलिटी डायरेक्टर श्री अजित बेल्लोमकोंडा ने कार्यक्रम को सफल बनाने में रायपुर पुलिस, रायपुर ट्रैफिक पुलिस और नगर पालिका निगम का विशेष धन्यवाद व्यक्त किया , जिन्होंने बेहतर प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की।
 
MMI Narayana Hospital, रायपुर की इस पहल को भारी समर्थन मिला और हजारों प्रतिभागियों ने इस वॉकथॉन को सिर्फ एक आयोजन नहीं बल्कि स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ाया गया कदम बताया।
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया आईआईटी भिलाई फेस-2 परियोजना का वर्चुअल शिलान्यास

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज झारसुगुड़ा (ओडिशा) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान देश के आठ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में अधोसंरचना विकास कार्यों का वर्चुअल शिलान्यास किया। इनमें आईआईटी भिलाई के फेस-2 परियोजना भी शामिल है। अन्य सात संस्थानों में आईआईटी पटना, आईआईटी इंदौर, आईआईटी जोधपुर, आईआईटी तिरुपति, आईआईटी पलक्कड़, आईआईटी धारवाड़ और आईआईटी जम्मू सम्मिलित हैं।

इस अवसर का सीधा प्रसारण आईआईटी भिलाई परिसर के नालंदा व्याख्यान कक्ष में किया गया। समारोह में छत्तीसगढ़ के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब और अहिवारा के विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा उपस्थित रहे।

मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा आठ आईआईटी परियोजनाओं का शिलान्यास होना पूरे देश और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। इससे प्रदेश में तकनीकी शिक्षा का विस्तार होगा और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आईआईटी भिलाई के फेस-2 निर्माण पूर्ण होने पर शोधार्थी छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

फेस-2 परियोजना : तकनीकी शिक्षा और नवाचार की नई दिशा

भारत सरकार ने 29 मई 2025 को फेस-2 निर्माण के लिए 2,257.55 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जिनमें से 1,092 करोड़ रुपये परिसर निर्माण पर व्यय होंगे। इस चरण में 1 लाख 51 हजार 343 वर्ग मीटर का अतिरिक्त क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जिसमें नए इंजीनियरिंग और विज्ञान विभाग, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, आईसीटी सक्षम व्याख्यान कक्ष और प्रोटोटाइप सुविधाएँ शामिल होंगी।

छात्र संख्या 1,500 से बढ़कर 3,000 हो जाएगी। परियोजना में छात्रावास, मेस हॉल, खेल परिसर, ओपन एयर थिएटर, कैंटीन, खेल मैदान, टेनिस कोर्ट, आवासीय भवन, स्वास्थ्य केंद्र और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएँ भी जोड़ी जाएंगी। फेस-2 की सबसे महत्वपूर्ण पहल छत्तीसगढ़ का पहला अनुसंधान पार्क है, जिसकी स्थापना 96 करोड़ रुपये की लागत से की जाएगी। इस परियोजना को अक्टूबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

आईआईटी भिलाई की स्थापना वर्ष 2016 में की गई थी। फेस-1 निर्माण के लिए  1090.17 करोड़ मंजूर किए गए थे, जिसके तहत 1 लाख 34 हजार 450 वर्ग मीटर क्षेत्र में स्मार्ट, पर्यावरण-संवेदनशील और छात्र-केंद्रित परिसर विकसित किया गया, जिसका लोकार्पण प्रधानमंत्री द्वारा 20 फरवरी 2024 को किया गया था। इस परिसर को जीआरआईएचए एलडी रेटिंग और एनएससीआई सुरक्षा पुरस्कार 2021 सहित कई सम्मान प्राप्त हुए हैं।

आईआईटी भिलाई की उपलब्धियाँ और विशेषताएँ

आईआईटी भिलाई का परिसर गोंड आदिवासी कला से प्रेरित प्रवेश गलियारों से सुशोभित है, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक हैं। संस्थान वर्तमान में लगभग 185 करोड़ रुपये की 300 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं का नेतृत्व कर रहा है तथा अब तक 30 पेटेंट दर्ज किए जा चुके हैं।

संस्थान विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अंतःविषय साइबर-भौतिक प्रणालियों (NM-ICPS) पर राष्ट्रीय मिशन के अंतर्गत स्थापित सेक्शन 8 कंपनी आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन (I B I T F) की मेजबानी करता है। हाल ही में आईबीआईटीएफ को वित्तीय क्षेत्र के लिए फिनटेक आधारित नवाचारों को प्रोत्साहित करने हेतु ‘श्रेणी-ए हब’ के रूप में नामित किया गया है।

आईआईटी भिलाई की एक उल्लेखनीय पहल विद्या समीक्षा केंद्र, छत्तीसगढ़ है, जो राज्यभर के स्कूलों, शिक्षकों और छात्रों के लिए एक केंद्रीकृत, वास्तविक समय डिजिटल निगरानी प्रणाली है। इस मंच ने 10 लाख गैर-मौजूद छात्र रिकॉर्ड की पहचान कर उन्हें समाप्त किया, जिससे लगभग 40 करोड़ रुपये की बचत हुई और 60 लाख पाठ्यपुस्तकों का सही वितरण संभव हो सका।

इसके अलावा संस्थान ने गहन तकनीकी समाधानों के माध्यम से जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए देशभर में कुल 54 जनजातीय विकास परियोजनाएँ शुरू की हैं, जिन पर 19 करोड़ रुपये व्यय किए जा रहे हैं।

वर्तमान और भविष्य

वर्तमान में आईआईटी भिलाई में बी.टेक, एम.टेक, एम.एससी. और पीएच.डी. कार्यक्रमों के अंतर्गत 1,525 छात्र अध्ययनरत हैं। फेस-2 विकास के साथ यह संख्या 3,000 तक पहुँच जाएगी। इससे संस्थान न केवल शिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में बल्कि उद्योग सहयोग और तकनीकी विकास में भी एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित होगा।

इस अवसर पर संस्था के विषय विशेषज्ञ, प्राध्यापकगण, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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इन्फ्रास्ट्रक्चर और संसाधनों की उपलब्धता के साथ समय पर न्याय उपलब्ध कराने राज्य सरकार कटिबद्ध : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की स्थापना का रजत जयंती समारोह’ का आयोजन महामहिम राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों ने मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री रमेन डेका एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू को पौधा एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत एवं अभिनंदन किया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, विधि मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस भी इस अवसर पर  मौजूद रहे। कार्यक्रम में रजत जयंती समारोह पर केंद्रित स्मारिका का विमोचन भी किया। 


मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि इस गौरवशाली अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की रजत जयंती समारोह में आप सभी को संबोधित करना मेरे लिए अत्यंत सम्मान और गर्व का विषय है। 1 नवम्बर 2000 को जब छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना हुई, तब शासन के साथ-साथ न्याय के क्षेत्र में भी एक नई शुरुआत हुई। इस राज्य के जन्म के साथ ही इस महान संस्था छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर की स्थापना हुई। तभी से यह न्यायालय संविधान का व्याख्याकार, नागरिक अधिकारों का संरक्षक और न्याय का प्रहरी बनकर खड़ा है। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने लोक अदालत के अंतर्गत लंबित मामलों के हो रहे त्वरित निराकरण के लिए न्यायपालिका की सराहना की। उन्होंने न्यायपालिका में नैतिकता, सुदृढ़ीकरण और न्यायपालिका के लंबित मामलों को कम कर आम जनों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि न्याय केवल सामर्थ्यवान लोगों के लिए ही उपलब्ध नहीं हो बल्कि गांव गरीब एवं आमजनों के लिए भी सर्व सुलभ न्याय उपलब्ध हो तभी इस लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्यायपालिका की भूमिका सार्थक बनेगी। 

राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि हम उन दूरदर्शी व्यक्तित्वों और संस्थापकों को कृतज्ञतापूर्वक नमन करते हैं, जिन्होंने इस न्यायालय की नींव रखी। प्रथम मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति डब्ल्यू.ए. शिशक और उनके उत्तराधिकारियों ने इस नवगठित न्यायालय को गरिमा, विश्वसनीयता और सशक्त न्यायिक परंपरा प्रदान की। इसी प्रकार अधिवक्ताओं, न्यायालय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की निष्ठा और परिश्रम ने इस संस्था को पच्चीस वर्षों तक सुदृढ़ बनाए रखा। इन वर्षों में न्यायालय ने संवैधानिक नैतिकता, नागरिक स्वतंत्रता, आदिवासी अधिकार, पर्यावरण संरक्षण, सुशासन और सामाजिक न्याय जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय दिए। इसने छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचानदृउसके जंगल, खनिज, संस्कृति और वंचित समुदायों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाया। विकास और अधिकारों के बीच संतुलन स्थापित करते हुए इसने यह सुनिश्चित किया कि प्रगति कभी भी न्याय की कीमत पर न हो।

समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि हमारा प्रदेश छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना की रजत जयंती मना रहा है। यह शुभ अवसर हमारे हाईकोर्ट की रजत जयंती का भी है। यह वर्ष हमारी विधानसभा का रजत जयंती वर्ष भी है। इन सभी शुभ अवसरों पर मैं आप सभी को हार्दिक बधाई देता हूँ।. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर की नगरी को एक नई पहचान दी है। इस शुभ अवसर पर हम भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री एवं हमारे राज्य के निर्माता श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिनकी दूरदर्षिता से छत्तीसगढ़ राज्य एवं छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की स्थापना संभव हो सकी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन्फ्रास्ट्रक्चर और संसाधनों की उपलब्धता के साथ ही हम किसी भी हालत में समय पर न्याय उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्ध हैं। इसी क्रम में हमने वर्ष 2023-24 की तुलना में विधि एवं विधायी विभाग के बजट में पिछले साल 25 प्रतिशत और इस वर्ष 29 प्रतिशत बढ़ोतरी की है। यह पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि इस पीठ के न्यायाधीश जस्टिस ए.एम. खानविलकर, जस्टिस श्री नवीन सिन्हा, जस्टिस श्री अशोक भूषण, जस्टिस श्री भूपेश गुप्ता और जस्टिस श्री प्रशांत कुमार मिश्रा जैसे न्यायाधीश देश की सर्वाेच्च अदालत तक पहुँचे। न्यायिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वर्चुअल कोर्ट और लाइव स्ट्रीमिंग जैसे डिजिटल नवाचारों को बढ़ावा दिया है। साथ ही डिजिटल रिकॉर्ड रूम, आधार आधारित सर्च और न्यायिक प्रशिक्षण के नए माड्यूल भी अपनाये जा रहे हैं। अपने 25 वर्षों की इस गौरवशाली यात्रा में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ऐसे उल्लेखनीय फैसले दिये हैं जो देश भर में नजीर के रूप में प्रस्तुत किये जाते हैं। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की स्थापना के बाद छत्तीसगढ़ के युवाओं में लॉ प्रोफेशन की ओर भी रुझान बढ़ा है। इससे उन्हें करियर के नये अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री नेा कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने अंग्रेजों के समय की दंड संहिता को समाप्त कर भारतीय न्याय संहिता को लागू किया। अंग्रेजों के समय भारतीय दंड संहिता का जोर दंड पर था। भारतीय न्याय संहिता का जोर न्याय पर है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का प्रयास है कि लोगों को आधुनिक समय के अनुरूप आये नये तकनीकी बदलावों को भी शामिल किया गया है। इसमें फॉरेंसिक साइंस से जुड़ी पहलुओं का काफी महत्व है। लोगों को त्वरित और सुगम न्याय मिल सके, इसके लिए न्यायपालिका को मजबूत करने समय-समय पर जो अनुशंसाएँ की गईं, उनका बीते एक दशक में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रभावी क्रियान्वयन हुआ है। 

उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश श्री जे.के. माहेश्वरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और यह धान्य पूर्णता की ओर ली जाती है। जहां धर्म है वहां विजय है। हमार सच्चा कर्म और विचार ही धर्म है। चेतना ही सहज धर्म से जोड़ती है। अगले 25 साल में हम न्यायपालिका को कहां रखना चाहते है इस पर विचार और योजना बनाने का समय है। आम आदमी कोर्ट के दरवाजे पर एक विश्वास के साथ आता है उस मूल भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने न्याय व्यवस्था से जुड़े बेंच, बार और लॉयर को विजन के साथ आगे बढ़ने प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सभी समेकित विजन बनाएं ताकि न्यायपालिका अपने जनकल्याण के अंतिम उद्वेश्य तक पहुंच सके। न्यायाधीश श्री माहेश्वरी ने कहा कि भारत के संविधान में रूल ऑफ लॉ की भावना पूरी हो इसके लिए सभी कार्य करें और अंतिम पायदान तक खड़े व्यक्ति तक न्याय पहंुचे इस सोच के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि आमजनों का विश्वास प्राप्त करना न्यायपालिका का सर्वाेत्तम उद्देश्य है। हाईकोर्ट की स्थापना के साक्षी रहे उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश श्री प्रशांत कुमार मिश्रा ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजत जयंती कार्यक्रम के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी और न्यायालय से जुड़े अपने संस्मरण साझा किया। 

रजत जयंती कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि आज केवल न्यायपालिका के 25 वर्षों की यात्रा का उत्सव नहीं है बल्कि न्यायपालिका की उस सुदृढ़ परंपरा का सम्मान है जिसने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा में अपना निरंतर योगदान दिया है। पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने न्याय की पहुंच को आम जनता तक सरल बनाने, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और तकनीकी को क्रांति की तरह अपनाने में अभूतपूर्व कार्य किए हैं। 

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री रमेश सिन्हा ने स्वागत भाषण दिया। न्यायालय की स्थापना के रजत जयंती अवसर पर सभी अतिथियों और उपस्थित जनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय का रजत जयंती कार्यक्रम निश्चित रूप से हम सभी के लिए गौरवशाली क्षण है। पिछले 25 वर्षों में न्यायालय ने विधि के शासन को स्थापित करने बेहतर कार्य किया है। उन्होंने न्यायालय की स्थापना से लेकर अब तक उपलब्धि एवं कामकाज में आए सकरात्मक बदलाव से सभा को अवगत कराया।  

समारोह के अंत में न्यायाधीश श्री संजय के अग्रवाल ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, श्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, विधि विधायी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री एम.एम. श्रीवास्तव, तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पी सैम कोसी, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश श्री यतीन्द्र सिंह, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, डीजीपी श्री अरूणदेव गौतम, महाधिवक्ता श्री प्रफुल्ल भारत, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्री अमर अग्रवाल, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष श्री चंदेल सहित अन्य न्यायाधीश, अधिवक्ता, जन प्रतिनिधिगण तथा न्यायिक सेवा से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे।
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जीएसटी बचत उत्सव: ट्रैक्टर खरीदी में किसानों को मिली बड़ी राहत – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जीएसटी बचत उत्सव के बीच औचक निरीक्षण पर देवपुरी स्थित ट्रैक्टर शोरूम पहुंचे। श्री साय ने यहां किसानों से आत्मीय संवाद कर जीएसटी कटौती पर उनकी प्रतिक्रिया और खरीदी में हुई बचत की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने शोरूम में ट्रैक्टर और हार्वेस्टर खरीदने आए किसानों को चाबी सौंपकर शुभकामनाएं दीं।


मुख्यमंत्री श्री साय ने अभनपुर के बिरोदा निवासी श्री रवि कुमार साहू को उनके नए हार्वेस्टर की चाबी सौंपी। इस अवसर पर खुशी व्यक्त करते हुए श्री रवि साहू ने कहा, "मैने सपने में भी नहीं सोच था कि मैं नया हार्वेस्टर खरीदूंगा। मैं सेकेंड हैंड हार्वेस्टर खरीदने के बारे में सोच रहा था। जीएसटी उत्सव में नए हार्वेस्टर खरीद पर मुझे पूरे 2 लाख रुपए की बचत हुई है। किसानों की चिंता का समाधान हमारे संवेदनशील प्रधानमंत्री मोदी जी और किसानहितैषी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी ही कर सकते हैं। मुख्यमंत्री जी ने स्वयं मुझे मेरे नए हार्वेस्टर की चाबी सौंपी और मुझसे बेहद आत्मीयता से संवाद किया। मैंने उन्हें बताया कि मेरे पास दो एकड़ खेत है और अब हार्वेस्टर आने से मैं गांव में साझेदारी से और अधिक खेती कर पाऊंगा।” श्री रवि ने जीएसटी में कटौती के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अभनपुर कोलर से आए वरिष्ठ किसान श्री ज्ञानिक राम साहू को उनके नए ट्रैक्टर की चाबी सौंपी। मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए श्री साहू ने बताया कि जीएसटी में कटौती के बाद नए ट्रैक्टर की खरीदी पर उन्हें पूरे 60 हजार रुपए की बचत हुई है। उन्होंने कहा कि इस बचत से उनका परिवार त्योहार को और अच्छे से मना सकेगा।

ट्रैक्टर शो रूम के प्रोप्राइटर श्री अशोक अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से संवाद में बताया कि जीएसटी में कटौती के कारण बिक्री में इज़ाफ़ा हो रहा है और ग्राहकों का उत्साह बढ़ा है। उन्होंने कहा, “पहले जो ट्रैक्टर 10.25 लाख रुपए का आता था, वह अब 9.75 लाख रुपए में उपलब्ध है, जिससे किसानों को 50 हजार रुपए की बचत हो रही है। इसी तरह 7.62 लाख का ट्रैक्टर अब 7.21 लाख और 6.51 लाख का ट्रैक्टर अब 6.11 लाख रुपए में मिल रहा है। कीमतों में कटौती और फेस्टिवल डिस्काउंट से किसानों की बड़ी बचत हो रही है। जीएसटी दर घटने के बाद हार्वेस्टर भी सस्ते हो गए हैं।”

जीएसटी कटौती से बाइक खरीदी में 7 हजार की बचत

इसके बाद मुख्यमंत्री श्री साय देवपुरी के बजाज बाइक शोरूम पहुंचे और यहां मौजूद ग्राहकों से जीएसटी कटौती पर आत्मीय चर्चा की। उन्होंने बाइक खरीदने आए संतोषी नगर निवासी श्री एम.डी. गुलाब को उनकी नई बाइक की चाबी सौंपी।  श्री गुलाब ने बताया कि जीएसटी में कटौती के बाद बाइक खरीदने पर उन्हें 7 हजार रुपए की बचत हुई है। उन्होंने कहा, “मैंने बजाज प्लेटिना 110 सीसी बाइक खरीदी है, जिसकी पहले कीमत 89,000 रुपए थी, जो अब मुझे 82,000 रुपए में मिली।”

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लागू जीएसटी 2.0 ने आम जनता, किसानों और उपभोक्ताओं को वास्तविक राहत दी है। ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य कृषि यंत्रों की कीमतों में आई कमी से किसानों को सीधा लाभ हो रहा है, जिससे उनकी खेती-किसानी और जीवनयापन और सुगम होगा। उन्होंने कहा कि इस जीएसटी बचत उत्सव से उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ कम हुआ है और त्यौहारी सीजन में परिवारों की खुशियाँ बढ़ी हैं।  यह सुधार न केवल आर्थिक गतिविधियों को गति दे रहा है बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उत्साह और समृद्धि का नया वातावरण भी बना रहा है।
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सिलतरा फैक्ट्री हादसे में 6 श्रमिकों की मौत, कई घायल – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक

 राजधानी रायपुर के सिलतरा स्थित फैक्ट्री में आज हुए दर्दनाक हादसे में 6 श्रमिकों की मृत्यु हो गई तथा कई श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीम राहत और बचाव कार्य में जुट गई है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन को घायलों के इलाज की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक घटना है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति एवं शोक संतप्त परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
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पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर दिया गया स्वच्छता का संदेश

नगर पालिक निगम चिरमिरी द्वारा स्वच्छता ही सेवा 2025 और रजत जयंती वर्ष के अवसर पर दिनांक 25 सितम्बर 2025 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिवस पर एक दिवसीय विशेष स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर निगम चिरमिरी में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल शामिल हुए।

इस विशेष स्वच्छता अभियान के अंतर्गत राजीव गांधी पार्क मालवीय नगर एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय चौक पोंडी में सफाई अभियान और श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्वच्छता मित्रों ने अपने सामूहिक प्रयासों से आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई की और शहरवासियों को साफ-सुथरे वातावरण के महत्व का संदेश दिया। 

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों और जनप्रतिनिधियों ने स्वयं श्रमदान कर स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाया और नागरिकों से आह्वान किया कि स्वच्छ भारत अभियान को जन आंदोलन बनाकर हर गली, हर मोहल्ला और हर पार्क को स्वच्छ रखने में सहयोग करें।
 स्वास्थ्य मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि स्वच्छता केवल एक  कार्यक्रम नहीं बल्कि यह प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जीवन दर्शन हमें समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास और स्वच्छता की रोशनी पहुंचाने का प्रेरणा देता है। 
उन्होंने बताया कि स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत शहर के सभी वार्डों में इसी तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि चिरमिरी को स्वच्छ और स्वस्थ नगर के रूप में विकसित किया जा सके। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों ने संकल्प लिया कि वे अपने आसपास की स्वच्छता बनाए रखेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।

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पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने दिव्यांगजनों को ट्रायसायकल एवं व्हीलचेयर का किया वितरण

सेवा पखवाड़ा के तहत दिव्यांगजनों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए समाज कल्याण विभाग द्वारा अम्बिकापुर के राजमोहिनी देवी भवन में जिला स्तरीय दिव्यांगजन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने दिव्यांगजनों से मुलाकात कर उन्हें विभिन्न उपयोगी उपकरण ट्रायसायकल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र एवं सेंसर छड़ी वितरित की । इस दौरान उन्होंने दिव्यांगजनों से उनका कुशलक्षेम जाना तथा योजनाओं का लाभ लेने प्रोत्साहित किया। उन्होंने दिव्यांगजनों से संवाद कर उनकी आवश्यकताओं के बारे में पूछा तथा निराकरण के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया। शिविर के दौरान 13 ट्रायसायकल, 14 व्हीलचेयर, 06 श्रवण यंत्र तथा 03 सेंसर छड़ी प्रदान की गई।
    मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि  ‘‘दिव्यांगता लोगों के विकास में बाधा नहीं बनेगी, हम आपकी दिव्यांगता को गतिशील बनाने हर संभव प्रयास कर रहे हैं। सभी दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकतानुसार योजनाओं का लाभ मिले इसके लिए हम लगातार कार्य कर रहे हैं‘‘।  उन्होंने दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकतानुसार सहायक उपकरण प्रदान किये जाने हेतु समाज कल्याण विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद दिव्यांगजनों को सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत पेंशन राशि नियमित प्राप्त हो, यह सुनिश्चित करें।
     शिविर में जिले के सभी विकासखंड, नगरीय निकाय से दिव्यांगजन बड़ी संख्या में शामिल हुए। शिविर में  राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, यू.डी.आई.डी. कार्ड बनाए जाने हेतु विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। इस दौरान 12 दिव्यांगजनों का आधार कार्ड, 04 दिव्यांगजनों का राशन कार्ड, 06 दिव्यांगजनों का आयुष्मान कार्ड तथा 109 दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र/यू.डी.आई.डी. कार्ड हेतु रजिस्ट्रेशन किया गया। शिविर में नगर पालिक निगम अंबिकापुर की महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, कलेक्टर श्री विलास भोसकर, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे ।

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महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सेवा भारती का किया अवलोकन

 महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने एक दिवसीय कोरबा प्रवास के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विशेषीकृत दत्तकग्रहण अभिकरण-सेवा भारती का अवलोकन किया। उन्होंने वहां रह रहे बच्चों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बाल कल्याण समिति तथा जिला बाल संरक्षण इकाई से चर्चा कर वहां बच्चों को मिल रही सुविधाओं के बारे में पूछा। विधायक श्री प्रेमचंद पटेल भी इस दौरान उनके साथ थे।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विभागीय गतिविधियों के बारे में बताया कि महतारी वंदन योजना से महिलाओं को लाभ मिला है। आर्थिक समृद्धि के साथ आत्मनिर्भर बनने की राह आसान हुई है और खुशहाली का वातावरण निर्मित हुआ है। कोरबा की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत और डीपीओ श्रीमती रेणु प्रकाश सहित कई जनप्रतिनिधि तथा विभागीय अधिकारी भी इस दौरान मौजूद थे।

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