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मुख्यमंत्री ने शंकराचार्य की पादुका पूजन कर ग्रहण किया आशीर्वाद

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)मुख्यमंत्री बघेल ने सोमवार को अपने निवास में शारदापीठाधीश्वर शंकराचार्य सदानंद सरस्वती और ज्योतिषपीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री बघेल ने सपरिवार विधि विधान से पादुका पूजन कर उनका आशीर्वाद ग्रहण किया और प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि व खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, संसदीय सचिव पारसनाथ राजवाड़े व चन्द्रदेव राय, विधायक खेल साय सिंह, रामपुकार सिंह, विनय जायसवाल, गुलाब कमरो, विनय भगत, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, विनोद वर्मा उपस्थित रहे।

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किसान ने प्रधानमंत्री को भेजा बेटे की शादी का न्‍योता, मोदी ने दूल्‍हा-दुल्‍हन को दी बधाई

बेमेतरा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बेमेतरा के नवागढ़ निवासी कृषक सुरेश दत्त दुबे ने शादी का न्यौता भेजा था। निमंत्रण के बदले में प्रधानमंत्री ने नवविवाहित जोड़े के नाम शुभकामना संदेश भेज दिया।


जिसे पाकर परिवार के लोग गदगद हैं। वहीं परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा, जब उन्हें रविवार सुबह स्पीड पोस्ट से प्रधानमंत्री का पत्र मिला।

जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवविवाहित जोड़े आशुतोष और अंकिता को विवाह की बहुत-बहुत बधाई। दूल्‍हा-दुल्‍हन के दीर्घ, समृद्ध और खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दी है। अब इस शादी की क्षेत्र की खूब चर्चा हो रही है।



परिवार के लोगों का कहना है कि उनकी अपेक्षा थी कि प्रधानमंत्री विवाह में शामिल हों पर उनका संदेश पाकर ही बहुत खुशी हुई।

गौरतलब है कि बेमेतरा जिले के के नवागढ़ के रहने वाले कृषक सुरेश दत्त दुबे के बेटे आशुतोष का विवाह, सतना जिले के खरमसेड़ा ग्राम के रहने वाले वाले कृषक राजेश द्विवेदी की बेटी अंकिता से 12 मई को बेमेतरा में संपन्न हुआ। दुबे परिवार की ओर से विवाह में शामिल होने के लिए सगे संबंधियों समेत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को निमंत्रण पत्र भेजा गया था।

वर के बड़े भाई अखिलेश दत्त दुबे ने बताया कि प्रधानमंत्री का शुभकामना संदेश आने पर परिवार की वैवाहिक खुशी दोगुनी बढ़ गई। इसके लिए परिवार ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद कहा है। हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिस तरीके से देश के लिए काम करते हुए देखा है, वह अनुकरणीय है।

कोरोना काल में पूरे देश को जोड़कर उन्होंने एक उदाहरण पेश किया है। नवविवाहिता अंकिता ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री का मेरे विवाह के लिए शुभकामना संदेश आना मेरे विवाह का एक अनमोल उपहार है।

पीएम मोदी इसी तरह देश का प्रतिनिधित्व करते हुए देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं मेरी यही कामना है।

 

 

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परिश्रम की चाबी, खोलती है किस्मत के दरवाजे..

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। परिश्रम वह चाबी है, जो किस्मत के दरवाजे खोल देती है। गौठान में कार्य कर रही स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है। गोधन न्याय योजना ग्रामीण क्षेत्रों के दूरस्थ ईलाकों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर किसान, श्रमिक, पशुपालक, दिहाड़ी कामकाजी महिलाओं के लिए संबल बनी है। पहले जो महिलाएं गांव में ही रोजी मजदूरी का कार्य करती थी, गोधन न्याय योजना से प्रेरित होकर संगठित हुई और गौठान में विभिन्न आजीविकामूलक गतिविधियों से जुड़कर अपने परिवार को आर्थिक रूप से सहयोग प्रदान कर रही हैं। राजनांदगांव जिले छुरिया विकासखंड के ग्राम मासुल की इंदिरा महिला स्व-सहायता समूह की सभी सदस्यों ने गौठान में कड़ी मेहनत कर न केवल वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन किया है। बल्कि विभिन्न आजीविका मूलक गतिविधियों से जुड़ी हैं।

समूह की अध्यक्ष  देवकुंवर यादव ने बताया कि इंदिरा महिला स्व-सहायता समूह की 11 महिलाएं गरीब एवं जरूरतमंद परिवार से ताल्लुक रखती हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा कृषि विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन से वर्मी कम्पोस्ट निर्माण का प्रशिक्षण मिला तथा एवं अन्य नवाचारी गतिविधियों की जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि वर्मी कम्पोस्ट की बिक्री से 2 लाख 75 हजार रूपए की लाभांश राशि प्राप्त हुई। वही केंचुआ संवर्धन कर बिक्री से 93 हजार रूपए का मुनाफा हुआ। उन्होंने बताया कि उस राशि से मसाला पीसने की मशीन खरीदकर मसाला तैयार किया जा रहा है और गांव में ही स्थानीय स्तर पर इसकी बिक्री कर रही है, जिससे सालाना 30 से 40 हजार रूपए की आमदनी हो जाती है। समूह की महिलाएं मुर्गी पालन से 50 से 60 हजार रूपए कमा चुकी हैं। सामुदायिक बाड़ी से साग-सब्जी उत्पादन कर विक्रय करने से लगभग 84 हजार रूपए की सालाना आमदनी हुई है। देवकुंवर यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने गोधन न्याय योजना से हजारों महिलाओं को अपने परिवार का भरण-पोषण करने लायक बनाने तथा ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने का कार्य किया है।

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लखपति बनी चारपारा गौठान की जय महामाया समूह की दीदियां

वर्मी कंपोस्ट से लाभांश के रूप में मिले 3लाख 68हजार 664 रुपए

जांजगीर चांपा (छत्तीसगढ़ दर्पण) चारपारा गौठान की जय महामाया स्व सहायता समूह की दीदियां अपनी कड़ी मेहनत के बल पर लखपति दीदियां बनकर उभरी है और उन्हें लखपति बनाया है गौठान में गोबर से वर्मी कंपोस्ट के निर्माण ने। लखपति बनने के पीछे समूह की दीदियों का आत्मविश्वास और कार्य को लेकर लगन रही है। उन्होंने वर्मी कंपोस्ट के लाभांश के रूप में 3 लाख 68 हजार 664 रुपए और सब्जी बाड़ी से 2लाख 35हजार 600 रुपए की आय अर्जित हुई। समूह की महिलाओं का कहना है कि छत्तीसगढ़ शासन की गोधन न्याय योजना महिलाओं में आत्मविश्वास पैदा कर रही है।

जिले के जनपद पंचायत बलौदा के ग्राम पंचायत चारपारा में जय महामाया स्व सहायता समूह की महिलाएं गौठान में गोबर से वर्मी कंपोस्ट बनाने का कार्य कर रही है। समूह की महिलाओं को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से सीआईएफ की राशि 60 हजार आरएफ की राशि 15 हजार एवं बैंक लिंकेज से 1.50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई, ताकि समूह का संचालन दीदियां अच्छे से कर सके। अध्यक्ष  कुमारी बाई साहू ने बताया कि गोधन न्याय योजना से गौठान में गोबर से वर्मी कंपोस्ट बनाने का कार्य शुरू किया। शुरुआती मेहनत और कुशल प्रशिक्षण मिलने से कार्य करना आसान हो गया। गोबर से 868.80 क्विंटल खाद का उत्पादन किया और 828.91 क्विंटल खाद का विक्रय करते हुए 3 लाख 68हजार 664 रुपए की आय अर्जित की। समूह की महिलाएं यही नहीं रुकी बल्कि उन्होंने गौठान में चारागाह क्षेत्र की जमीन पर सब्जी भाजी लगाना शुरू कर दिया। उनकी मेहनत रंग लाई और समूह ने बाड़ी में भिंडी, बेंगन, झुंगा, करेला, टमाटर, धनिया और कई प्रकार की सब्जियों का उत्पादन किया। सब्जियों को स्थानीय बाजार में बेचकर समूह की दीदियों ने 2 लाख 35 हजार 600 की आय अर्जित की। इस तरह से समूह की महिलाओं गांव में लखपति दीदियों के नाम से पहचानी जाने लगी।

गौठान से जुड़ा राधा समूह -

गौठान में वर्मी कंपोस्ट एवं सब्जी उत्पादन करने वाली महिलाओं की तरक्की देखकर राधा एवं सीता महिला स्व सहायता समूह आजीविका गतिविधियों से जुड़ गया। राधा समूह की अध्यक्ष उर्मिला कंवर बताती है गौठान में मुर्गीपालन का कार्य एन आर एल एम योजना से मिली सहायता राशि से शुरू किया। बाजार से मुर्गी के चूज़े खरीदकर, बेहतर देखभाल करते हुए पालन पोषण किया, बड़े होने पर मुर्गियों को बाजार में बेचकर 2 लाख 76 हजार रुपए आय प्राप्त हुई। जिससे समूह को 14 हजार 400 रुपए का लाभ मिला। इसी गौठान में सीता महिला स्व सहायता समूह द्वारा मशरूम उत्पादन का कार्य शुरू किया जा रहा है जिससे उन्हें बेहतर आमदनी की उम्मीद है। 

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नौतपा के बीच गर्मी से राहत, छाए रहेंगे बादल

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) नौतपा के बीच मौसम में आए परिवर्तन से लोगों को प्रचंड गर्मी से राहत मिली है। काफी समय बाद लोग इस तरह का मौसम देख रहे हैं। आमतौर पर मई माह में भीषण गर्मी रहती है, लेकिन इस बार थोड़ा उलट है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार रायपुर में सोमवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। लेकिन तापमान में बढ़ोतरी का क्रम जारी रहने की संभावना है। सोमवार को रायपुर का अधिकतम तापमान 41 डिग्री के आसपास रहने के आसार हैं।

इसके अलावा प्रदेश के एक से दो स्थानों में हल्की वर्षा होने के साथ ही गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। जबकि एक से दो स्थानों में वज्रपात के साथ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने के आसार है।

इससे पहले रविवार को रायपुर में सुबह बादल छाए रहने के बाद दोपहर और देर शाम उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया। इस दौरान शहर का अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस कम रहा। इसके अलावा न्यूनतम तापमान 25.3 डिग्री दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से दो डिग्री कम रहा।

वहीं, अगले पांच दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं जताई जा रही है। इसी बीच रविवार को सर्वाधिक तापमान धमतरी में 42.4 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 18.2 डिग्री दर्ज किया गया।

मौसम विज्ञानियों के अनुसार एक द्रोणिका दक्षिण पश्चिम राजस्थान के चक्रीय चक्रवाती घेरे से उत्तरपूर्व मध्यप्रदेश तक विस्तारित है। जबकि एक अन्य चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण तेलंगाना और उसके आसपास बना हुआ है, जो कि समुद्र तल से 0.9 किमी की ऊंचाई पर विस्तारित है। इसके अलावा एक उत्तर-दक्षिण द्रोणिका दक्षिणपूर्व मध्यप्रदेश से दक्षिण तमिलनाडु पर बना हुआ है। इन तीनों सिस्टम की वजह से प्रदेश में मौसम का मिजाज नौतपा में भी बदला हुआ है।

रविवार को नौतपा के बीच भी लोगों को बारिश ने गर्मी से राहत पहुंचाई है। इसमें सर्वाधिक वर्षा पेंड्रा रोड में सात सेंटीमीटर, भैयाथान और पेंड्रा में तीन सेंटीमीटर, अंबिकापुर में दो सेंटीमीटर, शंकरगढ़, कोटा ओर ओड़गी में एक सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं, आज भी इन क्षेत्रों में मौसम के कुछ इसी तरह के रहने के आसार हैं।

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मजदूरी छोड़ गौठान में सब्जी उगा रहे संतराम, हो रही आमदनी

अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) कुंवरपुर ग्राम गौठान में बाड़ी विकास योजना के तहत भूमिहीन ग्रामीण संतराम सब्जी उत्पादन के जरिए आय अर्जित कर रहे हैं। सरगुजा जिले के कुंवरपुर गौठान में बाड़ी विकास योजना के माध्यम से संतराम सीजन के अनुसार सब्जी का उत्पादन कर रहे हैं।


संतराम बताते हैं कि उनके परिवार में 12 सदस्य हैं। जमीन नहीं थी तो मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वपूर्ण नरवा गरवा घुरवा और बाड़ी योजना और गोधन न्याय योजना के तहत गांव में गौठान बने हैं। पत्नी चंद्रमणि भी कुंवरपुर गौठान में राधा कृष्ण महिला स्व सहायता समूह से जुड़ी हैं, तो वे भी समूह से जुड़कर पत्नी के साथ बाड़ी विकास का काम करने लगे।

कुंवरपुर गौठान अनुमानित 07 एकड़ में बनाया गया है। जिसमें संतराम महज एक एकड़ में शासन की योजना का लाभ उठाते हुए सब्जी की खेती करते हैं। संतराम ने समूह के साथ मिलकर सब्जी लगाना शुरू किया। लगातार काम करते रहने से आमदनी बढ़ी तो उन्होंने ने मजदूरी छोड़ कर गौठान में अपना पूरा समय देना शुरू किया। अब वे अच्छे से देखभाल करते हुए सब्जियां उगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीते सीजन में आलू का उत्पादन करके 45 हजार रुपए कमाया, अभी भिंडी की खेती कर सप्ताह में 5 हजार रुपए तक की भिंडी बेच रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल एवं राज्य सरकार की योजना की सराहना करते हुए संतराम कहते हैं कि शासन की इस योजना ने हम जैसे लोगों को आय का साधन दिया है। उन्होंने बताया कि सब्जी उत्पादन के लिए गौठान में बने वर्मी कम्पोस्ट खाद का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उपज अच्छी होती है। साथ प्रशासन द्वारा उद्यानिकी विभाग से ड्रिप इरीगेशन सिस्टम दिया है, जिससे पानी की बचत हो रही है।

कुंवरपुर गौठान में ही एक अन्य समूह भी आजीविका गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। अनमोल समूह की महिलाएं गर्मी के सीजन को देखते हुए खीरा उत्पादन का काम कर रही हैं। यहां एक एकड़ में खीरे की खेती की गई है। महिलाओं का कहना है कि पहले घर के ही कामों में दिन बीतता था, अब गौठान आकर सब्जी उत्पादन जैसी आजीविका गतिविधि से जुड़े हैं तो अलग तरह का अनुभव मिल रहा है। मेहनत कर रहे हैं और उसकी कीमत भी मिल रही है। गौठान में आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे अपने हाथों कमाई का अवसर मिला है।

 

 

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रायगढ़ के पार्षद दंपत्ति ने राष्ट्रपति से लगाई इच्छा मृत्यु की गुहार

रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बाहुबलियों के आतंक से पीड़ित रायगढ़ के पार्षद दंपति ने राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई है। यह दंपति बाहुबलियों की प्रताड़ना और पुलिस के दबाव पूर्ण रवैया से त्रस्त हो चुका है। दंपति का यह भी आरोप है कि उनके साथ जो भी घटनाएं हो रही हैं, वह रायगढ़ विधायक प्रकाश नायक का नाम लेकर की जा रही है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या रायगढ़ में बाहुबलियों का राज है और कानून व्यवस्था चंद नेताओं की उंगलियों के इशारे पर चल रही है। बरहाल इस  दंपति ने कई संगीन आरोप रायगढ़ की पुलिस व्यवस्था पर भी लगाते हुए इच्छा मृत्यु की इजाजत राष्ट्रपति से मांगी है। आपको बता दें कि इस दंपति ने हाल ही में जहर सेवन कर खुदकुशी की भी कोशिश की थी, लेकिन समय रहते इलाज मिल जाने के कारण इनकी जान बच गई है। इतना सब कुछ होते हुए भी पुलिस महिला पार्षद से छेड़छाड़ एवं अपहरण की कोशिश करने वाले बाहुबलियों के ऊपर कोई कार्रवाई अब तक नहीं की है और ना ही पार्षद पति का हाथ तोड़ने वाले इन बाहुबलियों पर कोई कार्रवाई की गई है। आरोप यह है कि रायगढ़ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी राजनीतिक दबाव में आकर सट्टा संचालक का फेवर कर रहे हैं और प्रताड़ना से तंग परिवार को रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बनाकर उन पर उल्टा ही गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कराने की धमकी भी दे रहे हैं।

पार्षद दंपति ने राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को लिखे पत्र में यह आपबीती बताई

मैं कबीर चौक, नवापारा वार्ड क्र.-34, रायगढ़ (छ.ग.) रायगढ़ में निवास करती हूं, एवं रायगढ़ नगर निगम में वार्ड क्र.-34 की निर्वाचित पार्षद हूं। चुनावी रंजिश के कारण वार्ड के कुछ बाहुबलियों शैलेन्द्र साहू पिता स्व. कार्तिकराम साहू, कमलेश्वर साहू पिता स्व. कार्तिकराम साहू दोनों निवासी कबीर चौक नवापारा रायगढ़ पिछले कई महीनों से हमारे एवं हमारे परिवार के सदस्यों की जान के दुश्मन बने हुए हैं।

आरोपियों की ओर से वार्ड में पिछले 7 साल से खुलेआम सट्टा खिलाया जाता है, जिसकी शिकायत पुलिस अधिकारियों से कई बार की गई परन्तु आज दिनांक तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। दिनांक- 17/12/2022 को मैंने जब उक्त आरोपियों से सट्टा का व्यापार बंद करने के लिए कहा तो आरोपी शैलेन्द्र एवं कमलेश्वर ने मेरी पत्नी एवं बीच बचाव करने वाली रामेश्वरी साहू के साथ मारपीट की जिसकी शिकायत पर सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक- 1744/2022 दर्ज है। इस एफ.आई.आर. के दर्ज होने के बाद ही आरोपी शैलेन्द्र एवं कमलेश्वर साहू ने सट्टा के अपने व्यावसायिक साथी अरूण डहरिया से हम दंपति के खिलाफ 19/12/2022 को एस.सी.एस.टी. एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया गया। जिसमें पुलिस ने मुझे, मेरे पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

दिनांक – 24/03/2023 को जेल से वापस आने के बाद 25/03/2023 को जब मेरे पति निरंजन साहू सेविंग कराने के लिए गए तो वहां आरोपी शैलेन्द्र साहू एवं कमलेश्वर साहू ने मिलकर मेरे पति के साथ सार्वजनिक स्थान पर ही बुरी तरह से मारपीट की, जूटमिल पुलिस ने डाक्टरी मुलाहिजा भी करवाया, जिसमें मेरे पति का हाथ भी फैक्चर पाया गया। बावजूद इसके आरोपियों पर कोई कार्रवाही नहीं की गई। पुलिस की ओर से राजीनामा कर लेने में ही भलाई कहते हुए यह भी धमकी दी गई कि यदि आप लोग राजी नामा नहीं करोगे तो एक और एस.टी.एस.सी. का मुकदमा आप लोगों के उपर लगा देंगे और पूर्व की जमानत भी खारिज करा देंगे।

दिनांक – 13/05/2023 की रात्रि लगभग 10 बजे आरोपी शैलेन्द्र साहू एवं कमलेश्वर साहू अपने लगभग 15-20 साथियों के साथ बाईक पर आए और मेरे घर के बाहर ही मेरे साथ मारपीट करते हुए बुरी नियत से मुझे घसीटते हुए अपने साथ बाईक पर ले जाने के लिए जोर जबरजस्ती करने लगे। मेरी चीख पुकार सुनकर जब मेरे ससुर हेतराम साहू एवं बच्चे आकर बीच-बचाव करने लगे तब उन्हीं के सामने आरोपियों की ओर से मेरा ब्लाउज फाड़ दिया गया और साड़ी भी खींच दी गई और पूरे परिवार को बर्बाद कर देने की धमकी देते हुए आरोपी वहां से चले गए। इस घटना की रिपोर्ट तत्काल जूटमिल थाने में दी गई लेकिन पुलिस ने आज दिनांक तक न तो आरोपियों पर कोई मामला पंजीबद्ध किया और न ही आरोपियों की गिरफ्तारी की गई।

आरोपीगण पुलिस से सांठ गांठ कर मेरे एवं मेरे परिवारजनों के उपर एक ओर झूठे मुकदमें दर्ज करा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर हमारे साथ होने वाली गंभीर घटनाओं पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद है और उनकी ओर से हमारे परिवार में भय का वातावरण निर्मित कर दिया गया है। जिससे तंग आकर हम दोनों दंपतियों ने दिनांक – 18/5/2023 को जहर का सेवन भी कर लिया ताकि बाहुबलियों के आतंक से हमें मुक्ति मिल जाए लेकिन हमें इसमें भी सफलता नहीं मिली।

मान्यवर उक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए हम दंपतियों को इच्छा मृत्यु की अनुमति प्रदान करने की कृपा करें अन्यथा पुलिस को यह निर्देश दें कि वह निष्पक्ष रूप से उक्त शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए आरोपियों शैलेन्द्र साहू, कमलेश्वर साहू एवं उनके साथियों पर कठोर कार्रवाई करें ताकि हम अपने परिवार के साथ भयमुक्त होकर जीवन-यापन कर सकें।

 

 

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मुख्यमंत्री ने पंडित नेहरू की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल ने भारत के पहले प्रधानमंत्री, भारत रत्न पंडित जवाहर लाल नेहरू की 27 मई को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। बघेल ने नेहरू जी को याद करते हुए कहा है कि पंडित नेहरू ने विकास के लिए लोकतंत्र को अपना मूलमंत्र बनाया और भारत को एक मजबूत आधार दिया। देश के सामाजिक अधोसंरचना से लेकर भौतिक अधोसंरचना तक के विकास के लिए पंडित नेहरू के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनकी नीतियों के कारण देश में कृषि और उद्योग के विकास का एक नया युग शुरु हुआ। भिलाई स्टील प्लांट छत्तीसगढ़ को पंडित नेहरू की अनुपम सौगात है।

उन्होंने कहा कि भारत की आजादी और नवनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ पंडित नेहरू का रचनात्मक पक्ष भी रहा है। वे एक विद्वान लेखक, चिंतक और विचारक भी थे, इसकी झलक उनकी किताब ‘विश्व इतिहास की झलक‘ और ‘भारत एक खोज‘ में मिलती है। बच्चों के बीच वे चाचा नेहरू के नाम से लोकप्रिय रहे हैं। आज भी लोगों के मन में उनकी अमिट छाप अंकित है।

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सड़क हादसे में आर्मी जवान, उपसरपंच की मौत

जशपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मंगलवार की शाम को शहर के नजदीकी ग्राम जरिया में बाइक सवार दो युवक सड़क किनारे पेड़ से जा टकराए। इस घटना में दोनों बाइक सवार युवकों की मौत हो गई। मृत युवक आपस में चरेरे भाई थे। एक आर्मी का जवान था तो दूसरा ग्राम पंचायत बुमतेल का उपसरपंच।

घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार ग्राम बुमतेल का उपसरपंच वीर कुंवर राम 32 वर्ष पिता रामदास राम मंगलवार की शाम को अपने चचेरे भाई सतीष राम भगत 28 वर्ष पिता ब्रजनाथ राम के साथ पल्सर बाईक से जशपुर के लिए निकले थे।

बताया जाता है कि सतीष ने दो दिन पहले ही नई बाईक खरीदी थी और दोनों बाइक पर काफी तेजी से चल रहे थे। शाम 6.30 बजे जरिया के पास बाइक चालक ने बाइक पर से नियंत्रण खो दिया और तेज रफ्तार बाईक सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। इस घटना में बाइक सवार वीरकुंवर और सतीष को सिर में गंभीर चोटें आई थीं। दोनों को आसपास के लोगों की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। शाम 6रू30 बजे डॉक्टरों ने दोनेां को मृत घोषित कर दिया।

छुट्टियों में घर आया था आर्मी का जवान

ग्रामीणों ने बताया कि सतीष आर्मी का जवान है जो दिल्ली में पदस्थ था। वह छुट्टी लेकर अपने घर आया था। गांव आने के बाद वह दोस्तों व परिवार वालों के साथ समय बिता रहा था। मंगलवार की शाम को सतीष अपने चचेरे भाई के साथ बाईक पर सब्जी खरीदने के लिए जशपुर आ रहा था।

 

 

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छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल की अभिनव पहल

पर्यावरण संरक्षण के लिए 01 जून को छत्तीसगढ़ में पांच लाख लोग लेंगे शपथ 

मिशन लाईफ के अंतर्गत जनभागीदारी के साथ आयोजित किया जाएगा कार्यक्रम 

रायपुर,(छत्तीसगढ़ दर्पण) 26 मई 2023/छत्तीसगढ़ में 01 जून को एक दिन में पांच लाख लोग पर्यावरण संरक्षण के लिए शपथ लेंगे। प्रदेश में मिशन लाईफ कार्यक्रम के अंतर्गत लाईफ स्टाईल फॉर इन्वायरमेंट कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला में 01 जून को पर्यावरण संरक्षण के लिये शपथ का कार्यक्रम रखा गया है। लाईफ प्लेज के अंतर्गत पूरे राज्य में एक साथ पांच लाख लोगों द्वारा प्लेज लिये जाने का निर्णय लिया गया है, जिससे कि व्यापक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता लायी जा सके। 

एक ही दिन में पांच लाख लोग शपथ लेकर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अपनी प्रतिबद्धता दर्शायेंगे। शपथ हिन्दी या अंग्रेजी में समूह या व्यक्तिगत रूप से लेकर उसका वीडियो व फोटो वॉट्सएप नम्बर 7415781776, 9109028361, 7415796619 पर 01 जून को प्रातः 8 बजे से शाम 4 बजे तक भेजी जा सकेगी। पूरे प्रदेश में यदि पॉच लाख लोग एक साथ शपथ लेंगे या रायपुर जिले से शपथ की संख्या डेढ़ लाख से पार होगी, तो यह एक विश्व रिकार्ड होगा। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल सभी लोगों से यह आग्रह करता है कि वे 01 जून 2023 को पर्यावरण संरक्षण के लिये शपथ लेकर इस महाअभियान में भागीदार बनें। शपथ इस प्रकार है-मैं प्रतिज्ञा करता हूं कि पर्यावरण को बचाने के लिये अपने दैनिक जीवन में हर संभव बदलाव लाऊगा। मैं यह भी वचन देता हूं कि अपने परिवार, मित्रों व अन्य लोगों को पर्यावरण के अनुकूल आदतों और व्यवहारों के महत्व के विषय में सतत् रूप से प्रेरित करूंगा।
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अब घर बैठे बनवाए जा सकेंगे राशन-कार्ड...

बिग ब्रेकिंग


(छत्तीसगढ़ दर्पण) मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर मितान योजना की सेवाओं का हुआ विस्तार

अब घर बैठे बनवाए जा सकेंगे राशन-कार्ड

राशन-कार्ड बनवाने के लिए डायल करना होगा टोल फ्री नंबर 14545

नागरिक सुविधाओं में लगातार हो रही बढ़ोतरी

लोगों को घर बैठे ही मिल रहा है शासकीय योजनाओं का लाभ
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साल वनों के द्वीप को नक्सलवाद से मुक्त कर फिर बनाएंगे शांति का टापू : भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री ने झीरम घाटी शहादत दिवस पर झीरम मेमोरियल पहुंचकर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) मुख्यमंत्री बघेल ने गुरुवार को झीरम घाटी शहादत दिवस के अवसर जगदलपुर के लालबाग स्थित झीरम मेमोरियल में झीरम घाटी के शहीदों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ सर्वाेच्च कुर्बानी देने वाले शहीदों की शहादत को बेकार नहीं जाने देंगे, साल वनों के द्वीप बस्तर क्षेत्र को नक्सलवाद से मुक्त कर फिर से शांति का टापू बनाएंगे।  


मुख्यमंत्री बघेल सहित जनप्रतिनिधियों ने इस अवसर झीरम के शहीदों की याद में दो मिनट का मौन रखा और उपस्थित सभी लोगों को प्रदेश को पुनः शांति का टापू बनाने की शपथ दिलाई। इस दौरान मुख्यमंत्री बघेल ने झीरम घाटी के शहीदों के परिजनों से मुलाकात की और शॉल-श्रीफल भेंट किया।

मुख्यमंत्री बघेल ने श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए कहा कि झीरम घाटी की घटना को दस बरस हो गए हैं। हर साल हम लोग झीरम के शहीदों को नमन करते है और जब भी 25 मई आता है, हम सब का दिल भर जाता है। जो बच गए उन्होंने घटना को अपनी आंखों से देखा। वे बताते थे कि घटना कितनी भयावह थी। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि इस घटना में शहीद हुए नेताओं ने परिवर्तन की बात कही थी। जिसका शुभारंभ सरगुजा से हुआ था। हमारे नेता कहते थे कि किसानों, आदिवासियों, युवाओं और महिलाओं के जीवन में परिवर्तन लाना है। परिवर्तन का संकल्प लेने वाले हमारे सभी बड़े नेता हमारे बीच नहीं रहे। उन्होंने झीरम में अपनी शहादत दी है।



झीरम की घटना को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी राज्यसभा की सदस्य श्रीमती फूलो देवी नेताम निकली और उन्होंने कहा कि यह बंद करो। वो एक बहादुर महिला हैं। जब हमारे नेताओं को चारों ओर से घेर लिया गया था। शहीद महेंद्र कर्मा निकले और नक्सलियों से कहा कि बेकसूरों को मारना बंद करो, गोलियां चलाना बंद करो। तुम्हारी दुश्मनी मुझसे है। मैं आत्मसमर्पण करता हूँ। मैं बस्तर टाइगर, मैं महेंद्र कर्मा इस प्रकार की बात उन्होंने कही। महेंद्र कर्मा ने माफी नहीं माँगी, अपने प्राणों की आहुति दे दी। किसके लिए, बस्तर के लिए, प्रदेश के लिए, लोकतंत्र के लिए, हम सबके लिए। अपनी जान देकर अपनों को बचाने का उनका संकल्प कितना बड़ा था, यह समझा जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जिस नव निर्माण के पवित्र उद्देश्य के लिए हमारे नेताओं ने परिवर्तन यात्रा की थी, उस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए हमने लगातार परिश्रम किया है। हमने विकास, विश्वास और सुरक्षा की नीति से नक्सलियों को चंद इलाकों तक ही समेट दिया है। उन्होंने कहा कि हमने अपनी योजनाओं और नीतियों से बस्तर का विकास सुनिश्चित किया। हमने शिक्षा, स्वास्थ्य, आदिवासी संस्कृति के संरक्षण सहित अन्य विकास कार्यों को गति दी और बेहतर कार्य कर दिखाया है।

झीरम घाटी शहादत दिवस की दसवीं बरसी  पर उद्योग मंत्री कवासी लखमा, लोकसभा क्षेत्र बस्तर के सांसद दीपक बैज, बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, उपाध्यक्ष विक्रम मंडावी, संसदीय सचिव रेखचन्द जैन, विधायक मोहन मरकाम, श्रीमती संगीता सिन्हा, चंदन कश्यप, महापौर जगदलपुर श्रीमती सफीरा साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती कविता साहू, इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा, कमिश्नर श्याम धावड़े, आईजी सुंदरराज पी. कलेक्टर विजय दयाराम के., वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मीणा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

शहीदों के परिजनों से मुलाकात के दौरान भावुक हुए मुख्यमंत्री - मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने झीरम घाटी के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के उपरांत शहीदों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों को शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। शहीदों के परिजनों से चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री भावुक हो गए। मुख्यमंत्री ने सभी का कुशल क्षेम जाना। मुख्यमंत्री ने परिजनों से कहा कि आप सभी ने बहुत बड़ा त्याग किया है। छत्तीसगढ़ सरकार हर पल आपके साथ खड़ी है।

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छत्तीसगढ़ में नौतपा शुरू, बदला मौसम का मिजाज...

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। इस वर्ष नौतपा में बिलासपुर, सरगुजा संभाग के साथ ही दुर्ग के कई क्षेत्र कम तपने वाले हैं। वहीं रायपुर में मौसम का मिजाज सामान्य रहेगा, लेकिन बस्तर क्षेत्र में तापमान में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।

मौसम विभाग का कहना है कि शुक्रवार से उत्तर छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट और दक्षिण छत्तीसगढ़ में एक से दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी की संभावना है।

गुरुवार सुबह से ही राजधानी रायपुर में बादल छाए हुए हैं। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाने के साथ ही हल्की वर्षा के आसार है। मई आखिरी तक प्रदेश में मौसम का मिजाज इस प्रकार ही रह सकता है। इस प्रकार कहा जा सकता है कि नौतपा इस बार थोड़ा कम तपने वाला है।

उत्तर पश्चिम से आने वाली गर्म व शुष्क हवाओं के चलते सुबह से ही गर्मी बढ़ने लगी है,जो दोपहर तक और बढ़ जाती है। हालांकि दोपहर बाद मौसम का मिजाज थोड़ा बदला और कुछ क्षेत्रों में आंशिक बादल छाने के साथ ही हवा भी चली और बुंदाबांदी भी हुई।

बुधवार को रायपुर का अधिकतम तापमान 43.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और न्यूनतम तापमान 29.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रायपुर का अधिकतम व न्यूनतम तापमान दोनों ही सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहे।

मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदलने वाला है और वहां का अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी। वहीं दक्षिण छत्तीसगढ़ में तापमान बढ़ेगा।

मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मानसून में सामान्य से थोड़ी कम वर्षा होने की संभावना है। इसके पीछे मुख्य कारण अलनीनो को माना जा रहा है। अलनीनो का प्रभाव मानसूनी वर्षा पर पड़ सकता है।

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बेरोजगारी भत्ता योजना के लाभार्थियों को दें कौशल प्रशिक्षण - कलेक्टर

मोहला (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर  एस जयवर्धन ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि बेरोजगारी भत्ता योजना के लाभार्थियों को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण और प्लेसमेंट में सहायता प्रदान किया जाना है।

इसके लिए संबंधित विभागों को प्रशिक्षण आयोजित कराने के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर प्लेसमेंट आयोजित कर रोजागर उपलब्ध करा सके। उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक-एक पशु मित्र बनाने के निर्देश पशुधन विकास विभाग के अधिकारी को दिए। जिससे पशुपालकों को शासकीय योजनाओं से लाभान्वित करने, नस्ल सुधार सहित पशुओं की बीमारियों का सही समय में चिकित्सा उपचार किया जा सके।

उन्होंने कहा कि पीपीईएस में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की डाटा प्रविष्टि शत-प्रतिशत एवं त्रुटि रहित करने का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें। मतदान केन्द्रों में दिव्यांगजनों के लिए रैम्प की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके साथ ही पेयजल, फर्नीचर, विद्युत, शौचालय सहित अन्य व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कलेक्टर्स कान्फ्रेंस की तैयारी के संबंध में समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को शासन की योजनाओं तथा नवीन योजनाओं की प्रगति के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि सार्वजनिक जगह एवं शासकीय कार्यालयों के आसपास छायादार वृक्ष लगाया जाना है। इसके लिए उद्यानिकी एवं वन विभाग को बारिश से पहले सारी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पोषणबाड़ी एवं छात्रावासों में लक्ष्य के आधार पर उद्यानिकी विभाग को वृक्षारोपण कराने के लिए कहा।

मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना के अंतर्गत लक्ष्य निर्धारित कर पंजीकृत हितग्राहियों के लिए पौधो की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। खरीफ सीजन को देखते हुए सोसायटियों में पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया।

 

 

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छत्तीसगढ़ के तीर्थ यात्रियों से ओडिशा में जमकर मारपीट, चार गिरफ्तार

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) छत्तीसगढ़ के तीर्थ यात्रियों से पड़ोसी राज्य ओडिशा में मारपीट का मामला सामने आया है। ये सभी तमिलनाडु के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल रामेश्वरम दर्शन करने के लिए गए हुए थे। यहां से लौटने के दौरान इनके साथ मारपीट की गई है। पिटाई का वीडियो भी सामने आया है। इस मामले की जानकारी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने ट्वीट के माध्यम से दी थी।


सक्ती जिले के ग्राम मल्दा के रहने वाले लोग कुछ समय पहले दर्शन करने के लिए गए थे। सभी ओडिशा के रास्ते मंगलवार को वापस लौट रहे थे। मगर इन्हें कटक जिले के मंगोली नाका के पास रोक लिया गया। तीर्थ यात्रियों के मुताबिक टोल नाका के कर्मचारियों द्वारा ज्यादा पैसों की मांग की जा रही थी। इसी बात को लेकर विवाद हुआ था।




बताया गया कि विवाद इतना बढ़ गया कि नाके का ठेकेदार मौके पर पहुंच गया और उसने अपने साथियों के साथ इन्हें पीटना शुरू कर दिया। लाठी-डंडे से यात्रियों को पीटा गया है। इसके बाद यात्रियों ने किसी तरह से इस मामले की जानकारी प्रशासन को दी। साथ ही स्थानीय पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई। जिसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।

वहीं इस मामले की जानकारी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव को मिली, तब उन्होंने खुद इस मामले में संज्ञान लिया। इसके बाद स्थानीय अधिकारियों से चर्चा की गई। बुधवार को भाजपा कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने नाके पर ही ताला जड़ दिया। पुलिस से बातचीत की गई। तब बुधवार को पुलिस की टीम ने यात्रियों की शिकायत पर कार्रवाई की और मारपीट करने वाले 4 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। बाद में यात्री छत्तीसगढ़ के लिए रवाना हो गए।

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छह दशकों से विश्वविद्यालय ने हासिल की गौरवपूर्ण उपलब्धियां : सीएम बघेल

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय राज्य का सबसे पुराना तथा सबसे बड़ा विश्वविद्यालय है।छह दशकों से विश्वविद्यालय ने गौरवपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा तेजी से कार्य किया जा रहा है। बस्तर, सरगुजा के वनांचलों में जहां जरूरी हुआ वहां महाविद्यालय खोले गए

मुख्यमंत्री ने दीक्षांत समारोह के मुख्य वक्ता प्रो. वाई.एस. राजन का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए कहा कि प्रॉफेसर राजन ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान को अपने नवाचारों द्वारा नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

उन्होंने ने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि भारतरत्न ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी के निकटतम सहयोगी रह चुके प्रसिद्ध अन्तरिक्ष वैज्ञानिक पद्म प्रो. राजन आज के दीक्षांत समारोह में हमारे बीच हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा ही एकमात्र माध्यम है, जिसके जरिये हम अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।

 समारोह में सुप्रसिद्ध अंतरिक्ष वैज्ञानिक पद्मश्री प्रो. वाई. एस. राजन, पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल भी उपस्थित हैं।

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प्राकृतिक जैविक खेती के नई तकनीकों को अपनाने बैगा समुदाय को किया प्रेरित

कवर्धा  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। गांधी ग्राम विकास समिति (ग्रामोदय केंद्र) के प्रमुख चंद्रकांत यादव के नेतृत्व में 23 मई को ग्राम बगछापर विकासखंड बोड़ला जिला कबीरधाम में  विशेष संरक्षित जनजातियों PVTGs बैगा समुदाय की बैठक आयोजित कर उन्हें प्राकृतिक जैविक खेती के लिए कृषि पूर्व तैयारी के लिए प्रेरित किया।


बैठक में  उपस्थित बैगा महिला एवं पुरुषों को संस्था के कार्यकर्ता कोमल सिंह धारवैया ने गोबर कम्पोस्ट खाद के महत्व को बताते हुए कहा कि इस खाद से मिट्टी एवं ह्युमरस बहुत अच्छा होता है जिससे उत्पादन अधिक होता है, इसलिए सभी बैगा परिवार केवल जैविक गोबर खाद कम्पोस्ट का ही उपयोग करें। संस्था ने बीज चयन पद्धति, बीज उपचार विधि के संदर्भ में ग्रामीणों को विस्तारपूर्वक जानकारी दी।



संस्था ने सभी किसानों से मिलकर इस वर्ष खरीफ सीजन के खेती और फ़सलों का नियोजन किया। जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को देखते हुए कृषि की नई तकनीक जिसमें कतार मिश्रित खेती मिलेट्स के साथ इसके आलावा धान एवं सब्जी फ़सलों में भी लेने के लिए प्रेरित कर मार्गदर्शन किया गया। किचन गार्डन पोषण वाटिका अपने अपने बाड़ी में  लगाने प्रेरित किया गया। जिससे पोषण एवं स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ सके। सभी किसानों के पास पर्याप्त मात्रा में समय पर बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए चर्चा किया गया। सभी अपने अपने खेतोँ की साफ सफाई में जुटे हुए हैँ। अब जिले के विशेष संरक्षित जनजाति PVTGs बैगा भी रुचि के साथ कृषि कार्यों से जुड़ रहे हैं। इससे इनकी आमदनी, आजीविका एवं जीवन स्तर में व्यापक सुधार दिखाई दे रहा है। संस्था के द्वारा खरीफ सीजन में निरंतर समुदाय को कृषि के सभी पहलू से मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करते रहेंगे। बैठक को सफल बनाने ग्राम प्रमुख, केडर के साथ कार्यकर्ता कोमल सिंह धारवैया, गणेश राम धुर्वे,  चंद्रकांत यादव एवं धनऊ राम परते का सराहनीय सहयोग रहा।

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अब वनांचल के लोग वनकर्मियों को दुश्मन नहीं बल्कि दोस्त मानते हैं: सीएम बघेल

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने मंगलवार शाम रायपुर में मृदा एवं जल संरक्षण विषय पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय परामर्शी कार्यशाला का  शुभारंभ करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन को लेकर चिंतित है लेकिन सभी के साथ जंगल में रहने वालीे लोगों की चिंता भी जरूरी है।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि भू-जल स्तर पर्याप्त होना चाहिए। हमारी सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में नरवा योजना के अंतर्गत जल संरक्षण और जल संवर्धन के लिए वनांचल में 1 करोड़ 19 लाख संरचनाओं का निर्माण किया गया है। उन्होंने बताया कि भ्रमण के दौरान वे जहां भी गए सभी से इस योजना के संबंध में जानकारी ली।

तो सभी का एक ही जवाब मिला नरवा योजना अच्छी है। हर जगह आदिवासियों ने नरवा योजना को सराहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गांव के लोग और वनसंरक्षकों की दोस्ती हो गई है। आदिवासी और वनांचल में रहने वाले लोग वन विभाग को अपना दुश्मन नहीं मानते। वन विभाग के अधिकारी जंगल जाते है तो लगता है, हमारे लिए कोई नई योजना आयी है, छत्तीसगढ़ में यह परिवर्तन आया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जंगल में ऐसे वृक्ष लगाएं जो वनांचल में रहने वालों के लिए लाभदायक हो। जंगल में फल देने वाले वृक्ष जरूर लगाने चाहिए। इसके साथ ही इनकी बिक्री की व्यवस्था भी होनी चाहिए।

वन विभाग सिर्फ जंगल का अभिभावक नहीं बल्कि वहां रहने वाले लोगों का भी अभिभावक है। ऐसे आपसी संबंध विकसित करने में हम सफल रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फलदार वृक्षों को बढ़ावा देने से आमदनी बढ़ेगी, हरियाली रहेगी और जंगल भी बचे रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के समय ऑक्सीजन के महत्व का पता चला। छत्तीसगढ़ से देश के कई इलाको  में ऑक्सीजन पहुंचायी गयी । मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 67 प्रकार के लघु वनोपजों की खरीदी हो रही है। जिससे लघु वनोपज संग्राहकों को लाभ अर्जित हो रहा है।

भारत सरकार में वन एवं पर्यावरण विभाग के विशेष सचिव एवं महानिदेशक चन्द्रप्रकाश गोयल ने मृदा एवं जल संरक्षण विषय पर आयोजित कार्यशाला में छत्तीसगढ़ सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि अन्य राज्यों की अपेक्षा छत्तीसगढ़ में भूमि एवं जल संरक्षण में बेहतर कार्य हो रहा है।

कार्यशाला में देश भर के वानिकी विशेषज्ञ शामिल हुए और छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित एवं सवंर्धित करने पर चर्चा हुई । 

इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  मोहम्मद अकबर, संसदीय सचिव  शिशुपाल सिंह सोरी,  मुख्यमंत्री के सलाहकार  प्रदीप शर्मा, 

केंद्रीय वन एवं पर्यावरण विभाग के विशेष सचिव एवं महानिदेशक हैं  चंद्र प्रकाश गोयल, राष्ट्रीय कैम्पा के सीईओ  सुभाष सिंह, वन विभाग के प्रमुख सचिव  मनोज पिंगुआ , पीसीसीएफ  वी श्रीनिवास राव सहित  देश भर से आए वानिकी विशेषज्ञ भी उपस्थित थे।

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