छत्तीसगढ़ - Newsportal | Chhattisgarh Darpan Media Group

छत्तीसगढ़

राजभवन में राज्य के निजी विश्वविद्यालयों के कार्यो की समीक्षा बैठक शुरू

रायपुर: राज्यपाल और कुलाध्यक्ष विश्वभूषण हरिचंदन बुधवार को राज्य के सभी निजी विश्वविद्यालयों और  उनकी शैक्षणिक गतिविधियों, अनुसंधान कार्य एवं अन्य कार्यो की समीक्षा कर रहे हैं।

बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ परदेसी ,राज्यपाल के सचिव अमृत खलखो, सभी निजी  विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित हैं। बैठक  प्रातः 11 बजे से राजभवन में शुरू हुई।

बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन की स्थिति, नैक (नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन कौंसिल) द्वारा विश्वविद्यालयों एवं संबंद्ध महाविद्यालयों के मूल्यांकन की स्थिति, ग्रेडिंग और संस्थानों द्वारा नेक ग्रेडिंग सुधारने के लिए किये जा रहे प्रयासों की समीक्षा की जाएगी।

बैठक में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय और अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थाओं के मध्य हुए एम.ओ.यू., अकादमिक सत्र के पालन, परीक्षाओं एवं परिणाम के समय पर जारी करने के संबंध में एवं विश्वविद्यालयों द्वारा कराए गए विशेष अनुसंधान, नवाचार आदि की जानकारी  ली जा रही है।

और भी

शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में आईएएस अधिकारियों की महती भूमिका: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री बघेल आईएएस कॉन्क्लेव 2023 के समापन समारोह में हुए शामिल

रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शाम राजधानी के एक निजी होटल में आयोजित आईएएस कॉन्क्लेव 2023 के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान छत्तीसगढ़ में शासन की योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन में आईएएस अधिकारियों की महती भागीदारी का जिक्र करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री बघेल ने आगे कहा कि आईएएस अधिकारियों का कार्यक्षेत्र व्यापक और चुनौतीपूर्ण होता है। इसे सही दिशा देने में अधिकारियों को चाहिए कि वे अपने दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ कुशलतापूर्वक करें। एक आईएएस अधिकारी का कार्य हर वर्ग सहित आम जनता से सीधा-सीधा जुड़ा हुआ होता है। इसे ध्यान में रखते हुए जनहित में योजनाओं तथा कार्यक्रमों का बेहतर से बेहतर क्रियान्वयन के लिए हमेशा तत्पर होकर कार्य करें और आम आदमी को उसका अधिक से अधिक लाभ पहुंचाए।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि एक आईएएस अधिकारी की अपने कार्यक्षेत्र में महत्वपूर्ण जवाबदेही होती है। इसकेे लिए सफल दायित्व निर्वहन हेतु अधिकारियों में व्यवहार कुशलता के साथ-साथ संवेदनशीलता की भी स्पष्ट झलक मिलनी चाहिए, जिससे हर जरूरतमंद व्यक्ति अपनी बातों को बेहिचक उनके सामने साफ-साफ रख सके। उन्होंने कहा कि इस तरह छत्तीसगढ़ के विकास और लोगों की उन्नति के लिए आगे भी उनका योगदान तथा महत्वपूर्ण भागीदारी बनी रहे।

समारोह को मुख्य सचिव अमिताभ जैन तथा अध्यक्ष आईएएस एसोसिएशन छत्तीसगढ़ मनोज पिंगुआ ने भी सम्बोधित किया और मुख्यमंत्री  बघेल के कुशल मार्गदर्शन के लिए आभार जताया। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू सहित ऐसोसिएशन के पदाधिकारी और राज्य के समस्त आईएएस अधिकारी उपस्थित थे।

और भी

प्राथमिकता वाले कार्यों को समय-सीमा में पूरा करना विभाग की जिम्मेदारी: मोहन मरकाम

 रायपुर-दुर्ग संभाग में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के काम-काज की समीक्षा

रायपुर: आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री मोहन मरकाम ने कहा है कि सरकार की प्राथमिकता के कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करना विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर विशेष ध्यान दे। शासन की योजनाओं का लाभ इन वर्गों को मिले यह सुनिश्चित करें। आश्रम-छात्रावासों में कमियों को दुरुस्त कर ले। मंत्री मरकाम सोमवार को आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान नवा रायपुर, अटल नगर के सभा कक्ष में रायपुर एवं दुर्ग संभाग में विभाग द्वारा संचालित योजना के काम-काज की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास डी.डी. सिंह, आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री मरकाम ने निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रगति की जानकारी ली और संभाग के अधिकारियों को विभाग के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा संचालित आश्रम और छात्रावास निर्माण और मरम्मत के लिए पर्याप्त राशि स्वीकृत की गई है। बरसात के मौसम में रंगाई-पोताई कार्य को छोड़कर अन्य कार्यों को 10 अगस्त तक पूर्ण कर लिया जाए। छात्रावास एवं आश्रम संचालन के दिशा-निर्देशों का पालन और समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण भी करें। आश्रम-छात्रावासों में साफ-सफाई पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि आश्रम-छात्रावासों में बच्चों को ताजा भोजन, मानसून में बच्चों को पानी उबालकर पीने के लिए दिया जाए। बीमार होने पर बच्चों का तत्काल इलाज कराएं। छात्रावास-आश्रम संचालन के संबंध में अधीक्षकों की बैठक लेकर उन्हें सभी जरूरी हिदायतें दे तथा आश्रम-छात्रावास अधीक्षक मुख्यालय में रहना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सभी आश्रम-छात्रावासों में मूलभूत सुविधाएं होनी चाहिए। आकस्मिक निरीक्षण के समय कमी पाए जाने पर संबंधित के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री मरकाम ने वन अधिकार पत्र के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी वन अधिकार पत्रधारियों को वन अधिकार ऋण पुस्तिका वितरित की जाए, जिससे वे शासन की सभी योजनाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि जिनको वन अधिकार पत्र प्रदान किया गया है, उन्हें अन्य विभागों की योजना से अभिसरण कर लाभान्वित किया जाए। जिन गांवों में अन्य विभागों से कार्य कर लाभान्वित करने की योजना तैयार कर ली गई हो, उन गांवों को आदर्श गांव घोषित करने की कार्रवाई की जाए। बैठक में बताया गया कि रायपुर संभाग में 53 हजार 554 और दुर्ग संभाग में 32 हजार 855 व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र वितरित किए जा चुके हैं। रायपुर संभाग में 3 हजार 109 और दुर्ग संभाग में 3 हजार 726 सामुदायिक वन अधिकार का वितरण हो चुका है। इसी प्रकार रायपुर संभाग में 369 और दुर्ग संभाग में 138 सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र का वितरण किया जा चुका है। विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह के वन अधिकारों की प्रगति की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि रायपुर संभाग में व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र 3 हजार 803, सामुदायिक वन अधिकार 477 और सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र 45 वितरित किए जा चुके हैं। दुर्ग संभाग में व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र 2 हजार 718, सामुदायिक वन अधिकार 240 और सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र 19 वितरित किए जा चुके हैं। इसी प्रकार नगरीय क्षेत्रों में वन अधिकार पत्रों का वितरण किया गया है।

बैठक में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में मेस संचालन की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने बताया कि आश्रम-छात्रावासों के विद्यार्थियों की शिष्यवृत्ति एक हजार रूपए से बढ़ाकर 1500 रूपए कर दी गई है। छात्रवृत्ति के लिए आधार सीडिंग हुई है। मंत्री मरकाम ने कहा कि जिन विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्राप्त नहीं हुई है, वहां आधार सीडिंग कराने अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए। प्रयास आवासीय विद्यालयों से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाआंें में चयनित एवं प्रवेशित विद्यार्थियों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2017 से 2022 तक आईआईटी में 66, एनआईटी व समकक्ष में 171, इंजीनियरिंग कॉलेज में 303 और एमबीबीएस में 20 विद्यार्थी चयनित हुए हैं। इसके साथ ही विगत वर्षों में सीए, सीएस, सीएमए से 30 तथा क्लैट से 03 विद्यार्थी सफल हुए हैं। रायपुर और दुर्ग संभाग में 05  नवीन प्रयास आवासीय विद्यालय शुरू किए जाएंगे, इनमें अनुसूचित जाति वर्ग बालकों के लिए पाटन, कन्या के लिए रायपुर, अन्य पिछड़ा वर्ग के बालकों के लिए रायपुर और बालोद में बालक एवं कन्या वर्ग के लिए प्रारंभ किया जाना शामिल है।

मरकाम ने देवगुड़ी निर्माण की समीक्षा करते हुए कहा कि आदिवासी पुरातन संस्कृति को संरक्षण करने तथा श्रद्धा स्थलों देवगुड़ी ग्राम देवता स्थलों का परीक्षण एवं विकास करने के उद्देश्य से योजना संचालित की जा रही है। देवगुड़ी ग्रामीणों की आस्था का केंद्र है। देवगुड़ी विकास के कार्य प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए। शासन द्वारा प्रति देवगुड़ी निर्माण के लिए 1 लाख रूपए की राशि दी जाती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा जिलों के भ्रमण एवं प्रवास के दौरान देवगुड़ी निर्माण कार्य की घोषणा के परिप्रेक्ष्य में आकस्मिकता निधि से 2550 लाख रूपए की अग्रिम राशि स्वीकृत की है। योजना के तहत रायपुर एवं दुर्ग संभाग में वर्ष 2022-23 में 103 देवगुड़ी निर्माण के लिए 151.50 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की है, इनमें से 29 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 74 कार्य प्रगति पर है। इसी प्रकार वर्ष 2023-24 में 49 देवगुड़ी निर्माण के कार्य स्वीकृत किए गए हैं।

बैठक में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना की प्रगति की समीक्षा के साथ ही आदर्श ग्राम घोषित करने के संबंध में जानकारी ली गई। अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत पीसीआर एवं पीओए-एक्ट के क्रियान्वयन के संबंध में जिला स्तरीय समिति की नियमित बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में विशेष रूप से कमजोर जनजाति अभिकरण, प्रकोष्ठ को केंद्रीय क्षेत्र अंतर्गत आबंटित एवं स्वीकृत कार्यों, संविधान के अनुच्छेद 275 (1) मद अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

और भी

वन महोत्सव में स्कूली बच्चों ने लगाए 600 पौधे

जवाहर नवोदय विद्यालय कुसमी में हुआ आयोजन

बेमेतरा: बेमेतरा के जवाहर नवोदय विद्यालय ग्राम बहेरा (कुसमी) में वन महोत्सव मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के तौर पर स्थानीय विधायक आशीष छाबड़ा शामिल हुए। अतिथियों और स्कूली बच्चों ने परिसर में पौधों का रोपण किया। भारत सरकार द्वारा वृक्षारोपण को प्रोत्साहन देने के लिए प्रति वर्ष जुलाई माह में आयोजित किया जाने वाला एक महोत्सव है। क्योंकि जुलाई-अगस्त का महीना वर्षा ऋतु का होता है और पेड़-पौधों के उगने के लिए यह नमी का मौसम अच्छा माना जाता है। इस मौसम में पेड़-पौधे जल्दी उगते हैं। इस मौके पर स्कूल के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की रोचक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर डॉ. अनिल बाजपेयी, एएसपी पंकज पटेल, प्राचार्य नवोदय विद्यालय बहेरा लक्ष्मी सिंह, मुख्य नगर पालिका अध्यक्ष शकुंतला मंगत साहू, जिला पंचायत सदस्य शशि प्रभा गायकवाड़, जनपद पंचायत अध्यक्ष रेवती साहू, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष मिथलेश वर्मा, रेंजर माधुरी तिवारी सहित सरपंच/पंच एवं पार्षदगण उपस्थित थे।

विधायक आशीष छाबड़ा ने उद्बोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं सुरक्षा के लिए पौधे लगाना आवश्यक है। पेड़-पौधे न सिर्फ वातावरण को संतुलित करते हैं वरन प्राकृतिक आपदाओं से भी सुरक्षा देते हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से बचने के लिए प्रकृति से जुड़ना अनिवार्य है। आधुनिकता के दौर में जंगलों की कटाई से पेड़ पौधे की कमी से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अल्प वृष्टि, जल स्तर का कम होना समेत कई समस्याएं पेड़ की कटाई से उत्पन्न हो रही है। अशिक्षा के कारण भी वनों की कटाई हो रही है, यह चिंताजनक है। अच्छे नागरिक होने के नाते हमारा कर्तव्य है कि हाम ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाये और उनकी रक्षा भी करें। उन्हें समय-समय पर पानी भी देने का काम करें। उन्होंने राज्य सरकार के साथ वन विभाग की भी प्रशंसा की। उन्होंने प्रदेश में कृष्णकुंज का निर्माण किया जिसमें बड़ी संख्या में छायादार, फलदार पौधों का रोपण किया। उन्होंने कहा जिन बच्चों ने स्कूल परिसर में पौधे लगाये है उन्हें जीवित रखे। जब पढ़कर यहाँ से जाएँगे और कभी इधर आये तो आपके द्वारा रोपित पौधे को बड़ा देखकर जो आत्मसंतुष्टि होगी उसका वर्णन किया जाना संभव नहीं होगा, आपको बहुत खुशी मिलेगी।

वनमंडलाधिकारी, दुर्ग शशिकुमार ने अतिथियों का स्वागत किया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने बच्चों से आव्हान किया कि लगाये गये पौधों को जीवित रखने के लिए उनकी सुरक्षा करें, उन्हें पानी भी दें ताकि जब आप स्कूल की पढ़ाई पूरी कर जाए और बाद स्कूल आए तो लगाए गए पेड़ों को बड़े हुए देखे तो आपको भी ख़ुशी मिलेगी। वन विभाग द्वारा आगे भी आपके स्कूल में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। आज वन महोत्सव के अवसर पर छायादार और फलदार लगभग 600 पौधे का रोपण अतिथियों ने और स्कूल के बच्चों ने किया।

कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि वन महोत्सव क्यों मनाना चाहिए, आखिर इसकी क्या आवश्यकता है। आज हम आधुनिक बनने की होड़ में वनों की उपयोगिता को ही भूलते जा रहे हैं। बड़े-बड़े शहर, हाईवे, सड़क, यातायात, फैक्ट्रियां इत्यादि बनाने की चाहत में वनों को ही समाप्त करते जा रहे हैं। जिससे लाखों पशु-पक्षी विलुप्त होते जा रहे हैं। एक समय था जब सुबह की शुरुआत पक्षियों की चहचहाहट के साथ होती थी। घर के आंगन में गौरैया दाना चुगने आया करती आती। लेकिन आज उन आवाजों की जगह ट्रैफिक के शोर-शराबों ने ले ली है। पेड़ों की कटाई के कारण बड़ी संख्या में पशु-पक्षी, कीट-पतंगे बेघर हो गए हैं। कुछ पशु-पक्षियों का तो नामों निशान भी खत्म हो गया है। पेड़ की ठंडी हवाओं की जगह आज गाड़ियों से निकलते धुओं ने ले ली है। पेड़ों की छांव की जगह फैक्ट्रियों के कूड़े-करकट ने ले ली है। आज हम स्वच्छ हवा में सांस लेने तक को तरस गए हैं। हम पेड़ों की ताजा ठंडी हवा लेने के लिए शहरों से छुट्टी लेकर गांवों, पहाड़ों की ओर रुख करते हैं, लेकिन हमारी बढ़ती लालसा के कारण शहर के बाद अब गांवों-पहाड़ों में भी वृक्षों के अभाव में जीने को मजबूर होते जा रहे हैं।

 

 

और भी

अविश्वास प्रस्ताव के मुद्दों में कोई तथ्य नहीं: सीएम बघेल

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में राज्य सरकार के खिलाफ विपक्ष की ओर से प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से अस्वीकृत कर दिया गया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में चर्चा के दौरान जवाब में कहा कि जब हमारी सरकार बनी तो हमने ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ की बात की और इसे साकार करने की दिशा में हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में कहा कि विपक्ष द्वारा प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव के मुद्दों में कोई तथ्य नहीं है। प्रजातंत्र में विपक्ष का अधिकार होता है कि वे अविश्वास करे। सत्ता पक्ष के पास भी मौका होता है कि अपनी बात रखें। इन्होंने 109 आरोप लगाए पर कोई तथ्य नहीं दिए। पहले जब अविश्वास प्रस्ताव आता था तब नक्सली समस्या पर पहले बात होती थी। इस बार सदस्यों ने नही की। ये हमारी उपलब्धि है।

आप इंद्रावती के उस पार गए क्या ये संभव था। ये इसलिए हुआ कि इस समस्या पर काम हुआ। अभी भेंट मुलाकात में बस्तर में रात रुका, सभी से मिला। जो सबसे बड़ा कमेंट मिला जिसने मेरे दिल को छू लिया। जैन समाज के लोगों से मैंने पूछा कि इन चार सालों में क्या फर्क आया। उन्होंने कहा कि रिश्ता करने में बस्तर में अब दिक्कत नहीं होती है। आसानी से लोग रिश्ता दे देते हैं क्योंकि बस्तर बदल गया है। पहले बस्तर में सड़कें काट दी जाती थी आज सड़के काटी नहीं जाती, ये परिवर्तन बस्तर में देखने को मिला है। पिछली सरकार ने जो स्कूल बंद करा दिए थे, उसे हमने आरम्भ कर दिया। राशन पहुंचाना भी पहले टेढ़ी खीर थी। अब कितना आसान हो गया है। ये बदलाव आया है। जब हमारी सरकार बनी तो हमने गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की बात की। उन महापुरुषों को, कलाकारों और राजनीतिक दलों के लोगों को नमन करता हूँ जिन्होंने छत्तीसगढ़ निर्माण में अपना योगदान दिया। परिवर्तन केवल सत्ता के लिए नहीं होना चाहिए। यह लोगों के जीवन मे होना चाहिए इसलिए परिवर्तन की मशाल लेकर हमारे नेता परिवर्तन यात्रा में निकले थे। आज हमने किसानों की जिंदगी बदली है। बस्तर, सरगुजा में परिवर्तन हुआ है। महिलाओं के जीवन मे बदलाव आया है। जब बच्चे फर्राटेदार इंग्लिश में बोलते हैं तब संतोष होता है। आरडी तिवारी स्कूल में पहले 56 बच्चे पढ़ रहे थे। अब हजार बच्चे पढ़ रहे हैं। अब ऐसे स्कूल नहीं चल रहे जो गुणवत्ता नही देते, लोग स्वामी आत्मानंद स्कूल में अपने बच्चों को प्रवेश दिला रहे हैं। बस्तर के बच्चों को शिक्षित कर दीजिए, सुपोषित कर दीजिए, वे अपनी जिंदगी स्वयं संवार लेंगे। 20 हजार करोड़ रुपये की इनपुट सब्सिडी हमने किसानों को दी। हमारे प्रदेश का किसान आज बहुत खुशहाल है।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि अब मैं डीएमएफ के बारे में जानकारी देता हूं। मुख्यमंत्री बनने के बाद मैंने मीटिंग ली। सभी खदान आदिवासी अंचल में थी। मैंने पूछा कि आदिवासियों के जीवन मे क्या परिवर्तन आया। उन्होंने कहा कि नहीं आया। हमने कहा कि यह होना चाहिए। हमने कहा कि इससे स्कूल बनाओ, सड़क बनाओ। डीएमएफ का तभी सही उपयोग होगा। मलेरिया में हमने बड़ा काम किया और यह काफी घट गया। उल्टी दस्त का एक भी प्रश्न विधानसभा में बस्तर से नहीं लगा। बस्तर में आज डॉक्टर है, नर्स हैं। ब्लड बैंक बनवाये गए हैं।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का संकल्प लेकर जब हम निकले, कितनी बाधा आई। कोरोना आया। सबकी मदद से हमने अपना संकल्प पूरा किया। सबने इसके लिए सहयोग किया। पांच साल में आये परिवर्तन के बारे में उन्होंने बताया। आज जिले 33 हो गए। तहसील भी बढ़ गए। प्रति व्यक्ति आय बढ़ गई। धान खरीदी 56 लाख से 110 लाख मीट्रिक टन हो गई। रकबा भी बढ़ गया। धान खरीदी केंद्र 2400 हो गए। राजीव गांधी न्याय योजना, भूमिहीन ग्रामीण श्रमिक योजना, गोधन न्याय योजना हमने आरम्भ की। 10 हजार से अधिक गौठान बनाये। उर्जिकृत पंप 4 लाख हो गए। एकल बत्ती कनेक्शन 15 लाख से 17 लाख हो गए। आपके समय तो 105 करोड रुपए का ऋण माफ हुआ था, हमने तो 9500 सौ करोड़ का ऋण माफ किया है। केसीसी आपके समय में 14 लाख दिए गए। वह अब बढ़कर 21 लाख हो गए हैं। 245 करोड़ का गोबर खरीदा और 291 करोड़ की सामग्री बेचा, यह घाटे का सौदा नहीं है।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि यह कबीर की भूमि है। बाबा गुरु घासीदास की भूमि है। शांति का टापू है। अपनी संस्कृति के लिए हम काम कर रहे हैं।

और भी

छत्तीसगढ़ में फिर ईडी की रेड...

रायपुर: छत्तीसगढ़ में एक फिर प्रवर्तन निदेशालय ने छापा मारा है। आज सुबह दिल्ली से पहुंची ईडी की टीमों ने आज आईएएस दंपति और एक कांग्रेस नेता के ठिकानों पर दबिश दी है।

सूत्रों के अनुसार ईडी का छापा आईएएस रानू साहू व उनके आईएएस पति जे पी मौर्या के देवेंद्र नगर स्थित आफिसर्स कॉलोनी में पड़ा है।

रानू और जेपी के बंगले में पहले भी ईडी का छापा पड़ चुका है। इनके अलावा कांग्रेस नेता राम गोपाल अग्रवाल के अलग अलग शहरों में स्थित निवास और कार्यालय सहित अन्य परिसरों में भी ईडी की कार्रवाई चल रही है।

कोरबा नगर निगम कमिश्नर प्रभाकर पाण्डेय के यहां भी ईडी के छापे की खबर है। ठेकेदार सुनील रामदास अग्रवाल का भी नाम छापे में आ रहा है।

बताया जा रहा है कि ईडी रायपुर के देशबन्धु कॉम्प्लेक्स, अमलीडीह स्थित लाविस्टा के साथ बिलासपुर के अंबा प्लाजा, रामा वैली, विनोबा नगर और कोरबा में कार्यवाही कर रही है।

और भी

सीएम बघेल ने किया नवसृजन एक परिचर्चा के पोस्टर का विमोचन

 रायपुर; मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा परिसर में स्थित अपने कार्यालय में वेदिका फाउंडेशन एवं गुनजंस आयोजन के संयुक्त तत्वाधान में अगस्त माह में आयोजित होने वाले कार्यक्रम नवसृजन एक परिचर्चा के पोस्टर का विमोचन किया।

कार्यक्रम संचालिका गुंजन चौहान चंदेल ने बताया कि उक्त कार्यक्रम में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं एवं प्रयास पर चर्चा होगी। कार्यक्रम में परिचर्चा हेतु विषय विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जा रहा है। साथ ही स्वसहायता समूहों की महिलाओं द्वारा उत्पादों को स्टॉल में प्रदर्शित एवं विक्रय किया जाएगा।

यह कार्यक्रम रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर श्रुति जैन भी मौजूद थी।

और भी

मुख्यमंत्री बघेल का प्रदेश पंचायत सचिव संघ ने जताया आभार

रायपुर: मुख्यमंत्री बघेल से गुरुवार को विधानसभा परिसर स्थित उनके कार्यालय कक्ष मं् प्रदेश पंचायत सचिव संघ छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री बघेल को प्रतिनिधि मंडल ने पंचायत सचिवों को विशेष भत्ता दिए जाने पर मिठाई खिलाकर धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर के पंचायत सचिवों में कल की गई घोषणा से हर्ष की लहर है। पंचायत सचिवों के हित में लिया गया फैसला ऐतिहासिक है।  उल्लेखनीय है कि अनुपूरक बजट में पंचायत सचिवों के वेतन में  वृद्धि की गई है। 15 वर्ष से कम सेवाकाल वाले पंचायत सचिवों को विशेष भत्ता में 2500 रुपए की तथा 15 वर्ष से अधिक सेवा काल वाले पंचायत सचिवों के विशेष भत्ते में 3000 रुपए की वृद्धि की गई है। इससे 50 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय राज्य सरकार को पड़ेगा। इसके अतिरिक्त उन्हें अर्जित अवकाश, दस लाख रुपए तक की उपादान राशि एवं पांच लाख रुपए तक चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति का लाभ भी दिया जाएगा।

इस अवसर पर संसदीय सचिव चन्द्रदेव राय, प्रदेश पंचायत सचिव संघ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष तुलसी साहू, यशवंत आडिल, अमर धनकर, एम लाल यादव, कृष्णा यादव, अर्जुन सिंह, मनीष दुबे सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

और भी

मानसून सत्र का तीसरा दिन 20 को, विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में होगी चर्चा

 रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन गुरुवार आज विपक्ष के अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर चर्चा होगी। विधानसभा अध्यक्ष डा. चरणदास महंत ने विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 20 जुलाई को शासकीय कार्य खत्म होने के बाद शाम 5:30 बजे तक और 21 जुलाई को शासकीय कार्य खत्म होने के बाद शाम 5:30 बजे तक समय निर्धारित की है।

उन्होंने बताया कि सदन को मंत्रिमंडल के प्रति दो अविश्वास प्रस्ताव की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। इनमें पहली सूचना नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल व अन्य सदस्यों की है। दूसरी सूचना सदस्य धर्मजीत सिंह व प्रमोद कुमार शर्मा से प्राप्त हुई है। पहली सूचना में दशांश सदस्य खड़े होने की स्थित में दूसरी सूचना नहीं ली जाएगी।

अनुदान मांग पर चर्चा के दौरान तीखी नोकझोंक
दूसरे दिन बुधवार को सदन में छह हजार 31 करोड़ पचहत्तर लाख दो हजार नौ सौ सत्तहत्तर रुपये का अनुपूरक बजट पास हुआ। इसके पहले अनुदान मांग की चर्चा को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। अनुमान अनुदान की मांगों पर चर्चा शुरू होने के पहले विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने प्रश्न उठाया कि जिस दिन विनियोग विधेयक प्रस्तुत होता है उस दिन उस चर्चा नहीं होती है।


अजय चंद्राकर ने कहा कि यह एक मात्र विधेयक है जिससे सरकार गिर सकती है। विपक्ष ने मांग की इस पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय होना चाहिए इसलिए इसमें आज की बजाय कल चर्चा करवा लें। यहां पर चर्चा के लिए तीन घंटे ही दिया गया है। इस पर आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि अध्यक्ष महोदय ये लोग विधानसभा की व्यवस्था को नहीं मानते हैं। नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि हमें अभी तक अनुपूरक की कापी वितरित नहीं हुई है। बाद में आसंदी ने कहा कि पहले भी एक ही दिन चर्चा होने के उदाहरण है।

ईडी पर चंद्राकर और लखमा ने एक-दूसरे को घेरा
विधायक अजय चंद्राकर ने अनुदान मांगों पर चर्चा करते हुए यह कहकर सरकार को घेरा कि दो हजार करोड़ की गड़बड़ी को मैनेज कर रहे हैं। हिम्मत है तो ईडी का क्या फैसला है कापी लेकर भेजो। आपको स्टे मिल गया तो आपने डिस्टलर को नोटिस दी है। 30 अधिकारियों की नोटिस दी उसे वापस लो। चंद्राकर ने गोबर, गोठान, छत्तीसगढ़ी ओलंपिक, नशाबंदी, बेरोजगारी भत्ता आदि को लेकर सरकार को घेरा।

हर विभाग में भ्रष्टाचार: प्रमोद शर्मा
बलौदाबाजार के छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के विधायक प्रमोद कुमार शर्मा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के हर विभाग में भ्रष्टाचार है। उन्होंने बिजली विभाग में पांच हजार करोड़ के मीटर लगाने के नाम पर निविदा में गड़बड़ी और कमीशनखोरी का आरोप लगाया। इस पर ऊर्जा मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया कि जिस निविदा की बात कर रहे हैं उसे निरस्त किया जा चुका है। अनुदान मांग की चर्चा में अन्य सदस्यों में विधायक बृहस्पति सिंह, सौरभ सिंह, राजमन वेंजाम, डा. कृष्णमूर्ति बांधी, अरुण बोरा और संगीता सिन्हा ने भाग लिया।

प्रमुख योजनाओं के लिए इतना मिला बजट
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना 218 करोड़
मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना 100 करोड़
मुख्यमंत्री आवास योजना(ग्रामीण) 100 करोड़
राजीव युवा मितान क्लब 20 करोड़
रूरल इंड्रस्ट्रियल पार्क 156 करोड़ 40 लाख
रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड 130 करोड़
शिक्षित बेरोजगारों को भत्ता 50 करोड़
आंगनबाड़ियों का सुधार 71 करोड़ 23 लाख
आश्रम और शालाएं 12 करोड़
एकीकृत बाल विकास योजना 60 लाख
अधिनस्थ तथा विशेषज्ञ कर्मचारी वृंद 08 करोड़

और भी

निर्धारित समय में राशनकार्ड बनने पर ओमप्रकाश ने जतायी खुशी

धमतरी: प्रदेशवासियों को घर बैठे निर्धारित समय सीमा में सरकारी सुविधाएं वो भी पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे इस उद्देश्य से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में मुख्यमंत्री मितान योजना की शुरूआत की। इस योजना की खासीयत यह है कि इसकी समय सीमा निर्धारित है। राज्य में प्रत्येक शासकीय कार्य सुनियोजित तरीके हों और  नागरिकों को बिना किसी परेशानी के सभी शासकीय योजनाओं का लाभ मिल सके, इसी उद्देश की पूर्ति हेतु शासकीय सेवाओं को मितान के माध्यम से प्रदेशवासियों के घर तक पहुंचाया जा रहा है, जिसका लाभ प्रदेश के महिला, युवा व बुजुर्ग वर्ग को मिल रहा है।

किसी सामान्य व्यक्ति को अगर कहा जाये कि सरकारी दफ्तरों से कोई दस्तावेज निकालवाओं या कोई दस्तावेज तैयार कराओं तो उसे पहले ही चक्कर आने लग जायेगा। क्योंकि सरकारी दफ्तर बेवजह ही बदनाम है कि काम नहीं होता है। अगर सही दस्तावेजों के साथ प्रक्रिया पूरी करते हुए कार्य कराया जाये तो, कोई भी काम समय पर पूरा हो सकता है। जैसा कि धमतरी जिले के ओमप्रकाश निषाद ने किया। ओमप्रकाश अपने माता-पिता के साथ संयुक्त रूप से परिवार में रहता था, लेकिन शादी के बाद जब परिवार बढ़ने और सरकारी काम के लिए दस्तावेज की आवश्यकता महसूस होने लगी। तब उसने अपना अलग राशन कार्ड बनाने की सोची। ओमप्रकाश को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गयी मुख्यमंत्री मितान योजना की जानकारी मिली। उसने इस योजना का लाभ लेने के लिए टोल फ्री नंबर 14545 पर कॉल किया, जिसके बाद शासन द्वारा नियुक्त मितान ने मोबाईल पर बात कर घर आने की तिथि एवं समय के बारे में अवगत कराया। निर्धारित तिथि को समय पर पहुंचकर मितान ने आवश्यक दस्तावेज मांगे और लेकर चला गया। ओम प्रकाश ने बताया कि कुछ ही दिनों में उसका नया राशन कार्ड लेकर मितान उसके घर आ गया। ओम प्रकाश ने कहा कि बिना मेहनत करें मेरा राशनकार्ड बन गया विश्वास नही ंहो रहा है। ऐसी जनआकांक्षानुरूप योजना संचालित करने के लिए ओमप्रकाश मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार प्रकट कर रहे है।।

 सरकारी विभाग के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं

इस सेवा से लोगों को श्रम, समय और धन की बचत हो रही है. साथ ही प्रमाण पत्रों को प्राप्त करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से भी निजात मिल रही है. वास्तव में छत्तीसगढ़ में मितान योजना से नागरिक सुविधाओं का विस्तार हुआ है और मितान की सेवाओं से नागरिकों को घर बैठे ही शासकीय सेवायें की सुविधा मिल रही है।

आवेदन कैसे करें-

मुख्यमंत्री मितान योजना के माध्यम से नागरिकों के घर पर दस्तावेज/प्रमाण पत्र /लाइसेंस बनवाने संबंधी सभी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। यह योजना प्रदेश के सभी नगर निगमों एवं नगर पालिकाओं में संचालित है। मितान एजेंट द्वारा नागरिको के निवास स्थान में पहुंच कर सेवा का ऑनलाइन पंजीयन एवं दस्तावेज संकलन का कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री मितान योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आपको सबसे पहले 14545 पर कॉल करने की आवश्यकता होगी। उसके बाद आपको जिस भी सरकारी सेवा की जरूरत है उसके बारे में उस फोन कॉल पर बताना होगा। और फिर उसके बाद वह आपसे आपकी एड्रेस और नाम नंबर इत्यादि मांगेंगे उसको दे देना है और उसके बाद जैसे ही आप अपने बारे में सभी निजी जानकारी बता देंगे तो आपके घर पर उस सरकारी सेवा से जुड़े आदमी आएगा, और आपको उस सरकारी सेवा का सेवा प्रदान करेगा।

और भी

स्कूल बस ने स्कूटी सवार महिला-पुरुष को मारी ठोकर, घसीटा

बस चालक गिरफ्तार

रायपुर: छ्त्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बुधवार सुबह एक गंभीर सड़क हादसा हो गया। पुलिस के अनुसार एक स्कूल बस ने स्कूटी सवार महिला-पुरुष को अपने चपेट में लिया। ये पूरा मामला आजाद चौक थाना क्षेत्र का है।

इस हादसे में महिला-पुरुष को गंभीर चोट आई है। जिन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। घायल महिला दुर्पत धुर्व और विपुल केशरवानी को उपचार के लिए पुलिस एम्स ले गई है।

वहीं हादसे में स्कूटी वाहन बस के पहिए के नीचे आ गई और 20-25 मीटर तक घसीटते हुए ले गई। तात्या पारा चौक से आजाद चौक थाने तक बस चालक स्कूटी वाहन को घसीटते हुए ले गया। ये स्कूल बस रेयान इंटरनेशनल स्कूल की बस है।

बताया जा रहा कि इस हादसे के समय स्कूल बस में कोई भी बच्चा नहीं था। स्कूल बस खाली थी। और बस को रॉन्ग साइड में थाने के सामने खड़ी कर रखी थी। आरोपित बस चालक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

 

 

और भी

कोण्डागांव सड़क दुर्घटना में तीन की मौत, सीएम बघेल ने की सहायता राशि की घोषणा

 रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोण्डागांव के ग्राम सोड़मा, तहसील माकड़ी में हुए सड़क दुर्घटना में 3 लोगों की मृत्यु पर गहरा दुःख प्रकट किया है।


मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है। इस दुर्घटना में अनिता नाग, रामेश्वर नाग और सोनमती नाग की मृत्यु हो गई है।

 

 

और भी

छत्तीसगढ़ को मिला भूमि सम्मान

रायपुर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों मंगलवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को भूमि सम्मान से नवाजा गया।

उसके साथ ही प्रदेश के दो जिलों सरगुजा और बेमेतरा को भी भूमि प्रबंधन और प्रशासन के लिए भूमि सम्मान प्लेटिनम सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रदेश को भूमि प्रबंधन के लिए सम्मान मिलना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। उन्होंने प्रदेश के राजस्व विभाग और सरगुजा तथा बेमेतरा जिला प्रशासन को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया लैण्ड रिकार्ड मॉडर्नाईजेशन प्रोग्राम (डीआईएलआरएमपी) अंतर्गत प्रदेश में बेहतर काम हुए है, जिससे आम लोगों को भूमि संबंधी जानकारियां मिलना आसान हुआ है।

गौरतलब है कि डिजिटल इंडिया लैण्ड रिकार्ड मॉर्डनाईजेशन प्रोग्राम (डीआईएलआरएमपी) अंतर्गत प्रदेश में भूमि प्रबंधन से जुड़े 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके हैं।

इसी तरह भूमि प्रबंधन से जुड़े चार घटकों, लैण्ड रिकार्ड का डिजिटाइजेशन, पंजीयन कार्यालय से समन्वय, मॉडल रिकार्ड रूम की स्थापना में प्रदेश के सरगुजा और बेमेतरा जिले में शतप्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके हैं। ये जिले भूमि प्रबंधन में देश के शीर्ष जिलों में शामिल हैं।

नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में राज्य स्तर में नीलम नामदेव एक्का सचिव राजस्व विभाग, किरण कौशल महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, रमेश शर्मा संचालक भू-अभिलेख ने राष्ट्रपति मुर्मू के हाथों लैंड गवर्नेंस और प्रशासन में छत्तीसगढ़ को मिला भूमि सम्मान ग्रहण किया।

इसी प्रकार बेमेतरा कलेक्टर पीएस एल्मा और सरगुजा कलेक्टर कुंदन कुमार ने राष्ट्रपति के हाथों भूमि सम्मान ग्रहण किया।

और भी

छत्तीसगढ़ में आईटी की रेड, सत्या पॉवर के ठिकानों पर दी दबिश

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आयकर विभाग ने इस्पात कारोबारी के ठिकानों पर दबिश दी है।बताया जा रहा है कि मंगलवार की तड़के 20 से अधिक गाड़ियों में सवार होकर पहुंची टीम फैक्ट्री, ऑफिस सहित अन्य जगहों पर जांच कर रही है। उनके खिलाफ इनकम टैक्स चोरी करने के आरोप पर कार्रवाई चल रही है।

सत्या पावर के डॉयरेक्टर रामअवतार और पवन अग्रवाल हैं, जो श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित हंसा विहार कॉलोनी में रहते हैं। सत्या पॉवर कम्पनी के साथ ही सड़क निर्माण कोल बेनिफिकेशन और स्टील कारोबारी अग्रवाल के घर और उनके रतनपुर स्थित फैक्ट्री में भी दस्तावेजों की जांच जारी है।

अग्रवाल के घर दो साल पहले भी आयकर विभाग की टीम ने उनके यहां छापेमारी की थी। बिलासपुर के ही जगमल चौक निवासी सुशील झांझरिया के यहां भी इनकम टैक्स की टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है। सुशील रेलवे के कांट्रैक्टर बताए जा रहे हैं।

20 से अधिक गाड़ियों में पहुंचे अफसर
आयकर विभाग की टीम में 15 से 20 सदस्य शामिल हैं, जो 20 से अधिक गाड़ियों में पहुंचे हैं। कारोबारी के बंगले के सामने सेंट्रल रिजर्व फोर्स के जवान तैनात है, जो किसी को भी घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। टीम के सदस्य एक साथ घर, कार्यालय और फैक्ट्री में पहुंचे हैं और दस्तावेज खंगाल रहे हैं।

और भी

सीएम बघेल ने किया छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का शुभारंभ

रायपुर: मुख्यमंत्री बघेल ने सोमवार को रायपुर के ग्राम पंचायत नवागांव में हरेली पर्व के अवसर पर छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने गेड़ी दौड़ को हरी झंडी दिखाकर छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की शुरूआत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को खेल सामग्री का भी वितरण किया।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के आयोजन का ये दूसरा वर्ष है और इसकी लोकप्रियता को देखते हुए पहली बार रस्सी कूद और कुश्ती जैसे खेल भी शामिल किए गए हैं। इस बार छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में 16 पारंपरिक मुकाबलों के साथ 6 चरणों में संपन्न होगी।

छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में तीन अलग-अलग आयु वर्ग में 30 लाख से ज्यादा महिला एवं पुरूष प्रतिभागी हिस्सा लेंगे और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

और भी

गेड़ी पर चढ़कर सरपट चले सीएम बघेल

 रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हरेली तिहार पर अत्याधुनिक तकनीक से मुख्यमंत्री निवास में जन्मी बछिया और साहीवाल प्रजाति की। बघेल ने गौमाता की पूजा-अर्चना की और उन्हें घास खिलाया। बछिया का जन्म विगत 7 जून को हुआ है।

इस बीच, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गेड़ी पर चढ़कर सरपट चले। अपने हाथों में रखकर मुख्यमंत्री ने चलाया भौंरा। छत्तीसगढ़ी संस्कृति में रचे बसे उनके बचपन की झलक आज इस कुशलता में दिख रही है। हरेली तिहार के मौके पर परंपरागत खेलों का भी सुंदर आयोजन होता आया है।

और भी

हरेली के रंग में सराबोर हुआ सीएम आवास

 रायपुर: हरेली के रंग में सोमवार को मुख्यमंत्री निवास सराबोर हो गया है। छत्तीसगढ़िया संस्कृति की अनूठी झलक दिख रही है। लोग पारंपरिक वेशभूषा में उत्साह के साथ गेड़ी चढ़ रहे है।


थोड़ी देर में मुख्यमंत्री बघेल हरेली तिहार पर तुलसी पूजा कृषि यंत्रों की पूजा में शामिल होने के बाद भंवरा, बांटी, गिल्ली डंडा, मटकी फोड़ और गेड़ी नृत्य जैसे आयोजन में शामिल होंगे। वे इस मौके पर गौ पूजन कर हरेली के अवसर पर तैयार किए गए लोंदी खिलाएंगे।

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी लोक कलाकारों द्वारा राउत नाचा, गेड़ी नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी तथा हरेली गीत भी गाए जाएंगे।

इस मौके पर पशुधन विकास और पारंपरिक कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। मुख्यमंत्री निवास पर ग्रामीण परिवेश के अनुरूप सजाया जा रहा है। यहां रहचुली भी लगाई जा रही है।

और भी

हरेली तिहार है हरियाली का और हरियाली ही तो श्रृंगार है हमारी छत्तीसगढ़ महतारी का

 हरेली के मौके पर हर घर कम से कम एक पौधा लगाने मुख्यमंत्री की अपील, प्रदेश के हर गांव में पौधरोपण के इच्छुक लोगों को वन विभाग से दिये जाएंगे पौधे


प्रदेश को हरा-भरा बनाने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने ग्रामीणों को पौधे उपलब्ध कराने दिये निर्देश

इच्छुक लोगों को निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे पौधे

पौधरोपण करें और हैशटैग # हरियर _हरेली के साथ करें सोशल मीडिया में अपलोड
 
 
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने हरेली तिहार के मौके पर प्रदेशवासियों से कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की है। साथ ही पौधरोपण को लेकर जागरूकता बढ़ाने प्रदेश के नागरिकों से पौधरोपण करते हुए अपनी फोटो सोशल मीडिया में अपलोड करने का आग्रह भी किया है। मुख्यमंत्री ने अपने अपील में कहा है कि न केवल लोग हरीतिमा बढ़ाने अपने घरों में पौधे लगाएं अपितु लोगों को भी इसके लिए चैलेंज दें और उन्हें भी कहें कि पौधरोपण करते हुए अपनी फोटो सोशल मीडिया में अपलोड करें। इसके लिए प्रदेश में हरीतिमा का दायरा बढ़ाने प्रदेश के सभी गांवों में वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को अपने घरों में रोपने पौधे निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने दिये हैं। 
 
पीसीसीएफ श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि मुख्यमंत्री महोदय की मंशा है कि प्रदेश में हरीतिमा का दायरा बढ़े। पर्यावरण को सहेजने के लिए ग्रामीणों की सहभागिता भी लें। जो लोग पर्यावरण को सहेजने अपने घर में पौधा लगाना चाहते हैं। उन्हें वन विभाग की ओर से पौधा उपलब्ध कराने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं इसके अनुरूप ग्रामीण क्षेत्र में सभी इच्छुक ग्रामीणों को पौधे निःशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि हरेली प्रदेश का प्रमुख त्योहार है। सभी लोग इसे उत्साह से मनाएंगे और पौधरोपण भी करेंगे। ऐसे में यदि पौधारोपण करने वाले लोग पौधा लगाते हुए अपनी फोटो भी सोशल मीडिया पर अपलोड करेंगे तो पौधरोपण के लिए सुंदर माहौल छत्तीसगढ़ में तैयार होगा। 
 
उल्लेखनीय है कि हरेली का मौका छत्तीसगढ़ में खास उत्सव का मौका होता है जब बारिश की वजह से चारों ओर हरीतिमा नजर आती है। इस मौके पर पौधरोपण किये जाने से इसके पनपने की संभावना भी अधिक होती है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर वन विभाग द्वारा कार्रवाई तेजी से की जा रही है। सभी वनमंडलों में बीटगार्ड्स को पौधे उपलब्ध कराए गये हैं ताकि इन्हें गांव-गांव में पौधरोपण के इच्छुक ग्रामीणों को निःशुल्क उपलब्ध कराया जा सके।
 
हैशटैग # हरियर _हरेली के साथ करें साझा -
 
 मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सभी प्रदेशवासियों से हरेली त्योहार पर पौधा लगाने की अपील की है। उन्होंने पौधे के साथ अपनी तस्वीर सोशल मीडिया के माध्यम से हैशटैग # हरियर _हरेली के साथ लिखकर साझा करने की अपील की है। सोशल मीडिया में पौधरोपण करने वाली तस्वीर के साथ यह संदेश भी जरूर लिखें। ‘‘हरेली तिहार है हरियाली का और हरियाली ही तो श्रृंगार है हमारी छत्तीसगढ़ महतारी का।’’ हरे भरे पेड़ सिर्फ आँखों को सुखद लगने वाली हरियाली भर नहीं है वे धरती के जेवर हैं। धरती को सजाने की जिम्मेदारी हम सबकी है। आभूषणों से सजी धरती मां से मिला आशीष हम सबके जीवन को समृद्ध करेगा।
और भी