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’विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2023’

  रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पारिस्थितिकी तंत्र की बेहतरी और जलवायु परिवर्तन की समस्याओं से बचाव के लिए आर्द्रभूमि (वेटलैण्ड) के संरक्षण और लोगों में इसके प्रति जागरूकता की महती आवश्यकता है। इसे देखते हुए 02 फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के महासमुंद वन प्रभाग ने ग्रीन क्लब और कलिंगा विश्वविद्यालय, नया रायपुर के सहयोग से वन चेतना केन्द्र, कोडर बांध, पटवा, महासमुंद में जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्व विद्यालय और स्कूली छात्रों ने सफाई अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश लोगों को दिया। उन्होंने लगभग 285 किलोग्राम कचरा एकत्र कर उचित निपटान के लिए नगर पालिका में जमा किया। 


उल्लेखनीय है कि आर्द्रभूमि के संरक्षण की आवश्यकता के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए हर साल 02 फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस मनाया जाता है। आर्द्रभूमि में झीलों, दलदलों, मैंग्रोव, नमक पैन, ज्वारीय फ्लैट और जलाशयों जैसे प्राकृतिक और मानव निर्मित दोनों स्थल शामिल हैं। इस वर्ष के विश्व आर्द्रभूमि दिवस का विषय ’आर्द्रभूमि बहाली’ है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आर्द्रभूमि ठीक से काम कर सके और पर्यावरणीय स्थिरता को बनाए रखा जा सके। वेटलैण्ड (आर्द्रभूमि) को पारिस्थितिकीय तथा स्वस्थ्य पर्यावरण के लिए बहुत उपयुक्त माना जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर वेटलैण्डों के विकास के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्ययोजना बनाई जा रही है। छत्तीसगढ़ में कुल 35 हजार 534 वेटलैण्ड हैं। वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के कुशल मार्गदर्शन में इन वेटलैण्डों में आने वाले प्रवासी, स्थानीय पक्षियों के रहवास विकास को देखते हुए छत्तीसगढ़ के  27 वेटलैण्ड में सर्वे कराया जा रहा है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कलेक्टर श्री नीलेशकुमार महादेव क्षीरसागर और विशिष्ट अतिथि कलिंग विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर. श्रीधर ने छात्रों को स्वस्थ भविष्य के लिए जल निकायों के महत्व के बारे में बताया और उन्हें संरक्षण के लिए प्रेरित किया। श्री नीलेशकुमार ने समाज की भलाई के लिए इस तरह की पहल करने के लिए श्री पंकज राजपूत, प्रभागीय वन अधिकारी, महासमुंद के प्रयासों की सराहना की। 

कार्यक्रम में भोपाल, मध्य प्रदेश के गिद्ध विशेषज्ञ श्री दिलशेर खान ने छात्रों के मध्य खेल के माध्यम से अपनी बातें रखीं। इसके बाद स्थानीय लोगों के साथ संवाद सत्र की आयोजित किया गया और छात्रों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर नवा रायपुर के कलिंग विश्वविद्यालय, महासमुंद के श्याम विद्या मंदिर, श्याम बालाजी कॉलेज, मां गायत्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, ज्ञानंजली पब्लिक स्कूल और एकलव्य रेजीडेंसी स्कूल, भोरिंग के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री ने सिलतरा इलाके में राखड़ खुदाई के दौरान तीन लोगों की मृत्यु पर दुःख प्रकट किया

  रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राजधानी रायपुर के सिलतरा इलाके में राखड़ खुदाई करते वक्त तीन लोगों की मृत्यु पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने हादसे में घायलों को त्वरित और बेहतर उपचार के साथ ही अन्य जरूरी मदद उपलब्ध कराने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। राखड़ खुदाई के समय मलबे में 5 लोग दब गए थे, जिसमें 3 की मृत्यु हो गई है और 2 लोग घायल हैं, जिनका उपचार जारी है।

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नक्सल क्षेत्र की बदली तस्वीर : हरे बस्तर में हो रही नीली क्रांति

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बस्तर के हरे-भरे क्षेत्र में नीली क्रांति से अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। प्रदेश के कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के तस्वीर बदलने लगी है। इस विकासखण्ड का पखांजूर क्षेत्र मत्स्य उत्पादन के नाम से देश में अपनी एक नई जगह बना रहा हैं। अब यह क्षेत्र देश में मछली पालन के नक्शे पर जाना पहचाना नाम है। यहां क्लस्टर एप्रोच पर मछली पालन किया जा रहा है। यह संभव हुआ है कि कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के पंखाजूर क्षेत्र के किसानों की मेहनत और शासन की योजनाओं के मदद के फलस्वरूप। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में बीते 4 वर्षों में छत्तीसगढ़ हर क्षेत्र में उत्तरोत्तर प्रगति कर रहा है और पूरे देश में छत्तीसगढ़ की एक नई पहचान स्थापित हो रही है।

पखांजूर इलाके में मछली पालन से लगभग पांच हजार से अधिक मत्स्य पालक किसान जुड़े हैं। यहां मछली पालन किस वृहद तौर पर किया जा रहा है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इन किसानों के द्वारा मछली बीज, मछलियों के उत्पादन और परिवहन आदि में औसत वार्षिक टर्न ओवर 500 करोड़ रूपए से अधिक का है। इस क्षेत्र में लगभग 19,700 तालाबों, इनमें लगभग 99 प्रतिशत तालाबों में मछली पालन किया जा रहा है।

इस क्षेत्र के किसानों ने अपनी मेहनत और हुनर तथा शासन की योजनाओं के फलस्वरूप इस क्षेत्र में क्रांति ला दी। इन परिवारों ने स्थानीय कृषकों की मदद से मछली पालन के काम को आगे बढ़ाया। अब यह कार्य पखांजूर विकासखण्ड के आसपास के गांवों में फैल चुका है। यहां मछली उत्पादन के साथ-साथ मत्स्य बीज का भी उत्पादन हो रहा है। यहां से महाराष्ट्र, उड़ीसा, आंध्रप्रदेश, मध्यप्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में मछली बीज की सप्लाई की जाती है। अकेले मछली बीज से ही किसानों को करीब 125 करोड़ रूपए की आय होती है।

 

पखांजूर के बड़ेकापसी गांव की कहानी और भी उत्साहवर्धक है, आसपास के 5 गांवों में किसान मछली की सामूहिक खेती कर रहे हैं। इन गांवों में मछली पालन के लिए 1700 तालाब बनाए गए हैं। जिनमें 30 हजार मीट्रिक टन मछली का उत्पादन होता है। गांव के लोग बताते हैं कि अब वे परंपरागत खेती-किसानी का काम छोड़कर लोग अब मछली पालन व्यवसाय की ओर बढ़ रहे हैं, क्योकि कम लागत में अधिक मुनाफे का धंधा है। गांवों के उनके कई खेत अब मछली की खेती के लिए तालाब में बदल गए हैं।

पखांजूर क्षेत्र में क्लस्टर एप्रोच में मछली पालन की यह तकनीक किसानों में लगातार लोकप्रिय होते जा रही है। इन गांवों में लगभग 12 हजार 500 हेक्टेयर का जल क्षेत्र मछली पालन के लिए उपलब्ध है। इसके अलावा यहां 27 हेचरी, 45 प्राक्षेत्र, 1623 पोखर, 1132 हेचरी संवर्धन पोखर उपलब्ध हैं। यहां 72 करोड़ मछली बीज का उत्पादन हो रहा है। इनमें से 64 करोड़ मछली बीज देश के विभिन्न राज्यों को भेजा जाता है।

पखांजूर क्षेत्र में आधुनिक तकनीक से मछली पालन करने से यहां लगभग 51000 मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन हो रहा है। यहां प्रति हेक्टेयर जल क्षेत्र मत्स्य उत्पादन 8000 में 12000 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन लिया जा रहा है। इसके अलावा यहां 8 करोड़ पगेसियस मत्स्य बीज का उत्पादन भी हो रहा है। पगेसियस मत्स्य बीज केज कल्चर के जरिए मत्स्य पालन के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा जाता है।

शासन की विभिन्न योजनाओं से मछली पालन ने पकड़ी रफ्तार

उल्लेखनीय है कि राज्य शासन एवं केंद्र शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं जैसे राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और नीली क्रांति, मत्स्य पालन प्रसार योजना से किसानों को बड़ी मदद मिली और मार्गदर्शन भी मिला, जिससे पखांजूर क्षेत्र में मत्स्य पालन के व्यवसाय को रफ्तार मिली। इस कार्य अभी 5 हजार से अधिक मत्स्य कृषक सीधे जुड़े है। किसान बताते है कि नीली क्रांति योजना से मछुवारों को बहुत लाभ हुआ। तकनीकी सहायता के साथ उन्नत तकनीक से मछली पालन के लिए ऋण अनुदान मिलने से मछली पालन का व्यवसाय अब यहां वृहद् आकार ले चुका है।
 
मछली पालन को कृषि का दर्जा

छत्तीसगढ़ शासन के मछली पालन विभाग द्वारा मत्स्य पालक किसानों को केजकल्चर बायोफ्लोक जैसा अत्याधुनिक तकनीक के जरिए मछली पालन के लिए ऋण अनुदान उपलब्ध कराने के साथ ही तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है। मत्स्य पालन को राज्य में खेती का दर्जा भी दिया गया है। इससे किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण, कृषि के समान ही रियायती दर पर विद्युत एवं अन्य सुविधाएं मिल रही हैं। कृषि का दर्जा मिलने से किसानों में उत्साह है।

मछली उत्पादन में छठवें पर और मछली बीज उत्पादन में पांचवें स्थान पर है छत्तीसगढ़

गौरतलब है कि मछली उत्पादन में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शुमार है। मछली बीज उत्पादन में पांचवें और मछली उत्पादन में छत्तीसगढ़ का स्थान देश में छठवां है। पिछले चार वर्षों में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से 09 चाइनीज हेचरी तथा 364.92 हेक्टेयर में संवर्धन क्षेत्र निर्मित किया गया है। मत्स्य बीज उत्पादन में 20 प्रतिशत बढ़कर 302 करोड़ स्टेर्ण्डड फ्राई इसी प्रकार मत्स्य उत्पादन 29 प्रतिशत बढ़कर 5.91 लाख टन हो गया है। मछली पालन के लिए 4200 केज जलाशयों में स्थापित किए गए है और मत्स्य कृषकों की भूमि पर 2410 हेक्टेयर में तालाब विकसित किए गए। इसके अलावा 6 फीड मील स्थापित किए गए हैं।

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पावर कंपनी से ईडी श्री श्रीवास एवं श्री गुप्ता की भावभीनी विदाई

  रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी से सेवानिवृत्त कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री आर.के.श्रीवास एवं मुख्य अभियंता(परियोजना) श्री हेमंत श्रीधर कंपनी मुख्यालय विद्युत सेवाभवन में भावभीनी विदाई दी गई। कार्यक्रम में पाॅवर ट्रांसमिशन कंपनी की एमडी श्रीमती उज्ज्वला बघेल, डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के एमडी श्री मनोज खरे, जनरेशन कंपनी के एमडी श्री एस.के.कटियार ने उन्हें प्रमाण पत्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। श्रीमती बघेल ने कहा कि सेवानिवृत हो रहे अभियंताओं ने कठिनाईयों और चुनौतियों का सामना करते हुए हर विषय की गहराई पर जाकर समाधान निकाला। यह उनके सकारात्मक नजरिये को दर्शाता है। हर किसी को मनपंसद काम नहीं मिलता लेकिन हर काम को मनपंसद बना लेना सफलता की कुंजी है।  

इस अवसर पर सेवानिवृत्त ईडी श्री श्रीवास, सीई श्री श्रीधर ने अपने कार्य अनुभव बताते हुए अपनी सफलता का श्रेय टीमवर्क को दिया तथा सेवायात्रा के दौरान अधिकारी-कर्मचारियों से मिले सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।
इसी प्रकार ट्रांसमिशन कंपनी के कार्यपालक निदेशक (संचारण-संधारण) बिलासपुर श्री संदीप गुप्ता एवं अधीक्षण अभियंता (भंडार एवं क्रय) श्री ए.आर.बुनकर को भी सेवाभवन में भावभीनी विदाई दी गई। ट्रांसमिशन कंपनी की एमडी श्रीमती उज्ज्वला बघेल ने उन्हें सेवा प्रमाण-पत्र व प्रतीक चिन्ह भेंट किया। प्रबंध निदेशकगणों ने  सेवानिवृत्त अभियंताओं की सेवाओं को प्रदेश के विद्युत विकास के लिए महत्वपूर्ण निरूपित करते हुए उनके द्वारा विद्युत मंडल एवं कंपनी में किये गये योगदान की सराहना की तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रबंधक (जनसंपर्क) श्री गोविन्द पटेल ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर संक्षेप में प्रकाश डाला। इस अवसर पर पॉवर कंपनीज के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही सेवानिवृत्त अधिकारियों के परिवारजन भी उपस्थित थे। 
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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अवैध निर्माण के नियमितिकरण के प्रकरणों के निराकरण में विलंब पर जताई गहरी नाराजगी

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अवैध निर्माण के नियमितिकरण के प्रकरणों के निराकरण में विलंब पर गहरी नाराजगी प्रकट की है। उन्होंने कलेक्टरों को प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए यह नियम लाया गया है, राज्य सरकार ने लोगों को अवैध निर्माण के नियमितिकरण कराने का मौका दिया है, इसका लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि इसका जनता के बीच व्यापक प्रचार प्रसार करें। मुख्यमंत्री ने इस कार्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता से करने के निर्देश देते हुए कहा है कि वे स्वयं प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने अवैध निर्माण के नियमितीकरण के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने और कैंम्प लगाने के निर्देश दिए हैं। अपर संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार आवासीय एवं गैर आवासीय अनधिकृत निर्माण के नियमितिकरण हेतु छŸाीसगढ़ राज्य शासन के द्वारा प्रदेश में 14 जुलाई से छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितिकरण संशोधन अधिनियम 2022 एवं नियम 2022 प्रभावशील किया गया था। जिसमें 14 जुलाई तक अस्तित्व में आये आवासीय एवं गैर आवासीय तथा भूमि उपयोग का परिवर्तन कर किये गये, अनधिकृत निर्माण का नियमितिकरण किया जाना है। छत्तीसगढ़ विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम-64 के उपबंधों के पालन में छत्तीसगढ़ अनधिकृत निर्माण के नियमितिकरण (संशोधन) विधेयक 2022 को 04 जनवरी 2023 को पुर्नस्थापित किया गया।
प्रकरण के निराकरण हेतु जिला नियमितिकरण प्राधिकारी का गठन किया गया है। जिसमें कलेक्टर रायपुर को अध्यक्ष एवं सदस्यों में जिला पुलिस अधीक्षक, संबंधित नगरीय निकाय, जिनके क्षेत्र का प्रकरण होगा या आयुक्त, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, संबंधित विकास प्राधिकरण, जिनके क्षेत्र का होगा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के प्रभारी अधिकारी को सदस्य सचिव नियुक्ति किया गया है।
इस अधिनियम नियम के तहत अनधिकृत विकास करने वाले व्यक्तियों से निर्धारित प्रारूप में आवश्यक दस्तावेजों के साथ 14 जुलाई 2023 तक 01 वर्ष के लिये नियमितिकरण हेतु आवेदन पत्र प्राप्त किये जायेगें। इस अवधि में 30 दिन की वृद्धि करने का अधिकार जिला कलेक्टर को दिये गये है। आवेदन पत्र की प्राप्ति हेतु नगर पालिक निगम, नगर पालिका परिषद् एवं नगर पंचायत क्षेत्र में मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा निवेश क्षेत्र के भीतर किन्तु स्थानीय निकाय के बाहर संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालय रायपुर अधिकृत किये गये है। नगरीय निकाय क्षेत्र के अंतर्गत स्थानीय निकाय के द्वारा प्राप्त आवेदन पत्रों को निर्धारित आवक पंजी में दर्ज कर, स्थल निरीक्षण प्रतिवेदन, शास्ति की गणना, कर्मकार शुल्क की गणना की जाकर संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर के माध्यम से नियमितिकरण प्राधिकारियों की गठित समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाकर निराकरण किया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक रायपुर निवेश  क्षेत्रांतर्गत कुल 549 आवेदन प्राप्त किये गय है, जिसमें 396 आवासीय एवं 153 गैर आवासीय प्रकरण है। नियमितिकरण प्राधिकारियों की गठित समिति द्वारा अब तक 2 बैठक संचालित की गई है। कुल प्राप्त आवेदनों में से 35 प्रकरणों में मांग पत्र जारी किये जा चुके है, जिसके अनुसार 10 प्रकरणों में शास्ति राशि प्राप्त होने उपरांत कुल 27 प्रकरणों को स्वीकृति प्रदान की गई है। कुल 549 प्रकरणों में अनुमानित शास्ति अधिरोपित राशि 4,28,46,696.33 रूपए (चार करोड़ अट्ठाईस लाख छियालिस हजार छह सौ छियान्वे रूपए) मात्र है, जिसमें से दिनांक 17 जनवरी 2023 की स्थिति में शास्ति जमा राशि 27,46,522.85 रूपए (सत्ताईस लाख छियालिस हजार पांच सौ बाईस रूपए) मात्र प्राप्त की गई है।
प्रकरणों के निराकरण हेतु मापदंड निर्धारित है। इनमें आवासीय प्रयोजन हेतु अनधिकृत निर्माण में 120 वर्गमीटर क्षेत्रफल के भूखंड पर निर्मित भवनों पर कोई शास्ति शमन शुल्क नहीं लिया जायेगा, किन्तु 120 वर्गमीटर से 240 वर्गमीटर क्षेत्रफल के भूखण्डों पर 125/- रू. प्रति वर्गमीटर, 240 से 360 वर्गमीटर तक क्षेत्रफल के भूखण्डों पर 200 रू. प्रति वर्गमीटर तथा 350 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल के भूखण्डों पर 300 रू. प्रति वर्गमीटर की दर से शास्ति की गणना की जायेगी। व्यावसायिक तथा अन्य गैर आवासीय प्रयोजनों हेतु निर्मित अनधिकृत निर्माण के लिये मापदंड 100 वर्गमीटर तक के भूखंड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु शास्ति भवन अनुज्ञा शुल्क का 16 गुणा शास्ति देय होगी। 100 वर्गमीटर से अधिक किन्तु 200 वर्गमीटर तक के भूखंड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 21 गुणा शास्ति देय होगी। 200 वर्गमीटर से अधिक किन्तु 300 वर्गमीटर तक के भूखंड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 26 गुणा शास्ति देय होगी। 300 वर्गमीटर से अधिक किन्तु 400 वर्गमीटर तक के भूखंड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 31 गुणा शास्ति देय होगी। 400 वर्गमीटर से अधिक किन्तु 500 वर्गमीटर तक के भूखंड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 36 गुणा शास्ति देय होगी। 500 वर्गमीटर से अधिक किन्तु 600 वर्गमीटर तक के भूखंड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 41 गुणा शास्ति देय होगी। 600 वर्गमीटर से अधिक किन्तु 700 वर्गमीटर तक के भूखंड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 46 गुणा शास्ति देय होगी। 700 वर्गमीटर से अधिक के भूखंड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 51 गुणा शास्ति देय होगी। भवन अनुज्ञा शुल्क से तात्पर्य भूमि विकास नियम 1984 में निर्धारित शुल्क से है। निर्धारित प्रयोजन से भिन्न भूमि उपयोग परिवर्तन करने पर उस क्षेत्र की भूमि के लिये वर्तमान में प्रचलित कलेक्टर गाईड लाईन दर का 5 प्रतिशत अतिरिक्त शास्ति देय होगी।
यदि अनधिकृत विकास, निर्धारित पार्किंग हेतु आरक्षित भूखंड स्थल पर किया गया हो तो नियमितिकरण की अनुमति तभी दी जायेगी, जब आवेदक द्वारा पार्किंग की कमी हेतु निर्धारित अतिरिक्त शास्ति राशि का भुगतान कर दिया गया हो। 1 जनवरी 2011 के पूर्व अस्तित्व में आये अनधिकृत विकास/निर्माण जिनकी भवन अनुज्ञा/विकास अनुज्ञा स्वीकृत हो, अथवा ऐसी अनधिकृत भवन जिसके लिए संबंधित स्थानीय निकाय में शासन द्वारा निर्धारित दर से सम्पत्ति कर का भुगतान किया जा रहा हो, ऐसे भवनों में यदि छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 अथवा संबंधित विकास योजना के अनुरूप पार्किंग उपलब्ध नहीं है तो 25 प्रतिशत तक पार्किंग हेतु देय शास्ति प्रत्येक कार स्थान हेतु 50 हजार रूपये, 25 प्रतिशत से अधिक एवं 50 प्रतिशत तक प्रत्येक कार स्थान हेतु 1 लाख रूपये, 50 प्रतिशत से अधिक एवं 100 प्रतिशत तक प्रत्येक कार स्थान हेतु 2 लाख रूपये शास्ति देय होगा। 1 जनवरी 2011 अथवा उसके पश्चात् अस्तित्व में आये अनधिकृत विकास/निर्माण जिनकी भवन अनुज्ञा/विकास अनुज्ञा स्वीकृत हो, अथवा ऐसी अनधिकृत भवन जिसके लिए संबंधित स्थानीय निकाय में शासन द्वारा निर्धारित दर से सम्पत्ति कर का भुगतान किया जा रहा हो, ऐसे भवनों में यदि छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 अथवा संबंधित विकास योजना के अनुरूप पार्किंग उपलब्ध नहीं है तो 25 प्रतिशत तक पार्किंग हेतु देय शास्ति प्रत्येक कार स्थान हेतु 50 हजार रूपये, 25 प्रतिशत से अधिक एवं 50 प्रतिशत तक प्रत्येक कार स्थान हेतु 1 लाख रूपये शास्ति देय होगा। 50 प्रतिशत से अधिक एवं 75 प्रतिशत तक प्रत्येक कार स्थान हेतु 2 लाख रूपये शास्ति देय होगा।  
शमन योग्य पार्किंग आवासीय अधिभोग में 500 वर्गमीटर तक निर्मित क्षेत्र में पार्किंग हेतु उपलब्ध न्यूनतम क्षेत्रफल निरंक, 500 वर्गमीटर से अधिक निर्मित क्षेत्र में पार्किंग हेतु उपलब्ध न्यूनतम क्षेत्रफल 50 प्रतिशत होगा, इसी प्रकार गैर आवासीय अधिभोग में 500 वर्गमीटर तक निर्मित क्षेत्र में पार्किंग हेतु उपलब्ध न्यूनतम क्षेत्रफल निरंक, 500 वर्गमीटर से अधिक निर्मित क्षेत्र में पार्किंग हेतु उपलब्ध न्यूनतम क्षेत्रफल 50 प्रतिशत होगा। गैर लाभ अर्जन करने वाली सामाजिक संस्थाएं जो लाभ अर्जन के उद्देश्य से स्थापित न की गई हो के अनधिकृत विकास के प्रत्येक प्रकरण में शास्ति प्राक्कलित राशि के 50 प्रतिशत की दर से देय होगा। छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 के नियम 39 में निर्धारित प्रावधानोंनुसार मार्ग की चौडाई उपलब्ध नहीं होने के कारण स्थल में विद्यमान गतिविधियों में किसी प्रकार का लोकहित प्रभावित न होने की स्थिति में नियमितिकरण किया जा सकेगा। आवेदन पत्र का प्रारूप संलग्न दस्तावेज इत्यादि की जानकारी स्थानीय निकाय एवं कार्यालय संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर एवं विभागीय वेबसाईड www.tcp.cg.gov.inसे प्राप्त की जा सकती है।

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आरडीए का बड़ा फैसला : सरचार्ज राशि के एक मुश्त भुगतान पर मिलेगी 50 फीसदी छूट...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रायपुर विकास प्राधिकरण संचालक मंडल ने सोमवार को आयोजित बैठक में जनहित के ढेर सारे निर्णय लिए। इनमें बकाया सरचार्ज राशि का एक मुश्त भुगतान पर आवासीय में 50 प्रतिशत व व्यावसायिक पर 30 प्रतिशत की छूट दी गई। 15 प्रतिशत की चक्रवृध्दि दर से ली जाने वाली सरचार्ज राशि को घटा कर साधारण ब्याज पर 12 प्रतिशत करने, कमल विहार सेक्टर 4 के 768 ईडब्लूएस फ्लैट्स के आवंटितियों को 84 हजार की सबसिडी राशि देने और संपत्तियों की रजिस्ट्री के पहले संबंधियों का नाम जोड़ने व हटाने जैसे कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इन फैसलों से आवंटितियों को काफी राहत मिलेगी। संचालक मंडल की बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष सुभाष धुप्पड़ ने की तथा बैठक का संचालन संचालक मंडल के सदस्य सचिव व मुख्य कार्यपालन अधिकारी धर्मेश कुमार साहू ने की। बैठक में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष द्वय सूर्यमणि मिश्रा व शिव सिंह ठाकुर, संचालक मंडल के सदस्य राजेन्द्र पप्पू बंजारे, श्रीमती ममता रॉय, मुकेश साहू, और श्रीमती चन्द्रवती साहू उपस्थित थी।

बकाया राशि का भुगतान पर आवासीय में 50 प्रतिशत, व्यावसायिक में 30 प्रतिशत सरचार्ज की छूट
संचालक मंडल ने जनहित में एक बड़ी राहत देते हुए बकाया राशि का एक मुश्त भुगतान करने पर आवासीय संपत्तियों में 50 प्रतिशत की छूट तथा व्यावसायिक संपत्तियों में 30 प्रतिशत की छूट देने का फैसला किया है। यह छूट 31 मार्च 2023 तक की अवधि के लिए दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि रायपुर विकास प्राधिकरण की पुरानी योजनाओं में 41.25 करोड़ रुपए की राशि बकाया है जिसमें से 13.35 करोड़ रुपए की सरचार्ज राशि शामिल है।

सरचार्ज 15 प्रतिशत से घटा कर 12 प्रतिशत किया गया
रायपुर विकास प्राधिकरण के आवंटितियों से देर से किए जाने वाले भुगतान पर 15 प्रतिशत सरचार्ज राशि को कम कर अब 12 प्रतिशत कर दिया गया है। संचालक मंडल ने आम जनता की मांग पर यह पाया कि पहले सरचार्ज की राशि चक्रवृध्दि ब्याज के रुप में ली जा रही है। इससे लोगों पर काफी आर्थिक भार पड़ता था। 1990 में प्राधिकरण व्दारा 18 प्रतिशत सरचार्ज तथा 2004 से 15 प्रतिशत सरचार्ज लिया जाने लगा। तत्समय बैंको की प्रचलित दर 12 प्रतिशत थी जिसमें तीन या चार प्रतिशत अर्थदंड के रुप में अधिरोपित कर 15 प्रतिशत की राशि सरचार्ज के रुप में ली जाती थी। वर्तमान में वाणिज्यिक बैंकों व्दारा ब्याज दर 8 प्रतिशत साधारण ब्याज के रुप में ली जा रही है। इसे देखते हुए संचालक मंडल ने चर्चा कर 1 अप्रैल 2023 से 12 प्रतिशत सरचार्ज लेने का निर्णय लिया किन्तु पूर्व में अधिरोपित हो चुका राशि यथावत रहेगी।

कमल विहार सेक्टर 4 के 768 ईडब्लूएस के आवंटितियों को मिलेगी 84 हजार की सब्सिडी
बैठक में संचालक मंडल को बताया गया कि ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत कमल विहार के सेक्टर 4 में निर्माणाधीन 768 ईडब्लूएस फ्लैट्स के आवंटितियों को केन्द्र सरकार से प्राप्त सब्सिडी की राशि सूडा के माध्यम से प्राधिकरण को प्राप्त हुई है। यह राशि प्रति आवंटिति को 84 हजार रुपए दी जाएगी। जिस बैठक में स्वीकृति दी।  
 
आवटितियों के संबंधियों का नाम रजिस्ट्री के पहले जोड़ा जा सकेगा
प्राधिकरण की संपत्तियों के क्रय करने के लिए आवेदक फ्लैट, भूखंड व मकान के लिए आवेदन प्रस्तुत करता है। इसके बाद आवेदक को नियमानुसार आवंटन किया जाता है। आवेदक व्दारा आवंटन पत्र आदेश के अनुसार पूर्ण राशि जमा करने के बाद संपत्ति के दस्तावेजों का पंजीयन रायपुर के पंजीयन कार्यालय (रजिस्ट्री) कराता है। वर्तमान में कई हितग्राहियों व्दारा पारिवारिक परेशानियों के कारण सह आवंटितियों का नाम जोड़ने व विलोपित किए जाने की मांग की जा रही थी। अतः संचालक मंडल ने यह निर्णय लिया कि अब पंजीयन (रजिस्ट्री) के पहले आवंटिति अपने संबंधियों जिसमें पिता, माता, पुत्र, पुत्री, पति और पत्नी का नाम सह आवंटिति के रुप में जोड़ा और हटाया जा सकेगा।

कमल विहार सेक्टर 13 के एलआईजी की बुकिंग राशि घटा कर अब 50 हजार की गई
कमल विहार के सेक्टर 13 में प्रस्तावित सर्व सुविधायुक्त 288 एलआईजी फ्लैट्स की बुकिंग के लिए धरोहर राशि कमल विहार के अन्य सेक्टर में प्रधानमंत्री आवास योजना के विक्रय किए जा रहे फ्लैट्स की तर्ज पर कम कर दी गई है। पहले फ्लैट्स की पंजीयन राशि 10 प्रतिशत अर्थात 1.90 लाख रुपए रखी गई थी। जनता की मांग पर इसे घटा कर अप 50 हजार रुपए कर दिया गया है। जिन्होनें इन फ्लैट्स की बुकिंग कराई है उन्हें किस्तों का देरी से भुगतान करने पर अब सरचार्ज नहीं लिया जाएगा। ऐसे आवंटितियों को किस्त भुगतान के लिए समयवधि में बदलाव किया जाएगा। साथ ही इसके निर्माण के लिए शीघ्र ही निविदा की जाएगी।

पुरानी योजनाओं के भूखंड-भवनों अतिरिक्त भूमि का आवंटन वर्तमान दर पर होगा
संचालक मंडल ने यह भी निर्णय लिया कि प्राधिकरण की पुरानी योजनाओं में आवंटित भूखंडों में पीछे या कार्नर पर आवंटन योग्य भूमि होने पर उसे वर्तमान में प्रचलित गाईड लाईन दर से आवंटित किया जाएगा। प्राधिकरण में भूखंड - भवनों के लीज नवीनीकरण, उत्तराधिकारी नामांतरण, हस्तांतरण एवं फ्री-होल्ड किये जाने हेतु प्राप्त आवेदन में कई संपत्तियों में अतिरिक्त भूमि आवंटन के लिए उपलब्ध होती है।

आर्थिक अपराध ब्यूरों में जब्त फाईलों के प्रकरणों में नामांतरण, निर्माण एनओसी दी जाएगी
प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में आवंटित विभिन्न संपत्तियों के मूल फाईलें राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो व्दारा नवंबर 1997 में शिकायत के आधार पर कुल 277 प्रकरणों की फाईलें जांच के लिए जप्त की थी। ऐसे आवेदकों की मांग पर प्राधिकरण संचालक मंडल ने मृत्यु उपरांत नामांतरण, भवन निर्माण अनापत्ति प्रमाण पत्र एवं लीज नवीनीकरण हेतु प्राप्त आवेदनों पर स्वयं की जोखिम पर नो क्लेम एग्रीमेन्ट व जांच के उपरांत जो भी आदेश होगें उन्हें मान्य होने की शर्त पर अनुमति दी जाएगी। इस हेतु राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो का निर्णय मान्य होने संबंधी शपथ पत्र भी लिया जाएगा।  

रायपुर विकास प्राधिकरण की संचालक मंडल की आज की बैठक में विशेष सचिव वित्त विभाग की श्रीमती शीतल सारस्वत वर्मा, उप सचिव आवास एवं पर्यावरण विभाग सी. तिर्की, अतिरिक्त कलेक्टर बी.सी.साहू, नगर पालिक निगम रायपुर के उपायुक्त अरविंद शर्मा, वन विभाग वृत रायपुर के उप वनसंरक्षक जी.के.मेहर, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी से कार्यपालन अभियंता विनय चन्द्राकर, प्राधिकरण के अतिरिक्त सीईओ नवीन कुमार ठाकुर उपस्थित थे। बैठक के अंत में जनहित में लिए निर्णयों के लिए अध्यक्ष सुभाष धुप्पड़ ने सभी सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा छठवीं में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन 31 जनवरी तक

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जवाहर नवोदय विद्यालय सलोरा में शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए कक्षा छठवीं में प्रवेश के लिए 29 अप्रेल 2023 को चयन परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। चयन परीक्षा में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन जारी है। अभ्यर्थीगण 31 जनवरी 2023 तक ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन नवोदय विद्यालय समिति की वेबसाइट पर नि:शुल्क भरे जा सकते हैं। 

प्राचार्य जवाहर नवोदय विद्यालय ने बताया कि कोरबा जिले में मान्यता प्राप्त विद्यालय में सत्र 2022-23 में कक्षा पांचवी में पूर्ण सत्र अध्ययनरत् व कक्षा तीसरी व चैथी पूर्ण शैक्षणिक वर्ष मान्यता प्राप्त विद्यालय से अध्ययन किए हुए विद्यार्थी चयन परीक्षा के लिए पात्र होंगे। अभ्यर्थी को कोरबा जिला का वास्तविक निवासी होना चाहिए। ऐसे अभ्यर्थी कोरबा जिले के लिए कक्षा छठवीं के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। अभ्यर्थी की जन्मतिथि 01 मई 2011 से 30 अप्रेल 2013 के मध्य होना चाहिए। एक अभ्यर्थी को केवल एक बार जेएनव्हीएसटी के लिए आवेदन करने की अनुमति है। विस्तृत जानकारी के लिए नवोदय विद्यालय समिति की वेबसाइट का अवलोकन किया जा सकता है।

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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने रायगढ़ के मिलेट कैफे को सराहा

9 माह में ही राष्ट्रीय स्तर पर अपनी ख्याति बना चुका है रायगढ़ का मिलेट कैफे

कैफे में मिलता है रागी से बना चीला, इडली, डोसा, मोमोज, पिज्जा और कोदो की बिरयानी

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में मिलेट हब बन रहा है छत्तीसगढ़

 

मिलेट मिशन से मिला मोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ावा

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रायगढ़ के नटवर स्कूल के पास एक मिलेट कैफे चल रहा है। यूं तो कई खूबियों के कारण यह अपने आप में अनूठा कैफे है। इस कैफे में रागी, कोदो, कुटकी जैसे मोटे अनाजों से बने लजीज व्यंजन परोसे जाते हैं। जिसमें स्वाद के साथ सेहत की जुगलबंदी होती है। इस कैफे को प्रदेश के पहले मिलेट कैफे होने का गौरव हासिल है, जिसके संचालन का जिम्मा पूरी तरह महिलाओं के हाथों में है। आज इसकी पहचान में एक नई खासियत जुड़ गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं अपने रेडियो कार्यक्रम ’मन की बात’ कार्यक्रम में इसका जिक्र कर इस मिलेट को बढ़ावा देने की पहल को सराहा। उन्होंने देशवासियों। से कहा कि जब छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जाने का मौका मिले तो मिलेट कैफे जाकर वहां के व्यंजनों का आनंद जरूर उठाएं। इस कैफे में रागी से बने पास्ता, चीला, इडली, मंचूरियन, मोमोज, पिज्जा, नूडल, दोसा, कोदो से बनी बिरयानी का स्वाद लिया जा सकता है ।

उल्लेखनीय है कि मोटे अनाजों के उत्पादन और उपभोग को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट ईयर के रूप में मनाया जा रहा है।

 गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रागी, कोदो, कुटकी जैसे मोटे अनाजों और लघु धान्य फसलों की पैदावार बढ़ाने, इनकी खरीदी की अच्छी व्यवस्था सुनिश्चित करने और इनकी प्रोसेसिंग कर इन्हें शहर के बाजारों तक पहुंचाने के लिए मिशन-मिलेट शुरू किया गया है। राज्य सरकार ने कोदो, कुटकी और रागी का समर्थन मूल्य तय करने के साथ-साथ राजीव गांधी किसान न्याय योजना के दायरे में इन्हें भी शामिल किया है। प्रदेश के 14 जिलों को इस मिशन में शामिल किया गया है। इसके लिए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मिलेट रिसर्च हैदराबाद से एमओयू किया गया है। एमओयू के अंतर्गत इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मिलेट रिसर्च हैदराबाद छत्तीसगढ़ में कोदो, कुटकी एवं रागी की उत्पादकता बढ़ाने, तकनीकी जानकारी, उच्च क्वालिटी के बीज की उपलब्धता और सीड बैंक की स्थापना के लिए सहयोग और मार्गदर्शन दे रहा है।

छत्तीसगढ़ में कोदो, कुटकी, रागी की समर्थन मूल्य पर की जा रही है खरीदी

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में मिलेट्स को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में कोदो, कुटकी और रागी का ना सिर्फ समर्थन मूल्य घोषित किया गया अपितु समर्थन मूल्य पर खरीदी भी की जा रही है। इस पहल से छत्तीसगढ़ में मिलेट्स का रकबा डेढ़ गुना बढ़ा है और उत्पादन भी बढ़ा है। मुख्यमंत्री की पहल पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में विधायकों और मीडिया के लिए मिलेट्स से बने व्यंजनों को बढ़ावा देने के लिए दोपहर भोज का भी आयोजन किया जा चुका है। छत्तीसगढ़ में मिलेट कैफे भी प्रारंभ हो चुका है। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के नथिया-नवागांव में मिलेट्स का सबसे बड़ा प्रोसेसिंग प्लांट भी स्थापित किया जा चुका है। मिलेट्स को बढ़ावा देने के लिए गौठानों में विकसित किए जा रहे रूरल इंडस्ट्रियल पार्क में मिलेट्स प्रोसेसिंग प्लांट लगाए जा रहे हैं।

सदियों पुराने सेहतमंद खानपान की शैली को फिर से मिल रहा प्रोत्साहन

कई पीढिय़ों से रागी, कोदो जैसे अनाज हमारे आहार का प्रमुख हिस्सा हुआ करता था। किंतु आज इनका उपयोग सीमित हो गया है। ये अनाज सेहत के लिए जरूरी बहुत से पोषक तत्वों से युक्त होते हैं। इस कैफे से लोगों को इन अनाजों से तैयार व्यंजन के रूप में सेहतमंद विकल्प मिलेंगे। इस मिलेट कैफे की शुरुआत मई 2022 में की गई है।

मिलेट कैफे से महिला उद्यमिता को मिल रहा है बढ़ावा

इस कैफे की शुरुआत जिला प्रशासन की पहल व सहयोग से हुआ है। इसका संचालन विकास संघ महिला समूह द्वारा किया जा रहा है। इसमें तकनीकी सहयोग महिला बाल विकास विभाग और ट्रांसफॉर्मिंग रूरल इंडिया फाउंडेशन द्वारा दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में पहली बार महिला स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए महिला समूहों के लिए मिलेट्स आधारित कैफे की शुरुआत की गयी है।

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छत्तीसगढ़ी भाषा को वैश्विक पहचान दिलाने एकजुट हुए साहित्यकार

छत्तीसगढ़ लोक साहित्य सम्मेलन में तीन पुस्तकें विमोचित 

 

छत्तीसगढ़ लोक साहित्य सम्मेलन शामिल हुए प्रदेशभर के साहित्यकार 

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्य स्तरीय युवा महोत्सव और छत्तीसगढ़ लोक साहित्य सम्मेलन के दूसरे दिन आज रविवार को राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर के ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ साहित्य और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया विषय पर दो सत्रों में छत्तीसगढ़ लोक साहित्य सम्मेलन सम्पन्न हुआ। सत्र का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और राजगीत से हुआ। इस अवसर पर बेमेतरा से आये श्री रामानंद त्रिपाठी की कविता को श्रोताओं ने खूब सराहा। इस मौके पर लेखक श्री कृष्ण कुमार पाटिल की पुस्तक जय छत्तीसगढ़ दाई, डॉ. गीतेश अमरोही की पुस्तक कौशल्या और छत्तीसगढ़ी उपन्यास सोन कमल का विमोचन किया गया।


सत्र में कई प्रतिभागियों ने अपने विचार व्यक्त किये। श्री संजीव तिवारी ने छत्तीसगढ़ी भाषा के विकास के लिए इलेक्ट्रॉनिक माध्यम पर आगे कैसे कार्य किया जाए एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से छत्तीसगढ़ी की-बोर्ड के विकास के बिंदुओं पर अपने विचार और अनुभव साझा किये। प्रतिभागियों ने आधुनिक छत्तीसगढ़ी और पुरानी छत्तीसगढ़ी भाषा का उपयोग आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं डिजिटल मीडिया के माध्यम से आज के लोगो पर पड़ रहे प्रभाव एवं भाषाई अंतर पर अपने-अपने अनुभव व्यक्त किये। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ी साहित्य को अधिक से अधिक इंटरनेट के माध्यम से वेबपोर्टल और ब्लॉग बनाकर आगे बढ़ाने के तरीके पर भी चर्चा की गई। जिसमें प्रतिभागियों ने भाषा के विकास के लिए आधुनिक और पुराने छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग के सहयोग की मांग की। राजभाषा आयोग के सचिव डॉ. अनिल कुमार भतपहरी ने पूरे सहयोग का भरोसा दिया।


छत्तीसगढ़ लोक साहित्य सम्मेलन के दूसरे सत्र की अध्यक्षता डॉ. सुधीर पाठक ने की। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. वीणा बंजारे ने अपने उद्बोधन से किया। जिसमें उन्होंने पुराने रीति-रिवाजों पर चर्चा की और संस्कृति साहित्य को आगे बढ़ाने आधुनिक माध्यम इंटरनेट और वीडियो माध्यम पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम में साहित्यकार कृष्ण कुमार पाटिल, डॉ गीतेश अमरोही, उपन्यासकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया मधुमिता पाल और वेब मीडिया के विशेषज्ञ गुरतुर गोठ के संपादक संजीव कुमार तिवारी मौजूद रहे।

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मुख्यमंत्री ने माखनलाल चतुर्वेदी की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रसिद्ध कवि, लेखक और पत्रकार ’पद्मभूषण’ श्री माखनलाल चतुर्वेदी की 30 जनवरी को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। श्री बघेल ने श्री माखनलाल चतुर्वेदी का देश के लिए योगदान और उनकी रचनाओं को याद करते हुए कहा कि माखनलाल जी ने अपनी प्रभावशाली लेखनी से लोगों में राष्ट्र प्रेम की भावना को जागृत किया और उन्हें आजादी की लड़ाई में सक्रिय सहयोग के लिए प्रेरित किया। आजादी की लड़ाई के दौरान वे कई बार जेल गए। उनकी रचनाओं में प्रकृति प्रेम के साथ त्याग, बलिदान और देश भक्ति का अनूठा संगम दिखाई देता है। उनके द्वारा स्वतंत्रता संग्राम के दौरान बिलासपुर के सेन्ट्रल जेल में लिखी गई लोकप्रिय रचना पुष्प की अभिलाषा इसका सुंदर उदाहरण है। श्री बघेल ने कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी जी का साहित्य और देश के लिए अमूल्य योगदान लोगों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन

शहीद दिवस पर अमर सेनानियों को दी श्रद्धांजलि 

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि 30 जनवरी ‘शहीद दिवस‘ के अवसर पर उन्हें नमन किया है। श्री बघेल ने महात्मा गांधी सहित देश के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा है कि देश पर प्राण न्यौछावर करने वाले वीर बलिदानियों का ऋण कभी नहीं चुकाया जा सकता। भारत की आजादी के लिए महात्मा गांधी के अतुल्य योगदान को याद करते हुए श्री बघेल ने कहा कि गांधी जी ने पूरी दुनिया को दिखाया कि सत्य और अहिंसा के मार्ग पर डटे रहकर किस तरह बड़ा लक्ष्य हासिल किया जाता है। राज्य सरकार भी गांधी जी के दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बापू ने भारतीय समाज की बुनियाद को समझा और अंतिम व्यक्ति की चिंता की। सशक्त इरादों के साथ आगे बढ़ने के लिए बापू के विचार मूल्य हमें सदा प्रेरित करते रहेंगे।

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राज्य स्तरीय युवा महोत्सव 2023

एकांकी नाट्कों में सामाजिक समस्याओं पर प्रभावी प्रस्तुति, दर्शकों से मिली खूब सराहना 

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्य स्तरीय युवा महोत्सव के दूसरे दिन राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में एकांकी नाटक का मंचन किया गया। जिसमें ज्वंलत समस्याओं जैसे पर्यावरण संरक्षण, महिला साक्षरता, सामाजिक बुराईयों का चित्रण कर समाज को इन बुराईयों से निजात दिलाने का संदेश दिया गया। एकांकी नाटक में सभी संभागों के 15 वर्ष से 40 वर्ष आयु वर्ग के कलाकारों ने हिस्सा लिया।

एकांकी नाट्क में सर्वप्रथम रायपुर संभाग के धमतरी जिला के कलाकारों के द्वारा खोज शीर्षक से अपनी प्रस्तुति दी गई। जिसमें महात्मा बुद्ध के सिद्धांतों पर आधारित नाटक का मंचन किया गया। कांकेर जिला के कलाकारों द्वारा छत्तीसगढ़ी भाषा मे एकांकी ’हाय रे मोबाइल’ छत्तीसगढ़ी भाखा नंदावत है’’ की प्रस्तुति दी गई, जिसमें आज के युवा मोबाइल पर घंटों समय व्यतीत करते है। उनको मना करने पर गुस्सा होते है। यह छत्तीसगढ़ ही नहीं हर जगह होना आम बात हो गई है। इस पर प्रभावी प्रस्तुति को दर्शकों ने सराहा। 

खैरागढ़ जिला ने ’कौन गलत’ शीर्षक से प्रस्तुति दी, जिसमें नारी पर होने वाले अत्याचारों को रोकने का संदेश दिया गया। मुंगेली जिला द्वारा ’’शिक्षित बालिका-सशक्त नारी’’ थीम पर एकांकी प्रस्तुति की गई, जिसमें बालिका शिक्षा और दहेज की सामाजिक बुराई का चित्रण किया गया। सरगुजा जिला के युवाओं के द्वारा मानव विकास और पर्यावरण थीम पर एकांकी प्रस्तुति की गई। एकाकी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। 

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मुख्यमंत्री ने धरसींवा में शहीद स्मारक उद्यान का किया लोकार्पण

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज धरसींवा में झीरम घाटी के शहीदों की प्रतिमा का अनावरण करते हुए शहीद स्मारक उद्यान का लोकार्पण किया। झीरम में हुए नक्सली हमलों में अपनी जान गंवाने वाले  शहीद विद्याचरण शुक्ल,  शहीद नंद कुमार पटेल,  शहीद महेन्द्र कर्मा, शहीद योगेन्द्र शर्मा,  शहीद उदय मुदलियार एवं शहीद प्रफुल्ल शुक्ला की प्रतिमाएं शहीद स्मारक उद्यान में स्थापित की गई हैं।

शहीदों की प्रतिमा के अनावरण के बाद मुख्यमंत्री ने सभी शहीदों को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के विकास में सभी शहीद जनप्रतिनिधियों का योगदान अतुलनीय करार देते हुए कहा कि ये अमर शहीद प्रदेश वासियों के दिलों में सदैव जीवित रहेंगे।
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मुख्यमंत्री ने अमर शहीद श्री हेमू कालाणी के शहादत दिवस पर उन्हें किया नमन

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहाँ अपने निवास कार्यालय में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अमर शहीद श्री हेमू कालाणी को आज उनके शहादत दिवस पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर  नमन किया । इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सिंधी अकादमी के अध्यक्ष श्री राम गिडलानी, श्री सुरेश डिडलानी, श्री अर्जुन वासवानी, श्री अमर बजाज, श्री अमर पचरानी, श्रीमती राधा राजपाल, श्री रवि ग्वालानी एवँ श्री अनेश बजाज भी उपस्थित थे ।

मुख्यमंत्री ने श्री कालाणी के शहादत को याद करते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में अनगिनत वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश को गुलामी की बेड़ियों से आजाद कराया । इन वन्दनीय वीरों में सबसे कम उम्र के बालक क्रांतिकारी शहीद हेमू कालाणी के बलिदान को देश कभी भुला नहीं पायेगा । सन 1942 में जब महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन चलाया तो 19 वर्षीय यह किशोर 'अंग्रेजों भारत छोड़ो' नारे के साथ इस आंदोलन में कूद पड़ा । उन्होंने अपने साथियों के साथ विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार किया और लोगों से स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करने का आग्रह किया ।

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राज्यपाल सुश्री उइके से गवर्नमेंट एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमण्डल ने भेंट कर ज्ञापन सौंपा

  रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से आज राजभवन में गवर्नमेंट एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार नवरंग के नेतृत्व में प्रतिनिधियों ने मुलाकात कर, अपनी समस्याओं के संबंध में ज्ञापन सौंपा।

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को राशि वितरण कार्यक्रम में हो रहे हैं शामिल

  रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री बघेल अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को 8 करोड़ 03 लाख रूपए का करेंगे भुगतान

-मुख्यमंत्री ने 1 जनवरी से 15 जनवरी तक गौठानों में पशुपालक ग्रामीणों, किसानों, भूमिहीनों से क्रय 2.13 लाख क्विंटल गोबर के एवज में उनके खाते में 4 करोड़ 27 लाख रूपए की राशि ऑन लाईन अंतरित की

-गौठान समितियों को 2.23 करोड़ रुपए का किया गया भुगतान

-महिला समूहों के खाते में 01 करोड़ 53 लाख रूपए की लाभांश राशि अंतरित की गई

-छत्तीसगढ़ में 20 जुलाई 2020 से गोधन योजना शुरु हुई है

 -योजना में 2 रुपए प्रति के किलो की दर से अब तक 100.86 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी की गई

-गोबर विक्रेताओं को अब तक किया गया 201.72 करोड़ रूपए का भुगतान

-गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को अब तक किया गया है 175.64 करोड़ रूपए का भुगतान

-इस तरह गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को अब तक 395.35 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया

-इस बार भी 1 से 15 जनवरी 2023 पखवाड़े में गोबर खरीदी के लिए प्रदेश के स्वावलंबी गौठनों ने कृषि विभाग की तुलना में अधिक राशि का भुगतान किया

-गोबर विक्रेताओं को आज भुगतान की गई 4.27 करोड़ रुपए की राशि में से 2.52 करोड़ रुपए का भुगतान 4690 स्वावलंबी गौठानों ने अपने संसाधनों से और 1.75 करोड़ रूपए का भुगतान कृषि विभाग द्वारा किया गया

स्वावलंबी गौठनों द्वारा अब तक 37.71 करोड़ रुपए के गोबर की खरीदी की गई है

गौठनों में अब तक 4 रुपए लीटर में खरीद गया 1 लाख 20 हजार 171 लीटर गौमूत्र

गौमूत्र से बनाए गये कीटनाशक ब्रम्हास्त्र और वृद्धिवर्धक जीवामृत की बिक्री से महिला स्व सहायता समूहों को हुई 23.98 लाख रूपए की आय

पैरा दान की अपील पर किसानों ने गौठनों में किया 15.68 लाख क्विंटल पैर दान
-गोबर से अब तक 27 लाख क्विंटल से अधिक कम्पोस्ट का उत्पादन

-गोधन न्याय योजना से 3 लाख 98 हजार से अधिक ग्रामीण लाभान्वित

-राज्य में स्वीकृत 10 हजार 921 गौठनों में से 9596 गौठान निर्मित
- गौठनों में आय मूलक गतिविधियों से महिला स्व सहायता समूह ने अब तक 105.18 करोड़ रुपए की आय अर्जित की

-गौठनों में 11 हजार 477 महिला स्वसहायता समूहों की 1 लाख 31 हजार 898 महिलाएं कार्यरत हैं

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रायपुर: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल पहुंचे शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री के साथ राज्यसभा सांसद श्री राजीव शुक्ला और मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा भी स्टेडियम में मौजूद हैं।

 मुख्यमंत्री ने स्टेडियम का चक्कर लगाया, दर्शकों का अभिवादन किया

 छत्तीसगढ़ की राजधानी में पहली बार अंतरराष्ट्रीय वनडे मैच का आयोजन हो रहा है।

आज भारत और न्यूजीलैंड के बीच  दूसरे वन डे अंतराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेला जा रहा है।

मुख्यमंत्री दर्शकों के साथ मैच का ले रहे हैं।

 नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया, संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत भी मुख्यमंत्री श्री बघेल के साथ मैच देख रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ में हर साल बन रहा है धान खरीदी का नया कीर्तिमान : मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज बिलासपुर जिले की तखतपुर विधानसभा के खैरी गांव में भेंट-मुलाकात को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में हर साल धान खरीदी का नया कीर्तिमान बन रहा है। इस वर्ष अब तक 100 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान की खरीदी की जा चुकी है। नई राज्य सरकार के गठन के बाद पहले साल 84 लाख मीट्रिक टन, दूसरे साल 93 लाख मीट्रिक टन, तीसरे साल 97 लाख मीट्रिक टन। किसानों को 3 दिन में ही धान का पैसा मिल जाता है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से राजीव गांधी किसान न्याय योजना के बारे में पूछा और कहा कि अभी 3 क़िस्त दे चुके हैं, तीसरी क़िस्त दीवाली के समय दिए, चौथी क़िस्त 31 मार्च को देंगे। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि सबकी आय में वृद्धि हो। किसान मजदूरों के बच्चों को भी अच्छी शिक्षा मिले, इसके लिए हमने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोले। स्कूलों के जीर्णोद्धार, आईटीआई केंद्रों के उन्नयन के लिए हमने बजट में प्रावधान किया। हमारा यह प्रयास है कि सभी की आर्थिक उन्नति होनी चाहिए। आस्था केंद्रों के विकास के लिए हमने प्रयास किया। राम वन गमन पथ, हरेली तिहार, तीज पर्व पर अवकाश घोषित किया। फुगड़ी जैसे छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए पहली बार छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ पहल राज्य है, जहां भूमिहीन मजदूरों को सालाना 7 हजार रूपए की आर्थिक सहायता देने के लिए राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना प्रारंभ की गई है। छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जहां कोदो-कुटकी और रागी समर्थन मूल्य पर खरीदा जा रहा है। 

इसके पहले मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन, माल्यार्पण एवं राज्य गीत “अरपा पैरी के धार“ के साथ भेंट-मुलाकात कार्यक्रम की शुरूआत की। राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल और संसदीय सचिव श्रीमती रश्मि आशीष सिंह भी इस अवसर पर उपस्थित थीं। 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज खैरी में कार्यक्रम हो रहा है। यहां योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन जानने आया हूं। भेंट-मुलाकात के माध्यम से सभी से बात करेंगे और जानेंगे कि जमीनी स्तर पर काम हुआ कि नहीं। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से ऋण माफी और समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों से जानकारी ली। गोधन न्याय योजना पर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि गोबर से दिए, गमले, गौकाष्ठ और अब गोबर से पेंट भी बना रहे हैं जिससे शासकीय भवनों की रँगाई पुताई की जा रही है। अब हम गोबर से बिजली बनाने की भी तैयारी कर रहै हैं। 

रूरल इंडस्ट्रियल पार्क युवाओं को मिलेगा रोजगार 

प्रदेश में गौठानों को रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित कर युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवा रहे हैं। रीपा में परम्परागत कार्य करने वाले हमारे मेहर समाज, सेन समाज, धोबी समाज, देवांगन समाज के लोगों को स्थान, शेड एवँ प्रशिक्षण देकर उनके व्यवसाय को पुनर्जीवित करने का प्रयास हमारी सरकार कर रही है। 

को-ऑपरेटिव बैंक के मैनेजर को दिए कैश लिमिट बढ़ाने के निर्देश
 
भेंट-मुलाकात में भूपेंद्र श्रीवास ने बताया कि उनकी 5 एकड़ जमीन है, एक लाख 2 हजार रुपए की ऋण माफी हुई। इस साल का धान बेच लिया, राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत कुल 3 क़िस्त मिल गई, इसका राशि का उपयोग उन्नयन कार्य में किया। संजय कौशिक ने बताया कि उनकी 3.5 एकड़ जमीन है। तखतपुर को-ऑपरेटिव बैंक में एक बार में केवल 49 हजार रुपए तक पैसे देते हैं। उनकी बात सुनकर मुख्यमंत्री ने को-ऑपरेटिव बैंक के मैनेजर को कैश लिमिट बढ़ाने के निर्देश दिए।

गन्ना से एथेनॉल बनाने का प्लांट जून तक होगा शुरू
 
भेंट-मुलाकात में किसान द्वारा गन्ना की फैक्ट्री लगाने की मांग पर मुख्यमंत्री ने विस्तार से बताया और कहा कि गन्ना से एथेनॉल प्लांट बनाने की कार्रवाई की जा रही है। जो जून में शुरु हो जाएगा। मक्के से एथेनॉल बनाने का प्लांट भी जल्द ही शुरु होगा।  उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इसी तरह धान से एथेनॉल का प्लांट लगाना चाहती है लेकिन केन्द्र द्वारा अनुमति नहीं दी जा रही। 

तहसीलदार को तत्काल जाति प्रमाण पत्र बनाने के निर्देश
 
मुख्यमंत्री द्वारा जाति प्रमाण पत्र के बारे में पूछे जाने पर दिलीप कुमार छेदाम ने कहा कि मेरा प्रमाण पत्र बन गया है, लेकिन मेरे बेटे को सकरी तहसीलदार द्वारा प्रमाण पत्र नहीं दिया जा रहा, इस पर मुख्यमंत्री ने तहसीलदार को मौके पर बुलाकर आज ही प्रमाण पत्र देने के निर्देश दिए। परदेशी दास मानिकपुरी ने बताया कि उन्हें भूमिहीन श्रमिक न्याय योजना के 3 क़िस्त मिली है, 6 हजार मिला। योजना की तारीफ की। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में पहला राज्य है जहां यह योजना लागू है।

 उमा देवी यादव ने एक लाख का गोबर बेचा

स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने के लिए छात्रा राजनंदिनी माथुर ने अंग्रेजी में मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। उमा देवी यादव ने बताया एक लाख के गोबर बेची, 2 लाख 80 हजार का वर्मी कम्पोस्ट बनाया। इनसे हुई आमदनी से 2 गाय खरीदी और बाकी पैसे बच्चों की पढ़ाई में लगाया। वर्मी कम्पोस्ट से मिली राशि से गहना ली है। प्रमिला ने बताया कि 396 क्विंटल वर्मी बनाए हैं, समूह में कुल 10 लोग हैं। मोहिनी कौशिक नाम की नन्ही बच्ची ने कहा कि उसे शुगर की समस्या है। उसके पिता ने शिक्षा, स्वास्थ्य में सहयोग करने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया। जिसे सुनकर मुख्यमंत्री ने स्वामी आत्मानंद स्कूल में मोहिनी के एडमिशन के लिए सहयोग करने की बात कही। तूताडीह की श्रीमती बेगबाई ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनका राशनकार्ड बना है। और उन्हें नियमित रूप से 10 किलो चावल मिलता है।

मुख्यमंत्री की घोषणाएं :-

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने खैरी में आम जनता और जनप्रतिनिधियों की मांग पर अनेक घोषणाएं की। उन्होंने जुनापारा में सहकारी बैंक की शाखा खोलने, क्षेत्र में लो-वोल्टेज की समस्या से निजात दिलाने ट्रांसफार्मर लगवाने, खैरी गांव में गलियों के कांक्रीटीकरण, ग्राम पंचायत खैरी में मिनी स्टेडियम के निर्माण, शासकीय प्राथमिक शाला खैरी में अतिरिक्त कक्ष का निर्माण, खैरी तालाब के सौंदर्यीकरण, कन्या हाई स्कूल मोछ का हायर सेकेन्डरी स्कूल में उन्नयन, ग्राम चितावर के प्राथमिक शाला का मिडिल स्कूल में उन्नयन, ग्राम सागर के सागर मईया तालाब के सौंदर्यीकरण, ग्राम जरोंधा में प्राथमिक शाला के लिए एवं ग्राम खपरी में पंचायत के लिये भवन का निर्माण, गिरधोना में उप स्वास्थ्य केन्द्र के लिये भवन निर्माण, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सकरी के स्वामी आत्मानंद स्कूल में उन्नयन की घोषणा की।
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