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प्रदेश के दमदार आईपीएस में शुमार डीएम अवस्थी 31 को होंगे सेवानिवृत्त...

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। 37 साल की आईपीएस की सर्विस के बाद प्रदेश के दमदार आईपीएस में शुमार पूर्व डीजीपी डीएम अवस्थी 31 मार्च को रिटायर होंगे। 86 बैच के आईपीएस अधिकारी अवस्थी अभी ईओडब्लू और एसीबी चीफ की कमान संभाल रहे हैं।


उत्तरप्रदेश के कानपुर के रहने वाले डीएम अवस्थी तीन साल गुजरात में इंजीनिरियंग सर्विस में रहे। 23 साल की उम्र में 1986 में उनका आईपीएस में चयन हुआ। पुलिस एकेडमी हैदराबाद से ट्रेनिंग पूरी करने के बाद सतना से उनका प्रोबेशन प्रारंभ हुआ। एसपी क़े  रूप में उनका पहला जिला छिंदवाड़ा रहा। फिर रायगढ़। रायगढ से वे एआईजी इंटेलिजेंस बनकर भोपाल गए। इस पद पर वे तीन साल रहे।

 

इंटेलिजेंस के बाद उन्हें एसपी उज्जैन बनाया गया। छत्तीसगढ़ बनने से पहले सिर्फ एक पोस्टिंग उन्होंने रायगढ़ एसपी के तौर पर की थी। मगर राज्य के बंटवारे के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला तो फिर छत्तीसगढ़ के होकर रह गए। छत्तीसगढ़ में वे रायपुर के एसएसपी, रायपुर आईजी के पद पर रहे। वे चार साल तक इंटेलिजेंस चीफ रहे। रमन सरकार की तीसरी पारी में इंटेलिजेंस से हटने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन का दायित्व संभाला। दिसंबर 2018 में जब कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने एएन उपध्याय को हटाकर डीएम अवस्थी को डीजीपी बनाया था। इस पद पर वे करीब तीन साल रहे। फिर उन्हें पुलिस प्रशिक्षण का डायरेक्टर बनाया गया। तीन महीने पहले उन्हें ईओडब्लू और एसीबी का डायरेक्टर बनाया गया था।

सात साल इंटेलिजेंस में रहे
डीएम अवस्थी देश के गिने-चुने आईपीएस अधिकारियों में शामिल होंगे, जो दो राज्यों में सात साल तक खुफिया विभाग में रहे। उनकी गिनती एक दमदार और दबंगई के साथ अपनी बात रखने वाले अधिकारी के रूप में होती है। रायपुर आईजी के साथ-साथ उनके पास इंटेलिजेंस चीफ का भी चार्ज रहा। तो उज्जैन जैसा बड़ा जिला भी उन्हें संभालने का मौका मिला। कमलनाथ के छिंदवाड़ा भी मध्यप्रदेश का बड़ा जिला माना जाता है। 1986 से लेकर 2023 तक याने 37 साल उन्होंने आईपीएस की सर्विस की।

 

 

 

 
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मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना : सुहागा बाई को मिला आर्थिक लाभ

 महासमुंद  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत श्रमिक सुहागा बाई निवासी ग्राम खैरा जिला महासमुंद की खाते में 20 हजार रुपए की राशि प्राप्त हो गई है। यह येजना छत्तीसगढ़ प्रदेश के श्रमिकों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरुआत की गई है। इस योजना के माध्यम से निर्माण श्रमिकों को राज्य सरकार द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। जिले में इस योजना में 26 श्रमिक सियान पंजीकृत है। अब तक परीक्षण के बाद 10 श्रमिक सियान को 20-20 हज़ार की एक मुश्त राशि प्रदान की गई है। शेष श्रमिक सियान के दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है।

श्रमिक सुहागा बाई ने बताया कि वे खेती-मजदूरी का काम करती है। उन्होंने बताया कि उनके बेटे से मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना की जानकारी मिली और श्रम विभाग में इसका आवेदन किया। श्रम विभाग के सहयोग से सहायता राशि 20 हजार रुपए उनके बैंक खाते में आ चुका है। उन्होंने इस योजना को हम जैसी श्रमिकों को बहुत लाभदायक होता है। उन्होंने कहा कि 60 वर्ष की उम्र में निर्माण मजदूरी में शरीर भी ज्यादा मजदूरी करने अक्षम रहता है और लोग भी काम नहीं देते। राज्य शासन की यह योजना हम जैसे श्रमिकों के लिए वरदान बनी है और खाते में 20 हजार रुपए की राशि हमारे और हमारे परिवार के लिए बहुत उपयोगी है। इसके लिए उन्होंने शासन का आभार जताया और उन्हें बहुत-बहुत धन्यवाद कहा।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के अंतर्गत 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके निर्माण श्रमिकों को मंडल की सदस्यता से निवृत्त होने से पहले बेहतर जीवन यापन करने के लिए राज्य सरकार द्वारा आर्थिक सहायता के रूप में 10 हजार रुपए की एकमुश्त राशि प्रदान की जा रही थी। लेकिन नए वर्ष के अवसर पर राजधानी रायपुर के चावड़ी में मजदूरों से भेंट करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 20 हजार रुपए की एकमुश्त सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की थी। श्रमिकों को इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन या फिर ऑफलाइन आवेदन करना होगा। अधिक राशि प्राप्त कर श्रमिक अपना जीवन यापन उच्च तरीके से कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें किसी अन्य पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की सदस्यता छत्तीसगढ़ भवन और सन्निर्माण कर्मकार नियोजन तथा सेवा शर्त अधिनियम 1946 के अंतर्गत 60 वर्ष की आयु सीमा पूरी कर चुके निर्माण श्रमिकों की मंडल की सदस्यता स्वतः ही समाप्त हो जाती है। ऐसे में निर्माण श्रमिक जो मंडल की सदस्यता से निवृत्त होने वाले हैं उनके बेहतर जीवन यापन के उद्देश्य से निवृत्त होने से पूर्व मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा एकमुश्त राशि प्रदान की जाती है।

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छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध सुगंधित चावल नगरी दुबराज को मिला जीआई टैग

रायपुर  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे के प्रयासों से छत्तीसगढ़ के बासमती के नाम से प्रसिद्ध ‘‘नगरी दुबराज’’ चावल को भारत सरकार के बौद्धिक संपदा अधिकार प्राधिकरण द्वारा भौगोलिक उपदर्शन अधिकार (जी.आई. टैग) प्रदान किया गया है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के मार्गदर्श में कार्यरत ग्राम बगरूमनाला, नगरी जिला धमतरी के नगरी दुबराज उत्पादक महिला स्व-सहायता समूह ‘‘मां दुर्गा स्वयं सहायता समूह’’ को नगरी दुबराज हेतु जी.आई. टैग प्रदान किया गया है।

नगरी दुबराज चावल को जीआई टैग मिलने से अन्तर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर इसके निर्यात की मांग बढ़ जाएगी जिससे धमतरी जिले विशेषकर नगरी के किसानों को इस चावल के व्यापारीकरण का विशेषाधिकार मिल जाएगा तथा इसके विपणन एवं निर्यात में आसानी होगी। जी.आई. टैग एक प्रकार का बौद्धिक संपदा अधिकार होता है जिसमें किसी भी उत्पाद की गुणवत्ता एवं महत्ता उस स्थान विशेष के भौगोलिक वातावरण से निर्धारित की जाती है। इसमें उस उत्पाद के उत्पत्ति स्थान को मान्यता प्रदान की जाती है।

उल्लेखनीय है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विगत कुछ वर्षां से नगरी दुबराज को जी.आई. टैग की प्राप्ति हेतु लगातार प्रयास किये जा रहे थे। नगरी दुबराज को जी.आई. टैग अधिकार दिलवाने में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है तथा इस संबंध में बौद्धिक संपदा अधिकार प्राधिकरण के साथ निरंतर पत्राचार किया है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के बासमती के रूप में विख्यात नगरी दुबराज चावल राज्य की पारंपरिक, सुगंधित धान प्रजाति है, जिसकी छत्तीसगढ़ के बाहर भी काफी प्रसिद्धि तथा मांग है। नगरी दुबराज का उत्पत्ति स्थल सिहावा के श्रृंगी ऋषि आश्रम क्षेत्र को माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रृंगी ऋषि आश्रम का संबंध राजा दशरथ द्वारा संतान प्राप्ति हेतु आयोजित पुत्रेष्ठि यज्ञ तथा भगवान राम के जन्म से जुड़ा हुआ है। विभिन्न शोध पत्रों में दुबराज चावल का उत्पत्ति स्थल नगरी सिहावा को ही बताया गया है। पिछले कुछ वर्षां से नगरी क्षेत्र में दुबराज चावल की खेती रकबा निरंतर कम हो रहा था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पिछले वर्ष नगरी के किसानों को दुबराज की खुशबू लौटाने का वायदा किया था जो इसे जी.आई. टैग मिलने से पूर्ण होना संभव हो सकेगा।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने नगरी दुबराज को जी.आई. टैग मिलने पर कृषक उत्पादक समूह को बधाई एवं शुभकानाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के प्रयासों से वर्ष 2019 में सरगुजा जिले के ‘‘जीराफूल’’ चावल के बाद अब दुबराज चावल को जी.आई. टैग मिलना एक बड़ी उपलब्धि है।

 

 

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पोट्ठ लईका अभियान : मितानीन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं को मिला प्रशिक्षण

 

बेमेतरा (छत्तीसगढ़ दर्पण)पोट्ठ लईका अभियान अन्तर्गत जिले में कुपोषण दर में कमी लाने बुधवार को जिला पंचायत कार्यालय के सभागार में यूनीसेफ के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुविभागीय अधिकारी (रा.) बेमेतरा सुरुचि सिंह, महिला बाल विकास विभाग के कर्मचारी सहित मितानीन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका उपस्थित थे।

 

 

प्रशिक्षण कार्यक्रम में यूनीसेफ छत्तीसगढ़ से आए डॉ. भारती साहू ने सभी मितानीन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को कुपोषण के लक्षण एवं कुपोषण को दूर करने के संबंध में जानकारी दी। उन्होने बताया कि हमें उस समय पर ध्यान देना चाहिए जब बच्चा ठोस आहार खाना शुरू करता है क्योंकि उस समय में कुपोषण की संभावना अधिक होती है इसलिए माताओं को इस बारे में जागरूक किया जाना चाहिए। इस दौरान कुपोषण को दूर करने के लिए चलाए जा रहे सुपोषण अभियान के बेहतर संचालन हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए। गर्भवती महिलाओं को कुपोषण से खुद को और बच्चों को बचाने के उपाय भी बताए। तिरंगा भोजन का महत्व बताए, यानी थाली में तिरंगे का रंग होना सफेद चावल, दूध और अंडे के लिए है, हरा रंग हरी सब्जियों के लिए है और केसरिया या पीला दाल, छोले, सोयाबीन, मांस आदि के लिए है। हमारी थाली में तीनों रंगों का होना संतुलित आहार के लिए महत्वपूर्ण है। सिर, बाथरूम का उपयोग करने के बाद हाथ धोने और भोजन करने से पहले हाथ धोने के महत्व के बारे में भी बताया गया।

 

 

कुपोषित बच्चों, गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को जितना संभव हो उतना पौष्टिक भोजन प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा हैं। मिड-डे-मील योजना (एमडीएम) स्कूल जाने वाले बच्चों की देखभाल करती है, पोषण अभियान के तहत आंगनबाड़ी में माताओं और बच्चों को खाने के लिए गर्म भोजन परोसा जाता है। मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के तहत अंडे और केले का भी वितरण किया जा रहा है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के साथ इन योजनाओं ने भोजन की उपलब्धता की समस्या को समाप्त कर दिया है। कुपोषण दूर करने की दिशा में ये बड़े कदम हैं। हालांकि, अभी भी एक अंतर मौजूद है जिसमें कब और क्या खाना चाहिए, इसके बारे में जानकारी सभी परिवारों के लिए आसानी से उपलब्ध नहीं है। इस प्रकार, पोषण परामर्श और व्यवहार परिवर्तन कार्यक्रम की आवश्यकता है। इन सभी कारण से बेमेतरा जिले ने पोट्ठ लाइका अभियान की शुरुआत की है। पायलट प्रोजेक्ट में बेमेतरा अनुभाग के 40 गांवों को कवर किया जाएगा। मुख्य उद्देश्य जिले में कुपोषण को खत्म करना (गंभीर तीव्र कुपोषण बच्चों की संख्या को शून्य करना) है।

 

 

इस मिशन के तहत होने वाली गतिविधियां इस प्रकार हैं :-प्रत्येक शुक्रवार महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग व बिहान के कार्यकर्ता उक्त 40 गांवों के एक-एक घर में जाकर बच्चों के माता-पिता को समझाएंगे कि क्या खाएं और कब खाएं, उन्हें तिरंगा भोजन के बारे में बताया जाएगा, खाना खाने से पहले हमेशा हाथ धोना चाहिए, रेडी-टू-ईट कैसे इस्तेमाल करना चाहिए और अपने बच्चों को दिन में कम से कम 3 बार कैसे खिलाना चाहिए। वे उन्हें जंक फूड को ना कहने के लिए भी प्रोत्साहित करेंगे और प्रोटीन (अंडे, दूध, मांस, मछली, दाल, सोयाबीन, आदि) के महत्व को भी समझाएंगे। वे माता-पिता को यह भी याद दिलाएंगे कि वे अपने बच्चों को हमेशा आंगनबाड़ियों में भेजें और अपने बच्चों को आयरन फोलिक एसिड की गोलियां समय पर दें। यह गांव के सभी घरों के लिए होगा लेकिन कुपोषित बच्चों के घरों पर विशेष ध्यान होगा। कलेक्टर के निर्देशानुसार हमें उस समय पर ध्यान देना चाहिए जब बच्चा ठोस आहार खाना शुरू करता है क्योंकि उस समय में कुपोषण की संभावना अधिक होती है इसलिए माताओं को इस बारे में जागरूक किया जाना चाहिए।

 

कुपोषण अंकेक्षण और सूक्ष्म पोषक तत्व योजना-कुपोषण पर चर्चा करने के उद्देश्य से 40 गांवों के प्रत्येक मोहल्ले को इकट्ठा किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी पंचायत सचिव और सरपंच की होगी। इस प्रक्रिया में आंगनवाड़ी दीदी और मितानिन दीदी मदद करेंगी। यहां ग्राम सभा सदस्य आपस में चर्चा करेंगे पंचायत सचिव चार्ट पेपर पर विवरण लिख जाएगा। प्रभावित करने वालों की सूची सीईओ जनपद कार्यालय द्वारा एसडीएम कार्यालय को भेजी जायेगी। इन प्रभावित करने वालों में 40 पायलट गांवों के सरपंच, सचिव, बिहान की सकरीया महिला, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और पर्यवेक्षक, मितानिन पर्यवेक्षक, राजीव युवा मितान अध्यक्ष शामिल होंगे। इन प्रभावितों को यूनीसेफ द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा कि ग्रामीणों को पोषण परामर्श कैसे प्रदान किया जाए।

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बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने स्वर्ण प्राशन 29 को


आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में हर पुष्य नक्षत्र तिथि में 0-16 वर्ष के बच्चों को कराया जाता है स्वर्ण प्राशन

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने 29 मार्च को रायपुर के शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया जाएगा। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में हर पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया जाता है। चिकित्सालय के कौमारभृत्य बाल रोग विभाग में सवेरे नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक इसका सेवन कराया जाता है। यह औषधि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, श्वसन संबंधी एवं अन्य रोगों से रक्षा करने के साथ ही एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाने में अत्यंत लाभकारी है। यह बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में भी मदद करता है।शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय रायपुर के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लवकेश चंद्रवंशी ने बताया कि आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय का उद्देश्य केवल बच्चों की बीमारियों का इलाज करना ही नहीं है, बल्कि उनके स्वास्थ्य की गुणवत्ता को बढ़ाना और उन्हें बीमार होने से बचाना भी है। स्वर्ण प्राशन हर महीने की पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को पिलाई जाने वाली औषधि है।डॉ. चंद्रवंशी ने बताया कि आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. जी.एस. बघेल, चिकित्सालय अधीक्षक प्रो. डॉ. प्रवीण कुमार जोशी और बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. नीरज अग्रवाल के निर्देशन में हर पुष्य नक्षत्र तिथि में महाविद्यालय चिकित्सालय में बच्चों के लिए स्वर्ण प्राशन का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष की आगामी पुष्य नक्षत्र तिथियों 29 मार्च, 27 अप्रैल, 24 मई, 20 जून, 18 जुलाई, 14 अगस्त, 10 सितम्बर, 7 अक्टूबर, 4 नवम्बर, 1 दिसम्बर और 29 दिसम्बर को बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया जाएगा।

 

डॉ. चंद्रवंशी ने बताया कि आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. जी.एस. बघेल, चिकित्सालय अधीक्षक प्रो. डॉ. प्रवीण कुमार जोशी और बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. नीरज अग्रवाल के निर्देशन में हर पुष्य नक्षत्र तिथि में महाविद्यालय चिकित्सालय में बच्चों के लिए स्वर्ण प्राशन का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष की आगामी पुष्य नक्षत्र तिथियों 29 मार्च, 27 अप्रैल, 24 मई, 20 जून, 18 जुलाई, 14 अगस्त, 10 सितम्बर, 7 अक्टूबर, 4 नवम्बर, 1 दिसम्बर और 29 दिसम्बर को बच्चों को स्वर्ण प्राशन कराया जाएगा।

 

 

 
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मुख्यमंत्री दाई-दीदी क्लीनिक : डेढ़ लाख से अधिक महिलाओं का निःशुल्क इलाज

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री दाई-दीदी मोबाइल क्लीनिकों के माध्यम से अब तक करीब 2036 कैम्प लगाए जा चुके हैं। दाई-दीदी क्लीनिक के माध्यम से रायपुर, बिलासपुर एवं भिलाई नगर निगम क्षेत्र की झुग्गी बहुल बस्तियों में रहने वाली 1 लाख 52 हजार 361 महिलाओं एवं बालिकाओं का उनके घर के पास ही दाई-दीदी क्लीनिक कैंप के माध्यम से इलाज किया गया है।


गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री दाई-दीदी क्लिनिक योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत मोबाइल मेडिकल यूनिट के वाहन में महिला चिकित्सकों और महिला स्टॉफ की टीम पहुंचती है तथा जरूरतमंद महिलाओं एवं बालिकाओं की विभिन्न बीमारियों का निःशुल्क जांच एवं इलाज करती है।

 

इन मोबाइल मेडिकल यूनिट के द्वारा 29 हजार 397 महिलाओं का लैब टेस्ट किया गया तथा 1 लाख 44 हजार 838 महिलाओं को निःशुल्क दवाईयां दी गई। पहले गरीब स्लम क्षेत्र में रहने वाली तथा मेहनत मजदूरी करने वाली ऐसी महिलाएं जो समयाभाव या अन्य कई कारणों से अपना इलाज नहीं करा पा रही थी परन्तु अब दाई-दीदी क्लीनिक से उन्हें इलाज की सुविधा घर के पास ही महिला चिकित्सकों और चिकित्सा स्टॉफ के माध्यम से मिल रही है और वे अपना इलाज बिना संकोच के महिला स्टॉफ के माध्यम से करा पा रही है।

 

 

 

 

 

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महिला शिखर सम्मान से अलंकृत हुईं उत्कृष्ट कार्य करने वाली विप्र महिलाएं

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन और सर्व युवा ब्राह्मण परिषद ने 26 मार्च को वृन्दावन हॉल, सिविल लाईन्स में प्रदेश की विभिन्न विधा की 28 ख्यातिलब्ध विप्र महिला शक्तियों को नवरात्रि के अवसर पर 'महिला शिखर सम्मान' से अलंकृत कर स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र, शॉल व बुके प्रदान किया।

प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द ओझा एवं महिला अध्यक्ष नमिता शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के अतिथिगण श्रीमती अनिता शर्मा- विधायक धरसीवां, श्रीमती दीप्ति प्रमोद दुबे- वरिष्ठ समाजसेवी, श्रीमती सरिता आकाश दुबे, पार्षद ब्राम्हणपारा एवं श्रीमती सरिता तिवारी, प्राचार्य सोरिद रहीं।

छत्तीसगढ़ के सभी पांच संभागों से सम्मानित होने वाली महिलाओं में कु. अराधिता आरविल्ली-शिक्षा, श्रीमती आयुषी तिवारी- साहित्य एवम् शिक्षा, डॉ. निहारबाला बाजपेयी-चिकित्सा,  डॉ. पलक शर्मा- चिकित्सा, श्रीमती स्नेहलता तिवारी- समाज सेवा, श्रीमती डी. अनिता राव- समाज सेवा, श्रीमती सरोज दुबे विद्या- साहित्य, डॉ. रिचा ठाकुर- नृत्य कला एवम् शिक्षा, श्रीमती सृष्टि शर्मा- शिक्षा एवम् साहित्य, श्रीमती सीमा शर्मा-अभिनय एवं संचार, श्रीमती सुधारानी शर्मा- शिक्षा एवम् साहित्य,  डॉ. विभाषा मिश्रा- शिक्षा एवम् साहित्य, श्रीमती मन्शा शुक्ला- शिक्षा एवं साहित्य, श्रीमती राजलक्ष्मी पाण्डेय- साहित्य लेखन, श्रीमती गार्गी पाण्डेय- न्याय एवं समाज सेवा, डॉ. श्वेता बोहरा-शिक्षा. रिचा द्विवेदी- समाज सेवा, डॉ. मनीषा त्रिपाठी- शिक्षा, श्रीमती शशि दुबे- शिक्षा एवं समाज सेवा, श्रीमती मधु तिवारी- शिक्षा एवं साहित्य,  श्रीमती लक्ष्मी राव- महिला उत्थान एवम नशा मुक्ति, वीणा मिश्रा - समाज सेवा, प्रीति शुक्ला- समाज सेवा, तुलसी तिवारी- समाज सेवा, सविता शर्मा- समाज सेवा, बी. शैलजा- समाज सेवा, डॉ. प्रीति सतपथी- शिक्षा एवम् समाजसेवा, श्रीमती जागृति उपाध्याय- वित्तीय सेवा। सम्मानित होने वाली महिलायें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, अम्बिकापुर, बलौदाबाजार, कोण्डागांव, रायगढ़, बेमेतरा, मुंगेली आदि सुदूर क्षेत्रों से पहुंची थीं।

कार्यक्रम में प्रमुख रुप से महिला अध्यक्ष नमिता शर्मा, महासचिव सुमन मिश्रा, सांस्कृतिक प्रभारी प्रीति मिश्रा, सुरभि शर्मा, बबीता मिश्रा, मिथिलेश रिछारिया, सुनीता शर्मा, साधना उपाध्याय, सुमन पांडे,  कल्पना मिश्रा, वसुधा तिवारी, वीणा ठाकुर, सुलभा पाण्डेय, अर्चना तिवारी, गीतिका झा, अर्चना वोहरा, डॉ. स्नेहलता पाठक, डॉ. सुमन मिश्रा, अखिलश्वरी शुक्ला, विभा अवस्थी, मीनाक्षी बाजपेयी, अणिमा शर्मा, हर्षिता दीवान, रीता तिवारी, प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द ओझा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गुणानिधी मिश्रा, राष्ट्रीय महासचिव सुरेश मिश्रा, ओमप्रकाश मिश्रा, अजय अवस्थी, सुनील ओझा, नितिन कुमार झा, अविनय दुबे, रज्जन अवस्थी,  संजय अवस्थी, पूर्व विधायक वीरेन्द्र पाण्डेय, कान्यकुब्ज ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष अरुण शुक्ला, पूर्व सरयूपारीण अध्यक्ष दशरथ प्रसाद शुक्ला, अखंड ब्राह्मण अध्यक्ष योगेश तिवारी, मराठी ब्राह्मण अध्यक्ष डा. शेखर अमीन, इंजि. अशोक शर्मा,  त्रिभुवन नाथ तिवारी, गिरजाशंकर दीक्षित, डॉ. दिलीप झा, प्रमोद गौतम, सतीष शर्मा, राघवेन्द्र पाठक, रामवृत तिवारी, शशिकांत शर्मा, उमेश शर्मा, नरहरि होता, बिलासपुर जिलाध्यक्ष रेखेन्द्र तिवारी, विमलेश तिवारी, गरियाबंद गिरीश शर्मा, बलौदाबाजार रमेश मिश्रा, शैलजा मिश्र आदि विशेष रुप से उपस्थित रहे।

सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति महाराष्ट्र मंडल द्वारा नृत्य, सरोज शर्मा, अनन्या, पूजा ठाकुर, लक्ष्मी राव, सुलभा पाण्डेय, जया एवम उनकी टीम के द्वारा आकर्षक नृत्य की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का मंच  संचालन महिला अध्यक्ष नमिता शर्मा एवं प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द ओझा ने किया एवं आभार प्रदर्शन युवा अध्यक्ष अविनय दुबे ने किया।

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पौष्टिक पोषक आहार से महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में आया सुधार

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  महिलाओं एवं बच्चों में कुपोषण और एनीमिया की समस्या को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर शुरू किए गए मुख्यमंत्री सुपोषण योजना से महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य में बड़ा सुधार आ रहा है।

आदिवासी बहुल दंतेवाड़ा जिले में 4 हजार 412 बच्चों ने कुपोषण को मात दे दी है। योजना से अब तक यहां 94 हजार 828 महिलाओं और बच्चों ने लाभ उठाया है।

 

मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक भोजन, प्रोटीन, आयरन युक्त खाद्य सामाग्रियों को दैनिक जीवन में शामिल कर कुपोषण एवं एनीमिया की दर में कमी लाना है।

 

इसके साथ ही जन-सामान्य में कुपोषण एवं एनीमिया के विरूद्ध जन-जागरूकता लाकर इससे निपटने के लिए वातावरण तैयार करना है। योजना के तहत दंतेवाड़ा जिले में सुपोषण केंद्रों के माध्यम से 1 से 3 वर्ष के सामान्य एवं कुपोषित बच्चे, शिशुवती माताओं एवं आंगनबाड़ी केन्द्र के माध्यम से 3 से 6 वर्ष के बच्चे तथा गर्भवती माताओं को पौष्टिक आहार से लाभांवित किया जा रहा है।

 

राज्य सरकार द्वारा बच्चों और माताओं को योजना के तहत प्रतिदिन निःशुल्क पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है। खाने में अंडे, गुड़ और मूंगफली से बने पौष्टिक लड्डू दिए जा रहे हैं। बच्चों, महिलाओं को पौष्टिक आहार मिलने से कुपोषण की दर घटी है।

 

 

आंगनबाड़ी दीदियों द्वारा गर्भवती माताओं के खानपान, संतुलित आहार साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने से स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है। इन दीदियों द्वारा घर-घर भेंट कर गर्भवती माताओं को पौष्टिक व्यंजनों, बच्चों की उचित देखभाल, उचित पोषण और टीकाकरण आदि के बारे में जानकारी भी दी जा रही है।

 

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केंद्रीय रेल मंत्री से मिली सांसद गोमती साय, रेल लाइन का कार्य जल्द प्रारंभ करने की मांग

 रायगढ़ रेलवे स्टेशन में मूलभूत सुविधाओं में विकास एवं ट्रेनों के ठहराव के लिए भी मांगी अनुमति

रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। लोकसभा की लोकप्रिय सांसद  गोमती साय ने शनिवार को दिल्ली में रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से मुलाक़ात कर रायगढ़ में अनेक ट्रेनों के ठहराव व स्टेशन में मूलभूत सुविधाओं में विकास के विषय में चर्चा की जिसमे लोहारदगा-पत्थलगाँव एवं सारंगढ़ रेल लाइन का कार्य जल्द से जल्द प्रारंभ करने की माँग किए।

रायगढ़ सांसद  साय रेल मंत्री से चर्चा के दौरान कहा कि मेरे लोक सभा का जिला जशपुर रेल लाईन से अछूता है। जिले वासियों को रेल से सफर करने हेतु झारसुगुड़ा, अम्बिकापुर, रायगढ़ तथा रांची जाना पड़ता है। चिनार प्रोजेक्ट के तहत झारसुगुड़ा से अम्बिकापुर तक नवीन रेल मार्ग की आवश्यकता है।

 

साय ने झारसुगुड़ा से दुग्धी उत्तरप्रदेश जाने हेतु झारसुगुड़ा से तपकरा कुनकुरी, बगीचा होते हुये अम्बिकापुर तक नवीन रेल मार्ग हेतु सर्वे कराने की मांग किए। उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री से क्षेत्र के लोगों को मिलने वाले लाभ के बारे में चर्चा करते हुए बताया कि इस रेल मार्ग के स्वीकृति से व्हाया अम्बिकापुर होते हुये कटनी, उत्तरप्रदेश जाने में सुगमता होगी।

 

 

ज्ञात हो कि रायगढ़ सांसद लगातार अपने लोकसभा क्षेत्र के क्षेत्रवासियों की मांग को केंद्र तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए भरसक प्रयास कर मूलभूत सुविधाओं को अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और उसका लाभ दिलाने लगातार संघर्ष करने वाली महिला सांसद हैं।

 

 

 

 

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मुख्यमंत्री कन्या विवाह से खुशियों का नजारा मिला : कलेक्टर

सामूहिक विवाह 120 जोड़े विवाह बंधन में बंधे

सारंगढ़-बिलाईगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)जिला प्रशासन के सहयोग से मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत  शनिवार को सारंगढ़ में सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक सांरगढ़ श्रीमती उत्तरी जांगड़े, कलेक्टर डॉ. फरिहा आलम सिद्दीकी और पुलिस अधीक्षक आशुतोष सिंह उपस्थित थे। इस कार्यक्रम का आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया गया था। इस समारोह में सारंगढ़ और बरमकेला से कुल 120 जोड़े विवाह बंधन में बंधे।कार्यक्रम में विधायक श्रीमती उत्तरी जांगड़े ने वर-वधुओं को विवाह की शुभकामनाएं और बधाई देते हुए कहा कि यह बहुत खुशी की बात है आप वैवाहिक बंधन में बंध रहे हैं। उन्होंने सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को उनके मानदेय पर बढ़ोत्तरी के लिए और सारंगढ़-बिलाईगढ़ नया जिला बनने पर सभी जिलेवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर डॉ. फरिहा आलम सिद्दीकी ने वर-वधुओं और परिजनों को बधाई और बहुत-बहुत शुभकामना दी है। उन्होंने कहा कि यह विवाहोत्सव से हमें खुशियों का नजारा मिला है। राज्य शासन द्वारा वर्तमान में 25 हजार रूपए की सहायता राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार आगामी अप्रैल माह से मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना यह सहयोग राशि बढ़कर वर-वधुओं को 50 हजार मिलेगी।इस कार्यक्रम के अतिथियों में छत्तीसगढ़ राज्य गौसेवा आयोग के सदस्य पुरूषोत्तम साहू, अरूण मालाकार, श्रीमती मंजू मालाकार, श्रीमती विलास सारथी, श्रीमती तारा अरूण शर्मा, श्रीमती तुलसी वसंत, श्रीमती सोनी बंजारे, श्रीमती सीता पटेल, संजय दुबे, विष्णु चन्द्रा, गोल्डी नायक, पुष्पराज बरिहा सहित वर-वधुओं के परिजनों बड़ी संख्या में उपस्थित थे। नवरात्रि के अवसर पर यह एक ऐसा नजारा था जहां सभी महिला अतिथिगण नवदुर्गा स्वरूप वर-वधुओं को आशीर्वाद दे रही थी।

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पोषण पखवाड़ा: छत्तीसगढ़ मना रहा मिलेट्स त्यौहार

पोषण के पावर हाउस ’मिलेट्स’ के फायदों के बारे में लोगों को किया जा रहा जागरूक

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)च्चों तथा महिलाओं के पोषण एवं स्वास्थ्य देखभाल संबंधी जागरूकता और आदतों में सुधार लाने के लिए प्रदेश में 20 मार्च से पोषण पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित पोषण पखवाड़ा 3 अप्रैल तक चलेगा। वर्ष 2023 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा इंटरनेशनल मिलेट वर्ष घोषित किया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए इस साल पोषण पखवाड़ा को छत्तीसगढ़ में मिलेट्स त्यौहार के रूप में मनाया जा रहा है। इस दौरान लोगों को पोषण के पावर हाउस मतलब मिलेट्स के फायदों के बारे में जानकारी देकर उन्हें इस पारम्परिक पौष्टिक अन्न को दैनिक आहार में शामिल करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए विशेष थीम के अनुसार कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।गौरतलब है कि मिलेट्स (मोटे अनाज) जैसे कोदो, कुटकी, रागी एक पौष्टिक खाद्य विकल्प हैं जो दैनिक पोषण आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद कर सकते हैं। यह शिशुवती महिलाओं के लिए भी बेहद फायदेमंद होते है। इनमें कैल्शियम, आयरन, प्रोटीन, मिनरल्स जैसे पोषक तत्व प्रचुरता से होते हैं। इसे देखते हुए पोषण कल्याण के लिए श्री अन्न अर्थात् मिलेट्स का प्रचार-प्रसार कर उसकी लोकप्रियता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा स्वस्थ बालक-बालिका स्पर्धा के अंतर्गत छह वर्ष तक के बच्चों का वजन, लंबाई एवं ऊंचाई मापन कर बच्चों में पोषण स्थिति की जानकारी भी ली जा रही हैं। सक्षम आंगनबाड़ी के प्रति जनसमुदाय को जागरूक करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। पोषण पखवाड़े के प्रत्येक दिन के लिए कलेण्डर अनुसार गतिविधियां निर्धारित की गई है। इसके अनुसार प्रतिदिन अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर पर पोषण सम्बन्धित व्यवहार परिवर्तन का प्रयास किया जा रहा है। इन समस्त गतिविधियों को पोषण ट्रैकर ऐप में प्रतिदिन इन्द्राज भी किया जा रहा है।पोषण जागरूकता के लिए प्रदेशभर में जागरूकता रथ, बाइक रैली निकाली जा रही हैं। प्रमुख पंचायतों एवं हाट-बाजारों में महिलाओं एवं बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य एवं देखभाल संबंधी उचित आदतों के विकास एवं सुधार के संबन्ध में वीडियो क्लिप का प्रदर्शन करते हुए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, ग्राम पंचायतों में लोगों को सुपोषण के संबंध में जानकारी दी जा रही हैं और मिलेट्स को आहार में शामिल करने के फायदे समझाए जा रहे हैं। मिलेट्स से बने व्यंजनों की प्रतियोगिता, प्रदर्शनी एवं मिलेट्स जागरूकता कैम्प भी आयोजित किए जा रहे हैं। कई स्वसहायता समूह मिलेट्स से बने तिरंगा थाली के प्रदर्शन से मिलेट्स का महत्व बता रहे हैं।पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत समुदाय आधारित गतिविधियों जैसे-सुपोषण चौपाल, महिला समूहों की बैठक, पालको का बैठक करना तथा लिंग संवेदनशील, जल प्रबंधन, एनीमिया की रोकथाम व प्रबंधन के प्रति जागरूकता कार्यक्रम को भी शामिल किया गया है। इसमें स्वास्थ्य, पंचायत सहित विभिन्न विभागों का समन्वय भी लिया जा रहा है।

 

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सीएम बघेल ने पवित्र रमजान माह के शुभारंभ पर दी मुबारकबाद

रायपुर  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पवित्र रमजान माह के शुभारंभ के अवसर पर मुस्लिम समाज सहित आम जनता को मुबारकबाद दी है।

बघेल ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि रमजान नेकियों, रहमतों और बरकतों का महीना है। यह महीना जहां देश और दुनिया के लिए प्यार एवं भाईचारे का पैगाम लेकर आता है, वहीं यह हमें आत्म- अनुशासन से जीवन जीने की प्रेरणा देता है।

 

उन्होंने कहा है कि समस्त मानव जाति के लिए प्रेम, भाईचारे और इंसानियत का पैगाम लेकर आने वाले इस महीने में हम सब  देश-प्रदेश की खुशहाली की दुआ करें।

 

मुख्यमंत्री ने कहा है कि रमजान का यह महीना प्यार, भाईचारा, रहमत और बरकत लेकर आए।

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छत्तीसगढ़ में आया भूकंप, लोगों में दहशत...

सूरजपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले से एक बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है। बता दें कि कुछ देर पहले सरगुजा संभाग के कुछ इलाकों में भूकंप के झटके मिलने की खबरें सामने आई है।

मिली जानकारी के अनुसार सूरजपुर जिले में भूकंप के झटके महसूस हुए हैं जिसके साथ साथ अंबिकापुर सहित कोरिया में भी भूकंप के झटको का लोगों ने एहसास किया।
अनुमानित है भूकंप के झटकों की तीव्रता सूरजपुर में 3.0 थी तो भटगांव में 5.0 । इसके साथ ही 7 से 8 सेकंड के लिए इन झटकों को महसूस किया गया।

बताया जा रहा है कि लगभग 10:29 पर झटके महसूस हुए।

वही कोरिया में भी भूकंप के झटके लोगों ने महसूस किए हैं। भूकंप की खबर के बाद क्षेत्र में लोगों में कुछ वक्त के लिए दहशत का माहौल बन गया।

हालांकि शुरुआती वक्त में लोगों को कुछ समझ ही नहीं आया, लेकिन जैसे ही लोगों को ये मालूम हुआ, दहशत में लोग अपने घरों से बाहर निकल गए।

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छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की खरीदी की जाएगी : मुख्यमंत्री

समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी 15 क्विंटल से बढ़ाकर अब 20 क्विंटल की जाएगी,

विधानसभा में छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक 2023 पारित

(छत्तीसगढ़ दर्पण)। रायपुर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा में किसानों के

हित में बड़ी घोषणा करते हुए प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी करने की घोषणा की।मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में विनियोग विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए यह घोषणा की। विधानसभा में चर्चा के बाद विनियोग विधेयक 2023 पारित कर दिया गया।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हमारे किसान भाई हैं। सम्पूर्ण विश्व आज खाद्य संकट की अग्रसर हो रहा है। इसका मुख्य कारण है कृषि का अलाभप्रद होना। हमारी सरकार बनते ही हमने किसानों की ऋण माफी की, राजीव गांधी किसान न्याय योजना से किसानों को सशक्त बना रहे हैं। उन्हें इनपुट सब्सिडी का लाभ भी दे रहे हैं। समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ धान की खरीदी 15 क्विंटल से बढ़ाकर 20 क्विंटल करने जा रहे हैं। मैं भेंट-मुलाकात में जहां भी गया किसानों की एक ही मांग थी, समर्थन मूल्य पर प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की खरीदी की जाए।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि एक अप्रैल से आवासहीनों, उज्ज्वला गैस योजना और शौचालय के हितग्राहियों का सर्वे कराया जाएगा। आवास योजना में जितने भी पात्र हितग्राही होंगे, उन्हें क्रमबद्ध रूप से आवास दिया जाएगा।मुख्यमंत्री ने विनियोग विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार जीएसडीपी से निर्धारित होता है। छत्तीसगढ़ का जीएसडीपी वर्ष 2018 में 03 लाख 27 हजार 106 करोड़ था, जो 2023 में बढ़कर 05 लाख 09 हजार 43 करोड़ अनुमानित है। मार्च 2020 से निरंतर 02 वर्ष तक कोविड-19 आपदा के कारण आर्थिक गतिविधियां मंद होने के बावजूद राज्य शासन की नीतियों के कारण अर्थव्यवस्था के आकार 56 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य की जीएसडीपी में वृद्धि वर्ष 2022-23 में 8 प्रतिशत अनुमानित, जो अखिल भारतीय जीडीपी की अनुमानित वृद्धि दर 7 प्रतिशत से अधिक। स्थिर भाव पर वर्ष 2022-23 में कृषि क्षेत्र, औद्योगिक क्षेत्र एवं सेवा क्षेत्र में राज्य की अनुमानित विकास दर राष्ट्रीय स्तर से अधिक है।

कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र में वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से अधिक

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में राज्य की वृद्धि दर 5.93 प्रतिशत रही, जबकि राष्ट्रीय वृद्धि दर 3.50 प्रतिशत, औद्योगिक क्षेत्र में राज्य की वृद्धि दर 7.83 प्रतिशत, जबकि राष्ट्रीय वृद्धि दर 4.10 प्रतिशत इसी प्रकार सेवा क्षेत्र में राज्य की वृद्धि दर 9.21 प्रतिशत और राष्ट्रीय वृद्धि दर 9.10 प्रतिशत रही। राज्य के स्वयं के करों का राजस्व वर्ष 2018-19 में 21 हजार 427 करोड़ की तुलना में वर्ष 2023-24 में बढ़कर 38 हजार करोड़ अनुमानित (77 प्रतिशत वृद्धि) है।

 
 
 
उन्होंने कहा कि राज्य के स्वयं का करेत्तर राजस्व वर्ष 2018-19 में 07 हजार 703 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 18 हजार 200 करोड़ अनुमानित - (दो गुणा से अधिक वृद्धि) है। इस प्रकार राज्य का स्वयं का कुल राजस्व वर्ष 2018-19 में 29 हजार 130 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 56 हजार 200 करोड़ अनुमानित - (93 प्रतिशत की वृद्धि) है। केन्द्रीय प्राप्तियां वर्ष 2018-19 में रु. 35 हजार 963 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2023-24 में 49 हजार 800 करोड़ अनुमानित (38 प्रतिशत वृद्धि) है। इस प्रकार विगत 04 वर्षों में केन्द्रीय प्राप्तियां 38 प्रतिशत एवं राज्य की राजस्व प्राप्तियां 93 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई है।

चार हजार 471 करोड़ का राजस्व आधिक्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018-19 में कुल व्यय 73 हजार 565 करोड़ की तुलना में वर्ष 2023-24 हेतु 01 लाख 21 हजार 500 करोड़ अनुमानित (65 तुलना में वर्ष 2023-24 हेतु 01 लाख 21 हजार 500 करोड़ अनुमानित (65 प्रतिशत वृद्धि) है। वर्ष 2018-19 में पूंजीगत व्यय रु. 08 हजार 903 करोड़ की तुलना में वर्ष 2023-24 हेतु 18 हजार 660 करोड़ अनुमानित (2 गुणा से अधिक वृद्धि) है। पिछले 4 वर्षों में से कोविड-19 प्रभावित 02 वर्षों को छोड़कर शेष वर्षों में राजस्व आधिक्य - वर्ष 2023-24 में भी राजस्व आधिक्य 03 हजार 500 करोड़ अनुमानित एवं एजी लेखा अनुसार माह जनवरी 2023 में 04 हजार 471 करोड़ का राजस्व आधिक्य है।


इस वर्ष बाजार से कोई ऋण नहीं लिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के लिए राशि उपलब्धता में ऋण पर कम निर्भरता रही। राज्य सरकार ने इस वर्ष बाजार से कोई ऋण नहीं लिया है। गत वर्ष 2021-22 में भी राज्य द्वारा मात्र 865 करोड़ का शुद्ध ऋण लिया गया था। वर्ष 2022-23 में जनवरी 2023 तक छत्तीसगढ़ का ऋणभार जीएसडीपी का 17.9 प्रतिशत, जो 15वें वित्त आयोग द्वारा निर्धारित सीमा 25 प्रतिशत से बहुत कम है। वर्ष 2023-24 छत्तीसगढ़ द्वारा ऋणों के ब्याज भुगतान पर राजस्व प्राप्तियों का 6.5 प्रतिशत, जो 15वें वित्त आयोग द्वारा निर्धारित सीमा 10 प्रतिशत से बहुत कम है। बेहतर वित्तीय प्रबंधन, कम ऋण व सीमित ब्याज भार के कारण विकास कार्यों हेतु पर्याप्त राशि उपलब्ध।

सकल वित्तीय घाटा निर्धारित सीमा से कम
मुख्यमंत्री ने कहा कि एफआरबीएम एक्ट में जीएसडीपी के 03 प्रतिशत तक वित्तीय घाटे की सीमा निर्धारित है। कोविड-19 आपदा को देखते हुए भारत सरकार द्वारा वर्ष 2020-21 से 2022-23 तक वित्तीय घाटे की सीमा में शिथिलता दी गई थी, किन्तु वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक यह सीमा पुनः 03 प्रतिशत निर्धारित की गई है। वर्ष 2023-24 में 15 हजार 200 करोड़ सकल वित्तीय घाटा अनुमानित है जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (5,09,043 करोड़) का 2.99 प्रतिशत है।

 
 

मुख्यमंत्री ने विनियोग विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि आज का दिन बहुत ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू, भगवान झूलेलाल का पावन स्मरण और नमन करते हुए कहा कि आज आजादी के दीवाने भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरू का शहीदी दिवस है। भारत को आजाद कराने के लिए इन तीनों अमर शहीदों ने हंसते-हंसते मृत्युदण्ड स्वीकार किया था और भारत माता की जय-जयकार करते हुए फांसी के फन्दे पर झूल गए थे।

उन्होंने कहा कि आज चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन है। प्रथमम् शैल पुत्री, द्वितीयम् ब्रह्मचारिणी, अर्थात आज देवी ब्रह्मचारिणी जी का दिन है। छत्तीसगढ़ की चारों दिशाओं में माता रानी के शक्तिपीठ है। गांव-गांव में देवी पूजा की परम्परा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान झूलेलाल की जयंती है। चैट्रीचण्ड्र दिवस है इस अवसर पर हमारी सरकार ने नगर पालिका तथा नगर निगम क्षेत्र में सामान्य अवकाश की घोषणा की है। यह अवकाश प्रदेश में पहली बार दिया गया है। इसके अलावा कल 24 मार्च से पवित्र रमजान महीने की शुरूआत भी हो रही है। ऐसे समय में हम विनियोग विधेयक-2023 भी पारित करने जा रहे हैं, जो छत्तीसगढ़ की बेहतरी के लिए, नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने के प्रयासों के लिए, नींव का पत्थर बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन अधिकार मान्यता पत्र वितरित करने में छत्तीसगढ़ पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। तेन्दूपत्ता संग्राहकों के लिए राज्य सरकार ने शहीर महेन्द्र कर्मा तेन्दूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना प्रारंभ की, जिससे 6 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने प्रधानमंत्री आवास योजना में 3238 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

 

 
 
 
 
 
 

 

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सीएम बघेल ने विधानसभा अध्यक्ष सहित अनेक मंत्रियों, विधायकों के क्षेत्र के लिए की अनेक घोषणाएं

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा में छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2023 पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, अनेक मंत्रीगणों, संसदीय सचिव और विधायकों की मांग पर उनके विधानसभा क्षेत्र के लिए अनेक घोषणाएं की।

मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाएं इस प्रकार हैं-
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत के विधानसभा क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि-नया बाराद्वार, जिला सक्ती में नवीन आत्मानंद विद्यालय की स्थापना, जिला सक्ती में नवीन महाविद्यालय की स्थापना (तृतीय अनुपूरक में शामिल है), सारागांव जिला जांजगीर-चापा के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन करने की घोषणा की।

 

इसी तरह स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव के विधानसभा क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि-करजी, जिला सरगुजा उप स्वास्थ्य केन्द्र का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन किया जाना, ग्राम तराजू विकासखण्ड लखनपुर में माध्यमिक शाला खोले जाने की घोषणा करता हूँ।

 

कृषि मंत्री रवीन्द्र चौबे के विधानसभा क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि-विकासखंड साजा जिला बेमेतरा के ग्राम पंचायत मोहगांव में आत्मानंद विद्यालय की स्थापना, पूर्व माध्यमिक शाला पेंड्री का हाई स्कूल में उन्नयन विकासखंड धमधा जिला दुर्ग, हाईस्कूल भुस्ताला विकासखंड साजा जिला बेमेतरा का हायर सेकेन्डरी में उन्नयन किया जाएगा।

 

गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के विधानसभा क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि- ग्राम अंडा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोला जाना, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कोलिहापुरी, गनियारी एवं मोहलई, विकासखंड एवं जिला दुर्ग को हाई स्कूल में उन्नयन किया जाएगा।

स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम के विधानसभा क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि- ग्राम कोगवार (मंझोली) विकासखंड वाड्रफनगर, जिला बलरामपुर में नवीन प्री मैट्रिक कन्या विशेष पिछड़ी जनजाति पंडो के लिये 50 सीटर छात्रावास, नगर पंचायत छुरीकला जिला कोरबा में नवीन स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यमिक विद्यालय की स्थापना, शासकीय प्राथमिक शाला पहाड़करवा विकासखंड प्रतापपुर जिला सूरजपुर का शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में उन्नयन, शासकीय प्राथमिक शाला तराजू विकासखंड लखनपुर जिला सरगुजा का शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में उन्नयन किया जाएगा।

 

विधायक सत्यनारायण शर्मा के विधानसभा क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि-ग्राम पंचायत टेमरी एवं बनरसी को सम्मिलित कर नगर पालिका का दर्जा दिया जाएगा।

विधायक पुरूषोत्तम कंवर के विधानसभा क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि-शास्त्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हरदीबजार विकासखंड पाली जिला कोरबा को (9वी से 12वी ) तक नियमित अनुदान प्रदान करने की घोषणा की।

 

संसदीय सचिव कुंवरसिंह निषाद के विधानसभा क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि- जिला बालोद के तिलखैरी- देवरी मार्ग में तांदुला नदी पर उच्चस्तरीय पुलमय पहुंचमार्ग निर्माण कार्य कराया जाएगा।

विधायक आशीष छाबड़ा के विधानसभा क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि-ग्राम बेरला में 30 बिस्तर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का उन्नयन कर 50 बिस्तर अस्पताल बनाये जाने की घोषणा की।

विधायक रामपुकार सिंह के विधानसभा क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि- 250 सीटर अनुसूचित जनजाति पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास पत्थलगांव, जिला जशपुर की स्थापना की जाएगी।

विधायक गुलाब कमरो के विधानसभा क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि-नागपुर जिला कोरिया उप स्वास्थ्य केन्द्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन किया जाएगा।

 

विधायक पुन्नूलाल मोहले के विधानसभा क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि मुंगेली के महलागांव में स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना की जाएगी।

विधायक अजय चंद्राकर के विधानसभा क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि-गुरू घासीदास महाविद्यालय कुरूद में पी.जी. स्तर के कम्प्यूटर साइंस, इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी के नये संकाय प्रारंभ किये जाने की घोषणा करता हूँ।

विधायक अजय चंद्राकर एवं श्री बृजमोहन अग्रवाल की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि- मेकाहारा जिला रायपुर में मुख्य बजट में 200 पद शामिल किया गया है।

विधायक धर्मजीत सिंह के विधानसभा क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि-पण्डरिया रोड से गुरूद्वारा तक तथा ग्राम बैजलपुर से मेघापार्क ग्राम सड़क निर्माण शामिल करने की घोषणा करता हूं।

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सड़क और सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों का हो रहा चिन्हांकन

 

बच्चों के सर्वेक्षण, रेस्क्यू और पुर्नवास के लिए अभियान जारी

मनेन्द्रगढ़-चिरमिर-भरतपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)एमसीबी कलेक्टर के नेतृत्व तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी के मार्गदर्शन में सड़क एवं सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों के सर्वेक्षण, रेस्क्यू एवं पुनर्वास की कार्यवाही हेतु अभियान जारी है।

सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देश व छत्तीसगढ़ शासन के बाल सक्षम नीति के अनुसार बाल श्रम, अपशिष्ठ संग्रहण एवं भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों के अंतर्गत सड़क एवं सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों के रेस्क्यू अभियान जिले के चिन्हांकित हॉट स्पोट स्थल रेल्वे स्टेशन, मार्केट, बस स्टैण्ड, हाट बाजार, जुग्गी-झोपड़ी, नगरी क्षेत्र, उद्योग, कारखानो, मार्केट एवं प्रतिष्ठानों में चलाया जा रहा है, जो 31 मार्च तक जारी रहेगा।

 

अभियान के अंतर्गत गत मंगलवार को महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्ड लाइन की संयुक्त टीम द्वारा मनेन्द्रगढ़ मार्केट, हजारी चौक, बस स्टैण्ड, रेल्वे स्टेशन, ग्राम पंचायत लालपुर एवं केराडोल चिरमिरी में विशेष अभियान चलाया गया। इसी प्रकार खडगवा अंतर्गत ग्राम पंचायत दुबछोला, ठग्गांव में भी अभियान चलाया गया।
 

उल्लेखनीय है कि एमसीबी कलेक्टर के नेतृत्व में पूर्व में चलाये अभियान के दौरान कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन करने वाले बच्चे जो शिक्षा की मुख्य धारा से वंचित थे, जिन्हें विद्यालय से जोड़ा गया। इन चिन्हांकित बच्चों का जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा फॉलोअप कर मिशन वात्सल्य के दिशा निर्देशानुसार बच्चों को बाल कल्याण समिति में उपस्थित कराकर शासन की विभिन्न योजना से जोड़ने की कार्यवाही की जा रही है। चिन्हांकित बच्चों को प्रवर्तकता कार्यक्रम का लाभ एवं कुछ बच्चों को संस्थागत देखरभाल में रखा जायेगा।
 

सड़क एवं सड़क जैसी परिस्थितियों में रहने वाले बालक वे है, जो बिना किस सहारे के सड़कों पर अकेले रहते है, दिन में सड़कों पर रहते है और रात में निकट की झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों में रहने वाले अपने परिवार के पास घर वापस आ जाते है, अपने परिवार के साथ सड़कों पर रहने वाले बच्चे। इस प्रकार के श्रेणी के बच्चे अपनी उत्तजीविका, भोजन, पानी, वस्त्र, आश्रय एवं संरक्षण हेतु प्रतिदिन विभिन्न प्रकार के संघर्षाे एवं चुनौतियों का सामना करते है। ऐसे बच्चों का चिन्हांकन की कार्यवाही हेतु विभाग द्वारा लगातार अभियान संचालित किया जा रहा है। कलेक्टर द्वारा निर्देशित किया गया कि इस प्रकार के बच्चों के चिन्हांकन एवं पुर्नवास सतत प्रक्रिया है, अभियान समाप्ति के उपरांत भी सतत् रूप से चिन्हांकन, पुनर्वास की कार्यवाही बच्चों के सर्वाेत्तम हित को ध्यान में रखते हुये किया जावे।

 

संबंधित विभाग, जनप्रतिनिधि, आमजनो से यह अपील की जाती है, कि इस प्रकार के बच्चे मिलने, दिखने या जानकारी होने पर कार्यालय जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग, चाईल्ड लाईन ट्रोल फ्री न. 1098 पर सूचित किया जा सकता है, जिस पर जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं चाईल्ड लाईन त्वारित कार्यवाही करेगी।

 

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मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक से गांव में ही मिल रही जांच और दवा की सुविधा

 कोरिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)जिले के सुदूर ग्रामीण अंचलों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना अहम भूमिका निभा रही है। इस योजना से ग्रामीणों को गांव के पास हाट-बाजार में ही जांच और दवाइयों को उपलब्धता सरल और सहज रूप से मिल रही है।  कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में जिले में योजना का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है।जिले के ग्रामीण अंचलों में साप्ताहिक हाट बाज़ारों के दिन मोबाइल मेडिकल यूनिट के द्वारा लोगों को निःशुल्क जांच तथा दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार अप्रैल 2022 से अब तक लगभग 70 हजार मरीजों ने निःशुल्क दवाइयों एवं टेस्ट का लाभ उठाया है और ग्रामीण रूटीन जांच जैसी सुविधा के लिए भी हाट बाजार क्लीनिक में आने को ही प्राथमिकता दे रहे हैं।

इसके साथ ही मरीजों को इलाज की आवश्यकता अनुरूप जिला चिकित्सालय एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में रेफर किया जा रहा है। हाट बाजार क्लिनिक में हिमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, उच्च रक्तचाप, डेंगु एवं डायरिया, मलेरिया, आरडी टेस्ट, एचआईव्ही, व्हीडीआरएल सॉल्युबिलिटी, और कोविड-19 की जांच एवं 64 प्रकार की दवाइयां भी वितरित की जा रही।

 

हाट बाजार क्लिनिक योजना से जिले के पहुंचविहीन दुर्गम क्षेत्रों तक लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रहीं हैं। इस जनहितकारी योजना की सराहना निरंतर ग्रामीणों द्वारा की जा रही है। इन्ही में से जिले के विकासखण्ड सोनहत के रजौली ग्राम के 70 वर्षीय सत्यनारायण लंबे समय से जोड़ों में दर्द की समस्या थी। वे बताते हैं कि इस उम्र में इलाज के लिए दूर जाना कठिन लगता था लेकिन जब से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा यह योजना शुरू हुई है, अस्पताल वाली गाड़ी नियमित रूप से हाट बाजार में पहुंच रही है और मैं यहां आकर निःशुल्क इलाज करा रहा हूं। उन्होंने बताया कि यहां उन्हें जांच के साथ-साथ दवाइयां भी निःशुल्क दी जा रही है, जिससे उनके स्वास्थ्य में अच्छा सुधार हुआ है।

 

इसी तरह उच्च रक्तचाप से पीड़ित ग्राम के ही राकेश सोनी ने भी बताया कि वे पहले निजी अस्पताल में इलाज करवाते थे लेकिन अब साप्ताहिक हाट बाजार क्लिनिक में निःशुल्क जांच के साथ दवाईयां भी मिल रही है। अब वह हर सप्ताह हाट बाजार क्लिनिक आकर जांच कराते हैं, हाट बाजार क्लिनिक में मिल रही सुविधा से संतुष्ट होकर उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया।

हाट बाज़ारों हेतु एमएमयू के निर्धारित साप्ताहिक दिवस-

 

स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में जिले के कुल 17 साप्ताहिक हाट बाज़ारों में लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने हेतु एमएमयू वाहन उपलब्ध है। विकासखण्ड बैकुण्ठपुर के ग्राम कुडेली में सोमवार, ग्राम छिन्दडांड़ में मंगलवार, ग्राम कसरा में बुधवार, ग्राम सोरगा में गुरूवार, ग्राम जमगहना में शुक्रवार, ग्राम गदबदी में शनिवार, ग्राम कटकोना में रविवार, ग्राम चरचा में रविवार एवं ग्राम सलका में मंगलवार और विकासखण्ड सोनहत के ग्राम लटमा में सोमवार, ग्राम रजौली में मंगलवार, ग्राम सोनहत में बुधवार, ग्राम रावतसराई में गुरूवार, ग्राम रामगढ़ में शुक्रवार, ग्राम कुशहा में शनिवार, ग्राम उज्ञांव में रविवार और ग्राम कटगोडी में गुरूवार को हाट बाजार में मोबाइल मेडिकल यूनिट उपलब्ध ळें

 

 

 

 

 

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मुख्यमंत्री से सदगुरु कबीर विश्व शांति मिशन के प्रतिनिधिमंडल ने की भेंट

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से यहाँ विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में संसदीय सचिव कुंवरसिंह निषाद के नेतृत्व में सदगुरु कबीर विश्व शांति मिशन (छत्तीसगढ़ संत संगठन) के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।

उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश में कबीर शोध संस्थान की स्थापना की घोषणा करने पर उनका आभार व्यक्त किया।

 
इस अवसर पर संत संगठन के अध्यक्ष रविकर साहेब, सचिव संत श्री घनश्याम साहेब जी, संत बलवान साहेब, संत क्षेमेंद्र साहेब, संत पुराण साहेब, संत हेमेंद्र साहेब, संत गुरुपालन साहेब, संत शोधकर साहेब और संत बोधकर साहेब उपस्थित थे।

 

 
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बघेल के द्वारा कबीर सत्संग मेला एवं युवोदय कार्यक्रम के अवसर पर छत्तीसगढ़ संत संगठन की मांग पर नया रायपुर में वृहद कबीर शोध संस्थान स्थापना की घोषणा की गई थी।       

 

 

 संत रविकर ने बताया कि कबीर शोध संस्थान में कबीर साहब के जीवन दर्शन पर म्यूजियम तैयार कर मूर्ति के रूप में दिया जाएगा, साथ ही कबीर साहेब की मूल रचना बीजक को शिलालेख किया जाएगा।

 
इस शोध संस्थान में मेडिटेशन हाल, वाचनालय ग्रंथालय, सभा सत्संग हाल के साथ ही कबीर स्तंभ, उद्यान, कबीर सरोवर आदि बनाए जाएंगे।

 

 

 

 

 

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